HEALTH : ये है लंग्स को हेल्दी रखने की सबसे अच्छी एक्सरसाइज, कभी बीमार नहीं पड़ेंगे आप

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सुबह की पहली किरण जब चेहरे पर पड़ती है तो लगता है जैसे जिंदगी ने एक नया मौका दिया है. लेकिन इस दौड़ती-भागती जिंदगी में हम अक्सर वो अंग भूल जाते हैं जो हमें जिंदा रखते हैं. क्योंकि आप कितना भी हेल्दी खाते हों या फिर सप्लीमेंट्स लेते हों, अगर फेफड़े कमजोर हैं तो शरीर कभी पूरी ताकत से काम नहीं कर पाएगा. खासतौर पर जब प्रदूषण, स्मोकिंग और तनाव हमारी सांसों तक पहुंच रहा है तो ऐसे इसे सुरक्षित रखना मुश्किल होने लगा है. हालांकि एक बेहतरीन एक्सरसाइज से आप इसे स्वस्थ रख सकते हैं. इसे आप घर बैठे भी कर सकते हैं. यानी आपको जिम या योगा क्लास जाने की जरूरत पड़ेगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे असरदार और आसान तरीका है प्राणायाम. ये आपकी सांसों को कंट्रोल करके लंग्स की ताकत बढ़ाने का कार्य करती है.

कौन-कौन से प्राणायाम फायदेमंद हैं?

अनुलोम-विलोम: नाक के एक छिद्र से सांस लेना और दूसरे से छोड़ना. इससे फेफड़ों की क्लीनिंग होती है और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है.

भस्त्रिका: तेज और गहरी सांसों के जरिए फेफड़ों की मजबूती बढ़ाई जा सकती है.

कपालभाति: सांस छोड़ना और सामान्य रूप से अंदर लेना. ये शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है और लंग्स को डिटॉक्स करने का काम करता है.

कितनी देर करना चाहिए प्राणायाम?

हर दिन सिर्फ 15–20 मिनट का समय प्राणायाम को दें और फर्क आप खुद महसूस करेंगे. इसे करने से आपको बेहतर नींद, बेहतर इम्युनिटी और एनर्जी मिलेगी.

प्रायाणाम करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

प्राणायाम खाली पेट करना चाहिए, यानी खाने के बाद इसे करने से बचें.

शांत और साफ वातावरण में करना चाहिए.

दरअसल, कोरोना के बाद से हम सबने जाना कि, हमारी सांसें कितनी कीमती हैं. हवा में फैले वाले वायरस, बढ़ता पॉल्यूशन और तनाव भरी लाइफस्टाइल ने हमारे लंग्स को सीधा प्रभावित किया है. ऐसे में प्राणायाम जैसी प्राकृतिक योग, जो शरीर और मन दोनों को राहत देता है. खास बात यह भी है कि, अगर कम उम्र में दवाइयों और इलाज का सहारा न लेना पड़े, इसके लिए आप प्राणायाम करना शुरू कर दें.

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