हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब उन्हें सरकार की अनुमति के बिना कोर्ट में गवाही देने की इजाजत नहीं होगी। यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी बिना अनुमति के कोर्ट में गवाही देने जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, ऐसे कर्मचारियों को यात्रा भत्ता (टीए) और महंगाई भत्ता (डीए) भी नहीं मिलेगा।

इस आदेश के बाद सरकारी दफ्तरों में हलचल मच गई है, क्योंकि यह नियम पहले लागू नहीं था। अब सभी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी अदालत में गवाही देने से पहले सरकार से मंजूरी प्राप्त करनी होगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस आदेश को लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं, और यह भी कहा गया है कि अब अदालतों में सरकारी कर्मचारियों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही दी जाएगी। इस कदम से कर्मचारियों के कामकाजी घंटों पर असर पड़ेगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वे बिना सरकारी अनुमति के कोर्ट के मामलों में शामिल न हों।
सरकार ने यह नियम इसलिए लागू किया है ताकि सरकारी कर्मचारियों का समय और संसाधन उचित रूप से उपयोग हो सके। जब सरकारी कर्मचारी बिना अनुमति के कोर्ट में गवाही देने जाते हैं, तो यह उनके नियमित कार्यों में विघ्न डालता है, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ता है। इसके अलावा, इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर ध्यान केंद्रित करें और सरकार की अनुमति के बिना अन्य कार्यों में शामिल न हों।


