दिल्ली सरकार ने अपने सरकारी स्कूलों के छात्रों को मेडिकल और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिले की बेहतर तैयारी का मौका देने के लिए फ्री NEET और CUET कोचिंग देने की घोषणा की है. इसके लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और BIG (NSDC इंटरनेशनल, स्किल मंत्रालय और फिजिक्स वाला लिमिटेड की संयुक्त पहल) के बीच एक समझौता (MOU) हुआ है.

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में शिक्षा निदेशालय ने NEET-25 व CUET UG-25 की तैयारी कर रहे सरकारी स्कूलों के छात्रों को नि:शुल्क ऑनलाइन कक्षाएं देने हेतु BIG के साथ MOU पर हस्ताक्षर किए। इस पहल से सरकारी स्कूलों के 1.63 लाख छात्रों को मुफ्त कोचिंग मिलेगी।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली सरकार यह विशेष पहल इसलिए कर रही है ताकि हमारे सरकारी स्कूलों के छात्र भी मेडिकल कॉलेजों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश पा सकें. यह मुफ्त कोचिंग 1.63 लाख छात्रों को फायदा पहुंचाएगी और उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने का मार्ग प्रशस्त करेगी. हमारा उद्देश्य है कि अधिक से अधिक छात्र डॉक्टर बनने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने का सपना पूरा कर सकें.”
शिक्षा मंत्री अशिश सूद ने कहा, “यह ऐतिहासिक पहल माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रेरणा से संभव हुई है. इस समझौते के तहत दिल्ली सरकार छात्रों को 30 दिन का मुफ्त ऑनलाइन क्रैश कोर्स देगी, जिसमें रोज 6 घंटे की कोचिंग मिलेगी. इस कोर्स से छात्र NEET-2025 और CUET (UG)-2025 की तैयारी अच्छे से कर सकेंगे. यह सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम अपने छात्रों को बेहतरीन शिक्षा अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं.”
कैसे मिलेगी फ्री कोचिंग?
• समय अवधि: 2 अप्रैल से 2 मई 2025 तक
• रोज 6 घंटे की लाइव क्लासेस
• विषय: फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, गणित, जनरल एप्टीट्यूड और इंग्लिश
• अतिरिक्त सुविधाएं: पीडीएफ नोट्स, नियमित टेस्ट और डाउट सॉल्विंग सेशन
इस कोचिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे. आमतौर पर NEET और CUET जैसी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन दिल्ली सरकार इस पहल के जरिए छात्रों को बिना किसी शुल्क के बेहतरीन तैयारी का अवसर दे रही है.
दिल्ली सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए नई पहल कर रही है. सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने से लेकर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने तक, कई अहम कदम उठाए गए हैं. इस नई योजना से सरकारी स्कूलों के छात्रों को समान अवसर मिलेगा और वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी उच्च शिक्षा की राह को और मजबूत कर सकेंगे. यह पहल दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगी और हजारों छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद करेगी.


