शिव की कृपा संग सजे हाथ, बिहार की सुंदर मेहंदी कला

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बिहार में महाशिवरात्रि के दिन मेहंदी (Maha Shivratri Mehndi Design) लगाने का एक खास परंपरा रही है। इस दिन को शिवजी की उपासना के रूप में मनाया जाता है, और महिलाएं इस दिन अपने हाथों में मेहंदी लगाकर इसे और भी खास बना देती हैं। महिलाएं इस दिन शिव-पार्वती के प्रतीक, त्रिशूल, डमरू, और शिवलिंग जैसी मेहंदी डिजाइन बनवाती हैं, जो इस दिन के धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं और यह पूजा के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है। महाशिवरात्रि के मौके पर बिहार में विशेष रूप से यह भी देखा जाता है कि महिलाएं व्रत रखने के साथ-साथ पूजा की तैयारी करती हैं। मेहंदी लगाने का यह रिवाज उनके सौंदर्य के साथ-साथ धार्मिक भावना को भी प्रकट करता है।

बिहार के ग्रामीण इलाकों में यह परंपरा और भी प्रचलित है। इसके अलावा, शहरों में भी महिलाएं मेहंदी लगाती हैं, ताकि वे इस दिन के लिए खास रूप से तैयार हो सकें। महाशिवरात्रि (Maha Shivratri Mehndi Design) के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और पूजा के बाद मेहंदी लगाने का रिवाज भी है। मेहंदी लगाने के साथ-साथ महिलाएं अपने परिवार और समाज के साथ इस पर्व को धूमधाम से मनाती हैं। जैसा कि आपको मालूम है कि इस वर्ष महाशिवरात्रि 2025 का पर्व 8 मार्च को जाएगा। ऐसे में आप इन खूबसूरत मेहंदी डिजाइन को कैरी कर सकती हैं—

शिवलिंग और त्रिशूल मेहंदी डिजाइन: (Shivling और Trishul Mehndi Design)

भगवान शिव के प्रमुख प्रतीक शिवलिंग और त्रिशूल का डिजाइन महाशिवरात्रि के अवसर पर मेहंदी में बनवाना बहुत शुभ माना जाता है। यह डिजाइन पूजा और श्रद्धा का प्रतीक है।

शिव-पार्वती मेहंदी डिजाइन: (Shiva-Parvati Mehndi Design)

शिव और पार्वती के मिलन को दर्शाने वाला डिजाइन भी बहुत आम है। इसमें दोनों देवताओं की छवियाँ हाथों में उकेरी जाती हैं, जो एक सुंदर और अर्थपूर्ण डिजाइन है।

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