बाजार में मिलने वाली नकली दवाओं की पहचान कैसे करें? ये ट्रिक बताएगी दवा असली है या नकली

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भारत अपनी सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली दवाइयों का निर्यात अमेरिका/ईयू को करता है क्योंकि वहां नियम सख्त हैं। सबसे खराब गुणवत्ता वाली दवाइयां भारत में ही रहती हैं। खासकर देश के दूरदराज के इलाकों में दूषित और नकली दवाइयां एक समस्या हैं। अच्छी बात यह है कि खाने की तरह, दवा को पलटकर लेबल पढ़ने से आपको इसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता के बारे में बहुत कुछ पता चल सकता है।

वैसे स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान डॉक्टर की सलाह से ही होना चाहिए और दवाओं का सेवन बिना डॉक्टर की मंजूरी के करना कभी भी सुरक्षित नहीं होता है। खुद से दवाएं खरीदने और उनका सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जिनमें नकली दवाओं का सेवन भी शामिल है। इसलिए दवाइयों को लेकर पूरी सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

नकली दवाओं से बचाव के उपाय: 

दवाई खरीदने के बाद बिल जरुर लें: जब भी आप दवाई खरीदने के लिए किसी मेडिकल स्टोर पर जाएं तो दवाई खरीदने के बाद प्रिंटेड बिल जरुर मांगें। यदि दुकान रजिस्टर्ड हुई तो वे पक्का बिल देने से संकोच नहीं करेंगे। यदि वे मेडिकल स्टोर पर नकली दवाइयां बेच रहे होंगे तो दुकानदार पक्का बिल देने से टाल-मटोल करके बचने की कोशिश करेंगे।

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