केजरीवाल ने मिडिल क्लास को बताया देश का असली सुपर पावर, 7 मांगें उठाई

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कहा कि देश का असली सुपर पावर हमारा मिडिल क्लास है। श्री केजरीवाल ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि आज कोई भी पार्टी माध्यम वर्ग के हित की बात करने के लिए तैयार नहीं है। आजाद भारत के 75 वर्ष में एक सरकार के बाद दूसरी सरकार आई और इन सब लोगों ने माध्यम वर्ग को दबाकर, डराकर और निचोड़कर रखा हुआ है। देश चलाने के लिए लाखों-करोड़ों की संख्या में मिडिल क्लास टैक्स भर-भरकर देता है लेकिन बदले में मिडिल क्लास को कुछ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत का मिडिल क्लास सरकार का सिर्फ और सिर्फ एक एटीएम बनकर रह गया है। सच बात तो यह है कि भारत का मिडिल क्लास टैक्स आतंकवाद का पीड़ित है।

आखिर यह मिडिल क्लास कौन हैं? टीचर, डॉक्टर, आईटी प्रोफेशनल, इंजीनियर, अकाउंटेंट, बैंकर, दुकानदार और वकील जैसे हजारों सामान्य लोग जो मिलकर हमारा देश चलाते हैं, ये मिडिल क्लास हैं। मिडिल क्लास के कोई बहुत बड़े सपने नहीं हैं। सच यह है कि आज ज्यादातर सरकारें मिडिल क्लास के लिए ना अच्छे स्कूल, ना ही अच्छे अस्पताल बना रही हैं। सच्चाई यह है कि इस वर्ग को सबसे ज्यादा हमारे देश में परेशान किया जाता है। आप नेता ने कहा कि अगर एक मिडिल क्लास परिवार साल में 10-12 लाख रुपए कमाता है तो 50 फीसदी से ज्यादा आमदनी सिर्फ सरकार को टैक्स देने में चली जाती है। अब तो दूध, दही, पॉपकोर्न पर भी टैक्स लगता है। यहां तक कि पूजा के सामान पर भी टैक्स भरना पड़ता है। घर लेना हो तो टैक्स, घर बेचना हो तो टैक्स, गाड़ी खरीदो तो टैक्स, गाड़ी बेचो तो टैक्स।

बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी हो तो पहले प्राइवेट स्कूल की महंगी फीस की मार और उसके उपर अच्छे कॉलेज भेजने के लिए एजुकेशन लोन लो और उसकी ईएमआई पर डबल मार पड़ती है। जीते जी टैक्स तो देना पड़ता है लेकिन अब तो सरकार ने ऐसी हालत कर दी है कि मरने के बाद भी टैक्स देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार से भी अपील करते हैं कि हमारे देश के असली सुपर पावर मिडिल क्लास को पहचानें। आम आदमी पाटर्ी सड़क से लेकर संसद तक मिडिल क्लास की आवाज बनेंगे। उनकी आवाज उठाएंगे और उनके मुद्दों को उठाएंगे। आप नेता ने केंद्र सरकार से सात माँग करते हुए कहा कि शिक्षा का बजट दो फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए और पूरे देश में प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम लगाई जाए। उच्च शिक्षा के लिए सब्सिडी और स्कॉलरशिप दी जाए।

स्वास्थ्य का बजट भी बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए और हेल्थ इंश्योरेंस से टैक्स हटाया जाए। आयकर छूट की सीमा को सात लाख से बढ़ाकर कम से कम 10 लाख किया जाए। आवश्यक वस्तुओं के ऊपर से जीएसटी खत्म किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत रिटायरमेंट प्लान और पेंशन की योजना बनाई जाए और देशभर में सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सीनियर सिटीजन को मुफ्त और अच्छा इलाज दिया जाए। बुजुर्गों को पहले रेलवे में 50 फीसदी छूट मिलती थी जो बंद कर दिया गया, उसे दोबारा चालू किया जाए।

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