MAHARASHTRA : नशीली दवाएं, शोषण, ब्लैकमेलिंग… ‘भोंदू बाबा’ के भक्तों की लाइन में थे एक से एक VIP, चौंका देगी काली करतूत

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महाराष्ट्र के भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर महिलाओं का शोषण, ब्लैकमेलिंग और ठगी का बड़ा जाल फैलाने वाले इस बाबा की करतूतें हैरान करने वाली हैं. जानें, हाईप्रोफाइल कनेक्शन वाले इस ढ़ोंगी का काला सच.

जिस बाबा के पास मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद, IAS, IPS अफसर तक अपना भविष्य जानने पहुंचत हों वो बाबा कितना पावरफुल होगा. जिस बाबा के पास खुद पुलिस ये पूछने के लिए जाती हो कि ये फलाना केस कब सुलझेगा, भागा हुआ चोर कब और कैसे हाथ आएगा? वो बाबा कितना ताकतवर होगा. बस इसी ताकत के बल पर उस बाबा ने बड़े बड़े घरानों की महिलाओं की आबरू लूटना शुरू कर दी. वो उन महिलाओं को ब्लैकमेल करने लगा. ये हमारे देश का नया और सबसे ताजा ढ़ोंगी बाबा है. नाम है भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात.

अघोरियों की दुनिया शुरू से तिलस्मी रही है. उनकी इसी रहस्यमयी दुनिया और इसे लेकर लोगों के मन में मौजूद डर ने नासिक के सबसे हाईप्रोफाइल भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात को सबसे बड़ा हथियार दे दिया था. खरात जब भी किसी महिला को अपने शिकंजे में लेता और उससे ज्यादती करता, उससे पहले तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर उसे इतना डरा देता कि फिर किसी भी महिला में उसकी उल-जुलूल हरकतों का विरोध करने की हिम्मत ही नहीं बचती.

नकली अंकशास्त्री और ज्योतिषाचार्य भोंदू बाबा ने दुष्कर्म और ठगी का सारा जाल इसी डर के इर्द-गिर्द बुना था. उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे लेकर चलती पुलिस की जांच में अब जो बातें सामने आ रही हैं, उसने खुद पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस को पता चला है कि उसने अपने कनाडा कॉलोनी वाले मकान में मौजूद ऑफिस का ओवरऑल एंबिएंस ही ऐसा बना रखा था कि उसके अंदर जाते ही लोग चकरा जाते थे. ऑफिस में प्लास्टिक के बने नकली सांप, बाघ के चमड़ेनुमा कपड़े का आसन और तरह-तरह के सीक्रेट प्रॉप्स यानी साजो-सामान थे, जिनकी मदद से वो लोगों को डराया करता था.

खरात के हथकंडों में एक हथकंडा आत्मा की आवाज का भी था. उसने अपने दफ्तर में आईफोन में आने वाली रेस्पॉन्सिव एप्प सीरी सरीखे किसी दूसरे एप्लिकेशन के साथ एक डिवाइस भी छुपा रखी थी. जब भी उसके दफ्तर में कोई क्लाइंट या महिला अपनी परेशानी लेकर आती, तो खरात चिल्ला-चिला कर उनसे बातें करता, जिससे दफ्तर में छुपाए गए रिस्पॉन्सिव एप्प से आवाज आती. खरात इसे दफ्तर में मौजूद पवित्र आत्मा की आवाज बता कर लोगों प्रभाव में ले लेता था. ऑफिस में आत्मा के होने की बात जानकर लोग अक्सर उससे डर जाया करते थे. खरात इसी डर का फायदा उठा कर लोगों से मनमानी रकम वसूलता और महिलाओं का रेप करता था.

खरात के खिलाफ पहले एक महिला ने दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई थी और अब दो और महिलाओं ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए दो और मामले दर्ज करवाए हैं. इनमें एक तो खुद उसके यहां काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी की पत्नी का केस है. यानी खरात ने अजनबियों को छोड़िए, खुद अपने एंप्लाई और उसकी बीवी तक को नहीं छोड़ा.

खरात के इस पूर्व कर्मी ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया है कि वो अपने धंधे में हो रहे नुकसान के बाद 2019 में खरात से पहली बार मिला था. जिसके बाद खरात ने उसे अपने दफ्तर में नौकरी दे दी. एक बार वो अपनी समस्याओं को लेकर अपनी पत्नी के साथ खरात से मिलने पहुंचा. जहां खरात ने नजर बचा कर उसकी पत्नी के साथ ये कहते हुए छेड़छाड़ की कि ऐसा करने से उन्हें स्वस्थ बच्चा होगा.

इसके बाद खरात के इस पूर्व कर्मी ने उसके दफ्तर में एक खुफिया सीसीटीवी कैमरा लगा दिया, ताकि उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा सकें और यहीं से उसकी करतूतों का खुलासा हुआ. खरात कैमरे में महिलाओं को नशीली ड्रिंक पिला कर उनके साथ ज्यादती करता कैद हुआ. खास बात ये रही कि ऐसा करने से पहले खरात अक्सर अघोरी क्रियाओं का हवाला देता और नशीली दवा मिली हुई ड्रिंक महिलाओं को पिला देता, ताकि वो उनके साथ मनमानी कर सके.

दरअसल, अशोक खरात मार्केट में देश के सबसे नया बाबा है. सिर्फ नया ही नहीं बल्कि हाल के वक्त के सबसे पावरफुल बाबा भी. इतना पावरफुल कि खुद इनके राज्य यानि महाराष्ट्र की महिला आयोग की चेयरपर्सन अपने हाथों से इनके दोनों पांव धुलवाए. अब जरा सोचिए जब बाबा कुछ राजा जैसे अंदाज में कुर्सी पर बैठा हो और जमीन पर बैठकर एक राज्य की सबसे पावरफुल लेडी यानि महिला आयोग की चेयरपर्सन बाबा के पाव परात में रखकर अपने हाथों से धो रही हो तो फिर राज्य में ऐसे बाबा की क्या ठसक होगी.

महाराष्ट्र महिला आयोग की चेयरपर्सन का नाम है रूपाली चाकणकर. तस्वीरों में बाबा के पांव धोते नजर आती महिला के अंदाज से साफ पता चलता है कि ये भी बाबा की भक्त हैं. पर सिर्फ भक्त ही नहीं हैं बल्कि बाबा के ट्रस्ट की ट्रस्टी होने के अलावा बाबा के कुछ धंधों में उनकी पार्टनर भी हैं. अब आप कहेंगे कि किसी बाबा का भक्त या पार्टनर होने में क्या बुराई है. तो साहब वैसे तो कोई बुराई नहीं है.

लेकिन अगर बाबा, बाबा के भेष में एक भेड़िया हो. जो अपनी महिला भक्तों को नोचता-खसोटता हो. उनकी मजबूरी और विश्वास का फायदा उठाकर उनकी आबरू लूटता हो और फिर उसी राज्य की महिलाओं की हिफाजत करने वाले महिला आयोग की अध्यक्ष उसकी इतनी करीबी हो, तो फिर अंदाजा लगाइए कितनी मासूम महिलाएं सिर्फ इस एक वजह से इस बाबा के झांसे में आई होंगी.

महिला आयोग की चेयरपर्सन तो सिर्फ एक बानगी है. वरना पहुंचे हुए इस बाबा की पहुंच कहां तक है अगर आपको नाम गिनाना शुरु कर दूं तो शायद आपको भी यकीन ना आए. क्या आईएएस, क्या आईपीएएस, क्या नेता, क्या पार्षद, विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और उनकी पत्नियां या बेटियां. सभी की हाथों की रेखाएं बाबा ने पढ़ रखी है. और तो और दिल्ली में बैठे एक बेहद ताकतवर मंत्री की पत्नी तक इन बाबा की भक्त है.

इस पावरफुल बाबा का नाम है अशोक कुमार ए खरात. मगर इसके चेहरे के पीछे का सबसे घिनौना सच बस अभी अभी बाहर आया है. सच ये कि हाथों की लकीरों या डेट ऑफ बर्थ जानकर बड़े बड़े लोगों के भविष्य बताने वाले इन बाबा ने ना जाने कितनी ही महिलाओं को जबरन और फिर ब्लैकमेल कर अपनी हवस का शिकार बनाया है. कुल गिनती का तो अभी पता नहीं लेकिन पुलिस के हाथ 58 ऐसे वीडियो लग चुके हैं, जिनमें अलग-अलग महिलाओं के साथ बाबा पूरे अश्लील अंदाज में नजर आ रहा है.

हालांकि वो 58 अश्लील वीडियो एक पेनड्राइव में इस वक्त पुलिस के पास हैं. लेकिन एक वीडियो तो लीक भी हो चुका है. बाकायदा सोशल मीडिया पर तैर भी रहा है. मर्यादा के तहत वीडियो में मौजूद महिला की असलियत हम आपको नहीं बता सकते हैं. पर ये वीडियो नासिक में मौजूद अशोक कुमार खरात के दफ्तर का है. बस इस एक वीडियो के जरिए बाकी वीडियो के भंडार और उसके सच का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं.

इतने बड़े बड़े और ताकतवर लोगों के परिवार की महिलाओं को एक बाबा इतनी आसानी से कैसे मजबूर कर उन्हें अपनी हवस का शिकार बना लिया. इसे जानने के लिए बाबा की पूरी जिंदगी में झांकना बहुत जरूरी है. तो कहानी की शुरुआत बाबा के अंत की कहानी से. बात पिछले साल दिसंबर की है. अशोक खऱात के नासिक में मौजूद दफ्तर के एक कर्मचारी जिसका नाम निलेश जाधव है, उसने एक महिला को व्ह्टसऐप पर एक अश्लील तस्वीर भेजी. तस्वीर उसी महिला की थी. जाधव ने उसे धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वो इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा.

महिला को शुरु में लगा कि कोई AI की मदद से उसकी फेक तस्वीर उसे भेज रहा है. लेकिन तभी एक रोज नासिक में ही एक मंदिर के करीब एक शख्स उस महिला से टकराता है और उसे अपने मोबाइल में एक वीडियो दिखाता है. वो वीडियो उसी महिला का था. महिला घबरा जाती है. घर लौटने के बाद वो तय करती है कि इसकी शिकायत पुलिस में करेगी. इसी के बाद वो थाने पहुंचती है और नीलेश जाधव के खिलाफ रिपोर्ट लिखा देती है. हालांकि इस रिपोर्ट में कहीं अशोक खरात का नाम नहीं था.

FIR लिखने के बाद पुलिस नीलेश जाधव को गिरफ्तार कर लेती है. पहली बार नीलेश जाधव से इस रैकेट का पता चलता है. क्योंकि नीलेश के मोबाइल से और भी बहुत सारी महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलते हैं. नीलेश के बयान के बाद अब भी अशोक खरात पुलिस की रडार से दूर था. पर चूंकि नीलेश खरात के दफ्तर में काम करता था, लिहाजा पुलिस खानापूर्ति के लिए खरात से भी पूछताछ करती है.

इस पूछताछ में अशोक खरात एक नई कहानी सुनाता है. वो पुलिस को बताता है कि मुंबई और उसके करीब के दो बिजनेसमैन कुछ महिलाओं के साथ खुद उसका अश्लील वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं. दोनों उससे 5 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं. बाबा खरात का बयान लेकर पुलिस बैरंग लौट जाती है. असल में कुद नासिक पुलिस भी बाबा की भक्त थी. ऐसे कई किस्से हुए जब पुलिस किसी केस को सुलझा नहीं पाई या चोर को पकड़ नहीं पाई तो खुद पुलिस बाबा के दरबार में पहुंच जाती. फिर बाबा एफआईआर नंबर और पुलिसवालों की डेट ऑफ बर्थ पूछने के बाद ये बताता कि चोर कब पकड़ा जाएगा और केस कब सुलझेगा.

खरात के बयान के बाद अब पुलिस खुद खरात को छोड़कर उन दो बिजनेसमैन को ढूंढने में लग गई. लेकिन इसी बीच बाबा की बदकिस्मती का एक और दौर शुरु हो चुका था. पुलिस अभी मामले की जांच ही कर रही थी कि तभी अचानक एक दूसरी महिला खुद अशोक खरात के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंच जाती है. इस महिला की शिकायत बेहद गंभीर थी. महिला ने अपनी शिकायत में ये कहा कि वो अपने और परिवार के भविष्य के बारे में जानने के लिए खरात के पास पहुंची थी. कुछ मुलाकातों के बाद खरात ने नशीला खाना और पानी पिलाकर उसके साथ जबरदस्ती की. इस दौरान उसने उसकी तस्वीरें भी उतार लीं. फिर वो ब्लैकमेल करने लगा. इसके बाद उसने अनगिनत बार उसका यौन शोषण किया.

इसी महिला की शिकायत के बाद अब लगा कि मामला बड़ा है. लेकिन बाबा भी कब छोटा था. मुंबई में आला पुलिस अफसरों को आगे की कार्रवाई के लिए मीटिंग करनी पड़ी. क्योंकि खुद पुलिस को पता था कि बाबा के भक्तों की लिस्ट में उनके पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से लेकर तमाम छोटे बड़े नेता आईएएस अफसर और खुद पुलिस डिपार्टमेंट के बड़े बड़े आला अफसर तक शामिल थे.

लेकिन जो तस्वीरें अब तक पुलिस के हाथ लगी थीं, उन्हें देखकर पहली नजर में ही ये अंदाजा हो चुका था कि बाबा की शिकार महिलाएं भी कोई आम महिलाएं नहीं है बल्कि सभी ऊंचे घरानों और ताकतवर लोगों की बीवी या बेटियां हैं. ये वो महिलाएं थी जो अपने या अपने परिवार का भविष्य जानने के लिए बाबा के दर पर पहुंचती थीं. मामला बड़ा था लिहाजा, महाराष्ट्र पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए फौरन एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम यानि एसआईटी बनाने का फैसला किया.

अब आप सोच रहे होंगे कि मर्चेंट नेवी का एक कैप्टन अचानक लोगों की तकदीर कैसे बताने लगा. महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से वो नासिक कैसे पहुंचा. देखते ही देखते कई सौ करोड़ का मालिक कैसे बन बैठा और इनमें सबसे बड़ा सवाल ये कि पढ़ी लिखी महिलाएं, पढ़े लिखे अफसरों और नेताओं की बीवी और बेटियां इसके झांसे में कैसे आईं. तो इसके लिए अशोक खरात उर्फ कैप्टन उर्फ मार्केट में आए इस नए सबसे और ताकतवर बाबा की पूरी कुंडली में झांकना जरूरी है.

मर्चेंट नेवी के एक कैप्टन से बाबागीरी की दुकान शुरु करने के पीछे की एक लंबी कहानी है. जब तक अशोक खरात मर्चेंट नेवी में रहा खुद को कैप्टन कहता था. पर जैसे ही मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी उसी वक्त वो बाबा के अवतार में आ गया. उसका दावा था कि वो महादेव का अवतार है. खुद महादेव उसके पास आते हैं और वही उसके पास आने वाले भक्तों का भविष्य उसे बताते हैं जो वो उन्हीं भक्तों को बता देता है. अशोक खरात की बाबागीरी वाली ये दुकान पिछले 20 साल से चल रही थी.

लेकिन मशहूर वो तब हुआ जब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपना भविष्य जानने उसके पास पहुंचे. फिर तो नेताओं और अफसरों की लाइन ही लग गई. अब डर इस बात का है कि इतने लंबे बरसों तक बाबा के भेष में ये हैवान ना जाने कितनों की तकदीर बता चुका है और कितनों की तकदीर बिगाड़ चुका है.

अब 17 मार्च को एसआईटी का गठन हुआ है और 18 मार्च की रात खत्म होने से पहले पहले एसआईटी की एक भारी भरकम टीम नासिक में मौजूद बाबा के घर पर धावा बोलती है और उसे गिरफ्तार करती है. गिरफ्तारी के बाद 18 मार्च की सुबह अशोक खरात को अदालत में पेश किया जाता है जहां से उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया जाता है. खरात की गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली जाती है तो पुलिस भी हैरान रह जाती है. पेनड्राइव और मोबाइल से पुलिस को कुल 58 ऐसे वीडियो मिलते हैं जिनमें अलग अलग महिलाओं की खरात के साथ अश्लील तस्वीरें कैद थीं. फिलहाल, खुद एसआईटी को भी पता नहीं कि ये गिनती 58 तक ही है या जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी अश्लील वीडियो की गिनती भी बढ़ती जाएगाी.

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