भारत-इंडोनेशिया के बीच कई समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ व्यापक वार्ता की। बातचीत में दोनों देशों ने समग्र द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति देने, खासकर रक्षा विनिर्माण तथा आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति जताई। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए सुबियांतो रविवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

PunjabKesariप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की उपस्थिति में दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी हुए। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए

इंडोनेशिया इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा, “भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया मुख्य अतिथि था, और हमें गर्व है कि इस बार भी भारत के 75वें गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया एक बार फिर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बना है।”

अपने वक्तव्य में मोदी ने इंडोनेशिया को 10 देशों के आसियान समूह के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का “महत्वपूर्ण साझेदार” बताया और कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच मोदी ने कहा, “हम इस बात पर सहमत हैं कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुनिश्चित की जानी चाहिए।”

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।” उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला पर संयुक्त रूप से काम करने पर सहमत हुए हैं। मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में हुए समझौते से अपराध रोकथाम, खोज एवं बचाव तथा क्षमता निर्माण में सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने समग्र आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए व्यापार क्षेत्र में विविधता लाने और बाजार पहुंच की आवश्यकता पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोध और कट्टरपंथ से मुक्ति के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया। वार्ता में भारतीय पक्ष ने इंडोनेशिया की ब्रिक्स सदस्यता का भी स्वागत किया।

 

भारत के साथ साझेदारी को बढ़ाने की जरूरत- इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने बातचीत को सार्थक बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष साझा हितों के कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सुबियांतो ने कहा, ‘‘मैंने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हमें भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने की जरूरत है।”

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