खाटू श्याम मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेले के दौरान कई बड़े बदलाव, इस बार VIP दर्शन होंगे बंद

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हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता खाटू श्याम मंदिर इस बार अपने फाल्गुन लक्खी मेले में कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ नजर आएगा। 28 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित होने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं को पूरी तरह से नई व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और दर्शन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिससे भक्तों के लिए मेला और भी सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।

सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP व्यक्तियों को ही विशेष अनुमति
इस बार खाटू श्याम मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेले के दौरान VIP दर्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP व्यक्तियों को ही विशेष अनुमति प्राप्त होगी। पहले की तरह वीआईपी दर्शन के लिए किसी भी भक्त को विशेष प्राथमिकता नहीं मिलेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिले और कोई भी भक्त इस दौरान विशेष सुविधा का लाभ न उठा सके।

QR कोड के माध्यम से दर्शन की प्रक्रिया
दर्शन की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए इस बार मंदिर प्रशासन ने QR कोड की व्यवस्था शुरू की है। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पहले एक QR कोड प्राप्त करना होगा, जिसे स्कैन करने के बाद वे मंदिर परिसर तक पहुंचने के सही मार्ग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था दर्शन के समय की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेगी और श्रद्धालुओं को सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था में सुधार
भक्तों को पार्किंग और यातायात की व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। सीकर-रींगस रोड पर विशेष पार्किंग जोन बनाए गए हैं। छोटे वाहनों के लिए पार्किंग मंडा मोड़ पर निर्धारित की जाएगी, जबकि बड़े वाहनों को 52 बीघा पार्किंग क्षेत्र में भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं को यहां से बसों के जरिए मंदिर तक लाया जाएगा। इसके अलावा, ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई ई-रिक्शा बिना पास के मंदिर तक आता है, तो उसे जब्त किया जाएगा।

कांच की शीशियां बेचने पर भी प्रतिबंध 
मेला स्थल की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया गया है। प्रशासन ने 8 फीट से ऊंचे निशान ले जाने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, कांटेदार गुलाब, कांच की बोतलें और इत्र की कांच की शीशियां बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इन वस्तुओं को मेला परिसर में लाना या बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। यह कदम मंदिर परिसर में होने वाली दुर्घटनाओं और हानिकारक घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। पूरे मेले की निगरानी CCTV कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके लिए चार मॉनिटरिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जो मेले की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन सेंटरों के जरिए प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का वास्तविक समय में आकलन कर सकेगा।

डीजे और शराब पर प्रतिबंध
मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के डीजे बजाने या शराब का सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह कदम मेला क्षेत्र में एक शांत और भक्तिमय माहौल बनाए रखने के लिए उठाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भक्तों को किसी भी प्रकार की अशांति का सामना न करना पड़े और वे पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।

कैसी है भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं
इस बार मंदिर प्रशासन ने भंडारे के लिए भी कुछ नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। भंडारे लगाने के लिए समय निर्धारित किया जाएगा और इसके लिए एक छोटा शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया जाएगा, ताकि मेला क्षेत्र साफ-सुथरा रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल यूनिट्स और एंबुलेंस की व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है। प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं। आग बुझाने और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग सड़क बनाई गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की जा सके।

श्रद्धालु मेले के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दर्शन के लिए निर्धारित समय पर ही पहुंचे। प्रशासन ने यह भी अनुरोध किया है कि श्रद्धालु निर्धारित मार्ग का पालन करें और पार्किंग की व्यवस्था का सही उपयोग करें। इस बार की नई व्यवस्थाओं के तहत, प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाटू श्याम का लक्खी मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित हो।

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