इस सामूहिक विवाह समारोह में सभी धर्मों के जोड़ों ने विवाह किया. कहीं शहनाइयों की गूंज के बीच जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, तो वहीं दूसरी ओर कलमे की तिलावत के साथ जोड़ों ने ‘कुबूल है’ कहकर अपना नया जीवन शुरू किया.उत्तर प्रदेश के बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह एक अद्वितीय मिसाल बन गया, जहां मानवता और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस भव्य आयोजन में एक ही मंडप के नीचे सैकड़ों जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की.
यह समारोह सिर्फ एक सरकारी योजना का क्रियान्वयन नहीं था, बल्कि सामाजिक सौहार्द, प्यार और बराबरी का उत्सव बन गया. बागपत की डीएम अस्मिता लाल के अनुसार, इस भव्य आयोजन में 300 जोड़ों की शादी करवाई गई.इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी अधिकारी की जगह परिवार के बड़े की भूमिका निभाई. जिलाधिकारी अस्मिता लाल खुद वहां हर जोड़े की ‘अभिभावक’ बनकर मौजूद थीं. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में ‘एक फैमिली टच जैसा अहसास’ था.

जिले के तमाम अफसरों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया, गठबंधन बांधा और नवविवाहित जोड़ों को उनकी जरूरत का सामान देकर विदा किया.सामूहिक विवाह में शामिल हुई दूल्हा-दुल्हनों ने इस आयोजन की सराहना की. दुल्हन छवि शर्मा ने कहा, “मैं इस शादी से बहुत खुश हूं, यहां शादी में सब समान दिया जा रहा है. मैं योगी जी (मुख्यमंत्री) का और प्रशासन का धन्यवाद करती हूं.”
DM अस्मिता लाल ने बताया कि सभी अधिकारियों ने गठबंधन बांधा और दुल्हन को उसकी जरूरत का सामान देकर विदा किया गया है, जिससे यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच रिश्ते की नई परिभाषा रच गया.


