शुक्रवार के दिन सूरत कलेक्टर ऑफिस में उत्तर भारतीय समाज के अग्रणियों द्वारा सूरत कलेक्टर श्री के साथ मुलाकात करके यू.जी.सी. बिल 2026 के तहत कलेक्टर श्री को यह जानकारी दी गई की कैसे बिल के अंदर बहुत सी कानूनी विसंगतता है और जनरल कैटेगरी के लिए यह बिल अन्याय पूर्ण नियमों के साथ बना है जिस वजह से कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे छात्रों के बीच इस बिल के आ जाने से द्वेष-राग की भावना जन्म लेगी और जातिगत भेदभाव कम न होकर और बढ़ेगा एवं वर्ग-विग्रह की भी नौबत आ सकती है।

इसीलिए राष्ट्रहित और समाज हित में इस बिल को रद्द करना ही सही होगा । उत्तर भारतीय समाज के अग्रणियों द्वारा यह भी बताया गया कि अगर यह बिल रद्द नहीं किया गया तो हम गांधी जी के दिखाए हुए रास्ते से अहिंसा के मार्ग पर चलकर राज्य और राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे । इस मीटिंग के दौरान उत्तर भारतीय समाज के अग्रणी ऋषि राजपूत के साथ धर्मेश मिश्रा, क्षत्रिय चेतना मंच अध्यक्ष जितेंद्र राठौड, करगिल युद्ध विजेता मनोज सिंह राजपूत, रवि सिंह राजपूत और ऋषिकेश दीक्षित जैसे अग्रणी साथ मौजूद थे


