NATIONAL : ‘नो चप्पल’ के नियम ने ली स्टूडेंट की जान! वाटर कूलर से लगा करंट, नंगे पैर था, लगा जोर का झटका

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पुणे के कृषि महाविद्यालय में वाटर कूलर से करंट लगने से 23 साल के छात्र चैतन्य चव्हाण की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

महाराष्ट्र के पुणे स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय (CoA) में एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के छात्र की जान चली गई. मृतक की पहचान चैतन्य पुंडलिक चव्हाण के रूप में हुई है, जो बीड जिले के आष्टी का रहने वाला था और कॉलेज में एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (एमबीए) पहले साल का छात्र था. इस घटना ने पूरे महाविद्यालय परिसर को शोक में डुबो दिया है और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च की रात खाना खाने के बाद चैतन्य मेस में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गया था. उसके दोस्त अक्षय सूर्यवंशी के मुताबिक, वाटर कूलर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, इसलिए चैतन्य ने उसकी पिन सॉकेट में दोबारा लगाई. जैसे ही उसने पानी का नल छुआ, उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और वह वहीं चिपक गया. मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बिजली का प्रवाह जारी था. बाद में बिजली सप्लाई बंद करने पर वह नीचे गिर गया और बेहोश हो गया.

छात्रों का कहना है कि मेस में चप्पल पहनकर जाने की मनाही है, जिसके चलते चैतन्य नंगे पैर था. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसे करंट का झटका ज्यादा तीव्रता से लगा. घटना के तुरंत बाद चैतन्य को इलाज के लिए पुणे के जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. हालांकि, करंट लगने से उसके मस्तिष्क को गंभीर चोट (हाइपॉक्सिक ब्रेन इंसल्ट) पहुंची थी, जिसके कारण इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय, राहुरी के कुलसचिव राजेंद्रकुमार पाटिल ने सभी कृषि महाविद्यालयों में सेफ्टी ऑडिट (विद्युत, अग्नि और संरचनात्मक) कराने के आदेश दिए हैं. वहीं, शिवाजीनगर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है.पुणे के कृषि महाविद्यालय में वाटर कूलर से करंट लगने से 23 साल के छात्र चैतन्य चव्हाण की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

महाराष्ट्र के पुणे स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय (CoA) में एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के छात्र की जान चली गई. मृतक की पहचान चैतन्य पुंडलिक चव्हाण के रूप में हुई है, जो बीड जिले के आष्टी का रहने वाला था और कॉलेज में एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (एमबीए) पहले साल का छात्र था. इस घटना ने पूरे महाविद्यालय परिसर को शोक में डुबो दिया है और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च की रात खाना खाने के बाद चैतन्य मेस में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गया था. उसके दोस्त अक्षय सूर्यवंशी के मुताबिक, वाटर कूलर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, इसलिए चैतन्य ने उसकी पिन सॉकेट में दोबारा लगाई. जैसे ही उसने पानी का नल छुआ, उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और वह वहीं चिपक गया. मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बिजली का प्रवाह जारी था. बाद में बिजली सप्लाई बंद करने पर वह नीचे गिर गया और बेहोश हो गया.

छात्रों का कहना है कि मेस में चप्पल पहनकर जाने की मनाही है, जिसके चलते चैतन्य नंगे पैर था. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसे करंट का झटका ज्यादा तीव्रता से लगा. घटना के तुरंत बाद चैतन्य को इलाज के लिए पुणे के जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. हालांकि, करंट लगने से उसके मस्तिष्क को गंभीर चोट (हाइपॉक्सिक ब्रेन इंसल्ट) पहुंची थी, जिसके कारण इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय, राहुरी के कुलसचिव राजेंद्रकुमार पाटिल ने सभी कृषि महाविद्यालयों में सेफ्टी ऑडिट (विद्युत, अग्नि और संरचनात्मक) कराने के आदेश दिए हैं. वहीं, शिवाजीनगर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है.

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