प्रियंका, तूने ये क्या किया ? पति की हत्या के बाद रो-रोकर लूट की झूठी कहानी सुनाने वाली पत्नी से लोग बहुत से सवाल पूछ रहे हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मरवाने की योजना बनाई और एक लाख रुपये की सुपारी दी. वारदात के बाद लूट का सीन रचा गया, लेकिन कहानी ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी और प्रियंका की कहानी की पोल खुल गई.
प्रियंका, तूने ये क्या किया? अगर प्रेमी के साथ ही जिंदगी बितानी थी, तो साफ कह देती… पति की हत्या तक बात क्यों पहुंची ? और उसे मरवाने के बाद फूट-फूटकर रोने और झूठ बोलने का पूरा नाटक क्यों रच डाला ? अब खुलासे के बाद लोग यही सवाल कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश के धार के गोंदीखेड़ा गांव में हुए रोहित हत्याकांड में कुछ ऐसा खुलासा हुआ कि लोग इसी की चर्चा कर रहे हैं. घटना के बाद प्रियंका रो-रोकर लोगों को बताती रही कि देर रात घर में घुसे बदमाशों ने लूटपाट के दौरान उसके पति रोहित की हत्या कर दी. उसकी बातों पर शुरुआती दौर में लोगों ने यकीन भी किया. लेकिन, यह कहानी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी. पुलिस जांच में एक-एक परत खुलती गई और सामने आया कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी. जांच में खुलासा हुआ कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. इसके लिए एक लाख रुपये की सुपारी तक दी गई. पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

घटना वाली रात जो तस्वीर सामने आई, वह एक सामान्य क्राइम सीन जैसी थी. घर का सामान बिखरा हुआ था, पति देवकृष्ण खून से लथपथ हालत में पड़ा था और प्रियंका खुद को बंधा हुआ बताकर रो रही थी. उसने बताया कि कुछ बदमाश घर में घुसे, हमला किया और लूटपाट के बाद पति की हत्या कर दी. लेकिन पुलिस ने इस कहानी को सीधे स्वीकार नहीं किया. सबसे पहले घटनाक्रम के समय को लेकर सवाल उठा. घटना और शोर मचाने के बीच का अंतर साफ नहीं था. इसके अलावा जिस तरह से खुद को बंधा हुआ बताया गया, उसमें भी कई झोल था. यहीं से जांच का फोकस बदल गया.
पुलिस ने प्रियंका के बयान को घटनास्थल के साक्ष्यों से मिलाया. जो कहानी वह बता रही थी, वह पूरी तरह से वहां के हालात से मेल नहीं खा रही थी. लूट का जो सीन दिखाया गया था, वह बनावटी लग रहा था. कुछ सामान बिखरा जरूर था, लेकिन पूरा घटनाक्रम सही नहीं लग रहा था. इसी आधार पर पुलिस ने इस मामले को गहराई से जांचना शुरू किया.
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मृतक के परिवार के बयान सामने आए. मृतक की बहन ज्योति ने बताया कि प्रियंका का व्यवहार शुरू से ही ठीक नहीं था. वह अक्सर चिड़चिड़ी रहती थी, ठीक से बात नहीं करती थी और घर में किसी से घुलती-मिलती नहीं थी. उनके मुताबिक, घर में अक्सर झगड़े होते थे रूम के अंदर भी और बाहर भी. कई बार ऐसा होता था कि जब भाई कमरे में जाते थे, तो प्रियंका बाहर चली जाती थी. और जब वह बाहर होते थे, तो वह अंदर जाकर मोबाइल में व्यस्त हो जाती थी. परिवार का कहना है कि दोनों के बीच सामान्य वैवाहिक जीवन जैसा कुछ नहीं था. परिजनों के मुताबिक, प्रियंका अक्सर पति से कहती थी कि वह उसके लायक नहीं है. वह उसे ताने देती थी, यहां तक कि रंग-रूप को लेकर भी टिप्पणी करती थी और कहती थी कि उसे इससे बेहतर जीवन मिल सकता है. कई बार उसने तलाक की बात भी कही.
मृतक की मां लक्ष्मी बाई ने आरोप लगाया कि प्रियंका ज्यादातर समय मायके में ही रहती थी. यहां 4 दिन आती थी, तो वहां 15 दिन रहती थी. फोन पर भी झगड़े होते थे और घर का माहौल अक्सर तनावपूर्ण रहता था. उनका यह भी कहना है कि पहले भी विवाद के चलते प्रियंका लंबे समय तक मायके में रही थी.
जांच में सबसे अहम कड़ी तब सामने आई, जब प्रियंका और कमलेश के बीच संबंध की बात सामने आई. पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क था और यही संपर्क इस पूरे मामले का मुख्य कारण बना. परिवार का भी आरोप है कि यह संबंध 2020 से चल रहा था और लगातार बना हुआ था. पुलिस जांच में सामने आया कि पति को रास्ते से हटाने की योजना पहले से बनाई गई थी. कमलेश ने अपने परिचित सुरेंद्र को इसमें शामिल किया और उसे एक लाख रुपये देने की बात तय हुई. योजना के अनुसार, रात में हमला किया जाना था, जब देवकृष्ण सो रहा हो ताकि विरोध की संभावना कम हो. घटना की रात यही हुआ. सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद पूरे घटनाक्रम को लूट जैसा दिखाने की कोशिश की गई. घर का सामान बिखेरा गया, प्रियंका को बांधा गया और कुछ देर बाद उसे शोर मचाने के लिए कहा गया. यानी, घटना के बाद का पूरा सीन भी पहले से तय योजना का हिस्सा था. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और पूछताछ के आधार पर तेजी से जांच की. लगातार पूछताछ में कहानी टूटने लगी और आखिरकार प्रियंका ने साजिश की बात स्वीकार कर ली. पुलिस ने 36 घंटे के भीतर प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल सह-आरोपी सुरेंद्र की तलाश जारी है.
एसपी मयंक अवस्थी के अनुसार, शुरुआत में मामला लूट का लग रहा था, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह पूर्व नियोजित हत्या थी. उन्होंने बताया कि आरोपी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर योजना बनाई और सुपारी देकर हत्या करवाई. लूट का सीन सिर्फ जांच को गुमराह करने के लिए तैयार किया गया था. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों की शादी कम उम्र में हुई थी. बाद में जब साथ रहने की स्थिति आई, तो रिश्ते को लेकर मतभेद सामने आए.


