NATIONAL : मां-बाप ने नवजात को जंगल में छोड़ा, ऊपर रख दिए पत्थर… दहला देगी शिक्षक पति-पत्नी की करतूत……

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छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी गांव में शिक्षक दंपति ने चौथे बच्चे के जन्म पर नौकरी जाने के डर से 3 दिन के नवजात को जंगल में पत्थर से दबाकर छोड़ दिया. राहगीर की सूचना पर पुलिस ने बच्चे को बचाकर अस्पताल भेजा. जांच में माता-पिता बबलू और राजकुमारी डांडोलिया दोषी पाए गए. दोनों को गिरफ्तार कर धारा 307 सहित जेल भेज दिया गया.

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक निर्दयी माता पिता अपने 3 दिन के नवजात बच्चे को जंगल में पत्थर से दबाकर लावारिस हालत छोड़कर चले गए. आरोपी पिता शिक्षक है और चौथे बच्चे को जन्म देने पर उसे नौकरी जाने का डर सता रहा था जिस वजह से उसने इतना भयानक कदम उठा लिया.

दरअसल, पूरा मामला धनोरा चौकी के अंतर्गत ग्राम नांदनवाड़ी का है . रविवार रात्रि को पुलिस को एक राहगीर से सूचना प्राप्त हुई थी कि रोड घाट के जंगल में पत्थरों के पास 2- 3 दिन का नवजात मिला है . चौकी प्रभारी और उनकी टीम तस्दीक करने पहुंची तो नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया था जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया. इधर पुलिस ने नवजात के माता पिता को खोज निकाला और माता पिता पर 93 बीएनएस की कायमी कर न्यायालय से जेल भेज दिया गया है.

बता दें की आरोपी माता पिता बबलू डांडोलिया एवं राजकुमारी डांडोलिया ग्राम सिधौली थाना तामिया निवासी हैं. वे अमरवाड़ा में रहकर ग्राम नांदनवाड़ी में प्राथमिक शाला में वर्ग 3 में शिक्षक हैं. अपनी चौथी संतान होने से नौकरी से सस्पेंड (सेवा समाप्त) होने के डर से पति पत्नी अपने ने नवजात शिशु को नांदनवाड़ी के जंगल में छोड़ दिया था. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय से जेल भेज दिया है.

अमरवाड़ा एसडीओपी कल्याणी बरकडे का कहना है कि हमें सूचना मिली थी कि एक नवजात शिशु रोड घाट के पास जंगल में पत्थर के नीचे मिला है उसकी तस्दीक के लिए चौकी प्रभारी को भेजा गया था. हमें जैसे ही नवजात शिशु मिला हमने प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. उसके बाद शिशु को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया.

बटकाखापा टीआई अनिल राठौर ने बताया कि पकड़े गए मास्टर बबलू ने पूछताछ में बताया कि मेरे 3 बच्चे थे, चौथा और हो गया तो मेरी नौकरी चली जाएगी, इस डर के कारण बच्चे को पत्थर में दबा दिया था. शिक्षक ने अपना अपराध स्वीकार किया है. उसके बच्चों में एक आठ साल का, दूसरा 6 साल का और तीसरा 4 साल के हैं. अब हमने इनको गिरफ्तार करके न्यायालय भेज दिया है. उसमें धारा 307बढ़ा दी गई है. आरोपी नंदनवाड़ी में शिक्षक था और 2009 में उसने नौकरी ज्वाइन की है .

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