केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) की जगह पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की शुरुआत की है। इस नई पेंशन स्कीम का ऐलान 24 जनवरी 2025 को किया गया था और इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया जाएगा। UPS का फायदा उन सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले से ही NPS के तहत रजिस्टर हैं। खास बात यह है कि इन कर्मचारियों को NPS या UPS में से किसी एक को चुनने का ऑप्शन मिलेगा।
UPS क्या है?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार द्वारा अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक नई योजना है। यह योजना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ही लागू की जा रही है। हालांकि इस स्कीम को राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए लागू कर सकती हैं। यह योजना कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन देने के उद्देश्य से लाई गई है।
कितनी राशि जमा करनी होगी?
इस स्कीम में कर्मचारियों को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 10% हिस्सा जमा करना होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार भी कर्मचारियों द्वारा जमा की गई राशि के बराबर पैसा जमा करेगी। इसके अलावा सरकार पूल फंड में 8.5% अधिक पैसे जमा करेगी।
UPS से क्या फायदा होगा?
UPS पुरानी पेंशन स्कीम के काफी करीब है। इस योजना के तहत यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पेंशन का 60% हिस्सा फैमिली पेंशन के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और एकमुश्त भुगतान भी मिलेगा।
अगर कोई कर्मचारी कम से कम 10 साल तक केंद्र सरकार में नौकरी करता है तो उसे न्यूनतम 10,000 रुपये हर महीने पेंशन दी जाएगी। इस स्कीम को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा।

UPS के बारे में जरूरी बातें:
➤ 25 साल से ज्यादा समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को पूरी पेंशन मिलेगी। इसके तहत रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को उनकी आखिरी 12 महीने की एवरेज सैलरी का 50% पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
➤ यदि कोई कर्मचारी 25 साल से कम समय तक काम करता है तो उसे उसी हिसाब से पेंशन मिलेगी।
इस योजना के तहत पेंशन लेने के लिए कम से कम 10 साल काम करना अनिवार्य है।
नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से सरकारी कर्मचारियों को पेंशन की बेहतर सुरक्षा मिलेगी और यह पुरानी पेंशन स्कीम के समान अधिक लाभकारी होगी। इस स्कीम का उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है साथ ही उनके परिवार के लिए भी पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।


