Tuesday, February 3, 2026
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Chamba: सुनारा-कुंडी मार्ग पर 400 मीटर खाई में गिरी कार, चालक की मौके पर मौत

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चम्बा जिला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के सुनारा-कुंडी मार्ग पर एक आल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई है। चालक की पहचान अनु पुत्र सोरमा निवासी गांव अंदरौंद, डाकघर ब्रेही व जिला चम्बा के रूप में हुई है। उक्त हादसा वीरवार देर रात पेश आया है।

हादसे के पता तब चला जब शुक्रवार सुबह खच्चर वाले रोजाना कार्य के लिए घर से बाहर निकले। इस दौरान उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी देखी तथा इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल काॅलेज चम्बा भिजवाया। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है।

कार चालक देर रात अपने भाई की बेटी को मेडिकल काॅलेज चम्बा में दाखिल करवाने के बाद अपने घर अंदरौंद की तरफ जा रहा था। घर से कुछ दूरी पर कार अनियंत्रित होकर 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे तक उड़ गए। सारी रात चालक खाई में पड़ा रहा और इसकी आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। उधर, एसपी अभिषेक यादव ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है।

Shimla: विंटर कार्निवाल में HRTC पर मुनाफे की बर्फबारी, 10 दिन में कर ली इतनी कमाई

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शिमला विंटर कार्निवाल के दौरान एचआरटीसी पर मुनाफे की बर्फबारी हुई है। विंटर कार्निवाल एचआरटीसी को 10 दिन में करीब 7 लाख रुपए का मुनाफा करवा गया। निगम ने 10 दिनों के बीच 6 लाख 96 हजार 360 रुपए की कमाई की है। यह कमाई निगम को कार्निवाल के दौरान स्पैशल बसें व स्पैशल टैक्सियां चलाने से हुई। यह पहली बार है जब कार्निवाल के दौरान बर्फबारी व शोक के कारण कार्निवाल बंद रहने के बाद भी निगम ने यह कमाई की है।

शिमला शहर में 24 दिसम्बर से कार्निवाल शुरू हुआ था, लेकिन 27 दिसम्बर से 1 जनवरी तक पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह के देहांत के चलते शोक में कार्निवाल बंद था। 2 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक फिर से विंटर कार्निवाल चला। इस दौरान निगम ने लगातार देर रात तक  उपनगरों से लोगों को शिमला कार्निवाल देखने के लिए पहुंचाया और सेवाएं दीं। ऐसे में निगम ने यह कमाई की है। इससे निगम के राजस्व में बढ़ौतरी हुई है। आरएम शिमला एचआरटीसी अंकुर वर्मा ने कहा कि कार्निवाल के दौरान शिमला शहर व उपनगरों से स्पैशल टैक्सी सेवा चलाई गई थी। इस दौरान निगम को 6 लाख 96 हजार 360 रुपए की कमाई हुई है।

हीरानगर से पहली बार चली स्पैशल सेवा
कार्निवाल के लिए निगम ने पहली बार शिमला ग्रामीण क्षेत्र हीरानगर से भी स्पैशल टैक्सी सेवा चलाई थी, जिससे शिमला ग्रामीण से लोग शिमला कार्निवाल देखने पहुंचे, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि  भविष्य में रिज पर प्रशासन की ओर किसी भी इस तरह के बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाए तो यह स्पैशल सेवा चलाई जाए।

शिवनगर-टुटू टैक्सी सेवा का समय बढ़ाने की मांग
कार्निवाल के बाद शिवनगर-टुटू के स्थानीय लोगों ने शिवनगर-टुटू सीटीओ टैक्सी सेवा के समय को शाम 7 या 7.20 पर सीटीओ से चलाने की मांग की है। मौजूदा समय में 5.30 बजे सीटीओ से टैक्सी चलने का अंतिम समय है, लेकिन कार्निवाल के दौरान यह टैक्सी शाम 7.15 बजे और रात 10 बजे तक चलती रही। ऐसे में लोगों ने मांग की है कि इस सेवा को सीटीओ से शाम 7 बजे के करीब किया जाए, ताकि लोगोंं को सुविधा मिल सके।

Kangra: हिमालयी क्षेत्र की पहली पंजीकृत नस्ल बना गद्दी श्वान, मिली मान्यता

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हिमालयी क्षेत्र की पहचान गद्दी श्वान को बड़ी पहचान प्राप्त हुई है। गद्दी श्वान हिमालयी क्षेत्र की पहली पंजीकृत नस्ल बन गया है। हिमाचली गद्दी श्वान को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत राष्ट्रीय आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो आईसीएआर-एनबीएजीआर करनाल द्वारा आधिकारिक तौर पर एक स्वदेशी कुत्ते की नस्ल के रूप में मान्यता दी गई है। यह मान्यता विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के परिश्रमी प्रयासों के बाद मिली है, जिन्होंने नस्ल की अनूठी स्थिति का समर्थन करने के लिए वैज्ञानिक प्रमाण प्रदान किए।

भारत की चौथी पंजीकृत स्वदेशी नस्ल
गद्दी कुत्ता अब भारत में आधिकारिक रूप से पंजीकृत होने वाली चौथी स्वदेशी कुत्ते की नस्ल है और हिमालयी क्षेत्र की पहली ऐसी नस्ल है। नस्ल का नाम गद्दी जनजाति के नाम पर रखा गया है, जो पारंपरिक रूप से भेड़ और बकरियों को चराने के काम के लिए जानी जाती है। ये कुत्ते पशुओं और मनुष्यों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं, चरवाहों की सहायता करते हैं, पशुओं की रक्षा करते हैं और चरवाहों के साथ एक अनोखा बंधन स्थापित करते हैं।

कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम की भूमिका अहम
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. नवीन कुमार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने में वैज्ञानिकों की टीम और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. रविन्द्र कुमार को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी। उन्होंने गद्दी कुत्ते की नस्ल को मान्यता देने में उनके बहुमूल्य योगदान को सराहा। कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय ने पशु चिकित्सा महाविद्यालय में गद्दी कुत्तों के लिए एक बाहरी संरक्षण इकाई की स्थापना की है। यह इकाई पशुपालन विभाग और हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद से वित्तीय सहायता के साथ स्थानीय चरवाहों और पालतू पशु प्रेमियों को गद्दी कुत्ते के पिल्ले प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री कर चुके हैं मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख
कृषि विश्वविद्यालय के वैटर्नरी काॅलेज में इस प्रजाति के कुत्ते के फेनोटाइपिक तथा मॉलीक्यूलर विशेषताओं पर अध्ययन किया गया और इन विशेषताओं को चिन्हित किया गया। तेंदुआ जैसे वन्य प्राणी से लड़ने की क्षमता रखने के कारण ही इसे इंडियन पैंथर हाऊंड के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात कार्यक्रम में इस प्रजाति का उल्लेख कर स्वदेशी प्रजाति के श्वानों को प्रमुखता से पालने की बात कह चुके हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इनकी ऊंचाई 20 से 27 सैंटीमीटर और वजन 35 से 45 किलो होता है। हिमालय क्षेत्र में नेपाली शीप डॉग, नेपाली हिल डॉग दोनों नेपाल में पाए जाते हैं, वहीं हिमालयन गार्ड डॉग, इंडियन लैपर्ड हाऊंड हिमाचली श्वान तथा कश्मीर शीप डॉग हिमालय क्षेत्र में पाए जाते हैं।

Himachal: बीपीएल परिवार चयन के लिए सरकार ने बदले मापदंड

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सरकार ने 2.82 लाख बीपीएल परिवार चयन प्रक्रिया के लिए नए मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके तहत 18 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के बिना वयस्क सदस्य वाले परिवार, महिला मुखिया वाले परिवार, 50 फीसदी दिव्यांगता रखने वाले परिवार के मुखिया, पिछले वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन काम करने वाले और कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और थैलेसीमिया जैसी बीमारी से ग्रस्त परिवार चलाने वाले व्यक्ति (स्थायी दिव्यांग) को तरजीह दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में बीपीएल सर्वेक्षण को अप्रैल माह में नए सिरे से करवाने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश को 2.82 लाख का बीपीएल कोटा चुनने की अनुमति दी है। इसके लिए आय सीमा को डेढ़ लाख रुपए प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया है।

पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय
मंत्रिमंडल ने प्रदेश में पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश में सिर्फ सफेदा, पापुलर और बांस तथा बिक्री के लिए 10 वर्षीय कार्यक्रम के अनुसार खैर की कटाई को ही अनुमति मिलेगी। प्रदेश में इसके अतिरिक्त अन्य पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि पेड़ कटान को लेकर लगाए गए इस प्रतिबंध का कुछ लोगों ने विरोध भी किया है। उनका तर्क है कि प्रदेश में पेड़ों का संरक्षण करने वाले लोगों को इससे घरों में चूल्हे में आवश्यकता के अनुसार लकड़ी जुटाने में परेशानी आएगी। मंत्रिमंडल ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1 ए में संशोधन करने के लिए अध्यादेश जारी करने को मंजूरी दी है। इस संशोधन से राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118(2)(एच) के तहत सुरक्षित हस्तांतरण और पट्टा लेन-देन पर 12 फीसदी की एक समान स्टाम्प ड्यूटी दर लगाई जा सकेगी। यानी प्रदेश में धारा-118 के तहत मकान बनाने और उद्योग सहित अन्य कार्य के लिए जमीन लेने वालों पर यह नियम लागू होंगे।

नशीली दवा दुरुपयोग रोकने को बनेगी स्पैशल टास्क फोर्स
मंत्रिमंडल ने विस्तृत और बहुआयामी योजना के अंतर्गत प्रदेश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने और नशीली दवाओं की तस्करी तथा संगठित अपराध नैटवर्क को खत्म करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक स्पैशल टास्क फोर्स की स्थापना की जाएगी। यह टास्क फोर्स नशीली दवाओं की तस्करी के कारोबार से जुड़े लोगों पर नकेल कसेगी।

तारादेवी मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरित क्षेत्र घोषित
शिमला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तारादेवी मंदिर के आसपास के क्षेत्र को हरित क्षेत्र के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। इसके हरित क्षेत्र के दायरे में आने से लोगों का दखल कम होगा, जिससे पर्यावरण को संरक्षण मिलेगा। उल्लेखनीय है कि तारादेवी मंदिर के आसपास का क्षेत्र हरे पेड़ों से आच्छादित है, जिसका पूरी तरह से संरक्षण करने का सरकार ने निर्णय लिया है।

भारतीय आईपीओ बाजार में बनने की उम्मीद, 1.80 लाख करोड़ के IPO को SEBI की मंजूरी

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इस साल 2025 में भारतीय आईपीओ मार्केट में भारी हलचल देखने को मिल सकती है और एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, 1.80 लाख करोड़ रुपए के आईपीओ को SEBI की मंजूरी मिल चुकी है या फिर मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से 28 कंपनियों के 46 हजार करोड़ रुपए के इश्यू को मंजूरी मिल चुकी है और ये कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी हैं। वहीं, दूसरी ओर 1.32 लाख करोड़ रुपए के आईपीओ के ड्राफ्ट SEBI के पास मंजूरी के इंतजार में हैं।

पिछले साल 2024 में कैसा रहा IPO मार्केट का हाल

पिछले साल वर्ष 2024 में एसएमई ने रिकॉर्ड 8761 करोड़ रुपए जुटाए जोकि वर्ष 2023 के मुकाबले 87 फीसदी अधिक रहा। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक एसएमआई आईपीओ का औसतन साइज भी चार साल में 6 गुना बढ़कर 36 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। खुदरा निवेशकों ने इसमें खूब पैसे लगाए और औसतन रिटेल एप्लीकेशन वर्ष 2020 में महज 297 से बढ़कर वर्ष 2024 में 1.88 लाख पर पहुंच गया।

वहीं मेनबार्ड यानी बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो 91 कंपनियों ने 1.60 लाख करोड़ रुपए जुटाए जबकि वर्ष 2023 में 57 कंपनियों ने 49,436 करोड़ रुपए जुटाए थे। मेनबोर्ड आईपीओ के औसतन साइज इस दौरान दोगुना उछलकर 1,756 करोड़ रुपए पर पहुंच गए। ऑफिस (Awfis), फर्स्टक्राई (Firstcry), मोबीक्विक (Mobikwik), स्विगी (Swiggy) और यूनीकॉमर्स (Unicommerce) समेत आठ नए दौर की कंज्यूमर टेक कंपनियों ने 21,438 करोड़ रुपए के आईपीओ लाए। फ्रेश कैपिटल भी 40 फीसदी उछलकर 64,499 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी और 91 में से 66 इश्यू में खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 10 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। आईपीओ को ओवरऑल औसतन 45.39 गुना और रिटेल हिस्से को औसतन 34.15 गुना बोली मिली जो वर्ष 2023 के मुकाबले अधिक रही।

QIP के जरिए भी 2024 में जुटाए थे कंपनियों ने पैसे

पिछले साल कंपनियों ने आईपीओ ही नहीं बल्कि क्यूआईपी (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए भी 2023 के मुकाबले तीन गुना अधिक पैसे जुटाए। पिछले साल 99 कंपनियों ने क्यूआईपी के जरिए 1.38 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सबसे बड़ा क्यूआईपीओ वेदांता और जोमैटो का रहा जिसने ₹8500-₹8500 करोड़ का इश्यू लाया था।

पंजाबियों हो जाएं सावधान! आसमान में उड़ने लगे Drone… जारी हो गई Warning

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पंजाब के लोग अगर लोहड़ी और माघी पर चाइना डोर का इस्तेमाल करते नजर आए तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है क्योंकि पंजाब पुलिस ने चाइना डोर के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए आसमान में ड्रोन उड़ाना शुरू कर दिया है। अगर कोई भी इन ड्रोनों में चाइना डोर का इस्तेमाल करता हुआ नजर आया तो उसकी खैर नहीं होगी। पंजाब पुलिस ने बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि प्लास्टिक की डोर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में पतंगबाजी के लिए चाइना डोर की बिक्री, भंडारण, स्टॉक, सप्लाई और ऑर्डर देने या उपयोग के बारे में जानकारी देने वाले को 25,000 रुपये का नकद ईनाम देने की घोषणा की है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य अभियंता आर. क. रत्तरा ने कहा है कि खतरनाक प्लास्टिक डोर, जिसे आमतौर पर चाइना डोर के रूप में जाना जाता है, की बिक्री, खरीद और उपयोग पर पंजाब में प्रतिबंध है।

इसके बावजूद कुछ दुकानदार अपना मुनाफा कमाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं और चोरी-छिपे इन जानलेवा डोर को बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अभियान चलाया है कि अगर कोई व्यक्ति चाइना तार बेचता/स्टॉक करता/सप्लाई करता/मंगवाता/इस्तेमाल करता पाया जाता है तो इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1800-180-2810 पर अवश्य दी जाए। सूचना देने वाले को 25,000 रुपये तक का इनाम दिया जाएगा तथा उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा।

Alert पर पंजाब! 5 से 60 साल की उम्र वाले जरा संभल कर….Advisory जारी

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देश में चर्चित नए ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस (एच.एम.पी.वी.) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. पवन शगोत्रा ने कहा कि लोगों को एच.एम.पी.वी. वायरस से घबराना नहीं चाहिए। यह फ्लू की तरह ही सामान्य सर्दी के समान है।

पंजाब में अभी तक इसका कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसके इलाज के लिए विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। हल्का बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में दिक्कत इसके प्राथमिक लक्षण हैं। ये सभी एक सप्ताह के अंदर अपने आप ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनका विशेष ध्यान रखा जाए और बचाव के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखा जाए। बाहर का तला भुना मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए।

भोजन में मौसमी फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए। पेय पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए। अगर आपको फ्लू जैसा संक्रमण है तो आपको भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। मुंह पर मास्क रखें। परिवार के सदस्यों से दूरी बनाकर रखें। हाथों को बार-बार साबुन के पानी से धोएं। बार-बार मुंह आंख नाक को न छुएं। संक्रमण होने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से संपर्क करें।

पंजाब के नेशनल हाईवे पर PRTC बस के साथ बड़ा हादसा, एक की मौ’त

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संगरूर जिले के बहादुरपुर गांव के पास, पी.आर.टी.सी. बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कंडक्टर की मौत हो गई और 11 यात्री घायल हो गए, जिन्हें सड़क सुरक्षा बल की मदद से संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे दौरान प्रशासन में भगदड़ मच गई। मौके पर पहुंची गुरुद्वारा मस्तुआना साहिब की एंबुलेंस भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  हादसा आज सुबह संगरूर जिले के गांव महलकलां के नजदीक हुआ है।

prtc bus accident

पत्रकारों से बात करते हुए सड़क सुरक्षा बल के एक जवान ने बताया कि बस संगरूर से बरनाला जा रही थी, तभी घने कोहरे के कारण ईंटों से भरी ट्रॉली से उसकी टक्कर हो गई, जिसमें बस कंडक्टर की मौत हो गई। बस में बैठे यात्रियों ने बताया कि बस बहुत सुचारू रूप से चल रही थी। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने अचानक अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर चढ़ा दी। गहरे कोहरे के कारण यह हादसा हो गया।

सावधान रहें लोग

पंजाब के कई जिलों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि अमृतसर, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, संगरूर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र में विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है। इस बीच, मौसम विभाग ने लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है और कहा है कि कम विजिबिलिटी के कारण यात्रा प्रभावित हो सकती है। लोगों को सड़कों पर सावधानी से चलने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

Punjab: लग गई इस दवाई पर पाबंदी, लेते हैं आप तो जरा पढ़ ले नई Guidelines

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प्रीगैबलिन के फार्मूले के तहत तैयार की गई दवा, जिसे नार्कोटिक या मनोविज्ञानिक पदार्थों के तौर पर सूचित नहीं किया गया लेकिन इसकी हो रहे दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए इसकी खुली बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और इसको बेचने के लिए डाक्टर की सिफारिश के साथ-साथ सारा रिकार्ड रखने की हिदायत की है।

जारी आदेशों में उन्होंने कहा कि कैप्सूल/टैबलेट के रूप में 150 एवं 300 मि.ली. ग्राम वाले प्रीगैबलिन के फार्मूले के सार्वजनिक तौर पर बहुत ज्यादा दुरुपयोग किया जा रहा है। बहुत से लोग इस फार्मूले के आदी हो रहे हैं लेकिन ड्रग प्रीगैबलिन 150 और 300 मिलीग्राम डाक्टरों द्वारा अक्सर तजवीज नहीं की जाती। यहां तक कि न्यूरोलॉजिस्ट/ऑर्थोपेडिक्स भी सिर्फ 75 मिलीग्राम ड्रग प्रीगैबलिन का नुस्खा दे रहे हैं।

जिला मैजिस्ट्रेट साक्षी साहनी ने आदेश दिए हैं कि इस फार्मूले के 75 मिलीग्राम से अधिक कैप्सूल/टैबलेट का भंडारण और बिक्री पर पूर्ण पाबंदी होगी। थोक विक्रेता, परचून विक्रेता, कैमिस्ट/मैडीकल स्टोर के मालिक, अस्पतालों में फार्मेसी या कोई अन्य व्यक्ति प्रीगैबलिन 75 मिलीग्राम की असल पर्ची से बिना नहीं बेचेंगा। इसके अलावा 75 मिलीग्राम तक की खरीद-बिक्री की सही रिकॉर्ड रखेंगे। सभी विक्रेता पर्ची का ठीक से जांच

पंजाब में रिकार्ड तोड़ ठंड! Lohri के बाद ऐसे रहेगा मौसम का हाल…

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पंजाब में रिकार्ड तोड़ ठंड  पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 12 जनवरी तक राज्य के 1-2 जिलों को छोड़कर राज्यभर में यैलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला, गुरदासपुर जैसे जिले है। वहीं धुंध पड़ने की चेतावनी जारी हुई है।

इसके मुताबिक हाईवे  पर वाहनों को चलाते समय सावधानी अपनाने की जरूरत है। लोहड़ी के बाद धुंध से राहत मिलने की उम्मीद है।  मौसम विभाग के अनुसार बारिश की भी संभावना बनी हुई है। इससे पहले  राज्य में कई स्थानों पर 12 जनवरी तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। कहा जा रहा है कि आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया है, जिससे झमाझम बारिश पड़ने के आसार है। यानि आज से 12 तारीख तक बारिश की संभावना बन रही है।

मौसम वैज्ञानियों की मानें तो अलावा सुबह के समय धुंध छाने से विजिबिलिटी कम होगी जिसके चलते परिवहन सेवाएं प्रभावित होगी। इसके चलते सड़क परिवहन का इस्तेमाल करने वालों को सावधानी अपनाने की जरूरत है।

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