Sunday, June 28, 2026
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जनवरी में आ गई 64 लाख सरकारी कर्मचारियों की दिवाली, आठवें पे कमीशन को कैबिनेट की मंजूरी

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केंद्र सरकार ने 64 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन (8th Pay Commission) को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय तब लिया गया है, जब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 53 फीसदी तक बढ़ चुका है। लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इस राहत का इंतजार कर रहे थे, और अब सरकार ने यह फैसला लेकर उनका इंतजार खत्म किया है।

PunjabKesariकब से लागू हुआ था 7वां वेतन आयोग?
वेतन आयोग हर 10 साल में बदला जाता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है। वर्तमान में लागू 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, और इसके 10 साल दिसंबर 2025 में पूरे होंगे। हालांकि, सरकार ने इससे पहले ही आठवें वेतन आयोग के गठन का फैसला लिया है, जिससे कर्मचारियों को एक बड़ा फायदा मिलेगा।

सरकार का यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह एक अहम निर्णय है, क्योंकि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके वेतन में भी बढ़ोतरी की संभावना बनी है। यह फैसले से कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय स्थिति मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि, 2014 तक, भारत में लगभग 47 लाख (4.7 मिलियन) केंद्रीय सरकारी कर्मचारी थे, जिनमें 14 लाख (1.4 मिलियन) सशस्त्र बल कर्मी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 2010 तक, केंद्र और राज्य सरकारों के भीतर सभी स्तरों (समूह ए से डी) में लगभग 64 लाख (6.4 मिलियन) सरकारी कर्मचारी थे।

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वितरण इस प्रकार है:

मंत्रालय/विभाग कुल कर्मचारियों का प्रतिशत

  • रेलवे 43.02%
  • गृह मामले 25.95%
  • रक्षा (नागरिक) 12.16%
  • संचार और आईटी 7.01%
  • वित्त 3.37%
  • अन्य 8.49%

2011 के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों का राज्यवार वितरण इस प्रकार है:

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश कुल कर्मचारियों का प्रतिशत

  • उत्तर प्रदेश 9.31%
  • पश्चिम बंगाल 9.13%
  • महाराष्ट्र 8.89%
  • दिल्ली 6.54%
  • आंध्र प्रदेश 5.60%
  • तमिलनाडु 4.85%
  • मध्य प्रदेश 4.04%
  • अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 4% से कम

DHL के CEO ने बताया भारत में निवेश का रास्ता, अब बढ़ेगा व्यापार

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डीएचएल ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टोबियास मेयर ने हाल ही में भारत में अपने भविष्य के निवेश और व्यापार विस्तार योजनाओं पर प्रकाश डाला। वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार बताया और इस क्षेत्र में रणनीतिक निवेश को बनाए रखने की पुष्टि की।

टोबियास मेयर ने बताया कि भारत में डीएचएल के लिए निवेश का एक बड़ा हिस्सा वेयरहाउसिंग और वितरण नेटवर्क में किया गया है। कंपनी ने इस क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में करीब €200 मिलियन का निवेश किया है, जिसमें नई सुविधाएँ, हवाई बेड़े में सुधार और बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है। उन्होंने विशेष रूप से ब्लू डार्ट के बेड़े में दो नए विमान जोड़ने और दिल्ली में €20 मिलियन से अधिक के निवेश को महत्व दिया। इसके साथ ही दिल्ली क्षेत्र में एक और बड़ा हब खोलने की योजना है, जो 2025 के मध्य तक पूरा होने की संभावना है।

भारत में ई-कॉमर्स और वैश्विक व्यापार पर क्या असर होगा?

हालांकि डीएचएल भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र में चुनिंदा बाजारों पर ध्यान दे रहा है, लेकिन कंपनी का मुख्य ध्यान उच्च मूल्य वाले सामानों पर केंद्रित है, जिन्हें प्रीमियम सेवा की आवश्यकता होती है। ब्लू डार्ट के माध्यम से डीएचएल भारतीय घरेलू बाजार में मजबूत स्थिति बनाए हुए है, हालांकि ई-कॉमर्स सेगमेंट में उनका हिस्सा अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम है।

टोबियास मेयर ने बताया कि वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक मुद्दों का गहरा प्रभाव पड़ा है। चीन-अमेरिका व्यापार मार्ग में सिकुड़न और यूरोप में मंदी के बावजूद, डीएचएल ने उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है जहां व्यापार वृद्धि की संभावना है, जैसे विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाएँ। इसके साथ ही, डीएचएल भारतीय रेलवे माल ढुलाई में भी रुचि दिखा रहा है, जो मल्टीमॉडल परिवहन और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है।

भारत में आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाएँ कैसी हैं?

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर टोबियास मेयर का कहना था कि यहाँ के बाजार की मजबूती घरेलू खपत से जुड़ी हुई है, जो इसे वैश्विक आर्थिक संकट से बचाती है। डीएचएल ने भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी के प्रभाव को नकारते हुए यहाँ के बाजार में भविष्य में वृद्धि की उम्मीद जताई।

क्या साझेदारी और संयुक्त उद्यम के अवसर का मौका बनेगा? 

डीएचएल भारत में अपने साझेदारों के साथ साझेदारी के लिए तैयार है और भारत में ब्लू डार्ट एविएशन के साथ पहले से एक अच्छा सेटअप है। मेयर ने स्पष्ट किया कि डीएचएल वैश्विक मेल नेटवर्क में भागीदारों के साथ काम करता है और भारतीय वाहक के साथ भी सहयोग करने की संभावना पर विचार कर रहा है।

डीएचएल का भारत में निवेश और विकास की रणनीति स्पष्ट है – उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं का विस्तार, ई-कॉमर्स के चुनिंदा क्षेत्रों में निवेश, और वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बावजूद यहाँ के बाजार को प्राथमिकता देना। आने वाले वर्षों में डीएचएल की भारतीय बाजार में स्थिति और भी मजबूत होने की संभावना है।

महाकुंभ में बाबा बनकर घूम रहे ढोंगी को साधुओं ने पकड़ा, कपड़े उतारकर जांच करी तो निकला मुसलमान

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में लाखों लोग आ रहे हैं और संगम में स्नान कर रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ साधु एक शख्स को पकड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह शख्स काले कपड़े पहनकर बाबा बनकर घूम रहा था और वह दूसरे धर्म का था।

वायरल वीडियो में क्या है?

वीडियो में एक शख्स को बाबाओं जैसे कपड़े पहनकर साधुओं द्वारा पकड़ा गया है। उसे घेरकर साधु उसे थप्पड़ भी मारने लगे। बाद में एक अन्य साधु ने बीच-बचाव किया और उससे पूछताछ करने लगा। पूछताछ के दौरान उस शख्स ने माना कि वह साधु नहीं है, बल्कि साधु बनकर लोगों को ठग रहा था। इसके बाद साधुओं ने उसकी चेकिंग की और पाया कि वह मुसलमान था। उस शख्स ने बताया कि वह अपने परिवार को पालने के लिए यह काम कर रहा था और लोगों से पैसे ऐंठता था।

इस वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट ‘prayagrajhub01’ पर शेयर किया गया है। अब तक इस वीडियो को डेढ़ लाख से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं और 43 लाख से अधिक लोग इसे देख चुके हैं।

लोगों ने किए कमेंट्स

एक यूजर ने लिखा कि इस तरह के ढोंगी कुंभ में बहुत होते हैं। दूसरे ने लिखा कि इस महाकुंभ में कितने ढोंगी बाबा आए होंगे, कुछ ने कहा कि हमें इनसे बचकर रहना चाहिए और अगर कुछ नहीं है तो उनसे मांगने से कोई हर्ज नहीं है।

खून से लथपथ सैफ को कार नहीं ऑटाे से ले जाया गया अस्पताल

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर उनके घर के अंदर एक लुटेरे ने चाकू से हमला किया था, जिसके बाद उन्हें लीलावती अस्पताल पहुंचाया गया।  रिपोर्ट्स के मुताबिक सैफ के  बड़े बेटे इब्राहिम उन्हें कार में नहीं बल्कि ऑटोरिक्शा में अस्पताल लेकर गए। अगर वह कार या एंबुलेंस का इंतजार करते तो बहुत देर हो सकती थी।

PunjabKesariसैफ पर कथित तौर पर एक हमलावर ने 2.5 इंच के चाकू से हमला किया, जो उनके सबसे छोटे बेटे जेह के कमरे से बांद्रा स्थित उनके घर में घुसा था। खबरों के मुताबिक घटना के वक्त घर पर कोई ड्राइवर मौजूद नहीं था,ऐसे में  इब्राहिम अली खान ने वक्त बर्बाद ना करने हुए अपने पिता को ऑटो रिक्शा में बिठाकर लीलावती अस्पताल ले गए। ये अस्पताल सैफ के घर से करीब दो किलोमीटर की ही दूरी पर है।

PunjabKesariइस घटना के बाद का एक  वीडियो भी सामने आया है, जिसमें करीना कुछ लोगों से बात करती दिख रही हैं।  इस वीडियो में भी करीना के पीछे एक ऑटो रिक्शा नजर आ रहा है, हो सकता है कि इब्राहिम सैफ को इसी ऑटो रिक्शा में बैठाकर हॉस्पिटल ले गए हों।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके घाव से 2.5 इंच का चाकू निकाला। सर्जरी के बाद अभिनेता को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है और बताया जा रहा है कि वह खतरे से बाहर हैं।

गुरुवार की सुबह चोर से लड़ने की कोशिश में अभिनेता पर कई बार चाकू से वार किया गया। अभिनेता को चाकू से छह घाव हुए, जिनमें से दो गंभीर बताए जा रहे हैं क्योंकि वे उनकी रीढ़ के करीब हैं। यह घटना सुबह 2:15 बजे हुई जब चोर कथित तौर पर उनके बांद्रा स्थित घर में घुस आया और उनके घरेलू सहायक पर हमला किया और फिर जब सैफ ने बीच-बचाव किया तो उसने उन पर हमला कर दिया।

Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में सफल रही Skoda Kylaq, मिली 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग

भारतीय बाजार में Skoda अपनी बेहतरीन और सुरक्षित एसयूवी के लिए मशहूर है। हाल ही में Skoda Kylaq को Bharat NCAP द्वारा किए गए क्रैश टेस्ट में 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह एसयूवी वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के मामले में बेहतरीन साबित हुई है।

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Skoda Kylaq का हुआ क्रैश टेस्ट

Skoda ने अपनी कॉम्पैक्ट एसयूवी Kylaq को जनवरी 2025 में BNCAP के क्रैश टेस्ट के लिए पेश किया। इस टेस्ट के दौरान इसे वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से परखा गया। BNCAP द्वारा किए गए क्रैश टेस्ट में Skoda Kylaq को 5 स्टार सुरक्षा रेटिंग मिली है। यह रेटिंग इसे अपनी श्रेणी की सबसे सुरक्षित एसयूवी में से एक बनाती है।

कैसी रही परफॉर्मेंस

क्रैश टेस्ट में वयस्कों की सुरक्षा के लिए एसयूवी को 32 में से 30.88 अंक मिले, जो 97 फीसदी है। वहीं बच्चों की सुरक्षा में 49 में से 45 अंक मिले, जो 92 फीसदी है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद इसे दोनों श्रेणियों में 5 स्टार रेटिंग मिली है।सेफ्टी फीचर्स

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Skoda Kylaq में 25 से ज्‍यादा एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें छह एयरबैग, ब्रेक डिस्‍क वाइपिंग, ईएससी, ट्रैक्‍शन कंट्रोल सिस्‍टम, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक, मल्‍टी कॉलिजन ब्रेक जैसे फीचर्स शामिल हैं।

महाकुंभ 2025 का जादू ! 10 देशों से पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय दल ने पवित्र संगम में लगाई डुबकी

प्रयागराज (Prayagraj) में आयोजित महाकुंभ 2025 ( Mahakumbh 2025)का भव्य और दिव्य आयोजन पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को 10 देशों से आए 21 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल (International Delegation) ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। यह दल बुधवार, 15 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 3 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचा। यहां से उन्हें महाकुंभ मेला क्षेत्र ले जाया गया। उनके ठहरने की व्यवस्था अरैल क्षेत्र स्थित भव्य टेंट सिटी में की गई है, जिसे उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा निर्मित किया गया है।

महाकुंभ मेला क्षेत्र में भ्रमण करते हुए इन अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं ने प्रयागराज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का अनुभव किया। श्रद्धालुओं को टेंट सिटी में रात के खाने और विश्राम के लिए विशेष व्यवस्थाएं दी गईं। इन मेहमानों की सुरक्षा के लिए विशेष बलों की तैनाती भी की गई। 16 जनवरी 2025 को सुबह 8 बजे इस अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्यों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद नाश्ते के पश्चात सुबह 9:30 बजे दल के सदस्यों को हेलीकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र का हवाई अवलोकन कराया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे समाप्त हुआ, जिसके बाद दल के सदस्य एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए।

इस दल में फिजी, फिनलैंड, गयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधि शामिल थे। महाकुंभ मेला 2025 का यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है। यह आयोजन दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों और Pensioners के लिए बड़ी खबर, केंद्र सरकार ने लिया यह फैसला

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मोदी सरकार ने वीरवार को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा दिया। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।

जानकारी के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8वें वेतन आयोग के गठन का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और इसकी सिफारिशें एक जनवरी, 2016 से लागू हुई थीं। 2025 में नए वेतन आयोग के गठन से यह सुनिश्चित होगा कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा होने से पहले इसकी सिफारिशें प्राप्त हो जाएं।

वैष्णव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों और अन्य पक्षों के साथ परामर्श किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इस कदम से रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों सहित केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मियों और 65 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा।

7वें वेतन आयोग के तहत वित्त वर्ष 2016-17 में खर्च में एक लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं इस बार 8वें वेतन आयोग के लिए 2.86 के हाई फिटमैंट फैक्टर (सैलरी बढ़ाने के लिए किया जाने वाला कैलकुलेशन) की सिफारिश की जा सकती है। इस घोषणा ने सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरे पर खुशी ला दी है।

गिरिडीह में दर्दनाक सड़क हादसा, अज्ञात वाहन ने वैन को मारी जबरदस्त टक्कर……3 की मौत

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झारखंड के गिरिडीह जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है।

मेले से आइसक्रीम बेचकर जा रहे थे घर

घटना गिरिडीह-डुमरी पथ पर चैनपुर की है। मृतकों की पहचान 53 वर्षीय देवचंद साव, 16 वर्षीय थानू कुमार तथा 38 वर्षीय घनश्याम साव के रूप में हुई हैं। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि तीनों मृतक बुधवार देर रात 1 बजे मेले में आइसक्रीम बेच कर वैन में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने वैन को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे भी उड़ गए।

हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। वहीं शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इधर इस हादसे के बाद परिवार सदमे में है।

खजूर से बनी स्वादिष्ट डिशेज, जो सर्दियों में रखें आपको सेहतमंद

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सर्दियों का मौसम आते ही हमारी सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में खजूर एक ऐसी सुपरफूड है, जो न केवल शरीर को गर्मी प्रदान करता है, बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। खजूर से बनी डिशेज को सर्दियों में बनाकर स्टोर किया जा सकता है और ये पोषण से भरपूर होती हैं। यहां हम आपके लिए खजूर से बनने वाली दो शानदार रेसिपी लेकर आए हैं, जिन्हें आप आसानी से घर पर बना सकते हैं।

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1. खजूर के लड्डू

खजूर के लड्डू एक पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई है, जो सर्दियों के लिए परफेक्ट है। यह ऊर्जा से भरपूर होता है और ठंड के दिनों में शरीर को ताकत देता है।

सामग्री 

खजूर (बीज निकाला हुआ) – 1 कप

बादाम – 1/4 कप

काजू – 1/4 कप

पिस्ता – 2 बड़े चम्मच

नारियल का बुरादा – 2 बड़े चम्मच

घी – 1 बड़ा चम्मच

इलायची पाउडर – 1 चुटकी

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विधि

एक पैन में घी गर्म करें और इसमें बादाम, काजू और पिस्ता को हल्का भून लें। खजूर को छोटे टुकड़ों में काटकर ब्लेंडर में पीस लें। अब पैन में पिसे हुए खजूर और भुने हुए मेवे डालें और अच्छी तरह से मिलाएं।
इसमें नारियल का बुरादा और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करें। मिक्सचर को ठंडा होने दें और छोटे-छोटे लड्डू बना लें। लड्डुओं को एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। ये लड्डू एक महीने तक अच्छे रहते हैं।

2. खजूर की चटनी

खजूर की चटनी सर्दियों में खाने का मजा दोगुना कर देती है। यह मीठा और खट्टा स्वाद प्रदान करती है और पराठा या स्नैक्स के साथ परफेक्ट लगती है।

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सामग्री

खजूर (बीज निकाला हुआ) – 1 कप

इमली का गूदा – 2 बड़े चम्मच

गुड़ – 1 बड़ा चम्मच

जीरा पाउडर – 1 चम्मच

काला नमक – 1/2 चम्मच

लाल मिर्च पाउडर – 1/2 चम्मच

पानी – 1/2 कप

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विधि

खजूर को पानी में 10 मिनट के लिए भिगो दें। इमली का गूदा तैयार कर लें और खजूर के साथ मिक्सी में पीस लें। अब एक पैन में इस मिश्रण को डालें और धीमी आंच पर पकाएं। इसमें गुड़, जीरा पाउडर, काला नमक और लाल मिर्च पाउडर डालकर 5-7 मिनट तक पकाएं। चटनी को ठंडा करें और कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में स्टोर करें। यह चटनी 2-3 सप्ताह तक खराब नहीं होती।

सेहत के फायदे

खजूर आयरन और पोटैशियम से भरपूर होता है, जो एनर्जी लेवल को बनाए रखता है। यह फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो पाचन को बेहतर बनाता है। खजूर से बनी ये दोनों रेसिपी ठंड के दिनों में शरीर को गर्मी और ताकत प्रदान करती हैं। तो इस सर्दी, इन दो डिशेज को जरूर ट्राई करें और अपनी सेहत का ख्याल रखें।

Kidney खराब होने की पहली निशानी, लापरवाही खतरे में डाल सकती जान

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किडनी फेलियर (Kidney Failure) और किडनी इंफैक्शन (Kidney Infection) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। किडनी में बढ़ते इंफेक्शन और फेलियर के मामले की वजह खान-पान खराब होना, प्रदूषण और बिगड़ा लाइफस्टाइल ही हैं। जो लोग हाई ब्लड प्रैशर, शुगर के मरीज हैं या ज्यादा दवाइयों का सेवन करते हैं उन्हें किडनी डैमेज का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं घंटों यूरिन को रोके रखने से भी कि़डनी को नुकसान पहुंचता है। अब यहां तक सवाल ये है कि हम अपनी किडनी को स्वस्थ कैसे रखें तो चलिए आपको किडनी हैल्थ के बारे में बताते हैं। आसान स्टेप में बताए तो किडनी को हैल्दी रखना है तो पानी ज्यादा पीएं जो भी खाएं हैल्दी खाए, शराब का सेवन करने से बचे और फिजिकल एक्टिविटी जरूर बनाए रखें। अगर आपको पहले से ही किडनी संबंधी समस्या है तो आपको डाक्टरी सलाह लेनी बहुत जरूरी है।

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किडनी खराब होने के पहले संकेत| Kidney Damage First Signs

आमतौर पर आपको किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षण बहुत कम दिखते हैं। जब आपको लक्षण दिखने लगते हैं तो सबसे पहले कुछ गड़बड़ होने का संकेत आपके हाथों और पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली या बार-बार पेशाब आने से हो सकती है।

बार-बार पेशाब आना: किडनी की समस्याओं के शुरुआती लक्षणों में बार-बार पेशाब आना एक मुख्य लक्षण है। मरीज को ये परेशानी ज्यादातक रात में ही होती हैं।
कम पेशाब आना: दूसरी ओर कुछ लोगों को यूरिन बहुत कम आता है, जिसका सीधा संबंध किडनी की समस्या से होता है।

इसके अलावा ज्यादा थकान महसूस होना, सिर दर्द, कमर की पसलियों के नीचे के हिस्से में दर्द, भूख कम लगना या ब्लड प्रैशर बढ़ना ये भी किडनी डैमेज के प्रमुख लक्षणों में से एक हो सकता है।

क्या हैल्दी फूड खाने से किडनी की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है? Healthy Foods for Your Kidneys

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या एक बार किडनी डैमेज हो जाए तो हैल्दी लाइफस्टाइल अपना कर और हैल्दी खाना खाकर इसे ठीक किया जा सकता है तो बता दें कि किडनी की देखभाल के लिए स्वस्थ आहार आवश्यक है लेकिन एक बार किडनी डैमेज होने के बाद इसे ठीक नहीं किया जा सकता हालांकि यह किडनी की बीमारी की प्रगति को धीमा कर देता है। इसके लिए ज्यादा स्टीक जानकारी आपको किडनी स्पैशलिस्ट से ही मिलेगी।  किडनी डैमेज होने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट ही सबसे बेस्ट इलाज में शामिल रहता हैलेकिन इसमें बड़ी सर्जरी और जीवन भर दवाइयां (इम्यूनोसप्रेसेंट्स) लेना शामिल है। लगभग 90% प्रत्यारोपण कम से कम 5 वर्षों तक चलते हैं।

कुछ दवाइयों का ज्यादा सेवन खराब कर सकता है किडनी?

कुछ दवाइयों का ज्यादा सेवन करने से भी किडनी खराब हो सकती है।अगर आप एस्पिरिन, नेप्रोक्सन और इबुप्रोफेन जैसी ओवर-द-काउंटर दवाइयों का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो आपकी किडनी खराब हो सकती है।  बात किए बिना रोजाना या नियमित रूप में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इनके सेवन से पहले डाक्टरी सलाह जरूर लें।

क्या ज़्यादा पानी पीने से किडनी स्टोन से बचा जा सकता है?

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पथरी बनाने वाले पदार्थों को पतला करके, उन्हें किडनी से बाहर निकाल कर किडनी स्टोन को रोकने में मदद मिल सकती है।

क्या किडनी की सभी बीमारियों से बचा जा सकता है?

किडनी की सभी बीमारियों को रोका नहीं जा सकता लेकिन स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रैशर को कंट्रोल में रखकर किडनी की समस्याओं का खतरा काफी कम हो सकता है।

क्यों है किडनी की देखभाल ज़रूरी ? Kidney Health Care

अपशिष्ट बाहर निकालना: किडनी खून से बेकार चीजों, विषैले पदार्थों और अतिरिक्त चीजों को छांटकर शरीर से बाहर निकालती है।

फ्लूइड संतुलन: किडनी हमारे खून में पानी और जरूरी मिनरल्स जैसे पोटैशियम, सोडियम और कैल्शियम का सही संतुलन बनाए रखती है, ताकि शरीर में फ्लूइड्स सही मात्रा में रहें।

एसिड-बेस संतुलन: किडनी शरीर के एसिड और बेस का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है, जिसे हम PH संतुलन भी कहते हैं।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल: किडनी एक हार्मोन बनाती है जिसे रेनिन कहते हैं, जो हमारे रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

रेड ब्लड सेल्स का निर्माण: किडनी एक और हार्मोन बनाती है जिसे एरिथ्रोपोइटीन कहा जाता है। यह हार्मोन हमारी हड्डियों के अंदर रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है।

विटामिन D: किडनी विटामिन D को एक्टिव करती है, जो हमारी हड्डियों और कैल्शियम के सही स्तर को बनाए रखने में जरूरी होता है।

खून का फिल्ट्रेशन: किडनी हर दिन लगभग 120-150 लीटर खून छानती है, ताकि बेकार चीजों को बाहर निकाला जा सके और खून की गुणवत्ता अच्छी बनी रहे।

इस तरह किडनी हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कई जरूरी काम करती है।

किडनी से जुड़ी समस्याएं (Kidney Se Judi Problems )

किडनी से जुड़ी बहुत सारी समस्याएं हो सकती है। जैसेः
किडनी में स्टोन होना।
किडनी का कैंसर
यूरिनरी ट्रैक्ट में संक्रमण (यूटीआई)
किडनी में संक्रमण (पायलोनेफ्राइटिस)
क्रोनिक किडनी डिसीज़ (CKD)
एक्यूट किडनी इंजरी (AKI)
ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस
पॉलीसिस्टिक किडनी डिसीज़ (PKD)
नेफ्रोटिक सिंड्रोम
रीनल आर्टरी स्टेनोसिस

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किडनी को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाने के टिप्स (Kidney Ko Healthy Kaise Rakhe )
ज्यादा पानी पीएं हाइड्रेट रहे

किडनी हैल्दी रखनी है तो पानी ज्यादा पीएं। इससे शरीर में से सारे टॉक्सिंस यूरिन के रास्ते बाहर निकलते जाएंगे। इससे किडनी स्टोन बनने का खतरा भी कम रहेगा। रोज़ाना 8-10 गिलास पानी पीना किडनी के फंक्शन के लिए उपयुक्त होता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें

उच्च ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारियों का मुख्य कारण है। अपने ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से जांचते रहें और इसे कंट्रोल में रखने के लिए कम सोडियम वाला खाना खाएं, एक्सरसाइज करें, तनाव को कम करें और अगर जरूरत हो तो दवाएं लें। किसी भी परेशानी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

ब्लड शुगर को मॉनिटर करें

अगर आपको डायबिटीज है तो ब्लड शुगर का स्तर जांचना और उसे कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। अनियंत्रित डायबिटीज समय के साथ किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टर की सलाह से दवाएं, डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करें ताकि किडनी को बचाया जा सके।

स्वस्थ आहार अपनाएं

किडनी की अच्छी देखभाल के लिए संतुलित और पोषक आहार बहुत जरूरी है। फलों, सब्जियों, होल ग्रेन, लीन प्रोटीन और अच्छे फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक वाले स्नैक्स, शुगर ड्रिंक्स और ज्यादा रेड मीट से बचना चाहिए क्योंकि ये किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

नमक का सेवन कम करें

ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जो किडनी की बीमारियों का एक बड़ा कारण है। इसलिए प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से परहेज करना चाहिए क्योंकि उनमें अक्सर ज्यादा सोडियम होता है, जो किडनी के लिए हानिकारक हो सकता है।

धूम्रपान और ज्यादा शराब से बचें

किडनी की समस्याओं का एक बड़ा कारण धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन है। धूम्रपान किडनी में खून का प्रवाह कम कर देता है और उनकी कार्यक्षमता को कमजोर कर देता है। इसी तरह, ज्यादा शराब पीने से डिहाइड्रेशन होता है, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

नियमित व्यायाम करें

नियमित शारीरिक गतिविधि आपकी सेहत और किडनी दोनों के लिए फायदेमंद है। व्यायाम से मधुमेह, ब्लड प्रेशर और एनीमिया जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है, जो किडनी को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, यह ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और वज़न को भी सही रखता है।

स्ट्रैस ना लें

किडनी की सेहत के लिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। ज्यादा तनाव आपकी किडनी और पूरे शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। ध्यान, पसंदीदा गतिविधियों में शामिल होना, दोस्तों से मिलना या जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल की मदद लेना तनाव को मैनेज करने के अच्छे तरीके हैं।

विशेषज्ञ की सलाह

अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तो रजिस्टर्ड डाइटीशियन या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लें। वे आपकी चिकित्सा आवश्यकताओं के हिसाब से डाइट प्लान तैयार कर सकते हैं। अगर आपकी किडनी की समस्या गंभीर है, तो आपका डॉक्टर आपको नेफ्रोलॉजिस्ट के पास भेज सकता है।

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किडनी स्वास्थय के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा कौन सी है? (Kidney Ke Liye AyurVedic Medicine) 

किडनी की सेहत को बेहतर बनाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और दवाएं बेहद प्रभावी हो सकती हैं। यहां कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और दवाओं के बारे में जानकारी दी गई है जो किडनी की समस्याओं में उपयोगी मानी जाती हैं:

गिलोय: गिलोय का इस्तेमाल आमतौर पर बुखार, डेंगू, और गठिया जैसी बीमारियों में किया जाता है, लेकिन यह किडनी के लिए भी लाभकारी है। गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो किडनी की कार्यक्षमता को सुधार सकते हैं। इसे क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) में भी उपयोगी माना जाता है।

पुनर्नवा: पुनर्नवा किडनी के लिए एक प्रभावी जड़ी-बूटी मानी जाती है। इसमें डाइयुरेटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और किडनी की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह किडनी की समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार हो सकती है।

चंदन: आयुर्वेद में चंदन का उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है, और यह किडनी के लिए भी लाभदायक है। इसका सेवन करने से किडनी की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है और किडनी की बीमारियों से राहत मिल सकती है।

गोक्षुरा (गोखरू): गोक्षुरा का किडनी के रोगों में विशेष महत्व होता है। यह किडनी स्टोन, यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक है। इसके सेवन से किडनी स्टोन के खतरे को कम किया जा सकता है और क्रोनिक किडनी रोग में आराम मिल सकता है।

वरुण: वरुण जड़ी-बूटी का उपयोग किडनी की बीमारियों के इलाज में प्रभावी माना जाता है। इसका पाउडर या जूस किडनी स्टोन और क्रोनिक किडनी रोग में फायदेमंद हो सकता है। इसे नियमित रूप से लेने से किडनी की सेहत में सुधार आ सकता है।

हालांकि, इन सभी जड़ी-बूटियों का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें, ताकि ये आपके शरीर के लिए सुरक्षित और उपयुक्त हों।

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