Tuesday, April 7, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘बॉर्डर 2’ से 5 साल बाद कमबैक कर रहे अहान, बेटे के स्ट्रगल को याद कर इमोशनल हुए सुनील शेट्टी, बोले- बहुत झेला…

सुनील शेट्टी के लाडले बेटे अहान शेट्टी बॉर्डर 2 में दिखाई देने वाले हैं. अहान के करियर में ये फिल्म गेम चेंजर साबित हो सकती है. बीते दिन हुए फिल्म के एक इवेंट में सुनील शेट्टी ने बताया कि उनके बेटे की पहली फिल्म फ्लॉप हुई थी, जिसका उनपर बुरा असर पड़ा था.

‘बॉर्डर 2’ जल्द ही सिनमाघरों में रिलीज होने जा रही है. ये फिल्म साल 1997 की आई ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है. ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी लीड रोल में दिखाई देंगे. फिल्म रिलीज से पहले एक-एक करके इसके गाने रिलीज किए जा रहे हैं. 12 जनवरी को फिल्म का एक और गाना ‘जाते हुए लम्हों’ रिलीज हुआ है. इस दौरान बेटे अहान के करियर के बारे में बात करते हुए सुनील शेट्टी इमोशनल होते दिखे.

सुनील शेट्टी ने बताया कि डेब्यू फिल्म फ्लॉप होने पर उनके बेटे अहान ने काफी मुश्किल वक्त देखा. एक्टर ने कहा कि स्टारकिड्स की जर्नी भी बहुत चैलेंजिंग होती है. दरअसल, लोगों को लगता है कि एक्टर्स के बच्चों के लिए इंडस्ट्री में एंट्री लेना आसान होता है. इस धारणा पर बात करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि उनके बेटे अहान की पहली फिल्म के बाद उनके करियर पर ब्रेक लग गया था, जिससे पूरे परिवार पर बुरा असर पड़ा. उस वक्त के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- अहान की पहली फिल्म के बाद, एक छोटा सा ब्रेक आया. आप जानते हैं, हमारे जीवन में हमेशा उथल-पुथल मची रहती है.

सुनील शेट्टी ने कहा कि आप चाहें किसी भी बैकग्राउंड से आते हो पर कामयाबी ऑटोमेटिकली नहीं मिलती. एक्टर बोले- हर कोई सोचता है कि हां, सुनील शेट्टी का बेटा है तो उसे बहुत सारा काम मिला होगा. लेकिन कहीं न कहीं, अहान ने अपनी जिंदगी में बहुत सी चीजों का सामना किया है. सुनील शेट्टी ने माना कि उन्होंने अपने बेटे को निराशा और अनिश्चितता के दौर से गुजरते देखा है. ये वक्त उनके परिवार के लिए धैर्य और विश्वास की परीक्षा भी बन गया था.

‘बॉर्डर 2’ के मेकर्स का शुक्रिया अदा करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि वो उनके काफी शुक्रगुजार हैं कि अहान को उनके करियर के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर इतने बड़े स्तर की फिल्म मिली. इसे सही समय पर सही अवसर बताते हुए उन्होंने आगे कहा- मैं बहुत खुश हूं कि अहान को ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्म मिली, उसके लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था. मैं बस यही प्रार्थना करता हूं कि उसने (अपने किरदार के साथ) न्याय किया हो और यह फिल्म हम सभी के लिए सफल साबित हो.

सुनील ने उन वैल्यूज के बारे में भी बात की जिन्हें उन्होंने लगातार अपने बेटे को सिखाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा- मैंने अहान से केवल एक ही बात कही थी कि तुम जो भी करो, उसे अपने पूरे दिल से करो.अहान शेट्टी की बात करें तो उन्होंने साल 2021 में फिल्म ‘तड़प’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई थी. इसी के बाद उनके करियर में ब्रेक आया जिसका जिक्र सुनील शेट्टी ने किया है. अहान अब बॉर्डर 2 में दिखने वाले हैं. देखना दिलचस्प होगा कि इस फिल्म से उनके करियर को कितनी उड़ान मिलती है.

NATIONAL : 5 महीने की गर्भवती हुई तो परिजनों को पता चला गैंगरेप, दोषी को मरते दम तक आजीवन कारावास

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अलवर के राजगढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में पॉस्को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. दोषी आरोपी को मरते दम तक आजीवन कारावास और साढ़े पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई है. दूसरा आरोपी फरार है. पीड़िता पांच महीने की गर्भवती होने पर मामला सामने आया था.

अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आए एक बेहद शर्मनाक गैंगरेप मामले में पॉस्को कोर्ट ने सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने नाबालिग बालिका से गैंगरेप करने के दोषी एक आरोपी को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर साढ़े पांच लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है.

यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता पांच महीने की गर्भवती हो गई. इसके बाद परिजनों को गैंगरेप की जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. जांच में सामने आया कि गांव के ही दो युवकों ने नाबालिग को डरा धमकाकर उसके साथ गैंगरेप किया और उसका अश्लील वीडियो भी बनाया. आरोपियों ने वीडियो के जरिए पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया.

विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट पंकज यादव ने बताया कि 9 मार्च 2024 को पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को दो युवक बहला फुसलाकर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया.

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से गवाह और दस्तावेज पेश किए गए. आरोप साबित होने पर पॉस्को कोर्ट नंबर दो ने दोषी आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने पीड़िता को दो लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने की भी अनुशंसा की है. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

RAJASTHAN : हाथापाई के दौरान एक शख्स के शॉल से गिरा ‘टाइम बम’, आबादी से दूर झील के बीच लेकर पहुंची पुलिस

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राजस्थान के अलवर में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक रिहायशी इलाके में टाइमर लगी हुई ‘बम’ जैसी संदिग्ध वस्तु मिली. पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए इस संदिग्ध वस्तु को शहर से दूर जयसमंद बांध के पास सुरक्षित स्थान पर रखवाया है.अलवर के विवेकानंद नगर स्थित सेक्टर-4 में सोमवार सुबह एक घर के बाहर बमनुमा संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया. खास बात यह है कि इस वस्तु में एक टाइमर चल रहा था, जिसे देखते ही पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को खाली करा लिया और संदिग्ध वस्तु को शहर से दूर जयसमंद बांध के निर्जन इलाके में ले जाया गया.

घटना की पृष्ठभूमि बेहद चौंकाने वाली है. दरअसल स्थानीय निवासी बाबू सिंह के अनुसार, सुबह एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति उनके घर के पास आया था. बाबू सिंह और उनकी पत्नी के साथ उस व्यक्ति की हाथापाई हुई. संघर्ष के दौरान संदिग्ध व्यक्ति की शॉल में से यह बमनुमा वस्तु नीचे गिर गई, जिसके बाद वह व्यक्ति मौके से फरार हो गया.सूचना मिलते ही अरावली विहार थाना पुलिस और सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह मौके पर पहुंचे. वस्तु के दोनों तरफ ज्वलनशील पदार्थ जैसा कुछ भरा हुआ था और टाइमर लगातार चल रहा था.

किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस इस वस्तु को तुरंत जयसमंद बांध लेकर पहुंची और उसे झील के बीच खाली जमीन पर रखवाया गया है. जयसमंद झील के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि आम नागरिक वहां न पहुंच सकें.मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एटीएस (ATS) और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है. पुलिस फरार हुए संदिग्ध व्यक्ति की पहचान के लिए विवेकानंद नगर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है. जब तक विशेषज्ञ टीम वस्तु को डिफ्यूज नहीं कर देती, तब तक पुलिस बल उस पर कड़ी नजर रख रहा है.

NATIONAL : अधिकारी के पेड़ से अमरूद तोड़कर खाने पर सिपाही को नोटिस, जवाब ऐसा कि ‘साहब’ भी चुप हो गए

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लखनऊ एसडीआरएफ में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां पहरा ड्यूटी के दौरान अमरूद खाने पर सिपाही से स्पष्टीकरण मांगा गया. सिपाही ने जवाब में बताया कि पेट दर्द था, छुट्टी बंद थी और यूट्यूब पर अमरूद को घरेलू इलाज बताया गया था. मामला अनुशासनहीनता बताया गया, लेकिन जवाब के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.

आमतौर पर जब एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) का नाम सामने आता है तो आंखों के सामने बाढ़, भूकंप, हादसे और जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाते जवानों की तस्वीर उभरती है. लेकिन लखनऊ स्थित एसडीआरएफ की पहली बटालियन इन दिनों किसी बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से नहीं, बल्कि एक अमरूद की वजह से चर्चा में है. जी हां, यहां एक सिपाही को सिर्फ इसलिए स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया, क्योंकि उसने ड्यूटी के दौरान अपने बॉस के घर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया. विभाग ने इसे अनुशासनहीनता कहा जबकि सिपाही ने इसका जवाब दे दिया है.अब यही अमरूद पूरे महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है.

मामला जनवरी के पहले सप्ताह का है. लखनऊ स्थित एसडीआरएफ दफ्तर परिसर में बने कमांडेंट आवास पर उस दिन एक सिपाही की पहरा ड्यूटी लगी थी. परिसर में एक अमरूद का पेड़ भी लगा है.सर्दी का मौसम था, ड्यूटी लंबी थी और इसी दौरान सिपाही ने पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया. बस यहीं से शुरू हो गया एक ऐसा मामला, जो फाइलों से निकलकर चर्चाओं तक पहुंच गया. बताया जा रहा है कि किसी अधिकारी की नजर इस पर पड़ गई. मामला ऊपर तक पहुंचा और तय किया गया कि ड्यूटी के दौरान इस तरह फल तोड़कर खाना अनुशासन के खिलाफ है. इसके बाद लखनऊ एसडीआरएफ की पहली बटालियन में तैनात सूबेदार सैन्य नायक की ओर से सिपाही को बाकायदा लिखित स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया.

नोटिस मिलने के बाद सिपाही खुद भी असमंजस में पड़ गया. आमतौर पर इस तरह के नोटिस गंभीर मामलों जैसे ड्यूटी से अनुपस्थित रहना, आदेशों की अवहेलना या किसी अनुशासनहीनता में दिया जाता है. लेकिन यहां मामला सिर्फ अमरूद खाने का था. इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी की गई और सिपाही से पूछा गया कि उसने ड्यूटी के दौरान ऐसा क्यों किया.

इस केस का सबसे रोचक हिस्सा होता है सिपाही का जवाब. सिपाही ने जो स्पष्टीकरण दिया, वह न सिर्फ सीधा-सादा था, बल्कि मानवीय भी. उसने अपने जवाब में लिखा कि उस दिन उसे तेज पेट दर्द हो रहा था. छुट्टियां बंद थीं, इसलिए वह मेडिकल अवकाश नहीं ले सकता था. ड्यूटी छोड़कर जाना भी संभव नहीं था. दर्द से राहत पाने के लिए उसने मोबाइल पर यूट्यूब देखा. वहां उसे जानकारी मिली कि अमरूद खाने से पेट दर्द में आराम मिल सकता है. बस इसी घरेलू नुस्खे पर भरोसा करके उसने परिसर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया. सिपाही ने यह भी साफ किया कि उसका किसी भी तरह से अनुशासन तोड़ने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. अपने जवाब के आखिर में उसने बेहद विनम्र शब्दों में माफी भी मांगी और अनुरोध किया कि उसकी मजबूरी को समझते हुए उसे क्षमा कर दिया जाए.

सिपाही का जवाब जब अधिकारियों के सामने पहुंचा तो वे भी कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए. एक तरफ नियम-कानून और अनुशासन की किताब थी, तो दूसरी तरफ एक जवान की मजबूरी और ईमानदार स्वीकारोक्ति. बताया जा रहा है कि इस जवाब पर वरिष्ठ स्तर पर चर्चा हुई और आखिरकार यह तय किया गया कि मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, सिपाही को सख्त चेतावनी दी गई और भविष्य में ड्यूटी के दौरान इस तरह की गलती न दोहराने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया .यानी अमरूद के इस मामले में सिपाही को अंततः राहत मिल गई.

NATIONAL : ‘अंजलि गाड़ी के नीचे आ गई, अशिका पंखे से झूल गई…अब बचा है तो बस उधार और 36 लाख का इंतजार, कंझावला केस के तीन साल

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अंजलि के बाद दूसरी बेटी अशिका भी चली गई. इसी पंखे, जिसके नीचे हम बैठे हैं, यहीं उसने फांसी लगा ली. रात सोओ, तो फंदे पर झूलता उसका शरीर याद आता है. गोली खाती हूं, तब जाकर सो पाती हूं. लोगों के लिए नया साल खुशियां लाता है, हमारे तो पुराने जख्म उधेड़ जाता है.1 जनवरी 2023! नया साल मनाकर थके हुए लोग जब सो रहे थे, तभी कंझावला की सड़कों पर एक लड़की कार के पहियों के नीचे घसीटी जा रही थी. एक किलोमीटर. दो किलोमीटर. 13 किलोमीटर. घर से नई गुलाबी जैकेट पहनकर निकली ये लड़की मांस का लोथ बनने तक सड़क पर लिथड़ती रही.

तीन साल में दुनिया में कई बादशाहतें बदल गईं. कई नक्शे बदलने को हैं. खुद दिल्ली में कई इमारतें उग आईं, तो कई जंगल गायब हो गए. लेकिन कंझावला केस के पीड़ित वहीं अटके हैं. घर का पता बदलने के बाद भी उनकी पहचान वही रही! उतना ही हिस्सा जिंदा है, जिसमें मरी हुई बेटी की बात या उसकी याद हो, बाकी तमाम जिंदा परिवार लगभग मर चुका. करण विहार के घर से अब मंगोलपुरी के एक कमरे में शिफ्ट हो चुके बचे-खुचे परिवार से मिलने जब हम पहुंचते हैं तो बेहद घनी बस्ती में भी उनका एड्रेस लोग जानते हैं. वे खुद गाड़ी को यहां-वहां मोड़ने का इशारा करते हैं.

शाम का वक्त. सीधी गली की शुरुआत कबाड़ी की दुकान से होती है. आसपास कोई पेड़ या पंक्षी नहीं. बिजली के तारों से भरी छतों वाली संकरी गली में कोई मौसम नहीं उतरता. न ठंड-न गर्मी और न बसंत.कुछ घर फर्लांगते ही अंजलि की मां रेखा का मकान है. एक कमरा. कोने में धूल फांकती गैस जैसे दिनों से कुछ न पका हो. बीचोबीच एक बिस्तर, जिसपर बाकी बचा परिवार सोता है. एक मां और दो बेटे. अंजलि के बाद एक और बेटी अशिका भी खत्म हो चुकी.

दुख अमरबेल की तरह रूम में पसरा हुआ दिखता है. ऐसे कि भीतर जाते ही बाहर निकलने की छटपटाहट हो जाए. तीन साल में तीन सौ से भी ज्यादा बार अलग-अलग माइक्स देख चुकी रेखा सामने ही इंतजार करती दिखीं.41 साल की मां, जिसकी 20 और 17 बरस की दो बेटियां जा चुकीं, उसके पास कहने को कुछ अलग नहीं. वे टू-द-पॉइंट बोलती हैं, जैसे शब्द नहीं, डेटा की बात हो रही हो.

‘अंजलि थी, तो दुनिया अलग थी. उसे सारे शौक थे. काम भी वैसा ही चुना. वेडिंग प्लानर बनने के बाद तिनका-तिनका जोड़कर घर के लिए फ्रिज खरीदा. क्रॉकरी का भी बहुत शौक था. कहती कि मम्मी खीर-हलवा खाओ तो कांच के बर्तन में स्वाद बढ़ जाता है. ये जितने नाजुक बर्तन दिख रहे हैं, सब उसी ने जोड़े.’

‘खुद भी किसी नाजुक बर्तन की तरह सुंदर लगती. अपने लिए ड्रायर खरीदा. उसके बाल हल्के थे. मुझसे जिद करती रहती कि फलां तरह की चोटियां गूंथ दो कि बाल भारी लगें. मौत की रात भी नई तरह के बाल बनवाकर निकली थी. अब तो उसके होने से ज्यादा उसके नहीं होने की याद जमा हो चुकी.’

ठिठुरन वाली सर्दी में भी रेखा की आवाज गर्म, जैसे बुखार का ताप उतर आया हो. अंजलि की मौत के वक्त भी उनका डायलिसिस चल रहा था.डायलिसिस तो अब भी होता है हफ्ते में तीन दिन. लेकिन फ्री का बंद हो चुका. अब मैं नजफगढ़ जाती हूं. पहले बड़ी ले जाती थी. फिर छोटी ले जाने लगी. अब वो भी ‘एक्सपायर’ हो गई तो छोटा बेटा अस्पताल जाता है. वही घर भी संभालता है कि क्या लाना है, या क्या बनाना है, अगर कभी कुछ बना तो!

क्या पता बहन. अंजलि हमारे घर की अकेली कमाऊ सदस्य थी. उसकी मौत के बाद अशिका को लगने लगा कि वो कुछ कमाए तो खर्च बंटेगा. हादसे के बाद सरकार से 10 लाख रुपये मिले थे, उसी से गुजारा हो रहा है. अशिका जोर देने लगी कि मैं उसे नौकरी करने दूं. मैं मना करती रही. 10वीं का पेपर ही दिया था उसने. छोटी थी. अंजलि की तरह धूप-छांव नहीं देखी थी. वो कैसे बाहर की दुनिया में टिकती.

इसी साल जून की दोपहर. छोटे बेटे को मैंने रिश्तेदारी में सोनीपत भेज दिया था. मैं और बड़ा बेटा किसी काम से बाजार गए. लौटे तो किवाड़ बंद था. दोपहर थी. कूलर में सो रही होगी, ये सोचकर हम इंतजार करते रहे. कई बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला. बेटे ने जंगले से झांककर देखा तो अशिका फंदे पर लटकी हुई थी.

एक बेटी के बाद काम के फेर में दूसरी बेटी भी एक्सपायर हो गई. यहीं इसी पलंग पर हमने उसकी लाश को रखा था. हफ्ते में तीन डायलिसिस करा रही मां की आवाज भारी, जैसे आसपास की सारी नमी, सारी ठंड सोखकर जम रही हो. हादसों और हादसों की यादों से भरे कमरे के एक कोने में अंजलि की फोटो लगी हुई. छोटी बेटी अशिका कहीं नहीं दिखती.

आंखों का इशारा समझते हुए रेखा बताती हैं- दो जवान मौतों के बाद लोगों ने कहा कि घर को कुछ लग गया होगा. पूजा करवा लो. हम बालाजी गए. वहां से लौटे तो पूजा करवाई और दोनों ही फोटो हटा दी. कुछ रोज पहले मीडिया वाले आए थे, तो अंजलि की फोटो वापस निकाली. पास ही छोटा बेटा बैठा हुआ. वो पूछता है- दीदी की फोटो देखेंगी! कौन सी लाऊं! एक्सपायर्ड या जिंदा वाली!

लगभग 11 साल का बच्चा. पिता के बाद दो बड़ी बहनों को खो चुका भाई. वो एक्सपायर्ड शब्द ऐसे बोलता है, जैसे रसोई में रखे किसी मसाले की बात हो रही हो, या ब्रेड के बासी पैकेट की. इस घर में या तो मौत की बात होती है, या मौत का इंतजार.

BIHAR : कार से जा रहे थे पति-पत्नी, पुलिस ने की चेंकिंग तो रह गई दंग, दंपति निकला…

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बिहार के हाजीपुर में ड्रग्स नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ऊपर से सामान्य दिखने वाले पति-पत्नी हेरोइन तस्करी के मास्टरमाइंड निकले. वैशाली पुलिस ने कार से 440 ग्राम हेरोइन, नकदी और अन्य सामान बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग इलाकों में नशे की सप्लाई कर रहा था.

बिहार में शराबबंदी के बाद से ही सूखे नशे का खतरनाक नेटवर्क तेजी से फैल रहा है. बिहार के हाजीपुर में ऊपर से सामान्य दिखने वाले एक पति-पत्नी ड्रग्स सिंडिकेट के मास्टरमाइंड निकले. वैशाली जिले में पुलिस ने एक ऐसे पति–पत्नी को पकड़ा है जो मिलकर हेरोइन तस्करी का संगठित गिरोह चला रहे थे. दंपति के कार से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई है.

यह मामला महिषौर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को एसटीएफ पटना से गुप्त सूचना मिली थी कि समस्तीपुर की ओर से एक कार में हेरोइन की बड़ी खेप लाई जा रही है. सूचना मिलते ही महुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-322 पर पनसल्ला चौक के पास वाहन जांच शुरू की.इसी दौरान समस्तीपुर की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और कार की तलाशी ली. तलाशी के दौरान ही पति-पत्नी की पोल खुल गई.

कार में डिब्बों में छिपाकर रखी गई कुल 440 ग्राम हेरोइन, नकद रुपये, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट बरामद किए गए. मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी सोनम कुमारी, धीरज कुमार सिंह और वाहन चालक बंदन कुमार शामिल हैं.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पति-पत्नी लंबे समय से सूखा नशा यानी हेरोइन की तस्करी में सक्रिय थे. वो बाहर से खेप मंगवाकर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे और अपने नेटवर्क के जरिए युवाओं को नशे के जाल में धकेल रहे थे. पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वो हेरोइन कहां से लाते थे और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे.

महुआ के एसडीपीओ सजीव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है. पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि हेरोइन की यह खेप कहां से लाई गई थी और किसे सप्लाई की जानी थी.

NATIONAL : ‘अजमेर शरीफ दरगाह पहले शिव मंदिर था’, कोर्ट में याचिका दायर कर ASI सर्वे की मांग

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अजमेर दरगाह के पहले शिव मंदिर होने का दावा करते हुए महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने जिला अदालत में याचिका दायर की. याचिका में एएसआई द्वारा सर्वे की मांग की गई है. 2024 में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी इसी तरह की याचिका दी थी. अजमेर दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रमुख मुस्लिम तीर्थस्थल है, जिसे मुग़ल सम्राट हुमायूँ ने बनवाया था.

अजमेर की एक जिला अदालत में याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह मूल रूप से एक शिव मंदिर था और इसके सर्वे की मांग की गई है. यह याचिका महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने दायर की.राजवर्धन सिंह परमार ने कहा, “अजमेर दरगाह पहले शिव मंदिर था और बाद में इसे दरगाह में बदल दिया गया. मैं लंबे समय से इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहा हूं. पहले भी राष्ट्रपति को याचिका दी गई थी, जिसे राजस्थान के मुख्य सचिव को भेजा गया.” उन्होंने एएसआई द्वारा सर्वे की भी मांग की है.

वरिष्ठ वकील ए. पी. सिंह ने बताया कि यह याचिका आज अजमेर में जिला न्यायाधीश के न्यायालय में दाखिल की गई. उन्होंने दावा किया कि यह स्थल प्राचीन काल में भगवान शिव को समर्पित मंदिर था.

अजमेर शरीफ दरगाह भारत के प्रमुख मुस्लिम तीर्थस्थलों में गिना जाता है और अजमेर का प्रसिद्ध स्थल भी है. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती फारस के सूफी संत थे. उन्होंने 1192 से 1236 ईस्वी तक अजमेर में निवास किया. मुग़ल सम्राट हुमायूं ने संत की स्मृति में यह दरगाह बनवाई और यहां उनका मकबरा स्थित है. अकबर और शाहजहां ने शासनकाल में दरगाह परिसर में मस्जिदें बनवाईं.

ENTERTAINMENT : इंडियन आइडल सिंगर के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोई पत्नी, गुमसुम दिखी 3 साल की बेटी, पसीजा फैंस का दिल

सिंगर प्रशांत तमांग को परिवार और दोस्तों ने अंतिम विदाई दी. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस मौके पर उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हुआ. वो अपनी 3 साल की बेटी को इस नाजुक पल में संभालती हुई दिखीं.

इंडियन आइडल 3 के विनर प्रशांत तमांग की मौत ने हर किसी को चौंकाया है. महज 43 साल की उम्र में सिंगर का दुनिया छोड़कर जाना दुखद है. प्रशांत के निधन ने उनके फैंस और परिवार को तोड़ दिया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पति को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए पत्नी मार्था एले का रो-रोकर बुरा हाल हुआ. उनकी 3 साल की बेटी भी इमोशनल दिखी.

सोमवार को प्रशांत का पार्थिव शरीर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट लाया गया. सिंगर को आखिरी विदाई देने के लिए परिवार के लोग, दोस्त वहां पर मौजूद थे. प्रशांत के पार्थिव शरीर को दार्जिलिंग ले जाया गया. वहां इंडियन आइडल सिंगर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा थी. वायरल वीडियो में पति के पार्थिव शरीर के सामने पत्नी मार्था फूट-फूटकर रोती हैं. वो अपने आंसुओं को कंट्रोल नहीं कर सकीं और रोने लगीं. बेटी भी अंतिम दर्शन के लिए मौजूद थी. पिता को इस हाल में देख वो गुमसुम दिखी. मार्था बेटी को इस नाजुक पल में संभालते हुए दिखीं. उन्होंने बेटी को अपनी गोद में बैठाया, फिर उसे गले से लगाया.

सिंगर की बेटी को देख लोगों का दिल पसीज गया है. कमेंट में लोगों ने कहा इतनी छोटी सी उम्र में नन्ही बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया है. फैंस ने परिवार को मजबूत रहने को कहा है. फैंस, परिवार और बाकी लोगों ने सिंगर को आखिरी विदाई दी. परिवार का हाल देख फैंस की भी आंखें नम हैं. पति की मौत पर मार्था ने बयान जारी कर कहा था कि प्रशांत की नेचुरल डेथ हुई है. वो सो रहे थे. नींद में ही उनकी मौत हुई थी. मार्था ने प्रशांत की मौत को लेकर किसी भी साजिश को खारिज किया.

दिल्ली में प्रशांत का 11 जनवरी को निधन हुआ था. वो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से आते थे. 2007 में इंडियन आइडल जीतने के बाद वो स्टार बने. नेपाली सिनेमा में उन्होंने काफी काम किया था. कई ब्लॉकबस्टर परफॉर्मेंस दीं. प्रशांत को फैंस ने पाताल लोक सीजन 2 में देखा था. उनके काम को सराहा गया था. वो सलमान खान की अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान में नजर आएंगे.

NATIONAL : कटी पतंग के पीछे ट्रेन की छत पर चढ़ा मासूम, 11,000 वोल्ट की चपेट में आया

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नागपुर के कामठी रेलवे स्टेशन पर पतंग के पीछे भागते किशोर लकी को 11,000 वोल्ट की OHE लाइन से जोरदार झटका लग गया . ट्रेन पर चढ़ते समय हुए हादसे में उसकी हालत गंभीर है. RPF और रेलवे कर्मियों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और GMCH में भर्ती कराया .उसकी हालत स्थिर बनी हुई है.

महाराष्ट्र में नागपुर जिले के कामठी रेलवे स्टेशन पर एक मासूम किशोर के साथ दर्दनाक हादसा हुआ . ट्रेन के ऊपर कटी पतंग का पीछा करते हुए 11,000 वोल्ट की हाई वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) के संपर्क में आने से 13 साल के लड़के की हालत गंभीर हो गई . रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों ने बताया कि रविवार दोपहर के समय यह हादसा हुआ . घायल किशोर की पहचान लकी के रूप में हुई है . बताया गया है कि लकी पतंग के पीछे भाग रहा था और उसकी पतंग स्टेशन पर खड़ी कोयले से भरी मालगाड़ी के डिब्बे पर फंस गई थी . पतंग को वापस पाने के लिए उसने खतरनाक कदम उठाते हुए ट्रेन के डिब्बे पर चढ़ने का प्रयास किया .

RPF के एक जवान ने उसे चढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने उसकी नहीं सुनी . घटना के दौरान पतंग की डोर ओवरहेड लाइन में फंस गई थी . जैसे ही लकी ने पतंग की डोर खींचने की कोशिश की, वह सीधा उच्च वोल्टेज लाइन के संपर्क में आ गया और उसे जोरदार झटका लगा . झटके से वह ट्रेन के डिब्बे पर गिर पड़ा .

रेलवे कर्मचारी और RPF कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे . सबसे पहले बिजली की सप्लाई काटी गई और किशोर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया . इसके बाद उसे तुरंत नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया . डॉक्टरों के अनुसार, लकी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेषज्ञों की देखरेख की आवश्यकता है . RPF अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को रेलवे क्षेत्रों में सुरक्षित रहने की शिक्षा दें और पतंग उड़ाने या खेल के दौरान किसी भी प्रकार के खतरनाक प्रयास से बचने की सलाह दें .

NATIONAL : लव मैरिज की ‘सजा’ खून…,पिता ने उजाड़ दी बेटी की मांग, घर में घुसकर किया दामाद का मर्डर

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मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है . बेटी के प्रेम विवाह से नाराज़ पिता ने कथित तौर पर अपने ही दामाद की गोली मारकर हत्या कर दी . मृतक की पत्नी ने मायके पक्ष पर आरोप लगाया है . पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.लव मैरिज की ‘सजा’ एक बार फिर मौत बनकर सामने आई है . यहां एक पिता ने बेटी के फैसले को अपनी इज्जत पर हमला मानते हुए कुछ ऐसा किया कि रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं . बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ऑनर किलिंग की इस दिल दहला देने वाली वारदात में एक युवक को सिर्फ इसलिए जान गंवानी पड़ी, क्योंकि उसने लव मैरिज की थी .

यह सनसनीखेज मामला मुजफ्फरपुर जिले के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंगरा गांव का है. मृतक की पहचान आयुष कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयुष अपने घर में सो रहा था . तभी कुछ लोग अचानक घर में घुस आए और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं . गोली लगते ही आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई .घटना की सूचना मिलते ही सिवाईपट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची . पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया और घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए . साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है . गांव में इस हत्या के बाद मातम पसरा हुआ है और लोगों में दहशत का माहौल है .

मृतक की पत्नी तनु कुमारी ने इस हत्या के पीछे अपने मायके पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है . तनु ने बताया कि उसने करीब डेढ़ साल पहले गांव के ही युवक आयुष कुमार से प्रेम विवाह किया था . यह शादी उसके परिवार को बिल्कुल मंजूर नहीं थी . शादी के बाद से ही दोनों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं .तनु का आरोप है कि रविवार देर रात उसके पिता, मामा और कुछ अन्य रिश्तेदार जबरन घर में घुसे और उसके पति आयुष को गोली मार दी . उसने बताया कि उसका मायका और ससुराल एक ही गांव में पास-पास स्थित है, जिसके चलते पहले भी कई बार विवाद हो चुका था . तनु का आठ महीने का एक बेटा है, जो अब अपने पिता से हमेशा के लिए जुदा हो गया है .

इस घटना को लेकर ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है . उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है . पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा .

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