Monday, February 2, 2026
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WORLD : कनाडा की इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार; फरार साथी भारत में छिपा?

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Canada Gold Heist: इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की गई और आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए. पुलिस ने साफ किया कि कोई भी आरोपी चाहे कहीं भी भागे, उसे पकड़ लिया जाएगा.

कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पील क्षेत्र की पुलिस ने सोमवार को प्रोजेक्ट 24K के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह जांच 2 करोड़ डॉलर (20 मिलियन डॉलर) से ज्यादा की सोने की चोरी से जुड़ी है.

पुलिस ने 43 वर्षीय अरसलान चौधरी को टोरंटो के पियरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया. वह दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) से कनाडा लौट रहा था. पुलिस के मुताबिक, अरसलान चौधरी का कोई स्थायी पता नहीं है. उस पर 5,000 डॉलर से ज्यादा की चोरी, अपराध से मिली संपत्ति रखने और गंभीर अपराध की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं.

यह मामला 17 अप्रैल 2023 का है. उस दिन स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से एक विमान टोरंटो पियरसन एयरपोर्ट पहुंचा था. विमान में करीब 400 किलो शुद्ध सोना था, जो लगभग 6,600 गोल्ड बार के बराबर था. इसकी कीमत 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई गई थी. इसके साथ ही 2.5 मिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा भी थी. एयरपोर्ट पर कार्गो उतारने के बाद इस खेप को एयरपोर्ट परिसर के एक अलग स्थान पर ले जाया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद यह पूरी खेप गायब पाई गई.

इसके बाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच शुरू की. इस मामले में अब तक 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है या उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. इनमें एक नाम सिमरन प्रीत पनेसर का भी है. वह 33 साल का है और ब्रैम्पटन का रहने वाला है. पनेसर एयर कनाडा का पूर्व कर्मचारी रह चुका है और उस पर आरोप है कि उसने एयरलाइन सिस्टम से छेड़छाड़ कर कार्गो की पहचान बदली और उसे दूसरी जगह भिजवाने में मदद की. माना जा रहा है कि वह फिलहाल भारत में है. पिछले साल उसे चंडीगढ़ के बाहरी इलाके में एक किराए के फ्लैट में ट्रेस किया गया था. उसके खिलाफ पूरे कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी है.

इस मामले में एक और आरोपी आर्चित ग्रोवर को मई 2024 में टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था, जब वह भारत से लौट रहा था. अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:

54 वर्षीय परमपाल सिद्धू, एयर कनाडा के पूर्व कर्मचारी
40 वर्षीय अमित जलोटा (ओंटारियो)
36 वर्षीय प्रसाथ परमालिंगम (ब्रैम्पटन)
37 वर्षीय अली रजा (टोरंटो)
43 वर्षीय अम्मद चौधरी (ब्रैम्पटन)
27 वर्षीय ड्यूरांटे किंग मैकलीन (ब्रैम्पटन)
ड्यूरांटे किंग मैकलीन फिलहाल अमेरिका में हथियार तस्करी से जुड़े मामले में हिरासत में है.

पील रीजनल पुलिस प्रमुख निशान दुरईअप्पाह ने कहा, ;यह जांच दिखाती है कि पील रीजनल पुलिस कितनी गंभीर और जटिल अपराधों से निपटने में सक्षम है. प्रोजेक्ट 24K इस बात का उदाहरण है कि कैसे हमारी पुलिस ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संगठित अपराध को तोड़ा. हम साफ कहना चाहते हैं, आप कहीं भी भागें या छिपें, हम आपको ढूंढ निकालेंगे.’ पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

NATIONAL : बेटे की मौत के बाद ससुर ने दी बहू की सुपारी, LIC के पैसों के लालच में रची साजिश

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महाराष्ट्र के गोंदिया में एक ससुर ने अपनी बहू को जान से मारने के लिए सुपारी देकर दुर्घटना करवाई, ताकि बेटे की मौत के बाद मिलने वाली LIC के पैसे और जमीन का हक बहू को न मिले.महाराष्ट्र के गोंदिया से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, यहां ससुर ने अपनी बहू को जान से मारने के लिए सुपारी देकर दुर्घटना करवाई, ताकि बेटे की मौत के बाद मिलने वाली एलआईसी के पैसे और जमीन का हक बहू को न मिले. पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है और मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह पूरी घटना गोंदिया के गोरेगांव तालुका के गिधाडी में हुई है.

बेटे की मौत के बाद बहू को मिलने वाले एलआईसी के पैसे और जमीन का हक उसे न मिले, इस उद्देश्य से ससुर ने ही दो लोगों को सुपारी देकर बहू को जान से मारने की कोशिश की. यह घटना गोरेगांव पुलिस जांच में सामने आई. आरोपी ससुर का नाम चुडामन कटरे, निवासी गिधाडी, तालुका गोरेगांव है. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसका नाम गुप्त रखा गया है.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला शिकायतकर्ता अश्विनी कटरे अपने पिता के साथ गोरेगांव से चिल्हाटी मार्ग से अपने गांव गिधाडी जा रही थीं, तभी घोटी के नाले के पास एक नीले रंग के चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी.

इस घटना में वह घायल हो गईं. इस मामले में उनकी शिकायत पर गोरेगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. इस बीच मामले की जांच में तकनीकी सबूतों और गुप्त सूचना देने वालों से मिली जानकारी के आधार पर, अश्विनी के पति उमेश कटरे की मृत्यु के बाद मिलने वाले एलआईसी के 60 लाख रुपये और जमीन उसे न मिले.ससुर आरोपी चुडामन कटरे ने आरोपियों को उसे जान से मारने के लिए 3 लाख रुपये की सुपारी देकर दुर्घटना करवाई. पुलिस ने कहा है कि अपराध के अन्य आरोपी फरार हैं. इस घटना पर गुस्सा व्यक्त किया जा रहा है. यह दुर्घटना 19 नवंबर 2025 को हुई थी.

BUSINESS : सोने- चांदी की कीमतों में तेजी बरकरार, जानिए 13 जनवरी को सोना खरीदने के लिए कितना करना होगा खर्च

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घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार, 13 जनवरी को हल्की तेजी देखने को मिल रही है. MCX पर गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,41,847 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ…

Gold Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार, 13 जनवरी को हल्की तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,41,847 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,42,032 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था. 13 जनवरी की सुबह 10:40 बजे, एमसीएक्स पर 5 फरवरी का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1,42,157 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 125 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1,42,206 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.

एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 2,71,597 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 2650 रुपये की उछाल दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 2,72,202 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोना और चांदी का ताजा भाव क्या है….

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,680 रुपए
22 कैरेट – 1,30,800 रुपए
18 कैरेट – 1,07,050 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,530 रुपए
22 कैरेट – 1,30,650 रुपए
18 कैरेट – 1,06,900 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,43,680 रुपए
22 कैरेट – 1,31,700 रुपए
18 कैरेट – 1,09,800 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,530 रुपए
22 कैरेट – 1,30,650 रुपए
18 कैरेट – 1,06,900 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,580 रुपए
22 कैरेट – 1,30,700 रुपए
18 कैरेट – 1,06,950 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,680 रुपए
22 कैरेट – 1,30,460 रुपए
18 कैरेट – 1,07,050 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,580 रुपए
22 कैरेट – 1,30,700 रुपए
18 कैरेट – 1,06,950 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,42,530 रुपए
22 कैरेट – 1,30,650 रुपए
18 कैरेट – 1,06,900 रुपए

पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में उछाल दर्ज की जा रही है. ऐसे में अगर आप आज इन बहुमूल्य धातुओं की खरीदारी करने वाले हैं, तो अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर जान लें. ताकि आपको किसी तरह का आर्थिक नुकसान न हो.

NATIONAL : ‘कोई बात नहीं मेरी जान’, मौत के डेढ़ महीने बाद अलमारी से मिला सुसाइड नोट, परिजन आवाक

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जालोर में युवक की आत्महत्या के डेढ़ माह बाद सुसाइड नोट मिला. पिता ने प्रेमिका पर उकसाने का आरोप लगाया. पुलिस नोट, मोबाइल और हैंडराइटिंग की जांच कर रही है.

जालोर जिले में एक युवक की आत्महत्या के करीब डेढ़ महीने बाद सुसाइड नोट मिलने से हड़कंप मच गया है. दरअसल, सुसाइड नोट युवक के कमरे में रखी अलमारी से बरमाद हुआ है. जिसमें युवक ने प्रेम में धोखा मिलने और मानसिक पीड़ा का उल्लेख करते हुए अपनी प्रेमिका को संबोधित भावुक शब्द लिखे हैं. सुसाइड नोट सामने आने के बाद मृतक के पिता ने प्रेमिका पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है.

जानकारी के अनुसार आहोर थाना क्षेत्र के गोदन गांव निवासी सुरेश कुमार (21) पुत्र दूदाराम मेघवाल ने 29 नवंबर 2025 को अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी. प्रारंभिक जांच में कोई ठोस कारण सामने नहीं आने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. उस समय कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था. हाल ही में जब परिजन युवक के कमरे की सफाई कर रहे थे, तब अलमारी में रखा एक सुसाइड नोट मिला. जिस पर 29 नवंबर 2025 की तारीख अंकित है.

सुसाइड नोट में युवक ने लिखा है कि उसने अपनी प्रेमिका को जीवनसाथी मान लिया था और अब किसी और से प्रेम नहीं कर सकता. उसने लिखा कि वह उसका पहला प्यार थी, लेकिन उसने धोखा दे दिया. नोट के अंत में युवक ने ‘कोई बात नहीं मेरी जान, अब मैं अलविदा कह रहा हूं’ जैसे शब्द लिखते हुए हमेशा के लिए विदा लेने की बात कही है.

मृतक के पिता दूदाराम मेघवाल सोमवार (12 जनवरी) को सुसाइड नोट लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस को बताया कि सुरेश का करीब 8-9 महीने से आहोर क्षेत्र की एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. दोनों रिश्तेदार थे, जिस कारण परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था. पिता का आरोप है कि समझाइश के बावजूद युवती लगातार उनके बेटे को मैसेज भेजती रही. 29 नवंबर को युवती ने जहर की डिब्बी की फोटो और भावुक मैसेज भेजा, जिससे सुरेश को लगा कि वह आत्महत्या करने जा रही है. इसी मानसिक दबाव में आकर उसने खुद जान दे दी.

आहोर थानाधिकारी करण सिंह ने बताया कि मृतक के पिता द्वारा सुसाइड नोट उपलब्ध कराया गया है. नोट की हैंडराइटिंग की जांच करवाई जा रही है और युवक का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है. मोबाइल मैसेज, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की गहन जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में जांच जारी है.

GUJARAT : डोरबेल बजाने पर महिला ने की हैवानियत की हदें पार, बच्चे को जमीन पर पटककर पीटा, घसीटा

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सूरत के सरथाणा स्थित सिलिकॉन रेजिडेंसी में एक महिला ने सिर्फ डोरबेल बजाने पर सात साल के बच्चे देवांश के साथ मारपीट की. महिला ने बच्चे को पटककर घसीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं. घटना सीसीटीवी में कैद हुई, जिसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. आरोपी महिला अपेक्षा वैष्णव ने हिरासत में अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है.

गुजरात के सूरत स्थित सरथाणा इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां एक महिला ने सात साल के मासूम बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार किया जैसा कोई पशुओं के साथ भी कोई नहीं करता है. योगीचौक स्थित एक सोसाइटी में मात्र डोरबेल बजाने जैसी मामूली बात पर महिला ने बच्चे पर हमला कर दिया था. पार्किंग में बच्चे को पटकने और घसीटने के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है. हालांकि, पुलिस हिरासत में आने के बाद महिला ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है.

सरथाणा पुलिस थाना क्षेत्र के योगीचौक स्थित ‘सिलिकॉन रेजिडेंसी’ में सुधीरभाई वघासिया अपने परिवार के साथ रहते हैं. उनका सात साल का बेटा देवांश सोसाइटी में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था. खेलते समय बच्चों ने पड़ोस में रहने वाली अपेक्षाबेन नाम की महिला के घर की डोरबेल बजा दी थी. बस इतनी सी बात पर महिला का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. उसने मासूम देवांश को पकड़ लिया, उसे जमीन पर जोर से पटका और फिर बेरहमी से घसीटते हुए ले गई. महिला के इस हमले में मासूम देवांश बुरी तरह घायल हो गया है.

जमीन पर घसीटे जाने के कारण बच्चे के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं. पिटाई की वजह से उसका दायां पैर सूज गया है. बच्चे के पेट और चेहरे पर भी चोटों के निशान हैं. सीसीटीवी में साफ देखा जा सकता है कि महिला किस तरह बच्चे को उठाकर पटकती है और उसे खींचकर ले जाती है.

पड़ोसी महिला द्वारा पिटाई का शिकार हुए बच्चे के पिता सुधीर भाई भोलाभाई वघासिया ने बताया कि मैं सिलिकॉन रेजीडेंसी में रहता हूं. 9 तारीख की शाम को करीब 9 से 10 बजे के बीच मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया था. मुझे इस बारे में पता नहीं था, लेकिन जब मैं एक घंटे बाद करीब 10 बजे नीचे गया, तो वहां बच्चों ने मुझे बताया कि आपके बेटे को मारा गया है. मैंने देखा कि उसके गाल पर चोट के निशान थे और उसकी आंख सूज गई थी. यह देखकर मैंने सीसीटीवी फुटेज चेक करने के लिए अपनी बिल्डिंग (C3) के प्रमुख को सूचित किया.

पिता ने बताया कि अगले दिन शाम को हमने सीसीटीवी फुटेज देखे. फुटेज में साफ दिख रहा है कि उसे कोने से घसीटकर पिलर के पास लाया गया और फिर वहां उसके साथ मारपीट की गई. इसके बाद हमने अगले दिन सुबह सरथाना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने हमारी अर्जी ले ली है. मेरी पत्नी जब उस महिला से पूछने गई कि उसने हमारे बच्चे को क्यों मारा, तो उसने जवाब दिया कि ‘अगर वह फिर से मेरा डोरबेल बजाएगा, तो मैं उसे फिर से मारूंगी’. हमने पुलिस में शिकायत कर दी है और अब मैं आगे की कानूनी कार्यवाही की मांग करता हूं, ताकि मेरे बेटे को न्याय मिल सके. हम कानून में विश्वास रखते हैं और चाहते हैं कि कानून अपना काम करे. हमने कोई झगड़ा नहीं किया है, बस हम उचित कानूनी कार्यवाही चाहते हैं.

सरथाना पुलिस की गिरफ्त में आई बच्चे की पिटाई करने वाली महिला ने पुलिस थाने में दिए गए वीडियो में जो बयान दिया है उसमें उसने कहा है कि मेरा नाम अपेक्षा ऋत्विक वैष्णव है. मैं सिलिकॉन रेजिडेंसी C-3 में रहती हूं. मेरा फ्लैट नंबर 101 है. मेरी बिल्डिंग का एक लड़का, जिसका नाम देवांश है, वह रात 10 बजे के बाद बार-बार मेरे घर की डोरबेल बजाकर भाग जाता था. उसने ऐसा लगभग 6 से 7 बार किया. जब यह चौथी बार हुआ, तब मैंने दरवाज़े के पास खड़े रहकर देखा कि यह कौन कर रहा है, तब देवांश वहां था. उसने मुझे पूरे सिलिकॉन रेजिडेंसी की दसों बिल्डिंगों के चक्कर लगवाए. जब मैंने उससे पूछा कि ‘तुम्हारे पिता का नाम क्या है?’, तो उसने जवाब दिया कि ‘मुझे नहीं पता.’ ऐसे जवाब मिलने पर मैंने उसे 2 से 3 थप्पड़ मार दिए. यह मेरी गलती है और मैं अपनी इस गलती को स्वीकार करती हूं. ऐसी गलती किसी को नहीं करनी चाहिए और मैं भी अब पूरा ध्यान रखूंगी कि आगे से ऐसा कुछ न हो.

NATIONAL : जिस पति के लिए छोड़ी ऊंची सैलरी वाली नौकरी, वो गर्लफ्रेंड संग रूम में रंगे हाथों पकड़ा गया

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बेंगलुरु में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पत्नी ने अपने पति का करियर बनाने के लिए अपनी ऊंची सैलरी वाली नौकरी तक कुर्बान कर दी, लेकिन बदले में उसे मिला धोखा और शारीरिक प्रताड़ना. आरोपी टेक कर्मचारी को पुलिस ने उसकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.

बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में पुलिस ने एक टेक कर्मचारी को पत्नी के साथ धोखाधड़ी, मारपीट और जातिगत उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी तब हुई जब पत्नी की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को एक पीजी में उसकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ा.पुलिस जांच में पीड़ित पत्नी और आरोपी के बीच के संघर्ष की एक दुखद कहानी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि पत्नी एक प्राइवेट फर्म में सीनियर पद पर कार्यरत थी और अच्छी सैलरी पा रही थी. उसने अपने बेरोजगार पति को नौकरी दिलाने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी.

पति के नौकरी पर लगने और बच्चे के जन्म के बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. आरोपी जैकब अरूप अपनी पत्नी को उसकी जाति के आधार पर गंदी गालियां देता था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था. आरोप है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि पत्नी का गर्भपात तक हो गया.आरोपी का इलेक्ट्रॉनिक सिटी में एक युवती के साथ अवैध संबंध चल रहा था, जिसके साथ वह अक्सर समय बिताता था. पत्नी की शिकायत के आधार पर अत्याचार और मारपीट के आरोपों के तहत मामले दर्ज किए गए.

फरियादी महिला की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को उसकी प्रेमिका के घर से गिरफ्तार कर लिया. बेंगलुरु के DCRE वेस्ट डिवीजन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

ENTERTAINMENT : ‘बॉर्डर 2’ से 5 साल बाद कमबैक कर रहे अहान, बेटे के स्ट्रगल को याद कर इमोशनल हुए सुनील शेट्टी, बोले- बहुत झेला…

सुनील शेट्टी के लाडले बेटे अहान शेट्टी बॉर्डर 2 में दिखाई देने वाले हैं. अहान के करियर में ये फिल्म गेम चेंजर साबित हो सकती है. बीते दिन हुए फिल्म के एक इवेंट में सुनील शेट्टी ने बताया कि उनके बेटे की पहली फिल्म फ्लॉप हुई थी, जिसका उनपर बुरा असर पड़ा था.

‘बॉर्डर 2’ जल्द ही सिनमाघरों में रिलीज होने जा रही है. ये फिल्म साल 1997 की आई ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है. ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी लीड रोल में दिखाई देंगे. फिल्म रिलीज से पहले एक-एक करके इसके गाने रिलीज किए जा रहे हैं. 12 जनवरी को फिल्म का एक और गाना ‘जाते हुए लम्हों’ रिलीज हुआ है. इस दौरान बेटे अहान के करियर के बारे में बात करते हुए सुनील शेट्टी इमोशनल होते दिखे.

सुनील शेट्टी ने बताया कि डेब्यू फिल्म फ्लॉप होने पर उनके बेटे अहान ने काफी मुश्किल वक्त देखा. एक्टर ने कहा कि स्टारकिड्स की जर्नी भी बहुत चैलेंजिंग होती है. दरअसल, लोगों को लगता है कि एक्टर्स के बच्चों के लिए इंडस्ट्री में एंट्री लेना आसान होता है. इस धारणा पर बात करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि उनके बेटे अहान की पहली फिल्म के बाद उनके करियर पर ब्रेक लग गया था, जिससे पूरे परिवार पर बुरा असर पड़ा. उस वक्त के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा- अहान की पहली फिल्म के बाद, एक छोटा सा ब्रेक आया. आप जानते हैं, हमारे जीवन में हमेशा उथल-पुथल मची रहती है.

सुनील शेट्टी ने कहा कि आप चाहें किसी भी बैकग्राउंड से आते हो पर कामयाबी ऑटोमेटिकली नहीं मिलती. एक्टर बोले- हर कोई सोचता है कि हां, सुनील शेट्टी का बेटा है तो उसे बहुत सारा काम मिला होगा. लेकिन कहीं न कहीं, अहान ने अपनी जिंदगी में बहुत सी चीजों का सामना किया है. सुनील शेट्टी ने माना कि उन्होंने अपने बेटे को निराशा और अनिश्चितता के दौर से गुजरते देखा है. ये वक्त उनके परिवार के लिए धैर्य और विश्वास की परीक्षा भी बन गया था.

‘बॉर्डर 2’ के मेकर्स का शुक्रिया अदा करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि वो उनके काफी शुक्रगुजार हैं कि अहान को उनके करियर के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर इतने बड़े स्तर की फिल्म मिली. इसे सही समय पर सही अवसर बताते हुए उन्होंने आगे कहा- मैं बहुत खुश हूं कि अहान को ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्म मिली, उसके लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था. मैं बस यही प्रार्थना करता हूं कि उसने (अपने किरदार के साथ) न्याय किया हो और यह फिल्म हम सभी के लिए सफल साबित हो.

सुनील ने उन वैल्यूज के बारे में भी बात की जिन्हें उन्होंने लगातार अपने बेटे को सिखाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा- मैंने अहान से केवल एक ही बात कही थी कि तुम जो भी करो, उसे अपने पूरे दिल से करो.अहान शेट्टी की बात करें तो उन्होंने साल 2021 में फिल्म ‘तड़प’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई थी. इसी के बाद उनके करियर में ब्रेक आया जिसका जिक्र सुनील शेट्टी ने किया है. अहान अब बॉर्डर 2 में दिखने वाले हैं. देखना दिलचस्प होगा कि इस फिल्म से उनके करियर को कितनी उड़ान मिलती है.

NATIONAL : 5 महीने की गर्भवती हुई तो परिजनों को पता चला गैंगरेप, दोषी को मरते दम तक आजीवन कारावास

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अलवर के राजगढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में पॉस्को कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. दोषी आरोपी को मरते दम तक आजीवन कारावास और साढ़े पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई है. दूसरा आरोपी फरार है. पीड़िता पांच महीने की गर्भवती होने पर मामला सामने आया था.

अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आए एक बेहद शर्मनाक गैंगरेप मामले में पॉस्को कोर्ट ने सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने नाबालिग बालिका से गैंगरेप करने के दोषी एक आरोपी को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर साढ़े पांच लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है.

यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता पांच महीने की गर्भवती हो गई. इसके बाद परिजनों को गैंगरेप की जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. जांच में सामने आया कि गांव के ही दो युवकों ने नाबालिग को डरा धमकाकर उसके साथ गैंगरेप किया और उसका अश्लील वीडियो भी बनाया. आरोपियों ने वीडियो के जरिए पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया.

विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट पंकज यादव ने बताया कि 9 मार्च 2024 को पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को दो युवक बहला फुसलाकर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया.

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से गवाह और दस्तावेज पेश किए गए. आरोप साबित होने पर पॉस्को कोर्ट नंबर दो ने दोषी आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने पीड़िता को दो लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने की भी अनुशंसा की है. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

RAJASTHAN : हाथापाई के दौरान एक शख्स के शॉल से गिरा ‘टाइम बम’, आबादी से दूर झील के बीच लेकर पहुंची पुलिस

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राजस्थान के अलवर में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक रिहायशी इलाके में टाइमर लगी हुई ‘बम’ जैसी संदिग्ध वस्तु मिली. पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए इस संदिग्ध वस्तु को शहर से दूर जयसमंद बांध के पास सुरक्षित स्थान पर रखवाया है.अलवर के विवेकानंद नगर स्थित सेक्टर-4 में सोमवार सुबह एक घर के बाहर बमनुमा संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया. खास बात यह है कि इस वस्तु में एक टाइमर चल रहा था, जिसे देखते ही पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को खाली करा लिया और संदिग्ध वस्तु को शहर से दूर जयसमंद बांध के निर्जन इलाके में ले जाया गया.

घटना की पृष्ठभूमि बेहद चौंकाने वाली है. दरअसल स्थानीय निवासी बाबू सिंह के अनुसार, सुबह एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति उनके घर के पास आया था. बाबू सिंह और उनकी पत्नी के साथ उस व्यक्ति की हाथापाई हुई. संघर्ष के दौरान संदिग्ध व्यक्ति की शॉल में से यह बमनुमा वस्तु नीचे गिर गई, जिसके बाद वह व्यक्ति मौके से फरार हो गया.सूचना मिलते ही अरावली विहार थाना पुलिस और सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह मौके पर पहुंचे. वस्तु के दोनों तरफ ज्वलनशील पदार्थ जैसा कुछ भरा हुआ था और टाइमर लगातार चल रहा था.

किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस इस वस्तु को तुरंत जयसमंद बांध लेकर पहुंची और उसे झील के बीच खाली जमीन पर रखवाया गया है. जयसमंद झील के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि आम नागरिक वहां न पहुंच सकें.मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एटीएस (ATS) और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है. पुलिस फरार हुए संदिग्ध व्यक्ति की पहचान के लिए विवेकानंद नगर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है. जब तक विशेषज्ञ टीम वस्तु को डिफ्यूज नहीं कर देती, तब तक पुलिस बल उस पर कड़ी नजर रख रहा है.

NATIONAL : अधिकारी के पेड़ से अमरूद तोड़कर खाने पर सिपाही को नोटिस, जवाब ऐसा कि ‘साहब’ भी चुप हो गए

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लखनऊ एसडीआरएफ में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां पहरा ड्यूटी के दौरान अमरूद खाने पर सिपाही से स्पष्टीकरण मांगा गया. सिपाही ने जवाब में बताया कि पेट दर्द था, छुट्टी बंद थी और यूट्यूब पर अमरूद को घरेलू इलाज बताया गया था. मामला अनुशासनहीनता बताया गया, लेकिन जवाब के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.

आमतौर पर जब एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) का नाम सामने आता है तो आंखों के सामने बाढ़, भूकंप, हादसे और जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाते जवानों की तस्वीर उभरती है. लेकिन लखनऊ स्थित एसडीआरएफ की पहली बटालियन इन दिनों किसी बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से नहीं, बल्कि एक अमरूद की वजह से चर्चा में है. जी हां, यहां एक सिपाही को सिर्फ इसलिए स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया, क्योंकि उसने ड्यूटी के दौरान अपने बॉस के घर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया. विभाग ने इसे अनुशासनहीनता कहा जबकि सिपाही ने इसका जवाब दे दिया है.अब यही अमरूद पूरे महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है.

मामला जनवरी के पहले सप्ताह का है. लखनऊ स्थित एसडीआरएफ दफ्तर परिसर में बने कमांडेंट आवास पर उस दिन एक सिपाही की पहरा ड्यूटी लगी थी. परिसर में एक अमरूद का पेड़ भी लगा है.सर्दी का मौसम था, ड्यूटी लंबी थी और इसी दौरान सिपाही ने पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया. बस यहीं से शुरू हो गया एक ऐसा मामला, जो फाइलों से निकलकर चर्चाओं तक पहुंच गया. बताया जा रहा है कि किसी अधिकारी की नजर इस पर पड़ गई. मामला ऊपर तक पहुंचा और तय किया गया कि ड्यूटी के दौरान इस तरह फल तोड़कर खाना अनुशासन के खिलाफ है. इसके बाद लखनऊ एसडीआरएफ की पहली बटालियन में तैनात सूबेदार सैन्य नायक की ओर से सिपाही को बाकायदा लिखित स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया.

नोटिस मिलने के बाद सिपाही खुद भी असमंजस में पड़ गया. आमतौर पर इस तरह के नोटिस गंभीर मामलों जैसे ड्यूटी से अनुपस्थित रहना, आदेशों की अवहेलना या किसी अनुशासनहीनता में दिया जाता है. लेकिन यहां मामला सिर्फ अमरूद खाने का था. इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी की गई और सिपाही से पूछा गया कि उसने ड्यूटी के दौरान ऐसा क्यों किया.

इस केस का सबसे रोचक हिस्सा होता है सिपाही का जवाब. सिपाही ने जो स्पष्टीकरण दिया, वह न सिर्फ सीधा-सादा था, बल्कि मानवीय भी. उसने अपने जवाब में लिखा कि उस दिन उसे तेज पेट दर्द हो रहा था. छुट्टियां बंद थीं, इसलिए वह मेडिकल अवकाश नहीं ले सकता था. ड्यूटी छोड़कर जाना भी संभव नहीं था. दर्द से राहत पाने के लिए उसने मोबाइल पर यूट्यूब देखा. वहां उसे जानकारी मिली कि अमरूद खाने से पेट दर्द में आराम मिल सकता है. बस इसी घरेलू नुस्खे पर भरोसा करके उसने परिसर में लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़कर खा लिया. सिपाही ने यह भी साफ किया कि उसका किसी भी तरह से अनुशासन तोड़ने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. अपने जवाब के आखिर में उसने बेहद विनम्र शब्दों में माफी भी मांगी और अनुरोध किया कि उसकी मजबूरी को समझते हुए उसे क्षमा कर दिया जाए.

सिपाही का जवाब जब अधिकारियों के सामने पहुंचा तो वे भी कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए. एक तरफ नियम-कानून और अनुशासन की किताब थी, तो दूसरी तरफ एक जवान की मजबूरी और ईमानदार स्वीकारोक्ति. बताया जा रहा है कि इस जवाब पर वरिष्ठ स्तर पर चर्चा हुई और आखिरकार यह तय किया गया कि मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, सिपाही को सख्त चेतावनी दी गई और भविष्य में ड्यूटी के दौरान इस तरह की गलती न दोहराने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया .यानी अमरूद के इस मामले में सिपाही को अंततः राहत मिल गई.

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