Monday, February 2, 2026
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NATIONAL : ‘अंजलि गाड़ी के नीचे आ गई, अशिका पंखे से झूल गई…अब बचा है तो बस उधार और 36 लाख का इंतजार, कंझावला केस के तीन साल

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अंजलि के बाद दूसरी बेटी अशिका भी चली गई. इसी पंखे, जिसके नीचे हम बैठे हैं, यहीं उसने फांसी लगा ली. रात सोओ, तो फंदे पर झूलता उसका शरीर याद आता है. गोली खाती हूं, तब जाकर सो पाती हूं. लोगों के लिए नया साल खुशियां लाता है, हमारे तो पुराने जख्म उधेड़ जाता है.1 जनवरी 2023! नया साल मनाकर थके हुए लोग जब सो रहे थे, तभी कंझावला की सड़कों पर एक लड़की कार के पहियों के नीचे घसीटी जा रही थी. एक किलोमीटर. दो किलोमीटर. 13 किलोमीटर. घर से नई गुलाबी जैकेट पहनकर निकली ये लड़की मांस का लोथ बनने तक सड़क पर लिथड़ती रही.

तीन साल में दुनिया में कई बादशाहतें बदल गईं. कई नक्शे बदलने को हैं. खुद दिल्ली में कई इमारतें उग आईं, तो कई जंगल गायब हो गए. लेकिन कंझावला केस के पीड़ित वहीं अटके हैं. घर का पता बदलने के बाद भी उनकी पहचान वही रही! उतना ही हिस्सा जिंदा है, जिसमें मरी हुई बेटी की बात या उसकी याद हो, बाकी तमाम जिंदा परिवार लगभग मर चुका. करण विहार के घर से अब मंगोलपुरी के एक कमरे में शिफ्ट हो चुके बचे-खुचे परिवार से मिलने जब हम पहुंचते हैं तो बेहद घनी बस्ती में भी उनका एड्रेस लोग जानते हैं. वे खुद गाड़ी को यहां-वहां मोड़ने का इशारा करते हैं.

शाम का वक्त. सीधी गली की शुरुआत कबाड़ी की दुकान से होती है. आसपास कोई पेड़ या पंक्षी नहीं. बिजली के तारों से भरी छतों वाली संकरी गली में कोई मौसम नहीं उतरता. न ठंड-न गर्मी और न बसंत.कुछ घर फर्लांगते ही अंजलि की मां रेखा का मकान है. एक कमरा. कोने में धूल फांकती गैस जैसे दिनों से कुछ न पका हो. बीचोबीच एक बिस्तर, जिसपर बाकी बचा परिवार सोता है. एक मां और दो बेटे. अंजलि के बाद एक और बेटी अशिका भी खत्म हो चुकी.

दुख अमरबेल की तरह रूम में पसरा हुआ दिखता है. ऐसे कि भीतर जाते ही बाहर निकलने की छटपटाहट हो जाए. तीन साल में तीन सौ से भी ज्यादा बार अलग-अलग माइक्स देख चुकी रेखा सामने ही इंतजार करती दिखीं.41 साल की मां, जिसकी 20 और 17 बरस की दो बेटियां जा चुकीं, उसके पास कहने को कुछ अलग नहीं. वे टू-द-पॉइंट बोलती हैं, जैसे शब्द नहीं, डेटा की बात हो रही हो.

‘अंजलि थी, तो दुनिया अलग थी. उसे सारे शौक थे. काम भी वैसा ही चुना. वेडिंग प्लानर बनने के बाद तिनका-तिनका जोड़कर घर के लिए फ्रिज खरीदा. क्रॉकरी का भी बहुत शौक था. कहती कि मम्मी खीर-हलवा खाओ तो कांच के बर्तन में स्वाद बढ़ जाता है. ये जितने नाजुक बर्तन दिख रहे हैं, सब उसी ने जोड़े.’

‘खुद भी किसी नाजुक बर्तन की तरह सुंदर लगती. अपने लिए ड्रायर खरीदा. उसके बाल हल्के थे. मुझसे जिद करती रहती कि फलां तरह की चोटियां गूंथ दो कि बाल भारी लगें. मौत की रात भी नई तरह के बाल बनवाकर निकली थी. अब तो उसके होने से ज्यादा उसके नहीं होने की याद जमा हो चुकी.’

ठिठुरन वाली सर्दी में भी रेखा की आवाज गर्म, जैसे बुखार का ताप उतर आया हो. अंजलि की मौत के वक्त भी उनका डायलिसिस चल रहा था.डायलिसिस तो अब भी होता है हफ्ते में तीन दिन. लेकिन फ्री का बंद हो चुका. अब मैं नजफगढ़ जाती हूं. पहले बड़ी ले जाती थी. फिर छोटी ले जाने लगी. अब वो भी ‘एक्सपायर’ हो गई तो छोटा बेटा अस्पताल जाता है. वही घर भी संभालता है कि क्या लाना है, या क्या बनाना है, अगर कभी कुछ बना तो!

क्या पता बहन. अंजलि हमारे घर की अकेली कमाऊ सदस्य थी. उसकी मौत के बाद अशिका को लगने लगा कि वो कुछ कमाए तो खर्च बंटेगा. हादसे के बाद सरकार से 10 लाख रुपये मिले थे, उसी से गुजारा हो रहा है. अशिका जोर देने लगी कि मैं उसे नौकरी करने दूं. मैं मना करती रही. 10वीं का पेपर ही दिया था उसने. छोटी थी. अंजलि की तरह धूप-छांव नहीं देखी थी. वो कैसे बाहर की दुनिया में टिकती.

इसी साल जून की दोपहर. छोटे बेटे को मैंने रिश्तेदारी में सोनीपत भेज दिया था. मैं और बड़ा बेटा किसी काम से बाजार गए. लौटे तो किवाड़ बंद था. दोपहर थी. कूलर में सो रही होगी, ये सोचकर हम इंतजार करते रहे. कई बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला. बेटे ने जंगले से झांककर देखा तो अशिका फंदे पर लटकी हुई थी.

एक बेटी के बाद काम के फेर में दूसरी बेटी भी एक्सपायर हो गई. यहीं इसी पलंग पर हमने उसकी लाश को रखा था. हफ्ते में तीन डायलिसिस करा रही मां की आवाज भारी, जैसे आसपास की सारी नमी, सारी ठंड सोखकर जम रही हो. हादसों और हादसों की यादों से भरे कमरे के एक कोने में अंजलि की फोटो लगी हुई. छोटी बेटी अशिका कहीं नहीं दिखती.

आंखों का इशारा समझते हुए रेखा बताती हैं- दो जवान मौतों के बाद लोगों ने कहा कि घर को कुछ लग गया होगा. पूजा करवा लो. हम बालाजी गए. वहां से लौटे तो पूजा करवाई और दोनों ही फोटो हटा दी. कुछ रोज पहले मीडिया वाले आए थे, तो अंजलि की फोटो वापस निकाली. पास ही छोटा बेटा बैठा हुआ. वो पूछता है- दीदी की फोटो देखेंगी! कौन सी लाऊं! एक्सपायर्ड या जिंदा वाली!

लगभग 11 साल का बच्चा. पिता के बाद दो बड़ी बहनों को खो चुका भाई. वो एक्सपायर्ड शब्द ऐसे बोलता है, जैसे रसोई में रखे किसी मसाले की बात हो रही हो, या ब्रेड के बासी पैकेट की. इस घर में या तो मौत की बात होती है, या मौत का इंतजार.

BIHAR : कार से जा रहे थे पति-पत्नी, पुलिस ने की चेंकिंग तो रह गई दंग, दंपति निकला…

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बिहार के हाजीपुर में ड्रग्स नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ऊपर से सामान्य दिखने वाले पति-पत्नी हेरोइन तस्करी के मास्टरमाइंड निकले. वैशाली पुलिस ने कार से 440 ग्राम हेरोइन, नकदी और अन्य सामान बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग इलाकों में नशे की सप्लाई कर रहा था.

बिहार में शराबबंदी के बाद से ही सूखे नशे का खतरनाक नेटवर्क तेजी से फैल रहा है. बिहार के हाजीपुर में ऊपर से सामान्य दिखने वाले एक पति-पत्नी ड्रग्स सिंडिकेट के मास्टरमाइंड निकले. वैशाली जिले में पुलिस ने एक ऐसे पति–पत्नी को पकड़ा है जो मिलकर हेरोइन तस्करी का संगठित गिरोह चला रहे थे. दंपति के कार से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई है.

यह मामला महिषौर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को एसटीएफ पटना से गुप्त सूचना मिली थी कि समस्तीपुर की ओर से एक कार में हेरोइन की बड़ी खेप लाई जा रही है. सूचना मिलते ही महुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-322 पर पनसल्ला चौक के पास वाहन जांच शुरू की.इसी दौरान समस्तीपुर की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और कार की तलाशी ली. तलाशी के दौरान ही पति-पत्नी की पोल खुल गई.

कार में डिब्बों में छिपाकर रखी गई कुल 440 ग्राम हेरोइन, नकद रुपये, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट बरामद किए गए. मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी सोनम कुमारी, धीरज कुमार सिंह और वाहन चालक बंदन कुमार शामिल हैं.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पति-पत्नी लंबे समय से सूखा नशा यानी हेरोइन की तस्करी में सक्रिय थे. वो बाहर से खेप मंगवाकर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे और अपने नेटवर्क के जरिए युवाओं को नशे के जाल में धकेल रहे थे. पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वो हेरोइन कहां से लाते थे और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे.

महुआ के एसडीपीओ सजीव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है. पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि हेरोइन की यह खेप कहां से लाई गई थी और किसे सप्लाई की जानी थी.

NATIONAL : ‘अजमेर शरीफ दरगाह पहले शिव मंदिर था’, कोर्ट में याचिका दायर कर ASI सर्वे की मांग

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अजमेर दरगाह के पहले शिव मंदिर होने का दावा करते हुए महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने जिला अदालत में याचिका दायर की. याचिका में एएसआई द्वारा सर्वे की मांग की गई है. 2024 में हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी इसी तरह की याचिका दी थी. अजमेर दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का प्रमुख मुस्लिम तीर्थस्थल है, जिसे मुग़ल सम्राट हुमायूँ ने बनवाया था.

अजमेर की एक जिला अदालत में याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह मूल रूप से एक शिव मंदिर था और इसके सर्वे की मांग की गई है. यह याचिका महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने दायर की.राजवर्धन सिंह परमार ने कहा, “अजमेर दरगाह पहले शिव मंदिर था और बाद में इसे दरगाह में बदल दिया गया. मैं लंबे समय से इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहा हूं. पहले भी राष्ट्रपति को याचिका दी गई थी, जिसे राजस्थान के मुख्य सचिव को भेजा गया.” उन्होंने एएसआई द्वारा सर्वे की भी मांग की है.

वरिष्ठ वकील ए. पी. सिंह ने बताया कि यह याचिका आज अजमेर में जिला न्यायाधीश के न्यायालय में दाखिल की गई. उन्होंने दावा किया कि यह स्थल प्राचीन काल में भगवान शिव को समर्पित मंदिर था.

अजमेर शरीफ दरगाह भारत के प्रमुख मुस्लिम तीर्थस्थलों में गिना जाता है और अजमेर का प्रसिद्ध स्थल भी है. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती फारस के सूफी संत थे. उन्होंने 1192 से 1236 ईस्वी तक अजमेर में निवास किया. मुग़ल सम्राट हुमायूं ने संत की स्मृति में यह दरगाह बनवाई और यहां उनका मकबरा स्थित है. अकबर और शाहजहां ने शासनकाल में दरगाह परिसर में मस्जिदें बनवाईं.

ENTERTAINMENT : इंडियन आइडल सिंगर के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोई पत्नी, गुमसुम दिखी 3 साल की बेटी, पसीजा फैंस का दिल

सिंगर प्रशांत तमांग को परिवार और दोस्तों ने अंतिम विदाई दी. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस मौके पर उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हुआ. वो अपनी 3 साल की बेटी को इस नाजुक पल में संभालती हुई दिखीं.

इंडियन आइडल 3 के विनर प्रशांत तमांग की मौत ने हर किसी को चौंकाया है. महज 43 साल की उम्र में सिंगर का दुनिया छोड़कर जाना दुखद है. प्रशांत के निधन ने उनके फैंस और परिवार को तोड़ दिया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पति को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए पत्नी मार्था एले का रो-रोकर बुरा हाल हुआ. उनकी 3 साल की बेटी भी इमोशनल दिखी.

सोमवार को प्रशांत का पार्थिव शरीर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट लाया गया. सिंगर को आखिरी विदाई देने के लिए परिवार के लोग, दोस्त वहां पर मौजूद थे. प्रशांत के पार्थिव शरीर को दार्जिलिंग ले जाया गया. वहां इंडियन आइडल सिंगर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा थी. वायरल वीडियो में पति के पार्थिव शरीर के सामने पत्नी मार्था फूट-फूटकर रोती हैं. वो अपने आंसुओं को कंट्रोल नहीं कर सकीं और रोने लगीं. बेटी भी अंतिम दर्शन के लिए मौजूद थी. पिता को इस हाल में देख वो गुमसुम दिखी. मार्था बेटी को इस नाजुक पल में संभालते हुए दिखीं. उन्होंने बेटी को अपनी गोद में बैठाया, फिर उसे गले से लगाया.

सिंगर की बेटी को देख लोगों का दिल पसीज गया है. कमेंट में लोगों ने कहा इतनी छोटी सी उम्र में नन्ही बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया है. फैंस ने परिवार को मजबूत रहने को कहा है. फैंस, परिवार और बाकी लोगों ने सिंगर को आखिरी विदाई दी. परिवार का हाल देख फैंस की भी आंखें नम हैं. पति की मौत पर मार्था ने बयान जारी कर कहा था कि प्रशांत की नेचुरल डेथ हुई है. वो सो रहे थे. नींद में ही उनकी मौत हुई थी. मार्था ने प्रशांत की मौत को लेकर किसी भी साजिश को खारिज किया.

दिल्ली में प्रशांत का 11 जनवरी को निधन हुआ था. वो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से आते थे. 2007 में इंडियन आइडल जीतने के बाद वो स्टार बने. नेपाली सिनेमा में उन्होंने काफी काम किया था. कई ब्लॉकबस्टर परफॉर्मेंस दीं. प्रशांत को फैंस ने पाताल लोक सीजन 2 में देखा था. उनके काम को सराहा गया था. वो सलमान खान की अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान में नजर आएंगे.

NATIONAL : कटी पतंग के पीछे ट्रेन की छत पर चढ़ा मासूम, 11,000 वोल्ट की चपेट में आया

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नागपुर के कामठी रेलवे स्टेशन पर पतंग के पीछे भागते किशोर लकी को 11,000 वोल्ट की OHE लाइन से जोरदार झटका लग गया . ट्रेन पर चढ़ते समय हुए हादसे में उसकी हालत गंभीर है. RPF और रेलवे कर्मियों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और GMCH में भर्ती कराया .उसकी हालत स्थिर बनी हुई है.

महाराष्ट्र में नागपुर जिले के कामठी रेलवे स्टेशन पर एक मासूम किशोर के साथ दर्दनाक हादसा हुआ . ट्रेन के ऊपर कटी पतंग का पीछा करते हुए 11,000 वोल्ट की हाई वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (OHE) के संपर्क में आने से 13 साल के लड़के की हालत गंभीर हो गई . रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों ने बताया कि रविवार दोपहर के समय यह हादसा हुआ . घायल किशोर की पहचान लकी के रूप में हुई है . बताया गया है कि लकी पतंग के पीछे भाग रहा था और उसकी पतंग स्टेशन पर खड़ी कोयले से भरी मालगाड़ी के डिब्बे पर फंस गई थी . पतंग को वापस पाने के लिए उसने खतरनाक कदम उठाते हुए ट्रेन के डिब्बे पर चढ़ने का प्रयास किया .

RPF के एक जवान ने उसे चढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने उसकी नहीं सुनी . घटना के दौरान पतंग की डोर ओवरहेड लाइन में फंस गई थी . जैसे ही लकी ने पतंग की डोर खींचने की कोशिश की, वह सीधा उच्च वोल्टेज लाइन के संपर्क में आ गया और उसे जोरदार झटका लगा . झटके से वह ट्रेन के डिब्बे पर गिर पड़ा .

रेलवे कर्मचारी और RPF कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे . सबसे पहले बिजली की सप्लाई काटी गई और किशोर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया . इसके बाद उसे तुरंत नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया . डॉक्टरों के अनुसार, लकी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेषज्ञों की देखरेख की आवश्यकता है . RPF अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को रेलवे क्षेत्रों में सुरक्षित रहने की शिक्षा दें और पतंग उड़ाने या खेल के दौरान किसी भी प्रकार के खतरनाक प्रयास से बचने की सलाह दें .

NATIONAL : लव मैरिज की ‘सजा’ खून…,पिता ने उजाड़ दी बेटी की मांग, घर में घुसकर किया दामाद का मर्डर

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मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है . बेटी के प्रेम विवाह से नाराज़ पिता ने कथित तौर पर अपने ही दामाद की गोली मारकर हत्या कर दी . मृतक की पत्नी ने मायके पक्ष पर आरोप लगाया है . पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.लव मैरिज की ‘सजा’ एक बार फिर मौत बनकर सामने आई है . यहां एक पिता ने बेटी के फैसले को अपनी इज्जत पर हमला मानते हुए कुछ ऐसा किया कि रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं . बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ऑनर किलिंग की इस दिल दहला देने वाली वारदात में एक युवक को सिर्फ इसलिए जान गंवानी पड़ी, क्योंकि उसने लव मैरिज की थी .

यह सनसनीखेज मामला मुजफ्फरपुर जिले के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंगरा गांव का है. मृतक की पहचान आयुष कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आयुष अपने घर में सो रहा था . तभी कुछ लोग अचानक घर में घुस आए और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं . गोली लगते ही आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई .घटना की सूचना मिलते ही सिवाईपट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची . पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया और घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए . साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है . गांव में इस हत्या के बाद मातम पसरा हुआ है और लोगों में दहशत का माहौल है .

मृतक की पत्नी तनु कुमारी ने इस हत्या के पीछे अपने मायके पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है . तनु ने बताया कि उसने करीब डेढ़ साल पहले गांव के ही युवक आयुष कुमार से प्रेम विवाह किया था . यह शादी उसके परिवार को बिल्कुल मंजूर नहीं थी . शादी के बाद से ही दोनों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं .तनु का आरोप है कि रविवार देर रात उसके पिता, मामा और कुछ अन्य रिश्तेदार जबरन घर में घुसे और उसके पति आयुष को गोली मार दी . उसने बताया कि उसका मायका और ससुराल एक ही गांव में पास-पास स्थित है, जिसके चलते पहले भी कई बार विवाद हो चुका था . तनु का आठ महीने का एक बेटा है, जो अब अपने पिता से हमेशा के लिए जुदा हो गया है .

इस घटना को लेकर ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है . उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है . पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा .

NATIONAL : खाने में मिली 3 इंच की इल्लियां, छात्राओं ने जताया विरोध तो वार्डन की धमकी- तुम्हारी प्राइवेट बातें घरवालों को बता दूंगी

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Insects in Hostel Food Khandwa: खंडवा के सीनियर जनजातीय कन्या छात्रावास की छात्राओं ने खाने में इल्लियां मिलने और वार्डन से प्रताड़ना मिलने पर 8 किमी पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट में धरना दिया. अपर कलेक्टर IAS Srushti Deshmukh ने जांच के आदेश दिए हैं.

MP News: खंडवा के सीनियर कॉलेज जनजातीय कन्या छात्रावास की 20-25 छात्राओं ने साहस की एक नई मिसाल पेश की. हॉस्टल के नरकीय हालातों और वार्डन की तानाशाही से तंग आकर ये आदिवासी छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर कलक्ट्रेट पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं.दरअसल, कलेक्टर कार्यालय के बाहर बीते दिन 15 से 18 वर्ष की 20-25 आदिवासी छात्राएं यहां धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी करने लगीं. वे अपने हॉस्टल की वार्डन की गंभीर शिकायतें लेकर आई थीं, जो वे कलेक्टर को बताना चाहती थीं. उनकी मुख्य शिकायत भोजन को लेकर थी, जिसमें आए दिन इल्लियां निकलती रहती हैं. शिकायत करने पर वार्डन रेखा प्रजापति उन्हें एडजस्ट करने की ही सलाह देती हैं.

छात्राओं के सब्र का बांध तब टूट गया, जब 5 छात्राओं की थालियों में 3 इंच लंबी इल्लियां समेत कीड़े निकलने लगे. इसके बाद कई छात्राओं को उल्टी होने लगी, कुछ की तबीयत इतनी बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन वहां भी इलाज से पहले पुलिस को सूचना देने की ताकीद की गई. गहरी हताशा में ये सभी छात्राएं हॉस्टल से पैदल ही 8 किलोमीटर दूर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं ताकि अपनी व्यथा बता सकें. वार्डन ने उन्हें रोकने का भरसक प्रयास किया, धमकाया भी, लेकिन वे इतने गुस्से में थीं कि कहीं नहीं रुकीं.

कलेक्टर कार्यालय के बाहर लड़कियों ने मीडिया को अपनी समस्या बताई, हालांकि उनके चेहरों पर वार्डन की धमकी का खौफ नजर आ रहा था. एक घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी के बावजूद जब कलेक्टर नहीं आए, तो छात्राएं उठीं और सभागार की तरफ दौड़ लगाई.हंगामा देखकर अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख मौके पर पहुंचीं और छात्राओं की समस्या सुनी. एक पीड़ित छात्रा मनीषा रंगीले ने बताया, ”हम सीनियर महाविद्यालय जनजातीय कन्या छात्रावास से आए हैं. यह अनुसूचित जाति का छात्रावास है. हमारी वार्डन रेखा प्रजापति मैम हैं. कुछ दिनों से लगातार भोजन में इल्लियां निकल रही हैं. आज तो हद हो गई, जब इतनी बड़ी इल्ली निकली वो गोंच वाली. हम मैम के पास लेकर गए तो वे बोलीं, ‘बेटा, आज एडजस्ट कर लो, फिर देखेंगे.

बहुत सारी लड़कियां उल्टी करने लगीं, उन्हें अस्पताल में एडमिट करना पड़ा. अस्पताल में इलाज करने से मना कर दिया, बोले पुलिस को इन्फॉर्म करो. हम कहां जाते सर? उल्टी कर-कर के… हमने बहुत बार मैम से कहा कि कुछ एक्शन लो, लेकिन वे बहाना बनाकर टाल देती हैं.” देखें Video:-

छात्रा ने बताया, ”आज 5 बच्चे बीमार थे- रक्षा, खुशबू, भारती, मनू, साक्षी और सलोनी दीदी. मैं खुद खाना खाया तो उल्टी हो गई, लेकिन कॉलेज चली गई. शिकायत करने पर वार्डन मैम डांटती हैं, उल्टा लड़कियों को धमकाती हैं- ”मैं तुम्हारे घर पर तुम्हारी प्राइवेट बातें बता दूंगी.”

यही नहीं, छात्राओं का आरोप है कि खाना बच जाता है तो भी नहीं देते. तीन रोटी मिलेंगी तो तीन ही मिलेंगी. सब्जी बस इतनी कि थाली का पेंदा ढंक जाए. पेट भरकर खाना भी नहीं देते. आज किसी ने भी खाना नहीं खाया. आज आलू की सब्जी में इल्ली मिली थी. हॉस्टल में 100 छात्राएं हैं, लेकिन 60 के करीब ही रहती हैं.पीड़ित छात्राओं का आरोप है, ”आज भी हमें यहां आने से बहुत रोका. हम दो बजे से आने की कोशिश कर रहे थे. जहां भी शिकायत करें, उल्टा हमें ही समझाते हैं- ”बेटा, एडजस्ट कर लो.”

इन छात्राओं ने अपर कलेक्टर को बताया कि वे सभी शहर के लालचौकी स्थित सीनियर ट्राइबल गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं हैं. उन्हें जेल में कैदियों को परोसे जाने वाले भोजन से भी बदतर खाना दिया जाता है. पीने का पानी भी साफ नहीं आता. हॉस्टल की साफ-सफाई भी समय पर नहीं होती.छात्राओं ने कहा कि पहले भी कई बार जनजातीय कार्य विभाग के दफ्तर में शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला. सहायक संचालक नीरज पाराशर निरीक्षण पर आते हैं और उल्टा एडजस्ट करने को कहकर चले जाते हैं. फिर वार्डन धमकाती हैं. घरवालों को फोन करके कहती हैं कि तुम्हारी लड़की स्कूल नहीं जाती, बाहर घूमती है. खराब खाने का विरोध करने पर थप्पड़ मारती हैं. कहती हैं- ”जहां जाना हो, चले जाओ. मेरी बहुत पहचान है, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा.”

अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख ने आश्वासन दिया कि वे हॉस्टल का निरीक्षण करेंगी और सभी समस्याओं का जल्द समाधान कराएंगी. इसके बाद छात्राओं ने प्रदर्शन खत्म किया.

NATIONAL : खुशियों का पर्व लोहड़ी आज, जानें शुभ मूहुर्त और दुल्ला-भट्टी की कहानी का महत्व

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लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है. यह पर्व हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है और सर्दियों के अंत और फसल के नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक है.

लोहड़ी का पर्व हर वर्ष 13 जनवरी को पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है. यह पर्व मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले आता है और शीत ऋतु के अंत और नई फसल के आगमन का प्रतीक माना जाता है. लोहड़ी मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है. इस वर्ष लोहड़ी के दिन कई शुभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं. आइए जानते हैं इन शुभ योगों और इस पर्व के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के बारे में.

आज 13 जनवरी 2026, मंगलवार के दिन लोहड़ी का पर्व मनाया जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहड़ी की पूजा और पवित्र अग्नि प्रज्वलित करने के लिए शाम का समय सबसे उत्तम माना जाता है. आज लोहड़ी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:43 बजे से 7:15 बजे तक रहेगा. इस समय में अग्नि पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है.

इस वर्ष लोहड़ी के अवसर पर सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है और साथ ही चित्रा नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा. इन शुभ संयोगों के कारण सुख-समृद्धि, धन-वैभव और संपत्ति में वृद्धि के योग बन रहे हैं. यह दिन नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है.लोहड़ी के दिन लोग खुले स्थान पर अग्नि जलाकर उसके चारों ओर नाचते-गाते हैं. महिलाएं पारंपरिक गिद्दा नृत्य करती हैं, जो पंजाब की सांस्कृतिक पहचान है. अग्नि में गुड़, तिल, रेवड़ी, गजक, मूंगफली और मक्का (पॉपकॉर्न) अर्पित किए जाते हैं. इसके साथ ही लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हैं और तिल के लड्डू बांटते हैं.

लोहड़ी का पर्व विशेष रूप से फसल कटाई के समय मनाया जाता है. यह पर्व रबी की फसल के आगमन की खुशी का प्रतीक है. इस दिन सूर्य देव और अग्नि देव को फसल समर्पित कर उनका आभार व्यक्त किया जाता है. किसान अच्छी पैदावार और समृद्धि की कामना करते हैं.

लोहड़ी के पर्व पर दुल्ला भट्टी का स्मरण करना विशेष महत्व रखता है. दुल्ला भट्टी पंजाब के लोकनायक माने जाते हैं. कहा जाता है कि वे अमीरों से लूटकर गरीबों की मदद करते थे. लोककथाओं के अनुसार, दुल्ला भट्टी ने कई गरीब लड़कियों की इज्जत की रक्षा की और उनका विवाह करवाया, जिसमें उन्होंने कन्यादान की भूमिका निभाई. इसलिए लोहड़ी के गीतों में आज भी उनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है और लोग गाते हैं. “सुंदर मुंदरिए हो, दुल्ला भट्टी वाला हो…”

लोहड़ी के दिन शाम के समय घर के बाहर या किसी खुले स्थान पर लकड़ियां और उपले एकत्र करें. इसके बाद दुल्ला भट्टी की कथा का स्मरण करते हुए शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें. अग्नि जलाने के बाद उसमें तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्का (पॉपकॉर्न) अर्पित करें. अर्पण के साथ-साथ अग्नि की 7 या 11 बार परिक्रमा करें और परिवार की सुख-शांति व खुशहाली की प्रार्थना करें. पूजा पूर्ण होने के बाद रेवड़ी और मूंगफली का प्रसाद सभी में बांटें और लोहड़ी की शुभकामनाएं दें.

NATIONAL : बेंगलुरु में ‘AI गर्ल’ का कहर… 26 साल के युवक का न्यूड वीडियो बनाकर हड़प लिए 1.53 लाख रुपये

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बेंगलुरु में एक युवक से AI डेटिंग ऐप स्कैम के जरिए 1.53 लाख रुपए की ठगी की गई. एक AI-जनरेटेड महिला अवतार ने वीडियो कॉल पर युवक को ब्लैकमेल किया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.तकनीक की दुनिया में एक नया और डरावना ट्रेंड सामने आया है, जहां अपराधी AI-जनरेटेड चेहरों का इस्तेमाल कर लोगों को हनीट्रैप में फंसा रहे हैं. बेंगलुरु के 26 साल के युवक को ‘Happn’ डेटिंग ऐप पर मिली एक फर्जी ‘इशानी’ नाम की प्रोफाइल ने लाखों का चूना लगा दिया.

दरअसल, पीड़ित ने Happn डेटिंग ऐप पर एक प्रोफाइल बनाई थी, जिसके बाद उसे इशानी नाम की एक महिला से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली. दोनों ने चैटिंग शुरू की, मोबाइल नंबर एक्सचेंज किए और प्राइवेट बातचीत की.कुछ दिनों बाद, पीड़ित को उसी नंबर से एक वीडियो कॉल आया, जिसमें महिला न्यूड दिखाई दी. उसने कथित तौर पर युवक को अपने कपड़े उतारने के लिए मनाया, जिसके बाद उसके न्यूड विज़ुअल्स चुपके से रिकॉर्ड कर लिए गए.

आरोपी ने बाद में रिकॉर्ड की गई न्यूड तस्वीरें और वीडियो पीड़ित को भेजे और उन्हें पब्लिक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिय.। दबाव में आकर पीड़ित ने कथित तौर पर किश्तों में पैसे दिए, जो कुल 1.53 लाख रुपये थे. जब आरोपी ने और पैसे मांगे, तो पीड़ित सेंट्रल CEN पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई.

शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह स्कैम एक AI से बने महिला अवतार का इस्तेमाल करके किया गया था, न कि किसी असली महिला का. पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.

NATIONAL : ‘गुटखा’ थूकने के लिए उठाया नकाब और CCTV में कैद हो गया चेहरा… पुलिस के हत्थे चढ़ गया शातिर चोर, पहुंचा जेल

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CCTV Footage Thief Identity: MP के रीवा में पुलिस ने एक ऐसी चोरी का पर्दाफाश किया है, जहां अपराधी की एक छोटी सी लत उसकी पहचान का सबसे बड़ा जरिया बन गई. ‘गुटखा’ खाने के लिए चंद सेकंड के लिए चेहरा खोलना शातिर चोर को महंगा पड़ा और वह अब सलाखों के पीछे है.

MP के रीवा में चोरी की एक वारदात का ऐसा खुलासा हुआ है, जिसमें बदमाश की सबसे बड़ी कमजोरी ही उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गई. सराफा दुकान में चोरी करने वाला नकाबपोश बदमाश अपनी गुटखा खाने की लत के कारण पुलिस के हत्थे चढ़ गया. सिटी कोतवाली पुलिस ने पूरी वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से लाखों के जेवर भी बरामद किए हैं.

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के उपरहटी में 6 जनवरी की शाम एक सराफा दुकान में चोरी की घटना हुई थी. सराफा व्यापारी विनोद कुमार खंडेलवाल घर का दरवाजा बंद कर कुछ देर के लिए मोहल्ले में सामान लेने गए थे. इसी दौरान शातिर बदमाश घर में घुसा और दुकान तक पहुंचकर वहां रखे चांदी के जेवर लेकर फरार हो गया. भागते समय बदमाश के कुछ जेवर रास्ते में गिर गए, जिससे व्यापारी को चोरी की जानकारी लगी.

मामले की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की. इसी दौरान एक कैमरे में वारदात से कुछ मिनट पहले एक नकाबपोश संदिग्ध गुटखा खाते हुए नजर आया, जिसने गुटखा खाने के लिए जैसे ही मुंह खोला, उसका चेहरा कैमरे में साफ कैद हो गया. देखें Video:-

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