Wednesday, May 13, 2026
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NATIONAL : ‘देहरादून में फंसी हूं, लेने आओ’, एक साल बाद नाबालिग ने घर पर किया फोन, दलालों ने दिल्ली में बेच दिया था

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छत्तीसगढ़ की नाबालिग लड़की को काम का झांसा देकर दिल्ली ले जाया गया और वहां बेच दिया गया. 1.5 साल बाद उसने देहरादून से परिजनों को फोन कर मदद की गुहार लगाई है. जानिए आगे क्या हुआ.

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गांव की एक महिला दलाल ने काम दिलाने के नाम पर नाबालिग लड़की को दिल्ली ले जाकर बेच दिया. करीब डेढ़ साल से लापता रही इस नाबालिग ने हाल ही में अपने परिजनों को फोन कर पूरी कहानी बताई.

उसने बताया कि उसे दिल्ली में बेच दिया गया और अब वह देहरादून में किसी के घर में काम करने को मजबूर है. परिजनों ने सीतापुर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस उसे वापस लाने की कोशिश में जुटी है.

जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले के पेटला गांव की रहने वाली पूनम लकड़ा नामक नाबालिग लड़की को गांव की ही महिला रीना काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गई थी. वहां उसने पूनम को किसी के हाथ बेच दिया. इसके बाद परिजनों ने कई जगह उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसी बीच हाल ही में महिला दलाल रीना अचानक गांव लौट आई, लेकिन पूनम उसके साथ नहीं थी. कुछ दिन बाद पूनम ने किसी तरह परिजनों को फोन किया और रोते हुए बताया कि उसे दिल्ली में बेचा गया था और अब वह देहरादून में किसी के घर में जबरन काम कर रही है.

पूनम ने अपने परिजनों से फोन पर कहा कि उसे न तो बाहर जाने दिया जाता है और न ही किसी से बात करने की इजाजत है. बड़ी मुश्किल से उसे फोन करने का मौका मिला है. उसने गुहार लगाई कि वह देहरादून में फंसी है और परिजन जल्द से जल्द आकर उसे घर वापस ले जाएं.

छत्तीसगढ़ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के काम में लगी संस्था पद प्रदर्शन को जैसे ही जानकारी लगी कि यहां से एक नाबालिग को बेचा गया है तो NGO के कार्यकर्ता पेटला गांव पहुंचे. और परिजनों की आप बीती सुन उन्हें थाने लेकर गए परिजनों ने सीतापुर थाने में बेटी को बेचे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है. अब पुलिस नाबालिक को देहरादून से वापस लाने के प्रयास कर रही है.

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर और मैनपाट इलाके में पहले भी कई लड़कियों को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाकर बचने के मामले सामने आ चुके हैं. पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं की जागरूकता के चलते इन मामलों में कुछ कमी जरूर आई है. लेकिन अब भी दर्जनों लड़कियों इन इलाकों से गायब है.

ENTERTAINMNET : आमिर खान और जूही चावला की 7 साल तक चली थी लड़ाई, एक्स बीवी ने दी थी ये सलाह

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एक्टर आमिर खान इन दिनों फिल्म सितारे जमीन पर के प्रमोशन में बिजी हैं. आमिर लगातार इंटरव्यूज दे रहे हैं. यहां वो पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में बात कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने एक्ट्रेस जूही चावला के साथ लड़ाई को लेकर रिएक्ट किया. आमिर और जूही के बीच में 7 साल तक लड़ाई चली थी. हालांकि, आमिर की एक्स वाइफ रीना दत्ता ने इस लड़ाई को खत्म करवाया.

राज शमानी के पॉडकास्ट में आमि खान ने बताया कि अगर उनकी किसी से लड़ाई होती है और अगर उन्हें कोई हर्ट करता है तो वो खुद को पूरी तरह अकेला कर लेते हैं. आमिर ने बताया कि एक बार उनका किरण राव के साथ झगड़ा हो गया था तो उन्होंने 4 दिन तक बात नहीं की थी. इससे किरण राव बहुत रोई थीं. आमिर ने कहा कि जूही के साथ भी ऐसा ही हुआ था.

आमिर ने कहा, ‘ये मेरी सबसे बड़ी कमी है. मैं बहुत जल्दी हर्ट हो जाता था और मैं उस शख्स को भूल जाता था जिससे मेरी अनबन हुई है. जूही और मेरा झगड़ा हुआ, 7 साल चला. मैंने 7 सात साल तक बात नहीं की जूही के साथ. जबकी हम साथ में काम कर रहे थे. 7 साल एक छोटी बात पर अपसेट हुआ था. उसने काफी कोशिश की थी. मैं टस से मस नहीं होता था. रीना मुझे बोलती थी कैसे कर रहे हो तुम? मिलो उससे खत्म करो.’

बता दें कि कुछ साल पहले एक मीडिया इंटरेक्शन में आमिर खान ने जूही संग लड़ाई को लेकर बात की थी. आमिर ने बताया कि 2002 में उन्होंने झगड़े को खत्म कर लिया था, रीना से तलाक के बाद.

 

JAMMU : ब्लैकआउट और सायरन बजते ही बम धमाकों से मचा हड़कंप, घर से बाहर निकले तो पता चला ‘मॉकड्रिल’ है

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जम्मू की ADM अनुसूया जामवाल ने बताया कि ऑपरेशन शील्ड के तहत ब्लैकआउट की कार्रवाई की गई. सेना और प्रशासनिक एजेंसियों के इस मॉक ड्रिल से किसी को डरने की जरूरत नहीं.

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर प्रशासन ने ऑपरेशन शील्ड के तहत शनिवार की रात जम्मू में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट की कार्रवाई की. इस दौरान पाक सीमा से लगे इलाकों में बने युद्ध जैसे हालातों की प्रतीकात्मक तस्वीर जम्मू प्रशासन ने जारी की है.जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शनिवार की रात मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट के दौरान युद्ध और इमरजेंसी जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी को धार दी. इस योजना के तहत शनिवार को रात 8 बजते ही जम्मू संभाग के अधिकतर हिस्सों में ब्लैकआउट का ऐलान कर दिया गया.

इस दौरान सबसे दिलचस्प तस्वीरें जम्मू के सीमावर्ती इलाके कानाचक से सामने आई है. इस इलाके में प्रशासन में ऑपरेशन शील्ड के दौरान अपनी तैयारी का जायजा लेने और उन्हें धार देने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया था. पूरे इलाके में सायरन की आवाज गूंजी, इलाका बम धमाकों की आवाज से दहल उठा.

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने लोगों को मॉकड्रिल के जरिए समझाया कि युद्ध जैसी स्थिति है. पाकिस्तान किसी भी इलाके को टारगेट कर सकता है. युद्ध जैसी स्थिति को दर्शाने के लिए हाईवे पर पेड़ काटे गए और उसे ब्लॉक किया गया. वहीं, पाकिस्तानी शेलिंग कई जगह लगाई गई. ताकि दमकल विभाग की तैयारी का लिया जा सके.

ब्लैकआउट के दौरान बम धमाका के साथ ही प्रशासन हरकत में आया और सबसे पहले आग को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची. रोड ब्लॉक होने के चलते जल्द ही दूसरे संबंधित विभागों को भी बुलाया गया और कटर के जरिए पेड़ को काटकर दमकल विभाग के वाहनों और एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया गया. उसके बाद पूरा प्रशासनिक अमला, एंबुलेंस, दमकल विभाग और पुलिस उस बिल्डिंग में पहुंची जिसे प्रतीकात्मक तस्वीरों में टारगेट करते हुए बिल्डिंग बताया गया था. इन तस्वीरों में यह दिखाया गया था कि कैसे पाकिस्तान ने एक बिल्डिंग को टारगेट किया है और यहां हुई गोलाबारी में कई लोग घायल हुए हैं.

आग पर काबू पाने के बाद एंबुलेंस और दमकल विभाग की गाड़ियां बिल्डिंग की तरफ पहुंची और यहां से सभी घायलों को सकुशल निकालकर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया.जम्मू की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनुसूया जामवाल ने बताया कि ऑपरेशन शील्ड के तहत कार्रवाई जा रही है. इस मॉक ड्रिल से किसी को डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यह ड्रिल युद्ध जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारी का जायजा लेने के लिए आयोजित की गई है.

NATIONAL : 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में ACB की बड़ी कार्रवाई, वांडेट विजय भाटिया दिल्ली से गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ में कथित दो हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले के मुख्य आरोपी विजय भटिया (Vijay Bhatia) को एसबी ने गिरफ्तार किया. अब एसीबी की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर आ रही है.छत्तीसगढ़ में कथित दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच कर रही एसीबी ने रविवार (1 जून ) को बड़ी कार्रवाई की. कथित 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में फरार आरोपी विजय भाटिया को एसीबी (ACB) ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया.

विजय भाटिया लंबे समय से फरारी काट कर रहा था. विजय भाटिया एसीबी की वांटेड सूची में शामिल था. शराब कारोबारी विजय भाटिया को दिल्ली स्थिति उनके ठिकाने से एसीबी ने अरेस्ट किया.छत्तीसगढ़ में कथित दो हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले के मुख्य आरोपी विजय भटिया को गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की टीम अब उसे दिल्ली से रायपुर लेकर आ रही है.

शराब कारोबारी विजय भाटिया को पूर्व मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है. इससे पहले ईओडब्ल्यू, एसीबी और ईडी की टीमें तीन बार नेहरू नगर स्थित भाटिया के ठिकानों पर छापेमारी की थी. पिछली बार भाटिया मौके से फरार होने में सफल रहा. इस बार एसीबी ने उसे दिल्ली से दबोच लिया और किसी को भनक तक नहीं लगी.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला के तहत साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब की दुकानों द्वारा अवैध शराब की बिक्री से संबंधित है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पता चला है कि इस घोटाले के कारण छत्तीसगढ़ सरकार को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

जांच एजेंसी ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और अनवर ढेबर ने मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया था. इन लोगों पर आरोप है कि राज्य में अवैध रूप से शराब बांटकर मोटा मुनाफा कमाया.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईडी ने 28 दिसंबर 2024 को कवासी लखमा के आवास व अन्य ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए थे, जिनमें घोटाले से हुई कमाई के सबूत थे. उसके बाद लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया. कवासी लखमा इस समय रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है.

NATIONAL : ट्रैक पर रखा था 10 फीट लंबा पाइप, बिछाए गए थे पत्थर… शामली में पायलट की सूझबूझ से टला रेल हादसा …

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दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन को पलटाने की सुनियोजित साजिश सामने आई है. घटना शनिवार रात करीब 10:30 बजे की है. दिल्ली से आ रही पैसेंजर ट्रेन जब शामली और बलवा स्टेशन के बीच जंगली इलाके से गुजर रही थी, उसी दौरान पायलट की नजर ट्रैक पर रखे लोहे के पाइप पर पड़ी. पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन समय रहते रुक गई और बड़ा हादसा टल गया.

दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन को पलटाने की कोशिश की गई है. शरारती तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर करीब 10 फीट लंबा लोहे का पाइप रख दिया था. ट्रैक पर भी पत्थर बिछा दिए थे. हालांकि, लोको पायलट की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया. घटना शनिवार रात की है.

जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 64021 दिल्ली से यूपी के शामली की ओर जा रही थी. रास्ते में उसे पटरी से उतारने की सुनियोजित साजिश रची गई. रात करीब 10:30 बजे ट्रेन जब शामली और बलवा स्टेशन के बीच पहुंची तो ट्रैक पर पाइप रखे मिले. ट्रैक पर पत्थर बिछाए गए थे. एक लोहे का पाइप 10 फीट लंबा था. हालांकि, पायलट ने सूझबूझ दिखाई और ट्रेन को रोक दिया, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि पायलट ने ट्रैक पर दूर से पाइप देख लिया था. इस पर इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए. काफी देर तक ट्रेन जंगल में खड़ी रही, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. वीडियो में देखा जा रहा है कि ट्रैक पर पत्थर बिछे हैं और लंबे पाइप भी रखे गए हैं.घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और शामली पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे. अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाके में छानबीन भी की.

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि लोहे के ये पाइप नलकूप से चोरी किए गए थे, जिन्हें बाद में रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया. इस पूरे मामले की फिलहाल गंभीरता से जांच-पड़ताल की जा रही है.

लोको पायलट की सतर्कता से ना सिर्फ एक बड़ा हादसा टल गया, बल्कि ट्रेन में सफर कर रहे हज़ारों यात्रियों की जान भी बच गई.

NATIONAL : जालोर रेलवे स्टेशन पर बम ब्लास्ट, 30 घायल, ब्लैआउट और सायरन बजते ही लोगों ने बुझा दी घर की बत्ती, जानें क्यों?

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जालोर में ऑपरेशन शील्ड के तहत नागरिक सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के मकसद से मॉक ड्रिल आयोजित किया गया. इस दौरान जांच एजेंसियों ने लिया सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर अमले करते हुए राजस्थान के जालोर जिला प्रशासन ने द्वितीय सिविल डिफेंस अभ्यास ‘ऑपरेशन शील्ड’ का आयोजन शनिवार की रात किया. इसका मकसद नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना है. इस योजना के तहत शनिवार को रेलवे स्टेशन परिसर जालोर में नागरिक सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया गया.

ब्लैकआउट और मॉकड्रिल के तहत रेलवे स्टेशन पर बमबारी से 30 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना पर जिला प्रशासन, पुलिस, मेडिकल, एनडीआरएफ के 15 सदस्य दल, होमगार्ड के 60 सदस्य दल और सिविल डिफेंस को दी गई. बम ब्लास्ट की सूचना मिलने से सभी सरकारी एजेंसियों से जुड़े लोगों के हाथ पांव फूल गए.

जालोर रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट की सूचना के बाद सभी सरकारी एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुट गईं. तत्काल अस्थायी अस्पताल बनाए गए. डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मौके पर पहुंचे. घायलों को तुरन्त उपचार मुहैया कराया गया. पुलिसकर्मी सुरक्षा जांच में इस दौरान जुटे रहे. गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भर्ती कराया गया.

मॉक ड्रिल की रणनीति के तहत जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिविल डिफेंस, अग्निशमन, एनसीसी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, डिस्कॉम, सहित नागरिक सुरक्षा सेवाओं की रेस्पॉन्स टीम ने आपातकालीन निकासी योजनाओं और उनके कार्यान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन किया.

दरअसल, ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत ब्लैकआउट, सायरन बजाने और मॉक ड्रिल का आयोजन नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के मकसद किया जाता है. इस दौरान युद्ध जैसे जैसे हालात शहर या कस्बों में पैदा किए जाते हैं. इस घटना की सूचना ब्लैकआउट और सायरन बजाकर लोगों को दी जाती है.

ऐसे हालात में सभी नागरिकों को चाहिए कि सायरन बजने ही यथास्थिति में अपने घरों, दुकानों, होटलों, भवनों, वाहनों, कार्यालय या किसी भी परिसर की सभी लाईटें स्वेच्छा से बंद कर दें. घर की खिड़कियों और दरवाजों पर काले पर्दे या कवर लगाएं. ताकि रोशनी बाहर न जाए. अफवाहों से बचें तथा सटीक जानकारी सुनें व प्रसारित करें. ड्रिल के समय निर्धारित समय पर बिजली के सभी उपकरण बंद करें. ड्रिल के समय शांत रहे व अफवाहों से बचें. ब्लैकआउट के दौरान टॉर्च या बैटरी से चलने वाले उपकरण साथ रखें. गांव व मोहल्लों में चौकसी रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें. ड्रिल के दौरान मोबाइल की फ्लैश लाइट व वाहन की हेडलाइट का अनावश्यक प्रयोग न करें. भीड़ इकट्ठी न करें और अनुशासन बनाए रखें. किसी भी प्रकार की आतिशबाजी, तेज आवाज वाले उपकरणों या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न करें.

 

NATIONAL : शादीशुदा आशिक ने नाबालिग प्रेमिका को दी थी दर्दनाक मौत, अब नवादा में प्रेमी समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

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पुलिस जांच में पता चला कि 20 मई को जब रिया के फूफा-फुआ ड्यूटी पर थे, तब आशिक ने उसकी हत्या कर दी थी. उसके बाद दोस्तों के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगा दिया.

नवादा पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग रिया हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. एसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में गठित टीम ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी रिया का प्रेमी आशिक कुमार है. हिसुआ की रहने वाली रिया 15 मई को अपने घर से लापता हुई थी. बाद में उसका शव बेंगलुरु के चंदपुरा रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रॉली बैग से बरामद हुआ था.

पुलिस जांच में पता चला कि 20 मई को जब रिया के फूफा-फुआ ड्यूटी पर थे, तब आशिक ने उसकी हत्या कर दी थी. पूछताछ में आशिक ने बताया कि वो रिया को पटककर उसकी छाती पर बैठ गया. फिर उसका गला दबाया और सिर को जमीन पर पटका. गला दबाने से रिया की गर्दन की हड्डी टूट गई और उसकी मौत हो गई.

हत्या के बाद आशिक ने अपने दोस्तों को बुलाया. उन्हें धमकी दी कि अगर आत्महत्या की बात नहीं कही तो सबको फंसा देगा. आरोपी के फूफा ने शव छुपाने की सलाह दी. आशिक ने खिड़की का शीशा अंदर से तोड़ा ताकि बाहर से देखे जाने का भ्रम पैदा हो, लेकिन कांच के बाहर गिरने से पुलिस को शक हुआ.

डीएसपी हुलास कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने राहुल नगर गांव में घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ा गया. अब सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. एक प्रेम प्रसंग ने दर्दनाक मोड़ ले लिया. 15 मई को रिया अपने प्रेमी आशिक कुमार के साथ घर से भाग गई. आशिक पहले से शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था.

पुलिस जांच में सामने आया कि आशिक ने अपने साथियों की मदद से रिया की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को नीले रंग के ट्रॉली बैग में रखा गया. आरोपियों ने ओला कार बुक की और शव को चांदपुरा रेलवे स्टेशन के पास ले गए. वहां सुनसान जगह पर कार रुकवाने से ड्राइवर को शक हुआ, लेकिन वह पैसे लेकर लौट गया. आरोपियों ने शव को रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया.

21 मई की सुबह सूर्यनगर पुलिस ने शव बरामद किया. परिजनों ने सोशल मीडिया पर खबरें देखने के बाद शव की पहचान की. पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें आशिक कुमार, उसके फूफा मुकेश कुमार, फुआ इंदु देवी, राजाराम रविदास, राजू कुमार, कालू रविदास और मोहन कुमार शामिल हैं, सभी आरोपियों को सूर्यनगर थाना के इंस्पेक्टर संजीव महाजन के सुपुर्द कर दिया गया है.

 

DELHI : आपसी विवाद में 17 वर्षीय लड़के पर चाकुओं से हमला… बाजार से लौटते वक्त किया गया हमला

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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में मामूली कहासुनी के बाद कुछ युवकों ने 17 वर्षीय एक लड़के के पैर में चाकू घोंप दिया. जिससे लड़का घायल हो गया.

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में मामूली कहासुनी के बाद कुछ युवकों ने 17 वर्षीय एक लड़के के पैर में चाकू घोंप दिया. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी के मुताबिक शाम करीब 7 बजे मंगोलपुरी पुलिस को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल से चाकू घोंपने के बाद घायल हुए एक लड़के के भर्ती होने की सूचना मिली.

मंगोलपुरी निवासी घायल युवक को डॉक्टरों ने बयान के लिए फिट घोषित कर दिया और बाद में उसने पुलिस को बताया कि हमला शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ, जब वह अवंतिका बाजार से लौट रहा था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब लड़का मंगोलपुरी के एल-ब्लॉक पार्क के पास पहुंचा, तो कुछ लड़कों का एक समूह उसके पास आया. जब उसने भागने की कोशिश की, तो उनमें से एक ने उसकी जांघ में चाकू घोंप दिया.

इसके बाद उसे खून बहता देख ग्रुप भाग गया. जिसके बाद एक स्थानीय निवासी ने लड़के को अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि चोटें शारीरिक हमले के अनुरूप थीं, जिसमें कई घाव थे, लेकिन स्पष्ट किया कि चोटें पैर तक ही सीमित थीं और पीड़ित की हालत स्थिर है, उसका इलाज चल रहा है.पुलिस ने कहा कि घटना के पीछे का मकसद युवक और इलाके के कुछ लड़कों के बीच मामूली कहासुनी प्रतीत होता है. पीड़ित के बयान के आधार पर मंगोलपुरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. जल्द ही घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ENTERTAINMENT : ‘बच्चे मेरा कंटेंट देख रहे हैं तो उनके पेरेंट्स जिम्मेदार’, पेरेंटिंग पर समय रैना ने कही ये बात

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कॉमेडियन समय रैना कुछ समय पहले अपने शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से सुर्खियों में छाए हुए थे. उनका शो यूट्यूब पर स्ट्रीम होता था जिसे हर कोई देख सकता था. जिसमें छोटी उम्र के बच्चे भी शामिल हैं. अब समय ने अपने कंटेंट देखने वाली ऑडियंस पर एक कमेंट किया है.

कॉमेडियन समय रैना अक्सर अपने बेबाक कॉमिक अंदाज से सुर्खियों में बने रहते हैं. उनका कॉन्ट्रोवर्शियल शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कुछ महीनों पहले हर तरफ एक अलग कारण से छाया हुआ था. समय का कंटेंट यूट्यूब पर हर कोई देखता है. ऐसे में उनके शो पर किए गए अश्लील कमेंट्स बहुत तेजी से फैल गए थे. जिसके बाद कॉमेडियन को अपना शो यूट्यूब से हटाना पड़ा था.

हाल ही में समय ने आज के डिजिटल वर्ल्ड में पेरेंटिंग पर बात की जिसका क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. उन्होंने बतौर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अपनी जिम्मेदारी पर कहा कि वो ऑनलाइन सिर्फ बच्चों को दिखाने के लिए खुद को नहीं बदल सकते हैं. अगर छोटे-छोटे बच्चे उनका कंटेंट देख रहे हैं, तो इसमें उनके माता-पिता की गलती है. उनका ये पॉडकास्ट ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कॉन्ट्रोवर्सी से पहले जनवरी के महीने में शूट हुआ था.

हालांकि, होस्ट की इस बात पर समय चुप नहीं बैठे. उन्होंने तुरंत जवाब में कहा, ‘अगर कोई 8-10 साल का बच्चा भी मुझे देख रहा है, तो इसमें उसके माता-पिता की गलती है. जब मैं उस उम्र का था, तब मेरे पिता मुझे टीवी देखने के लिए डांट देते थे. मैंने उस डर से कभी टीवी नहीं देखा था. जिसके बाद मैं कभी उन चीजों से इंफ्लुएंस नहीं हुआ.’

‘मुझे सचमुच ऐसा लगता है इसमें मेरे पिता ने अपना काम अच्छे ढंग से किया. तो ये पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने बच्चों के लिए जिम्मेदार बनें. अगर मैं लोगों को कुछ करने के लिए इंफ्लुएंस करना चाहता हूं, तो इसके लिए मुझे ईमानदार होना होगा.’

बता दें, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कॉन्ट्रोवर्सी के बाद समय रैना एक बार फिर अपने कॉमिक शोज के साथ वापसी करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने हाल ही में अपना इंटरनेशनल टूर अनाउंस किया है, जिसके बाद वो कॉमेडी वर्ल्ड में अपनी नई जर्नी की शुरुआत करने जा रहे हैं.

UP : बीवी से अवैध संबंध के शक में ममेरे भाई को मारी गोली, फिर काटी गर्दन… पांच महीने बाद खुला राज

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यूपी के बागपत से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां पांच महीने पहले हुए हिमांशु हत्याकांड की गुत्थी अब जाकर सुलझी है. फौज में तैनात ममेरे भाई अक्षय ने इस वारदात का खुलासा किया है. आरोप है कि हिमांशु के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे, इसी को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया.

बागपत में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला हत्याकांड सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने अपनी बीवी से अवैध संबंधों के शक में ममेरे भाई को पहले सीने में गोली मारी, फिर गला काटकर उसकी लाश हिंडन नदी में फेंक दी. पांच महीने तक गायब रहे हिमांशु की हत्या का खुलासा खुद आरोपी अक्षय ने किया, जो वारदात के बाद फरार चल रहा था. पुलिस ने जब उसे दबोचा तो उसकी निशानदेही पर मिला एक जूता इस खौफनाक कत्ल का सबसे बड़ा सबूत बन गया.

दरअसल, यह मामला बागपत के थाना खेकड़ा क्षेत्र का है. यहां 5 महीने पहले हिमांशु नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. हिमांशु मेरठ के छुर गांव का रहने वाला था. आरोप है कि हिमांशु के ममेरे भाई अक्षय की पत्नी से अवैध सबंध हो गए थे. जब उसका ममेरा भाई ड्यूटी पर जाता था, तब हिमांशु बागपत अपने ननिहाल आकर अक्षय की पत्नी से मिलता था. इसी शक में अक्षय छुट्टी लेकर गांव आया और पत्नी से कहकर हिमांशु को छुर गांव से बुलवाया.

जैसे ही हिमांशु पहुंचा तो पहले तो साजिश और पूरे प्लान के तहत पहले हिमांशु को गोली मारी गई, फिर उसकी गर्दन काट दी गई. इसके बाद लाश को हिंडन नदी में फेंक दिया. इसके बाद जब तीन दिन तक परिवार वालों को हिमांशु का कोई सुराग नहीं लगा तो गुमशुदगी का केस दर्ज कराया गया.

जब परिजनों का शक हिमांशु के ननिहाल के लोगों पर गया तो हत्या का मामला कायम हुआ. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो 8 लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन अक्षय उस दौरान फरार हो गया. पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया. अब पांच महीने बाद पुलिस ने अक्षय को गिरफ्तार किया है. उसकी निशानदेही पर पुलिस को हिमांशु का एक जूता मिला है, जो इस पूरे केस का सबसे बड़ा सबूत बना है.

वहीं इस मामले में एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि खेकड़ा क्षेत्र में हिमांशु हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसमें अक्षय फौजी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया, जिस पर 25 हजार का इनाम था. उसने पत्नी से नाजायज सबंध के शक में अपने फुफेरे भाई की हत्या की थी. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतक का जूता बरामद किया है.

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