Wednesday, February 11, 2026
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पंजाब के इस जिले में बसों के रूट हुए बंद, मची हाहाकार

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तरनतारन के अधीन पड़ते गांव कक्क कंडियाला में रेलवे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू होने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं आसपास के मैरिज पैलेस मालिकों व बस मालिकों को लाखों का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि इस भारी नुकसान को अपनी आंखों से देखते हुए भी प्रशासन नेशनल हाईवे अथॉरिटी को सर्विस लेन बनाने के आदेश जारी नहीं कर रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए ट्रांसपोर्टर शुबेग सिंह धुन ने बताया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण के कारण तरनतारन से अमृतसर, तरनतारन से झबाल तथा तरनतारन से शबाजपुर व भिखीविंड जाने वाले बस रूट बंद कर दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन मार्गों के बंद होने से ट्रांसपोर्ट का कारोबार ठप्प हो गया है।

ऐसी स्थिति में ट्रांसपोर्टर सरकार को बसों के टैक्स का भुगतान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर सरकार द्वारा जारी किए गए रूट को बदलकर अन्य रूट नहीं अपना सकते। इन रूटों के बंद होने से तरनतारन से अमृतसर स्थित धार्मिक स्थल बाबा बुड्ढा साहिब, गुरुद्वारा टाहला साहिब, बाबा नौध सिंह समाध व गुरुद्वारा शहीदां साहिब के साथ-साथ श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

शुबेग सिंह ने कहा कि आने वाले समय में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है, जिसके चलते नजदीकी गोदामों व शैलरों में गेहूं लगाने संबंधी ट्रकों की लंबी कतारें लग जाएंगी। उन्होंने बताया कि गांव कक्का कंडियाला के नजदीक तीन बड़े मैरिज पैलेस व रिसोर्ट का कारोबार ठप्प हो गया है। इस कारण उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है और शादियों के लिए जो बुकिंग उन्होंने करवाई थी, उसके पैसों को भी वापिस करना पड़ रहा है। इसके साथ ही आसपास के अन्य व्यापारियों को भी लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है, प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल ने बताया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण के कारण वाहन चालकों व अन्य लोगों को आ रही परेशानी का समाधान निकालने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी के साथ संपर्क जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यातायात को दूसरे रास्ते पर डायवर्ट किया गया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला ट्रैफिक इंचार्ज रानी कौर ने बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण कर ट्रैफिक को गांव कक्का कंडियाला के अंदर से डायवर्ट कर आगे भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस रूट बंद करने की बजाय उन्हें अन्य रूट अपनाने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर के चारों ओर सर्विस लेन बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से बातचीत चल रही है, जिसके परिणाम आने वाले दिनों में सामने आएंगे।

नितिन गडकरी का बड़ा बयान, पूरे देश में लगेगा एक जैसा टोल टैक्स

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को राहत देने के लिए एक समान टोल नीति पर काम कर रहा है। गडकरी ने यह भी कहा कि अब भारत का राजमार्ग बुनियादी ढांचा अमेरिका के बराबर है।

उन्होंने मीडिया के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम एक समान टोल नीति पर काम कर रहे हैं। इससे यात्रियों को होने वाली समस्याओं का समाधान होगा।” गडकरी अधिक टोल शुल्क और खराब सड़क की शिकायतों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वालों के बीच बढ़ते असंतोष पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक बाधा रहित वैश्विक नेविगेशन उपग्रह प्रणाली (जीएनएसएस) आधारित टोल संग्रह प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है।

गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सोशल मीडिया पर यात्रियों की शिकायतों को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इसमें शामिल ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। इस समय राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल यातायात में निजी कारों की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत हैं, जबकि इन वाहनों का टोल राजस्व संग्रह में हिस्सा मुश्किल से 20-26 प्रतिशत है। पिछले 10 साल में अधिक से अधिक खंडों पर टोल संग्रह शुरू होने से टोल शुल्क बढ़ा है, जिससे अक्सर यात्रियों में असंतोष बढ़ता है। भारत में कुल टोल संग्रह 2023-24 में 64,809.86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2019-20 में संग्रह 27,503 करोड़ रुपये था। गडकरी ने भरोसा जताया कि राजमार्ग मंत्रालय 2020-21 में प्रतिदिन 37 किलोमीटर राजमार्ग निर्माण के पिछले रिकॉर्ड को चालू वित्त वर्ष में पार कर जाएगा। चालू वित्त वर्ष में अबतक करीब 7,000 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। भारतमाला परियोजना की जगह लेने के लिए नई योजना के अभाव में राजमार्ग परियोजनाएं आवंटित करने की गति काफी धीमी हो गई है। गडकरी के अनुसार, पहले भारतमाला परियोजना के तहत मंत्रालय के पास 3,000 करोड़ रुपये तक की राजमार्ग परियोजनाएं आवंटित करने का अधिकार था, लेकिन अब मंत्रालय भारतमाला परियोजना के तहत किसी भी नई परियोजना को मंजूरी नहीं दे सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘1,000 करोड़ रुपये से अधिक की किसी भी परियोजना के लिए अब हमें मंत्रिमंडल की मंजूरी लेनी होगी। हमने 50-60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा है।” उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव पर एक सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि इस बार दिल्ली में भाजपा सत्ता में आएगी, क्योंकि लोग आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से नाराज हैं। दिल्ली में पांच फरवरी को मतदान होगा और आठ फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

अयोध्या में दलित गार्ड को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के पुरा कलंदर थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति (दलित) के एक व्यक्ति की कथित तौर पर लोहे के रॉड और लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने 60 वर्षीय एक दलित चौकीदार को लोहे की रॉड और लाठियों से बुरी तरह से पीटा। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान ध्रुव कुमार उर्फ ​​बेचई के रूप में हुई है, जो एक निर्माणाधीन इमारत की रखवाली कर रहा था। उसने बताया कि गंभीर रूप से घायल कुमार को आसपास के लोग जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। अयोध्या में 60 वर्षीय दलित चौकीदार की हत्या 22 वर्षीय दलित युवती की नृशंस हत्या के ठीक बाद हुई है, जिसका शव शनिवार को एक नहर में मिला था। दलित युवती की हत्या ने अयोध्या का राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। जिले में दलितों के लिए आरक्षित मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा।

दिल्ली-NCR का बदला मौसम का मिजाज, कई जगह हुई बारिश… तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

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उत्तर भारत में इस बार फरवरी की शुरुआत में ही गर्मी जैसी स्थिति बन गई है। दिन में धूप तेज हो रही है जिससे तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है लेकिन अब मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ दिनों में मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज के साथ बारिश की संभावना है।

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बर्फबारी और बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हो सकती है। इसका असर 4 और 5 फरवरी को ज्यादा देखने को मिलेगा।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश और बर्फबारी के कारण एक बार फिर सर्दी बढ़ सकती है।

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दिल्ली-NCR में तापमान गिरा, बारिश के आसार

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की रात हुई बारिश से ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज भी हल्की बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 21°C और न्यूनतम तापमान 12°C रहने की उम्मीद है। 9 फरवरी तक दिल्ली-एनसीआर में बादल, हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद आसमान साफ होगा और धूप निकलने लगेगी।
बुधवार से कोहरा बढ़ सकता है जिससे सुबह के समय विजिबिलिटी कम हो सकती है।

किन राज्यों में होगी बारिश और बर्फबारी?

मौसम विभाग ने बताया कि 8 फरवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी होगी।

इन राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना:

➤ पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड
➤ मैदानी राज्य: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश
➤ पूर्वोत्तर राज्य: पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा

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तापमान में बदलाव के संकेत

➤ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 6-13°C के बीच रहेगा।
➤ मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत में यह 13-20°C तक बना रहेगा।
➤ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान 0-2°C तक कम हुआ है।
➤ वहीं, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में तापमान 0-2°C बढ़ा है।
➤ अगले दो दिनों में उत्तर भारत के तापमान में 2-3°C की वृद्धि होगी लेकिन इसके बाद फिर 2-3°C की गिरावट आ सकती है।

क्या रहेगा अगले कुछ दिनों का मौसम?

➤ 4-5 फरवरी: उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी होगी।
➤ 6-7 फरवरी: हल्की ठंडक बढ़ेगी और हवाएं तेज चलेंगी।
➤ 8-9 फरवरी: एक और पश्चिमी विक्षोभ आने से फिर बारिश और ठंड बढ़ सकती है।
➤ 10 फरवरी के बाद: मौसम साफ होगा और दिन में धूप निकलेगी।

अंत में बता दें कि उत्तर भारत में ठंड कम हो रही थी लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से सर्दी बढ़ने वाली है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश और हवाएं चलेंगी जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव होगा। पहाड़ों में बर्फबारी से ठंडक और बढ़ सकती है।

चीन का ट्रंप को करारा जवाब ! अमेरिकी आयात पर 15-25% टैरिफ लगाने का ऐलान

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चीन ने मंगलवार को कहा कि वह अमेरिका के उत्पादों पर 15% टैरिफ कोयला, एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) और 10% टैरिफ  कच्चे तेल एवं अन्य उत्पादों पर लगाएगा। चीन का यह जवाब  डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ  के खिलाफ है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अमेरिका का एकतरफा टैरिफ बढ़ाना विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।” मंत्रालय ने आगे कहा, “यह न केवल अमेरिका की अपनी समस्याओं को हल करने में मदद नहीं करता, बल्कि अमेरिका और चीन के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापार सहयोग को भी नुकसान पहुंचाता है।”

यह टैरिफ मंगलवार को लागू होने वाले थे, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति  शी जिनपिंग से कुछ दिनों में बातचीत करने की योजना बनाई है। इसके अलावा चीन की राज्य प्रशासनिक मार्केट रेगुलेशन (SAMR) ने मंगलवार को गूगल के खिलाफ  एंटीट्रस्ट कानूनों के उल्लंघन के आरोप** में जांच शुरू करने का ऐलान किया। हालांकि, इस बयान में टैरिफ का जिक्र नहीं था, लेकिन यह घोषणा ट्रंप के 10% टैरिफ लागू होने के कुछ मिनटों बाद की गई थी। चीन ने पहले ही ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि “कोई भी व्यापार युद्ध में जीत नहीं सकता।” चीनी प्रतिनिधि  फू कोंग  ने कहा कि “हम इस अनावश्यक वृद्धि का विरोध करते हैं और मानते हैं कि यह  WTO  के नियमों का उल्लंघन है।”

सप्ताहांत में, व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि ट्रंप ने  कनाडा और मेक्सिको से आयात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ और चीन से आयात पर 10% अतिरिक्त टैरिफ  लागू किया है। व्हाइट हाउस ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको, कनाडा और चीन को उनके वादों के प्रति जिम्मेदार ठहराने के लिए यह कदम उठाया है, जिनमें अवैध आप्रवासन को रोकना और हमारे देश में विषाक्त फेंटानाइल और अन्य ड्रग्स के प्रवाह को रोकना शामिल है।”  चीन के दूतावास ने कहा, “व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता, और हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढे, जो खुद के लिए और पूरे विश्व के लिए फायदेमंद हो।”  फू कोंग ने कहा, “ईमानदारी से कहें तो, मुझे नहीं लगता कि टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के लिए फायदेमंद है।”

चीन ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ किया जांच का ऐलान

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चीन (China) ने गूगल (Google) के खिलाफ प्रतिस्पर्धा विरोधी (Antitrust) कानूनों के उल्लंघन के संदेह में जांच Investigation करने की घोषणा की है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी कंपनियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, इस जांच को लेकर गूगल या चीन सरकार की ओर से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में अमेरिका और यूरोप में गूगल पर कई एंटीट्रस्ट मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं और वैश्विक स्तर पर बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की बाजार शक्ति और प्रतिस्पर्धा पर चिंताएं बढ़ी हैं।

गूगल पहले से ही अमेरिका और यूरोप में एंटीट्रस्ट जांचों का सामना कर रहा है। चीन की इस नई जांच के परिणामस्वरूप गूगल के संचालन और वैश्विक तकनीकी उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। गूगल की मूल कंपनी, अल्फाबेट इंक., एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो गूगल और कई अन्य सहायक कंपनियों की मूल कंपनी के रूप में कार्य करती है। गूगल के उत्पादों और सेवाओं में सर्च इंजन, एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम, यूट्यूब, और अन्य शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर उपयोग किए जाते हैं। प्रतिस्पर्धा-विरोधी कानूनों का उद्देश्य बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। गूगल पर आरोप है कि वह अपने एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रभुत्व का उपयोग करके प्रतिस्पर्धा को बाधित कर रहा है।

चीन की इस जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या गूगल ने अपने बाजार प्रभुत्व का दुरुपयोग किया है और क्या उसने प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं में संलिप्त होकर चीनी उपभोक्ताओं और व्यवसायों को नुकसान पहुंचाया है। इस जांच के परिणामस्वरूप, यदि गूगल को दोषी पाया जाता है, तो उसे भारी जुर्माना, संचालन में बदलाव, या अन्य प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।  गूगल के खिलाफ एंटीट्रस्ट कानूनों के उल्लंघन के मामलों में भारत भी शामिल है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने गूगल के खिलाफ एंटीट्रस्ट जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें गूगल पर अपने एंड्रॉइड टीवी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिस्पर्धा को बाधित करने का आरोप है।

यूक्रेन की मदद के बदले ट्रंप ने रख दी ऐसी शर्त, जेलेंस्की के उड़ गए होश

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यूक्रेन की मदद के बदले ऐसी शर्त  रखी जिसे सुनकर  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के होश उड़ गए। ट्रंप ने संकेत दिया कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी समर्थन इस शर्त पर जारी रखने पर सहमत हैं कि यूक्रेन अपनी धरती पर मिलने वाले दुर्लभ खनिज तत्वों तक अमेरिकी पहुंच को लेकर समझौता करे। ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को अपने यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में कहीं अधिक सैन्य और आर्थिक सहायता भेजी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूक्रेन के साथ एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं, जिसके तहत हम उन्हें जो कुछ भी दे रहे हैं, उसके बदले में वे हमें अपने दुर्लभ खनिज तत्व दें।”

ट्रंप ने सुझाव दिया कि उन्हें यूक्रेन की सरकार से यह संदेश मिला है कि वह आधुनिक उच्च प्रौद्योगिकी वाली अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तत्वों तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने संबंधी एक समझौता करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं धरती पर मिलने वाले इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। हम सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं। उनके पास बहुत बढ़िया दुर्लभ खनिज तत्व हैं और मैं इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं।” ट्रंप ने पहले कहा था कि वह युद्ध को तेजी से समाप्त करेंगे औ इसके लिए बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमने रूस और यूक्रेन के मामले में बहुत प्रगति की है। देखते हैं कि क्या होता है। हम उस बेतुके युद्ध को रोकने जा रहे हैं।”

जेलेंस्की ने शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को कहा कि उनके देश की मौजूदगी के बिना अमेरिका और रूस के बीच कोई भी बातचीत अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है, लेकिन ये चर्चाएं अभी ‘‘सामान्य स्तर” पर हैं और उनका मानना ​​है कि अधिक विस्तृत समझौते के लिए आमने-सामने की बैठकें जल्द होंगी। जेलेंस्की ने कहा, ‘‘हमें इस पर और काम करने की जरूरत है लेकिन अपनी सम्पदा को लेकर कोई भी समझौता नामुनकिन  है।”

America से 205 भारतीय नागरिकों को सैन्य विमान से भेजा गया वापस

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सूत्रों ने बताया कि अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले कुल 205 भारतीय नागरिकों को लगभग छह घंटे पहले टेक्सास से उड़ान भरने वाले अमेरिकी सैन्य विमान से वापस भेज दिया गया है। सूत्रों ने कहा कि प्रत्येक निर्वासित भारतीय नागरिक का सत्यापन किया गया है जो नई दिल्ली की संलिप्तता का संकेत देता है। निर्वासन प्रक्रिया. एक सी-17 अमेरिकी सैन्य विमान भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस ला रहा है। यह संभवतः ऐसी कई उड़ानों में से पहली है जो अमेरिका में अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस लाएगी।

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अवैध प्रवासियों का निर्वासन अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सख्त रुख के अनुरूप है। इससे पहले अमेरिकी सैन्य विमानों ने ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास में निर्वासित अवैध अप्रवासियों को उड़ाया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह अमेरिका के लिए उड़ान भरने की खबरों के बीच अवैध भारतीय नागरिकों के निर्वासन का पहला दौर शुरू हो गया है। ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पहले कहा था कि नई दिल्ली अमेरिका सहित विदेशों में ‘अवैध’ रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों की “वैध वापसी” के लिए तैयार है।

ट्रम्प ने पिछले महीने संवाददाताओं से कहा, “इतिहास में पहली बार हम अवैध एलियंस का पता लगा रहे हैं और उन्हें सैन्य विमानों में लाद रहे हैं और उन्हें उन स्थानों पर वापस भेज रहे हैं जहां से वे आए थे।”

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जब अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस लेने की बात आएगी तो भारत “वह करेगा जो सही होगा”। सूत्रों के मुताबिक भारत और अमेरिका ने 18,000 से ज्यादा भारतीय प्रवासियों की पहचान की है जो अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अवैध अप्रवास के खिलाफ है क्योंकि यह कई प्रकार के संगठित अपराध से जुड़ा है।

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“केवल संयुक्त राज्य अमेरिका में ही नहीं बल्कि दुनिया में कहीं भी भारतीयों के लिए यदि वे भारतीय नागरिक हैं और वे अधिक समय तक रह रहे हैं या वे उचित दस्तावेज के बिना किसी विशेष देश में हैं तो हम उन्हें वापस ले लेंगे बशर्ते कि दस्तावेज हमारे साथ साझा किए जाएं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा, हम उनकी राष्ट्रीयता को सत्यापित कर सकते हैं और वे वास्तव में भारतीय हैं। अगर ऐसा होता है तो हम चीजों को आगे बढ़ाएंगे और उनकी भारत वापसी की सुविधा प्रदान करेंगे।

कांगो में एकतरफा सीजफायर का ऐलान! गोमा की सड़कों से अब तक 900 शव मिले

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पूर्वी शहर गोमा में पिछले सप्ताह कांगो सरकार की सेना और रवांडा समर्थित विद्रोहियों के बीच हुई लड़ाई में कम से कम 900 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मृतकों की संख्या 773 बताई गई थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि पांच दिनों की लड़ाई के बाद (जिसमें विद्रोहियों ने शहर पर नियंत्रण कर लिया था) पिछले शुक्रवार तक गोमा की सड़कों से कम से कम 900 शव बरामद किए गए। डब्ल्यूएचओ ने लड़ाई में लगभग 2,900 लोगों के घायल होने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र और कांगो सरकार ने पहले मृतकों की संख्या 773 बताई थी।

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
कांगो में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर लोकतांत्रिक गणराज्य के किंशासा में भारतीय दूतावास ने रविवार को वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। दूतावास ने कहा था कि वह मध्य अफ्रीकी देश में सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। साथ ही दूतावास ने बुकावु में सभी भारतीय नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा था। दूतावास ने दिन में तीन सलाह जारी की और सभी को आपातकालीन योजना तैयार करने की सलाह दी। कांगो में करीब एक हजार भारतीय नागरिक हैं।

बुकावु की यात्रा न करने की सलाह
भारतीय दूतावास की तरफ से जारी सलाह में कहा गया था कि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि एम23 बुकावु से सिर्फ 20-25 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, हम एक बार फिर बुकावु में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे एयरपोर्ट्स, बॉर्डर्स और वाणिज्यिक मार्ग अभी भी खुले हैं, इसलिए जो भी साधन उपलब्ध हों, तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. हम बुकावु की यात्रा न करने की सलाह देते हैं’।

ट्रम्प ने मेक्सिको से आयात पर टैरिफ एक महीने के लिए रोका, मेक्सिको भेजेगा 10,000 सैनिक

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वे मेक्सिको से आयात पर लगाए गए टैरिफ को एक महीने के लिए रोक रहे हैं। यह फैसला उस समय लिया गया जब मेक्सिको के राष्ट्रपति ने फेंटेनाइल की तस्करी को रोकने के लिए यू.एस.-मेक्सिको सीमा पर 10,000 सैनिक भेजने पर सहमति जताई है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने और मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने “एक महीने के लिए प्रत्याशित टैरिफ को तुरंत रोकने पर सहमति जताई है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस रोक से दोनों देशों के उच्च अधिकारियों के बीच वार्ता की शुरुआत होगी।

ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने शिनबाम के साथ “बहुत दोस्ताना बातचीत” की और मेक्सिको से 10,000 सैनिक भेजने पर सहमति बनी, जो विशेष रूप से फेंटेनाइल और अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने में मदद करेंगे।

मेक्सिकन राष्ट्रपति शिनबाम ने इस सौदे के बारे में बताया कि अमेरिका मेक्सिको में उच्च शक्ति वाले हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए काम करेगा। इसके साथ ही, मेक्सिको ने अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय गार्ड के 10,000 सैनिकों को तैनात करने का निर्णय लिया है।

शनिवार को ट्रम्प ने मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% टैरिफ लगाया था, जिससे अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखी गई क्योंकि यह डर था कि इससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और व्यापार प्रभावित हो सकता है।

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