Wednesday, February 11, 2026
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सरकार का बड़ा फैसला: Harley और Ducati जैसी प्रीमियम बाइक्स अब होंगी और सस्ती

अगर आप सुपरबाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहद खास है। भारत सरकार ने बजट 2025 में मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क कम करने का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर प्रीमियम बाइक्स, जैसे हार्ले-डेविडसन और डुकाटी की कीमतों पर पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से इन मोटरसाइकिलों के दाम घटने की संभावना है, जिससे ये बाइक्स अब और ज्यादा लोगों के बजट में आएंगी।

प्रीमियम मोटरसाइकिलों की कीमत में कमाई 
सरकार ने मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क में कमी की घोषणा की है, जिससे अब प्रीमियम मोटरसाइकिलों की कीमत में कमाई जाएगी। अब तक भारत में 1,600 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली बाइक्स को “कम्पलीट बिल्ट यूनिट” (CBU) के रूप में आयात किया जाता था, जिस पर आयात शुल्क 50% था। लेकिन सरकार के नए फैसले के तहत, इन बाइक्स पर आयात शुल्क को घटाकर 40% कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि इन बाइक्स की कीमत में बड़ी कमी आएगी।

इंजन क्षमता 1,600 cc से अधिक वाली बाइक्स पर भी राहत
1,600 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क में और अधिक कमी की गई है। अब इन बाइक्स पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 30% कर दिया गया है। इससे मोटरसाइकिलों की कीमत में और भी अधिक गिरावट देखने को मिलेगी। इसके अलावा, सेमी-नॉक्ड डाउन (SKD) किट पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 20% कर दिया गया है। वहीं, पूरी तरह से नॉक्ड डाउन (CKD) किट्स से आयातित बाइक्स पर आयात शुल्क 15% से घटाकर 10% कर दिया गया है।

इसके फायदे

1. आर्थिक लाभ: इस निर्णय से इम्पोर्टेड बाइक्स की कीमतें सस्ती होंगी। इससे हार्ले-डेविडसन, डुकाटी और अन्य उच्च-इंजन क्षमता वाली बाइक्स की बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है।
2. टैरिफ विवाद में कमी: इस फैसले से भारत और अमेरिका के बीच जो टैरिफ विवाद लंबे समय से चल रहा था, उस पर भी असर पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई बार भारत के खिलाफ ऊंचे आयात शुल्क का विरोध किया था। यह नया कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम कर सकता है।
3. आम लोग होंगे लाभान्वित: प्रीमियम बाइक्स अब ज्यादा लोगों की पहुंच में होंगी, जिससे भारतीय बाजार में इनकी डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।

क्या हुआ था पहले?
हार्ले-डेविडसन, डुकाटी जैसी बाइक्स को भारतीय बाजार में CBU रूट से आयात किया जाता था। इस रूट में उच्च आयात शुल्क और अन्य करों के कारण इन बाइक्स की कीमत बहुत अधिक होती थी, जो सामान्य उपभोक्ताओं के लिए खरीदना मुश्किल था। इसके अलावा, 1,600 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक्स की कीमत और भी ऊंची होती थी, जिससे इनका बाजार केवल एक सीमित वर्ग तक ही सीमित था।

अब क्या होगा?
अब सरकार के इस नए कदम से इन बाइक्स की कीमतें गिरने के बाद, इनकी बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है। भारतीय ग्राहक अब अपनी पसंदीदा प्रीमियम बाइक्स को आसान किस्तों में खरीद सकते हैं, और यह कदम भारतीय मोटरसाइकिल मार्केट के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

भारत में विदेशी ब्रांड्स की प्रतिस्पर्धा 
इस फैसले से भारत में हार्ले-डेविडसन, डुकाटी और अन्य विदेशी मोटरसाइकिल ब्रांड्स की उपस्थिति और अधिक मजबूत होगी। इन बाइक्स की मांग बढ़ने की संभावना है, क्योंकि अब यह अधिक किफायती हो जाएंगी। इससे भारत में विदेशी ब्रांड्स की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी, और भारतीय मोटरसाइकिल कंपनियों को भी अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह निर्णय उस समय आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल भारत के साथ व्यापारिक मुद्दों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि यदि भारत अमेरिकी सामान पर उच्च टैक्स लगाता है, तो अमेरिका भी भारत के सामान पर उतना ही टैक्स लगाएगा। इस निर्णय से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार की उम्मीद है। भारत सरकार का यह फैसला भारतीय मोटरसाइकिल बाजार के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। इससे जहां एक ओर विदेशी बाइक्स की बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ती और बेहतर गुणवत्ता वाली बाइक्स का लाभ मिलेगा।

Waqf Bill: वक्फ की ज़मीन पर 15 लाख किरायेदार, सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील

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वक्फ संपत्तियों पर लंबे समय से रह रहे किरायेदारों की समस्याओं पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति के अनुसार, देशभर में वक्फ की ज़मीन पर लगभग 10 से 15 लाख किरायेदार रहते हैं, जिनमें से दिल्ली में 2,600 किरायेदार वक्फ संपत्तियों पर हैं। इन किरायेदारों का कहना है कि वे पिछले 75 वर्षों से वक्फ की दुकानों में अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन अब वक्फ बोर्ड उनका शोषण कर रहा है और उन्हें अतिक्रमणकारी जैसा व्यवहार मिल रहा है, जो पूरी तरह से गलत और मनमाना है।

समिति की रिपोर्ट के पेज 407 और 408 में दिल्ली वक्फ किरायेदार कल्याण संघ की तरफ से पेश की गई समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है। किरायेदारों ने संसदीय समिति के सामने यह आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों से वे वक्फ संपत्तियों पर रह रहे हैं और कई बार अपनी दुकानों की मरम्मत भी की है, लेकिन इसके बदले उन्हें कभी कोई मुआवजा नहीं मिला। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड ने समय-समय पर उनसे बड़ी राशि दान के रूप में ली है और किराया भी बढ़ाया है, लेकिन अब उन्हें उन संपत्तियों की नीलामी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के किरायेदारों ने यह भी बताया कि जब एक किरायेदार की मृत्यु होती है, तो उनके उत्तराधिकारी को संपत्ति पर अधिकार नहीं दिया जाता और वक्फ बोर्ड उनसे फीस वसूलने की कोशिश करता है, जो पूरी तरह से अनुचित है। इन घटनाओं से इन किरायेदारों में असुरक्षा और डर की भावना उत्पन्न हो रही है।

सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील
संयुक्त संसदीय समिति ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और वक्फ बोर्ड तथा किरायेदारों के बीच एक भरोसे और सहयोग का माहौल बनाने की आवश्यकता जताई है। समिति ने सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील की है ताकि दोनों पक्षों के हितों का संतुलन बना रहे और किरायेदारों के अधिकारों का संरक्षण किया जा सके। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि वक्फ किरायेदारों के बीच डर को समाप्त करने के लिए लंबी अवधि के पट्टे दिए जाएं। इससे न केवल किरायेदारों का भविष्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि वक्फ संपत्तियों की स्थिति भी बेहतर हो सकेगी। समिति का कहना है कि सरकार को जल्द ही वक्फ किरायेदारों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने चाहिए। यदि सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती, तो यह समस्या और बढ़ सकती है, और इन किरायेदारों का जीवन और भी कठिन हो सकता है।

वक्फ किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा 
अब सरकार पर यह दबाव बढ़ गया है कि वह वक्फ किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए। संसद की संयुक्त संसदीय समिति ने एक ठोस कदम उठाने की जरूरत को महसूस किया है, ताकि किरायेदारों को उनके अधिकार मिले और वे किसी तरह की असुरक्षा का सामना न करें। संविधान और कानूनी ढांचे के तहत वक्फ संपत्तियों के किरायेदारों की स्थिति और अधिकारों को लेकर संसद की संयुक्त संसदीय समिति ने गंभीर चिंता जताई है। समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि वक्फ संपत्तियों पर रहने वाले किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। रिपोर्ट में वक्फ बोर्ड और किरायेदारों के बीच सहयोग और विश्वास का माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

भारतीय रेलवे ने लॉन्च किया ‘SwaRail’ सुपर ऐप, यात्रियों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं

भारतीय रेलवे ने हाल ही में एक नई डिजिटल पहल के तहत ‘SwaRail’ नामक एक सुपर ऐप लॉन्च किया है, जो यात्रियों को रेलवे से संबंधित सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रदान करेगा। यह ऐप यात्रियों को रिजर्वेशन टिकट बुकिंग से लेकर प्लेटफॉर्म टिकट, अनरिजर्व्ड टिकट, पार्सल बुकिंग, PNR जानकारी, फूड ऑर्डर, और शिकायत दर्ज करने जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करेगा। इस ऐप का उद्देश्य रेलवे यात्रियों के लिए एक ही स्थान पर सभी सेवाओं को सुलभ बनाना है, जिससे उन्हें कई अलग-अलग ऐप्स का उपयोग करने की जरूरत न पड़े।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ऐप को Centre for Railway Information Systems (CRIS) ने डिवेलप किया है। फिलहाल यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर बीटा टेस्टिंग के दौर से गुजर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ऐप की बीटा टेस्टिंग के स्लॉट्स पहले ही भर चुके हैं, और फिलहाल कोई भी नया यूज़र इसे डाउनलोड नहीं कर पा रहा है। हालांकि, रेलवे मंत्रालय ने इस ऐप के स्थिर संस्करण के लॉन्च के लिए कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।

SwaRail ऐप के प्रमुख फीचर्स और सुविधाएं

1. रिजर्वेशन टिकट बुकिंग: यात्री इस ऐप के माध्यम से अपनी सीट रिजर्व कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रेलवे के अन्य ऐप्स पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

2. अनरिजर्व्ड टिकट बुकिंग: बिना रिजर्वेशन के यात्रा करने वाले यात्री भी इस ऐप के जरिए अपने टिकट की बुकिंग कर सकेंगे।

3. प्लेटफॉर्म टिकट: प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म टिकट भी अब इस ऐप के जरिए बुक किया जा सकेगा।

4. पार्सल बुकिंग: इस ऐप के माध्यम से पार्सल की बुकिंग भी की जा सकेगी, जिससे व्यापारिक यात्रियों के लिए भी यह एक उपयोगी सुविधा होगी।

5. PNR जानकारी: यात्री अपनी यात्रा के दौरान PNR स्टेटस और यात्रा से संबंधित सभी जानकारी को इस ऐप से प्राप्त कर सकते हैं।

6. फूड ऑर्डर और शिकायत दर्ज करना: यात्रियों को ट्रेन में उपलब्ध फूड्स ऑर्डर करने का विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, यात्रा के दौरान किसी भी समस्या की शिकायत भी इस ऐप के जरिए की जा सकती है।

7. ट्रैवल असिस्टेंट: इस फीचर के जरिए यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान हर तरह की मदद मिलेगी। इसमें सिंगल साइन-ऑन, ऑनबोर्डिंग, और अन्य रेलवे सुविधाओं का आसान उपयोग होगा।

8. सिंपल साइन-इन और सिंगल लॉगिन: इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री को विभिन्न रेलवे सेवाओं के लिए अलग-अलग लॉगिन आईडी और पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। एक बार साइन-इन करने के बाद वे सभी सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।

कैसे डाउनलोड करें SwaRail ऐप?
सभी इच्छुक यूज़र्स को यह जानकारी दी गई है कि यह ऐप फिलहाल बीटा टेस्टिंग मोड में है और इस पर मौजूद टेस्टिंग स्लॉट्स पहले ही भर चुके हैं। अगर आप इसे डाउनलोड करना चाहते हैं तो आपको इंतजार करना होगा जब तक इसका स्थिर वर्जन लॉन्च नहीं हो जाता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप का स्थिर वर्जन जल्द ही उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इसके बारे में कोई आधिकारिक तारीख नहीं दी गई है।

जानिए क्या है इस इस ऐप का उद्देश्य 
रेलवे की इस पहल से यात्रियों को कई अलग-अलग ऐप्स का उपयोग करने से छुटकारा मिलेगा। अब वे केवल एक ऐप के जरिए अपनी सभी रेलवे सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। यह ऐप डिजिटल इंडिया के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को सुविधा और समय की बचत हो सकेगी। रेलवे मंत्रालय ने बताया कि SwaRail ऐप केवल यात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान उन्हें पूरी जानकारी और सेवा उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार किया गया है। इस ऐप के जरिए यात्री अपनी यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी, जैसे कि ट्रेन की स्थिति, समय सारणी, और टिकट कंफर्मेशन, को भी ट्रैक कर सकेंगे।

भविष्य में क्या हैं उम्मीदें?
SwaRail ऐप रेलवे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है। फिलहाल बीटा टेस्टिंग के दौरान मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर, रेलवे मंत्रालय इस ऐप में कुछ सुधार और नए फीचर्स जोड़ सकता है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस ऐप के स्थिर संस्करण में और भी नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे यात्रियों का अनुभव और भी बेहतर हो सके।

अमिताभ बच्चन की पोती ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, आराध्या की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल को भेजा नोटिस!

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बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन सबसे चर्चित स्टार किड्स में से एक हैं। आराध्या को बाकी स्टार्स किड्स की तरह कम ही अकेले स्पाॅट किया जाता है। हालांकि वह मम्मी ऐश्वर्या राय के साथ अक्सर किसी-न-किसी इवेंट में नजर आती हैं। हाल ही में ऐश ने आराध्या ने दिल्ली हाई कोर्ट में फ‍िर से नई याचिका दाखिल की है।

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इस याचिका में आराध्या ने दरखवास्त की कि उनकी हेल्थ को लेकर अलग-अलग वेबसाइट पर चल रही फेक और भ्रमित करने वाली जानकारी कई पोर्टल्स पर अब तक मौजूद है जिसे जल्द से जल्द हटाया जाए। याचिका पर कोर्ट की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। नई अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल, बॉलीवुड टाइम और अन्य वेबसाइटों को नोटिस भेजा है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।

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क्या है पूरा मामला 

अमिताभ बच्चन की पोती आराध्या बच्चन ने अपने पिता अभिषेक बच्चन की मदद से अप्रैल 2023 में कोर्ट में मामला दर्ज करवाया था। कोर्ट में दर्ज मामले में यूट्यूब पर आराध्या की फेक वीडियो और जानकारी वायरल होने की शिकायत की गई थी। हाई कोर्ट ने अंतरिम ऑर्डर के जरिए यूट्यूब से आराध्या की हेल्थ पर चल रहे फेक वीडियो और भ्रमित करने वाली जानकारी को रोकने के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट ने गूगल को भी तुरंत इस मामले से जुड़े वीडियो को डीएक्टिवेट करने का आदेश दिया था।

Chandigarh वालों जरा संभल कर, मौसम विभाग ने जारी कर दी नई चेतावनी, पढ़ें…

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कई दिनों बाद फिर लौटे कोहरे की वजह से रविवार रात शहर के कई हिस्सों में 9 घंटों तक लगातार विजिबिल्टी गिरकर मात्र 100 से 400 के बीच रही। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र में रविवार रात 9 से 12 बजे के बाद विजिबल्टी मात्र 100 तक दर्ज हुई। घने कोहरे का असर ये रहा कि सोमवार रात का औसतन तापमान सामान्य से 2 डिग्री चला गया। इसका असर सोमवार को दिन के तापमान पर पड़ा। साफ मौसम के बावजूद अधिकतम तापमान 20.3 डिग्री से ऊपर नहीं गया। यही नहीं, चंडीगढ़ में दिन का तापमान शिमला से भी नीचे चला गया। शिमला का अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री दर्ज हुआ। सोमवार रात घने कोहरे के बीच न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम होकर 11.1 डिग्री रहा।

आज से छाएंगे बादल, फिर 8 से अगला स्पैल
इन सर्दियों में बार बार आए पश्चिमी विक्षोभ स्पैल बेहद कमजोर रहने से जनवरी में बारिश कम रही। अब 4 और 5 फरवरी को एक स्पैल आ रहा है। इन दो दिनों में पहाड़ों पर तो बर्फ और बारिश के आसार है लेकिन चंडीगढ़ समेत मैदानी इलाकों में बादल छाने के बावजूद कहीं कहीं हलकी बूंदाबांदी के ही आसार है। इसके बाद 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का एक और स्पैल आ रहा है लेकिन वो हलका ही रहेगा।

हवा में बरसात जैसी नमी, इसलिए लौटा कोहरा
शहर के कई हिस्सों में पिछले 2 दिनों से कोहरा फिर लौटा है। इसकी वजह ये है कि हवा में नमी की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी के बाद वहाँ की नमी उत्तर पश्चिमी हवाओं के साथ मैदानों में पहुंची है। पिछले 24 घंटों में शहर में नमी की मात्रा 94 फीसदी तक रही जबकि न्यूनतम स्तर 60 फीसदी तक रही। इस वजह से रविवार रात 9 बजे के बाद घना कोहरा पसर गया और 9 बजे से सुबह 6 बजे तक विजिबिल्टी 100 से 400 मीटर के बीच रही। आने वाले दिनों में भी कुछ हिस्सों में कोहरा रह सकता है।

पिछले महीने सबसे गर्म दिन, अब गिरा पारा
पिछले महीने 30 जनवरी को चंडीगढ़ में जनवरी का सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ था। उस रोज पारा 25.9 डिग्री तक जा पहुंचा था। अब कोहरा लौटने के बाद फरवरी के महीने में भी शहर में दोपहर का तापमान शिमला से भी कम हो गया। आने वाले दिनों में भी तापमान 24 डिग्री से भी कम ही रहने की संभावना है। संभवतः 10 फरवरी के बाद तापमान में बढ़ौतरी की संभावना है।

दिल्ली चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की भविष्यवाणी, ‘हमें मिलेंगी इतनी सीटें…’

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के लिए 55 सीटें जीतने का अनुमान जताया है। हालांकि, उनके अनुसार अगर महिलाएं बढ़-चढ़कर मतदान करें, तो पार्टी 60 सीटों के आंकड़े को पार कर सकती है। केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाया है कि पार्टी का चुनावी अभियान जोरदार रहेगा, खासकर महिलाओं के योगदान से इस बार AAP को और अधिक सीटें मिल सकती हैं।

महिलाओं के लिए खास अपील

केजरीवाल ने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं से खास अपील की। उन्होंने कहा, “अगर हमारी मां-बहनें एक बार जोर का धक्का लगा दें, तो 60 सीटों तक पहुंचना कोई बड़ी बात नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने घर के पुरुषों को समझाकर बीजेपी को न चुनें, क्योंकि बीजेपी केवल अमीरों की पार्टी है।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि पार्टी उनके लिए बेहतर स्कूल, मुफ्त बिजली, मुफ्त इलाज, और महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा जैसी योजनाएं लेकर आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP ही महिलाओं के लिए 2100 रुपये की आर्थिक मदद का इंतजाम करेगा।

AAP की तीन सीटों पर ‘ऐतिहासिक’ जीत का दावा

इन तीन सीटों पर विशेष चर्चा हो रही है:

  1. नई दिल्ली – जहां अरविंद केजरीवाल बीजेपी के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
  2. कालकाजी – जहां आतिशी AAP की उम्मीदवार हैं और बीजेपी ने रमेश बिधुड़ी को टिकट दिया है।
  3. जंगपुरा – यहां मनीष सिसोदिया के खिलाफ बीजेपी ने तरविंदर सिंह मारवाह को टिकट दिया है।

केजरीवाल ने दावा किया कि इन तीन सीटों पर उनकी पार्टी ऐतिहासिक मार्जिन से जीत दर्ज करेगी। उनका कहना था, “बीजेपी वाले जो कहते हैं कि इन सीटों पर मुकाबला कड़ा है, वे गलत हैं। इन तीनों सीटों पर AAP ऐतिहासिक जीत हासिल करने जा रही है।”

महिला वोटर्स का चुनाव में बढ़ता असर

दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं और यहां के लगभग 46% वोटर्स महिला हैं। महिलाओं के वोटिंग पैटर्न का असर इस बार के चुनाव में ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस बार 1.67 लाख नए मतदाता रजिस्टर हुए हैं, जिनमें से 96,426 महिलाएं हैं। ऐसे में महिला वोटर्स की संख्या चुनाव परिणाम पर अहम प्रभाव डाल सकती है।

AAP की महिला उम्मीदवारों की स्थिति

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 210 उम्मीदवारों में से केवल 25 महिलाओं को टिकट दिया गया है। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि महिला उम्मीदवारों को अन्य पार्टियों के मुकाबले कम प्रतिनिधित्व मिल रहा है, लेकिन AAP ने इस बार महिला वोटर्स पर खास ध्यान दिया है।

केजरीवाल ने अपनी रैली में महिलाओं को प्रेरित करने के लिए यह भी कहा कि पार्टी महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई है और उनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं का जीवन आसान बनाना है।

MP : पति ने पत्नी के दहेज प्रताड़ना के आरोप से परेशान होकर जान दी, पुलिस जांच शुरु

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद ही दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के द्वारा लगाए गए दहेज प्रताड़ना के आरोप से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम राजीव गिरि था और उनकी शादी 30 साल पहले जानकी से हुई थी। इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मृतक राजीव गिरि रायसेन जिले के बरेली इलाके के रहने वाले थे लेकिन अपने परिवार के साथ भोपाल के अवधपुरी इलाके में रहते थे। उनकी पत्नी जानकी ने 26 जनवरी को महिला थाने में उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार, जानकी ने राजीव के खिलाफ धारा 498 के तहत मामला दर्ज कराया था।

आरोप से परेशान होकर उठाया खौफनाक कदम

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पत्नी के द्वारा लगाए गए दहेज प्रताड़ना के आरोप से राजीव गिरि बेहद परेशान और तनाव में थे। वह लगातार बेचैन और दुखी रहने लगे थे। इस तनाव में आकर उन्होंने 1 फरवरी को आत्महत्या करने की कोशिश की। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी हालत नाजुक बनी रही और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।

अस्पताल में भी पहुंची पत्नी, लगाया गंभीर आरोप

रिपोर्ट्स के अनुसार, जब राजीव अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे, उसी समय उनकी पत्नी जानकी पुलिस थाने में उनके खिलाफ एक और शिकायती आवेदन लेकर पहुंची। जानकी ने पुलिस को बताया कि राजीव ने दहेज प्रताड़ना का केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए आत्महत्या का प्रयास किया था।

पुलिस की जांच जारी

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अवधपुरी थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने तुरंत एक कांस्टेबल को अस्पताल भेजा ताकि वह राजीव का बयान ले सके। लेकिन डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कहा कि वह बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसके आधे घंटे बाद ही राजीव की मौत हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

महाराष्ट्र में GBS के पांच नए मामले आए सामने, कुल संख्या पहुंची 163

महाराष्ट्र के पुणे में एक दुर्लभ बीमारी गुलियन बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सोमवार को इस बीमारी के 5 नए मरीज सामने आए जिससे राज्य में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 163 हो गई है। अब तक 127 मरीजों में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है जबकि 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

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किन क्षेत्रों में कितने मामले?

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पुणे के अलग-अलग इलाकों में इस बीमारी के मरीज मिले हैं—

➤ पुणे शहर – 32 मामले
➤ नए जुड़े गांव (पीएमसी क्षेत्र) – 86 मामले
➤ पिंपरी चिंचवड – 18 मामले
➤ पुणे ग्रामीण इलाका – 19 मामले
➤ अन्य जिलों में – 8 मामले

मरीजों की स्थिति

➤ 47 मरीज ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी ले चुके हैं।
➤ 47 मरीज अभी भी ICU में भर्ती हैं।
➤ 21 मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।

संक्रमण का कारण क्या है?

GBS एक दुर्लभ तंत्रिका रोग है जिसमें शरीर अचानक सुन्न पड़ जाता है और मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संक्रमण दूषित भोजन और पानी के जरिए फैल सकता है।

पानी के नमूनों की जांच में दूषित जल स्रोत मिले

पुणे शहर के अलग-अलग इलाकों से 168 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट में 8 जल स्रोतों का पानी दूषित पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी’ नामक बैक्टीरिया इस बीमारी के फैलने का कारण हो सकता है।

GBS के लक्षण क्या हैं?

➤ शरीर के अंगों का सुन्न पड़ जाना
➤ हाथ-पैरों में कमजोरी
➤ गंभीर थकान और चलने में दिक्कत
➤ सांस लेने में परेशानी (गंभीर मामलों में)

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बचाव के उपाय

➤ स्वच्छ और उबला हुआ पानी ही पिएं।
➤ साफ-सफाई का ध्यान रखें और भोजन को अच्छे से पकाकर खाएं।
➤ अगर कमजोरी, सुन्नपन या अन्य लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

वहीं स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और पुणे के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

CM मान ने बुलाई पुलिस अधिकारियों की अहम बैठक, हो सकता बड़ा Action

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस अधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि यह बैठक चंडीगढ़ में आज  दोपहर 12.30 बजे होगी। इस बैठक के दौरान सभी जिलों के SSP और आयुक्त उपस्थित रहेंगे। पता चला है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिल रही हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री ने आज एक अहम बैठक बुलाई है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री रिश्वतखोरों पर कोई बड़ा एक्शन ले सकते हैं।

बता दें कि इससे पहले पंजाब पुलिस ने उन गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी पूरी कर ली है जिन्हें दूसरे राज्यों की पुलिस ने रिमांड पर लिया मगर वे पंजाब वापस नहीं लौटे हैं। पंजाब पुलिस ने ऐसे करीब 46 आरोपियों की सूची तैयार की है और जल्द ही उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

सूत्रों की मानें तो इन गैंगस्टरों में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, दविंदर बंबीहा, लक्की पटियाल, हरविंदर रिंदा, लखवीर लंडा, जग्गू भगवानपुरिया और हैरी चट्ठा गैंग से जुड़े हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये सभी आरोपी हत्या, जबरन वसूली जैसे मामलों में संलिप्त हैं। ये आरोपी दूसरे राज्यों की जेलों से ही अपना सिंडीकेट चला रहे हैं। इसके लिए सभी राज्यों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही इन राज्यों की अदालतों में भेजने के लिए डोजियर तैयार किए जा रहे हैं। ज्यादातर गैंगस्टर गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड की जेलों में बंद हैं। ये आतंकियों के मददगार भी बन रहे हैं।

सोने की चमक बरकरार, 2025 में 6500 रुपये महंगा, जानिए दिवाली तक कहां तक पहुंचेगा भाव

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भारत में सोने का महत्व हमेशा से ही रहा है। चाहे बाजार में उतार-चढ़ाव हो, सोने में निवेश करना भारतीयों के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इस साल 2025 में सोने ने निवेशकों को भारी मुनाफा दिया है। अब तक सोना लगभग 6500 रुपये महंगा हो चुका है, जिससे निवेशकों के चेहरे पर खुशी की लहर है। जनवरी 2024 में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 65,220 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब तक 78,440 रुपये तक पहुंच चुकी है। मतलब, सोने ने सिर्फ एक साल में लगभग 13,000 रुपये का उछाल लिया।

2024 में सोने ने दिए शानदार रिटर्न
पिछले साल यानी 2024 में भी सोने ने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। सोने ने 21 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जिससे निवेशकों ने अच्छा खासा मुनाफा कमाया। इस साल भी सोने का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। अब तक 2025 में सोना 8.29% रिटर्न दे चुका है, जिससे निवेशकों की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं।

83,000 रुपये से ऊपर निकला सोना, क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?
सोने की कीमतें अब नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही हैं। 3 फरवरी, 2025 को सोने ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2830 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, भारतीय बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत 83,721 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत अब 86,232 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुकी है, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

दिवाली तक क्या होगा सोने का भविष्य?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह तेजी बनी रहेगी। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, मुद्रास्फीति का दबाव और रुपये की गिरावट के कारण सोने में उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के हेड अनुज गुप्ता का मानना है कि शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में सोने की कीमतों में तेजी बनी रहेगी। उनके अनुसार, धनतेरस और दिवाली तक सोने की कीमत 87,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।

क्या सोना अब 90,000 रुपये तक पहुंचेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह तेजी भू-राजनीतिक घटनाओं और आर्थिक दबावों के कारण बढ़ रही है। आने वाले समय में सोने में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि कई निवेशक अब सोने को अपनी सुरक्षित निवेश योजना के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिवाली तक सोने का भाव 87,000 रुपये तक पहुंच सकता है और इस तरह की स्थिति में 24 कैरेट सोना 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना है।

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