उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बंथरा थाने के सरकारी क्वार्टर में तैनात पुलिस के सिपाही अजय सैनी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अजय सैनी 2019 बैच के सिपाही थे और वर्तमान में एसीपी कृष्णा नगर कार्यालय में कार्यरत थे। वह अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ बंथरा थाने के सरकारी क्वार्टर में रहते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आत्महत्या का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अजय सैनी का मूल निवास बिजनौर जिले के नहटौर क्षेत्र में था। डीसीपी साउथ जोन के अनुसार, 2 फरवरी को दोपहर करीब 1 बजे बंथरा थाने पर सूचना मिली कि सिपाही अजय कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निकटतम अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इससे पहले आंध्र प्रदेश में भी हो चुकी है इस तरह की घटना
आपको बता दें कि, इस घटना के कुछ दिन पहले, आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में भी एक पुलिस उप-निरीक्षक ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस अधीक्षक अदनान नईम असिम ने बताया कि एजीएस मूर्ति ने तनुकु ग्रामीण पुलिस स्टेशन में सुबह करीब 7:45 बजे यह कदम उठाया। मूर्ति को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते रिजर्व (वीआर) में रखा गया था और उनके खिलाफ एक जांच चल रही थी। पुलिस अब आत्महत्या के मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है।







अभिनेता से नेता बने सिन्हा आम आदमी पार्टी (आप) की उम्मीदवार आतिशी के समर्थन में एक चुनावी रैली में शामिल हुए थे। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और ‘आप’ विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) के घटक दल हैं।
प्रक्षेपण के तुरंत बाद बोर्ड पर सौर पैनलों को खोलने के बावजूद भी यह अंतरिक्ष यान तकनीकी खराबी के कारण कक्षा को ऊपर नहीं उठा सका इसरो ने रविवार देर रात एक बयान में कहा कि उपग्रह की तकनीकी खराबी के कारण कक्षा बढ़ाने में देरी हुई। बयान में कहा गया “प्रक्षेपण के बाद, उपग्रह पर सौर पैनल सफलतापूर्वक तैनात किए गए और बिजली उत्पादन सामान्य है। भू स्टेशन के साथ संचार स्थापित किया गया है।”
अधिकारियों ने बताया कि बसंत पंचमी का पर्व सोमवार तक चलेगा, जिसमें सरयू नदी में पवित्र स्नान करने और हनुमानगढ़ी एवं राम मंदिर में पूजा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहेगा। उनके अनुसार इसके साथ ही, प्रयागराज कुंभ से लौटने वाले तीर्थयात्रियों के लगातार प्रवाह ने भीड़ को और बढ़ा दिया है।
प्रयागराज में जारी महाकुंभ के दौरान संगम क्षेत्र में 29 जनवरी को भगदड़ मचने से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 60 अन्य लोग घायल हो गए थे। न्यायालय की वेबसाइट पर ‘अपलोड’ की गई तीन फरवरी की वाद सूची के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।