Wednesday, February 11, 2026
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Shimla: HRTC बस दुर्घटनाग्रस्त, बाल-बाल बची सवारियां

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प्रदेश में आए दिनों एच.आर.टी.सी. बसों के स्टेयरिंग जाम और ब्रेक फेल हो रही हैं। बीते रोज तकनीकी खराबी के कारण रामपुर-खेखसू एच.आर.टी.सी. बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। चालक की सूझबूझ से बस को समय पर रोका गया। इसके कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।

इस दौरान बस में सफर करने वालों की सांसें थम गई थी। हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा घटित नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार गाड़ी में एच.आर.टी.सी. बसों की समय पर रिपेयरिंग नहीं हो रही है। ऐसे में एच.आर.टी.सी. कभी भी बंद हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी बसों को लाभ पहुंचाने के लिए एच.आ.टी.सी. बसों की समय पर रिपेयरिंग नहीं करवा रही है।

एच.आर.टी.सी. बस अड्डा प्रभारी स्वरूप चंद ने बताया कि बसों की मुरम्मत करके व जांच-पड़ताल करने के बाद ही भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण बस को रोक दिया गया था।

Himachal: मंडी के जंगल पर्यावरण के लिए जितने जरूरी..उतने ही खतरनाक

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में फैले चीड़ के घने जंगल पर्यावरण के लिए जितने जरूरी हैं, उतने ही खतरनाक भी साबित हो रहे हैं। हर साल गर्मियों में इन जंगलों में फॉरेस्ट फायर की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे लाखों की वन संपदा नष्ट होती है और पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। आग से उठने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, जिससे इंसानी जीवन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीड़ के जंगलों में आग लगने के कई कारण होते हैं। इन जंगलों में चीड़ के पेड़ों की सूखी टहनियां और पत्तियां जमीन पर गिरकर एक परत बना लेती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में “चलारू” कहा जाता है। यह अत्यधिक ज्वलनशील होती है और गर्मियों में थोड़ी सी चिंगारी भी इस घास को भयंकर आग में बदल सकती है। कई बार बिजली गिरने से भी जंगलों में आग लग जाती है, जिसे रोक पाना लगभग नामुमकिन होता है।

पर्यावरण प्रेमी नरेंद्र सैनी के अनुसार, चीड़ के जंगल पर्यावरण के लिए अधिक लाभकारी नहीं होते, बल्कि कई बार नुकसानदायक साबित होते हैं। बिजली गिरने से लगने वाली आग को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इंसानी लापरवाही से लगने वाली आग को जरूर रोका जा सकता है। कई बार लोग जंगल में लापरवाही से बीड़ी-सिगरेट या जलती लकड़ी फेंक देते हैं, जिससे आग भड़क जाती है। इसके अलावा, कुछ शरारती तत्व भी जानबूझकर जंगलों में आग लगा देते हैं, जिससे भारी नुकसान होता है।

जंगलों में लगने वाली आग न केवल पेड़ों और वन्यजीवों के लिए खतरनाक होती है, बल्कि इंसानी बस्तियों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। हर साल इस आग में कई निर्दोष पक्षी और वन्यजीव जलकर मर जाते हैं। कुछ मामलों में आग पास की बस्तियों तक पहुंच जाती है, जिससे स्थानीय लोगों की जान-माल को भी खतरा होता है।

इस समस्या के समाधान के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। सरकार को जंगलों में फायर ब्रेकिंग जोन बनाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर जोर देना चाहिए, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। यदि लोग थोड़ी सतर्कता बरतें और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो इस प्राकृतिक आपदा को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Himachal: अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में गिरा वाहन, 2 लोग लापता

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किन्नौर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शनिवार रात शोंगठोंग पुल के समीप तंगलिंग संपर्क सड़क मार्ग पर एक मिक्सर गाड़ी (मिलर) अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में जा गिरी। इस वाहन में दो लोग सवार थे, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद पुलिस और परियोजना प्रबंधन की टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, रात के अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी कठिनाइयां आईं। रातभर तलाशी अभियान जारी रहा, लेकिन दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

रविवार सुबह एनडीआरएफ ने संभाली कमान

रविवार सुबह होते ही एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया। एनडीआरएफ के साथ-साथ पुलिस, आपदा प्रबंधन और परियोजना प्रबंधन की टीमें भी सतलुज नदी में खोजबीन में जुटी हुई हैं।

प्राथमिक जांच में सड़क पर फिसलन, अचानक वाहन का नियंत्रण खोना या तकनीकी खराबी जैसी बातें सामने आ रही हैं।

Himachal: मौसम ने बदली करवट, 4 और 5 फरवरी को बारिश और बर्फबारी के आसार

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हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। शनिवार को रोहतांग, पांगी, भरमौर समेत ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ, जबकि शिमला, मनाली और अन्य मैदानी क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। बदलते मौसम के कारण सुबह और शाम के तापमान में गिरावट आई, जिससे ठंडक बढ़ गई। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की घनी चादर छाई रही, जिससे वातावरण में ठंडक का अहसास बढ़ गया।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 4 और 5 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में दोबारा बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। भरमौर और पांगी की ऊंची पहाड़ियों पर शनिवार को हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। इस बारिश से किसानों और बागवानों को राहत मिली है, क्योंकि इससे खेतों की नमी में बढ़ोतरी होगी, जो फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।

कुल्लू और लाहौल जिले की ऊंची चोटियों पर सुबह से लेकर दोपहर तक रुक-रुक कर हल्की बर्फबारी जारी रही। रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, राजा घेपन पीक और सीवी रेंज की पहाड़ियों पर भी ताजा बर्फबारी देखी गई।

प्रदेश में हो रही बारिश और बर्फबारी से पर्यटन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। मनाली और शिमला में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

योगी के सख्त निर्देश के बाद बसंत पंचमी स्नान की तैयारी पूर्ण

महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान पर्व बसंत पंचमी पर मेला प्रशासन और पुलिस को “शून्य त्रुटि” के साथ सकुशल स्नान संपन्न कराने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और एडीजी भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं। गत मंगलवार देर रात संगम नोज पर घटी भगदड़ की घटना के बाद शनिवार को पहली बार प्रयागराज आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अस्पताल जाकर घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना था। इस बीच, मुख्यमंत्री ने बसंत पंचमी स्नान के लिए तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शून्य त्रुटि के साथ स्नान संपन्न कराने के निर्देश दिए थे।

रविवार की सुबह एडीजी भानु भास्कर मेला प्राधिकरण भवन में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) पहुंचे जहां उन्होंने स्क्रीन पर पूरे मेला क्षेत्र, चौराहों और मेला प्रवेश स्थलों को देखा और घाट से भीड़ खाली कराने के लिए स्वयं लाउडस्पीकर पर निर्देश दिया। आईसीसीसी से माइक पर उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा, ‘‘कृपया घाट पर स्नान करने के बाद अनावश्यक ना बैठें और घाट खाली करें जिससे दूसरे श्रद्धालु स्नान कर सकें। घाट पर खाना पीना ना करें और दूसरी जगह जाकर खानपान करें।”

भानु भास्कर ने सेंटर में पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट पर कहीं भी भीड़ रुकने ना पाए और स्नान करने के बाद वहां से अपने गंतव्यों के लिए प्रस्थान करे। संगम स्नान करने के बाद वापस जा रही रूपम चंद्रा (गाजियाबाद निवासी) ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया, “संगम घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं को वहां से हटाया जा रहा है। हर तरफ पुलिस के लोग सीटी बजाकर घाट खाली करने के लिए कह रहे हैं। इसलिए हम स्नान के बाद तुरंत वहां से चल दिए।” मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। वहीं, लखनऊ से आए प्रशासनिक अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी और आशीष गोयल अपने पिछले अनुभवों को साझा कर मेला प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। पिछले कुंभ (2019) में गोस्वामी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के वीसी थे, जबकि गोयल उस समय प्रयागराज के मंडलायुक्त थे। बसंत पंचमी स्नान पर्व के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है और रविवार को सुबह 12 बजे तक 88.83 लाख लोग गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके हैं।

वहीं 13 जनवरी से अब तक कुल 33.61 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं। इस बीच, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि मान्यता है कि प्रयागराज के पांच कोस को संगम कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इसलिए श्रद्धालुओं को फाफामऊ से लेकर अरैल तक कहीं पर भी स्नान करने पर महाकुंभ का पुण्य प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा, “संगम क्षेत्र का सीमित क्षेत्रफल है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि संगम क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ ना बढ़ाएं।” आगामी पांच फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का महाकुंभ नगर आना प्रस्तावित है। इसको देखते हुए अगले कुछ दिन मेला प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौतियों से भरा है। उल्लेखनीय है कि गत मंगलवार देर रात संगम नोज पर भगदड़ मचने से 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे।

Maha Kumbh 2025: 200 पुरुष और 20 महिलाएं बनीं संन्‍यासी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में इस बार 220 लोगों ने संन्यास लेकर नागा संन्यासी बनने का निर्णय लिया है। जूना अखाड़ा ने 200 पुरुष और 20 महिलाओं को विधि-विधान के साथ संन्यास दिलाया है। इन लोगों ने पिंडदान और विजया हवन कर अपने जीवन को सनातन धर्म के प्रति समर्पित कर दिया।

नागा संन्यासी बनने वाले लोग
जानकारी के मुताबिक, संन्यास लेने वालों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। अब तक जूना अखाड़ा में कुल 4500 नागा संन्यासी और 2150 संन्यासिनी बनाई जा चुकी हैं। जो लोग संन्यास नहीं ले पाए थे, उन्हें शनिवार को विशेष संन्यास दिया गया।

108 बार मंत्रोच्चार के बीच स्नान
सभी नए संन्यासियों को सेक्टर 20 के गंगा घाट पर 108 बार मंत्रोच्चार करवाकर स्नान कराया गया। स्नान के बाद उन्होंने पिंडदान किया और परिवार से संपर्क खत्म कर स्वयं को मृत घोषित किया। दशनामी संन्यासिनी अखाड़ा की अध्यक्ष डॉ. देव्या गिरि ने बताया कि सभी नागा संन्यासी और संन्यासिनी वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर्व में शामिल होंगे।

जप तप में रहना होगा लीन
नए संन्यासियों को आध्यात्मिक जीवन के लिए स्वयं को जप-तप में लीन करना होगा। इस दौरान उन्हें अमृत स्नान कराते समय अखाड़े के शिविर में रहना होगा। स्नान के बाद, वे सभी अखाड़े का हिस्सा बन जाएंगे।

28 जनवरी तक कुल 8495 बनाए जा चुके हैं नागा संन्यासी
महाकुंभ में 28 जनवरी तक कुल 8495 नागा संन्यासी बनाए जा चुके हैं। इसमें जूना अखाड़ा में 4500 संन्यासी, 2150 संन्यासिनी, महानिर्वाणी में 250, निरंजनी में 1100 संन्यासी और 150 संन्यासिनी शामिल हैं। इसके अलावा अटल में 85 संन्यासी, आवाहन में 150, और बड़ा उदासीन में 110 संन्यासी बनाए गए हैं।

मौनी अमावस्या के स्नान में नहीं हुआ भव्यता का प्रदर्शन
28 जनवरी को मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर्व के लिए नागा संन्यासियों को संगम तट पर स्नान करना था, लेकिन एक भगदड़ के कारण साधारण तरीके से स्नान किया गया। भव्यता का प्रदर्शन नहीं हो पाया। सभी नागा संन्यासियों और संन्यासिनी वसंत पंचमी पर स्नान करेंगे।

त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी
नए नागा संन्यासियों के उत्साह के साथ त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाने की तैयारी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने कहा कि नए संन्यासियों में अमृत स्नान के लिए विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सभी जप-तप में लीन होकर महाकुंभ के अगले स्नान पर्व को सफलता पूर्वक संपन्न कराने का प्रयास कर रहे हैं। महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू हो चुका है, जहां कई विदेशी श्रद्धालु भी दीक्षा ले चुके हैं।

पंजाब में बाप-बेटों के साथ रूह कंपा देने वाला हादसा! एक की मौत

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पर्जियां रोड मेहतपुर में सड़क के उबड़-खबड़ होने से एक गन्ने की ओवरलोड़ ट्राली के पलट जाने से एक मोटरसाइकिल सवार चपेट में आ गया जिस कारण एक बच्चे की मौत हो गई जबकि पिता-पुत्र घायल हैं। दोनों घायलों को नकोदर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जानकारी के अनुसार ट्यूशन से भोला अपने 2 बच्चों को ट्यूशन के बाद घर लेकर जा रहा था। इस दौरान पर्जियां रोड स्थित क्लालिटी सुपर स्टोर के सामने गन्ने से ओवरलोड़ ट्राली पलटने से तीनों चपेट में आ गए थे। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि 2 फरवरी को बाजार बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान आस-पास खड़े लोगों ने शोर मचाया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला और तीनों घायलों को अस्पताल ले गए 13 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई।

उल्लेखनीय है कि सीवरेज बोर्ड पिछले काफी समय से मेहतपुर में सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट लगाने के लिए सभी सड़कों को खोद रहा है परंतु उन्हें समय पर बनाया नहीं जाता है जिससे शहरवासियों में रोष व्याप्त है क्योंकि इसी कारण आज एक बच्चे की जान चली गई।

Jalandahr में इस दिन बंद रहेगी ये दुकानें, जारी हो गए आदेश

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जिला मजिस्ट्रेट कम डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल द्वारा 12 फरवरी को श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश उत्सव और 11 फरवरी को विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा निकाली जा रही शोभायात्रा के मद्देनजर लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की बी.एन.एस. की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला जालंधर में उक्त आयोजन के दौरान शोभायात्रा मार्ग और धार्मिक समारोह स्थल के पास 11 और 12 फरवरी को मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।

पंजाब में बारिश को लेकर नया Alert, मौसम विभाग ने की ये भविष्यवाणी

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पंजाब में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। जानकारी के अनुसार मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी और फिर से ठंडी हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि एक नई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रही है। इसके बाद पंजाब के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। पंजाब में 3 से 5 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बता दें कि पंजाब में बीते दिन भी कई इलाकों में धने बादल छाए रहे और बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को एक बार फिर ठंड के प्रकोप का सामने करना पड़ा। कई इलाकों में सुबह-शाम के समय कोहरा छाया रहा और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पंजाब में बड़ा एनकाउंटर, पुलिस और गैं’गस्टरों के बीच मुठभेड़

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डेरा बाबा नानक थाने के अंतर्गत आते गांव शाहपुर जाजन में पुलिस और गैंगस्टरों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार आज सुबह दोनों आरोपियों को हथियारों की बरामदगी के लिए डेरा बाबा नानक के नजदीक गांव शाहपुर जाजन के पुल पर लाया गया। जहां उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन जल्द ही इस संबंध में और खुलासे होने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि दोनों गैंगस्टर विदेश बैठे जीवन फौजी ग्रुप से जुड़े हैं। गैंगस्टरों की पहचान गांव मलूकवाली निवासी सरबजीत सिंह सभा और गांव शाहपुर निवासी सुनील मसीह के रूप में हुई है।

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