Wednesday, February 11, 2026
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आम बजट को लेकर मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी

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कांग्रेस ने शनिवार को केंद्रीय बजट में अर्थव्यस्था से जुड़े संकट के समाधान के लिए कुछ नहीं होने का आरोप लगाया और कहा कि गोली लगने के घाव पर मरहम पट्टी की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में मोदी ने कहा कि आज देश ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को लेकर चल रहा है और इस बजट में इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए गए हैं। बजट में नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपए तक वार्षिक आय को कर के दायरे से मुक्त रखा गया है।

‘गोली लगने के घाव के लिए एक मरहम पट्टी’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘गोली लगने के घाव के लिए एक मरहम पट्टी!” उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिए एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है, लेकिन यह सरकार विचारों को लेकर दिवालिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि केवल आयकरदाताओं के लिए राहत दी गई है, लेकिन अर्थव्यवस्था पर इसका वास्तविक प्रभाव क्या होगा, यह देखना अभी बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते बिहार के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, जबकि आंध्र प्रदेश की अनदेखी की गई है।

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क्या बोले जयराम रमेश?
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अर्थव्यवस्था इस समय स्थिर वास्तविक मजदूरी, सामूहिक उपभोग में उछाल की कमी, निजी निवेश की सुस्त दरें तथा जटिल और पेचीदा जीएसटी प्रणाली रूपी संकटों से घिरी हुई है। बजट में इन समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ नहीं है।” उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि बिहार को घोषणाओं का खजाना मिल गया है। यह स्वाभाविक है क्योंकि साल के अंत में वहां चुनाव होने हैं।”

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‘रोजगार बढ़ाने के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं’
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बजट भारत की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कुछ नहीं करेगा। सरकार ने समाज के गरीबों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए कोई दृष्टिकोण या राहत नहीं होने के कारण खोखले नारे देकर जनता को धोखा देने की कोशिश की है।” उन्होंने दावा किया कि रोजगार सृजन के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं, भारत के निवेश माहौल में सुधार के लिए कुछ भी नहीं, किसानों के लिए कोई एमएसपी गारंटी नहीं और मध्यम वर्ग के परिवारों के बजट को नष्ट करने वाली भारी मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए कोई रणनीति नहीं।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि यह बजट मनरेगा को नष्ट करने का एक और प्रयास दर्शाता है क्योंकि केंद्र उस योजना के लिए आवंटित बजट को बढ़ाने में विफल रहा जो करोड़ों भारतीय नागरिकों को सुरक्षा कवच प्रदान करती है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बजट ने यह संदेश दिया है कि यह सरकार केवल अपनी राजनीति के लिए चुनावी हथकंडे अपनाने में सक्षम है, लेकिन आज देश भर में अनुभव किए जा रहे गंभीर आर्थिक संकट का समाधान नहीं कर सकती है।

50 बीमार और घायल फिलीस्तीनी बच्चों का समूह गाजा से मिस्र के लिए रवाना

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पचास बीमार और घायल फिलीस्तीनी बच्चों का एक समूह शनिवार को गाजा की रफाह सीमा के जरिये इलाज के लिए मिस्र की ओर रवाना हुआ। रफाह सीमा बिंदु युद्ध के दौरान फिलीस्तीनियों के लिए एकमात्र निकास बिंदु था। मई में इजराइल ने इसे बंद कर दिया था। रफाह सीमा बिंदु को फिर से खोला जाना एक महत्वपूर्ण सफलता है जो इस महीने की शुरुआत में इजराइल और हमास द्वारा किए गए युद्ध विराम समझौते को मजबूत करता है।

हमास द्वारा गाजा में सभी जीवित महिला बंधकों को रिहा करने के बाद इजराइल ने सीमा बिंदु को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की थी। मिस्र के टेलीविजन की फुटेज के अनुसार फलस्तीनी रेड क्रॉस की एक एम्बुलेंस सीमा पर आकर रुकी और कई बच्चों को स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और मिस्र की तरफ जाने वाली एम्बुलेंस में स्थानांतरित किया गया।

हमास ने दक्षिण गाजा में 3 इजराइली बंधक छोड़े, इजराइल ने भी 32 फिलीस्तीनी कैदियों की बस रवाना की

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इजराइल ने फिलीस्तीनी कैदियों के एक समूह को रिहा करना शुरू कर दिया है, जबकि हमास ने संघर्ष विराम समझौते के तहत 3 बंधकों को रिहा किया। संघर्ष विराम समझौते के तहत गाजा पट्टी में 15 महीने से जारी युद्ध रूक गया है। ओफर सैन्य जेल से 32 कैदियों को लेकर एक बस  वेस्ट बैंक के लिए रवाना हुई। लगभग 150 अन्य कैदियों को गाजा ले जाया जा रहा है या निर्वासित किया जा रहा है। फलस्तीनी अधिकारियों के अनुसार कुल 183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन कैदियों में लंबी अवधि की सजा या आजीवन कारावास की सजा काट रहे कई लोग और गाजा पट्टी के 111 लोग शामिल हैं। इन लोगों को सात अक्टूबर, 2023 के बाद गिरफ्तार किया गया था और बिना सुनवाई के हिरासत में रखा गया था।

इससे पहले  हमास ने इजराइल के साथ संघर्ष विराम समझौते के तहत शनिवार को दो पुरुष बंधकों को रेड क्रॉस के हवाले कर दिया । रेड क्रॉस के हवाले किए गए बंधकों में यार्दन बिबास (35) और ओफर कैल्डेरोन (54) शामिल हैं। दोनों को सात अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमास के हमले के दौरान बंधक बनाया गया था। एक और बंधक अमेरिकी-इजराइली कीथ सीगल (65) को भी शनिवार को रिहा किया जाना है। उन्हें उत्तरी गाजा सिटी में रेड क्रॉस के हवाले किया जाएगा। गाजा में 19 जनवरी को संघर्ष विराम समझौता लागू हुआ था।

शनिवार को ही, घायल फिलीस्तीनियों को रफाह सीमा मार्ग से मिस्र जाने की अनुमति दिए जाने की उम्मीद है। युद्ध के दौरान यह फलस्तीनियों के लिए एकमात्र निकास बिंदु था। मई में इजराइल ने इसे बंद कर दिया था। सीमा बिंदु को फिर से खोलने की तैयारी के लिए शुक्रवार को यूरोपीय संघ के नागरिक मिशन को तैनात किया गया था। रफाह सीमा बिंदु को खोला जाना युद्ध विराम के पहले चरण में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा। समझौते के तहत 33 बंधकों और लगभग 2,000 कैदियों की रिहाई, उत्तरी गाजा में फलस्तीनियों की वापसी और तबाह हुए क्षेत्र में मानवीय सहायता में वृद्धि किया जाना शामिल है।

पाकिस्तानः बलूचिस्तान में खूनी मुठभेड़ से 18 सैनिकों सहित 41 की मौत, सेना प्रमुख ने संभाला मोर्चा

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण झड़प हुई, जिसमें 23 आतंकवादी और 18 सुरक्षाकर्मी मारे गए। इस घटना के बाद सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर ने प्रांत का दौरा किया और मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उनके साथ वरिष्ठ सुरक्षा और खुफिया अधिकारी भी मौजूद थे। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR)  के अनुसार, जनरल मुनीर ने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती और राज्यपाल शेख जाफर खान मंडोखाइल से मुलाकात की।

उन्होंने मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और क्वेटा के संयुक्त सैन्य अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना।  बलूचिस्तान में पिछले 24 घंटों में अलग-अलग अभियानों के तहत 23 आतंकवादी मारे गए।  हरनई जिले में सुरक्षा बलों की मुठभेड़ में 11 आतंकवादी ढेर हुए और कई ठिकाने नष्ट कर दिए गए।   कलात जिले के मंगोचर इलाके में आतंकवादियों द्वारा सड़क पर अवरोध लगाने की कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया और 12 आतंकवादियों को मार गिराया। खैबर पख्तूनख्वा  में भी शुक्रवार को पांच अभियानों में 10 आतंकवादी मारे गए।

ट्रंप के टैरिफ फैसले से वैश्विक कोरबार में भूचाल ! चीन देगा WTO में चुनौती

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसमें मेक्सिको और कनाडा से आने वाले सामानों पर 25% और चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले सामानों पर 10% टैरिफ लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले ने तीनों देशों में खलबली मचा दी है। चीन ने इसे लेकर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में मुकदमा दायर करने की योजना बनाई है, वहीं कनाडा और मेक्सिको ने भी इस फैसले के खिलाफ अपने कदम उठाने का निर्णय लिया है।

चीन का विरोध 
चीन ने अमेरिकी टैरिफ फैसले की कड़ी आलोचना की है। चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे “अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन” करार दिया है और कहा कि यह कदम अमेरिका की घरेलू समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। चीन ने साफ कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ WTO में मुकदमा दायर करेगा। चीनी अधिकारियों का कहना है कि इस एकतरफा फैसले से विश्व व्यापार व्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा और चीन अपनी आर्थिक नीति पर अमेरिका के दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। “अमेरिका का यह कदम वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन है। चीन इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देगा और WTO में न्याय की मांग करेगा। चीन के खिलाफ अमेरिका का यह कदम पूरी तरह अनुचित है और इसका किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होगा।”

कनाडा का जवाब 
कनाडा ने भी अमेरिका के इस फैसले का विरोध किया है। कनाडा के कार्यवाहक प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उनका देश इस स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो कुल मिलाकर 155 अरब डॉलर के आयात पर लागू होगा।  “हम यह स्थिति नहीं चाहते थे, लेकिन अगर अमेरिका ने एकतरफा निर्णय लिया तो हमें भी प्रतिक्रिया देनी पड़ीगी। यह टैरिफ व्यापार के मुक्त समझौते का उल्लंघन है, और इसका असर अमेरिका के उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।”

मेक्सिको का रुख: टैरिफ को नकारा 
मेक्सिको ने भी अमेरिकी टैरिफ फैसले के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम पार्डो ने कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहता, लेकिन इस तरह के टैरिफ से दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मेक्सिको अवैध आप्रवासन और ड्रग तस्करी के खिलाफ अपने प्रयासों को और मजबूत करेगा, लेकिन टैरिफ इस समस्या का समाधान नहीं हैं।
“हम यह नहीं चाहते कि अमेरिका और मेक्सिको के बीच टकराव हो। हमें सहयोग और साझेदारी के जरिए समाधान की ओर बढ़ना चाहिए, न कि इस तरह के एकतरफा फैसलों से।”

ट्रंप का तर्क 
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेक्सिको अवैध आव्रजन को रोकने में पूरी तरह विफल रहा है और चीन द्वारा फेंटेनाइल ड्रग्स की तस्करी पर कार्रवाई में भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।   “हम अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। हम चीन और मेक्सिको से इस तरह के गंभीर मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। यदि वे कार्रवाई नहीं करेंगे, तो हमें अपने राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कठोर कदम उठाने पड़ेंगे।”

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के इस फैसले से न केवल अमेरिका और इन तीनों देशों के बीच व्यापार तनाव बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी इसका दूरगामी असर पड़ेगा। पहले से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर है, और इन टैरिफ्स से उपभोक्ताओं को महंगे उत्पादों का सामना करना पड़ सकता है। इन टैरिफ्स के लागू होने से अमेरिकी कंपनियों को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि उनके लिए आयातित वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा, अन्य देशों के लिए भी यह एक चेतावनी होगी कि अगर अमेरिका इस तरह के फैसले लेता है, तो वे भी उसी तरह की नीति अपना सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता आ सकती है।

अमेरिका ने सोमालिया में ISIS ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक

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अमेरिका ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) सोमालिया में  इस्लामिक स्टेट (ISIS)  के आतंकवादियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर  हवाई हमले  किए। अमेरिकी रक्षा सचिव  पीट हेगेस्ट  ने बताया कि राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर गोलिस पर्वत क्षेत्र  में ये हमले किए गए, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए ।

ट्रंप का कड़ा संदेश – “हम तुम्हें ढूंढ लेंगे, खत्म कर देंगे”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान की जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X (पूर्व में ट्विटर)  पर दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने आतंकवादियों पर हमले का आदेश दिया क्योंकि वे गुफाओं में छिपे हुए थे और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के खिलाफ  साजिश रच रहे थे।  “आज सुबह मैंने ISIS के हमले की साजिश रचने वाले और सोमालिया में भर्ती करने वाले आतंकवादियों पर सटीक सैन्य हवाई हमले का आदेश दिया। ये हत्यारे गुफाओं में छिपे हुए थे, जहां हमारी सेना ने उन्हें खोज निकाला और पूरी तरह नष्ट कर दिया। हमने किसी भी नागरिक को नुकसान पहुंचाए बिना कई आतंकवादियों को मार गिराया।”  ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ISIS की क्षमता को कमजोर कर दिया है और अब वे अमेरिका व उसके सहयोगियों को नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे।

बाइडेन प्रशासन पर ट्रंप का हमला 
ट्रंप ने इस हमले के बहाने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इस ISIS कमांडर को वर्षों से निशाना बना रही थी , लेकिन बाइडन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।”हमारी सेना ने सालों से इस ISIS हमले की साजिश रचने वाले आतंकवादी को ट्रैक किया था, लेकिन बाइडन और उनके साथी इसे खत्म करने के लिए कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं कर सके।” ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा:  “मैंने कर दिखाया! ISIS और अमेरिकियों पर हमला करने वाले अन्य सभी आतंकियों के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है – हम तुम्हें खोज निकालेंगे, और हम तुम्हें खत्म कर देंगे।” अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगेस्ट ने कहा कि यह हवाई हमला  अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा  के लिए बेहद जरूरी था।

उन्होंने बताया कि इस हमले ने ISIS के हमले की योजना बनाने, आतंकवादियों की भर्ती करने और संचालन करने की क्षमता को कमजोर किया है।  “संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे सहयोगी, राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, हमेशा आतंकवादियों को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” ISIS के खिलाफ ट्रंप का सख्त रुख ट्रंप प्रशासन ने पहले भी   ISIS और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप इससे पहले भी  ISIS आतंकियों को खत्म करने के लिए हवाई हमलों  के आदेश दे चुके हैं।  उन्होंने बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद अमेरिका को सीरिया से बाहर निकालने की वकालत भी की थी।

किसानों पर मेहरबान रहा बजट 2025, सामने आईं 6 नई योजनाएं, जानिए किसमें क्या है फायदा

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से छह नई योजनाओं की घोषणा की तथा सब्सिडी वाले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण प्राप्त करने की सीमा को तीन लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य, देशभर में रोजगार से लेकर फसल उत्पादकता बढ़ाने तक, हर चीज को बढ़ावा देना है। संसद में अपना आठवां बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कृषि को ‘विकास का पहला इंजन’ बताया और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का प्रस्ताव किया। यह सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य कम उत्पादकता, कम फसल लेने वाले क्षेत्र (जिन स्थानों पर दो या तीन की जगह कम या केवल एक ही फसल ली जाती हो) और ऋण लेने के औसत मापदंडों से कम ऋण लेने वाले 100 कृषि-जिलों को लक्षित करना है। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में लागू की जाने वाली इस योजना से कृषि उत्पादकता बढ़ने, फसल विविधीकरण और कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिये 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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ग्रामीण समृद्धि और मजबूती कार्यक्रम

ग्रामीण बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार एक व्यापक ‘ग्रामीण समृद्धि और मजबूती’ कार्यक्रम लागू करेगी। सीतारमण ने कहा, ‘‘इनका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर पैदा करना है ताकि पलायन एक विकल्प रहे, लेकिन अनिवार्यता न होने पाये।” यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर केंद्रित होगा। दलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़े कदम के रूप में छह साल का मिशन अरहर, उड़द और मसूर उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। इस पहल के तहत, सहकारी संस्थाएं नेफेड और एनसीसीएफ इन एजेंसियों के साथ समझौते करने वाले पंजीकृत किसानों से चार साल तक दालों की खरीद करेंगी।

मखाना बोर्ड की स्थापना

बिहार के मखाना क्षेत्र के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में सुधार के लिए एक समर्पित मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। बोर्ड किसानों को एफपीओ में संगठित करेगा और सरकारी योजना के लाभ तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण सहायता प्रदान करेगा।

केसीसी से मिलेगा ज्यादा कर्ज

वित्त मंत्री ने केसीसी लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की, 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए सब्सिडी वाले अल्पकालिक ऋण की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया।

नया रिसर्च इकोसिस्टम

एक नया रिसर्च इकोसिस्टम मिशन, अधिक उपज, कीट-प्रतिरोधी और प्रतिकूल जलवायु-सहिष्णु बीजों को विकसित करने और प्रचारित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें जुलाई, 2024 से शुरू की गई 100 से अधिक बीज किस्मों को व्यावसायिक रूप से जारी करने की योजना है।

पांच वर्षीय कपास मिशन 

इसके अतिरिक्त, एक पांच वर्षीय कपास मिशन उत्पादकता में सुधार और ‘एक्स्ट्रा-लांग स्टेपल’ कपास किस्मों को बढ़ावा देने पर काम करेगा, जो कपड़ा क्षेत्र के लिए भारत के एकीकृत 5-एफ दृष्टिकोण का समर्थन करेगा। मछली और जलीय कृषि में दूसरे सबसे बड़े वैश्विक उत्पादक के रूप में भारत की स्थिति को मान्यता देते हुए 60,000 करोड़ रुपये के समुद्री खाद्य निर्यात के साथ सरकार भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और दूर समुद्र में स्थायी मछली पकड़ने के लिए एक रूपरेखा पेश करेगी और इसके लिए विशेष रूप से अंडमान और निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह पर ध्यान केंद्रित करेगी।

PunjabKesariअसम में लगेगा यूरिया प्लांट

अन्य घोषणाओं में असम के नामरूप में एक नए यूरिया संयंत्र की योजना भी शामिल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 12.7 लाख टन है। इसके अलावा सहकारी क्षेत्र के ऋण संचालन के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को समर्थन बढ़ाने की घोषणा की गई है। बागवानी क्षेत्र में, बढ़ती आय के कारण से प्रेरित बढ़ती खपत पद्धति को ध्यान में रखते हुए, सब्जियां, फल और श्री अन्न उगाने वाले किसानों के लिए उत्पादन, कुशल आपूर्ति श्रृंखला, प्रसंस्करण और लाभकारी कीमतों को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इस पहल को राज्यों के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा, जिसमें उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से किसान-उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को शामिल किया जाएगा। बजट पर टिप्पणी करते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह एक दूरदर्शी बजट है, जिसमें समाज के हर वर्ग के साथ-साथ हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। बजट में कृषि और किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। चौहान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इसमें विश्वास की खुशबू है, विकास की तड़प है और विकसित भारत के निर्माण की बैचैनी है।” उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले AAP को झटका, 8 विधायक समेत कई नेताओं ने ज्वाइन किया BJP

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दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। AAP के 8 विधायक और कुछ पूर्व व वर्तमान पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है, निगम पार्षदों में मुख्य नाम अजय राय का सामने आया है। इस घटनाक्रम ने दिल्ली के चुनावी माहौल में हलचल मचा दी है और पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कौन-कौन से नेता BJP में हुए शामिल?

AAP के जिन प्रमुख नेताओं ने बीजेपी जॉइन की है, उनमें कई दिग्गज विधायक शामिल हैं।

  1. भावना गौर – पालम से दो बार की विधायक
  2. मदन लाल – कस्तूरबा नगर से तीन बार के विधायक
  3. गिरीश सोनी – तीन बार के विधायक
  4. राजेश ऋषि – दो बार के विधायक
  5. नरेश यादव – विधायक
  6. पवन शर्मा – विधायक
  7. रोहित मेहरोलिया – विधायक
  8. बिजेंद्र गर्ग – पूर्व विधायक
  9. अजय राय – निगम पार्षद

इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव आ सकता है। इनके साथ ही कई अन्य पूर्व और वर्तमान पार्षद भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।

बीजेपी नेता बैजयंत पांडा का बयान आया सामने

बीजेपी नेता बैजयंत पांडा ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है और चुनाव के तीन दिन पहले इतनी बड़ी संख्या में विधायक, पार्षद और पदाधिकारी गण आपदा से मुक्ति पा गए हैं और अब दिल्ली की आपदा से मुक्ति पाने की बारी है। सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और ट्रांसपेरेंट पार्टी में सबका स्वागत है। हम दुनिया की सबसे बड़ी पांचवी अर्थव्यवस्था हो गए हैं और जल्द ही भारत तीसरा सबसे बड़ा देश बनने जा रहा है। दुनिया आज हमारी प्रशंसा कर रहा है। इस तरह से देश में जो प्रगति हो रही है, सबका विकास हो रहा है और युवा, महिला और समाज का हर वर्ग आगे बढ़ रहा है।’

पांडा ने आगे कहा, ‘दिल्ली, देश की जैसी राजधानी होना चाहिए, हम उस तरह की दिल्ली बनाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए दिल्ली में सत्ता का परिवर्तन जरूरी है और हम भाजपा में विश्वास करते हैं कि देश सबसे ऊपर होता है, फिर पार्टी और व्यक्ति होता है।’

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ चुनाव के वक्त ही होता है। आज समय आ चुका है कि दिल्ली की प्रगति करने के लिए मोदी जी की जो गारंटी है, उसे दिल्ली में लाया जाए। आपदा झूठ पर झूठ फैला रही है, साफ पानी, साफ यमुना का वायदा था लेकिन क्या हुआ। घोटाले पर घोटाला हुआ है। जलबोर्ड, दिल्ली डीटीसी और राशनकार्ड में घोटाला हुआ है। जब कोविड में दिल्ली फंसा हुआ था तब उस व्यक्ति ने शीशमहल बनाया।

छत्तीसगढ़ में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने 8 नक्सलियों को उतारा मौत की नींद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में एक इंसास राइफल और एक बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) शामिल हैं।

शुक्रवार को शुरू हुआ था अभियान 
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि मुठभेड़ सुबह करीब 8.30 बजे गंगालूर थाना क्षेत्र के जंगल में उस समय शुरू हुई जब राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड और विशेष कार्य बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) के साथ नक्सल विरोधी अभियान पर निकले थे। उन्होंने बताया कि इलाके में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादियों) के “पश्चिम बस्तर संभाग” के कैडरों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया था।

8 नक्सलियों के शव बरामद
सुंदरराज ने कहा, “घटनास्थल से आठ नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। कई और नक्सली या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। घटनास्थल पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है। हमने मौके से एक इंसास राइफल, एक बैरल ग्रेनेड लांचर और अन्य हथियार बरामद किए हैं।”

अब तक 50 नक्सली मारे गए
इस मुठभेड़ के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 50 नक्सली मारे जा चुके हैं। 20-21 जनवरी को राज्य के गरियाबंद जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। पुलिस के अनुसार पिछले साल राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 219 नक्सलियों को मार गिराया था।

MP के श्रद्धालुओं की बस गुजरात में खाई में गिरी, पांच लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं से भरी बस गुजरात के डांग जिले में खाई में गिर गई, घटना रविवार सुबह की है। यह हादसा सापुतारा घाट इलाके में हुआ, इस घटना में विदिशा के एक ड्राइवर और शिवपुरी के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं 35 यात्री घायल हैं। जिनमें से 16 की हालत गंभीर बताई जा रही है, तत्काल घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार 48 तीर्थ यात्रियों को लेकर बस महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से द्वारिका जा रही थी। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, स्थानीय लोगों की मदद से बस से घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया है। आपको बता दें कि शिवपुरी ,गुना और अशोकनगर जिले से श्रद्धालुओं का दल 23 दिसंबर को धार्मिक यात्रा पर गया था।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने हादसे को लेकर जताया दुख 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि गुजरात के सापुतारा घाट के पास गुना, शिवपुरी और अशोकनगर के श्रद्धालुओं से भरी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से बस में सवार कई श्रद्धालुओं के असमय निधन का समाचार मन को व्यथित कर देने वाला है।

मैंने घटना के संबंध में जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के अधिकारियों से बातचीत की है एवं लगातार उनके संपर्क में हूं। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज की शीघ्र व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं।

मैं ईश्वर से सभी दिवंगत पुण्यात्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

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