रूस की फौज में काम करते बताए जाते जिला मालेरकोटला के गांव कल्याण निवासी 27 वर्ष नौजवान बुद्ध राम सिंह का पिछले करीब एक वर्ष से परिवार के साथ कोई संपर्क नहीं है और पीछे बूढ़े माता-पिता सरकारे दरबारे धक्के खा कर बेआस-उम्मीद हुए बैठे हैं। बुद्धराम सिंह के पिता परिवार के प्रमुख मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाने वाले बुजुर्ग गुरमेल सिंह कल्याण ने दुखी दिल और भरी आंखों के साथ बताया कि उनका नौजवान पुत्र परिवार के गुजारे का सहारा था और परिवार का गुजारा चलाने के लिए ही वह पहले बहरीन गया और फिर रशिया गया।

बुद्धराम सिंह 26 दिसम्बर, 2023 को रशिया गया था और वहां जाने के कुछ ही समय बाद, उसे फोन आया कि वह रूसी सेना में शामिल हो गया है और उसने उन्हें अपनी तस्वीरें भी भेजीं। उन्होंने कहा कि परिवार के जीवनयापन के लिए कुछ पैसे भी भेजे और फिर 26 मार्च, 2024 को उन्हें एक कॉल आया कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है और वह 15 दिनों के लिए सीमा पर जा रहे हैं और उसके बाद से आज तक उन्हें उनकी ओर से कोई कॉल या संदेश नहीं मिला।
बुद्धराम सिंह की मां सिंदरपाल कौर ने कहा कि उनके बेटे ने कहा था कि मां, चाहे वह विदेश में कितना भी कठिनाई में रहूं, वह परिवार के चूल्हे की आग को ठंडा नहीं होने देगा। सरकार ने उनके बेटे को ढूंढ सकती थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी, उनका बेटा मिला है और न ही उनसे संपर्क किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें जालंधर के एक नौजवान ने सोशल मीडिया के द्वारा एक अखबार की खबर भेज कर बताया है कि रशिया में लापता भारतीयों को ढूंढने के लिए परिवार के जरूरी टैस्ट करने की बात चल रही है। इस खबर ने उनकी चिंता ओर बढ़ा दी है परन्तु उन्होंने कहा कि वह अनपढ़ हैं उन्हें तो यह भी नहीं पता कि कहां जाना, किसको कहना और उनके साथ किसी मंत्रालय, सरकार या अम्बैसी ने कोई संपर्क नहीं किया और कौन से लोगों के टैस्ट होंगे उन्हें अभी तक किसी ने कुछ नहीं बताया।
उल्लेखनीय है कि बुद्धराम सिंह का परिवार श्रमिकों का परिवार है और बुद्धराम सिंह के 2 भाई हैं, जिनमें से एक विकलांग है और एक बहन है। बुद्धराम सिंह के माता पिता ने सरकार से अपील की गई है कि उनकी मदद की जाए और उनको विदेश मंत्रालय की तरफ से मौजूदा स्थिति बारे बताया जाए। इलाके के लोगों ने भी सरकार और समाज सेवीं संस्थाओं से अपील की है कि आर्थिक और मानसिक परेशानी के साथ जूझ रहे और दिन रात अपने पुत्र के आने की आशा में दरवाजे की तरफ झांक रहे बुद्धराम सिंह के बूढ़े माता पिता के नौजवान पुत्र को ढूंढने के लिए उनकी मदद की जाए।


जिला प्रोग्राम अधिकारी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए दफ्तर जिला प्रोग्राम अधिकारीस कमरा नंबर 18/219, ब्लॉक ए, जिला प्रशासनिक परिसर, गुरदासपुर में तुरंत संपर्क किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अगर प्री-नर्सरी प्ले-वे स्कूलों द्वारा 5 फरवरी, 2025 तक रजिस्ट्रेशन संबंधी अप्लाई न किया गया तो विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


इसके साथ ही, सरकार फलों और सब्जियों के उत्पादन को भी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। राज्यों के सहयोग से इन कृषि उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे, ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। केंद्र सरकार ने भारत में कपास (कॉटन) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक विशेष 5 साल की योजना की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में कपास उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है।
यह प्रतिबंध तब भी जारी था जब श्रीलंका आर्थिक संकट से जूझ रहा था। हालांकि प्रतिबंध हटाए जाने के बाद आयात शुल्क में बढ़ोतरी की जा सकती है। दिसानायके ने पहले घोषणा की थी कि वाहन आयात के लिए 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर ‘रिजर्व’ किए जाएंगे। श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों के अनुरूप अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बनाए रखना होगा और उसे बढ़ाना होगा ताकि अर्थव्यवस्था में 2022 जैसी गिरावट से बचा जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंध हटने के बावजूद वाहन खरीदना आसान नहीं होगा। श्रीलंका में पहले से ही महंगाई दर काफी ऊंची है और टैक्स भी बढ़ाए गए हैं। सरकार ने आयातित कारों पर उच्च कर और शुल्क लगाए हैं, जिससे कारों की कीमतें आसमान छू सकती हैं। इसके अलावा, श्रीलंकाई मुद्रा कमजोर है, जिससे आयातित वाहनों की लागत और भी ज्यादा होगी।
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बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे कुंभ के मेले में बीते दिनों घटित भगदड़ की घटना में भोजपुर जिले के अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के पिटाठ गांव की रहने वाली पूनम देवी की मौत हो गई थी। वहीं, मृतक की गोतनी जख्मी बताई जा रही है। शुक्रवार को मृतक महिला का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
