Tuesday, February 10, 2026
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रूस की फौज में भर्ती पंजाबी युवक एक साल से लापता, नहीं देखा जा रहा परिवार का हाल

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रूस की फौज में काम करते बताए जाते जिला मालेरकोटला के गांव कल्याण निवासी 27 वर्ष नौजवान बुद्ध राम सिंह का पिछले करीब एक वर्ष से परिवार के साथ कोई संपर्क नहीं है और पीछे बूढ़े माता-पिता सरकारे दरबारे धक्के खा कर बेआस-उम्मीद हुए बैठे हैं। बुद्धराम सिंह के पिता परिवार के प्रमुख मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाने वाले बुजुर्ग गुरमेल सिंह कल्याण ने दुखी दिल और भरी आंखों के साथ बताया कि उनका नौजवान पुत्र परिवार के गुजारे का सहारा था और परिवार का गुजारा चलाने के लिए ही वह पहले बहरीन गया और फिर रशिया गया।

russian army

बुद्धराम सिंह 26 दिसम्बर, 2023 को रशिया गया था और वहां जाने के कुछ ही समय बाद, उसे फोन आया कि वह रूसी सेना में शामिल हो गया है और उसने उन्हें अपनी तस्वीरें भी भेजीं। उन्होंने कहा कि परिवार के जीवनयापन के लिए कुछ पैसे भी भेजे और फिर 26 मार्च, 2024 को उन्हें एक कॉल आया कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है और वह 15 दिनों के लिए सीमा पर जा रहे हैं और उसके बाद से आज तक उन्हें उनकी ओर से कोई कॉल या संदेश नहीं मिला।

बुद्धराम सिंह की मां सिंदरपाल कौर ने कहा कि उनके बेटे ने कहा था कि मां, चाहे वह विदेश में कितना भी कठिनाई में रहूं, वह परिवार के चूल्हे की आग को ठंडा नहीं होने देगा। सरकार ने  उनके बेटे को ढूंढ सकती थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी, उनका बेटा मिला है और न ही उनसे संपर्क किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब उन्हें जालंधर के एक नौजवान ने सोशल मीडिया के द्वारा एक अखबार की खबर भेज कर बताया है कि रशिया में लापता भारतीयों को ढूंढने के लिए परिवार के जरूरी टैस्ट करने की बात चल रही है। इस खबर ने उनकी चिंता ओर बढ़ा दी है परन्तु उन्होंने कहा कि वह अनपढ़ हैं उन्हें तो यह भी नहीं पता कि कहां जाना, किसको कहना और उनके साथ किसी मंत्रालय, सरकार या अम्बैसी ने कोई संपर्क नहीं किया और कौन से लोगों के टैस्ट होंगे उन्हें अभी तक किसी ने कुछ नहीं बताया।

उल्लेखनीय है कि बुद्धराम सिंह का परिवार श्रमिकों का परिवार है और बुद्धराम सिंह के 2 भाई हैं, जिनमें से एक विकलांग है और एक बहन है। बुद्धराम सिंह के माता पिता ने सरकार से अपील की गई है कि उनकी मदद की जाए और उनको विदेश मंत्रालय की तरफ से मौजूदा स्थिति बारे बताया जाए। इलाके के लोगों ने भी सरकार और समाज सेवीं संस्थाओं से अपील की है कि आर्थिक और मानसिक परेशानी के साथ जूझ रहे और दिन रात अपने पुत्र के आने की आशा में दरवाजे की तरफ झांक रहे बुद्धराम सिंह के बूढ़े माता पिता के नौजवान पुत्र को ढूंढने के लिए उनकी मदद की जाए।

5 तारीख तक पंजाब के Schools कर लें ये काम, नहीं तो…

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प्री-नर्सरी प्ले वे स्कूलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जिला प्रोग्राम अधिकारी जसमीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्री-नर्सरी प्ले वे स्कूलों का रजिस्ट्रेशन बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के गुरदासपुर स्थित दफ्तर द्वारा पहले भी 3 जनवरी 2025 को सभी प्री-नर्सरी व प्ले-वे स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए अवगत करवाया जा चुका है। इसके बाद जिला गुरदासपुर के अधिकतर प्री-नर्सरी प्ले-वे स्कूलों द्वारा अप्लाई कर दिया गया है।

 जिला प्रोग्राम अधिकारी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए दफ्तर जिला प्रोग्राम अधिकारीस कमरा नंबर 18/219, ब्लॉक ए, जिला प्रशासनिक परिसर, गुरदासपुर में तुरंत संपर्क किया जाए। उन्होंने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अगर प्री-नर्सरी प्ले-वे स्कूलों द्वारा 5 फरवरी, 2025 तक रजिस्ट्रेशन संबंधी अप्लाई न किया गया तो विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब के बाद केंद्र सरकार की Entry, आज चैक होगा बुड्ढे नाले का Report Card

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बुड्ढे नाले में प्रदूषण की समस्या का मुद्दा इन दिनों काफी गमार्या हुआ है जिसके तहत संत सीचेवाल ने पक्के तौर पर डेरा लगाया हुआ है। वहीं, गर्वनर गुलाब चंद कटारिया, लोकल बॉडीज मंत्री रवजोत सिंह व स्पीकर कुलतार संधवां के अलावा नैशनल डेयरी डिवैल्पमेंट बोर्ड व पंजाब डिवैल्पमैंट कमीशन की टीमें साइट विजिट कर चुकी हैं।

इस लिस्ट में जल शक्ति मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रदीप अग्रवाल का नाम भी शामिल हो गया है जो शनिवार को बुड्ढे नाले में प्रदूषण की समस्या का रिपोर्ट कार्ड चैक करेंगे जिसकी वजह यह है कि बुड्ढे नाले में सीधे तौर पर पानी गिरने से रोकने के लिए किनारे पर लाइन बिछाने व पंपिंग स्टेशन बनाने के अलावा सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांटों की अपग्रेडेशन पर खर्च हुए कई सौ करोड़ के फंड में केंद्र सरकार द्वारा भी हिस्सा डाला गया है जिसके बावजूद बुड्ढे नाले में प्रदूषण की समस्या का समाधान न होने के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा क्रॉस चैकिंग करने का फैसला किया गया है।

डी.सी. व नगर निगम कमिश्नर रहने की वजह से ग्राऊंड रियलिटी से वाकिफ हैं प्रदीप अग्रवाल
जल शक्ति मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रदीप अग्रवाल पहले लुधियाना के डी.सी. व नगर निगम कमिश्नर रहे हैं जिसकी वजह से वह बुड्ढे नाले में प्रदूषण की समस्या काे लेकर ग्राऊंड रियलिटी से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उनके द्वारा डी.सी. व नगर निगम कमिश्नर की मीटिंग बुलाई गई है जिसमें पी.पी.सी.बी., ग्लाडा, ग्रामीण विकास विभाग व सीवरेज बोर्ड के आफिसर शामिल होंगे।

पंजाब की सड़कों पर दिखे “यमराज”, वाहन चालकों को दी चेतावनी

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अक्सर ही पुलिस अधिकारियों द्वारा लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करते देखा जाता हैं। इसके बाद कई बार तो लोग उनकी बातमान लेते हैं कि वे हमें हमारी भलाई के लिए नियमों का पालन करने को कह रहे हैं, जबकि कई लोग सिर्फ चालान से बचने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करने का दिखावा करते हैं।

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इस बीच गुरु नगरी अमृतसर से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहां अमृतसर पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करने के लिए अपने साथ एक ‘यमराज’ को रखा है। यह ‘यम’ लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है और कह रहा है, “मेरी बात यहीं मान लो, नहीं तो मैं ऊपर जाकर समझाऊंगा।”

इस बारे में जब पुलिस अधिकारी दलजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब लोगों के घर-घर तक ऑनलाइन चालान भेजने की तैयारी कर ली गई है, इसलिए लोगों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस समय-समय पर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करती रही है, लेकिन इस बार वे ‘यमराज’ साथ लेकर आए हैं, वह लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये नियम लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं, ताकि उनकी कीमती जान किसी भी तरह से खतरे में न आए।

केंद्र सरकार ने दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए 6 साल की योजना बनाई

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दालों पर आत्मनिर्भर बनने के लिए छह साल की योजना, राज्यों के साथ मिलकर फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। केंद्र सरकार ने दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक छह साल की योजना तैयार की है। इसके तहत विभिन्न राज्यों के साथ मिलकर दालों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। योजना का उद्देश्य दालों की कमी को पूरा करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।

इसके साथ ही, सरकार फलों और सब्जियों के उत्पादन को भी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। राज्यों के सहयोग से इन कृषि उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे, ताकि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। केंद्र सरकार ने भारत में कपास (कॉटन) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक विशेष 5 साल की योजना की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में कपास उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है।

इस योजना के तहत, आधुनिक तकनीकों और बेहतर खेती के तरीकों को अपनाकर कपास की उपज को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। किसानों को उन्नत बीज, बेहतर सिंचाई सुविधाएं और कृषि रसायनों की सहायता दी जाएगी, ताकि वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। कॉटन के उत्पादन में वृद्धि से न केवल कृषि क्षेत्र को लाभ होगा, बल्कि इससे कपड़ा उद्योग में भी मजबूती आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कृषि उत्पादकता को सुधारना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इन 100 जिलों में विभिन्न कृषि सुधारों को लागू किया जाएगा, जिसमें उन्नत तकनीकी, बेहतर सिंचाई उपाय, उर्वरकों का प्रभावी उपयोग और फसल विविधीकरण जैसे कदम शामिल होंगे। इसके साथ ही, इन जिलों में किसानों को उन्नत बीज, प्रशिक्षण, और कृषि उपकरणों की सहायता दी जाएगी। यह योजना कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने के साथ-साथ, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

श्रीलंका ने वाहनों के आयात पर प्रतिबंध हटाया, क्या कार खऱीदना होगा आसान ?

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श्रीलंका ने वाहनों के आयात पर प्रतिबंध हटा दिया है। राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की ओर से शुक्रवार को जारी एक नए विशेष राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से यह जानकारी दी गई। यह आदेश एक फरवरी से लागू हो गया है। इसी के साथ कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 की शुरुआत में लगाए गए वाहन आयात पर प्रतिबंध पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

 यह प्रतिबंध तब भी जारी था जब श्रीलंका आर्थिक संकट से जूझ रहा था। हालांकि प्रतिबंध हटाए जाने के बाद आयात शुल्क में बढ़ोतरी की जा सकती है। दिसानायके ने पहले घोषणा की थी कि वाहन आयात के लिए 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर ‘रिजर्व’ किए जाएंगे। श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों के अनुरूप अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बनाए रखना होगा और उसे बढ़ाना होगा ताकि अर्थव्यवस्था में 2022 जैसी गिरावट से बचा जा सके।  हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंध हटने के बावजूद वाहन खरीदना आसान नहीं होगा। श्रीलंका में पहले से ही महंगाई दर काफी ऊंची है और टैक्स भी बढ़ाए गए हैं। सरकार ने आयातित कारों पर उच्च कर और शुल्क लगाए हैं, जिससे कारों की कीमतें आसमान छू सकती हैं। इसके अलावा, श्रीलंकाई मुद्रा कमजोर है, जिससे आयातित वाहनों की लागत और भी ज्यादा होगी।

सरकार ने फिलहाल पूरी तरह से नई कारों के आयात को मंजूरी नहीं दी है। शुरुआती चरण में सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों और ट्रकों का आयात शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ चुनिंदा हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को भी अनुमति दी गई है।  अभी तक यह साफ नहीं है कि आम नागरिकों के लिए निजी कारों का आयात कब शुरू होगा। सरकार आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आता है, तो अगले कुछ महीनों में कार बाजार में और राहत दी जा सकती है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जुड़ी 36 दवाइयां होंगी सस्ती, बजट में केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 36 जीवन रक्षक दवाओं पर पूरी तरह से ड्यूटी टैक्स खत्म कर दिया है। इसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और आसानी से उपलब्ध दवाएं मुहैया कराना है।

कैंसर इलाज में मदद के लिए खास कदम
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सभी सरकारी अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों का उद्देश्य कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार और देखभाल प्रदान करना है। इसके अलावा, कैंसर के इलाज के लिए दवाओं की कीमतों में कमी की जाएगी, जिससे लोगों को सस्ती दरों पर इलाज उपलब्ध हो सके।

कुछ दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में कटौती
इसके साथ ही, 6 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी कर दी जाएगी। इससे इन दवाओं की कीमतें कम होंगी, और आम लोग इनका आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

Budget 2025: मोदी सरकार ने बिहार के लिए खोला पिटारा, मखाना बोर्ड के गठन को दी मंजूरी

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1 फरवरी 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश कर ही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनमें मखाना, मछली पालन और IIT पटना के विस्तार के लिए विशेष योजनाएं शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा प्रदान की जाएगी। ये पटना हवाई अड्डे की क्षमता के विस्तार के अतिरिक्त होंगे। मिथिलांचल में पश्चिमी लागत नहर परियोजना भी इसमें शामिल है।

मखाना बोर्ड की स्थापना
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि बिहार में मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। यह कदम मखाना के उत्पादकों को अधिक सहायता देने और उनके उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार में पेश करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, मखाना किसानों को एफपीओ (कृषि उत्पादक संगठनों) के रूप में संगठित किया जाएगा ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।

मछली पालन के लिए नया ढांचा
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों और उच्च समुद्रों में मछली पालन क्षेत्र की पैदावार बढ़ाने के लिए एक सक्षम ढांचा तैयार करेगी। इसका उद्देश्य मछली पालन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाना है। इसके साथ ही, सरकार मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए नीति समर्थन और ढांचे को विस्तारित करेगी।

IIT पटना का विस्तार
बजट में एक और अहम घोषणा की गई कि IIT की क्षमता बढ़ाने के लिए 5 IITs में अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। साथ ही, IIT पटना का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे वहां की शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को और बढ़ावा मिलेगा।

महाकुंभ भगदड़ में भोजपुर की महिला की मौत, शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

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प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई। इस घटना में बिहार से कुल 11 लोगों के मौत की खबर है। इनमें भोजपुर की रहने वाली पूनम देवी भी शामिल हैं। वहीं, मृत पूनम देवी का शव शुक्रवार को उनके पैतृक गांव पिटाठ में पहुंचा। शव को देखते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे कुंभ के मेले में बीते दिनों घटित भगदड़ की घटना में भोजपुर जिले के अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के पिटाठ गांव की रहने वाली पूनम देवी की मौत हो गई थी। वहीं, मृतक की गोतनी जख्मी बताई जा रही है। शुक्रवार को मृतक महिला का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

वहीं, मौके पर पहुंचे नगर सभापति किरण उपाध्याय के द्वारा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

बजट से पहले हवाई ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2025-26 का बजट पेश करने जा रही है। इससे पहले ही एयरलाइंस को एक बड़ा झटका लगा है, जिससे हवाई यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। दरअसल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी की है। ATF की कीमत में करीब 5078.25 रुपये प्रति किलो लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद आज से यानी 1 फरवरी 2025 से हवाई ईंधन की कीमतें इस प्रकार होंगी:

दिल्ली: 95533.72 रुपये प्रति किलो लीटर

कोलकाता: 97961.61 रुपये प्रति किलो लीटर

मुंबई: 89318.90 रुपये प्रति किलो लीटर

चेन्नई: 98940.19 रुपये प्रति किलो लीटर

इस बढ़ोतरी से एयरलाइंस के खर्चे में इजाफा होगा और इसके कारण वे टिकटों की कीमतें बढ़ा सकती हैं। इस बढ़ी हुई कीमतों का असर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि एयरलाइंस अपनी लागत को पूरा करने के लिए हवाई टिकटों की कीमतों में इजाफा करेगी।

यह ध्यान देने वाली बात है कि जनवरी 2025 में ATF के दाम में 1401.37 रुपये प्रति किलो लीटर की कमी की गई थी, जबकि दिसंबर 2023 में 1318.12 रुपये प्रति किलो लीटर की बढ़ोतरी हुई थी और नवंबर 2023 में भी 2941.5 रुपये प्रति किलो लीटर की बढ़ोतरी हुई थी यानी 2025 में पहले महीने में तो ATF के दाम घटे थे, लेकिन फरवरी में फिर से कीमतें बढ़ गई हैं।

इसके साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री के राम मोहन नायडू ने महाकुंभ के लिए हवाई टिकटों के रेट में 50 प्रतिशत की बड़ी कटौती की घोषणा की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 23 जनवरी को एक बैठक के दौरान यह फैसला लिया। इस निर्णय से महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जाने वाली फ्लाइटों की संख्या बढ़ाकर 132 कर दी गई है। पहले दिल्ली-प्रयागराज रूट पर हवाई किराया 21 गुना बढ़ गया था, लेकिन अब सरकार ने इन टिकटों के किराए में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है, जिससे महाकुंभ श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है।

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