Tuesday, February 10, 2026
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Jind Accident News: घने कोहरे के कारण 2 बसों का हुआ एक्सीडेंट, 10 यात्री घायल

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हरियाणा में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे है। जहां जींद के लोहचब गांव में दो बसों के बीच ओवर स्पीड के दौरान हादसा हो गया। इस हादसे में 10 लोग घायल है, जिन्हें जींद के सामान्य अस्पताल भेजा गया। मौके पर एम्बुलेंस और डॉयल 112 की गाड़ी पहुंची।

जानकारी के मुताबिक एक बस जींद से पानीपत तो दूसरी बस पानीपत से जींद की तरफ आ रही थी। एक प्राइवेट बस सड़क किनारे पेड़ से टक़्कराई तो दूसरी प्राइवेट बस सड़क किनारे बने बस सलेंटर से जा टकराई। वहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस अड्डे के अंदर खड़े व्यक्ति को ज्यादा चोट लगी हैं।

अब यात्रा होगी और आसान… हरियाणा में बढ़ेगी AC बसों की संख्या

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हरियाणा सरकार लगातार यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने नायाब फैसला लिया है कि प्रदेश में अब AC बसें अब दोगुनी की जाएंगी। सरकार के इस फैसले से लोगों को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलेगा। प्रदेश में रोडवेज में 150 AC बसों (Haryana AC Bus Service) को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की सहूलियत के लिए बसों में तमाम तरह की सुविधाएं की जाएंगी।

बता दें कि सीएम सैनी (Nayab Singh Saini) ने बीते दिनों 600 नई बसों को मंजूरी दे चुके हैं, अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों में AC बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके लिए हरियाणा रोडवेज की टीम AC बस निर्माता कंपनी के साथ संपर्क करके AC बसों  को शामिल किया जाएगा, इसके अलावा सामान्य बसें भी लाई जाएंगी।  सभी 150 एसी बसें 48 सीटर होंगी, जबकि इनसे पहले खरीदी गई 150 बसों की सीटिंग क्षमता 52 है। AC बसें ज्यादातर धार्मिक और पर्यटन स्थल पर चलाई जाएंगी।

ऐप के जरिए मिलेगी जानकारी 

हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज (Anil Vij) का कहना है कि रोडवेज में जल्द ही 600 नई बसों को शामिल किया जाएगा। लोगों का गर्मियों में सफर अधिक सुगम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर प्रदेश में 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू हो गया है। विज ने कहा कि परिवहन विभाग जल्द ही एक ऐसा ऐप तैयार करेगा, जिस पर बसों की आवाजाही की संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, HC ने सुनाया ये बड़ा फैसला

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हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। हाईकोर्ट ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने को फैसला सुनाया है। जिसमें कहा गया है कि सभी कर्मियों को 2003 और 2011 की नीति के तहत 6 महीने के अंदर रेगुलर किया जाएगा। हालांकि हाईकोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया है कि 1996 की नीति के तहत अब किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया जाएगा।

कई कर्मचारियों ने HC में दाखिल की थी याचिका 

बता दें कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में हजारों की संख्या में कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी काम कर रहे हैं। जिन्होंने नियमित करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इन याचिकाओं में दशकों से अनुबंध, अंशकालिक या अस्थायी रूप से कार्यरत 1996, 2003 और 2011 की नीतियों के तहत नियमित करने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने अब अपना फैसला सुनाया है और कहा है कि तय प्रक्रिया के तहत नियुक्त सभी कर्मियों को 2003 और 2011 की नीति के हिसाब से 6 माह के भीतर नियमित किया जाए।

हाईकोर्ट ने किया स्पष्ट

हाईकोर्ट में आदेश में ये भी कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी इन नीतियों के अनुसार योग्य है, तो उसे कोर्ट में याचिका दायर करने की तारीख से बकाया वेतन मिलेगा। लेकिन इस पर किसी तरह का ब्याज नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी पहले ही रिटायर हो चुका है, तो उसकी पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों को भी फिर से निर्धारित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने अपने इस फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि 2014 की नीति के तहत नियमित हुए कर्मचारियों को किसी भी नीति के तहत कोई फायदा नहीं मिलेगा। वहीं जो कर्मचारी 2003 और 2011 की नीति के तहत पात्र नहीं होंगे, उनको लेकर 2024 में लागू किए गए नए अधिनियम के तहत विचार करने के निर्देश दिए गए है।

Haryana: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मजदूर की मौत,गर्दन में फस गई थी तार

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हिनौरी मार्ग पर एक प्रवासी मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय पंकज निवासी चंपारण बिहार हाल निवासी शिवराम कॉलोनी वार्ड आठ लाडवा के रूप में हुई है। वह पिछले 25 वर्षों से लाडवा क्षेत्र में टाइल लगाने का काम करता था और परिवार सहित लाडवा में रहता था। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी नागरिक अस्पताल भेज दिया।

पुलिस को दी अपनी शिकायत में सुभाष निवासी गांव बनवारिया थाना शिकारपुर जिला पश्चिमी चंपारण बिहार हाल किरायेदार नजदीक गोगामाड़ी ने बताया कि वह लाडवा में रहता है और टाइल पत्थर लगाने का काम करता है। उसके साथ पंकज भी काम करता था। दोनों ने बृजलाल वर्मा उर्फ बिरजू निवासी हिनौरी रोड की दुकान मे टाइल पत्थर लगाने का काम का ठेका लिया था जो 29 जनवरी को दुकान का सारा काम निपटा दिया था।

दुकान मालिक से अपनी मजदूरी के 16 हजार रुपये काम के मांगे थे तब उन्होंने कहा कि उनके मकान की छत पर टाइल लगा दो। उसके बाद हिसाब करके सारे रुपये दे देंगे। वीरवार 30 जनवरी को वह तथा पंकज हिनौरी रोड स्थित बृजलाल वर्मा की छत की बाउंड्री पर पुरानी टाइल को उतार कर नई टाइल लगा रहे थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक उसका साथी पंकज 11 केवी बिजली के तारों की चपेट में आ गया और उसकी गर्दन तार में फंस गई। झुलसने से पंकज की मौके पर ही मौत हो गई।

Haryana : महंगे रसोई गैस सिलेंडर से जल्द मिलने वाली है राहत, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

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हरियाणा सरकार गरीब परिवारों के लिए कई योजनाओं शुरु कर रही है। सरकार ने गरीब परिवारों के लिए ‘हर घर-हर गृहिणी योजना’ की शुरुआत की है। योजना के तहत अंत्योदय परिवारों को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी की राशि सीधे पात्र परिवारों के मुखिया के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।

बता दें कि भिवानी जिले के लोहारू में एसडीएम मनोज दलाल ने बताया कि सीएम सैनी के नेतृत्व में चलाई जा रही योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को लकड़ी और कोयले के चूल्हे से मुक्ति दिलाना है। साथ ही वातावरण को प्रदूषण से बचाना भी इस योजना का लक्ष्य है।

इन लोगों को मिलेगा लाभ

परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
हरियाणा परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
बीपीएल, गुलाबी और एएवाई कार्ड धारक अंत्योदय परिवार इस योजना के पात्र हैं।
इच्छुक परिवार epds.haryanafood.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Himachal: बीपीएल चयन के लिए सरकार ने तय किए 13 पैरामीटर

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने अप्रैल माह में बीपीएल परिवारों के चयन के लिए 13 विभिन्न पैरामीटर तय किए हैं। इस बार बीपीएल सूची में उन परिवारों को ही स्थान मिलेगा जो इन 13 पैरामीटर पर खरे उतरते हैं। इन तय किए गए पैरामीटरों के अनुसार पक्की दीवारों वाले मकानों में रहने वाले सभी परिवार बीपीएल सूची से बाहर होंगे। इसके अलावा दो या इससे अधिक कमरों के मकानों में रहने वाले परिवारों को भी बीपीएल चयन की प्रक्रिया से बाहर करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने यह कदम प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।

ये परिवार हाेंगे बीपीएल सूची से बाहर
बीपीएल सूची से वे परिवार शामिल नहीं होंगे जिनके पास मोटरयुक्त वाहन (दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया) हाे, मछली पकड़ने की नाव रखने वाले, मशीनी कृषि उपकरण रखने वाले, 50 हजार रुपए या इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड धारक परिवार, सरकारी कर्मचारी सदस्य, 10 हजार रुपए से अधिक मासिक आय कमाने वाले, आयकर और व्यवसाय कर देने वाले, रैफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन रखने वाले, जिनके पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है, दो या इससे अधिक फसल वाले मौसम के लिए 5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि और जिनके पास 7.5 एकड़ से अधिक भूमि है।

ये परिवार होंगे पात्र
प्रदेश सरकार ने ऐसे परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है जो किसी प्रकार के समर्थन से वंचित हैं। इनमें वे परिवार शामिल होंगे जो आश्रयविहीन हैं, भीख मांगने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जनजातीय समूह और बंधुआ मजदूर हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
डीआरडीए कांगड़ा के परियोजना अधिकारी चंद्रवीर सिंह ने बताया कि सरकार ने एक विस्तृत सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 13 पैरामीटर के आधार पर पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। इसके तहत 1.5 लाख रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों को भी बीपीएल सूची में स्थान मिलेगा।

Himachal: शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश, निजी स्कूलों में अब टैट पास शिक्षक ही होंगे तैनात

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निजी स्कूल प्रबंधकों को शिक्षा विभाग की ओर से टैट पास अध्यापक रखने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि इससे पहले भी स्कूलों को टैट पास अध्यापक रखने के लिए ही कहा गया था, लेकिन निजी स्कूल प्रबंधकों ने मनमानी करते हुए शिक्षा विभाग के निर्देशों की कोई परवाह नहीं की। इस बार शिक्षा विभाग इसे लेकर सख्त हो गया है। निजी स्कूलों का निरीक्षण कर प्रबंधकों पर शिकंजा भी कसा जाएगा।

जानकारी के अनुसार सभी निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षक टैट पास होना जरूरी हैं। वर्तमान में कई निजी स्कूल प्रबंधकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कम शिक्षित स्टाफ रखा हुआ है। सोलन जिले में निजी स्कूल प्रबंधकों की ओर से रखे गए अध्यापकों में कई शिक्षकों ने स्नातक डिग्री तक नहीं की है और वे विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, ऐसे में निजी स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों को एक अच्छे अध्यापक की शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है और शिक्षा के नाम पर धंधा किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्कूलों में अध्यापक टैट पास भी रखे गए हैं।

प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोलन के शिक्षा उपनिदेशक मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधक को टैट पास शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। इसमें शिक्षक टैट पास न होने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी निजी स्कूल प्रबंधन की होगी।

हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र मार्च में, मुख्यमंत्री सुक्खू प्रस्तुत करेंगे तीसरा बजट

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि बजट सत्र का शुभारंभ मार्च के पहले सप्ताह में होगा। इस दौरान कुल 18 से 20 बैठकें होंगी। कुलदीप सिंह पठानिया ने यह बात पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। बजट सत्र को लेकर निर्णय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लिए जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल में बजट सत्र की अवधि को लेकर प्रस्ताव राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अनुमोदन के लिए राजभवन भेजा जाएगा, जिसके बाद इसको लेकर अधिसूचना जारी होगी। सत्र का शुभारंभ राज्यपाल के अभिभाषण से होगा तथा उसके बाद अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी।

आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की दिखेगी झलक 
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जिनके पास वित्त विभाग भी है, वह वित्त वर्ष 2025-26 के बजट को प्रस्तुत करेंगे। यह उनका लगातार अपना तीसरा बजट होगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों की झलक देखने को मिल सकती है। बजट प्रस्तुति के बाद इसको लेकर पक्ष एवं विपक्ष के सदस्य चर्चा करेंगे, जिसका उत्तर मुख्यमंत्री देंगे। सत्र के दौरान 2 दिन गैर-सरकारी सदस्य दिवस के लिए निर्धारित किए जाने की संभावना है।

3 व 4 फरवरी को होंगी विधायक प्राथमिकता बैठकें
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में वार्षिक बजट 2025-26 में विधायकों की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए 2 दिवसीय बैठकों का आयोजन 3 और 4 फरवरी को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में किया जाएगा। सरकार की तरफ से इस दौरान वार्षिक योजना 2025-26 के आकार को भी निर्धारित किया जाएगा। वार्षिक योजना का यह आकार 10000 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। बैठक में विधायकों से मित्तव्ययता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने एवं बेहतर प्रशासन के संदर्भ में प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा होगी।

सचिवालय में बैठकों का दौर जारी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मध्य प्रदेश एवं दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद अब बजट की तैयारियों को लेकर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके लिए फिर से बैठकों का दौर शुरू हो जाएगा। प्रदेश सचिवालय में वित्त एवं योजना विभाग की तरफ से आगामी बजट की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।

Himachal: बिजली बोर्ड में 600 पद समाप्त करने की तैयारी, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की धमकी

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बिजली बोर्ड ने कर्मचारियों व इंजीनियरों के 600 पदों को समाप्त करने की तैयारी कर दी है। वीरवार को हुई बिजली बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में बोर्ड में वर्तमान में चल रहे कर्मचारियों व इंजीनियरों के 600 पदों को खत्म करने पर मोहर लगाए जाने की सूचना है। हालांकि प्रदेश सरकार व बोर्ड का कोई उच्चाधिकारी निदेशक  मंडल बैठक में लिए गए निर्णय को लेकर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार नहीं है। अब निदेशक मंडल की तरफ से जिन पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, उस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है। वहीं बैठक के बाद बिजली बोर्ड के कर्मचारियों व इंजीनियरों ने इस निर्णय को लेकर अपना आंदोलन तेज करने की धमकी दी है।

वर्तमान में खाली हैं 11989 पद
निदेशक मंडल की बैठक राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य सरकार के ऊर्जा व वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद है। बैठक में बोर्ड में 600 पदों को पहले चरण में खत्म करने का प्रस्ताव लाया। इसमें बताया गया कि वर्तमान में बोर्ड में 25435 पद स्वीकृत हैं। इनमें से खाली पदों की संख्या 11989 है। इनमें से बिजली बोर्ड के ऑप्रेशन विंग में 10178 कर्मचारी, स्थापना विंग में 995 कर्मचारी, जैनरेशन विंग में 1014 व 96 कर्मचारी अन्य विभागों में हैं। वर्तमान में बिजली बोर्ड में 13446 कर्मचारी कार्यरत हैं। 600 पद खत्म हुए हैं।

7376 पद खत्म करने का है प्रस्ताव
निदेशक मंडल की बैठक में जो प्रस्ताव आया था, उसमें कुल मिलाकर बिजली बोर्ड में आने वाले समय में 7376 पदों को खत्म किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में 600 पदों को खत्म किया जा रहा है। राज्य बिजली बोर्ड में मंजूर पदों में से 29 फीसदी पदों को खत्म करने का प्रस्ताव है। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के पदों को बोर्ड प्रबंधन के फैसले के बाद खत्म किया जाएगा। इन पदों को खत्म करने के साथ ही कर्मचारियों को दूसरे विभागों में भेज दिया जाएगा।

बिजली बोर्ड के फैसले से कर्मचारी नाराज, सीएम से करेंगे मुलाकात 
बीओडी के इस फैसले को लेकर बोर्ड कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने बीते दिनों निदेशक बिजली बोर्ड को पत्र लिखकर इसमें चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन निदेशक की ओर से इसमें वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। वहीं अब बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के महासचिव व संयुक्त मोर्चा के सह समन्वयक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले का विरोध किया जाएगा। जल्द ही इस मसले को लेकर राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारियों का संयुक्त मोर्चा मुख्यमंत्री से मिलेगा। इसमें भी राहत नहीं मिलती है तो आने वाले समय में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं हमीरपुर में होने वाली महापंचायत से पहले भी इस मुद्दे पर अहम बैठक की जाएगी।

Himachal: अवैध खनन के मामले में ED ने 8 लोगों के खिलाफ दायर की अभियोजन शिकायत

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुख्यालय कार्यालय ने हिमाचल में ब्यास नदी और सहारनपुर (यूपी) के तहत यमुना नदी से संबंधित अवैध खनन मामले में अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। विशेष न्यायालय (पीएमएलए) गाजियाबाद के समक्ष दायर अभियोजन शिकायत में ज्ञान चंद और अन्य 7 व्यक्तियों को नामजद किया गया है, साथ ही न्यायालय ने बीते 17 जनवरी को ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का भी संज्ञान लिया है। सबसे पहले औपचारिक शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की थी। आरोप था कि ज्ञान चंद सहित कई खनन माफियाें द्वारा ब्यास नदी के तल पर अवैध रेत और खनिज खनन कार्य किया जा रहा है तथा अवैध खनन कार्यों से सैंकड़ों करोड़ रुपए की आपराधिक आय (पीओसी) अर्जित की गई है। उसके बाद ईडी ने अवैध खनन से संबंधित प्रदेश के कांगड़ा और ऊना जिलों के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज 6 एफआईआर के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया।

अवैध खनन कर स्टोन क्रशर तक पहुंचाया जा रहे थे खनिज
दर्ज एफआईआर में आरोप है कि सरकारी भूमि पर अवैध खनन गतिविधियां हो रही हैं और प्रदेश के ऊना और कांगड़ा जिलों में टिप्पर, पोकलेन, जेसीबी और ट्रैक्टर अवैध खनन में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। संबंधित वाहन अवैध रूप से खनिजों को निकालने में शामिल थे और परिणामस्वरूप इन खनिजों को ओवरलोड वाहनों द्वारा अवैध रूप से स्टोन क्रशर तक पहुंचाया जा रहा था। इसी बीच ज्ञान चंद और अन्य के खिलाफ बेहट पुलिस स्टेशन सहारनपुर द्वारा 1 नवम्बर, 2024 को एक और एफआईआर दर्ज की गई है, जो आईपीसी-1860, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम-1984 और खान और खनिज (विनियमन और विकास) अधिनियम-1957 (संशोधित) की धाराओं के तहत दर्ज हुई है। ऐसे में व्यापक जांच करने के लिए इस मामले में यूपी पुलिस की एफआईआर को भी जांच के दायरे में लिया गया है और  छानबीन जारी है।

बीते 18 नवम्बर को हुई थी गिरफ्तारी
छानबीन में मिले साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने ज्ञान चंद और उसके साथी संजय कुमार उर्फ संजय धीमान को बीते वर्ष 18 नवम्बर को गिरफ्तार किया था। ईडी द्वारा आगे की जांच के परिणामस्वरूप बीते 3 मार्च को 4.9 करोड़ रुपए (लगभग) की संपत्ति भी जब्त की गई थी।

संपत्तियों व मशीनरी खरीद में किया पीओसी का उपयोग
जांच के दौरान ईडी ने हिमाचल और सहारनपुर में ज्ञान चंद और उसके साथियों सहित कई खनन माफियाें के 12 परिसरों पर दबिश भी दी थी, साथ ही कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। जब्त की गई सामग्री की जांच से पता चला है कि ज्ञान चंद और उसके साथी ब्यास नदी से लेकर यमुना नदी तक अवैध खनन कार्यों में शामिल हैं। इसी तरह अवैध खनन से प्राप्त पीओसी का इस्तेमाल अचल संपत्तियों और खनन मशीनरी जैसे ट्रक, टिप्पर, जेसीबी व क्रशर आदि खरीदने में किया गया है।

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