Tuesday, February 10, 2026
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डिंपल यादव के रोड शो को लेकर मुकदमा दर्ज, इस वजह से हुआ सपा कार्यकर्ताओं पर FIR

अयोध्या के मिल्कीपुर में डिंपल यादव के रोड शो को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल, इनायत नगर थाने में आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में सपा के अज्ञात कार्यकर्तोओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। रोड शो के दौरान अनुमति से अधिक वाहनों का प्रयोग किया गया। रायबरेली हाईवे के दोनों लेन को जाम कर दिया गया था।

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बता दें कि मिल्कीपुर विधानसभा में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद के लिए 30 जनवरी को डिंपल यादव और मछली शहर के सासंद प्रिया सरोज ने रोड शो किया था।  रोड शो का काफिला कुमारगंज से मिल्कीपुर पेट्रोल पंप तक करीब नौ किलोमीटर का था। शाम करीब चार बजे काफिला इनायतनगर थाना क्षेत्र की सीमा में प्रवेश हुआ। काफिले में करीब 150 दो पहिया और 150 चार पहिया वाहनों के साथ कई एसयूवी वाहन चल रहे थे।

व्यवस्था में तैनात थाना इनायतनगर के उप निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि काफिले के लिए कुल 85 वाहनों की अनुमति थी। इसमें 50 दोपहिया, 25 चार पहिया छोटे वाहन व 10 एसयूवी के लिए ही आवेदन किया गया था। ध्वनि  विस्तारक यंत्र भी स्वीकृति से अधिक प्रयोग हो रहे थे।

UP News: गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी को मिला पहला स्थान

राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर निकली गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश की झांकी इस बार ‘महाकुंभ’ पर केंद्रित थी। नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उत्तर प्रदेश की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ट्रॉफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

PunjabKesariइस साल का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन ‘महाकुंभ’ अध्यात्म, धरोहर, विकास और डिजिटल प्रगति का संगम है। उत्तर प्रदेश की झांकी में ‘समुद्र मंथन’, ‘अमृत कलश’ और संगम तट पर डुबकी लगाते साधु-संतों के प्रदर्शन के साथ प्रयागराज में जारी महाकुंभ का जश्न मनाया गया। उत्तर प्रदेश की झांकी में ‘विकास’ और ‘विरासत’ का अद्धभुत ‘संगम’ भी प्रदर्शित किया गया।

संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालुओं को दर्शाया गया
झांकी के अगले हिस्से में आगे की ओर झुके हुए ‘अमृत कलश’ की प्रतिकृति प्रदर्शित की गई, जो पवित्र ‘अमृतधारा’ के प्रवाह का प्रतीक थी। उसके इर्द-गिर्द शंख बजाते, संगम में पवित्र स्नान करते और ध्यान लगाते साधु-संतों के अलावा गंगा, यमुना, सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालुओं को दर्शाया गया।

झांकी में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को दर्शाया गया
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की ओर से झांकी के बारे में पहले साझा किए गए विवरण के मुताबिक, झांकी के पैनल पर भित्ति चित्रों और स्क्रीन के माध्यम से ‘अखाड़ों’ और ‘अमृत स्नान’ के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को दर्शाया गया है। विवरण के अनुसार, इसके मध्य में ‘समुद्र मंथन’ की पौराणिक कथा का सजीव चित्रण किया गया है, जो महाकुंभ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक है। झांकी के पिछले हिस्से में समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों को दर्शाया गया।

Varanasi News: गंगा आरती के आयोजन पर लगी अस्थायी रोक

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है और संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे है। महाकुंभ होने का बाद भारी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर और वाराणसी भी पहुंच रहे है। जिससे इन धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार, भीड़ को देखते हुए वाराणसी में गंगा आरती के आयोजन पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

5 फरवरी तक गंगा आरती स्थगित
जानकारी मिली है कि अपरिहार्य कारणों से 5 फरवरी 2025 तक वाराणसी के प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती को स्थगित कर दिया गया है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों से अनुरोध किया है कि वे इस बदलाव को समझें और धैर्य बनाए रखें। इसके अलावा, अस्सी घाट और अन्य घाटों पर गंगा आरती आयोजित करने वाली समितियों ने भी श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। गंगोत्री सेवा समिति का कहना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होने पर गंगा आरती का आयोजन फिर से शुरू होगा।

समिति ने जताई श्रद्धालुओं से सहयोग की उम्मीद
गंगा आरती न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से संयम और सहयोग की उम्मीद जताई है। गंगा सेवा निधि प्रबंधन ने भी बताया कि दशाश्वमेध घाट पर 5 फरवरी तक गंगा आरती का आयोजन बंद रहेगा। साथ ही, शीतला घाट, अस्सी घाट और अन्य घाटों पर भी गंगा आरती पर अस्थायी रोक लगी है।

आज प्रयागराज पहुंचेगी न्यायिक आयोग की टीम, लेगी घटनास्थल का जायजा

महाकुंभ में हुए हादसे की जांच के लिए जस्टिस हर्ष कुमार की अगुवाई में गठित तीन सदस्य जांच आयोग ने काम शुरू कर दिया है। आयोग टीम आज मेला क्षेत्र पहुंचेगी और घटनास्थल का जायजा लेगी। आयोग, अधिकारियों से पूछताछ करने के अलावा घायलों से मिलकर बातचीत कर सकता है। कल कार्यभार संभालने के बाद हर्ष कुमार ने कहा था कि स्थलीय निरीक्षण जल्द से जल्द करना होगा, तभी हकीकत से ज्यादा वाकिफ होंगे, देर करने पर बहुत सारी चीज उसे ढंग से नहीं रह जाएगी।

भगदड़ में हुई 30 लोगों की मौत 
बता दें कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या से पहले संगम नोज पर मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई है। जिसके बाद इस घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस हर्ष कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया है। इस कमेटी में जस्टिस हर्ष कुमार, पूर्व आईपीएस वीके गुप्ता और पूर्व आईएएस डीके सिंह को सदस्य बनाया गया है।

टीम चश्मदीदों से बात कर जानेगी घटना की वजह
टीम आज शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचेगी और घटनास्थल की जांच करेगी। न्यायिक आयोग की टीम इस दौरान मौके पर तैनात सुरक्षा बल और चश्मदीदों से बात घटना की वजह जानने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही मेला प्रशासन की टीम के साथ भी एक बैठक करेगी ताकि इस तरह की घटना से बचा सके। सारी जांच पड़ताल के बाद टीम रिपोर्ट तैयार करेगी।

पंजाब के श्रम विभाग की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

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पंजाब के श्रम मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बीती शाम नई दिल्ली में श्रम मंत्रियों और श्रम सचिवों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रस्ताव रखा कि ई-श्रम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को स्वास्थ्य बीमा, उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन लाभ प्रदान किए जाएं।

सम्मेलन के दौरान सौंद ने इस मुद्दे पर केंद्रीय श्रम मंत्री के साथ भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने आई.टी.आई. और पॉलिटेक्निक के माध्यम से कौशल की पहचान और प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया और श्रमिकों के लिए कौशल विकास और निरंतर सहायता की आवश्यकता को उजागर किया।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य श्रम कल्याण की दिशा में बेहतर कार्यप्रणालियों पर चर्चा करना और श्रमिकों के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना था।

पंजाब के श्रम सचिव मनवेश सिंह सिद्धू ने इस सम्मेलन के दौरान राज्य के श्रम विभाग के 100 प्रतिशत कंप्यूटरीकरण के बारे में जानकारी दी, जिसके चलते विभाग का कार्य अब पूरी तरह से कागज रहित, पारदर्शी और कुशल हो गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से जवाबदेही बढ़ी है, व्यापार में आसानी हुई है और सेवाएं प्रदान करना अधिक सुगम हो गया है।

गौरतलब है कि सम्मेलन में पंजाब के श्रम विभाग और ‘किरती सहायक’ ऐप की भी सराहना की गई। उल्लेखनीय है कि ‘किरती सहायक’ ऐप निर्माण श्रमिकों को कहीं से भी और कभी भी पंजीकरण की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा, यह ऐप बायोमेट्रिक प्रमाणिकता के लिए आधार ई-केवाईसी का उपयोग करता है और सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करता है।

सम्मेलन के दौरान निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर कार्यप्रणालियों, ई.एस.आई.सी. को ए.बी.जे.ए.वाई. योजना से जोडऩे और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। ई-श्रम के माध्यम से असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण को बढ़ावा देने, नेशनल करियर सर्विस के लिए रोडमैप तैयार करने और प्रधानमंत्री शिक्षा एवं रोजगार लॉन्च जैसी पहलों की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।

पंजाब-चंडीगढ़ के मौसम को लेकर आई बड़ी Update, जारी हुई ये खास जानकारी

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पंजाब-चंडीगढ़ के मौसम को  लेकर बड़ी  जानकारी  सामने आई  है। दरअसल, स बार बदले हुए वैदर पैट्रन ने सर्दियों का अहसास ज्यादा नहीं होने दिया। मौसम के बदले मिजाज का ही असर था कि वीरवार का दिन जनवरी में सबसे गर्म दिन दर्ज हो गया। वीरवार को पंजाब और हरियाणा के सभी शहरों से ज्यादा गर्म राजधानी चंडीगढ़ रही। मौसम विभाग की सैक्टर 39 स्थित आब्जर्वेटरी में वीरवार दोपहर शहर का अधिकतम तापमान 25.9 दर्ज हुआ। ये चंडीगढ़ शहर के अंदर जनवरी महीने में दर्ज हुआ सबसे गर्म दिन रहा। अब कुछ दिनों पहले तक ठंडी चल रही रातें भी गर्म हो रही हैं। यही वजह है कि न्यूनतम तापमान भी 10.1 डिग्री  दर्ज हुआ। आने वाले दिनों में मौसम बदलने के आसार मौसम विभाग ने जरूर जताए हैं।

इस बार जनवरी में तापमान एक दफा भी 2 डिग्री तक नहीं आया। अब वीरवार को जनवरी में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज हो गया। ये सब इस बार 3 तारीख से मौसम चक्र में बदलाव की वजह से ये बदलाव हुआ। इन दिनों मजबूत वैस्टर्न डिस्टरबेंस आने की वजह से अमूमन नार्थ वेस्ट हवाएं चलने से हिंदुकुश की तरफ से  उत्तर भारत पहुंचकर मौसम सर्द करती थी। इस दफा वैस्टर्न डिस्टरबेंस बेहद कमजार रहने से हवा का पैट्रन नार्थ वेस्ट की जगह वेस्ट साउथ होने से चलीं गर्म हवाओं ने उत्तर भारत के मौसम को दिन में गर्म बनाए रखा। फिर दक्षिण में सक्रिय नार्थ ईस्ट मानसून से उत्तर भारत पहुंची पूर्वी हवाओं ने रात में भी तापमान गिरने नहीं दिया। तीसरा कारण ये रहा कि इस बार धुंध बेहद कम दिनों तक पड़ने की वजह से तापमान नहीं गिरा।

3 फरवरी को मजबूत वैस्टर्न डिस्टर्बेस
इस बार बेहद कमजोर रहे वैस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद फरवरी की शुरुआत ही दो स्पैल आ रहे हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल बताते हैं कि एक जनवरी को आने वाला स्पैल जनवरी की तरह ही कमजोर है लेकिन 3 फरवरी को आने वाले स्पैल में पहाड़ों में बारिश बर्फ के साथ चंडीगढ़ समेत मैदानी इलाकों में 5 फरवरी तक बादल छाए रहने की संभावना है।

Golden Temple को भेंट की सुनहरी नाव, 18 महीने में बनकर हुई तैयार, देखें तस्वीरें

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 कनाडा के  एक श्रद्धालु गुरजीत सिंह ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को सुनहरी रंग की नाव भेंट की है।

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इस  सुनहरी रंग की नाव का निर्माण अमृतसर के एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने किया, जिसे पूरा करने में 18 महीने से अधिक का समय लगा।

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पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर, जारी हो गए नए Order

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बिजली  उपभोक्ताओं को पावरकॉम ने  बड़ी राहत देते हुए  नया  आदेश जारी  किया  है। गुरुवार को पावरकॉम ने कहा कि जिन  उपभोक्ताओं के एक ही व्यापार  के कई  कनेक्शन है तो उन्हें सारे  कनेक्शनों  का एक ही बिल मिलेगा।  इसका लाभ  रिटेल काउंटर, टेलीकॉम, फ्रेंचाइजी आदि  के बिजली  कनेक्शन  धारकों को  मिलेगा। उपभोक्ताओं के पास अब  विक्लप है  कि वे सारे  कनेक्शनों  का सिंगल बिल  लेकर इसे  जमा करवा सकेंगे। बताया जा रहा है कि पावरकॉम द्वारा कंपोजिट बिल  पेमेंट  स्कीम के नाम  से  सर्कुलर जारी कर  दिया  गया है,  जिसका लाभ लेने वालों को  कोई  भी अकिरिक्त शुल्क  नहीं  देना  होगा।

कैसे मिलेगा इस Scheme का लाभ
सबसे पहले उपभोक्ता को पावरकॉम को  सूचित  करना  होगा कि वह उक्त स्कीम का  लाभ लेना  चाहना  है। इस संबंधित वह पावरकॉम की वेबसाइट https://www.pspcl.in/ पर  आवेदन  फार्म  भरेगा, जिसके  बाद उसे आइडेंटिफिकेशन नंबर मिल जाएगा।  वह  अपना  E-MAIL ID व मोबाइल  नंबर पावरकॉम  में Register करेगा, जिस पर उसे कनेक्शनों का कंपोजिट बिल मिलने लगेगा।

वहीं आपको बता  दें कि पंजाब में लोगों को बिजली के बिल मां बोली पंजाबी में भी मिलने लगे है। इससे पहले सिर्फ अंग्रेजी में ही बिल की पर्ची मिलती थी। अब विभाग द्वारा अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी में भी बिल प्रिंट करके लोगों को दिए जा रहे है। गौरतलब है कि बिजली बिलों को पंजाबी में जारी करने की मांग वाली रिट पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को जानकारी दी कि 26 दिसंबर से यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है जबकि अब बिजली बिल पंजाबी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में आ रहे हैं।

Ludhiana के लोगों को 7 दिन तक झेलनी पड़ेगी परेशानी

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लुधियाना के लोगों को 7  दिन तक परेशानी  झेलनी पड़ेगी। दरअसल, ट्रैक की रिपेयर के चलते इशमीत चौक के रेलवे फाटक को 7 दिन के लिए बंद किया जा रहा है।

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उक्त फाटक एक से 7 फरवरी तक बंद रहेंगे। इस संबंधी रेलवे विभाग द्वारा ट्रैफिक पुलिस को सूचित कर दिया गया है और ट्रैफिक पुलिस ने अपने स्तर पर इंतजाम करने और लोगों को जागरूक करने के प्रयास शुरू कर दिए है। बता दे की इशमीत चौक के रेलवे फाटक कई इलाकों को आपस में जोड़ते है। फाटक के नजदीक ही शहर के 2 बड़े स्कूल भी है। फाटक 7 दिन के लिए बंद होने के चलते लोगों को काफी परेशानी पेश आएगी तथा पक्खोवाल रोड रेल अंडर ब्रिज तथा रेल ओवर ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही बढ़ाने के आसार है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सैनिक सहित 6 लोगों का अपहरण

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पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अज्ञात बंदूकधारियों ने दो अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों का अपहरण कर लिया। अपहृत में एक अर्धसैनिक बल का एक जवान भी शामिल है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पहली घटना में हथियारबंद लोग दो वाहनों में आए और हवा में गोलियां चलाते हुए जबरन पांच नागरिकों को अपने साथ ले गए। उसने बताया कि अपहृत लोग उत्तरी वजीरिस्तान के शिवा तहसील के मीर अली सब-डिवीजन के अतर्गत आने वाले हसन खैल गांव में बिजली के खंभे ठीक कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में, अर्धसैनिक बल का एक जवान बाजार से लौटते समय अगवा कर लिया गया। पुलिस ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अब तक किसी भी संगठन ने अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।  इस क्षेत्र में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) सक्रिय है, जिसे पहले भी ऐसे अपहरणों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। टीटीपी की स्थापना 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के गठबंधन के रूप में हुई थी और इसे अल-कायदा का करीबी माना जाता है। इस संगठन को पाकिस्तान में कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

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