Tuesday, February 10, 2026
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Good News! हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत, प्रयागराज रूट पर IndiGo ने घटाए टिकटों के दाम

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प्रयागराज जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। महाकुंभ 2025 को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों ने प्रयागराज रूट पर टिकटों के दाम घटाने शुरू कर दिए हैं। इस पहल की शुरुआत बजट एयरलाइन इंडिगो ने की है, जिसने फ्लाइट टिकटों की कीमतों में 30 से 50 फीसदी तक की कटौती की है। एयरलाइन का यह कदम सरकार के आग्रह के बाद आया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हाल ही में हवाई किरायों में अत्यधिक वृद्धि पर चिंता जताई थी और नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) को दखल देने के निर्देश दिए थे।

डिमांड बढ़ने से कई एयरलाइन्स ने बढ़ा दिए दाम

बता दें कि महाकुंभ के चलते बड़ी संख्या में यात्री फ्लाइट से प्रयागराज पहुंच रहे हैं। जबरदस्त डिमांड के चलते एयरलाइन्स ने इस रूट पर फ्लाइट टिकट्स को काफी महंगा कर दिया है। इसके बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने डीजीसीए से कहा है कि फ्लाइट टिकट के दाम तर्कसंकत बनाने के लिए कदम उठाए जाएं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इंडिगो के बाद दूसरी एयरलाइन्स भी फ्लाइट टिकट्स की कीमतों को कम कर सकती हैं।

इंडिगो ने 50% तक कम की कीमत

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयरलाइन्स से टिकट की कीमतें तर्कसंगत रखने को कहा है। इसका असर भी देखने को मिल गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो ने प्रयागराज जाने वाली फ्लाइट का टिकट 30 से 50 फीसदी तक सस्ता कर दिया है। अब अगर आप फ्लाइट से प्रयागराज जाने का सोच रहे हैं, तो इंडिगो की सस्ती फ्लाइट टिकट का फायदा उठा सकते हैं। इंडिगो की वेबसाइट पर अब प्रयागराज रूट पर फ्लाइट टिकट के दाम घटे हुए नजर आ रहे हैं। दिल्ली से प्रयागराज के लिए 2 फरवरी का टिकट 13,513 रुपए का मिल रहा है। वेबसाइट पर 2 से 15 फरवरी पर यही टिकट प्राइस दिखा रहा है। वहीं, मुंबई से प्रयागराज के लिए 3 फरवरी का फ्लाइट टिकट प्राइस 20,606 रुपए दिखा रहा है।

विकास कैसे बनेगा 7 करोड़ रुपए का मालिक, महज 10,000 रुपए है महीने की बचत

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विकास, 30 साल का एक युवा पेशेवर, हर महीने 10,000 रुपए बचाता है। वह अब अपनी इस बचत को एक सेविंग अकाउंट में रखने के बजाय उसे निवेश करना चाहता है ताकि भविष्य में अच्छे रिटर्न के साथ अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर सके। विकास का मानना है कि एक लंबी अवधि के लिए नियमित निवेश करने से वह अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकता है। उसे यह समझने की आवश्यकता है कि अगर वह हर महीने 10,000 रुपए SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश करता है तो उसे कितने समय में करोड़पति बनने का मौका मिलेगा और साथ ही उसका रिटायरमेंट फंड भी सुरक्षित हो सकता है।

SIP के जरिए निवेश करने से क्या फायदे हैं?
SIP एक ऐसी निवेश योजना है जिसमें आप हर महीने एक निश्चित राशि को म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इस योजना का मुख्य लाभ यह है कि इसमें जोखिम कम होता है क्योंकि आप मार्केट के उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय तक निवेश करते रहते हैं, जिससे आपका निवेश औसतन बेहतर रिटर्न देता है।

कैसा है विकास का निवेश पर रिटर्न
विकास ने 10,000 रुपए महीने निवेश करने का विचार किया है। SIP Calculator के हिसाब से, अगर वह 12% सालाना रिटर्न के साथ म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो 10 साल में उसे करीब 23.23 लाख रुपए मिलेंगे। वहीं, अगर रिटर्न 15% सालाना होता है तो वह लगभग 27.86 लाख रुपए का फंड जुटा सकता है। इस दौरान विकास को कुल 12 लाख रुपए निवेश करने होंगे। यह आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि लंबी अवधि में निवेश करने से रिटर्न बहुत अच्छा हो सकता है, बशर्ते सही म्यूचुअल फंड चुना जाए।

20 साल के निवेश में विकास की संपत्ति कितनी बढ़ेगी?
अगर विकास 20 साल तक हर महीने 10,000 रुपए SIP के रूप में निवेश करता है, तो 12% रिटर्न के हिसाब से उसे लगभग 99.91 लाख रुपए (करीब 1 करोड़ रुपए ) मिल सकते हैं। वहीं, यदि 15% रिटर्न मिलता है, तो वह 1.51 करोड़ रुपए तक जुटा सकता है। इस समय तक उसे कुल 24 लाख रुपए निवेश करने होंगे। इस राशि का वह उपयोग घर खरीदने, बच्चों की शिक्षा या अन्य किसी बड़े खर्चे के लिए कर सकता है।

30 साल में निवेश का असल असर
अगर विकास 30 साल तक लगातार हर महीने 10,000 रुपए  SIP करता है, तो 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से उसे 3.53 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं, अगर रिटर्न 15% सालाना होता है तो वह लगभग 7 करोड़ रुपए तक जुटा सकता है। इसका मतलब यह है कि जब विकास की उम्र 60 साल होगी, तो उसके पास 7 करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड होगा, जो कि उसके रिटायरमेंट के लिए काफी होगा। यह निवेश योजना न केवल विकास के लिए, बल्कि किसी भी व्यक्ति के लिए दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण का एक शानदार तरीका हो सकती है, खासकर अगर वह समय रहते सही वित्तीय निर्णय लें।

सालाना 10% वृद्धि से SIP निवेश
अगर विकास अपनी SIP में हर साल 10% की वृद्धि करता है, यानी अगले साल 10,000 रुपए की बजाय 11,000 रुपए निवेश करेगा और फिर हर साल इसे बढ़ाएगा, तो 30 साल में उसके पास 15 करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो सकते हैं। इस हिसाब से उसकी कुल संपत्ति बहुत तेजी से बढ़ेगी, और वह न केवल अपने रिटायरमेंट के लिए बल्कि भविष्य में घर, कार, यात्रा जैसे बड़े खर्चों के लिए भी यह फंड उपयोग कर सकेगा।

क्या रोज 10 रुपए बचाकर भी बड़ा फंड जुटा सकते हैं?
अगर कोई व्यक्ति रोज़ 10 रुपए  बचाकर उन्हें SIP के जरिए निवेश करता है, तो यह राशि महीने में लगभग 300 रुपए बनती है। यदि वह इसे लगातार 40 साल तक निवेश करता है, तो उसे करीब 1 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। इसमें भी 15% सालाना रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। यह उदाहरण यह दर्शाता है कि छोटे-छोटे निवेशों से भी समय के साथ एक बड़ी राशि जुटाई जा सकती है। SIP के जरिए नियमित निवेश करने से विकास और अन्य लोग लंबी अवधि में अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूती से बना सकते हैं।

अगर वह हर महीने 10,000 रुपए निवेश करता है और रिटर्न की दर 15% रहती है, तो 30 साल में वह 7 करोड़ रुपए तक कमा सकता है। यह राशि विकास के रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त हो सकती है और उसे एक वित्तीय स्वतंत्रता भी मिल सकती है। इसके अलावा, यदि वह हर साल अपनी SIP राशि में 10% की वृद्धि करता है, तो यह उसे और भी बेहतर रिटर्न दे सकता है, जिससे वह अपने अन्य वित्तीय लक्ष्यों को भी पूरा कर सकता है।

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर CM नीतीश कुमार का वीडियो वायरल

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने अजीब व्यवहार के कारण सुर्खियों में हैं। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्होंने दो मिनट तक मौन रहने के बाद ताली बजाना शुरू कर दिया। यह देखकर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने उन्हें इशारे से रोका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस पर चर्चा शुरू हो गई है।

वायरल वीडियो और सच्चाई
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नीतीश कुमार गांधी जी की पुण्यतिथि पर दो मिनट तक मौन रखते हैं, लेकिन इसके बाद ताली बजाने लगते हैं। तभी विधानसभा के स्पीकर नंद किशोर यादव उन्हें इशारे से यह बताने की कोशिश करते हैं कि यह स्थिति ताली बजाने के लिए सही नहीं है। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी की पुण्यतिथि से जुड़ा हुआ था? हालांकि, अब तक इस पर सीएम नीतीश कुमार या जेडीयू की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

नीतीश कुमार के व्यवहार पर लगातार सवाल
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। हाल ही में, उन्होंने बिहार विधानमंडल में जनसंख्या नियंत्रण पर बात करते हुए पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर कुछ ऐसी बातें कही थीं, जिनकी वजह से उनकी आलोचना हुई थी। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के पैर भी छूने की कोशिश की थी और चुनाव के बाद एनडीए की बैठक में भी यही हरकत की थी। एक और घटना में, नीतीश कुमार पीएम मोदी के नाखून में लगे वोटिंग के निशान को देखकर हैरान हो गए थे।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
नीतीश कुमार के इस ताजा व्यवहार को लेकर विपक्षी नेता लगातार उनकी आलोचना कर रहे हैं। आरजेडी के नेता सुनील सिंह ने तंज करते हुए कहा, “अब बिहार का भगवान ही मालिक है। अगर राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की हरकतें करता है, तो हम क्या कह सकते हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं और उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए। वहीं, आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “नीतीश कुमार गड़बड़ा गए हैं। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ताली बजाना क्या है? लगता है वह बीजेपी के दबाव में आकर यह सब कर रहे हैं।”

खाटू श्याम मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेले के दौरान कई बड़े बदलाव, इस बार VIP दर्शन होंगे बंद

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हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता खाटू श्याम मंदिर इस बार अपने फाल्गुन लक्खी मेले में कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ नजर आएगा। 28 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित होने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं को पूरी तरह से नई व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और दर्शन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिससे भक्तों के लिए मेला और भी सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।

सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP व्यक्तियों को ही विशेष अनुमति
इस बार खाटू श्याम मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेले के दौरान VIP दर्शन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP व्यक्तियों को ही विशेष अनुमति प्राप्त होगी। पहले की तरह वीआईपी दर्शन के लिए किसी भी भक्त को विशेष प्राथमिकता नहीं मिलेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर मिले और कोई भी भक्त इस दौरान विशेष सुविधा का लाभ न उठा सके।

QR कोड के माध्यम से दर्शन की प्रक्रिया
दर्शन की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए इस बार मंदिर प्रशासन ने QR कोड की व्यवस्था शुरू की है। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पहले एक QR कोड प्राप्त करना होगा, जिसे स्कैन करने के बाद वे मंदिर परिसर तक पहुंचने के सही मार्ग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था दर्शन के समय की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेगी और श्रद्धालुओं को सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था में सुधार
भक्तों को पार्किंग और यातायात की व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। सीकर-रींगस रोड पर विशेष पार्किंग जोन बनाए गए हैं। छोटे वाहनों के लिए पार्किंग मंडा मोड़ पर निर्धारित की जाएगी, जबकि बड़े वाहनों को 52 बीघा पार्किंग क्षेत्र में भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं को यहां से बसों के जरिए मंदिर तक लाया जाएगा। इसके अलावा, ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई ई-रिक्शा बिना पास के मंदिर तक आता है, तो उसे जब्त किया जाएगा।

कांच की शीशियां बेचने पर भी प्रतिबंध 
मेला स्थल की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया गया है। प्रशासन ने 8 फीट से ऊंचे निशान ले जाने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, कांटेदार गुलाब, कांच की बोतलें और इत्र की कांच की शीशियां बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इन वस्तुओं को मेला परिसर में लाना या बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। यह कदम मंदिर परिसर में होने वाली दुर्घटनाओं और हानिकारक घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। पूरे मेले की निगरानी CCTV कैमरों के जरिए की जाएगी। इसके लिए चार मॉनिटरिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जो मेले की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन सेंटरों के जरिए प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति का वास्तविक समय में आकलन कर सकेगा।

डीजे और शराब पर प्रतिबंध
मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के डीजे बजाने या शराब का सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह कदम मेला क्षेत्र में एक शांत और भक्तिमय माहौल बनाए रखने के लिए उठाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भक्तों को किसी भी प्रकार की अशांति का सामना न करना पड़े और वे पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।

कैसी है भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं
इस बार मंदिर प्रशासन ने भंडारे के लिए भी कुछ नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। भंडारे लगाने के लिए समय निर्धारित किया जाएगा और इसके लिए एक छोटा शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया जाएगा, ताकि मेला क्षेत्र साफ-सुथरा रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल यूनिट्स और एंबुलेंस की व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है। प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए हैं। आग बुझाने और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग सड़क बनाई गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की जा सके।

श्रद्धालु मेले के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दर्शन के लिए निर्धारित समय पर ही पहुंचे। प्रशासन ने यह भी अनुरोध किया है कि श्रद्धालु निर्धारित मार्ग का पालन करें और पार्किंग की व्यवस्था का सही उपयोग करें। इस बार की नई व्यवस्थाओं के तहत, प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाटू श्याम का लक्खी मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित हो।

Delhi Election: मुख्य चुनाव आयुक्त पर भड़के अरविंद केजरीवाल, कहा- राजनीति करनी है तो चुनाव लड़ लें राजीव कुमार

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया, क्योंकि चुनाव आयोग ने उनके इस दावे के संबंध में स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया कि यमुना में जानबूझकर जहर घोला गया था। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने चुनाव आयोग पर उन्हें नोटिस भेजकर राजनीति करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ‘रिटायरमेंट के बाद नौकरी चाहते हैं’।

‘राजनीति करनी है तो चुनाव लड़ लें राजीव कुमार’
केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं चुनाव आयोग से सम्मानपूर्वक कहना चाहता हूं कि वे (चुनाव आयोग) दिल्ली में खुलेआम पैसे बंटते नहीं देख सकते। वे शहर में कंबल बंटते नहीं देख सकते… चुनाव आयोग राजनीति कर रहा है क्योंकि राजीव कुमार रिटायरमेंट के बाद नौकरी चाहते हैं। मैं राजीव कुमार से कहना चाहता हूं कि इतिहास आपको माफ नहीं करेगा। राजीव कुमार ने चुनाव आयोग को बर्बाद कर दिया है।” केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर सीईसी को राजनीति करनी है तो उन्हें दिल्ली के किसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहिए।

मैं लोगों को जहरीला पानी नहीं पीने दूंगा- केजरीवाल 
आप प्रमुख ने आगे कहा कि यमुना के रास्ते जहरीला पानी दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उच्च अमोनिया वाला पानी जल उपचार संयंत्रों में भेजा जाता है तो उसमें क्लोरीन मिल जाएगा, जो उनके अनुसार ‘घातक’ है। केजरीवाल ने कहा, “जब हमने यमुना के पानी में पाए जाने वाले 7 पीपीएम को बढ़ाया तो अमोनिया का स्तर 3 कम हो गया। इसका मतलब है कि वे ऐसा कर रहे थे। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं लोगों को जहरीला पानी नहीं पीने दूंगा। हम दिल्ली में जहरीला पानी नहीं आने देंगे। मैं दिल्ली के लोगों के साथ खड़ा हूं।”

दिल्ली विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए सीईसी राजीव कुमार ने सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें शिक्षा से लगाव है और वे अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे और शांति, एकांत और मीडिया की चकाचौंध से दूर हिमालय में कुछ समय के लिए रहने के बाद अपना समय दान-पुण्य में लगाएंगे। इससे पहले आज चुनाव आयोग ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को यमुना नदी में बढ़ते अमोनिया के मुद्दे को यमुना में जहर के साथ सामूहिक नरसंहार के उनके गंभीर आरोपों के साथ न मिलाने के लिए कहा था और इसे दो देशों के बीच युद्ध की कार्रवाई के बराबर बताया था।

आयोग का केजरीवाल को मौका 
केजरीवाल को उनके दावों को पुष्ट करने का एक और मौका देते हुए आयोग ने आप प्रमुख से कहा कि वह यमुना में बढ़ते अमोनिया के साथ जहर के मुद्दे को न मिलाते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे तक यमुना में जहर के प्रकार, मात्रा, प्रकृति और तरीके तथा इंजीनियरों के विवरण, स्थान और दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों द्वारा जहर का पता लगाने की पद्धति के बारे में विशिष्ट और स्पष्ट जवाबों के साथ तथ्यात्मक साक्ष्य प्रस्तुत करें, ऐसा न करने पर आयोग मामले में उचित निर्णय लेगा। चुनाव आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि पर्याप्त और स्वच्छ पानी की उपलब्धता एक शासन संबंधी मुद्दा है और सभी संबंधित सरकारों को हर समय सभी लोगों के लिए इसे सुनिश्चित करने में लगे रहना चाहिए।

5 फरवरी को चुनाव, 8 फरवरी को नतीजे 
इसने किसी को भी इस महान स्थिति पर विवाद करने का कोई कारण नहीं पाया और इसे सरकारों और एजेंसियों की क्षमता और विवेक पर छोड़ दिया जाएगा, संक्षिप्त चुनाव अवधि के दौरान लंबे समय से चले आ रहे जल-बंटवारे और प्रदूषण के मुद्दों पर मध्यस्थता से परहेज किया जाएगा, खासकर जहां सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समझौते और कानूनी निर्देश पहले से मौजूद हैं। दिल्ली में चुनाव होने हैं और नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

फ्री में सफर करने वाली भारत की इकलौती ट्रेन, पिछले 75 सालों से यात्रियों को पहुंचाती है मंजिल तक

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क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है जिसमें बिना टिकट सफर किया जा सकता है? भारतीय रेलवे की अधिकांश ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करना जुर्म होता है, लेकिन एक खास ट्रेन है जो पिछले 75 सालों से मुफ्त यात्रा करवा रही है। यह ट्रेन है भाखड़ा-नांगल ट्रेन, जो न केवल यात्रियों को मुफ्त में यात्रा कराती है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक धरोहर भी है।

क्या है भाखड़ा-नांगल ट्रेन?

भाखड़ा-नांगल ट्रेन 1948 में शुरू हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य भाखड़ा-नांगल बांध के निर्माण में लगे मजदूरों और निर्माण सामग्री को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना था। आज भी यह ट्रेन बिना टिकट के चलती है और इसका संचालन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) करता है। इस ट्रेन का रूट पंजाब के नांगल से हिमाचल प्रदेश के भाखड़ा तक है, जो 13 किलोमीटर लंबा है।

कैसे चलता है यह ट्रेन?

यह ट्रेन मुख्य रूप से 1953 से डीजल इंजन से चलती है, लेकिन पहले इसे स्टीम इंजन द्वारा चलाया जाता था। इसके कोचों का इतिहास भी बहुत खास है, क्योंकि यह कोच विभाजन से पहले कराची में बनाए गए थे। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्री न केवल एक सफर का अनुभव लेते हैं, बल्कि वे पुराने समय की यादों में खो जाते हैं।

क्या है इस ट्रेन का महत्व?

भाखड़ा-नांगल ट्रेन सिर्फ एक साधारण ट्रेन नहीं है, बल्कि यह भारत के औद्योगिक इतिहास और आजादी के बाद की प्रगति का प्रतीक है। यह ट्रेन हर दिन करीब 800 यात्रियों को सफर कराती है, जिनमें स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल होते हैं। इस ट्रेन को बिना किराए के चलाने का फैसला BBMB ने लिया था ताकि इस ऐतिहासिक ट्रेन को सहेजा जा सके। यात्रियों के लिए यह ट्रेन न केवल सफर का साधन है, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है, जो पिछले 75 सालों से बिना टिकट यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचा रही है।

एक्सीडेंट के बाद सलमान खान की मुंहबोली बहन का बिगड़ा पूरा चेहरा, हालत देख दहल उठे लोग

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बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के परिवार से बड़ी खबर सामने आई है। उनकी मुंहबोली बहन श्वेता रोहिरा का एक भयानक रोड एक्सीडेंट हो गया है, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। श्वेता ने खुद सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर अपनी हेल्थ अपडेट दी है। सलमान की बहन का यह हाल देख फैंस बेहद चिंता में आ गए हैं।

शेयर की गई तस्वीरों में श्वेता अस्पताल के बेड पर लेटी हुई नजर आ रही हैं, उनकी हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक था। उनके पैर में प्लास्टर बंधा हुआ है, हाथ में सपोर्ट लगा है और होंठ पर पट्टी भी दिखाई दे रही है। एक तस्वीर में  जिसमें उनके होंठ बुरी तरह कटे हुए दिख रहे हैं और वहां से खून निकल रहा है, इसे देख लोगों का दिल दहल उठा है।

इन तस्वीरों के साथ श्वेता ने लिखा- लाइफ में कई बार चौंकाने वाले अनुभव होते है. है ना? एक पल आप मजे से ‘कल हो न हो’ गुनगुना रहे होते हैं और अपने दिन की प्लानिंग कर रहे होते हैं, लेकिन अगले ही पल जीवन अचानक ऐसा मोड़ ले लेता है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होती. ठीक ऐसा ही मेरे साथ हुआ. बिना किसी गलती के, मैं अचानक यहां पहुंच गई’। उन्होंने आगे लिखा- ‘टूटी हड्डियां, चोटें और बिस्तर पर बहुत समय बिताना – ये मेरी प्लानिंग में नहीं था.लेकिन शायद ब्रह्मांड ने सोचा कि मुझे धैर्य सिखाना जरूरी है या मुझे खुद को एक मिनी सोप ओपेरा का हिस्सा बनाना था, जिसमें अस्पताल का ड्रामा भी था’।

इन फोटोज को देखने के बाद लोगों उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। बता दें कि श्वेता रोहिरा एक्टर पुलकित सम्राट की एक्स वाइफ हैं। दोनों ने 3 नवंबर 2014 को शादी की थी और एक साल बाद दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद पुलकित ने 2024 में कृति खरबंदा से शादी रचा ली लेकिन श्वेता अभी भी अकेले जिंदगी गुजार रही है।  श्वेता  पेशे से एक सोशल एक्टिविस्ट और एक राइटर हैं, वह बचपन से सलमान को राखी बांध रही हैं।

3 गाड़ियों में कूड़ा भरकर लाई और केजरीवाल के घर के बाहर फेंका, स्वाति मालीवाल को पुलिस ने हिरासत में लिया

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आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आज विकासपुरी से 3 गाड़ियों में कूड़ा भरकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार राजधानी में सफाई व्यवस्था को सही से चलाने में विफल रही है, और उन्होंने कहा कि अब वह कूड़ा केजरीवाल के घर के बाहर फेंकेंगी।

सुधर जाओ वरना जनता सुधर देगी– स्वाति मालीवाल
इस दौरान स्वाति मालीवाल ने मीडिया से कहा, “पूरा शहर कूड़ेदान बन चुका है, और मैं यहां अरविंद केजरीवाल से बात करने आई हूं। मैं उनसे कहूंगी कि सुधर जाओ वरना जनता सुधर देगी। मैं न तो उनके गुंडों से डरती हूं और न ही उनकी पुलिस से।” इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

पूरा शहर कूड़ेदान बन चुका
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था, “3 ट्रक भरकर कचरा लेकर केजरीवाल जी के घर पहुंचने वाली हूं, केजरीवाल जी डरना मत, जनता के सामने आना और देखना क्या हाल बनाया है दिल्ली का।” हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा, “आज पूरी दिल्ली कूड़ेदान बन गई है, मैं यहां केजरीवाल से मिलने और पूछने आई हूं कि दिल्ली कूड़ा कहां फेंके?”

विकासपुरी के लोगों ने की थी शिकायत
स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनका यह विरोध किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि दिल्ली की स्थिति को लेकर है। उन्होंने बताया, “आज दिल्ली का हाल बेहाल है, दिल्ली का हर कोना गंदा है, सड़कें टूटी हुई हैं और नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं। विकासपुरी की महिलाओं ने शिकायत की थी कि सड़क पर कूड़े का ढेर लग गया है और विधायक से शिकायत करने के बावजूद भी इसे साफ करने का कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वह महिलाओं द्वारा आयोजित सफाई अभियान में भाग लेने आई थीं, और कूड़ा अरविंद केजरीवाल के घर पर लेकर जाएंगी और उनसे पूछेंगी कि उन्होंने दिल्ली को गंदगी का तोहफा क्यों दिया है। स्वाति मालीवाल ने यह भी कहा कि केजरीवाल अब “आम आदमी” नहीं रहे, और उन्हें दिल्ली की जमीनी हकीकत का कोई अंदाजा नहीं है।

Insta-YouTube पर अब ज्ञान देना पड़ेगा भारी, SEBI का फिनफ्लुएंसरों को बड़ा झटका

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हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत अब फिनफ्लुएंसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर शेयर मार्केट से जुड़ी शिक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। इसका मतलब है कि अब रजिस्टर्ड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और विशेषज्ञ ही शेयर मार्केट के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। इस कदम से फिनफ्लुएंसरों को एक बड़ा झटका लगा है, जो पहले इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आम लोगों को शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी सलाह देते थे।

नए नियम का उद्देश्य

SEBI के इस नए नियम का उद्देश्य शेयर बाजार में निवेशकों को भ्रामक जानकारी से बचाना और केवल प्रमाणित और विशेषज्ञों द्वारा सही मार्गदर्शन सुनिश्चित करना है। अब फिनफ्लुएंसरों को वर्तमान बाजार कीमतों के बारे में सलाह देने की भी अनुमति नहीं होगी।

फिनफ्लुएंसर को झटका

फिनफ्लुएंसर पहले इंस्टा और यूट्यूब पर बेधड़क शेयर मार्केट से जुड़ा ज्ञान देते नजर आते थे लेकिन जब से सेबी ने नियमों को सख्त किया है तब से ये लोग ज्ञान तो देते हैं लेकिन वीडियो में इस बात को साफ कर देते हैं कि हम कोई बाय या सेल की कॉल नहीं दे रहे हैं लेकिन अब ऐसा करना भी इन लोगों के लिए मुश्किल हो जाएगा।

फिनफ्लुएंसर्स जो सेबी रजिस्टर नहीं है उन लोगों पर गाज गिरी है, सेबी के नए सर्कुलर से ये बात साफ हो गई है कि अब ऐसे लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को शेयर बाजार शिक्षा की आड़ में निवेश की सलाह नहीं पाएंगे। सर्कुलर में कहा गया है कि इंवेस्टर एजुकेशन पर प्रतिबंध नहीं है लेकिन लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेबी पंजीकरण के बिना निवेश की सलाह न दें या सेबी की अनुमति के बिना परफॉर्मेंस संबंधी दावे न करें।

इंफ्लूएंसर को लेकर है नियम

जो लोग फाइनेंशियल सर्विस या फिर शेयर मार्केट से जुड़ी एडवाइस देते हैं उन लोगों को खुद को SEBI के पास रजिस्टर करना होता है। इसके बाद एक कोर्स होता है जिसे पास करने के बाद सेबी रजिस्टर्ड लोगों को एक सर्टिफिकेट मिलता है। अगर आप सेबी रजिस्टर नहीं है और आप सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट से जुड़ा ज्ञान दे रहे हैं या फिर लोगों को किसी शेयर को खरीदने की सलाह दे रहे हैं तो आप सेबी के रडार पर आ सकते हैं।

Kangana Ranaut को भाई मोनालिसा की प्राकृतिक सुंदरता, पूछा सवाल- क्यों गोरे रंग को तरजीह दी जाती है?

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बॉलीवुड की बेबाक और निडर अभिनेत्री Kangana Ranaut अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। इस बार भी उन्होंने एक ऐसा मुद्दा उठाया है जो भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और समाज में रंगभेद और सुंदरता के मानकों को लेकर सोचने पर मजबूर करता है। Kangana ने हाल ही में प्रयागराज के महाकुंभ मेला में वायरल हो रही एक युवती मोनालिसा के बारे में अपनी राय दी है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और असली रूप से सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी हैं।

मोनालिसा, जो मेला में माला बेचने वाली एक सामान्य लड़की हैं, अपनी खूबसूरती और मासूमियत के कारण चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए हैं, और अब लोग उन्हें देखने और उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उमड़ रहे हैं। Kangana ने मोनालिसा की तारीफ करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “यह लड़की अपनी असली खूबसूरती से सोशल मीडिया पर छा गई है। लेकिन मुझे यह सवाल उठाने से नहीं रुक पा रही कि क्या हमारे समाज में आज भी गहरे रंग की भारतीय महिलाओं का सही प्रतिनिधित्व है?”

Kangana ने आगे यह भी सवाल किया कि क्या आजकल की युवा अभिनेत्रियां, जो अक्सर अपनी त्वचा का रंग हल्का करने के लिए ट्रीटमेंट्स कराती हैं, उन्हें वही प्यार और सराहना मिलती है जो पहले काजोल, बिपाशा, दीपिका, रानी मुखर्जी जैसी अभिनेत्रियों को मिलता था? Kangana ने यह भी पूछा कि क्यों अधिकतर अभिनेत्रियां अपनी त्वचा का रंग हल्का करने के लिए लेजर ट्रीटमेंट्स और ग्लूटाथियोन इंजेक्शंस जैसी महंगी प्रक्रियाओं का सहारा लेती हैं, जबकि कुछ अभिनेत्री अपने युवा दिनों में गहरे रंग की थीं।

Kangana का इशारा उन अभिनेत्रियों की ओर था जो खुद को गोरा दिखाने के लिए पैसों का बड़ा हिस्सा खर्च करती हैं, और यही चीज़ बॉलीवुड में एक असमान सुंदरता का मानक बना रही है। Kangana का यह बयान बॉलीवुड में रंगभेद और सुंदरता के मानकों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है, और इस मुद्दे पर सोचने को मजबूर करता है कि क्या केवल गोरे रंग को ही सुंदरता का मानक माना जाता है।मोनालिसा के लिए, Kangana का यह पोस्ट एक ओर बदलाव लेकर आया। महाकुंभ मेला में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, मोनालिसा की किस्मत ने एक नया मोड़ लिया। उन्हें बॉलीवुड फिल्म ‘Diary of Manipur’ में लीड रोल का प्रस्ताव मिला है। इस फिल्म को राइटर-डायरेक्टर सनोज मिश्रा बना रहे हैं, जिन्होंने पहले ‘राम जन्मभूमि’, ‘The Diary of West Bengal’, और ‘Kashi to Kashmir’ जैसी फिल्में बनाई हैं। यह फिल्म मणिपुर में हुई एक खौ़फनाक घटना पर आधारित होगी, और मोनालिसा फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हालांकि, फिल्म में मोनालिसा के रोल के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह फिल्म उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक बन सकती है।

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