Monday, February 9, 2026
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कट्टर इस्लामिक देश में बेची जा रहीं ‘पानी में घुलने वाली कुरान की आयतें ! मुस्लिम देशों में छिड़ गई बहस, जानें पाक का रिएक्शन

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कट्टर इस्लामिक देश की एक कंपनी ने हाल ही में ‘पानी में घुलने वाली कुरान की आयतों’ को बेचने का नया उत्पाद लॉन्च किया है। यह खास कागज पर लिखी गई आयतें हैं, जो पानी में डालने पर घुल जाती हैं। इस प्रोडक्ट ने मुस्लिम देशों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर पाकिस्तान में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सऊदी अरब की इस कंपनी ने दावा किया है कि इस उत्पाद का उद्देश्य धार्मिक विश्वास को प्रोत्साहित करना है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, कुछ मुसलमान आयत पढ़कर पानी या खाने पर फूंकने को इलाज के रूप में अपनाते हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए यह प्रोडक्ट तैयार किया गया है।

पाकिस्तानी यूट्यूबर निमरा अहमद ने इस मुद्दे पर लोगों की राय ली। बातचीत में कई पाकिस्तानी लोगों ने इस प्रोडक्ट पर कड़ी आपत्ति जताई।  एक महिला ने कहा , “इस्लामी शिक्षाओं में ऐसा कहीं नहीं बताया गया कि आयतों को पानी में घोलकर पिया जाए। यह धार्मिक रूप से गलत है और हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।”एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “यह आयतों का बाजारीकरण है। ऐसा करना इस्लाम के मूल्यों के खिलाफ है। सऊदी अरब को इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए।” जहां कई लोगों ने विरोध जताया, वहीं कुछ ने इसे धार्मिक आस्था का हिस्सा मानते हुए इसका बचाव किया।

 

एक पाकिस्तानी ने कहा, “आयतों को पानी में घोलकर पीना या किसी चीज पर फूंकना, बीमारियों से राहत दिलाने की प्राचीन प्रथा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।” एक महिला ने बताया कि उन्होंने इस उत्पाद की जानकारी एक भारतीय हिंदू के सोशल मीडिया पोस्ट से पाई। उन्होंने कहा, “अगर एक गैर-मुस्लिम भी इसका विरोध कर रहा है, तो हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह गलत प्रथा है।”  यह बहस केवल धार्मिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाती है कि क्या पवित्र धार्मिक ग्रंथों का इस तरह से व्यावसायिक उपयोग किया जाना सही है। इस्लामी विद्वानों ने भी इस पर विचार करने की बात कही है। फिलहाल सऊदी कंपनी ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पाकिस्तान समेत कई देशों में इस मुद्दे को लेकर गुस्सा और असहमति बढ़ती जा रही है।

कनाडा कोर्ट का बड़ा फैसलाः एयर इंडिया कनिष्का बम धमाके के रिपुदामन के हत्यारे “हिटमैन” को सुनाई उम्रकैद की सजा

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कनाडा की अदालत में 1985 के एयर इंडिया बम धमाके के आरोपी रिपुदामन सिंह मलिक की हत्या के दोषी  हिटमैन, टैनर फॉक्स, को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस घटना में मलिक की हत्या जुलाई 2022 में उनके व्यापार स्थल के बाहर गोली मारकर की गई थी। टैनर फॉक्स और उसके साथी जोस लोपेज़ ने अक्टूबर 2024 में रिपुदामन सिंह मलिक की हत्या के दूसरे दर्जे के आरोप में दोषी स्वीकार किया। यह दोनों ने अदालत में स्वीकार किया कि उन्हें मलिक की हत्या करने के लिए पैसे दिए गए थे, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह पैसे उन्हें किस व्यक्ति ने दिए थे। जोस लोपेज़ की अगली अदालत सुनवाई 6 फरवरी 2025 को निर्धारित है। 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182, जो टोरंटो से मुंबई जा रही थी, आयरिश तट के पास विस्फोट के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

इस विस्फोट में विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। इस विमान का नाम “इंपेरर कनिष्का” था और यह बोइंग 747-237B विमान था। ह घटना 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों से पहले सबसे बड़ी हवाई आतंकवादी घटना मानी जाती  है। सभी यात्री भारतीय मूल के थे और इनमें अधिकांश कनाडाई नागरिक थे, जो भारत में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। यह घटना हवाई यात्रा की दुनिया में एक घातक हमले के रूप में दर्ज हुई। इसी दिन, जापान के नरिता एयरपोर्ट पर भी एक और धमाका हुआ था, जिसमें दो बैगेज हैंडलर्स की मौत हो गई थी, जो एयर इंडिया के एक अन्य विमान में बैग लोड कर रहे थे। जांच के दौरान   पाया गया कि दोनों बम धमाके कनाडा के वैंकूवर से जुड़े थे, जो वहां बसे सिख समुदाय का घर है। कनाडा सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, इन बम धमाकों को कनाडा स्थित सिख अलगाववादी समूहों द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में भारत सरकार के खिलाफ किया गया था।

ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत भारतीय सेना ने पंजाब के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में घुसकर सिख विद्रोहियों से लड़ाई लड़ी थी। कनाडा में इन बम धमाकों की जांच के दौरान दो प्रमुख संदिग्धों तलविंदर सिंह परमेश और इंदरजीत सिंह रेयात को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, परमेश, जो इस हमले के मास्टरमाइंड माने जाते थे, को सबूतों की कमी के कारण आरोपमुक्त कर दिया गया। रिपुदामन सिंह मलिक और अजीब सिंह बगरी, जिन पर बम धमाकों में शामिल होने का आरोप था, को 2000 में गिरफ्तार किया गया। 2005 में, दोनों को भी सबूत की कमी के कारण अदालत ने बरी कर दिया। इस मामले में इंदरजीत सिंह रेयात एकमात्र व्यक्ति हैं, जिन्हें इस हमले के लिए सजा दी गई। रेयात पर आरोप था कि उसने बम बनाए थे और वह इस मामले में झूठ बोलने के दोषी पाए गए थे।

रिपुदामन सिंह मलिक, जो कि इस धमाके के मामले में आरोपमुक्त हो गए थे, को जुलाई 2022 में कनाडा के वैंकूवर के उपनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद टैनर फॉक्स और जोस लोपेज़ को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने हत्या की योजना में अपनी भूमिका स्वीकार की। फॉक्स को अब उम्रभर की सजा मिली है, जबकि जोस लोपेज़ की सुनवाई फरवरी में होगी। हालांकि, यह पूरी घटना अभी तक अनसुलझे रहस्य को लेकर बनी हुई है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि मलिक की हत्या के पीछे कौन था और उन्हें किसने आदेश दिया था।

महाकुंभ में भगदड़ पर PM Modi ने जताया दुख, लिखा- हादसा अत्यंत दुखद, मैं लगातार CM के संपर्क में हूं

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,“प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।”

नई नौकरी की शुरुआत के बाद शारीरिक गतिविधि में गिरावट, नींद पर भी प्रभाव – अध्ययन

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कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार जब युवा अपना पेशेवर जीवन शुरू करते हैं तो उनकी शारीरिक गतिविधि और नींद दोनों में गिरावट आती है। यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में सामने आई है जिसमें यह बताया गया है कि नौकरी शुरू करने के बाद पहले तो शारीरिक गतिविधि में वृद्धि होती है लेकिन समय के साथ यह काफी कम हो जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि जिन युवाओं का काम शारीरिक गतिविधियों से संबंधित है जैसे सफाई, हेयरड्रेसिंग या तकनीकी नौकरियां (जैसे वेटिंग) उनकी शारीरिक गतिविधि अधिक रहती है। वहीं प्रबंधकीय या पेशेवर पदों पर काम करने वाले लोगों में शारीरिक गतिविधि का स्तर कम पाया गया है। विशेष रूप से घर से काम करने वाले व्यक्तियों में शारीरिक गतिविधि में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है जबकि उनके नींद के स्तर में कोई विशेष बदलाव नहीं आया।

शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह

शोधकर्ता एलेना ऑक्सनहैम ने कहा, “हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम जीवनभर स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।” उन्होंने घर से काम करने वाले लोगों को यह सलाह दी कि वे अपने दिन में शारीरिक गतिविधि को जरूर शामिल करें। इसके लिए वे काम से पहले बाद में या दोपहर के समय टहलने जा सकते हैं। इस प्रकार शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

अध्ययन में शामिल लोग और उनके परिणाम

इस अध्ययन में 16 से 30 साल की उम्र के 3,000 से अधिक लोगों के आंकड़े शामिल किए गए हैं। ये सभी लोग 2015 से 2023 के बीच अपनी पहली नौकरी शुरू कर चुके थे। अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि नौकरी शुरू करने के बाद पहले तो औसतन 28 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि (जैसे साइकिल चलाना) बढ़ी लेकिन बाद में यह गतिविधि घट गई। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि युवाओं की नींद में भी कमी आई और प्रति रात लगभग 10 मिनट की कमी आई।

स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने की जरूरत

शोधकर्ताओं ने कार्यस्थलों से यह अपील की है कि वे युवा वयस्कों में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दें जैसे शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ आहार और पर्याप्त नींद। इससे कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और बीमारी के कारण छुट्टी पर जाने के दिन भी कम होंगे।

अंत में कहा जा सकता है कि नौकरी की शुरुआत के बाद शारीरिक गतिविधि और नींद दोनों में गिरावट आती है जो कार्यस्थल और कामकाजी जीवन में बदलाव के कारण हो सकता है।

Sirmaur: चिट्टे और नकदी के साथ 2 युवक काबू, घर की दीवारों पर लिखे थे पुलिस के लिए अपशब्द

सिरमौर जिला के नाहन में पुलिस की एसआईयू टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 युवकों को चिट्टे के साथ पकड़ा है। यही नहीं, आरोपियों के कब्जे से नकदी भी बरामद की गई है। एसआईयू टीम को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली है। जानकारी के अनुसार  एसआईयू टीम गश्त के दौरान नाहन में मौजूद थी। इस बीच उसे गुप्त सूचना मिली कि साहिल वर्मा (22) और आर्यन तोमर (22) निवासी मोहल्ला ढाबों अपने घर में नशे का कारोबार करते हैं।

टीम ने तुरंत उक्त घर में दबिश दी, जहां तलाशी के दौरान 8.5 ग्राम चिट्टा और 3050 रुपए की नकदी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी आर्यन तोमर के घर की दीवारों पर पुलिस के लिए अपशब्द भी लिखे मिले हैं, जिन्हें सांझा नहीं किया जा सकता है। एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

Himachal: नशे की ओवरडोज ने युवक की ली जान, मां ने दोस्तों पर लगाए आरोप

जिला कुल्लू के आनी में चिट्टे की ओवरडोज से एक युवक की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक की मां ने पुलिस थाना आनी में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें उसने तीन युवकों पर अपने बेटे की मौत का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक की पहचान राहुल ठाकुर (24) निवासी गांव तिहणी, डाकघर शुश, तहसील आनी व जिला कुल्लू के रूप में हुई है।

मृतक की मां भीमदासी के अनुसार राहुल ने शाम को फोन पर बताया था कि वह अपने दोस्त कायथ के साथ नोगली में है और गोरा मश्नू जा रहे हैं। अगले दिन 28 जनवरी को महिला को शिमला पुलिस के माध्यम से सूचना मिली कि उसके बेटे की आनी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है।

महिला ने आरोप लगाया है कि राहुल की मौत चिट्टे की ओवरडोज और युवकों कायथ, क्षितिज तथा विनय ठाकुर की लापरवाही की वजह से हुई है, क्योंकि उसे समय पर उपचार उपलब्ध नहीं करवाया गया। मामले की पुष्टि पुलिस अधीक्षक कुल्लू डॉ. कार्तिकेय गोकुलचंद्रन ने की है। उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है तथा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद स्वजनों के हवाले कर दिया है।

Glanders Disease: हिमाचल में ग्लैंडर्स बीमारी ने दी दस्तक, इंसानों में भी फैलने का खतरा

मंडी जिले में घोड़ों और खच्चरों में फैलने वाली ग्लैंडर्स बीमारी ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। मकरीड़ी समौण में लिया घोड़ों के रक्त का सैंपल राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार में जांच के दौरान पॉजिटिव निकला है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने जिलेभर में घोड़े और खच्चरों के रक्त के सैंपल की जांच के लिए फील्ड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, सभी घोड़ा पालकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।

क्या है ग्लैंडर्स रोग?

ग्लैंडर्स एक संक्रामक और गंभीर रोग है, जो घोड़ों, खच्चरों और गधों में पाया जाता है। यह बीमारी बर्कहोल्डरिया मैलेई नामक जीवाणु के कारण घोड़े और खच्चरों में फैलती है। यह रोग घातक होता है और इसका इंसानों में भी फैलने का खतरा रहता है। यह संक्रामक रोग है। इसमें बीमारी के जीवाणु पशुओं के शरीर में फैल जाते हैं। शरीर में गांठें पड़ जाती हैं, मुंह से खून निकलने लगता है और सांस संबंधी तकलीफें भी बढ़ जाती हैं। घोड़ों में इस बीमारी की पुष्टि होने पर संक्रमित पशु को मार देना ही एकमात्र समाधान होता है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

जिले में जांच प्रक्रिया

हालांकि इस वर्ष इस बीमारी का प्रसार देर से हुआ, लेकिन कुल्लू और अन्य जिलों में पहले ही ग्लैंडर्स के मामले सामने आ चुके हैं। मंडी जिले में भी पशुपालन विभाग ने समय रहते सतर्कता बरतते हुए घोड़ों के रक्त के सैंपल भरने का कार्य आरंभ कर दिया था। इन सैंपलों को जांच के लिए हिसार भेजा जा रहा था, जहां मकरीड़ी समौण में लिए गए सैंपल में ग्लैंडर्स संक्रमण की पुष्टि हुई।

रोकथाम और सतर्कता

पशुपालन विभाग ने ग्लैंडर्स बीमारी की रोकथाम के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। जिलेभर में सभी घोड़ा पालकों को सतर्क रहने और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। इस संदर्भ में उपनिदेशक, पशुपालन विभाग मंडी, डॉ. मुकेश महाजन ने कहा कि विभाग सतर्कता बरत रहा है और लगातार घोड़ों के रक्त के सैंपल लेकर जांच कर रहा है। उन्होंने सभी घोड़ा और खच्चर पालकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सैंपलिंग में पूरा सहयोग दें, ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

जापान में दिखा मोहन का दम! A&D Medicals को उज्जैन में मैन्युफैक्चरिंग के लिए किया राजी, तो ब्रिजिस्टोन भी बड़े निवेश को तैयार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान की यात्रा के दूसरे दिन 29 जनवरी को जापान के विदेश मामलों के मंत्रालय (MoFA) में पार्लियामेंट्री वाइस मिनिस्टर हिसाशी मात्सुमोतो सहित कई उद्योगपतियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (GIS) के लिए आमंत्रित किया। इन चर्चाओं के दौरान मध्य प्रदेश में कई तरह के निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। खासकर मेडिकल और टायर कंपनियों ने प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखाई। सीएम मोहन यादव ने सभी उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि अगर वे प्रदेश में निवेश करते हैं तो सरकार उनकी हर तरह से मदद करेगी।

गौरतलब है कि पार्लियामेंट्री वाइस मिनिस्टर हिसाशी मात्सुमोतो ने सीएम मोहन यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों के बीच भारत-जापान के संबंधों और इन्हें और प्रगाढ़ करने को लेकर बातचीत हुई। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मातसुमोतो को ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट (GIS) के लिए आमंत्रित किया। इससे पहले सीएम डॉ.यादव ने “ए एंड डी” (A&D) मेडिकल्स के डायरेक्टर डायकी आराई से मुलाकात की। उन्होंने एएंडी मेडिकल्स को भी ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के लिए आमंत्रित किया। सीएम डॉ.यादव ने आराई को बताया कि महाकाल की नगरी उज्जैन में मेडिकल और फार्मास्युटिकल पार्क में 75 एकड़ जमीन मौजूद है। जो भी कंपनी वहां निवेश करेगी उसे बेहतर सब्सिडी के साथ ये जमीन मुहैया कराई जाएगी। इस मुलाकात के बाद आराई ने कहा कि अगर संभव हुआ तो उनकी कंपनी मध्य प्रदेश में इसी साल मैन्यूफैक्चरिंग की शुरुआत कर सकती है। आराई ने कहा कि इस नई शुरुआत के लिए वे काफी उत्सुक हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईस्ट जापान रेलवे कंपनी के चेयरमैन और जापान बिजनेस फेडरेशन के साउथ एशिया के अध्यक्ष यूजी फुकासावा से मुलाकात की। इस दौरान जापान की रेलवे टीम के सदस्यों ने कहा कि वे मध्य प्रदेश में विजिट करने के लिए उत्साहित हैं। फुकासवा ने मध्यप्रदेश का दौरा करने और राज्य के साथ पारस्परिक लाभकारी सहयोग के अवसरों को तलाशने में गहरी रुचि व्यक्त की। इस दौरान विश्व प्रसिद्ध जापानी रेलवे तकनीक पर भी चर्चा की गई। गौरतलब है कि जापान की रेलवे तकनीक विश्व विख्यात है। टीम ने सीएम मोहन यादव को यह भी बताया कि उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हो चुकी है।

ये कंपनी कर सकती है बड़ा निवेश

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) के पदाधिकारियों से मुलाकात की। सीएम यादव ने उन्हें जीआईएस के लिए आमंत्रित किया। इस बैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत और जापान के गहरे संबंध हैं। जेट्रो ने कहा कि ब्रिजिस्टोन कंपनी चाहती है कि वह इंदौर में बड़े स्तर पर टायर का व्यवसाय शुरू करे। क्योंकि, भारत में एसयूवी सेग्मेंट की गाड़ियों की बिक्री बहुत बढ़ गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जीआईएस जापानी कंपनियों के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का बड़ा मौका है। उन्होंने यह भी कहा कि जीआईएस के लिए जापान की कई कंपनियों को आमंत्रित करने में जेट्रो मध्य प्रदेश सरकार की पूरी मदद करेगा।

कुत्ते के हमले से जख्मी बच्ची की 2 महीने बाद मौत, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा बुजुर्ग दादा

मध्य प्रदेश के खंडवा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कुत्ता अब खतरनाक और जान लेवा साबित हो रहे हैं। ग्राम बड़गांव गुर्जर में कुत्ते के काटने से एक बालिका 6 वर्ष की दिव्यांशी पवार पिता दिनेश पवार की मौत हो गई। विगत दिनों ग्राम बड़गांव गुर्जर में 6 वर्षी बालिका दिव्यांशी को कुत्ते ने काट लिया था, गंभीर रूप से घायल बालिका को खंडवा जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया था, गंभीर घायल बालिका का इलाज इंदौर में चल रहा था, 23 जनवरी को बालिका की मौत हो गई। बालिका के दादा कैलाश पवार मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दो महीने से बालिका दिव्यांशी पवार का उपचार चल रहा था।

इंदौर में बच्ची की मौत हो गई हम मजदूरी करते हैं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुत्तों का आतंक है. आए दिन कुत्ते शिकार कर रहे हैं, इन पर कार्रवाई होनी चाहिए और बालिका की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार से सहायता राशि मिलती जिससे हमेशा सहयोग मिलता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर खेतवास ने बताया कि 26 नवंबर को ग्राम बड़गांव गुर्जर में बालिका को कुत्ते ने काट लिया था। जिससे दिव्यांशी पवार की मौत हो गई थी, शहर तो शहर ग्रामीण क्षेत्र में भी अब बच्चे सुरक्षित नहीं है, एक ओर मध्य प्रदेश सरकार आनंद उत्सव बना रही है। वहीं दूसरे तरफ बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन दिया है की कुत्तों को पकड़ा जाए ताकि इस प्रकार की घटना नहीं हो परिजनों को आर्थिक सहायता सरकार दे मृतक बेटी के दादा कैलाश पवार ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से उन्होंने अपने कलेजे के टुकड़े को खोया है।

वहीं इलाके के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी व एंटी रेबीज टीकाकरण की रफ्तार बेहद कम होने के कारण घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कुत्तों के काटने से लगातार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में हालत गंभीर बने हुए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र खंडवा में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए धनराशि स्वीकृति की है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर आरोप लगाया है कि इस सेंटर के निर्माण को लेकर भी नगर निगम में कुछ ज्यादा दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है। नतीजतन आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और कुत्तो के काटने के साथ ही लोगों को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ रहा है।

बार-बार घर छोड़कर भाग जाता है पति! शिकायत लेकर SP ऑफिस पहुंची पत्नी, हैरान कर देगा पूरा

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां पत्नी से परेशान पति बार बार घर से भाग जाता है। अब परेशान पत्नी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देने पहुंची। जहां उसने अपने पति के कारनामों को उजागर करते हुए उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाए जाने की मांग की है।

पीड़ित महिला सुमन राठौर निवासी छतरपुर ने बताया कि वर्ष 2020 में उसका विवाह महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टटम निवासी दुर्गेश राठौर के साथ हुआ था। विवाह के बाद उसे पता चला कि दुर्गेश का प्रेम-प्रसंग हिनौता निवासी उसकी सगी भांजी पूजा राठौर से चल रहा है और इसी के चलते दुर्गेश ने उसे प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। सुमन के मुताबिक दुर्गेश की प्रताड़ना से तंग आकर उसने न्यायालय में केस दायर किया था लेकिन दुर्गेश ने उसके माता-पिता को धमकाकर राजीनामा करा लिया। सुमन का आरोप है कि दुर्गेश ने कई बार उसके साथ मारपीट की, यहां तक कि एक बार जलाने का भी प्रयास किया। सुमन ने बताया कि दुर्गेश उसे छोड़कर अपनी भांजी पूजा राठौर के साथ कहीं भाग गया है। सुमन ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर दुर्गेश पर कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।

●पहले भी हो चुका पति लापता, सोशल मीडिया से लाई थी पत्नी वापिस

बता दें कि सुमन का पति उसको छोड़कर पहले भी जा चुका है जिसकी तलाश के लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लेकर उसकी तलाश की थी और कोतवाली थाने में आवेदन देकर गुमशुदगी कि रिपोर्ट लिखाई थी। तत्पश्चात उसका पति मिल गया आ गया था पर अब वह फिर से लापता हो गया है जिससे कयास लगाया जा रहा है कि 2 साल पूर्व भी वह इसी प्रेम प्रसंग के चलते गायब हुआ था जो अब निकलकर सामने आया है।

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