कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के रांची में उनके खिलाफ चल रहे मानहानि केस पर रोक लगा दी है। साथ ही राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और शिकायतकर्ता नवीन झा को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।

क्या था मामला?
यह मामला साल 2019 से जुड़ा है जब राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के बारे में एक विवादित बयान दिया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा एक हत्यारे को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता नवीन झा ने रांची की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई
राहुल गांधी ने इस केस को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पहले उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी लेकिन हाईकोर्ट ने 22 फरवरी 2024 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद राहुल गांधी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
राहुल गांधी के वकील का तर्क
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि अगर आप सीधे प्रभावित पक्ष नहीं हैं तो आप इस तरह का मुकदमा दाखिल नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में तीसरे पक्ष की शिकायत स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि केस को रद्द किया जाए और शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
क्या था राहुल गांधी का बयान?
राहुल गांधी ने 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले यह बयान दिया था कि भाजपा एक हत्यारे को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। इस बयान के बाद भाजपा के कार्यकर्ता नवीन झा ने रांची की मजिस्ट्रेट कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।
फिलहाल अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया है और इस पर आगे की कार्रवाई का निर्णय छह हफ्ते बाद होगा।


