भूस्खलन की जद में आया फोरलेन, मलबा गिरने के कारण सफर हुआ कठिन

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जिला मुख्यालय स्थित शांगरीबाग के समीप भूस्खलन की जद में फोरलेन आ गया है। यहां लगातार भूस्खलन होने के कारण खतरा बना हुआ है। ऐसे में कभी भूस्खलन की चपेट में वाहन आ सकते हैं। हालांकि भूस्खलन को रोकने के लिए दीवार भी लगाई गई थी, लेकिन वह भी भूस्खलन होने से फोरलेन सड़क पर गिर गई है। यहां पानी का रिसाव हो रहा हैै, जिससे दीवार के ऊपर लगी क्रेटवाल का कुछ हिस्सा सड़क में गिर गया है। यही नहीं कुछ भाग गिरने के कगार पर है। ऐसे में सड़क तंग हो चुकी है।

वाहनों के लिए भी जोखिम की स्थिति पैदा हो रही है। संबंधित विभाग ने भूस्खलन को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया तो मलबा फोरलेन की दूसरी तरफ को भी नुक्सान पहुंचा सकता है। घाटीवासी देवराज नेगी, संजीव ठाकुर, चमन, राकेश ठाकुर, चुनी लाल ठाकुर, धनदेव, सुनील, बुध राम, कुलदीप, रेवत राम, वेद राम, हरीश, हीरा लाल, कमल ठाकुर व राजीव आदि ने कहा कि इसी फोरलेन सड़क से मनाली के लिए वाहन जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों काफी संख्या में पर्यटक वाहन भी यहीं से होकर गुजर रहे हैैं। जिला कुल्लू के लोग भी इसी सड़क से होकर वाहनों और बसों में सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार भूस्खलन होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

वर्ष 2023 में आपदा में ढही थी फोरलेन की दीवारें
कुल्लू घाटी में जुलाई 2023 में आई भयंकर आपदा के दौरान यहां फोरलेन की दीवारें ढह गई थीं। हैरानी की बात है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है। भूस्खलन को रोकने के लिए जल्द हल निकालना चाहिए, ताकि यहां भारी नुक्सान न हो सके।

एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला का कहना है कि शांगरीबाग स्थित देवधार के समीप क्षतिग्रस्त फोरलेन दीवार को जल्द नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। कुछ समय पहले फोरलेन में हो रहे भूस्खलन को राेकने के लिए आईआईटी रोपड़ की टैक्नीकल टीम ने निरीक्षण किया था। इसके लिए अब 32 करोड़ रुपए स्वीकृत हो चुके हैं, साथ ही टैंडर भी हो गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

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