मंडी जिला के सराज क्षेत्र में 2 युवकों को 44 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पकड़े गए आरोपियों में से एक जीप यूनियन का प्रधान है, जबकि दूसरा आरोपी एक प्रिंसीपल का बेटा है। इस मामले में खास बात ये है कि इन तस्करों को पकड़वाने में स्थानीय लोगों का बड़ा सहयोग रहा है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालांकि इस दौरान पुलिस को भी जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार पुलिस थाना जंजैहली के अंतर्गत भलवाड़ के समीप स्थानीय लोगों को इन दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने खुद पूछताछ शुरू कर दी। जब शक गहराया तो उनकी गाड़ी की तलाशी ली गई, जिसमें संदिग्ध चीज पाई गई। इस पर लोगों ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंकरआरोपी रूबल कुमार निवासी बयोड़ डाकघर जंजैहली और संदीप कुमार निवासी केयोलीनाल डाकघर संगलबाड़ा के कब्जे से चिट्टे का एक लिफाफा बरामद किया। पुलिस जब आरोपियों को अपने साथ थाने ले जा रही थी तो मौके पर उपस्थित दर्जनों लोग गुस्सा हो गए और आरोपियों की शक्ल दिखाने व चिट्टे का वजन करने पर अड़ गए।
माहौल तब और भी तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने वजन के लिए चिट्टे के लिफाफे को बाहर निकाला तो उस वक्त एक आरोपी ने लिफाफे को जोर से धक्का मार दिया, जिससे बरामद चिट्ठा इधर-उधर बिखर गया। इसके चलते गुस्साए ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारे लगाने पर उतारू हो गए और आरोपियों की गाड़ी के शीशे भी तोड़ डाले।
मामले में एसडीपीओ करसोग से पूछे जाने पर बरामद चिट्टे का वजन 44 ग्राम बताया गया, लेकिन अधिकारी ने यह भी बता दिया कि आरोपी द्वारा पकड़े गए चिट्टे के लिफाफे को धक्का देने से वजन कम हो सकता है। शाम के वक्त पकड़े गए चिट्टे का वजन किया तो वह 38 ग्राम बताया गया। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मामले में आरोपियों को बचाने की साजिश की जा रही है। उधर, एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि चिट्टे के साथ पकड़े दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है।


