Delhi News: दिल्ली विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन (प्रशिक्षण) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही के नियमों से की जानकारी दी. साथ ही उन्हें यह भी सिखाया गया कि वे अपने क्षेत्र के मुद्दों को विधानसभा में सही तरीके से कैसे उठा सकते हैं?

दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि यह कार्यक्रम नवनिर्वाचित विधायकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2025 से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है, इसलिए विधायकों को विधानसभा के नियम-कायदे समझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. ताकि सत्र के दौरान कोई अव्यवस्था न हो.दिल्ली विधानसभा में डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट बताया कि कार्यक्रम में विधायकों को रूल बुक (नियम पुस्तिका) से अवगत कराया गया है. उन्हें बताया गया कि वे किस तरह अपने क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में रख सकते हैं.
विपक्षी विधायकों के न आने पर टिप्पणी से इनकार
जब डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट से यह पूछा गया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में विपक्षी विधायक नजर नहीं आए. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यह कार्यक्रम विधायकों के लिए बहुत उपयोगी होता है. इससे उन्हें विधानसभा की प्रक्रिया को समझने और सीखने का अवसर मिला है.”
24 मार्च से होगा दिल्ली का बजट सत्र
दिल्ली विधानसभा के विधायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 मार्च को खत्म हो जाएगा. 24 मार्च से दिल्ली सरकार का बजट सत्र शुरू होगा.
प्रशिक्षण जरूरी क्यों?
भारत में विधानसभाओं और संसद की कार्यवाही के दौरान कई बार हंगामे और अव्यवस्था देखने को मिलती है. कई विधायक नियमों की जानकारी न होने के कारण सही तरीके से अपनी बात नहीं रख पाते. इसी वजह से नए विधायकों के लिए यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी माना जाता है.


