पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों से एटीएस ने पूछताछ की है. एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे. उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार (4 अप्रैल) को 4 पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर भारत में दहशत फैलाने के 4 संदिग्धों आतंकियों को गिरफ्तार किया था. एटीएस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड अर्जी दाखिल की थी. स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी है.
मामले में सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है. पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों से एटीएस ने पूछताछ की है. एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हैंडलर द्वारा संदेश दिया जा रहा था कि जितनी दहशत उतना पैसा दिया जाएगा.
आरोपियो ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर बड़े धमाके का रिहर्सल किया था. यह चारों संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर अबु बकर के लगातार संपर्क में थे. सोशल मीडिया हैंडल करने में चारों पूरी तरह ट्रेन्ड हैं. हैंडलर से बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान का नंबर इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है.

यह संदिग्ध हैंडलर को संदेश भेजने के लिए वीपीएन और इंस्टाग्राम का प्रयोग करते थे. इस बीच पकड़े गए संदिग्धों का दुबई कनेक्शन भी सामने आया है. मेरठ का आकिब दुबई में बैठकर मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहा था.
पूछताछ में पता चला है कि आकिब ने ही साकिब का संपर्क सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था. जानकारी है कि आकिब का पाकिस्तानी हैंडलर्स से पहले से ही संपर्क था. यूपी एटीएस ने आकिब को लेकर अब छानबीन शुरू कर दी है.
बता दें कि आकिब ने ही शाकिब के नाम का devil कोड वर्ड दिया था. आकिब पाकिस्तानी हैंडलर्स से पैसों का पूरा लेन देन करता था और काम हो जाने के बाद शाकिब और उसके साथियों को भेजता था. संदिग्धों के मोबाइल से एटीएस को अहम जानकारी मिली है. मोबाइल में कई रक्षा प्रतिष्ठान और कैंट इलाके के वीडियो मिले हैं.
यह संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर को रेकी के वीडियो भेजते थे. इसके अलावा रेलवे के सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर भरे वाहनों पर संदिग्ध आंतकियों की नजर थी. हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश की भी जानकारी सामने आई है.


