उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में बाल मजदूरी की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई की गई. मकान पर छापा मारकर प्रशासन की टीम ने 10 बच्चों को मुक्त कराया. बच्चों को ठेकेदार बिहार से ले गया था.

उत्तर प्रदेश में बिहार के 10 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया है. नाबालिग बच्चों को चूड़ी कारखाने में बिहार से फिरोजाबाद ले जाया गया था. बाल मजदूरी के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और बाल संरक्षण अधिकार ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. रामगढ़ पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि ठेकेदार बिहार से चूड़ी कारखाने में काम के लिए 10 बच्चों को लाया था. अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार मोहम्मद अफसर पूर्णिया के दुबैली विश्वासपुर का रहने वाला है.
बाल मजदूरी की शिकायत पर थाना एएचटी और बाल संरक्षण अधिकार की टीम ने रामगढ़ क्षेत्र में संयुक्त रूप से एक मकान पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान 10 नाबालिग बच्चे मजदूरी करते हुए पाए गए. प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद बच्चों को राजकीय बाल गृह भेज दिया.
पुलिस ने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. ठेकेदार चूड़ी पर नग लगवाने के लिए बच्चों को बिहार से लाया था. चिश्ती नगर के मकान पर धावा बोल कर बच्चों को रिहा कराया गया है. ठेकेदार मोहम्मद अफसर मकान में बच्चों से चूड़ियों पर नग लगवाने का काम करा रहा था. शुक्रवार को एएचटी थानाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह, चाइल्डफंड इंडिया की फील्ड कोर्डिनेटर रेखा वर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी अर्पणा कुलश्रेष्ठ ने सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम बनाकर चिश्ती नगर स्थित मकान में छापामार कार्रवाई की.
मकान में 10 नाबालिग बच्चे मजदूरी करते हुए पाए गए. अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि बच्चों को लालच देकर बिहार से लाया गया था. रेस्क्यू टीम ने सभी बच्चों को मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया. पेशी के बाद मेडिकल कराकर मुक्त कराए गए बच्चों को राजकीय बाल गृह भेज दिया गया. जिला प्रोबेशन अधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया 10 बच्चों को रेस्क्यू कराया गया है. उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है. आरोपी ठेकेदार के खिलाफ रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है.

