Saturday, February 14, 2026
Home Blog

NATIONAL : महिला, किसान और युवा पर फोकस… नए ऑफिस में शिफ्ट होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी चार बड़ी योजनाओं को मंजूरी

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय के ट्रांसफर के बाद चार महत्वपूर्ण फैसले लिए. इन फैसलों में महिला, किसान और युवाओं पर फोकस है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर का पता अब बदल चुका है. दशकों से भारतीय प्रधानमंत्री के दफ्तर का पता ‘प्रधानमंत्री कार्यालय यानि पीएमो’ हुआ करता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. पीएमो के सेवा तीर्थ परिसर में नए पते पर स्थानांतरित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को चार महत्वपूर्ण फैसले लिए.
नए सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री ने खुद किया है, जहां अब पीएमओ के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी स्थित हैं. अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा साइन किए फाइलें ‘सेवा’ की भावना को रिफ्लेक्ट करती हैं.

पहला और सबसे महत्वपूर्ण फैसला पीएम राहत योजना की शुरुआत है. इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना या अन्य हादसों में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा. इसका उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि आर्थिक संकट के कारण किसी भी व्यक्ति की जान न जाए और उन्हें तत्काल उचित मेडिकल सर्विस प्राप्त हो.

वीमेन एम्पावरमेंट के क्षेत्र में ‘लखपति दीदी योजना’ को बड़ा विस्तार दिया गया है. योजना का लक्ष्य अब 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है, जिसे मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह योजना स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की आय सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है. अब महिलाएं न केवल घरेलू कार्यों तक सीमित हैं, बल्कि कृषि, बागवानी, डेयरी और पशुपालन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भी एक्टिव रोल निभा रही हैं.

किसानों के लिए कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है, जिससे कृषि सेक्टर में सप्लाई चेन मजबूत होगी.

युवाओं और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ मंजूरी मिली है, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को समर्थन देगा.प्रधानमंत्री के ये निर्णय महिला सशक्तिकरण, किसानों को सहयोग और युवाओं को अवसर प्रदान करने की सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं.

NATIONAL : टूटी दीवारें, बिखरा सामान और… हाथियों ने 6 को कुचला, एक ही घर से उठीं 4 अर्थियां

0

हजारीबाग के चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने गुरुवार देर रात हमला कर छह लोगों को कुचलकर मार डाला. मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य और डेढ़ साल की बच्ची शामिल हैं. वहीं, घटना के बाद गांव के मुखिया और प्रमुख ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है.हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं. पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

गांव में हर तरफ तबाही के निशान साफ दिख रहे हैं. टूटी हुई मिट्टी की दीवारें, बिखरा सामान, पलंग पर पड़ी सिलवटें और लोगों के चेहरों पर डर उस रात की भयावह कहानी बयां कर रहे हैं. बताया गया कि पांच जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और कई घरों को नुकसान पहुंचाया.इस हमले में एक ही घर के चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची भी शामिल है. परिवार में अब सिर्फ एक बुजुर्ग विधवा महिला बची है, जो कुछ बोल भी नहीं पा रही है और शून्य में देखती रह जाती है. घर में अब उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं बचा.

गांव की महिलाओं ने बताया कि कैसे हाथियों ने अचानक हमला किया और अफरा-तफरी मच गई. किसी ने पति खोया, किसी ने पिता तो किसी ने ससुर. तीन बहुओं ने बताया कि उन्होंने किसी तरह अपने बच्चों की जान बचाई. घटना के बाद गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रही हैं.

घटना के बाद गांव के मुखिया और प्रमुख ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि हर साल तीन से चार बार हाथियों का हमला होता है, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए जाते. न तो टॉर्च दी जाती है, न हाथियों को भगाने के पटाखे और न ही सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि नेता चुनाव के समय आते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं. लोग दहशत में हैं और रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. उन्हें डर सता रहा है कि कहीं हाथियों का झुंड फिर से गांव में न घुस आए.

घटना की पुष्टि हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ विकास कुमार उज्ज्वल ने की है. उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है. वन विभाग की ओर से इलाके में माइकिंग कर लोगों को जंगल की ओर न जाने और समूह में रहने की सलाह दी जा रही है. सदर एसडीओ आदित्य पांडे भी मौके पर पहुंचे और कहा कि नियमानुसार प्रभावित परिवारों की मांग पूरी की जाएगी.

विधायक तिवारी महतो उर्फ निर्मल महतो ने भी घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी क्षेत्र में हाथियों का आतंक रहा है और विभाग पर्याप्त रूप से संवेदनशील नहीं रहा. उन्होंने मृतक परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने की बात कही. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.

NATIONAL : मां ने ही दी थी मर्डर की सुपारी! 14 करोड़ की डील में रोड़ा बना था बेटा…देहरादून के अर्जुन शर्मा हत्याकांड में बड़ा खुलासा

0

देहरादून में एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है जिसने रिश्तों की बुनियाद को ही झकझोर दिया. करोड़ों की प्रॉपर्टी डील के विवाद ने मां-बेटे के रिश्ते को खून के रिश्ते से साजिश में बदल दिया. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जमीन और पैसों के लालच में सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची गई. मामले में मृतक की मां समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

उत्तराखंड के देहरादून में दिनदहाड़े हुई एक हत्या ने शहर को स्तब्ध कर दिया था. 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास व्यापारी अर्जुन शर्मा को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी. मामले में दो सुपारी किलर्स के पकड़े जाने के बाद जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला था. मालूम हुआ कि जिस मां ने अर्जुन को जन्म दिया उसी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची थी.

प्रॉपर्टी विवाद की आग ने रिश्तों को इस कदर झुलसा दिया कि परिवार के भीतर ही मौत का सौदा तय कर लिया गया. दून पुलिस की जांच में सामने आया है कि करोड़ों की जमीन के विवाद ने इस खौफनाक वारदात को जन्म दिया था.घटना 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास की है, जहां जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी. गंभीर हालत में उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मृतक की मां बीना शर्मा समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया.

सीसीटीवी फुटेज और नाकेबंदी के आधार पर पुलिस ने दो शूटरों- राजू और पंकज राणा की पहचान की. रायपुर और डोईवाला क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. मौके से 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई. पूछताछ में आरोपियों ने 12 लाख रुपये में हत्या की सुपारी लेने की बात कबूल की है.

जांच में खुलासा हुआ कि करीब 14 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी डील और उस पर लगे कोर्ट स्टे को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि अर्जुन की मां ने 14 करोड़ की डील पर जमीन बेची और खरीदार से आठ करोड़ रुपये ले लिए लेकिन बेटे ने कोर्ट से इस बिक्री पर स्टे लगवा दिया. ऐसे में भुगतान होने के बावजूद कब्जा न मिलने से खरीदार की ओर नाराजगी बढ़ी जिसके बाद अर्जुन की मां ने उसके साथ मिलकर साजिश रच डाली. पुलिस के अनुसार मां बीना शर्मा, डॉ. अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने मिलकर ये योजना बनाई थी और तीन लाख रुपये एडवांस देकर शूटरों को हत्या के लिए तैयार किया.

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप कॉल डिटेल और मृतक की दिनचर्या की रेकी जैसे अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं. फिलहाल पांचों आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि घायल शूटर अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस इस पूरे मामले को प्रॉपर्टी लालच में रची गई सुनियोजित साजिश मान रही है और विस्तृत विवेचना जारी है.

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ देखने को बेताब पाकिस्तानी, बाजार में सरेआम ब‍िक रही मूवी, सामने आया वीड‍ियो

बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर का क्रेज पाकिस्तान में कितना है, ये किसी से छिपा नहीं है. अब एक यूट्यूबर ने रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ कराची के ब्लैक मार्केट में किस तरह बिक रही है, ये अपने वीडियो के माध्यम से बताया है.

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी एक्शन फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. सिनेमाघरों बाद ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर भी दुनिया भर में ट्रेंड कर रही है. हालांकि, फिल्म को लेकर एक हैरान करने वाली खबर पड़ोसी देश पाकिस्तान से आ रही है. जहां आधिकारिक तौर पर बैन होने के बावजूद वहां के ब्लैक मार्केट में छाई हुई है.

अब इसे धुरंधर का क्रेज कहे या भारतीय सिनेमा के लिए दीवानगी लेकिन आलम यह है कि कराची जैसे शहरों में लोग पायरेसी के जरिए इस फिल्म को बेहद मामूली कीमतों पर खरीदकर देख रहे हैं. इसी से जुड़ा एक वीडियो न्यूज़ीलैंड के एक यूट्यूबर और ब्लॉगर कार्ल रॉक ने शेयर किया है, जो अपने ट्रैवल व्लॉग और अपनी किताब ‘हाउ टू ट्रैवल इन इंडिया’ के लिए जाने जाते हैं.

ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर कार्ल रॉक ने अपने एक व्लॉग में पाकिस्तान के अंडरग्राउंड पायरेसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया. कार्ल कराची के सदर बाजार स्थित ‘रेनबो सेंटर’ पहुंचे. यह बाजार पाकिस्तान में पायरेटेड फिल्मों और गेमिंग का सबसे बड़ा अड्डा माना जाता है. वहां कार्ल ने देखा कि ‘धुरंधर’ का पोस्टर एक कंम्प्यूटर के डेक्सटॉप पर लगा हुआ था. जब उन्होंने दुकानदार से इसके बारे में पूछा, तो दुकानदार ने बताया कि यह भारत की सबसे नई और हिट फिल्म है.
व्लॉग के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कार्ल ने फिल्म की कीमत पूछी. दुकानदार ने बताया कि अगर आप इसे पेनड्राइव (USB) में लेते हैं, तो यह पाकिस्तानी 50 रुपये (यानी भारत में लगभग 16 रुपये) में मिल जाएगी, जबकि डीवीडी (DVD) पर इसकी कीमत करीब 300 रुपये है. इतनी कम कीमत सुनकर कार्ल भी दंग रह गए.

इसी दौरान कार्ल ने वहां मौजूद लोगों को रणवीर सिंह के बारे में एक खास बात भी बताई. उन्होंने कहा कि रणवीर असल में एक सिंधी हैं और उनके दादा-दादी विभाजन के समय इसी शहर (कराची) से भारत गए थे. उन्होंने रणवीर को भारत का एक बहुत मशहूर ‘सिंधी हीरो’ बताया.

IANS की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘धुरंधर’ पाकिस्तान में अब तक की सबसे ज्यादा पायरेटेड फिल्म बन गई है. दिसंबर में रिलीज होने के बाद सिर्फ दो हफ्तों के भीतर इसे पाकिस्तान में कम से कम 20 लाख (2 मिलियन) बार गैर-कानूनी तरीके से डाउनलोड किया गया. इस मामले में ‘धुरंधर’ ने रजनीकांत की ‘2.0’ और शाहरुख खान की ‘रईस’ जैसी बड़ी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है. पाकिस्तान के अलावा मिडिल ईस्ट के भी कुछ हिस्सों में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसकी वजह से मेकर्स को भारी नुकसान झेलना पड़ा है.

BIHAR : मुंह में डाला सिक्का, डांसर की बिगड़ी हालत… बिहार में दर्शकों की जिद से नाच प्रोग्राम में अफरातफरी

0

बिहार के आरा में एक नाच कार्यक्रम के दौरान एक छोटी सी लापरवाही महिला कलाकार की जान पर बन आई. दर्शकों का दिया गया सिक्का डांसर के गले में फंस गया, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया.

बिहार के आरा से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक नाच कार्यक्रम के दौरान खुशियों का माहौल अचानक अफरा-तफरी में बदल गया. स्टेज पर डांस कर रही एक महिला कलाकार ने दर्शकों द्वारा दिया गया सिक्का मुंह में रख लिया और वही सिक्का उसके लिए जानलेवा साबित हो गया. हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया.

घटना नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा टोला की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, इलाके में आयोजित एक नाच कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक महिला डांसर प्रस्तुति दे रही थी. कार्यक्रम के दौरान कुछ दर्शक उत्साह में आकर उसके मुंह में सिक्का पकड़ाने लगे.बताया जा रहा है कि इसी दौरान डांसर ने अनजाने में सिक्का निगल लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. कुछ ही देर में वह स्टेज पर असहज महसूस करने लगी और कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई.

सिक्का गले में फंसा है या पेट में चला गया है, डॉक्टर इसकी जांच कर रहे हैं. घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया.स्थानीय लोगों में चर्चा है कि स्टेज शो के दौरान दर्शकों द्वारा इस तरह की हरकतें कलाकारों के लिए खतरा बन सकती हैं. यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि क्या मनोरंजन के नाम पर कलाकारों की सुरक्षा के साथ लापरवाही हो रही है ?

फिलहाल महिला डांसर की हालत पर सभी की नजरें टिकी हैं. पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है.

ENTERTAINMENT : राम चरण और उपासना ने अपने जुड़वां बच्चों के नाम का किया खुलासा, बेहद ही प्यारा है मतलब भी

साउथ के सुपरस्टार एक्टर और उनकी वाइफ उपासना कोनिडेला 31 जनवरी को जुड़वां बच्चों के पेरेंट्स बने. पोस्ट शेयर कर कपल ने इस बारे में जानकारी दी है. अब इन्होंने अपने बच्चों का नामकरण किया है.

राम चरण और उपासना कोनिडेला ने हाल ही में अपने जुड़वां बच्चों का नामकरण किया. इस समारोह का आयोजन हैदराबाद स्थित कपल के घर पर हुआ था. कपल ने बताया कि उन्होंने बेटे का नाम शिवराम और बेटी का नाम अनवीरा देवी रखा है. वैरायटी इंडिया से बात करते हुए राम और उपासना ने अपने बच्चों के नाम के पीछे का अर्थ भी बताया.

राम चरण ने इसके बारे में बात करते हुए कहा,’इनका नामकरण हम दोनों के लिए एक बेहद निजी और आध्यात्मिक निर्णय था. उपासना और मैंने इस पर चर्चा की, लेकिन हमारे माता-पिता इस यात्रा का अहम हिस्सा थे. हमारी संस्कृति में बड़ों को ज्ञान और आशीर्वाद देने वाला माना जाता है. इसलिए इस प्रक्रिया में उनकी उपस्थिति हमारे लिए बहुत मायने रखती थी. हमारे बेटे का नाम शिवराम दो शाश्वत आदर्शों को बताता है-भगवान शिव और भगवान राम-संयम के साथ शक्ति, धर्म के साथ भक्ति. ये मेरे पिता के जन्म के नाम शिव शंकर वर प्रसाद को भी आगे बढ़ाता है, इसलिए इसमें वंश और कृतज्ञता का भाव समाहित है.’

हमारी बेटी का नाम अनवीरा देवी असीस साहस और दिव्य नारी शक्ति का प्रतीक है. वीरा वीरता का प्रतीक है और अन इसे असीमता तक विस्तारित करता है. देवी जानबूझकर जोड़ा गया है-ये याद दिलाने के लिए कि शक्ति और कृपा एक साथ मौजूद हो सकते हैं. हमारे लिए, ये नाम केवल पहचान नहीं है.ये शक्ति, प्रेम और साहस की इच्छा है.

उपासना ने इंटरव्यू के दौरान दूसरी बार मां बनने के बारे में भी खुलकर बात की. उपासना ने कहा,’पहली बार, सब कुछ नया होता है, खूबसूरत, लेकिन थोड़ा मुश्किल भी. इस बार, मैं बहुत ज्य़ादा शांत और स्थिर महसूस कर रही हूं. मैंने बहुत सी चीजों को छोड़ना सीख लिखा है, और अब मैं छोटी-छोटी बातों पर घबराती नहीं हूं. स्थिरता, नियमित दिनचर्या और बिना शर्त प्यार, यही सब कुछ है जो नन्हें मुन्नों को इस समय चाहिए.’

NATIONAL : ‘करंट लगाया और जबरन कबूल कराया’, यूपी की जेल में जज को कैदी ने बता दिया एनकाउंटर का असली सच

0

सहारनपुर में कथित फर्जी ‘हाफ एनकाउंटर’ मामले में जेल में जज की पूछताछ में कैदी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. कैदी ने कहा कि उसे जबरन उठाकर करंट दिया गया और पैर में गोली मारकर मारी.सहारनपुर में कथित फर्जी ‘हाफ एनकाउंटर’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में पुलिस के एनकाउंटर तरीकों पर सख्त टिप्पणी किए जाने के एक सप्ताह के भीतर देवबंद कोर्ट के एसीजीएम परविंदर सिंह खुद देवबंद जेल पहुंच गए.

उन्होंने एनकाउंटर में घायल कैदियों को लाइन में खड़ा कर पूछताछ की. इस निरीक्षण का वीडियो भी वायरल हो गया है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है. हालांकि पुलिस विभाग इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है.

जेल में पूछताछ के दौरान एक ऐसा कैदी सामने आया, जिसने कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है. जज ने उससे विस्तार से सवाल किए. कैदी का आरोप है कि उसकी सहारनपुर में तारीख थी और वह बागपत से आ रहा था. उसे शामली पार्क से उठा लिया गया. उसने दावा किया कि उसकी मोबाइल लोकेशन इसकी पुष्टि कर सकती है. आरोप है कि उसे चौकी ले जाकर करंट लगाया गया, मारपीट की गई और जबरन अपराध कबूल कराने का दबाव बनाया गया.

कैदी ने आगे कहा कि शाम के बाद उसे जंगल में ले जाया गया. फिर थाने से बाइक लाकर उसके पैर पर कपड़ा रखकर करीब 8 इंच की दूरी से गोली मारी गई. उसने आरोप लगाया कि बाद में पुलिस ने खुद कट्टे से फायरिंग कर मुठभेड़ का रूप दे दिया. जज ने जब पूछा कि गोली कैसे मारी गई, तो कैदी ने बैठकर पूरा घटनाक्रम दोहराया. अन्य ‘हाफ एनकाउंटर’ में घायल कैदियों से भी पूछताछ की गई.

एक सप्ताह पूर्व इलाहाबाद हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई. एनकाउंटर से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने कहा था कि उत्तर प्रदेश को ‘पुलिस राज्य’ बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने यह भी कहा था कि कुछ पुलिस अधिकारी समय से पहले प्रमोशन और प्रशंसा पाने के लिए आरोपियों के पैरों में गोली मारकर चोट पहुंचाते हैं. हाईकोर्ट ने DGP राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद की मौजूदगी में यह टिप्पणी की थी.

BUSINESS : धमाके की तैयारी! PhonePe के IPO को मिली मंजूरी, निवेशकों को मिलेगा कमाई का महा मौका

0

डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe को आईपीओ लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) से मंजूरी मिल गई है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर इसकी जानकारी दी है.

कंपनी ने इससे पहले पिछले साल सितंबर में अपने पब्लिक इश्यू के लिए कॉन्फिडेंशियल रूट्स के जरिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद जताई जा रही है कि वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसे कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स इस IPO के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकते हैं.

अमेरिकी रिटेल चेन वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली फिनटेक कंपनी PhonePe की शुरुआत साल 2015 में हुई. आज इसकी पॉपुलैरिटी कुछ इस कदर है कि यह भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) नेटवर्क पर टॉप पेमेंट्स प्लेटफॉर्म के तौर पर उभरा है. दिसंबर 2025 तक इस प्लेटफॉर्म का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से लगभग 45 परसेंट मार्केट शेयर है.

सेबी के पास जमा कराए गए अपने ड्राफ्ट पेपर्स में PhonePe ने साफ कहा है कि डिजिटल पेमेंट्स कंपनी की ग्रोथ के चालक बने रहेंगे. इस लिहाज से कंपनी प्लेटफॉर्म को बड़ा बनाते हुए यूजर्स की संख्या को बढ़ाने के साथ मार्केट में अपने पांव पसारने पर जोर दे रही है. वित्त वर्ष 2025 तक भारत में डिजिटल कंज्यूमर पेमेंट्स का टोटल एड्रेसेबल मार्केट 301 लाख करोड़ रुपये का रहा. 2030 तक इसके 602 से 681 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के डेटा से पता चलता है कि अगस्त में रिकॉर्ड किए गए कुल 2,160 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन में से 980 करोड़ ट्रांजैक्शन PhonePe के जरिए प्रोसेस किए गए. कंपनी ने 60 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स के साथ अपना एक बड़ा और मजबूत यूजर बेस बनाया है और यह देश भर में लगभग 5 करोड़ मर्चेंट्स को डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन देती है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

ENTERTAINMENT : दिल्ली में दिखी पुरानी दोस्ती की झलक, हेमा मालिनी से उनके नए घर में मिलने पहुंचे शत्रुघ्न सिन्हा, शेयर की तस्वीरें

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर में से एक माने जाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा हाल ही में ड्रीम गर्ल यानी हेमा मालिनी के दिल्ली वाले नए घर पर उनसे मिलने पहुंचे. एक्टर ने इस दौरान की तस्वीरें भी शेयर कीं.बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हेमा मालिनी को उनके दिल्ली वाले नए घर के लिए शुभकामनाएं दी हैं. गुरुवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर हेमा मालिनी के संग कुछ तस्वीरें शेयर कीं. तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि वो हेमा मालिनी से मिले थे.

इतना ही नहीं एक्टर ने तस्वीरों को शेयर करते हुए एक लंबा नोट भी लिखा. उन्होंने हेमा मालिनी के मेहमाननवाजी की जमकर तारीफ करने के साथ-साथ खाने की भी खूब तारीफ की. शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा,’ फैमिली फ्रेंड और एक महान लेडी हेमा मालिनी के दिल्ली वाले नए घर जाकर बेहद खुशी मिली.उन्होंने बेहद ही गर्मजोशी के संग स्वागत किया. साथ ही स्वादिष्ट साउथ इंडियन खाना भी खिलाया.’ शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने पोस्ट में हेमा मालिनी को हमेशा से बेहद प्यारी और ध्यान रखने वाली होस्ट बताया. साथ ही उन्होंने मुलाकात को बेहद सुखद बताया.’

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने एक्स अकाउंट पर दो तस्वीरें शेयर की हैं. एक तस्वीर में वो हेमा को फूलों का बुके दे रहे हैं, तो दूसरी तस्वीर में दोनों सिंपल पोज देते दिख रहे हैं. शत्रुघ्न सिन्हा और हेमा मालिनी की दूसरी तस्वीर में उनके पीछे दीवार पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेहद ही शानदार फ्रेम की हुई फोटो देखने को मिल रही है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है.

ये कोई पहला मौका नहीं है जब शत्रुघ्न सिन्हा को हेमा मालिनी और उनके परिवार से मिलते हुए देखा गया हो. इससे पहले भी धर्मेंद्र के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा अपनी वाइफ पूनम सिन्हा के संग दिवंगत एक्टर संग मिलने पहुंचे थे. उस दौरान भी एक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि वो अपने बड़े भाई और बेहद ही करीबी दोस्त का हालचाल जानने के लिए गए थे.

NATIONAL : मैं जिंदगी से…’, खगड़िया में नर्स ने की आत्महत्या, महिला थानाध्यक्ष सहित 4 लोगों पर लगाया आरोप

0

खगड़िया में एक नर्स ने बीते गुरुवार (12 फरवरी, 2026) की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी पहचान बेगूसराय के लोहिया नगर निवासी नंद कुमार सिंह की पुत्री भवानी कुमारी (उम्र 35-36 साल) के रूप में की गई. भवानी खगड़िया सदर अस्पताल में नर्स थी. आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा जिसमें बेगूसराय की महिला थानाध्यक्ष सहित चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाया है.

भवानी की शादी पिछले साल (2024) मुजफ्फरपुर में हुई थी. गुरुवार की सुबह अपने मायके से अस्पताल के लिए निकली थी. पिता नंद कुमार सिंह ने कहा कि दोपहर में उसे फोन किया गया था तो नहीं उठाई थी. शाम तक जब उसने फोन भी नहीं किया तो चिंता होने लगी. इसके बाद घर के खगड़िया स्थित उसके सरकारी आवास पर पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था. स्थानीय थाने को सूचना दी गई. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो भवानी फंदे से लटकी हुई थी.

भवानी ने सुसाइड नोट में अपने पति दिव्य प्रकाश सहित उसके पिता, भाई (देवर) पर गंभीर आरोप लगाया है. लिखा है कि पति मारपीट करता है. गाली-गलौज करता है. यहां तक कि खगड़िया सदर अस्पताल में भी आकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था. कई बार गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास कर चुका है. भवानी ने सुसाइड नोट में बेगूसराय महिला थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि जब भी वो शिकायत के लिए गई आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.


भवानी ने मां को संबोधित करते हुए सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं अब जिंदगी से ऊब चुकी हूं. अब मुझसे ये बर्दाश्त नहीं होगा इसलिए अब मैं जा रही हूं. मेरे मरने के बाद मेरे शरीर को ससुराल पक्ष को नहीं देना. मेरे खाते में जो पैसा है उस पैसे को दोनों भाई और बहन के काम में लगा देना. इसके बाद जो पैसा बचेगा उसे अनाथ आश्रम में दे देना.”

इस मामले में चित्रगुप्त थानाध्यक्ष चंद्रकांत ने बताया कि दरवाजा तोड़कर देखा गया तो भवानी कुमारी गले में फंदा लगाकर झूल रही थी. एफएसएल की टीम आज (शुक्रवार, 13 फरवरी, 2026) सुबह आकर जांच कर रही है. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. अभी तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी.

- Advertisement -

News of the Day