Friday, October 2, 2026
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NATIONAL : भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम खत्म, इस साल देश में सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई, वर्ष 2001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश है।

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भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम बुधवार को खत्म हो गया। इस साल देश में सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जून से सितंबर के बीच देश में कुल 759.4 मिलीमीटर बारिश हुई। वर्ष 2001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश है।

इस बार मानसून के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति में काफी अंतर देखने को मिला। पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर चारों महीनों में लगातार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

मानसून की शुरुआत ही रही कमजोर
आईएमडी के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, मानसून की शुरुआत कमजोर रही। जून और जुलाई के शुरुआती हिस्से में बारिश सामान्य से काफी कम रही। 15 जुलाई को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी बढ़कर 51.1 फीसदी तक पहुंच गई थी।  जुलाई के अंतिम हिस्से और अगस्त की शुरुआत में बारिश में कुछ सुधार हुआ। इससे कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन यह सुधार लंबे समय तक नहीं रहा।अगस्त के मध्य से बारिश फिर सामान्य से कम हो गई। 9 सितंबर को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी 36.3 फीसदी तक पहुंच गई थी। मानसून के अंतिम चरण में बारिश की कमी कुछ कम हुई, लेकिन शुरुआती महीनों में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में 25 फीसदी कमी
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश हुई। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश 24 फीसदी कम रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्य भारत में स्थिति लगभग सामान्य रही और यहां बारिश में 2 फीसदी की कमी रही।

राज्य और क्षेत्रवार देखें तो अरुणाचल प्रदेश में बारिश 44 फीसदी कम रही। असम और मेघालय में 39 फीसदी, बिहार में 32 फीसदी, पंजाब में 41 फीसदी, मराठवाड़ा में 39 फीसदी और केरल में 28 फीसदी की कमी दर्ज की गई। देश की 42 फीसदी भूमि क्षेत्र को कवर करने वाले 17 मौसम संबंधी उपखंडों में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई। वहीं, 53 फीसदी क्षेत्र को कवर करने वाले 18 उपखंडों में बारिश सामान्य रही।

अक्तूबर में भी कम बारिश का अनुमान
आईएमडी के अनुसार, सितंबर में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्तूबर में भी बारिश का यह असमान पैटर्न जारी रह सकता है। पूरे देश में अक्तूबर की बारिश दीर्घकालिक औसत की 85 फीसदी से कम रहने की संभावना है।

देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। अक्तूबर से दिसंबर के दौरान भी देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया गया है। इस अवधि में उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से अधिक रह सकती है।

नवंबर में चरम पर पहुंच सकता है अल नीनो
यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब अल नीनो की परिस्थितियां मजबूत हो रही हैं। आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा, “अल नीनो के नवंबर में चरम पर पहुंचने और उसके बाद कमजोर होने की संभावना है।” सितंबर में तापमान ने भी रिकॉर्ड बनाए। देश का औसत अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद सितंबर महीने का सबसे अधिक औसत अधिकतम तापमान है।

औसत न्यूनतम तापमान 23.39 डिग्री सेल्सियस रहा, जो अब तक का चौथा सबसे अधिक सितंबर औसत न्यूनतम तापमान है। वहीं, 27.72 डिग्री सेल्सियस का औसत तापमान 1901 के बाद सितंबर का पांचवां सबसे अधिक औसत रहा।

अक्तूबर में भी गर्मी से राहत के आसार कम

एम महापात्र के अनुसार, अक्टूबर में भी देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों और मध्य तथा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य रह सकता है। देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम या सामान्य रह सकता है।

रबी फसलों पर पड़ सकता है असर
कम बारिश और अधिक तापमान के इस संयोजन का असर सर्दियों में बोई जाने वाली फसलों के मौसम में मिट्टी की नमी पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं होगा। मानसून की कमी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रही है। मध्य, दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ वर्षा आधारित इलाकों में मिट्टी की नमी की कमी का दबाव अधिक हो सकता है।

GUJARAT : अरब सागर में बड़ा ‘ड्रग्स ऑपरेशन’: 3000 करोड़ रुपए की 526 किलोग्राम नशीली दवाएं ज़ब्त, 5 पाकिस्तानी तस्कर गिरफ्तार

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भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और गुजरात के आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) ने अरब सागर में समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला नशीला पदार्थ जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

भारतीय तटरक्षक बल ने एक बयान में कहा, “समुद्र में की गई एक तेज और निर्णायक कार्रवाई में भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के एटीएस के साथ मिलकर लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म नेटवर्क के मुख्य ठिकानों पर चोट करने वाली थी।”

पुख्ता जानकारी के आधार पर समुद्र और हवा से सटीक निगरानी करते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने 25 सितंबर को एक संदिग्ध ईरानी नाव का लगातार पीछा किया, उसे रोका और उस पर सवार होकर तलाशी ली।

अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में लगभग 526 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित सामान (हेरोइन और मेथामफेटामाइन) जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही, नाव चला रहे पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी तुरंत पकड़ लिया गया।

आईसीजी ने बताया कि पकड़ी गई नाव, उसके चालक दल और जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है, ताकि संयुक्त पूछताछ और कई एजेंसियों द्वारा मिलकर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

आईसीजी ने कहा, “ऑपरेशन की यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के समुद्र पर मजबूत दबदबे, कड़ी निगरानी व्यवस्था और भारत के समुद्री इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति के प्रति पक्के संकल्प को दिखाती है।”

बयान में कहा गया, “दुश्मन विदेशी गिरोहों की आर्थिक ताकत को कमजोर करके और जहरीले सिंथेटिक पदार्थों को मुख्य भूमि के तटों तक पहुंचने से पहले ही रोककर यह मिशन केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के राष्ट्रीय विजन को और मजबूत बनाता है। भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, देश के युवाओं को नशे की लत से बचाने और समुद्री क्षेत्र में पूरी सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमेशा तैयार है।”

NATIONAL : राहुल गांधी का आज बालाघाट दौरा, बीमारियों से मरने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से करेंगे मुलाकात

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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह गुरुवार को बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से मृत बैगा आदिवासी (विलुप्तप्राय जनजाति) बच्चों के स्वजन से भेंट करेंगे। उनका प्रवास करीब एक घंटे का रहेगा।

26 बच्चों की हो गई थी मौत
इस यात्रा के माध्यम से वह प्रदेश के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधा की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाएंगे। बैहर क्षेत्र में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 26 बच्चों की मौत अलग-अलग कारणों से पिछले माह हुई। इनमें अधिकतर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने भी प्रभावित गांवों में मृत बैगा आदिवासी बच्चों के स्वजन से भेंट की।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया मौत का आंकड़ा छिपाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि सरकार बच्चों की मौत के आंकड़े को छुपा रही है। वहां 41 से अधिक बच्चों की मौत बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हुई। टीकाकरण केवल कागजों में हुआ। राहुल गांधी जब 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में आए थे, तब पार्टी नेताओं ने उन्हें बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत सहित अन्य जिलों में विस्थापन व आदिवासियों के अधिकारों के हनन की जानकारी दी थी। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के गोंदिया से होते हुए जागला गांव पहुंचेंगे। यहां प्रभावितों से मिलने के बाद लौट जाएंगे।

मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग अति महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि राज्य की कुल आबादी का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा आदिवासी समुदाय का है। विधानसभा की 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस पार्टी जल, जंगल और जमीन के अधिकारों, पेसा नियमों के सही क्रियान्वयन और स्थानीय मुद्दों को उठाकर आदिवासियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शासनकाल में आदिवासियों के अधिकारों का हनन हुआ है। चुनावों में सभी आरक्षित सीटों पर दोनों दलों के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, जो राज्य में सरकार बनाने के समीकरण तय करता है।

SPORTS : भारत ने पहली बार 400 रन का टारगेट चेज किया, गिल की फास्टेस्ट डबल सेंचुरी, रोहित का 35वां शतक; वेस्टइंडीज से सीरीज जीती

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टीम इंडिया ने अपने 52 साल के वनडे इतिहास में पहली बार 400 रन से ऊपर का टारगेट चेज कर लिया है। गुवाहाटी में बुधवार को खेले गए सीरीज के दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 405 रन बनाए। जवाब में भारत ने 43.3 ओवर में 2 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। इसी के साथ भारत ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है।

कप्तान शुभमन गिल भारत की जीत के हीरो रहे। उन्होंने वनडे क्रिकेट की सबसे तेज डबल सेंचुरी बनाई। गिल ने 117 गेंदों पर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 133 बॉल पर नाबाद 223 रन बनाए। 26 चौके और 8 छक्के भी जमाए।

गिल ने रोहित शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 255 रन की पार्टनरशिप की। रोहित ने 35 वां शतक लगाया। उन्होंने 101 रन बनाए। विराट कोहली 29 रन बनाकर आउट हुए। गिल के साथ ऋतुराज गायकवाड 31 रन बनाकर नॉटआउट रहे।

गिल ने तोड़ा ईशान किशन का रिकॉर्ड

गिल ने सबसे तेज डबल सेंचुरी जमाने के मामले में भारत के ही ईशान किशन का रिकॉर्ड तोड़ा है। ईशान ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया था। यह गिल का दूसरा दोहरा शतक भी है। उन्होंने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 149 बॉल पर 208 रन बनाए थे।

सिर्फ साउथ अफ्रीका ने किया था 400+ के टारगेट को चेज

भारत से पहले वनडे क्रिकेट में 400 रन से ज्यादा का टारगेट सिर्फ साउथ अफ्रीका ने चेज किया था। साउथ अफ्रीका ने 2006 में जोहानसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन का टारगेट हासिल किया था।

रोहित ने 35वां वनडे शतक लगाया

रोहित शर्मा ने 72 गेंदों में अपना 35वां वनडे शतक पूरा किया।

NATIONAL : RSS ने देशभर में NRC लागू करने की मांग दोहराई, कहा- वोटर लिस्ट की जांच हो, कौन भारतीय नागरिक और कौन नहीं यह जानना जरूरी

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देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना को लेकर चल रही चर्चा के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक बार फिर पूरे देश में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) लागू करने की पुरजोर मांग उठाई है।

दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह बिल्कुल साफ होना चाहिए कि देश में कौन असली भारतीय नागरिक है और कौन नहीं?

NRC को लेकर क्या बोले आंबेकर?
कार्यक्रम के दौरान सुनील आंबेकर ने दो टूक कहा कि अगर किसी को एनआरसी (NRC) की प्रक्रिया पर कोई भी आपत्ति है, तो उनके लिए अदालत और कानून के रास्ते हमेशा खुले हैं। लेकिन सिर्फ राजनीतिक फायदों के लिए किसी भी गैर-नागरिक को भारतीय नागरिक मान लेना किसी भी कीमत पर सही नहीं है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में गलत तरीके से जोड़े गए गैर-नागरिकों की पहचान करना बेहद जरूरी है।


CAA के समर्थन में क्या बोले आंबेकर?
इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रचार प्रमुख ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों से भारत आए जो लोग CAA के तहत नागरिकता के पात्र हैं, उन्हें प्रक्रिया के तहत नागरिकता दी जानी चाहिए।

इसके साथ ही, उन्होंने पड़ोसी देशों में अब भी पीछे छूट गए एससी/एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों पर हो रहे अत्याचारों के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाने की बात कही।

अवैध प्रवास पिछली सरकार का किया घेराव
अपने संबोधन में आगे आंबेकर ने अवैध घुसपैठ और प्रवास के मुद्दे पर पिछली सरकारों का घेराव भी किया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने साल 1983 के ‘इलीगल माइग्रेंट्स एक्ट’ का विशेष रूप से जिक्र किया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद कर दिया था।

SPORTS : भारत वेस्टइंडीज वनडे 811 रन, 5 शतक, दोहरा शतक और बहुत सारे वर्ल्ड रिकॉर्ड, कभी नहीं देखा होगा ऐसा वनडे मैच

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इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच गुवाहाटी में दूसरा वनडे मैच खेला गया, जो किसी वीडियो गेम से कम नहीं था, क्योंकि अक्सर आप देखते होंगे कि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच की दोनों पारियों में एक-एक शतक जैसे-तैसे लगता है, लेकिन इस मैच में एक या दो नहीं, बल्कि 5 शतक लगे, जो कि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में पहली बार था। मैच में 811 रन बने। 5 शतक लगे। इनमें एक दोहरा शतक भी शामिल था और इस तरह कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बने। ऐसे में कहा जा सकता है कि शायद आपने भी ऐसा मैच नहीं देखा होगा।

वैसे तो वनडे क्रिकेट में पहले भी 400 से ज्यादा रनों की चेज हुई है। एक बार तो सक्सेजफुल भी 438 रनों की चेज हो चुकी है, लेकिन पहली बार ऐसा था कि 400 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी टीम ने 44वें ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। 350 से ज्यादा रनों की रन चेज में 9 का भी रन रेट किसी टीम का नहीं है, लेकिन भारत ने 9.33 के रन रेट से 406 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया। इस मैच में दोनों टीमों की ओर से कुल 811 रन बने, क्योंकि 405 रन वेस्टइंडीज ने बनाए और 406 रन भारत ने बना दिए।


एक दोहरे शतक समेत 5 शतक
इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज दूसरे वनडे मैच में कुल 5 शतक लगे, जिनमें एक दोहरा शतक था। दोहरा शतक अपने आप में कई वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ आया, जो शुभमन गिल ने जड़ा। वेस्टइंडीज की ओर से इस मैच में तीन शतक लगे, जबकि भारत की ओर से दो शतक आए। कैरेबियाई टीम के लिए जॉन कैम्पबेल, शाई होप और आमिर जंगू ने शतकीय प्रहार किया। इस पर रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने शतकों से पलटवार किया। गिल ने तो दोहरा शतक जड़ दिया। इससे पहले कभी भी एक वनडे मैच में 5 शतक नहीं लगे थे, जो अब वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
दोहरे शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड
वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में शुभमन गिल ने दूसरी बार दोहरा शतक लगाया। वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज का यह सबसे तेज डबल सैकड़ा है। 117 गेंदों में उन्होंने इसे पूरा किया, जो ईशान किशन के 126 गेंदों में पूरी की गई डबल सेंचुरी से 9 गेंद पहले आया। ये भी अपने आप में वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसके अलावा रन चेज में सबसे बड़ी पारी और बतौर कप्तान ओडीआई क्रिकेट में भी यह सबसे बड़ी पारी शुभमन गिल के बल्ले से आई। ये भी वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं।


वेस्टइंडीज की टीम ने पाटा पिच पर जब 405 रन बना दिए थे तो ऐसा लग रहा था कि भारत के लिए मुश्किल होगी, लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ मिलकर ऐसी नींव रखी, जिसे कोई हिला नहीं पाया। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी हुई। इस दौरान रोहित शर्मा 101 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि शुभमन गिल 223 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत ने इस सीरीज को अपने नाम कर लिया है।

NATIONAL : कॉमर्शियल सिलेंडर 70 रुपए महंगा, e-KYC नहीं तो आज से LPG सब्सिडी नहीं, AC-TV, फ्रिज महंगे; अक्टूबर में 10 बदलाव

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अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है। जिन ग्राहकों ने बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराया है, वे सब्सिडी वाले रेट पर गैस बुक नहीं कर पाएंगे। अक्टूबर महीने की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों के साथ हो गई है. इन बदलाव का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलेगा। 1 अक्टूबर से जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर महंगाई का बम फूटा है और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली से मुंबई तक बढ़ गई है, तो वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से फ्री निकासी की लिमिट से जुड़ा नियम भी बदल (ATM Rule Change) दिया गया है।

पहला बदलाव: LPG सिलेंडर हुआ महंगा

फेस्टिव सीजन की शुरुआत से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महंगाई का बड़ा झटका दिया है और 1 अक्टूबर 2026 को सुबह-सुबह LPG Cylinder महंगा कर दिया है। ये बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई है और दिल्ली में इसका दाम 62.50 रुपये बढ़कर अब 2,810 रुपये हो गया है। वहीं पटना में ये 3100 रुपये से भी महंगा हो गया है। हालांकि, 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई चेंज नहीं किया गया है।

दूसरा बदलाव: LPG e-KYC का नियम

एक ओर जहां Commercial LPG Cylinder Price Hike का झटका लगा है, तो वहीं 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा नया नियम भी लागू हो गया है। अब उन यूजर्स को LPG Subsidy पाने में दिक्कत पेश आ सकती है, जिन्होंने अपने एलपीजी कनेक्शन का आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी (LPG eKYC) पूरा नहीं किया है, ये अनिवार्य किया गया है।

तीसरा बदलाव: डीजल-ATF पर घटा ये Tax

1 अक्टूबर से देश में दूसरा बदलाव डीजल और हवाई ईंधन से जुड़ा हुआ लागू हो गया है। सरकार ने बुधवार को डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है और ये 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए लागू हो गई है। वहीं पेट्रोल (Petrol) पर इसे स्थिर रखा गया है। डीजल निर्यात पर लगने वाले SAED को 20 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं एटीएफ के निर्यात पर लगने वाला शुल्क भी पहली तारीख से 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

चौथा बदलाव: FD Rule चेंज

RBI कमर्शियल बैंकों द्वारा थोक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें तय करने और सार्वजनिक करने के तरीके में बदलाव कर रहा है। नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गए हैं। संशोधित फ्रेमवर्क के तहत, बैंकों को अपनी थोक जमा दरें पहले से ही सार्वजनिक करनी होंगी। उन्हें हरदिन सुबह 10 बजे लागू थोक जमा दरों की जानकारी भी देनी होगी। बैंकों को आम तौर पर समान थोक जमा पर एक ही ब्याज दर देनी होगी। हालांकि, वे अलग-अलग स्थितियों के आधार पर दरों में अंतर कर सकते हैं।

पांचवां बदलाव: NPS के नियम में बदलाव

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एनपीएस लाइट के तहत ग्राहकों से प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) द्वारा वसूले जाने वाले शुल्कों में संशोधन किया है। संशोधित शुल्क 1 अक्टूबर से लागू हो रहे हैं. नई संरचना के तहत, पीओपी के माध्यम से रजिस्‍ट्रेशन करने वाले ग्राहक को हर PRAN के लिए 200 रुपये का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क देना होगा। यह 200 रुपये का शुल्क ग्राहक के खाते से एकमुश्त राशि के रूप में नहीं काटा जाएगा।

छठा बदलाव:  SBI ATM विद्ड्रॉल का नियम

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई अपने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्‍डर्स के लिए अन्य बैंकों के ATMs और ऑटो डिपॉजिट विड्रॉल मशीनों (ADWM) पर एसबीआई डेबिट कार्ड का उपयोग करने पर उपलब्ध मुफ्त मासिक लेनदेन की संख्या में संशोधन कर रहा है। संशोधित नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे. सभी एसबीआई वेतन पैकेज खाता प्रकारों के लिए, अन्य बैंकों के एटीएम पर मुफ्त लेनदेन की संख्या सभी केंद्रों पर प्रति माह 10 से घटाकर पांच कर दी जाएगी। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों के लिए, एक महीने में चार बार कैश निकासी निःशुल्क रहेगी, जिसके बाद प्रत्येक लेनदेन पर 15 रुपये + जीएसटी का शुल्क लगेगा।

सातवां बदलाव: NRI निवेश

अभी तक किसी प्रवासी भारतीय से संपत्ति खरीदना सामान्य संपत्ति सौदों की तुलना में थोड़ा अधिक कागजी कार्रवाई वाला होता है, लेकिन 1 अक्टूबर से इसका प्रॉसेस बदल रहा है, क्योंकि आयकर विभाग प्रवासी खरीदारों के लिए टीडीएस प्रक्रिया को सरल बना रहा है। पहली तारीख से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को टीडीएस के लिए अलग से टैक्स कटौती और TNN की जरूरत नहीं होगी.। इसके बजाय, खरीदार अपने पैन (PAN Card) का उपयोग करके TDS की कटौती, जमा और रिपोर्टिंग कर सकेंगे।

आठवां बदलाव: PUC के बिना पेट्रोल-CNG नहीं

दिल्ली-NCR में पेट्रोल पंपों पर गाड़ी में Petrol या CNG भरवाने से पहले अब सिर्फ जेब में पैसे होना काफी नहीं होगा। 1 अक्टूबर से अगर आपकी गाड़ी का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं है, तो फ्यूल लेने में दिक्कत आ सकती है। यानी गाड़ी लेकर पेट्रोल पंप पहुंचने से पहले अब एक और चीज चेक करनी होगी- आपके वाहन का PUC वैध है या नहीं। सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस व्यवस्था को लागू किया है। CAQM के मुताबिक, पहली तारीख से पूरे NCR में बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने का प्रावधान लागू हो गया है।

नौवां बदलाव: लाइफ सर्टिफिकेट का नियम

1 अक्‍टूबर से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का समय शुरू हो रहा है। अगर आप पेंशन का लाभ पाना चाहते हैं तो आपको लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करना होगा। यह हर साल अक्‍टूबर से जमा होना शुरू होता है।

दसवां बदलाव: 16 दिन बैंक हॉलिडे

अक्टूबर महीने में अगर बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो फिर आरबीआई की बैंक हॉलिडे लिस्ट देखकर ही घर से निकलें। अगले महीने प्ताहिक अवकाशों को मिलाकर कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे। दशहरा, गांधी जयंती समेत अनेक मौकों पर बैंक ब्रांच बंद रहेंगी। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम सर्विस के जरिए लेन-देन या बैंकिंग काम निपटाए जा सकते हैं। 

NATIONAL : तिरुवनंतपुरम में यूथ कांग्रेस-SFI कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी, एकदूसरे पर मशालें फेंकीं, पुलिस का लाठीचार्ज, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर निकला था मार्च

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केरल की राजधानी स्थित ‘यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल’ के पास युवा कांग्रेस और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार शाम भारी झड़प हो गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और जलती हुई मशालें फेंकीं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हॉस्टल के भीतर प्रवेश करना पड़ा।

पलायम स्थित विश्वविद्यालय के पुरुष छात्रावास के निकट युवा कांग्रेस और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव और जलती मशालें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को नियंत्रित किया।

यह हिंसा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर महाधिवक्ता कार्यालय की ओर युवा कांग्रेस के मार्च के दौरान हुई।

विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने बुधवार को आरोप लगाया कि छात्रावास में हुई हिंसा युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ‘एकतरफा हमला’ था और दावा किया कि छात्रावास के अंदर एसएफआई के सदस्यों और छात्रों को निशाना बनाया गया।

पुलिस ने छात्रावास में प्रवेश किया

इसके बाद पुलिस विश्वविद्यालय के छात्रावास में दाखिल हुई और वहां मौजूद लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

आरोप थे कि हस्तक्षेप के दौरान कई छात्र घायल हो गए। उपलब्ध जानकारी में चोटों की गंभीरता और प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई।

युवा कांग्रेस विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही थी?

युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सचिवालय मार्च का आयोजन किया था।

यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के प्रति राजनीतिक विरोध और चुनाव संचालन संबंधी आरोपों की पृष्ठभूमि में हो रहा था। चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए विशिष्ट आरोपों और प्रतिक्रियाओं की अलग से पुष्टि करनी होगी।

यह घटना इस बात को उजागर करती है कि प्रतिद्वंद्वी छात्र या युवा समूह जब एक-दूसरे से भिड़ते हैं तो राजनीतिक प्रदर्शन कितनी जल्दी हिंसक रूप ले सकते हैं।

वर्णित घटनाक्रम में हॉस्टल से कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, प्रदर्शनकारियों ने जलती हुई मशालों से जवाबी कार्रवाई की, और झड़पें हुईं और पुलिस ने हस्तक्षेप किया।

जब तक पुलिस की जांच या अन्य स्वतंत्र साक्ष्य हिंसा के लिए जिम्मेदारी स्थापित नहीं कर देते, तब तक परस्पर विरोधी आरोपों को स्थापित तथ्यों से अलग माना जाना चाहिए।

NATIONAL : 2 अक्टूबर का ‘नो UPI डे’ कैंसिल, वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद व्यापारिक संगठनों ने फैसला वापस लिया, UPI चार्ज टालने की मांग

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2 अक्टूबर को तमाम रिटेलर्स UPI-MDR चार्जेस के खिलाफ No UPI Day मनाकर विरोध प्रदर्शन करने वाले थे. लेकिन अब ये विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है. क्योंकि हाल ही में रिटेलर्स बॉडी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत की है. जिसके बाद ये अहम फैसला किया गया है.

दरअसल बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक बैठक हुई थी, इस बैठक में व्यापारिक समुदाय ने 2 हजार रुपये से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर लगने वाले 0.4% शुल्क को लेकर अपनी सरकार के सामने रखीं. जिसके बाद इस विरोध प्रदर्शन को रद्द कर दिया गया है.बैठक में कौन- कौन था शामिल?
इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 20 व्यापार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चांदनी चौक से सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने किया. व्यापारियों ने कहा कि प्रस्तावित शुल्क से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर एक्स्ट्रा वित्तीय बोझ पड़ सकता है और डिजिटल पेमेंट को अपनाने की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है.

सरकार से मांगी स्पष्टता
अपनी सारी बातों को सरकार के सामने रखने के बाद, तमाम प्रतिनिधियों ने सरकार से प्रस्तावित शुल्क को लेकर सबकुछ स्पष्ट करने कोकहा है. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा है कि इस फैसले पर अमल करने से पहले व्यापारिक समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखा जाए.

इससे पहले ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने शुल्क के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने की घोषणा की थी. हालांकि, वित्त मंत्री के साथ चर्चा के बाद दोनों संगठनों ने अपना विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम वापस लेने का फैसला किया है.

किस फैसले का किया जा रहा विरोध
बता दें कि 15 सितंबर को सरकार ने घोषणा की थी कि, अब 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट के ऊपर 0.4% का MDR चार्ज लगाया जाएगा. ये चार्ज मर्चेंट से लिया जाएगा, लेकिन ग्राहकों पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ेगा. इस शुल्क 15 अक्तूबर से लागू होने वाला है. जिसको लेकर तमाम व्यापारी संगठन लगातार विरोध कर रहे थे. उनका कहना है कि सरकार के इस फैसले से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर असर पड़ेगा.

GUJARAT : सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज, सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल

गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा इलाके से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। पति-पत्नी के एक खूनी खेल का पर्दाफाश 4 साल बाद तब हुआ, जब पुलिस ने घर के आंगन की खुदाई करके इंसानी कंकाल बरामद किए।

इस सनसनीखेज मामले में आरोपी पति-पत्नी ने मिलकर अपनी ही परिवार की तीन महिलाओं सास, नानी और बहन की बेरहमी से हत्या कर दी थी और मौत को बीमारी या कोरोना का नाम देकर राज को दफना दिया था।

किस-किस की हुई थी हत्या?
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य आरोपी माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला हैं। वहीं जिन तीन महिलाओं की हत्या की गई, वे आपस में उनके परिवार से जुड़ी थीं। उनकी पहचान भगवतीबेन वसावा, उर्मिला की बहन, मंजुलाबेन भक्तिराम साधु, माधवदास की मां और शांताबेन गंभीरभाई वसावा उर्मिला की नानी के रूप में हुई है।
एक-एक कर ऐसे रची गई खौफनाक साजिश
25 फरवरी 2022 पहली हत्या- पुलिस के अनुसार, माधवदास और उर्मिला ने मिलकर उर्मिला की बहन भगवतीबेन का तकिए से मुंह दबाकर कत्ल कर दिया। भगवतीबेन पहले से ही टीबी से पीड़ित थीं। इसका फायदा उठाकर आरोपियों ने मौत को बीमारी से हुई स्वाभाविक मौत बता दिया और शव को दफना दिया।
दूसरी हत्या 19 जुलाई 2022- इस बार माधवदास की अपनी मां मंजुलाबेन को निशाना बनाया गया। वह पैरालिसिस के कारण बिस्तर पर थीं। दंपती ने उनका भी तकिए से मुंह दबाकर दम घुट दिया और बीमारी से मौत बताकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

तीसरी हत्या 7 अक्टूबर 2022- उर्मिला की नानी शांताबेन गंभीरभाई वसावा को सोते समय इसी तरह मौत के घाट उतार दिया गया।

ऐसे छिपाया था शव
गौर करने वाली बात यह है कि शांताबेन की हत्या के बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने उनके शव को एक ड्रम में रखा और उसमें तीन बोरी सीमेंट व पानी डालकर उसे पूरी तरह सील कर दिया।

करीब साढ़े तीन महीने बाद उन्होंने उस ड्रम को खोला और सीमेंट के उस भारी ब्लॉक समेत शव को घर के आंगन में 4-5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया। ऊपर से पक्की सीमेंट की परत बिछा दी ताकि किसी को शक न हो। रिश्तेदारों और पड़ोसियों को यह झूठ बोला गया कि शांताबेन की मौत कोरोना से हुई है और उस समय कोरोना नियमों का हवाला देकर मामला दबा दिया गया।

ऐसे खुला राज और फिर….
बता दें कि यह पूरा खूनी राज तब खुला जब हाल ही में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद हो गया। माधवदास अपनी पत्नी को फंसाने के लिए खुद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस के पास पहुंच गया। उसने पुलिस से शिकायत की कि उसकी पत्नी उर्मिला और उसके चचेरे भाई अफजल ने शांताबेन की हत्या की है।

पुलिस ने जब चचेरे भाई अफजल से पूछताछ की, तो उसकी कोई संलिप्तता सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस का शक माधवदास पर गहरा गया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो माधवदास टूट गया और उसने मान लिया कि उसने पत्नी को फंसाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी और इन तीनों हत्याओं में वह और उसकी पत्नी खुद शामिल थे।

आंगन की खुदाई में मिले कंकाल
फिर क्या? माधवदास की निशानदेही पर पुलिस और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने वडफालिया स्थित उस घर के आंगन में खुदाई शुरू की। सीमेंट की मोटी परत तोड़कर जब 4-5 फीट नीचे खुदाई की गई, तो वहां से मानव कंकाल बरामद हुए। पुलिस ने कंकालों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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