Tuesday, March 17, 2026
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NATIONAL : गैस नहीं मिली… शादी के रिसेप्शन से एक रात पहले बदला मेन्यू, 1500 मेहमानों के लिए लकड़ी की भट्टी पर बने ‘दाल-बाफले’

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इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सात समंदर पार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की शादियों में भी नजर आने लगा है. गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के बीच भोपाल में एक दूल्हा-दुल्हन ने अपने रिसेप्शन का पूरा मेन्यू ही बदल दिया. आधुनिक डिशेज की जगह मेहमानों को लकड़ी की भट्टी पर बने पारंपरिक दाल-बाफले परोसे गए.

इजरायल-ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक हालात का असर राजधानी भोपाल की रसोई गैस सप्लाई पर भी पड़ा है. गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से फूलमाली समाज के रोहित माली के रिसेप्शन में अंतिम समय पर खाने का पूरा मेन्यू बदलना पड़ा.दरअसल, भोपाल के ईटखेड़ी स्थित स्वयंवर मैरिज गार्डन में आयोजित एक विवाह समारोह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. दूल्हे रोहित माली ने बताया कि रिसेप्शन के लिए 18 से 20 तरह के अलग-अलग व्यंजन तैयार करने की योजना थी.

इसके लिए करीब 18-20 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की जरूरत थी. लेकिन जब रिसेप्शन के एक दिन पहले तक सिलेंडर का इंतजाम नहीं हो पाया, तो परिवार और हलवाई के बीच हड़कंप मच गया.

गैस न मिलने की स्थिति में रिसेप्शन से ठीक एक दिन पहले सारा आधुनिक मेन्यू कैंसिल कर दिया गया. 1200 से 1500 मेहमानों के खाने के लिए ऐसे व्यंजन का चुनाव किया गया, जिसे बिना गैस यानी लकड़ी की भट्टी पर बनाया जा सके. रातों-रात दाल-बाफले और लड्डू बनाने के लिए लकड़ी और सामग्री का इंतजाम किया गया.

मैरिज गार्डन में गैस चूल्हों की जगह लकड़ी की भट्टियां धधकाई गईं. मेहमानों के लिए तैयार किए गए दाल-बाफले का स्वाद लोगों को खूब पसंद आया, लेकिन यह बदलाव प्रशासन और सरकार के लिए भी एक संकेत है कि ईंधन की किल्लत किस हद तक आम आदमी के खास आयोजनों को प्रभावित कर रही है.

NATIONAL : सोशल मीडिया पर दोस्ती, न्यू ईयर और माउंट आबू में पार्टी… नाबालिग से रेप, तीन महीने बाद वायरल हुआ वीडियो

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अहमदाबाद की 17 वर्षीय नाबालिग से माउंट आबू में न्यू ईयर पार्टी के दौरान दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद 14 साल की सहेली और उसके दोस्त ने वारदात को अंजाम दिया और तीन महीने बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पढ़ें पूरी कहानी.

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर होने वाली दोस्ती कई बार बेहद खतरनाक साबित होती है. गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. मामला जुड़ा है एक 17 साल की नाबालिग लड़की से. जिसे इंस्टाग्राम पर दोस्ती करने की भारी कीमत चुकानी पड़ी. न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने उसे बाहर ले जाया गया, जहां उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया. इतना ही नहीं, आरोपी ने इस शर्मनाक घटना का वीडियो भी बना लिया था. तीन महीने बाद वही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरा मामला सामने आया.

पुलिस के मुताबिक पीड़िता अहमदाबाद के राणीप इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है. करीब एक साल पहले उसकी दोस्ती गांधीनगर के कलोल में रहने वाली 14 साल की नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम पर हुई थी. सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई और दोनों अक्सर बातचीत करने लगीं. करीब चार महीने तक बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा. इस दौरान दोनों के बीच भरोसा भी बढ़ता गया. लेकिन पीड़िता को अंदाजा नहीं था कि यह दोस्ती आगे चलकर उसकी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगी.

30 दिसंबर 2025 को 14 साल की सहेली ने पीड़िता को फोन किया और बताया कि वह 31 दिसंबर को अपने दोस्तों के साथ माउंट आबू में न्यू ईयर मनाने जा रही है. उसने पीड़िता को भी साथ चलने के लिए कहा. दोस्ती के भरोसे पर पीड़िता इस प्रस्ताव के लिए तैयार हो गई. इसके बाद वह अपनी नाबालिग सहेली और उसके 22 वर्षीय दोस्त दिव्येश के साथ ट्रेन से राजस्थान के माउंट आबू पहुंची. वहां तीनों ने एक होटल में कमरा लिया. शुरू में सब कुछ सामान्य लग रहा था और तीनों नए साल की पार्टी मनाने की तैयारी कर रहे थे.

माउंट आबू के होटल में तीनों एक ही कमरे में पार्टी कर रहे थे. इस दौरान 14 साल की सहेली और उसका दोस्त दिव्येश बीयर पी रहे थे. पीड़िता को भी थम्स अप में मिलाकर बीयर दी गई. पीड़िता को लगा कि वह सामान्य सॉफ्ट ड्रिंक पी रही है, लेकिन थोड़ी देर बाद उसे नींद आने लगी. शराब के असर से वह बेहोश हो गई. इसी दौरान आरोप है कि दिव्येश ने उसके साथ रेप किया. इतना ही नहीं, इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया.

कुछ समय बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने देखा कि उसके कपड़े बिखरे पड़े हैं. उसे तुरंत शक हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है. उसने दिव्येश और अपनी नाबालिग सहेली से इस बारे में पूछा, लेकिन दोनों ने कोई साफ जवाब नहीं दिया. इस बात से घबराकर पीड़िता वहां से निकल गई. बाद में वह अकेले ही ट्रेन से वापस अहमदाबाद लौट आई. उस समय उसे पूरी घटना का अंदाजा नहीं था, लेकिन उसके मन में गहरी बेचैनी जरूर थी.

घटना के करीब तीन महीने बाद 11 मार्च 2026 को पीड़िता अपने घर पर थी. तभी उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देखा जिसने उसके होश उड़ा दिए. उस वीडियो में 22 साल का दिव्येश उसके साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए नजर आ रहा था. यही नहीं, वीडियो में उसकी 14 साल की सहेली भी दिखाई दे रही थी, जो पीड़िता के शरीर के संवेदनशील हिस्सों को छू रही थी. यह देखकर पीड़िता पूरी तरह से टूट गई. उसे समझ आ गया कि उसके साथ क्या हुआ था.

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी घटना का वीडियो 14 साल की नाबालिग सहेली ने अपने मोबाइल फोन से बनाया था. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद पीड़िता ने अपनी 14 साल की सहेली और उसके दोस्त दिव्येश के ख़िलाफ़ रानीप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने 22 साल के दिव्येश को गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस ने गैंगरेप के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है, और 14 साल की सहेली को भी आरोपी बनाया गया है.

पुलिस फ़िलहाल इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो को इंस्टाग्राम पर किसने अपलोड किया और इसका मक़सद क्या था? यह अभी भी जांच का विषय है कि क्या नाबालिग सहेली ने ही इसे अपलोड करके वायरल किया था या किसी और ने ऐसा किया था.

LUCKNOW : लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास भीषण एक्सीडेंट: 100 की रफ्तार में बुलेट, एक पहिये पर स्टंट और खत्म हो गई जिंदगी!

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लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास 100 की रफ्तार में बुलेट से स्टंट कर रहे SDO के 17 वर्षीय बेटे नैतिक की सड़क हादसे में मौत हो गई. बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट की बाइक चला रहा किशोर स्कूटी से टकराकर डिवाइडर से जा भिड़ा, जिसका लाइव वीडियो साथी के कैमरे में कैद हो गया.लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में रविवार सुबह बाइक (बुलेट) से स्टंट कर रहा पॉवर कॉर्पोरेशन के एसडीओ का बेटा स्कूटी से टकरा गया. इसके बाद डिवाइडर से जा भिड़ा. इस भीषण हादसे में उसकी मौत हो गई. वहीं, उसका भाई और स्कूटी सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

मूलरूप से बाराबंकी के कोठी सरायमीर के रहने वाले एसडीओ राम इकबाल नोएडा में तैनात हैं. उनका बेटा नैतिक (17) भाई पारस और मां के साथ गोमतीनगर विस्तार के विशेष खंड में रहता था. रविवार सुबह नैतिक बाइक से भाई पारस के साथ जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने 100 से अधिक रफ्तार में बाइक दौड़ा रहा था. तभी वह पार्क के गेट नंबर पांच के सामने एक पहिये के बल पर स्टंट करने लगा और सामने से आ रही स्कूटी से टकरा गया.

टक्कर इतनी तेज थी कि नैतिक की बाइक अनियंत्रित हो गई और करीब दस मीटर तक वह भाई के साथ घिसटते हुए सड़क किनारे डिवाइडर से जा भिड़ा. हेलमेट नहीं पहनने के कारण नैतिक का सिर डिवाइडर से टकराकर फट गया. वहीं, पारस और स्कूटी सवार आदित्य श्रीवास्तव व कृष्ण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना से अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने चारों को अस्पताल पहुंचाया. वहां नैतिक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. वहीं, तीन अन्य घायलों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया गया.

पूरी घटना नैतिक के साथ स्पोर्ट बाइक से स्टंट कर रहे साथी के हेलमेट पर लगे कैम रिकॉर्डर में कैद हो गई थी. हादसे में वह भिड़ते हुए बचा था. वहीं नैतिक की बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी.घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने ‘आज तक’ को बताया कि मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है. फिलहाल घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है.

जांच में पता चला है कि जिस बुलेट से हादसा हुआ उस पर नंबर प्लेट नहीं थी जिससे अंदेशा है कि बाइक हाल ही में की गई थी. पुलिस के मुताबिक, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 18 साल के कम उम्र के नाबालिग को गियर वाली बाइक चलाने की अनुमति नहीं है. 16 से 18 वर्ष के किशोर केवल 50 सीसी तक के बिना गियर वाले वाहन ही चला सकते हैं, वह भी लाइसेंस के साथ. नाबालिग के हाथ में वाहन देने पर अभिवाहक को 25 हजार का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.

नैतिक के पास मिले मोबाइल से पुलिस ने घटना की जानकारी उसके घरवालों को दी. पुलिस के कहने के बावजूद पोस्टमाॅर्टम के लिए मना करते हुए घरवाले नैतिक का शव लेकर शाम को बाराबंकी गांव चले गए. वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

NATIONAL : हरीश राणा दुनिया से विदा होने के बाद कई लोगों को दे जाएंगे नई जिंदगी! पड़ोसी ने बताई पिता की वह बात

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गाजियाबाद के हरीश राणा मामले में एक मानवीय पहल सामने आई है. पड़ोसी दीपांशु मित्तल ने बताया कि करीब ढाई साल पहले हरीश के पिता अशोक राणा ने अंगदान और देहदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली थी. परिवार चाहता था कि बेटे के जाने के बाद भी उसके अंग किसी जरूरतमंद को जीवन दे सकें. अब सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एम्स में चल रही प्रक्रिया के बीच यह पहल चर्चा में है.

गाजियाबाद के हरीश राणा इस समय चर्चा में हैं. पिछले 13 सालों से एक ही घर की चौखट के भीतर चल रही एक लंबी और मौन लड़ाई अब अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है. अदालत की अनुमति के बाद जब हरीश राणा को दिल्ली के एम्स पहुंचने की बात उनके पड़ोसियों को पता चली तो सबके चेहरों पर सिर्फ उदासी दिखी. उनके पड़ोसी दीपांशु मित्तल बताते हैं कि एक लंबे कष्ट से गुजर रहा युवक अब मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, उसके जाने के बाद शायद कई और लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिल सकेगी.

दीपांशु मित्तल, जो राजनगर एक्सटेंशन की सोसाइटी में रहने के साथ-साथ RWA के एक्जीक्यूटिव मेंबर भी हैं, बताते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने बहुत करीब से देखा है. उनके मुताबिक राणा परिवार की सोच और संवेदनशीलता ही इस कहानी को एक अलग आयाम देती है. दीपांशु कहते हैं कि करीब ढाई साल पहले हरीश राणा के पिता अशोक राणा ने उनसे एक ऐसी बात पूछी थी, जिसने उन्हें भी कुछ पल के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया था.

दीपांशु बताते हैं कि करीब ढाई साल पहले हरीश के पिता अशोक राणा जी ने मुझसे देहदान और अंगदान की प्रक्रिया के बारे में पूछा था. मैं दधीची देहदान समिति से जुड़ा हुआ हूं, जो देशभर में अंगदान और बॉडी डोनेशन के लिए लोगों को जागरूक करती है. उसी वजह से उन्होंने मुझसे संपर्क किया था . उनके अनुसार उस समय अशोक राणा ने सिर्फ जानकारी लेने के अंदाज में पूछा था कि अगर कभी ऐसी स्थिति आए तो क्या हरीश के अंगदान संभव हो सकते हैं. दीपांशु कहते हैं, मैंने उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई थी. बताया था कि अंगदान के लिए डॉक्टरों की एक टीम निर्णय लेती है और यह तभी संभव होता है जब मेडिकल स्थिति उसके अनुकूल हो. उस समय उन्होंने बस इतना कहा था कि अगर संभव हो तो हरीश के जाने के बाद किसी और को जीवन मिलना चाहिए.

दीपांशु कहते हैं कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे के लिए मौत मांगना शायद दुनिया का सबसे कठिन फैसला होता है. लेकिन हरीश राणा के परिवार की कहानी कुछ ऐसी ही पीड़ा से भरी रही है. पिछले 13 वर्षों से हरीश राणा एक ऐसी अवस्था में जीवन बिता रहे थे, जहां वे न बोल सकते थे, न चल सकते थे और न ही सामान्य जीवन जी सकते थे. दीपांशु कहते हैं, परिवार पिछले कई वर्षों से हर दिन यह देख रहा था कि उनका बेटा किस तरह कष्ट में है. डॉक्टरों ने भी उम्मीद बहुत पहले ही छोड़ दी थी. ऐसे में परिवार ने जो फैसला लिया, वह किसी भी दृष्टि से आसान नहीं था. उनके अनुसार परिवार की एक ही इच्छा थी कि जिस बेटे ने इतने वर्षों तक कष्ट सहा, उसे अब शांति मिल सके. अदालत की मंजूरी के बाद इस मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी. इसके बाद हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाया गया.

खास बात यह रही कि उन्हें एंबुलेंस के बजाय परिवार अपने निजी वाहन से लेकर गया. दीपांशु बताते हैं, कोर्ट के आदेश के बाद हरीश को एम्स ले जाया गया और अब वहां डॉक्टरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. परिवार के लिए यह बहुत भावनात्मक समय है. उनके मुताबिक इस समय राणा परिवार मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है.

हरीश राणा की कहानी दरअसल 13 साल पहले शुरू हुई थी, जब एक हादसे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. बताया जाता है कि चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी. लंबे इलाज के बावजूद वह कभी सामान्य जीवन में वापस नहीं लौट सके. धीरे-धीरे उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि वे कोमा जैसी अवस्था में चले गए. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें वेंटिलेटर के सहारे जिंदा रखा गया. इन वर्षों में उनके पिता अशोक राणा और मां ने बेटे की देखभाल को ही अपनी जिंदगी का केंद्र बना लिया. दवाइयों से लेकर रोजमर्रा की देखभाल तक हर जिम्मेदारी परिवार ने खुद निभाई.

राजनगर एक्सटेंशन की जिस सोसाइटी में राणा परिवार रहता है, वहां के लोग इस संघर्ष के गवाह रहे हैं. दीपांशु बताते हैं कि सोसाइटी के कई लोग समय-समय पर परिवार का हालचाल लेने जाते थे. हम सबने देखा है कि पिछले 13 सालों में इस परिवार ने किस तरह अपने बेटे की सेवा की. कई बार लोग कहते थे कि इतनी लंबी लड़ाई कोई कैसे लड़ सकता है, लेकिन राणा परिवार ने कभी हार नहीं मानी. उनके मुताबिक इस सेवा भावना ने पूरे इलाके में लोगों के दिलों में परिवार के लिए सम्मान पैदा कर दिया.

हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया. इस वीडियो में ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ी कुछ बहनें राणा परिवार के घर पहुंचती दिखाई देती हैं. वे हरीश के माथे पर चंदन का तिलक लगाती हैं और उनके लिए प्रार्थना करती हैं. बताया जाता है कि राणा परिवार लंबे समय से इस आध्यात्मिक संस्था से जुड़ा हुआ है. दीपांशु के मुताबिक उस दिन माहौल बेहद भावुक था. घर में मौजूद लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन सभी यह भी महसूस कर रहे थे कि अब शायद हरीश को शांति मिलने वाली है.

जब यह खबर फैली कि अदालत की अनुमति के बाद हरीश राणा को इच्छामृत्यु दी जाएगी, तो सोसाइटी में एक अजीब-सी खामोशी छा गई. कई लोगों ने इसे एक युग के अंत की तरह देखा. दीपांशु कहते हैं, हरीश पिछले 13 साल से इसी हालत में थे, लेकिन वह हमारे बीच थे. अब जब यह सब हो रहा है, तो सोसाइटी के लोग भी भावुक हो रहे हैं.

NATIONAL : गर्लफ्रेंड के गाल पर रंग लगाने से भड़का बॉयफ्रेंड, युवक के गले में घोंपा पेचकस, फिर ट्रैक पर लेटाया

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पानीपत में होली के दिन लापता हुए 23 वर्षीय युवक की मौत का मामला हत्या निकला. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि होली के दौरान हुए विवाद और पुरानी रंजिश के चलते उसके तीन दोस्तों ने साजिश रचकर उस पर हमला किया और उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

हरियाणा के पानीपत में होली के दिन लापता हुए 23 साल के कालू की मौत की गुत्थी को रेलवे पुलिस ने सुलझा लिया है. जिसे पहले एक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश और नृशंस हत्या निकली. जीआरपी पुलिस ने इस मामले में मृतक के ही गांव महमूदपुर के रहने वाले तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पुरानी रंजिश और होली पर हुए विवाद का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया.

रेलवे पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गांव महमूदपुर निवासी संजू, राहुल और विशाल को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन तीनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी संजू ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था.

वारदात वाले दिन यानी होली पर कालू ने संजू की गर्लफ्रेंड को रंग लगा दिया था. इस बात से संजू बुरी तरह भड़क गया था और उसने उसी वक्त कालू को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था. संजू ने बताया कि एक बार कालू उसकी बाइक मांग कर ले गया था, जिसका एक्सीडेंट हो गया. एक्सीडेंट में बाइक काफी टूट गई थी, लेकिन कालू ने उस नुकसान की भरपाई नहीं की.

पानीपत जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि आरोपियों ने कालू को मारने के लिए बाकायदा योजना बनाई. शाम के समय संजू उसे घर से बुलाकर ले गया. तीनों आरोपियों ने कालू के साथ शराब पार्टी की. उन्होंने खुद बहुत कम शराब पी, लेकिन कालू को जबरन जमकर शराब पिलाई गई ताकि वह खुद को संभाल न सके. जब कालू पूरी तरह नशे में धुत हो गया, तो आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर रेलवे ट्रैक के पास ले गए. वहां संजू ने कालू की गर्दन पर दो बार पेंचकस से वार किए. हालांकि, इसके बावजूद कालू की जान नहीं निकली.

थाना प्रभारी ने बताया कि जब पेंचकस के वार से कालू नहीं मरा, तो आरोपियों ने कालू के हाथ-पैर पकड़े और उसे रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच लेटा दिया. कालू नशे और चोट के कारण विरोध करने की स्थिति में नहीं था. आरोपियों के वहां से हटते ही तेज रफ्तार ट्रेन आई और कालू का शरीर क्षत-विक्षत हो गया.घटना के बाद पुलिस को रेलवे ट्रैक के पास कालू का शव मिला था. रेलवे पुलिस ने जब जांच शुरू की और संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन खंगाले, तो संजू और उसके साथियों की मौजूदगी घटनास्थल के पास पाई गई. कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों टूट गए और पूरी सच्चाई बयां कर दी.

NATIONAL : हैदराबाद में दिल दहला देने वाली वारदात, मां ने तकिए से दबाकर किया 14 महीने की बेटी का कत्ल, हैरान कर देगी वजह

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हैदराबाद के रिसाला बाजार इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां रमजान के कपड़ों को लेकर हुए विवाद के बाद मां ने अपनी 14 महीने की बेटी को तकिए से दबाकर मार डाला. अब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. पढ़ें एक बेरहम मां की पूरी कहानी.

हैदराबाद से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक मां पर अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या का आरोप लगा है. यह घटना शहर के रिसाला बाजार इलाके की बताई जा रही है, जो गोलकोंडा पुलिस थाना क्षेत्र में आता है. बताया जा रहा है कि घर में रमजान के त्योहार को लेकर कपड़े खरीदने की बात पर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई थी. यह मामूली बहस धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई. इसी विवाद के बाद जो हुआ उसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला की पहचान गौसिया बेगम के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि पति से झगड़े के बाद वह बेहद गुस्से में थी. इसी दौरान उसने ऐसा कदम उठा लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. आरोप है कि गुस्से में आकर उसने अपनी ही 14 महीने की मासूम बेटी को तकिए से दबा दिया. मासूम बच्ची कुछ ही देर में दम घुटने की वजह से बेहोश हो गई. जब तक परिवार के लोगों को इस बात का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

बताया जा रहा है कि बच्ची को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक का माहौल फैल गया. पड़ोसी और स्थानीय लोग भी इस घटना से हैरान हैं. किसी को यकीन नहीं हो रहा कि एक मां अपने ही बच्चे के साथ ऐसा कर सकती है. यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इस दर्दनाक घटना से हैरान परेशान हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही गोलकोंडा पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि विवाद के पीछे असल वजह क्या थी और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था. फिलहाल इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि रमजान के लिए कपड़े खरीदने को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था. इसी झगड़े के बाद गुस्से में आकर महिला ने कथित तौर पर यह खौफनाक कदम उठाया. हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी. फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गुस्से का एक पल किस तरह पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर सकता है.

SPORTS : रोहित शर्मा नहीं हैं बेस्ट, विराट कोहली का चौंकाने वाला बयान आया सामने, जानें पूरा माजरा

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विराट कोहली के अनुसार टी20 के बेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज रोहित शर्मा नहीं हैं. उन्होंने सचिन तेंदुलकर को भी नजरअंदाज कर दिया.

रोहित शर्मा टी20 क्रिकेट के सबसे बेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज नहीं हैं. ये कहना है उनके अच्छे दोस्त विराट कोहली का. आपने बिल्कुल सही जाना, विराट कोहली नहीं मानते कि रोहित टी20 के सर्वश्रेष्ठ ओपनर हैं. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू में अपने ओपनिंग पार्टनर रह चुके क्रिस गेल को टी20 का बेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज बताया है.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें विराट कोहली ने ‘This or That’ चैलेंज में भाग लिया. उनसे 2 खिलाड़ियों के बीच चुनने के लिए कहा गया और जिस भी खिलाड़ी को वे चुनते उसकी तुलना फिर किसी अन्य खिलाड़ी से की जाती. इस पूरे चैलेंज के अंत में उन्होंने क्रिस गेल को टी20 का बेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज बताया.

सबसे पहले उनसे सुनील नरेन और एडम गिलक्रिस्ट में से चुनने के लिए कहा गया, विराट ने गिलक्रिस्ट को चुना, फिर ट्रेविस हेड को चुना. उन्होंने हेड को नजरअंदाज कर वीरेंदर सहवाग का चयन किया, जिसके बाद कई सारे नाम आए, लेकिन कोहली ने सहवाग के नाम की रट लगाए रखी. मगर जब क्रिस गेल का नाम सामने आया तो उन्होंने सहवाग का साथ छोड़ दिया. यहां तक कि विराट ने टी20 में सहवाग को सचिन तेंदुलकर से भी बेहतर ओपनिंग बैट्समैन बताया.

अंत में विराट कोहली को क्रिस गेल और रोहित शर्मा में से किसी एक का चयन करना था. टी20 में बेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज के लिए उन्होंने रोहित शर्मा को नजरअंदाज कर क्रिस गेल को चुना.

अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में बतौर ओपनर रोहित शर्मा और क्रिस गेल के आंकड़ों की तुलना करें तो रोहित काफी आगे हैं. रोहित ने अपने टी20 करियर में भारत के लिए 124 मैचों में ओपनिंग करते हुए 32.61 के औसत से 3750 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 143.02 का है. दूसरी ओर गेल ने वेस्टइंडीज के लिए बतौर ओपनर 59 टी20 मैचों में 31.32 के औसत से 1660 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 141.76 का रहा.

ENTERTAINMENT : स्टेज पर ‘फ्री फ्लिस्तीन’ का नारा सुन Priyanka Chopra ने दिया ऐसा रिएक्शन………..

ऑस्कर 2026 में ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा भी बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं. इस दौरान स्टेर पर फ्री फिलिस्तीन का नारा सुनकर एक्ट्रेस ने ऐसा रिएक्शन दिया जो अब वायरल हो रहा है.

98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने भी बतौर प्रेजेंटर शिरकत की. उनके लुक के खूब चर्चे हो रहे हैं. वहीं लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित इस इवेंट के दौरान, होस्ट कोनन ओ’ब्रायन ने एक्ट्रेस को मंच पर बुलाया, जहां उन्होंने स्पेनिश एक्टर जेवियर बार्डेम के साथ मिलकर ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर’ फिल्म कैटेगिरी के विनर्स का नाम अनाउंस किया. इस दौरान एक्ट्रेस ने जेवियर बार्डेम के फ्री फ्लिस्तीन कहने पर हैरान कर देने वाला रिएक्शन दिया.

दरअसल ऑस्कर प्रेजेंट करने के लिए स्टेज पर प्रियंका चोपड़ा संग जेवियर बार्डेम पहुंचे थे.. इस दौरान बार्डेम ने एक स्ट्रॉन्ग पॉलिटिकल मैसेज भी दिया. एक्टर ने कहा, “नो टू वॉर एंड फ्री फिलिस्तीन.” ये सुनकर थिएटर में मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियाँ बजाईं. वहीं

बार्डेम के इस स्टेटमेंट के बाद उनके पास में खड़ी प्रियंका चोपड़ा ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाकर अपना रिएक्शन दिया. जिसके बाद दोनों ने अवॉर्ड देने का सिलसिला आगे बढ़ाया और ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ के पुरस्कार के लिए सेंटिमेंटल वैल्यू का नाम अनाउंस किया.

BUSINESS : सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट का दौर, आज फिर इतना सस्ता हुआ सोना; जानें अपने शहर का ताजा रेट…

घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोमवार, 16 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोना-चांदी किस रेट पर बिक रहा है….

घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोमवार, 16 मार्च को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 1200 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था.

एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा 1,57,347 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,58,466 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

सुबह करीब 9:45 बजे, गोल्ड वायदा 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,57,270 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,57,347 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोना-चांदी किस रेट पर बिक रहा है….

चांदी की कीमत

एमसीएक्स पर 5 मई 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 1.29 फीसदी या 3335 रुपये की गिरावट के साथ 2,56,100 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,55,101 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,56,158 रुपये था.

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी आज 2,749 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 27,490 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,799 रुपये चल रही है.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,800 रुपए
22 कैरेट – 1,46,490 रुपए
18 कैरेट – 1,19,880 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,650 रुपए
22 कैरेट – 1,46,340 रुपए
18 कैरेट – 1,19,730 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,61,010 रुपए
22 कैरेट – 1,47,590 रुपए
18 कैरेट – 1,23,990 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,650 रुपए
22 कैरेट – 1,46,340 रुपए
18 कैरेट – 1,19,730 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,700 रुपए
22 कैरेट – 1,46,390 रुपए
18 कैरेट – 1,19,780 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,800 रुपए
22 कैरेट – 1,46,490 रुपए
18 कैरेट – 1,19,880 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,700 रुपए
22 कैरेट – 1,46,390 रुपए
18 कैरेट – 1,19,780 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,700 रुपए
22 कैरेट – 1,46,390 रुपए
18 कैरेट – 1,19,780 रुपए

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ENTERTAINMENT :गोविंदा के सपोर्ट में उतरे डेविड धवन, एक्टर के सेट पर लेट आने पर बोले,- ‘कौन सा एक्टर लेट नहीं आता?’

मशहूर फिल्ममेकर डेविड धवन ने हाल ही में ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में एक्टर गोविंदा की जमकर तारीफ की साथ ही उन्होंने गोविंदा के सेट पर देर से आने को लेकर खुलकर बात की.

द ग्रेट इंडियन कपिल शो के सीजन 4 का फिनाले एक मजेदार एपिसोड के साथ खत्म हुआ, जिसमें बाप-बेटे की जोड़ी डेविड धवन और वरुण धवन नजर आए. इस एपिसोड में खूब हंसी-मजाक हुआ और डेविड धवन ने अपने फिल्मी करियर की कई यादें शेयर कीं. उन्होंने गोविंदा के साथ की गई 17 हिट फिल्मों का जिक्र किया और उनके साथ काम करने के अनुभव भी बताए. साथ ही उन्होंने सेट पर देर से आने की अफवाहों के बीच गोविंदा का सपोर्ट किया और उनकी शानदार एक्टिंग की तारीफ की.

एपिसोड में डेविड धवन ने कहा कि उन्होंने गोविंदा के साथ 17 फिल्मों में काम किया है और उन्हें वो अब तक के बेहतरीन एक्टर्स में से एक लगते हैं. वहीं, वरुण ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब भी कोई नया सीन लिखा जाता है, तो उनके पिता को सबसे पहले ‘ची-ची भैया’ यानी गोविंदा की याद आ जाती है. वो अक्सर कहते हैं कि अगर गोविंदा होते तो इस सीन को कैसे करते.

बता दें. डेविड धवन ने गोविंदा के सेट पर देर से आने की अफवाहों पर उनका सपोर्ट किया. उन्होंने कहा कि आजकल कौन सा एक्टर लेट नही आता. कई कलाकार देर से आते हैं, लेकिन गोविंदा हमेशा अपना काम पूरा करके ही जाते हैं और अपने काम को लेकर हमेशा प्रोफेशनल रहे हैं.

डेविड धवन ने फिल्म पार्टनर की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर अपने सीन की पूरी तैयारी करके सेट पर आते थे. एक बार चार पेज का लंबा सीन था, जिसे गोविंदा ने ध्यान से पढ़ा और कहा कि पहले उन्हें सीन करने दिया जाए.

डेविड धवन के मुताबिक, गोविंदा ने वो पूरा सीन सिर्फ एक ही टेक में शानदार तरीके से कर दिया. उस दौरान उन्होंने कई तरह के मूव्स भी किए, जिसे देखकर सब हैरान रह गए. बाद में गोविंदा ने मजाक में कहा कि अब इस सीन को जैसे चाहें वैसे एडिट कर लें. डेविड धवन ने उनकी जमकर तारीफ करते हुए कहा कि गोविंदा सच में कमाल के एक्टर हैं. गोविंदा के साथ-साथ डेविड धवन ने भरोसेमंद कलाकार परेश रावल, कादर खान, शक्ति कपूर, सतीश कौशिक और अनुपम खेर की भी तारीफ की.

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