Monday, May 4, 2026
Home Blog

WORLD : ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ट्रंप ने किया खारिज, बोले- जो चाहता हूं, उस पर खरा नहीं उतरता

ईरान ने अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के लिए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा था। इसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध के स्थायी अंत और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए नियम की मांग की गई थी। हालांकि, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस 14 सूत्रीय प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। यह प्रस्ताव वर्तमान संघर्ष विराम को अधिक टिकाऊ समाधान में बदलने की दिशा में एक कूटनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा था।

इ्स्राइली समाचार आउटलेट ‘कैन न्यूज’ से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि प्रस्ताव की विस्तृत समीक्षा के बाद भी वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए अस्वीकार्य है। मैंने इसको पढ़ा है, मैंने सब कुछ का पढ़ा है – यह अस्वीकार्य है।” द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, “ईरान एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन मैं उनके प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हूं और कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे मैं सहमत नहीं हो सकता।”

ट्रंप बोले- ईरान ने अभी बड़ी कीमत नहीं चुकाई
डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान ईरान के प्रस्ताव पर उनके संदेह की पुष्टि करता है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ईरान ने मानवता और दुनिया के साथ पिछले 47 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उसकी अभी बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।

क्या है ईरान का 14-प्वाइंट प्रस्ताव?
ईरान का कहना है कि वह केवल युद्धविराम नहीं बल्कि पूरी तरह से युद्ध खत्म करना चाहता है। इसके लिए उसने 30 दिनों के भीतर सभी मुद्दों का समाधान करने की बात रखी है। इस प्रस्ताव में कुछ प्रमुख मांगें शामिल हैं-
अमेरिका और उसके सहयोगियों से भविष्य में हमला न करने की गारंटी
ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की वापसी
ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति को वापस करना
ईरान पर से सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना
युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई (रेपरेशन)
लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करना
होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नया नियंत्रण तंत्र
इसके अलावा, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने का अधिकार भी मांगा है।

ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की जताई संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ बातचीत विफल होने पर भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या हमले फिर से शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा था, “अगर वे गड़बड़ करते हैं, अगर वे कुछ बुरा करते हैं तो यह एक संभावना है जो हो सकती है।”

SPORTS : विनेश फोगाट बोलीं वो बृजभूषण यौन उत्पीड़न मामले की हैं सर्वाइवर, गोंडा के टूर्नामेंट को लेकर जताई आशंकाएं

0

ओलंपियन और भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार को सोशल मीडिया पर अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफ़आई) के एक रैंकिंग टूर्नामेंट को लेकर कई आशंकाएं ज़ाहिर की हैं.

साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि वो डब्ल्यूएफ़आई के पूर्व अध्यक्ष “बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली 6 महिला सर्वाइवर्स में से एक हैं.”

विनेश फोगाट ने कहा कि डब्ल्यूएफ़आई ने एक रैंकिंग टूर्नामेंट के आयोजन का एलान किया है जो बृजभूषण शरण सिंह के क्षेत्र गोंडा में आयोजित किया जा रहा है.विनेश ने अपनी सुरक्षा के साथ-साथ इस टूर्नामेंट के निष्पक्ष होने पर गहरी आशंकाएं ज़ाहिर की हैं.के अध्यक्ष संजय सिंह ने अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि वह उनकी सुरक्षा की ‘व्यक्तिगत तौर पर गारंटी’ देंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विनेश जो कि एक कांग्रेस विधायक भी हैं, उनको इस मुद्दे पर पॉलिटिकल नहीं होना चाहिए.

विनेश फोगाट ने अपने अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी किए गए एक वीडियो में ख़ुद के सर्वाइवर होने की बात बताते हुए कहा कि यह मामला अभी अदालत में है और इसकी सुनवाई जारी है लेकिन परिस्थितयां ऐसी बन गई हैं कि उन्हें मजबूरी में यह बताना पड़ रहा है.

विनेश के इस बयान पर यह समाचार पब्लिश किए जाने तक बृजभूषण शरण सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. ऐसी प्रतिक्रिया या इस मुद्दे से जुड़ा कोई भी बयान आता है तो हम उसे ख़बर में शामिल करेंगे.

बता दें कि 2023 में डब्ल्यूएफ़आई के तत्कालीन अध्यक्ष और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वालीं महिला पहलवानों में विनेश फोगाट भी शामिल थीं.

WORLD : ईरान तनाव के बीच इजरायल की ताकत में भारी इजाफा, US से खरीदेगा F-35I और F-15IA फाइटर जेट, जानें कितने खतरनाक?

इजरायल रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि यह विमान इजरायल सेना के लिए लंबे समय तक के विकास की आधारशिला को मजबूत करेंगे. साथ ही बदलते क्षेत्रिय खतरों का सामना करेंगे.

इजरायल अमेरिका से F-35I और F-15IA लड़ाकू विमान के दो और स्क्वाड्रन खरीदेगा. यह घोषणा रविवार को इजरायल रक्षामंत्री ने की है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि इस सप्ताह के आखिर में सीनियर मंत्रियों से बनी एक डिफेंस डील कमिटी ने रक्षा मंत्रालय की योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत लॉकहीड मार्टिस से चौथाF-35I स्क्वाड्रन और बोइंग से दूसरा F-15IA स्क्वाड्रन खरीदा जाएगा. इन सौदों की कीमत अरबों में है.

अलजजीरा के मुताबिक, मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि यह विमान इजरायल सेना के लिए लंबे समय तक के विकास की आधारशिला को मजबूत करेंगे. साथ ही बदलते क्षेत्रिय खतरों का सामना करेंगे. रक्षामंत्रालय के महानिदेशक अमीर बाराम ने अमेरिका में मौजूद मंत्रालय के मिशन को निर्देश दिया है कि वे आने वाले समय में अमेरिकी सरकार और सैन्य समकक्षों के साथ डील को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे.

इसके साथ ही आने वाले सालों में विमानों में शामिल होने से इजरायल वायुसेना के F-35I बेड़े की संख्या बढ़कर 100 हो जाएगी. F-15IA बेड़े की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी. इजरायल के पास 48 संख्या के F-35I विमान हैं. यह 50 विमानों के शुरुआती ऑर्डर का हिस्सा थे.2023 में 25 और F-35 विमानों का ऑर्डर दिया गया था. इनकी डिलीवरी 2028 से शुरू होने की उम्मीद है. इज़राइल ने 2024 में 25 F-15IA विमानों का ऑर्डर दिया. इनमें से पहले विमानों की डिलीवरी 2031 से शुरू होने की उम्मीद है.

इजरायल के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के साथ हाल ही में हुए युद्ध ने एक बार फिर इजरायली वायुसेना की शक्ति और इजरायल की सुरक्षा को उसकी निर्णायक भूमिका को प्रदर्शित किया है.

बाराम ने बताया कि युद्धकाल की तत्काल खरीद जरूरतों के साथ-साथ हमारी यह भी जिम्मेदारी है कि हम अभी से ऐसे कदम उठाएं, जिनसे दस साल बाद और उसके आगे तक IDF की सैन्य बढ़त सुरक्षित बनी रहे. इसके अलावा ऑपरेशन रोरिंग लायन ने साबित किया है कि अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंध महत्वपूर्ण हैं. साथ ही उन्नत हवाई शक्ति भी जरूरी बनी हुई है. अमेरिका से 6,500 टन सैन्य सामान लेकर जहाज इजरायल पहुंचे हैं.

NATIONAL : मुंबई में एक कार चालक ने चार लोगों को कुचला, एक की मौत, घटना सीसीटीवी में हुई कैद

0

पुलिस के मुताबिक- कार नंबर MH01DT7823 का ड्राइवर मुकेश प्रदीप सिंह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गेट नंबर 4 के सामने एक शख्स आसिफ अहमद शेख को और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गेट नंबर 6 के सामने तीन पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी.

मुंबई (Mumbai Car Accident) के कफ परेड में एक कार ने चार लोगों को टक्कर मारी, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई है. पुलिस के मुताबिक- कार नंबर MH01DT7823 का ड्राइवर मुकेश प्रदीप सिंह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गेट नंबर 4 के सामने एक शख्स आसिफ अहमद शेख को और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गेट नंबर 6 के सामने तीन पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी. घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. पूरी तरह से ये ड्राइवर की लापरवाही का मामला दिख रहा है.

हादसे में नवी मुंबई पुलिस कमिश्नरेट में कार्यरत 36 साल के वरिष्ठ क्लर्क प्रसेनजीत गौतम ढडसे की मृत्यु हो गई
जबकि 43 साल के नितेश कुमार मंडल, एजीएम, भारतीय रिजर्व बैंक और 35 साल के सुजय कुमार विश्वास, एसबीआई कैपिटल के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट घायल हुए हैं. घायलों का बंबई अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर के खिलाफ 179/2022 . के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

SPORTS : रोमांचक मुकाबले में सुंदर ने लगाया गुजरात का बेड़ा पार, पंजाब किंग्स दूसरा मैच हारी

0

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 46वें मैच में गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स को 4 विकेट से हराया। गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 163 रन बनाए।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) में रविवार (3 मई) को गुजरात टाइटंस ने पंजाब किंग्स को 4 विकेट से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हो गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 163 रन बनाए। सूर्यांश शेडगे की शानदार अर्धशतकीय पारी के दमपर पंजाब किंग्स 160 के पार पहुंच पाई। जेसन होल्डर ने गुजरात टाइटंस के लिए 4 विकेट झटके।

गुजरात टाइटंस ने 19.5 ओवर में 6 विकेट पर 167 रन बनाए। गुजरात के मध्यक्रम के खराब प्रदर्शन के कारण मैच आखिरी ओवर तक गया। गुजरात को 18 गेंद पर 24 रन चाहिए थे। वाशिंगटन सुंदर और जेसन होल्डर क्रीज पर थे। 18वें ओवर में 7 और 19 वें ओवर में 6 रन बने और होल्डर आउट। आखिरी ओवर में 11 रन चाहिए थे। मैच का नतीजा कुछ भी सकता था। मार्कस स्टोइनिस ने आखिरी ओवर किया। आखिरी 2 गेंद पर 3 रन चाहिए थे। सुंदर ने पांचवीं गेद पर छक्का जड़कर मैच खत्म किया। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के 10 मैच में 12 अंक हो गए। वह पांचवें नंबर पर है। पंजाब किंग्स इस सीजन दूसरा मैच हारी और 13 अंकों के साथ पहले नंबर पर है।

पंजाब किंग्स के लिए सूर्यांश शेडगे ने 29 गेंद पर 57 रन बनाए। मार्कस स्टोइनिस ने 31 गेंद पर 40 रन बनाए। मार्को यानसेन 11 गेंद पर 20 रन बनाए। श्रेयस अय्यर ने 21 गेंद पर 19 रन बनाए। प्रभसिमरन सिंह 15 रन बनाए। प्रियांश आर्या ने 2 रन बनाए। विजयकुमार वैशाख और अर्शदीप सिंह 1-1 रन बनाकर नाबाद रहे। नेहल वढेरा और कूपर कोनोली खाता नहीं खोल पाए। गुजरात टाइटंस के लिए जेसन होल्डर ने 4 विकेट झटके। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट झटके। राशिद खान ने 1 विकेट लिए।

गुजरात टाइटंस के लिए साई सुदर्शन ने 41 गेंद पर 57 रन बनाए। वाशिंगटन सुंदर ने 23 गेंद पर नाबाद 40 रन बनाए। जोस बटलर ने 22 गेंद पर 26 और निशांत सिंधू ने 15 रन बनाए। शुभमन गिल और जेसन होल्डर ने 5-5 रन बनाए। राहुल तेवतिया 2 रन बनाकर आउट हुए। अरशद खान 8 रन बनाकर नाबाद रहे। पंजाब किंग्स के लिए अर्शदीप सिंह और विजयकुमार वैशाख ने 2-2 विकेट लिए। मार्को यानसेन और मार्कस स्टोइनिस ने 1-1 विकेट लिए।

NATIONAL : जज अमन शर्मा के खिलाफ रची गई थी साजिश? IAS निधि और पत्नी स्वाति पर आई आफत, FIR में क्‍या जोड़ा कनेक्‍शन

0

न्यायिक अधिकारी जज अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर FIR संख्या 152/26 दर्ज की है. इस हाई-प्रोफाइल केस में जज की पत्नी स्वाति मलिक और उनकी बहन आईएएस निधि मलिक समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 61(2) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और साजिश की जांच कर रही है.

बंद दरवाजों के पीछे सिसकता कानून का एक रखवाला और बाहर रसूख की दीवारों के बीच बुनी जा रही एक कथित साजिश. जज अमन शर्मा की मौत कोई साधारण खुदकुशी नहीं बल्कि एक रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान बनती दिख रही है. पिता के चीखते बयानों और पुलिस की FIR ने अब उस सिस्टम की जड़ों को हिला दिया है, जिसमें एक तरफ खुद न्यायिक अधिकारी स्वाति मलिक थीं तो दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में तैनात ताकतवर IAS साली निधि मलिक. आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ कि पिता बाहर दरवाजा पीटते रहे और रसूखदार रिश्तेदार बच्चों को लेकर रफूचक्कर हो गए? क्या वाकई एक जज को मौत के फंदे तक धकेलने के लिए कोई बड़ी बिसात बिछाई गई थी? अब FIR की धाराओं ने इस मामले में पत्नी और आईएएस साली के कनेक्शन को जिस तरह जोड़ा है, उसने सत्ता और न्याय के गलियारों में खलबली मचा दी है.

IAS स्‍वाति और जज की पत्‍नी पर एफआईआर में क्‍या है?
जज अमन शर्मा के पिता की शिकायत पर दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में FIR संख्या 152/26 दर्ज की गई है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 61(2) के तहत दर्ज इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पिता ने अपनी शिकायत में जज अमन की पत्नी स्वाति मलिक, जो खुद एक न्यायिक अधिकारी हैं और उनकी बहन निधि मलिक (IAS अधिकारी, जम्मू-कश्मीर) को मुख्य आरोपी बनाया है. इसके अलावा स्वाति मलिक के माता-पिता और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. पिता का आरोप है कि इन लोगों के मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक हस्तक्षेप के कारण उनके बेटे ने जान दी. फिलहाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहन जांच कर रही है.

उस रात की पूरी कहानी
दिल्ली में न्यायिक अधिकारी (जज) अमन शर्मा की आत्महत्या की दुखद घटना की जांच कर रही पुलिस के सामने जज की बहन के ससुर ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. उनके बयानों ने अमन शर्मा की पत्नी स्वाति और उनकी आईएएस (IAS) साली निधि मलिक को सीधे तौर पर सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. घटनाक्रम की शुरुआत 1 मई की रात करीब 10 बजे हुई जब जज अमन शर्मा ने राजस्थान के अलवर में रहने वाले अपने पिता को फोन किया. फोन पर अमन की आवाज में भारी दर्द और हताशा थी. उन्होंने अपने पिता से कहा, “मैं बहुत परेशान हूं, मेरा जीना मुश्किल हो गया है.” बेटे की ऐसी बातें सुनकर पिता का दिल बैठ गया और उन्होंने तुरंत दिल्ली आने का फैसला किया. रात करीब 12 बजे वे ग्रीन पार्क स्थित अमन के आवास पर पहुंचे.

NATIONAL : ભારતે અવકાશમાં એક નોંધપાત્ર છલાંગ લગાવી, વિશ્વનો પ્રથમ OptoSAR ઉપગ્રહ લોન્ચ કર્યો.

0

બેંગલુરુ સ્થિત સ્પેસ સ્ટાર્ટઅપ ગેલેક્સીઆઈએ રવિવારે કેલિફોર્નિયાથી ફાલ્કન 9 રોકેટ પર તેના મિશન દ્રષ્ટિ ઉપગ્રહનું સફળતાપૂર્વક પ્રક્ષેપણ કર્યું, જે ભારતના ખાનગી અવકાશ ઇકોસિસ્ટમ માટે એક મહત્વપૂર્ણ ક્ષણ છે. ઉપગ્રહના પ્રક્ષેપણને વિકસિત ભારત તરફના બીજા પગલા તરીકે જોવામાં આવે છે.

નવી દિલ્હી: બેંગલુરુ સ્થિત ખાનગી અવકાશ સ્ટાર્ટઅપ ગેલેક્સીઆઈ દ્વારા વિકસિત મિશન દ્રષ્ટિ ઉપગ્રહને રવિવારે સ્પેસએક્સ ફાલ્કન 9 રોકેટ પર સફળતાપૂર્વક પ્રક્ષેપણ કરવામાં આવ્યું. તે ભારે હવામાન આફતો, કૃષિ અને સરહદ દેખરેખની અસરને અસરકારક રીતે સંબંધિત છબીઓ પ્રદાન કરશે. વડા પ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ X-પોસ્ટ દ્વારા ગેલેક્સીઆઈના સ્થાપકો અને સમગ્ર ટીમને અભિનંદન અને શુભેચ્છા પાઠવી.

પીએમ મોદીએ ઇન્સ્ટાગ્રામ પર પોસ્ટ કરીને લખ્યું, “ગેલેક્સીઆઈ દ્વારા લોન્ચ કરાયેલ મિશન દ્રષ્ટિ, અવકાશ યાત્રામાં એક મહત્વપૂર્ણ સીમાચિહ્નરૂપ છે. વિશ્વના પ્રથમ ઓપ્ટોએસએઆર ઉપગ્રહ અને ભારતમાં બનેલા સૌથી મોટા ખાનગી ઉપગ્રહનું સફળ પ્રક્ષેપણ આપણા યુવાનોના નવીનતા અને રાષ્ટ્ર નિર્માણ પ્રત્યેના જુસ્સાનો પુરાવો છે. ગેલેક્સીઆઈના સ્થાપકો અને સમગ્ર ટીમને હાર્દિક અભિનંદન અને શુભકામનાઓ.”

મિશન દ્રષ્ટિની ખાસ વિશેષતાઓ

રવિવારે કેલિફોર્નિયાથી 190 કિલો વજનનું મિશન દ્રષ્ટિ લોન્ચ કરવામાં આવ્યું હતું.

તે ભારતીય ખાનગી કંપની દ્વારા બનાવવામાં આવેલ અત્યાર સુધીનો સૌથી મોટો ઉપગ્રહ છે.

તે એક જ ઉપગ્રહ પર મલ્ટિસ્પેક્ટ્રલ કેમેરા અને સિન્થેટિક એપરચર રડાર (SAR) ઈમેજર ધરાવે છે.

દ્રષ્ટિ મિશનનો મુખ્ય ભાગ ઓપ્ટોએસએઆર નામની એક નવીન હાઇબ્રિડ સિસ્ટમ છે, જે એક જ પ્લેટફોર્મ પર ઓપ્ટિકલ ઇમેજિંગ અને સિન્થેટિક એપરચર રડાર (SAR) ને જોડે છે.

પરંપરાગત રીતે, ઉપગ્રહો ઓપ્ટિકલ સેન્સર અથવા રડાર પર આધાર રાખે છે.
ઓપ્ટિકલ સિસ્ટમ્સ ફોટોગ્રાફ્સ જેવી જ વિગતવાર અને રંગબેરંગી છબીઓ મેળવે છે, પરંતુ વાદળ આવરણ અને અંધકાર આ જમીનની છબીઓને અસ્પષ્ટ બનાવી શકે છે.
બીજી બાજુ, રડાર સિસ્ટમ્સ વાદળોમાંથી જોવા માટે રેડિયો તરંગોનો ઉપયોગ કરે છે અને રાત્રે પણ કાર્ય કરે છે, જોકે તે સામાન્ય રીતે ઓછી સ્પષ્ટ છબીઓ ઉત્પન્ન કરે છે.

OPTOSAR બંને તકનીકોને એક જ ઉપગ્રહમાં એકીકૃત કરીને આ અંતરને દૂર કરે છે. તે ઓપ્ટિકલ અને રડાર ડેટાને એકસાથે કેપ્ચર કરે છે, પછી આઉટપુટને એકીકૃત છબીમાં જોડે છે. પરિણામ તમામ હવામાન પરિસ્થિતિઓમાં, વાદળ આવરણ દ્વારા પણ પૃથ્વીની અત્યંત વિગતવાર છબીઓ હશે. તે ભારતના સૌથી વધુ રિઝોલ્યુશન ઉપગ્રહોમાંનું એક છે.

આ સફળ પ્રક્ષેપણ ભારતની અવકાશ યાત્રામાં વૈશ્વિક ભાગીદારીની વધતી જતી ભૂમિકાને પ્રકાશિત કરે છે. SpaceX ની પ્રક્ષેપણ સેવાઓનો લાભ લઈને, ભારતીય સ્ટાર્ટઅપ્સ અત્યાધુનિક પેલોડ વિકાસ પર ધ્યાન કેન્દ્રિત કરતી વખતે ભ્રમણકક્ષામાં ઝડપી અને વધુ લવચીક ઍક્સેસ મેળવી રહ્યા છે.

મિશન વિઝન ભારતના અવકાશ લેન્ડસ્કેપમાં પરિવર્તન દર્શાવે છે, જે મોટાભાગે સરકાર દ્વારા સંચાલિત અભિગમથી દૂર ખાનગી નવીનતા દ્વારા સંચાલિત વધુ ગતિશીલ ઇકોસિસ્ટમ તરફ આગળ વધી રહ્યું છે. જેમ જેમ GalaxyEye ઉપગ્રહની ડેટા ક્ષમતાઓને ચાલુ કરવાની તૈયારી કરી રહ્યું છે, તેમ તેમ મિશન આપણે પૃથ્વીનું અવલોકન કરવાની રીતને ફરીથી વ્યાખ્યાયિત કરી શકે છે, સમય કે હવામાનને ધ્યાનમાં લીધા વિના સ્પષ્ટ અને વધુ વિશ્વસનીય માહિતી પ્રદાન કરે છે.

ARTICLE : भारत के लिए क्यों अहम है लिपुलेख दर्रा, जिस पर नेपाल करता है झूठा दावा…चीन का कैसे जुड़ा है हित?

लिपुलेख दर्रा भारत के लिए रणनीतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। नेपाल के दावे ऐतिहासिक तथ्यों पर कमजोर हैं और राजनीतिक-बाहरी प्रभावों से प्रेरित प्रतीत होते हैं। चीन की भूमिका इस विवाद को त्रिपक्षीय बनाती है, लेकिन भारत-चीन के हालिया व्यापार समझौते से भारत की स्थिति मजबूत हुई है।

Explainer: लिपुलेख दर्रा, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में हिमालय के ऊंचे पहाड़ों में 5,115 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह भारत-चीन की सीमा का त्रि-जंक्शन है। यानि, यहां नेपाल भी अपनी सीमा साझा करता है। भारत-चीन और नेपाल तीनों देशों की सीमाएं यहां मिलने से इसे त्रि-जंक्शन कहा जाता है। यह दर्रा प्राचीन काल से विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारत और तिब्बत के बीच व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और साधुओं के लिए महत्वपूर्ण रहा है। लिपुलेख दर्रा भारत के लिए रणनीतिक, धार्मिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। यह दर्रा भारत का ही है, जिस पर नेपाल अपना झूठा दावा करता है। इससे यह अब विवादित हो गया है।

लिपुलेख विवाद की क्या है जड़?
लिपुलेख विवाद की जड़ें 1816 की सुगौली संधि से जुड़ी हैं। यह संधि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाल के बीच हुई थी। इस संधि में काली नदी को भारत-नेपाल सीमा के रूप में निर्धारित किया गया था। नेपाल का दावा है कि काली नदी का उद्गम लिपुलेख दर्रे से होता है, इसलिए लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा (लगभग 370 वर्ग किमी) उसका (काठमांडु का) हिस्सा है। नेपाल का कहना है कि ब्रिटिश काल में सीमा का गलत निर्धारण हुआ। जबकि भारत उसके इस दावे को खारिज करता है।

भारत नेपाल के दावे को करता है खारिज
भारत नेपाल के इस दावे को शुरू से ही खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि काली नदी का उद्गम कालापानी गांव के पास है, जहां सहायक नदियां मिलती हैं। ऐतिहासिक दस्तावेज, जैसे 1879 का सर्वे ऑफ इंडिया का मानचित्र भी कालापानी को भारत का हिस्सा दिखाता है। भारत का तर्क है कि 1830 के दशक से यह क्षेत्र प्रशासनिक रूप से भारत के अधीन रहा है। भारत ने 2025 में नेपाल के दावों को ‘असमर्थनीय’ और ‘कृत्रिम’ करार देते हुए खारिज कर दिया है। क्योंकि 1954 से इसी मार्ग से भारत-चीन के बीच व्यापार होता रहा है, जिस पर नेपाल ने तब आपत्ति नहीं जताई थी।

भारत के लिए लिपुलेख है कितना जरूरी?

भारत के लिए लिपुलेख रणनीतिक, आर्थिक और धार्मिक तीनों तरह से महत्वपूर्ण है।

  1. रणनीतिक महत्व
    लिपुलेख भारत-चीन सीमा का एक महत्वपूर्ण बिंदु है। यह दर्रा भारत को तिब्बत तक पहुंच प्रदान करता है और सीमा पर सैन्य तैनाती के लिए रणनीतिक लाभ देता है। 2020 में भारत ने लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर तक 80 किमी सड़क बनाई, जिसने यात्रा के समय को हफ्तों से घटाकर दो-तीन दिन कर दिया। यह सड़क रक्षा बलों की त्वरित तैनाती और आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण है, खासकर लद्दाख में चीन के साथ तनाव के संदर्भ में इस सड़क का महत्व और बढ़ जाता है।
  2. धार्मिक महत्व
    लिपुलेख कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यह क्षेत्र हिंदुओं के साथ, जैन और बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए भी पवित्र है। 2024 में भारत के उत्तराखंड राज्य की सरकार ने ‘ओल्ड लिपुलेख पास’ दृष्टिकोण बिंदु विकसित किया, जहां से माउंट कैलाश दिखता है, जिसने तीर्थयात्रा को और आकर्षक व आसान बना दिया।
  3. आर्थिक महत्व
    लिपुलेख भारत-चीन व्यापार का पारंपरिक मार्ग रहा है। भारत-चीन के बीच 1954 में शुरू हुआ व्यापार 1962 के युद्ध के बाद बंद हो गया, लेकिन 2015 में दोनों देशों ने इसे फिर से खोलने पर सहमति जताई। 2025 में हाल ही में संपन्न हुई चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के बाद इस मार्ग को फिर से खोलने का फैसला हुआ, जो सीमा व्यापार को बढ़ावा देगा। यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का हिस्सा है। यही बात नेपाल को बुरी लग गई और उसने लिपुलेख पर अपना आधारहीन दावा कर दिया, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने दृढ़ता से खारिज कर दिया है।

नेपाल के दावे क्यों हैं आधारहीन?
नेपाल का दावा ऐतिहासिक और भौगोलिक दोनों ही दृष्टि से कमजोर है। नेपाल ने 2020 में नया मानचित्र जारी कर कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना हिस्सा दिखाया, जिसे उसकी संसद ने मंजूरी दी। मगर इससे पहले नेपाल के मानचित्र में यह तीनों क्षेत्र उसके हिस्से के रूप में नहीं दिखाए गए थे। इससे साफ है कि उसका यह दावा झूठा और बनावटी है। भारत का कहना है कि नेपाल का यह दावा ‘कृत्रिम विस्तार’ है, क्योंकि 1954 से इसी मार्ग से भारत-चीन व्यापार बिना आपत्ति के होता रहा है।

नेपाल की यह कार्रवाई राजनीतिक अस्थिरता और बाहरी प्रभाव, विशेषकर चीन के प्रोत्साहन से प्रेरित मानी जाती है। 1998 से भारत-नेपाल संयुक्त तकनीकी समिति इस मुद्दे पर चर्चा कर रही है, लेकिन नेपाल की एकतरफा कार्रवाइयों ने समाधान को जटिल बना दिया है।

चीन के क्या हैं हित?
लिपुलेख दर्रे में चीन के व्यापारिक और रणनीतिक हित जुड़े हैं। चीन ने हाल ही में भारत के साथ लिपुलेख दर्रे के जरिये व्यापाक शुरू होने पर सहमति जताई है। यह मार्ग भारत-चीन के बीच सुगम और दूरी को समेटने वाला है। चीन की रुचि लिपुलेख में भू-राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक रूप से जुड़ी है। यह दर्रा तिब्बत के पुरंग व्यापार केंद्र से जुड़ा है। 2015 में भारत-चीन व्यापार समझौते पर नेपाल की आपत्ति को चीन ने सही ठहराया, जिसे भारत के खिलाफ चीन की रणनीति माना गया। 2020 में लद्दाख तनाव के दौरान नेपाल का नया मानचित्र जारी होना भी चीनी प्रेरणा से जोड़कर से देखा गया। चीन नेपाल को ‘बफर स्टेट’ के रूप में इस्तेमाल कर भारत पर दबाव बनाना चाहता है। हालांकि, 2025 में भारत-चीन व्यापार समझौते ने नेपाल को दरकिनार कर फिर से दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया है। इससे चीन को आर्थिक लाभ भले मिलता है, लेकिन भारत की रणनीतिक स्थिति भी मजबूत होती है।

SPORTS : केकेआर ने रोका हैदराबाद का विजयरथ, 7 विकेट से जीता मैच; प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार

0

आईपीएल 2026 के 45वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को कोलकाता नाइट राइडर्स ने मात दी। केकेआर ने हैदराबाद का लगातार पांच जीत का सिलसिला रोका और अपनी सीजन की तीसरी जीत दर्ज की। 166 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर ने 18.2 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

आईपीएल 2026 के 45वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से हुआ। केकेआर ने हैदराबाद का लगातार पांच जीत का सिलसिला रोका और अपनी सीजन की तीसरी जीत दर्ज की। 166 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर ने 18.2 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ केकेआर की प्लेऑफ की उम्मीदें अभी बरकरार हैं। फिन एलन ने तेज शुरुआत की और उसके बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे व अंगकृष रघुवंशी ने अच्छी बैटिंग की। रघुवंशी ने 59 और रहाणे ने 43 रन की पारी खेली।

हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम पहले खेलते हुए 19 ओवर में सिर्फ 165 रन पर सिमट गई। एक समय 105 रन पर टीम का एक विकेट था। उसके बाद अगले 60 रन में 9 विकेट गिर गए। वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट झटके। वहीं सुनील नरेन और कार्तिक त्यागी को 2-2 सफलताएं मिलीं। वैभव अरोड़ा, कैमरन ग्रीन और अनुकूल रॉय को 1-1 विकेट मिला। ट्रेविस हेड ने हैदराबाद के लिए 28 गेंद पर 61 रन की तूफानी पारी खेली और इशान किशन ने 29 गेंद पर 42 रन बनाए।

NATIOANL : चेन्नई एयरपोर्ट पर चलती फ्लाइट से इमरजेंसी गेट खोलकर बाहर कूदा यात्री, मचा हड़कंप

0

रविवार तड़के चेन्नई एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शारजाह से चेन्नई आई ‘एअर अरेबिया’ की फ्लाइट जब टैक्सीवे पर चल रही थी, तभी एक 34 वर्षीय यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन दरवाजा खोल दिया और नीचे कूद गया। बताया जा रहा है कि यात्री को घबराहट और उल्टी हो रही थी।

रविवार तड़के चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक यात्री ने चलती फ्लाइट का आपातकालीन दरवाजा अचानक खोल दिया और बाहर छलांग लगा दी। शारजाह से चेन्नई पहुंची एअर अरेबिया की इस फ्लाइट में 231 यात्री सवार थे। इस दुस्साहसिक और खतरनाक हरकत के कारण विमान में बैठे बाकी यात्रियों की जान हलक में आ गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल

यह खौफनाक घटना तब घटी जब विमान लैंडिंग के बाद मुख्य रनवे से हटकर टैक्सीवे (रनवे और टर्मिनल को जोड़ने वाला रास्ता) पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। तभी अचानक 34 साल के एक पुरुष यात्री ने इमरजेंसी गेट खोला और चलती फ्लाइट से नीचे कूद गया। इस अचानक हुई घटना से विमान में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोका और ग्राउंड सुरक्षा टीम को फौरन अलर्ट कर दिया।

यात्री ने चलती फ्लाइट से छलांग क्यों लगाई?

शुरुआती जांच में पता चला है कि यात्रा के दौरान इस यात्री की तबीयत काफी खराब हो गई थी।
हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ने फ्लाइट के अंदर घबराहट और उल्टी आने की शिकायत की थी।
बताया जा रहा है कि इमरजेंसी गेट से कूदने से ठीक पहले उसने विमान के अंदर दो बार उल्टी भी की थी।
माना जा रहा है कि इसी भारी बेचैनी और खराब तबीयत के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

पायलट की सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तुरंत उस जगह पहुंच गए जहां विमान रुका था। हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता भी तुरंत विमान के पास पहुंच गया था। सुरक्षाकर्मियों ने बिना देरी किए उस यात्री को पकड़ लिया और उसे फौरन अपनी हिरासत में ले लिया। पायलट ने इस पूरी घटना को लेकर एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसके बाद यात्री को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।

इस हाई वोल्टेज ड्रामा के कारण चेन्नई एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 03:23 बजे से 04:23 बजे तक मुख्य रनवे को पूरी तरह से बंद रखा। इस एक घंटे के दौरान आने वाली अन्य सभी उड़ानों (फ्लाइट्स) को एयरपोर्ट के दूसरे (सेकेंडरी) रनवे की तरफ मोड़ दिया गया। चेन्नई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस घटना में विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं।

भले ही अभी तक यात्री की पूरी पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले का रहने वाला है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब विमानन सुरक्षा नियमों (एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल) के उल्लंघन के इस बेहद गंभीर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारी उस यात्री से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और घटना की असली वजह जानने की कोशिश में जुटे हैं। इसके साथ ही, डॉक्टरों की एक टीम उस यात्री की मानसिक स्थिति (मेंटल कंडीशन) की भी जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि उसने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया।

- Advertisement -

News of the Day