Thursday, April 23, 2026
Home Blog

NATIONAL : कांग्रेस अध्यक्ष ने बयान पर सफाई भी दी थी; शाह बोले-राहुल के साथ रहकर भाषा बिगड़ी

0

चुनाव आयोग (EC) ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। भाजपा ने आज पीएम मोदी को आतंकी कहने के मामले में चुनाव आयोग से खड़गे की शिकायत की थी।

दरअसल खड़गे ने मंगलवार को चेन्नई में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी को आतंकी कहा था। हालांकि बाद में उन्होंने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि PM मोदी लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं। मेरा मतलब है कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं।

वहीं, अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के दमदम उत्तर में चुनावी रैली में कहा कि आतंकवाद को खत्म करने वाले नरेंद्र मोदी को खड़गे आतंकवादी कह रहे हैं। राहुल गांधी के साथ रहकर खड़गे की भाषा बिगड़ने लगी है, लेकिन मोदी को जितनी गालियां दोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलेगा।

शाह ने कहा- कांग्रेस का तमिलनाडु में डबल फिगर क्रॉस नहीं होगा, बंगाल-पुडुचेरी में शायद ही खाता खुले और असम में अब तक की सबसे बड़ी हार होगी। ममता भी कांग्रेस के साथ है, उनकी भी हालत बुरी होने वाली है।

WORLD : 72 घंटों के अंदर होगी शांतिवार्ता’, ईरान के साथ युद्धविराम पर बोले ट्रंप

0

ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच शांति वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संदेश दिया है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक नया दौर शुक्रवार तक पाकिस्तान में हो सकता है।

इस रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और कुछ अनाम पाकिस्तानी सूत्रों का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के साथ शांतिवार्ता पर दोनों पक्ष अगले 36 से 72 घंटों के भीतर बातचीत कर सकते।

ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका-ईरान के बीच शांतिवार्ता को लेकर ये खबर ऐसे समय में आई जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की बात कही थी।

ट्रंप ने ‘ट्रूथ’ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि उन्होंने इसलिए अपनी सेना को नाकेबंदी जारी रखने और अन्य सभी मामलों में पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर को तब तक बढ़ाया जाएगा, जब तक उनका प्रस्ताव पेश नहीं हो जाता और बातचीत किसी न किसी नतीजे पर नहीं पहुंच जाती है।

जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा टली
इससे पहले, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी। वेंस और विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मंगलवार को इस्लामाबाद जाने वाले थे, लेकिन अमेरिका ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा मंगलवार को नहीं होगी।

NATIONAL : पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कहना मल्लिकार्जुन खरगे को पड़ा भारी,चुनाव आयोग ने 24 घंटे के अंदर मांगा जवाब,

0

देश की राजनीति में शब्दों की मर्यादा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे शोर-शराबे के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक टिप्पणी ने सियासी भूचाल ला दिया है.

खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस्तेमाल किए गए एक खास शब्द पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. भाजपा ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताया है.

दरअसल, मल्लिकार्जुन खड़गे तमिलनाडु में एक चुनावी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. वहां उन्होंने अन्नाद्रमुक (AIADMK) पर तीखा हमला करते हुए सवाल उठाया कि वे मोदी के साथ गठबंधन कैसे कर सकते हैं. खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समानता और न्याय में विश्वास नहीं करते हैं. इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का प्रयोग किया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के साथ जुड़ने का मतलब लोकतंत्र को कमजोर करना है. इस बयान से खलबली मच गई.

भाजपा का तीखा पलटवार

खड़गे के इस विवादित बयान ने भाजपा को हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है. पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के इस आचरण की कड़ी आलोचना की. भाजपा नेताओं का कहना है कि हार के डर से कांग्रेस नेतृत्व अपना मानसिक संतुलन खो बैठा है. उन्होंने इसे न केवल प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत अपमान बताया, बल्कि देश की जनता की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य करार दिया. भाजपा ने इसे चुनावी माहौल बिगाड़ने की साजिश बताया.

चुनाव आयोग पहुंची शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा. इस दल में कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल थे. उन्होंने आयोग को खड़गे के भाषण की वीडियो और लिखित प्रति सौंपी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. भाजपा ने शिकायत में स्पष्ट किया कि खड़गे ने मर्यादाओं को पार करते हुए चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है. आयोग ने शिकायत मिलते ही संज्ञान लिया और नोटिस जारी कर दिया.

खड़गे की सफाई और स्पष्टीकरण

विवाद को तेजी से बढ़ता देख मल्लिकार्जुन खड़गे ने जल्द ही अपनी तरफ से सफाई पेश की. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है. खड़गे ने कहा कि वह यह बताना चाह रहे थे कि पीएम मोदी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्ष को डराते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग और ईडी जैसी संस्थाएं सरकार के इशारों पर काम कर रही हैं. खड़गे के अनुसार, उनके कहने का तात्पर्य केवल यह था कि मोदी विपक्ष को ‘आतंकित’ कर रहे हैं.

NATIONAL : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान आज; 5501 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर; सुरक्षा के खास इंतजाम

Assembly Elections 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग होनी है, जबकि तमिलनाडु में सभी 234 सीटों के लिए मतदान डाले जाएंगे। इसको लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

बंगाल में 1,478 उम्मीदवार आजमा रहे अपनी किस्मत

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, तीन करोड़ 60 लाख 77 हजार 171 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में एक करोड़ 75 लाख 77 हजार 210 महिलाएं अपने मत का इस्तेमाल करेंगी।

बंगाल में किन जिलों में हो रहा मतदान

बंगाल में पहले चरण में जहां मतदान होने हैं, उनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन व जंगलमहल अंचल के पांच जिले शामिल हैं। इनमें मुर्शिदाबाद की 22, कूचबिहार की 9, जलपाईगुड़ी की 7, अलीपुरद्वार की 5, कलिंपोंग की एक, दार्जिलिंग की 5, उत्तर दिनाजपुर की 9, दक्षिण दिनाजपुर की 6, मालदा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम ब‌र्द्धमान की 9, पूर्व मेदिनीपुर की 16, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, झारग्राम की 4, पुरुलिया की 9 और बांकुड़ा की 12 सीटें शामिल हैं।सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 2407 कंपनियां तैनात की गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, “तैनाती संवेदनशीलता आकलन और पिछले चुनावी अनुभवों के आधार पर की गई है, ताकि कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।”

चुनावी मैदान में 4,023 उम्मीदवार

तमिलनाडु की बात करें तो राज्य की सभी 234 सीटों पर आज ही मतदान संपन्न होंगे। तमिलनाडु में इस बार 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव में कुल 5.73 करोड़ मतदाता अपने मत का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों की किस्मत लिखेंगे। इस बार चुनाव में सबकी निगाहें अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके पर टिकी हैं, क्योंकि कई सीटों पर उनको लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है।

NATIONAL : हिमाचल प्रदेश में बनीं 46 समेत देशभर की 141 दवाओं के सैंपल हुए फेल; कंपनियों को नोटिस जारी

0

हिमाचल प्रदेश में बनीं निमोनिया, अल्सर, मधुमेह, किडनी की 46 दवाओं समेत देश भर में तैयार 141 दवाओं के सैंपल फेल हो गए। सोलन की 23, सिरमौर व ऊना की 11-11 और कांगड़ा की एक कंपनी के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।  राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।सीडीएसओ व राज्य प्रयोगशाला की ओर से लिए गए सैंपलों में प्रदेश में 46 सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए है। इनमें बद्दी की पार्क कंपनी के निमोनिया, सेसपो फार्मास्युटिकल की दर्द, हेल्थ बायोटेक की फंगल, कालाअंब की एलेसर बायोटेक की त्वचा संक्रमण, बद्दी के हिल्लर लैब की बुखार, ऊना के स्विश गार्नियर की बीपी, नालागढ़ के लोसिस रेमिडीज कंपनी की उल्टी, पांवटा साहिब की जी लैबोरेटरी के यूरिक एसिड, बायोलेब्स की जीवाणू नाशक दवा के सैंपल फेल हुए हैं।सोलन की फार्मा चेमको लैबोरेटरी कंपनी की सूखी खांसी, सिरमौर के मोगीनंद की बेल क्योर रेमिडीज कंपनी की संक्रमण, शिवा बॉयोजेनेटिक कंपनी की पेट का संक्रमण, अमस्टर लैब कंपनी की पेट के संक्रमण, कालाअंब के एथेन लैब की पेट के संक्रमण, ऊना की एस्टिक्स हेल्थकेयर कंपनी की मधुमेह, ऊना की ही टाईटेनिस फार्मा की बुखार की दवा के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।

बरोटीवाला की एक्टीनोवा कंपनी की एलर्जी, कालाअंब की एथेन लाइफ साइंस की उल्टी, ऊना के मेफ्टो आर्गेनिक की मधुमेह, परवाणू की एक्सो ड्रग की उच्च रक्तचाप, बद्दी की यूनिस्पीड कंपनी की खांसी, पांवटा साहिब के थ्रीबी कंपनी की मधुमेह, सिरमौर के मोगीनंद की जिम फार्मुलेशन की विटामिन डी थ्री, मानपुरा के नेशनल लैबोरेटरी कंपनी की पैरों के संक्रमण की दवा के सैंपल फेल हो गए। ऊना की टाईटेनस कंनपी की संक्रमण, स्टेनफोर्ड कंपनी की एसिडिटी, परवाणू जेडआरएस फार्मास्युटिकल कंपनी की मस्तिष्क की रक्त प्रवाह, ऊना के श्यागुल लैबोरेटरी कंपनी की बलगम वाली खांसी, ऊना की ही हसरस बायोटेक कंपनी की परजीवी संक्रमण, कालाअंब की सिसटोल रेमिडीज कंपनी की दांत दर्द की दवा के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। 

झाड़माजरी के विनस बॉयोसाइंस कंपनी की दर्द की दवा, नालागढ़ के प्रोस्पेरिटी ड्रग कंपनी व स्पेकर बायोटेक कंपनी के पेट के अल्सर, ऊना की स्पेन फॉर्मूलेशन कंपनी की किडनी की दवा के तीन सैंपल, कांगड़ा के सीएमजी कंपनी की दस्त, बद्दी के सोलीटेयर रेमीडीज कंपनी की आंतों की सूजन की दवा, पांवटा साहिब की जी लैबोरेटरी कंपनी की यूरिक एसिड की दवा के सैंपल फेल हो गए हैं।

बद्दी की केसोफ्ट हेल्थ केयर कंपनी की आयरन की कमी, बद्दी की मार्टिन एंड ब्राऊन कंपनी की एसिड, सोलन की रोमा फार्मा कंपनी की सीने में जलन की दवा, फार्मा रूट्स हेल्थ केयर कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा का सैंपल फेल हुआ है। 

दवा उद्योगों पर नए नियम लागू, सीटी-05 आवेदन से पहले देनी होगी सूचना
दवा उद्योगों के लिए केंद्र ने क्लीनिकल ट्रायल (सीटी) और निर्यात से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फॉर्म सीटी-05 के तहत किए जाने वाले कुछ आवेदनों के लिए पूर्व सूचना प्रणाली को लागू किया है। यह प्रणाली हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों पर भी लागू होगी। इसके तहत अब फॉर्म सीटी-05 के तहत कुछ आवेदनों में पहले से सूचना देना जरूरी होगा। यह नियम 21 अप्रैल से लागू हुए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने मंगलवार को इसे लेकर सभी राज्यों काे सर्कुलर जारी किया है। उन्होंने कहा कि अब केवल निर्यात के लिए किए जाने वाले कुछ क्लीनिकल अध्ययन और बायोइक्विवेलेंस ट्रायल शुरू करने से पहले उद्योगों को सुगम पोर्टल पर पूर्व सूचना देनी होगी। 

नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं दवाओं पर यह नियम लागू होगा, जो भारत या अमेरिका, जापान, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में पहले से मंजूर हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आवेदन के साथ एथिक्स कमेटी की मंजूरी लगानी होगी। ट्रायल में कम से कम 18 स्वयंसेवक शामिल करना जरूरी होगा। सीडीएससीओ की पुष्टि मिलने के बाद ही अध्ययन शुरू किया जा सकेगा। इसे लेकर जनवरी में अधिसूचना जारी कर दी थी, जिसमें 90 दिन बाद नई प्रणाली को लागू किए जाने की स्पष्ट आदेश दिए गए थे। प्रदेश में बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ और जिला ऊना में सैकड़ों दवा उद्योग स्थापित हैं। 

NATIONAL : असम में मृत समझकर किया जिसका अंतिम संस्कार, 24 घंटे बाद साइकिल से घर लौटा आया वो इंसान

0

असम के सोनारी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन 24 घंटे बाद जीवित अपने घर लौट आया।

जानकारी के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस को सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिला था। जांच के दौरान शव की पहचान सोनारी नगर के वार्ड नंबर 12 निवासी विजय कुर्मी के रूप में की गई।

उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने भी पहचान की पुष्टि करते हुए उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया। विजय कुर्मी के भाई विनोद कुर्मी ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में सभी अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।

खुद साइकिल चलाकर घर पहुंच गया
हालांकि, घटना ने उस समय अप्रत्याशित मोड़ ले लिया जब अगले ही दिन विजय कुर्मी खुद साइकिल चलाकर घर पहुंच गया। घर पहुंचने पर उसने देखा कि उसके नाम पर मृत्यु से जुड़ी रस्में चल रही हैं, जिसे देखकर वह हैरान रह गया।

परिजनों से बातचीत के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, उसकी पहचान गलती से विजय कुर्मी के रूप में कर ली गई थी।

अचानक लौटने से पूरे इलाके में हैरानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार ने शव को विजय समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था। उसके अचानक लौटने से पूरे इलाके में हैरानी है। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में गलत पहचान कैसे हुई, इसकी जांच शुरू कर दी है।

NATIONAL : पाकिस्तान के “डबल गेम” से आगबबूला हुआ ईरान ! कहा- ‘ट्रंप के तलवे चाट रहे आसिम मुनीर’, नहीं पहुंचाया सही संदेश

0

 ईरान-पाकिस्तान के बीच इस समय भरोसे का गंभीर संकट पैदा हो गया है जिसके बाद ईरान-अमेरिका  बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर  संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाया है कि वह अमेरिका के साथ मिलकर “डबल गेम” खेल रहा है और ईमानदारी से मध्यस्थता नहीं कर रहा। ईरान की सबसे बड़ी नाराजगी पाकिस्तान के सेना प्रमुख  असीम मुनीर (Asim Munir) को लेकर है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने पाकिस्तान की भूमिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

एक प्रमुख विश्लेषक के जरिए प्रसारित रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि  मुनीर ने ईरान का प्रस्ताव  अमेरिका तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन अब तक कोई साफ जवाब नहीं आया। इससे ईरान को शक है कि या तो प्रस्ताव सही तरीके से नहीं पहुंचाया गया या जानबूझकर देरी की जा रही है।ईरानी पक्ष का आरोप है कि पाकिस्तान बाहर से खुद को न्यूट्रल (तटस्थ) दिखाता है, लेकिन अंदरखाने अमेरिका का साथ दे रहा है। यही वजह है कि ईरान को लग रहा है कि पूरी बातचीत की प्रक्रिया उसके खिलाफ बनाई जा रही है। मामला तब और बिगड़ गया जब ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया गया और अमेरिकी पक्ष जिसमें जे.डी. वैंस (JD Vance) जैसे नेता शामिल हैं । ईरान का मानना है कि पाकिस्तान ने एक सच्चे मध्यस्थ की तरह उसका पक्ष मजबूत करने के बजाय चुप्पी साध ली।

ईरान ने पाकिस्तान पर “मीडिया गेम” खेलने का भी आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि इस्लामाबाद यह झूठा माहौल बना रहा है कि बातचीत जल्द शुरू होगी, जबकि ईरान ने अभी ऐसी किसी प्रक्रिया को मंजूरी नहीं दी है। इससे दुनिया के सामने ईरान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। ईरान को अब डर है कि अगर यही स्थिति रही, तो पूरी बातचीत फेल हो सकती है। उसका साफ कहना है कि अगर मध्यस्थ पूरी तरह निष्पक्ष नहीं होगा, तो किसी भी समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती। कुल मिलाकर, ईरान का गुस्सा साफ दिख रहा है और उसने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह विवाद न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति को भी और अस्थिर बना सकता है।

RASHIFAL : आज का राशिफल

0

मेष : आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा।

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।

सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

NATIONAL : खरगे ने PC में पीएम मोदी कहा आतंकवादी, BJP बोली- माफी मांगें, ये कोई जुबान फिसलना नहीं

0

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कहा. हालांकि, बाद में सफाई देते हुए इसे ‘आतंकित करने’ के संदर्भ में बताया. बीजेपी ने इसे कांग्रेस की सोची-समझी साजिश करार दिया और तीखी निंदा की. संबित पात्रा ने कहा कि ये कोई जुबान फिसलना नहीं बल्कि राहुल गांधी के इशारे पर कहा गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी की. उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा. हालांकि, इसके बाद उन्होंने सफाई दी और कहा कि उनके कहने का ये मतलब नहीं था. वो कहना चाह रहे थे कि पीएम आतंकित करते हैं. खरगे के इस बयान पर बीजेपी आगबबूला है.

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा, यह ना सिर्फ़ निंदनीय है, बल्कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को भी दिखाता है. यह कोई जुबान फिसला नहीं है. भले ही वह कोई सफ़ाई दे रहे हों लेकिन याद रखिए, यह कांग्रेस पार्टी की एक सोची-समझी साज़िश है. हर रोज राहुल गांधी अपने भाषणों में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं और आज राहुल के इशारे पर खरगे ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कह दिया.

उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस पार्टी है जो ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’ कहती है. यह वही कांग्रेस पार्टी है जो बड़े-बड़े आतंकवादियों के साथ खड़ी नजर आती है, फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहती है. यह वही कांग्रेस पार्टी है जो जाकिर नाइक को शांतिदूत कहती है.

संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस पार्टी को याद रखना चाहिए कि जब भी कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है, भारत की जनता ने उसे सजा दी है. इस बार भी भारत की जनता इसका जवाब देगी.

खरगे ने तमिलनाडु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ये AIADMK के लोग जो खुद अन्नादुरई की फोटो लगाते हैं, वो मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करेगी. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं; इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.

इसके बाद अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा, वह (PM मोदी) लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं. मेरा मतलब है, मैं साफ करना चाहता हूं कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं. ईडी, आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं. वह डिलिमिटेशन भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं.

NATIONAL : 22 अप्रैल को आतंकियों ने कैसे दहलाया पहलगाम: आतंकी कहां हुए थे फरार, सुरक्षाबल क्यों नहीं रोक पाए, जानें सबकुछ

0

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुआ आतंकी हमले में दहशतगर्दों ने 26 मासूमों की जिंदगी छीन ली। आज इस जघन्य आतंकी हमले का एक साल पूरा हो गया है। आइये जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए कायराना हमले का पूरा घटनाक्रम और इसके बाद का घटनाक्रम।

तारीख- 22 अप्रैल 2025, जगह- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित पर्यटन का केंद्र बायसरन घाटी, समय- दोपहर करीब ढाई बजे। इस दिन, जगह और घड़ी को आज भले ही एक साल पूरा हो गया है, लेकिन यह दिन लोगों के जहन में एक ऐसी बुरी घटना की दुखद याद छोड़ गया, जिसे सोचकर आज भी सिहरन दौड़ जाती है। पहलगाम में बीते साल हुई उस घटना के बाद भारत ने न सिर्फ आतंकियों के पनाहगाह देश- पाकिस्तान पर जबरदस्त पलटवार कर उसके आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया, बल्कि पहलगाम में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों को भी खोजकर मार गिराया। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों ने इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर के पर्यटन केंद्रों को सुरक्षा के किलों में तब्दील कर दिया है।

इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की पूरी दास्तां क्या है? यह हमला कब और कहां हुआ था? इस आतंकी हमले में कौन-कौन निशाना बना था? आतंकी कैसे हमले के बाद बचकर भाग निकले थे? आतंकी घटना को अंजाम देने वालों के बारे में क्या बातें सामने आई थीं? आतंकियों के पहलगाम पहुंचने और उसके बाद हमले को अंजाम देने के लिए समय चुनने पर क्या खुलासा हुआ था? जब घाटी में यह आतंकी हमला हुआ तब सुरक्षाबल कहां थे? पाकिस्तान की सेना से इस घटना का क्या कनेक्शन सामने आया था? इस आतंकी हमले को लेकर दुनियाभर से कैसी प्रतिक्रियाएं

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय बायसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे। इस हमले में जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।

26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले इन आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया और फिर वहां बैठे लोगों और टट्टू की सवारी कर रहे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी।

हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए थे। चश्मदीदों ने बताया था कि वे घाटी के पास ही घने जंगलों में अचानक लापता हो गए। बाद में सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इन आतंकियों के भागने और इनकी लोकेशन को लेकर बडे़ खुलासे किए। सामने आया कि हमले के बाद आतंकवादी पीर पंजाल पर्वतमाला के ऊपरी हिस्सों की ओर भाग गए थे। यह पूरा इलाका इतने घने जंगलों के बीच था कि यहां से ड्रोन्स और सैटेलाइट के जरिए आतंकियों को ट्रैक करना भी काफी मुश्किल था।

ऐसे में आंतकियों को ट्रैक करने के लिए भारतीय सेना ने अपने हेलीकॉप्टर भी तैनात किए थे। जांच में यह सामने आया कि कम से कम 15 स्थानीय लोगों ने हमले में आतंकियों की मदद की थी। दो कश्मीरियों ने बायसरन घाटी के पास ही एक झोपड़ी में इन आतंकियों को पनाहभी दी थी। वहीं, मोहम्मद यूसुफ कटारिया नाम के एक व्यक्ति ने आतंकियों को कश्मीर में जरूरी हथियार और उपकरण पहुंचाए थे।

यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) की तरफ से अंजाम दिया गया था। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, ये आतंकी टीआरएफ की एक विशेष इकाई फॉल्कन स्क्वाड का हिस्सा थे। इन आतंकियों की पहचान सुलेमान शाह (उर्फ हाशिम मूसा), हमजा अफगानी (उर्फ ताहिर हबीब/अबू हमजा) और जिब्रान (उर्फ यासिर) के रूप में हुई।

इस हमले में लगभग तीन से छह हथियारबंद आतंकी शामिल थे, जिन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी और वे एके-47, और एम-4 कार्बाइन जैसे खतरनाक हथियारों से लैस थे। चश्मदीदों के अनुसार, खौफनाक बात यह थी कि इन हमलावरों में 15 साल का किशोर भी शामिल था।

सुलेमान शाह (हाशिम मूसा) को इस हमले का मास्टरमाइंड बताया गया। वह पाकिस्तानी सेना के इलीट स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व पैरा-कमांडो था, जो लश्कर में शामिल होकर 2023 में भारत में घुसा था। इसके अलावा, पाकिस्तान में रहने वाले टीआरएफ सरगना सज्जाद अहमद शेख (उर्फ सज्जाद गुल) और लाहौर में बैठे लश्कर कमांडर साजिद सैफुल्ला खालिद जट्ट, जो आतंकियों का मुख्य हैंडलर था, ने इस पूरी साजिश को रचा था।

सैफुल्लाह खालिद आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी है। पाकिस्तानी सेना पर उसका इतना प्रभाव है कि सेना उसका फूलों से स्वागत करती है। वह सेना के अधिकारियों की पूरी मदद करता है। साथ ही पाकिस्तानी सेना के जवानों को भारत के खिलाफ भड़काता है। पहलगाम आतंकी हमले से दो महीने पहले सैफुल्लाह खालिद पाकिस्तान के पंजाब के कंगनपुर पहुंचा था। यहां उसे पाकिस्तानी सेना के कर्नल जाहिद जरीन खट्टक ने जिहादी भाषण देने के लिए वहां बुलाया था। वहां उसने पाकिस्तानी सेना को भारत के खिलाफ भड़काया। जम्मू-कश्मीर में लश्कर और टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों को वही अंजाम देता रहा है।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल पर आतंकी देवदार के घने जंगलों के रास्ते आए थे। यह माना जा रहा है कि आतंकी किश्तवाड़ के रास्ते आए और फिर कोकरनाग के जरिए दक्षिण कश्मीर के बायसरन पहुंचे। जब एजेंसियों ने इस मामले में जांच तेज की तो सामने आया कि कश्मीर के कई लोगों ने न सिर्फ इनकी मदद की, बल्कि उन्हें जरूरी खुफिया जानकारी भी मुहैया कराई। जांच एजेंसियों से पूछताछ में कुछ लोगों ने आतंकियों की संख्या पांच बताई थी।

बायसरन घाटी में पर्यटकों पर हमले के लिए आतंकियों ने जो समय चुना वह पाकिस्तान की नापाक सोच को दर्शाने वाला था। यह हमला पाकिस्तान आर्मी चीफ के टू-नेशन थ्योरी वाले भड़काऊ बयान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भारत दौरे, अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण और जम्मू संभाग में आतंकरोधी अभियान के बीच हुआ था। रक्षा विशेषज्ञ हमले के समय को उस एजेंडे को बढ़ावा देना मान रहे है, जिसे 2019 के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दफना दिया था। बायसरन जैसे आकर्षक पर्यटन स्थल पर हर साल लाखों को संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां आतंकियों का हमला करना इस बात का संदेश देना है कि जम्मू-कश्मीर में सबकुछ सामान्य नहीं है। अमरनाथ यात्रा से पहले यह हमला इस बात का दबाव बनाने वाला था कि कश्मीर में श्रद्धालु सुरक्षित नहीं हैं।

हमले के दिन बायसरन घाटी पर कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। सरकार ने बाद में माना कि यह एक बड़ी सुरक्षा चूक थी। दरअसल, बायसरन घाटी को निर्धारित समय से दो महीने पहले ही पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था और इसकी जानकारी सुरक्षाबलों को नहीं दी गई थी। इसी वजह से वहां सुरक्षा का कोई घेरा नहीं था, जिसका फायदा आतंकियों ने उठाया।

इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का बेस घटनास्थल से लगभग चार-पांच किलोमीटर दूर था। वहां तक जाने का रास्ता कीचड़ और चट्टानों से भरा हुआ है, जिसे पार करने में 40-45 मिनट का समय लगता है। ऐसे में सुरक्षाबल घटना के कुछ समय बाद घटनास्थल पर पहुंच पाए थे।

स्थानीय घोड़े वालों (पोनी ऑपरेटरों) ने सीआरपीएफ के कमांडिंग अफसर को हमले की सूचना दी गई थी। इसके बाद 25 सीआरपीएफ जवानों की एक टीम पहले रिस्पॉन्डर के तौर पर हमले के करीब एक घंटे बाद वहां पहुंच पाई थे। इसके बाद पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो का शामिल होना: सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया कि इस हमले का एक मुख्य सूत्रधार हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह था, जो पाकिस्तानी सेना की इलीट एसएसजी पूर्व पैरा-कमांडो था। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शेष पॉल वैद ने यह सनसनीखेज दावा किया कि इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी असल में पाकिस्तान सेना के एसएसजी कमांडो ही थे, जो आतंकी बनकर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह हमला पूरी तरह पाकिस्तानी सेना द्वारा ही रचा गया था।

आईएसआई के निर्देश: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह नरसंहार सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर किया गया था।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भड़काऊ भाषण: इस हमले से कुछ समय पहले ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। इसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की जगुलर वेन (शह-नस) बताया था और हिंदुओं-मुसलमानों के बीच के अंतर बताते हुए टू-नेशन थ्योरी को हवा दी थी। पूर्व डीजीपी वैद ने इस भाषण को सीधे हमले से जोड़ते हुए कहा कि यह महज इत्तेफाक नहीं है कि मुनीर के बयान के कुछ ही दिन बाद ऐसा हमला हुआ जिसमें पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ मुनीर की कमान के तहत स्थिति को बिगाड़ने के लिए किया गया।

हैंडलर्स और सेफ हाउस: डिजिटल फुटप्रिंट्स से यह प्रमाणित हुआ कि आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित मुजफ्फराबाद और कराची में स्थित सेफ हाउस से मदद मिल रही थी। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने लाहौर में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर साजिद सैफुल्ला जट्ट को आतंकियों का मुख्य हैंडलर बताया, जिसने इस हमले के लिए घुसपैठ, गतिविधियों की साजिश रची थी।

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दुनियाभर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और वैश्विक स्तर पर इसकी निंदा की गई। अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और भारत के पड़ोसी देशों सहित 40 से अधिक देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। कई विदेशी नेताओं ने फोन कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित कई प्रमुख वैश्विक नेताओं ने भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी), जी7 और यूरोपीय संघ (ईयू) ने इस घटना को एक खौफनाक आतंकी हमला बताते हुए इसकी निंदा की। इसके अलावा, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने भी हमले की कड़ी आलोचना की और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाने की मांग की। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने भी चिंता जताते हुए कहा कि आतंकवादियों को मिलने वाली फंडिंग के बिना इस तरह के हमले संभव नहीं हैं।

इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने इस हमले की निंदा की और विशेष रूप से हिंदुओं और अन्य गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। ब्रिटेन की संसद में भी इस हमले और कश्मीर में बढ़ते तनाव पर बयान दिए गए और बहस हुई। इस बीच ईरान ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश भी की।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने हमलावरों को स्वतंत्रता सेनानी बता दिया और आतंकी संगठन टीआरएफ का बचाव करते हुए कहा कि वे इसे अवैध नहीं मानते। पाकिस्तान की सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत के दावों को पाकिस्तान को बदनाम करने का अभियान बताया।

पाकिस्तान ने इस हमले की एक तटस्थ और स्वतंत्र तीसरे पक्ष से जांच कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे तुर्किये, चीन, मलयेशिया, स्विट्जरलैंड और ग्रीस जैसे देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। हालांकि, भारत ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने हमले के बाद भारत में कथित तौर पर बढ़ती इस्लामोफोबिया, मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा पर चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया, जिसे भारत ने बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। लाइबेरिया की संसद ने भी आतंकी हमले के पीड़ितों की याद में मौन रखा।

- Advertisement -

News of the Day