Wednesday, September 16, 2026
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SPORTS : महिला जूनियर एशिया कप हॉकी: भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में मारी एंट्री

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भारतीय महिला हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप के क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने पहले हाफ में 10 गोल किए और दूसरे हाफ में नौ और गोल दागे। गत चैंपियन भारत की नजर अब लगातार तीसरे खिताब पर है।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा तूफान खड़ा किया कि मुकाबला शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद एकतरफा हो गया। गत चैंपियन भारत ने गुरुवार को क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत की ओर से गोलों की बारिश पूरे मुकाबले में जारी रही और पाकिस्तान की टीम लगातार दबाव में नजर आई।

भारत ने मैच के सातवें मिनट में पूजा साहू के गोल से खाता खोला। इसके दो मिनट बाद रोशनी ऐंद ने बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद भारतीय टीम ने हमलों की रफ्तार और बढ़ा दी। 11वें मिनट में तनुश्री दिनेश कडू और 13वें मिनट में सुखवीर कौर ने गोल किया। इसी मिनट सानिका चंद्रकांत माने ने भी गोल दाग दिया।

पहले हाफ में ही भारत की 10-0 की बढ़त
भारत का हमला यहीं नहीं रुका। मधु सिदार ने 16वें मिनट में गोल किया, जबकि गीता यादव ने 18वें मिनट में स्कोर किया। सानिका माने ने 23वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा। इसके बाद तनुजा टोप्पो ने 25वें और पूजा मलिक ने 27वें मिनट में गोल कर दिया। पहले हाफ के आखिरी मिनटों में पूर्णिमा यादव ने 33वें मिनट में गोल किया। इस तरह मध्यांतर तक भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 10-0 की विशाल बढ़त हासिल कर ली थी।

दूसरे हाफ में भी नहीं थमा गोलों का सिलसिला
दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। मधु सिदार ने 39वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया और इसके एक मिनट बाद सुप्रिया ने अपना खाता खोला। पूजा मलिक ने इसके बाद लगातार दो गोल दागे। उन्होंने 49वें और 51वें मिनट में गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की। इसके बाद कृष्णा शर्मा ने 48वें मिनट में और बिनीमा धन ने 55वें मिनट में गोल किया। सुप्रिया ने 54वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। मैच के आखिरी मिनट में रोशनी ऐंद ने अपना दूसरा गोल दागकर भारत के स्कोर को 19 तक पहुंचा दिया। भारत ने इस तरह पाकिस्तान के खिलाफ 19-0 की धमाकेदार जीत दर्ज की।

ग्रुप चरण में भी अजेय रहा था भारत
भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल से पहले ग्रुप चरण में भी शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था। अब सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। भारत की नजर अब लगातार तीसरी बार जूनियर महिला एशिया कप का खिताब जीतने पर है। भारतीय टीम ने इससे पहले 2023 और 2024 में खिताब अपने नाम किया था। पाकिस्तान के खिलाफ 19 गोल की जीत ने मौजूदा चैंपियन के इरादे भी साफ कर दिए हैं।

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भारत के गोल: पूजा साहू (7′), रोशनी ऐंद (9′, 60+’), तनुश्री दिनेश कडू (11′), सुखवीर कौर (13′), सानिका चंद्रकांत माने (13′, 23′), मधु सिदार (16′, 39′), गीता यादव (18′), तनुजा टोप्पो (25′), पूजा मलिक (27′, 49′, 51′), पूर्णिमा यादव (33′), सुप्रिया (40′, 54′), कृष्णा शर्मा (48′), बिनीमा धन (55′)।

IND vs AFG 2nd T20: फॉर्म में लौटे संजू, दूसरे टी20 में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया; 2-0 से जीती सीरीज

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भारत ने अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी ने भारत की जीत आसान कर दी.

IND vs AFG 2nd T20: भारत ने मंगलवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है. भारत ने पहला मुकाबला भी 7 विकेट से जीता था. सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा. अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/8 रन बनाए थे. जवाब में भारत ने 14.5 ओवर में 160/3 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया.

टॉस जीतकर भारत ने चुनी गेंदबाजी
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह रवि बिश्नोई को मौका मिला. वहीं, वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. अफगानिस्तान टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया.

भारत (प्लेइंग-11): संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, रवि बिश्नोई.

अफगानिस्तान (प्लेइंग-11): रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, गुलबदीन नायब, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी.

जादरान ने संभाली पारी
पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही. रहमानुल्लाह गुरबाज बिना खाता खोले अर्शदीप सिंह का शिकार बने. इसके बाद इब्राहिम जादरान ने पारी को संभालने की कोशिश की. उन्होंने 33 गेंदों में 37 रन बनाए. हालांकि, जादरान के आउट होने के बाद अफगानिस्तान के विकेट लगातार गिरते रहे. सेदिकुल्लाह अटल ने 12 और गुलबदीन नायब ने 10 रन बनाए, जबकि अजमतुल्लाह उमरजई 11 रन बनाकर आउट हुए.

बीच के ओवरों में दरविश रसूली ने तेजी से रन बनाए. उन्होंने 15 गेंदों में 26 रन की पारी खेली. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने अफगानिस्तान के स्कोर को गति दी. हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर अफगानिस्तान को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने से रोके रखा.

नबी और राशिद ने आखिरी ओवरों में संभाला मोर्चा
अफगानिस्तान की पारी के अंतिम हिस्से में मोहम्मद नबी और राशिद खान ने मोर्चा संभाला. नबी ने 14 गेंदों में 20 रन बनाए, जबकि राशिद खान ने 16 गेंदों में 28 रन की तेज पारी खेली. दोनों की बल्लेबाजी से अफगानिस्तान ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़े. मुजीब उर रहमान ने पारी की अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर टीम का स्कोर 159 रन तक पहुंचाया. अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 159/8 रन बनाए और भारत के सामने 160 रनों का लक्ष्य रखा.

रेड्डी रहे भारत के सबसे सफल गेंदबाज
भारत की ओर से नितीश कुमार रेड्डी सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने 3 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए. इस शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी दिया गया. अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट हासिल किए.

जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 25 रन देकर एक विकेट लिया. अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई को भी एक-एक सफलता मिली. भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर अफगानिस्तान को 160 रन के आंकड़े तक ही सीमित रखा..

अभिषेक और संजू ने दी तूफानी शुरुआत
160 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने तूफानी शुरुआत दिलाई. दोनों ने शुरुआती कुछ गेंदों को संभलकर खेलने के बाद आक्रामक रुख अपनाया. दोनों के बीच 28 गेंदों में 50 रन की साझेदारी हुई. पावरप्ले के 6 ओवरों में भारत ने बिना विकेट गंवाए 82 रन बना लिए.

अभिषेक शर्मा ने 19 गेंदों में 39 रन की तेज पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 4 छक्के लगाए. इसके बाद संजू सैमसन ने भी अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा. उन्होंने 22 गेंदों में 57 रन बनाए. अपनी पारी में संजू ने 7 चौके और 4 छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 259 से अधिक रहा. यह टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल के बाद उनका पहला अर्धशतक भी रहा.

14.5 ओवर में भारत ने हासिल किया लक्ष्य
अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद संजू सैमसन ने पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन 57 रन के स्कोर पर राशिद खान ने उन्हें आउट कर दिया. इसके बाद श्रेयस अय्यर 11 रन बनाकर राशिद खान का तीसरा शिकार बने. राशिद खान ने भारत के तीनों विकेट हासिल किए.

इसके बाद ईशान किशन और तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला. ईशान किशन ने 23 गेंदों में 38 रन की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. तिलक वर्मा ने 14 गेंदों में 15 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया. भारत ने 14.5 ओवर में 160/3 रन बनाकर मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया.

इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा.

NATIONAL : भ्रष्टाचार के ‘कुबेर’ पर कस गया शिकंजा, भुसावर JEN गोविन्द प्रसाद के ठिकाने से जमीनों का अंबार, नोटों की गड्डियां और चांदी की सिल्लियां जब्त

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में पंचायत समिति भुसावर का सहायक अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया, लेकिन जब उसके घर की तलाशी ली गई तो मामला कहीं ज्यादा बड़ा सामने आया। एसीबी को आरोपी के रिहायशी मकान से 43 लाख 38 हजार 500 रुपए नकद और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां मिलीं। इसके साथ ही कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर एसीबी चौकी की टीम ने 14 सितम्बर को पंचायत समिति भुसावर के तत्कालीन/हाल सहायक अभियंता गोविन्द प्रसाद को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। ट्रैप कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी के रिहायशी मकान की नियमानुसार खानातलाशी ली।

खानातलाशी एसीबी रेंज भरतपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में की गई। तलाशी के दौरान घर से बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी मिलने पर एसीबी भी हरकत में आ गई।

घर में नकदी का ‘खजाना’, चांदी की सिल्लियां

तलाशी में 43,38,500 रुपए नकद बरामद हुए। इसके अलावा करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां भी मिलीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती धातु मिलने के बाद एसीबी अब इनके स्रोत और स्वामित्व की जांच में जुट गई है।

हिंडौन में दो दुकानें, मानसरोवर में मकान के दस्तावेज

तलाशी के दौरान एसीबी को कस्बा हिंडौन में स्थित दो दुकानों, जयपुर के मानसरोवर में हाउसिंग बोर्ड के एक मकान तथा अन्य भू-संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। अब जांच एजेंसी इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और आरोपी की आय के ज्ञात स्रोतों से इनके संबंध की पड़ताल कर रही है।

रिश्वत के ट्रैप से खुला संपत्ति का राज

एसीबी के अनुसार बरामद नकदी, चांदी और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों के स्रोत, स्वामित्व तथा आय के ज्ञात स्रोतों से संबंध की जांच की जा रही है। खानातलाशी रिपोर्ट और बरामद दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण में आगे अनुसंधान किया जाएगा। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत अग्रिम अनुसंधान और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

NATIONAL : मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या; फार्महाउस भी जलाए

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मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की खबर सामने आई है। यहां उग्रवादियों द्वारा दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं फार्महाउस में भी आग लगा दी गई।

मणिपुर के तामेंगलांग जिले में मंगलवार को हिंसा की एक और घटना सामने आई। संदिग्ध उग्रवादियों ने जंगल से लकड़ी लेने गईं दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद कुछ कच्चे फार्महाउसों में आग लगा दी गई। दोनों मृतक महिलाएं कुकी समुदाय से थीं।

अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना लेइसांगफाई गांव के बाहरी इलाके में एक सुनसान खेत के पास हुई। 60 वर्षीय चोंगा सिटल्हू और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसोन लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। दोनों के शव खेत में बरामद किए गए हैं,जिन पर गोली लगने के निशान थे। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि हमले के बाद कई ग्रामीणों का पता नहीं चल रहा है। हमलावरों ने इलाके में बने कुछ कच्चे फार्महाउसों को भी आग के हवाले कर दिया।

दो दिन पहले भी हुई थी चार लोगों की हत्या
ये घटना तब सामने आई है जब दो दिन पहले ही तामेंगलांग और नोनी जिलों में 13 सितंबर को भी हिंसा हुई थी। तामेंगलांग के टोलेन कुकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक महिला और उसके पति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमले में उनका नवजात बेटा भी घायल हुआ था। इसी दिन नोनी जिले के लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

कुकी संगठन ने सरकार पर उठाए सवाल
चुराचांदपुर स्थित प्रमुख कुकी संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने ताजा हत्याओं की निंदा की है। संगठन ने कहा कि मंगलवार को मारी गई दोनों महिलाओं के शव तब तक परिजन स्वीकार नहीं करेंगे,जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुकी-जो समुदाय के नागरिकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे।

2023 से जारी है जातीय संघर्ष
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुआ जातीय संघर्ष अब तक कम से कम 306 लोगों की जान ले चुका है। करीब 49 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

NATIONAL : दारा सिंह की सजा में छूट पर ओडिशा करे फैसला, ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह ने जुलाई 2024 सुप्रीम कोर्ट में माफी याचिका डाली थी। याचिका में था कि वह जेल में 25 साल से ज्यादा वक्त गुजार चुका है और उसे अपने किए पर पछतावा है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या मामले में उम्रकैद काट रहे रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा में छूट की याचिका पर फैसला लेने में देरी को लेकर मंगलवार को ओडिशा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को इस तरह लंबित नहीं रख सकती और उसे याचिका पर निर्णय लेकर अदालत को इसकी जानकारी देनी होगी।

पीठ ने इस पर नाराजगी जताई कि राज्य सरकार यह तक बताने की स्थिति में नहीं है कि दारा सिंह की रेमिशन याचिका पर कोई फैसला लिया गया है या नहीं। अदालत ने कहा कि आप इसे खारिज करना चाहते हैं तो कर दीजिए। हां या ना, फैसला लीजिए। हम उस पर विचार करेंगे। दो साल से आप मामले में देरी कर रहे हैं। आप इसे इस तरह लंबित नहीं रख सकते।


राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मामले में स्थगन की मांग वाला पत्र भेजा गया है, क्योंकि एडवोकेट ऑन रेकॉर्ड अस्वस्थ हैं। इस पर अदालत ने 19 अगस्त को पारित अपने आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने राज्य सजा समीक्षा बोर्ड को दारा सिंह की याचिका पर फैसला लेने और अदालत को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया था।

अधिकारी को करेंगे तलब
राज्य सरकार के वकील ने मामले को 17 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस पर पीठ ने कहा कि हम अगली तारीख पर इसे स्थगित नहीं करने वाले हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि राज्य सरकार फैसला लेकर उसे सूचित करे, अन्यथा संबंधित अधिकारी को अदालत में तलब किया जाएगा।

ईसाई क्या सोचेंगे?
सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह ने जुलाई 2024 सुप्रीम कोर्ट में माफी याचिका डाली थी। याचिका में था कि वह जेल में 25 साल से ज्यादा वक्त गुजार चुका है और उसे अपने किए पर पछतावा है। इस पर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्णय लेने को कहा, लेकिन अभी तक राज्य सरकार कुछ पेपरवर्क बाकी होने की बात कहकर इसे टालती आई है। असल में, दारा सिंह को रिहा करने का देश के 3 करोड़ ईसाइयों के बीच गलत संदेश जा सकता है।

NATIONAL : दिल्ली के 99% पीजी आवासों के पास फायर एनओसी नहीं, क़रीब एक-तिहाई के नक्शे भी मंज़ूर नहीं

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दिल्ली में पीजी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर एमसीडी ने के 2,453 पीजी के सर्वेक्षण में सामने आया है कि इनमें से सिर्फ 1.2% के पास फायर एनओसी थी, और 30% से भी कम के भवन नक्शे मंज़ूर हैं. एमसीडी के दक्षिण ज़ोन, जहां डीयू का साउथ कैंपस, आईआईटी और जेएनयू जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, वहां 390 पीजी आवास में से किसी के पास भी ज़रूरी सर्टिफिकेट या नियमानुसार दस्तावेज़ नहीं पाए गए.

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंज़िला छात्रावास की इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के एक सप्ताह बाद दिल्ली में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है.इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के राजधानी के 2,453 पीजी आवासों के सर्वेक्षण में सामने आया है कि इनमें से सिर्फ 31 यानी 1.2% के पास दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) है.

सर्वेक्षण में शामिल 2,453 इमारतों में से सिर्फ 726 यानी 30% से भी कम के भवन नक्शे मंज़ूर पाए गए. वहीं, महज़ आठ इमारतों के पास संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र है.

यह सर्वेक्षण एमसीडी के सभी 12 ज़ोन में किया गया. सत्य निकेतन की इमारत गिरने के एक दिन बाद, 7 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट की सख़्त टिप्पणी के बाद एमसीडी ने अवैध निर्माण के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू करते हुए यह सर्वे कराया था.

सर्वेक्षण में भवनों की संरचनात्मक स्थिरता, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसीसी), भवन नक्शे की मंज़ूरी और मास्टर प्लान फॉर दिल्ली (एमपीडी) के तहत पीजी चलाने की अनुमति समेत कई नियामकीय पहलुओं की जांच की गई.

ज़ोन के हिसाब से स्थिति

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस वाले सिविल लाइंस ज़ोन में 12 एमसीडी ज़ोन में सबसे अधिक 608 पीजी आवास मिले. इनमें से 364 के भवन नक्शे ही मंज़ूर हैं. सिर्फ 28 के पास फायर एनओसी और 27 के पास नियमितीकरण की मंज़ूरी है. किसी भी पीजी के पास संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र नहीं मिला है.

इसके अलावा केशवपुरम ज़ोन में 410 पीजी आवास दर्ज किए गए, जो सभी ज़ोन में दूसरे सबसे अधिक हैं. इनमें सिर्फ 54 के भवन नक्शे मंज़ूर हैं. दो के पास फायर एनओसी और दो के पास संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र हैं. किसी भी पीजी के पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है.

दक्षिण ज़ोन में दिल्ली विश्वविद्यालय का साउथ कैंपस, आईआईटी दिल्ली और जेएनयू जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं. यहां सर्वे में 390 पीजी आवास मिले. इनमें से किसी के पास भी डीएफएस की मंज़ूरी, संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र, मंज़ूर भवन नक्शा या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है. इनमें से किसी भी संपत्ति में मास्टर प्लान के तहत पीजी गतिविधि की अनुमति दर्ज नहीं है.

सुरक्षा मानकों पर सवाल

हाईकोर्ट द्वारा तय सर्वेक्षण की समयसीमा रविवार को खत्म हो गई. हालांकि, एमसीडी ने 10 सितंबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा था. अधिकारियों के मुताबिक, इसे कम से कम एक दिन और जारी रखा जाएगा.

नियमों के मुताबिक, पीजी चलाने वाली इमारतों के लिए नगर निकाय से लेआउट प्लान मंज़ूर कराना जरूरी है. एमसीडी की वेबसाइट के अनुसार, यह प्लान मास्टरप्लान फॉर दिल्ली और भवन उपनियमों के अनुरूप होना चाहिए.

इसी तरह, फायर एनओसी यह सुनिश्चित करती है कि इमारत अपने इस्तेमाल के मुताबिक अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करती है. दिल्ली अग्निशमन सेवा आवश्यक सुरक्षा उपायों की जांच के बाद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करती है. इसमें आपात स्थिति में बाहर निकलने और प्रवेश के रास्तों को बाधामुक्त रखना, लोगों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने की जानकारी होना और अग्निशमन उपकरणों को काम करने की स्थिति में रखना शामिल है.

मालूम हो कि सत्य निकेतन में गिरी इमारत में कथित तौर पर बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक रास्ता था.

संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र से यह सुनिश्चित किया जाता है कि इमारत अपने निर्माण और इस्तेमाल के दौरान पड़ने वाले भार और दबाव को सुरक्षित रूप से सहन कर सकती है.

वहीं, इमारत बनने के बाद ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट अगला महत्वपूर्ण चरण है. इसके लिए एमसीडी वास्तविक निर्माण को दर्शाने वाले पूर्णता नक्शे, प्लॉट का आकार और क्षेत्रफल, सेटबैक, पूरी हो चुकी इमारत की तस्वीरें और अन्य जरूरी दस्तावेज़ मांगता है.

एमसीडी के अनुसार, नियमितीकरण वह प्रक्रिया है जिसके तहत कुछ मौजूदा अनधिकृत निर्माण या विकास को संबंधित नियमों और नियमितीकरण नीति के तहत वैध किया जाता है. इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करना होता है.

गौरतलब है कि सर्वेक्षण के शुरुआती आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब राजधानी में पीजी और छात्रावासों में रहने वाले बड़ी संख्या में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी की कार्रवाई ने यह भी सामने ला दिया है कि राजधानी में बड़ी संख्या में पीजी आवास बुनियादी नियामकीय मंज़ूरियों के बिना चल रहे हैं.

WORLD : होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराए दो तेल टैंकर, परखच्चे उड़े, ईरान की IRGC ने क्या बताया?

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होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग से टकराने से दो तेल टैंकरों में भयावह विस्फोट हुआ है। ईरान की आईआरजीसी ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर तेल टैंकरों को बारूदी सुरंग वाले रास्तों पर भेज रही है। इस घटना से भारत की टेंशन बढ़ने की आशंका है।

तेहरान: ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने बताया है कि शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के गुजरने वाले दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकरा गए। इससे दोनों जहाजों में भयानक विस्फोट हुआ और अफरा-तफरी मच गई। इन जहाजों के पीछे मौजूद टैंकर अपनी-अपनी जगहों पर ठहर गए और कुछ वापस लौट गए हैं। यह घटना तब हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। ईरान ने भी इसके जवाब में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हवाई हमले किए हैं। होर्मुज के बंद होने से ऊर्जा आयात के लिए अत्याधिक निर्भर भारत की टेंशन बढ़ सकती है।

IRGC ने होर्मुज में बारूदी सुरंग फटने पर क्या कहा?

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुज़रने की कोशिश के दौरान दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ और उनमें आग लग गई। IRGC ने इस घटना के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उसने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इन जहाजों को धोखे से खतरनाक रास्ते पर भेज दिया था। दुनिया अब ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता के नतीजे साफ तौर पर देख रही है।

IRGC ने होर्मुज को बताया पूरी तरह बंद

IRGC की नौसेना ने फिर कहा कि अमेरिकी आक्रामकता के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य “पूरी तरह से बंद” है और जहाजों को चेतावनी दी कि वे बारूदी सुरंगों वाले रास्तों में न जाएं।
बयान में कहा गया, “जब तक अपराधी अमेरिका की आक्रामकता खत्म नहीं होती, तब तक इस क्षेत्र से रासायनिक उर्वरक या तेल और गैस की एक बूंद भी निर्यात करने की कोई संभावना नहीं है।”

भारत की बढ़ेगी टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर लड़ाई छिड़ने से भारत की परेशानी बढ़ गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इनमें से आधे से अधिक ऊर्जा आयात होर्मुज के रास्ते होता है। 28 फरवरी के बाद से होर्मुज के बंद होने से भारत ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। तेल और गैस की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कई इलाकों में रसोई गैस की किल्लत भी महसूस की जा रही है। कुछ दिनों पहले अमेरिका-ईरान समझौते के तहत होर्मुज के खुलने से राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन इसके फिर से बंद होने से परेशानी बढ़ सकती है।

NATIONAL : बच्चों के यौन शोषण के मामलों की डीटेल शेयर करेगा META, जांच एजेंसियों की मदद को तैयार

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आखिरकार बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट से जुड़े मामले में मेटा कंपनी जांच एजेंसियों के साथ डीटेल शेयर के लिए सहमत हो गई है। बता दें कि भारत सरकार ने पिछले कुछ समय से इस मामले पर बेहद सख्त रुख अपना रखा था।

नई दिल्ली: मेटा बच्चों के यौन शोषण के मामलों की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देने पर सहमत हो गया है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार हानिकारक जानकारी को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ लगातार बातचीत कर रही है। भारत में काम करने वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बुनियादी सिद्धांत है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

बच्चों के लिए सुरक्षित हों प्लेटफॉर्म
सरकार का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में पहला कदम है और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। सरकार ऐसे कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने के लिए दूसरे प्लेटफॉर्म के साथ भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। सरकार उन प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करेगी, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाते हैं।

सरकार की सख्ती से पहले ढुलमुल था रवैया
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से केंद्र सरकार Meta के अलावा भी दूसरे सोशल मीडिा प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती कर रही है। मोदी सरकार का कहना है कि भारत में काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गैरकानूनी सामग्री यानी (Child Sexual Abuse Material) के खिलाफ कार्रवाई सख्त एक्शन लेना होगा। भारत सरकार ने इसके पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट हटाने को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाने की बात कही थी।

सरकार और अधिकारियों ने दी थी चेतावनी
भारत सरकार के अधिकारियों के अलावा बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी सोशल मीडिया कंपनियों को चेताया था कि उन्हें बच्चों से जुड़े अश्लील कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। अगर कंपनियां इससे पीछे हटती हैं तो उन्हें भारत में मिली ‘सेफ हार्बर’ की सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। सरकार की चेतावनी के बाद ही कंपनियों ने इस तरह के कंटेंट के खिलाफ सख्ती दिखानी शुरू की है।

NATIONAL : कर्नाटक में फ्रिज में ब्लास्ट के बाद घर में लगी भीषण आग, परिवार की चार महिलाओं की मौत, दो की हालत गंभीर

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Karnataka Refrigerator Blast: कर्नाटक के बेलगावी में मंगलवार तड़के एक घर में फ्रिज में धमाका होने के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें एक ही परिवार की चार महिलाओं की झुलसने से मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक व्यक्ति करीब 80 प्रतिशत और उसका बेटा करीब 40 प्रतिशत झुलसा है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने की सही वजह का पता एफएसएल जांच के बाद ही चलेगा।

कर्नाटक के बेलगावी में मंगलवार तड़के एक घर में अचानक आग लगने से एक ही परिवार की चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घर में फ्रिज में धमाका होने के बाद आग भड़की और कुछ ही देर में पूरे मकान में फैल गई। हादसे में परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

4 महिलाओं की झुलसकर मौत
यह घटना बेलगावी के चावत गली इलाके में करीब रात 2:30 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। हादसे में गंगा डामोने (25), शारदा डामोने (45), प्रिया डामोने (28) और भारती डामोने (50) की मौके पर ही झुलसने से मौत हो गई।

शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई
हादसे में 65 वर्षीय गजानन डामोने और उनके 21 वर्षीय बेटे रोशन डामोने को भी गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस के मुताबिक गजानन करीब 80 प्रतिशत और रोशन लगभग 40 प्रतिशत तक झुलसे हैं। यह आग मार्केट पुलिस थाना क्षेत्र में लगी। बेलगावी के पुलिस आयुक्त प्रकाश निकम ने बताया कि शुरुआती जानकारी के आधार पर आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है। हादसे में बचे रोशन ने भी पुलिस को बताया कि उसने शॉर्ट सर्किट जैसी आवाज सुनी थी।

हालांकि, पुलिस अभी किसी एक वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं मान रही है। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (HESCOM) के अधिकारी मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फ्रिज में वास्तव में किस वजह से विस्फोट हुआ और आग कैसे लगी। चारों मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

NATIONAL : नंदीग्राम में भाजपा का बड़ा दांव, शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए की मां को उतारा मैदान में, रेजीनगर से शाखारव सरकार उम्मीदवार

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नंदीग्राम से भाजपा ने सीएम शुभेंदु के दिवंगत पीए की मां को बनाया उम्मीदवार।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया है।

पार्टी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से शाखारव सरकार को मैदान में उतारा गया है।

उपचुनाव के लिए मतदान छह अक्टूबर को होगा
भाजपा प्रत्याशी हासीरानी रथ मंगलवार को समर्थकों के साथ विशाल जुलूस निकालकर नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के जरिए भाजपा नंदीग्राम में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान छह अक्टूबर को होगा, जबकि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है।

चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की मई में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के नौ मई को शपथ लेने से दो दिन पहले उनके निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या हुई थी।

1998 से सक्रिय राजनीति में हैं हासीरानी रथ
भाजपा की नंदीग्राम प्रत्याशी हासीरानी रथ लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह वर्ष 1998 से सक्रिय राजनीति में हैं। वह दो बार पंचायत सदस्य और तीन बार पंचायत समिति की सदस्य रह चुकी हैं। नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण हो रहा है।

कुछ माह पहले हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वह दोनों सीटों से एक साथ विधायक नहीं रह सकते थे।

प्रत्याशियों के एलान के बाद मुकाबला हुआ हाईवोल्टेज
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के अलावा वाममोर्चा और कांग्रेस भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। अब भाजपा ने हासीरानी रथ को मैदान में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में नामांकन और प्रस्तावित शक्ति प्रदर्शन के कारण नंदीग्राम का उपचुनाव हाईवोल्टेज मुकाबले में बदलता नजर आ रहा है।

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