Friday, July 24, 2026
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HEALTH : आ रहा है डेंगू मलेरिया का मौसम, अपने बच्चों का ऐसे रखें ख्याल, पछताने से पहले पढ़ लें खबर

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बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है. जानिए बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के आसान उपाय, जरूरी सावधानियां और शुरुआती लक्षण.

बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. इस मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा ज्यादा रहता है. छोटे बच्चों की रोगों से लड़ने की क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है. इसलिए माता-पिता को पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए. थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में जरूरी है कि घर की साफ-सफाई से लेकर बच्चों के खान-पान तक हर बात का ध्यान रखा जाए.

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

डेंगू और मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलते हैं. इसलिए घर और उसके आसपास साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. कूलर, गमले, बाल्टी, टायर या किसी भी ऐसी जगह पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि ऐसी जगहों पर मच्छर आसानी से बढ़ जाते हैं. हफ्ते में एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें और पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें.

बच्चों को सुबह और शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं. अगर बच्चा बाहर खेलने जाता है, तो मच्छर भगाने वाली क्रीम या पैच का इस्तेमाल किया जा सकता है. रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. साथ ही कोशिश करें कि घर के अंदर मच्छर न रहें.

खाने-पीने का रखें खास ध्यान

बारिश के मौसम में बच्चों को हमेशा साफ और ताजा खाना खिलाएं. बाहर का खुला या बासी खाना खाने से बचाएं. उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं और खाने में फल, हरी सब्जियां, दाल और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल करें, ताकि उनका शरीर मजबूत बना रहे. अगर बच्चा कम पानी पीता है, तो उसे थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या दूसरे स्वस्थ पदार्थ देते रहें. अच्छी डाइट बच्चों की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाने में मदद करती है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर बच्चे को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी, कमजोरी, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें. बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह के बिना कोई भी दवा न दें. समय पर इलाज मिलने से बीमारी गंभीर होने का खतरा कम हो सकता है. अगर बुखार दो-तीन दिन तक बना रहे, तो जांच जरूर करानी चाहिए.

LIFESTYLE : मोबाइल की लत बना रही है ‘Smartphone Brain’ का शिकार! युवाओं में बढ़ रहे ये लक्षण

एक्सपर्ट लगातार नोटिफिकेशन आना, बिना रुके सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना दिमाग को हर समय सक्रिय बनाए रखता है.

कुछ साल पहले तक न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाने का मतलब स्ट्रोक, पार्किंसन, मिर्गी या डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ा माना जाता था. ऐसे मरीजों में ज्यादातर बुजुर्ग होते थे और याददाश्त कमजोर होना या चलने-फिरने में परेशानी जैसी शिकायतें आम थीं. लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है. आजकल न्यूरोलॉजिस्ट के पास बड़ी संख्या में युवा और किशोर ऐसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं, जिनका संबंध लंबे समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की आदत से जोड़ा जा रहा है. बार-बार सिरदर्द होना, ध्यान न लगना, नींद खराब होना, चक्कर आना, दिमाग में धुंधलापन महसूस होना और छोटी-छोटी बातें भूल जाना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.

काम, पढ़ाई और लोगों से जुड़ने का तरीका बदला

सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स, सीएमआरआई के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. दीप दास के मुताबिक, मोबाइल फोन ने काम करने, पढ़ाई करने और लोगों से जुड़ने का तरीका बदल दिया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा और बिना कंट्रोल के इस्तेमाल ध्यान लगाने की क्षमता, नींद, मूड और दिमाग की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है.एक्सपर्ट लगातार नोटिफिकेशन आना, बिना रुके सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना दिमाग को हर समय सक्रिय बनाए रखता है. धीरे-धीरे दिमाग को लगातार नए उत्तेजना की आदत पड़ जाती है और फिर किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान लगाना मुश्किल होने लगता है. यही वजह है कि कई युवा अब किताब पढ़ने, मीटिंग में बैठने या पढ़ाई करने के दौरान भी बार-बार फोन देखने लगते हैं.

इन चीजों पर होता असर?

डॉक्टरों के अनुसार, स्मार्टफोन का असर सिर्फ ध्यान पर ही नहीं पड़ता, बल्कि नींद और याददाश्त पर भी दिखाई देता है. रात में देर तक फोन चलाने से आंखें ब्लू लाइट के संपर्क में रहती हैं, जिससे मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है. यही हार्मोन शरीर के सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है. जब नींद पूरी नहीं होती, तो एकाग्रता और याददाश्त प्रभावित होती है. इसके साथ ही चिंता, अवसाद और लंबे समय तक रहने वाले सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है.

क्या होते हैं इसके लक्षण?

लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर भी दबाव पड़ता है. इससे टेंशन हेडेक और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है. इस स्थिति को ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है. इसके अलावा लगातार स्क्रीन देखने से डिजिटल थकान भी होने लगती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ, चिड़चिड़ा और काम में रुचि न लेने वाला महसूस कर सकता है. कई लोगों को लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने के बाद नई जानकारी समझने और याद रखने में भी परेशानी होने लगती है.

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और किशोरों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है, क्योंकि उनका दिमाग अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता. जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम उनकी पढ़ाई, नींद, शारीरिक गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है.

एक्सपर्ट यह भी स्पष्ट करते हैं कि समस्या स्मार्टफोन नहीं, बल्कि उसका गलत इस्तेमाल है. वे 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर किसी चीज को देखें. इसके अलावा स्क्रीन से नियमित ब्रेक लें, सोने से कम से कम एक घंटे पहले फोन का इस्तेमाल बंद करें, सही तरीके से बैठें, नियमित व्यायाम करें और रोज कुछ समय खुली हवा में बिताएं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

NATIONAL : दिल्ली प्रोटेस्ट के 25वें दिन जंतर-मंतर पर क्या है हाल? भारी संख्या में छात्रों का प्रदर्शन जारी, और बच्चे पहुंचे

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प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. सुबह से जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा. इस दौरान रातभर में प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है.

सीजेपी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, “आज सुबह जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.” सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को भी दोहराया. पोस्ट में कहा गया, “प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से ज्यादा मंत्री प्रधान से प्यार क्यों करते हैं?”

मंगलवार (21 जुलाई) की रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए कई लोगों ने भोजन भेजा, जबकि वहां और समर्थक भी जुटे. सोमवार को सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना जारी रखा.

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते. उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे. 20 जुलाई भारत के राजनीतिक इतिहास में, खासकर आजादी के बाद के भारत में, एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. युवा अब चुप नहीं बैठेंगे.”

अभिजीत दीपके ने जारी किया स्पष्टीकरण
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार देर रात स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि आंदोलन ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी किसी तरह के जमावड़े का आह्वान नहीं किया था. दीपके ने एक बयान में कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी जुटने का आह्वान नहीं किया है, जहां हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि समूह को सूचना मिली है कि दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए “कुछ गुंडों” को भेजा गया हो सकता है. वे सीजेपी के साथ नहीं हैं. यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जिसमें परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थांनातरित किए जाने के बाद भी वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं.

बंगाल से बुलाई जा रही सीआरपीएफ की 20 कंपनियां
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है.

गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात इन कंपनियों को राष्ट्रीय राजधानी में तत्काल तैनात करने का आदेश दिया था. इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इन सभी कंपनियों को पश्चिम बंगाल से विमानों के जरिये दिल्ली लाया जा रहा है.

NATIONAL : ‘कहां ले जा रहे हो भाई…’, राहुल के आते ही बदला राजनीतिक माहौल; पुलिस-नेताओं में धक्का-मुक्की

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दिल्ली में छात्र आंदोलन पर कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान सांकेतिक हथकड़ियां लगाई। पीएम आवास तक मार्च के बाद पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष को हिरासत में ले लिया। इस दौरान राहुल गांधी सड़क पर लेट गए। राहुल गांधी को उठाने में पुलिस के पसीने छूट गए। अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रिहाई के बाद अखिलेश ने नीट परीक्षा में विफलता पर सवाल उठाए।

पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के धरने के दौरान नाटकीय दृश्य तब सामने आया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस के आगे बढ़ते ही राहुल सड़क पर लेट गए और विरोध जताने लगे। प्रतीकात्मक हथकड़ियां पहने राहुल, प्रियंका, अखिलेश को पुलिसकर्मियों ने उठाकर बस तक पहुंचाया।

कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान राहुल गांधी के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे उन्हें चोट भी आई। पुलिस कर्मियों ने एलओपी को धकियाते हुए बस में बैठाया गया। यह पूरा घटनाक्रम छात्र आंदोलन के मुद्दे को सीधे सरकार बनाम कांग्रेस की सियासी लड़ाई में बदलता नजर आया।

राहुल गांधी की देर से हुई एंट्री ने न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा, बल्कि पूरे दिन के सियासी विमर्श का केंद्र भी बदल दिया। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी और बाद में सोनिया गांधी के मंदिर मार्ग धाने पहुंचने से पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।

कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान दिल्ली पुलिस का रवैया बेहद आपत्तिजनक रहा। उनके अनुसार, प्रियंका गांधी को हिरासत में लेते समय एक पुरुष सुरक्षाकर्मी ने उन्हें पीछे से पकड़कर लगातार बस की और धकेला।

प्रियंका ने खुद को रोकने के लिए बस के हैंडल को पकड़ लिया। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन बस में बैठाया। हिरासत के बाद प्रियंका गांधी ने भी पुलिस के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताई।

83 वर्षीय कांग्रेस अध्यक्ष मलकार्जुन खरगे भी धरने में शामिल हुए। भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच उनके लिए स्टूल मंगवाया गया, जिस पर बैठकर उन्होंने नारेबाजी की। भीड बढ़ने और अफरा-तफरी का माहौल बनने पर उन्हें सुरक्षित भे़जा गया।

पुलिस और कांग्रेस नेताओं में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की हुई। रणदीप सिंह सुरजेवाला से धक्का-मुक्की हुई। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बस की छत पर चढ़ गए जिन्हें पुलिस में नीचे उतारा।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के धरने में शामिल हुए थे। अखिलेश ने बस चला रहे पुलिसकर्मी से पूछा कि कहां ले जा रहे हो। जवाब मिला अफसर के निर्देशानुसार ले जा रहे हैं। पुलिस उन्हें छत्रसाल स्टेडियम ले गई।

स्टेडियम के बाहर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। उन्होंने वहां नारेबाजी भी की। सभी नेताओं को रात दस बजे रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा में सरकार की विफलता पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों की मांगें स्वीकार करने और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

राहुल व प्रियंका के धरने के बाद 7 लोक कल्याण मार्ग की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पीएम आवास के चारों तरफ दिल्ली पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए थे। हालांकि उससे पहले अन्य फोर्स तैनात रहती है। पुलिस ने कई मार्गों को बंद कर दिया गया था।

आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। आप नेताओं ने कहा कि युवाओं के आंदोलन को कमजोर करने के लिए ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने की अनुमति दी है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक 23 दिन से आमरण अनशन पर हैं और जंतर-मंतर पर युवा प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस इस आंदोलन को गाली दे रही थी।

NATIONAL : बेटी व व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम : योगी

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बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए सिर्फ दो ही जगह हैं जेल या जहन्नुम।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। कई परिवारों ने बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बुलंदशहर के विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। साथ ही बताया कि बुलंदशहर के लिए रिंग रोड के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से बुलंदशहर औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास इंटरनेशनल फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी विकसित की जा रही हैं, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे। वहीं खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, गन्ना उत्पादन, चीनी उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान टूटी सड़कों और बदहाल व्यवस्था से होती थी, लेकिन आज प्रदेश आधुनिक एक्सप्रेसवे और मजबूत आधारभूत ढांचे के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश, उद्योग और रोजगार तेजी से बढ़ रहे हैं।

BUSINESS : शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार पर दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट का रुख नजर आ रहा है। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलने के कुछ देर बाद ही मंदड़ियों ने बिकवाली का दबाव बना दिया, जिसकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की कमजोरी बढ़ती चली गई। हालांकि खरीदारों ने बीच बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी की, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था, कि बाजार की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका। सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 0.73 प्रतिशत और निफ्टी 0.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।

10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट की दिग्गज कंपनियों में से बजाज ऑटो, नेस्ले, ओएनजीसी, टाइटन कंपनी और मारुति सुजुकी के शेयर 3.52 प्रतिशत से लेकर 0.15 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, इंटरग्लोब एवियेशन, सिप्ला, डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक के शेयर 3.05 प्रतिशत से लेकर 1.35 प्रतिशत के गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,704 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 710 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,994 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से सिर्फ तीन शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 27 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से सात शेयर हरे निशान में और 43 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 85.16 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,384.95 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के थोड़ी देर बाद ही बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से इस सूचकांक की कमजोरी बढ़ने लगी। लगातार हो रही बिकवाली के कारण पहले 20 मिनट के कारोबार में ही सेंसेक्स 600 अंक से अधिक गिर कर 76,851.19 अंक के स्तर पर आ गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाने की कोशिश की, जिससे इस सूचकांक की चाल में मामूली सुधार होता हुआ नजर आया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 568.96 अंक टूट कर 76,901.15 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 37.25 अंक यानी 0.15 प्रतिशत फिसल कर 24,150.45 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही खरीदारी का सपोर्ट मिलने से यह सूचकांक मामूली रिकवरी के साथ 24,166.30 अंक तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बन गया। लगातार हो रही बिकवाली की वजह से निफ्टी 170 रन से अधिक टूट कर 24,008.70 अंक के स्तर तक गिर गया। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 172.60 अंक की गिरावट के साथ 24,015.10 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,470.11 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,187.70 अंक के स्तर पर मंगलवार के कारोबार का अंत किया था।

NATIONAL : यूपी में ओवैसी की गठबंधन वाली शर्त पर इमरान मसूद की हिदायत, कहा- राहुल गांधी को नेता बनाओ

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सहारनपुर: कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि बीजेपी के खिलाफ चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में ही जीता जा सकता है। उन्होंने कहा है कि सभी दलों को राहुल गांधी के साथ खड़ा रहना होगा, बीजेपी से पार पाना आसान नहीं है, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का क्या हाल हुआ, इससे सबक लीजिए। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के यूपी में गठबंधन के प्रस्ताव पर कहा कि अब लड़ाई सिर्फ राहुल गांधी और मोदी जी के बीच है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को जिताने के लिए किसी को सहायक नहीं होना चाहिए।

एक तरफ राहुल जी, दूसरी तरफ मोदी साहब
एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वे उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन करने को तैयार हैं। इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि, यह फैसला उनका है। लड़ाई उत्तर प्रदेश में हो या देश में, लड़ाई इस समय बिल्कुल सीधी है। एक तरफ राहुल जी हैं और दूसरी तरफ मोदी साहब हैं। बीच का कोई रास्ता नहीं है। राहुल जी के नेतृत्व में ही लड़ाई को जीता जा सकता है।

बीजेपी की जीत में मददगार मत बनिए
ओवैसी ने कहा है कि सम्मान के साथ बराबरी का दर्जा दिया जाए तो वे गठबंधन के लिए तैयार हैं। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि यह फैसला तो पार्टी करेगी, ये मेरा फैसला नहीं है। पार्टी जो फैसला करेगी हम उसके साथ हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी जीत जाए उससे किसी का क्या फायदा होगा। बीजेपी को जिताने के लिए किसी को सहायक नहीं होना चाहिए। जब आप नफरत मिटाने की बात करते हो तो मोहम्मद निभाने वालों के साथ चलो।

समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने कहा है कि बहुसंख्यक समाज जहर हो गया है। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि यह गलत बात है। बहुसंख्यक समाज में बहुसंख्यक लोग प्रेम, मोहब्बत, भाईचारे की बात करते हैं। यह बात बहुत गलत है और किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

टीएमसी का हश्र देख लिया, सबक ले लीजिए
इमरान मसूद ने कहा था कि राहुल गांधी का हाथ थामना चाहिए नहीं तो पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति होगी। उनके इस बयान को समाजवादी पार्टी को दी गई नसीहत माना गया। इस पर मसूद ने कहा कि, मैं सबको कह रहा हूं। अगर आप ईमानदारी के साथ पार पाना चाहते हो तो यह इतना आसान नहीं है। जो हश्र टीएमसी का हो रहा है, उससे सबक ले लीजिए। मैं सबको कह रहा हूं, किसी का नाम नहीं ले रहा हूं।

ममता जी ने पहले बात की होती तो यह हाल न होता
उन्होंने कहा कि देखिए महाराष्ट्र में क्या हाल हुआ, बंगाल में क्या कर रहे हैं। मजबूती के साथ खड़े होंगे, तभी तो लड़ाई लड़ पाएंगे न। उत्तर प्रदेश में चुनाव होना है। लड़ाई बिल्कुल साफ है, राहुल जी के नेतृत्व में ही इनसे पार पाया जा सकता है। उन्होंने यूपी में गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कहा कि यह फैसला पार्टी का है कि किस तरह लड़ना है। लेकिन जो माहौल देश के अंदर बना है वह देख लीजिए। ममता जी ने पहले बात कर ली होती तो यह हालत न होती। हारना और जीतना अलग चीज है, लेकिन यह स्थिति न होती।

NATIONAL : मुज़फ्फरनगर में अम्बेडकर जयंती व वीवीआईपी कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम; एडीजी ने ली उच्चस्तरीय बैठक

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मुजफ्फरनगर। आगामी डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती और जनपद में प्रस्तावित वीवीआईपी (VVIP) दौरों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए रविवार को पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) मेरठ जोन भानु भास्कर और सहारनपुर मंडल के आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रमों के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए रूट डायवर्जन और ट्रैफिक मैनेजमेंट का विशेष प्लान तैयार किया गया है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सहारनपुर परिक्षेत्र अभिषेक सिंह ने खुफिया विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को उनके क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समितियों के साथ संवाद स्थापित करें और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखें। आयुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने नागरिकों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।

NATIONAL : बेटी व व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम : योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए सिर्फ दो ही जगह हैं जेल या जहन्नुम।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। कई परिवारों ने बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बुलंदशहर के विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। साथ ही बताया कि बुलंदशहर के लिए रिंग रोड के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा बुलंदशहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से बुलंदशहर औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास इंटरनेशनल फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी विकसित की जा रही हैं, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा।

बुलंदशहर की पहचान- जय जवान, जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे। वहीं खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

मोबाइल निर्माण और गन्ना उत्पादन में यूपी नंबर-1

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, गन्ना उत्पादन, चीनी उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं।

NATIONAL : भरण-पोषण भत्ता नहीं देने पर पति गिरफ्तार

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भरण-पोषण भत्ता का भुगतान नहीं करने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के मामले में सेन्हा थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला सेन्हा थाना क्षेत्र के नीचे तुरियाडीह गांव से जुड़ा है।जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के मामले में न्यायालय ने सुनवाई के बाद पत्नी के भरण-पोषण के लिए निर्धारित राशि भुगतान करने का आदेश दिया था। बावजूद इसके आदेश का पालन नहीं किए जाने पर न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई की गई।मामला कांड संख्या ओएमसी 59/23 और एमआईएससी 50/24 से संबंधित बताया गया है।

नीचे तुरियाडीह निवासी स्व बिरसा उरांव के 42 वर्षीय पुत्र बलराम उरांव के विरुद्ध उनकी पत्नी ने न्यायालय में भरण-पोषण से संबंधित मामला दायर किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने पत्नी को निर्धारित भरण-पोषण भत्ता देने का निर्देश जारी किया था।न्यायालय के आदेश का पालन नहीं होने पर पत्नी द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। जिसके बाद न्यायालय से जारी वारंट के आलोक में पुलिस ने कार्रवाई की।

सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा के निर्देश पर एसआई दयानंद सरस्वती ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि न्यायालय द्वारा जारी डिस्ट्रेस वारंट के आधार पर बलराम उरांव को गिरफ्तार किया गया। मेडिकल जांच कराने के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से न्यायिक हिरासत में लोहरदगा मंडल कारा भेज दिया गया।

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