Friday, April 10, 2026
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BIHAR : बिहार में गला काटकर मर्डर, तेजस्वी बोले- ये ‘प्रोपेगेंडा फिल्म’ का असर; ड्राइवर का सरेआम गला काटा, फिर भीड़ ने हत्यारे को मार डाला

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बिहार के अररिया जिले स्थित फारबिसगंज में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे राज्य को दहला दिया है. सरेआम गला रेतकर हत्या और उसके बाद मॉब लिंचिंग की इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है.

बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में कानून के शासन को चुनौती देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. एक मामूली विवाद में सत्तू विक्रेता रवि चौहान ने वाहन चालक नबी हसन का बीच सड़क पर गला रेतकर सिर अलग कर दिया. इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी पर कालिख पोत दी.

एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सत्तू विक्रेता रवि चौहान और वाहन चालक नबी हसन के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ था. इसके बाद रवि ने नबी की चाकू से निर्मम हत्या कर दी. फिर बाद में आरोपी को नबी के करीबी लोग पकड़ लेते हैं और बुरी तरह पीट देते हैं.पुलिस किसी तरह उसे घायल हालत में अस्पताल ले जाती है, जहां उसकी मौत हो जाती है. पूरी घटना वीडियो फुटेज में कैद हो गई है.

इस मामले में RJD नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेर लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तेजस्वी ने लिखा, ”ये है बिहार के भयावह हालात, अररिया जिले के फारबिसगंज में एक शख्स ने सरेआम बीच बाजार दूसरे शख्स का गला काट दिया और सैकड़ों लोगों के बीच उसका सिर लेकर घूमता रहा. बाद में मृतक के परिजनों ने हत्या करने वाले को ढूंढ़कर उसकी भी हत्या कर दी. पुलिस भी कानून व्यवस्था को संभालने की जगह जान बचाती दिखी.

तेजस्वी ने आगे लिखा, महाचौपट राज की इससे बड़ी तस्वीर क्या हो सकती है? यह घटना साफ दिखा रही है कि बिहार में कानून व्यवस्था किस हद तक बदहाल हो चुकी है. सत्ताधारी भाजपा-जदयू के नेता ‘सीएम चेयर’ के खेल में लगे हैं और बिहार में हर दिन लूट, हत्या, अपराध और बलात्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.

अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े सरेआम हत्याएं हो रही हैं और कानून का जरा भी डर नहीं है. बालू-दारू में मस्त-व्यस्त और पस्त एनडीए शासन के कारण बिहार की आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. बिहार में एनडीए राज नहीं, महाचौपट राज है. नरेंद्र मोदी 5 साल बाद चुनावों में आकर फिर भी जंगलराज का बेसुरा राग गाएंगे.

और एक बात सिर काट कर घूमने का दृश्य अभी हाल ही में आई प्रोपगंडा फिल्म का दृश्य था, भाजपा सरकार अपने प्रोपेगेंडे के लिए जो जहर समाज में भर रही है, ये भी दिल दहलाने वाला है. जहर की खेती का खामियाजा अब दिखना शुरू हो चुका है.”

NATIONAL : 22 साल का बॉयफ्रेंड और 35 की महिला! 13 साल बड़ी गर्लफ्रेंड का कंबल से दबाया मुंह, हाथ-पांव बांधकर बेड में छिपाई लाश

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दिल्ली के मंगोलपुरी में एक बॉयफ्रेंड ने अपनी महिला मित्र के हाथ पैर बांधे, फिर कंबल से मुंह दबा दिया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी. इसके शव को बेड बॉक्स में बंद कर दिया. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 22 साल के बॉयफ्रेंड और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है.

दरअसल, ​7 अप्रैल को मंगोलपुरी थाना पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम पत्थर मार्केट स्थित उस इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंची, जहां अमरजीत नाम का व्यक्ति पीजी चलाता है. ​वहां एक कमरे में रखे डबल बेड के बॉक्स को जब खोला गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए. अंदर एक महिला की लाश ठूंसी हुई थी. महिला के माथे पर चोट के निशान मिले, हाथ-पांव बंधे थे और गले पर भी निशान मिले.

​जांच में मृतका के गले पर गला घोंटने के निशान और माथे पर गहरी चोट के निशान पाए गए हैं. साथ में हाथ पांव भी बंधे मिले थे.

​फॉरेंसिक जांच
क्राइम टीम और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके का मुआयना कर सबूत जुटा लिए हैं.

​विक्टिम की पहचान
मृतका की पहचान मंगोलपुरी की ही रहने वाली एक 35 वर्षीय महिला के रूप में हुई है.

​पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में पता चला कि मृतका एक व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में थी. 7 अप्रैल को शाम करीब 4:30 बजे वह शख्स और महिला इस पीजी में आए थे. करीब एक घंटे बाद जब आरोपी अकेला कमरे से बाहर निकला, तो पीजी मालिक को कुछ शक हुआ. उसने तुरन्त पुलिस को जानकारी दी, पुलिस ने जब कमरे की जांच की और बेड को खोला तो दंग रह गई, अंदर महिला के शव को रखा गया था.

​मंगोलपुरी थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है. आरोपियों के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है. अब तक तीन आरोपियों ​सुरेंद्र उर्फ बॉबी, जोगिंदर और दीपक को गिरफ्तार किया है.

​फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या की वजह तलाश रही है. आशंका इस बात की भी है कि कहीं महिला का यौन शोषण तो नही किया गया. इसके लिए पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

NATIONAL : कानपुर किडनी कांड में चौंकाने वाला खुलासा, 20 हजार की नौकरी करने वाला सिक्योरिटी गार्ड निकला अस्पताल का मालिक

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कानपुर के किडनी रैकेट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जहां 20 हजार की नौकरी करने वाला एक गार्ड अस्पताल का मालिक निकला. वो गार्ड आरोपी शिवम को अस्पतालों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा था. इस मामले की जांच जारी है. जानें पूरी कहानी.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट केस में हर दिन नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले में एक सरकारी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड की भूमिका सामने आई है, जिसने पुलिस जांच को और भी उलझा दिया है. महज 20 हजार रुपये की नौकरी करने वाला वह गार्ड खुद एक अस्पताल का मालिक निकला और आरोप है कि वह किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लोगों को अस्पतालों से जोड़ता था.

पुलिस की पूछताछ में अब अजय नाम के इस शख्स की भूमिका उजागर हुई है, जो एक सरकारी हेलिक्स अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है. शुरुआत में वह एक मामूली कर्मचारी लग रहा था, लेकिन जांच में उसकी भूमिका कहीं ज्यादा गहरी निकली. अजय का नाम सामने आते ही पुलिस ने उसे नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया. यह खुलासा पूरे मामले को एक नए एंगल से देखने पर मजबूर कर रहा है.

सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि अजय सिर्फ गार्ड ही नहीं, बल्कि खुद एक अस्पताल का मालिक भी रह चुका है. पुलिस के अनुसार, उसने स्टार हॉस्पिटल नाम से एक अस्पताल खोला था, जिसे कुछ समय पहले बंद कर दिया गया. एक मामूली सैलरी पाने वाले व्यक्ति का अस्पताल मालिक होना जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अस्पताल के लिए पैसा कहां से आया और इसका किडनी रैकेट से क्या कनेक्शन था.

जांच में यह भी सामने आया है कि अजय किडनी रैकेट के मुख्य आरोपी शिवम और अन्य लोगों को अस्पतालों से जोड़ने का काम करता था. वह जरूरतमंद मरीजों और डोनर को अलग-अलग अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद करता था. पुलिस का मानना है कि अजय इस पूरे नेटवर्क में एक अहम कड़ी के तौर पर काम कर रहा था. उसकी भूमिका सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह पर्दे के पीछे एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था.

पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि अजय ने ही आरोपी शिवम की मुलाकात रोहन और नरेंद्र से करवाई थी. यही लोग आगे चलकर मेडलाइफ नाम का अस्पताल शुरू करने में शामिल हुए. इस अस्पताल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहीं पर किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े मामलों के सबूत मिलने की बात सामने आई है. पुलिस अब इस कनेक्शन को जोड़कर पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुटी है.

मेडलाइफ अस्पताल को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि यहां पहले भी कई किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं. इतना ही नहीं, इस मामले के व्हिसलब्लोअर आयुष को भी ऑपरेशन के बाद इसी अस्पताल में रखा गया था. आयुष वही शख्स है जिसने पारुल को किडनी दी थी और बाद में इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ. यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है.

पुलिस को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर है कि एक गार्ड की नौकरी करने वाला व्यक्ति इतने बड़े स्तर पर कैसे काम कर सकता है. उसकी आय और संपत्ति के बीच का अंतर भी जांच के दायरे में है. इसी वजह से अजय को नोटिस देकर विस्तृत पूछताछ के लिए बुलाया गया है और उसे आगे भी जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस अब उसके बैंक खातों, संपत्तियों और संपर्कों की जांच कर रही है.

फिलहाल पुलिस के पास इतने ठोस सबूत नहीं हैं कि मेडलाइफ अस्पताल में हुए ट्रांसप्लांट के डोनर और रिसीवर की पूरी जानकारी सामने लाई जा सके. जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और सबूतों के आधार पर ही आगे की गिरफ्तारी तय की जाएगी. यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

NATIONAL : मां और दो बेटियों के शव स्विमिंग पूल में मिले… पिता ने हत्या का संदेह जताया

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हनुमाकोंडा के इनावोलु मंडल में दुखद घटना सामने आई है. यहां बुधवार रात एक मां और उसकी दो नाबालिग बेटियां एक स्विमिंग पूल में मृत पाई गईं. यह घटना पुन्नेला गांव में हुई. यह परिवार आजीविका के लिए गांव के बाहरी इलाके में नेशनल हाइवे के पास एक स्विमिंग पूल चलाता था. स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तीनों की मौत हो गई.

तेलंगाना के हनुमकोंडा से दर्दनाक और रहस्यमय घटना सामने आई है. यहां एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों के शव स्विमिंग पूल में मिले हैं. इससे इलाके में सनसनी फैल गई. यह घटना इनावोलु मंडल के पुन्नेला गांव की है. मृतकों की पहचान 26 वर्षीय फरहत और उसकी दो बेटियों के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 8 साल और 6 साल है.

फरहत की शादी अजहरुद्दीन से हुई थी और परिवार गांव के बाहरी इलाके में वारंगल-खम्मम नेशनल हाइवे के पास एक स्विमिंग पूल चलाकर अपना गुजारा करता था. बुधवार रात परिवार रोज की तरह स्विमिंग पूल पर गया था. इसी दौरान फरहत और उसकी दोनों बेटियां कथित तौर पर पानी में गिर गईं. स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों की मौत हो गई.

हालांकि, यह मामला अब सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसमें साजिश की आशंका भी गहराने लगी है. मृतका के पति अजहरुद्दीन का दावा है कि यह दुर्घटना थी, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

फरहत के पिता अली ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी बेटी और नातिनों की हत्या की गई है और इसे हादसा दिखाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से फरहत और उसके पति के बीच बच्चों को लेकर विवाद चल रहा था. जो इस घटना की एक वजह हो सकता है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए MGM अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.

थाना प्रभारी श्रीनिवास के मुताबिक, मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह वास्तव में हादसा था या फिर किसी साजिश के तहत हत्या की गई. घटना के बाद पीड़ित परिवार के घर का माहौल बेहद है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल, इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

MP : ऐसी पत्नी किसी को न मिले! रो-रोकर सुनाई पति के मर्डर की कहानी, खुद ही प्रेमी के साथ दी थी सुपारी

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मध्य प्रदेश के धार जिले में पत्नी ने रो-रोकर पति की हत्या को लूट बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. प्रेमी के साथ मिलकर एक लाख रुपये की सुपारी देकर पति की हत्या करवाई गई थी. 36 घंटे में पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है.

मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आया यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही चौंकाने वाला भी. यहां एक पत्नी ने पहले तो अपने पति की हत्या की साजिश रची, फिर उसी हत्या को छुपाने के लिए ऐसा नाटक किया कि शुरुआती दौर में हर किसी को उस पर भरोसा हो गया. रो-रोकर उसने ऐसी कहानी सुनाई कि लगा जैसे वह खुद किसी भयावह हादसे की शिकार है. लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने परतें खोलीं, सच्चाई बिल्कुल उलट निकली और वही पत्नी इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड निकली.

यह पूरा मामला धार जिले के गोंदीखेड़ा चारण गांव का है, जहां देवकृष्ण रोहित की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात के समय कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया, और उनकी पत्नी प्रियंका को बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद प्रियंका का रो-रोकर दिया गया बयान पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया था. वह बार-बार यही कह रही थी कि बदमाश अचानक घर में घुस आए, उन्होंने पति पर हमला किया और उसे एक कमरे में बांध दिया. उसके आंसू, उसकी घबराहट और उसकी टूटी हुई आवाज सब कुछ इतना वास्तविक लग रहा था कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ. लेकिन पुलिस की नजरों से यह कहानी ज्यादा देर तक बच नहीं सकी.

मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो कई ऐसी बातें सामने आईं जो इस कहानी से मेल नहीं खा रही थीं. न तो जबरन घुसने के स्पष्ट निशान थे, न ही लूटपाट के ऐसे प्रमाण जो किसी बाहरी हमले की ओर इशारा करते हों. यही से पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ और ही है. जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए जैसे कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन और आसपास के लोगों से पूछताछ. जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ती गईं, प्रियंका की कहानी कमजोर पड़ती चली गई. अंततः जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह ज्यादा देर तक सच छुपा नहीं सकी और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

जांच में सामने आया कि प्रियंका का अपने ही गांव के कमलेश नाम के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. यह संबंध कोई नया नहीं था, बल्कि पिछले कई वर्षों से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे. इसी रिश्ते के चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था. परिवार वालों के मुताबिक, प्रियंका कई बार अपने मायके चली जाती थी और लंबे समय तक वहीं रहती थी. इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया वो है बाल विवाह. पुलिस के अनुसार, प्रियंका और देवकृष्ण की शादी तब हुई थी जब दोनों नाबालिग थे. शादी के बाद वे अलग-अलग अपने परिवारों के साथ रहते रहे. जब प्रियंका बालिग हुई और उसे पति के साथ रहने के लिए कहा गया, तो वह इसके लिए तैयार नहीं थी. यही असहमति धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गई.

प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. योजना इतनी सुनियोजित थी कि इसे एक लूट की वारदात का रूप देने की कोशिश की गई. कमलेश ने अपने एक साथी सुरेंद्र को इस हत्या को अंजाम देने के लिए करीब एक लाख रुपये की सुपारी दी. घटना वाली रात सब कुछ उसी प्लान के मुताबिक हुआ. सुरेंद्र घर में दाखिल हुआ और सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हत्या के बाद प्रियंका को बांध दिया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि वह भी इस वारदात की शिकार है. इसके बाद कुछ समय बीतने पर उसे चिल्लाने के लिए कहा गया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो जाएं और कहानी को असली रूप दिया जा सके. प्रियंका ने वही किया कुछ देर बाद उसने शोर मचाया, रोना-धोना शुरू किया और वही कहानी दोहराई जो पहले से तय की गई थी. लेकिन यह ‘परफेक्ट प्लान’ ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया.

पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया. मयंक अवस्थी (एसपी) के नेतृत्व में टीम ने न सिर्फ प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार किया, बल्कि लूट का सामान भी बरामद कर लिया और हैरानी की बात यह रही कि वह सामान खुद प्रियंका के घर से ही मिला. फिलहाल इस मामले में तीसरे आरोपी सुरेंद्र की तलाश जारी है, जिसे इस हत्या को अंजाम देने के लिए सुपारी दी गई थी. इस खुलासे के बाद मृतक के परिवार में गुस्सा और दुख दोनों साफ दिखाई दे रहा है. देवकृष्ण की मां और बहन ने प्रियंका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्रियंका का व्यवहार शुरू से ही ठीक नहीं था. वह अक्सर विवाद करती थी और अपने पति को अपमानित करती थी. मृतक की बहन ने बताया कि प्रियंका अक्सर कहती थी कि “तुम मुझे डिजर्व नहीं करते, तुम मेरे लायक नहीं हो.” परिवार का यह भी आरोप है कि प्रियंका का कमलेश के साथ संबंध 2020 से चल रहा था और गांव में भी इस बात की चर्चा थी. कई बार कमलेश गांव आता था और घर के आसपास मंडराता दिखाई देता था.

मृतक की मां का कहना है कि उनकी बहू हमेशा झगड़ा करती थी और घर का माहौल खराब रखती थी. उन्होंने यहां तक कहा कि प्रियंका को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. फिलहाल, पूरे गांव में इस घटना को लेकर चर्चा है. लोग हैरान हैं कि जिस महिला को उन्होंने एक पीड़ित के रूप में देखा, वही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता निकली.

Multani Mitti Ke Upay : मुल्तानी मिट्टी सिर्फ स्किन केयर नहीं एनर्जी बैलेंसिंग भी है, इन उपायों से दिखेगा फर्क

मुल्तानी मिट्टी को साधारण मिट्टी समझने की भूल न करें. आमतौर पर इसका इस्तेमाल चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए किया जाता है. लेकिन मुल्तानी मिट्टी का उपाय आपकी किस्मत भी चमका सकता है.

मुल्तानी मिट्टी को साधारण मिट्टी समझने की भूल न करें. आमतौर पर इसका इस्तेमाल चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए किया जाता है. लेकिन मुल्तानी मिट्टी का उपाय आपकी किस्मत भी चमका सकता है.
मुल्तानी मिट्टी के उपाय

मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल भले ही चेहरे की सुंदरता बढ़ाने और त्वचा को साफ करने के लिए किया जाता है. लेकिन वास्तु व ज्योतिषीय दृष्टि में मुल्तानी मिट्टी का संबंध केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि भाग्य को निखारने से भी है.

ज्योतिष में मुल्तानी मिट्टी को पृथ्वी तत्व माना गया है. पृथ्वी तत्व स्थिरता, धैर्य और संतुलन का प्रतीक है. इसलिए इसे घर में रखने से ऊर्जा संतुलित रहती है. इसलिए मुल्तानी मिट्टी को सिर्फ स्किन केयर नहीं, बल्कि एनर्जी बैलेंसिंग के रूप में भी देखा जाता है.

मुल्तानी मिट्टी के उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और ग्रह दोष कम करने के लिए भी मददगार साबित हो सकती है. जानें मुल्तानी मिट्टी के उपाय.
मुल्तानी मिट्टी के उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और ग्रह दोष कम करने के लिए भी मददगार साबित हो सकती है. जानें मुल्तानी मिट्टी के उपाय.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, घर में हमेशा तनाव, आर्थिक परेशानी या कामों में बाधा आती है तो घर के मुख्य दरवाजे के पास पानी में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर इसका छिड़काव करें. इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर का वातावरण शुद्ध होता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पौधों से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होता है. घर पर रखे पौधों में अगर थोड़ी सी मुल्तानी मिट्टी मिला दी जाए तो इससे पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है. आप अपने वर्कप्लेस पर भी रखे पौधों में यह उपाय आजमा सकते हैं.

तनाव और नकारात्मक माहौल में अनिद्रा की समस्या आजकल आम हो गई है. इसके लिए आप बेडरूम में मुल्तानी मिट्टी रखें, इससे मानसिक शांति बढ़ती है और अच्छी नींद आती है.

NATIONAL : मेरठ के सेंट्रल मार्केट में दुकानों पर लटके ताले, सीलिंग के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन

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व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि सेंट्रल मार्केट में भूखंडों का लैंड यूज चेंज करने के नाम पर अधिकारियों ने करोड़ों रुपये व्यापारियों से वसूल लिए और उन्हें बाकायदा एनओसी जारी कर दी गई

मेरठ में सेंट्रल मार्केट की दुकानों को सील करने के विरोध में कारोबारियों ने गुरुवार को मेरठ बंद का ऐलान किया है. इस बंद को सफल बनाने के लिए 655 व्‍यापारिक संगठनों और व्‍यापार संघों ने आह्वान किया है. बंद को प्रभावी बनाने के लिए संयुक्‍त व्‍यापार संघ ने 27 टीमें बनाई हैं. हालांकि इस दौरान आवश्‍यक सेवाओं पर असर नहीं पड़ेगा. दूध और ब्रेड जैसी आवश्‍यक वस्‍तुओं की आपूर्ति नहीं रोक जाएगी.

इसके अलावा परिवहन सेवाएं सुचारु रहेंगी, दवा दुकानें बंद रहेंगी. प्राइवेट अस्‍पतालों में सुबह की ओपीडी बंद रहेंगी पर आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी. पेट्रोल पंप दोपहर 3 बजे तक बंद रहेंगे. गैस की बुकिंग ऑनलाइन होने के कारण व्‍यापारी इसकी सप्‍लाई को प्रभावित नहीं करेंगे. हालांकि एजेंसियों के शटर पूरी तरह बंद रखे जाएंगे. इस बंदी को जिला बार, पेट्रोप पंप एसोसिएशन और आईएमए ने भी अपना समर्थन दिया है.

वहीं इस मामले में व्यापारियों ने लामबंद होकर आवास विकास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि सेंट्रल मार्केट में भूखंडों का लैंड यूज चेंज करने के नाम पर अधिकारियों ने करोड़ों रुपये व्यापारियों से वसूल लिए और उन्हें बाकायदा एनओसी जारी कर दी गई लेकिन बावजूद इसके सुप्रीम कोर्ट में गलत रिपोर्ट पेश कर दी जिसका नतीजा ये हुआ कि आज सेंट्रल मार्केट में 44 भवनों पर सील लग गई और आज सैकड़ो परिवारों के हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट आ खड़ा हुआ. सेंट्रल मार्केट में सैकड़ो व्यापारी धरने पर बैठे हुए हैं.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिकारियों को बुरी तरह से लताड़ लगाई और जवाब तलब करते हुए पूछा कि अभी तक सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों अमल में नहीं लाई गई. इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास , पुलिस प्रशासन और तमाम विभागों की टीमें यहां पहुँची और कार्रवाई की.

TOP NEWS : डांवाडोल सीजफायर… ईरानी राजदूत ने डिलीट किया X पोस्ट, क्या इस्लामाबाद वार्ता से बाहर हो रहा ईरान?

इस्लामाबाद में शुक्रवार को होने वाली शांति वार्ता खतरे में है. ईरान ने एक अहम संकेत देते हुए एक पोस्ट को डिलीट कर दिया है. इस पोस्ट को पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि आज रात ईरान की टीम इस्लामाबाद पहुंचने वाली है.

ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है. पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया है जिसमें उन्होंने वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी डेलीगेट्स के पाकिस्तान में पहुंचने की जानकारी दी थी. शुक्रवार इस्लामाबाद में शुरू होने वाली वार्ता से पहले ईरान के राजदूत के इस कदम को बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है.

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोघदम ने गुरुवार को अपनी एक X पोस्ट डिलीट कर दी. इस पोस्ट में उन्होंने कहा था कि देश का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचने वाला है. मोघदम ने कहा था कि लेबनान में इजरा/ल द्वारा संघर्ष-विराम के उल्लंघन के बावजूद, ईरान “गंभीर बातचीत” के लिए गुरुवार रात को इस्लामाबाद आ रहा है. उनकी ये टिप्पणियां ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ की टिप्पणियों के विपरीत थीं. ग़ालिबफ़ ने दावा किया था कि इन उल्लंघनों के कारण बातचीत “अतार्किक” है.

ये 10 अप्रैल 2026 को शुरू होने वाली है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों को आमंत्रित किया है और मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं. यह वार्ता 8 अप्रैल को घोषित दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी शांति समझौते में बदलने के लिए हो रही है. ईरान अपनी 10 सूत्री प्रस्ताव के आधार पर बातचीत कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे “काम करने लायक आधार” मान रहा है.

ईरान अपनी सहयोगी सशस्त्र समूहों पर हमले रोकने और लेबनान में इजराजल की कार्रवाई बंद करने की मांग कर रहा है. पाकिस्तान का दावा है कि सीजफायर “हर जगह” लागू है, जिसमें लेबनान भी शामिल है, लेकिन इजरायल कह रहा है कि इस समझौते में लेबनान लागू नहीं है. प्रॉक्सी अभी भी सक्रिय हैं, जो सीजफायर को तोड़ सकते हैं.

होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर विवाद है. ईरान ने सीजफायर के बावजूद इसे पूरी तरह से बंद रखा है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार बाधित हो रहा है, तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और ईंधन की कमी हो रही है. ईरान अपनी 10 सूत्री योजना में यहां अपना “नियंत्रण और ओवरसाइट” चाहता है और उसे फीस भी चाहिए. जबकि ट्रंप इसे पूरी तरह से खुला रखना चाहते हैं. यह सीजफायर की शर्त का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है और वार्ता शुरू होने से पहले ही डंवाडोल हो रही है.

ईरान ने गुरुवार को कहा कि उसने होर्मुज में लैंड माइंस भी बिछा दिया है. और कोई भी टैंकर निर्धारित रूट के अलावा कहीं ओर से गुजरता है तो आपदा आ सकती है. इस वक्त होर्मुज में सैकड़ों तेल और गैस टैंकर फंसे हुए है.

ENTERTAINMENT : सलमान खान का एयरपोर्ट पर दिखा स्वैग, चश्मा लगाए डैशिंग अवतार वायरल

सुपरस्टार सलमान खान अक्सर चर्चा में रहते हैं. उनका स्वैग वाला अवतार छाया रहता है. बुधवार रात को सलमान को प्राइवेट एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. इस दौरान का उनका लुक बहुत चर्चा में है.

सलमान खान के लुक की बात करें तो वो ब्लैक शर्ट और रिप्ड जीन्स में दिखे. उन्होंने अपने लुक को चश्मे से कंप्लीट किया. सलमान ने शर्ट के दो बटन भी खोले थे. पूरे लुक में वो कमाल लग रहे थे. फैंस उनके इस लुक देख प्यार बरसा रहे हैं. सलमान ने गाड़ी से उतरकर पैपराजी को पोज भी दिया.

बता दें कि बुधवार को ज्यादातर सेलेब्स को प्राइवेट एयरपोर्ट पर देखा गया. शाहरुख खान से लेकर रणवीर सिंह तक एयरपोर्ट पर दिखे. सभी अनंत अंबानी के बर्थडे बैश में शामिल होने के लिए जामनगर गए. अब सलमान खान भी एयरपोर्ट पर नजर आए. हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि सलमान जामनगर गए या फिर कहीं और. लेकिन सलमान का ये नया अवतार छा गया है.

सलमान खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो वो पिछली बार फिल्म सिकंदर में दिखे थे. इस फिल्म में रश्मिका मंदाना भी नजर आईं. हालांकि, फिल्म चली नहीं. अब वो मातृभूमि में नजर आएंगे. फिल्म अप्रैल में रिलीज होनी थी. हालांकि, अब फिल्म की रिलीज डेट टाल दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का 40 दिन का री-शूट भी हुआ है. अब बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म जून में रिलीज हो सकती है. अगर अप्रूवल मिला तो. मालूम हो कि ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था. जिसे बदल दिया गया है. फिल्म के दो गाने भी रिलीज हो गए हैं.

इसके अलावा सलमान अब दिल राजू के प्रोजेक्ट में भी नजर आएंगे. फिल्म को वामशी पेडिपल्ली डायरेक्ट करेंगे. इस फिल्म की अनाउंसमेंट हो गई है. सलमान के हाथ में राज एंड डीके का भी प्रोजेक्ट है.

NATIONAL : शिमला के राम मंदिर में मुस्लिम रिसेप्शन पर विवाद, समिति बोली-नियम टूटे तो कार्रवाई होगी

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शिमला के राम मंदिर में मुस्लिम रिसेप्शन की बुकिंग को लेकर विवाद हुआ है. मंदिर समिति ने कहा कि यह केवल कम्युनिटी हॉल में कार्यक्रम है और कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होगी. समिति ने साफ किया कि नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं एक संगठन ने ऐसे आयोजन पर विरोध की चेतावनी दी है.

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शहर का सियासी और सामाजिक पारा गरमा दिया है. यहां के प्रसिद्ध राम मंदिर में एक मुस्लिम परिवार की शादी का रिसेप्शन यानी दावत रखने की बात सामने आई, तो हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जता दी. लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए. विवाद इतना बढ़ा कि मंदिर कमेटी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी और साफ करना पड़ा कि वहां आखिर होने क्या जा रहा है.

असल में, राम मंदिर सूद सभा की ओर से मंदिर का कामकाज देखा जाता है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जब इस बुकिंग को लेकर सवाल उठे, तो कमेटी के अध्यक्ष राजीव सूद ने साफ किया कि यह बुकिंग किसी धार्मिक काम के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ एक रिसेप्शन के लिए की गई है. उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मंदिर के कम्युनिटी हॉल में होना है, न कि मुख्य मंदिर के अंदर. कमेटी ने यह भी कहा कि आयोजकों से लिखित में लिखवा लिया गया है कि वहां नमाज या कोई भी मुस्लिम धार्मिक गतिविधि नहीं होगी.

विवाद को बढ़ता देख मंदिर कमेटी अब काफी सख्त मूड में नजर आ रही है. राजीव सूद ने बताया कि पिछले 5 सालों में यहां अलग-अलग समुदायों के करीब 15-16 रिसेप्शन हो चुके हैं और कभी कोई समस्या नहीं आई. लेकिन इस बार के विरोध को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है. हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और कमेटी के दो कर्मचारी पूरे समय वहां तैनात रहेंगे ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.

कमेटी ने एक बड़ी चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर कार्यक्रम के दौरान किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया या कोई धार्मिक गतिविधि करने की कोशिश की, तो बीच में ही हॉल की बिजली काट दी जाएगी. इतना ही नहीं, फौरन पुलिस को भी बुला लिया जाएगा. यानी कमेटी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती और मंदिर की मर्यादा का पूरा ख्याल रखा जाएगा.

दूसरी तरफ, हिंदू संगठनों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है. देवभूमि संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि अगर मंदिर परिसर में ऐसा कोई भी आयोजन होता है, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे. फिलहाल प्रशासन और मंदिर कमेटी दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शहर का माहौल खराब न हो. आसान शब्दों में कहें तो मंदिर कमेटी ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है, लेकिन विरोध करने वाले इसे मंदिर की परंपरा के खिलाफ मान रहे हैं.

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