Saturday, May 16, 2026
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BUSINESS : व्यापार संबंधों में नया मोड़: राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- चीन 200 बोइंग जेट खरीदेगा, खबर के बाद शेयर 4% गिरे

चीन अमेरिका से 200 बोइंग जेट खरीदने पर सहमत हो गया है। ये दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। हालांकि, अनुमान 500 जेट के ऑर्डर का था। अमेरिकी वित्त मंत्री ने ट्रंप के बीजिंग दौरे से पहले कहा था कि चीन बड़े बोइंग ऑर्डर की घोषणा कर सकता है। नौ साल पहले जब ट्रंप 2017 में चीन दौरे पर गए थे तब बीजिंग ने 300 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति व्यक्त की थी। अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में कौन सा नया मोड़ आने के संकेत मिल रहे हैं? जानिए इस खबर में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज चैनल को बताया कि चीन 200 बोइंग जेट खरीदने पर सहमत हो गया है। यह पहला मौका है जब बीते लगभग एक दशक में अमेरिका में निर्मित वाणिज्यिक जेट को चीन खरीदने वाला है। हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच होने वाले इस सौदे का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक खरीदारी की ये खबर आने के बाद बोइंग के शेयर में करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

ट्रंप के इस बयान के बावजूद ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने सिंगल-आइजल 737 मैक्स या बड़े और अधिक महंगे ट्विन-आइजल 777X या 787 जेट में जिक्र कौन से मॉडल के विमान का किया है। खास बात ये है कि बोइंग मुख्य कार्यकारी अधिकारी केली ऑर्टबर्ग और जीई एयरोस्पेस मुख्य कार्यकारी अधिकारी लैरी कल्प उन अमेरिकी अधिकारियों के समूह में शामिल थे जो ट्रंप के साथ चीन गए थे।

बता दें कि नवंबर 2017 में ट्रंप की यात्रा के दौरान, बीजिंग ने 300 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति व्यक्त की थी। करीब नौ साल के बाद चीन दौरे पर गए ट्रंप की जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान एक बड़े बोइंग ऑर्डर की घोषणा की उम्मीद है। हालांकि, 200 की संख्या अमेरिका की उम्मीद से कम है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उद्योग जगत के सूत्रों ने चर्चा के दौरान कम से कम 500-जेट के सौदे की उम्मीद जताई थी। ऐसे में 200 बोइंग की खरीदारी पर सहमति आंकड़ों के लिहाज से काफी कम है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। एयरलाइंस विमानों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में मौजूदा स्थिति में जितने विमानों की जरूरत है, उसके मुकाबले 200 बोइंग जेट की डील आवश्यक नए विमानों की संख्या से काफी कम है।

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर हुए विवादों के कारण बोइंग दुनिया के दूसरे सबसे बड़े विमानन बाजार से बाहर हो गया है। बोइंग कंपनी को बीजिंग और वाशिंगटन के बीच तनाव के अलावा दो दुर्घटनाओं के बाद उपजी चिंताओं के कारण भी मार झेलनी पड़ी है। बोइंग उत्पादन समस्याओं के अलावा 737 मैक्स मॉडल से जुड़े संकट का भी सामना कर रहा है। नकारात्मकता के बीच प्रतिद्वंद्वी कंपनी- एयरबस ने चीनी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यूरोपीय विमान निर्माता- एयरबस ने साल 2008 में तियानजिन में ए320 की असेंबली लाइन खोली। इससे चीनी एयरलाइंस को लुभाने में मदद मिली।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन का विमानन बाजार इतना बड़ा है कि वह एयरबस जैसे केवल एक विमान निर्माता कंपनी पर निर्भर नहीं रह सकता। बोइंग और एयरबस दोनों के बाजार अनुमानों के अनुसार, चीन को 2045 तक कम से कम 9,000 नए जेटलाइनर की जरूरत होगी।

खबरों के मुताबिक ट्रंप ने अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं के दौरान बोइंग विमानों की खरीद बढ़ाने के लिए कई देशों पर आक्रामक रूप से दबाव डाला था। उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, बोइंग सौदे पर अमेरिका और चीन के बीच कई महीनों से बातचीत चल रही थी। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार विवाद के कारण प्रयास विफल रहे। बोइंग मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऑर्टबर्ग ने पिछले महीने रॉयटर्स को बताया था कि ट्रंप प्रशासन से मिल रहे समर्थन के कारण कंपनी को पूरी उम्मीद है कि बोइंग चीन के साथ एक बड़े सौदे को अंतिम रूप देने में सफल रहेगी।

UP : उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का तांडव! मौत का आंकड़ा 111 पहुंचा, सबसे ज्यादा प्रयागराज में 26 मौतें

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उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश के कारण सबसे ज्यादा 26 मौतें प्रयागराज और 16 मौतें भदोही में हुईं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इन मौतों पर दुख जताया।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज तूफान और भारी बारिश के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गये और मकानों को नुकसान पहुंचा तथा कम से कम 111 लोगों की मौत हो गयी और 72 लोग घायल हो गये। राहत आयुक्त कार्यालय ने यह जानकारी दी । सबसे ज्यादा 26 मौतें प्रयागराज और 16 मौतें भदोही में हुईं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इन मौतों पर दुख जताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई जानमाल की हानि और क्षति का संज्ञान लिया तथा अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। राहत आयुक्त कार्यालय ने बृहस्पतिवार शाम जारी एक बयान में कहा, ‘‘13 मई को खराब मौसम, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने के कारण 26 जिलों से 111 लोगों की मौत की खबरें मिलीं। राज्य में 72 लोग घायल हुए, 170 पशु हानि और 227 घरों को नुकसान हुआ।’


विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज में 26, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्रयागराज जिला प्रशासन के अनुसार यहां बुधवार की घटनाओं में कुल 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भदोही में 16 मौतें हुई हैं।

फतेहपुर में अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में नौ लोगों की मौत हुई है और 16 घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ में आंधी-तूफान और बारिश के कारण चार लोगों की मौत हुई है। कानपुर देहात में बिजली गिरने से एक युवती सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि देवरिया में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान गई। सोनभद्र में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई।

महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में गुरुवार को तापमान 40°C के पार दर्ज किया गया। महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी पारा 45°C के ऊपर दर्ज हुआ।

राजस्थान के फलोदी में तापमान 45.2°C, जैसलमेर और बाड़मेर में 45.1°C रिकॉर्ड हुआ। श्रीगंगानगर में 44.8°C और जोधपुर में 44°C पारा रहा। जयपुर, बीकानेर और नागौर में दिनभर हीटवेव जैसे हालात रहने के बाद शाम को बारिश हुई। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

इधर, यूपी में बांदा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। यहां तापमान 45.2°C रहा। इसके अलावा गुजरात का भावनगर 45.2°C और मध्य प्रदेश का खंडवा 44.5°C के साथ अपने राज्य के सबसे ज्यादा गर्म शहर थे।

WORLD : ‘हमलावरों को दी पनाह’: ईरान ने UAE पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- ये मददगार नहीं बल्कि खुद एक हमलावर है

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नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि यूएई ने ईरान पर हुए सैन्य हमले में हमलावरों की मदद की है। ईरान ने इसके पुख्ता सबूत संयुक्त राष्ट्र को सौंप दिए हैं।

नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स देशों की बैठक के दूसरे सत्र के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भारी तनाव देखने को मिला। ईरान ने भरे मंच से खुलेआम आरोप लगाया कि जब उसके ऊपर सैन्य हमले हो रहे थे, तब संयुक्त अरब अमीरात ने हमलावरों का बहुत बड़ा साथ दिया था।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान पर हुए सैन्य हमले को बढ़ावा देने और उसे आसान बनाने में संयुक्त अरब अमीरात ने एक बहुत ही अहम भूमिका निभाई थी। गरीबाबादी ने यह कड़ा जवाब तब दिया जब संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री ने बिना किसी पक्के आधार के ईरान पर ही हमलावर होने का आरोप लगा दिया था। ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि जो देश खुद तनाव बढ़ाता है और हमले में शामिल रहता है, उसे ईरान पर राजनीतिक आरोप लगाने का कोई हक या वैधता नहीं है।


ईरान के उप विदेश मंत्री ने 1974 के संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर एक बहुत बड़ी बात कही है। उन्होंने दुनिया को समझाया कि जब कोई देश हमलावरों को अपने यहां सुविधाएं देता है और उनकी सेवा करता है, तो उसे सिर्फ मदद करना नहीं कहा जा सकता। ऐसा करना अपने आप में एक सीधा हमला माना जाता है। इसलिए, ईरान की नजर में संयुक्त अरब अमीरात सिर्फ एक अपराध का साझीदार नहीं है, बल्कि वह खुद एक बड़ा हमलावर है। ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि हमारे पड़ोसी देश ने जो किया है, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के समान है।

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हवा में कोई बात नहीं कर रहा है, बल्कि उसके पास हर एक हमले के पक्के सबूत हैं। भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी है कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 120 आधिकारिक राजनयिक नोटिस भेजे हैं। ईरान का दावा है कि उसके पास संयुक्त अरब अमीरात से उड़ान भरने वाले हर एक लड़ाकू विमान का पूरा और पक्का रिकॉर्ड है। किस विमान ने किस तारीख को, कितने बजे और किस रास्ते से उड़ान भरी, यह सारी पक्की जानकारी इन 120 नोटिसों में सबूत के तौर पर संयुक्त राष्ट्र को पहले ही सौंप दी गई है।

ईरान ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में बताया है कि जब उसके आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा था, तब वह चुपचाप इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता था। खासकर तब, जब उसका अपना पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात हमलावरों का साथ दे रहा था। ऐसे हालात में ईरान के पास अपनी हिफाजत के लिए संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। ईरान ने उन सभी सुविधाओं और ठिकानों पर हमला किया जहां अमेरिका की हिस्सेदारी थी। ईरान का कहना है कि उसने जो कुछ भी किया है, वह अपनी रक्षा करने के जन्मसिद्ध अधिकार के तहत किया है और यह संयुक्त राष्ट्र के नियमों के बिल्कुल अनुकूल है।

NATIONAL : चारधाम यात्रा में 25 दिनों में 40 श्रद्धालुओं की मौत, केदारनाथ में सबसे ज्यादा

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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में 13 मई तक 12 लाख 64 हजार 217 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन दूसरी ओर यात्रा के दौरान मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 14 मई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक चारधाम यात्रा में 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 22 मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं। वहीं बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 6 और गंगोत्री में 5 श्रद्धालुओं की जान गई है।

सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ते मौत के आंकड़े यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य चुनौतियों और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी परेशानियों की गंभीरता भी दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा में अब तक हुई अधिकांश मौतें स्वास्थ्य खराब होने, हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याओं के कारण हुई हैं। यात्रा मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने और लगातार चढ़ाई की वजह से बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने कई समीक्षा बैठकें की थीं। सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का दावा है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने और शरीर में परेशानी होने पर तुरंत रुकने की अपील की है।

NATIONAL : पश्चिम बंगाल के स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने जारी किया आदेश

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ममता बनर्जी के पिछले निर्देश को रद्द करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले राज्य के सभी विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू होने से पहले स्कूल सभा या प्रात:कालीन प्रार्थना के समय भारत का राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘ वंदे मातरम ‘ को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा। निर्देश में कहा गया है कि स्कूल शुरू होने पर होने वाली सभा में प्रत्येक छात्र को राष्ट्रगीत के गायन में भाग लेना होगा। संस्थानों के प्रमुखों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि अगले सोमवार से राज्य के सभी स्कूलों में प्रार्थना गीत के रूप में ‘वंदे मातरम’ की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने देर शाम इस बारे में आदेश अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया। इसमें कहा गया है कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षाओं की शुरुआत से पहले सुबह की सभा में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के सभी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से सभी बच्चे इसे गाएं।

यह कदम केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान से संबंधित प्रावधानों को मजबूत करने की पहल के कुछ समय बाद आया है। केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध बन जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को संकेत दिया कि राष्ट्रगीत का गायन प्रारंभिक सभा में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल अधिकारियों को इस कार्यान्वयन के प्रमाण के रूप में वीडियो रिकॉर्डिंग सहित पूरी कार्यवाही का दस्तावेजीकरण करने के लिए भी कहा गया है।

इससे पहले, राज्य के स्कूलों में पारंपरिक रूप से केवल रवींद्रनाथ टैगोर की ओर से रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ ही गाया जाता था। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में टैगोर द्वारा ही लिखे गए गीत ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को हाल के वर्षों में राज्य गीत के रूप में पेश किया था। इस सूची में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के जुड़ जाने और राज्य के स्कूलों में इसका गायन अनिवार्य किए जाने से, सुबह की सभा के सीमित समय में इन सभी गीतों के गायन की अवधि और उनके क्रम को लेकर शिक्षकों के एक वर्ग के बीच सवाल उठने लगे हैं। वामपंथ समर्थित एक शिक्षक संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि इस पर और अधिक स्पष्टता का इंतजार है कि क्या सभी गीत दैनिक रूप से गाए जाने हैं और उन्हें वर्तमान समय-सारणी में कैसे समायोजित किया जाएगा।

SPORTS : 6 बॉल में चाहिए थे 15 रन, तिलक वर्मा-विल जैक्स ने पंजाब के मुंह से छीनी जीत, बॉल दर बॉल देखें आखिरी ओवर का रोमांच

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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट ऐसोसिएशन स्टेडियम में पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। इस मैच को मुंबई ने 6 विकेट से जीत लिया।

शार्दुल ठाकुर की धारदार गेंदबाजी बाद तिलक वर्मा के तूफानी अर्धशतक से मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग में गुरुवार को पंजाब किंग्स को छह विकेट से हरा दिया। मेजबान टीम पंजाब किंग्स की लगातार पांचवीं हार है। पंजाब के 201 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई ने तिलक वर्मा (75 रन, 33 गेंद, छह चौके, छह छक्के) के तेजतर्रार अर्धशतक और विल जैक्स (10 गेंद में नाबाद 25, दो चौके, दो छक्के) के साथ उनकी पांचवें विकेट की 20 गेंद में 56 रन की अटूट साझेदारी से 19.5 ओवर में चार विकेट पर 205 रन बनाकर जीत दर्ज की।

सलामी बल्लेबाज रेयान रिकेल्टन (48) ने भी उम्दा पारी खेली। तिलक ने शेरफेन रदरफोर्ड (20) के साथ भी चौथे विकेट के लिए 61 रन जोड़े। हालांकि मैच काफी ज्यादा रोमांच हो गया था। आखिरी ओवर में जीत के लिए मुंबई इंडियंस को 15 रन की दरकार थी। मैच किसी भी और जा सकता था। आइये बॉल दर बॉल जानते हैं कि आखिरी ओवर में क्या-क्या हुआ और कैसे मुंबई ने जीत दर्ज की।

बॉल दर बॉल देखें आखिरी ओवर का रोमांच

पंजाब किंग्स की तरफ से आखिरी ओवर जेवियर बार्टलेट डाल रहे थे।

19.1- जेवियर बार्टलेट की ओवर की पहली गेंद पर विल जैक्स स्ट्राइक पर थे। उन्होंने पहली बॉल पर ही छक्का लगा दिया।

19.2- ओवर की दूसरी गेंद पर विल जैक्स सिर्फ सिंगल ही ले पाए। इसके बाद तिलक वर्मा स्ट्राइक पर आ गए थे।

19.3- ओवर की तीसरी गेंद पर तिलक वर्मा स्ट्राइक पर थे। लेकिन इस बॉल पर कोई रन नहीं आया। यह गेंद डॉट रही। इसके बाद अब मुंबई को 3 गेंद में 8 रन की जरूरत थी।

19.4- ओवर की चौथी बॉल पर तिलक वर्मा ने जेवियर बार्टलेट को शानदार छक्का लगाया। इसके बाद एमआई को जीत के लिए 2 बॉल में 2 रन चाहिए थी।

19.5- ओवर की पांचवीं बॉल पर तिलक वर्मा ने छक्का लगाया और मुंबई को जीत दिला दी।

NATIONAL : विजय के फ्लोर टेस्ट के बाद AIADMK में फूट: बागी गुट ने खोला मोर्चा, क्या तमिलनाडु में भी शिवसेना जैसा ही संकट आने वाला है?

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चेन्नई में अन्नाद्रमुक के भीतर सियासी संग्राम अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी और बागी गुट के बीच टकराव गुरुवार को और गहरा गया। पार्टी के दो वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम और एसपी वेलुमणि अपने समर्थक विधायकों और नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों में जुटे और आगे की रणनीति पर मंथन किया।

दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान अन्नाद्रमुक में खुली बगावत देखने को मिली। बागी गुट के 25 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर सत्तारूढ़ टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद पलानीस्वामी ने कड़ा कदम उठाते हुए शनमुगम, वेलुमणि समेत कई नेताओं और विधायकों को पार्टी पदों से हटा दिया।अब सियासी लड़ाई कानूनी मोर्चे तक पहुंच गई है। शनमुगम-वेलुमणि गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से पलानीस्वामी और उनके समर्थक 22 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

बागी गुट का दावा है कि फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी व्हिप का पालन 25 विधायकों ने किया, जबकि पलानीस्वामी गुट ने निर्देशों की अनदेखी की।पार्टी सूत्रों के मुताबिक शनमुगम-वेलुमणि खेमे का दावा है कि उनके पास पलानीस्वामी से अधिक विधायकों का समर्थन है। यही वजह है कि यह गुट दोबारा जनरल काउंसिल बैठक बुलाने की मांग भी उठा सकता है।

शनमुगम ने साफ कहा कि जब तक उनके गुट को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे पार्टी मुख्यालय नहीं जाएंगे। स्टालिन ने ली हार की जिम्मेदारीइस बीच एमके स्टालिन ने द्रमुक की चुनावी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी हार के बाद भी अपने विधायकों को रिसार्ट में छिपाने वाली राजनीति नहीं करती।

उन्होंने अन्नाद्रमुक पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के भीतर की स्थिति देखकर आगे क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।अन्नाद्रमुक मुख्यालय पर कड़ी सुरक्षाइसी बीच, चेन्नई स्थित अन्नाद्रमुक मुख्यालय के बाहर गुरुवार को भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पार्टी में बढ़ते विवाद और दो गुटों के आमने-सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। पुलिस को आशंका है कि 2022 की तरह फिर से ¨हसक झड़प हो सकती है। उस समय नेतृत्व विवाद के दौरान पार्टी मुख्यालय में तोड़फोड़ और हंगामा हुआ था। इसी कारण इस बार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

आगे क्या?
तमिलनाडु विधानसभा में AIADMK में हुई टूट के बाद पार्टी के विधायी नेता ई. पलानीस्वामी बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को यह तय करना होगा कि क्या बागी विधायकों ने दसवीं अनुसूची के तहत पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है।

हालांकि, स्पीकर का कोई भी फैसला अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना है।

इसी बीच, AIADMK और उसके चुनाव चिन्ह “दो पत्तियां” (Two Leaves) पर नियंत्रण को लेकर लड़ाई आखिरकार चुनाव आयोग तक पहुंच सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि दलबदल विरोधी कानून के तहत स्पीकर के फैसले चुनाव आयोग पर बाध्यकारी नहीं होते।

अगर AIADMK पर नियंत्रण को लेकर कानूनी लड़ाई अदालत तक पहुंचती है, तो उसका आधार 2023 में शिवसेना विभाजन मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला हो सकता है।

“शिवसेना बनाम शिवसेना” मामले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि सदन में व्हिप और नेता नियुक्त करने का अधिकार केवल विधायक दल को नहीं, बल्कि मूल राजनीतिक पार्टी को होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल ज्यादा विधायकों के समर्थन के आधार पर स्पीकर किसी गुट को “असली” पार्टी नहीं मान सकते। इसके बजाय स्पीकर को मूल राजनीतिक दल की संरचना और संविधान की जांच करनी होगी।

NATIONAL : NEET पेपर लीक में इनसाइडर की भूमिका? CBI जांच में गहराया शक, पुणे-लातूर से 2 और गिरफ्तार

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सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अपनी जांच को काफी तेज कर दिया है। अब जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि क्या इस पेपर लीक में किसी इनसाइडर की भूमिका थी।इसी कड़ी में पुणे से एक और संदिग्ध महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि महाराष्ट्र के लातूर में एक सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर को हिरासत में लिया गया है।मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या सात तक पहुंचने के साथ ही, जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह सेंधमारी उस उच्च-सुरक्षा वाली चेन ऑफ कस्टडी के भीतर से हुई थी, जिसके पास 3 मई को होने वाली परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की पहुंच थी।

सीबीआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से उन सभी हितधारकों का विवरण मांगा है जिनके पास पेपर सील होने से पहले उसकी पहुंच थी। इस महत्वपूर्ण जांच प्रक्रिया में उन सभी प्रमुख व्यक्तियों और चरणों को शामिल किया गया है जो परीक्षा प्रणाली का मुख्य हिस्सा रहे हैं।विशेष रूप से, प्रश्न पत्र तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों तथा पैनल में शामिल सभी प्रोफेसरों और शिक्षकों की भूमिकाओं की गहनता से जांच की जा रही है।

इसके साथ ही, किसी भी संभावित खामी या सुराग का पता लगाने के लिए प्रश्न पत्र निर्माण की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई।

पुणे के सुखसागर नगर इलाके से CBI ने मनीषा वाघमारे नाम की महिला को गिरफ्तार किया है, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती है। आरोप है कि वाघमारे ने धनंजय के लिए बिचौलिए के रूप में काम किया। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले वाघमारे के पास लगभग दो दर्जन बैंक खातों से पैसे भेजे गए थे।

वहीं, लातूर में हिरासत में लिए गए सेवानिवृत्त प्रोफेसर दयानंद सागर कॉलेज से जुड़े थे। सूत्रों के अनुसार, यह प्रोफेसर उस अनुवाद पैनल का हिस्सा थे जो प्रश्न पत्र का मराठी अनुवाद किया था।

नीट 13 भाषाओं में आयोजित की जाती है, इसलिए अनुवाद प्रक्रिया के दौरान कड़ी गोपनीयता का पालन करना होता है, लेकिन यहीं से लीक की संभावना जताई जा रही है।

लातूर में एक माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने हड़कंप मचा दिया है। शिकायत में आरोप लगाया है कि शहर के एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 सवाल सीधे तौर पर नीट के मूल प्रश्न पत्र से मेल खाते थे। CBI अब इस कोचिंग संस्थान और गिरफ्तार प्रोफेसर के संबंधों की जांच कर रही है।

राजस्थान में गिरफ्तार तीन संदिग्धों में से एक दिनेश बिवाल पर आरोप है कि उसने लीक हुए पेपर की हार्ड कॉपी को स्कैन कर उसे डिजिटल रूप से शेयर किया। बिवाल ने कथित तौर पर यह पेपर गुड़गांव के यश यादव से प्राप्त किया था। यह पेपर पहले उसने अपने बेटे को दिया और बाद में सीकर जिले के अन्य छात्रों को बेचा।

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत में आरोपियों की रिमांड मांगते हुए CBI ने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस पूरे राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने, वित्तीय लेन-देन का पता लगाने और डिजिटल साक्ष्य बरामद करने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। CBI ने यह भी अंदेशा जताया है कि इसमें NTA के कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

NATIONAL : सैन्य सुधारों में सोच का बदलाव बड़ी चुनौती: सीडीएस चौहान बोले- थिएटरीकरण में भारत अन्य देशों से 15 साल पीछे

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सैन्य सुधारों में सोच का बदलाव बड़ी चुनौती है। ये कहना है देश के सर्वोच्च सैन्य अफसर का। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कलम और कवच सम्मेलन के दौरान कहा कि थिएटरीकरण में भारत अन्य देशों से 15 साल पीछे है। जानिए उन्होंने और किन बातों को रेखांकित किया।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सैन्य सुधारों की प्रक्रिया पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ी बाधा ढांचागत बदलाव नहीं, बल्कि पुरानी मानसिकता को बदलना है। कलम और कवच 2026 सम्मेलन में सीडीएस ने थिएटरीकरण, आत्मनिर्भरता और सेना की तैयारियों पर विस्तार से बात की।

चौहान ने कहा, सेनाओं में थिएटर कमानों का गठन केवल संरचनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि इसके लिए मानसिकता में बदलाव लाना सबसे बड़ी चुनौती है। जब एक बार सोच बदल जाती है, तो ढांचागत सुधार अपने आप आसान हो जाते हैं। दुनियाभर के जिन देशों ने भी एकीकरण की कोशिश की है, उन्हें सेनाओं के बीच मतभेद, कार्यक्षेत्र बचाने की होड़ और संरक्षणवाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

जनरल चौहान ने कहा, भारत इस समय थिएटरीकरण की प्रक्रिया में अन्य विकसित देशों से लगभग 10 से 15 साल पीछे है। इस अंतर को पाटने के लिए क्रमिक रूप से काम करने की बजाय एकसाथ कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जॉइंट ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए लगभग 500 अधिकारियों और 2,000 जवानों की जरूरत होगी, जिन्हें मौजूदा संसाधनों से ही व्यवस्थित किया जाएगा।

सीडीएस ने कहा, भारत ने थिएटरीकरण के लिए आम सहमति का रास्ता चुना है। ढेरों सैन्य संस्थानों और अधिकारियों से बात की है, ताकि जागरूकता बढ़ाई जा सके। जब लोग यह समझ जाते हैं कि हमें भविष्य के मल्टी-डोमेन युद्धों के लिए तैयार रहना है, तो वे बदलाव को स्वीकार करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार देश के रक्षा इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी बदलावों में से एक होगा।

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के पास बेहतर परिस्थितिजन्य आकलन और युद्धक्षेत्र की स्पष्ट जानकारी थी। इसके चलते संघर्ष के सभी चार दिनों में भारत ने बढ़त बनाए रखी। भारतीय सेना को न सिर्फ अपनी तरफ की स्थिति की सटीक जानकारी थी, बल्कि सीमा पार की गतिविधियों पर भी पूरी नजर थी। हम जानते थे कि हमने क्या निशाना बनाया है और जमीन पर क्या हो रहा है। इसी वजह से हम संघर्ष के हर स्तर पर बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।

NATIONAL : BJP का दावा- राहुल की विदेश यात्राओं पर 60 करोड़ खर्च, कांग्रेस बोली- आर्थिक नाकामी से ध्यान भटका रहे

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भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर तीखा हमला बोला। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी ने पिछले 22 वर्षों के दौरान 54 विदेश यात्राएं की और इन पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए। पार्टी ने कहा कि उनकी घोषित आय और विदेश यात्राओं पर स्पष्ट विसंगति नजर आती है। साथ ही, यात्राओं के फंडिंग के स्रोतों की जानकारी भी मांगी।

भाजपा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में कहा कि 2013-14 से 2022-23 तक राहुल गांधी की कुल घोषित आय 11 करोड़ रुपये रही, जबकि सार्वजनिक जीवन में आने के बाद से उनके विदेश दौरों पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

पात्रा ने बृहस्पतिवार को सवाल उठाया कि इतने बड़े खर्च की फंडिंग किसने की? क्या विदेशी संस्थाओं ने फंडिंग की? अगर हां, तो एफसीआरए की मंजूरी कहां है? उन्होंने आगे कहा अगर खर्च निजी फंड से हुआ, तो टैक्स और विदेशी मुद्रा संबंधी खुलासे कहां हैं? या फिर किसी तीसरे पक्ष ने खर्च उठाया? पात्रा ने कहा, यात्रा का विवरण तो सार्वजनिक है लेकिन पैसे का लेन-देन पूरी तरह गायब है। उन्होंने राहुल गांधी के पद को देखते हुए इन दौरों की पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू पर भी चिंता जताई।

कांग्रेस ने कहा-भाजपा आर्थिक नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए राहुल के विदेश दौरों को उठा रही
भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सत्तारूढ़ दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक नाकामी से जुड़े विषयों से ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर निशाना साध रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि भाजपा नेता संबित पात्रा ने मंत्री पद पर अपना दावा पेश करने के लिए राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का मामला उठाया है। लेकिन उन्हें मंत्री बनने के लिए बेहतर विषय की तलाश करनी चाहिए। रमेश ने कहा, यह सब भाजपा के संबित पात्रा की ध्यान भटकाने की कोशिश है।

असली मुद्दा अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने का है। असली मुद्दे विदेश नीति में असफलताएं हैं। रमेश ने दावा किया कि मोदी समझौता करने वाले प्रधानमंत्री हैं और वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं।

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