Wednesday, April 15, 2026
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NATIONAL : सोने-चांदी-हीरे के खुफिया चैम्बर, रत्न भंडार से आती आवाजें! जगन्नाथ मंदिर के पुजारियों का खुलासा

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जगन्नाथ मंदिर के भीतरी रत्न भंडार को 48 साल में पहली बार खोला गया है. इसके अंदर मौजूद सोने-चांदी और हीरे जैसी मूल्यवान धातुओं को गिना जा रहा है. इस मंदिर परिसर में कई और खुफिया चैम्बर होने का दावा भी किया जाता है जिसमें बड़ा खजाना छिपा हो सकता है.

ओडिशा के पुरी स्थितजगन्नाथ मंदिर में 48 साल बाद भीतरी रत्न भंडार खोला गया है. इसके साथ ही अंदर मौजूद बहुमूल्य आभूषणों को गिनने का काम किया जा रहा है. ऐसा कहा जाता है कि इस रत्न भंडार में सोने-चांदी का अथाह भंडार है. मंदिर के प्रांगण में आज भी ऐसे न जाने कितने खुफिया चैम्बर मौजूद हैं जहां खजाना होने का दावा किया जाता है. साथ ही, मंदिर में एक खुफिया सुरंग का जिक्र भी पुजारियों के वंशज करते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर इस सुरंग का राज क्या है और यहां जिस खजाने का दावा किया जाता है, वो कैसे सदियों से सुरक्षित है.

बात साल 2018 की है. जब कुछ लोग अंधेरे रास्ते से होते हुए एक खुफिया तहखाने तक पहुंचे थे. इस गुप्त तहखाने का दरवाजा कई दशकों से खोला नहीं गया था. इसी दरवाजे के पीछे प्राचीन खजाने का भंडार बताया जाता है. उस वक्त दरवाजा तो मिला, लेकिन चाबी नहीं मिल सकी. उस दिन शुरू हुई वो तलाश साल जुलाई 2024 में पूरी हुई. जब उस खुफिया चैम्बर का दरवाजा खोल दिया गया. हालांकि उस वक्त भी मंदिर के रत्न भंडार का अंदरूनी चैम्बर तो खुल गया, लेकिन उसके अंदर से क्या निकला, इस पर आज तक सस्पेंस बना हुआ है.

सदियों से जिन परिवारों की पीढ़ियां जगन्नाथ मंदिर में सेवा पूजा करती आई हैं. उनके सदस्य मंदिर के खजाने को लेकर हैरान करने वाली बातें बताते हैं. जगन्नाथ मंदिर के पुजारी बासुदेव इस रहस्यमयी खजाने का श्रेय कुछ पुराने राजाओं को देते हैं. वही राजा अपना जीता हुआ सामान इस रत्न भंडार में रखते थे. सोने-चांदी के मुकुट, सिंहासन, हीरे, जेवरात आदि सब इसी में रखे जाते थे.

मंदिर के पुजारी बताते हैं कि जगन्नाथ मंदिर के खजाने में इतनी प्रचुर मात्रा में सोना-चांदी और बहुमूल्य रत्न मौजूद थे कि हर 100 साल में एक बार होने वाले रघुनाथ श्रृंगार में पूरी झांकी सोने और रत्नों से पट जाती थी. शायद इसी सोने और रत्नों की चमक विदेशी आक्रांताओं को बार-बार पूरी की ओर खींच लाती थी.
इतिहास में जिक्र मिलता है कि जिस तरह सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों ने 17 बार लूटा था. ठीक उसी तरह जगन्नाथ मंदिर को लूटने का प्रयास भी 18 बार किया गया था. हर बार मंदिर के प्रतिहारियों ने ही ठाकुर जी की प्रतिमा को उन आक्रमणकारियों से बचाया था. जब-जब आक्रमण होता था तब-तब प्रतिहारी प्रतिमा को लेकर किसी अज्ञात स्थान पर छिप जाते थे और ठाकुर जी के स्वरूप को सुरक्षित रखते थे. उन्हीं प्रतिहारियों के वंशज बताते हैं कि ठाकुर जी की प्रतिमा को लेकर उनके पूर्वज मंदिर के भीतर बनी गुप्त सुरंग में चले जाते थे. कहते हैं कि उस सुरंग में आज भी अथाह संपदा मौजूद है.

जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित सोमनाथ इस बात को दोहराते हैं कि मंदिर पर 18 बार आक्रमण हुआ. उन्होंने बताया कि भारत का सबसे बड़ा और धनी मंदिर है.

बता दें कि जगन्नाथ मंदिर में भगवान की इन मूर्तियों को हर 12 साल में एक बार बदलने की परंपरा भी है. जब मूर्तियां बदली जाती हैं तो उस दौरान मंदिर को बंद कर दिया जाता है. शहर की लाइट काट दी जाती है. पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर यह काम करते हैं. पुजारी बताते हैं कि उस दौरान रत्न भंडार से कई रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं.

पुजारी बासुदेव कहते हैं कि हमने इससे जुड़ी कई कहानियां सुनी हैं. उसके अंदर सांपों का गर्जन सुनाई देता है. वहां एक अन्न की हांडी भी रखी जाती है. आज तक पता नहीं चल पाया कि उसे कौन खा जाता है. हम लोग 15 दिन अनवसर में रत्न भंडार के सामने ही काम करते हैं. तब जगन्नाथ जी की लाइट भी काट दी जाती है. घना अंधेरा रहता है. तब बहुत सारी आवाजें सुनाई देती हैं.

भगवान जगन्नाथ के वर्तमान मंदिर का स्वरूप सातवीं शताब्दी का बताया जाता है. सदियों से इस दिव्य मंदिर का अपना एक कठिन अनुशासन है. परंपराएं हैं और उससे बढ़कर ऐसे तमाम रहस्य हैं जो दुनिया के लिए सदा से कौतूहल का विषय रहे हैं. लेकिन दुनिया भर के भक्त पूरी आस्था के साथ मंदिर से जुड़ी परंपराओं और रहस्यों का सम्मान करते हैं.

ENTERTAINMENT : पिता के निधन के बाद भी सेट पर आकर कॉमेडी करते थे राजपाल यादव, सभी से मिला बहुत सारा सपोर्ट

कॉमेडी के दिग्गज एक्टर राजपाल यादव 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में फंसे हैं, जहां कोर्ट ने अगली सुनवाई तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है. वहीं, एक्टर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म भूत-बंगला के प्रमोशन में भी जुटे हैं, जो तीन दिन बाद 17 अप्रैल को रिलीज होने वाली है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म के साथ एक्टर की इमोशनल यादें जुड़ी हैं और इसी फिल्म के दौरान उन्हें बड़ा झटका भी लगा था.

भूत-बंगला राजपाल यादव (Rajpal Yadav Bhooth Bangla) के लिए बहुत खास फिल्म है क्योंकि सालों बाद उन्हें अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन उसी फिल्म की शूटिंग के समय वे इमोशनली कमजोर महसूस करने लगे थे. ऐसा इसलिए क्योंकि भूत-बंगला की शूटिंग के दौरान उन्होंने अपने पिताजी को बीमारी से गुजरते हुए देखा और फिर उनका निधन हो गया.

उन्होंने अपने हालिया यूट्यूब व्लॉग में खुलासा किया कि अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन के साथ शूटिंग करना ऐसा है कि भूख मिटती नहीं है बल्कि बढ़ जाती है. इसी फिल्म के दौरान मेरे पिता अस्पताल में भर्ती हुए थे. उनकी तबीयत बहुत गंभीर थी और दूसरी तरफ फिल्म की शूटिंग चल रही थी.

उन्होंने आगे बताया, कुछ दिनों बाद पिताजी का निधन हो गया लेकिन फिर दोबारा शूटिंग पर आकर हंसी का माहौल और शूटिंग की. सेट पर कभी महसूस नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हुआ है, क्योंकि सालों बाद अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन के साथ काम करने का मौका मिला था.

इससे पहले राजपाल यादव खुद खुलासा कर चुके हैं कि प्रियदर्शन ने पहली ही मुलाकात में उनके कपड़े फाड़ दिए थे. उन्होंने बताया था कि फिल्म जंगल के बाद प्रियदर्शन ने पहली बार मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन उस वक्त लगा था कि इतना बड़ा डायरेक्टर क्यों बुलाएगा, लेकिन फिर उन्होंने अपने ऑफिस बुलाया और शर्ट को आगे पकड़ा और फाड़ दिया. उन्होंने कहा कि प्लेन की तरह दोनों हाथ फैलाकर दौड़ें. पहले अजीब लगा लेकिन असल में वहीं मेरा किरदार था.

बता दें, राजपाल यादव चेक बाउंस मामला 2010 का है, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुयये का लोन लिया था. फिल्म फ्लॉप होने के कारण चेक बाउंस हो गए, और ये लोन ब्याज के साथ बढ़कर लगभग 9 करोड़ तक पहुंच गया, जिसके चलते उन पर कानूनी कार्यवाही हुई. उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.

ENTERTAINMENT : दीपिका कक्कड़ के लिवर में 1.3cm की गांठ, एक्टिंग-व्लॉगिंग छोड़ पत्नी की सेवा में बिजी शोएब, हुई एंग्जाइटी

एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ की जिंदगी में पिछले साल से उथल-पुथल चल रही है. वो खराब मेडिकल सिचुएशन से गुजर रही हैं. पत्नी दीपिका को दर्द में देखकर उनके पति शोएब को एंग्जाइटी होने लगी है.

टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इब्राहिम पिछले साल मई से लिवर कैंसर का ट्रीटमेंट ले रही हैं. लेकिन उनकी मु्श्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. एक्ट्रेस को हाल ही में लिवर में 1.3cm की गांठ होने का पता चला था. फरवरी में उनकी सर्जरी हुई थी. तबसे वो रिकवरी फेज में हैं. उनके पति शोएब इब्राहिम का यूट्यूब व्लॉग में दर्द छलका है.

शोएब ने बताया कि पत्नी दीपिका की हेल्थ कंडीशन को लेकर वो टेंशन में हैं. वो दूसरे अस्पतालों से सेकंड ओपिनियन ले रहे हैं. एक्टर ने बताया कैसे पिछले कुछ हफ्ते उनके हॉस्पिटल का चक्कर लगाते हुए कटे हैं. इन्हीं वजहों से वो व्लॉग नहीं बना पाएं. वो दीपिका की मेडिकल कंडीशन को लेकर टाटा मेमोरियल अस्पताल सेकंड ओपिनियन लेने गए थे. डॉक्टर्स ने उन्हें कुछ और टेस्ट और MRI कराने की सलाह दी है. एक्टर ने कबूला कि वो दीपिका को लेकर परेशान हैं.

शोएब ने कहा- पिछले 10-12 दिनों से मैं ज्यादा व्लॉग नहीं कर पा रहा हूं. इसके दो कारण हैं. अभी दीपिका का 3 दिन पहले सिटी स्कैन हुआ, सब ठीक है. रिस्क नहीं है लेकिन मॉनिटर करना पड़ेगा. बस यही सब चल रहा है. हर दिन अस्पताल जाना, ओपिनियन लेना, टेस्ट कराना, ऐसे में रोज व्लॉग बनाकर आपको क्या ही बोर करना. मैंने सोचा एक बार में सब बता दूंगा.

शोएब ने कबूला कि उन्हें दीपिका के लिए हेल्थ एंग्जाइटी होने लगी है. वो कहते हैं- मैं हमेशा परेशान सा रहता हूं. अगर कोई छोटी बात भी होती है, तो दीपिका से ज्यादा मैं परेशान होने लगता हूं. ये सब बातें मैं दीपिका को बताता नहीं हूं, आज कह रहा हूं. जब ये रात में सो रही होती है, इसके अगर पैरों में दर्द होता है, तो दीपिका से ज्यादा मुझे डर लगने लगता है. इसलिए मैंने जिम जाना शुरू कर दिया है, ताकि खुद की हेल्थ को ठीक करूं. इस दौरान दीपिका इमोशनल नजर आईं. एक्ट्रेस ने कहा कि जो इंसान मरीज के साथ रहता है. वो मरीज से ज्यादा मुश्किल वक्त में रहता है.

दीपिका को मुश्किल वक्त में फैंस का साथ मिल रहा है. पिछले साल एक्ट्रेस ने स्टेज 2 लिवर कैंसर होने की जानकारी दी थी. जून 2025 में ट्यूमर को हटाने के लिए उनकी सर्जरी हुई थी. एक्ट्रेस ने फैंस के साथ कीमोथेरेपी का एक्सपीरियंस शेयर किया है. लाइफ में चल रही इस उथल-पुथल पर बात करते हुए वो इमोशनल हो जाती हैं.

ENTERTAINMENT : ‘इंडस्ट्री में सब मर्जी से होता है’, डिजाइनर का दावा, बताया कंट्रोवर्सी कैसे होती है क्र‍िएट

फैशन डिजाइनर रोहित वर्मा ने कास्टिंग काउच और ड्रग्स जैसे आरोपों पर बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कास्टिंग काउट और ड्रग्स यूज की बातों को खारिज करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में सब कुछ रजामंदी से होता है. उनके इस बयान ने नई बहस छेड़ दी है.

फिल्म इंडस्ट्री हो या फैशन इंडस्ट्री- अक्सर यहां सेलेब्स पर कास्टिंग काउच जैसे आरोप लगते रहे हैं. कई मॉडल्स और एक्ट्रेसेज ने फायदा उठाए जाने पर खुलकर बात की है. लेकिन फेमस डिजाइनर रोहित वर्मा की सोच इससे अलग है. उनका कहना है कि फैशन इंडस्ट्री पर उंगली उठाना आसान है, क्योंकि यहां कैमरे हैं. एक शॉकिंग बयान देते हुए उन्होंने ये तक कह दिया कि- यहां कोई किसी से जबरदस्ती नहीं करता. सब अपनी मर्जी से जाते हैं.

इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर्स या प्रोड्यूसर्स पर अक्सर हीरोइनों का फायदा उठाने के आरोप लगे हैं. वहीं पार्टीज में ड्रग्स के इस्तेमाल पर भी कई सवाल उठाए गए हैं. इन सब पर रिएक्ट करते रोहित ने कहा कि- सब बातें बनाई जाती हैं. फैशन इंडस्ट्री भी वैसे ही काम करती है जैसे कॉर्पोरेट, बस यहां ग्लैम ज्यादा है तो उंगली उठाना आसान हो जाता है.

फिल्मीज्ञान से रोहित ने कहा- मैं बहुत प्राउडली कहता हूं कि मैं फैशन इंडस्ट्री का क्वीन हूं और ये जितने भी आरोप लगते हैं- सब बहुत बुलशिट बातें हैं. कोई किसी का यहां पर रेप नहीं करता. सब कुछ यहां रजामंदी से होता है. फैशन इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा उंगली इसलिए उठती हैं, क्योंकि हम लोग ज्यादा ग्लैमरस होते हैं. कैमरा यहां ज्यादा होते हैं. वरना कास्टिंग काउच तो कोर्पोरेट इंडस्ट्री में भी होता है. बाकी इंडस्ट्रीज में भी होता है. आप कहते हैं सिर्फ फैशन ही ड्रग्स वगैरह को इतना बढ़ावा देता है- ये सब बकवास है.

‘मुझे लगता है अगर आपके अंदर टैलेंट है तो कोई आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता. आपमें हुनर है, आपके ऊपर आपकी मां का आशीर्वाद है, आपकी नीयत साफ है तो आपको कोई स्टार बनने से नहीं रोक सकता. तो ये गलत बात है कि कोई किसी को यहां पर किसी चीज के लिए फोर्स करता है. जैसे मेरे एक दोस्त ने मुझपर मीटू का आरोप लगा दिया था क्योंकि उन्हें बिग बॉस में जाना था. तो मैंने उनके साथ की सारी चैट सोशल मीडिया पर डाल दी थी. आपके पास भी ऑप्शन हैं.’

रोहित ने आगे समझाया कि सब इस फील्ड में अपनी मर्जी से आते हैं, अपनी समझदारी से फैसले लेते हैं. फिर शिकायत करते हैं. वो बोले- देखो यहां कोई दूध का धुला नहीं है, यहां पर सबकी अपनी-अपनी सोच होती है. पर ये जो लोग कहते हैं हमारे साथ जबरदस्ती की- तो ये गलत है. हम सब अपनी मर्जी से कहीं भी जाते हैं. अब अगर आप रात 12 बजे मेरे घर की घंटी बजा रहे हैं, तो आप अपनी मर्जी से आए हैं. किसी के ड्रॉइंग रूम में बैठकर अगर आप कॉफी पी रहे हैं, और वो आपको बेडरूम में बुला रहा है तो वो 10 कदम आप खुद चलकर जा रहे हैं. तो परमिशन आप दे रहे हैं. आप मना कर सकते हैं, वहां से जा सकते हैं. आपको अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी होगी.

रोहित बिग बॉस का भी हिस्सा रह चुके हैं, उन्होंने हाल ही में अपने नए कलेक्शन को लॉन्च किया था. इसमें बिपाशा बसु ने लंबे समय बाद रैम्प पर जलवा बिखेरा था.

MP : खेत में बुलाकर पति की हत्या, तलवार से किए शव के टुकड़े, जलाया और JCB से गड्ढा खुदवाकर दफनाया, मंदसौर में रूह कंपा देने वाली वारदात

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मंदसौर के भानपुरा में पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति धनराज नाथ की हत्या कर दी. पहले गला घोंटा, फिर शव को टुकड़ों में काटकर जलाया और खेत में दफना दिया. बाद में गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस जांच में खुलासा हुआ. परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम किया.

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप रही है.

जानकारी के मुताबिक मृतक धनराज नाथ को उसकी पत्नी के प्रेमी पंकज चौधरी ने बहाने से खेत पर बुलाया था. यह सब पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था. खेत पर ले जाकर पहले धनराज का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद क्रूर तरीका अपनाया.

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को तलवार से टुकड़ों में काट दिया. इसके बाद उन टुकड़ों को जलाने की कोशिश की गई ताकि पहचान मिटाई जा सके. इतना ही नहीं, सबूत खत्म करने के लिए उन्होंने जेसीबी की मदद से खेत में गड्ढा खुदवाया और उसमें शव के अवशेषों को दफना दिया. इस पूरी वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी को शक न हो.

हत्या के बाद आरोपी पंकज चौधरी ने अपनी प्रेमिका और मृतक की पत्नी धापुबाई के साथ मिलकर भानपुरा थाने पहुंचकर धनराज नाथ की गुमशुदगी दर्ज कराई. इस तरह उन्होंने अपने अपराध को छुपाने की पूरी कोशिश की. परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि धनराज कहीं लापता हो गया है.लेकिन इधर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी. तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ. उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए. इसके बाद पुलिस ने मामले में गहराई से तफ्तीश शुरू की.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी का गांव के ही पंकज चौधरी के साथ प्रेम संबंध था. यह जानकारी सामने आते ही पुलिस ने पंकज चौधरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया. मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पंकज ज्यादा देर तक सच छुपा नहीं सका और उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया.

पंकज की निशानदेही पर पुलिस उसे उसी खेत में लेकर गई जहां शव को दफनाया गया था. वहां से पुलिस ने गड्ढा खुदवाकर शव के अवशेष बाहर निकाले. मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया. जांच के दौरान पुलिस को शव की राख, कुछ जले हुए अवशेष और मिट्टी मिली. इन सभी को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर पुलिस थाने लाई गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है. इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद मृतक धनराज नाथ के परिवार में आक्रोश फूट पड़ा. खासकर उनके दो मासूम बच्चों की हालत देखकर हर कोई भावुक हो गया. परिजनों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने गरोठ-भानपुरा मार्ग स्थित दुधाखेड़ी फंटे पर चक्काजाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने कई मांगें रखीं. उन्होंने आरोपी पंकज चौधरी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की. साथ ही उसका नार्को टेस्ट कराने और इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की मांग उठाई. इसके अलावा उन्होंने मृतक की पत्नी धापुबाई को भी बराबर का आरोपी बनाकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही.

परिजनों के इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे. काफी देर तक बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. यह पूरा मामला न केवल एक जघन्य हत्या का उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत संबंधों में आई दरार किस तरह एक भयानक अपराध का रूप ले सकती है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है.

ENTERTAINMENT : लव अफेयर ने डुबोया इस एक्ट्रेस का करियर, शादी से पहले प्रेग्नेंट हो करवाया अबॉर्शन

90 के दशक की वो पॉपुलर एक्ट्रेस जिसका एक शादीशुदा शख्स के संग अफेयर रहा और उसके बाद वो प्रेग्नेंट हो गईं. उसके बाद उन्हें अबॉर्शन करवाना पड़ा, जिसका असर उनके करियर पर पड़ा.

साउथ की वो पॉपुलर एक्ट्रेस जो अपनी दमदार एक्टिंग के लिए आज भी मशहूर हैं. उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में कई उतार-चढ़ाव का सामना किया. उनको लेकर कई तरह की कंट्रोवर्सी हुई, जिसका असर उनके करियर पर देखने को मिला.ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि रामा कृष्णन हैं,जिनकी गिनती 90 के दशक में साउथ की टॉप एक्ट्रेस में हुआ करती थी. लेकिन, करियर के पीक पर वो एक कंट्रोवर्सी में फंस गईं, जिसकी वजह से उनका करियर बर्बाद हो गया.

एक दौर में राम्या कृष्णन का अफेयर पॉपुलर फिल्म निर्देशनक एस.रविकुमार के साथ था. दोनों ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया था, इसी वजह से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. हालांकि, रविकुमार पहले से ही शादीशुदा थे. इस वजह से काफी विवाद हुआ था.सबसे ज्यादा विवाद तो तब हुआ जब राम्या कृष्णन के प्रेग्नेंसी की खबरें सुर्खियों में छा गईं. शादी से पहले ही प्रेग्नेंट होना राम्या के लिए किसी मुसीबत से बिल्कुल भी कम नहीं था.

DNA और BollywoodShaadis के अनुसार राम्या को निर्देशन ने अबॉर्शन करवाने के लिए कहा. एक्ट्रेस ने भी करियर और परिवार के दवाब में बच्चे को जन्म ना देने का फैसला किया. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि एक्ट्रेस ने अबॉर्शन के लिए रविकुमार से 75 लाख रुपये लिए थे.

राम्या की लाइफ में खुशियों ने तब दस्तक दी, जब निर्देशक कृष्णा वामसी की उनकी लाइफ में एंट्री हुई. दोनों को प्यार हुआ और इस कपल ने 2005 में शादी कर ली.इस शादी से राम्या को एक बेटा भी है. वो अपनी मैरिड लाइफ में बेहद खुश हैं. शादी के बाद राम्या ने फिर से अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया और अभी भी एक्टिंग करती हैं.प्रभास की फिल्म बाहुबली और बाहुबली 2 में राम्या ने शिवगामी देवी की भूमिका निभाई थी. इस कैरेक्टर में उन्हें काफी पसंद किया गया था.

NATIONAL : इस्तीफे के बाद आज ही सीएम आवास छोड़ देंगे नीतीश कुमार, यह होगा उनका नया ठिकाना

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7 सर्कुलर रोड आवास राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है. 2015 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत हुई थी. उस समय भी नीतीश कुमार इसी आवास में रह रहे थे.

बिहार के मुख्यमंत्री पद से आज मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद ही नीतीश कुमार अपने नए आवास में शिफ्ट हो जायेंगे. अब उनका नया ठिकाना आधिकारिक आवास, 1 अणे मार्ग की बजाय पटना का 7 सर्कुलर रोड का बंगला होगा. यह बिहार सरकार का टाइप-VII VIP सरकारी बंगला है, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्री या बड़े नेताओं को आवंटित किया जाता है.

नीतीश के आधिकारिक आवास, 1 अणे मार्ग से पहले ही सारा सामान शिप्ट कर दिया गया है. 1 अणे मार्ग का आवास बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है. नीतीश जब भी मुख्यमंत्री रहें , यही उनका मुख्य प्रशासनिक निवास रहा. नीतीश कुमार ने वर्ष 2014 में सीएम पद से त्यागपत्र दिया था. उसके बाद जीतनराम मांझी भी मुख्यमंत्री बनने के बाद इसी मकान में रहे थे. उनके इस्तीफे के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बनकर नीतीश इस आवास में शिफ्ट हुए थे.

वहीं, 7 सर्कुलर रोड आवास राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है. 2015 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत हुई थी. उस समय भी नीतीश कुमार इसी आवास में रह रहे थे और राजद सुप्रीमो लालू यादव के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी. उस जीत के बाद उनकी राजनीतिक वापसी को भी इसी आवास से जोड़ा जाता है. गौर हो कि नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ने से पहले मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की और यह बैठत कुछ देर ही चली. इस बैठक में उन्होंने साफ किया कि जो भी सीएम बनेगा उसका वो पूरा सहयोग करेंगे.

नीतीश मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल को सूचना देंगे. आज दोपहर 3:15 बजे नीतीश कुमार के इस्तीफे देने की खबरें हैं. हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि बिहार का अगला सीएम कौन होगा जिसको लेकर आये दिन विपक्ष एनडीए की गठबंधन सरकार पर हमलावर है. आज 3 बजे तक बीजेपी विधानमंडल बैठक में औपचारिक ऐलान हो सकता है कि आखिर बिहार का अगला सीएम कौन होगा.

NATIONAL : ‘कल पुलिस वालों पर हमला करना है…’, नोएडा हिंसा में शामिल ‘कर्मचारियों’ के व्हाट्सएप चैट में क्या मिला?

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नोएडा में प्रोटेस्ट और आगजनी मामले में जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट और ऑडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस पर हमले की साजिश के संकेत मिले हैं. नकाबपोश उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि मजदूरी बढ़ोतरी के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बीते दिन नोएडा में हुई हिंसा मामले में जांच तेज हो गई है. इसमें आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों की भीड़ में कई कई नकाबपोश भी नजर आए जो मजदूरों की आड़ में उत्पात मचा रहे थे. ऐसे में जांच शुरू की गई तो पुलिस के हाथ कुछ व्हाट्सएप चैट और ऑडियो मैसेज लगे.

नोएडा पुलिस को मिले कई व्हाट्सएप ग्रुप हिंसा से 3 दिन पहले से एक्टिव हुए थे. एक ऑडियो में एक शख्स भीड़ को एकत्रित होने को बोल रहा है. इसके अलावा वह साफ शब्दों में कह रहा है ‘कल, भाई पुलिस वालों पर हमला करना है’. इंस्टाग्राम मैसेज में एक शख्स पुलिस के लाठी चार्ज के जवाब में सभी लोगों से भारी मात्रा में मिर्च पाउडर लाने को कह रहा है.

पुलिस के हाथ लगे कई सीसीटीवी और वीडियो फुटेज भी मिले हैं जिनमें नकाबपोश लोग नजर आ रहे हैं जो लाठी से सीसीटीवी पर हमला कर सबूत मिटा रहे हैं. पुलिस इन सभी की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में है.

बता दें कि नोएडा में बीते सोमवार को वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर निजी कंपनियों के कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया था. कई दिनों से चल रहे धरने के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश भड़क उठा, जिससे सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया. ट्रैफिक प्रभावित होने से ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत हुई, वहीं कुछ जगहों पर वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है.अंतरिम वेतन वृद्धि के नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है.लेकिन मजदूर उससे संतुष्ट नहीं हैं.

ENTERTAINMENT : ‘उठाकर नहीं फेंका तो एक बाप की औलाद नहीं’, गुस्से में तिलमिलाए पवन सिंह, देखती रही मां

पवन सिंह ने अपने विरोधियों को कड़ी चुनौती दी.उनका ये दबंग अंदाज फैंस को बेहद पसंद आया और उन्होंने जोरदार तालियों और हूटिंग से उनका समर्थन किया. इवेंट में पवन सिंह ने अपने सुपरहिट गाने पर डांस भी किया.

भोजपुरी स्टार पवन सिंह जब भी स्टेज पर जाते हैं, फैंस के बीच गर्दा मचा देते हैं. बीते दिनों वो एक इवेंट में पहुंचे. यहां स्टेज से पावर स्टार ने अपने विरोधियो और फेक न्यूज फैलाने वालों को रेल दिया. अब उनके निशाने पर खेसारी लाल यादव थे या कोई और… वो ही बता सकते हैं. मगर इतना जरूर है पवन सिंह ने अपना दमखम दिखाकर सबकी बोलती बंद कर दी है.

पावर स्टार ने मंच से हेटर्स पर कड़ी लगाम लगाते हुए कहा- कौन न्यूज बनाता है कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है, मैं इस मंच से ऐलान कर रहा हूं अगर तुम में दम है तो मेरे सामने आकर दिखाओ. 2 सेकंड में उठाकर नहीं फेंक दिया तो हम एक बाप का औलाद नहीं हैं. पवन सिंह के पावर बोल सुनकर वहां मौजूद लोग जोर से हूटिंग करने लगते हैं. तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है. लंबे वक्त बात स्टेज पर पवन सिंह का एग्रेसिव मोड दिखा. वो गुस्से में रिएक्शंस देते नजर आए. फैंस ने पवन की तारीफ के पुल बांधे. किसी ने कहा- जब शेर अपनी पर आता है तो किसी की सुनता नहीं है. यूजर ने कहा- पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के सलमान खान हैं. यहां पर बस उनकी ही चलती है.

इस वक्त पवन सिंह की मां भी स्टेज पर खड़ी थीं. वो बेटे को टकटकी लगाकर देखती नजर आईं. पवन सिंह का ये दबंग अंदाज फैंस को पसंद आ रहा है. एक्टर ने अपने सुपरहिट सॉन्ग पर डांस किया, ठुमके लगाए. पवन सिंह के इन ठुमकों की पॉपुलैरिटी यूपी-बिहार से आगे निकल गई है. इवेंट में उन्होंने डांस से गर्दा उड़ाया. ऑडियंस भी पवन सिंह के साथ नाची. फैंस ने पावर स्टार के डांस पर सीटियां और तालियां बजाईं.

पवन सिंह की गिनती भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार्स में होती है. वो जिस भी प्रोजेक्ट पर हाथ रखते हैं, वो हिट हो जाता है. कुछ वक्त पहले वो हिंदी रियलिटी शो राइज एंड फॉल में दिखे थे. इस शो ने उनकी पॉपुलैरिटी को फलक तक पहुंचाया. अब वो हिंदी बेल्ट में भी भौकाल मचा रहे हैं.

MUMBAI : ‘टेक्नो कॉन्सर्ट’ में ड्रग ओवरडोज़ से 2 छात्रों की मौत, एक ICU में भर्ती

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मुंबई के गोरेगांव में आयोजित एक हार्ड टेक्नो कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज़ का मामला सामने आया है. इस घटना में 24 साल के एक छात्र और एक छात्रा की जान चली गई है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को वेयरहाउस में 11 अप्रैल को आयोजित एक हार्ड टेक्नो कॉन्सर्ट में शामिल हुए दो छात्रों की कथित ड्रग ओवरडोज़ से मौत हो गई है. वनराई पुलिस स्टेशन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक इवेंट ऑर्गनाइज़र और कुछ पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. मरने वालों में 24 वर्षीय एक युवक और 24 वर्षीय एक युवती शामिल है, जो अपने दोस्तों के समूह के साथ इटली के कलाकारों का कॉन्सर्ट देखने गए थे.

सूत्रों के मुताबिक, इस ग्रुप के तीन सदस्यों ने ड्रग्स का सेवन था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. पीड़ितों को पहले ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा अस्पताल’ और फिर निजी अस्पतालों में ले जाया गया. इलाज के दौरान सोमवार तक दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और वह आईसीयू में जीवन और मौत की जंग लड़ रही है.

वनराई पुलिस ने ड्रग्स की बिक्री, कब्जे और आपराधिक साजिश के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ पढ़े-लिखे पोस्ट ग्रेजुएट छात्र भी शामिल हैं. पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कॉन्सर्ट के दौरान छात्रों को किस तरह के घातक ड्रग्स बेचे या दिए गए थे, जिससे उनकी जान चली गई.

ड्रग ओवरडोज़ के बाद पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था. गोरेगांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती छात्र की पहले मौत हुई, जिसके बाद सोमवार को एक छात्रा ने भी दम तोड़ दिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह ड्रग ओवरडोज़ से जुड़ा मामला लग रहा है. अभी भी एक महिला का इलाज चल रहा है, जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

यह दुखद घटना उस वक्त हुई, जब नेस्को वेयरहाउस में इटली के टेक्नो कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे थे. हार्ड टेक्नो म्यूजिक के इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सुरक्षा इंतजामों और निगरानी के बावजूद आयोजन वाली जगह के अंदर नशीले पदार्थ कैसे पहुंचे और इसमें इवेंट मैनेजमेंट की क्या भूमिका रही है.

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