Monday, May 25, 2026
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SPORTS : राजस्थान सातवीं बार प्लेऑफ में, मुंबई को 30 रनों से हराया; पंजाब और कोलकाता दोनों बाहर

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राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रनों से हरा दिया है. इसी के साथ राजस्थान आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में जाने वाली चौथी टीम बन गई है. उससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद अंतिम-4 में जगह पक्की कर चुकी हैं.

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए थे. इसके जवाब में मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 175 रन ही बना सकी. राजस्थान की इस जीत की वजह से पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 से बाहर हो गई हैं.

यह आईपीएल के इतिहास में सातवीं बार है जब राजस्थान रॉयल्स की टीम ने प्लेऑफ में जगह बनाई है. इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में जगह बनाने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम है, जो 12 बार अंतिम-4 में पहुंची है. यह रियान पराग के लिए भी बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिन्होंने बतौर कप्तान पहले ही सीजन में राजस्थान को प्लेऑफ में पहुंचाया.

मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी. वानखेड़े के मैदान पर 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करने आई मुंबई इंडियंस की शुरुआत बहुत खराब रही. MI की हार की नींव वहीं से रखी जा चुकी थी जब रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए. 38 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने पहले विल जैक्स के साथ मिलकर 63 रनों की पार्टनरशिप की, फिर हार्दिक पांड्या संग मिलकर 48 रनों की साझेदारी की.

सूर्या 42 गेंद में 60 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं हार्दिक पांड्या ने भी 15 गेंद में 34 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत तक नहीं ले जा सके.

पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का प्लेऑफ में जाना राजस्थान रॉयल्स की हार पर निर्भर था. राजस्थान हार जाती तो कोलकाता और पंजाब के लिए प्लेऑफ के दरवाजे खुले रहते. राजस्थान के अब 16 पॉइंट्स हो गए हैं, जबकि पंजाब के 15 अंक हैं. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स भी अपना आखिरी मैच जीतकर अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंच सकती है.

NATIONAL : देशभर में नौतपा की शुरुआत, अगले 9 दिन झुलसाएगी गर्मी; कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट

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देश में नौतपा शुरू होते ही भीषण गर्मी का असर बढ़ा। महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी 47.2°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। MP-UP समेत कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी।

देशभर में आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 9 दिनों तक भीषण गर्मी और हीटवेव का असर और ज्यादा बढ़ सकता है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.2°C दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा रहा।

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यूपी के बांदा में तापमान 46.8°C रिकॉर्ड किया गया। प्रयागराज, उरई और झांसी में 45.6°C, आगरा में 45.4°C और हमीरपुर में 45.2°C तापमान दर्ज हुआ। मध्यप्रदेश के नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म रहे, जहां पारा 45.8°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में 29 मई के बाद मौसम बदल सकता है और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।

हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

27 मई को भी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में हीटवेव चलने की आशंका है। दूसरी ओर बिहार, असम, मेघालय और केरल में भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।डॉक्टरों के मुताबिक 45°C से ज्यादा तापमान में शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ने से अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना खाने से परेशानी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी है।

BUSINESS : SBI के ग्राहकों के लिए राहत, 25-26 मई की हड़ताल टली, सामान्य रूप से खुलेंगे बैंक

SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, “हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।”

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक ने बताया कि 25 और 26 मई 2026 को होने वाली बैंक कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इसका मतलब है कि इन दोनों दिनों में देशभर में SBI की सभी शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहेंगी।

SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, “हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।”

SBI स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने कहा, ‘प्रबंधन के साथ मुंबई में हुई बैठक पॉजिटिव रही और कर्मचारी महासंघ की कई मांगों पर प्रगति हुई है। इन परिस्थितियों में प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है।’

SBI कर्मचारी महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने अपने सदस्यों को भेजे संदेश में कहा, “मुंबई स्थित कॉरपोरेट सेंटर में बैंक प्रबंधन और महासंघ के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। चर्चा के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है।”

यह हड़ताल All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने बुलाई थी। यूनियन का कहना था कि बैंक में कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पेंशन से जुड़े मुद्दे और वेतन असमानता जैसे कई मामलों पर लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनियन ने 16 मांगों की एक सूची रखी थी। इसमें नए कर्मचारियों की भर्ती, खाली पदों को भरना, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में ज्यादा लचीलापन देना और कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों में बदलाव जैसी मांगें शामिल थीं।

कर्मचारी संगठन का कहना था कि स्टाफ कम होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही, कई शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी से सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई थी। हालांकि, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल यह आंदोलन वापस ले लिया गया है। इससे बैंकिंग सेवाओं में संभावित रुकावट टल गई है और ग्राहकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

KARNATAKA : कर्नाटक में कांग्रेस का फिर सियासी नाटक शुरू, सिद्धारमैया दिल्ली तलब; नेतृत्व बदलाव की चर्चा तेज

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस हाईकमान ने 26 मई को दिल्ली बुलाया है। इस बुलावे के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें फिर तेज हो गई हैं। लंबे समय से डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि दिल्ली में राहुल गांधी के साथ बैठक में राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और कर्नाटक कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर चर्चा हो सकती है।

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलाया है। कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें 26 मई को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है। इस बुलावे के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर अटकलें तेज हो गई हैं। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच अंदरूनी खींचतान की चर्चा होती रही है। अब दिल्ली में होने वाली इस बैठक को कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सिद्धारमैया इस दौरान राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बीच यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले करीब डेढ़ साल से डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन होगा और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा और असमंजस बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक कई नेता चाहते हैं कि हाईकमान जल्द कोई साफ फैसला ले, क्योंकि लंबे समय से चल रही अटकलों से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। ऐसे में सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया जाना राजनीतिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने वाली बैठक में राज्यसभा चुनाव और आगामी विधान परिषद चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने पर भी बात कर सकता है। हालांकि पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि बैठक का असली मकसद सिर्फ चुनावी तैयारी नहीं बल्कि नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान पर बातचीत हो सकती है। कांग्रेस हाईकमान अब तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला लेने से बचता रहा है। यही वजह है कि दिल्ली बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी समीकरण चर्चा में रहे हैं। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों को पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है। ऐसे में नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता पार्टी के लिए चुनौती बनती जा रही है। कई नेताओं का मानना है कि अगर जल्द स्थिति साफ नहीं हुई तो इसका असर संगठन और सरकार दोनों पर पड़ सकता है। अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसी से यह संकेत मिल सकता है कि कांग्रेस हाईकमान आगे किस दिशा में फैसला लेने वाला है।

सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया की राहुल गांधी से मुलाकात संभव है। ऐसे में माना जा रहा है कि कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व राज्य सरकार की कार्यशैली, संगठन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी बातचीत कर सकता है। इस बैठक के बाद कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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GUJARAT : अहमदाबाद में RBI खजाने से ₹8.7 करोड़ चोरी, बैंककर्मी गिरफ्तार:बक्सों में कैश ले गया; बंगला, गाड़ी और दुकान खरीदी, महिला स्टाफ को ₹28 लाख दिए

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गुजरात के अहमदाबाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के करेंसी चेस्ट (खजाने) से ₹8.70 करोड़ चोरी का करीब 4 महीने बाद खुलासा हुआ है। पुलिस ने चोरी करने और उस पैसे को प्रॉपर्टी-क्रिप्टोकरेंसी में लगाने के आरोप में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी हर्षिद्द कडियार बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड शाखा में जूनियर जॉइंट कस्टोडियन था। इसी शाखा में RBI का करेंसी चेस्ट भी मौजूद है। 13 जनवरी को आरोपी ने दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों के साथ मिलकर लोहे के बक्सों में कैश भरकर बैंक से बाहर निकाला था।पुलिस ने आरोपी की कार की डिक्की से 2.2 करोड़ रुपए नकद बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने चोरी के पैसों से चांदखेड़ा में बंगला, एक कॉमर्शियल गाड़ी और अहमदाबाद में दुकान खरीदी।

उसने एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 23 लाख रुपए और 5 लाख रुपए नकद भी दिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चोरी के पैसे का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश किया था।पुलिस के अनुसार, चोरी का खुलासा RBI निरीक्षण से पहले की गई नियमित जांच के दौरान सामने आई, जब करेंसी चेस्ट के नए प्रभारी ने नोटों की कमी पकड़ी। इसके बाद 15 मई को कालूपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।

इसके बाद CCTV जांच में मामला सामने आया। CCTV फुटेज में 13 जनवरी की रात 9:12 बजे आरोपी कर्मचारी और दो कॉन्ट्रैक्ट मजदूर बक्सों में भरकर कैश ले जाते नजर आए। उन्होंने बक्सों को एक ट्रॉली पर लाद रखा था।उस समय उसने अन्य कर्मचारियों से कहा था कि बक्सों में कचरा भरा है और वह इन्हें फिंकवाने जा रहा है। शक से बचने के लिए आरोपी 20 अप्रैल तक लगातार 3 महीने नियमित रूप से काम पर आता रहा।

उसे लगा था कि चोरी से जुड़ी CCTV फुटेज 90 दिन बाद अपने आप डिलीट हो जाएगी। बाद में वह लंबी मेडिकल छुट्टी पर चला गया। लेकिन इस बीच ही चोरी का खुलासा हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी परिवार के साथ मनाली घूमने गया था। उसके लौटने से पहले ही पुलिस ने उसके घर के नीचे खड़ी कार से 2.20 करोड़ रुपए नकद जब्त कर लिए थे। 22 मई को सोला इलाके से आरोपी पकड़ा गया। उसे 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

आरोपी ने बताया कि उसने चोरी के करीब चार करोड़ खर्च भी कर दिए हैं। पुलिस ने कैश ट्रांसफर से जुड़े दो अन्य लोगों सुल्तान और जुल्फिकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

15 सालों से बैंक में काम कर रहा था

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 15 सालों से बैंक में काम कर रहा था। अब वह आरामदेह जीवन जीना चाहता था। इसीलिए उसने चोरी की। आरोपी की पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। चोरी में उसकी पत्नी की मिलीभगत की भी जांच जारी है।

RAJASTHAN : PM मोदी की अपील का असर, भजनलाल सरकार ने मंत्रियों-अधिकारियों के विदेश यात्रा पर लगाई रोक

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जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील का असर अब राजस्थान सरकार में दिखने लगा है। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाते हुए एक परिपत्र जारी किया है, साथ ही ऊर्जा बचत के कई उपाय भी बताए हैं।

वित्त विभाग की ओर से जारी इस परिपत्र में सरकारी खर्च कम करने और ईंधन बचाने के उपाय बताए गए हैं। सभी विभागों को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

नई नीति के तहत, सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों की ओर से भविष्य में खरीदे जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होंगे।

मौजूदा पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी से बदला जाएगा।

पहले चरण में, केवल शहर की सीमा के भीतर काम करने वाले अधिकारियों के लिए ईवी खरीदे जाएंगे।

ईवी का उपयोग धीरे-धीरे सरकार की ओर से अनुबंध पर किराए पर लिए गए वाहनों तक भी बढ़ाया जाएगा।

अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए कार-पूलिंग

वित्त विभाग के परिपत्र की प्रमुख विशेषताओं में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार-पूलिंग, सरकारी काफिलों की संख्या में कमी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल शासन को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।

एक ही रूट पर यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को आवागमन के लिए कारपूलिंग का उपयोग करेंगे।

साझा यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और निजी वाहनों का उपयोग किया जा सकता है।

सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को अब होटलों में बैठकें या कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं है।

सभी आधिकारिक कार्यक्रम सरकारी भवनों में आयोजित किए जाने चाहिए।

सरकार इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लंबित चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावों की मंजूरी में तेजी लाने के लिए एक कार्य योजना भी तैयार करेगी। विभागों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करें और आमने-सामने की बैठकों को कम से कम करें।

कागजी पत्राचार को कम करने के लिए ई-ऑफिस, ई-फाइल्स और ‘राज-काज’ पोर्टल का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम अब कर्मचारियों को एक स्थान पर एकत्रित करने के बजाय ऑनलाइन आयोजित किए जाएंगे। सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत छतों पर सौर पैनल लगाने को बढ़ावा देगी।

NATIONAL : जब आप दिल्ली में सत्ता से गिरेंगे, तो कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा, फाल्टा रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी का हमला

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर करारा हमला बोला है। फाल्टा सीट पर टीएमसी की करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा है 4 मई के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं का निशाना बनाया जा रहा है। बनर्जी ने कहा मैं देखूंगी कि किसके ज्यादा ताकत-संविधान या बंदूक की नली में।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी की रिकॉर्ड मार्जिन से जीत के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोला है। ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनावों में धांधली के आरोपों को दोहराते हुए कहा है कि गिनती के दौरान EVM में हेराफेरी की गई, वोट लूटे गए और मुझे गिनती केंद्र से बाहर धकेल दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी शासन में पुलिस शिकारी बन गई है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में लूटपाट की गई, महिलाओं पर हमला किया गया। ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में केंद्र की बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब कल्याणी एक्सप्रेस सेतु बनाया गया था, तो सड़क पर 43 घर प्रभावित हुए थे, और हमने उनके पुनर्वास के लिए बिल्कुल वैसे ही 43 घर बनाए थे। अब, यहां लूटपाट, तोड़फोड़ और सभी निशानों को मिटाने की कोशिशें हो रही हैं। जब आप दिल्ली में सत्ता से गिरेंगे, तो आपको अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं। मैं न्यायपालिका को याद दिलाना चाहती हूं कि वे ही कानून के असली रक्षक हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती रहूंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं देखूंगी कि किसमें ज्यादा ताकत है। संविधान में या बंदूक की नली में।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 4 मई के नतीजों के बाद बंगाल के लोग और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आतंक का शिकार हुए हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र और बंगाल की बीजेपी की अगुवाई वाली सरकारों पर यह हमला फाल्टा में टीएमसी की बड़ी हार के बाद बोला है। फाल्टा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान की जमानत जब्त हो गई। इस सीट पर बीजेपी ने 1,09021 वोटों से जीत दर्ज की है। यह बंगाल में बीजेपी की किसी भी सीट पर सबसे बड़ी जीत है। फाल्टा की जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा हमला बोला था। अधिकारी ने कहा था कि ये तो बस शुरुआत है। आगे टीएमसी नेतृत्व को NOTA से लड़ना पड़ेगा। गौरतलब हो कि फाल्टा में री-पोल के बाद जब चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था तब टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था।

NATIONAL : कर्नाटक में NEET छात्रा ने आत्महत्या की:12 दिनों में 5 स्टूडेंट्स ने जान दी; राहुल बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक चैन से नहीं बैठेंगे

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कर्नाटक के कलबुर्गी में 18 साल की NEET छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की पहचान भाग्यश्री के रूप में हुई है। उसने NEET-UG की परीक्षा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

छात्रा के पिता राजशेखर ने बताया कि परिवार में किसी तरह की परेशानी नहीं थी और बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी। भाग्यश्री ने हाल ही में 12वीं परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और NEET परीक्षा भी अच्छी गई थी।

NEET-UG परीक्षा देश भर में 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने की घोषणा की है। परीक्षा रद्द होने के बाद पिछले 12 दिनों में 5 स्टूडेंट्स जान दे चुके हैं।

इधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा- जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए फूलप्रूफ सिस्टम नहीं बनता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।

12 दिनों के दौरान और 4 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया

13 मई: गोवा के मडगांव में एक लड़के ने सुसाइड कर लिया था। उसने NEET परीक्षा दी थी। सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह अब कॉम्पिटिशन एग्जाम में हिस्सा नहीं लेना चाहता।
14 मई: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा ने आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने बताया कि NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वह काफी परेशान था।
15 मई: दिल्ली के आजादपुर में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा ने अपने घर में सुसाइड कर लिया था। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
15 मई: राजस्थान में NEET छात्र प्रदीप मेघवाल ने आत्महत्या कर ली थी। परिवार ने बताया कि उसके परीक्षा में करीब 650 नंबर आने की उम्मीद थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह परेशान था।

महाराष्ट्र के लातूर जिले में 16 मई को 18 साल की NEET छात्रा मैथिली सोनवाने ने सुसाइड कर लिया था। उसके पिता ने रविवार को दावा किया कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से वह मानसिक तनाव में थी। परिवार के मुताबिक मैथिली डॉक्टर बनना चाहती थी और परीक्षा रद्द होने से वह भविष्य को लेकर परेशान थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार को 6 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। CBI ने रविवार को आरोपी को अदालत में पेश किया था। इससे पहले 14 मई को अदालत ने खैरनार समेत पांच आरोपियों को 7 दिन की CBI हिरासत में भेजा था।

20 मई को खैरनार की CBI हिरासत 5 दिन और बढ़ाई गई थी। एजेंसी ने कहा था कि NEET-UG 2026 पेपर खरीदने वाले अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए उससे आगे पूछताछ जरूरी है। इस केस में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

इस बीच 21 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, समिति के सदस्यों ने पेपर लीक, परीक्षा सुरक्षा, कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों को लेकर सवाल पूछे। अधिकारियों ने समिति को बताया कि मामले की CBI जांच जारी है और इससे सिस्टम की खामियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार और NTA परीक्षा प्रक्रिया को फूलप्रूफ बनाने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

NATIONAL : विधि विश्वविद्यालयों की पहली राष्ट्रीय बैठक: पेपर लीक-कोचिंग कल्चर पर CJI चिंतित, CLAT में बड़े सुधार की जरूरत

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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) के कुलपति और कुलाधिपति एक मंच पर जुटे। बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने की। इस दौरान उन्होंने क्लैट परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्रों के लिए समान अवसर वाला बनाने पर जोर दिया। सीजेआई ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं का स्वरूप ऐसा होना चाहिए कि 12वीं पास छात्र बिना किसी महंगी कोचिंग के भी परीक्षा दे सकें और सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र इस तरह तैयार किए जाएं, जिनके लिए पहले से कानून की विशेष पढ़ाई या कोचिंग जरूरी न हो। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान समय में कई कोचिंग संस्थान क्लैट की तैयारी के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। कुछ संस्थान छह महीने के कोर्स के लिए दो से ढाई लाख रुपये तक फीस लेते हैं।

केंद्र को भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जा सकता है। बैठक में यूजीसी चेयरमैन विनीत जोशी भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से विधि विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और प्रशासनिक सुधारों के लिए ठोस व्यवस्था बनाने को कहा।
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पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना खत्म हो और पूरी प्रक्रिया तकनीकी व प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाई जाए। उन्होंने इस दिशा में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। एक राष्ट्रीय विधि के कुलपति ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि अगर क्लैट परीक्षा में प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो इससे परीक्षा प्रणाली अधिक निष्पक्ष हो सकती है और छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

विधि विश्वविद्यालयों के वित्तीय संकट पर भी चर्चा
इस बैठक में देशभर के कई विधि विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। कुलपतियों ने बताया कि कई संस्थान गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं। कई विश्वविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी है, जबकि कुछ जगहों पर वेतन भुगतान तक में दिक्कत आ रही है। अभी देश के अधिकांश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज राज्य सरकारों के अधीन संचालित होते हैं। बैठक में इन्हें आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर केंद्रीय ढांचे के तहत लाने का प्रस्ताव भी सामने आया।

NATIONAL : ब्रह्मोस का बढ़ता जलवा, फिलीपींस से लेकर वियतनाम तक, कई देश भारत की सुपरसोनिक मिसाइल के दीवाने

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ब्रह्मोस मिसाइल की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है, फिलीपींस के बाद वियतनाम समेत कई देश इसे खरीदने की दौड़ में हैं। भारत की यह सुपरसोनिक मिसाइल अब रक्षा निर्यात में बड़ा गेमचेंजर बनकर उभर रही है।

नई दिल्ली: भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ अब वैश्विक हथियार बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है। फिलीपींस के साथ ऐतिहासिक डील के बाद कई देश इस घातक मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे भारत की रक्षा कूटनीति को भी नई मजबूती मिल रही है। पिछले महीने ही इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रह्मोस खरीदने की डील की है। अब वियतनाम भी इस मिसाइल को खरीदना चाहता है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनकी यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच सामरिक और सैन्य साझेदारी को और मजबूत करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा करीब ₹5,800 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल डील को अंतिम रूप देना हो सकता है, जिसे भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते में ब्रह्मोस के एंटी-शिप वर्जन शामिल हो सकते हैं, जो वियतनाम की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देंगे। इसके अलावा, वियतनाम भारत से अन्य रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद पर भी चर्चा आगे बढ़ा सकता है, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी सैन्य क्षमता और संतुलन दोनों मजबूत होने की संभावना है।

ब्रह्मोस का पहला खरीदार है फिलीपींस
फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल का पहला आधिकारिक विदेशी खरीदार बन चुका है। साल 2022 में करीब 375 मिलियन डॉलर की इस डील के तहत फिलीपींस अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्रह्मोस को तैनात कर रहा है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

यूएई-सऊदी अरब भी ब्रह्मोस के जबरा फैन
ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तेज रफ्तार ने अन्य देशों का भी ध्यान खींचा है। वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इस मिसाइल को अपनी समुद्री सुरक्षा के लिए अहम विकल्प मान रहे हैं। मध्य-पूर्व में भी ब्रह्मोस की मांग बढ़ती नजर आ रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे देश अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए इस सुपरसोनिक मिसाइल में रुचि दिखा रहे हैं।

कतार में खड़े ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका
सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी ब्रह्मोस को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मिसाइल भारत के रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की गति से लगभग 3 गुना तेज चलती है। यह मिसाइल सतह से 10 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ सकती है, जिससे यह रडार की पकड़ में नहीं आती और अचूक निशाना लगाती है।

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