Thursday, May 7, 2026
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NATIONAL : बिहार कैबिनेट विस्‍तार में पीएम मोदी भी होंगे शामिल, पटना में रोड शो सहित जानें पूरा शेड्यूल

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पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्‍तार होगा. इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी कार्यक्रम में पहुंचेंगे.

बिहार कैबिनेट विस्तार पटना के गांधी मैदान में दोपहर 12.10 पर होगा. इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है.PM नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होने के लिए सुबह 10.30 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और रोड शो भी करेंगे.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेता पटना आएंगे.

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार गुरुवार को होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में लगभग पूरी हो चुकी हैं. बिहार कैबिनेट विस्‍तार का कार्यक्रम दोपहर 12:10 बजे आयोजित होगा और इसे लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुरुवार को सुबह पटना पहुंचेंगे. समारोह को भव्य बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पूरे शहर में जगह-जगह स्वागत पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें ‘विकसित भारत, विकसित बिहार’ का संदेश प्रमुखता से दिख रहा है.

पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को दोपहर 12.10 पर कैबिनेट के विस्‍तार का कार्यक्रम का आयोजन होगा. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह साढ़े 10 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचेगे. इसके बाद पीएम मोदी का पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक रोड शो होगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी सुबह करीब 8:30 बजे ही पटना पहुंच जाएंगे. इनके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा और कई अन्य केंद्रीय नेता भी समारोह में भाग लेंगे.

WORLD : अमेरिकी में चीन के ‘साइलेंट किलर’ की एंट्री, एशियन नीडल एंट ने मचाया आतंक; 20 राज्यों में अलर्ट जारी

अमेरिका में चीन से आई एक खतरनाक चींटी तेजी से फैल रही है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ‘एशियन नीडल एंट’ नाम की यह छोटी, गहरे भूरे से काले रंग की चींटी अब अमेरिका के कम से कम 20 राज्यों में पाई जा चुकी है।इन राज्यों में फ्लोरिडा, जॉर्जिया, टेक्सास, न्यूयॉर्क, पेंसिल्वेनिया के अलावा मैसाचुसेट्स और विस्कॉन्सिन जैसे उत्तरी इलाके भी शामिल हैं। हालांकि यह चींटी अमेरिका में 90 साल पहले भी पाई गई थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी संख्या तेजी से बढ़ी है।

यह चींटी आम चींटियों की तरह दिखाई देने वाले टीले (एंथिल) नहीं बनाती, बल्कि पत्तों के ढेर, सड़े हुए लकड़ी के टुकड़ों और जंगलों में छिपकर रहती है, जिससे लोगों का इसके संपर्क में आना आसान हो जाता है।इस चींटी का डंक काफी दर्दनाक होता है, जो कई घंटों तक आता-जाता रह सकता है। कुछ मामलों में दर्द डंक वाली जगह से आगे भी फैल जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को एलर्जी होती है, उनमें इसका डंक ‘एनाफिलेक्सिस’ जैसी गंभीर और जानलेवा प्रतिक्रिया भी पैदा कर सकता है।

इसकी सूई जैसी डंक कपड़ों को भी भेद सकती है। हांगकांग विश्वविद्यालय के कीट वैज्ञानिक बेनोइट गुएनार्ड ने कहा कि इसका डंक ऐसा लगता है जैसे किसी ने सीधे शरीर में सुई चुभा दी हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह चींटी स्वभाव से आक्रामक नहीं होती और तभी काटती है जब उसे खतरा महसूस होता है। यह फायर एंट्स की तरह बड़े स्तर पर खतरा नहीं है, लेकिन फिर भी सावधानी जरूरी है।अमेरिकी कृषि विभाग ने सलाह दी है कि बाहर काम करने वाले लोग दस्ताने पहनें और अगर ऐसी चींटी दिखे तो सावधानी से दूरी बना लें। विभाग का कहना है कि अन्य विदेशी प्रजातियों की तरह यह चींटी अब अमेरिका में स्थायी रूप से बस चुकी है।

NATIONAL : हालात चाहे जो भी हों, AIADMK TVK का समर्थन नहीं करेगी- AIADMK के कोऑर्डिनेटर के.पी. मुनुसामी

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एआईएडीएमके के कॉर्डिनेटर केपी मुनुसामी ने बुधवार को पार्टी की स्थिति को साफ करते हुए कहा कि हालात चाहे जो भी हों, एआईएडीएमके, TVK का समर्थन नहीं करेगी.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की TVK सबसे अधिक सीटें जीतकर प्रमुख पार्टी के रूप में उभरी है.AIADMK कोऑर्डिनेटर केपी मुनुसामी ने कहा कि हालात चाहे जो भी हो, उनकी पार्टी TVK को समर्थन नहीं देगी.विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है, लेकिन राज्यपाल संतुष्ट नहीं हैं.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से थोड़ी पीछे रह गई है और अब उसकी उम्‍मीदों को एआईएडीएमके ने भी तोड़ दिया है. एआईएडीएमके के कोऑर्डिनेटर केपी मुनुसामी ने चुनाव में टीवीके को समर्थन देने से इनकार कर दिया है. एआईएडीएमके का यह बयान ऐसे वक्‍त में सामने आया है, जब टीवीके प्रमुख विजय ने राज्‍यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं और कांग्रेस ने उन्‍हें समर्थन देने का एलान किया है.

एआईएडीएमके के कोऑर्डिनेटर केपी मुनुसामी ने बुधवार को पार्टी की स्थिति को साफ करते हुए कहा कि हालात चाहे जो भी हों, एआईएडीएमके, TVK का समर्थन नहीं करेगी. उन्‍होंने कहा, “ऐसी खबरें हैं कि एआईएडीएमके, तमिलगा वेत्री कड़गम का समर्थन कर रही है. यह पूरी तरह गलत है. किसी भी स्थिति में एआईएडीएमके ने तमिलगा वेत्री कड़गम को समर्थन नहीं दिया है. हम अपने पार्टी महासचिव के निर्देशों के अनुसार यह स्पष्टीकरण जारी कर रहे हैं.”

विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की है और सरकार बनाने का दावा पेश किया है. हालांकि राज्यपाल आंकड़ों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. हालांकि संवैधानिक परंपरा के अनुसार, किसी एक दल के पास बहुमत नहीं होने पर आमतौर पर राज्‍यपाल सबसे बड़ी पार्टी के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं. इसेक बाद विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए पार्टी को बहुमत साबित करना होता है. यही कारण है कि अटकलें लगाई जा रही है कि राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं.

NATIONAL : वंदे मातरम के अपमान पर होगी जेल: मोदी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, राष्ट्रगान के बराबर मिला दर्जा

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आजादी की हुंकार बनने वाले वंदे मातरम को अब कानून का कवच मिल गया है। अब गीत का अपमान न सिर्फ नैतिकता बल्कि कानून की नजर में भी अक्षम्य अपराध होगा, जिसकी कीमत तीन साल की जेल से चुकानी पड़ेगी। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सम्मान को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस बदलाव के बाद अब वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना या उसका अपमान करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। अब राष्ट्रीय गीत को भी वही कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा जो राष्ट्रगान जन गण मन को मिला हुआ है।

मौजूदा कानून के तहत अभी तक केवल राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान पर ही सजा का प्रावधान था। झंडे को जलाने, विकृत करने या राष्ट्रगान में जानबूझकर बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है। अब नए संशोधन के बाद, वंदे मातरम के साथ भी ऐसी ही हरकत करने पर समान सजा का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, संसद की मुहर लगते ही यह नया कानून प्रभावी हो जाएगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए इसे करोड़ों भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया। ठाकुर ने कहा कि वह लंबे समय से वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया था। उनका मानना है कि इस कदम से हमारी सांस्कृतिक विरासत पर होने वाले जानबूझकर हमलों को रोका जा सकेगा।

इसी साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल भी जारी किया था। इसके अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम की छह पंक्तियां गाई जाएंगी, जिनकी अवधि तीन मिनट 10 सेकंड होगी। महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी समारोह में जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों होने हों, वहां वंदे मातरम पहले गाया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन और ध्वजारोहण जैसे मौकों पर वंदे मातरम के समय सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।

SPORTS : कूपर का नाबाद शतक गया बेकार, पंजाब को 33 रनों से हराकर नंबर-1 बनी हैदराबाद

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सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 49वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को 33 रनों से हरा दिया और प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पायदान हासिल किया

सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 49वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को 33 रनों से हरा दिया और प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पायदान हासिल किया. ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन की अर्द्धशतकीय पारियों के दम पर हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर 235 रन टांगे. इसके बाद पैट कमिंस की अगुवाई में गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन किया. पंजाब ने 23 के स्कोर पर ही तीन विकेट गंवा दी थी. इसके बाद उसके लिए वापसी करना मुश्किल हो गया. अंत तक कूपर कोनोली संघर्ष करते रहे लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए. हालांकि, अपने नाबाद शतक से उन्होंने यह तो तय किया कि टीम को नेट रन रेट पर अधिक असर ना पड़े. (Scorecard)

हैदराबाद से मिले 236 के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स निर्धारित ओवरों में 7 विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी. टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. पंजाब ने 1.1 ओवरों में महज 4 के स्कोर तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो दिए थे. इसके बाद कूपर कॉनली ने मोर्चा संभाला. उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर (5) के साथ तीसरे विकेट के लिए 19 रन जोड़े, जबकि मार्कस स्टोइनिस (28) के साथ 20 गेंदों में 40 रन की साझेदारी की.

इस टीम को 63 के स्कोर पर चौथा झटका लगा, जिसके बाद कॉनली ने सूर्यांश शेडगे के साथ पांचवें विकेट के लिए 30 गेंदों में 47 रन जोड़कर टीम को परेशानी से निकालने की कोशिश की. सूर्यांश ने 17 गेंदों में 25 रन की पारी खेली. कूपर कॉनली ने 19.4 ओवर में अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके. कॉनली 59 गेंदों में 8 छक्कों और 7 चौकों के साथ 107 रन बनाकर नाबाद रहे.

इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी कर रही सनराइजर्स हैदराबाद ने हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन की अर्द्धशतकीय पारियों के दम पर 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 235 रन बनाए. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स को अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने तूफानी शुरुआत दिलाई. टीम ने 3.1 ओवर में ही 50 का आंकड़ा छू लिया. हालांकि, इसके बाद अभिषेक आउट हुए. उन्होंने 13 गेंदों में 35 रन बनाए. इसके बाद क्रीज पर आए ईशान ने ट्रेविस हेड के साथ टीम के स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया. लेकिन चहल ने इस साझेदारी को तोड़ा. ट्रेविस हेड 19 गेंदों में 38 रन बनाकर आउट हुए. हैदराबाद के लिए इसके बाद ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने तीसरे विकेट के लिए 88 रनों की साझेदारी की. दोनों ही बल्लेबाजों को 9 के निजी स्कोर पर जीवनदान मिले और दोनों ने इसका फायदा उठाया. ईशान 32 गेंदों में 55 रन बनाकर आउट हुए, जबकि क्लासेन 43 गेंदों में 69 रन बनाकर लौटे.

BUSINESS : रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर, खाड़ी तनाव और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

रुपया मंगलवार को दो पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.25 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। यह गिरावट खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद आई है। इससे आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं और निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश से बच रहे हैं।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड तेल के करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बने रहने से भारत जैसे तेल आयातक देशों पर दबाव बना हुआ है। साथ ही, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने भी बाजार धारणा को कमजोर किया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.30 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह और कमजोर होकर 95.44 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। अंत में यह 95.25 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर की तुलना में दो पैसे की गिरावट है।

सोमवार को भी रुपया 39 पैसे टूटकर 95.23 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं के कारण रुपये पर दबाव बना रहेगा। इसके अलावा डॉलर की मांग और वैश्विक तनाव भी रुपये को प्रभावित कर रहे हैं।

हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से गिरावट पर कुछ रोक लग सकती है। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.10 से 95.55 के दायरे में रहने की संभावना है। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.47 पर रहा। वहीं, ब्रेंट क्रूड वायदा बाजार में 1.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 112.64 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 251.61 अंक गिरावट के साथ 77,017.79 अंक और निफ्टी 86.50 अंक की गिरावट के साथ 24,032.80 अंक पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 2,835.62 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की।

NATIONAL : संदेशखाली में फायरिंग, पुलिस अधिकारी और CRPF जवान घायल, बम बरामद

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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में अज्ञात बदमाशों ने पुलिस और सीआरपीएफ पर फायरिंग की है. इस घटना में थानाध्यक्ष भारत प्रसून पुरकैत समेत पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. फायरिंग की इस घटना के कारण इलाके में तनाव है.

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है. सोमवार देर रात न्याजत थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरबेरिया आगराहाटी ग्राम पंचायत के बामोंघेरी इलाके में अज्ञात बदमाशों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी. इस घटना में थानाध्यक्ष भारत प्रसून पुरकैत समेत तीन पुलिसकर्मी और दो सीआरपीएफ जवान घायल हो गए. इलाके में भारी तनाव व्याप्त है.

पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी अचानक बदमाशों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. गोलीबारी में थानाध्यक्ष भारत प्रसून पुरकैत, पुलिसकर्मी भास्वत गोस्वामी और एक महिला कांस्टेबल घायल हुए. साथ ही दो सीआरपीएफ जवानों को भी गोली लगी. सभी घायलों को सबसे पहले मीनाखान रूरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया. घटना के बाद पुलिस ने मौके पर तलाशी ली और एक बैग भर बम तथा हथियार बरामद किए. पुलिस सूत्रों के अनुसार इलाके में शाम से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ था, जो रात में हिंसक रूप ले लिया.

न्याजत क्षेत्र में पहले भी बम और गोला-बारूद बरामद किया जा चुका है, जिसके चलते सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई थी. संदेशखाली में पिछले कई महीनों से राजनीतिक हिंसा, भूमि विवाद और महिलाओं पर अत्याचार के आरोप लगते रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात की इस फायरिंग से पूरा क्षेत्र दहल गया है. कई जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और नाकाबंदी की गई है. पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है.

उच्च अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच चुकी है. पुलिस ने कहा कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. बरामद बमों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि बदमाशों के पास अत्याधुनिक हथियार थे. राजनीतिक दलों ने इस घटना की निंदा की है. विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर इलाके में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाया है. वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इसे साजिश बताते हुए कहा कि कुछ तत्व शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं.

संदेशखाली में यह ताजा घटना तब हुई है जब पहले से ही इलाके में सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की भारी तैनाती है. घायल थानाध्यक्ष और जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन दो जवानों की चोटें गंभीर बताई जा रही हैं. पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर छानबीन जारी है. प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है.

NATIONAL : ममता के ‘संकटमोचक’ ने ही छोड़ा साथ! जिस IAS के लिए PM मोदी से भिड़ी थीं दीदी, TMC के हारते ही उन्होंने दिया इस्तीफा

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नतीजों के तुरंत बाद बंगाल के प्रशासनिक और सलाहकार गलियारों में हड़कंप मच गया है. इस्तीफा देने वालों में वे लोग शामिल हैं जो पिछले एक दशक से ममता सरकार की नीतियों और रणनीति का मुख्य हिस्सा थे.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सत्ता से बाहर होते ही अब उनके बेहद करीबी रहे अधिकारियों, अर्थशास्त्रियों और पत्रकारों ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया है. जहां एक तरफ ममता बनर्जी अपने रुख पर अडिग हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके सलाहकार और खास सहयोगियों ने एक-एक कर अपने पदों से इस्तीफा डालना शुरू कर दिया है.

नतीजों के तुरंत बाद बंगाल के प्रशासनिक और सलाहकार गलियारों में हड़कंप मच गया है. इस्तीफा देने वालों में वे लोग शामिल हैं जो पिछले एक दशक से ममता सरकार की नीतियों और रणनीति का मुख्य हिस्सा थे. कई रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, जो मुख्यमंत्री के साथ सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, उन्होंने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है.

इनके अलावा बंगाल की आर्थिक नीतियों को दिशा देने वाले कई विशेषज्ञों ने भी अब टीएमसी के साथ अपनी पारी को समाप्त करने का फैसला किया है. चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पक्ष में नैरेटिव बनाने वाले कई वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया सलाहकारों ने भी पाला बदल लिया है या इस्तीफा सौंप दिया है.

अलापन बंद्योपाध्याय पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव थे. मई 2021 में चक्रवात ‘यास’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में बंद्योपाध्याय के शामिल न होने पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें दिल्ली वापस बुलाने (सेंट्रल डेप्यूटेशन) का आदेश जारी किया था. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अलापन बंद्योपाध्याय को तत्काल कार्यमुक्त करे और उन्हें दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में रिपोर्ट करने के लिए कहे. हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस फैसले के सख्त खिलाफ थीं. उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे केंद्र ने स्वीकार नहीं किया.जब विवाद बढ़ा, तो ममता सरकार ने केंद्र को सूचित किया कि बंद्योपाध्याय रिटायर हो गए हैं, इसलिए वे दिल्ली में कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे. हालांकि, इसके बाद ममता ने बंद्योपाध्याय को अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया. 31 मई 2021 को वह रिटायर हो गए.

हार के बावजूद ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से झुकने से इनकार कर दिया है. ममता बनर्जी ने कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी. हालांकि, जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सलाहकारों का साथ छोड़ना यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर भारी अनिश्चितता है.

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के आने की सुगबुगाहट के बीच, नौकरशाही और बौद्धिक वर्ग में मची यह भगदड़ दिखाती है कि ममता बनर्जी के ‘पावर स्ट्रक्चर’ का आधार हिल गया है.

NATIONAL : शपथ ग्रहण के लिए सज-धज कर तैयार पटना का गांधी मैदान, जर्मन तकनीक वाला वाटरप्रूफ पंडाल

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प्रधानमंत्री की उपस्थिति में गुरुवार दोपहर करीब सवा 12 बजे मंत्रिमंडल के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए गांधी मैदान सज-धज कर तैयार है। सुरक्षा, सुविधा और भव्यता, जिला प्रशासन ने तीनों के व्यापक इंतजाम किए हैं। जर्मन तकनीक से बने वाटर प्रूफ विशाल पंडाल में मुख्य मंच तैयार किया गया है।

मुख्य मंच के सामने गणमान्य अतिथियों व वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 100 से अधिक सोफे जबकि आमजन के लिए करीब 25 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि यदि लोगों की समस्या डेढ़ लाख भी पहुंचती है तो उसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य मंच व उसके सामने के परिसर को चारो ओर से बैरिकेड कर सुरक्षित किया गया है। दूर बैठे लोगों के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीन व साउंड सिस्टम लगाए गए हैं। फेसबुक, एक्स व यू-ट्यूब पर दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से किया जाएगा। इससे लोग अपने मोबाइल पर इसे लाइव देख सकेंगे। पंडालों में पंखे व कूलर लगाए गए हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए चलंत जेनरेटर की व्यवस्था की गई है।

आमजन छह गेटों 5, 6, 7, 8, 9 व 10 नंबर से प्रवेश कर सकेंगे। मीडियाकर्मी 11 नंबर तो शपथ ग्रहण लेने वाले सदस्य व अन्य गणमान्य अतिथि गेट नंबर 12 से प्रवेश करेंगे। किसी भी आपत्ति स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस दौरान जिला कंट्रोल रूम का नंबर24 घंटे सक्रिय रखा गया है।

प्रधानमंत्री समेत तमाम अतिविशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति को देखते हुए समारोह स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बुधवार को दिन में कई बार डाग स्क्वाड व हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से मैदान के हर कोने की कई बार जांच की गई है। मंच और दर्शक दीर्घा क्षेत्र को विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने समारोह के सजीव प्रसारण में कोई बाधा नहीं हो इसलिए बीएसएनएल से 100 एमबीपीएस की लीज लाइन ली है।

शाम करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गांधी मैदान पहुंचे और शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने डीएम डा. त्यागराजन को किसी भी व्यवस्था में कोई कमी नहीं होने समेत कई निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने उन्हें मंच, पंडाल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर, समेत भाजपा के कई विधायक व पदाधिकारी मौजूद थे।

बुधवार दोपहर हुई तेज बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा ले ली। पानी भरने और कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए अधिकारी तुरंत मैदान में उतर गए। पटना सदर एसडीओ कृतिका मिश्रा, दानापुर एसडीओ अनिरुद्ध पांडेय, एडीएम शंभूनाथ झा, एडीएम आरके दिवाकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी देर तक मौके पर डटे रहे।

पानी निकासी, बालू डालने और वीवीआईपी पंडालों के सामने ईंट बिछाने का काम तेजी से कराया गया, ताकि कहीं भी अव्यवस्था न रहे। बाद में डीडीसी श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर व नगर आयुक्त यशपाल मीणा भी पहुंचे। पाइप के सहारे पानी निकालने के बाद बालू डलवा कर पूरी व्यवस्था शाम तक दुरुस्त कर दी गई लेकिन रात में या सुबह वर्षा होने से व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।

NATIONAL : ममता के इस्तीफ़े के बिना क्या बीजेपी की सरकार बन पाएगी, टीएमसी की आख़िर रणनीति क्या है?

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं लेकिन तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी हार स्वीकार नहीं कर रही हैं.

चुनावी नतीजों के एक दिन बाद मंगलवार को, नाराज़ ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी के साथ चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में चुनाव को जबरन अपने पक्ष में करने का आरोप लगाया.ममता ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि बीजेपी ने चुनाव चुरा लिया है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की जीत जनादेश के ख़िलाफ़ साज़िश का नतीजा है.

यहाँ तक कि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया और सवाल किया कि जब उन्हें अनुचित तरीके़ से हराया गया है, तो वह इस्तीफ़ा क्यों दें.कहा, “मेरे इस्तीफ़े का सवाल ही नहीं उठता. हमें जनादेश से नहीं बल्कि साज़िश के ज़रिए हराया गया है.”

संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी के पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. उन्होंने कहा, “किसी राज्य में दो मुख्यमंत्री नहीं हो सकते.”लीगल स्कॉलर फ़ैज़ान मुस्तफ़ा ने बीबीसी हिन्दी से कहा, ”ममता बनर्जी ने जो कहा, उससे कोई संवैधानिक संकट खड़ा नहीं होगा. यह ऑपटिक्स के लिए है. यानी वह अपने दावे को मज़बूत करना चाहती हैं कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है.”

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