Saturday, May 9, 2026
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NATIONAL : शाह ने राहुल को कैसे गिना दिए एक-एक राज्यों के नाम, जहां दशकों से नहीं बना कांग्रेस का कोई सीएम

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में कांग्रेस की हार और राहुल गांधी के आरोपों को लेकर निशाना साधा।

अमित शाह ने कहा, ”कई साल से कांग्रेस पार्टी चुनाव नहीं जीतती है। उन्हें मालूम चल गया है कि चुनाव जीतना असंभव है तो इसकी प्रक्रिया को ही बदनाम करने में जुटे हैं। इसलिए कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने अपनी हार को छिपाने के लिए कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची, कभी एसआईआर, कभी वोट चोरी जैसे कीचड़ उछालने की कोशिश की है।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”हम तो 2014 में सत्ता में आए। तमिलनाडु में 1967 से अब तक कांग्रेस का कोई सीएम नहीं बन पाया। ये वोट चोरी था क्या? पश्चिम बंगाल में 49 साल से आपका सीएम नहीं बना। सिक्किम में 42 साल से आपका सीएम नहीं बना। बिहार में 36 साल से, गुजरात में 30 साल से, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल और महाराष्ट्र में 12 साल से आपका सीएम नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर ये सभी वोट चोरी है तो वोट चोरी करने वाले तो आपके साथ बैठे हैं। ये सभी इंडी गठबंधन के सदस्य बने बैठे हैं। मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी को अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत है। देश की जनता राहुल गांधी के नेता बनने के बाद शनै:-शनै: हर जगह कांग्रेस के खिलाफ बहुमत दे रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ही इंडी गठबंधन के फिर से टूटने की शुरुआत हो चुकी है।”

अमित शाह ने इस दौरान शुभेंदु अधिकारी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भवानीपुर की जनता का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। शुभेंदु दा ने गत चुनाव में दीदी को नंदीग्राम में हराया था। मैंने दीदी का एक इंटरव्यू देखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं उनके गढ़ में लड़ने चली गई। दीदी, इस बार शुभेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है।

BUSINESS : तेल आयात पर घटेगा खर्च : बायोफ्यूल और ईथेनॉल पर बड़ा दांव, नितिन गडकरी ने बताया भविष्य का रोडमैप

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

नई दिल्ली में इंडस एक्सपोजियम और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय “बायोएनर्जी, बायोफ्यूल और बायोमैटेरियल (BBB)” कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में बायोफ्यूल, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोमास आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का खर्च पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधन के आयात पर करता है। ऐसे में देश को सस्ती, स्वदेशी और टिकाऊ ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से काम करना होगा।

गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

ईथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देते हुए गडकरी ने बताया कि वह खुद 100 प्रतिशत ईथेनॉल से चलने वाली टोयोटा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजाज, टीवीएस और होंडा जैसी बड़ी दोपहिया वाहन कंपनियां जल्द ही ऐसे फ्लेक्स-इंजन वाहन लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जो ज्यादा ईथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देशभर में लगभग 4,000 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें बायोमास और कृषि अवशेषों से बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।

इस कार्यक्रम में टेरी (TERI) की महानिदेशक विभा आनंद ने कहा कि भारत ऊर्जा के मामले में अभी भी काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने यह साफ कर दिया है कि ऊर्जा आयात पर ज्यादा निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी परियोजनाओं को बढ़ाने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन और शोध बेहद जरूरी है। बायोगैस उत्पादन पूरी तरह बायोमास पर निर्भर करता है, इसलिए पहले यह समझना होगा कि पर्याप्त मात्रा में बायोमास उपलब्ध है या नहीं और परियोजनाएं आर्थिक रूप से कितनी व्यवहारिक हैं।

विभा आनंद ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को मिशन मोड में शोध करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों पर भरोसा बढ़ाया जाए और रिसर्च को मजबूत समर्थन दिया जाए, ताकि देश स्वदेशी तकनीक के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

NATIONAL : ‘भविष्य के युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं जीते जाएंगे’: सेना से बोले राजनाथ सिंह- दुश्मन को दें सरप्राइज

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयपुर में सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की और सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित किया। जयपुर में आयोजित इस संयुक्त सैन्य कमांडर सम्मेलन में तीनों सेनाओं की लड़ाकू तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की वीरता और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हमारी सेनाओं ने बहुत तेजी से और सटीक कार्रवाई की है। रक्षा मंत्री ने बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति के बीच सेना को हर चुनौती के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन है। यह देश के सामूहिक संकल्प और नए सैन्य लोकाचार का प्रतीक है।’ उन्होंने तीनों सेनाओं के कमांडरों से कहा कि वे इस ऑपरेशन और वर्तमान वैश्विक सुरक्षा हालात से सीख लेकर भविष्य के लिए तैयार रहें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेना को अपनी क्षमताओं में लगातार इजाफा करना होगा।

रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में मजबूती की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते भू राजनीतिक परिदृश्य में सुरक्षित संचार नेटवर्क बहुत जरूरी है। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भविष्य के युद्ध हाइब्रिड खतरों और सूचना के प्रभुत्व से प्रभावित होंगे। अब युद्ध केवल जमीन पर नहीं बल्कि साइबर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्रों में एक साथ लड़े जाएंगे।

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल और तकनीक को अपनाने की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं और इसमें संयुक्तता एक महत्वपूर्ण पहलू है। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भविष्य के युद्ध केवल हथियारों के दम पर नहीं जीते जाएंगे। इसके लिए नवीन सोच और बेहतर तालमेल की जरूरत होगी।’ उन्होंने कमांडरों को सलाह दी कि वे युद्ध में हमेशा ‘सरप्राइज’ यानी चौंकाने वाले तत्वों का इस्तेमाल करें।

रक्षा मंत्री ने दोहराया कि नरेंद्र मोदी सरकार रक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार सेना को अत्याधुनिक हथियार और प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में नए रिसर्च पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

BUSINESS : तेल आयात पर घटेगा खर्च : बायोफ्यूल और ईथेनॉल पर बड़ा दांव, नितिन गडकरी ने बताया भविष्य का रोडमैप

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा

नई दिल्ली में इंडस एक्सपोजियम और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय “बायोएनर्जी, बायोफ्यूल और बायोमैटेरियल (BBB)” कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में बायोफ्यूल, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोमास आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का खर्च पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधन के आयात पर करता है। ऐसे में देश को सस्ती, स्वदेशी और टिकाऊ ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से काम करना होगा।

बायोबिटुमेन के इस्तेमाल पर जोर
गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

ईथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देते हुए गडकरी ने बताया कि वह खुद 100 प्रतिशत ईथेनॉल से चलने वाली टोयोटा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजाज, टीवीएस और होंडा जैसी बड़ी दोपहिया वाहन कंपनियां जल्द ही ऐसे फ्लेक्स-इंजन वाहन लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जो ज्यादा ईथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देशभर में लगभग 4,000 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें बायोमास और कृषि अवशेषों से बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।

इस कार्यक्रम में टेरी (TERI) की महानिदेशक विभा आनंद ने कहा कि भारत ऊर्जा के मामले में अभी भी काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने यह साफ कर दिया है कि ऊर्जा आयात पर ज्यादा निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी परियोजनाओं को बढ़ाने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन और शोध बेहद जरूरी है। बायोगैस उत्पादन पूरी तरह बायोमास पर निर्भर करता है, इसलिए पहले यह समझना होगा कि पर्याप्त मात्रा में बायोमास उपलब्ध है या नहीं और परियोजनाएं आर्थिक रूप से कितनी व्यवहारिक हैं।

विभा आनंद ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को मिशन मोड में शोध करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों पर भरोसा बढ़ाया जाए और रिसर्च को मजबूत समर्थन दिया जाए, ताकि देश स्वदेशी तकनीक के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

NATIONAL : तमिलनाडु के राज्यपाल से मिलकर विजय का 118 विधायकों के समर्थन का दावा, कल होगा शपथ ग्रहण?

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सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के गवर्नर से मुलाकात में सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए विजय ने कल ही शपथ ग्रहण कराने का अनुरोध किया है. बताया जा रहा है कि शपथ समारोह शनिवार सुबह 11 बजे हो सकता है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के नेता विजय ने शुक्रवार शाम राज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान राज्यपाल के सामने विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. सूत्रों के मुताबिक, विजय ने अपने समर्थन में 118 विधायकों का सपोर्ट होने का दावा किया है. ये भी बताया जा रहा है कि विजय ने कल ही शपथ ग्रहण कराने का अनुरोध किया है. शपथ समारोह शनिवार सुबह 11 बजे हो सकता है.

234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके के पास 108 विधायक हैं. बहुमत के 118 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन की जरूरत थी. कांग्रेस पहले ही अपने 5 विधायकों के सपोर्ट का ऐलान कर चुकी है. बताया जा रहा है कि अब लेफ्ट और वीसीके भी समर्थन देने पर राजी हो गई हैं. इसी के साथ पहले ही राजनीतिक डेब्यू में टीवीके की सरकार बनना लगभग तय हो गया है.

टीवीके नेता विजय की राज्यपाल आरवी आर्लेकर से एक हफ्ते के अंदर ये तीसरी मुलाकात है. इससे पहले बुधवार और गुरुवार की दो मुलाकातों में राज्यपाल ने विजय से सरकार बनाने के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन पेश करने को कहा था. माना जा रहा है कि विजय ने कुछ समय देने का अनुरोध किया था. इस पर राज्यपाल 10 मई तक वक्त देने को तैयार हो गए थे.

NATIOANL : दादा राज, शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

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पश्चिम बंगाल को आज नया मुख्यमंत्री मिल गया। BJP नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्होंने आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। आज बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक दिन होने वाला है। राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी है। भवानीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह 11 बजे बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा रहे हैं। प्रोटोकॉल के मुताबिक, ममता बनर्जी को भी इस समारोह में बुलाया गया है।

गौरतलब है कि 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे। जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया। शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया। उसके बाद शुभेंदु ने राज्यपाल आर.एन. से मुलाकात की। रवि से कोलकाता में मुलाकात की और नई सरकार बनाने का दावा करते हुए MLAs का सपोर्ट लेटर पेश किया। गौरतलब है कि BJP ने पश्चिम बंगाल में 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की। ​​वहीं, TMC सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई, जिससे उसका 15 साल का राज खत्म हो गया।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच और नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्र पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं।

NATIONAL : राजस्थान के पश्चिमी जिलों में हीटवेव तेज, कई इलाकों में आंधी-बारिश, बूंदी में अंधड़ से एक की मौत

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जयपुर, 09 मई (हि.स.)। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ते ही प्रदेश में गर्मी ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में हीटवेव का दौर शुरू हो गया, जिससे जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने शनिवार को जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह से ही आसमान खुला रहा। दिन चढ़ने के साथ सही सूर्य देव का ताप जन जीवन को प्रभावित करने लगा।

फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। बाड़मेर में 44.6 और जैसलमेर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा जोधपुर में 42.9, कोटा और बीकानेर में 42, उदयपुर में 41.6, भीलवाड़ा में 41.4 तथा चित्तौड़गढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

प्रदेश के कई जिलों में गर्मी के बीच मौसम ने करवट भी ली। नागौर, अजमेर, टोंक, बूंदी और सवाई माधोपुर में दोपहर बाद धूलभरी आंधी चली, बादल छाए और हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिली। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बूंदी जिले के देई कस्बे में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ ने दर्दनाक हादसा कर दिया। कोली मोहल्ला निवासी 55 वर्षीय केसरीलाल महावर तेज हवा में मकान की दूसरी मंजिल पर टिनशेड संभालने गए थे, तभी बवंडर उन्हें टिनशेड सहित करीब 80 फीट दूर उड़ा ले गया। मोबाइल टावर से टकराकर नीचे गिरने से उनकी मौत हो गई।

राजधानी जयपुर में तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट आई और अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अजमेर में दिनभर गर्मी के बाद शाम को बूंदाबांदी से राहत मिली।

उदयपुर, कोटा और जोधपुर में गर्मी और लू का असर लगातार बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और लू का असर और बढ़ सकता है, जबकि पूर्वी जिलों में आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

SPORTS : आखिरी ओवर में ऋषभ पंत का मास्टरस्ट्रोक, ‘महंगे’ द‍िग्वेश राठी ने 6 गेंदों में बेंगलुरु से छीन ली जीत

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आईपीएल 2026 में लगातार छह हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में दमदार वापसी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 9 रन से हरा दिया. कप्तान ऋषभ पंत ने आखिरी ओवर दिग्वेश राठी को देने के फैसले को सही ठहराया. मिचेल मार्श के शतक और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से LSG ने सीजन की पहली घरेलू जीत दर्ज की.

लगातार छह मैच हारने के बाद आखिरकार लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में जीत का स्वाद चखा. गुरुवार को खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले में LSG ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को डकवर्थ लुईस नियम के तहत 9 रन से हरा दिया. 19-19 ओवर के इस मुकाबले में लखनऊ ने सीजन में अपने घर पर पहली जीत भी दर्ज की.

मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत काफी राहत में नजर आए. उन्होंने कहा कि यह जीत पूरी टीम के लिए बेहद मायने रखती है क्योंकि टीम लंबे समय से सही कॉम्बिनेशन तलाश रही थी.

पंत ने कहा- यह हमारे लिए बहुत अच्छा मैच रहा. पूरी टीम के लिए इस जीत का काफी मतलब है. हम लगातार अलग-अलग चीजें ट्राय कर रहे थे. एक टीम के तौर पर एक ही पेज पर आना जरूरी था. यह सीजन हमारे लिए कठिन रहा, लेकिन कभी-कभी आपको संघर्ष से गुजरना पड़ता है.LSG की जीत में सबसे बड़ा रोल मिचेल मार्श ने निभाया. मार्श ने सिर्फ 56 गेंदों में 111 रन ठोककर RCB के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. पंत ने उनकी पारी की खुलकर तारीफ की.

उन्होंने कहा-मार्श की पारी अविश्वसनीय थी. हम जानते हैं कि टीम लगातार मेहनत कर रही है. इस सीजन हमारी ताकत गेंदबाजी रही है. गेंदबाजों ने दिल लगाकर प्रदर्शन किया है और आगे भी हम उसी लय को जारी रखना चाहते हैं.

मैच का सबसे बड़ा मोमेंट आखिरी ओवर रहा, जब LSG को जीत के लिए 20 रन बचाने थे. पंत ने अनुभवी गेंदबाज की जगह दिग्वेश राठी पर भरोसा जताया. राठी इस मुकाबले में महंगे साबित हुए थे, लेकिन कप्तान ने उन्हें ही जिम्मेदारी दी.आखिरी ओवर में RCB को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे. कप्तान ऋषभ पं काफी देर तक अपने दोनों स्पिनर्स शाहबाज अहमद और द‍िग्वेश राठी से बात करते रहे. फैसला करना मुश्किल था कि आखिरी ओवर कौन डालेगा. आखिर में पंत ने भरोसा जताया द‍िग्वेश राठी पर जताया.

शाहबाज अहमद के आंकड़े 3-0-33-2 द‍िग्वेश राठी की तुलना में ज्यादा अच्छे थे. क्योंक‍ि राठी 3.0-0-41-0 पड़वा चुके थे. पर एक लंबे ड‍िस्कशन के बाद राठी पर भरोसा द‍िखाया गया.

NATIONAL : होर्मुज में फिर बढ़ा जंग का खतरा: अमेरिका के तीन जहाजों पर ईरानी हमला नाकाम, अमेरिकी नौसेना ने किया पलटवार

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे अमेरिकी सेना ने नाकाम कर दिया। जवाब में अमेरिका ने ईरानी नावों पर कार्रवाई की। ईरान ने भी गोलीबारी और धमाकों की पुष्टि की है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने इन हमलों को बीच में ही रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरान की ओर से ‘बिना उकसावे’ के हमला किया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जहां से हमले किए गए थे। अमेरिका ने कहा कि उसके किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है और वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका के तीन बड़े युद्धपोत सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए, जबकि उन पर हमला किया गया था। ट्रंप के मुताबिक, इन जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन जवाबी कार्रवाई में ईरान के हमलावर पूरी तरह तबाह हो गए। कई छोटी नावें भी समुद्र में डुबो दी गईं, जिनका इस्तेमाल ईरान अपनी कमजोर पड़ चुकी नौसेना की जगह कर रहा था। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान सामान्य देश की तरह व्यवहार नहीं कर रहा और वहां ‘कट्टरपंथी’ लोग सत्ता चला रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका भविष्य में और ज्यादा कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोत अब फिर से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल होंगे, जिसे उन्होंने ‘स्टील की दीवार’ बताया।

वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि केश्म द्वीप इलाके में ईरानी सेना और ‘दुश्मन’ के बीच गोलीबारी हुई। तेहरान और दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास इलाके में भी धमाकों और हवाई सुरक्षा प्रणाली की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि विस्फोटों की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात गंभीर बने हुए हैं। ईरान ने जहाजों की जांच और टैक्स वसूली के लिए एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है। यह जलमार्ग दुनिया में तेल और गैस सप्लाई का सबसे अहम रास्ता माना जाता है। ईरान की सख्ती के कारण फारस की खाड़ी में सैकड़ों व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

उधर, पाकिस्तान लगातार अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच जल्द समझौते की उम्मीद है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि उनका देश ‘दिन-रात’ दोनों पक्षों से संपर्क में है ताकि युद्ध पूरी तरह खत्म हो सके और संघर्ष विराम जारी रहे।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेटिकन में पोप लियो 14 से भी मुलाकात की और पश्चिम एशिया शांति प्रयासों पर चर्चा की। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो फिर से बमबारी हो सकती है। हालांकि उन्होंने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को सैन्य बल से खोलने की अमेरिकी योजना रोक दी है।

इधर, इस्राइल और लेबनान के बीच भी अगले सप्ताह वॉशिंगटन में सीधी बातचीत होने वाली है। माना जा रहा है कि अमेरिका पूरे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में कहा जा रहा है कि वे अमेरिका से चल रही बातचीत पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

NATIONAL : मुंबई तरबूज-बिरयानी मामला: 4 लोगों की मौत में चौंकाने वाला खुलासा, चूहे मारने वाले जहर से हुई थी मौत

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साउथ मुंबई में पिछले महीने एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इसे तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन अब फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि मौत जिंक फॉस्फाइड नाम के जहरीले रसायन से हुई। यह रसायन आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल किया जाता है।

मृतकों में अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी दो बेटियां जैनब और आयशा शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक परिवार ने 25 अप्रैल को अपने घर पर रिश्तेदारों को खाने पर बुलाया था। सभी ने मटन पुलाव खाया था और रिश्तेदार रात करीब 10 से 10.30 बजे के बीच वहां से चले गए थे।इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह 5 से 6 बजे के बीच सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई।

शुरुआती जांच में पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम के दौरान शवों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। बाद में फॉरेंसिक जांच में चारों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले।जांच एजेंसियों को तरबूज के सैंपल में भी यही जहरीला रसायन मिला है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जहर गलती से तरबूज में पहुंचा या फिर जानबूझकर उसमें मिलाया गया था।

इससे पहले जे जे अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि मृतकों के शरीर में किसी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं मिला। उनके खून में भी कोई बैक्टीरिया नहीं पाया गया था, जिससे फूड इंफेक्शन की आशंका कमजोर पड़ गई थी।फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि मृतकों के कुछ अंगों जैसे दिमाग, दिल और आंतों का रंग हरा पड़ गया था। डॉक्टरों के मुताबिक यह जहरीले पदार्थ के असर का संकेत हो सकता है।

जांच में अब्दुल्ला दोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन के अंश भी मिले थे। मॉर्फिन एक तेज दर्द निवारक दवा होती है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मेडिकल निगरानी में किया जाता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह दवा शरीर में कैसे पहुंची।पुलिस ने परिवार के उन रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए हैं, जिन्होंने उसी रात मटन पुलाव खाया था। हालांकि उनकी तबीयत पर कोई असर नहीं पड़ा। अब अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की पूरी वजह साफ हो सकेगी।

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