Tuesday, September 8, 2026
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NATIONAL : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

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इमारत के अचानक गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। राहत और बचाव टीमों के द्वारा मलबे को सावधानी से हटाकर इसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिर गई। बताया जा रहा है कि इमारत के मलबे में कई लोग दबे हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे से निकाले गए तीन लोगों को AIIMS के ट्रामा सेंटर ले जाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।दिल्ली पुलिस ने बताया है कि यह घटना दिन में 1:30 बजे हुई। घटना में किसी के भी हताहत होने की अभी तक कोई सूचना नहीं है। इमारत में पीजी चल रहा था।इमारत गिरने के कारणों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इमारत के अचानक गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। राहत और बचाव टीमों ने मलबे को सावधानी से हटाकर इसमें फंसे लोगों की तलाश की। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का फोकस मलबे में फंसे लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताया दुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताया है। रेखा गुप्ता ने X पर कहा, “DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।”

DUSU प्रेसिडेंट आर्यन मान ने कहा, “अब तक लगभग 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं… मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और दूसरी टीमें भी छात्रों की मदद के लिए आ रही हैं… JCB और फायर ब्रिगेड यूनिट समेत सभी टीमें मौके पर मौजूद हैं।”

अंदर फंसे हुए हैं बच्चे- विधायक
इमारत गिरने की घटना पर बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने कहा, “बच्चे यहां अलग-अलग जगहों से पढ़ने आते हैं और इस इमारत में बने पीजी में रह रहे थे… हमें पता है कि बच्चे अंदर फंसे हुए हैं। NDRF और MCD ने दो बच्चों को पहले ही बचा लिया है। कुछ बच्चे अंदर से फोन भी कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हैं, इसलिए बचाव कार्य जारी है।”

घटना को लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की मदद करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

साकेत में ढह गई थी चार मंजिला इमारत
इस साल मई में दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई थी। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।

NATIONAL : पीजी हादसा: तीन आरोपी गिरफ्तार, हरिराम और पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, बेटे को दो दिन की पुलिस कस्टडी

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तीनों आरोपियों को जज के सामने पेश किया गया। हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।

दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं।

तीनों आरोपियों को जज के सामने पेश किया गया। हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।

जांच में हुए अहम खुलासे
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में संपत्ति और उसके प्रबंधन को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दस्तावेजों की जांच में पाया गया है कि यह संपत्ति कानूनी रूप से उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है। वहीं पति हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेंट हैं। पत्नी के नाम पर संपत्ति होने के बावजूद, इमारत का पूरा प्रबंधन यही देख रहे थे। इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हरिराम के नाम पर ही हैं। वहीं बेटा महेश भी इमारत के संचालन में पिता की मदद कर रहा था। महेश पेशे से हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं।

पीजी संचालक और ठेकेदार की तलाश तेज
बिल्डिंग मालिकों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और प्रशासन के रडार पर पेइंग गेस्ट (पीजी) के संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) हैं। पुलिस इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे में इनकी भूमिका की भी गहनता से जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

NATIONAL : ‘MCD और DU भी जिम्मेदार, केवल PG मालिक पर ठीकरा फोड़ना ठीक नहीं’, सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली HC

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दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में बिल्डिंग ढहने की घटना पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस त्रासदी के लिए सिर्फ इमारत के मालिक ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि एमसीडी और दिल्ली विश्वविद्यालय भी जवाबदेह हैं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव अभियान में प्रयासों को दोगुना करें ताकि ज्यादा से ज्यादा जानें बचाई जा सकें।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि बचाव कार्यों के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने प्रशासन से अनुरोध किया कि राहत और बचाव अभियान को और तेज किया जाए।

पीजी और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को एक सप्ताह के अंदर पीजी और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ बिल्डिंग मालिकों की ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी है। अगर अधिकारियों ने अपनी कानूनी जिम्मेदारियां ठीक से निभाई होतीं, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।

एमसीडी और दिल्ली पुलिस को नोटिस
अदालत ने कहा कि अगर पीजी और हॉस्टलों को रेगुलेट करने के लिए दिशा-निर्देश नहीं है तो इसे तत्काल बनाएं। अदालत ने घटना को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार के साथ एमसीडी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

भविष्य के लिए आपकी क्या रणनीति है, बताएं: हाई कोर्ट
हाई कोर्ट ने कहा कि हादसा हो चुका है और अब आपकी रणनीति क्या है कि भविष्य में ऐसा न हो। अदालत ने कहा कि अगर पीजी हॉस्टल को रेगुलेट करने के लिए कोई रेगुलेशन नहीं है तो इसे तत्काल बनाएं। यह देखें कि पीजी हॉस्टल में रोशनी और हवा है या नहीं। पीठ ने कहा कि अदालत ने कहा कि हर दूसरे साल ऐसा होता है। उक्त टिप्पणियों के साथ अदालत ने मामले की सुनवाई 25 सितंबर के लिए तय कर दी।

NATIONAL : राजनाथ की दुश्मनों को दो टूक: रक्षा मंत्री बोले- शांति हमारी ताकत है कमजोरी नहीं; सेना को खुली छूट और संसाधन

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं को खतरों का निर्णायक जवाब देने की पूरी आजादी और संसाधन दिए गए हैं। उन्होंने रक्षा उत्पादन, आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्ध तकनीक पर भी बात की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को देश के सामने आने वाले खतरों से निर्णायक तरीके से निपटने की पूरी आजादी और जरूरी संसाधन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के इलाके में जाकर भी कार्रवाई की जा सकती है।

एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन शांति और कमजोरी को एक नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो उससे बातचीत नहीं होगी, बल्कि सुरक्षा बल उसे उचित जवाब देंगे।

आतंकवाद के खिलाफ भारत ने क्या रणनीति अपनाई?
रक्षा मंत्री ने कहा कि दुश्मनों ने जम्मू-कश्मीर में युवाओं को गुमराह करने, आतंकवाद फैलाने और देश विरोधी गतिविधियों के जरिए भारत की सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की। सरकार ने पुनर्वास, कट्टरपंथ से दूर करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे कदमों से इन प्रयासों को रोकने का काम किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों के जरिए आतंकियों और उनके मददगारों को निशाना बनाया गया। उन्होंने सिंधु जल संधि के निलंबन का भी उल्लेख किया।

रक्षा क्षेत्र में भारत कितना मजबूत हुआ?
राजनाथ सिंह के मुताबिक, 2014 से पहले करीब 40 हजार करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन अब लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि आकाश, पिनाका, अस्त्र, तेजस, अर्जुन और आईएनएस विक्रांत जैसी स्वदेशी प्रणालियां आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रगति दिखाती हैं। रक्षा उत्पादन में 16 हजार से ज्यादा MSME जुड़े हैं और देश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप की संख्या 2,000 से अधिक हो गई है।

युद्ध का बदलता स्वरूप क्या है?
रक्षा मंत्री ने कहा कि अब जमीन, समुद्र और हवा के साथ अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र भी युद्ध के नए मोर्चे बन गए हैं। AI, ड्रोन, स्वायत्त तकनीक और सटीक हथियार युद्ध के तरीके बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य इन तकनीकों को देश में विकसित करना और रक्षा नीति को प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय बनाना है। सिंह ने भरोसा जताया कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के साथ तकनीक, अर्थव्यवस्था और रक्षा के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

BUSINESS : डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ी खबर, 1.10 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी, सेना-नौसेना और वायुसेना को मिलेंगे नए हथियार

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रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दी है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल के इस फैसले में करीब 98% खरीद भारतीय इंडस्ट्री से होगी। सेना को नए वाहन, हेलिकॉप्टर और ब्रिज सिस्टम, नौसेना को अरुध्रा रडार और मरीन गैस टर्बाइन, जबकि वायुसेना को जैमर समेत कई नए सिस्टम मिलेंगे।

भारत ने अपनी सैन्य ताकत और डिफेंस सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। सोमवार 7 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की बैठक में इन खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिली। खास बात यह है कि कुल खरीद का करीब 98% हिस्सा भारतीय इंडस्ट्री से किया जाएगा। इससे देश की सैन्य क्षमता बढ़ने के साथ घरेलू डिफेंस कंपनियों को भी बड़े प्रोजेक्ट और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।

सेना के लिए क्या खरीदा जाएगा
भारतीय सेना के लिए कई तरह के नए उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसमें सीबीआरएन रिकॉन्सेंस व्हीकल, हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, ट्रॉल टैंक और सर्वत्र ब्रिज सिस्टम शामिल हैं।


जहरीले हमलों से निपटने में मदद
सीबीआरएन रिकॉन्सेंस व्हीकल का इस्तेमाल केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर एजेंट से प्रभावित इलाकों की पहचान के लिए किया जाएगा। ये वाहन ऐसे इलाकों का पता लगाने, निगरानी करने और उन्हें चिन्हित करने में मदद करेंगे।

सेना की मोबिलिटी होगी बेहतर
हाई मोबिलिटी व्हीकल सेना की लॉजिस्टिक्स और मुश्किल इलाकों में आवाजाही को बेहतर बनाएंगे। वहीं सेल्फ प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर की मदद से कठिन इलाकों में तेजी से माइन बिछाने की क्षमता बढ़ेगी।

हेलिकॉप्टर और ब्रिज सिस्टम भी शामिल
एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सेना और वायुसेना की अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों में किया जाएगा। वहीं ट्रॉल टैंक और सर्वत्र ब्रिज सिस्टम युद्ध के दौरान अलग-अलग तरह के इलाकों में सेना के लिए रास्ता और क्रॉसिंग तैयार करने में मदद करेंगे।

नौसेना को नए रडार और गैस टर्बाइन
भारतीय नौसेना के लिए अरुध्रा रडार की खरीद को मंजूरी दी गई है। ये रडार अलग-अलग नेवल एयर स्टेशन पर मौजूद पुराने एयर रूट सर्विलांस रडार की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा मरीन गैस टर्बाइन के डिजाइन, डेवलपमेंट और आगे इसकी खरीद को भी मंजूरी मिली है।

विदेशी कंपनियों पर निर्भरता घटेगी
मरीन गैस टर्बाइन युद्धपोतों के प्रोपल्शन सिस्टम में इस्तेमाल होता है। इसके घरेलू विकास और खरीद से नौसेना की विदेशी वेंडर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

वायुसेना को मिलेंगे जैमर
भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर की वॉर-फाइटिंग क्षमता बढ़ाने वाले कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके साथ ग्राउंड बेस्ड मल्टी पर्पज जैमर की खरीद भी की जाएगी।

दुश्मन के रडार को जाम करेगा सिस्टम
ग्राउंड बेस्ड मल्टी पर्पज जैमर का इस्तेमाल दुश्मन के रडार को प्रभावी तरीके से जाम करने के लिए किया जाएगा। इससे युद्ध के दौरान वायुसेना की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता को मजबूती मिलेगी।

अब पेपर पास की जगह स्मार्ट कार्ड
वायुसेना के लिए डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड सिस्टम को भी मंजूरी दी गई है। यह सिस्टम मौजूदा पेपर आधारित पहचान पत्र, पास और परमिट की जगह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन आधारित स्मार्ट कार्ड सिस्टम लाएगा।

भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए बड़ा मौका
करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की इस खरीद में 98% हिस्सा भारतीय इंडस्ट्री से होने के कारण घरेलू डिफेंस कंपनियों के लिए बड़े बिजनेस अवसर बन सकते हैं। सरकार के इस कदम से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, स्वदेशी तकनीक और सैन्य उपकरणों के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

GUJARAT : वडोदरा में PM मोदी के Gen-Z कार्यक्रम का जबरदस्त क्रेज, रजिस्ट्रेशन खुलने के 1 घंटे में सभी सीटें हाउसफुल

गुजरात के वडोदरा में मंगलवार (8 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले विशेष कार्यक्रम को लेकर युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल सुबह 10:30 बजे खोला गया और महज एक घंटे के भीतर ही सभी उपलब्ध सीटें फुल हो गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने और इस खास अवसर का हिस्सा बनने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया।

देखते ही देखतें सीटें बुक
रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही युवाओं का जबरदस्त रिस्पॉन्स देखने को मिला और देखते ही देखते सभी सीटें बुक हो गईं। रजिस्ट्रेशन फुल होने के कारण कई इच्छुक युवा कार्यक्रम में जगह नहीं बना पाए। इसे लेकर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से माफी मांगी।

जानिए क्या बाले हर्ष संघवी
हर्ष संघवी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन लिंक खुलते ही युवाओं की बड़ी प्रतिक्रिया के कारण कुछ ही समय में सभी सीटें भर गईं। उन्होंने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम में शामिल किया जा सके, इसके लिए क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

वेटिंग लिस्ट में शामिल युवाओं को भी आगामी व्यवस्था और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी लगातार दी जाएगी। आयोजकों की ओर से अधिक युवाओं को समायोजित करने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएंगे।

पीएम मोदी के स्वागत को लेकर युवाओं में भारी उत्साह
वडोदरा के सांसद डॉक्टर हेमांग जोशी ने भी वीडियो संदेश के जरिए बताया कि युवाओं में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को लेकर भारी उत्साह है। वहीं, नगर निगम आयुक्त ने जानकारी दी कि बुक माय शो पर रजिस्ट्रेशन सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ था और सिर्फ एक घंटे में हाउसफुल हो गया।

करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट का करेंगे शिलान्यास
8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडोदरा और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। पीएम के स्वागत को लेकर पूरे वडोदरा में उत्साह का माहौल है।

NATIONAL : पीएम मोदी आज गुजरात में देंगे 35 हजार करोड़ की रेल परियोजनाओं की सौगात, DFC के 326 किमी खंड होंगे राष्ट्र को समर्पित

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वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के इन हिस्सों के शुरू होने से जेएनपीए पोर्ट से माल की आवाजाही आसान होगी। इससे माल को तेजी से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मुंबई के व्यस्त रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को गुजरात के वडोदरा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह राज्य में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन महत्वपूर्ण हिस्से भी शामिल हैं। इन तीनों नए खंडों की कुल लंबाई 326 किलोमीटर है और इनके निर्माण पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इनके चालू होने से मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और माल परिवहन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे और रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

मुंबई के रेल नेटवर्क पर घटेगा माल ढुलाई का दबाव
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के इन हिस्सों के शुरू होने से जेएनपीए पोर्ट से माल की आवाजाही आसान होगी। इससे माल को तेजी से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मुंबई के व्यस्त रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा। माल ढुलाई के लिए अलग कॉरिडोर उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों के संचालन को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री इस मौके पर चार स्थानों से नई फ्रेट ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही टांडा रोड से वडोदरा (प्रतापनगर) के बीच नई यात्री ट्रेन सेवा भी शुरू की जाएगी।

जोबट-टांडा रोड रेल लाइन से आदिवासी इलाकों को फायदा
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना से अलिराजपुर के दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से मजबूत होगी। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

9,700 करोड़ की तीन परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी करीब 9,700 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन नई रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इनमें प्रमुख रूप से वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन, मियागाम करजन-चोरंदा-मालसर गेज कन्वर्जन और विश्वामित्री-डभोई रेल लाइन दोहरीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। साथ ही यात्री और मालगाड़ियों के लिए ट्रैक क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की भीड़ कम होगी और रेल संचालन अधिक सुचारू होगा।

पूरा होगा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का नेटवर्क
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के परिवहन ढांचे की महत्वपूर्ण रीढ़ बनेंगे। उनके मुताबिक, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जेएनपीटी से दादरी तक और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना से प्रयागराज के आगे सोननगर तक पूरा हो चुका है।उन्होंने कहा कि 2014 से पहले इस परियोजना की प्रगति बहुत धीमी थी, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के बाद इसे गति दी गई। अलग-अलग चुनौतियों का समाधान करते हुए पिछले चार-पांच वर्षों में कई सेक्शन शुरू किए गए। अब शेष महत्वपूर्ण हिस्सों के राष्ट्र को समर्पण के साथ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा नेटवर्क चालू हो जाएगा। इससे माल की ढुलाई तेज होगी, ट्रांजिट टाइम घटेगा और देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

रतलाम-वडोदरा फोर लाइनिंग पर भी बड़ा कदम
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी रतलाम-वडोदरा रेल मार्ग की तीसरी और चौथी लाइन यानी फोर लाइनिंग परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। रेल मंत्री वैष्णव ने इसे रेलवे के सात प्रमुख कॉरिडोरों की क्षमता बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा बताया। उन्होंने इसकी तुलना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौर में शुरू हुए हाईवे के स्वर्णिम चतुर्भुज के तहत फोर-लेनिंग अभियान से की।

MP : एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार: नौ जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर

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मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। 28 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। मंदाकिनी और नर्मदा उफान पर हैं, जबकि बरगी-कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रदेश में अब तक 29.2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 8% कम है।

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश के बाद मंदाकिनी और नर्मदा नदी उफान पर हैं, जबकि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। इसी बीच बरगी और कुटनी बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को सक्रिय मौसम प्रणाली आगे बढ़ेगी, जिसके कारण 4 और 5 सितंबर को बारिश का जोर और बढ़ने का अनुमान है।

9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास,आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

नदियां उफनीं, कई जगह बाढ़ का खतरा
चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर तक पहुंच गया और खतरे के निशान के करीब है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीईआरएफ ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। छतरपुर में सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद रहा। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर दर्ज किया गया। जबलपुर में बरगी बांध 93.33 प्रतिशत भर गया है। इसके बाद पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर करीब चार फीट तक बढ़ने की संभावना है।

29.2 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
प्रदेश में अब तक 741.2 मिलीमीटर यानी 29.2 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य 31.8 इंच से करीब 2.6 इंच कम है। पूरे प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 8 प्रतिशत नीचे है। पूर्वी हिस्से में कमी सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है

34 जिलों में अब भी बारिश की कमी
पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 1 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें बालाघाट, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं। इसके उलट पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी ज्यादा है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 6 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

21 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में जून में प्रदेश में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के दो बार कमजोर पड़ने के कारण कई दिनों तक बारिश थमी रही। अब सितंबर की शुरुआत में सक्रिय सिस्टम ने पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ा दिया है। अगले दो दिन प्रदेश के लिए अहम रहेंगे। 4-5 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद 6-7 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी तेज बारिश होने का अनुमान है।

WORLD : मियामी एयरपोर्ट पर अमेजन का कार्गो प्लेन क्रैश! रनवे से फिसलकर गाड़ियों से टकराया, 5 की मौत

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मियामी: अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को बड़ा विमान हादसा हो गया। अमेजन के लिए संचालित एक कार्गो विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से बाहर निकल गया और कई वाहनों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। हादसे में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 अन्य घायल बताए गए हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई गई है।समय और कैलेंडर

लैंडिंग के दौरान रनवे से बाहर निकला विमान
हादसा करीब दोपहर 2 बजे के आसपास हुआ। Prime Air Flight 7598 सैन जुआन, प्यूर्टो रिको से मियामी पहुंचा था। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के निर्धारित हिस्से से आगे निकल गया और एयरपोर्ट परिसर से बाहर की ओर चला गया।

इसके बाद विमान ने जमीन पर मौजूद कई वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और घटनास्थल के ऊपर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा।

5 लोगों की मौत, 5 घायल
मियामी-डेड काउंटी के अधिकारियों के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की जान गई है। पांच घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें तीन को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। दो अन्य घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया।

अधिकारियों ने शुरुआती चरण में मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। यह भी तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि मृतकों में विमान पर सवार लोग शामिल थे या जमीन पर मौजूद वाहन सवार लोग।

विमान में फंसे थे पायलट और को-पायलट
मियामी-डेड फायर रेस्क्यू के अनुसार, दुर्घटना के बाद विमान का कॉकपिट क्षतिग्रस्त हो गया और पायलट तथा को-पायलट को निकालने के लिए बचाव दल को काम करना पड़ा। कुछ लोग उन वाहनों में भी फंसे थे जिन्हें विमान ने टक्कर मारी थी।

रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकालने और घायलों को चिकित्सा सहायता देने का अभियान शुरू किया। हादसे के बाद 60 से अधिक फायर-रेस्क्यू यूनिट और करीब 200 कर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया।

32 साल पुराना Boeing 767 था विमान
हादसे में शामिल विमान Boeing 767-300 था। यह विमान करीब 32 साल पुराना बताया जा रहा है। विमान को मूल रूप से यात्री विमान के तौर पर बनाया गया था और बाद में वर्ष 2015 में इसे कार्गो विमान में बदल दिया गया था।

यह विमान अमेजन के लिए 21 Air नाम की नॉर्थ कैरोलिना स्थित कार्गो कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा था। अमेजन ने भी विमान के हादसे में शामिल होने की पुष्टि की है।

आग पर काबू पाने में जुटी टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। विमान में लगी आग पर काबू पाने के लिए एयरपोर्ट की विशेष फायर-फाइटिंग टीमों का इस्तेमाल किया गया। घटनास्थल पर ईंधन रिसाव की स्थिति भी सामने आई, जिसे नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञ दल काम करता रहा।

अधिकारियों ने आसपास के लोगों और यात्रियों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे के बाद इलाके में आम लोगों के लिए कोई व्यापक खतरा नहीं था।

एयरपोर्ट पर उड़ानों पर पड़ा असर
हादसे के बाद मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए सभी रनवे और टैक्सीवे बंद कर दिए गए और ग्राउंड स्टॉप लागू किया गया। इससे बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं।

बाद में कुछ रनवे फिर से खोल दिए गए, लेकिन यात्रियों को लंबे समय तक देरी और संभावित फ्लाइट कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई और कई उड़ानें रद्द भी की गईं।

हादसे की जांच शुरू
अमेरिका की National Transportation Safety Board (NTSB) ने हादसे की जांच के लिए अपनी टीम भेजी है। Federal Aviation Administration (FAA) भी मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि विमान रनवे से क्यों बाहर गया और लैंडिंग के दौरान किन परिस्थितियों में यह दुर्घटना हुई। मौसम, विमान की लैंडिंग और तकनीकी पहलुओं समेत कई बिंदुओं की जांच की जाएगी।

अमेजन ने जताया दुख
अमेजन ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि कंपनी प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रही है और जांच में पूरा सहयोग करेगी।

कंपनी के मुताबिक इस समय उसकी प्राथमिकता हादसे से प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सहायता है। 21 Air ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

BUSINESS : शेयर बाजार में इस हफ्ते बड़ा धमाका! RBI और अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी निवेशकों की नजर

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भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। निवेशकों की नजर RBI की मौद्रिक नीति, अमेरिका -ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों, GDP आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इन प्रमुख घटनाक्रमों से सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय होने की उम्मीद है।

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
आने वाला सप्ताह शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण और घटनाओं से भरा रहने वाला है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह बाजार की दिशा कई बड़े घरेलू और वैश्विक कारकों से तय होगी। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत, मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक और कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

अमेरिका -ईरान वार्ता और तेल की कीमतों पर नजर
रिलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा के अनुसार, बाजार की नजर सबसे अधिक वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में कोई भी बड़ा बदलाव वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

PMI आंकड़ों से मिलेगी अर्थव्यवस्था की झलक
इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। सोमवार को मई महीने का अंतिम HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI डेटा जारी होगा। इसके बाद बुधवार को सर्विसेज PMI और कंपोजिट PMI के आंकड़े सामने आएंगे। ये आंकड़े देश में मांग, व्यावसायिक गतिविधियों और आर्थिक मजबूती की स्थिति को समझने में मदद करेंगे।

RBI की मौद्रिक नीति
विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक होगी, जिसका फैसला शुक्रवार को घोषित किया जाएगा। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक महंगाई, ब्याज दरों और बैंकिंग प्रणाली में तरलता की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। RBI का रुख आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों और बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
GDP और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े भी रहेंगे अहम
RBI नीति के अलावा निवेशक भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे। ये आंकड़े देश की आर्थिक मजबूती और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। यदि आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार को सकारात्मक समर्थन मिल सकता है, जबकि कमजोर आंकड़े निवेशकों की चिंता बढ़ा सकते हैं।

विदेशी निवेश और रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण
जियो पोलिटिकल टेंशन के अलावा निवेशक भारतीय रुपये की स्थिति, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री, वैश्विक शेयर बाजारों के रुझान और अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर भी नजर बनाए रखेंगे। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीणा के अनुसार, बाजार निवेशकों की नजर RBI की ओर से महंगाई, तरलता और ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर भी रहेगी।

ऑटोमोबाइल बिक्री के आंकड़े
1 जून को मई महीने के ऑटोमोबाइल बिक्री आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। इन आंकड़ों के जरिए देश में उपभोक्ता मांग और वाहन उद्योग की स्थिति का आकलन किया जाएगा।

बाजार की दिशा तय करेंगे दो बड़े ट्रिगर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर का मानना है कि निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से दो बड़े कारकों पर निर्भर करेगी। पहला RBI का मौद्रिक नीति फैसला और दूसरा भारत के GDP आंकड़े। इसके अलावा PMI और IIP जैसे आर्थिक आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती तस्वीर पेश करेंगे। इन सभी संकेतकों के आधार पर निवेशक बाजार की आगामी दिशा का अनुमान लगाएंगे।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सप्ताह शेयर बाजार के लिए काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण रहने वाला है। RBI की नीति, अमेरिका-ईरान वार्ता, मिडिल ईस्ट की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, GDP आंकड़े, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और ऑटो बिक्री जैसे कई कारक बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सभी घटनाक्रमों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए।

(डिस्क्लेमर :ये एक्सपर्ट/ ब्रोकरेज के निजी सुझाव/ विचार हैं. ये इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी के विचारों को नहीं दर्शाते हैं. किसी भी फंड/ शेयर में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें.)

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