Monday, May 11, 2026
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WORLD : अमेरिका-ईरान अगले हफ्ते फिर इस्लामाबाद में बातचीत कर सकते हैं:ट्रम्प बोले- ईरान के जवाब का इंतजार; तेहरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की मांग ठुकराई

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वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश मध्यस्थों के जरिए एक समझौता ड्राफ्ट पर काम कर रहे हैं, जिससे एक महीने तक चलने वाली औपचारिक वार्ता का रास्ता खुल सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित 14 बिंदुओं वाले ड्राफ्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करने और ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को किसी दूसरे देश भेजने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान की तरफ से जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। अगर बातचीत आगे बढ़ी तो सीजफायर को और लंबा किया जा सकता है।

साथ ही अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम या हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर कोई समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी।

दूसरे दौर की बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

दूसरे दौर की बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

  1. ईरान बोला- होर्मुज में दखल दिया तो जंग फिर शुरू होगी: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट में फिर दखल दिया तो क्षेत्र में दोबारा युद्ध शुरू हो सकता है।
  2. अमेरिका का दावा- 70 से ज्यादा जहाजों को रोका: US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने 70 से ज्यादा जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने या वहां से निकलने से रोका। अमेरिका के मुताबिक इन जहाजों में 13 अरब डॉलर से ज्यादा कीमत का तेल ले जाने की क्षमता थी।
  3. UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा: UAE ने कहा कि ईरान ने 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 3 ड्रोन दागे, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में नष्ट कर दिया। हमले में 3 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
  4. ईरान-अमेरिका के बीच 30 दिन के समझौते पर चर्चा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत कर रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम अभी सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
  5. होर्मुज संकट से तेल और सोने की कीमतों में उछाल: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध का असर चीन के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर भी पड़ा है। यह बात दोहा इंस्टीट्यूट फॉर ग्रेजुएट स्टडीज में अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सहायक प्रोफेसर मुहनद सेलूम ने कही।

अल जजीरा से बातचीत में सेलूम ने कहा कि चीन ने युद्ध में सीधे ईरान का सैन्य समर्थन नहीं किया, क्योंकि इसके गंभीर और महंगे परिणाम हो सकते थे।

हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन ईरान को पूरी तरह अकेला भी नहीं छोड़ सकता था। अगर ऐसा होता, तो दुनिया में यह मैसेज जाता कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सिर्फ अमेरिका ही प्रभावी ताकत है।

सेलूम के मुताबिक, चीन पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपना वीटो अधिकार इस्तेमाल कर चुका है। यह उन प्रस्तावों के दौरान हुआ, जिनमें होर्मुज के मुद्दे पर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि फिलहाल चीन की ओर से ईरान को सीधे सैन्य मदद दिए जाने की संभावना नहीं दिखती। लेकिन संभव है कि अमेरिका के प्रतिबंध झेल रहीं कुछ चीनी कंपनियों ने ईरान को तकनीकी सहायता दी हो।

ईरान जंग अमेरिका को पीछे हटना पड़ सकता है। यह दावा पॉलिसी एक्सपर्ट सिबिल फारेस और अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने किया है।

इनके मुताबिक अमेरिका इस युद्ध को लंबे समय तक जारी नहीं रख सकता, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की तेल, गैस और समुद्री वॉटर प्यूरिफिकेशन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल की शुरुआती योजना ईरान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व क्षमता को कमजोर करने की थी। माना जा रहा था कि बड़े हवाई हमलों के बाद ईरानी सरकार टूट जाएगी और तेहरान में अमेरिका समर्थक सरकार बनाई जा सकेगी।

ट्रम्प को उम्मीद थी कि ईरान में वही स्थिति बनेगी जैसी वेनेजुएला में देखने को मिली थी। वहां जनवरी 2026 में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद अमेरिका को सहयोगी सरकार मिली थी।

दक्षिणी लेबनान के नबाटीह शहर में इजराइली ड्रोन हमले में घायल हुई एक बच्ची की भी मौत हो गई है।

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, बच्ची का इलाज नबाटीह स्थित नबीह बेरी गवर्नमेंटल यूनिवर्सिटी अस्पताल में चल रहा था, जहां उसने दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची और उसके पिता मोटरसाइकिल पर सवार थे। इसी दौरान अल-सबाह हाई स्कूल के पास उन पर पहला ड्रोन हमला किया गया। इसके बाद दो और ड्रोन हमले हुए।

हमले में पिता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी।

ईरान फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने कहा है कि देश की पुरुष फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी, लेकिन मेजबान देशों अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको को उसकी शर्तें माननी होंगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के कारण ईरान की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

पिछले महीने कनाडा ने फीफा कांग्रेस में शामिल होने पहुंचे ईरान फुटबॉल महासंघ के प्रमुख को एंट्री देने से इनकार कर दिया था। कनाडा ने उनके ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंधों का हवाला दिया था। कनाडा ने 2024 में IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया था।

ईरान फुटबॉल महासंघ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, हम 2026 वर्ल्ड कप में जरूर हिस्सा लेंगे, लेकिन मेजबान देशों को हमारी चिंताओं का ध्यान रखना होगा। हम अपने विश्वास, संस्कृति और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेंगे।

महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि ईरान ने टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए 10 शर्तें रखी हैं।

इन शर्तों में खिलाड़ियों और स्टाफ को वीजा देने की गारंटी, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, इसके साथ एयरपोर्ट, होटल और स्टेडियम तक जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा शामिल है।

WORLD : मॉस्को से बड़ा बयान: पुतिन को भरोसा, जल्द खत्म होगा सैन्य टकराव; शांति वार्ता की ओर बढ़ रहे कदम

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को चार वर्ष से चल रहे यूक्रेन युद्ध पर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा, उन्हें लग रहा है कि यूक्रेन में चल रहा सैन्य टकराव अब खत्म होने के करीब है।कहा, यूरोपीय संघ के नेता उनसे बात करना चाहते हैं और वह भी यूरोपीय लोगों से बात करने के इच्छुक हैं। जिन लोगों से बात होने की उम्मीद है उनमें जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज प्रमुख हैं। निश्चित रूप से इस बातचीत में निष्कर्ष निकलेंगे और वे शांति की ओर जाएंगे।

यूक्रेन युद्ध में रूस के मारे गए 3.52 लाख सैनिक
यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में रूस के 2025 के अंत तक 3,52,000 सैनिक मारे जा चुके थे। यह दावा रूस से बाहर कार्य कर रहे मीडिया आउटलेट मेदुजा एंड मीडियाजोना ने किया है। इस आउटलेट का संचालन रूसी मूल के निर्वासित लोग करते हैं।

SPORTS : वैभव ने छक्का मारकर पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा, राजस्थान-GT मैच में आज ऑरेंज कैप पर नजर

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IPL 2026 का 52वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है।लेकिन इस मुकाबले से ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की हो रही है।क्रिकेट फैंस की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वैभव आज एक छक्का लगाकर बड़ा T20 रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएंगे। वैभव सूर्यवंशी T20 क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे कर लिए हैं। यह रिकॉर्ड फिलहाल कीरोन पोलार्ड के नाम है, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। आज कीरोन पोलार्ड का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया

गुजरात के खिलाफ ही लगाया था पहला शतक

दिलचस्प बात यह है कि वैभव ने IPL में अपना पहला शतक भी गुजरात टाइटंस के खिलाफ ही लगाया था।

उन्होंने धमाकेदार अंदाज में 36 गेंदों पर 103 रन ठोक दिए थे।

उस पारी में वैभव ने 12 छक्के और 5 चौके लगाकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।

IPL में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे वैभव
15 साल के वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास में सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं।

उन्होंने सिर्फ 15 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा था।

इसके अलावा वह IPL में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन चुके हैं।

एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय
वैभव ने अपनी शतकीय पारी में 12 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया था।

वह IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

इससे पहले यह रिकॉर्ड मुरली विजय के नाम था, जिन्होंने 11 छक्के लगाए थे।

ऑरेंज कैप की रेस में भी बड़ा मौका

IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने की रेस में भी वैभव बने हुए हैं।

उन्होंने इस सीजन 10 मैचों में 404 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।

अगर वह गुजरात के खिलाफ 91 रन बना लेते हैं तो ऑरेंज कैप की रेस में फिर नंबर-1 पर पहुंच सकते हैं।

जेमिसन के साथ भिड़ंत भी रही चर्चा में
पिछले मैच में दिल्ली के तेज गेंदबाज काइल जेमिसन के साथ वैभव की भिड़ंत काफी चर्चा में रही थी।

जेमिसन ने वैभव को बोल्ड करने के बाद आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया था, जिसकी काफी आलोचना हुई।

बाद में BCCI ने जेमिसन को डिमेरिट पॉइंट दिए थे और उन्होंने अपनी गलती भी मानी थी।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-12

राजस्थान रॉयल्स की टीम में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल, रियान पराग और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

वहीं गुजरात टाइटंस की कमान शुभमन गिल संभाल रहे हैं। टीम में जोस बटलर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे बड़े नाम मौजूद हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि जयपुर में वैभव का बल्ला फिर आग उगलता है या नहीं।

NATIONAL : बिहार में आंधी-बिजली का कहर, 9 की मौत; 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-एमपी में 43°C पार गर्मी

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बिहार में आंधी-बिजली से 9 लोगों की मौत हुई। यूपी समेत 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी है, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में तापमान 44°C के पार पहुंच गया।देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है।

बिहार में शुक्रवार को तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा असर पटना में देखने को मिला, जहां 600 से ज्यादा पेड़ गिर गए। दूसरी ओर राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।

पटना समेत कई जिलों में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।पटना में हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। बारिश के बाद विधानसभा परिसर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी 20 जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा, जालौन और मऊ समेत कई जिलों में बारिश हुई। मऊ में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और कई इलाकों में पारा 45°C के पार पहुंच सकता है।

राजस्थान का बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.6°C दर्ज किया गया। जैसलमेर और फलोदी में भी पारा 44°C के करीब पहुंचा।मध्यप्रदेश में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। रतलाम में तापमान 43.5°C तक पहुंच गया। वहीं भोपाल, रायसेन और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में हल्की बारिश और आंधी भी देखने को मिली।मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। शिमला में सड़कों पर ओलों की मोटी परत जम गई।उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे तक हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

10 मई का अनुमान:जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज हवा के साथ बारिश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट,बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने की आशंका

11 मई का अनुमान:उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश,पंजाब के कई इलाकों में तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना,दक्षिण और मध्य बिहार में फिर आंधी-बारिश का असर

देश के कई हिस्सों में इस समय दोहरा मौसम संकट देखने को मिल रहा है। एक तरफ हीटवेव और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक आंधी-बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं।मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

NATIONAL : IIT खड़गपुर से पढ़ाई, लंदन से MBA… जानिए कौन हैं सुब्रत गुप्ता, जो नियुक्त किए गए बंगाल CM के सलाहकार

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पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव के लिए विशेष पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया था.

पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरकार बना ली है. शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में सरकार बनाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर भी शुरू हो गया है. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले सुब्रत गुप्ता 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जिनका कैडर भी पश्चिम बंगाल ही था.

सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग ने उन्हें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी. उनकी देखरेख में ही सूबे में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई थी. वह लेफ्ट से लेकर टीएमसी के शासन में अहम विभागों की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. अपने सेवाकाल में सुब्रत गुप्ता को अलग-अलग 27 विभागों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है.



सुब्रत गुप्ता केंद्र सरकार में भी अहम पदों पर रहे हैं. अक्टूबर, 2024 में केंद्र सरकार में उनको खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया था. सुब्रत गुप्ता मई 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे. सुब्रत गुप्ता आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे हैं और उन्होंने लंदन से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है. उन्होंने वाम मोर्चा सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के प्रबंध निदेशक के रूप में सिंगूर में नैनो कार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी.

सुब्रत गुप्ता ने बाद में कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केएमआरसीएल) का नेतृत्व भी किया. सुब्रत गुप्ता साल 2012-13 में केएमआरसीएल के प्रमुख थे. उनकी अगुवाई में ही कोलकाता मेट्रो ने देश की पहली अंडर वाटर परियोजना पर काम शुरू किया था. इस परियोजना पर जब हावड़ा मैदान से काम शुरू हुआ था, तब सुब्रत गुप्ता ही केएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक थे. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार पर यह आरोप लगते रहे हैं कि सुब्रत गुप्ता को केएमआरसीएल का प्रबंधन निदेशक रहते उतना सहयोग नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था.

ममता बनर्जी की सरकार पर सुब्रत गुप्ता की उपेक्षा के आरोप भी लगे थे. आरोप लगे कि सरकार ने सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कम महत्व के विभाग में भेज दिया और उनसे जूनियर अधिकारियों को अधिक महत्वपूर्ण विभाग दिए गए. साल 2020 से करीब तीन साल तक सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही जैव प्रौद्योगिकी जैसे विभागों में तैनाती दी गई. इसे लेकर पश्चिम बंगाल की नौकरशाही में असंतोष और विवाद की स्थिति भी बनी थी.

सुब्रत गुप्ता को बाद में केंद्र सरकार ने अहम जिम्मेदारियां दी थीं. अब पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के बाद सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना भी जारी हो गई है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल की अलग-अलग सरकारों में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.


eyes southern states

NATIOANL : अब दक्षिण के राज्यों पर BJP की नजर, तमिलनाडु में अपनाएगी बंगाल वाला फॉर्मूला

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अरब सागर के तट से वर्ष 1980 में शुरू हुई भाजपा की राजनीतिक यात्रा 46 साल बाद गंगासागर तक पहुंच गई है। हालांकि, हिंद महासागर की सीमाई राज्यों तक पहुंचना अभी बाकी है। पार्टी का अगले एक दशक का लक्ष्य सारी समुद्री सीमाओं वाले प्रदेशों में भाजपा को सत्ता तक पहुंचाना है। इसके लिए अब पार्टी अपने मिशन दक्षिण के लिए बदली हुई रणनीति पर काम करेगी। भाजपा की पहुंच से दूर रहा तेलंगाना उसका पहला लक्ष्य है। उसके बाद केरल और तमिलनाडु की व्यूह रचना पर काम होगा। कर्नाटक में उसे अगले ही चुनाव में वापसी की उम्मीद है।

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही अमित शाह ने भाजपा की कमान संभाली थी। उन्होंने अपने पहले ही भाषण में भाजपा के पू्र्वोत्तर विस्तार और कोरोमंडल में पहुंच का विशाल रोड मैप पेश किया था। पूर्वोत्तर से कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने और प्रमुख पूर्वी राज्यों बिहार, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल में अपने मुख्यमंत्री बनाने के बाद अब वह अधूरे मिशन दक्षिण की ओर बढ़ने जा रही है।

दक्षिण के पांच राज्यों में भाजपा अभी आंध्र प्रदेश में तेलुगुदेशम के साथ गठबंधन सरकार में है। कर्नाटक में कई बार सरकार बना चुकी पार्टी को अगले चुनाव में फिर से सत्ता में आने का भरोसा है। बाकी तीन राज्यों तेलंगाना, तमिलनाडु एवं केरल उसके अगले लक्ष्य हैं। तेलंगाना में भाजपा की जमीन तैयार हो चुकी है।

केरल और तमिलनाडु ही उसके लिए सबसे मुश्किल राज्यों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा तमिलनाडु में पश्चिम बंगाल का फॉर्मूला अपनाएगी और अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए अन्नाद्रमुक के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ लाएगी। यहां हाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने नागेंद्रन भी अन्नाद्रमुक से ही आए हैं।

केरल भाजपा से ज्यादा आरएसएस की मजबूती के लिए जाना जाता है। इस बार के चुनाव में भाजपा ने बदलाव वाले चुनाव में अपने लिए तीन सीट जीतकर तथा पांच सीट पर दूसरे स्थान पर रहकर अपने भावी अभियान की शुरुआत कर दी है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा वाम दलों की हार के बाद अब उसका स्थान खुद हासिल करने की तैयारी में है। राज्य में हिंदू समुदाय की सालों से पसंद रहे वाम दलों की जगह अब भाजपा लेने की तैयारी में है। ईसाई समुदाय में भी भाजपा ने अपनी पकड़ बनाई है।

NATIOANL : रविवार को विधायक दल के नेता चुने जाएंगे हिमंत: 12 को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ; PM भी रहेंगे मौजूद

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असम विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा आज विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्व सरमा को औपचारिक रूप से अपना नेता चुनेगी। वे 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जिसमें पीएम मोदी और 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत राजग का भारी जमावड़ा होगा। वहीं, पुडुचेरी में भी सत्ता की तस्वीर साफ हो गई है।

गुवाहाटी में रविवार को होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम हिमंत बिस्व सरमा नेता चुने जाएंगे। इसके बाद मंगलवार को वे पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम में बतौर मुख्यमंत्री अपनी तीसरी पारी का आगाज करेंगे। शपथग्रहण समारोह में भाजपा पश्चिम बंगाल की तरह ही राजग का शक्ति प्रदर्शन करेगी।

खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में 11 बजे होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, मोदी सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री, राजगशासित सभी 22 राज्यों के मुख्यमंत्री व गठबंधन के सभी दलों के अध्यक्ष शिरकत करेंगे। पार्टी ने विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को सह पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

गौरतलब है कि असम में भाजपा की अगुवाई में राजग ने जीत की हैट्रिक लगाने के साथ अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी ने 126 सीटों में से 82 सीटें जीत कर पहली बार अपने दम पर बहुमत और सहयोगियों बीपीएफ-एजीपी के साथ सौ का आंकड़ा पार किया है।

दूसरी ओर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को एन रंगासामी को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का मुख्यमंत्री नियुक्त किया। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में में यह जानकारी दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अधिसूचना के बाद उपराज्यपाल के कैलाशनाथन ने रंगासामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। रंगासामी 13 मई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। 4 मई को आए चुनाव परिणाम में अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले एनडीए की शानदार जीत के बाद रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं।

NATIONAL : पूर्व IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता बने बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार, बंगाल चुनाव में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

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सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग की तरफ से हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव 2026 में स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था.

पश्चिम बंगाल में शनिवार (9 मई, 2026) को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने नवनिर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर लिया है. मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण और राज्य में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद ही पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों की शुरुआत हो गई है. इसी क्रम में सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. डॉ. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना भी राज्य सरकार की ओर से जारी कर दी गई है.

डॉ. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं, जो अब रिटायर हो चुके हैं. हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव 2026 में सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग की तरफ से स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था. हालांकि, राज्य में चुनावी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक समापन के बाद चुनाव आयोग ने गुरुवार (7 मई, 2026) को डॉ. सुब्रत गुप्ता को उनके दायित्व से मुक्त कर दिया.

पश्चिम बंगाल के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति की अधिसूचना शनिवार (9 मई, 2026) को जारी की गई. अधिसूचना में कहा गया कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रविंद्र नारायण रवि (R. N. Ravi) ने सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को तत्काल प्रभाव के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सलाहकार के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. बताया जा रहा है कि सुब्रत गुप्ता का प्रशासनिक अनुभव शुभेंदु अधिकारी की नई सरकार को नीति और गवर्नेंस संबंधी मामलों में मदद करेगी.

सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को केंद्रीय चुनाव आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्बर के तौर पर पश्चिम बंगाल में नियुक्त किया था. जिन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से लेकर विधानसभा चुनाव 2026 के पूरा होने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता को नवंबर, 2025 में ही बंगाल के स्पेशल रोल ऑब्जर्बर के तौर पर नियुक्त किया था, ताकि 2026 में होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के एसआईआर की देखरेख की जा सके.

WORLD : दुबई चॉकलेट के चक्कर में महंगा हुआ पिस्ता, ईरान युद्ध ने बढ़ाई टेंशन

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ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध होने के कारण सिर्फ तेल के कीमतों में इजाफा देखने को नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही एक और चीज है जो पिछले 8 सालों के रिकॉर्ड को तोड़कर बहुत तेजी से महंगा होता जा रहा है। उसका नाम है ‘पिस्ता’, इस खाने की चीज पर भी तेल जैसा असर देखने को मिल रहा है।ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में यह महंगा मिल रहा है। दरअसल, ईरान और अमेरिका मिलकर दुनिया की लगभग 80% पिस्ता आपूर्ति पूरी करते हैं, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा उत्पादक है। ईरान पर हुए हमले ने पिस्ता के बाजार का समीकरण ही बदल दिया है।

ईरान संघर्ष ने पिस्ता के निर्यात को बाधित कर दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण कीमतें 8 साल के उच्चतम स्तर $4.57 (430 रुपये) प्रति पाउंड पर पहुंच गई हैं। दुनिया के सबसे बड़े पिस्ता उत्पादकों में से एक देश को निर्यात में रुकावटों, शिपिंग में अड़चनों और आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, साल 2023 के आखिर से ही पिस्ता के कीमतें लगभग 30% बढ़ चुकी थीं। इसी दौरान वायरल दुबई चॉकलेट का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था। ब्लूमबर्ग ने आगे बताया कि सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण मार्च में पिस्ता की कीमतें अचानक से बढ़कर $4.57 (लगभग ₹430.52) प्रति पाउंड तक पहुंच गई, जो मई 2018 के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

इसके साथ ही पिस्ता का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश तुर्कि है। वहीं, ईरानी पिस्ता का एक बड़ा हिस्सा सीधे प्रतिबंधों से बचने के लिए तुर्की के रास्ते भेजा जाता है। इससे एक और रणनीतिक परेशानी पैदा हो गई है। जिसके कारण दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

इसके अलावा पिस्ता के दाम बढ़ने के पीछे एक और बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि, युद्ध के कारण ईरान के पिस्ता गोदामों को काफी नुकसान हुआ। जिसके कारण सप्लाई बाधित हो गया। सूत्रों की माने तो, अमेरिका और इजरायल की सेना ने पिस्ता की खेती पर भी सीधा हमला किया। इन हमलों में कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें ईरान के पिस्ता गोदाम भी शामिल थे।

मार्केट रिसर्च कंपनी मोर्डोर इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक पिस्ता बाजार का मूल्य 2026 में $5.49 बिलियन है और 2031 तक इसके $7.02 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। ईरान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पिस्ता उत्पादक देश है। इस देश का वैश्विक पिस्ता उत्पादन में लगभग पांचवां हिस्सा और निर्यात में लगभग एक-तिहाई हिस्सा है, जबकि अमेरिका वैश्विक उत्पादन का लगभग 40% हिस्सा उत्पादित करता है।

वहीं, साल 2011 से अमेरिका लगातार सबसे बड़े निर्यातक के रूप में आगे बढ़ा है। अमेरिका ने इस दौरान ईरान को काफी पीछे छोड़ दिया। जिसके कारण युद्ध में उलझते ही पूरी दुनिया में पिस्ता के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौजूदा समय में ईरान पूरे वैश्विक पिस्ता उत्पादन का सिर्फ 20% हिस्सा ही उत्पादन कर पा रहा है।

बता दें कि, पिस्ता मूल रूप से ईरान और मध्य एशिया का ड्राई फ्रूट है। वैसे तो दुनिया में इसकी खेती हजारों सालों से की जा रही है, लेकिन प्राचीन समय में इसे फारस (ईरान) में अमीरी की निशानी माना जाता था। पिस्ता के पेड़ सूखे और गर्म इलाकों में अच्छे से उगते हैं। आज भी ईरान दुनिया के सबसे बड़े पिस्ता उत्पादकों में से एक है। वहां के ‘अकबरी’ और ‘फंदोकी’ पिस्ता काफी मशहूर किस्मों में से हैं। यह स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

NATIONAL : एक मिसाइल, कई टारगेट, 5000KM की रेंज… भारत की बड़ी छलांग, अग्नि-5 का सफल परीक्षण, खौफ में चीन-PAK

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भारत ने अपनी रक्षा ताकत को और मजबूत करते हुए एडवांस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल यानी MIRV तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस तकनीक की मदद से एक ही मिसाइल कई अलग-अलग जगहों पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकती है और कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जा सकती है.

अग्नि-5 मिसाइल का यह परीक्षण शुक्रवार (8 मई 2026) को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से किया गया. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस टेस्ट के दौरान मिसाइल को कई पेलोड के साथ लॉन्च किया गया और हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मौजूद टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने कहा कि मिशन के सभी लक्ष्य पूरी तरह सफल रहे. मिसाइल की लॉन्च पर लगातार नजर रखने के लिए जमीन और समुद्र में मौजूद कई ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशनों का इस्तेमाल किया गया. इन सिस्टम ने मिसाइल के लॉन्च होने से लेकर लक्ष्य तक पहुंचने की पूरी जानकारी रिकॉर्ड की.

इस सफल परीक्षण के बाद भारत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह एक ही मिसाइल से कई ठिकानों पर हमला करने की क्षमता रखता है. हालांकि सरकार की तरफ से यह नहीं बताया गया कि अग्नि-5 का MIRV वर्जन कितने वॉरहेड ले जा सकता है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह चार या पांच वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO और सेना को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगी और बढ़ते खतरों से निपटने में मदद करेगी.

भारत ने पहली बार मार्च 2024 में MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया था. उस मिशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन दिव्यास्त्र नाम दिया था. इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया जिनके पास MIRV मिसाइल सिस्टम है. इस सूची में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन जैसे देश शामिल हैं. अग्नि-5 मिसाइल की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. इसमें तीन चरण वाला सॉलिड फ्यूल इंजन इस्तेमाल किया गया है. MIRV तकनीक वाली मिसाइलें सामान्य मिसाइलों से ज्यादा ताकतवर मानी जाती हैं क्योंकि इनमें एक साथ कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की क्षमता होती है.

DRDO ने अग्नि मिसाइल के कई दूसरे वर्जन भी बनाए हैं. इनमें अग्नि-1 की रेंज 700 किलोमीटर, अग्नि-2 की 2,000 किलोमीटर, अग्नि-3 की 3,000 किलोमीटर और अग्नि-4 की 4,000 किलोमीटर है.अग्नि-5 के MIRV सिस्टम में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसमें भारतीय एवियोनिक्स और हाई एक्यूरेसी सेंसर लगाए गए हैं. खास बात यह है कि 2024 में हुए पहले परीक्षण का नेतृत्व DRDO की एक महिला वैज्ञानिक ने किया था और उस टीम में कई महिला वैज्ञानिक शामिल थीं.

भारत की न्यूक्लियर नीति नो फर्स्ट यूज पर आधारित

भारत की न्यूक्लियर नीति नो फर्स्ट यूज पर आधारित है. इसका मतलब है कि भारत पहले न्यूक्लियर हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर भारत पर न्यूक्लियर हमला होता है तो उसका जवाब बहुत बड़े स्तर पर दिया जाएगा. भारत में न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल का फैसला केवल राजनीतिक नेतृत्व ही ले सकता है. प्रधानमंत्री न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी की पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख होते हैं. भारत के पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों रास्तों से न्यूक्लियर हमला करने की क्षमता है. हाल ही में भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन INS अरिदमन को सेवा में शामिल किया है. इससे भारत की समुद्री सुरक्षा और न्यूक्लियर ताकत और मजबूत हुई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 तक भारत के पास करीब 180 न्यूक्लियर वॉरहेड थे. रिपोर्ट में चीन के पास 600 और पाकिस्तान के पास 170 न्यूक्लियर वॉरहेड होने का अनुमान लगाया गया है.

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