Saturday, September 12, 2026
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NATIONAL : तो इसलिए नाराज हैं उज्जैन में बजरंगबली! नए मंदिर में जाते ही हो जाएंगे उत्तरमुखी

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उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में विराजमान बजरंगबली को नए मंदिर में स्थापित करने की तैयारी हो चुकी है, लेकिन प्रतिमा अब तक अपनी जगह से नहीं हटी. नए मंदिर में हनुमान जी उत्तरमुखी हो जाएंगे, जबकि अभी उनका मुख दक्षिण दिशा में है. श्रद्धालुओं का कहना है कि शायद इसी वजह से बजरंगबली नाराज हैं और अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं. भक्त प्रशासन से मंदिर यहीं रखने की मांग कर रहे हैं.

महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों का एक खड़े हनुमान जी के मंदिर की चर्चा देशभर में हो रही है. पिछले कुछ दिनों से लगातार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. मंगलवार या शनिवार ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी यहां सुबह से शाम तक लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. आजतक उस जगह पहुंचा जहां खड़े हनुमान को स्थापित करने की तैयारी है. श्रद्धालुओं ने बताया कि मौजूदा स्थान पर हनुमान जी दक्षिणमुखी हैं, जबकि टंकी चौक पर जिस नए मंदिर का ढांचा तैयार किया जा रहा है, वहां प्रतिमा की स्थापना होने पर उनका मुख उत्तर दिशा की ओर हो जाएगा. शायद यही वजह है कि हनुमान जी नाराज चल रहे हैं.

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में कई सड़कों और प्रमुख मार्गों के विस्तार का काम प्रस्तावित है. इसी क्रम में कंठाल से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण की योजना है. खड़े हनुमान जी का मंदिर इसी प्रस्तावित मार्ग में आ रहा है.


प्रशासन की योजना के मुताबिक प्रतिमा को वर्तमान स्थान से हटाकर टंकी चौक के पास नए स्थान पर स्थापित किया जाना है. इसके लिए नए मंदिर का ढांचा भी तैयार कर दिया गया है. यहां तैयारियां लगभग पूरी नजर आ रही हैं. बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के आसपास प्रतिमा को नए मंदिर में स्थापित करने की तैयारी थी. मंदिर को फूलों से सजाया भी गया था. लेकिन जिस प्रतिमा को नई जगह ले जाने की तैयारी थी, वह अपनी जगह से हिली ही नहीं.

श्रद्धालुओं के बीच अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि नई जगह पर हनुमान जी की दिशा बदल जाएगी. मौजूदा मंदिर में प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा की ओर है. प्रस्तावित नए मंदिर में जिस तरह से स्थान और स्थापना की तैयारी है, उसके मुताबिक प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा की ओर हो जाएगा. श्रद्धालुओं का एक वर्ग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है. मंदिर पहुंचे लोगों का कहना है कि जब भगवान को उसी रूप और उसी दिशा में यहां पूजा जाता रहा है तो स्थान बदलने के साथ उनकी दिशा क्यों बदली जाए?

खड़े हनुमान मंदिर के स्थानीय श्रद्धालु इसे सामान्य मंदिर नहीं मानते. उनके बीच इस मंदिर को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. लोगों का कहना है कि यहां हनुमान जी की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मंदिर से मिलने वाले ताबीज और झड़नी को लेकर भी श्रद्धालुओं में अलग-अलग मान्यताएं हैं. कई लोग दावा करते हैं कि इनके इस्तेमाल से उन्हें अलग-अलग परेशानियों और बीमारियों में राहत मिली. गुरुवार को भी मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. कोई हाथ जोड़कर खड़ा था तो कोई हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था. कई लोग मोबाइल से मंदिर की तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है.

खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और रील सामने आ रही हैं. कोई प्रतिमा के न हटने को भगवान का चमत्कार बता रहा है तो कोई इसे प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है. इन वीडियो के बाद ऐसे श्रद्धालु भी यहां पहुंच रहे हैं जो पहले इस मंदिर के बारे में नहीं जानते थे. प्रशासन को भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए यहां बैरिकेडिंग करनी पड़ी है.

गुरुवार को ‘आजतक’ ने मंदिर परिसर में मंदिर चौपाल लगाई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं से बातचीत की. अधिकांश श्रद्धालुओं की राय यही थी कि मंदिर को इसी स्थान पर रहने दिया जाना चाहिए. लोगों का कहना था कि शहर के विकास के लिए कई मंदिरों को पहले भी स्थानांतरित किया जा चुका है. बताया गया कि अब तक 60 से ज्यादा मंदिरों को अलग-अलग विकास कार्यों के चलते स्थानांतरित किया गया है. श्रद्धालुओं का कहना था कि अगर एक मंदिर को उसकी मौजूदा जगह पर छोड़ दिया जाए तो इससे शहर का विकास रुकने वाला नहीं है. उनका कहना था कि सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ की तैयारियां जरूरी हैं, लेकिन प्रशासन को जनभावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए. एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां लाखों लोगों की श्रद्धा जुड़ी है. ऐसे में अगर भगवान के स्थान या स्वरूप को लेकर कोई बदलाव होता है तो लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.

मंदिर के पुजारी महेश बैरागी का कहना है कि पूरे मामले को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उससे स्थिति जटिल हुई है. उन्होंने बताया कि मंदिर को स्थानांतरित करने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से सशर्त बातचीत भी हुई थी. उनका कहना है कि अगर पहले सभी पक्षों से सहमति बनाकर और धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखते हुए काम किया जाता तो विवाद की स्थिति पैदा नहीं होती. पुजारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर मंदिर को लेकर चर्चा बढ़ने के बाद देशभर से श्रद्धालु आने लगे हैं. जो लोग महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं, उनमें से भी बड़ी संख्या अब खड़े हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिर आ रही है. उनका कहना है कि पिछले चार दिनों में भीड़ लगातार बढ़ी है.

इस पूरे मामले में अब प्रशासन तकनीकी रास्ता भी तलाश रहा है. पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक प्रशासन की ओर से आईआईटी के जरिए मंदिर और प्रतिमा की स्कैनिंग कराए जाने की तैयारी है. इसका मकसद यह पता लगाना है कि प्रतिमा और उसके आसपास की संरचना की वास्तविक स्थिति क्या है और उसे बिना नुकसान पहुंचाए स्थानांतरित करने की कोई संभावना है या नहीं. दूसरी तरफ जिला प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें चल रही हैं. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि अब तक प्रतिमा को हटाने के लिए किसी मशीन या बल का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

NATIONAL : लेडी शराब तस्कर नेहा के ‘किलर लुक’ ने मचाई थी सनसनी, अब बेल पर टिकी नजर; जीजा ईशान संग कोर्ट में अर्जी

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समस्तीपुर में 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार हुई मॉडल लुक वाली नेहा झा और उसके जीजा ईशान की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल हो गई है. दोनों फिलहाल जेल में हैं. सोशल मीडिया पर नेहा के जेल से बाहर आने की कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, लेकिन अभी उसे बेल नहीं मिली है. दोनों की जमानत अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई होगी.

शराब तस्करी के मामले में जेल में बंद मॉडल लुक वाली शराब तस्कर नेहा झा और उसके जीजा ईशान ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. दोनों की बेल अर्जी पर 19 सितंबर को समस्तीपुर के विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई होगी. फिलहाल दोनों जेल में हैं.

मामला 4 सितंबर का है. 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच में आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान नेहा झा और उसके जीजा ईशान को 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में आरपीएफ की टीम ट्रेन में जांच करती दिखाई दे रही थी. इसी दौरान नेहा के व्यवहार और उसके चेहरे के हावभाव को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोगों ने उसके वीडियो और तस्वीरों पर मीम्स बनाए. इसके बाद नेहा से जुड़ी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगीं. इसी दौरान नेहा के जेल से बाहर आने को लेकर भी कई पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए. हालांकि, नेहा अभी जेल से बाहर नहीं आई है.

नेहा के मामले में सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट भी शेयर की गईं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई है. इनमें कुछ तस्वीरें और वीडियो AI की मदद से तैयार किए जाने की बात सामने आई है. वर्तमान स्थिति यह है कि नेहा और ईशान दोनों जेल में हैं और दोनों ने अपने अधिवक्ता के जरिए जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया है. नेहा और ईशान की बेल अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई निर्धारित की गई है. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाएगा. इसके बाद अदालत मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जमानत अर्जी पर फैसला करेगी.

उधर, शराब तस्करी के इस मामले में जांच भी जारी है. एसआईटी टीम कथित शराब तस्करी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.

नेहा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी उसकी जमानत नहीं हुई है. नेहा और ईशान ने बेल अर्जी दाखिल की है और 19 सितंबर को कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी. सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों को जमानत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना होगा.

WORLD : BRICS रवाना होते ही ईरान ने ट्रंप को चिढ़ाया, भारत की तारीफ कर बोला- ‘डॉलर पर…’

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ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत के लिए रवाना हो गए हैं. उन्होंने भारत आने से पहले ट्रंप को अपने बयान से चिढ़ाया है.

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए. उन्होंने कहा कि इस समूह में एकतरफापन का मुकाबला करने और आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों में दुनिया की 45 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी और लगभग 35 प्रतिशत जमीन का हिस्सा है, और इन देशों में कई क्षेत्रों में बड़ी क्षमता है.

”एकतरफा रवैये का मुकाबला करना”

पेजेश्कियान ने कहा, “ब्रिक्स का मुख्य मकसद एकतरफा रवैये का मुकाबला करना है, और कोशिशें इस बात पर केंद्रित हैं कि देश अपनी आजादी बनाए रखते हुए अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंध विकसित कर सकें.” इस साल के शिखर सम्मेलन का नारा एकजुटता, स्थिरता, प्रतिरोध और इनोवेशन पर आधारित है.

ट्रंप पर साधा निशाना

फाइनेंस के मामले में, पेजेश्कियान ने सदस्यों के बीच जॉइंट इन्वेस्टमेंट और गतिविधियों को आसान बनाने के लिए ब्रिक्स बैंक बनाने का जिक्र किया और आर्थिक लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “कोशिश यह है कि देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक और क्षेत्रीय रूप से विकास करें, और एकतरफा फैसलों और बड़ी ताकतों की हद से ज़्यादा मांगों का विरोध करें.”

उन्होंने कहा कि समिट में चीन, रूस, ब्राजील, भारत और दूसरे क्षेत्रीय देशों की मौजूदगी से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग और बातचीत को बढ़ाने की अच्छी गुंजाइश बनती है. उन्होंने ईरान और भारत के पुराने रिश्तों, साझा सांस्कृतिक विरासत और सांस्कृतिक, आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की काफी क्षमता का भी जिक्र किया.

जब उनसे पूछा गया कि एकतरफा रवैये के खिलाफ ब्रिक्स कितना असरदार हो सकता है, तो पेजेश्कियान ने कहा कि ”इस गुट का गठन इसी मकसद से किया गया था. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी बहुत जटिल है और हाल के सालों में कुछ ताक़तों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर जो दबदबा बनाया है, उससे निपटने के लिए नए तरीकों की जरूरत है. उन्होंने कहा, “सदस्य देशों के बीच इनोवेशन और सहयोग बढ़ाने से ब्रिक्स को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सिस्टम में एकतरफा रवैये को कम करने में मदद मिल सकती है.”

NATIONAL : जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या से सनसनी! फरार पति पर शक

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जयपुर में 4 महिलाओं के कत्ल की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है. इस वारदात को अंजाम देकर परिवार का मुखिया पति फरार है. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार (11 सितंबर) को हुई एक सनसनीखेज वारदात में एक ही परिवार की चार महिलाओं को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. चारों को उनके ही घर में सीमेंट की ईंट से सिर पर वार कर मौत के घाट उतारा गया. मरने वालों में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली गीता देवी नाम की 45 साल की महिला और उसकी तीन बेटियां शामिल है.

वारदात के बाद से महिला का पति राहुल झा फरार है. आशंका जताई जा रही है कि राहुल ने ही पत्नी और तीन बेटियों का कत्ल कर उन्हें मौत के घाट उतारा हैं. पूरे परिवार को मौत के घाट उतारे जाने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. इस सनसनीखेज वारदात में एक एंगल यह भी सामने आया है कि परिवार का मुखिया राहुल झा को शेयर मार्केट में काफी नुकसान हुआ था. उसने तमाम लोगों से कर्ज भी ले रखा था.

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मामले पर जयपुर पुलिस ने क्या कहा?
जयपुर पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में पारिवारिक विवाद और आर्थिक नुकसान समेत तमाम एंगल पर छानबीन कर रही है. जयपुर में शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर करधनी इलाके की गोविंद वाटिका कॉलोनी में आज सुबह करीब 10:30 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के चार लोगों के कत्ल की सूचना पर पुलिस और एफएसएल की टीमें टाइल्स का कारोबार करने वाले राहुल झा के घर पहुंची.

राहुल की पत्नी 45 साल की गीता देवी का शव घर की दूसरी मंजिल पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था, जबकि 21 साल की सबसे बड़ी बेटी नंदिनी, मझली बेटी 18 साल की राधिका और 15 साल की गौरी पहली मंजिल के बेडरूम में मौत की नींद सोई हुई थी. परिवार में मुखिया राहुल झा, पत्नी और तीन बेटियों के साथ ही राहुल के बुजुर्ग पिता लक्ष्मीकांत झा भी रहते थे.

आरोपी के पिता ने किया ये खुलासा
पिता लक्ष्मीकांत के मुताबिक राहुल ने सुबह 8:00 बजे के करीब उन्हें चाय बना कर दी. इससे पहले सुबह 7:00 उसने दूध वाले से दूध भी लिया था. उन्हें हत्या की जानकारी राहुल के जाने के बाद बच्चों के कमरे में दाखिल होने पर हुई. ऐसे में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि चारों की हत्या सुबह 8:00 बजे के करीब ही की गई है.

वारदात के बाद से घर का मुखिया राहुल झा फरार है. उसका मोबाइल फोन भी बंद है. मोबाइल घर से ही बंद होने की वजह से उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है. पुलिस फिलहाल यही मानकर चल रही है कि राहुल ने ही किसी वजह से पत्नी गीता देवी और तीनों बेटियों के सिर पर सीमेंट की ईंट से वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा है. हालांकि पारिवारिक विवाद, पति पत्नी के रिश्तों के साथ ही आर्थिक तंगी, कर्ज और कारोबारी नुकसान जैसे एंगल पर भी पड़ताल की जा रही है.

‘पति-पत्नी के आपस में अच्छे थे रिश्ते’
करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों के मुताबिक पति-पत्नी के रिश्ते बहुत अच्छे थे. इनमें आपस में कभी विवाद नहीं होता था. पूरा परिवार बेहद मिलनसार था. राहुल झा भी धार्मिक किस्म का व्यक्ति था. वह रोज सुबह पड़ोस के मंदिर जाता था. रिश्तेदारों और पड़ोसियों को यकीन नहीं हो रहा है कि राहुल इतना बेरहम हो सकता है कि वह पूरे परिवार को मौत के घाट उतार सकता है.

यही वजह है कि परिवार और पड़ोस के लोग पूरे मामले का पारदर्शी तरीके से खुलासा किए जाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर राहुल ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा है तो उसे भी सजा मिलनी ही चाहिए.

पड़ोसी महिला से 3 दिन पहले उधार लिए थे पैसे
जानकारी के मुताबिक राहुल झा टाइल्स सप्लाई करने का काम करता था. लेकिन कोई शोरूम या दुकान नहीं होने की वजह से उसका काम ज्यादा नहीं चलता था. कुछ साल पहले उसने शेयर बाजार में निवेश शुरू कर दिया था. वह देर रात तक छत पर मोबाइल पर काम करता रहता था. राहुल ने पड़ोस की एक महिला से तीन दिन पहले 25 हजार रुपए उधार भी लिए थे और उसे दो महीने में वापस करने को कहा था.

बहरहाल घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल समेत दूसरे अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस का कहना है कि उनका शक फिलहाल परिवार के मुखिया राहुल झा पर ही जा रहा हैं. लेकिन वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. हर एंगल पर छानबीन की जा रही है. राहुल के सामने आने पर ही गुत्थी सुलझ सकती है.

पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस मामले में शक यह भी है कि सभी मृतकों को पहले खाने में कुछ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया गया था. यही वजह है कि उनकी चीख ना तो परिवार के बुजुर्ग लक्ष्मीकांत सुन सके और ना ही पड़ोस के कोई लोग. पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी पड़ताल की जा रही है.

जयपुर में पति ने 3 बेटियों और पत्नी को पत्थर से कुचला, हत्या कर फरार

BUSINESS : Zepto Blinkit से घर का राशन मंगाते हैं? इस नए कार्ड से हर महीने बचेंगे 1000

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अगर आप भी Blinkit, Zepto जैसे प्लेटफॉर्म से हर महीने राशन मंगाते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. Federal Bank और Paisabazaar के नए क्रेडिट कार्ड पर चुनिंदा ग्रॉसरी खरीदारी पर 7.5% तक कैशबैक मिलेगा.

Paisabazaar Paisaback Credit Card Offers 7.5 Percent Cashback On Grocery Shopping Zepto Blinkit से घर का राशन मंगाते हैं? इस नए
अगर आप हर महीने घर का राशन ऑनलाइन मंगाते हैं और इसके लिए Blinkit, Zepto या दूसरे क्विक-कॉमर्स जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपके लिए एक नया क्रेडिट कार्ड काम की है. Federal Bank और Paisabazaar ने एक ऐसा क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है, जिसमें चुनिंदा किराने की खरीदारी पर 7.5% तक कैशबैक दिया जा रहा है.

Paisabazaar Paisaback Credit Card नाम से लॉन्च यह कार्ड RuPay नेटवर्क पर उपलब्ध है. इस कार्ड की सबसे खास बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ ऑनलाइन ग्रॉसरी ऑर्डर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे खर्चों पर भी कैशबैक का फायदा मिलता है.

किराने के सामान पर मिलेगा 7.5% कैशबैक

इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा रोजमर्रा की ग्रॉसरी खरीदारी पर मिलने वाला कैशबैक है. इस कार्ड से ऑनलाइन या ऑफलाइन योग्य ट्रांजैक्शन पर 7.5% कैशबैक मिल सकता है. कैशबैक के लिए शामिल कुछ चुनिंदा प्लेटफॉर्म और स्टोर हैं.

ब्रिक्स समिट 2026: क्या दिल्ली-NCR में बंद रहेंगी शराब की दुकानें?

ब्लिंकइट (Blinkit)

ज़ेप्टो (Zepto)
स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart)
बिगबास्केट (BigBasket)
डीमार्ट (DMart)
रिलायंस फ्रेश (Reliance Fresh)
स्टार बाजार (Star Bazaar)
प्रकृति की टोकरी (Nature’s Basket)
हालांकि, इस किराने की खरीदारी पर अधिकतम 1,000 रुपये प्रति महीने तक कैशबैक मिल सकता है. यानी 7.5% कैशबैक की दर होने के बावजूद आप हर महीने इससे ज्यादा कैशबैक नहीं कमा पाएंगे.

सिर्फ ग्रॉसरी ही नहीं, इन खर्चों पर भी मिलेगा फायदा

योग्य POS और ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर 1% कैशबैक मिल सकता है.
2,000 रुपये से अधिक के कुछ योग्य UPI ट्रांजैक्शन पर 0.5% कैशबैक दिया जाता है.
UPI कैशबैक में ग्रॉसरी, फ्यूल और ट्रैवल जैसी कुछ कैटेगरी शामिल नहीं हैं.
हर बिलिंग साइकिल में 100 रुपये तक के फ्यूल सरचार्ज की छूट मिल सकती है.
कैशबैक ग्राहक के खाते में Cash Points के रूप में जमा होगा.
कार्ड लेने पर कितना लगेगा चार्ज?

Paisabazaar Paisaback Credit Card के लिए जॉइनिंग फीस और सालाना फीस दोनों 500-500 रुपये हैं. हालांकि, अगर आप एक साल में कम से कम 1.5 लाख रुपये या उससे ज्यादा खर्च करता है, तो ऐसे में आपका सालाना फीस माफ की जा सकती है.

सबसे जारूरी बात यह कि कार्ड लेने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि आपका सालाना खर्च इस सीमा तक पहुंचता है या नहीं और उस खर्च में कौन-कौन से ट्रांजैक्शन गिने जाएंगे.

उदहराण के तौर पर अगर आप हर महीने करीब 10,000 रुपये की योग्य किराना खरीदते हैं, तो 7.5% कैशबैक की दर के हिसाब से आपको करीब 750 रुपये का कैशबैक मिल सकता है. वहीं, अगर आप 13,333 रुपये की योग्य खरीदारी करते हैं तो इसपर 1,000 रुपये की अधिकतम मासिक कैशबैक सीमा पूरी हो सकती है.

SPORTS : प्रैक्टिस के बाद अभिषेक ने उड़ाई तिरंगे वाली पतंग, दुबे ने भी अजमाया हाथ

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अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा ने दिल्ली में जमकर बल्लेबाजी अभ्यास किया. प्रैक्टिस के बाद वह तिरंगे वाली पतंग उड़ाते नजर आए, जिससे उनका अलग और हल्का-फुल्का अंदाज देखने को मिला.

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम ने गुरुवार को दिल्ली में जमकर अभ्यास किया. तेज धूप के बीच टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने नेट्स में करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी की. हालांकि, प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद अभिषेक का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. बल्ला छोड़ने के बाद वह हाथ में डोर थामकर तिरंगे वाली पतंग उड़ाते नजर आए. इसका वीडियो BCCI ने शेयर किया. आधे घंटे तक अभिषेक ने रेंज हिटिंग की.

अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में हुए प्रैक्टिस सेशन के दौरान अभिषेक शर्मा ने अपनी पावर-हिटिंग पर खास ध्यान दिया. उन्होंने करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया और इस दौरान स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ खुद को परखा. अभिषेक का खास फोकस रेंज हिटिंग पर रहा. उन्होंने नेट्स में स्पिनर्स के खिलाफ कई लंबे-लंबे छक्के लगाए. इसके अलावा तेज गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने का जमकर अभ्यास किया.

टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद मैदान पर दिलचस्प नजारा देखने को मिला. अभिषेक शर्मा मैदान के एक किनारे गए और वहां पतंग उड़ाने लगे. उनके साथ शिवम दुबे भी नजर आए. खास बात यह रही कि अभिषेक जिस पतंग को उड़ा रहे थे, वह तिरंगे के रंग में थी. अभिषेक ने करीब 10 से 15 मिनट तक पतंगबाजी का लुत्फ उठाया. इस दौरान वह काफी सहज नजर आए. अभिषेक को यह पतंग कहां से मिली, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.

जिस अंदाज में अभिषेक शर्मा पतंग की डोर संभाल रहे थे, उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि पतंगबाजी उनके लिए बिल्कुल नई चीज नहीं है. वह काफी सहजता के साथ पतंग को हवा में नियंत्रित करते नजर आए. उनके अंदाज से यह भी लगा कि उन्हें पतंग उड़ाना पसंद है और वह पहले भी पतंगबाजी करते रहे होंगे. नेट्स में लंबे-लंबे छक्के लगाने के बाद अभिषेक का यह हल्का-फुल्का अंदाज प्रैक्टिस सेशन का दिलचस्प पल रहा. पहले उन्होंने बल्ले से गेंदों को हवा में उड़ाया और अभ्यास खत्म होने के बाद दिल्ली के आसमान में तिरंगे वाली पतंग उड़ाते दिखाई दिए.

ENTERTAINMENT : एआर रहमान संग काम कर बेहद खुश हैं आनंदी जोशी, बोलीं- ‘उन्हें अपना गुरु मानती हूं’

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नसिंगर आनंदी जोशी ने हाल ही में दिग्गज सिंगर ए.आर. रहमान की तारीफ की और उन्हें अपना गुरु बताया. वो उनके साथ लगातार काम करने को लेकर बेहद एक्साइटेड हैं.

मल्टीटैलेंटेड सिंगर आनंदी जोशी अपने गुरु ए.आर. रहमान के साथ लगातार काम करने को लेकर बेहद एक्साइटेड हैं. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के गाने ‘देखिए जहां जाइए कहीं’ में आनंदी ने अपनी आवाज दी है. इस गाने को जावेद अख्तर ने लिखा है, जबकि आनंदी के साथ जावेद अली और रब्बानी मुस्तफा खान ने इसे अपनी आवाज दी है. गाने में सनी देओल और प्रीति जिंटा नजर आ रहे हैं. आनंदी के लिए इस गाने का हिस्सा बनना इसलिए भी खास है, क्योंकि वो लंबे समय से ए.आर. रहमान को अपना गुरु मानती हैं.

प्रेग्नेंसी के दौरान रिकॉर्ड किया गाना
इससे पहले आनंदी ने एआर रहमान की फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ के गाने ‘जरा जरा मन खुलावते’ में उनके साथ काम किया था. दिलचस्प बात ये है कि ‘देखिए जहां जाइए कहीं’ का सफर आनंदी की जिंदगी के एक बेहद खास दौर के साथ भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने ये गाना तब रिकॉर्ड किया था, जब उन्हें पता चला कि वो प्रेग्नेंट हैं. आनंदी इस पूरे सफर को किसी आशीर्वाद से कम नहीं मानतीं.

आनंदी जोशी ने की बात
अपने इस सफर के बारे में आनंदी ने बताया, ‘पिछले साल नवंबर में मैं रहमान सर के स्टूडियो में किसी और चीज की रिकॉर्डिंग के लिए गई थी. उसे रिकॉर्ड करने के बाद मुझे ये धुन गाकर देखने के लिए कहा गया. उस वक्त मुझे गाने के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, क्योंकि गाना अभी बन ही रहा था और इसका प्रोडक्शन भी बाकी था. करीब छह महीने बाद जब मुझे पता चला कि मेरी आवाज में ये गाना फाइनल हो गया है, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था.’

आनंदी ने कहा, ‘सबसे खास बात ये है कि आज जो गाना आप सुन रहे हैं, उसमें करीब 80-90 परसेंट हिस्सा उसी पहले वर्जन का है, जिसे मैंने नवंबर में रिकॉर्ड किया था. रहमान सर की कंपोजिशन और जावेद अख्तर जी के लिखे गाने का हिस्सा बनना आज भी मेरे रोंगटे खड़े कर देता है. ये गाना मेरे लिए बेहद खास है और मैं इसका हिस्सा बनकर खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं.’

एआर रहमान को अपना गुरु मानती हैं आनंदी
आनंदी ने आगे कहा, ‘मैं रहमान सर को अपना गुरु मानती हूं. उनके संगीत ने मुझे जिंदगी को समझने में बहुत मदद की है और उनके साथ बिताया हर पल मेरे लिए सीखने जैसा होता है. जब मुझे यह गाना रिकॉर्ड करने का मौका मिला, उसी वक्त मुझे पता चला था कि मैं प्रेग्नेंट हूं. मेरी प्रेग्नेंसी के आखिरी दौर में मुझे पता चला कि ये गाना मेरी आवाज में आ रहा है. बाद में जब मैं नौवें महीने में थी, तब लिरिक्स में बदलाव की वजह से गाने की दो लाइनें दोबारा रिकॉर्ड करनी थीं. मैं चाहती थी कि इसे जल्द से जल्द कर लूं, क्योंकि मुझे डर था कि अगर मुझे लेबर पेन शुरू हो गया तो मैं ये सुधार नहीं कर पाऊंगी.’

एआर रहमान संग काम कर बेहद खुश हैं आनंदी जोशी, बोलीं- ‘उन्हें अपना गुरु मानती हूं

उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैंने ये बात बताई, तो सार्थक और रहमान सर दोनों ने बहुत प्यार से बात की और अगले ही दिन मुझे उन लाइनों को रिकॉर्ड करने का मौका मिल गया. रिकॉर्डिंग के बाद मेरी रहमान सर से बात भी हुई, जो मेरे लिए बेहद खास पल था. अब मेरा बच्चा भी आ चुका है और गाना भी रिलीज हो गया है. इसलिए मुझे लगता है कि इस गाने का सफर मेरी प्रेग्नेंसी के सफर के साथ-साथ चला. यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है.’

NATIONAL : सीतापुर में बवाल, BJP कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर कोतवाली पहुंचे मंत्री

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सीतापुर में सड़क चौडीकरण के दौरान मंदिर के चबूतरे हटाने पर बवाल हो गया.इस दौरान बीजेपी कार्यकर्त्ता को पुलिस गिरफ्तार कर लायी, जिसके बाद मंत्री राकेश राठौर कोतवाली पहुंचे.

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर के चबूतरे को तोड़े जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुई झड़प और फिर हिरासत में लेने के बाद मामला इतना गरमा गया कि राज्य सरकार में मंत्री राकेश राठौर कोतवाली जा पहुंची पहुंचे. उन्होंने कार्यकर्ता को छोड़ने की मांग की इस दौरान वे भावुक होकर रोने लगे.

राज्य मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. अंत में पुलिस से नोकझोंक के बाद राज्यमंत्री ने कार्यकर्त्ता को छुडवा लिया. इस दौरान कोतवाली में काफी गहमा-गहमी रही.

क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, नगर के बाल्दा कालोनी सड़क चौड़ीकरण का निर्माण कार्य सीतापुर नगर पालिका करा रही हैं. इस दौरान अतिक्रमण भी हटाया जा रहा हैं. ईओ प्रभारी सीमा सिंह की देखरेख में गुरूवार को काम हो रहा था. इसी दौरान रम्पा टॉकिज के सामने स्थित मंदिर के चबूतरे को तोड़ा गया, जिसका भाजपा कार्यकर्ता जितेन्द्र मिश्र और उनके बेटे शुभम ने विरोध किया. विरोध के दौरान झड़प हो गई. इसी दौरान इस दृश्य को एक पत्रकार ताज मोबाइल में कैद कर रहा था तभी विवाद खड़ा हो गया.

पत्रकार की शिकायत पर गिरफ्तार हुए कार्यकर्त्ता
पत्रकार की शिकायत के बाद भाजपा कार्यकर्ता जितेन्द्र और उनके बेटे शुभम को पुलिस ने टांग लिया और फिर कोतवाली लॉकअप में बंद कर दिया. जितेन्द्र नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरू’ के खास हैं. मंत्री ने तत्काल कोतवाल से लेकर कप्तान से छोड़ने की सिफारिश की, पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया लेकिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक जब नही छोड़ा तब मंत्री समर्थकों के साथ कोतवाली पैदल ही पहुंच गए. एएसपी आलोक सिंह भी आ गये. मंत्री तभी माने जब कोतवाली से पिता-पुत्र को छोड़ाकर अपने साथ लेकर चले गये. इस दौरान वह बेहद भावुक भी हुए और आरोप भी जड़े.

ईओ ने बताया आपसी विवाद
जबकि ईओ प्रभारी सीमा सिंह का कहना हैं कि अतिक्रमण में आने वाले चबूतरे को हटवाया जा रहा था. इसी दौरान आपस में विवाद के चलते दो पक्षों में झड़प हुई थी. सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के चलते पिता-पुत्र को पुलिस पकड़ कर ले गई थी.

LIFESTYLE : किराये के छोटे से घर में मंदिर रखने की जगह नहीं? आजमाएं ये 6 तरीके, कम जगह में बनेगा खूबसूरत पूजा का कोना

छोटे फ्लैट्स और कम जगह वाले भारतीय घरों में पूजा के लिए मंदिर स्पेस की काफी दिक्कत होती है, लेकिन थोड़ी-सी समझदारी से आप छोटे घर में भी सुंदर मंदिर स्पेस बना सकते हैं. आइए हम आपको छोटे मंदिर स्पेस के लिए कुछ शानदार आइडियाज बताते हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे.

Small Pooja Room Ideas: भारतीय घरों में हमेशा से ही पूजा रूम के लिए अलग से जगह बनाई जाती थी. पहले लोगों के पास खुला स्पेस हुआ करता था, लेकिन समय के साथ अब जैसे-जैसे लोग बड़े-बड़े घरों की बजाय छोटे फ्लेट्स में शिफ्ट होने लगे हैं, तो जगह की कमी की वजह से अक्सर लोग मंदिर की जगह को लेकर सबसे ज्यादा परेशान होते हैं.

अपार्टमेंट और फ्लैट्स में जगह पहले के मुकाबले काफी कम होता है. ऐसे में पूजा के लिए अलग कमरा बनाना हर किसी के संभव नहीं रह गया. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि घर में मंदिर या पूजा का कोना नहीं बनाया जा सकता. बस थोड़ी-सी समझदारी से आप दीवार, कोने या खाली जगह का इस्तेमाल करके छोटा और सुंदर पूजा स्पेस तैयार कर सकते हैं.

आइए इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे 6 आसान और स्मार्ट आइडियाज के बारे में बताएंगे, जो छोटे भारतीय घरों में खूब जंचेंगे. इनको ट्राई करके आप अपने छोटे से घर में खूबसूरत पूजा का कोना भी बना पाएंगे.

बाजार में आजकल बने हुए मंदिर भी मिल जाते हैं, लड़की और मार्बल दोनों में ही मंदिर मिल रहे हैं. अगर आप घर छोटा है और आपको मार्बल वाला व्हाइट मंदिर पसंद है तो आपके लिए छोटा मार्बल स्टैंड बेहतर रहेगा. ज्यादा बड़ा मंदिर रखने के बजाय छोटा-सा मार्बल प्लेटफॉर्म बनवाएं और पीछे पैनल लगाएं. नीचे एक छोटा ड्रॉअर या शेल्फ हो तो रोज काम आने वाली पूजा सामग्री आसानी से रखी जा सकती है.

अगर आपका अपार्टमेंट 1 बीएचके हैं और फर्श पर मंदिर रखने की जगह नहीं है तो दीवार का इस्तेमाल करें. लकड़ी का छोटा वॉल-माउंटेड मंदिर कम जगह लेता है और देखने में भी सुंदर लगता है. अगर आप चाहे तो इसके नीचे छोटा कैबिनेट या ड्रॉअर रख सकते हैं, जिसमें पूजा की सामग्री, अगरबत्ती, कपूर और दीये रखे जा सकते हैं. पूजा की चीजों के अलावा आप अपना जरूरत का सामान भी रख सकते है.

बहुत छोटी जगह वाले घरों में फ्लोटिंग शेल्फ एक अच्छा विकल्प है. दीवार पर दो या तीन शेल्फ लगाकर ऊपर वाली शेल्फ पर भगवान की मूर्तियां रखी जा सकती हैं. नीचे वाली शेल्फ पर दीया, घंटी, अगरबत्ती और पूजा की दूसरी चीजें रखें. इससे फर्श खाली रहेगा और घर भी ज्यादा खुला हुआ लगेगा.

अगर आप पूजा की जगह को कमरे से थोड़ा अलग दिखाना चाहते हैं तो आप अपने घर में लकड़ी की जाली का पार्टिशन लगा सकते हैं. इसके पीछे एक छोटा मंदिर या पतला कैबिनेट बनाया जा सकता है. जाली से पूजा का कोना अलग भी दिखेगा और कमरे में रोशनी और हवा भी बनी रहेगी. यह आइडिया ड्रॉइंग रूम के एक हिस्से के लिए बेस्ट रहेगा. ड्रॉइंग रूम में काफी स्पेस होता है, ऐसे में आप वहां पर मंदिर बना सकते हैं.

फ्लैट में कोई ऐसा कोना है जिसका इस्तेमाल नहीं हो रहा? उसे पूजा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. कोने में एक छोटी लकड़ी की शेल्फ या कैबिनेट लगाकर उस पर देवी-देवताओं की मूर्तियां रख सकते हैं. हालांकि शेल्फ पर आप ज्यादा मूर्तियां न रखें, एक दो मूर्ति काफी है, ताकि दिये वगैरा के लिए भी जगह बच चाए. आप चाहे तो पीछे हल्का डिजाइन वाला पैनल लगा सकते हैं या आजकल ऑनलाइन कलरफुल और डिजाइनर वॉलपेपर भी चिपका सकते हैं. इससे यह छोटा-सा कोना घर का खूबसूरत हिस्सा बन जाएगा.

छोटे घरों के लिए स्लाइडिंग डोर वाला मंदिर भी काफी स्मार्ट ऑप्शन है. पूजा के समय दरवाजा खोलें और बाकी समय बंद कर दें. लकड़ी, कांच या जाली वाले स्लाइडिंग दरवाजे मंदिर को सुंदर लुक देते हैं और कमरे में अलग से जगह घेरते भी नहीं हैं.

छोटी जगह को बड़ा दिखाने के लिए सबसे जरूरी है कि पूजा के आसपास सामान का ढेर न लगाएं. मंदिर का फर्श जितना खाली रहेगा, जगह उतनी ही खुली लगेगी.गर्म और हल्की लाइटिंग, हल्के रंगों का बैक पैनल और कम लेकिन व्यवस्थित डेकोरेटिव पूजा के कोने को ज्यादा खूबसूरत बना सकती है.
अगर संभव हो तो मंदिर के नीचे स्टोरेज बनवाएं, ताकि पूजा की जरूरी चीजें नजरों के सामने बिखरी न रहें.

NATIONAL : लेडी शराब तस्कर नेहा के ‘किलर लुक’ ने मचाई थी सनसनी, अब बेल पर टिकी नजर; जीजा ईशान संग कोर्ट में अर्जी

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समस्तीपुर में 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार हुई मॉडल लुक वाली नेहा झा और उसके जीजा ईशान की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल हो गई है. दोनों फिलहाल जेल में हैं. सोशल मीडिया पर नेहा के जेल से बाहर आने की कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, लेकिन अभी उसे बेल नहीं मिली है. दोनों की जमानत अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई होगी.

मामला 4 सितंबर का है. 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच में आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान नेहा झा और उसके जीजा ईशान को 75 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में आरपीएफ की टीम ट्रेन में जांच करती दिखाई दे रही थी. इसी दौरान नेहा के व्यवहार और उसके चेहरे के हावभाव को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा शुरू हो गई. कुछ लोगों ने उसके वीडियो और तस्वीरों पर मीम्स बनाए. इसके बाद नेहा से जुड़ी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगीं. इसी दौरान नेहा के जेल से बाहर आने को लेकर भी कई पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए. हालांकि, नेहा अभी जेल से बाहर नहीं आई है.

गांव के गांव डूबे, लाखों लोग बेघर… बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात
नेहा के मामले में सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट भी शेयर की गईं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई है. इनमें कुछ तस्वीरें और वीडियो AI की मदद से तैयार किए जाने की बात सामने आई है. वर्तमान स्थिति यह है कि नेहा और ईशान दोनों जेल में हैं और दोनों ने अपने अधिवक्ता के जरिए जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया है. नेहा और ईशान की बेल अर्जी पर 19 सितंबर को विशेष उत्पाद न्यायालय-2 में सुनवाई निर्धारित की गई है. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जाएगा. इसके बाद अदालत मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर जमानत अर्जी पर फैसला करेगी.

SIT कर रही मामले की जांच

उधर, शराब तस्करी के इस मामले में जांच भी जारी है. एसआईटी टीम कथित शराब तस्करी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है.

नेहा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी उसकी जमानत नहीं हुई है. नेहा और ईशान ने बेल अर्जी दाखिल की है और 19 सितंबर को कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी. सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों को जमानत मिलती है या उन्हें जेल में ही रहना होगा.

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