Sunday, April 26, 2026
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WORLD : गेट्स-बफे दान न करते, तो दूसरे-तीसरे सबसे अमीर होते:फोर्ब्स लिस्ट में इलॉन मस्क दुनिया के सबसे अमीर लेकिन दान में बहुत पीछे

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बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की सूची एक नए नजरिए से जारी की है। अरबपतियों की संपत्ति की दोबारा कैलकुलेशन करते हुए, उसमें उनके द्वारा किए गए दान को भी जोड़ा गया है।

इसमें जानने की कोशिश की गई है कि दुनिया के सबसे उदार अरबपतियों ने कभी दान न किया होता, तो आज उनकी संपत्ति और रैंकिंग कैसी होती? इसका जवाब पाने के लिए फोर्ब्स ने ‘ट्रू नेट वर्थ’ रैंकिंग तैयार की।

इसमें माना गया कि अरबपतियों ने जो शेयर दान किए, वे उनके पास ही रहते और नकद दान भी बाजार की दरों के हिसाब से निवेश होता।इलॉन मस्क फोर्ब्स की दोनों लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी संपत्ति का बेहद छोटा हिस्सा, करीब 0.06% ही वास्तविक दान किया है। बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के करीब 73.1 करोड़ शेयर दान किए हैं।

अगर उन्होंने ये शेयर अपने पास रखे होते, तो उनकी संपत्ति करीब 4 गुना ज्यादा होती और वे 19वें के बजाय दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति होते। इसी तरह, वॉरेन बफे भी 9वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच जाते।

2006 से उनके द्वारा दान किए गए शेयरों की कीमत करीब 700% बढ़ी है। मैकिंजी स्कॉट 58 स्थान चढ़कर 26वें नंबर पर पहुंच जातीं। उनके पूर्व पति जेफ बेजोस, टॉप 5 से बाहर हो जाते।

WORLD : अमेरिकी अधिकारियों से बिना मिले लौटे ईरानी विदेश मंत्री:PAK पीएम और आर्मी चीफ को शर्तें सौंपी; ट्रम्प ने अपने दूतों को इस्लामाबाद जाने से रोका

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार शाम इस्लामाबाद से अमेरिकी अधिकारियों से बिना मिले ही लौट गए। उन्होंने अपने दौरे के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ आसिम मुनीर और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की शर्तें और अमेरिकी मांगों पर अपनी आपत्तियां भी सौंप दी हैं। ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा कि ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका तक पहुंचाएगा।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया। ये दोनों ईरान से बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है, तो वह खुद अमेरिका से संपर्क कर सकता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने किया।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने किया।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।अमेरिका चाहता है कि यहां से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह खुली और सुरक्षित रहे, ताकि तेल सप्लाई में रुकावट न हो। वहीं ईरान इस इलाके पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है और इसे बातचीत में दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करता है।

इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे, ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके। लेकिन ईरान कहता है कि उसका प्रोग्राम सिर्फ शांतिपूर्ण (जैसे बिजली बनाने) के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा।पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस्लामाबाद में सड़क किनारे इससे जुड़ा एक बिलबोर्ड लगाया गया है।

SPORTS : पंजाब ने IPL का सबसे बड़ा टारगेट चेज किया:दिल्ली को 6 विकेट से हराया, काम ना आई राहुल की रिकॉर्ड 152 रन की पारी

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पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में लगातार छठी जीत दर्ज की। टीम ने शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराया। दिल्ली ने अरुण जेटली स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 264 रन बनाए।जवाब में पंजाब ने 265 रन का लक्ष्य 18.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह IPL इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। पंजाब 7 मैचों में 6 जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है। टीम का एक मैच बारिश में धुल गया था। वहीं, दिल्ली की 7 मैचों में यह चौथी हार थी।

दिल्ली के केएल राहुल ने नाबाद शतक लगाया। उन्होंने 152 रन बनाए। यह IPL में किसी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर है। पिछला रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पिछले सीजन पंजाब के खिलाफ 141 रन की पारी खेली थी। दिल्ली की ओर से नीतीश राणा ने 91 रन बनाए। राहुल और राणा के बीच दूसरे विकेट के लिए 220 रन की साझेदारी हुई।

265 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी पंजाब के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर और ओपनर प्रभसिमरन सिंह ने अर्धशतक लगाए। प्रभसिमरन सिंह ने 26 बॉल पर 76 रन। जबकि श्रेयस ने 36 बॉल पर नाबाद 71 रन बनाए। इन दोनों के अलावा प्रियांश आर्या ने 43 रन की पारी खेली। प्रभसिमरन और प्रियांश के बीच पहले विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी हुई। दिल्ली के लिए कुलदीप यादव ने 2 विकेट लिए। अक्षर पटेल और विप्रज निगम को 1-1 विकेट मिला।

एनगिडी को गंभीर चोट पंजाब की पारी के तीसरे ओवर के दौरान दिल्ली के पेसर लुंगी एनगिडी को चोट लग गई। मेडिकल टीम ने तुरंत पहुंचकर उनका इलाज शुरू किया। एनगिडी को एंबुलेंस से हॉस्पिटल लेकर गए। चोट के चलते खेल रोका गया था, जो करीब 15 मिनट बाद शुरू हुआ। IPL मैनेजमेंट ने ट्वीट कर जानकारी दी कि एनगिडी की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा।

WORLD : वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला:चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे; हमलावर पकड़ाया

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अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में सालाना व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान फायरिंग हो गई। शनिवार शाम के इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अफसर मौजूद थे।

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक हमलावर ने होटल के बॉलरूम के बाहर फायरिंग की। ट्रम्प और गेस्ट बॉलरूम के अंदर थे। ट्रम्प ने बताया कि हमलावर को पकड़ लिया गया है। पहले खबर आई थी कि हमलावर को मार गिराया गया।

हमले के करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रम्प ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा- अमेरिका के संविधान पर हमला हुआ। सीक्रेट सर्विस ने मेरी जान बचाई। सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी से काम किया। जिस अफसर को गोली लगी, वह सुरक्षित है। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। हमलावर के पास पावरफुल गन थी।

PM मोदी बोले- लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राहत जताई कि राष्ट्रपति ट्रम्प, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत सब सुरक्षित है।

उन्होंने आगे लिखा, “लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और इसकी स्पष्ट शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।”

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर की पहचान 31 साल के कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का है।पब्लिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, एलन पार्ट-टाइम टीचर और वीडियो गेम डेवलपर था। उसकी प्रोफाइल के मुताबिक, वह दिसंबर 2024 में ‘टीचर ऑफ द मंथ’ चुना गया था।

उसने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी से 2017 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। पिछले साल कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी डोमिंगुएज हिल्स से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी।पुलिस विभाग के अंतरिम चीफ जेफरी कैरोल के मुताबिक, हमलावर उसी होटल में मेहमान था, जहां व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट का डिनर कार्यक्रम हो रहा था। जिस कमरे में वह ठहरा था, पुलिस उसकी भी जांच कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर के पास एक शॉटगन, एक हैंडगन और कई चाकू थे। वॉशिंगटन डीसी की मेयर ने बताया कि हमलावर का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।अमेरिकी अटॉर्नी ने बताया कि हमलावर पर दो आरोप लगे हैं। पहला, हिंसक अपराध के दौरान हथियार इस्तेमाल करना। दूसरा, खतरनाक हथियार से फेडरल अधिकारियों पर हमला करना। हमलावर को सोमवार को फेडरल अदालत में पेश किया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलवार की तस्वीर सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर शेयर की। इसका नाम कोल टॉमस एलन बताया जा रहा है। यह कैलिफोर्निया का रहने वाला है.डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलवार की तस्वीर सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर शेयर की। इसका नाम कोल टॉमस एलन बताया जा रहा है। यह कैलिफोर्निया का रहने वाला है।

वॉशिंगटन के हिल्टन होटल के बैंक्वेट हॉल में अफरा-तफरी मच गई। मैंने सबसे पहले एक तेज आवाज सुनी। मुझे लगा कि शायद बर्तनों के गिरने की आवाज थी। लेकिन कुछ ही सेकेंड में मैंने देखा कि वेटर अपनी ट्रे लेकर अंदर भाग रहे थे और सुरक्षित जगह ढूंढ रहे थे। तभी मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है। टेबल पर बैठे लोग नीचे छिप गए।

जब मुझे लगा कि अब उठना सुरक्षित है, तो मैंने देखा कि सुरक्षाकर्मी लंबी बंदूकें लिए मंच पर खड़े थे। अमेरिकी राष्ट्रपति को बाहर ले जाया जा चुका था। स्कॉट बेसेंट, काश पटेल, पीट हेगसेथ, विटकॉफ समेत उनके सभी कैबिनेट सदस्यों को एक-एक करके बाहर ले जाया गया। कार्यक्रम जल्द ही फिर से शुरू होने वाला है, यही घोषणा की गई है।

CNN की व्हाइट हाउस चीफ कॉरस्पॉन्डेंट कैटलिन कोलिंस ने बताया, हम हिल्टन के बॉलरूम के अंदर थे। गोलियों की आवाज सुनाई देने के कुछ ही मिनटों के अंदर एजेंटों ने कमरे को घेर लिया और मुख्य गलियारे से दौड़ते हुए अंदर आए। क्योंकि कैबिनेट के अधिकारी पूरे कमरे में अलग-अलग जगहों पर बैठे थे, इसलिए उनमें से कई लोग जमीन पर ही लेटे रहे और जब राष्ट्रपति को मंच से बाहर निकाला जा रहा था, तब तक वे मेजों के नीचे दुबके रहे।

कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर मीडिया और राजनीति का एक एक खास सालाना कार्यक्रम होता है। इसे व्हाइट हाउस कवर करने वाले पत्रकारों का संगठन व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन आयोजित करता है। इसमें राष्ट्रपति खुद पर, अपने विरोधियों पर और मीडिया पर मजाक करते हैं।

ट्रम्प पिछले साल इसमें शामिल नहीं हुए थे। वे 2011 में एक गेस्ट के रूप में आए थे। तभी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका मजाक बनाया था, जिसके बाद ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

13 जुलाई 2024 को ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। बटलर शहर में कैंपेन रैली को संबोधित करते समय एक हमलावर ने 400 फीट की दूरी से असॉल्ट राइफल से गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूती हुई निकल गई।

गोली चलने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने तुरंत ट्रम्प को चारों तरफ से घेर लिया था और सुरक्षित बाहर ले गए। ट्रम्प को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल गई।

सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत मार गिराया। इस घटना में रैली में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ट्रम्प ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘मुझे ईश्वर ने उन्हें बचाया।’

ब्रिटेन और स्पेन ने NATO से जुड़ी एक अमेरिकी रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। इसमें कहा गया था कि ट्रम्प सरकार इन दोनों देशों को सजा देने पर विचार कर रही हैं। इसकी वजह ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका का खुलकर साथ नहीं देना है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन के भीतर अधिकारियों के बीच एक ईमेल के जरिए बातचीत हुई, जिसमें अलग-अलग संभावित कदमों (ऑप्शन्स) पर विचार किया जा रहा था।

NATIONAL : तेलंगाना के पूर्व सीएम KCR की बेटी कविता ने बढ़ाई भाई KTR की टेंशन, नई पार्टी के नाम का किया ऐलान

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कविता ने हैदराबाद के बाहरी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी पार्टी के नाम की घोषणा की. सितंबर 2025 में कविता को बीआरएस से तब निलंबित कर दिया गया था.

केसीआर की बेटी के कविता ने अपनी नई पार्टी का ऐलान कर दिया है. उनकी पार्टी का नाम ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ रखा गया है. खास बात यह है कि उन्होंने बीआरएस (Bharat Rashtra Samithi) के पुराने नाम टीआरएस (Telangana Rashtra Samithi) से मिलता-जुलता नाम अपनाया है.

कविता ने हैदराबाद के बाहरी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी पार्टी के नाम की घोषणा की. सितंबर 2025 में कविता को बीआरएस से तब निलंबित कर दिया गया था जब उन्होंने अपने चचेरे भाई एवं पार्टी नेता टी. हरीश राव तथा रिश्तेदार जे. संतोष कुमार पर बीआरएस के शासन के दौरान निर्मित कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर अपने पिता और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव की छवि को ‘खराब’ करने का आरोप लगाया था.

बीआरएस से निलंबन के बाद वह लगातार सरकार और विपक्ष दोनों पर हमलावर रही हैं और अब खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर रही हैं. बीआरएस से अलग होने के बाद के. कविता ने अपने सांस्कृतिक संगठन “तेलंगाना जागृति” के बैनर तले जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखा. इस दौरान उन्होंने खुद को सामाजिक और जनहित के मुद्दों से जोड़े रखा और लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.

के. कविता ने बीआरएस सरकार के दौरान कई कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाए. उन्होंने शासन के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए और पारदर्शिता की कमी को मुद्दा बनाया.

कविता ने सिर्फ अपनी पुरानी पार्टी ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी कांग्रेस को भी घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही दल जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं और सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी में लगे हुए हैं. उनके मुताबिक, हालिया बैठकों में जनहित के मुद्दों की बजाय राजनीति ज्यादा हावी रही.

के. कविता ने आरटीसी आंदोलन, पानी की कमी और बिजली कटौती जैसे अहम मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि सरकार इन समस्याओं को हल करने में पूरी तरह विफल रही है और आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं.

कविता ने बीआरएस पर यह आरोप भी लगाया कि उसने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को सही तरीके से नहीं उठाया. उनके अनुसार, इन अहम विषयों पर पार्टी की चुप्पी सवाल खड़े करती है.

NATIONAL : केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद शुरुआती चार दिन में 1.24 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए

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उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद शुरुआती चार दिन में 1.24 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जो 2026 की यात्रा के लिए अच्छी शुरुआत मानी जा रही है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जिला सूचना कार्यालय के अनुसार 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक कुल 1,24,782 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। शनिवार को शाम पांच बजे तक 31,160 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिनमें 21,035 पुरुष और 9,993 महिलाएं थीं।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत यात्रा सुचारु रूप से जारी है।मिश्रा ने बताया कि हेलीपैड और पैदल मार्ग पर प्रशासन व पुलिस के जवान तैनात हैं, ताकि यातायात और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।उन्होंने कहा, “श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी टीम पूरी मेहनत से काम कर रही हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि श्री भैरवनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद आज से मंदिर में शाम की आरती भी शुरू हो जाएगी।केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने अव्यवस्था की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश “निंदनीय” है।उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में हर श्रद्धालु को दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य उमेश चंद्र पोस्ती ने तीर्थयात्रियों से सोशल मीडिया पर फैल रही “भ्रामक और झूठी खबरों” पर ध्यान न देने की अपील की।

उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने जल्दी दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था लागू की है.केदार सभा के एक अन्य सदस्य संजय तिवारी ने बताया कि स्थानीय निवासी और प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं के लिए रहने और खाने की पर्याप्त व्यवस्था कर रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी एक विशेष नियंत्रण कक्ष के जरिए कर रहा है।

GUJARAT : स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, 4.18 करोड़ वोटर करेंगे फैसला; जानिए अपडेट्स

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गुजरात में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाओं सहित बड़े स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग चलेगी। 9,992 उम्मीदवार और 4.18 करोड़ मतदाता शामिल हैं। अहमदाबाद, सूरत जैसे शहरों में कड़ा मुकाबला है।

गुजरात में रविवार सुबह से बड़े पैमाने पर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। इन चुनावों में कुल 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। इनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे बड़े शहर भी आते हैं। इस बार यह चुनाव राज्य के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में से एक माना जा रहा है।

इस चुनाव में करीब 9,992 उम्मीदवार मैदान में हैं और 4.18 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। सुरक्षा के लिए तीन स्तर की व्यवस्था की गई है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे और संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस टीमें तैनात हैं। इस बार चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण के नए नियमों के तहत हो रहे हैं, जिसके चलते कई जिलों में वार्डों का पुनर्गठन भी किया गया है।

मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच माना जा रहा है, जबकि एआईएमआईएम और अन्य दल भी कई जगहों पर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव में कुछ चर्चित उम्मीदवार भी हैं, जिनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी एम एल निनामा, पूर्व रेडियो जॉकी आभा देसाई और पूर्व आप विधायक भूपेंद्र भायानी शामिल हैं। यह भी पहली बार है कि गुजरात की 9 नई नगरपालिकाओं में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें नवसारी, गांधीनगर, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर शामिल हैं।

गौरतलब है कि इस चुनाव में सभी प्रमुख दलों ने जोरदार प्रचार किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए प्रचार किया, जबकि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कई रैलियां कीं। 2021 के पिछले स्थानीय चुनावों में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की थी और अधिकांश सीटों पर अपना दबदबा बनाया था।

NATIONAL : दिल्ली से इंदौर आ रही उड़ान निरस्त, तकनीकी खराबी के बाद गर्मी में एसी के बगैर बैठे रहे यात्री

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शनिवार को दिल्ली से इंदौर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी खराबी के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे तक बिना एसी के विमान में बैठे यात्रियों की हालत बिगड़ने लगी, वहीं उड़ान निरस्त हो गई।

शनिवार को दिल्ली से इंदौर आने के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार हुए यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वे एक घंटे तक विमान में एसी के बिना बैठे रहे। विमान रनवे पर था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका।बाद में विमान को रनवे से टर्मिनल तक लाया गया और उड़ान निरस्त करने की घोषणा के बाद यात्रियों को फिर एयरपोर्ट लाउंज में भेजा गया। अचानक उड़ान निरस्त होने से नाराज़ यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा कर दिया और नारेबाज़ी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

एयर इंडिया की उड़ान रोज सुबह 12:10 बजे दिल्ली से इंदौर के लिए रवाना होती है। इंदौर आने के लिए यात्री विमान में सवार हो गए, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका। यह विमान दोपहर डेढ़ बजे इंदौर आता है। यात्री विमान में बिना एसी के बैठे रहे। कुछ यात्रियों की इस कारण तबीयत भी खराब हो गई, क्योंकि दिल्ली में काफी गर्मी है। काफी समय तक विमान रनवे पर ही खड़ा रहा। इंजीनियरों ने विमान की जांच की और उसे उड़ान भरने के लिए अयोग्य माना

इसके बाद एयर होस्टेस ने यात्रियों से कहा कि विमान इंदौर के लिए उड़ान नहीं भर सकता, इसलिए यह उड़ान निरस्त की जा रही है। इसके बाद विमान में सवार यात्रियों ने हंगामा कर दिया। इस बीच विमान को रनवे से टर्मिनल तक लाया गया और यात्रियों को विमान से उतारा गया। एयरपोर्ट पर यात्री एकजुट हो गए और एयर इंडिया प्रबंधन के खिलाफ नारेबाज़ी की और टिकट के पैसे रिफंड देने की मांग की। एयर इंडिया के कर्मचारी यात्रियों का गुस्सा शांत करने की कोशिश करते रहे। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर संदेश कर भी अपनी भड़ास निकाली।

NATIOANL : जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास में एवलांच:कई गाड़ियां 8 फीट बर्फ में दबीं, एक ड्राइवर भी फंसा; रेस्क्यू जारी, 28 दिन में दूसरी घटना

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जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास के शैतान नाला क्षेत्र में शनिवार को एवलांच (हिमस्खलन) हुआ। इसकी चपेट में आने से कई वाहन 8 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। एक टैंकर ड्राइवर एवलांच में फंसा हुआ है।सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। टीमें बर्फ हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

पिछले 28 दिनों में जोजिला पास में यह दूसरा एवलांच है। 28 मार्च को हुए एवलांच में 7 लोगों की मौत हो गई थी।शैतान नाला श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे का एक संवेदनशील हिस्सा है, जहां खराब मौसम के दौरान अक्सर एवलांच की घटनाएं होती रहती हैं।जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह हाईवे पर शुक्रवार दोपहर 4 बजे एवलांच आया। जोजिला पास के जीरो प्वाइंट के पास इस हादसे में 12 से ज्यादा वाहन 6 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। हादसे में 7 लोगों की मौके पर मौत हुई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 5 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सड़क से मलबा और बर्फ हटाने का काम जारी है।जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में लगातार जारी बर्फबारी से मंगलवार रात एवलांच (हिमस्खलन) आया। एवलांच में फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। कई होटलों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि एवलांच मंगलवार रात 10.12 बजे मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सोनमर्ग रिजॉर्ट में हुआ।

देश के कई हिस्सों में लू का असर तेज होता जा रहा है। तीन चौथाई हिस्सा हीटवेव की चपेट में हैं। उत्तर-पश्चिम, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44°C के पार जा चुका है। दिल्ली में शनिवार दोपहर को पारा 42.8°C तक पहुंच गया। यह इस साल का सबसे गर्म दिन रहा।

NATIONAL : CM आवास जा रहे प्रदर्शनकारियों का हंगामा, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

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मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को आयोजित COCOMI की एक बड़ी रैली अचानक तनावपूर्ण हो गई. यह रैली मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने के लिए निकाली गई थी, लेकिन रास्ते में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया. जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों का तितर-बितर किया.

मणिपुर में शनिवार को एक बहुत बड़ी रैली का आयोजन हुआ. ये रैली COCOMI ने निकाली थी. COCOMI का पूरा नाम है मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति यानी मणिपुर की अखंडता बचाने वाली कमेटी. ये कमेटी मणिपुर के लोगों के हक में काम करती है.

इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए. ये लोग इंफाल शहर के अलग-अलग जगहों से निकले और मिलकर मुख्यमंत्री यानी CM के घर की तरफ मार्च करने लगे. इनका मकसद था कि CM को एक ज्ञापन सौंपा जाए जिसमें छह बड़ी मांगें लिखी थीं.लेकिन जैसे जैसे रैली आगे बढ़ी, माहौल खराब होता गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस चलाई. खासकर इंफाल के मशहूर इमा केटल मार्केट के पास हालात बहुत खराब हो गए. दुकानदार और खरीददार सब भागने लगे. कोई बड़ी चोट की खबर नहीं है लेकिन ख़बर लिखे जाने तक माहौल अभी भी तनावपूर्ण है.

शनिवार को दोपहर करीब 1 बजे रैली शुरू हुई. लेकिन ये एक जगह से नहीं निकली. पूरे इंफाल के अलग-अलग इलाकों से लोग निकले. लैमलोंग बाजार से लोग आए. लम्बोई खोंगनांगखोंग से आए. काकवा केटल से आए. तिद्दिम ग्राउंड से आए. हाओ ग्राउंड से आए. ओरिएंटल कॉलेज से भी लोग जुड़े.

इसके अलावा केशमथोंग, वांगोई और खांगेमबल्ली इलाकों से भी बहुत सारे लोग आए. ये सब इलाके इंफाल की घाटी में आते हैं. यानी मेइती समुदाय के ज्यादातर लोग यहां से आए. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. नारे लगा रहे थे. बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे. माहौल शुरू में शांतिपूर्ण था. लोग बस अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे.

सारे लोग मिलकर तिद्दिम रोड की तरफ बढ़े. इनकी मंजिल थी मुख्यमंत्री का घर यानी CM बंगला. वहां जाकर एक ज्ञापन सौंपना था. इस ज्ञापन में छह बड़ी मांगें लिखी थीं.

पहली मांग, शांति और नॉर्मल लाइफ बहाल करो. मतलब मणिपुर में जो हिंसा चल रही है उसे रोको. दूसरी मांग, आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करो. मतलब जो भी इंसान मणिपुर में रहता है उसकी जान और माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. अगर सरकार लोगों को बचा नहीं सकती तो वो सरकार कैसी?

तीसरी मांग, जो लोग हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई करो. मतलब पिछले संघर्ष में जिन्होंने लोगों को मारा, जलाया, बलात्कार किया, उन सबको पकड़ो और सजा दो. बिना सजा के शांति नहीं आएगी.

चौथी मांग, मणिपुर की जमीन की रक्षा करो. क्षेत्रीय अखंडता बचाओ. कोई बाहर से आकर यहां जमीन न छीने. पांचवीं और छठी मांगें भी इन्हीं से जुड़ी थीं. कुल मिलाकर ये ज्ञापन कह रहा था कि सरकार सुनो, हमारी बात मानो, वरना हम और बड़ी आवाज उठाएंगे.

जैसे जैसे रैली CM के घर की तरफ बढ़ रही थी, माहौल बदलने लगा. पुलिस ने रास्ते रोक दिए. प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया. और यहीं से झड़प शुरू हो गई. कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ना चाहते थे. पुलिस ने रोका. धक्का-मुक्की हुई. पत्थरबाजी शुरू हो गई. पुलिस ने लाठीचार्ज किया. और फिर आंसू गैस चलाई गई. आंसू गैस कई जगहों पर चलाई गई. लेकिन सबसे ज्यादा हालात खराब हुए ख्वाइरामबंद इमा केटल के पास.

रैली में कुछ लोग मुख्यमंत्री के घर तक पहुंचने में कामयाब हुए. COCOMI के कुछ नेता मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मिलने गए. वो उनसे ज्ञापन सौंपना चाहते थे. लेकिन बाकी हजारों लोग इमा केटल और जॉन्सटोन स्कूल के पास इंतजार कर रहे थे. उन्हें पता नहीं था कि अंदर क्या हो रहा है. और जब बाहर आंसू गैस चली तो सब बिखर गए.

ये रैली इसलिए बड़ी थी क्योंकि मणिपुर में लोगों का गुस्सा बहुत ज्यादा है. पिछले दो साल से अधिक समय से लोग तबाही में जीने को मजबूर हैं. लोगों को लगता है कि सरकार ज्यादा कुछ नहीं कर रही. हिंसा रुक नहीं रही. जिम्मेदार लोग आजाद घूम रहे हैं.

अभी तक कोई बड़ी चोट की खबर नहीं आई है. ये राहत की बात है. पुलिस का कहना है कि उन्होंने स्थिति काबू में ले ली है. पुलिस हर जगह नजर रखे हुए है.

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