Wednesday, March 25, 2026
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NATIONAL : कार्ड बंट गए, हलवाई बुक, पर दूल्हा कतर में फंसा… 30 मार्च को बिहार के रिजवान की शादी, 3 बार फ्लाइट कैंसिल

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गया जिले का खंडेल गांव इन दिनों एक अजीब-सी कशमकश और दुआओं के दौर से गुजर रहा है. एक तरफ घर में शहनाइयां बजने की तैयारी है, 500 कार्ड बंट चुके हैं और बावर्ची से लेकर होटल तक बुक हैं. वहीं दूसरी तरफ, जिसका निकाह होना है, वह दूल्हा रिजवान हजारों मील दूर कतर में युद्ध के हालातों के बीच फंसा हुआ है.

गया जिले के खंडेल गांव के जमील शाह के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल होना चाहिए था, लेकिन वहां गहरी चिंता और मायूसी छाई हुई है. जमील के बेटे रिजवान का निकाह आगामी 30 मार्च को तय है. निकाह के 500 कार्ड बांटे जा चुके हैं, बस और होटल बुक हैं और लड़की वाले दिल्ली से गया पहुंच भी चुके हैं. लेकिन ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण रिजवान कतर में फंसा हुआ है.

रिजवान ने अपने निकाह में शामिल होने के लिए 17 मार्च को टिकट बुक किया था, मगर फ्लाइट कैंसिल हो गई और रिजवान अपने घर नहीं आ सका. इसके बाद परिवार के लोगों के कहने पर रिजवान ने दूसरी बार 20 मार्च को कतर से न्यू दिल्ली के लिए टिकट बुक किया, लेकिन दूसरी बार भी उसकी फ्लाइट कैंसिल हो गई. इससे पूरे गांववालों और परिवार वालों की चिंता बढ़ गई है.

गांव की मस्जिद में लोग रिजवान के सही-सलामत आने की दुआ मांग रहे हैं ताकि तय समय और तिथि पर उसकी निकाह हो सके. ज्ञात हो कि शेरघाटी अनुमंडल के खंडेल, बहेरा, सपा बिगहा सहित कई गांवों के 100 से अधिक युवक रोजी-रोटी कमाने के लिए अपने देश भारत छोड़कर खाड़ी देशों में गए हुए हैं.

खंडेल गांव के तकरीबन 25 से ज्यादा युवक कतर, सऊदी और अरब देशों में हैं. सभी लोग बीते ईद पर्व में आने वाले थे, मगर युद्ध के चलते नहीं आ पाए. कुछ लोग अपने गांव वापस आए हैं, लेकिन उन्हें घर लौटने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है.

रिजवान के भाई जहांगीर आलम ने बताया, ”मेरा छोटा भाई कतर में रहकर काम करता है और उसका निकाह इसी महीने 30 मार्च को होना है. निकाह की पूरी तैयारी हो चुकी है, मगर भाई रिजवान के आने का अभी कुछ पता नहीं है, क्योंकि वहां ईरान और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है, जिसके कारण सभी फ्लाइट बंद हैं. हम लोग इंतजार कर रहे हैं. अगर रिजवान बारात वाले दिन भी घर पहुंच जाता है तो निकाह करवा देंगे और अगर बारात वाले दिन भी नहीं आ पाता है तो निकाह की तारीख आगे बढ़ा देंगे.”

रिजवान अपने निकाह में शामिल होने के लिए तीन बार टिकट करवा चुका है, मगर तीनों बार फ्लाइट रद्द हो गई. अभी भी उसके पास टिकट है. निकाह को लेकर पूरे गांव में, पूरे परिवार के साथ-साथ जानने वाले लोगों में 500 कार्ड बंट चुके हैं. अब लोग अल्लाह के भरोसे हैं कि रिजवान घर आ जाए ताकि उसका तय तिथि पर निकाह हो जाए.

रिजवान के चाचा कादिर शाह और तस्लीम आलम ने बताया कि रिजवान के गांव आने के लिए पूरे गांव और परिवार के लोगों ने मस्जिद में दुआ की है कि वह निकाह के दिन से पहले घर आ जाए. लड़की वाले लोग दिल्ली से निकाह के लिए आ चुके हैं और उन्होंने निकाह की पूरी तैयारी कर रखी है.

रिजवान के पिता बहुत परेशान हैं. हम लोग उन्हें कह रहे हैं कि अल्लाह पर भरोसा रखें, सब अच्छा होगा. यह भारत की बात नहीं है कि जाएं और लड़के को लेकर आएं. यह विदेश की बात है और वहां का कानून क्या है, यह हम नहीं जानते. अगर भारत सरकार इसमें मदद करती है तो हमारे लिए बहुत खुशी की बात होगी.

हाल ही में दुबई से लौटे गांव के ही राजीव खान ने वहां के हालात बयां करते हुए कहा, “शाम होते ही आसमान मिसाइलों और धमाकों की आवाज से गूंज उठता था. हम रात भर सो नहीं पाते थे.” राजीव खुद चौथी बार में टिकट मिलने पर बहुत मुश्किल से दिल्ली पहुंच पाए. उनके अनुसार, अभी भी खंडेल, बहेरा और सपा बिगहा जैसे गांवों के 100 से अधिक युवक वहां फंसे हुए हैं. (रिपोर्ट: पंकज कुमार)

ENTERTAINMENT : भूत बंगला’ के लिए Arijit Singh ने खुद किया अप्रोच, ‘तू ही दिसदा’ की इनसाइड स्टोरी आई सामने

बॉलीवुड में हमेशा गाने फिल्मों की पहचान बन जाते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब कोई सिंगर खुद किसी गाने का हिस्सा बनने के लिए आगे आता है. अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला के नए गाने ‘तू ही दिसदा’ को लेकर भी कुछ ऐसा ही दिलचस्प किस्सा सामने आया है. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत सिंह इस गाने को गाने के लिए खुद फिल्म की टीम के पास पहुंचे. आमतैर पर मेकर्स के तरफ से सिंगर्स को गाना ऑफर किया जाता है, लेकिन यहां मामला बिल्कुल उल्टा देखने को मिला.

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक इंडिपेंडेट सोर्स के मुताबिक, अरिजीत सिंह को ‘तू ही दिसदा’ सुनते ही गहरा जुड़ाव महसूस हुआ. उन्हें लगा कि इस गाने के इमोशंस को वह अपनी आवाज से और बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं. इसी वजह से उन्होंने खुद फिल्म की टीम से संपर्क किया. म्यूजिक कंपोजर प्रीतम और प्रोडक्शन टीम भी उनके इस जुनून से बहुत इंप्रेस हुई. गाने में अरिजीत के साथ निकिता गांधी की आवाज भी सुनाई देती है और दोनों ने मिलकर इस रोमांटिक ट्रैक को बहुत खास बना दिया है. गाने में अक्षय कुमार और वामिका गब्बी की केमिस्ट्री देखने को मिल रही है, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रही है.

बता दें, करीब 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की हिट जोड़ी फिर से कॉमेडी अंदाज में वापसी कर रहे हैं, जिससे फैंस में अलग ही उत्साह है. फिल्म में परेश रावल, राजपाल यादव और गोवर्धन असरानी जैसे कलाकार भी नजर आएंगे, जो पुराने दौर की यादें ताजा करते हैं. बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. अब फिल्म के साथ-साथ अरिजीत सिंह की आवाज में इस गाने को बड़े पर्दे पर सुनने के लिए फैंस बेताब हो रहे है.

Top News : भारत के पास 10 दिन से कम का रणनीतिक तेल भंडार, लेकिन दूसरा विकल्प भरपूर देगा साथ!

भारत के पास पर्याप्‍त भंडार है, लेकिन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की बात करें तो यह 10 दिनों से भी कम का है. भारत में अभी तीन जगहों पर ये भंडार रखे गए हैं.जंग के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है. इंडिया टुडे की ओर से पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय से मिले एक RTI के जवाब में कहा गया है कि आयात में रुकावट के कारण भारत के रणनीतिक कच्‍चे तेल का भंडार ‘लगभग 9.5 दिनों की आवश्‍यकता’ को ही पूरा कर सकता है.

आरटीआई के जवाब में आगे कहा गया है कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) कार्यक्रम को पहली बार 7 जनवरी, 2004 को मंजूरी दी गई थी और इसे लागू करने के लिए 16 जून, 2004 को इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) की स्थापना की गई थी.अभी भारत में तीन स्थानों – विशाखापत्तनम (1.33 मिलियन मीट्रिक टन), मंगलुरु (1.5 मिलियन मीट्रिक टन) और पडूर (2.5 मिलियन मीट्रिक टन) में कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की एसपीआर भंडारण क्षमता है.

राज्यसभा में 23 मार्च, 2026 को दिए गए एक बयान में सरकार ने कहा कि ISPRL के पास लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64% है. आरटीआई की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सामान्‍य तेल भंडार के आंकड़े बदलते रहते हैं, जो भंडार और खपत पर निर्भर करता है.

RTI के जवाब से यह भी जानकारी मिलती है कि जुलाई 2021 में सरकार ने एसपीआर नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दी थी और इमरजेंसी तेल भंडार के लिए दो एक्‍स्‍ट्रा प्‍लांट्स- चंडीखोल (ओडिशा) में 4 मिमी क्षमता और पडूर (कर्नाटक) में 2.5 मिमी क्षमता की मंजूरी दी थी.

स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार) जंग, प्राकृतिक आपदा या आपूर्ति बाधित होने जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए सरकार धरती के अंदर स्‍टोर करके रखती है. यह देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करता है. सीधे शब्‍दों में कहें तो यह भारत के लिए इमरजेंसी तेल रिजर्व है. वहीं सामान्य कच्चे तेल भंडार व्यावसायिक उपयोग (पेट्रोल/डीजल उत्पादन) के लिए रिफाइनरियों द्वारा रखे जाते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पेट्रोलियम, अनरिफाइंड, कच्‍चा तेल और इमरजेंसी स्‍टोर्स भारत के पास कुल मिलाकर 60 से 70 दिन का है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में बोलते हुए कहा कि भारत के पास तेल का पर्याप्‍त भंडार है. सोमवार को जूनियर पेट्रोलियम मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि भारत के पास सभी फ्यूल मिलाकर कुल 74 दिन की एनर्जी है.

PUNJAB : जायदाद के लालच में कसाई बन गई पत्नी, बेटे से ही करवा दी पति की हत्या

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पंजाब के लुधियाना के जगाओं में हुई एक सनसनीखेज हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 55 वर्षीय हरजिंदर सिंह की हत्या के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अपना परिवार ही निकला. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या की मास्टरमाइंड उसकी पत्नी थी, जिसने जायदाद के लालच में अपने ही बेटे से पति की हत्या करवा दी.पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं. इसके बाद पत्नी को भी हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है.

यह घटना जगाओं के सिंधवा बेट थाना क्षेत्र के गांव जंडी की है. जानकारी के मुताबिक, मृतक हरजिंदर सिंह ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी. पहली पत्नी से उसका एक बेटा था, जो कनाडा में रहता है.दूसरी पत्नी और उसके बेटे के साथ हरजिंदर का जायदाद के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने हत्या जैसी खौफनाक साजिश को जन्म दिया. आरोपी पुत्र जसकरण सिंह और उसकी मां तरनजीत कौर उर्फ टीनी को इस साजिश में शामिल पाया गया है.

घटना का खुलासा तब हुआ जब हरजिंदर सिंह ने दोपहर तक अपने घर का दरवाजा नहीं खोला. पड़ोसियों को शक हुआ और उन्होंने उसके भाई जगराज सिंह को सूचना दी. जगराज अपने बेटे कुलजिंदर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे.काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो कुलजिंदर दीवार पर चढ़कर अंदर गया. अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए. हरजिंदर सिंह खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. घटनास्थल से सबूत जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इसके बाद जगराज सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया.जांच के दौरान सामने आया कि हरजिंदर का अपनी पत्नी और बेटे के साथ लगातार झगड़ा होता था. इसी आधार पर पुलिस ने बेटे जसकरण सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया और पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया.

NATIONAL : हरीश राणा का दिल्ली एम्स में निधन, 13 सालों की दर्द भरी सांसों से मिली मुक्ति

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गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश राणा ने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली है, हरीश राणा ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की अनुमति मिली थी.

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश राणा ने दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली है, हरीश राणा ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की अनुमति मिली थी. 13 साल से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद दिल्ली के AIIMS में निधन हो गया. हरीश राणा ने दिल्ली एम्स में मंगलवार (24 मार्च 2026) आखिरी सांस ली है, हरीश पिछले 13 सालों से बिस्तर पर थे और एक जिंदा लाश बनकर जी रहे थे. आज उन्हें दर्द भरी जिंदगी से मुक्ति मिल गई है.

गाजियाबाद के रहने वाले हरिश राणा के एक हादसे के बाद ऐसी हालत में पहुंच गए थे कि वे न तो बोल सकते थे और न ही चल सकते थे. 13 साल तक मशीनों और मेडिकल सपोर्ट के सहारे जिंदा रहे हरीश की हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी जीवन रक्षक उपकरण हटाने की अनुमति दी थी. कोर्ट का यह फैसला भारत में जीवन के अंतिम चरण से जुड़े कानूनों के लिए भी एक अहम मिसाल बन गया.

बता दें कि अदालत ने कई मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और परिवार की सहमति को ध्यान में रखते हुए यह अहम फैसला सुनाया था. कोर्ट ने निर्देश दिया था कि हरीश को दिल्ली के एम्स के पेलिएटिव केयर विभाग में भर्ती किया जाए और वहां उनके जीवन के अंतिम चरण की देखभाल के लिए पूरा प्लान तैयार किया जाए.

बता दें कि हरीश राणा मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले थे और साल 2013 में वह पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र थे. यहां पर पढ़ाई के समय हॉस्टल की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे और इस दौरान उन्हें गंभीर ब्रेन इंजरी हुई थी. इस हादसे के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा और तब से वह लगातार बिस्तर पर थे.

BUSINESS : ऑनलाइन खाना मंगवाने वालों को झटका, जोमैटो के बाद स्विगी ने भी बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस; जानें पूरी डिटेल

Swiggy Platform Fee Increase: अगर आप अक्सर बाहर से खाना मंगवाते हैं, तो अब आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. फूड डिलीवरी ऐप स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का फैसला लिया है…

अगर आप अक्सर बाहर से खाना मंगवाते हैं, तो अब आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है, जो पहले 14.99 रुपये थी. यानी कि इसमें करीब 17 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.

आपको बता दें कि इससे पहले जोमैटो ने भी अपनी फीस में करीब 2.40 रुपये का इजाफा किया था. ऐसे में दोनों बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों के इस फैसले के बाद अब ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पहले के मुकाबले थोड़ा महंगा होने वाला है….

बढ़ती लागत ने बढ़ाई कंपनियों की चुनौती

स्विगी ने ऐप पर यूजर्स को जानकारी दी है कि प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी का मकसद ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े बढ़ते खर्चों को संभालना है. दरअसल ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है. जिसका असर एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों पर साफ देखने को मिल रहा है.

ईंधन महंगा होने से पूरे फूड डिलीवरी सिस्टम की लागत बढ़ गई है. जिसमें रेस्टोरेंट्स से लेकर डिलीवरी पार्टनर्स तक सभी शामिल हैं. इन वजहों से प्लेटफॉर्म चार्ज को बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

बार-बार ऑर्डर करने वालों पर बढ़ेगा खर्च का बोझ

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विगी और जोमैटो की बढ़ी हुई प्लेटफॉर्म फीस का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोज या बार-बार खाना ऑर्डर करते हैं. खासतौर पर स्टूडेंट्स और वे युवा जो घर से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं, उनके खर्च में सीधा इजाफा होगा.

बार-बार ऑर्डर करने की वजह से यह छोटी-छोटी बढ़ोतरी मिलकर महीने के खर्च को काफी बढ़ा सकती है. जिससे इन यूजर्स की जेब पर ज्यादा असर देखने को मिलेगा.

जोमैटो और स्विगी दोनों कंपनियों ने बढ़ाई फीस

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने पिछले हफ्ते अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया था. जबकि इसकी शुरुआत अगस्त 2023 में सिर्फ 2 रुपये से हुई थी और अब यह बढ़कर 17.58 रुपये तक पहुंच गई है.

वहीं स्विगी ने भी इस बार अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 17 फीसदी का इजाफा किया है. जिससे ग्राहकों के लिए ऑर्डर करना पहले से महंगा होने वाला है.

NATIONAL : 92000 टन गैस और 60 भारतीय नाविक… नौसेना के सुरक्षा चक्र में भारत लौट रहे ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’, दुश्मन भी पस्त

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भारतीय नौसेना ने जग वसंत और पाइन गैस नाम के दो LPG टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट पार कराने के बाद एस्कॉर्ट किया. इन जहाजों में 92,612.59 मीट्रिक टन LPG है और ये भारत आ रहे हैं. इलाके में तनाव के बीच नौसेना हाई अलर्ट पर है और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं.

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर्स को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया है. ये दोनों जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं. इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी LPG भरी हुई है, जो भारत के लिए लाई जा रही है.

भारतीय नौसेना ने इन जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस समय संभाली जब ये हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे. यह इलाका दुनिया के सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, जहां हाल के समय में क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ा हुआ है. ऐसे में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

दोनों जहाजों पर भारतीय नाविक तैनात हैं. जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस चुनौतीपूर्ण मार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरते हुए भारत की ओर बढ़ रहे हैं. जैसे ही ये गैस से भरे जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए, भारतीय नौसेना ने तुरंत एस्कॉर्ट मिशन शुरू कर दिया और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित की.

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं. जहाजों की आवाजाही को बेहद करीबी से मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके. हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सीधे तौर पर कई देशों की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ी होती है.

दोनों LPG कैरियर्स अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 26 से 28 मार्च 2026 के बीच पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है और उत्तरी अरब सागर के साथ-साथ पर्शियन गल्फ के पास अतिरिक्त टास्क फोर्स भी तैनात की गई है.पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए समुद्री मार्गों पर पूरी तरह सतर्क और तैयार है. नौसेना की सक्रिय भूमिका से इन जहाजों की सुरक्षित यात्रा संभव हो पाई है और देश की ऊर्जा सप्लाई को भी मजबूती मिली है.

NATIONAL : 10 दिन से खाना-पानी बंद, फिर भी हालत स्थिर… मौत का इंतजार कर रहे हरीश राणा ने AIIMS के डॉक्टरों को चौंकाया

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हरीश राणा की हालत बिना भोजन और पानी के भी स्थिर बनी हुई है. पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया के तहत पिछले कई दिनों से उनका पोषण बंद है. डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें दर्द से राहत देने की दवाएं दी जा रही हैं, ताकि उनकी अंतिम यात्रा बिना किसी कष्ट के पूरी हो सके.

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हरीश राणा की हालत स्थिर बनी हुई है. उनको पिछले 10 दिन से भोजन और पानी नहीं दिया जा रहा है. पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया के तहत पोषण बंद किए जाने के कई दिन बाद भी उनकी स्थिति में फिलहाल कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है, जो कि हैरान करता है.

जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा को 14 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था. 15 मार्च को उनका तरल भोजन बंद कर दिया गया. 17 मार्च से पानी भी देना रोक दिया गया. इस तरह पिछले करीब 10 दिनों से उन्हें न तो भोजन दिया जा रहा है और न ही पानी. इसके बावजूद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.

एम्स के कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में हरीश का इलाज चल रहा है. यूनिट की प्रमुख डॉक्टर सीमा मिश्रा के मुताबिक, सामान्य तौर पर इतने दिनों तक भोजन और पानी बंद रहने पर शरीर में बेचैनी के लक्षण दिखते हैं. लेकिन हरीश पिछले करीब 13 साल से गहरे कोमा में हैं, जिसकी वजह से उनमें प्रतिक्रिया नहीं दिख रही है.

एम्स के एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम हरीश राणा को लगातार दर्द निवारक और जरूरी दवाएं दे रही है, ताकि उन्हें किसी तरह का कष्ट या असहजता महसूस न हो. पूरी कोशिश की जा रही है कि उनकी अंतिम यात्रा शांत और बिना पीड़ा के पूरी हो. उनके पिता अशोक राणा के वकील मनीष जैन ने बताया कि परिवार को लगातार अपडेट दिया जा रहा है.

वकील मनीष जैन ने बताया कि हरीश राणा के परिवार को लगातार काउंसलिंग भी दी जा रही है, ताकि वे इस संवेदनशील स्थिति को संभाल सकें. ब्रह्माकुमारी राजयोग संस्थान से जुड़े हरीश के परिवार का कहना है कि वे इस प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचना चाहते. उनका मानना है कि उनका बेटा बिना कष्ट के अंतिम यात्रा पूरी करे.

NATIONAL : MBBS कर चुकी लड़की ने बिल्ली पाली, माता-पिता को ऐतराज था… 23 साल की डॉक्टर ने खत्म कर ली जिंदगी

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तेलंगाना के हैदराबाद में दुखद घटना सामने आई है. यहां MBBS की पढ़ाई पूरी कर चुकी 23 साल की लड़की ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. पुलिस का कहना है कि उसने बीते तीन महीने से एक बिल्ली पाल रखी थी. इसको लेकर माता-पिता ने ऐतराज जताया था. इसी को लेकर घर में चल रहे विवाद के बीच लेडी डॉक्टर ने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार में मातम पसर गया है.

हैदराबाद से बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां 23 साल की डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. हैदराबाद के अलवाल इलाके में रहने वाली इस युवती ने हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी और आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रही थी.एजेंसी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार की है, जब युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पिछले तीन महीनों से एक बिल्ली पाले थी, लेकिन उसके परिवार को यह पसंद नहीं था. इसी बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था.

परिजनों को यह बात पसंद नहीं थी कि युवती घर में बिल्ली को रखे. वहीं डॉक्टर को बिल्ली रखना पसंद था. घरवालों के विरोध से युवती मानसिक रूप से परेशान थी. इसी तनाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया. हालांकि, पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है.

बता दें कि इससे कुछ दिन पहले भी हैदराबाद के मीरपेट इलाके में एक 20 वर्षीय छात्रा ने अपने पालतू बिल्ली की मौत से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं.फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया. वहीं, इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और लोग इसे बेहद दुखद मान रहे हैं.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

UP : ‘हम मंदिर कैसे जाएं? शराबियों का जमावड़ा और भद्दे कमेंट…’, शराब ठेके को लेकर डीएम ऑफिस पहुंची महिलाएं

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बांदा में मंदिर के पास खुले शराब ठेके को लेकर महिलाओं में भारी आक्रोश है. नवरात्रि के दौरान मंदिर आने-जाने में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. परेशान महिलाओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ठेका हटाने की मांग की है. प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

उत्तर प्रदेश के बांदा में मंदिर और आबादी के पास खुले शराब ठेके को लेकर बवाल मचा हुआ है, जिससे परेशान होकर महिलाएं डीएम ऑफिस पहुंच गई हैं. महिलाओं का कहना है कि मंदिर के पास शराब दुकान खुलने से नवरात्रि के पर्व पर हम मंदिर जाने में डरते हैं, क्योंकि आने जाने वाले रास्ते मे शराबियों का जमावड़ा रहता है. वे लोग गलत अपशब्द कहते हैं. इसके अलावा रास्ते में पेशाब, उल्टियां पड़ी रहती हैं. कुछ तो घरों के बाहर बैठकर शराबी शराब पीते हैं, मना करने पर वाद विवाद अभद्रता करने पर उतारू हो जाते हैं.

महिलाओं ने कहा स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्होंने डीएम से मांग की है कि आबादी और मंदिर के पास शराब ठेके को तत्काल हटाकर आबादी के बाहर खोला जाए. शराबियों के कारनामों से परेशान महिलाएं डरी हुई हैं और बाहर निकलने में खौफ खा रही हैं. फिलहाल डीएम ऑफिस में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट ने पीड़ित महिलाओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

मामला नरैनी तहसील क्षेत्र तरहटी कालिंजर का है, जहां की रहने वाली पीड़ित महिलाओं ने बताया कि कस्बे में आबादी और शारदा माता के मंदिर के पास एक देशी शराब दुकान खुली हुई है जो परेशानी का सबब है. महिलाओं ने कहा – हमारी मांग है इस शराब ठेके को मंदिर और आबादी के बीच से हटाया जाए, वरना हम CM योगी के पास लखनऊ जाकर शिकायत करेंगे.

सिटी मजिस्ट्रेट ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुना और उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया. सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला का कहना है कि सम्बंधित विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र भेजा जा रहा है.

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