Thursday, April 2, 2026
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ENTERTAINMENT : गैंगस्टर की धमकी से परेशान सलमान, बुरी नजर से खुद को बचाया? इवेंट में चुपके से पहनी रिंग

सलमान खान का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दबंग खान चुपके से अपनी पॉकेट से रिंग निकालकर पहनते हैं. उन्होंने आखिर ऐसा क्यों किया, जानें फैंस ने क्या दावे किए हैं.

करोड़ों दिलों की धड़कन और सबके भाईजान सलमान खान फैंस के चहेते हैं. उनका फैंडम तगड़ा है. फैंस के लिए भाईजान का हुकुम सिर आंखों पर है. लेकिन बीते सालों से मिल रही बैक टू बैक धमकियों की वजह से सलमान पब्लिकली आने से बचते हैं. अगर आते भी हैं तो फुल सिक्योरिटी और प्रोटेक्शन के साथ दिखते हैं. भीड़ के बीच सलमान बुरी नजर से खुद को बचाने का पूरा इंतजाम भी करते हैं.

इंटरनेट पर दबंग खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो लोगों की बुरी नजर से खुद को प्रोटेक्ट करते दिखे. सलमान ने आखिर ऐसा क्या किया, चलिए जानते हैं. 31 मार्च को वो एक इवेंट में शामिल हुए थे. प्रेसिडेंट कप 2026 की ग्रैंड ओपनिंग सेरेमनी उन्होंने अटेंड की थी. इवेंट में उनके साथ महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे. अपने फेवरेट स्टार को देखने को लिए लोगों की भारी भीड़ इवेंट में पहुंची थी. सलमान और शिंदे ने स्पोर्ट्स टूर्नामेंट का आगाज किया. 1 करोड़ की प्राइज मनी का ऐलान किया. सलमान को इवेंट में देख फैंस बेकाबू हो गए थे. सभी के बीच दबंग खान की झलक पाने की होड़ मच गई.

इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया है जो हॉट टॉपिक बना हुआ है. सलमान बीच इवेंट में अपनी रिंग को पॉकेट से निकालकर पहनते हैं. शिंदे तब लोगों को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान सलमान ने चुपके से अपनी जींस की पॉकेट में हाथ डाला. रिंग को निकाला और चुपचाप अपनी मिडिल फिंगर में पहना. इस दौरान सलमान खान के चेहरे पर स्माइल बनी हुई थी. उनके हाथ पर पहले से उनका पॉपुलर ब्लू सफायर ब्रेसलेट था.

सलमान की रिंग पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं. किसी ने कहा कि सलमान ने नीलम का पत्थर पहना है. जो कि शनि से जुड़ा है. ये करियर ग्रोथ, फाइनेंसियल स्टेबिलिटी के लिए पहना जाता है. ये पत्थर बुरी नजर, एक्सीडेंट और घटनाओं से बचाता है. व्यक्ति के अंदर इमोशनल बैलेंस भी बनाए रखता है. सभी जानते हैं सलमान के बीते कुछ साल अच्छे नहीं गुजरे हैं. वो पर्सनली और प्रोफेशनली डाउन चल रहे हैं. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई उनके पीछे पड़ा है. वहीं एक्टर की बैक टू बैक फिल्में पिट रही हैं. बीते दिनों उनके पिता सलीम खान अस्पताल में एडमिट रहे थे. वो हेल्थ इश्यूज से जूझ रहे हैं.

MAHARASHTRA : ‘तुम इतनी सुंदर हो…’ 80 लाख के फ्रॉड केस में लॉकअप में बंद थी महिला, ASI ने कर दी डर्टी डिमांड

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महाराष्ट्र के अकोला से एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद एक महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला ने जब इस मामले की शिकायत की तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. पीड़ित महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड मामले में लॉकअप में बंद थी.

महाराष्ट्र के अकोला से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला आरोपी सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. महिला आरोपी से ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने डर्टी डिमांड कर दी. महिला की शिकायत के बाद विभाग में हड़कंप मच गया. आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया गया है, फिलहाल वह फरार है.

दरअसल, महिला 80 लाख रुपये के फ्रॉड केस में सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के लॉकअप में बंद थी. इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एएसआई राजेश जाधव ने उससे आपत्तिजनक बातचीत करते हुए कहा कि तुम इतनी सुंदर हो, तुम्हारी बेटी भी सुंदर होगी. इसी के साथ आरोपी ने कई घिनौनी बातें कहीं.

इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए वहां मौजूद लेडी कॉन्स्टेबल से शिकायत की. मामला सामने आते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी एएसआई को ड्यूटी से हटा दिया.मामले की गंभीरता को देखते हुए अकोला के एसएसपी अर्चित चांडक ने आरोपी एएसआई राजेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों को रवाना किया गया है.

मामले की जांच कर रहे सीनियर पीआई अनिल जुमले ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है, आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

पूर्व महिला आयोग सदस्य डॉ. आशा मिरगे ने बताया कि एएसआई राजेश जाधव के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं. करीब 10 साल पहले उनके पारिवारिक विवाद और अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को लेकर शिकायत मिली थी. साथ ही एक महिला पुलिसकर्मी को प्रपोज करने का मामला भी सामने आया था.

डॉ. मिरगे ने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है. अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ता है. हालांकि इस मामले में अकोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, जो सराहनीय है.

BIHAR : ‘मेरी गर्लफ्रेंड को बुलाओ…’ 300 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ा युवक, खुद पुलिस को किया कॉल, घंटों चला ड्रामा

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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक युवक प्रेमिका से मिलने की जिद कर बैठा. इसी जिद में वह करीब 300 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर जाकर चढ़ गया. टॉवर पर चढ़ने के बाद उसने खुद पुलिस को फोन किया और कहा कि उसकी गर्लफ्रेंड को बुलाया जाए, नहीं तो वह कूदकर जान दे देगा. इस दौरान घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा.

बिहार के मुजफ्फरपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेमिका से मिलने की जिद में एक युवक करीब 300 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया. टॉवर पर चढ़ने के बाद युवक ने खुद ही पुलिस को फोन कर अपनी मांग रखी, जिसके बाद इलाके में घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा.घटना पारू थाना क्षेत्र के धरफरी वार्ड नंबर 9 की है. यहां रहने वाला युवक बुधवार की सुबह मुजफ्फरपुर जंक्शन के दक्षिणी गेट के पास लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया. सुबह-सुबह टॉवर पर युवक को चढ़ा देख आसपास के लोग दंग रह गए और कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई.

युवक हाल ही में पुणे से अपने घर लौटा था, जहां वह टाइल्स की दुकान में मजदूरी करता था. मंगलवार शाम वह दोबारा पुणे जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन बुधवार सुबह उसने अचानक यह कदम उठा लिया. वह एक लड़की से प्रेम करता है, जो देवरिया की रहने वाली है.टॉवर पर चढ़े युवक ने खुद ही डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी. उसने साफ कहा कि अगर उसकी गर्लफ्रेंड को मौके पर नहीं बुलाया गया, तो वह टॉवर से कूदकर अपनी जान दे देगा. युवक की इस धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया.

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का सिलसिला शुरू किया. इस दौरान स्थानीय लोग भी उसे नीचे आने के लिए आवाज लगाते रहे.

काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के कारण इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई. लोग टॉवर के नीचे खड़े होकर पूरे घटनाक्रम को देखते रहे. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने युवक को समझाने की कोशिश की. फिलहाल खबर लिखे जाने तक प्रशासन युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटा रहा और परिजनों की मदद से उसे समझाने की कोशिश की जा रही है.

NATIONAL : रेप और ठगी के आरोपी अशोक खरात के मामले में चौंकाने वाले खुलासे, बेटे से पूछताछ, फरार पत्नी की तलाश

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नासिक के कथित गॉडमैन अशोक खरात केस में SIT ने बेटे को हिरासत में लिया है, जबकि उसकी पत्नी अभी तक फरार है. अशोक खरात के खिलाफ रेप और ठगी के कई मामलों में जांच तेज हो गई है. इस मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जानिए, खरात की करतूतों की कहानी.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को गॉडमैन बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ चल रही जांच में बड़ा मोड़ आया है. रेप और ठगी के आरोपों से घिरे इस मामले में अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने खरात के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि उसकी पत्नी की तलाश जारी है. इस केस में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, SIT की टीम ने नासिक शहर के कर्मयोगी नगर स्थित अशोक खरात के घर पर मंगलवार को छापा मारा. इस दौरान पुलिस को उसकी पत्नी कल्पना खरात नहीं मिली, जिसके बाद टीम ने उसके बेटे हर्षवर्धन को हिरासत में ले लिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हर्षवर्धन को पूछताछ के लिए महाराष्ट्र पुलिस अकादमी (MPA) ले जाया गया है, जहां उससे केस से जुड़े कई अहम सवाल जवाब किए जा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें से 8 मामले यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न से जुड़े हैं, जबकि 2 मामले धोखाधड़ी के हैं. ये सभी केस नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं. इतना ही नहीं, पुलिस को फोन के जरिए 100 से ज्यादा शिकायतें भी मिल चुकी हैं, जिनमें खरात पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

SIT की जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अशोक खरात का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है. लगातार सामने आ रही शिकायतों और आरोपों के आधार पर पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, जिससे केस और बड़ा रूप ले सकता है.

इस बीच, पुलिस ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि अशोक खरात की पुलिस कस्टडी बुधवार को खत्म होने वाली है. इसके बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस यह भी कोशिश कर रही है कि कस्टडी बढ़ाकर उससे और पूछताछ की जा सके, ताकि मामले से जुड़े सभी राज सामने आ सकें.

इसी मामले से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा पड़ोसी अहिल्यानगर जिले से सामने आया है. यहां पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है, जिनमें अशोक खरात की पत्नी कल्पना भी शामिल है. आरोप है कि इन लोगों ने एक जमीन मालिक को 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का शिकार बनाया.शिर्डी पुलिस ने इस धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है, जिनकी पहचान अरविंद बावके और किरण सोनावणे के रूप में हुई है.

पुलिस के मुताबिक, एक जमीन मालिक ने कल्पना खरात से 5.52 करोड़ रुपये का असुरक्षित कर्ज लिया था और इसके बदले अपनी 4 एकड़ जमीन गिरवी रखी थी. बाद में उसने करीब 1.5 करोड़ रुपये लौटा भी दिए, लेकिन आरोप है कि खरात ने जमीन हड़पने की कोशिश की.फिलहाल, अशोक खरात की पत्नी कल्पना फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. इस पूरे मामले में SIT की जांच तेज हो गई है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है. पुलिस का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

NATIONAL : ‘डॉक्टर साहब और डॉक्टराइन को ले गई पुलिस…’, गार्ड ने बता दी कानपुर किडनी कांड वाले आहूजा अस्पताल की सच्चाई

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कानपुर के आहूजा अस्पताल में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा होने के बाद पूरा अस्पताल खाली मिला. पुलिस ने डॉक्टर दंपति को गिरफ्तार किया, जिसके बाद स्टाफ और मरीज सब फरार हो गए. गार्ड ने बताया डॉक्टर साहब और डॉक्टराइन को यही से पुलिस उठाकर ले गई.जांच में दलालों के जरिए डोनर-रिसीवर सौदे और करोड़ों के खेल के संकेत मिले हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

कानपुर के रावतपुर इलाके में चार मंजिला अस्पताल जहां हमेशा मरीजों और डॉक्टरों की भीड़ लगी रहती थी, वहां अंदर कदम रखते ही एक अजीब सन्नाटा घेर लेता है. न मरीज, न डॉक्टर, न स्टाफ बस खाली कमरे, बिखरी फाइलें और अधूरी छूटी जिंदगी के निशान. यही वह जगह है, जहां अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का खेल चल रहा था. और इसी जगह से एक सिक्योरिटी गार्ड की जुबान से निकली एक लाइन ने पूरे मामले को साफ कर दिया. ‘डॉक्टर साहब और डॉक्टराइन को तो कल ही पुलिस ले गई… उसके बाद सब भाग गए’.

अस्पताल के भीतर का दृश्य किसी फिल्म के अचानक रुक गए सीन जैसा लगता है. रिसेप्शन पर रखी कुर्सियां अपनी जगह पर हैं, लेकिन उन पर बैठने वाला कोई नहीं. काउंटर पर रजिस्टर खुले पड़े हैं, जैसे किसी ने जल्दबाजी में पन्ना पलटा हो और फिर लौटकर न आया हो. डॉक्टर के केबिन में दीवारों पर टंगे सम्मान पत्र और तस्वीरें अब भी मौजूद हैं. मेज पर फाइलें बिखरी हैं, कुछ दवाइयों के डिब्बे खुले पड़े हैं. ऐसा लगता है जैसे यहां काम चल रहा था और अचानक सब कुछ छोड़कर लोग गायब हो गए. इमरजेंसी रूम में टंगी ड्रिप, आधी इस्तेमाल हुई दवाइयां और बेड पर पड़े सिलवटों वाले चादर इस बात की गवाही देते हैं कि यहां हाल ही में मरीज थे. लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है.

अस्पताल के बाहर तैनात सिक्योरिटी गार्ड से जब बात की गई, तो उसने बेहद सादे शब्दों में पूरी कहानी कह दी. उसने बताया कि वह खुद एक दिन पहले ही ड्यूटी पर आया था. उसी दिन पुलिस आई और अस्पताल के मालिक डॉक्टर दंपति को अपने साथ ले गई. गार्ड के मुताबिक, जैसे ही गिरफ्तारी हुई, अस्पताल का पूरा स्टाफ धीरे-धीरे गायब हो गया. किसी ने कुछ नहीं बताया, बस लोग अपने-अपने रास्ते चले गए.

पुलिस ने इस मामले में अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपति प्रीति आहूजा और सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया है. इन्हीं के अस्पताल में अवैध ट्रांसप्लांट होने की आशंका जताई गई है. जांच के दौरान जो शुरुआती तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन थिएटर में बिना जरूरी अनुमति के किडनी ट्रांसप्लांट किए जाते थे और इसके लिए मोटी रकम वसूली जाती थी. एक सर्जरी के लिए रोजाना साढ़े तीन से चार लाख रुपये तक की मांग की जाती थी. यह रकम सिर्फ ऑपरेशन की थी इसके अलावा डोनर और रिसीवर के बीच अलग से सौदे होते थे.

जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटा-मोटा खेल नहीं था, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के तहत काम हो रहा था. इसमें दलाल, डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन और बाहर के लोगों की एक चेन की तरह जुड़े हुए थे. इस नेटवर्क का एक अहम किरदार शिवम अग्रवाल बताया जा रहा है, जो कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था. वह जरूरतमंद लोगों को तलाशता, उन्हें पैसों का लालच देता और फिर उन्हें इस सिस्टम में जोड़ देता. इस पूरे मामले में सबसे दर्दनाक पहलू उन लोगों की कहानी है, जो मजबूरी में इस जाल में फंस गए. उत्तराखंड के एक युवक को 10 लाख रुपये का लालच देकर किडनी देने के लिए तैयार किया गया. उसे बताया गया कि उसकी किडनी किसी जरूरतमंद रिश्तेदार के लिए ली जा रही है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे उस युवक ने हामी भर दी. लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी. आरोप है कि उसकी किडनी निकालकर उसे 6 लाख रुपये नकद और 3.5 लाख रुपये का चेक दिया गया, जबकि उसी किडनी को एक महिला के परिजनों को 90 लाख रुपये से ज्यादा में बेच दिया गया.

ऑपरेशन के बाद डोनर और रिसीवर दोनों को कुछ समय तक अस्पताल में रखा जाता था, लेकिन फिर उन्हें अलग-अलग जगहों पर शिफ्ट कर दिया जाता था. इसका मकसद साफ था किसी भी तरह का सीधा लिंक न बन पाए. अगर जांच हो भी, तो एक ही जगह से पूरा नेटवर्क पकड़ में न आए. सूत्रों के मुताबिक, डोनर को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी पहचान भी बदल दी गई. वहीं रिसीवर को किसी और जगह शिफ्ट कर दिया गया. इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब डोनर को तय रकम से कम पैसे मिले. उसे बार-बार टाला गया, जिससे परेशान होकर उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. यहीं से कहानी पलटी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की. शुरुआती जांच में ही इतने संकेत मिले कि मामला बड़ा है, जिसके बाद कार्रवाई तेज कर दी गई.

क्राइम ब्रांच ने देर रात कई अस्पतालों में एक साथ छापेमारी की. इसमें प्रिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, आहूजा हॉस्पिटल और मेडलाइफ हॉस्पिटल शामिल थे. जांच के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज, मरीजों की जानकारी और अन्य सबूत जुटाए गए. अस्पताल संचालकों, डॉक्टर दंपति और दलाल शिवम को हिरासत में लिया गया. इसके अलावा, उस अस्पताल में भी पुलिस पहुंची जहां किडनी पाने वाली महिला को शिफ्ट किया गया था. वहां से भी कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का जाल छात्रों तक फैला हुआ था. डोनर ‘आयुष’ ने खुद को MBA का छात्र बताया. सूत्रों के अनुसार, एक अन्य मामले में एक छात्रा से करीब 4 लाख रुपये में किडनी डोनेट करवाई गई और बाद में उसे 45 से 50 लाख रुपये में बेचने की आशंका जताई गई.

ENTERTAINMENT : चौधरी असलम की मौत की कहानी: बीवी से मांगी माफी, दी दुआएं और हुआ धमाका

फिल्म धुरंधर 2 में संजय दत्त द्वारा निभाए गए चौधरी असलम के किरदार को उनकी पत्नी नूरीन ने गलत बताया है. नूरीन ने बताया कि असलम ने कभी बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी. पति की मौत को लेकर भी उन्होंने आज तक संग बातचीत की.

फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रही है. ग्लोबली इसका डंका बजा रहा है. मूवी में पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी चौधरी असलम का रोल संजय दत्त ने प्ले किया था. इस किरदार में संजू बाबा का काम सब ने पसंद किया. लेकिन रियल चौधरी असलम की पत्नी नूरीन ने कहा कि उनके पति की गलत छवि फिल्म में पेश की गई है. आज तक संग हुई खास बातचीत में नूरीन ने ल्यारी ऑपरेशन, रहमान डकैत के एनकाउंटर के अलावा पति चौधरी असलम की मौत पर रिएक्ट किया है.

चौधरी असलम को अपनी नौकरी से ज्यादा लगाव था. उनके बारे में लंदन, अमेरिका सब जगह खबरें छपती थीं. धुरंधर फिल्म की बात करें, तो संजय दत्त पर रोल बहुत जचा है, गेटअप अच्छा है. फिल्म में जो नेगेटिव चीजें दिखाई गईं कि वो फर्जी एनकाउंटर करता है, बच्चों को मारता है तो रियल में ऐसा कुछ नहीं था. चौधरी बोलता था कि मेरे जाने के बाद मेरी जिंदगी पर फिल्म बनेगी. फिल्म बनी भी लेकिन उसमें चौधरी के किरदार के साथ इतना इंसाफ नहीं हुआ. फिल्म बनाई तो एक काल तो करते, मुझे करते, पुलिस को करते किसी न्यूज वाले को करते, फैमिली को करते कि चौधरी की नेगेटिव और पॉजिटिव चीजें क्या हैं. कहानी के अंदर इतना बड़ा किरदार शो नहीं किया, एक ल्यारी को कर दिया, ल्यारी इतना बड़ा भी नहीं जितना बड़ा बना डाला. संजय दत्त पर किरदार एकदम जमा. संजय दत्त जब गाड़ी के पास होता है और आंखें ऊपर करता है, तब वो एक पल को लगा चौधरी असलम है.अदाकारी भी संजय दत्त ने बहुत बेहतरीन की है. संजय दत्त बताएं कि चौधरी का रोल करके कैसा लगा, आज के दौर में कहां पहुंचे, इंडिया के लोग बता सकते हैं.मैंने थोड़ी फिल्म देखी किसी ने क्लिप भेजी थी. जहां पर ब्लास्ट होता है मैंने वहां तक देखी. संजय दत्त ने गालियां बहुत दी हैं (हंसते हुए) जो फैमिली में नहीं देख सकते लेकिन उस बंदे पे जची हैं, पुलिस में वैसे गालियां चलती हैं. शक्ल, सूरत सारे अंदाज संजय दत्त के जचे हैं. संजय दत्त को चौधरी असलम बहुत पसंद करता था और मैं भी बहुत पसंद करती हूं, एक्टर कभी गलत नहीं होते ये याद रखियेगा. ल्यारी के अंदर जब बैठे होते हैं संजय दत्त साहब वहां पर भी वो बहुत जचे हैं.

चौधरी असलम ने ल्यारी में रेड डाली थी, उस दौरान रॉकेट लॉन्चर चले थे, गोलियां चलीं थीं दोनों तरफ से, एयरक्राफ्ट उड़े थे, ल्यारी गैंग के दौरान औरतों को आगे कर देते थे. पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, आप औरतों पर गोली नहीं चला सकते. चौधरी सारी कहानियां घर में नहीं बताता था. जिस वक्त चौधरी ल्यारी पहुंचा सब चैनल पर LIVE चल रहा था. तो मैने कॉल किया तब चौधरी ने बोला आप परेशान न हों, मैंने कहा वहां गोलियां चल रहीं हैं, सारा सिस्टम जाम हो रखा है. आप कैसे हो? वहां चौधरी ने कहा- कुछ नहीं है. जो दिन लिखा होगा उस दिन कोई नहीं बचा पाएगा.

ल्यारी ऑपरेशन में चौधरी ने बुलेटप्रूफ नहीं पहनी थी, चौधरी असलम ने अपनी लाइफ में कभी बुलेटप्रूफ नहीं पहनी थी. फिल्म में संजय दत्त ने भी नहीं पहनी है. मैंने कई दफा उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने को कहा था. लेकिन वो नहीं माने. मैंने कहा था- इतने बड़े मामलों में पहना करो, फैमिली भी इसमें सफर करती है, बहुत सी कुर्बानियां होती हैं, हम कभी आजाद नहीं थे और न कभी होंगे.

डिफेंस इलाके में जब हमारे घर में बम ब्लास्ट हुआ थे उस वक्त मैंने असलम पर प्रेशर डाला था कि आप सेफ गाड़ी में जाएं, बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करें. लेकिन असलम गाड़ी में जाता था और कुछ दूर जाकर उतर जाता था. सितंबर 2011 में घर में ब्लास्ट हुआ था, असलम चौधरी उस रात गश्त कर रहा था. सड़क पर रात 2 बजे का टाइम था. मैंने कॉल किया कि आप घर कब आयेंगे, बोला मुझे अभी टाइम लग जाएगा. मुझे इनपुट मिला है कि कोई बम ब्लास्ट होगा सुबह के वक्त शायद सऊदी एंबेसी या अमेरिकन एंबेसी में ब्लास्ट होगा ऐसा असलम को इनपुट मिला था. बाद में पता चला कि जहां बम ब्लास्ट होना था वो तो मेरा ही घर था. सुबह 5 बजे असलम घर आया. मैंने खाना पूछा तो नहीं खाया. कुदरत ने उस दिन काम मुझसे लिया, मैंने मेन गेट पर सारी गाड़ियां लगवा दी थीं. मैंने कहा मेन गेट नहीं साइड गेट इस्तेमाल होगा, मैने असलम को कहा था आप गेट नंबर-2 से आयेंगे. सुबह 7 बजे मैं बाहर आई और कुछ देर बाद जोरदार धमाका हुआ, चौधरी गहरी नींद में था धमाके से खिड़की टूटी उसके ऊपर गिरी. घर का सारा समान नीचे गिर गया. 2 कमरे बचे जिसमें हम सारे बच गए. 350 किलो विस्फोटक से भरा बम था. आवाज बहुत दूर तक गई थी, धमाका इतना जोरदार था कि जमीन से पानी आने लगा, 8 लोग बम धमाके में मारे गए थे. बम धमाके की जिम्मेदारी तहरीके तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली थी, उसके कमांडर से चौधरी असलम की खूब गाली गलौच हुई थी. चौधरी ने कहा था कि मैं गोली से नहीं मरूंगा, अगर कभी मरूंगा तो बम ब्लास्ट में मरूंगा. चौधरी पर 11 जानलेवा हमले हुए थे.

साल 2014 में चौधरी की हत्या हुई थी. मैं उस दिन एक अस्पताल से दोपहर 3 बजे ड्राइवर के साथ घर आई, रास्ते में जब मैं थी तो अपनी बहन को कॉल किया कि असलम कहां है क्योंकि मैं असलम को घर छोड़ कर गई थी. तो मैंने सोचा था कि असलम के सोकर उठने से पहले मैं घर आ जाऊंगी. बहन ने बताया कि असलम तैयार हो रहा है कहीं जा रहा है, मै नाराज थी एक हफ्ते से मैं दुबई से आई थी. मुझे गन मैन ने छुपकर बताया था कि आप दुबई से आ जाएं असलम को थ्रेट है, मुझे 3 दिन से ज्यादा कहीं रुकने की इजाजत नहीं होती थी. मैंने बोला आप के पास बम प्रूफ गाड़ी नहीं है मैं आपको जाने नहीं दूंगी, असलम ने कहा था 5 दिन रुक जाओ मेरे पास गाड़ी आ जाएगी, बोला मुझे कुछ नहीं होगा, मेरे सिर पर उस दिन हाथ रखा और कहा कि मुझे माफ कर देना मैं आपको कभी टाइम नहीं दे सका, मैंने कहा मुझे आप से कोई गिला नहीं है.

असलम घर से निकला मैंने छत से उसको बाय किया और घर से निकले कोई 10-12 मिनट हुआ होगा, आगे टोल था उन्होंने वहां से मुझे कॉल किया कि नूरीन आज मेरा दिल चाहता है कि हम कहीं और मिलें. दरअसल वो घर का कह रहे थे. क्योंकि हमारी जिंदगी उस वक्त मुश्किल में थी तो हमारे कई घर थे. मैंने कहा मेरी तबीयत ठीक नहीं है हम कल चलेंगे. इतने में कहते हैं खुश रहना आपके चौधरी का खुदा हफीज. इतने में बम ब्लास्ट हुआ, फिर ब्रेकिंग चलती रही कि जख्मी हुआ लेकिन मेरे दिल ने इकरार कर लिया कि अब चौधरी इस दुनिया में नहीं रहा. 125 किलो विस्फोटक से लदी कार चौधरी की कार से टकराई थी, फिदायीन हमला था. सभी नेताओं के फोन आए थे, परवेज मुशर्रफ ने सबसे पहले कॉल किया था, अफसोस का इजहार किया था, नवाज शरीफ का कॉल आया था, पाकिस्तान के प्रेसिडेंट ने कॉल किया था सबने अफसोस का इजहार किया था. TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली थी.

चौधरी कभी रहमान से नहीं डरा, चौधरी जब कभी TTP से नहीं डरा तो रहमान क्या चीज था. रहमान ने खुद कहा था चौधरी असलम मेरे लिए खतरा है बाकी मुझे कोई कुछ नहीं करेगा.रहमान छुप जाता था, गांव में पनाह लेता था. चौधरी एक एनकाउंटर में जेल गया था, 1 साल 18 महीने जेल में था चौधरी, वो केस बाद में सियासी केस बन गया था. जेल से वापस आने के बाद चौधरी असलम रहमान डकैत के पीछे पड़ा. जेल से वापस आते ही चौधरी ने कहा मेरे लिए दुआ करो, एक रहमान ऊपर है जमीन का रहमान मुझे चाहिए , मैंने असलम को कहा था 14 दिन के अंदर रहमान तुम्हारे हाथों से जाएगा. असलम चौधरी के पास कुर्सी नहीं थी, दरअसल असलम जेल में था उस पर केस हो गया था. तो उस के पास कुर्सी नहीं थी. चौधरी ने कहा था कि मैं जेल चला गया लोग सोचते हैं कि मैंने पैसा खाया. कोई उम्मीद नहीं थी रहमान डकैत की लेकिन एक कॉल ट्रेस हुई थी और रहमान डकैत मिल गया था. ढेर सारी कहानियां चलती हैं कि ईरान से लौट रहा था, उसकी रास्ते में दुश्मनी हो गई उन लोगों ने तोहफा दे दिया था. असलम को डायरिया हुआ था, एक खबर आई असलम ने कहा मेरा बैग पैक करो मुझे कहीं जाना है, मेरे कान में कहा मेरे लिए दुआ करना. असलम ने कहा मुझे कॉल मत करना जब तब मैं कॉल न करूं. 5 दिन बाद असलम ने कॉल किया कहा मेरे बर्दाश्त से बाहर हो गया है वो जंगल था वहां खाना नहीं मिलता था, मेरे तबीयत ठीक नहीं है. असलम ने अपने सुरक्षा गार्ड को कहा गाड़ी आएगी तो तुम सामने खड़े हो जाना, सुरक्षा गार्ड जैसे ही गाड़ी के सामने आया रहमान के बंदों ने पहचाना और फायरिंग करने लगे. असलम मैदान में कूद गया उसके साथ 5 बंदे थे, असलम ने बोला फायर खोल दो , फायरिंग हुई रहमान घायल हुआ. रहमान की बॉडी जब जिन्ना हॉस्पिटल में थी वहां बहुत भीड़ थी दुनिया भर के लोग थे ल्यारी के सारे लोग आए हुए थे.ल्यारी की भीड़ ने रहमान डकैत की बॉडी छीन ली, असलम जूनियर्स थे उनसे. असलम ने ल्यारी के लोगों से बॉडी छीनी और बोला बॉडी पोस्टमार्टम हाउस जाएगी आपको बॉडी कल मिलेगी.ल्यारी माफियाओं का अड्डा था इसलिए बनाया गया था ल्यारी टास्क फोर्स, सिर्फ रहमान नहीं था, अरशद पप्पू था, गफूर दादा अलग अलग ग्रुप थे.

रहमान एक बार मेरे घर के बाहर आया था, मैंने तो नहीं देखा था मेरे बच्चों ने देखा था. मुझे कॉल भी किया था एक बार जब असलम साहब जेल में थे तब. रहमान डकैत ने मुझे रात 10 बजे कॉल किया था कि माना कि बहुत दिलेर लेडी हैं आप. मैंने कहा कि फिर मानो कि मैं एक शेर की शेरनी हूं, मैंने कहा आप कौन हैं उसने कहा मुझे खान बोलते हैं. मैंने असलम को कॉल किया कि ये खान कौन है, असलम ने कहा क्या हुआ, मैने कहा उसने कॉल किया था.

चौधरी असलम ने रहमान डकैत को पाकिस्तान क्वेटा से पहली बार गिरफ्तार किया था, तब रहमान ने असलम से कहा था कि सुना है कि बड़ा मर्द आदमी है मैं तेरे साथ एक बाइट खाना चाहता हूं, सुबह का नाश्ता. असलम ने कहा था ख्वाहिशें तो मै सारी पूरी करूंगा. रहमान ने कहा था मुझे पता है अभी आप मुझे मार दोगे, असलम ने कहा नहीं तो. बाद में गिरफ्तार करके कराची लाए, 2 महीने जेल में रखा, असलम रहमान की फैमिली से भी रहमान को मिलवाता था. बाद में चौधरी खुद जेल में चल गया था उधर रहमान जेल से बाहर आ गया था.

नूरीन ने बताया कि मुझे असलम ने गोली चलाने की ट्रेनिंग दी थी. मैं 9 MM, ग्लॉक पिस्टल चला लेती हूं पुलिस जो हथियार चलाती है वो सब चलाने की ट्रेनिंग दी. मैंने असलम को कहा था क्या हुआ मुझे फूलन देवी बनायेंगे आप, उसने कहा नहीं कभी वक्त पड़ा जो आप पे गोली चलाए तो जवाब आपको देना है.असलम KPK मानशेरा से आगे एक गांव है डोंडियाल वहां के रहने वाले थे. मैं एबटाबाद में एक गांव की रहने वाली हूं. असलम चौधरी मेरा कजिन था, मेरे मामू का बेटा, शादी मुझे कभी पसंद नहीं थी पुलिस और डॉक्टर से मैंने मना किया, मेरी मां के आंसू काम आए और शादी हुई.

TTP का कराची में नेटवर्क तोड़ने वाले ही चौधरी असलम थे. TTP ने तो खुद कहा था कि हमने मारा चौधरी असलम को. TTP कमांडर ने चौधरी को फोन करके बोला था तू दिलेर है हमारे रास्ते से हट जाओ, चौधरी ने 20 मिनट गालियां दी थीं. कोई प्राइम मिनिस्टर भी TTP को गाली देके दिखाए तो मैं मान जाऊं.

रहमान अगर बेनजीर और जरदारी परिवार का करीबी था. सब कुछ था तो सिंध हुकूमत ने 50 लाख हेड मनी क्यों रखी थी. वो तो रहमान डकैत को बचा सकती थी. अगर उनके रिश्ते अच्छे थे तो. उधर तो 10 ग्रुप काम करते थे, साल 67 की बात है, हाजी लालू से शुरू हुआ केस. ल्यारी जरदारी परिवार की 40 से 45 साल से सीट है, अभी भी है. लेकिन उन लोगों ने ही ऑपरेशन चलवाया.

ENTERTAINMENT : क्या ससुराल वालों की वजह से ‘तारक मेहता’ में ‘दयाबेन’ नहीं कर रहीं कमबैक? जेनिफर मिस्त्री ने बता दिया सच

तारक मेहता का उल्टा चश्मा सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है. लेकिन, देयाबेन की कमी दर्शकों को बहुत खलती है. ऐसे में जेनिफर मिस्त्री ने दिशा वकानी के ससुरालवालों को लेकर बड़ा खुलासा किया है.तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो में मिसेज सोढ़ी की भूमिका निभाकर पॉपुलैरिटी हासिल करने वाली जेनिफर मिस्त्री ने हाल ही में शो में दिशा वकानी की वापसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. जेनिफर ने लेटेस्ट इंटरव्यू में क्लियर कर दिया है कि दिशा वकानी अब तारक मेहता शो में वापसी नहीं करेंगी.

मालूम हो जेनिफर अब खुद ही तारक मेहता में नजर नहीं आती हैं. उन्होंने 15 साल तक इस शो में काम किया था और 2023 में इसे अलविदा कह दिया था. शो को छोड़ने के बाद जेनिफर ने असित मोदी के खिलाफ काफी कुछ कहा था.अब बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में दिशा वकानी की वापसी पर जेनिफर मिस्त्री ने काफी कुछ कहा है.

जेनिफर ने कहा,’वो तो मार्केटिंग स्ट्रैटिजी है ना, लोगों को कैसे इंगेज करके रखा जाएगा. हाइप कैसे बनाया जाएगा. जब मैं शो थी, तब की बात बता रही हूं कि एक लड़की थी, उसका ऑडिशन लेते थे. वो दिल्ली से आती थी. उसे दो साल तक दयाके रोल के लिए ब्लॉक करके रखा कि करेंगे,करेंगे. उसका हमारे साथ मॉक शूट भी हुआ था.100 प्रतिशनत दया है वो.अगर हम सामने उसकी शक्ल न देखें तो कोई कह नहीं सकता कि वो दया नहीं है. लेकिन वो 27-28 साल की थी, तो वही इशू था. वो दिलीप जी के सामने एकदम छोटी लगती.उस वजह से उसको शो में नहीं लाए.’

जेनिफर मिस्त्री ने इस बारे में बात करते हुए कहा, दिशा बेशक अब शो में नहीं आने वालीं, पर बीच में वो कमबैक कर रही थीं. साल 2021 की ये बात है. तब दिशा वकानी एक दिन बाद ही शूट शुरू करने वाली थीं.वो ड्रेस वगैरा ट्राई करके गई थीं, पर अचानक ही सब पलट गया और दिशा नहीं आईं.’

एक्ट्रेस ने आगे कहा,’अब दिशा शो में नहीं आएंगी. वो तो उनकी मार्केटिंग स्ट्रैटिजी चलती रहेगी फोटो डालके. जेनिफर ने आगे कहा कि दिशा वकानी के ससुरालवालों की तरफ से कुछ लिमिटेशंस थे.वो नहीं चाहते थे कि दिशा देर रात शूट करे या ज्यादा घंटे शूट करे.लेकिन, इसके लिए मेकर्स बिल्कुल भी नहीं माने.’

जेनिफर ने कहा,’उन्होंने और सोनालिका जोशी ने असित मोदी से कहा था कि दिशा वकानी के घर जाकर शूट कर सकते हैं, पर वो नहीं माने.’ जेनिफर ने आगे बताया,’हमने जो सुना है कि उसकी फैमिली की तरफ से थोड़े रिजर्वेशंस थे, जैसे कि लेट शूट नहीं करेंगी, नाइट शूट नहीं करेंगी, ज्यादा घंटे नहीं शूट करेगी,तो थोड़ा बहुत किया जा सकता है,पर इतना भी कैसे करें.

NATIONAL : महिला का दावा- ट्रेन के खाने से हो गई एलर्जी, सूज गए होंठ! IRCTC ने दी ये सफाई

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देश की सबसे मॉडर्न ट्रेन कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब खाने को लेकर सवालों में है. रांची की एक महिला ने दावा किया है कि ट्रेन का खाना उनके लिए खतरनाक साबित हुआ. तस्वीरें और मेडिकल पर्ची सामने आने के बाद मामला गरमा गया है. वहीं IRCTC ने सफाई दी है कि सब कुछ ठीक था. अब सवाल यही है कि सच्चाई क्या है?

देश की सबसे मॉडर्न ट्रेन कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब खाने को लेकर सवालों में है. रांची की एक महिला ने दावा किया है कि ट्रेन का खाना उनके लिए खतरनाक साबित हुआ. तस्वीरें और मेडिकल पर्ची सामने आने के बाद मामला गरमा गया है. वहीं IRCTC ने सफाई दी है कि सब कुछ ठीक था. अब सवाल यही है कि सच्चाई क्या है?

वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे आराम और सुविधा के लिए जाना जाता है, अब खाने की वजह से विवाद में घिर गई है. रांची की रहने वाली आयुषी सिंह ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में परोसा गया खाना उनके लिए परेशानी का कारण बन गया.आयुषी के अनुसार, 27 मार्च को वह ट्रेन नंबर 22500 के कोच E1 में सफर कर रही थीं. इसी दौरान उन्होंने ट्रेन में दिया गया खाना खाया. उनका दावा है कि खाना खाने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत खराब हो गई.उन्होंने बताया कि उन्हें तेज एलर्जी हो गई, जबकि उनके 2 साल के बेटे को डायरिया हो गया. इस घटना ने उनके सफर को बेहद मुश्किल बना दिया.

महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें और डॉक्टर की पर्ची भी शेयर की है. तस्वीरों में उनके होंठ काफी सूजे हुए नजर आ रहे हैं.उन्होंने बताया कि यह एलर्जी काफी गंभीर थी और समय पर इलाज नहीं मिलता तो हालत और बिगड़ सकती थी. साथ ही उन्होंने खाने की क्वालिटी को बेहद खराब बताया और स्टाफ के रवैये पर भी सवाल उठाए.आयुषी ने सिर्फ खाने ही नहीं, बल्कि ट्रेन में दिए गए पानी पर भी शक जताया. उनका कहना है कि पानी का स्वाद अलग था, जिससे उन्हें साफ-सफाई को लेकर चिंता हुई.

इस मामले पर रेलवे की कैटरिंग सेवा देने वाली संस्था IRCTC ने सफाई दी है. उनके मुताबिक, उसी दिन दिए गए खाने की जांच की गई थी और सब कुछ संतोषजनक पाया गया.IRCTC का कहना है कि उस दिन किसी अन्य यात्री ने खाने की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत नहीं की. सफाई के बाद भी आयुषी संतुष्ट नहीं दिखीं. उन्होंने कहा कि भले ही किसी और को परेशानी नहीं हुई हो, लेकिन वह और उनका बेटा इससे प्रभावित हुए हैं. इसके बाद IRCTC ने उनसे डायरेक्ट मैसेज के जरिए पूरी जानकारी मांगी और मामले की जांच का भरोसा दिया है.

अब इस मामले में एक तरफ यात्री का अनुभव है, तो दूसरी तरफ रेलवे का दावा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सच क्या है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है.

PATNA : पटना में महिला के साथ गैंगरेप, कोल्ड ड्रिंक में मिलाया नशीला पदार्थ, 3 आरोपी गिरफ्तार

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पटना के पुनपुन इलाके में एक महिला के साथ नौकरी देने का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया. यह घटना पुनपुन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध करने से पहले एक कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था.पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है. स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) बेबी कुमारी ने बताया कि घटना की जानकारी सोमवार रात करीब 11.00 बजे अलावलपुर गांव से मिली थी. शिकायत की पुष्टि करने और पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची.

बताया जाता है कि बेउर जेल के पास कुक का काम करने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों में से एक, रमेश चौधरी ने उसे घर में काम वाली बाई को नौकरी दिलाने के बहाने एक ऑटो-रिक्शा भेजकर पुनपुन बुलाया था. रात 9.00 बजे से 10.00 बजे के बीच पुनपुन घाट के पास उसने अपने साथियों, कुंदन कुमार उर्फ ​​कुणाल और सागर कुमार उर्फ ​​सरदार के साथ मिलकर कथित तौर पर इस अपराध को अंजाम दिया.

पुलिस ने बताया कि महिला को नशे की दवा मिला हुआ पेय दिया गया, जिसके बाद आरोपियों ने ऑटो-रिक्शा के अंदर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. घटना के बाद आरोपी पीड़िता को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए. इसके बाद पीड़िता ने इमरजेंसी हेल्पलाइन (112) पर संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.

तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों (रमेश चौधरी, कुंदन कुमार उर्फ ​​कुणाल और सागर कुमार उर्फ ​​सरदार) को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में शामिल ऑटो-रिक्शा चालक को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है.

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है, और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच चल रही है.

पुनपुन पुलिस स्टेशन की एसएचओ बेबी कुमारी ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की एक घटना सामने आई है. पीड़िता के बयान के आधार पर, तीनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने नौकरी दिलाने के बहाने उसे बुलाया था, जिसके बाद इस अपराध को अंजाम दिया गया. मामले की जांच चल रही है.

Gold Silver Price Today: सोने की चमक बढ़ी, चांदी हुई सस्ती; जानिए आपके शहर में किस रेट पर बिक रहा सोना…

घरेलू फ्यूचर मार्केट में 1 अप्रैल को सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सोने में जहां मजबूती है वहीं, चांदी फिसल गई है. आइए जानते हैं आपके शहर में सोना-चांदी का ताजा भाव…

घरेलू फ्यूचर मार्केट में बुधवार, 1 अप्रैल को सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सोने में जहां मजबूती है वहीं, चांदी फिसल गई है. खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 588 रुपये की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था.

एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा 1,51,427 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,50,761 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

सुबह करीब 10:05 बजे, गोल्ड वायदा 0.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,349 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,51,870 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोना-चांदी का ताजा भाव क्या है….

चांदी की कीमत

एमसीएक्स पर 5 मई 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 0.71 फीसदी या करीब 1,699 रुपये की गिरावट के साथ 2,39,193 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,39,257 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,40,612 रुपये था.

दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,550 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 25,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,650 रुपये चल रही है.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,630 रुपए
22 कैरेट – 1,39,000 रुपए
18 कैरेट – 1,13,760 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,480 रुपए
22 कैरेट – 1,38,850 रुपए
18 कैरेट – 1,13,610 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,53,270 रुपए
22 कैरेट – 1,40,500 रुपए
18 कैरेट – 1,17,100 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,480 रुपए
22 कैरेट – 1,38,850 रुपए
18 कैरेट – 1,13,610 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,530 रुपए
22 कैरेट – 1,38,900 रुपए
18 कैरेट – 1,13,660 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,630 रुपए
22 कैरेट – 1,39,000 रुपए
18 कैरेट – 1,13,760 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,530 रुपए
22 कैरेट – 1,38,900 रुपए
18 कैरेट – 1,13,660 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,51,480 रुपए
22 कैरेट – 1,38,850 रुपए
18 कैरेट – 1,13,610 रुपए

मिडिल ईस्ट तनाव पर ट्रंप का बड़ा बयान

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव ज्यादा समय तक नहीं रहेगा और जल्द ही हालात सामान्य हो सकते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर अमेरिकी सैनिक ईरान से वापस आ सकते हैं. इस बयान के बाद सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है.

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