Monday, July 6, 2026
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BUSINESS : 4 साल बाद $60 के नीचे आया कच्चा तेल, क्या अब घटेगा पेट्रोल-डीज का रेट?

Crude Oil Price- भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88% हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली मामूली गिरावट भी देश के खजाने पर बड़ा सकारात्मक असर डालती है. भारत द्वारा आयातीत कच्‍चे तेल की औसत कीमत में कमी तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल के दाम का रेट कम करने का मौका दे रही है.

नई दिल्‍ली. भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की औसत लागत कई वर्षों के अंतराल के बाद 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई है. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में अब तक भारतीय कच्चे तेल बास्केट’ (Indian Crude Oil Basket) का औसत रेट 59.92 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. फरवरी 2021 के बाद यह पहला मौका है जब तेल की कीमतें इस स्तर तक नीचे आई हैं. दिसंबर 2025 में यह औसत 62.2 डॉलर प्रति बैरल था. वैश्विक बाजार में आपूर्ति की अधिकता और मांग में नरमी के चलते यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है. कच्‍चे तेल के सस्‍ते होने से आने वाले समय में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत कम होने की संभावनाए बनती हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस कमी को केवल एक अस्थायी गिरावट के रूप में नहीं देखा जा रहा है. एसबीआई रिसर्च (SBI Research) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौजूदा रुझान संकेत दे रहे हैं कि भारतीय बास्केट में अभी और नरमी आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 तक कच्चे तेल की कीमतें 50 डॉलर प्रति बैरल या उससे भी नीचे जा सकती हैं. वहीं, कुछ बाजार जानकारों का कहना है कि मार्च 2026 तक ही कीमतें घटकर 53.31 डॉलर प्रति बैरल तक आने की प्रबल संभावना है. यदि ऐसा होता है तो तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बड़ी कटौती कर सकती हैं.

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88% हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली मामूली गिरावट भी देश के खजाने पर बड़ा सकारात्मक असर डालती है. आंकड़ों के गणित को समझें तो कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल महज 1 डॉलर की गिरावट होने से भारत के वार्षिक तेल आयात खर्च में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की बचत होती है.

पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में भारत ने तेल आयात पर 161 अरब डॉलर खर्च किए थे. हालांकि, चालू वित्त वर्ष में रूस से मिलने वाली छूट और वैश्विक कीमतों में कमी के कारण नवंबर तक यह बिल घटकर 80.9 अरब डॉलर रह गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 92 अरब डॉलर था. यह बचत सरकार को राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) कम करने और बुनियादी ढांचे के विकास में अधिक निवेश करने की सुविधा प्रदान करती है.

क्‍यों गिर रही है कच्‍चे तेल की कीमत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मांग के मुकाबले आपूर्ति का अधिक होना है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति, मांग से लगभग 38.5 लाख बैरल प्रतिदिन (BPD) अधिक होगी. यह अतिरिक्त आपूर्ति वैश्विक मांग का लगभग 4% है, जो कीमतों पर भारी दबाव बनाए रखेगी.

हालांकि, वर्तमान में वेनेजुएला के राजनीतिक हालात और अन्य भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं, लेकिन लंबी अवधि का नजरिया मंदी की ओर ही इशारा कर रहा है. वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 62 डॉलर और अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) 58 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहे हैं.

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब ने भी बाजार की बदलती परिस्थितियों को भांप लिया है. सऊदी अरब ने लगातार तीसरे महीने एशियाई खरीदारों के लिए अपने कच्चे तेल की कीमतों में कटौती की है. फरवरी लोडिंग के लिए उनके प्रमुख ‘अरब लाइट क्रूड’ की कीमत में कमी की गई है, जो इस बात का संकेत है कि सऊदी अरब को एशियाई देशों में तेल की मांग कमजोर होने की आशंका है. विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब द्वारा कीमतों में की गई यह कटौती भारतीय रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन उत्पादन की लागत कम होगी.

बाजार विश्लेषकों ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा किया है. वैश्विक मानक ब्रेंट (Brent) और अमेरिकी बेंचमार्क WTI के बीच मूल्य का अंतर घटकर अब केवल 4 डॉलर प्रति बैरल रह गया है. आमतौर पर अमेरिका में लॉजिस्टिक्स और पाइपलाइन क्षमता की कमी के कारण WTI की कीमतें काफी कम रहती थीं, जिससे अमेरिकी तेल खरीदना फायदेमंद होता था. इक्रा (ICRA) लिमिटेड के विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों का यह अंतर कम होने से अमेरिकी कच्चे तेल की प्रतिस्पर्धात्मकता घट सकती है. चूंकि अब अमेरिकी तेल की कीमत अन्य प्रतिस्पर्धियों के करीब पहुंच गई है, इसलिए ऊंची परिवहन लागत (Logistics Cost) के कारण भारतीय रिफाइनरियां अमेरिकी तेल के बजाय मध्य-पूर्व या अन्य क्षेत्रों से तेल खरीदना पसंद कर सकती हैं.

Womens T20 WC 2026: फाइनल की दोनों टीमें तय, 7वें खिताब की तलाश में ऑस्ट्रेलिया; इंग्लैंड की नजर दूसरे ताज पर

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Womens T20 World Cup 2026 Final: महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल की तस्वीर साफ हो गई है। पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज और दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब दोनों टीमें पांच जुलाई को लॉर्ड्स में आमने-सामने होंगी।

महिला टी20 विश्व कप 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट को दोनों फाइनलिस्ट मिल चुके हैं। पहले सेमीफाइनल में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। अब दोनों टीमें पांच जुलाई (रविवार) को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर आमने-सामने होंगी। ऑस्ट्रेलिया की नजर रिकॉर्ड सातवें महिला टी20 विश्व कप खिताब पर होगी, जबकि इंग्लैंड की टीम 2009 के बाद दूसरी बार विश्व विजेता बनने के इरादे से उतरेगी।

पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को एकतरफा अंदाज में हराया
टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज ने कप्तान हेली मैथ्यूज (30) की पारी की मदद से संभली हुई शुरुआत की, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। जॉर्जिया वेरहम, सोफी मोलिन्यूक्स और एश्ले गार्डनर ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज को 20 ओवर में 125 रन पर रोक दिया।

126 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती दो झटके जरूर लगे, लेकिन अनुभवी सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 36 गेंदों पर नाबाद 61 रन की शानदार पारी खेली और टीम को सिर्फ 13 ओवर में दो विकेट खोकर जीत दिला दी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली और अब उसकी नजर रिकॉर्ड सातवें खिताब पर है।


दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराया
दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 35 रन के स्कोर तक तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नेट शीवर-ब्रंट और अनुभवी बल्लेबाज हीदर नाइट ने पारी को संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 133 रन की शानदार साझेदारी की, जो महिला टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों के इतिहास की सबसे बड़ी चौथे विकेट की साझेदारी है। नेट शीवर-ब्रंट और हीदर नाइट दोनों ने अर्धशतक जड़े और इंग्लैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 169 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। ताजमिन ब्रिट्स ने अर्धशतक लगाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई बड़ा साथ नहीं मिला। पूरी टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 129 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर टीम को 40 रन की शानदार जीत दिलाई।
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पांच जुलाई को लॉर्ड्स में होगा महामुकाबला
अब महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल पांच जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स में खेला जाएगा। यह मुकाबला महिला क्रिकेट की दो सबसे मजबूत टीमों के बीच होगा। ऑस्ट्रेलिया पिछले एक दशक से इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम रही है, जबकि इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों और दर्शकों के समर्थन का फायदा उठाकर 17 साल बाद ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा।

ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड, सातवें खिताब से सिर्फ एक जीत दूर
महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। टीम अब तक सात बार फाइनल खेल चुकी है और छह बार चैंपियन बनी है।
ऑस्ट्रेलिया का फाइनल रिकॉर्ड
2010 – चैंपियन
2012 – चैंपियन
2014 – चैंपियन
2016 – उपविजेता
2018 – चैंपियन
2020 – चैंपियन
2023 – चैंपियन
2026 – फाइनल
अगर ऑस्ट्रेलिया इस बार भी खिताब जीतता है तो वह महिला टी20 विश्व कप में अपना रिकॉर्ड सातवां खिताब जीत लेगा।
इंग्लैंड का रिकॉर्ड, दूसरी ट्रॉफी की तलाश
इंग्लैंड महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में लगातार मजबूत टीमों में शामिल रहा है, लेकिन टीम अब तक सिर्फ एक बार ही चैंपियन बन सकी है।
2009 – चैंपियन
2010 – ग्रुप स्टेज
2012 – उपविजेता
2014 – उपविजेता
2016 – सेमीफाइनल
2018 – उपविजेता
2020 – सेमीफाइनल
2023 – सेमीफाइनल
2024 – ग्रुप स्टेज
2026 – फाइनल
यानी इंग्लैंड पांचवीं बार महिला टी20 विश्व कप का फाइनल खेलेगा, लेकिन उसकी नजर 2009 के बाद दूसरे खिताब पर होगी।
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SPORTS : उलटफेर का शिकार हुई नेमार की ब्राजील टीम, हालंद के दो गोल से नॉर्वे क्वार्टर फाइनल में

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नॉर्वे ने फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में ब्राजील को 1-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। एर्लिंग हालंद ने दो गोल दागे, जबकि ब्राजील के लिए नेमार जूनियर ने इंजरी टाइम में पेनल्टी पर एकमात्र गोल किया।

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 1-2 से हराकर पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद ने 79वें और 90वें मिनट में दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। ब्राजील के लिए नेमार जूनियर ने इंजरी टाइम (90+10′) में पेनल्टी पर एकमात्र गोल किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

हालंद के दो गोल ने बदली मैच की तस्वीर
न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन 79वें मिनट में एर्लिंग हालंद ने शानदार हेडर के जरिए नॉर्वे को 0-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 90वें मिनट में हालंद ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 0-2 कर दिया और ब्राजील की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।

ब्राजील को मिला मौका, लेकिन नहीं बदल सकी नतीजा
मैच के अंतिम क्षणों में ब्राजील को 90+10वें मिनट में पेनल्टी मिली। नेमार जूनियर ने इसे गोल में बदलते हुए स्कोर 1-2 कर दिया, लेकिन यह गोल केवल हार का अंतर कम कर सका। अंतिम सीटी बजते ही नॉर्वे ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

पहले हाफ में ब्राजील ने गंवाया सुनहरा मौका
पहले हाफ में ब्राजील के पास बढ़त बनाने का बेहतरीन अवसर था। क्रिस्टोफर एजर द्वारा मैथियस कुन्हा पर किए गए फाउल के बाद वीएआर समीक्षा के जरिए ब्राजील को पेनल्टी मिली। हालांकि, ब्रूनो गुइमारेस का शॉट नॉर्वे के अनुभवी गोलकीपर ओर्जन नायलैंड ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया। नायलैंड ने इसके बाद भी गेब्रियल मार्टिनेली, विनीसियस जूनियर, रयान और ब्रूनो गुइमारेस के प्रयासों को विफल कर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

एंड्रिक भी नहीं दिला सके बढ़त
दूसरे हाफ में ब्राजील के युवा खिलाड़ी एंड्रिक को मैदान पर उतारा गया। मैदान में आने के महज 52 सेकंड बाद उन्हें गोल करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन खराब फर्स्ट टच के कारण वह इसे गोल में नहीं बदल सके। इसके बाद नॉर्वे ने लगातार दबाव बनाया और हालंद ने दो गोल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

गोल्डन बूट की दौड़ में हालंद
इस मुकाबले में दो गोल करने के साथ एर्लिंग हालंद के फीफा विश्व कप 2026 में कुल सात गोल हो गए हैं। वह अब टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोररों की सूची में किलियन एम्बाप्पे और लियोनेल मेसी के बराबर पहुंच गए हैं। गोल्डन बूट की दौड़ अब और भी रोमांचक हो गई है।

WEATHER : मुंबई की जानलेवा बारिश: कहीं गिरी चॉल, कहीं पेड़ तो कहीं ग्रिल; हादसों में आठ की मौत, बरसात ने बरपाया कहर

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मुंबई में जारी भीषण बारिश कहर बरपा रही है। मुंबई में रविवार को हुई भारी बारिश के बीच मानखुर्द इलाके में एक चॉल का हिस्सा ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। वहीं, पेड़ गिरने की एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। इतना ही नहीं, फुटपाथ पर एक इमारत पर लगी ग्रिल गिरने से भी एक शख्स की मौत हो गई।

रविवार की सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक दक्षिण मुंबई में 51 मिमी, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 72 मिमी और 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शाम के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ गई और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। वहीं, खराब मौसम के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन भी एक घंटे के लिए रोकना पड़ा।

मुंबई में भरभराकर गिरी चॉल, छह की मौत

मुंबई में रविवार रात भारी बारिश के बीच मानखुर्द इलाके में एक तीन मंजिला चॉल ढह गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में एक और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत कई एजेंसियों की टीमों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि चार महिलाओं और एक पुरुष को शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य पुरुष को राजावाड़ी अस्पताल में मृत घोषित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा रात करीब 8:30 बजे मंडाला इलाके में हनुमान मंदिर के पीछे जनता नगर स्थित चॉल नंबर-5 में हुआ।

शख्स पर गिरी ग्रिल

नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के असिस्टेंट कमिश्नर सहदेव येडवे ने बताया, “रविवार शाम करीब 6:30 बजे, दीवार के साथ लगी एक ग्रिल फुटपाथ पर गिर गई। वहां से गुजर रहा एक युवक इसकी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। इस बिल्डिंग के स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए 2025 का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन मालिक ने उसे नजरअंदाज कर दिया।”

पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत

एक सप्ताह के भीतर पेड़ गिरने की तीसरी बड़ी घटना में रविवार को कुर्ला इलाके में भारी बारिश के दौरान एक दुकान पर पेड़ गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंदावाला की मौत हो गई। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर करीब 12:40 बजे कुर्ला पश्चिम के नौपाड़ा इलाके में हिंदी बीएमसी स्कूल के पास हुआ। उन्हें मलबे से निकालकर फौजिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शनिवार को गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलोनी क्षेत्र में मोटरसाइकिल चला रहे 18 वर्षीय युवक की पेड़ की शाखा गिरने से मौत हो गई थी। इससे पहले 30 जून को चेंबूर में चलती स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के दौरान लगातार बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश तथा 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। बीएमसी ने बताया कि उसे पेड़ या शाखाएं गिरने की 203 शिकायतें, शॉर्ट सर्किट की आठ घटनाएं और मकान या दीवार गिरने की 15 शिकायतें मिलीं।

NATIONAL : देशभर में मानसून की रफ्तार, मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद; दिल्ली-यूपी-बिहार समेत कई राज्यों के लिए अलर्ट

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देशभर में मानसून सक्रिय है, मुंबई में भारी बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और दिल्ली सहित कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में मानसून ने जोर पकड़ रहा है। लिहाजा मौसम विभाग ने मुंबई और उससे सटे रायगढ़ जिले के लिए भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया है। केरल, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में भी अलर्ट जारी किए गए हैं। विभाग ने इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई है।

रविवार को दिल्ली में भी वर्षा हुई जिससे लोगों को उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली के लिए भी विभाग ने सोमवार को आरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और तीव्र होकर गहरे कम दबाव का क्षेत्र में बदल गया है, जिसके कारण राज्य ने अपने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। विभाग का कहना है कि इस सिस्टम के अगले 24 घंटे में उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है और इससे पूरे पूर्वी भारत में भारी वर्षा हो सकती है।

विभाग ने संबलपुर, अंगुल, बौध, सोनपुर और कंधमाल में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए आरेंज और यलो अलर्ट जारी किए गए हैं।

मछुआरों को सात जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। पड़ोसी राज्य बंगाल में भी बड़े पैमाने पर वर्षा की उम्मीद है। रविवार को केरल के अधिकांश हिस्सों में जमकर वर्षा हुई।

मौसम विभाग ने छह जुलाई को कन्नूर व कासरगौड़ के लिए और सात जुलाई को कोझिकोड, कन्नूर व कासरगौड़ के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया। हालांकि कई उत्तरी जिलों के लिए यलो अलर्ट लागू रहा।

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होती रही। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों में गरज-चमक के साथ वर्षा का अनुमान है।

झारखंड में मौसम विभाग ने छह से नौ जुलाई तक सभी 24 जिलों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि आसमान में बादल छाए रहने और राज्यभर में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

कुछ जगहों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। सोमवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और रांची में भारी वर्षा की संभावना है।

बई में उड़ानें प्रभावित, आज स्कूल-कालेज बंद
मुंबई में मौसम विभाग के आरेंज अलर्ट के मद्देनजर सोमवार को सभी सरकारी एवं निजी स्कूल-कालेजों में अवकाश घोषित किया गया है। बीएमसी ने मुंबईवासियों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें। रातभर हुई भारी बारिश के कारण रविवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे का संचालन एक घंटे के लिए रोकना पड़ा।

इससे कई उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को प्रस्थान में औसतन 75 मिनट और आगमन में 28 मिनट की देरी का सामना करना पड़ा। इंडिगो की चार उड़ानें रद कर दी गईं, जबकि 13 उड़ानों को नजदीकी हवाई अड्डों को डायवर्ट करना पड़ा, बाद में उन्हें मुंबई लाया गया।

देश की आर्थिक राजधानी के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों में 200 से 300 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। मरीन ड्राइव व गेटवे आफ इंडिया के पास ऊंची लहरें देखी गईं। भारी वर्षा के कारण जल-भराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। मुंबई के कुर्ला में एक दुकान पर पेड़ गिरने से एक 63 वर्षीय व्यक्ति यूनुस कुंडावाला की मौत हो गई।

शनिवार दोपहर गोरेगांव ईस्ट में बाइक पर पेड़ गिरने से एक 18 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। इससे पहले अंधेरी पूर्व के साकीनाका इलाके में एक 55 वर्षीय व्यक्ति असलम इसाक शेख की खुले मैनहोल में गिरकर मौत हो गई थी। नवी मुंबई में एक इमारत दूसरी मंजिल की बालकनी से कंक्रीट स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं घायल हो गईं।

नवी मुंबई के चिरनेर गांव में भारी जलभराव की खबर है; स्थानीय लोगों का दावा किया कि उन्होंने शनिवार को 12 सांपों को मार डाला। भिवंडी शहर में एक 17 वर्षीय किशोर की उफनती कामवारी नदी में डूबकर मौत हो गई। उसके शव की तलाश जारी है।

NATIONAL : पंडवानी की अमर आवाज थमी: पद्म विभूषण तीजन बाई पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राष्ट्र ने दी अंतिम विदाई।

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पद्म विभूषण तीजन बाई को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का शनिवार देर रात रायपुर एम्स में निधन हो गया। 70 वर्षीय तीजन बाई लंबे समय से अस्वस्थ थीं और पिछले कई सप्ताह से विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचाररत थीं। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गनियारी गांव पहुंचा,पूरे राजकीय सम्मान धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

पंडवानी की अमर आवाज थमी: पद्म विभूषण तीजन बाई पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राष्ट्र ने दी अंतिम विदाई।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की सबसे बुलंद पहचान, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई अब केवल स्मृतियों और अपनी अमर कला के माध्यम से जीवित रहेंगी। रविवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में राजकीय सम्मान, गार्ड ऑफ ऑनर और हजारों लोगों की नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन के साथ भारतीय लोककला के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हुआ, लेकिन उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर बनकर सदैव गूंजती रहेगी।

लोक संस्कृति की सबसे बड़ी आवाज हमेशा के लिए खामोश
पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का शनिवार देर रात रायपुर एम्स में निधन हो गया। 70 वर्षीय तीजन बाई लंबे समय से अस्वस्थ थीं और पिछले कई सप्ताह से विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचाररत थीं। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गनियारी गांव पहुंचा, जहां पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

गनियारी गांव में सुबह से ही हजारों लोग अपने प्रिय लोक कलाकार की अंतिम झलक पाने के लिए जुटने लगे। आसपास के गांवों, सांस्कृतिक संस्थाओं, कलाकारों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की भारी भीड़ ने तीजन बाई को नम आंखों से विदाई दी। पूरे गांव में शोक का वातावरण था और “तीजन बाई अमर रहें” के स्वर लगातार गूंजते रहे।

तीजन बाई के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लपेटकर अंतिम यात्रा निकाली गई। पुलिस बल ने पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सलामी के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि दी। यह सम्मान केवल एक कलाकार को नहीं, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति की उस विरासत को था जिसने विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।

रायपुर एम्स से पार्थिव शरीर को रवाना करते समय चिकित्सकों, अस्पताल कर्मचारियों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि दी। गनियारी पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने फूल बरसाकर अपनी प्रिय कलाकार को अंतिम प्रणाम किया।

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प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के निधन को भारतीय लोक संस्कृति की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उनकी आवाज में बसती थी और उनका जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।

तीजन बाई का निधन लोककला जगत के लिए अपूरणीय क्षति:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका, पद्मश्री एवं पद्म विभूषण सम्मानित तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई का निधन न केवल लोककला जगत, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साझा की भावुक स्मृतियां
गनियारी पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छात्र जीवन में वे साइकिल चलाकर तीजन बाई की पंडवानी सुनने जाया करते थे। उन्होंने कहा कि तीजन बाई केवल कलाकार नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान थीं। उनकी कला ने प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक डोमलाल कोर्सेवाड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि तीजन बाई का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।

लोक कलाकारों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी को केवल कला नहीं रहने दिया बल्कि उसे वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप दिया। उनके अभिनय, गायन और कथावाचन की शैली आने वाली पीढ़ियों के लिए विश्वविद्यालय की तरह रहेगी। उन्होंने संघर्ष को सम्मान में बदलने का इतिहास लिखा।

अलीम बंसी ने भावुक होकर कहा कि बेटे के निधन के बाद तीजन बाई ने उन्हें अपना बेटा माना था। उन्होंने बताया कि तीजन बाई हमेशा कहती थीं कि कभी भी किसी दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर मत चलना। यह सीख आज भी उनके जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शन है।

महज 13 वर्ष की आयु में तीजन बाई ने पहला सार्वजनिक मंच संभाला। उस दौर में महिलाएं बैठकर वेदमती शैली में पंडवानी गाती थीं, लेकिन उन्होंने परंपरा तोड़ते हुए पुरुषों की कापालिक शैली अपनाई। इसके बाद पंडवानी का इतिहास ही बदल गया।

24 अप्रैल 1956 को गनियारी में जन्मी तीजन बाई को महाभारत सुनाने की प्रेरणा उनके नाना ब्रजलाल से मिली। समाज के विरोध, आर्थिक तंगी और बहिष्कार के बावजूद उन्होंने अपनी कला नहीं छोड़ी। यही संघर्ष उन्हें विश्व मंच तक ले गया।

तीजन बाई औपचारिक शिक्षा से वंचित रहीं, लेकिन उनकी कला ने उन्हें देश-विदेश के विश्वविद्यालयों तक पहुंचाया। उन्हें चार बार डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट.) की मानद उपाधि प्रदान की गई।

पद्मश्री से पद्म विभूषण तक सम्मान का स्वर्णिम सफर
भारतीय लोककला में अप्रतिम योगदान के लिए तीजन बाई को पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके नाम अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान दर्ज हैं, जिन्होंने पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाई।

रायपुर एम्स में भर्ती रहने के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद प्रशासन ने पूरे राजकीय सम्मान की तैयारी की। पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया। पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम यात्रा में प्रशासन, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, साहित्यकार, रंगकर्मी, लोक कलाकार, सामाजिक संगठनों के सदस्य और हजारों नागरिक शामिल हुए। यह दृश्य केवल एक अंतिम संस्कार नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना का सामूहिक सम्मान बन गया।

तीजन बाई : संक्षिप्त जीवनी
तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में पारधी समुदाय में हुआ। बचपन में उन्होंने अपने नाना ब्रजलाल से महाभारत की कथाएं सुनीं और वहीं से पंडवानी के प्रति लगाव पैदा हुआ। समाज के विरोध, आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक बहिष्कार के बावजूद उन्होंने पंडवानी गायन नहीं छोड़ा। वे पहली महिला बनीं जिन्होंने कापालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। उन्होंने भारत सहित अनेक देशों में प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ की लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए। उनकी कला आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर बनी रहेगी।

पूरा नाम: तीजन बाई, जन्म: 24 अप्रैल 1956, जन्मस्थान: गनियारी, भिलाई छत्तीसगढ़, समुदाय: पारधी

लोककला: पंडवानी महाभारत कथागायन, पहली प्रस्तुति: 13 वर्ष की उम्र में, विशेष उपलब्धि: कापालिक शैली में पंडवानी प्रस्तुत करने वाली पहली प्रमुख महिला कलाकार, सम्मान: पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी सम्मान, चार मानद डी.लिट.,निधन: 5 जुलाई 2026, रायपुर एम्स, विरासत: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व मंच तक पहुंचाने वाली महान लोकगायिका

NATIONAL : दिल्ली के लोधी कॉलोनी में तीसरी मंजिल से गिरकर नवविवाहिता की मौत, युवती के परिवार ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

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दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी फ्लैट की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय नवविवाहिता आकृति की मौत हो गई। मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

शादी के महज ढाई महीने बाद एक नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी फ्लैट की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय आकृति की मौत हो गई। जहां पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, वहीं मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 28 वर्षीय आकृति शनिवार को लोधी कॉलोनी के पालिका कुंज स्थित एनडीएमसी फ्लैट्स के बी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल से कथित तौर पर गिर गई थीं। गंभीर हालत में उन्हें AIIMS ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है।

24 अप्रैल को हुई थी शादी, निजी कंपनी में करती थीं नौकरी
पुलिस के मुताबिक, आकृति दक्षिण दिल्ली के पुष्प विहार की रहने वाली थीं और छतरपुर स्थित एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थीं। उनकी शादी इसी साल 24 अप्रैल को हुई थी। चूंकि यह मौत शादी के सात साल के भीतर हुई है, इसलिए कानून के तहत अनिवार्य मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने उप-मंडल दंडाधिकारी (SDM) को सूचित कर पंचनामा की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

परिजनों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप
आकृति के परिवार ने इस घटना को आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले दहेज को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। परिवार का कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर आकृति के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था और आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई।

आत्महत्या नहीं कर सकती थी’, भाई ने उठाए सवाल
मृतका के छोटे भाई ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देकर असली आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उसने कहा कि आकृति परिवार की सबसे बड़ी संतान थी, जिम्मेदार स्वभाव की थी और मानसिक रूप से बेहद मजबूत थी। ऐसे में उसके आत्महत्या करने की बात पर परिवार को बिल्कुल भी विश्वास नहीं है।

शादी के ढाई महीने बाद मौत से बढ़ा संदेह
परिजनों के अनुसार, आकृति की शादी लव-कम-अरेंज मैरिज थी और यह रिश्ता महज ढाई महीने पहले ही हुआ था। परिवार का कहना है कि इतनी कम अवधि में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से पति लगातार उसके साथ शारीरिक हिंसा और उत्पीड़न करता था।

बयान दर्ज कर रही पुलिस, हर पहलू की हो रही जांच
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मृतका के परिजनों सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि एसडीएम की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।

NATIONAL : उद्धव ने क्यों दिया ‘भाजपा-मुक्त राम’ का नारा? बोले- हिंदुओं के साथ विश्वासघात किया गया

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शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर दान में कथित गबन के मामले को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुओं की भावनाओं से खेलकर उनका विश्वास तोड़ा है। ठाकरे ने ‘भाजपा-मुक्त राम’ आंदोलन चलाने का ऐलान भी किया। उन्होंने भाजपा पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने और राजनीतिक दलों को तोड़ने का आरोप लगाया। आइए, विस्तार से जानते हैं कि उद्धव ने मामले में क्या कुछ कहा…

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हिंदुत्व और अयोध्या का मुद्दा गरमा गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित गबन के मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुओं की भावनाओं से खेलकर उनका विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ‘भाजपा-मुक्त राम’ के लिए आंदोलन करेगी। उद्धव के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि असली हिंदुत्व मानवता सिखाता है, लेकिन भाजपा का हिंदुत्व मंदिरों को लूटने वाला हिंदुत्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक दलों को तोड़ने का काम करती है। ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) भाजपा के इस कथित हिंदुत्व को स्वीकार नहीं करती।
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क्या बोले उद्धव ठाकरे और क्यों उठाया ‘भाजपा-मुक्त राम’ का मुद्दा?
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा कि राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर राजनीति की और अब मंदिर से जुड़े दान में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उसकी नैतिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठाएगी और ‘भाजपा-मुक्त राम’ अभियान चलाने के लिए सड़कों पर उतरेगी।

क्या है राम मंदिर दान में कथित गबन का मामला?
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं से मिले दान में कथित गबन के मामले ने हाल के दिनों में राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसियों ने अब तक 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की जानकारी दी है। मामले की जांच जारी है और इससे जुड़ी कई जानकारियां सामने आनी बाकी हैं।

भाजपा पर दल तोड़ने का आरोप क्यों लगाया?
रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जनता बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक अस्थिरता पैदा की जा रही है। ठाकरे ने दावा किया कि जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।

NATIONAL : तृणमूल दावेदारी विवाद: TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर होगा किसका हक? EC में दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख आज

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तृणमूल कांग्रेस के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहा विवाद निर्णायक चरण में पहुंच गया है। चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को आज शाम तक की निर्धारित समय सीमा में अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। इसके बाद आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा कर दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई करेगा.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर दावेदारी की लड़ाई सोमवार को निर्णायक दौर में पहुंचने वाली है। पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुट चुनाव आयोग के समक्ष दस्तावेज जमा कर पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक ढांचे पर अपना-अपना दावा पेश करेंगे। पार्टी के 28 साल के इतिहास में पहली बार इस तरह का विवाद सामने आया है। दोनों गुट खुद को ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस होने का दावा कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद उन्हें 6 जुलाई शाम 5:30 बजे तक दस्तावेज, संगठनात्मक रिकॉर्ड और समर्थन के प्रमाण जमा करने को कहा था। विवाद का केंद्र पार्टी का चर्चित ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न, संगठनात्मक संपत्तियां, वित्तीय संसाधन और पार्टी मुख्यालय हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद शुरू हुए बगावत के दौर में इन सभी पर दोनों गुटों ने दावा किया है।

समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग रिकॉर्ड का परीक्षण करेगा और इसके आधार पर दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान दोनों पक्ष अपने दावों के समर्थन में कानूनी और संवैधानिक तर्क रख सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, ममता समर्थक गुट की ओर से वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी सोमवार को नई दिल्ली पहुंचकर आयोग को दस्तावेज सौंपेंगे। दूसरी ओर, ऋतब्रत समर्थक गुट का दावा है कि उसके पास विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन है और इससे जुड़े दस्तावेज पहले ही आयोग को सौंपे जा चुके हैं।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला कालीघाट गुट पार्टी की स्थापना से जुड़े इतिहास और संगठन की निरंतरता को आधार बना रहा है, जबकि बागी गुट विधानसभा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच अपने बहुमत का दावा कर रहा है। यह टकराव पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के वर्षों के सबसे बड़े राजनीतिक विभाजनों में से एक माना जा रहा है।

टीएमसी की हार से पार्टी में कैसे हुई बगावत?
शुरुआत में यह विवाद केवल विधायक दल तक सीमित था, लेकिन अब यह पूरे संगठन पर नियंत्रण की लड़ाई बन चुका है। पिछले महीने बागी गुट ने विशेष बैठक बुलाकर वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना और समानांतर राष्ट्रीय नेतृत्व की घोषणा की। गुट का दावा है कि मौजूदा नेतृत्व निर्वाचित प्रतिनिधियों के बहुमत का विश्वास खो चुका है।

बागी गुट ने पहली बार अपनी ताकत तब दिखाई, जब टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन किया और पार्टी नेतृत्व के उम्मीदवार को खारिज कर दिया। अब यह गुट करीब 65 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है।

NATIONAL : राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ी खबर, ट्रस्ट ने 5 दिन पहले ही बुलाई इमरजेंसी बैठक! चंपत राय पर होगा फैसला?

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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक 11 जुलाई को होनी थी, लेकिन इसमें अचानक बदलाव कर दिया गया है। अब यह बैठक 6 जुलाई को होगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।

शलभ, लखनऊ/अयोध्या: यहां चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 11 जुलाई को प्रस्तावित बैठक की तारीख में बदलाव कर दिया गया है। अब यह बैठक 11 के बजाय 6 जुलाई को होगी। माना जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के भविष्य का फैसला होगा। ट्रस्ट के सभी 14 सदस्यों से 6 जुलाई की बैठक में मौजूद रहने के लिए कहा गया है।

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख 87 वर्षीय संत महंत नृत्य गोपाल दास हैं। ट्रस्ट की 6 जुलाई को होने वाली बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दैनिक कामकाज और उच्च स्तर पर निगरानी के तरीके में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं? इस ट्रस्ट में और लोगों को शामिल करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। पिछले साल अगस्त में ट्रस्ट के सदस्य राजा अयोध्या (विमलेंद्र मोहन मिश्रा) की स्थान पर किसी नए सदस्य को लाया जा सकता है।

आशा की जा रही है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य मौजूदा भीड़ प्रबंधन प्रणाली पर चर्चा करेंगे और मंदिर में आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने की रणनीति बनाएंगे। ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा, ‘हमें भक्तों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए और सुविधाएं और इंतजाम करने की जरूरत है। गर्मी तेज हो रही है। हमें विशेषज्ञों के साथ मिलकर योजना बनानी होगी।’

जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए कार्यक्रम बदला
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की यह आपातकालीन बैठक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की पहल पर बुलाई गई है। ट्रस्ट के सदस्यों को भेजे गए पत्र में गिरी ने कहा है कि बैठक की तारीख पहले कर दी गई है क्योंकि कुछ जरूरी मुद्दों पर चर्चा होनी है।

इस ट्रस्ट का मई 2020 में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के जरिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ रजिस्ट्रेशन हुआ था। इस ट्रस्ट में केंद्र और राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले चार पदेन सदस्य हैं। इसकी पिछली बैठक 21 मार्च को हुई थी, जिसमें मुख्य एजेंडा राम नवमी समारोह की तैयारी का था। ट्रस्ट की बैठक हर तीन महीने में होती है।

नहीं बरती जा रही थी पारदर्शिता
एक सूत्र ने कहा, ‘अब तक कोई पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी। ट्रस्ट के कुछ ही पदाधिकारी सभी आंतरिक मामलों पर पूरे अधिकार के साथ काम चला रहे थे। किसी के साथ कोई रिकॉर्ड या दस्तावेज साझा नहीं किए गए। भक्तों का भरोसा डगमगाने के कारण, हमें कई स्तरों पर जांच और संतुलन की व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। कुल मिलाकर फैसला लेने की प्रक्रिया में और भी स्तर जोड़े जाएंगे।’

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