कई लोग मानते हैं कि शराब पीने के बाद आत्मविश्वास थोड़ा बढ़ जाता है. यही वजह है कि कुछ लोग जब उदास, तनाव में या असहज महसूस करते हैं तो एक-दो पैग ले लेते हैं. इसी कारण यह धारणा भी बन गई है कि शराब अंतरंग पलों में झिझक कम कर देती है और बेडरूम में आत्मविश्वास बढ़ाती है. लेकिन सच यह है कि कुछ पुरुषों में शराब का असर बिल्कुल उल्टा भी हो सकता है. परफॉर्मेंस बेहतर होने के बजाय यह यौन प्रतिक्रिया और उत्तेजना को प्रभावित कर सकती है. आम बोलचाल में इसे व्हिस्की डिक कहा जाता है, यानी शराब पीने के बाद इरेक्शन पाने या उसे बनाए रखने में परेशानी होना.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के अनुसार, शराब एक तरह का डिप्रेसेंट है, जो शरीर में नसों के संकेतों को धीमा कर देती है और ब्लड फ्लो को प्रभावित करती है. जबकि इरेक्शन के लिए सही नर्व सिग्नल और ब्लड फ्लो दोनों जरूरी होते हैं. इसलिए कई बार हल्की मात्रा में शराब पीने पर भी यह समस्या हो सकती है, खासकर तब जब व्यक्ति थका हुआ, तनाव में या डिहाइड्रेटेड हो. ज्यादा शराब पीने पर इसकी संभावना और बढ़ जाती है.
डॉक्टर बताते हैं कि शुरुआत में शराब झिझक कम करती है, इसलिए लोग खुद को ज्यादा रिलैक्स और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं. लेकिन शरीर के स्तर पर यह टेस्टोस्टेरोन को अस्थायी रूप से कम कर सकती है और दिमाग की यौन उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया को भी धीमा कर देती है. जैसे-जैसे शराब का असर बढ़ता है, वैसे-वैसे इच्छा कम होने लगती है.
क्या होती है दिक्कत?
सीधे शब्दों में कहें तो शराब आपको मानसिक रूप से रुचि महसूस करा सकती है, लेकिन शरीर की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में कई बार व्यक्ति मानसिक रूप से तैयार होता है, लेकिन शरीर उसी तरह प्रतिक्रिया नहीं देता. यह स्थिति कई बार असहज या शर्मिंदगी का कारण बन सकती है, खासकर तब जब शराब डेट, पार्टी या खास मौकों का हिस्सा हो. डॉक्टरों के मुताबिक अगर यह समस्या कभी-कभी होती है तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती. शराब की मात्रा कम करना, पर्याप्त पानी पीना, सही भोजन करना और शरीर को आराम देना इससे राहत दिला सकता है. लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या बिना शराब के भी बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है.











