Monday, July 13, 2026
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NATIONAL : पाकिस्तान से आ रहीं सूखी हवाओं ने बारिश रोकी, अब प्रशांत महासागर के सिस्टम से उम्मीद

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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां मानसून की रफ्तार थमी है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार रात जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ़ आई। कई खेत बर्बाद हो गए, सड़क बह गई।

उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड हुआ। कई गाड़ियां और मशीनें मलबे में दब गईं।इधर, देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। इसका कारण पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाएं बताई जा रही हैंमौसम की वेबसाइट ऑल इंडिया वैदर की रिपोर्ट के अनुसार ये सूखी हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं।इनकी वजह से राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है।बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42°C दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।

फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना कम है।

IND vs ENG: आइसलैंड क्रिकेट ने फिर उड़ाया भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर का मजाक; इस बार क्या कहा?

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इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हारने के बाद आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर भारतीय टीम और मुख्य कोच गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया। एक्स पर किए गए दो व्यंग्यात्मक पोस्ट तेजी से वायरल हो गए। वहीं भारत अब लगातार दूसरी टी20 सीरीज हारने के बाद क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती का सामना कर रहा है।

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का असर अब सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है। भारत की नौ विकेट से हार के बाद आइसलैंड क्रिकेट के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और भारतीय टीम पर तंज कसते हुए दो पोस्ट किए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए।

ब्रिस्टल टी20 से पहले आइसलैंड क्रिकेट टीम ने पोलैंड-ए के खिलाफ 20 ओवर में 158/7 का स्कोर बनाया था। संयोग से भारत ने भी इंग्लैंड के खिलाफ ठीक 158/7 रन बनाए। इस पर आइसलैंड क्रिकेट ने एक्स पर लिखा, ‘आज हमने पोलैंड-ए के खिलाफ 158/7 रन बनाए। अब भारत ने भी इंग्लैंड के खिलाफ बिल्कुल यही स्कोर बनाया है। आखिर इसका मतलब क्या है?’

फिर गौतम गंभीर पर कसा तंज
भारत की हार के करीब एक घंटे बाद आइसलैंड क्रिकेट ने एक और पोस्ट किया, जिसमें गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया गया। पोस्ट में लिखा गया, ‘ब्रिस्टल में चौके-छक्कों की बारिश हो रही है। इस बीच गौतम गंभीर का कोई पता नहीं है। हालांकि, इतना जरूर जानते हैं कि वह पोलैंड में हमारी पुरुष टीम के साथ नहीं हैं।’ आइसलैंड क्रिकेट के दोनों पोस्ट को हजारों लोगों ने देखा और पसंद किया। इन पर कई यूजर्स ने भी मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।

लगातार दूसरी टी20 सीरीज हार चुका है भारत
टी20 विश्व कप चैंपियन भारत के लिए यह दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 द्विपक्षीय सीरीज 0-2 से हारी और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी सीरीज गंवा चुकी है। ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158/7 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 80 रन की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। जवाब में इंग्लैंड ने हैरी ब्रूक (नाबाद 79) और फिल सॉल्ट (नाबाद 59) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।

भारत के सामने क्लीन स्वीप का खतरा
पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। अब शनिवार को साउथम्प्टन में होने वाले आखिरी टी20 मुकाबले में भारत की नजर हार का सिलसिला रोकने पर होगी। यदि टीम यह मैच भी हारती है तो इंग्लैंड सीरीज 4-0 से अपने नाम कर लेगा।

कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में
इस दौरे पर ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। युवा वैभव सूर्यवंशी भी तीन मैचों में सिर्फ 42 रन ही बना सके हैं। वहीं शिवम दुबे ने पिछले तीन मुकाबलों में सिर्फ 29 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में भी अर्शदीप सिंह को छोड़कर बाकी गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ सके।

FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल में अब किससे होगा हालैंड के नॉर्वे का मुकाबला? आसान नहीं होगा सेमीफाइनल में पहुंचना

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे का सामना इंग्लैंड से होगा। ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे की भिड़ंत इंग्लैंड से तय हुई है, जिसने मेक्सिको को 3-2 से हराया।

मियामी: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर पूरी दुनिया को हैरान करने वाली नॉर्वे की टीम को अपना अगला प्रतिद्वंद्वी मिल गया है। रविवार, 5 जुलाई को न्यू जर्सी में ब्राजील पर मिली ऐतिहासिक जीत के बाद वाइकिंग्स के नाम से मशहूर नॉर्वे की टीम इतिहास में पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। अब क्वार्टर फाइनल के इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में नॉर्वे का सामना यूरोप की दिग्गज टीम इंग्लैंड से होने जा रहा है। इंग्लैंड की टीम ने सोमवार सुबह खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-स्कोरिंग नॉकआउट मुकाबले में मेक्सिको को 3-2 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का किया। इस तरह अब टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दो यूरोपीय देशों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।

तय हो गई महामुकाबले की तारीख और समय
फुटबॉल फैंस इस ऐतिहासिक क्वार्टर फाइनल भिड़ंत के शेड्यूल को अपनी डायरी में नोट कर सकते हैं। नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह ब्लॉकबस्टर क्वार्टर फाइनल मैच शनिवार, 12 जुलाई 2026 को खेला जाएगा। मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार देर रात 2:30 बजे से होगी। यह मैच फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स स्थित ऐतिहासिक हार्ड रॉक स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसे इस वर्ल्ड कप के दौरान मियामी स्टेडियम के नाम से जाना जा रहा है।

ब्राजील को 36 सालों के बाद मिली ऐसी हार
नॉर्वे के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि वे जबरदस्त आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे। उनके स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड कमाल के फॉर्म में हैं, जिन्होंने ब्राजील के खिलाफ मैच के आखिरी पलों में दो लेट गोल दागकर अपनी टीम को पहली बार क्वार्टर फाइनल का टिकट दिलाया था। वहीं ब्राजील इस हार को सालों तक नहीं भूल सकेगा।

इस हार ने ब्राजील के फुटबॉल इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया है। साल 1990 के बाद यह पहला मौका है जब ब्राजील की टीम वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना सकी, जिससे उनका पिछले छह वर्ल्ड कप से लगातार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने का सिलसिला टूट गया। इसके साथ ही, वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में यूरोपीय टीमों के खिलाफ ब्राजील का खराब रिकॉर्ड जारी रहा, जहां वे लगातार 7वां नॉकआउट मैच हारे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या हालैंड की नॉर्वे की टीम इंग्लैंड के चक्रव्यूह को भेदकर सेमीफाइनल में कदम रख पाती है या नहीं।

WORLD : बच्चों की मौत का लेंगे बदला… युद्ध किस ओर जाएगा ईरान के सुप्रीम लीडर ने दिए 5 संकेत

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ईरान अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने देश के नाम संदेश में ये क्लियर कर दिया. जाहिर है अगर बात अस्तित्व की हो और लड़ने के लिए लोग तैयार हों तो कोई युद्ध तब तक नहीं समाप्त हो सकता, जब तक दुश्मन हार न मान ले.

पिता और पत्नी सहित अपनों की मौत के तुरंत बाद युद्ध के दौरान ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनने वाले अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने आज देश के नाम पहला संदेश जारी किया. संदेश क्लियर था ‘बदला’. बदला ईरान के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों की मौत का, सेना और शासन से जुड़े अधिकारियों की मौत का, अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का. मुजतबा की लिस्ट लंबी है और जाहिर है इसीलिए उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक बदला पूरा नहीं हो जाता, ये युद्ध नहीं रुकने वाला. ये ईरान के अस्तित्व की लड़ाई है.

दूसरा मैसेज-एकजुटता
मुजतबा खामेनेई के भाषण के संकेतों को समझने की कोशिश करें तो वो ‘अपनों’ को खोने के बाद भी खुद को पूरी तरह संतुलित कर चुके हैं. इसका साफ संकेत उनके भाषण में ईरान के लोगों की एकता पर जोर बताता है. अयातुल्ला अली खामेनेई के जिंदा रहते और मौत से कुछ दिनों पहले ही ईरान में धरने-प्रदर्शन हो रहे थे. मगर आज जब मुजतबा ने भाषण दिया तो उन्होंने ईरानी लोगों की एकता पर जोर दिया. मैसेज क्लियर था कि आपस के विवाद चाहे कोई भी हों, वो बाद में सुलझा लिए जाएंगे. अभी समय दुश्मन से एकजुट होकर लड़ने का है. क्योंकि ये ईरान के होने और कई टुकड़ों में बंटने का सवाल है.

तीसरा मैसेज-मुआवजा लेंगे
नये सुप्रीम लीडर खामेनेई ने ये भी साफ-साफ बता दिया कि ईरान को इस युद्ध में जितना भी नुकसान होगा, उसका मुआवजा दुश्मन से ही वसूला जाएगा. इससे ईरान की जनता में लड़ने का नया जज्बा पैदा करने की कोशिश की गई है. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे हैं. खासकर तेल सप्लाई वाले बुनियादी ढांचे को. मुजतबा ने मुआवजे की बात कहकर अपनी जनता के साथ दुश्मनों के साथ दुनिया को भी संदेश दिया है कि बदला पूरा होने के बाद भी बगैर मुआवजा दिए युद्ध समाप्त नहीं होने वाला.

चौथा मैसेज-लड़ाकों की तारीफ
मुजतबा ने सेना के साथ लड़ाकों का जिक्र किया. इसका साफ मतलब था कि वो हिजबुल्लाह और हुती विद्रोहियों का जिक्र कर रहे थे. मुजतबा ने कहा कि इस युद्ध में लड़ाकों ने बहुत अच्छा काम किया है. इसके जरिए मुजतबा ने क्लियर मैसेज दिया कि वो भी अपने पिता की तरह हिजबुल्लाह और हुती विद्रोहियों का सपोर्ट करते रहेंगे और हौसला बढ़ाकर उनका मनोबल भी बढ़ा दिया.

पांचवा मैसेज-होर्मुज और खाड़ी
इसके साथ ही एक लीडर के रूप में मुजतबा ने रणनीति भी तय कर दी. उन्होंने साफ किया कि युद्ध समाप्त होने तक होर्मुज बंद रहेगा. उन्होंने इसको बंद रखने और इसका फायदा उठाने का भी सेना और लड़ाकों को विजय मंत्र दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने अरब देशों पर तब तक हमले जारी रखने का निर्देश दे दिया जब तक वे अपने अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद नहीं करते हैं.

WORLD : होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद हो गया? इजरायली हमलों के बाद ईरान की सफाई, जहाजों के लिए 48 घंटे का आदेश

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ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है लेकिन उसने जहाजों के लिए 48 घंटे का नया आदेश जारी किया है। ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ’48 घंटे पहले’ गुजरने की मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि दुनिया के सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से बंद कर दिया गया है। यह खबर लेबनान पर इजरायल के रात भर चले हमले के बाद आई जिससे अमेरिका और तेहरान के बीच युद्धविराम पर खतरा मंडराने लगा था। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने पहले खबर दी थी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से बंद करने का आदेश दिया है।

उनका आरोप है कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए उस समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का उल्लंघन किया है जिस पर बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए थे।

ईरान ने होर्मुज को फिर बंद करने वाली रिपोर्ट को खारिज किया
ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है लेकिन उसने जहाजों के लिए 48 घंटे का नया आदेश जारी किया है। ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ’48 घंटे पहले’ गुजरने की मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने ‘X’ पर कहा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश या निकास के समय में लगने वाली देरी से बचने के लिए यह जरूरी है कि जलडमरूमध्य क्षेत्र में पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले सभी जरूरी जानकारी के साथ गुजरने के लिए आवेदन जमा किए जाएं।’

बारूदी सुरंगों ने होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ाई परेशानी
इंडिपेंडेंट टैंकर ओनर ट्रेड बॉडी का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बीच का हिस्सा लगभग 80 माइन्स (बारूदी सुरंगों) से ब्लॉक है जिन्हें सामान्य शिपिंग फिर से शुरू करने के लिए हटाना जरूरी होगा। अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद गुरुवार को कई जहाजों ने खाड़ी से उस अहम समुद्री रास्ते से निकलना शुरू कर दिया है। हालांकि माइन्स और दूसरी रुकावटों की वजह से कुछ समय तक शिपिंग के सामान्य होने की उम्मीद नहीं है भले ही युद्धविराम बना रहे। टैंकर मालिकों के संगठन ‘इंटरटैंको’ के मरीन डायरेक्टर फिल बेल्चर ने कहा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच से गुजरने वाला मुख्य रास्ता बंद है और वह खतरनाक है।’

इसने कहा है कि ‘हमारे पास जो ताजा जानकारी है उसके मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में 80 माइन्स (समुद्री बारूदी सुरंगें) हैं। यह बहुत बड़ी संख्या है और इन्हें हटाने में कुछ समय लगेगा।’ युद्ध के दौरान चैनल के दोनों तरफ करीब 20,000 नाविक फंस गए थे हालांकि कुछ जहाज रात के समय ओमान के तट के पास से अपने ट्रांसमीटर बंद करके और अमेरिकी मदद से चुपके से निकलने में कामयाब रहे। वहीं कुछ अन्य जहाजों ने ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने के लिए पैसे दिए।

NATIONAL : पंजाब कांग्रेस में कलह: चन्‍नी की बगावत, 5 द‍िन से भूपेश बघेल का डेरा, अब प्र‍ियंका कूदीं

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पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष राजा वड़िंग की नियुक्ति के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट और पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है, जिसे सुलझाने और डैमेज कंट्रोल के लिए अब प्रियंका गांधी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. चुनाव से पहले कांग्रेस की यह कलह आलाकमान के ल‍िए मुसीबत बन गई है.

पंजाब कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी के भीतर एक बार फिर से बगावत के सुर तेज हो गए हैं और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्‍यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आमने-सामने हैं. बघेल दावा तो कर रहे हैं क‍ि ऑल इज वेल है, लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है. दरअसल, हाल ही में पंजाब कांग्रेस में जो संगठनात्मक बदलाव हुए हैं, उससे चन्नी और उनके समर्थक नेता काफी खफा हैं. खासकर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर काफी गुस्‍सा है. नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि चन्नी गुट ने पार्टी की अहम बैठकों से दूरी बना ली और अपनी शिकायत लेकर दिल्ली तक पहुंच गए. अब इस बढ़ती खटपट और बागी सुरों को शांत करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को खुद मैदान में उतरना पड़ा है.

राहुल गांधी इस समय अपने विदेश दौरे पर हैं, इसलिए प्रियंका गांधी ने सीधे मोर्चा संभालते हुए हालात का अपडेट लिया है और चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर लंबी बातचीत की है. प्रियंका की एक विशेष टीम भी चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए है. हालांक‍ि, कांग्रेस आलाकमान का मैसेज बिल्कुल क्‍ल‍ियर है. हाईकमान ने चन्नी को स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है और पार्टी नेतृत्व हमेशा अपने नेताओं की बात सुनने के लिए तैयार रहता है. भविष्य में भी नेतृत्व चन्नी सहित किसी भी नेता से मिलने के लिए उपलब्ध रहेगा. लेकिन साथ ही यह सख्त हिदायत भी दे दी गई है कि पंजाब के मामलों को देखने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल को नियुक्त किया गया है, इसलिए चन्नी गुट को अपनी सारी बातें और शिकायतें पहले बघेल के सामने ही रखनी होंगी. पार्टी इस विवाद को ज्यादा लंबा नहीं खींचना चाहती है.

प्रियंका गांधी से फोन पर हुई बातचीत के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार सुबह चंडीगढ़ में अपने समर्थक नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, विधायक राणा गुरजीत, भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली और बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा जैसे दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल हुए. हालांकि, प्रियंका से उनकी क्या बात हुई, इसका खुलासा चन्नी ने नहीं किया है, लेकिन इस बैठक में यह रणनीति जरूर तय की गई कि चन्नी गुट के दो प्रमुख नेता पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे और उनके सामने अपनी आपत्तियां खुलकर दर्ज कराएंगे. चन्नी गुट यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वे आलाकमान के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि राज्य स्तर पर लिए गए कुछ फैसलों से उनकी असहमति है.

विवाद को शांत करने के लिए भूपेश बघेल को पांच दिनों के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है. उन्हें सभी नाराज नेताओं से बात करके हाईकमान को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है. बघेल खुद पहल करते हुए नाराज नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मिल रहे हैं. उन्होंने चन्नी गुट के समर्थक और पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा से उनके पटियाला आवास पर जाकर मुलाकात की. इसके बाद शुक्रवार को बघेल विधायक राणा गुरजीत के घर भी पहुंचेंगे, जहां रंधावा और परगट सिंह भी अपनी बात रख सकते हैं. हालांकि, चंडीगढ़ दौरे को चार दिन बीत जाने के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी ने अब तक बघेल से दूरी बनाए रखी है. पहले दोनों की मुलाकात शुक्रवार को होनी थी, लेकिन अब यह अहम बैठक एक दिन आगे खिसककर शनिवार सुबह 11 बजे तय की गई है. भूपेश बघेल कह रहे हैं क‍ि पार्टी में सब ठीक है और ऑल इज वेल की स्थिति है. उन्होंने कहा कि हम सभी एक परिवार के सदस्य हैं, हमारे एकमात्र नेता राहुल गांधी हैं और इस पूरे विवाद का तिल का ताड़ बनाया जा रहा है.

आलाकमान की सख्ती और बघेल की सक्रियता को देखते हुए अब चन्नी गुट भी डैमेज कंट्रोल में जुट गया है और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. बैठक के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विचारों में मतभेद होने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी टूट रही है, कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है. विधायक परगट सिंह ने भी साफ किया कि पार्टी हाईकमान को सारी बातों की जानकारी है और हम बातचीत के जरिए चीजों को सुलझा रहे हैं. राणा गुरजीत ने तो यहां तक कहा कि पार्टी में कोई गतिरोध नहीं है, कोई भी नेता हाईकमान के दायरे से बाहर नहीं है और समय आने पर सब ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आज की बैठक से उनका मनोबल बढ़ा है और इसमें लोकतंत्र को बचाने के साथ-साथ आगे की कानूनी रणनीतियों पर चर्चा हुई है.

पंजाब कांग्रेस के भीतर की यह कलह ऐसे समय में सामने आई है, जब पार्टी को साल 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए खुद को मजबूत करना है. वर्तमान में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है. मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों को घेरना चाहिए, लेकिन इसके बजाय पार्टी के बड़े नेता आपस में ही उलझे हुए नजर आ रहे हैं. अब पंजाब की सियासत से जुड़े हर व्यक्ति की नजरें शनिवार को चरणजीत सिंह चन्नी और भूपेश बघेल के बीच होने वाली महत्वपूर्ण मुलाकात पर टिकी हैं. यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि प्रियंका गांधी का हस्तक्षेप और भूपेश बघेल की कोशिशें क्या सच में पंजाब कांग्रेस के इन बागी सुरों को हमेशा के लिए शांत कर पाती हैं, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में कोई नया सियासी रूप लेगा.

NATIONAL : महाराष्ट्र सरकार को जनता के मामने ‘बेनकाब’ कर देंगे : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि आपको जनता के सामने ‘बेनकाब’ कर देंगे। शीर्ष अदालत जमानत याचिका का विरोध करने और आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी नहीं लाने के लिए राज्य सरकार को चेतावनी दी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि हमारे पास हर दिन महाराष्ट्र से इस तरह के मामले आते हैं। आप जमानत का पुरजोर विरोध तो करते हैं, लेकिन मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते। जब हम मामले की पड़ताल करते हैं, तो सबूत कमजोर निकलते हैं। पीठ ने कहा कि हम जनता के बीच आपको (राज्य सरकार को) बेनकाब कर देंगे। अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि वह चार साल से जेल में है और उसका मामला निचली अदालत में 86 तारीखों पर सूचीबद्ध किया गया था। उसने शीर्ष अदालत को बताया कि उसे 53 बार अदालत में पेश नहीं किया गया।

आरोपी को निचली अदालत में पेश न करना गंभीर चूक
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से आरोपी को निचली अदालत में पेश न करना एक गंभीर चूक है। आरोपी के शीघ्र सुनवाई के मौलिक अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा कि ‘हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। चार साल में 34 में से केवल दो गवाहों से पूछताछ हुई। यह बात कुछ समय से इस अदालत को परेशान कर रही है।’

कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में नाकाम राज्य
पीठ ने कहा कि जब राज्य सरकार जमानत याचिकाओं का पुरजोर विरोध करती है, तो उसकी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि वह मुकदमे की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाए, लेकिन ऐसा करने में वह नाकाम रही है।

सुनवाई में तेजी के लिए नीति बनाएं राज्य
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि वह (राज्य सरकार) अब सुनवाई की हर तारीख पर सभी आरोपियों को मामले की सुनवाई पर अदालत में पेश कर रही है। हालांकि, अदालत ने कहा कि राज्यों को सुनवाई में तेजी लाने के लिए एक खास नीति बनानी चाहिए।

‘हर हफ्ते चार गवाहों के बयान दर्ज हों’
पीठ ने कहा, ”हर हफ्ते कम से कम चार गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं और इस आदेश का रिकॉर्ड मामले की सुनवाई कर रही अदालत के समक्ष रखा जाए। अगर भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो इसी तरह के कड़े आदेश दिए जाएंगे।

BUSINESS : टाटा ग्रुप को वापस लाएंगे सिंगूर, 1000 दिन में बदलेगा बंगाल का माहौल, बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का दावा

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पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि टाटा समूह को राज्य में वापस लाने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। सरकार ने बेहतर औद्योगिक माहौल और निवेश बढ़ाने का भरोसा दिया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बड़ा प्रयास किया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया कि टाटा समूह को सिंगूर या राज्य के किसी अन्य हिस्से में वापस लाने के लिए बातचीत शुरू हो चुकी है। उनका मानना है कि टाटा की वापसी बंगाल की औद्योगिक छवि को मजबूत करेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी। मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘रीइग्नाइटिंग बंगाल्स इंडस्ट्रियल फॉर्च्यून’ कार्यक्रम में बोलते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि सिंगूर से टाटा मोटर्स के जाने के बाद देशभर में यह संदेश गया था कि पश्चिम बंगाल उद्योगों के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस धारणा को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है और टाटा समूह की वापसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भट्टाचार्य ने कहा कि टाटा वापस आएंगे। अगर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नहीं, तो किसी अन्य उद्योग में निवेश करेंगे। यह हमारे लिए जिम्मेदारी भी है और चुनौती भी। उनकी वापसी से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिंगूर की जमीन की स्थिति पहले जैसी नहीं रही है, लेकिन सरकार टाटा समूह के साथ लगातार संपर्क में है। यदि सिंगूर में परियोजना स्थापित करना संभव नहीं हुआ तो राज्य के किसी अन्य हिस्से में निवेश की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।

महाराष्ट्र को भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग 13.6 प्रतिशत मिलता है, जबकि बंगाल की हिस्सेदारी सिर्फ लगभग 0.6 प्रतिशत है। ये आंकड़े खुद बहुत कुछ कहते हैं।

बता दें कि साल 2008 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के बाद टाटा मोटर्स को अपनी नैनो कार परियोजना सिंगूर से हटाकर गुजरात के सानंद ले जानी पड़ी थी। उस समय कंपनी सिंगूर परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुकी थी। बाद में एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम को टाटा मोटर्स को 766 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था।
हम चाहते हैं कि टाटा समूह वापस आए और वह भी सिंगूर में। हम पूरे देश और दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल निवेशकों के लिए अनुकूल है और निवेश का स्वागत करने के लिए तैयार है

समिक भट्टाचार्य ने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में व्यापारिक गतिविधियों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति पार्टी का नाम लेकर कारखानों में दबाव बनाने या अनुचित मांगें करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अगले 1,000 दिनों में राज्य का कारोबारी माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। बीजेपी सरकार उद्योग, निवेश और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए पश्चिम बंगाल को फिर से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम करेगी।

WORLD : ‘हर मुमकिन मदद दे रहा दूतावास’, वियतनाम नाव हादसे में 15 भारतीयों की मौत पर PM मोदी ने जाहिर किया दुख

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वियतनाम की खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मनाने गए भारतीय पर्यटकों का सफर एक झटके में काल बन गया. गहरे समंदर की लहरों ने हंसते-खेलते 15 भारतीयों की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली. फू क्वोक के पास 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक तेज रफ्तार स्पीडबोट अचानक पलट गई.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वियतनाम में हुई एक नाव दुर्घटना में भारतीय नागरिकों की मौत पर शनिवार को गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि भारतीय दूतावास तथा अन्य भारतीय मिशन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. वियतनाम मीडिया की खबरों के अनुसार शनिवार को हुए इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई. पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “वियतनाम में फू क्वोक के निकट भारतीय नागरिकों को ले जा रही नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से बहुत दुख हुआ.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हमारे अधिकारी भी वियतनाम के अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क में हैं.” अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह दुर्घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं.

वियतनामी समाचार पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ के अनुसार, यह स्पीडबोट 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार सदस्यों को लेकर हॉन मे रुत से अन थोई बंदरगाह जा रही थी, तभी हॉन मे रुत नगोई से लगभग 400 मीटर दूर यह पलट गई, जिससे नाव पर सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए. प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को न्यूजीलैंड की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद स्वदेश के लिए रवाना हो गए.

WORLD : वियतनाम बोट हादसे में बड़ा खुलासा! कंपनी ट्रिप पर गए थे सभी भारतीय, कर्मचारी-डीलर्स समेत 15 की मौत

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वियतनाम के फू कुओक द्वीप पर टूरिस्ट बोट समुद्र में पलट गई, जिसमें 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई. ये सभी लोग एक भारतीय मोबाइल कंपनी के कर्मचारी और चैनल पार्टनर्स थे जो कंपनी के रिवॉर्ड ट्रिप पर गए थे.

वियतनाम के फू कुओक द्वीप पर शनिवार को भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट समुद्र में पलट गई. इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई. अब खुलासा हुआ है कि ये सभी लोग कंपनी ट्रिप पर गए थे. ये लोग एक स्मार्टफोन बनाने वाली भारतीय कंपनी के कर्मचारी और चैनल पार्टनर्स थे.

दरअसल कंपनी ने अपने डीलर्स और वितरकों के लिए इस ‘रिवॉर्ड ट्रिप’ का आयोजन किया था. कंपनी ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि जान गंवाने वालों में 14 चैनल पार्टनर्स और एक कंपनी का कर्मचारी शामिल है. ये सभी लोग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरलम के रहने वाले थे.

मोबाइल कंपनी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. कंपनी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पीड़ित परिवारों की मदद करना और शवों को जल्द से जल्द भारत लाना है.

इस हादसे में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद (54) की भी मौत हो गई. वो मोबाइल कंपनी के चैनल पार्टनर थे. उनके परिजनों ने बताया कि नाव पर सवार होने से कुछ समय पहले ही अब्दुल्ला ने अपनी पत्नी, बेटे और पोती से वीडियो कॉल पर बात की थी. उन्होंने कहा था कि वो एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं रहेगा और लौटकर दोबारा फोन करेंगे. लेकिन वो उनकी आखिरी बात बन गई.

हादसे में बचे तमिलनाडु के पलानी निवासी निर्मल कुमार ने बताया कि समुद्र की ऊंची लहरों और ओवरलोडिंग के कारण स्पीडबोट महज कुछ सेकेंड में पलट गई. वहीं, आंध्र प्रदेश के गुंटूर के मोबाइल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर आशीष कुमार ने बताया, ‘दोपहर करीब 1:30 बजे नाव होन मे रुत नगोई द्वीप से कुछ ही मीटर आगे बढ़ी थी. हम सब तस्वीरें ले रहे थे कि अचानक नाव एक तरफ झुक गई और पलट गई. हर तरफ चीख-पुकार मच गई.’

इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई मुख्यमंत्रियों ने शोक जताया है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की कोशिशों में जुटी हैं. वहीं वियतनाम प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है.

हैनोई में भारतीय दूतावास के मुताबिक, नाव पर कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार स्थानीय क्रू मेंबर शामिल थे. हादसे के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 15 भारतीयों की जान चली गई. मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु के, 3 आंध्र प्रदेश के और 2 केरलम के रहने वाले हैं.

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