Friday, May 29, 2026
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Weather: नौतपा की आग में झुलसा उत्तर भारत, अब पश्चिमी विक्षोभ से राहत की आस; PM मोदी ने भी की ये अपील

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उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 48.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि यूपी का बांदा भीषण गर्मी से झुलसता रहा। मौसम विभाग ने नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों में बारिश, तेज हवाओं और तापमान में 6 से 8 डिग्री गिरावट की संभावना जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गर्मी से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा है। आइए, विस्तार से समझते हैं…

उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में बुधवार को देश का सबसे अधिक तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि यूपी का बांदा 47.8 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मौसम विभाग ने हालांकि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद जताई है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट की संभावना बनी है।

आखिर क्यों और खतरनाक हो गई है इस बार की गर्मी?
इस बार नौतपा के दौरान गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मैदानी इलाकों में जब तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है तो उसे लू की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 47 डिग्री से अधिक तापमान को भीषण लू माना जाता है। इस समय उत्तर भारत के कई हिस्से इसी स्थिति से गुजर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर में सड़कें सुनसान दिखने लगी हैं। मजदूर, रिक्शा चालक और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

क्या पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत?
मौसम विभाग ने बताया है कि बृहस्पतिवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके असर से शुक्रवार से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी होगी और जून की शुरुआत में गर्मी फिर तेज हो सकती है। फिलहाल लोगों को अगले दो से तीन दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

गर्मी को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीषण गर्मी और लू की स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए पूरे देश को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्वास्थ्य और जलशक्ति मंत्रालय को खास तौर पर मुस्तैद रहने को कहा, ताकि लू से प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज और पानी उपलब्ध कराया जा सके। प्रधानमंत्री ने लोगों से भी अपील की कि वे बिना जरूरत तेज धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थों का सेवन करें।

लोगों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
डॉक्टरों और मौसम विभाग ने लोगों को इस भीषण गर्मी में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
बाहर निकलते समय सिर ढकने, पानी साथ रखने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
लगातार बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई देने लगा है।
कई शहरों में बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

यूपी और दिल्ली में क्या है मौसम का अलर्ट?
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 28 से 31 मई के बीच कई जिलों में प्री-मानसून बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। 29 मई को पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अचानक मौसम बदलने से धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

SPORTS : वैभव ने तोड़ा क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड, एक सत्र में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने

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वैभव सूर्यवंशी ने हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए क्रिस गेल का महारिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले गेल ने आईपीएल 2012 में 59 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने 16 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा किया।

आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में आज राजस्थान रॉयल्स की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से हुई। इस अहम मुकाबले में सभी की नजरें 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। बिहार के इस विस्फोटक बल्लेबाज के पास टी20 क्रिकेट के महान बल्लेबाज क्रिस गेल का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक आईपीएल सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

सूर्यवंशी ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए क्रिस गेल का महारिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले गेल ने आईपीएल 2012 में 59 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने 16 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा किया।

वैभव का बड़ा कारनामा
इस दौरान वैभव आईपीएल में 20 से कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार अर्धशतक पूरा करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे बल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने निकोलस पूरन की बराबरी कर ली। दोनों ने पांच बार आईपीएल में 20 से कम गेंदों में अर्धशतक पूरे किए हैं। वहीं, इस मामले में शीर्ष पर हैदराबाद के ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने छह बार यह कारनामा किया है।
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वैभव ने हासिल की एक और उपलब्धि
15 वर्षीय वैभव आईपीएल के मुकाबलों में पावरप्ले में सर्वाधिक बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने पांचवीं बार शुरुआती छह ओवर के भीतर 50+ स्कोर बनाया। इस मामले में उन्होंने हैदराबाद के ट्रेविस हेड को पीछे छोड़ा, जिन्होंने चार बार यह कारनामा किया। शीर्ष पर डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने छह बार पावरप्ले के दौरान 50+ स्कोर बनाया।
IPL 2026 RR VS SRH: Vaibhav Sooryavanshi breaks Chris Gayle record of most sixes in single season
वैभव सूर्यवंशी – फोटो : PTI
गेल के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूके
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी बड़ी उपलब्धि हासिल करने से महज एक गेंद से चूक गए। वह आज क्रिस गेल के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड को तोड़ सकते थे, लेकिन प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर आर स्मरण ने उन्हें कैच आउट करा दिया। आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल के नाम दर्ज है। उन्होंने 30 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था। आज सूर्यवंशी उनके रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन आउट हो गए। वह 29 गेंदों में पांच चौके और 12 छक्के की मदद से 97 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 334.48 का रहा।
रैना की बराबरी की
इस मैच में सूर्यवंशी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह आईपीएल नॉकआउट या प्लेऑफ मुकाबले में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक पूरा करने वाले संयुक्त पहले बल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने सुरेश रैना की बराबरी कर ली। दोनों ने 16 गेंदों में अर्धशतक जड़ा।

IPL नॉकआउट/प्लेऑफ में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज

गेंदें बल्लेबाज विपक्षी टीम साल
16 सुरेश रैना PBKS 2014
16 वैभव सूर्यवंशी SRH 2026*
17 एडन गिलक्रिस्ट DC 2009
20 महेंद्र सिंह धोनी MI 2012
21 ड्वेन स्मिथ CSK 2013
21 वीरेंद्र सहवाग CSK 2014
21 रजत पाटीदार GT 2026
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WORLD : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना का एक और हमला, भड़का ईरान; शांति वार्ता पर ग्रहण

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच शांति वार्ता जारी है। इस बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने पिछले 48 घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास स्थित एक ईरानी सैन्य ठिकाने पर दूसरा हमला कर दिया है। ईरान ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा पिछले 24 घंटों में किए गए मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों के हमलों के सीधे जवाब में की गई है।

दोनों देशों के बीच यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत में मीडिया से कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता एक-दो दिनों में अंतिम रूप ले सकता है। उनके मुताबिक, वार्ताकार अब केवल एक शब्द या एक वाक्य के मतभेदों को सुलझाने में लगे हैं।

आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमलों से हुई थी। फिलहाल 8 अप्रैल 2026 से अस्थायी संघर्षविराम लागू है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने अमेरिकी विमानों की मौजूदगी के दौरान कई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागीं। ईरानी ड्रोन और नावें समुद्री बारूद बिछाने में सक्षम थीं, जो अमेरिकी जहाजों के लिए खतरा थीं। वहीं, IRGC और ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्षविराम का उल्लंघन किया है और इस शत्रुतापूर्ण कृत्य के सभी परिणामों के लिए अमेरिकी शासन जिम्मेदार होगा। IRGC ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-35 लड़ाकू विमान को खदेड़ दिया।

अब्राहम अकॉर्ड्स
ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ शांति समझौते (अब्राहम अकॉर्ड्स) में शामिल होने के लिए कहा है। हालांकि, अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पैकेज डील को खारिज करते हुए कहा कि पहली प्राथमिकता युद्ध रोकना और होर्मुज मार्ग को खोलना होना चाहिए।

यूरेनियम
ट्रंप ने मांग की है कि ईरान के भीतर मौजूद संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को या तो अमेरिका को सौंप दिया जाए या फिर परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) की निगरानी में नष्ट किया जाए।

खामेनेई की धमकी
अपने दिवंगत पिता की जगह लेने के बाद से सार्वजनिक रूप से न दिखने वाले ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि समय का चक्र अब पीछे नहीं लौटेगा और क्षेत्र के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच सहमति बन जाती है तो यह युद्ध समाप्त हो सकता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग फिर से खुल जाएगा। इसे ईरान ने बंद कर रखा है। इसके बाद पूर्ण शांति समझौते के लिए दोनों पक्षों को 60 दिनों का समय मिलेगा।

SPORTS : ‘वैभव को कैसे आउट करें?’ 15 साल का खिलाड़ी बना गेंदबाजों के लिए सिर दर्द, जोफ्रा आर्चर ने दी चेतावनी

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आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में राजस्थान ने हैदराबाद को 47 रनों से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। वैभव सूर्यवंशी के 97 रनों के बाद जोफ्रा आर्चर ने पावरप्ले में 3 विकेट लेकर जीत पक्की की। मैच के बाद जब आर्चर से पूछा गया कि वैभव को आउट करने के लिए कहां गेंदबाजी करनी चाहिए।

न्यू चंडीगढ़: आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से करारी शिकस्त देकर राजस्थान रॉयल्स ने क्वालीफायर-2 में अपनी जगह पक्की कर ली है। बुधवार को खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले में जहां एक तरफ 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर सनसनी मचाई, वहीं दूसरी तरफ इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अपनी आग उगलती गेंदों से हैदराबाद के धाकड़ बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। मैच के बाद जोफ्रा आर्चर ने न सिर्फ टीम की जीत पर बात की, बल्कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक ऐसा रहस्यमयी बयान दिया जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

‘आईपीएल के बाद बताऊंगा…’ आर्चर का वो जवाब जिसने सबको चौंकाया
मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में जोफ्रा आर्चर से वो सवाल पूछा गया जो इस समय दुनिया के हर क्रिकेट कप्तान और गेंदबाज के दिमाग में घूम रहा है, ‘आखिर वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी कहां की जाए कि उन्हें आउट किया जा सके?’ इस सवाल पर आर्चर के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान तैर गई, लेकिन उन्होंने अपनी ही टीम के इस सिक्सर किंग का सीक्रेट खोलने से साफ मना कर दिया। आर्चर ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं आपको इसका जवाब इस आईपीएल सीजन के खत्म होने के बाद दूंगा।’ आर्चर का यह मजेदार और रहस्यमयी जवाब यह साफ दिखाता है कि वैभव की बल्लेबाजी का तोड़ फिलहाल किसी भी गेंदबाज के पास नहीं है, और राजस्थान रॉयल्स इस खुफिया रणनीति को टूर्नामेंट के अंत तक छिपाकर रखना चाहती है।

वैभव के लिए आर्चर की खास तारीफ
जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी की इस अविश्वसनीय पावर-हिटिंग और टैलेंट की खुलकर तारीफ की। वैभव की इस पारी के बारे में बात करते हुए आर्चर ने कहा, ‘उसे बल्लेबाजी करते देखना बेहद रोमांचक था। वह जितने ज्यादा रन बनाएगा, हमारे पास डिफेंड करने के लिए उतना ही बड़ा स्कोर होगा। जिस तरह की उसकी फॉर्म है, वह आने वाले मैचों में 150 रन भी बना सकता है।’

मैदान पर आर्चर का भी दिखा पुराना खूंखार रूप
भले ही पूरी लाइमलाइट वैभव की 12 छक्कों वाली पारी बटोर ले गई हो, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद जैसी खतरनाक और विस्फोटक बैटिंग लाइन-अप की कमर तोड़ने का काम अकेले जोफ्रा आर्चर ने ही किया। आर्चर ने पावरप्ले के अंदर ही हैदराबाद के तीन सबसे बड़े मैच-विनर्स को पवेलियन भेजकर मैच को पूरी तरह राजस्थान की झोली में डाल दिया था। आर्चर ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक उछाल से अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और ईशान किशन को क्रीज पर टिकने ही नहीं दिया और तीनों को सस्ते में आउट कर दिया। हालांकि डेथ ओवरों में आर्चर थोड़े महंगे साबित हुए और उनका स्पेल 3/58 का रहा, लेकिन शुरुआती तीन झटकों ने हैदराबाद को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया था।

पावरप्ले के खेल पर क्या बोले जोफ्रा आर्चर?
अपनी इस मैच जिताऊ गेंदबाजी पर बात करते हुए आर्चर ने बेहद शांत अंदाज में कहा, ‘आमतौर पर जो टीम पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेती है, वही मैच जीतती है और आज हमने वही किया। सनराइजर्स हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को गेंदबाजी करते समय आपको बस अपने नर्व्स को काबू में रखना होता है। उस समय आपकी अच्छी और बुरी दोनों गेंदें बाउंड्री के बाहर जा रही होती हैं, इसलिए आपको बस अपनी लाइन पर टिके रहना होता है।’ बता दें राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर वह फाइनल में जाना चाहेंगे।

BUSINESS : चांदी दो दिन में ₹10,000 सस्ती, ₹2.61 लाख पर आई:सोना ₹2,800 सस्ता हुआ, 10 ग्राम ₹1.56 लाख का बिक रहा

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 27 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 5,296 रुपए कम होकर 2.61 लाख रुपए पर आ गई है।

10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 1,539 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। चांदी की कीमत 2 दिन में 10 हजार और 2,800 रुपए कम हो चुकी है।

सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक

सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख
ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल)
मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक 20 हजार सस्ता हो चुका है।
चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.61 लाख तक

चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है।

शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख
ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त)
गिरावट का आंकड़ा: पिछले 118 दिन में चांदी ₹1.25 लाख सस्ती हो गई है

गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा

आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे।
प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

  1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
  2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

BUSINESS : दांव पर पैसा लगाया तो खेल जुआ ही माना जाएगा… सुप्रीम कोर्ट का ऑनलाइन गेमिंग-फैंटेसी स्पोर्ट्स पर बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को तगड़ा झटका देते हुए केवल प्लेटफॉर्म फीस या ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू पर टैक्स लगाने की दलील को खारिज कर दिया है. अदालत ने साफ किया कि जीएसटी (GST) यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई पूरी शुरुआती रकम पर ही वसूला जाएगा. कोर्ट के मुताबिक जब खेल में पैसा दांव पर लगता है तो वह सट्टेबाजी के दायरे में आ जाता है. इसके साथ ही पिछली तारीख से टैक्स वसूलने का फैसला भी बरकरार रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर 28% जीएसटी (GST) लगाने के सरकार के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है. कोर्ट ने इसके खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ किया कि जब अनिश्चित नतीजों पर पैसा लगाया जाता है तो ‘स्किल-बेस्ड’ (कौशल आधारित) गेम भी सट्टेबाजी और जुए जैसा ही रूप ले लेते हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इसे पिछली तारीख से लागू करने की मंजूरी दे दी है और कर्नाटक हाई कोर्ट के गेम्सक्राफ्ट वाले पुराने फैसले को पूरी तरह रद्द कर दिया है.

ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए भारी-भरकम जीएसटी (GST) टैक्स नोटिस को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, राज्य जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को पूरी तरह बरकरार रखा है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों द्वारा दायर की गई सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया.

इस पूरे कानूनी विवाद में गेमिंग कंपनियों का सबसे मुख्य और मजबूत तर्क यह था कि टैक्स का आकलन केवल उनके ‘ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू’ (GGR) यानी प्लेटफॉर्म फीस पर होना चाहिए. प्लेटफॉर्म फीस वह मामूली कमीशन होता है जो कंपनियां गेम आयोजित करने के बदले यूजर्स से वसूलती हैं. कंपनियों का कहना था कि यूजर्स द्वारा गेम खेलने के लिए पूल में जमा की गई पूरी रकम पर टैक्स लगाना उनके कारोबार को पूरी तरह तबाह कर देगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि टैक्स पूरी दांव राशि पर ही लगेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी. कोर्ट ने कहा कि कोई खेल कौशल आधारित है या किस्मत आधारित, इस बात से सट्टेबाजी और जुए की परिभाषा तय नहीं होती. अगर किसी भी खेल में किसी अनिश्चित परिणाम के ऊपर पैसा दांव पर लगाया जा रहा है तो जीएसटी के नजरिए से वह लेन-देन पूरी तरह सट्टेबाजी और जुए के चरित्र जैसा ही माना जाएगा. इसके अलावा कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करने के सरकार के अधिकार को भी सही माना, जिससे कंपनियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं.

ऑनलाइन गेमिंग फैसले की 5 मुख्य बातें

  • कंपनियों की मुख्य दलील खारिज: कोर्ट ने कंपनियों की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें केवल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर टैक्स लगाने की बात कही गई थी.
  • पूरी रकम पर लगेगा 28% टैक्स: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब गेम खेलने के लिए यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई पूरी शुरुआती रकम (Full Amount Staked) पर 28% जीएसटी देना होगा.
  • पैसा लगते ही खेल बना ‘जुआ’: अदालत ने साफ किया कि अगर किसी भी अनिश्चित नतीजे पर पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो टैक्स के उद्देश्य से वह खेल सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में ही आएगा.
  • पिछली तारीख से टैक्स वसूलने को मंजूरी: कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को ‘स्पष्टीकरण’ मानते हुए इसे पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करने की वैधता पर मुहर लगा दी है.
  • कानून पूरी तरह संवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट ने CGST एक्ट के प्रावधानों, राज्यों के जीएसटी कानूनों और नियमों को संवैधानिक रूप से पूरी तरह वैध और सही ठहराया है.
    गेमिंग इंडस्ट्री पर बुरा असर
    सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है. कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) पर आधारित था, जहां वे कुल जमा राशि का एक छोटा हिस्सा (लगभग 10% से 15%) प्लेटफॉर्म फीस के रूप में कमाती थीं. अब पूरी दांव राशि पर 28% जीएसटी लगने से गेमिंग कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा. इसका सीधा असर यूजर्स पर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें गेम खेलने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे और जीतने वाली इनामी राशि में भी कमी आ सकती है.
    कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो कोर्ट ने गेम ऑफ स्किल और गेम ऑफ चांस के बीच के पुराने अंतर को टैक्स के मोर्चे पर धुंधला कर दिया है. अब तक कंपनियां कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देकर खुद को सट्टेबाजी से अलग बताती थीं, लेकिन नए फैसले ने साफ कर दिया है कि जहां वित्तीय जोखिमऔर अनिश्चित परिणाम जुड़े हैं, वहां टैक्स की दरें जुए के समान ही होंगी. इसके अलावा, पिछली तारीख से टैक्स लागू होने की मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों के ऊपर पहले से जारी अरबों रुपये के टैक्स डिमांड नोटिस का भूत फिर से जी उठा है, जिससे कई स्टार्टअप्स के बंद होने या विदेशी निवेश के रुकने का खतरा पैदा हो गया है.
    आनलाइन गेमिंग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सवाल-जवाब
    : ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की सुप्रीम कोर्ट में टैक्स को लेकर क्या मुख्य मांग थी?

गेमिंग कंपनियों की मुख्य मांग थी कि जीएसटी (GST) केवल उनके ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर ही वसूला जाना चाहिए. उनका तर्क था कि यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई कुल राशि उनकी कमाई नहीं है, इसलिए उस पर टैक्स लगाना गलत है.

सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की इस दलील को किस आधार पर खारिज कर दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब किसी अनिश्चित परिणाम वाले खेल में पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो वह लेन-देन जीएसटी के दायरे में सट्टेबाजी और जुए जैसा ही माना जाता है. इसलिए टैक्स पूरी दांव राशि पर ही देय होगा.

इस फैसले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की किस बेंच ने की और किन कानूनों को वैध माना?

इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने की. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, विभिन्न राज्यों के जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया.

कोर्ट ने ‘गेम ऑफ स्किल’ (कौशल का खेल) को लेकर क्या अहम टिप्पणी की है?

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई खेल स्किल-बेस्ड है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. टैक्स के नजरिए से महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या उस खेल के पीछे पैसा दांव पर लगाया जा रहा है. पैसा लगते ही वह सट्टेबाजी के चरित्र का हो जाता है.

साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करने पर कोर्ट का क्या रुख रहा?

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के जीएसटी संशोधनों (नियम 31B और 31C) को पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करने के फैसले को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि ये संशोधन केवल स्पष्टीकरण और व्याख्या के रूप में थे, इसलिए इन्हें पहले से लागू माना जाएगा.

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

BUSINESS : आईटीआर-2 फॉर्म से आयकर रिटर्न भरना शुरू; बकरीद पर आज बंद रहेंगे शेयर बाजार

आयकर विभाग ने निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर-2 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा शुरू कर दी है। करदाता अब ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। यह फॉर्म मुख्य रूप से उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों के लिए होता है, जिनकी आय वेतन, मकान किराया या पूंजीगत लाभ जैसे स्रोतों से होती है। आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है।

बकरीद पर आज बंद रहेंगे शेयर बाजार
बकरीद की छुट्टी के कारण आज घरेलू शेयर बाजार बंद रहेंगे। बीएसई और एनएसई के छुट्टियों के कैलेंडर के अनुसार, बृहस्पतिवार, 28 मई को इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव खडों में कारोबार बंद रहेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) सुबह के सत्र के लिए बंद रहेगा। शाम पांच बजे से इसमें कारोबार शुरू होगा। घरेलू एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग शुक्रवार को फिर से शुरू होगी। अगली छुट्टी मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार, 26 जून को रहेगी।

ह्यूंडई ने 12,800 रुपये बढ़ाई कारों की कीमत
ह्यूंडई मोटर इंडिया ने वाहनों की कीमतों में 12,800 रुपये तक बढ़ोतरी का एलान किया है। कंपनी के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, इनपुट लागत में इजाफा और परिचालन खर्च बढ़ने के कारण की जा रही है। नई कीमतें विभिन्न मॉडलों पर अलग-अलग लागू होंगी। कंपनी ने इससे पहले 8 अप्रैल, 2026 को भी अपने पूरे पोर्टफोलियो में औसतन एक फीसद तक कीमत बढ़ाने की घोषणा की थी।

जियो ने लॉन्च किया नया ओटीटी प्लान
रिलायंस जियो ने 200 रुपये का नया ओटीटी पास प्लान पेश किया है। इसमें इंटरनेट डाटा के साथ लाइव टीवी और 15 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की सुविधा मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, इस प्लान के जरिये मिलने वाली सुविधाओं की कुल कीमत करीब 1,500 रुपये प्रति माह के बराबर है। इसकी वैधता 28 दिनों की है। इसमें यूट्यूब की प्रीमियम सर्विस भी मिलेगी, जिससे यूजर्स विज्ञापन-मुक्त वीडियो देख सकेंगे। 30जीबी 4जी के साथ असीमित 5जी डाटा भी मिलेगा।

WORLD : ‘अगर मैं डील करूंगा, तो वह बेहतरीन होगी’, ईरान के साथ समझौते पर बोले ट्रंप; ओबामा पर कसा तंज

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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर उनकी सरकार ईरान के साथ कोई समझौता करती है तो वह ओबामा प्रशासन की डील जैसी नहीं होगी। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी संभावित डील अमेरिका के हितों और वैश्विक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बातचीत अभी जारी है और कोई अंतिम समझौता तय नहीं हुआ है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर उनकी सरकार ईरान के साथ कोई समझौता करती है तो वह “अच्छा और सही समझौता” होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए परमाणु समझौते पर निशाना साधते हुए कहा कि उस डील ने ईरान को भारी मात्रा में नकदी दी और परमाणु हथियार तक पहुंचने का खुला रास्ता दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी संभावित डील पूरी तरह इसके उलट होगी और अमेरिका के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी।

ओबामा की डील पर ट्रंप ने क्या आरोप लगाए?
ट्रंप ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने ईरान के साथ जो समझौता किया था, वह अमेरिका के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उनके मुताबिक उस डील से ईरान को आर्थिक फायदा मिला और उसने अपनी परमाणु गतिविधियों को आगे बढ़ाने का मौका हासिल किया। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी कोई गलती नहीं दोहराएगी। उन्होंने साफ कहा कि वह “खराब समझौते” नहीं करते और उनकी प्राथमिकता अमेरिका की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता होगी। ट्रंप ने अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग इस संभावित समझौते की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अभी इसकी पूरी जानकारी ही नहीं है।

क्या अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है नई डील?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ संभावित समझौता अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ट्रंप के मुताबिक, अभी तक किसी ने इस डील को देखा नहीं है और न ही इसके सभी बिंदु तय हुए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग लगातार आलोचना कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगी और हर कदम सोच-समझकर उठाया जाएगा।

ईरान को लेकर दुनिया की नजर क्यों बनी हुई है?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों को आशंका रही है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जबकि ईरान हमेशा अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है। ऐसे में ट्रंप के बयान को काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच नई डील होती है तो उसका असर पश्चिम एशिया की राजनीति, वैश्विक सुरक्षा और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

HEALTH : देश में मौत का सबसे बड़ा कारण बना हृदय रोग, हर तीन में एक जान दिल की बीमारी से जा रही

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जनगणना महारजिस्ट्रार की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा 32.1 फीसदी मौतें हृदय रोगों के कारण हो रही हैं। उत्तर भारत में स्थिति सबसे गंभीर पाई गई है। रिपोर्ट में श्वसन रोग, मधुमेह, पाचन तंत्र रोग और तपेदिक को भी मौत की बड़ी वजह बताया गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब जीवनशैली और तनाव के कारण आने वाले वर्षों में यह स्वास्थ्य संकट और बढ़ सकता है।

भारत में बदलती जीवनशैली, तनाव, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। जनगणना महारजिस्ट्रार की ‘भारत में मृत्यु के कारण 2022-24’ रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश में सबसे ज्यादा 32.1 फीसदी मौतें हृदय रोगों के कारण हो रही हैं। यानी हर तीन में से एक व्यक्ति की मौत दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से हो रही है। रिपोर्ट ने यह भी दिखाया कि उत्तर भारत में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते रोकथाम और जागरूकता पर काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में यह संकट और बड़ा हो सकता है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं हृदय रोग के मामले?
रिपोर्ट के अनुसार हृदय रोग देश में मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुका है। उत्तर भारत में दिल की बीमारी से मौत का आंकड़ा 35.1 फीसदी तक पहुंच गया है, जबकि मध्य भारत में यह 24.1 फीसदी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार तनाव, धूम्रपान, शराब, जंक फूड, मोटापा और व्यायाम की कमी इसके बड़े कारण हैं। कम उम्र में भी लोगों में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर दिल पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक शहरों के साथ अब गांवों में भी हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं।

किन बीमारियों से हो रही सबसे ज्यादा मौतें?
रिपोर्ट में हृदय रोग के बाद कई अन्य गंभीर बीमारियों को भी मौत का बड़ा कारण बताया गया है। श्वसन रोगों से 6 फीसदी, पाचन तंत्र रोगों से 5.9 फीसदी और श्वसन संक्रमण से 5.7 फीसदी मौतें हो रही हैं। मधुमेह यानी डायबिटीज से होने वाली मौतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। दक्षिण भारत में डायबिटीज से मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा 4.8 फीसदी दर्ज किया गया है। वहीं अज्ञात बुखार, चोट और जनन-मूत्र संबंधी रोग भी बड़ी वजह बन रहे हैं। रिपोर्ट में तपेदिक यानी टीबी को भी गंभीर खतरा बताया गया है, जिससे कुल 2.6 फीसदी मौतें हो रही हैं।

क्या पुरुष और महिलाओं में फर्क दिखा?
रिपोर्ट में पुरुषों और महिलाओं के बीच भी बीमारी के असर में अंतर सामने आया है। पाचन तंत्र रोगों से पुरुषों में 7.7 फीसदी मौतें दर्ज की गईं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 3.4 फीसदी रहा। जनन-मूत्र संबंधी रोगों से पुरुषों में 3.8 फीसदी और महिलाओं में 2.9 फीसदी मौतें हुईं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में धूम्रपान, शराब और तनाव ज्यादा होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं महिलाओं में स्वास्थ्य जांच को लेकर लापरवाही भी चिंता का विषय बनी हुई है।

क्या बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से बदली तस्वीर?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम उम्र में होने वाली मौतों में कमी आई है और अब लोग पहले की तुलना में ज्यादा उम्र तक जीवित रह रहे हैं। इसका कारण बेहतर इलाज, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार माना गया है। हालांकि बुजुर्गों में मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में अस्पष्ट कारणों से मौतें ज्यादा दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

क्या सुझाव दिए गए हैं?
विशेषज्ञों ने कहा है कि हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने के लिए मजबूत हस्तक्षेपकारी रणनीतियां अपनानी होंगी। लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन, व्यायाम और तनाव कम करने की आदत अपनानी होगी। रिपोर्ट में बच्चों और कम उम्र के लोगों की मौत रोकने के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जागरूकता और रोकथाम पर जोर दिया जाए तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं।

NATIONAL : सहारनपुर से 4 आतंकवादी ग‍िरफ्तार, लखनऊ-नोएडा सह‍ित कई शहरों में अस्पताल-स्कूलों को बम से उड़ाने की थी साज‍िश

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आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार को सहारनपुर से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों आतंकी पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। इन्हें लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद सहित अन्य शहरों में स्कूलों व अस्पतालों को बम से उड़ाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए आतंकियों ने कई स्कूलों व अस्पतालों की रेकी भी की थी। साथ ही असलहों व विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नोएडा में बैठक भी की थी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी ने इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब के जरिए चारों आतंकियों को अपने साथ जोड़ा था। इन्हें एक राजनीतिक दल के कार्यालय को भी बम से उड़ाने का लक्ष्य दिया गया था। एटीएस थाने में इनके विरुद्ध देश विरोधी साजिश रचने के मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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