Friday, September 4, 2026
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SPORTS : विमेंस एशिया कप में आज भारत Vs हॉन्गकॉन्ग, इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार भिड़ंत; टीम इंडिया जीती तो सेमीफाइनल में पहुंचेगी

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विमेंस एशिया कप 2026 में आज भारत और हॉन्गकॉन्ग की महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहला मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रात 8 बजे से खेला जाएगा। यह दोनों टीमों की इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली भिड़ंत होगी। भारत की टीम इस मैच को जीतकर 4 अंक के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर लेगी।

भारत ने टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में थाईलैंड को 94 रन से हराया था। इस जीत के बाद टीम 2 अंकों के साथ ग्रुप-ए में शीर्ष पर है, जबकि हॉन्गकॉन्ग अंतिम पायदान पर है। भारत के जीतने की स्थिति में पाकिस्तान के अलावा कोई अन्य टीम 4 अंक तक नहीं पहुंच पाएगी, इसलिए यह मुकाबला जीतना टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत ने इस साल अब तक 17 मैच खेले हैं, जिनमें 8 में जीत और 9 में हार मिली है। हॉन्गकॉन्ग ने 26 मैचों में से 16 में जीत हासिल की है। हालांकि इस मुकाबले में भारत का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

भारत के लिए ओपनर बल्लेबाज शेफाली वर्मा और गेंदबाज एन श्री चरणी ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया है। शेफाली ने 17 पारियों में 150.14 की स्ट्राइक रेट से 503 रन बनाए हैं, जिनमें 67 चौके और 16 छक्के शामिल हैं। पहले मैच में उन्होंने 36 गेंदों पर 64 रन की पारी खेली थी। गेंदबाजी में श्री चरणी ने 19 रन देकर 4 विकेट लिए, जो उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा।नंदिन शर्मा और दिप्ती शर्मा पर भी निगाहें रहेंगी, जिन्होंने थाईलैंड के खिलाफ 3-3 विकेट चटकाए थे। हॉन्गकॉन्ग की तरफ से बल्लेबाज नताशा माइल्स और गेंदबाज करी चान इस साल बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। करी चान ने 26 मैचों में 4.81 की इकोनॉमी से 39 विकेट लिए हैं, जिनमें उनका बेस्ट प्रदर्शन 15 रन देकर 5 विकेट रहा।

दुबई में मैच के दौरान तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बाउंड्री बड़ी होने के कारण बड़े शॉट लगाना आसान नहीं होगा, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी।

दुबई की पिच पर इस टूर्नामेंट में स्पिन गेंदबाजों का दबदबा रहा है। टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला कर सकती है क्योंकि लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं दिखा है।

भारतीय महिला टीम ने किसी भी फॉर्मेट में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में अभी तक मुकाबला नहीं खेला है, इसलिए यह दोनों टीमों की पहली भिड़ंत होगी। टीम इंडिया का महिला टी20 एशिया कप में अब तक शानदार रिकॉर्ड रहा है, जिससे इस मुकाबले में जीत की उम्मीद बढ़ जाती है।

टीम इंडिया इस मैच में अपने बल्लेबाजी प्रदर्शन को सुधारने पर ध्यान देगी, क्योंकि पहले मैच में शेफाली वर्मा को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज बड़ा प्रदर्शन नहीं कर पाया था। स्मृति मंधाना से बड़ी पारी की उम्मीद है। गेंदबाजी में दिप्ती शर्मा ने पहले मैच में अपनी स्पिन गेंदबाजी से प्रभावित किया था, उनसे फिर से अच्छा प्रदर्शन अपेक्षित है।

यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा और टॉस शाम 7:30 बजे होगा। मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा, जबकि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप पर उपलब्ध रहेगी।

WORLD : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब ‘बहुत ज्यादा लंबा’ चलेगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब ‘बहुत ज्यादा लंबा’ चलेगा। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के कुछ दिन बाद ट्रंप का यह बयान आया है। दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर ‘बहुत बड़ा हमला’ किया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल में लगाए गए सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इनमें रडार और मिसाइल से जुड़ी प्रणाली शामिल थे।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हल्का जवाब दिया, लेकिन अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ‘बहुत मजबूत नियंत्रण’ है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस अहम समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। अमेरिकी सेना ऐसे जहाजों को भी वहां से निकाल रही है, जो लाखों बैरल तेल लेकर जा रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में रडार और मिसाइल प्रणाली को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही थी। वह बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई जहाजों को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास रडार नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने उसे नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जब चाहे तब और हमले करने के लिए तैयार है।

जब ट्रंप से पूछा गया कि नए हमलों का अभियान कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा कि यह जल्द खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा लंबा चलेगा। मुझे नहीं पता कि ईरान और कितना नुकसान सह सकता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर पूरी की है।

NATIONAL : राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी कमान के लीडर थे;

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राम मंदिर के चंदे की चोरी का मामला इस साल जून में सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने अपनी तीसरी बैठक में एयर मार्शल मिश्रा की नियुक्ति की घोषणा की।

ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टियों की घोषणा भी की, जिनमें पहली बार एक महिला शामिल हैं। इन तीन नए ट्रस्टियों में दिल्ली निवासी महेश भगचंदका, अयोध्या के वकील मदन मोहन पांडे और आरएसएस से जुड़ी शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।

इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट की बोर्ड बैठक में घोषित अन्य परिवर्तनों में स्वामी गोविंद देव गिरि जी को महासचिव नियुक्त करना शामिल था। गिरि, जो अब तक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष थे, अब चंपत राय द्वारा खाली किए गए महासचिव पद को संभालेंगे।

इसी प्रकार, नव नियुक्त न्यासी महेश भगचंदका को न्यास के कोषाध्यक्ष का पदभार सौंपे जाने की संभावना है। विश्व हिंदू परिषद के नेता शरद शर्मा को न्यास का प्रवक्ता नामित किया गया है।
गौरतलब है कि दान चोरी के मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है और वे तब से जेल में बंद हैं।

इसके अलावा, चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव सहित तीन वरिष्ठ ट्रस्टियों ने गबन विवाद के संबंध में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

खोज समिति के सदस्य सुरेश हावरे के अनुसार, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ने राम मंदिर में अनुशासन और प्रबंधन स्थापित किया था।

हावरे को उम्मीद थी कि एयर मार्शल मिश्रा राम भक्तों के विश्वास और भरोसे को बहाल करेंगे, जिसे दान चोरी विवाद के बाद ठेस पहुंची थी।

हावरे के अलावा, जो एक सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक और शिरडी में श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व प्रमुख हैं, तीन सदस्यीय चयन पैनल के अन्य दो सदस्य सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी हैं।
सूत्रों के अनुसार, नव नियुक्त तीन अन्य न्यासियों में महेश भगचंदका एम2के फाउंडेशन के अध्यक्ष और अशोक सिंघल फाउंडेशन के न्यासी हैं। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल पर एक पुस्तक भी लिखी है, जिनसे उनका संबंध है।

अधिवक्ता मदन मोहन पांडे स्थानीय अदालतों में राम जन्मभूमि मामले से जुड़े रहे हैं और विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़े हुए हैं।

निर्मला यादव आरएसएस से जुड़ी रही हैं।

राम मंदिर में दान की चोरी के हालिया आरोपों के बाद महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे से उत्पन्न रिक्त पदों को भरने के लिए नए न्यासियों की नियुक्ति की गई थी।

हालांकि, अयोध्या के पूर्व शाही परिवार के वंशज बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा की पिछले साल मृत्यु के बाद तीसरी रिक्ति उत्पन्न हुई।

हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने X पर पोस्ट किया: “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन की व्यापक, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है… 5,585 आवेदनों की समीक्षा के बाद, चयन समिति ने 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत चर्चा की। आज, समिति ने तीन उच्च योग्य उम्मीदवारों का अंतिम पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है, जो अंतिम निर्णय लेगा और आधिकारिक घोषणा करेगा।”

चयन समिति के सचिव समीर पांडा ने कहा, “चयन समिति ने अपने व्यापक मूल्यांकन के आधार पर राम जन्मभूमि ट्रस्ट के लिए तीन उच्च योग्य पेशेवरों के एक पैनल की सिफारिश की है। ये उम्मीदवार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में सेवा करने के लिए आवश्यक संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता, सत्यनिष्ठा और दूरदर्शिता के उच्चतम स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं।”

समिति ने कहा कि चयन प्रक्रिया एआई-सक्षम तकनीक और मैनुअल मूल्यांकन को मिलाकर एक बहुस्तरीय मूल्यांकन के माध्यम से आयोजित की गई थी।

पैनल के एक बयान के अनुसार, टीमों ने दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एक साथ काम करते हुए एक “कठोर” और “पारदर्शी” प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग की।

समिति ने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व” की संस्था का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता, ईमानदारी और दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए “व्यापक मूल्यांकन” के बाद अंतिम तीन उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी।

WORLD : इजराइल बोला- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे, रक्षा मंत्री ने कहा- हमास हथियार नहीं छोड़ रहा, लोगों को हटाकर ही समस्या सुलझेगी

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इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि अगर अमेरिका मंजूरी देता है तो हम गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देंगे। काट्ज ने कहा किहमास हथियार छोड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में गाजा की समस्या का समाधान लोगों को वहां से हटाए बिना संभव नहीं है। फिलिस्तीनियों को गाजा से बाहर निकालने की योजना तैयार है।

लोगों को समुद्र, हवाई मार्ग या किसी भी दूसरे तरीके से बाहर भेजने की तैयारी है।उन्होंने कहा- अब इजराइल अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है कि इन लोगों को कहां भेजा जाएगा।
इजिप्ट के विरोध के बाद प्रस्ताव पर पीछे हटे ट्रम्प-अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में कहा था कि गाजा के करीब 20 लाख फिलिस्तीनियों को वहां से चले जाना चाहिए।ट्रम्प ने गाजा को फिर से बसाने और उसे भूमध्यसागर के किनारे एक लग्जरी रिसॉर्ट में बदलने की बात कही थी।

ट्रम्प के इस प्रस्ताव का कई देशों ने विरोध किया था। इनमें मिस्र भी शामिल था। मिस्र, इजराइल के अलावा गाजा से सीमा साझा करने वाला इकलौता देश है।फिलिस्तीनियों ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि अगर उन्हें उनकी जमीन से जबरन हटाया गया तो यह उन्हें 1948 की याद दिलाएगा, जब इजराइल के बनने के दौरान बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों को अपना घर छोड़ना पड़ा था।

NATIONAL : केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हैं। छह-सात सितंबर की तारीख पर नजर है। कई मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं। 70 पार नेताओं की जिम्मेदारी घट सकती है।

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राजनीति में कई बार जो होता है, उससे ज्यादा वह बोलता है जो नहीं होता। बुधवार, दो सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिन पहले ही बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से लौट चुके थे। दिल्ली में थे, जल संसाधन मंत्रालय के कार्यक्रम में भी गए। इसके बावजूद बुधवार खाली गुजर गया। इस सन्नाटे को समझना हो तो पिछले बुधवार पर लौटना होगा।

26 अगस्त..! मंत्रिमंडल की बैठक हुई और बाद में कोई फैसला नहीं बताया गया। यानी मेज पर ऐसा कुछ रखा ही नहीं गया था, जिसकी घोषणा होनी हो। लेकिन उसी बैठक में प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों से जो कहा, वही सबसे बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा, अगली मंत्रिमंडल बैठक में नए साथी जुड़ेंगे।और यही बात बताती है कि मंत्रिमंडल की अगली बैठक अब उसी दिन होगी, जिस दिन मेज के चारों तरफ कुछ नए चेहरे बैठे होंगे।अब सारा हिसाब कैलेंडर का है…और कैलेंडर बहुत तंग है


विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर रहेंगे। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है और जिसमें दुनियाभर के नेता जुटेंगे। उसके बाद 17 सितंबर से भाजपा का महीने भर चलने वाला सेवा संकल्प अभियान शुरू हो जाएगा। इन तारीखों के बीच छह और सात सितंबर यानी रविवार और सोमवार की िखड़की बचती है। सत्ता के गलियारों में यही अनुमान है कि इसी खिड़की में मोदी की टीम नए कलेवर में सामने आ सकती है।फेंटे जाएंगे मंत्रालय : मंत्रालय बड़े पैमाने पर फेंटे जाएंगे। तीन, चार विभागों वाले मंत्रियों से कुछ जिम्मेदारियां लेकर नए चेहरों को दी जा सकती हैं। एक चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है। युवा पीढ़ी से संवाद की क्षमता भी तौली जा रही है। शिक्षा मंत्रालय में बौद्धिक चेहरा दिख सकता है।


उम्र सबसे बड़ी कसौटी: कैबिनेट में 70 वर्ष से अधिक के 14 मंत्री हैं और इनमें कटौती तय है। इनमें से कुछ को संगठन जबकि कुछ को राज्यों में भूमिका दिए जाने की उम्मीद है।
गठबंधन का भी दबाव : तृणमूल कांग्रेस से टूटकर बना 20 सांसदों का गुट अब एनडीए में है। उन्हें जगह देनी होगी। शिंदे वाली शिवसेना के सांसद भी जेडी (यू) से ज्यादा हो चुके हैं। एनसीपी भी ज्यादा सीटें मांग रही है। डीएमके को साधने में भी मंत्रिपद काम आएगा।

यूपी : सांसद रवि किशन पर फोकस
अभी फोकस उत्तर प्रदेश पर है और वहां से भी रवि किशन का नाम सबसे चर्चा में है। जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान सबसे अधिक मीम उनपर ही बने। वह ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और भाजपा राज्य में इस जाति के वोट किसी भी हाल में साधना चाहती है। जाहिर है, फेरबदल में उन्हें मौका मिल सकता है।

NATIONAL : अब कुछ भी सस्ता नहीं, जीडीपी 7.8 होने के दावों के बीच शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने मुंबई में दिखाया आईना

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शरद पवार की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने बड़ा हमला बोला है। सुप्रिया सुले बुधवार को मुंबई में केंद्र सरकार द्वारा जीडीपी के 7.8 ग्रोथ पर होने के बाद दावों के बीच कहा कि यह मुश्किल समय है। लोगों पर टैक्स लगाया जा रहा है। खाने की महंगाई आसमान छू रही है। इस देश में अब कोई खाना कैसे खरीदेगा? दूध, गेहूं, चावल, चीनी की कीमतें, आम आदमी, जो मेहनती है, इस देश में कैसे जिएगा। जीडीपी की ग्रोथ रेट का जिक्र करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि ये नंबर्स बहुत चिंताजनक लगते हैं क्योंकि एक्सपर्ट्स को ऐसा नहीं लगता।महंगाई के खिलाफ सुप्रिया सुले का हल्लाबोल

सुप्रिया सुले ने एनसीपी के कार्यकर्ताओं के साथ महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। तेल, दालें, दूध, चीनी, चावल जैसी जरूरी चीजों से लेकर रिक्शा और टैक्सी के किराए तक, सब कुछ महंगा हो गया है, जिससे आम नागरिक का बजट बिगड़ गया है। बीजेपी सुप्रिया सुले को याद दिलाया है कि जीडीपी तेजी से आगे बढ़ रही है। गौरतलब हो कि एक दिन पहले सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहाा था कि जब तक लोग आंदोलन न करें महायुति सरकार को सुनाई नहीं देता है।

‘अब कुछ भी सस्ता नहीं है’

सरकार की आलोचना करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि अब कुछ भी सस्ता नहीं है। जब आप दुकान पर जाते हैं, तो सामान की कीमतें देखकर चौंक जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गणेशोत्सव, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के आने पर महंगाई में भारी बढ़ोतरी करके मज़दूर वर्ग की कमर तोड़ने का पाप किया है। सरकार ज़रूरी चीजों पर कोई सब्सिडी नहीं दे रही है, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों, मजदूर वर्ग, शोषित और समाज के वंचित तबकों के लिए जीना मुश्किल हो गया है। सुप्रिया सुले ने साफ किया कि उनका कहना है कि महंगाई कम होनी चाहिए।

जीडीपी ग्रोथ पर उठाए सवाल

सुप्रिया सुले ने देश की आर्थिक हालत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि GDP ग्रोथ को लेकर सरकार और एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग है। उन्होंने बताया कि कई इकोनॉमिस्ट और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर भी कह चुके हैं कि उम्मीद के मुताबिक ग्रोथ नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर जाकर अपनी मां-बहनों से पूछें कि खाने-पीने की चीजों की महंगाई से आम आदमी के घरों की हालत कितनी खराब हो गई है।

सरकार पर सुप्रिया सुले ने बोला हमला

सुप्रिया सुले ने पूछा कि गरीबों को राहत देने वाला आनंद अनुष्ठान अब कहां गायब हो गया है। उन्होंने इस गंभीर बात का भी जिक्र किया कि चुनाव के समय शुरू की गई स्कीमों जैसे लड़की बहन योजना से चुनाव के बाद करीब 80 लाख से एक करोड़ महिलाओं के नाम बाहर कर दिए गए हैं। सुले ने कहा कि जिन बहनों ने सरकार को वोट दिया था, उन्हें अब महंगाई के रूप में बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कर्ज माफी की खुशी के बाद भी मेहनतकश किसानों को इंसाफ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि काली मिट्टी से ईमानदार अन्नदाता को न्याय नहीं मिल रहा है, जबकि शहर में मेहनतकश लोगों को महंगाई झेलनी पड़ रही है, इससे वे कैसे गुजारा कर रहे है

NATIONAL : दुनिया देख रही भारतीय वायुसेना की ताकत! स्वदेशी लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम ‘खगंतक-243’ का सफल टेस्ट

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भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वायुसेना ने देश में डिजाइन और विकसित किए गए लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम ‘खगंतक-243’ का सफल ड्रॉप ट्रायल किया है। परीक्षण के दौरान इस घातक हथियार ने सटिकता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया।

खगंतक-243 का निर्माण भारतीय रक्षा कंपनी जेएसआर डायनेमिक्स ने किया है। इस हथियार को लड़ाकू विमानों द्वारा छोड़ा जाता है। भारतीय वायुसेना ने खगंतक-243 के सफल परीक्षण की जानकारी दी।वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘वायुसेना और भारतीय इंडस्ट्री के यह एक एक अहम उपलब्धि है। भारतीय वायु सेना ने देश में ही डिजाइन और विकसित किए गए ‘लॉन्ग रेंज ग्लाइड बॉम्ब’ (खगंतक-243) को गिराने का सफल परीक्षण किया। इन परीक्षणों ने सभी लक्ष्यों को हासिल किया और आत्मनिर्भर भारत के जरिए मारक क्षमता के नए आयाम स्थापित किए।’ वायुसेना ने इस उपलब्धि को आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में एक और बड़ी सफलता बताया है।

क्या है खगंतक-243
खगंतक-243 एक स्वदेशी लॉन्ग-रेंज स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार है। ग्लाइड बम को विमान से छोड़े जाने के बाद वह पारंपरिक बम की तरह सीधे नीचे गिरने के बजाय ग्लाइड करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ता है। इससे लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद करीब गए बिना हमला करने की क्षमता मिलती है।

खगंतक-243 की खासियतें क्या हैं?

स्वदेशी डिजाइन: खंगतक-243 को पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसे जेएसआर डायनेमिक्स ने विकसित किया है। यह भारत की स्वदेशी सटीक हमला क्षमता में बड़ा इजाफा है।

लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता: खगंतक-243 एक लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम है। इसे लड़ाकू विमान से काफी दूरी से दागा जा सकता है, जिससे विमान को लक्ष्य के बेहद करीब जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

ग्लाइड करते हुए लक्ष्य तक पहुंचता है: यह सामान्य बम की तरह सीधे नीचे नहीं गिरता। विमान से छोड़े जाने के बाद इसके पंख खुलते हैं और यह हवा में ग्लाइड करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ता है।

सटीक निशाना लगाने में सक्षम: खगंतक-243 को सटीक हमले के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मार्गदर्शन प्रणाली लगी है, जो इसे निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करती है।

करीब 140 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता: उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह 140 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक लक्ष्य को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। वास्तविक रेंज लॉन्च की ऊंचाई और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

Su-30MKI से परीक्षण: इस स्वदेशी हथियार का परीक्षण भारतीय वायुसेना के Su-30MKI लड़ाकू विमान से किया गया है। यानी हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार में आए बिना ही उस पर हमला कर सकते हैं।

खगंतक-243 की सबसे बड़ी ताकत यह है कि लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद करीब गए बिना दूर से ही बम गिराकर सटीक हमला करने की क्षमता मिलती है। इससे विमान की सुरक्षा बढ़ाने और दुश्मन के इलाके में स्टैंड-ऑफ दूरी से हमला करने में मदद मिल सकती है।

NATIONAL : पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर तोड़ा, भारत का फूटा गुस्सा; कहा-‘ये खौफनाक विफलता है’

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पाकिस्तान में करीब सौ साल पुराने मंदिर को तोड़े जाने की खबरों पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान में किस तरह से अल्पसंख्यकों के ऊपर बर्बरता की जा रही है. मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार इस मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है.

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पाकिस्तान के नारोवाल जिले के सिराज गांव में एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर के विध्वंस की भयावह खबरों से हम बेहद चिंतित हैं. हम एक सदी पुराने अल्पसंख्यक पूजा स्थल के खिलाफ बर्बरता के इस निंदनीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि पड़ोसी मुल्क के अधिकारियों की उदासीनता के चलते इस पुराने मंदिर की रक्षा करने में उनकी नाकामी चिंताजनक है.

MEA ने पाक को लगाई लताड़

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा, ‘इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग कितने असुरक्षित हैं और उनके धर्म की आजादी और उनके पूजा-स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. जायसवाल ने पाकिस्तान सरकार से इस घटना की जल्द से जल्द पारदर्शी जांच कराने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की. साथ ही कहा टूटे हुए मंदिर को दोबारा ठीक कराया जाए और देश में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक लोगों की सुरक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सरकार निभाए.
मंदिर गिराने वालों पर कार्रवाई की मांग

100 से 125 साल पुराना यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव में था. स्थानीय लोगों, अल्पसंख्यक संगठनों और एक राजनीतिक दल ने आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने मंदिर को उसकी जमीन को पास के एक मदरसे में मिलाने के लिए ढहा दिया. वहीं, सरकार ने दावा किया कि पुराना मंदिर भारी बारिश के कारण अपने आप ढह गया. पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी ने पंजाब सरकार से मंदिर गिराने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और मंदिर का पुनर्निर्माण करने की मांग की है.

NATIONAL : राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कांग्रेस की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े रहने को कहा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को जिला स्तर के पार्टी नेताओं से कांग्रेस की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े रहने और लोगों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम करने को कहा।

महाराष्ट्र में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए नासिक के पास आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए गांधी ने प्रतिभागियों के सामने कराटे और जुजुत्सु का प्रदर्शन भी किया। जुजुत्सु जापान का पारंपरिक मार्शल आर्ट है।

कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य आरिफ नसीम खान ने कहा कि गांधी ने नवनिर्वाचित जिला अध्यक्षों और उनके परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, ‘‘गांधी ने उन्हें संदेश दिया कि उन्हें कांग्रेस की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए और लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना चाहिए।’’गांधी सुबह नासिक पहुंचे, महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और प्रशिक्षण शिविर में जाने से पहले आदिवासी छात्रों के साथ बातचीत की।

कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि गांधी ने जिला इकाई अध्यक्षों के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत की। उन्होंने उन्हें जुजुत्सु और कराटे का प्रदर्शन भी किया तथा इस बारे में भी बात की कि मानसिक और शारीरिक रूप से कैसे मजबूत बनाया जा सकता है।

राज्य में नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को गांधी की मौजूदगी में संपन्न हुआ।नासिक के एक दिवसीय दौरे के दौरान गांधी ने पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लिया, प्रदेश के शीर्ष नेताओं और आदिवासी प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत की।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत मई में 69 नये जिला और शहर अध्यक्ष नियुक्त किए थे।

यह 22 अगस्त के बाद गांधी का दूसरा राज्य दौरा था। 22 अगस्त को उन्होंने पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और बढ़ती फीस के खिलाफ पुणे में ‘‘छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने नासिक में संवाददाताओं से कहा कि प्रदेश इकाई के नेताओं ने गांधी के साथ महाराष्ट्र के ‘‘वर्तमान महत्वपूर्ण मुद्दों’’ पर चर्चा की।

चव्हाण ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र में मसौदा मतदाता सूची से 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से शुरू होने वाले नासिक कुंभ मेले के लिए बजटीय आवंटन और महंगाई पर भी चर्चा हुई।

चव्हाण ने कहा, ‘‘हमने महाराष्ट्र में किसान आत्महत्याओं और एक लाख करोड़ रुपये की शक्तिपीठ राजमार्ग परियोजना का किसानों द्वारा विरोध जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने बुधवार को नासिक में गांधी के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का विरोध कर रही है।

नासिक महापौर हिमगौरी आहेर-अडके और भाजपा की अन्य महिला नेताओं तथा समर्थकों ने गांधी के दौरे के विरोध में मार्च निकाला।

NATIONAL : एमपी के रीवा में बड़ा हादसा: सीधी मार्ग पर बस-बल्कर में भिड़ंत, 12 लोगों की मौत की खबर; 20 से ज्यादा लोग घायल

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राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 पर एक सड़क दुर्घटना हुई है। यह हादसा बदबार स्टैंड के पास हुआ है। सीधी की ओर से आ रही पवन एक्सप्रेस बस और रीवा की ओर से आ रहे बल्कर के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इसमें पांच लोगों ेके मौत हुई है। वहीं 20 लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत गुढ़ थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना में लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस और अन्य वाहनों से संजय गांधी अस्पताल रीवा भर्ती कराया गया। पहले रीवा हुजूर एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया था कि बस में 43 लोग सवार थे। जिनमें सात गंभीर घायल हैं और पांच लोगों को सामान्य चोट आई है। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने मृतकों का आंकड़ा बढ़ाकर पांच किया और कहा 20 लोग अभी भी घायल है।


बचाव और राहत कार्य
घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हादसे के बाद की स्थिति
इस भीषण दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है।

मृतकों के परिवार को दो-दो लाख
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को रीवा-सीधी हाईवे पर बस और बल्कर की टक्कर में हुई यात्रियों की मृत्यु पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा है कि दुर्घटना अत्यंत हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से अपनी आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैंं।

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