Friday, April 24, 2026
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NATIONAL : राघव चड्ढा समेत AAP के 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, भड़के संजय सिंह; बोले-‘पंजाब में शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस’

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आम आदमी पार्टी में टूट हुई है। राघव चड्ढा ने AAP छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने साथ 6 राज्यसभा सांसदों के होने का दावा किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट हुई है। पार्टी में हुई इस टूट को लेकर AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का पंजाब में ऑपरेशन लोटस शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि AAP के बागी सांसदों को पंजाब माफ नहीं करेगा। सिंह ने कहा कि आदमी पार्टी के सांसदों को तोड़ा गया है। संजय सिंह की यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिस AAP को ”मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है। अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है। पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए, आज हम यह घोषणा करते हैं कि मैं AAP से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।”

राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद AAP सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा का ऑपरेशन लोटस और राजनीति का खेल जिसमें भगवंत मान के कार्य रोकने का काम बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। पंजाब की सरकार वहां के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का काम करती है। पंजाब के किसी भी व्यक्ति को कोई रोग हो तो 10 लाख रुपए तक का इलाज कराने का काम किया जाता है। ऐसी सरकार को भाजपा ने रोकने और तोड़ने का काम किया है। आज राज्यसभा के 7 सांसद अलग होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इन सातों नामों को पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी। राघव चड्ढा को AAP ने क्या नहीं दिया लेकिन वो भाजपा में चले गए। इन सभी नेताओं को AAP ने जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाने का काम किया था लेकिन इन सातों लोगों ने पंजाब की जनता को धोखा दिया है।”

संजय सिंह ने इस दौरान यह भी कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहना चाहता हूं कि आपने भगवंत मान के कार्यों को रोकने का जो काम किया है, उसके लिए आपको पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी। आज पंजाब जैसी अच्छी सरकार के साथ ऑपरेशन लोटस का खेल खेला जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके ऑपरेशन लोटस का तंत्र चलाया जा रहा है।”

BUSINESS : सर्राफा बाजार में सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट

सर्राफा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में आज लगातार पांचवें दिन कमजोरी नजर आ रही है। सोने की तरह ही चांदी ने भी आज गोता लगाया है। सोना आज 1,100 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। इसी तरह चांदी की कीमत में भी आज 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना आज 0.49 प्रतिशत गिर कर 4,675.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी भी आज 76.37 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट की वजह से भारत में भी हाजिर सोने और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख बना हुआ है।

आज की इस गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,54,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,41,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं चांदी के भाव में आई गिरावट के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,53,690 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,54,250 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,41,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,53,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,53,690 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में गिरावट का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

ENTERTAINMENT : सलमान खान की नई फिल्म ‘एसवीसी63’ ईद 2027 पर होगी रिलीज

अभिनेता सलमान खान ने अपनी नई फिल्म ‘एसवीसी 63’ को लेकर प्रशंसकों को बड़ी खुशखबरी दी है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर फिल्म के सेट से एक वीडियो शेयर करते हुए इसकी रिलीज तारीख का ऐलान किया। सलमान ने बताया कि उनकी यह अनाम फिल्म ईद 2027 के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों में फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ गया है।

सलमान खान ने पोस्ट के साथ लिखा कि “थोड़ा दूर की सोचना चाहिए, इसलिए ईद की घोषणा की गई। फिक्र मत करो, इस वाली का भी बताएंगे जब सही समय आएगा। … पेशेंस, थोड़ा सा सब्र… मेरे जितना ही इंतजार करना पड़ेगा, बहरहाल जो आपका हाल है वही मेरा भी हाल है… हाहा” अपने खास अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह फैंस उनकी फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं, वह खुद भी उतनी ही बेसब्री से इस फिल्म के लिए उत्साहित हैं। उनके इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

फिल्म का निर्देशन साउथ भारतीय निर्देशक वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं, जबकि इसे निर्माता दिल राजू प्रस्तुत कर रहे हैं। इस फिल्म में सलमान खान के साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। हालांकि फिल्म के बाकी कलाकारों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म का मुहूर्त 22 अप्रैल को हुआ था और फिलहाल इसकी शूटिंग मुंबई में जारी है।

सलमान खान की पिछली फिल्म ‘सिकंदर’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई थी, ऐसे में उनकी नई फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। वहीं ‘मातृभूमि’ को लेकर भी चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल उनकी इस नई फिल्म की रिलीज तारीख ने फैंस के बीच नई उत्सुकता पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें फिल्म के आधिकारिक शीर्षक और इसके पहले लुक पर टिकी हैं।

BIHAR : बिहार में पहली बार शुरू हुई दाल की संगठित खरीद, छत्तीसगढ़ में MSP पर खरीद बढ़ी

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केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर फसलों की खरीद को काफी बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही बिहार में आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत पहली बार मसूर की दाल की संगठित खरीद शुरू की गई है। यह कदम देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम-आशा योजना के तहत एमएसपी पर होने वाली खरीद को काफी मजबूत किया है। इस काम में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। बिहार में एनसीसीएफ ने पहली बार मसूर दाल की खरीद शुरू कर एक नई शुरुआत की है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक इस पूरी पहल को वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसके लिए सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के साथ मिलकर खास गोदामों का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने 22 अप्रैल 2026 तक बिहार में 32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीदने का लक्ष्य रखा है।

बिहार में इस खरीद के लिए अब तक 16 पीएसीएस और एफपीओ का रजिस्ट्रेशन किया गया है। अब तक 59 किसानों को इस मुहिम से जोड़ा जा चुका है और 100.4 मीट्रिक टन मसूर की खरीद पूरी भी हो चुकी है। एनएएफईडी भी अपने नेटवर्क के जरिए इस खरीद को और ज्यादा बढ़ाने की तैयारी में जुटा है।

छत्तीसगढ़ में भी पीएम-आशा योजना के तहत खरीद के काम में तेजी आई है। ई-सम्युक्ति पोर्टल के जरिए किसानों को डिजिटल तरीके से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा दूरदर्शन और अन्य माध्यमों से किसानों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में 85 पीएसीएस केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों में अभी खरीद का काम चल रहा है। सरकार जल्द ही सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया जिलों में भी खरीद प्रक्रिया का विस्तार करेगी। एनसीसीएफ और एनएएफईडी दोनों ही राज्यों में किसानों की पहुंच बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि इन कदमों से एमएसपी आधारित व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इससे न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी।

WORLD : बर्लिन में राजनाथ सिंह: जर्मनी संग रक्षा सह-उत्पादन रोडमैप तैयार, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा ने रक्षा सहयोग के नए द्वार खोले हैं। डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के जरिए अब दोनों देश आधुनिक हथियारों का मिलकर निर्माण करेंगे, जिससे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को वैश्विक तकनीक का साथ मिलेगा।

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल हथियारों का खरीदार बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि वह जर्मनी जैसी तकनीकी शक्तियों के साथ मिलकर उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहता है। राजनाथ सिंह ने जर्मन कंपनियों से आग्रह किया कि वे भारत की उदार निवेश नीतियों और रक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के लिए माहौल अब पहले से कहीं अधिक अनुकूल है।
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जर्मन उद्योग जगत ने भी भारत के इन सुधारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। राजनाथ सिंह ने विशेष रूप से उन्नत और विशेष तकनीकों के क्षेत्र में साझा काम करने की बात कही। उनका मानना है कि इस प्रकार का सहयोग न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि इससे वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

रक्षा मंत्री की इस यात्रा का सबसे अहम पड़ाव जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ हुई मुलाकात रही। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर हस्ताक्षर किए गए। यह रोडमैप आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच होने वाले सहयोग की रूपरेखा तय करेगा। इसके माध्यम से दोनों देश भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे की तकनीकी क्षमताओं का साझा उपयोग कर सकेंगे। यह समझौता रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक लचीला और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच राजनाथ सिंह ने बर्लिन में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रवासियों को भारत और जर्मनी के बीच एक जीवंत सेतु बताया। रक्षा मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज का भारत तेजी से बदल रहा है। देश की अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर मजबूत हो रही है और बुनियादी ढांचे का कायाकल्प हो रहा है।

WORLD : भारतीय यात्रियों को फ्रांस की बड़ी राहत: अब बिना ट्रांजिट वीजा के कर सकेंगे सफर; MEA ने कई मुद्दों पर रखा पक्ष

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फ्रांस ने भारतीय यात्रियों के लिए 10 अप्रैल 2026 से ट्रांजिट वीजा की जरूरत खत्म कर दी है। इसके साथ ही भारत ने जापान के रक्षा सुधारों का समर्थन किया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने जहाजों की सुरक्षा की पुष्टि की है।

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है। सबसे बड़ी खबर फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों को मिलने वाली वीजा राहत को लेकर रही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने फ्रांस वीजा, जापान की रक्षा नीति और खाड़ी देशों में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर स्थिति साफ की।

भारत ने फ्रांस की ओर से भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट शुरू करने का स्वागत किया है। जायसवाल ने जानकारी दी है कि यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। अब भारतीय नागरिक फ्रांस के हवाई अड्डों से बिना ट्रांजिट वीजा के यात्रा कर सकेंगे। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की फरवरी में हुई मुलाकात के दौरान लिया गया था। यह नियम केवल हवाई मार्ग से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों पर लागू होगा।

वहीं, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की कवायद भी तेज हो गई है। हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा किया, जहां व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने इसकी भी जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देश एक संतुलित समझौते की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत से एक टीम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए वाशिंगटन गई थी। ये बातचीत अभी भी जारी है और काफी सकारात्मक है। दोनों पक्ष एक संतुलित, आपसी फायदे वाले और भविष्य-उन्मुखी व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल करना है।’

इसके इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को ‘हेलहोल’ यानी नरक का छेद कहा था। इस पर विदेश मंत्रालय ने बहुत संक्षिप्त जवाब दिया। प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं और हम इस मामले को यहीं छोड़ते हैं।’

भारत ने घातक हथियारों के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के जापान के फैसले का स्वागत किया है। जापान ने रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण से जुड़े अपने तीन सिद्धांतों की समीक्षा की है। भारत का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा। यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

वहीं, पश्चिम एशिया के हालातों पर भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया। भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी संघर्ष को संवाद और कूटनीति से सुलझाया जाना चाहिए। भारत शांति के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

फारस की खाड़ी और होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर अहम जानकारी दी गई है। पिछले कुछ हफ्तों में 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, 14 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। हाल ही में जिन दो विदेशी जहाजों पर गोलीबारी हुई, उनमें मौजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।

दूसरी ओर, कतर में हिरासत में लिए गए पूर्व नौसेना अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी के मामले पर भी सरकार पूरी गंभीरता से नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह एक अलग कानूनी मामला है जिस पर कतर की अदालत ने फरवरी 2026 में अपना फैसला सुनाया था। सरकार लगातार कमांडर तिवारी के परिवार के साथ संपर्क में बनी हुई है और उन्हें हर संभव कानूनी और कूटनीतिक मदद दी जा रही है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है और सभी विवादों का हल बातचीत के जरिए निकालने का पक्षधर है।

NATIONAL : भारतीयों को ईरान यात्रा न करने की सलाह, दूतावास ने जारी की लेटेस्ट एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर

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भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की रिपोर्टों के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
भारत सरकार ने ईरान में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा बिल्कुल न करें, चाहे वह हवाई मार्ग से हो या सड़क मार्ग से। दूतावास ने यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की है जब भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण एयरस्पेस पर कई तरह की पाबंदियां और ऑपरेशनल अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ रहा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ईरान में मौजूद भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (Land Border Routes) के जरिए, दूतावास के समन्वय में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें।

आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्प लाइन नंबर
साथ ही किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 989128109115, 989128109109, 989128109102, 989932179359 भी जारी किए हैं। ईमेल cons.tehran@mea.gov.in के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

NATIONAL : बंगाल के मतदान पर दावे: शाह बोले- TMC के भ्रष्टाचार-गुंडागर्दी का सूरज डूबा, ममता बोलीं- SIR के विरोध में जनता

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पश्चिम बंगाल में पहले चरण के भारी मतदान के बाद भाजपा और टीएमसी में जुबानी जंग तेज है। अमित शाह ने ढलते सूरज का वीडियो शेयर कर टीएमसी के भ्रष्टाचार के अंत और बदलाव का दावा किया। वहीं, टीएमसी ने इसे ममता बनर्जी के समर्थन में पड़ी वोटिंग बताया है। आइए, विस्तार से दोनों के दावों को समझते हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए भारी मतदान के बाद राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग बहुत तेज हो गई है। राज्य में 92 प्रतिशत से अधिक बंपर वोटिंग दर्ज की गई है। इस भारी मतदान को लेकर भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे कर रहे हैं। एक तरफ जहां भाजपा इसे बदलाव की आंधी बता रही है, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों पर जनता की मुहर बता रही है। चुनाव के इस पहले चरण ने ही आगे की लड़ाई को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

मतदान खत्म होने के बाद दावों और पलटवार का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ढलते हुए सूरज का एक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने इस वीडियो के जरिए तंज कसते हुए दावा किया है कि टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज अब डूब रहा है और बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। दूसरी तरफ, टीएमसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी का कहना है कि यह भारी मतदान सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि ममता सरकार के भारी समर्थन और भाजपा के कड़े विरोध में हुआ है।

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने बंपर वोटिंग पर खुशी जताते हुए एक बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मतदान का बढ़ता हुआ प्रतिशत सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में गया है। कुणाल घोष का अनुमान है कि पहले चरण में जिन 152 सीटों पर चुनाव हुए हैं, उनमें से टीएमसी कम से कम 125 सीटें जीतने जा रही है और यह आंकड़ा 134 तक भी जा सकता है। उनका मानना है कि बंगाल की जनता ने पहले ही चरण में भाजपा की कमर तोड़ दी है और ममता बनर्जी की लगातार चौथी बार सरकार बनने का रास्ता साफ कर दिया है। नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भी टीएमसी ने अपनी बड़ी जीत का दावा किया है।

बंगाल के शिक्षा मंत्री और टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने भारी मतदान को लेकर भाजपा के दावों की हवा निकालने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्यादा वोटिंग का मतलब हमेशा सरकार बदलना नहीं होता है। टीएमसी नेताओं का सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि राज्य की महिलाओं ने भारी संख्या में घर से बाहर निकलकर वोट डाला है। उनका मानना है कि महिलाओं का यह भारी मतदान ममता बनर्जी पर उनके भरोसे और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर है। टीएमसी का कहना है कि विपक्षी दलों के उकसावे के बावजूद राज्य में चुनाव काफी शांतिपूर्ण रहा।

एक तरफ टीएमसी अपनी भारी जीत का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ उसने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। टीएमसी नेताओं का सीधा कहना है कि चुनाव आयोग शुरुआत से ही बंगाल और उनकी पार्टी के खिलाफ काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय बलों को जनता की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि बंगाल के लोगों को डराने और धमकाने के लिए तैनात किया गया था। इन तमाम आरोपों और दावों के बीच 89.93 प्रतिशत वोटिंग ने बंगाल के इस चुनाव को और भी रोमांचक बना दिया है।

NATIONAL : भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों के लिए एयरस्पेस बैन 24 मई तक बढ़ाया

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भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने पर लगे बैन को 24 मई तक बढ़ा दिया है। भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए यह पाबंदी करीब एक साल से लगा रखा है।इसी तरह से पाकिस्तान ने भी भारतीय विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है।भारत की ओर से पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस 24 मई तक बंद रखने की जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से सामने आई है। इसके लिए भारत की ओर से नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया है।

भारत की ओर से पाकिस्तानी उड़ानों पर अपने हवाई क्षेत्र बंद रखने की समय-सीमा बढ़ाए जाने का मतलब है-पाकिस्तान में रजिस्टर्ड विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में आगे भी नहीं घुस पाएंगे।पाकिस्तानी एयरलाइंस या पाकिस्तानी ऑपरेटरों द्वारा संचालित विमानों का भी भारतीय एयरस्पेस में घुसने पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा।पाकिस्तानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट भी भारतीय वायुक्षेत्र में घुसने की गुस्ताखी नहीं कर सकेंगे।इसको लेकर बुधवार को नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया गया, जिसमें इस बात की पुष्टि है कि यह प्रतिबंध 24 मई की सुबह तक रहेगा।

पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पैदा हुए हालातों की वजह से भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने वाला कदम उठाया था।22 अप्रैल,2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 बेगुनाहों को धर्म पूछकर बेरहमी से मार दिया था।बुधवार 22 अप्रैल,2026 को देश ने पहलगाम आतंकी घटना की बरसी पर इसके पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है।
भारत और पाकिस्तान का एयरस्पेस कब से बंद है

भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका में पाकिस्तान ने 24 अप्रैल,2025 से ही अपना एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया था।
इसके बाद भारत ने उसी साल 30 अप्रैल से पाकिस्तानी विमानों के लिए यह पाबंदी लगाई।

NATIONAL : बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग: आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान, पांच दशक बाद हिंसा पर भी लगा विराम

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बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार को आजादी के बाद सर्वाधिक मतदान हुआ। बंगाल की 152 सीटों पर 92.54 प्रतिशत और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.69 प्रतिशत वोट पड़े। साथ ही बंगाल में छिटपुट हिंसा को छोड़कर पांच दशक बाद पहली बार हिंसामुक्त मतदान हुआ।

2021 के बंगाल चुनाव में पहले चरण में 81.16 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि तमिलनाडु में इससे पहले 2011 सर्वाधिक 78.29 प्रतिशत वोट पड़े थे और तब अन्नाद्रमुक की सरकार बनी थी।कोलकाता ब्यूरो के अनुसार, चुनावी हिंसा के लिए दशकों से कुख्यात बंगाल में इस बार बिल्कुल उलट नजारा दिखा।

पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर आमतौर पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की लंबी प्रक्रिया के बाद हुए पहले चरण के मतदान को लेकर हरेक वर्ग का भारी उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त के बीच मतदाताओं ने वोट डाला।

महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी अच्छी संख्या में मतदान किया। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, विभिन्न मतदान केंद्रों में शाम छह बजे के बाद भी मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम आंकड़ा बढ़ सकता है।

पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही भाजपा के सुवेंदु अधिकारी व दिलीप घोष, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर व माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कांग्रेस के शंकर मालाकार समेत कई दिग्गजों की सियासी किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।

चुनावी विश्लेषक बंपर वोटिंग के दो महत्वपूर्ण कारण एसआइआर का असर व सुरक्षा की भावना बता रहे हैं। उनका कहना है कि एसआइआर के बाद लोग वोट देने के प्रति और सजग हुए हैं, वहीं बहुतों ने सूची से नाम कटने की आशंका से मतदान किया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार की गई अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था से भी वोट प्रतिशत बढ़ा है।

मालूम हो कि पहले चरण के लिए केंद्रीय बलों की 2407 कंपनियां, 2193 क्विक रिस्पांस टीमें एवं 40,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मतदान के दौरान कई जिलों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन मतदाता धूप, तपिश व उमस को धता बताकर वोट डालने पहुंचे।

मतदान के दौरान पिछले चुनावों की तरह कोई बड़ी अप्रिय घटना तो नहीं हुई, लेकिन कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर हुईं। भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार पर सिलीगुड़ी में भीड़ ने हमला किया और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खयरासोल में केंद्रीय बलों पर कुछ लोगों ने पथराव किया।

इसमें छह जवान घायल हो गए। पुलिस के वाहन में भी तोड़फोड़ की। दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी को पीटने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आसनसोल दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल की गाड़ी पर कुछ लोगों ने हमला किया।

बीरभूम के लाभपुर व मालदा के चांचल इलाकों में भाजपा के पोलिंग एजेंट पर कुछ लोगों ने हमला किया। मुर्शिदाबाद जिले के नउदा विस क्षेत्र में बुधवार रात कुछ लोगों ने बमबाजी की। तृणमूल कांग्रेस सांसद अबू ताहेर खान ने इसके पीछे हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के लोगों का हाथ बताया है।

घटना को लेकर गुरुवार सुबह तृणमूल व हुमायूं की पार्टी के समर्थकों में संघर्ष हुआ। आयोग ने घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मतदान के दौरान तबियत बिगड़ने के कारण चार लोगों की मौत हो गई।

चेन्नई से प्रेट्र के अनुसार तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए हुए चुनावों में 5.73 करोड़ मतदाताओं में से 84.69 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य का करूर जिला 91.86 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर रहा। चेन्नई में 83.09 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि मदुरै में यह 80.15 प्रतिशत थी। कोयंबटूर में 84.40 प्रतिशत और तिरुचिरापल्ली जिले में 85.04 प्रतिशत वोटिंग हुई।

चेन्नई की कोलाथुर विधानसभा सीट पर, जहां द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनाव लड़ रहे हैं, शाम छह बजे तक 85.63 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। चेपक-तिरुवल्लिकेनी में 83.58 प्रतिशत वोटिंग हुई। उपमुख्यमंत्री और स्टालिन के बेटे उदयनिधि इस शहरी सीट से दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सेलम की एडापडी सीट पर 91.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

अन्नाद्रमुक के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडापडी के. पलानीस्वामी अपनी पारंपरिक सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें द्रमुक से चुनौती मिल रही है। वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कणगम (TVK) एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर रही है, क्योंकि टीवीके उम्मीदवार का पर्चा तकनीकी कारणों से रद कर दिया गया था।

बता दें कि एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या अक्टूबर, 2025 में दर्ज 6.41 करोड़ से घटकर वर्तमान में 5.73 करोड़ रह गई है। लिहाजा 2021 के चुनावों में लगभग 6.29 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जो इस वर्ष के मुकाबले 56 लाख अधिक थे।गुरुवार को बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में आजादी के बाद सबसे अधिक 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है। चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक इतना मतदान किसी भी चुनाव में नहीं हुआ है।

न तो विधानसभा और न ही लोकसभा। पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों में मतदान प्रतिशत इसके आसपास रहा है, लेकिन बड़े राज्य इस आंकड़े को कभी नहीं छू पाए। 2018 के विधानसभा चुनाव में त्रिपुरा में 91.4 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो पूर्वोत्तर के राज्यों में ऊंचे मतदान प्रतिशत के ट्रेंड को दर्शाता है।

बंगाल के चुनावी इतिहास के साथ एक और दिलचस्प तथ्य जुड़ा है। यहां जब-जब रिकार्ड मतदान हुआ है, तब-तक राज्य में सत्ता बदली है। 1967, 1977 और 2011 में ऐसा हुआ है। 1967 में राज्य में 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ और मतदाताओं ने कांग्रेस को सत्ता से हटा दिया। संयुक्त मोर्चा गठबंधन ने सरकार बनाई।

1977 में आपातकाल और राष्ट्रपति शासन की वजह से लोग गुस्से में थे और विधानसभा चुनाव में लोगों ने जमकर मतदान किया और वाम दल सत्ता में आए। हालांकि मतदान 55.2 प्रतिशत दर्ज किया गया था। चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप भी लगे थे। 2011 विधानसभा चुनाव में रिकार्ड 84.5 प्रतिशत मतदान हुआ और 34 वर्षों के बाद वाम दल सत्ता से बाहर हुए व तृणमूल कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।

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