Friday, April 3, 2026
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Health : होंठ होंगे इतने गुलाबी कि तमन्ना भाटिया भी आपके सामने लगेगी फीकी, चुकंदर से ऐसे बनाएं लिप बाम

चुकंदर लिप बाम होंठों को सिर्फ मॉइश्चराइज ही नहीं करता, बल्कि उन्हें हल्का नेचुरल गुलाबी टिंट भी देता है. यह होंठों को हेल्दी ग्लो देने में मदद करते हैं.क्या आपके होंठों की रंगत फीकी पड़ गई है और आप नेचुरल तरीके से उन्हें गुलाबी बनाना चाहते हैं? आजकल बाजार में कई प्रोडक्ट्स मिलते हैं, लेकिन केमिकल से भरे इन प्रोडक्ट्स की बजाय घर पर बना चुकंदर लिप बाम एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बन सकता है. दरअसल, होंठों की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है, जिस पर मौसम, धूप और डिहाइड्रेशन का असर जल्दी दिखाई देता है. यही वजह है कि होंठ सूखे, फटे या काले पड़ने लगते हैं. ऐसे में सही देखभाल और नेचुरल इंग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो जाता है.

व्यूटी प्रोडक्ट्स के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट चुकंदर लिप बाम की खास बात यह है कि यह होंठों को सिर्फ मॉइश्चराइज ही नहीं करता, बल्कि उन्हें हल्का नेचुरल गुलाबी टिंट भी देता है. इसमें मौजूद नेचुरल पिगमेंट्स होंठों को हेल्दी ग्लो देने में मदद करते हैं. इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती. थोड़ी सी बीजवैक्स, नारियल तेल, बादाम तेल और चुकंदर पाउडर मिलाकर इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. चाहें तो इसमें विटामिन E ऑयल भी मिलाया जा सकता है, जिससे होंठ और ज्यादा सॉफ्ट बने रहते हैं.

बनाने की प्रक्रिया भी आसान है. सबसे पहले सभी ऑयल और वैक्स को हल्की आंच पर पिघलाएं, फिर इसमें चुकंदर पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें. इसके बाद इस मिश्रण को किसी साफ कंटेनर में डालकर ठंडा होने दें. इस लिप बाम का इस्तेमाल करने से होंठों की ड्राइनेस कम होती है और फटे होंठ धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं. इसके साथ ही यह होंठों को स्मूद और सॉफ्ट बनाए रखता है. चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C होंठों की रंगत सुधारने में मदद करते हैं. नियमित इस्तेमाल से होंठों का रंग धीरे-धीरे बेहतर और साफ नजर आने लगता है.

यह ध्यान रखना जरूरी है कि चुकंदर लिप बाम का असर स्थायी नहीं होता. यह एक नेचुरल टिंट देता है, जो समय के साथ हल्का पड़ जाता है, इसलिए इसे नियमित रूप से लगाना जरूरी है. बेहतर परिणाम के लिए होंठों को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है. पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव करना होंठों की हेल्थ को बनाए रखने में मदद करता है. आप चाहें तो चुकंदर के साथ शहद या शुगर स्क्रब का इस्तेमाल करके होंठों की डेड स्किन भी हटा सकते हैं. इससे लिप बाम का असर और बेहतर दिखता है. घर पर बना यह लिप बाम न सिर्फ सस्ता है, बल्कि पूरी तरह नेचुरल भी है. इसमें किसी तरह के हानिकारक केमिकल्स नहीं होते, जिससे यह रोजाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रहता है.

Business : बड़ी राहत! प्लास्टिक से लेकर टेक्सटाइल तक, 30 जून तक इन उत्पादों की कस्टम ड्यूटी पर मिलेगी छूट

वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. कुछ जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाने का फैसला किया है.

वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय ने कुछ जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून 2026 तक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाने का फैसला किया है. इन उत्पादों का उपयोग प्लास्टिक, कपड़ा और दवा जैसे कई सेक्टर में होता है. इसलिए इस फैसले से कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद की जा रही है. जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा. चीजों की कीमतें कम होने से राहत मिलने की उम्मीद है.

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन इंडस्ट्रीज को होगा, जहां पेट्रोकेमिकल उत्पाद कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं. प्लास्टिक और पैकेजिंग सेक्टर में लागत घटने से उत्पादन बढ़ सकता है. वहीं फार्मा कंपनियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि कई दवाओं के निर्माण में इनका उपयोग होता है. जिससे दवाएं सस्ती हो सकती है.

इसके अलावा टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सिंथेटिक फाइबर और कपड़ों की लागत पर इस फैसले का असर होगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्लास्टिक और रबर पार्ट्स सस्ते बनने से मैन्युफैक्चरिंग खर्च घटेगा. जिससे चीजों की कीमतें कम होगी. साथ ही केमिकल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी इस कदम से काफी फायदा मिलने की उम्मीद है.

सरकार ने जिन पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर छूट दी है, उनमें कई जरूरी इंडस्ट्रियल केमिकल शामिल हैं. इस लिस्ट में एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल और फिनोल जैसे पदार्थ शामिल हैं. इसके अलावा एसिटिक एसिड, विनाइल एसीटेट मोनोमर, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, एथिलीन पॉलिमर, एपॉक्सी रेजिन, फॉर्मल्डिहाइड, यूरिया-फॉर्मल्डिहाइड और मेलामाइन-फॉर्मल्डिहाइड जैसे अन्य उत्पादों को भी इस छूट का फायदा मिलेगा.

सरकार के अनुसार उद्योगों को मिली इस छूट का फायदा आखिरकार आम लोगों को मिलेगा. जब कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी, तो प्लास्टिक उत्पाद, कपड़े, दवाइयों और वाहनों जैसी चीजों की कीमतें कम होने की उम्मीद है. जिससे लोगों को फायदा पहुंच सकता हैं.

Sports : भारत को मिलेगा दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, एकसाथ 1 लाख लोग देख पाएंगे लाइव मैच

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भारत को दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम मिलने जा रहा है, जिसमें एकसाथ 1,00,000 से ज्यादा लोग बैठकर लाइव मैच देख पाएंगे. दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम भारत के अहमदाबाद में स्थित है, जिसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम के नाम से जाना जाता है. इस मैदान में 1 लाख 32 हजार लोग एकसाथ बैठकर लाइव मैच का आनंद ले सकते हैं. अब नवी मुंबई को एक लाख लोगों की क्षमता वाला नया स्टेडियम मिलने वाला है. यह फैसला मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अध्यक्ष अजिंक्य नायक और CIDCO के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय सिंघल की बैठक के बाद लिया गया है.

नया स्टेडियम संभवतः वानखेड़े स्टेडियम से स्पॉटलाइट छीनने का काम कर रहा होगा, जिसमें अभी 33 हजार लोग एकसाथ समा सकते हैं. अजिंक्य नायक ने कहा कि एक लाख की क्षमता वाले मैदान का निर्माण ना केवल मुंबई क्रिकेट को बढ़ावा देगा बल्कि खेल जगत में महाराष्ट्र के नाम को आगे बढ़ाने का काम करेगा. इससे पहले सिर्फ नरेंद्र मोदी स्टेडियम ही ऐसा है, जिसमें एक लाख या उससे ज्यादा लोग एकसाथ समा सकते हैं. वह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम भी है.

निर्माण पूरा होने के बाद नवी मुंबई में बनने जा रहा यह स्टेडियम, भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान बन जाएगा. अभी क्षमता के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा मैदान कोलकाता का ईडन गार्डन्स है, जिसकी कुल क्षमता 68,000 है. मुंबई में पहले से वानखेड़े, ब्रेबोर्न और डीवाई पाटिल जैसे ऐतिहासिक मैदान मौजूद हैं. उम्मीद की जा रही है कि यह मैदान आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच और टूर्नामेंट्स की मेजबानी करेगा.

अभी दुनिया में सिर्फ 2 ही क्रिकेट मैदान ऐसे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक लोग एकसाथ बैठकर लाइव मैच देख सकते हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा यह उपाधि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के पास भी है, जिसमें एकसाथ 1,00,024 लोग बैठ सकते हैं. नरेंद्र मोदी स्टेडियम से पहले कई सालों तक सबसे बड़े मैदान का दर्ज MCG के पास ही था

Health : अचानक टूटने लगे जरूरत से ज्यादा बाल, शरीर में छुपी हो सकती है यह बीमारी

बालों का अचानक ज्यादा टूटना सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है. इसलिए समय रहते इसके कारण को समझना और इसका सही इलाज करवाना जरूरी है.

आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है. आमतौर पर यह माना जाता है कि 50 से 100 रोजाना बाल का गिरना सामान्य होता है. हजारों लाखों बालों में 50-60 बालों का गिरना कोई परेशानी की बात नहीं होती, लेकिन जब अचानक बाल जरूरत से ज्यादा टूटने लगें तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जिनके बाल गुच्छों में झड़ते हैं, कंघी करने पर बाल का एक मोटा हिस्सा हाथ में आ जाता है और सिर से बाल गायब हो जाते हैं. कई लोग इसे सिर्फ मौसम , हेयर केयर की कमी या तनाव का असर समझकर टाल देते हैं, लेकिन कई बार यह शरीर में छुपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए समय रहते इसके कारण को समझ लेना बेहद जरूरी है.

यह बात सच है कि अच्छे बालों के लिए अच्छी सेहत, सही खानपान और कसरत बहुत ज़रूरी है. हालांकि, कभी-कभी शरीर में कोई बीमारी हमारे शरीर मे अपना घर बनाने लगती है, जिसकी वजह से बाल झड़ने लगते हैं साथ ही शरीर में दर्द और कमजोरी महसूस होने लगती है. इन छोटे-मोटे दिखने वाले लक्षणों के पीछे कोई बड़ी बीमारी भी हो सकती है जिसे आमतौर पर काफी लोग नजरअंदाज कर देते है.

आजकल थायरॉइड एक आम बीमारी बन गई है. अधिकतर लोगों में थॉयरायड की बीमारी देखने को मिलती है चाहे वह पुरूष हो या महिला. आपको बता दें कि थॉयरायड गर्दन के सामने की तरफ तितली की तरह ग्लैंड होता है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने मे मदद करती है, जब इसमें गड़बड़ी होती है तो इसका असर बालों पर भी पड़ता है. हाइपोथायरॉइड या हाइपरथायरॉइड दोनों ही स्थितियों में बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और कमजोर हो जाते हैं.

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से बालों की जड़ों पर हमला करने लगता है इससे बाल अचानक झड़ने लगते हैं. इस बीमारी में स्कैल्प पर गोल-गोल चकती (पैचेस) जैसा गंजापन होते दिखने लगता है. ऐलोपेशिया एराइटा में कुछ भी निश्चित होकर नहीं कह सकते हैं कि बाल बिल्कुल गिर जायेंगे या फिर से वापस आयेंगे, ये शरीर पर निर्भर करता है क्योंकि बाल गिरकर कभी भी वापस आ सकता है या आने के बाद फिर से गिर सकता है.

खून की कमी यानी एनीमिया, विशेष रूप से आयरन की कमी, बालों के झड़ने के प्रमुख कारणों में से एक है. खून में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने से बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व ठीक से नहीं पहुंच पाते हैं. साथ ही जब शरीर में आयरन की कमी होती है, तो शरीर बालों को पोषण देने के बजाय उसे महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिल, लिवर को बचाने में खर्च करता है. इससे बालों के विकास चक्र को बाधित करती है, जिससे बाल अपने विकास चरण (growth phase) को पूरा करने से पहले ही झड़ने और टूटने लगते हैं. खासकर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.

Uttar Pradesh News : नोएडा वालों के लिए बड़ी खबर, बनेंगे पांच नए स्टेशन, इन दो रूट्स पर ऑपरेशनल होगी मेट्रो

नोएडा में मेट्रो विस्तार को लेकर दो और बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है. पहले रूट सेक्टर 142 से बोटैनिकल गार्डन तक प्रस्तावित है जो करीब 11.56 किलोमीटर लंबा होगा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से अटके मेट्रो प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार किया जाएगा. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित मेट्रो रूट में बदलाव करते हुए नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दरअसल पहले जो डीपीआर तैयार की गई थी उसे केंद्र सरकार ने आपत्तियां के साथ वापस लौटा दिया था. इसके बाद अब पूरे प्रोजेक्ट को नई सिरे से डिजाइन किया जा रहा है ताकि इसे जल्द मंजूरी मिल सके.

पहले इस रूट पर करीब 11 स्टेशन प्रस्तावित थे लेकिन अब इसे छोटा कर दिया गया है. नई योजना के तहत करीब 7:30 किलोमीटर लंबे रूट पर पांच स्टेशन बनाए जाएंगे.इन स्टेशनों को सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122 ,सेक्टर 123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक के आसपास प्रस्तावित किया गया है. अधिकारियों का मानना है कि छोटा और व्यावहारिक रूप बनाने से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने में आसानी होगी और लागत भी नियंत्रित रहेगी.

रूट की पुरानी योजना कई वजहों से अटक गई थी सबसे बड़ी समस्या यह थी कि एक ही कॉरिडोर पर अलग-अलग परियोजनाओं को समायोजित करने में दिक्कत आ रही थी. इसके अलावा गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत की योजना भी सामने आ गई जिससे मेट्रो रूट की उपयोगिता और डिजाइन पर सवाल खड़े हुए. ऐसे में केंद्र सरकार ने पुरानी डीपीआर पर आपत्ति जताते हुए उसे खारिज कर दिया था.

नोएडा में मेट्रो विस्तार को लेकर दो और बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है. पहले रूट सेक्टर 142 से बोटैनिकल गार्डन तक प्रस्तावित है जो करीब 11.56 किलोमीटर लंबा होगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर आर्ट स्टेशन बनाए जाएंगे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2254 करोड़ में बताई जा रही है. जिसकी लंबाई करीब 2.6 किलोमीटर होगी इस विस्तार से जनपद गांव और बड़ा की में दो नए स्टेशन बनाए जाएंगे.

सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की नई मेट्रो रूट पर करीब 1000 करोड रुपए खर्च आने का अनुमान है. छोटा रूट होने के कारण परियोजना की लागत कम होगी और इसे जल्द पूरा करने की संभावना भी बढ़ेगी अधिकारियों के मुताबिक नई डीपीआर तैयार होने के बाद इसे पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी फिलहाल डिजाइन और सर्वे का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा. फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 5 लाख से ज्यादा की आबादी होने के चलते यहां पर दैनिक यात्रियों को काफी सालों से मेट्रो प्रोजेक्ट का इंतजार था अगर इस पर जल्द ही काम शुरू होगा तो लाखों लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.

Business : 6 साल में 3600% रिटर्न! इस शेयर से मालामाल हो गए निवेशक, ब्रोकरेज को 80% अपसाइड की उम्मीद

निवेशक हमेशा ऐसे शेयरों की तलाश में रहते हैं, जो समय के साथ मल्टीबैगर रिटर्न दे सकें. जिससे उनका निवेश कई गुना बढ़े. बाजार में ऐसे कुछ स्टॉक्स समय-समय पर सामने आते हैं. निवेशक हमेशा ऐसे शेयरों की तलाश में रहते हैं, जो समय के साथ मल्टीबैगर रिटर्न दे सकें. जिससे उनका निवेश कई गुना बढ़े. बाजार में ऐसे कुछ स्टॉक्स समय-समय पर सामने आते हैं, जिन्होंने कुछ ही सालों में हजारों प्रतिशत तक रिटर्न दिया है.

अब एक ऐसा ही शेयर चर्चा में है, जिसने पिछले 6 साल में 3,600 फीसदी तक का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. खास बात यह है कि ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा को कंपनी शेयरों में 80 फीसदी तक की अपसाइड की उम्मीद है. आइए जानते हैं, इस विषय में. ऑरियनप्रो सॉल्यूशन्स लिमिटेड ने अपने निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी है. कंपनी शेयरों ने निवेशकों को मालामाल बनने का मौका दिया है. आंकड़ों की बात करें तो, मई 2020 के बाद से इस शेयर की कीमत में 39 गुना से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है. जिससे यह एक दमदार मल्टीबैगर साबित हुआ है.

ऑरियनप्रो सॉल्यूशन्स के शेयरों ने पिछले छह साल में 3,800 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. शेयरों की कीमत 20 रुपये से उछलकर 781.50 रुपये तक पहुंच गई है. हालांकि, पिछले कुछ समय की तुलना करें तो इसमें गिरावट देखी गई है. कंपनी शेयर अपने 52 सप्ताह के हाई लेवल से 55 प्रतिशत फिसल चुके हैं. ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा ने ऑरियनप्रो सॉल्यूशन्स शेयरों को खरीदने की सलाह देते हुए कवरेज शुरू कर दी है. फर्म ने शेयरों के लिए 1,352 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की पकड़ ग्लोबल ट्रांजैक्शन बैंकिंग, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर्स में है.

जहां कंपनी अपने इनोवेटिव प्लेटफॉर्म और रिसर्च के दम पर बेहतर मौके हासिल कर सकती है. इसके अलावा भारत में डेटा सेंटर क्षमता FY35 तक 15–17 GW तक जाने का अनुमान है, जिसे क्लाउड, AI और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग से सपोर्ट मिलेगा. कुल मिलाकर आने वाले समय में कंपनी शेयरों में पॉजिटिव बदलाव हो सकते हैं.

बीएसई पर गुरुवार के कारोबारी दिन कंपनी शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली है. कंपनी शेयर 0.77 प्रतिशत या 6.05 रुपये फिसलकर 775.45 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुए है. दिन का इंड्रा डे हाई 784.20 रुपये था.

कंपनी शेयरों के 52 सप्ताह के हाई लेवल की बात करें तो, इस दौरान शेयरों ने 1663.15 रुपये का आंकड़ा छूआ था. वहीं 52 सप्ताह का लो लेवल 720.10 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैप 4,281.53 करोड़ रुपये है.

Haryana News : नूंह में ‘लव जिहाद’ का आरोप, शादी के नाम पर रेप और ब्लैकमेलिंग, जांच में जुटी पुलिस

हरियाणा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक महिला ने युवक पर शादी का झांसा देकर रेप, आपत्तिजनक वीडियो से ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर आरोप लगाया है.

हरियाणा के नूंह जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां शहर थाना क्षेत्र में एक महिला ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर रेप करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता की शिकायत के आधार पर नूंह पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसके भाई और पिता के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. अपनी शिकायत में उसने बताया है कि आरोपी युवक ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झूठा वादा किया. इसके बाद आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए.

फिरोजपुर झिरका के डीएसपी (DSP) अजायब सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपी ने चुपके से महिला का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा. वीडियो का डर दिखाकर आरोपी महिला पर लगातार धर्म परिवर्तन (Conversion) करने का दबाव बना रहा था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की और डरा-धमका कर उससे पैसे भी ऐंठे. यह पूरा घटनाक्रम पिछले साल सितंबर से लेकर मार्च 2026 के बीच का बताया जा रहा है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए नूंह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. डीएसपी अजायब सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी युवक, उसके एक भाई और पिता के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में ‘हरियाणा अवैध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2022’ के साथ-साथ ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की रेप, मारपीट और ब्लैकमेलिंग से जुड़ी सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

Bollywood : हनी सिंह-बादशाह को दिल्ली हाईकोर्ट से फटकार, 26 साल पुराने गाने ‘वॉल्यूम 1’ को हटाने के आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने बादशाह और हनी सिंह के गाने ‘वॉल्यूम 1’ को सभी सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है. हनी सिंह और बादशाह के 26 साल पुराने गाने ‘वॉल्यूम 1’ पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. दिल्ली हाई कोर्ट ने गाने को सभी सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि न्यायालय की अंतरात्मा इस गीत को देखकर झकझोर जाती है. ये गाना अत्यंत अपमानजनक और अश्लील है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि ये गाना महिलाओं के प्रति घोर अभद्र, अश्लील और अपमानजनक है. कोई भी सभ्य समाज इस तरह के कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रहने की अनुमति नहीं दे सकता. साल 2000 के इस गाने को लेकर रिलीज के समय भी विवाद हुआ था, लेकिन उस वक्त बादशाह ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्होंने गाने के बोल नहीं लिखे हैं, जिसके बाद हनी सिंह ने एक इवेंट में स्वीकार किया था कि गाना उन्होंने ही लिखा है.

‘वॉल्यूम 1’ को हनी सिंह ने हिप-हॉप ग्रुप ‘माफिया मुंडीर’ के शुरुआती दौर में गाया था, हालांकि बाद में ये ग्रुप टूट गया. इस ग्रुप में हनी सिंह के अलावा, रफ्तार, बादशाह, मनी औजला, लिल गोलू और दे स्टार जैसे कलाकार शामिल थे. बाद में सभी ने सिंगल गाने रिलीज करने का फैसला लिया था. इससे पहले हनी सिंह के कॉन्सर्ट में दिल्ली की सर्दी और लड़कियों को लेकर दिए बयान की भी खूब आलोचना हुई थी, लेकिन बाद में सिंगर ने सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगी थी.

हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब सिंगर पर अभद्रता के आरोप लगे हैं. इससे पहले उनके कमबैक सॉन्ग ‘मैनिएक’ और ‘मैं हूं वूमेनाइजर’ समेत कई गानों पर विवाद हो चुका है. वहीं, सिंगर बादशाह का ‘टटीरी’ सॉन्ग हाल ही में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म से हटाया गया है. गाने में महिलाओं के प्रति अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. मामले में हरियाणा महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने सिंगर को समन भेजा, लेकिन सिंगर समन भेजने के बाद भी आयोग के सामने पेश नहीं हुए. बादशाह गाने के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांग चुके हैं.

World : ईरानी सेना की बर्बादी, सत्ता परिवर्तन से परमाणु क्षमता के नष्ट तक. 20 मिनट के भाषण में 10 बड़े झूठ का पर्दाफाश

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डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि अगले दो से तीन हफ्तों में हम ईरान को वापस पाषाण युग में ले जाएंगे, लेकिन इसका इकलौता तरीका भीषण बमबारी और परमाणु हमला है, जो अमेरिका नहीं कर सकता है.

ईरान के साथ चल रही जंग के 34वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया और जंग से जुड़े हालात के बारे में पूरी दुनिया को बताया. तकरीबन 20 मिनट लंबे इस संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के लोगों को ये यकीन दिलाने की कोशिश की कि अमेरिका ईरान से जंग जीत चुका है और इस जंग में ईरान बर्बाद हो चुका है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिख रही है. क्योंकि अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिका के लोगों से और पूरी दुनिया से कम से कम 10 ऐसे बड़े झूठ बोले हैं, जो साबित करने के लिए काफी हैं कि ट्रंप अब इस जंग से हताश हैं और किसी भी कीमत पर वो इस जंग को खत्म करना चाहते हैं.

झूठ नंबर 1: बर्बाद हो चुकी है ईरान की सेना

राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की नेवी खत्म हो चुकी है और एयरफोर्स तबाह हो चुकी है. मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता में भारी कमी आई है और उनकी हथियारों की फैक्टरियां और रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं. युद्ध के इतिहास में पहले कभी किसी दुश्मन को, महज कुछ ही हफ्तों के भीतर इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ा है.

जबकि हकीकत ये है कि ईरान अब भी लड़ रहा है और पहले के मुकाबले और भी मजबूती से लड़ रहा है. जब ट्रंप ईरान की मिसाइलें और ड्रोन को बर्बाद होने के दावे कर रहे थे तो उस दावे के चंद घंटों के अंदर ही ईरान ने इजरायल पर हमला किया है. जिस ईरानी नेवी के खत्म होने की बात ट्रंप कर रहे हैं, उसी के दम पर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है और ट्रंप उसे खुलवाने की स्थिति में भी नहीं हैं. लिहाजा वो कह चुके हैं कि अमेरिका को होर्मुज से कोई मतलब नहीं है और जिसको तेल चाहिए वो या तो होर्मुज खुलवाए या फिर अमेरिका से तेल खरीद ले. सीधा मतलब है कि ट्रंप का ये दावा झूठा हैं.

झूठ नंबर 2: ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन

अपने भाषण में ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नया नेतृत्व पुराने के मुकाबले कम कट्टर है, लेकिन ईरान की हकीकत ये है कि वहां सत्ता परिवर्तन तो हुआ है, लेकिन वैसा नहीं जैसा ट्रंप चाहते थे. अयातुल्लाह खमेनेई की मौत के बाद ईरान का नेतृत्व उनके ही बेटे मुज्तबा खमेनेई के हाथ में है, जो अपने पिता से ज्यादा कट्टर माने जाते हैं. अयातुल्लाह खमेनेई तो ईरान के राष्ट्रपति और फिर बाद में सुप्रीम लीडर बने थे जबकि मुज्तबा ईरान की सबसे एलिट फोर्स आईआरजीसी के कमांडर रह चुके हैं.

अयातुल्ला खमेनेई ने अपनी पूरी जिंदगी में जितने हथियार दागने के आदेश नहीं दिए होंगे, उससे ज्यादा ड्रोन और मिसाइल मुज्तबा के कार्यकाल में दागे जा चुके हैं. अब भी ईरान की ओर से साफ किया ही जा चुका है कि ईरान कोई समझौता नहीं करने वाला, वो कहीं नहीं रुकने वाला और उसके हमले लगातार तब तक जारी रहेंगे जब तक कि ईरान के दुश्मन अमेरिका और इजरायल घुटने न टेक दें.

झूठ नंबर 3: खत्म हो गई ईरान की परमाणु क्षमता

ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया है कि ईरान की परमाणु क्षमता खत्म हो गई है. हालांकि, सच्चाई यह है कि ट्रंप ने जब जून 2025 में ऑपरेशन मिड नाइट हैमर किया था, तब भी उसका मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करना ही था. वो ऑपरेशन जब खत्म हुआ तब भी ट्रंप ने कहा कि ईरान की परमाणु क्षमता खत्म हो गई है क्योंकि तब नतांज और इस्फहान पर बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से हमला किया गया था.

आठ महीने बाद ट्रंप फिर से वही बात दोहरा रहे हैं. कह रहे हैं कि परमाणु स्थलों को हमने बर्बाद कर दिया है और ईरान अब परमाणु की धूल तक नहीं पहुंच सकता. जबकि इससे पहले उन्होंने कहा था कि वो ईरान का संवर्धित यूरेनियम हासिल कर लेंगे, लेकिन अभी तक वो यूरेनियम ट्रंप के हाथ नहीं लगा, तो उनका परमाणु वाला दावा भी अभी झूठा है क्योंकि इसका कोई सबूत ट्रंप के पास नहीं है.

झूठ नंबर 4: मिडिल ईस्ट के सहयोगियों की मदद करते रहेंगे

ट्रंप ने अपने भाषण में मध्य पूर्व के सहयोगी देशों इजरायल, सऊदी अरब, कतर, UAE, कुवैत और बहरीन को धन्यवाद दिया है और कहा है कि हम उन्हें किसी भी तरह से चोट नहीं पहुंचने देंगे. पर हकीकत ये है कि ईरान सबसे ज्यादा चोट अमेरिका के इन्हीं दोस्तों को पहुंचा रहा है. सबसे ज्यादा हमले इन्हीं पर कर रहा है. ये वो देश हैं, जिन्हें अपना तेल और गैस बेचने के लिए होर्मुज का रास्ता चाहिए, लेकिन ईरान ने उस रास्ते को रोक रखा है और ट्रंप कह चुके हैं कि वो होर्मुज खुलवाने नहीं जाएंगे. अगर होर्मुज नहीं खुला तो मिडिल ईस्ट के देश तेल-गैस बेच नहीं पाएंगे और दुनिया उसे खरीद नहीं पाएगी तो नुकसान तो ट्रंप के दोस्तों का ही है, जिसे ट्रंप मान ही नहीं रहे हैं.

झूठ नंबर 5: ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे

ट्रंप कह रहे हैं कि अमेरिका के सभी सैन्य लक्ष्यों को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा और अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन्हें वापस पाषाण युग में ले जाएंगे, जहां के वो हकदार हैं. हालांकि, हकीकत ये है कि अभी अमेरिका ईरान पर हमले नहीं कर रहा है. ईरान को पाषाण युग में भेजने का इकलौता तरीका भीषण बमबारी और परमाणु हमला है, जो अमेरिका नहीं कर सकता है. ऐसे हमले में आम नागरिकों के भी मारे जाने का खतरा है और ट्रंप ये खतरा कभी मोल नहीं ले पाएंगे क्योंकि एक स्कूल पर हुए हमले में बच्चों की मौत के बाद से ही ट्रंप बैकफुट पर हैं.

वहीं, एक और तरीका ईरान में सेना भेजने का है, लेकिन ट्रंप साफ कर चुके हैं कि सेना ईरान में दाखिल नहीं होगी. इजरायल जैसे सहयोगी भी ईरान में बूट ऑन द ग्राउंड से इनकार कर चुके हैं तो ट्रंप का ईरान को पाषाण युग में भेजने का दावा भी हवा हवाई ही है.

झूठ नंबर 6: ईरान से जारी है बातचीत

ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि ईरान से बातचीत जारी है, वहां सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नया नेतृत्व समझदार है. जबकि इसकी सच्चाई यह है कि ईरान ट्रंप के इस दावे को बार-बार नकार रहा है. ईरान की ओर से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची हों या फिर उसके सैन्य प्रवक्ता, वो साफ कर चुके हैं कि कोई बातचीत नहीं होगी और ट्रंप जिस बातचीत के दावे कर रहे हैं, लगता है वो खुद से बातचीत कर रहे हैं. ईरान कह रहा है कि ट्रंप की बातें झूठी हैं और उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए. खुद ट्रंप भी बातचीत की बात तो कह रहे हैं, लेकिन ये नहीं बता रहे हैं कि ईरान में उनकी बात असल में हो किससे रही है. लिहाजा ये दावा भी संदेहास्पद ही है.

झूठ नंबर 7: बिजली और तेल ठिकानों पर हमला

ट्रंप कह रहे हैं कि समझौता नहीं होता तो हम उनके बिजली संयंत्रों पर हमला करेंगे. हमने अभी तक उनके तेल क्षेत्रों पर हमला नहीं किया है, जबकि वह सबसे आसान लक्ष्य है. जबकि हकीकत ट्रंप के दावे से बिल्कुल उलट है.

ट्रंप ईरान के बिजली संयंत्रों पर तो हमला कर सकते हैं, लेकिन तेल क्षेत्र पर हमला आत्मघाती साबित हो सकता है. ईरान का सबसे बड़ा तेल क्षेत्र खार्ग आइलैंड है. खार्ग इतना सुरक्षित है उस पर हमला करना लगभग नामुमकिन है. इस पर न तो जमीन से हमला किया जा सकता है और न ही आसमान से. समुद्र से हमला भी लगभग नामुमकिन ही है, लेकिन एक बार को अगर मान लें कि अमेरिका पूरी ताकत लगाकर खार्ग पर हमला कर ही दे, तो फिर उस आइलैंड पर मौजूद तेल में आग लग जाएगी और उस आग से जो गर्मी पैदा होगी, वो दुनिया भर की तमाम अर्थव्यवस्थाओं को झुलसा देगी.

पूरा ग्लोबल ऑयल मार्केट ध्वस्त हो जाएगा, दुनिया भर में तेल की कीमतें कुछ घंटों के अंदर आसमान छूने लगेंगी और उससे जो वैश्विक मंदी आएगी, तो फिर उबरना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. क्योंकि खार्ग पर एक वक्त में तकरीबन 20 मिलियन बैरल तेल होता है. यानी कि तकरीबन दो करोड़ बैरल तेल और एक बैरल तेल को जलाने से तकरीबन 6.1 गीगाजूल उर्जा निकलती है. अगर कुल तेल के जलने से निकली उर्जा की बात की जाए, तो ये तकरीबन 29 मेगाटन टीएनटी होगी. बता दें कि 1945 में जब जापान के नागासाकी में अमेरिका ने परमाणु हमला किया था तो उसकी क्षमता सिर्फ 15 किलोटन थी. जब 15 किलोटन के बम ने इतनी तबाही मचाई कि उसके निशान 81 साल बाद भी देखे जा सकते हैं तो आप सोच भी नहीं सकते कि खर्ग पर मौजूद तेल भंडार में आग लगी तो अंजाम क्या होगा.

झूठ नंबर 8: अमेरिका में नहीं है महंगाई

ट्रंप का दावा है कि उन्होंने इतिहास की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई है और अब अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है. ट्रंप के इस दावे में सच्चाई जरूर है, लेकिन जब से जंग शुरू हुई है अमेरिका के शेयर बाजार में भूचाल आया हुआ है. ट्रंप जंग खत्म करने की बात करते हैं तो बाजार चढ़ता है फिर ईरान इनकार करता है तो बाजार गिर जाता है.

जंग की वजह से तेल के दाम ऑल टाइम हाई के करीब हैं. होर्मुज के बंद होने से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है और ट्रंप चाहे जितने दावे करें, अगर ये नहीं खुला तो परेशानी अमेरिका को भी होगी, क्योंकि अमेरिका के पास तेल-गैस उतना ही है, जितना उसका खुद का इस्तेमाल है. वो दुनिया को बहुत कम तेल-गैस बेच पाता है. अगर होर्मुज नहीं खुला तो अमेरिका पर दबाव बढ़ेगा, जिससे तेल के दाम और बढ़ेंगे और ये दाम अमेरिका में भी बढ़ेंगे ही बढ़ेंगे.

झूठ नंबर 9: दो-तीन हफ्तों में खत्म कर देंगे जंग

ट्रंप का यह भी दावा है कि वो दो-तीन हफ्तों में जंग खत्म कर देंगे, लेकिन यह दावा भी पूरी तरह से झूठा है, क्योंकि ट्रंप ने इस जंग की शुरुआत में दो-तीन दिन में जंग खत्म करने की बात की थी. अब एक महीना बीतने के बाद भी वो और 20-25 दिन जंग चलने की बात कर रहे हैं तो यकीन कैसे हो.

बाकी ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान की तबाही की तो बात की है, लेकिन वो एक बार भी नहीं बोल पाए कि इस जंग में अमेरिका का कितना नुकसान हुआ है. अमेरिकी एयर फोर्स को कितना नुकसान हुआ है और अमेरिका के कितने फाइटर प्लेन इस जंग में बर्बाद हुए हैं.

कुल मिलाकर अपने भाषण में ट्रंप ने कोई भी नई बात नहीं कही है. उल्टे-पुलटे बातों में इतने झूठ बोल दिए हैं कि अब किसी को नहीं समझ में आ रहा कि जंग के खत्म होने का रास्ता क्या है और इसका नतीजा शेयर बाजार पर साफ तौर दिख रहा है, जो ट्रंप के बयान के बाद लगातार गिरता ही जा रहा है

Bollywood : अजय देवगन ने 57वां बर्थडे मनाया फैंस के साथ, ‘सिंघम’ के घर ‘शिवशक्ति’ के बाहर उमड़ी भीड़

अजय देवगन के 57वें जन्मदिन पर उनके घर ‘शिवशक्ति’ के बाहर फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. साथ ही अजय देवगन ने भी बाहर आकर फैंस का अभिवादन किया, जिससे माहौल और भी खास बन गया.

बॉलीवुड के सुपरस्टार अजय देवगन आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर उनके घर ‘शिवशक्ति’ के बाहर फैंस की भारी भीड़ देखने को मिली. सुबह से ही लोग उनके घर के बाहर जमा होकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने लगे. अजय देवगन ने भी अपने फैंस को निराश नहीं किया और बाहर आकर हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया. इस बीच उनका सिंपल अंदाज भी चर्चा में रहा. फैंस अपने पसंदीदा स्टार की एक झलक पाने के लिए बहुत एक्साइटेड नजर आए.

अपने 57वें बर्थडे को अजय देवगन ने अपने फैंस के साथ मनाया. एक्टर के मुंबई स्थित घर ‘शिवशक्ति’ के बाहर उनके चाहने वालों की भारी भीड़ नजर आई. जिनके बीच अपने फेवरेट स्टार के बर्थडे का एक्साइटमेंट साफ नजर आया. इस दौरान अजय देवगन के घर के बाहर भी सजावट नजर आई. घर के बाहर उनके घर के नाम की नेमप्लेट ‘शिवशक्ति’ लगी हुई थी. तो वहीं दरवाजे पर गेंदे के फूलों से सजावट भी नजर आई. लोगों की भीड़ केवल अजय की एक झलक पाने के लिए बेकरार थी.

इस खास मौके पर अजय देगन ने भी अपने फैंस कोजरा सा भी निराश नहीं किया और दोनों हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया. एक्टर ने हल्के नीले रंग की शर्ट पहनी थी, जिसके साथ ब्लैक सनग्लासेस भी उन्होंने पहने. अजय का सागदी भरा अंदाज भी फैंस को बहुत पसंद आया.भीड़ को संभालने के लिए वहां सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थे. इसके बावजूद फैंस की उत्सुकता साफ नजर आ रही थी. कई लोग अपने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते दिखे.

अजय देवगन भी अपने इस खास दिन पर फैंस से मिलकर खुश नजर आए. साथ ही इस साल का जन्मदिन भी उनके फैंस के लिए खास और यादगार बन गया. फैंस अपने साथ पोस्टर लेकर पहुंचे थे, जिनमें अजय देवगन के फोटो के साथ मैसेज लिखा हुआ था. इस तरह फैंस ने प्यार और सम्मान के साथ उन्हें बधाइयां दी. बता दें, अजय देवगन ने बर्थडे से पहले फैंस को तोहफा देते हुए अपनी Gen-AI फिल्म ‘हैप्पी बर्थडे जोशी’ का भी ऐलान किया था, जो आज ही रिलीज हुई है. इसके अलावा अजय देवगन आने वाले समय में ‘गोलमाल 5’, ‘दृश्यम 3’, ‘धमाल 4’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं.

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