Thursday, August 20, 2026
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NATIONAL : लखनऊ में पारिवारिक विवाद का खूनी अंत, पत्नी-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक पारिवारिक विवाद का अंत ऐसा हुआ जो शायद परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा. यहां गोमतीनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार (20 अगस्त) को बैंक में तैनात महिला कर्मी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि महिला के पति मानस ने बैंक के बाहर ही उसे गोली मार दी. दोनों के बीच पारिवारिक विवाद का मामला फैमिली कोर्ट में चल रहा था. पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 11:22 बजे मानस ने बैंक के सामने दिव्या पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल दिव्या को लोहिया संस्थान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जानकारी के मुताबिक, पति मानस ने दिव्या को फोन कर उन्हें अपने बैंक के बाहर बुलाया. कुछ देर तक दोनों के बीच बातचीत हो रही. इसके बाद मानस ने अचानक से बंदूक निकाली और दिव्या को गोली मार दी.

पत्नी को मार के घर पहुंचा, बहन को मारी गोली
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी पति मानस मौके से फरार होकर हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा. पुलिस के अनुसार, घर पर उसने अपनी बहन विभा बाजपेई की भी गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली. इस गोलीकांड में तीन लोगों की मौत हो गई है.

अब लखनऊ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद को शुरुआती वजह मानकर पड़ताल कर रही है. पुलिस ने दिव्या मिश्रा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है. घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.

SPORTS : हार के बाद श्रीलंका को ‘ट्रिपल’ झटका, भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट से 3 खिलाड़ी बाहर

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गॉल में टीम इंडिया ने पहले टेस्ट में मेजबान श्रीलंका को 165 रन से शिकस्त दी. सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाएगा, जिससे पहले श्रीलंका को ‘ट्रिपल’ झटका लगा है. टीम के 3 खिलाड़ी बाहर हो गए हैं. इसमें 2 खिलाड़ी पहले से ही बाहर थे. तीसरा खिलाड़ी दिनेश चांदीमल के रूप में बाहर हुआ.

श्रीलंका के हेड कोच गैरी कस्टर्न ने बताया कि दिनेश अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा उन्होंने बाकी खिलाड़ियों को लेकर भी बात की. इसमें कुसल मेंडिस शामिल हैं. मेंडिस को हैमस्ट्रिंग इंजरी है. इसके अलावा ओपनिंग बल्लेबाज पथुम निसांका कलाई की चोट के चलते बाहर हुए हैं.

क्यों बाहर हुए दिनेश चांदीमल?
दिनेश को पहले टेस्ट में फील्डिंग के दौरान सिर और गर्दन में चोट लगी थी. उनकी जगह पासिंदू सूर्याबंडारा को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर लाया गया था. इसके साथ पासिंदू का टेस्ट डेब्यू भी हुआ था. अब दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट से भी बाहर हो गए.

क्या बोले गैरी कस्टर्न
मीडिया से बातचीत करते हुए गैरी कस्टर्न ने कहा, “कुसल मेंडिस को हैमस्ट्रिंग इंजरी है, वह कुछ वक्त के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. दिनेश भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. हम कुछ लड़कों को मिस करेंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए अच्छा मौका बनेगा कि वह आएं और अपनी काबीलियत का सबूत दें.”

ऐसा रहा पहले मैच का हाल
गॉल टेस्ट में टीम इंडिया का दबदबा देखने को मिला. टॉस जीतकर बैटिंग के लिए भारतीय टीम 462 रन पर ऑलआउट हुई. टीम के लिए देवदत्त पडिक्कल ने 167 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली. इसके बाद श्रीलंका अपनी पहली पारी में 284 रन पर सिमटी. इस दौरान भारत के लिए मानव सुथार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए. यहां से टीम इंडिया को 178 रनों की बढ़त मिली. फिर भारतीय टीम दूसरी पारी में 193 रन पर ऑलआउट हुई और श्रीलंका को 372 रनों का लक्ष्य दिया. चेज के लिए टीम श्रीलंका टीम 206 रन पर सिमट गई. इस तरह टीम इंडिया ने 165 रनों से जीत हासिल की.

NATIONAL : ‘सामने आओ और पूरा वंदे मातरम् सुनाओ’ Nitin Nabin के बयान पर Kirti Azad का पलटवार, गरमाई सियासत

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नितिन नबीन और कीर्ति आजाद के बीच जुबानी जंग में अब मुद्दा सिर्फ कांग्रेस की भूमिका तक सीमित नहीं रहा। पूरा गीत कौन जानता है और कौन सुना सकता है, इसी सवाल ने राष्ट्रीय गीत को लेकर चल रही बहस को नया राजनीतिक रंग दे दिया है।

BJP Congress Vande Mataram Controversy: ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच छिड़ी सियासी बहस अब तृणमूल कांग्रेस तक पहुंच गई है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की कांग्रेस पर की गई टिप्पणी के बाद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ऐसा जवाब दिया है, जिसने विवाद को और हवा दे दी। आजाद ने नबीन को सीधे सामने आने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर बात पूरे गीत की है तो वह भी कागज देखकर पूरा ‘वंदे मातरम्’ सुनाने के लिए तैयार हैं।

नितिन नबीन के बयान के बाद आजाद ने खोला मोर्चा
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि नबीन उनके सामने आएं और पूरा ‘वंदे मातरम्’ सुनाएं। आजाद ने साफ कहा कि उन्हें पूरा गीत याद नहीं है, लेकिन वह कागज देखकर इसे शुरू से अंत तक पढ़ने के लिए तैयार हैं।

आजाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय गीत को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव पहले ही तेज हो चुका है।

‘मैं तैयार हूं… अब सामने आकर सुनाइए’
कीर्ति आजाद ने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि वह अभी तैयार हैं। उनका कहना था कि यदि नितिन नबीन पूरे ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें भी सामने आकर उसका पूरा संस्करण सुनाना चाहिए।

इस बयान का सियासी संदेश साफ है आजाद ने बहस को कांग्रेस की कथित स्थिति से हटाकर सीधे बीजेपी अध्यक्ष की व्यक्तिगत परीक्षा के सवाल में बदल दिया है।

क्या कहा था नितिन नबीन ने?
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने हाल के दिनों में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान नहीं दिखा रही और इसे अपनी राजनीति से जोड़ रही है। नबीन ने कांग्रेस पर ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ के आरोप भी लगाए।

बीजेपी की ओर से यह विवाद उस घटनाक्रम के बाद और तेज हुआ, जिसमें कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर सवाल उठे। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि गीत को बीच में रोकने की कोशिश हुई।

हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया। पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को लेकर था।

‘वंदे मातरम्’ की मौजूदा राजनीतिक अहमियत को इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि 2026 में इसके 150 वर्ष पूरे होने का संदर्भ लगातार सामने आया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी अपने शुरुआती राष्ट्रीय अध्यक्षीय संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया था।

ऐसे में इस साल राष्ट्रीय गीत का मुद्दा राजनीतिक रूप से और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में जोर-शोर से उठा रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर बीजेपी के राजनीतिक हमलों का जवाब दे रहा है।

अब निगाहें नबीन के अगले जवाब पर
कीर्ति आजाद के बयान ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सवाल यह है कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं। क्या बहस फिर कांग्रेस की भूमिका पर लौटेगी या ‘पूरा वंदे मातरम् कौन सुना सकता है’ वाला सवाल ही राजनीतिक बयानबाजी का नया केंद्र बनेगा?

फिलहाल इतना तय है कि ‘वंदे मातरम्’ पर शुरू हुई सियासी बहस थमती नजर नहीं आ रही। कीर्ति आजाद के ताजा बयान ने इसमें एक नया अध्याय जरूर जोड़ दिया है।

NATIONAL : वैष्णो देवी जाने वालों के लिए खुशखबरी, साबरमती-जम्मू तवी एक्सप्रेस अब कटरा तक चलेगी

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साबरमती-जम्मू तवी एक्सप्रेस अब श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक चलेगी। 18 अक्टूबर से ट्रेन का विस्तार होगा और सांबा, बड़ी ब्राह्मणा व शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन पर नए ठहराव मिलेंगे।

Sabarmati Katra Express: पश्चिम रेलवे ने साबरमती-जम्मू तवी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 19223/19224) को अब श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक बढ़ाने का फैसला किया है। इस विस्तार के बाद गुजरात से वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। ट्रेन के मार्ग में सांबा, बड़ी ब्राह्मणा और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशनों पर भी ठहराव मिलेगा।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, ट्रेन नंबर 19223 साबरमती-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 18 अक्टूबर 2026 से साबरमती से रोजाना सुबह 10:25 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 6:55 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी।

इसी तरह वापसी में ट्रेन नंबर 19224 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-साबरमती एक्सप्रेस 20 अक्टूबर 2026 से रोजाना सुबह 4:50 बजे कटरा से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:05 बजे साबरमती पहुंचेगी। यह ट्रेन भी रोजाना संचालित होगी।

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इन स्टेशनों पर बढ़ेंगे ठहराव
ट्रेन के विस्तार के साथ यात्रियों को कुछ नए स्टॉपेज भी मिलेंगे। दोनों दिशाओं में सांबा और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है। वहीं ट्रेन नंबर 19223 को बड़ी ब्राह्मणा स्टेशन पर भी अतिरिक्त ठहराव मिलेगा। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों, खासकर वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इन ट्रेनों के समय में भी होगा बदलाव
साबरमती-जम्मू तवी एक्सप्रेस को कटरा तक बढ़ाए जाने के कारण जम्मू तवी स्टेशन पर कुछ अन्य ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। ट्रेन नंबर 19415 साबरमती-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 25 अक्टूबर 2026 से जम्मू तवी पर सुबह 4:05 बजे पहुंचेगी और 4:15 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन सुबह 6:25 बजे कटरा पहुंचेगी।

वहीं, ट्रेन नंबर 12919 डॉ. आंबेडकर नगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मालवा एक्सप्रेस 18 अक्टूबर 2026 से जम्मू तवी पर दोपहर 2:15 बजे पहुंचेगी और 2:20 बजे रवाना होगी। वहीं ट्रेन नंबर 12471 बांद्रा टर्मिनस-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस के समय में 18 अक्टूबर से बदलाव होगा। यह ट्रेन जम्मू तवी पर दोपहर 2:32 बजे पहुंचेगी और 2:37 बजे रवाना होगी।

ट्रेन नंबर 12473 गांधीधाम-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस के समय में 24 अक्टूबर से बदलाव होगा। यह ट्रेन जम्मू तवी पर दोपहर 2:32 बजे पहुंचेगी और 2:37 बजे रवाना होगी।

इसके अलावा, ट्रेन नंबर 12475 हापा-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस 20 अक्टूबर से जम्मू तवी पर दोपहर 2:32 बजे पहुंचेगी और 2:37 बजे रवाना होगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 12477 जामनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस 21 अक्टूबर से जम्मू तवी पर दोपहर 2:32 बजे पहुंचेगी और 2:37 बजे रवाना होगी।

कब शुरू होगी बुकिंग?
पश्चिम रेलवे के मुताबिक, परिचालन कारणों से जिन ट्रेनों की 7 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली यात्राओं के लिए बुकिंग अस्थायी रूप से बंद थी, उनकी बुकिंग 21 अगस्त 2026 से फिर शुरू होगी। इनमें ट्रेन नंबर 19223, 12919, 12471, 12473, 12475 और 12477 शामिल हैं। इसके बाद यात्रियों को रेलवे के 60 दिन के अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) के अनुसार टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी

WORLD : ओमान पर बमबारी करेगा अमेरिका? ट्रंप की धमकी से नए युद्ध की आहट, संकट में मध्य पूर्व

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के जहाजों की नाकेबंदी में रुकावट डालता है तो वे बम गिरा देंगे। उनकी इस धमकी से मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ट्रंप की यह धमकी तब आई है, जब ईरान और ओमान होर्मुज पर समझौता करने वाले हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ओमान पर बमबारी की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के जहाजों की नाकेबंदी में रुकावट डालता है तो वे बम गिरा देंगे। हालांकि, ओमान परंपरागत रूप से अमेरिका का मित्र है। वह ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौते के करीब है। वहीं, अमेरिका नाकेबंदी के जरिए ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरानी जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर “ओमान रुकावट डालता है, तो हम उन पर जबरदस्त बमबारी करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी से ईरान पर दबाव बन रहा है और उनके पास इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई समय-सीमा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। अमेरिका-ईरान युद्ध लगभग छह महीनों से चल रहा है और इसका कोई समाधान नहीं दिख रहा है। शांति वार्ता रुकी हुई है और बीच-बीच में झड़पें भी जारी हैं। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और अन्य जरूरी सामानों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता लंबे समय से ठंडे बस्ते में हैं। दो महीने पहले पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति समझौते के एमओयू पर साइन हुआ था। हालांकि, बाद में अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर शांति समझौते की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया और एमओयू को खारिज कर दिया। इसके बाद से दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने होर्मुज के आसपास के इलाकों में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों, पेट्रोलियम डिपो और दूसरे रणनीतिक अड्डों को निशाना बनाया है।

ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को संभालने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं। ईरान ने सोमवार को कहा कि वह प्रस्तावित व्यवस्थाओं का ब्यौरा देने वाले एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने के लिए ओमान के साथ काम कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उस रास्ते को लेकर सहमति बन गई है जिसका इस्तेमाल जहाज़ इस जलमार्ग से गुज़रने के लिए करेंगे। बघाई ने कहा, “पारगमन मार्ग (ट्रांज़िट रूट) के नक्शे को लेकर सहमति बन गई है।” बघाई ने और जानकारी नहीं दी, लेकिन पिछली चर्चाओं से संकेत मिला है कि जहाज ईरान के पास के रास्ते से जलडमरूमध्य में प्रवेश कर सकते हैं और ओमान के पास के रास्ते से बाहर निकल सकते हैं। प्रस्तावित अंतरिम व्यवस्था के तहत, जहाज़ों को गुजरते समय कोई फ़ीस या टोल नहीं देना होगा।

NATIONAL : भारत को 178 रन की बढ़त, गॉले टेस्ट के तीसरे दिन श्रीलंकाई टीम 284 पर ऑलआउट

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गॉले टेस्ट के तीसरे दिन सोमवार को मेहमान श्रीलंकाई टीम की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई। इसके साथ ही भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिली। भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे। खराब रोशनी के चलते दिन का खेल समय से पहले खत्म कर दिया गया। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने सर्वाधिक 100 रन की पारी खेली। उन्होंने चार चौके और दो छक्के लगाए। निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए। दोनों ने छठे विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की। वहीं, भारत की ओर से मानव सुथार ने सर्वाधिक चार विकेट लिए।

रविंद्र जडेजा को तीन विकेट मिले। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 350 विकेट भी पूरे किए। कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज ने 1-1 विकेट लिया। इससे पहले शनिवार को भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। टीम इंडिया के लिए देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की पारी खेली थी। केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन का योगदान दिया था।

रविंद्र जडेजा के 350 विकेट पूरे

भारतीय खिलाड़ी रविंद्र जडेजा टेस्ट 4,000 से ज्यादा रन बनाने और 350 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के केवल चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले इंग्लैंड के इयान बॉथम, भारत के कपिल देव और न्यूजीलैंड के डैनियल विटोरी यह कारनामा कर चुके हैं।

जडेजा टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय लेफ्ट-आर्म स्पिनर

भारतीय खिलाड़ी रविंद्र जडेजा टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं। पहले स्थान पर श्रीलंका के रंगना हेराथ हैं। उनके नाम टेस्ट में 433 विकेट हैं।

NATIONAL : ‘मेरा खून खौल उठा है’, पश्चिम बंगाल में CJP समर्थक के पिता की हत्या पर बोले अभिजीत; बंगाल जाएगी पूरी टीम

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घोषणा की है कि उनके संगठन के सदस्यों की एक टीम पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा और उस वॉलंटियर से मुलाकात करेगी जिसके पिता की हत्या की गई है।

पश्चिम बंगाल में कॉकरोच जनता पार्टी के एक वॉलंटियर के पिता पर हुए कथित हमले के बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। CJP के वॉलंटियर ने इसका आरोप बीजेपी पर लगाया। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घोषणा की है कि उनके संगठन के सदस्यों की एक टीम पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा और उस वॉलंटियर से मुलाकात करेगी जिसके पिता की हत्या की गई है। साथ ही संगठन की ओर से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।

रविवार को CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि दो दिन पहले बंगाल में हमारे जिस वॉलंटियर अब्दुल के पिता की हत्या की गई है उनके हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग के लिए हमारी पूरी टीम आज रात ही बंगाल के लिए निकलेगी।

क्या कहा आशुतोष रांका ने ?
सीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “अब्दुल हमारी पार्टी का वॉलंटियर था, वह जंतर-मंतर पर भी प्रोटेस्ट में जुड़ा हुआ था। वह वॉलंटियर “स्कूल ठीक करो” कैंपेन के तहत बांकुरा जिले में अपने गांव के एक स्कूल का दौरा करने गया था, उसने स्कूल के हालात का वीडियो बनाया था। इसके बाद बीजेपी के गुंडो ने उसके पिता को निशाना बनाते हुए उस पर हमला कर दिया। उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन आज सुबह उनकी मौत हो गई, इसलिए हमारी पूरी टीम आज रात ही बंगाल के लिए निकलेगी।”

रांका ने आगे कहा कि अब्दुल ने जिस स्कूल का दौरा किया था वह इंडस ब्लॉक में था, जब वह स्कूल का दौरा करने के बाद घर पहुंचा तो “BJP के गुंडों” ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान पिता ने बीच-बचाव किया तो हमलावरों ने उसके पिता को भी पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान अब्दुल के पिता को गंभीर चोटें आई। उन्हें इलाजे कि लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और रविवार सुबह उनकी मौत हो गई।

रांका ने कहा कि हम इस घटना के बाद चुप नहीं बैठेंगे। हमारी पूरी टीम आज रात बंगाल जा रही है। हम अब्दुल और उसके परिवार को न्याय दिलाने के बाद ही चैन से बैठेंगे।”

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
सीजेपी समर्थक के पिता की हत्या को लेकर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। दीपके ने कहा है, “अब्दुल बंगाल के उस सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने गए थे जहां उन्होंने कभी पढ़ाई की थी। सरकारी स्कूलों की खराब हालत के बारे में बोलने पर गुंडों (कथित तौर पर BJP के) ने उन पर हमला कर दिया था, जिससे उनके पिता की मौत हो गई थी। यह देखकर मेरा खून खौल उठता है कि सिर्फ बेहतर स्कूलों की मांग करने पर लोगों की हत्या की जा रही है। CJP अब्दुल और उनके परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है। हम उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हैं।”

‘हम हिंसा से चुप नहीं बैठेंगे’
दीपके ने आगे कहा है, “हमारी एक टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अब्दुल और उनके परिवार को इंसाफ मिले और जो नफरत फैलाने वाले सोचते हैं कि वे हिंसा से हमें चुप करा सकते हैं तोहम पीछे नहीं हटेंगे। हमारे सदस्यों पर हमला करो, हमें धमकाओ, हमें डराने की कोशिश करो, हम और मजबूती से लड़ेंगे। हम चुप नहीं होंगे। हम डरेंगे नहीं। हम बेहतर स्कूलों के लिए लड़ते रहेंगे।”

क्या है पूरा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल ही में अपना एक कैंपेन लॉन्च किया जिसका नाम रखा गया “स्कूल ठीक करो”। इसी कैंपेन के तहत पश्चिम बंगाल के बांकुरा में CJP के एक समर्थक अब्दुल ने अपने उस स्कूल की हालत को लेकर वीडियो बनाया था जिसमें वह खुद पढ़ा था। स्कूल का वीडियो बनाने को लेकर अब्दुल पर हमला किया गया। इस हमले में अब्दुल के पिता को पीटा गया, जिसके बाद 15 अगस्त वाले दिन उसके पिता की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

सीजेपी समर्थक अब्दुल हफीज ने इस हमले का आरोप बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगाया। अब्दुल ने कहा कि उनके पिता ने बांकुरा के एक सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया, जहां हमले के बाद उन्हें ले जाया गया था। हफीज ने रविवार को ThePrint के साथ बातचीत में बताया कि मेरे पिता की मौत शनिवार को हो गई। उन पर बीजेपी के लोकल नेताओं ने हमला किया था।

इस घटना को लेकर बांकुरा के पुलिस सुपरिटेंडेंट वी.जी. सतीश पासुमार्थी ने कहा कि उन्होंने संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। हम इस मामले में सभी जरूरी कानूनी कार्रवाई करेंगे।

दरअसल, पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी के तंज पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह सरासर अहंकार है और अब बदलाव की घंटी बज चुकी है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

NATIONAL : तमिलनाडु में किसानों का 75000 रुपये तक का कर्ज माफ: 13.34 लाख किसानों को मिलेगा लाभ; CM विजय ने क्या एलान किए?

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में किसानों के लिए फसल ऋण माफी के लिए एक और चरण का एलान किया। उन्होंने कहा कि 75 हजार रुपये तक के कर्ज को पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, 75 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक के कर्ज में कुछ राशि माफ की जाएगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी विजय जोसेफ ने सोमवार को राज्य विधानसभा में फसल कर्ज माफी योजना का दायरा बढ़ाने का एलान किया। इसके साथ ही कुल वित्तीय मदद बढ़कर 6,220 करोड़ रुपये हो गई है। राज्यभर के 13.34 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में क्या कहा?
मुख्यमंत्री विजय जोसेफ ने कहा कि उनकी सरकार अपने 100 दिन पूरे करने के करीब है और वह गांवों में लोगों की रोजी-रोटी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।

उन्होंने दोहराया कि किसानों और खेती की भलाई तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विजय ने कहा, अगर तमिलनाडु की जनता हमारी जिंदगी है, तो किसान हमारी जीवनरेखा हैं। किसानों की रोजी-रोटी की रक्षा करना, उनका कर्ज का बोझ कम करना और खेती को मजबूत करना इस सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने सहकारी बैंकों से 75 हजार रुपये तक का फसल कर्ज लिया है, अब उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत 75 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक के कर्ज पर अधिकतम 75 हजार रुपये की माफी होगी। इससे 2,38,264 किसानों को 40 हजार रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

योजना पर कुल कितना खर्च आएगा?
1 लाख रुपये से ज्यादा के कर्ज पर 35 हजार रुपये की तय माफी दी जाएगी। कर्ज माफी की बढ़ी हुई व्यवस्था से योजना में 953.06 करोड़ रुपये और जुड़ गए हैं। अब इस योजना पर कुल 6,220 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 31 जुलाई तक 5,267 करोड़ रुपये सीधे 13.34 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, इस सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए कि तमिलनाडु के किसानों की भलाई ही इस सरकार की भलाई है, सरकार 13.34 लाख किसानों को कुल 6,220 करोड़ रुपये की फसल कर्जमाफी दे रही है।

योजना की शुरुआत के बारे मे मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि 25 मई को सरकार बनने के 15 दिन के अंदर सरकार ने पहले 50 हजार रुपये तक के कर्ज माफ किए थे। इसके बाद किसान संगठनों के साथ बड़े स्तर पर बातचीत के बाद 19 जून को इस योजना का दायरा और बढ़ाया गया।

NATIONAL : ‘उद्धव ठाकरे को बेहतर कहने का वक्त, शिंदे गद्दार’, मनोज जरांगे ने चेतावनी देते हुए कहा हर सीट पर हराऊंगा

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महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा मुद्दे पर राजनीति गरमा सकती है। राज्य में मराठा समाज को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन और भूख हड़ताल कर चुके मनोज जरांगे पाटिल ने मराठवाड़ा में कुनबी सर्टिफिकेट रद्द होने पर नाराजगी व्यक्त की है। जरांगे पाटिल ने एकनाथ शिंदे, सीएम फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखकर बावनकुले को निशाने पर लिया है।

मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन में बड़ा चेहरा बनकर उभरे मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाने पर लिया है। सरकार द्वारा जारी कुणबी प्रमाण पत्र रद्द होने पर जरांगे पाटिल शिंदे पर गद्दारी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मैं अब उन्हें हर सीट पर हराऊंगा। जरंगे का यह गुस्सा मराठवाड़ा में मराठा जन प्रतिनिधियों के कुणबी प्रमाणपत्र रद्द होने पर फूटा है। इसे नगरसेवक पद समाप्त किए गए हैं। अंतरवाली सराटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जरांगे ने राज्य सरकार पर मराठों को खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। जरांगे ने उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर सीधा हमला बोला। जरांगे ने उद्धव की तारीफ की।

मनोज जरांगे पाटिल का आरोप है कि बावनकुले के। कहने पर अधिकारियों ने वैध कुणबी प्रमाणपत्रों को रद्द किया है। जरांगे ने गुस्से में कहा कि शिंदे ने मराठों के साथ गद्दारी की है और आगामी चुनावों में मराठा शिंदे के उम्मीदवारों को हर सीट पर हराएंगे। मनोज जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया कि मराठा जनप्रतिनिधियों के पास ठोस सबूत है। इसके बाद भी प्रमाणपत्र खारिज किए गए हैं। फडणवीस को बावनकुले के कारण भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। मनोज जरांगे के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोई प्रमाणपत्र जान-बूझ कर रद्द नहीं किया गया है। फडणवीस ने कहा है कि जाति वैधता समितियां सुप्रीम कोर्ट के आधीन काम करती हैं। इसमें सरकार की भूमिका नहीं है।

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यह पहला मौका है जब मनोज जरांगे पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेपर सीधा निशाना साधा। जरांगे का आरोप है कि एकनाथ शिंदे डबल गेम खेल रहे हैं। शिंदे के लिए मराठों ने मेहनत की थी, लेकिन उन्होंने मराठों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उद्धव ठाकरे की बेहतर कहने का समय आ गया है। जरांगे के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने खंडन किया है और कहा है सरकार या कोई भी मत्री इसके काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। सीएम फडणवीस ने कहा है कि बीजेपी के कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रमाणपत्र भी जाति वैधता समितियों द्वारा रद्द किए गए हैं। इसलिए राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप सही नहीं है। जरांगे मराठा आरक्षण को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं।

MAHARASHTRA : : डिप्टी CM शिंदे बोले- गणेशोत्सव से पहले सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, बेहतर निकायों को मिलेंगे पुरस्कार

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महाराष्ट्र में गणेशोत्सव से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी नगर निगमों को सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन नगर निगमों को पुरस्कार मिलेगा, जबकि खराब प्रदर्शन का असर भविष्य के फंड आवंटन पर पड़ सकता है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेशोत्सव से पहले राज्य की सभी नगर निगमों को सड़कों से गड्ढे हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा और विसर्जन वाले रास्तों पर किसी भी तरह के गड्ढे नहीं होने चाहिए। इसके लिए नगर निकायों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। एकनाथ शिंदे ने सोमवार को गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। यह महाराष्ट्र का प्रमुख और दस दिन तक चलने वाला त्योहार है। ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

तीन बेहतर नगर निगमों को पुरस्कार
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जो नगर निगम गणेशोत्सव की तैयारियां तेजी से पूरी करेंगे और अपने क्षेत्र में गड्ढामुक्त सड़कें, दुर्घटनामुक्त आयोजन और जरूरी नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे, उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। शहरी विकास विभाग की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगर निगमों को पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, जिन नगर निगमों और अधिकारियों का प्रदर्शन खराब रहेगा, उनका भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। शिंदे ने कहा कि भविष्य में नगर निगमों को मिलने वाले फंड के आवंटन में उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा।

24 घंटे गड्ढों की मरम्मत की व्यवस्था
उपमुख्यमंत्री ने नगर आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने शहरों में गड्ढों की मरम्मत का काम तुरंत शुरू कराएं। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएं, जो सड़कों का नियमित निरीक्षण करें और गड्ढे मिलने पर तुरंत उनकी मरम्मत कराएं। नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने को भी कहा गया है। मोबाइल एप के जरिए मिलने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। गड्ढों की मरम्मत के लिए 24 घंटे काम करने वाली व्यवस्था तैयार करने और चल रहे काम की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने नगर आयुक्तों से जरूरत पड़ने पर खुद मौके पर जाकर मरम्मत कार्य की समीक्षा करने को कहा। नगर निकायों को मरम्मत से पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों को पता चल सके कि किस सड़क पर कितना काम हुआ है।

आधुनिक तकनीक से होगी मरम्मत
मानसून के दौरान जल्द मरम्मत के लिए नगर निगमों को आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इनमें प्रीकास्ट सामग्री और जियोपॉलीमर टेक्नो-पैच जैसी तकनीक शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ऐसे स्थानों पर किया जा सकता है, जहां तत्काल सड़क की मरम्मत जरूरी है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी), महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) भी नगर निकायों के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र वाली सड़कों पर गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी होती है तो संबंधित नगर निगम अपने खर्च पर उनकी मरम्मत करा सकते हैं। बाद में यह खर्च संबंधित एजेंसी से वसूला जाएगा।

गणेश विसर्जन मार्गों पर विशेष ध्यान
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा और विसर्जन वाले मार्गों की विशेष रूप से जांच की जाए। गणेशोत्सव के दौरान नई सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने बिजली के ओवरहेड तारों को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। खासकर विसर्जन मार्गों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली के तारों की वजह से कोई दुर्घटना न हो।

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