Monday, October 12, 2026
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NATIONAL : सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘अवैध हिरासत नहीं, कानून के दायरे में काम करें’, दिल्ली पुलिस को नोटिस

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों पर रविवार 11 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दौरान आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सेवाएं बिना वजह बाधित नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने इंटरनेट सेवाएं बंद नहीं करने, बैरिकेडिंग की समीक्षा करने और अवैध हिरासत से बचने जैसे निर्देश दिए.

CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इससे पहले राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी. मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गईं, जबकि कई लोगों को हिरासत में लिया गया. इन कदमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठाए गए.सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट सेवाएं चालू हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि वकीलों और पत्रकारों को उनके पेशे से जुड़े काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए.कोर्ट ने अधिकारियों को ट्रैफिक नियमों के तहत लोगों की आवाजाही सुचारू रखने और बैरिकेडिंग की समीक्षा करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर लोगों की आवाजाही पर जरूरत से ज्यादा रोक नहीं लगनी चाहिए.

इंटरनेट बंद करने पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट सेवाओं को बाधित नहीं किया जाना चाहिए. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ स्थितियों में पाबंदियों की जरूरत पड़ सकती है. कोर्ट ने जवाब में स्पष्ट किया कि वह प्रशासन के अधिकार नहीं छीन रहा है. हालांकि, अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी होगी. अदालत का जोर इस बात पर था कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो.

अवैध हिरासत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने की कार्रवाई कानून के मुताबिक ही होनी चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों की सीमा से बाहर शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों के जुटने पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट या किसी दूसरी अदालत के बाहर धारा 163 के तहत लगे प्रतिबंधों की समीक्षा होनी चाहिए. न्याय तक लोगों की पहुंच नहीं रुकनी चाहिए. अदालत ने कोर्ट परिसर के बाहर धारा 163 से जुड़ा बोर्ड हटाने का निर्देश भी दिया.

प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील

सुनवाई के दौरान जस्टिस वी. मोहना ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी जनहित के लिए आंदोलन कर रहे हैं, तो उन्हें यह भरोसा देना चाहिए कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और किसी को उकसाने वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी.

मंगलवार को फिर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 13 अक्टूबर को तय की है. अब इस पर नजर रहेगी कि केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारी पाबंदियों को लेकर अदालत के सामने क्या जानकारी रखते हैं और सार्वजनिक परिवहन व आम लोगों की आवाजाही को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.

SPORTS : IND vs NZ: नए लुक में नजर आएगी न्यूजीलैंड की टीम, भारत के खिलाफ लॉन्च हुई कीवी खिलाड़ियों की नई ODI जर्सी

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भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की टीम एक जर्सी पहनकर खेलेगी. न्यूजीलैंड ने हाल ही में 4 नवंबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान किया है. अब भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर कीवी टीम की नई वनडे जर्सी लॉन्च हुई है. यह नई जर्सी मंडाला आर्ट से बनाई गई है और इसपर कमल का फूल भी है.

इस जर्सी को बनाते वक्त भारत और न्यूजीलैंड, दोनों के सांस्कृतिक इतिहास का ख्याल रखा गया है. कीवी टीम कोटाहितांगा जर्सी पहनेगी, जिसका मतलब एकता या फिर एकजुटता से होता है. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि बेन थोमासन, जय पंच और शिव नरनद्रास ने मिलकर इस जर्सी को डिजाइन किया है.

थोमासन ने ट्रेडिशनल माओरी का एब्स्ट्रेक्ट पेंटिंग स्क्रॉल डिजाइन और मोटिफ को बुना है, जो आज जीवित लोगों को गुजर चुके लोगों से जोड़ने की थीम को प्रदर्शित करता है. दूसरी ओर भारतीय कलाकार जय पंच और शिव नरनद्रास ने मिलकर जर्सी में भारतीय संस्कृति और अन्य आर्किटेक्चरल संरचनाओं को शामिल किया है.

क्या टीम इंडिया को भी मिलेगी नई जर्सी?

अभी तक BCCI ने टीम इंडिया को नई जर्सी दिए जाने पर कोई घोषणा नहीं की है. इस तरह के कोई संकेत भी नहीं मिले हैं, इसलिए टीम इंडिया अपनी रेगुलर जर्सी पहनकर खेलते हुई नजर आ सकती है. टीम इंडिया की जर्सी पर एडिडास और BCCI का लोगो, तीन स्ट्राइप्स और टाइटल स्पान्सर ‘apollo tyres’ का नाम लिखा होता है.

4 नवंबर से शुरू होगी वनडे सीरीज

1 नवंबर को भारत और न्यूजीलैंड की टी20 सीरीज समाप्त होने के बाद 4 नवंबर से पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी. पहला मैच 4 नवंबर को ऑकलैंड, दूसरा 7 नवंबर को वेलिंगटन, तीसरा 10 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. वहीं चौथा और पांचवां मैच क्रमशः 13 नवंबर और 15 नवंबर को खेला जाएगा. ये दोनों मैच माउंट मौनगुआनी में खेले जाएंगे.

BUSINESS : सोना-चांदी खरीदने वालों को झटका! सरकार ने खत्म की टैक्स छूट, अब आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?

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अगर आप सोना, चांदी या प्लैटिनम खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी है. केंद्र सरकार ने इन कीमती धातुओं के आयात पर बैंकों और अधिकृत एजेंसियों को मिलने वाली एक खास टैक्स छूट आगे नहीं बढ़ाई है.

इसके बाद अब आयात के समय 3% इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) देना पड़ रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम और बढ़ेंगे और क्या इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा?

सोना-चांदी के आयात पर क्या बदला?
अब तक बैंकों और कुछ अधिकृत एजेंसियों को विदेश से सोना, चांदी और प्लैटिनम मंगाने पर IGST का भुगतान पहले नहीं करना पड़ता था. सरकार ने इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया. नतीजतन, 1 अप्रैल 2026 से इन आयातों पर 3% IGST लागू है.

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव के मुताबिक, सरकार ने 8 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल को इस बदलाव की जानकारी दी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अलग-अलग रास्तों से होने वाले कीमती धातुओं के आयात पर टैक्स के नियमों में समानता लाना है. यानी किसी एक आयात माध्यम को सिर्फ टैक्स व्यवस्था के कारण फायदा नहीं मिलना चाहिए.

क्या सोना-चांदी 3% महंगा हो जाएगा?
इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब सोना और चांदी खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे? इसका जवाब है कि जरूरी नहीं है. बैंकों को आयात के समय 3% IGST देना पड़ने का ये मतलब नहीं है कि बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अपने आप 3% बढ़ जाएंगी. इसकी वजह ये है कि कारोबारियों को नियमों के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए चुकाए गए टैक्स को समायोजित करने की सुविधा मिल सकती है.

हालांकि, आयात के समय टैक्स का भुगतान करने के लिए बैंकों और आयातकों को पहले से ज्यादा रकम की व्यवस्था करनी पड़ती है. इससे उनकी नकदी पर दबाव पड़ सकता है और वित्तीय लागत बढ़ सकती है. अगर कारोबारियों का खर्च बढ़ता है तो उसका कुछ असर सप्लाई चेन और ज्वेलर्स तक पहुंच सकता है. लेकिन कीमत कितनी बदलेगी ये कई बातों पर निर्भर करेगा.

सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करेगी?

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार- दुनिया में सोने और चांदी की कीमत बढ़ने या घटने का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है.
  2. डॉलर के मुकाबले रुपया- रुपये में कमजोरी आने पर विदेश से धातुएं खरीदना महंगा हो सकता है.
  3. आयात शुल्क: कस्टम ड्यूटी और दूसरे लागू कर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं.
  4. कारोबार की लागत: आयात, वित्तीय व्यवस्था, परिवहन और ज्वेलरी बनाने का खर्च भी आखिरी कीमत में जुड़ सकता है.

लोगों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर जांचें. अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्कों की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है.

साथ ही खरीदारी के समय पक्का बिल जरूर लें. बिल में धातु की शुद्धता, वजन, कीमत और लागू टैक्स की जानकारी जांचें.

BOLLYWOOD : ‘दृश्यम 3’ का बॉक्स ऑफिस पर रविवार को धमाका, दोपहर 1:30 बजे तक कलेक्शन ने पार किया 291 करोड़ का आंकड़ा!

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अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है. फिल्म ने 285 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. फिल्म की कहानी को काफी सराहा जा रहा है. आइए जानते हैं रविवार को फिल्म ने कितनी कमाई कर ली है.

सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने 11 अक्टूबर यानी रविवार को 12 बजे तक 2.68 करोड़ करोड़ का कलेक्शन किया. फिल्म को 19 परसेंट ऑक्यूपेंसी मिली और 3954 शोज मिले

‘दृश्यम 3’ डे वाइज कलेक्शन पर डालें नजर

फिल्म ने पहले दिन 62 करोड़ का बिजनेस किया था.
दूसरे दिन फिल्म न 53.50 करोड़ कमाए.
तीसरे दिन फिल्म ने 61 करोड़ का बिजनस किया.
चौथे दिन फिल्म ने 21 करोड़ कमाए.
पांचवें दिन फिल्म ने 19.50 करोड़ का बिजनेस किया.
छठे दिन फिल्म का कलेक्शन 15.50 करोड़ रहा.
सातवें दिन फिल्म ने 13 करोड़ का बिजनेस किया.
पहले हफ्ते में फिल्म ने 245.50 करोड़ कमाए.
आठवें दिन फिल्म ने 14.50 करोड़ का बिजनेस किया.

फिल्म को पहले दिन से ही शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक पाठक हैं. अजय देवगन लीड रोल में हैं. वो विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आए. फिल्म में इशिता दत्ता अजय की बेटी के रोल में हैं और श्रेया सरन पत्नी का रोल निभा रही हैं. वहीं तबु और जयदीप अहलावत जैसे स्टार्स फिल्म का हिस्सा हैं. फिल्म की स्टोरीलाइन जबरदस्त हैं और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ का भी फिल्म को फायदा मिला.

बता दें कि ‘दृश्यम 3’ से पहले दो पार्ट आ चुके हैं. पहले पार्ट को निशिकांत कामत ने डायरेक्ट किया. फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी और जबरदस्त पसंद की गई. वहीं फिल्म का दूसरा पार्ट 2022 में रिलीज हुआ. दूसरे पार्ट को भी अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया और इसे भी बहुत सराहा गया. अब फिल्म का तीसरा पार्ट बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रहा है. ये फिल्म अजय के करियर की हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म हो गई है.

BUSINESS : 2026 में दुनिया की आर्थिक विकास दर धीमी पड़ने का अनुमान, UN की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

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दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह सकती है, जबकि 2025 में यह लगभग 2.9 प्रतिशत थी।

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास निकाय UNCTAD ने इस धीमी रफ्तार के पीछे मध्य पूर्व में जारी संकट और ऊर्जा बाजार में पैदा हुए व्यवधानों को प्रमुख कारणों में शामिल किया है। इस घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, महंगाई और कारोबार से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है।

ऊर्जा संकट से बढ़ सकती हैं कारोबारियों की मुश्किलें

दुनिया के कई देशों में ऊर्जा की कीमतों में बदलाव का असर उद्योगों और कारोबार पर पड़ता है। तेल और गैस महंगे होने से परिवहन, उत्पादन और माल की ढुलाई की लागत बढ़ सकती है।

इसका असर छोटे कारोबारियों से लेकर बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तक पर पड़ सकता है। कंपनियों को अपनी लागत नियंत्रित करने और उत्पादों की कीमतें तय करने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

वैश्विक व्यापार में जारी रह सकती है वृद्धि

रिपोर्ट में आर्थिक विकास धीमा होने के बावजूद 2026 में वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक व्यापार में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया गया है।

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक व्यापार में यह बढ़ोतरी पूरी तरह मजबूत आर्थिक मांग का संकेत नहीं है। ऊर्जा की बढ़ी कीमतों के कारण व्यापार का मौद्रिक मूल्य भी प्रभावित हो सकता है।

BUSINESS : सोने की कीमतों में बदलाव से ज्वेलरी बाजार में हलचल, हल्के गहनों की बढ़ी मांग

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भारत में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब ज्वेलरी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की खरीदारी को देखते हुए ग्राहक सोने के गहने खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण लोग खरीदारी करते समय अपने बजट का भी खास ध्यान रख रहे हैं।

द इकोनॉमिक टाइम्स की 10 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट के बाद कुछ ग्राहकों ने खरीदारी बढ़ाई है। बाजार में हल्के वजन वाले गहनों, स्टडेड ज्वेलरी और पुराने सोने के बदले नए गहने खरीदने के विकल्पों में दिलचस्पी देखी जा रही है।

सोने की कीमतों में बदलाव से कारोबार पर असर

सोना भारतीय बाजार में केवल निवेश का साधन नहीं है, बल्कि शादी और त्योहारों से जुड़ी खरीदारी का भी अहम हिस्सा है। कीमतें बढ़ने या घटने पर ग्राहकों के खरीदारी के फैसलों में बदलाव देखने को मिलता है।

जब कीमतें कम होती हैं, तो कुछ ग्राहक खरीदारी का मौका तलाशते हैं। वहीं, कीमतें बढ़ने पर कई ग्राहक कम वजन वाले गहने चुनते हैं या खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल देते हैं।

इसका असर ज्वेलरी दुकानों की बिक्री, ग्राहकों की पसंद और कारोबारियों की स्टॉक संबंधी योजनाओं पर पड़ सकता है।

हल्के वजन वाले गहनों की ओर बढ़ रहा ग्राहकों का रुझान

बढ़ती लागत के बीच ग्राहक ऐसे गहने पसंद कर रहे हैं जो देखने में आकर्षक हों और बजट में भी फिट बैठें।

ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों के लिए ये विकल्प उपयोगी साबित हो सकते हैं:

  • हल्के वजन की सोने की चेन और अंगूठियां।
  • रोजाना पहनने के लिए छोटे और साधारण डिजाइन।
  • स्टडेड ज्वेलरी यानी सोने के साथ दूसरे पत्थरों वाले गहने।

BUSINESS : AI का बढ़ता इस्तेमाल: युवाओं के लिए नए अवसर या नौकरियों पर खतरा? जानिए क्या बदल रहा है भविष्य

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नई दिल्ली | टेक्नोलॉजी डेस्क

आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रहा है। मोबाइल फोन से लेकर ऑफिस, शिक्षा, बिजनेस और मनोरंजन तक, AI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं के मन में एक बड़ा सवाल है—क्या AI उनके लिए नए करियर के अवसर पैदा करेगा या भविष्य में नौकरियों की संख्या कम कर देगा?

क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से कंप्यूटर और मशीनें कई ऐसे काम कर सकती हैं जिनमें आमतौर पर इंसानी समझ, भाषा, विश्लेषण या निर्णय लेने की क्षमता की जरूरत होती है।

आज AI की मदद से लोग कंटेंट लिखने, तस्वीरें बनाने, वीडियो एडिट करने, डेटा का विश्लेषण करने और ग्राहकों के सवालों का जवाब देने जैसे काम कर रहे हैं।

युवाओं के लिए खुल रहे हैं नए अवसर

AI के बढ़ते इस्तेमाल से टेक्नोलॉजी से जुड़े कई क्षेत्रों में नई भूमिकाओं और कौशलों की मांग बढ़ रही है। युवाओं के लिए डेटा एनालिसिस, AI टूल्स का इस्तेमाल, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में सीखने के अवसर मौजूद हैं।

इसके अलावा, सोशल मीडिया क्रिएटर्स, वेबसाइट संचालकों और छोटे कारोबारियों के लिए भी AI उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी मदद से वे कम समय में कंटेंट तैयार कर सकते हैं और अपने काम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं।

क्या AI से खत्म हो सकती हैं नौकरियां?

AI कुछ ऐसे कामों को स्वचालित कर सकता है जो बार-बार एक ही तरीके से किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, डेटा एंट्री, सामान्य रिपोर्ट तैयार करना और कुछ प्रकार की ग्राहक सेवा में AI की भूमिका बढ़ सकती है।

NATIONAL : CJP प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट का रुख, मेट्रो और ट्रेनों को पूरी तरह रोकने पर सवाल

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दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय नियंत्रित तरीके से चलाने पर जोर दिया। प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने और यातायात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।

इंडिया टुडे की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने सेवाओं को नियंत्रित तरीके से जारी रखने की बात कही।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त

10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और कई इलाकों में यातायात के रास्तों में बदलाव किए।

कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास संबंधी पाबंदियां लगाई गईं। इसके अलावा, राजधानी के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई।

CJP क्यों कर रही है प्रदर्शन?

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है।

NATIONAL : दिल्ली में CJP का प्रदर्शन जारी, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में; मेट्रो सेवाओं पर भी असर

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दिल्ली में शनिवार को Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

रॉयटर्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीप्ते और संगठन के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में ले जाते हुए देखा गया।

दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए ड्रोन और बॉडी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

45 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास संबंधी प्रतिबंध लगाए गए हैं। यात्रियों को यात्रा पर निकलने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।

आखिर क्यों हो रहा है प्रदर्शन?

CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच हो और मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है। आयोग के अनुसार, सूची में संशोधन का उद्देश्य मतदाता रिकॉर्ड को सही करना है।

LIFESTYLE : Fashion Trends 2026: इस साल ट्रेंड में हैं ये स्टाइलिश लुक्स, जानें कैसे दिखें सबसे अलग

फैशन की दुनिया में हर साल नए ट्रेंड देखने को मिलते हैं। साल 2026 में भी लोग ऐसे आउटफिट्स पसंद कर रहे हैं, जो स्टाइलिश होने के साथ-साथ आरामदायक भी हों। रोजाना पहनने वाले कपड़ों से लेकर पार्टी और खास मौकों के लुक तक, सही रंगों और एक्सेसरीज का चुनाव आपके व्यक्तित्व को खास बना सकता है।

आइए जानते हैं फैशन से जुड़े कुछ ऐसे आइडियाज, जिन्हें आप अपने स्टाइल में शामिल कर सकते हैं।

  1. पेस्टल कलर्स का बढ़ता क्रेज

हल्का गुलाबी, सेज ग्रीन, क्रीम और बेबी ब्लू जैसे रंग एक सॉफ्ट और एलिगेंट लुक देते हैं। इन रंगों के कपड़े कैजुअल आउटिंग और दिन के कार्यक्रमों के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।

  1. एथनिक वियर का खास अंदाज

कुर्ती, अनारकली सूट और इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स भारतीय फैशन का अहम हिस्सा हैं। इन्हें खूबसूरत झुमकों, हल्के मेकअप और मैचिंग फुटवियर के साथ पहनकर आकर्षक लुक पाया जा सकता है।

  1. मिनिमल ज्वेलरी से मिलेगा एलिगेंट लुक

आजकल सिंपल स्टाइल पसंद करने वालों के लिए छोटी बालियां, पतली चेन और नाजुक ब्रेसलेट अच्छे विकल्प हैं। सही ज्वेलरी साधारण आउटफिट को भी खास बना सकती है।

  1. कम्फर्टेबल कपड़ों को दें प्राथमिकता

फैशन के साथ आराम भी जरूरी है। कॉटन शर्ट, आरामदायक ट्राउजर और ढीले-ढाले आउटफिट रोजमर्रा की जिंदगी के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

  1. फुटवियर और बैग भी हैं जरूरी

किसी भी लुक को पूरा करने में फुटवियर और बैग की अहम भूमिका होती है। अपने कपड़ों के रंग और अवसर के अनुसार बैग, सैंडल या स्नीकर्स चुनें।

कैसे चुनें अपने लिए सही फैशन?

फैशन ट्रेंड्स अपनाते समय अपनी पसंद, आराम और बजट को ध्यान में रखें। जरूरी नहीं कि हर ट्रेंड को अपनाया जाए। वही स्टाइल चुनें जिसमें आप सहज और आत्मविश्वासी मह�

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