Sunday, October 25, 2026
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Recipe : बाजार जैसे फूले-फूले भटूरे घर पर बनाएं, आटा गूंथने का ये तरीका आएगा काम

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छोले-भटूरे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. बाजार में मिलने वाले भटूरे अक्सर बाहर से सुनहरे और अंदर से नरम होते हैं. लेकिन घर पर भटूरे बनाते समय कई बार वे ठीक से फूलते नहीं या सख्त हो जाते हैं. इसकी एक वजह आटा गूंथने का तरीका, उसे रेस्ट देने का समय और तलने के लिए तेल का सही तापमान होता है. अगर आप भी घर पर बाजार जैसे फूले हुए भटूरे बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखें. आइए जानते हैं आटा तैयार करने से लेकर भटूरे तलने तक का सही तरीका.

इस तरह गूंथें आटा

फूले हुए भटूरे बनाने के लिए सबसे पहले सही सामग्री लेना जरूरी है. इसके लिए दो कप मैदा, दो बड़े चम्मच सूजी, दो बड़े चम्मच दही, आधा छोटा चम्मच चीनी, थोड़ा नमक और जरूरत के अनुसार पानी लें. आटे में एक छोटा चम्मच तेल मिलाएं. अब एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, नमक और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद दही डालें और थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए आटा गूंथें. आटा न ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ढीला. इसे अच्छी तरह गूंथकर चिकना कर लें. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी डालने से आटा चिपचिपा हो सकता है. आटा तैयार होने के बाद इसे ढककर करीब 2 से 3 घंटे के लिए गर्म जगह पर रख दें.

भटूरे बेलते समय रखें इन बातों का ध्यान

आटे को रेस्ट देने के बाद उसे एक बार हल्के हाथों से गूंथ लें. अब इसकी बराबर आकार की लोइयां बना लें. लोई को बेलने के लिए चकले पर थोड़ा तेल लगाएं. कोशिश करें कि भटूरे को बहुत पतला न बेलें, क्योंकि इससे फूलने में परेशानी होती है. इसे न ज्यादा मोटा रखें और न ही बहुत पतला. बेलते समय ध्यान रखें कि आटे में बड़ी दरारें न हों और उसकी मोटाई लगभग हर जगह एक जैसी रहे. अगर आटा चकले पर चिपक रहा है, तो थोड़ा तेल इस्तेमाल करें. जरूरत से ज्यादा सूखा मैदा लगाने से तलते समय तेल में मैदा जल सकता है. लोइयां बेलने के बाद उन्हें बहुत देर तक खुला न छोड़ें, वरना उनकी सतह सूख सकती है.
सही तापमान पर तलें भटूरे

भटूरे तलने के लिए कड़ाही में पर्याप्त तेल गर्म करें. तेल सही तापमान पर होना चाहिए. अगर तेल कम गर्म होगा, तो भटूरे ज्यादा तेल सोख सकते हैं और ठीक से नहीं फूलेंगे. वहीं, बहुत ज्यादा गर्म तेल में भटूरे बाहर से जल्दी रंग पकड़ते हैं. तेल का तापमान जांचने के लिए आटे का छोटा टुकड़ा डालें. अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आ जाए और उसके आसपास बुलबुले बनें, तो तेल तलने के लिए तैयार होता है. अब बेले हुए भटूरे को सावधानी से तेल में डालें और कलछी से हल्का दबाएं, ताकि वह फूल सके. जब एक तरफ सुनहरा रंग आ जाए, तो पलटकर दूसरी तरफ भी तल लें. तैयार भटूरे को निकालकर ज्यादा तेल निकलने दें. इन्हें गर्मागर्म छोले, प्याज और अचार के साथ परोसें.

Kitchen Tips : बर्तन धोने के बाद सिंक पर पड़ गए सफेद दाग? इन आसान घरेलू नुस्खों से मिनटों में चमकाएं!

बर्तन धोने के बाद सिंक पर रह गए सफेद दाग दिखाई देना एक आम समस्या है. अगर आपके किचन सिंक पर भी सफेद-सफेद धब्बे या परत दिखाई देती है, तो इसे सिर्फ गंदगी समझकर जोर से रगड़ना जरूरी नहीं है. कई बार ये निशान हार्ड वॉटर यानी खारे पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स के जमने से बनते हैं. पानी सूखने के बाद ये मिनरल्स सिंक की सतह पर सफेद परत छोड़ देते हैं, जो बार-बार पानी पड़ने और सूखने के साथ और ज्यादा दिखाई देने लगती है.

खासकर स्टेनलेस स्टील के सिंक में ऐसे दाग काफी आम हैं. अच्छी बात यह है कि इनके लिए महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट खरीदना जरूरी नहीं होता. घर में मौजूद सफेद सिरका, बेकिंग सोडा और एक मुलायम कपड़े की मदद से आप इन दागों को आसानी से साफ कर सकते हैं. हालांकि, सिंक के मटेरियल के हिसाब से सफाई का तरीका चुनना जरूरी है, क्योंकि बहुत ज्यादा रगड़ने या गलत केमिकल इस्तेमाल करने से सतह को नुकसान पहुंच सकता है.

सिंक को करें सामान्य तरीके से साफ
सफेद दाग हटाने से पहले सिंक में जमा भोजन के टुकड़े, तेल और साबुन की परत को साफ कर लें. इसके लिए हल्का डिशवॉशिंग लिक्विड और गुनगुना पानी पर्याप्त है. मुलायम स्पंज से सिंक को साफ करने के बाद पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे यह पता लगाना भी आसान होगा कि सफेद निशान वास्तव में मिनरल जमा होने की वजह से हैं या केवल खाने के टुकड़े की वजह से. इसके बाद सिंक को एक बार सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ लें. गीली सतह पर सफेद दाग को पहचानना मुश्किल हो जाता है.

सफेद सिरका आएगा काम
अगर सिंक पर मुख्य समस्या हार्ड वॉटर के निशानों की है, तो सफेद सिरका और पानी का घोल इस्तेमाल करना सबसे बेहतरीन तरीका है. सामान्य तौर पर दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर दाग वाले हिस्से पर लगाएं और कुछ मिनट के लिए रखें और फिर हल्के हाथ से पोंछ दें. इसके बाद साफ पानी से सिंक को अच्छी तरह धोएं.

बेकिंग सोडा से हल्की सफाई
अगर कुछ निशान अभी भी बचे हैं, तो बेकिंग सोडा और पानी का हल्का पेस्ट बनाएं. इसे दाग वाली जगह पर लगाकर मुलायम स्पंज से धीरे-धीरे साफ करें. बेकिंग सोडा जिद्दी दागों को निकालने में मदद करता है. ध्यान रहे कि दाग साफ करने के लिए जोर से रगड़ने से बचें. स्टेनलेस स्टील या अन्य फिनिश वाली सतह पर कठोर स्क्रबर, स्टील वूल या वायर ब्रश इस्तेमाल करने से वह खराब हो सकता है.

दाग दोबारा जमने से रोकें
सिंक को चमकदार बनाए रखने का सबसे आसान तरीका है कि बर्तन धोने के बाद उसे लंबे समय तक गीला न छोड़ें. साफ पानी से साफ करने के बाद मुलायम सूखे कपड़े से सिंक की सतह और नल को पोंछ दें. पानी सूखने से पहले उसे हटा देने पर मिनरल जमा होने की संभावना कम हो जाती है.

BOLLYWOOD : रजनीकांत की ‘जेलर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 9वें दिन ‘सुल्तान’ और ‘सालार’ को पछाड़ बनाया बड़ा रिकॉर्ड

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रजनीकांत की ‘जेलर 2’ देश और दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर धाक जमाए हुए है. ये फिल्म सॉलिड परफॉर्म कर रही है. हालांकि इसकी कमाई में लगातार उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है बावजूद इसके ‘जेलर 2’ ने वर्ल्डवाइड भी छप्परफाड़ कमाई कर डाली है. हालांकि दूसरे शुक्रवार इसकी कमाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई लेकिन इस सुस्ती के बावजूद, रजनीकांत की यह एक्शन थ्रिलर ने एक बड़ा मील का पत्थर पार करने के साथ ही कई बड़ी फिल्मों को धूल भी चटा दी.

‘जेलर 2’ ने 9वें दिन दुनियाभर में कितना किया कलेक्शन?

लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक ‘जेलर 2’ ने अपनी रिलीज के 9वें दिन 14.50 करोड़ की कमाई की है. इसके साथ ही, फिल्म की कुल बॉक्स ऑफिस नेट कमाई 348.85 करोड़ तक पहुंच गई है जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन 408.55 करोड़ रुपये हुआ है.

वहीं ओवरसीज में इस फिल्म ने रिलीज के 9वें दिन 5.00 करोड़ की कमाई की, जिससे अब तक वहां इसकी कुल ग्रॉस कमाई 219.50 करोड़ हो गई है. इसके साथ ही, फिल्म की दुनियाभर में कुल ग्रॉस कमाई 628.05 करोड़ तक पहुंच गई है.

‘जेलर 2’ ने दुनियाभर में इन बड़ी फिल्मों को दी मात

‘जेलर 2’ ने रिलीज के 9 दिनो में 628.05 करोड़ की कमाई कर वर्ल्डवाइड टॉप 20 इंडियन फिल्मों की लिस्ट में एंट्री कर ली है. बता दें कि इसने सलमान खान की फिल्म ‘सुल्तान’ को मात देकर लिस्ट में 20वीं पोजिशन हासिल की है. 2016 में आई ‘सुल्तान’ ने दुनिया भर में 623 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसे ‘जेलर 2’ ने अब पीछे छोड़ दिया है. रजनीकांत की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने हाल ही में आई अन्य हिट फिल्मों, जैसे ‘सालार’ (617 करोड़ रुपये) और ‘सैयारा’ (578 करोड़ रुपये) की कुल कमाई को भी पीछे छोड़ दिया है.

वर्ल्डवाइड तमिल की बनी दूसरी सबसे बड़ी फिल्म

‘जेलर 2’ वर्ल्डवाइड अब तक की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म भी बन गई है. गुरुवार को इसने अपने ही पहले भाग ‘जेलर’ (604 करोड़) और विजय की फिल्म ‘लियो’ (605 करोड़) को पीछे छोड़ दिया. अब इसकी नजर शंकर की फिल्म ‘2.0’ के ऑल-टाइम रिकॉर्ड पर है. रजनीकांत और अक्षय कुमार की मुख्य भूमिकाओं वाली 2018 की इस फिल्म ने दुनिया भर में .691 करोड़ की कमाई की थी.

‘जेलर 2’ के बारे में

‘जेलर 2’ को नेल्सन दिलीपकुमार ने लिखा और निर्देशित किया है, और इसे सन पिक्चर्स के बैनर तले कलानिधि मारन ने प्रोड्यूस किया है. यह ‘जेलर’ (2023) का सीक्वल है. फिल्म में रजनीकांत, राम्या कृष्णन, योगी बाबू, मिर्ना और ऋत्विक ने अपने पिछले किरदारों को दोहराया है. जबकि एस.जे. सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती, सूरज वेंजारामूडु और विद्या बालन भी इस फिल्म की कास्ट में शामिल हुए हैं. वहीं मोहनलाल, शिवा राजकुमार और जैकी श्रॉफ ने फिल्म में खास कैमियो किया है.

BOLLYWOOD : यामी गौतम की ‘नई नवेली’ की कमाई को लगा झटका, सातवें दिन घटा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

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Bollywood News : बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे खास रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है. रिलीज के शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक कमाई करने के बाद अब फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है.

‘नई नवेली’ की कमाई में रिलीज के सातवें दिन यानी गुरुवार को भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, फिल्म अब तक यामी गौतम की पिछली फिल्म ‘हक’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ चुकी है. आइए जानते हैं कि ‘नई नवेली’ ने सातवें दिन कितनी कमाई की.

‘नई नवेली’ ने सातवें दिन कमाए इतने करोड़

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘नई नवेली’ ने रिलीज के सातवें दिन यानी गुरुवार को 1.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया.
ये कमाई 4,539 शोज से हुई. गुरुवार को फिल्म के शोज की कुल ऑक्यूपेंसी 9% रही.
इसके साथ ही फिल्म का भारत में सात दिनों का कुल नेट कलेक्शन 22.15 करोड़ रुपये हो गया है.
‘नई नवेली’ का अब तक का कलेक्शन

फिल्म की अब तक की कमाई पर नजर डालें तो इसने पहले दिन 3.25 करोड़ रुपये के साथ शुरुआत की थी.
दूसरे दिन फिल्म ने 4 करोड़ और तीसरे दिन 4.40 करोड़ रुपये कमाए.
चौथे दिन इसकी कमाई 2.65 करोड़ रुपये रही, जबकि पांचवें दिन फिल्म ने 4.35 करोड़ रुपये का कारोबार किया.
छठे दिन फिल्म ने 2 करोड़ रुपये कमाए थे. अब सातवें दिन इसकी कमाई घटकर 1.50 करोड़ रुपये रह गई है.

‘हक’ के लाइफटाइम कलेक्शन को छोड़ा पीछे

यामी गौतम की पिछली फिल्म ‘हक’ ने अपने पूरे थिएट्रिकल रन में करीब 19.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. वहीं, ‘नई नवेली’ ने रिलीज के सात दिनों में ही इस आंकड़े को पार कर लिया है. फिल्म का कुल कलेक्शन अब 22.15 करोड़ रुपये हो गया है.

क्या है ‘नई नवेली’ की कहानी?

‘नई नवेली’ की कहानी मेरठ में रहने वाले एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है. परिवार की जिंदगी में उस वक्त बदलाव आता है, जब एक रहस्यमयी नई दुल्हन घर में आती है. उसके आने से परिवार में खुशहाली और शांति बढ़ने लगती है, लेकिन जल्द ही उसकी ताकतों को लेकर सवाल उठने लगते हैं. कुछ लोग उसे चमत्कारी शक्तियों वाली मानते हैं, तो कुछ को शक होता है कि वो कोई चुड़ैल हो सकती है.

बालाजी मोहन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यामी गौतम धर के साथ आदिनाथ कोठारे, मीता वशिष्ठ, सोनल झा, सुनीता राजवर, राजेश दुबे, आदित्य कुलश्रेष्ठ और प्रतीक पचौरी भी अहम भूमिकाओं में हैं.

Diwali 2026 Painting Ideas : दिवाली से पहले घर में करवानी है पेंटिंग? इन रंगों से बदल जाएगा घर का लुक

दीवाली पर घर की दीवारों को नया रंग देने की परंपरा सिर्फ सजावट तक सीमित नहीं मानी जाती. ताजा रंग घर को नया रूप देने के साथ पूरे माहौल को भी बदल देता है. ऐसे में अगर आप इस दीवाली घर पेंट करवाने की सोच रहे हैं, तो पहले यह समझ लें कि किस जगह पर कौन सा रंग अच्छा रहेगा.

लिविंग रूम के लिए चुनें गर्म रंग

घर का लिविंग रूम वह जगह होती है जहां परिवार के लोग साथ बैठते हैं और दीवाली पर मेहमान भी सबसे पहले यहीं आते हैं. इसलिए यहां ऐसा रंग अच्छा लगता है जो कमरे को गर्म और स्वागत भरा माहौल दे. पीला, केसरिया और नारंगी जैसे गर्म रंग इस जगह को रोशन और उत्सव वाला रूप दे सकते हैं. अगर बहुत गहरा रंग पूरे कमरे में नहीं करवाना चाहते, तो किसी एक दीवार पर गहरा रंग देकर बाकी दीवारों पर हल्का रंग रखा जा सकता है. इससे कमरा ज्यादा भरा हुआ भी नहीं लगेगा और दीवाली की सजावट भी उभरकर आएगी.

पारंपरिक लुक चाहिए तो ये रंग अच्छे

अगर आपको घर में पारंपरिक और शाही अंदाज पसंद है, तो सरसों पीला, गहरा मैरून और रॉयल नीला जैसे रंग अच्छे विकल्प हो सकते हैं. ये रंग दीये, रंगोली और त्योहार की बाकी सजावट के साथ आसानी से मेल खाते हैं. इन रंगों का इस्तेमाल पूरे कमरे में करने के बजाय किसी एक दीवार पर भी किया जा सकता है. इससे घर में रंगों की चमक बनी रहती है, लेकिन जगह बहुत ज्यादा भारी नहीं लगती.

दो रंगों का कॉम्बिनेशन भी रहेगा अच्छा

अगर एक ही रंग की दीवारें आपको ज्यादा साधारण लगती हैं, तो दो रंगों का मेल आजमा सकते हैं. बेज के साथ केसरिया या क्रीम के साथ सुनहरा रंग कमरे को आकर्षक बना सकता है. ऐसे कॉम्बिनेशन से दीवारों में गहराई आती है और कमरा ज्यादा संतुलित नजर आता है. वहीं अगर आप बहुत ज्यादा रंग नहीं चाहते, तो सिर्फ एक गहरे रंग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. पन्ना हरा या मैरून जैसा रंग किसी एक दीवार को अलग पहचान दे सकता है.

बालकनी को भी न भूलें

घर पेंट करवाते समय अक्सर बालकनी को नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन दीवाली पर यहां भी हल्का बदलाव पूरे घर का लुक बदल सकता है. बालकनी की किसी दीवार पर चमकीला रंग करवाकर वहां लाइट्स और पौधे लगाए जा सकते हैं. शाम के समय यह जगह घर का एक खूबसूरत हिस्सा नजर आएगी.

हरा रंग दे सकता है ताजगी का एहसास

अगर आप घर में ताजगी और सकारात्मक माहौल चाहते हैं, तो गहरे हरे रंग की किसी एक दीवार का विकल्प चुन सकते हैं. यह रंग खासतौर पर दीवाली की रोशनी और सजावट के साथ अच्छा दिखाई दे सकता है.

सफेद दीवारों के साथ सुनहरा बॉर्डर

जिन लोगों को बहुत ज्यादा चमकीले रंग पसंद नहीं हैं, उनके लिए सफेद दीवारों के साथ सुनहरा बॉर्डर अच्छा विकल्प हो सकता है. यह संयोजन सादा होने के बावजूद त्योहार वाला एहसास देता है. इसके साथ पीतल के दीये या सुनहरे रंग की सजावट घर को और खूबसूरत बना सकती है.

लाल रंग से घर में आएगा उत्सव वाला लुक

लाल रंग को भारत में उत्सव से जोड़कर देखा जाता है. लिविंग रूम या डाइनिंग एरिया की किसी एक दीवार पर लाल रंग करवाने से घर का माहौल तुरंत ज्यादा गर्म और त्योहार वाला नजर आ सकता है.

रंग चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

घर की सभी दीवारों के लिए रंग चुनने से पहले यह देखना जरूरी है कि कमरे में प्राकृतिक रोशनी कितनी आती है और वहां पहले से किस तरह की सजावट है. गर्म रंग जैसे पीला, केसरिया और नारंगी घर में ऊर्जा और गर्माहट का एहसास देते हैं. मैरून, हरा और नीला जैसे गहरे रंग घर को ज्यादा शाही लुक दे सकते हैं. वहीं सफेद और बेज जैसे हल्के रंग सजावट को उभरने का मौका देते हैं.

Bollywood News : रणबीर कपूर की ‘रामायण’ ने रिलीज से पहले ही रचा इतिहास, एडवांस बुकिंग में ₹7 करोड़ पार!

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Ramayana Advance Booking : रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को एडवांस बुकिंग में काफी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये फिल्म रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है.

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की ‘रामायण’ साल की मच अवेटेड फिल्मों में से एक है. जहां फैंस इस फिल्म को सिनेमाघरों में देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की एडवांस बुकिंग भी शुरु हो चुकी है. इस फिल्म को प्री टिकट सेल में लोगों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रह है. चलिए यहां जान लेते हैं कि ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग रिपोर्ट कैसी है?

‘रामायण’ ने एडवांस बुकिंग में कितनी कर ली है कमाई?

भारतीय महाकाव्य ‘रामायण’ पर आधारित नितेश तिवारी की दो-पार्ट वाली फिल्म का पहला पार्ट दिवाली के मौके पर 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है. मंगलवार को, फिल्म के निर्माताओं ने रिलीज से 15 दिन से भी पहले एडवांस बुकिंग शुरू कर दी, और रणबीर कपूर स्टारर इस फिल्म को अभी से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म की प्री टिकट सेल की बात करें तो सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक

‘रामायण’ के गुरुवार सुबह 8 बजे तक 3 हजार 707 शोज के लिए 1.25 लाख टिकटों की प्री सेल हो चुकी है.

इसी के साथ इसने रिलीज के पहले दिन के लिए एडवांस बुकिंग से ब्लॉक सीटों के साथ 7.04 करोड़ की कमाई कर ली है.
वहीं ब्लॉक सीटों के साथ प्री टिकट सेल का कलेक्शन 5.12 करोड रुपये हुआ है.
फिल्म का हिंदी वर्ज़न 6.48 करोड़ (एडवांस का 92%) के साथ सबसे आगे है, और इसके बाद कन्नड़ वर्ज़न 40.95 लाख के साथ दूसरे नंबर पर है. जबकि तीसरे नंबर पर 15.88 लाख के साथ तेलुगू वर्जन है.
वहीं नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) 22,808 टिकटों से 6.48 करोड़ की कमाई के साथ सबसे ऊपर है, वहीं इसके बाद मुंबई (1.32 करोड़) है.

‘रामायण’ के बारे में
नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा ​​व यश द्वारा प्रोड्यूस, ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में और यश रावण के रूप में नज़र आएंगे. फिल्म की स्टार कास्ट में भगवान हनुमान के किरदार में सनी देओल और लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे के साथ-साथ कई अन्य कलाकार भी शामिल हैं. भारतीय महाकाव्य पर आधारित यह फिल्म दो भागों में बनी है, जिसका पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर में रिलीज़ होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा.

BOLLYWOOD : टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सलमान खान की सुरक्षा बढ़ी, MP5 SD6 गन से लैस कमांडो तैनात

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Bollywood News : टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं. वहीं पुलिस पूछताछ में इन आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पुलिस के मुताबिक आरोपियों के निशाने पर कई बड़े सितारे थे. सलमान खान को भी शूटर्स अपना निशाना बनाना चाहते थे और उनकी घर की रेकी भी की गई थी हालांकि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देख शूटर्स ने अपना प्लान बदल दिया और फिर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया. इस खुलासे के बाद अब सलमान की सिक्योरिटी में और इजाफा किया गया है.

सलमान खान की सुरक्षा और पुख्ता भी की गई

बता दें कि टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना के बाद सलमान खान की सुरक्षा का नए सिरे से आकलन करने के बाद मुंबई पुलिस के साथ कमांडो भी सुपरस्टार की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं. सलमान खान की सुरक्षा में अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान शामिल किए गए हैं. इन सुरक्षाकर्मियों के पास MP5 SD6 सबमशीन गन है.

क्या है MP5 SD6 की खासियतें

बता दें कि सलमान खान की सुरक्षा में तैनात किए गए कमांडो के पास जर्मन कंपनी Heckler & Koch की प्रसिद्ध सबमशीन गन है. इसकी खासियत ये है कि ये 9×19 मिमी पैराबेलम कारतूस के लिए डिजाइन की गई है. इसमें इंटीग्रेटेड सप्रेसर की मदद से फायरिंग की आवाज और फ्लैश कम करने की व्यवस्था है. इसमें ऑटोमैटिक फायरिंग की क्षमता भी है. इतना ही नहीं इसमें 15 और 30 राउंड की मैगजीन के विकल्प हैं. इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन होने की वजह से ये नजदीकी सुरक्षा में उपयोगी है. गौरतलब है कि दुनिया की कई विशेष सुरक्षा और सैन्य इकाइयां MP5 सीरीज का इस्तेमाल करती हैं.

सलमान खान के घर की सुरक्षा भी अपग्रेड
सलमान खान के घर पर पहले भी बुलेटप्रूफ कांच लगाए गए थे. वहीं अब इन कांचों को अपग्रेड करने का काम जारी हो गया है. बता दें कि टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद बॉलीवुड के बड़े सितारों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी है. अब सलमान की सिक्योरिटी में और इजाफा किया गया है

SPORTS : IND vs NZ T20 : भुवनेश्वर कुमार के पास इतिहास रचने का मौका, सीरीज में बना सकते हैं बड़ा रिकॉर्ड

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भारत बनाम न्यूजीलैंड पहला टी20 गुरुवार को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा, जिसमें भुवनेश्वर कुमार का खेलना लगभग कंफर्म है. भुवि 4 साल बाद वापसी कर रहे हैं, हालांकि उन्हें विंडीज के खिलाफ हुई पिछली के आखिरी मैच में खिलाया गया था लेकिन बारिश के कारण वो मैच रद्द हो गया था. आगामी सीरीज में भुवि विकेटों के मामले में एक बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं.

भुवनेश्वर कुमार 4 साल बाद नेशनल टीम के लिए गेंदबाजी करते हुए नजर आएंगे, जिन्होंने भारत के लिए 88 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं. उनकी वापसी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए हुई है. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज में भुवि विकेटों का शतक लगाकर एक खास क्लब में शामिल हो सकते हैं.

100 विकेट तक पहुंच सकते हैं भुवनेश्वर

पूरी संभावना है कि भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के सभी 5 मैचों में खेलेंगे. वह वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली सीरीज के आखिरी मैच में खेले थे, हालांकि बारिश के कारण रद्द हुए उस मुकाबले में टीम इंडिया की गेंदबाजी नहीं आ पाई थी.

अगर भुवनेद्धवार कुमार सभी 5 मैचों में खेलते हैं तो पूरी संभावना है कि वह टी20 इंटरनेशनल मैचों में अपने 100 विकेट पूरे कर लें. अभी उनके नाम 90 विकेट हैं, वह 10 विकेट दूर हैं.

टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए अभी तक सिर्फ 3 गेंदबाज ही 100 विकेट ले पाए पाए हैं. पहले नंबर पर अर्शदीप सिंह हैं, जो अपने 150 विकेट से 5 विकेट दूर हैं. 114 विकेट के साथ हार्दिक दूसरे और 113 विकेट के साथ अक्षर पटेल तीसरे नंबर पर हैं. भुवि पांचवें स्थान पर हैं, चौथे नंबर पर 96 विकटों के साथ युजवेंद्र चहल हैं.

T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट

145 – अर्शदीप सिंह
114 – हार्दिक पांड्या
113 – अक्षर पटेल
96 – युजवेंद्र चहल
90 – भुवनेश्वर कुमार

भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च (Hagley Oval) में खेला जाएगा. भारतीय समयनुसार ये मुकाबला दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा.

वास्तु टिप्स : घर की नेम प्लेट और लाइटिंग में न करें ये गलतियां, जानें वास्तु के नियम

घर के मेन दरवाज़े पर लगी नेम प्लेट सिर्फ़ घर की पहचान का ज़रिया ही नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे एनर्जी से भी जोड़ा जाता है। वास्तु की मान्यता के अनुसार, अगर नेम प्लेट सही दिशा में, सही जगह पर और सही मटीरियल से बनाई जाए, तो घर में शुभता और पॉज़िटिव माहौल बना रहता है। वहीं, नेम प्लेट लगाते समय की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां वास्तु के नज़रिए से ठीक नहीं मानी जाती हैं। आइए जानते हैं, घर के मेन दरवाज़े पर नेम प्लेट लगाते समय किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

वास्तु शास्त्र में नेम प्लेट का महत्व

वास्तु शास्त्र में घर के मेन दरवाज़े को एनर्जी के आने की एक अहम जगह माना जाता है। इसलिए, मेन दरवाज़े पर लगी नेम प्लेट को भी खास महत्व दिया जाता है। मान्यता के अनुसार, साफ़-सुथरी, सुंदर और सही तरीके से लगी नेम प्लेट घर की अच्छी पहचान और पॉज़िटिविटी का प्रतीक होती है। इसलिए, नेम प्लेट चुनते समय उसके डिज़ाइन और जगह का ध्यान रखना चाहिए।

नेम प्लेट की दिशा पर ध्यान दें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नेम प्लेट को मेन गेट पर सही और शुभ जगह पर लगाना चाहिए। पूर्व दिशा को पॉजिटिव एनर्जी और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, हो सके तो नेम प्लेट लगाते समय पूर्व दिशा का ध्यान रखना सही रहता है। हालांकि, दिशा घर के स्ट्रक्चर और मेन दरवाज़े की जगह को ध्यान में रखकर चुननी चाहिए।

नेम प्लेट पर अच्छी लाइट होनी चाहिए
नेम प्लेट ऐसी जगह लगानी चाहिए जहां से उस पर लिखा नाम आसानी से पढ़ा जा सके। इसके लिए, नेम प्लेट के ऊपर फोकस लाइट लगाने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, हल्की पीली लाइटिंग पॉजिटिविटी का प्रतीक है। सही लाइटिंग होने से नेम प्लेट दिन और रात दोनों समय साफ दिखाई देती है और घर के मेन दरवाज़े की सुंदरता भी बढ़ाती है।

नेम प्लेट पर ऐसे निशान लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्ति बनाने की जगह नेम प्लेट पर स्वास्तिक या ‘ॐ’ जैसे शुभ निशान लगाए जा सकते हैं। इन निशानों को शुभता और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, ये बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं।

लकड़ी या पत्थर की नेम प्लेट चुनें
वास्तु एक्सपर्ट्स की मान्यताओं के अनुसार, लकड़ी या पत्थर से बनी नेम प्लेट ज़्यादा शुभ मानी जाती है। इसकी तुलना में, प्लास्टिक की नेम प्लेट इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नेम प्लेट को मेन दरवाज़े के दाईं ओर लगाना शुभ माना जाता है।

नाम लिखने का तरीका भी ज़रूरी है

नेम प्लेट पर घर के मालिक का नाम लिखा होना चाहिए। ज़रूरत हो तो, उसके प्रोफेशन को भी साथ में दिखाया जा सकता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सुनहरे रंग के अक्षर सम्मान, प्रतिष्ठा और पॉजिटिविटी का प्रतीक माने जाते हैं।

इसके अलावा, नेम प्लेट को हमेशा साफ़ और अच्छी हालत में रखना चाहिए। अगर उस पर धूल जम गई हो, अक्षर फीके पड़ गए हों या नेम प्लेट टूटी हो, तो उसे ज़रूरत के हिसाब से साफ़ कर देना चाहिए या बदल देना चाहिए। रेगुलर सफ़ाई और सही देखभाल से नेम प्लेट सुंदर दिखती है। ध्यान रखें कि ये वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं हैं; इस बात का कोई साइंटिफिक सबूत नहीं है कि दिशा, रंग या मटीरियल का घर की खुशहाली पर कोई खास असर होता है।

Gen Z Protest Latest News: नेहा बोरा ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी पुलिस के नोटिस को चुनौती, ₹10 हजार के बॉन्ड पर विवाद

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नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026: दिल्ली में Gen Z आंदोलन को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनसे जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का बॉन्ड और एक जमानतदार देने को कहा गया था। इस घटनाक्रम ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की निवारक कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है।

यह मामला दिल्ली में हाल ही में हुए ‘लेहरा दो तिरंगा’ मार्च और चुनावी पारदर्शिता को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। नेहा बोरा की याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं हो सकी, क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट में दशहरा की छुट्टियां चल रही हैं। अदालत 26 अक्टूबर को दोबारा खुलने वाली है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को नेहा बोरा को नोटिस जारी कर 19 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने के लिए कहा था। नोटिस में उनसे जांच पूरी होने तक शांति बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत बॉन्ड और एक जमानतदार उपलब्ध कराने को कहा गया था।

नेहा बोरा ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका में पुलिस के नोटिस को अस्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से गलत आधार पर जारी किया गया बताया गया है। उनका पक्ष है कि इस तरह की कार्रवाई शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। ये याचिका में लगाए गए आरोप हैं; मामले में अदालत का अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।

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