Tuesday, August 11, 2026
Home Blog

NATIONAL : ‘जंतर-मंतर में नहीं चली गोली’: जेपी नड्डा का राहुल पर हमला, बोले- संसद नहीं चलने देते; झारखंड पर चुप क्यों?

0

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज कर रहे हैं। आखिर झारखंड के आंदोलन पर राहुल गांधी से नड्डा ने क्या सवाल किया? जंतर-मंतर को लेकर क्या कहा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी को सदन में आने और चर्चा करने की चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और उन्हें उचित जवाब दिया जाएगा। नड्डा ने जंतर-मंतर की घटना को लेकर भी स्पष्ट किया कि वहां कोई गोली नहीं चली और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था।

क्या राहुल गांधी को सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए?
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को एक बार फिर चुनौती देते हुए कहा कि वह सदन में आएं। नड्डा के मुताबिक, सरकार चर्चा के लिए तैयार है और राहुल गांधी को इसका उचित जवाब मिलेगा। उन्होंने साथ ही गलत सूचना फैलाने से बचने की अपील की। नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने SIR के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा भी हुई, लेकिन जब सरकार के जवाब देने की बारी आई तो वे सदन से बाहर चले गए।

नड्डा ने महंगाई के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने कीमतों में बढ़ोतरी पर चर्चा की मांग की थी और सरकार ने इस पर चर्चा कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार जवाब दे रही थी, तब कांग्रेस के सदस्य सदन में मौजूद रहने का साहस तक नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का इतिहास और रिकॉर्ड रहा है। नड्डा के मुताबिक, विपक्ष ने जिन भी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की मांग की, सरकार ने हमेशा उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया और कहा कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

क्या जंतर-मंतर पर गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था?
नड्डा ने जंतर-मंतर की घटना को लेकर कहा कि वहां कोई गोली नहीं चलाई गई थी और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर इस मुद्दे को लेकर जनता और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।

क्या राहुल गांधी लगातार मुद्दा बदल रहे हैं?
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी संसद और राष्ट्रीय विमर्श में रोजाना मुद्दे बदल रहे हैं। उनके अनुसार, संसद सत्र की शुरुआत में राहुल गांधी ने NEET पर चर्चा की मांग की थी। सरकार के सहमत होने के बाद मुद्दा राम मंदिर ट्रस्ट की ओर चला गया। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना पर गृह मंत्री से बयान देने की मांग की गई।

जेपी नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर चर्चा तय होने के बाद भी राहुल गांधी गलत जानकारी देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। नड्डा ने कहा कि सरकार का लगातार यही रुख रहा है कि सदन चलना चाहिए और सदन चलने पर हर मुद्दे पर जवाब दिया जाएगा।

NATIONAL : इस खास मौके पर एक ही फ्रेम में दिखे PM मोदी, शरद पवार और अमित शाह; राहुल-प्रियंका-सोनिया सहित कई दिग्गज नेता भी आए नजर

0

दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे।

बारामती से सांसद सुप्रिया सुले की बेटी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की नातिन रेवती सुले और सारंग लखानी के वेडिंग रिसेप्शन समारोह की एक तस्वीर ने देश के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। सोमवार (10 अगस्त) को दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ एक ही फ्रेम में बैठे और गर्मजोशी से बातचीत करते नजर आए। शरद पवार की पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का एक प्रमुख हिस्सा है, ऐसे में केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व और शरद पवार की इस नजदीकी ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।

रिसेप्शन में जुटे देश भर के दिग्गज नेता
दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे। इस दौरान वे शरद पवार और अमित शाह के साथ एक ही सोफे/मंच पर बैठे नजर आए और कई मुद्दों पर हल्की-फुल्की बातचीत की। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी रिसेप्शन में पहुंचे।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बिजनेसमैन गौतम अदाणी के अलावा NCP (SP) नेता अनिल देशमुख और जयंत पाटिल भी मौजूद थे, जिन्होंने मेहमानों का स्वागत किया। शरद पवार ने खुद व्यक्तिगत रूप से सभी राजनीतिक हस्तियों की अगवानी की।

यह तस्वीर इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रिसेप्शन से कुछ ही घंटे पहले सोमवार को ही सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP (SP) के सभी 8 लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक औपचारिक मुलाकात की थी। लगभग 20 मिनट चली इस मुलाकात में NCP (SP) सांसदों ने पीएम मोदी को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें पुणे-नाशिक सेमी-हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट, सूखा राहत, सिंचाई परियोजनाएं, किसानों की कर्जमाफी, प्याज की कीमतें, चंद्रभागा नदी का प्रदूषण, और नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने जैसी मांगें शामिल थीं।

परिसीमन (Delimitation Bill) पर सस्पेंस
इस मुलाकात को केंद्र सरकार के संभावित परिसीमन विधेयक से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि NCP (SP) कुछ शर्तों के साथ परिसीमन का समर्थन कर सकती है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी कानून का ड्राफ्ट देखने और इंडिया गठबंधन के साथियों से चर्चा के बाद ही अपना रुख तय करेगी। राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चाओं के बीच NCP (SP) नेताओं ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन के प्रति उनकी निष्ठा पूरी तरह से कायम है।

सुप्रिया सुले का रुख
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के प्रतिनिधि होते हैं। राज्य के जलते मुद्दों और किसानों की समस्याओं को लेकर पीएम से मिलना और शादी-विवाह जैसे पारिवारिक अवसरों पर उनका स्वागत करना संसदीय लोकतंत्र की एक स्वस्थ परंपरा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सांसदों की पीएम से मुलाकात का स्वागत किया, जबकि शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि संसद के भीतर समय न मिलने के कारण सांसदों को निजी मुलाकातों का सहारा लेना पड़ रहा है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह आयोजन भले ही पारिवारिक था, लेकिन एक ही छत के नीचे पीएम मोदी, अमित शाह, शरद पवार और राहुल गांधी का पहुंचना भारतीय राजनीति की बेहद दुर्लभ और दिलचस्प तस्वीरों में से एक बन गया है।

NATIONAL : अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना के ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ का भव्य विमोचन

0

सनातन संस्कृति और गंगा की पवित्रता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, प्रथम चरण में मठ-मंदिरों तक गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य

ब्यावर। सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं मां गंगा की पवित्रता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना द्वारा प्रारंभ किए गए ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ का भव्य विमोचन धार्मिक एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी एवं सनातन प्रेमी उपस्थित रहे।

अभियान के विमोचन कार्यक्रम में अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना के राष्ट्रीय संरक्षक श्री भंवर सिंह पलाड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनन्द सोनी, ब्यावर के चार बार से विधायक श्री शंकर सिंह रावत, निवर्तमान सभापति श्री नरेश कनौजिया, सेवानिवृत्त एडिशनल एसपी श्री नेम सिंह, हिन्दू हेल्पलाइन प्रांत प्रमुख श्री मुकेश सोनी, ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ के संयोजक नाहर सिंह चुंडावत, प्रदेश प्रभारी मनीष पालीवाल, प्रदेश प्रमुख कुलदीप बोहरा, ब्यावर जिला अध्यक्ष रतन गुर्जर, ब्यावर नगर अध्यक्ष सोनू चौहान सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हर घर तक पहुंचे मां गंगा का पवित्र जल

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं। गंगाजल का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। जन्म से लेकर विवाह, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान एवं अंतिम संस्कार तक विभिन्न संस्कारों में गंगाजल का विशेष स्थान रहा है।

इसी धार्मिक भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान के माध्यम से प्रयास रहेगा कि प्रत्येक सनातनी परिवार तक पवित्र गंगाजल पहुंचे और घर-घर में मां गंगा के प्रति श्रद्धा एवं सनातन संस्कारों की भावना मजबूत हो।

प्रथम चरण में मठ-मंदिरों तक पहुंचाया जाएगा गंगाजल

अभियान के संयोजक नाहर सिंह चुंडावत ने बताया कि अभियान का प्रथम चरण विशेष रूप से मठों एवं मंदिरों तक गंगाजल पहुंचाने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके बाद अभियान का विस्तार करते हुए विभिन्न क्षेत्रों एवं सनातनी परिवारों तक गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि अभियान केवल गंगाजल वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मां गंगा के प्रति श्रद्धा का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प

विमोचन अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है। ऐसे अभियानों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के महत्व से परिचित कराया जा सकता है।

कार्यक्रम में धीरज गुरबाणी, प्रणव गहलोत, एडवोकेट हनुमान सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक परिवारों एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना ने अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाले समय में इसे विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तार देने की बात कही। कार्यक्रम का समापन मां गंगा के जयघोष और सनातन संस्कृति की रक्षा एवं संवर्धन के संकल्प के साथ हुआ।

BUSINESS : ‘शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?’ इथेनॉल की बहस के बीच BJP सांसद क्या बोल गए

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसके चलते वह सुर्खियों में आ गए हैं. देशभर में चल रही इथेनॉल और प्योर पेट्रोल की बहस के बीच बीजेपी सांसद ने ऐसी बात कह दी है, जिसे सुनकर लोग चर्चा करने लगे हैं. दरअसल, जनार्दन मिश्रा कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा की लोकार्पण के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “देश में जब शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा मंच से भाषण देते एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते दिख रहे हैं, “दुनिया में सर्वाधिक रोजगार (नौकरी नहीं) अगर कहीं उपलब्ध हो रहे हैं तो वह भारत है. आज सबसे कम महंगाई अगर किसी देश में है तो वह हिंदुस्तान है. पूरी दुनिया में महंगाई चरम पर है. आज देश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. हम 600 करोड़ के बम निर्यात करते हैं और 38 हजार करोड़ के हवाई सैन्य सामान निर्यात कर रहे हैं.”

रीवा सांसद ने आगे कहा, “गैस और तेल की बात है तो हमारे यहां केवल 20 फीसदी तेल होता है. 80 फीसदी हमें विदेश से लेना पड़ता है. इसमें लड़ाई छिड़ गई है. हॉर्मूज बंद है. 18 हजार किलोमीटर का चक्कर लगाकर देश को तेल पहुंचाया जा रहा है और जब PM मोदी कहते हैं कि 20 परसेंट इथेनॉल मिलाना पड़ेगा तो आंदोलन हो रहा है कि इथेनॉल नहीं चलेगा केवल शुद्ध पेट्रोल लाकर दो. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या? शुद्ध पेट्रोल जब देश में है ही नहीं तो कहां से आएगा?”

‘ब्राजील में 100 फीसदी इथेनॉल पर चलती है गाड़ी’

जनार्दन मिश्रा ने आगे कहा, “आज इथेनॉल का विरोध हो रहा है. ब्राजील 100 प्रतिशत इथेनॉल बना रहा है. पूरे ब्राजील की गाड़ियां इथेनॉल से चल रही हैं. ऑटोमोबाइल वाले कह रहे हैं कि हमारे पास इंजन है, कोई दिक्कत नहीं होगी. हिंदुस्तान में इथेनॉल से गाड़ी चलाने वाली क्षमता है. यहां की गाड़ियां भी इथेनॉल से चल सकती हैं, लेकिन लोग कहते हैं कि इथेनॉल न बनाओ. अगर इथेनॉल नहीं बनाएंगे तो पेट्रोल और डीजल कहां से आएगा?”

जनार्दन मिश्रा का कहना है कि देश में केवल 20 फीसदी तेल बनता है, बाकी बाहर से लाना पड़ता है. अगर इथेनॉल मिलाओ तो लोग आंदोलन करते हैं कि शुद्ध पेट्रोल दो. कहां से दें?

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसके चलते वह सुर्खियों में आ गए हैं. देशभर में चल रही इथेनॉल और प्योर पेट्रोल की बहस के बीच बीजेपी सांसद ने ऐसी बात कह दी है, जिसे सुनकर लोग चर्चा करने लगे हैं. दरअसल, जनार्दन मिश्रा कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा की लोकार्पण के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “देश में जब शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा मंच से भाषण देते एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते दिख रहे हैं, “दुनिया में सर्वाधिक रोजगार (नौकरी नहीं) अगर कहीं उपलब्ध हो रहे हैं तो वह भारत है. आज सबसे कम महंगाई अगर किसी देश में है तो वह हिंदुस्तान है. पूरी दुनिया में महंगाई चरम पर है. आज देश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. हम 600 करोड़ के बम निर्यात करते हैं और 38 हजार करोड़ के हवाई सैन्य सामान निर्यात कर रहे हैं.”

रीवा सांसद ने आगे कहा, “गैस और तेल की बात है तो हमारे यहां केवल 20 फीसदी तेल होता है. 80 फीसदी हमें विदेश से लेना पड़ता है. इसमें लड़ाई छिड़ गई है. हॉर्मूज बंद है. 18 हजार किलोमीटर का चक्कर लगाकर देश को तेल पहुंचाया जा रहा है और जब PM मोदी कहते हैं कि 20 परसेंट इथेनॉल मिलाना पड़ेगा तो आंदोलन हो रहा है कि इथेनॉल नहीं चलेगा केवल शुद्ध पेट्रोल लाकर दो. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या? शुद्ध पेट्रोल जब देश में है ही नहीं तो कहां से आएगा?”

जनार्दन मिश्रा ने आगे कहा, “आज इथेनॉल का विरोध हो रहा है. ब्राजील 100 प्रतिशत इथेनॉल बना रहा है. पूरे ब्राजील की गाड़ियां इथेनॉल से चल रही हैं. ऑटोमोबाइल वाले कह रहे हैं कि हमारे पास इंजन है, कोई दिक्कत नहीं होगी. हिंदुस्तान में इथेनॉल से गाड़ी चलाने वाली क्षमता है. यहां की गाड़ियां भी इथेनॉल से चल सकती हैं, लेकिन लोग कहते हैं कि इथेनॉल न बनाओ. अगर इथेनॉल नहीं बनाएंगे तो पेट्रोल और डीजल कहां से आएगा?”

NATIONAL : ED डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अब 13 अगस्त 2027 तक संभालेंगे कमान

0

केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब वह 13 अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने राहुल नवीन के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी दी है। राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं। उनका विस्तारित कार्यकाल निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 के बाद भी जारी रहेगा।

कौन हैं राहुल नवीन?
राहुल नवीन बिहार से आते हैं। उनके पास आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक की डिग्री है। उन्होंने मेलबर्न स्थित स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से MBA भी किया है। ईडी की वेबसाइट के मुताबिक, राहुल नवीन को आयकर विभाग में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय कराधान के मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय टैक्स मामलों में रहा लंबा अनुभव
राहुल नवीन ने 2004 से 2008 के बीच मुंबई स्थित इंटरनेशनल टैक्सेशन डायरेक्टोरेट में काम किया। इस दौरान भारत में मौजूद संपत्तियों से जुड़े कई ऑफशोर लेनदेन में टैक्स डिमांड तय करने में उनकी अहम भूमिका रही।

इसके बाद नवंबर 2015 से नवंबर 2017 तक उन्होंने कमिश्नर ऑफ ट्रांसफर प्राइसिंग के तौर पर काम किया। इस दौरान इंटैन्जिबल एसेट्स, रॉयल्टी पेमेंट, इनबाउंड और आउटबाउंड लोन, कमोडिटी ट्रांजैक्शन समेत ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों की निगरानी की।

राहुल नवीन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) में भी दो बार जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2000 से अप्रैल 2004 तक वह टैक्स पॉलिसी डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी रहे। इसके बाद अप्रैल 2011 से नवंबर 2015 तक उन्होंने फॉरेन टैक्स एंड टैक्स रिसर्च डिवीजन में डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

2019 में ED से जुड़े, 2024 में बने निदेशक
नवंबर 2019 में अंतरराष्ट्रीय कराधान के अपने अनुभव के चलते राहुल नवीन को ED में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया गया। उनकी प्रमुख जिम्मेदारी FATF की म्यूचुअल इवैल्यूएशन प्रक्रिया में भारत की मदद करना थी।

नवंबर 2020 में उन्हें ED में स्पेशल डायरेक्टर (HQ) बनाया गया। इस भूमिका में उन्होंने देशभर में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के समन्वय, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संधि के तहत संपत्तियों की रिकवरी और एजेंसी के प्रशासनिक मामलों की निगरानी की।

15 सितंबर 2023 को राहुल नवीन ने ED के डायरेक्टर (इन-चार्ज) का पद संभाला। इसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें औपचारिक रूप से डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट नियुक्त किया गया। अब सरकार ने उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 13 अगस्त 2027 तक कर दिया है।

NATIONAL : भारत के डिफेंस सेक्टर में आया सुनहरा दौर! ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड प्रोडक्शन के बाद Paras Defence और HAL के शेयर बने रॉकेट

0

देश की रक्षा उत्पादन क्षमता ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया इतिहास रचते हुए ₹1.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड स्तर हासिल कर लिया है। इस बड़ी उपलब्धि का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया, जहां डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।

भारत का डिफेंस सेक्टर अब केवल देश की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है। बुधवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों ने शेयर बाजार में डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस खबर के बाद पारस डिफेंस, HAL, भारत डायनामिक्स और BEL जैसे डिफेंस शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत का रक्षा उत्पादन FY26 में ₹1.78 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1.54 लाख करोड़ के मुकाबले 15.6% अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि FY21 में देश का रक्षा उत्पादन केवल ₹84,643 करोड़ था। यानी पांच साल में उत्पादन में 110% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब 12% तक उछल गया। वहीं, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनामिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

पारस डिफेंस और HAL बने निवेशकों की पहली पसंद
बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा पारस डिफेंस की रही। कंपनी का शेयर एक ही दिन में लगभग 12% चढ़ गया। इसके अलावा HAL के शेयर में भी 3% से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी ऑर्डर और निर्यात के चलते इन कंपनियों की आय और मुनाफा आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है।

प्राइवेट कंपनियों की बढ़ रही भागीदारी
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल रक्षा उत्पादन में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का योगदान 76% रहा, जबकि प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी 24% तक पहुंच गई। खास बात यह है कि प्राइवेट सेक्टर का उत्पादन पहली बार करीब ₹42,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। यह दर्शाता है कि सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्राइवेट कंपनियां अब रक्षा उपकरणों, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के निर्माण में तेजी से भागीदारी बढ़ा रही हैं।

रक्षा निर्यात ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
सिर्फ उत्पादन ही नहीं, भारत का रक्षा निर्यात भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। FY26 में रक्षा निर्यात बढ़कर ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी बाजारों में भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ने का संकेत मिलता है।

NATIONAL : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अब ‘रक्तदान’ का संकल्प, रक्षा मंत्री राजनाथ बोले- जवानों के लिए खून की कमी नहीं होने देंगे

0

राजधानी दिल्ली में ‘सिंदूर आर्मी महा ब्लड डोनेशन यात्रा’ के दूसरे वर्ष के अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिस्सा लिया और रक्तदान को सैनिकों के प्रति देश की जिम्मेदारी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने जहां भारत के पराक्रम को दिखाया, वहीं यह रक्तदान अभियान देश की करुणा और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ शौर्य, रक्तदान करुणा का प्रतीक
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर वीरता के एक आयाम का प्रतीक था, जबकि सिंदूर रक्तदान अभियान करुणा का दूसरा आयाम दिखाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सैनिक देश की रक्षा के लिए अपना जीवन दांव पर लगाते हैं, उसी तरह नागरिक भी रक्तदान के जरिए घायल जवानों की मदद कर सकते हैं।

सीमा पार दुश्मनों को दिया जवाब
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने सीमा पार जाकर उन लोगों को करारा जवाब दिया, जिन्होंने देश के बच्चों पर हाथ उठाने की हिम्मत की थी। उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने साहस और पराक्रम का परिचय दिया। अब देश के भीतर रक्तदान के जरिए सैनिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का समय है।

‘एक भी जवान को खून की कमी से जूझना न पड़े’
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की सेवा करते हुए घायल होने वाला कोई भी सैनिक खून की कमी के कारण परेशानी में न पड़े। उन्होंने रक्तदान को सैनिकों के प्रति सम्मान और सेवा का माध्यम बताया। उनका कहना था कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के लिए नागरिकों का यह योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

NATIONAL : आज FCRA बिल पर बोल सकते हैं शाह; लोकसभा में 15 दिन से प्रश्नकाल पूरा नहीं, आगे क्या करेगी सरकार?

0

सरकार आज संसद में विदेशी चंदे से जुड़ा विधेयक (FCRA बिल) पेश कर सकती है। हालांकि, हंगामे और शोर-शराबे के बीच चिंता की बात ये है कि बीते 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में लोकसभा का एक भी प्रश्नकाल गत 15 दिन से पूरा नहीं हुआ है। नजरें इस बात पर है कि गतिरोध दूर करने के लिए सरकार क्या करेगी?

एनजीओ के विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता लाने, कानूनी खामियों को दूर करने के लिए लोकसभा में बृहस्पतिवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 पेश कर सकती है। इस बिल को मार्च में बजट सत्र के दौरान पेश किया गया था लेकिन लोकसभा से पास नहीं हो सका था। सूत्रों का कहना है कि जब यह बिल पेश किया जाएगा तब शाह संसद में बोलेंगे।

एफसीआरए खास क्यों है?
दरअसल, ये विधेयक इस साल 25 मार्च को भी लोकसभा में पेश किया गया था। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विदेशी चंदे के उपयोग में पारदर्शिता लाना, कानूनी कमियों को दूर करना और विदेशी फंड से बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन करना है।

राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू के सामने क्या शर्तें रखीं?
इससे पहले संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिशों के तहत संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने मानसून सत्र के बाकी अवधि के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए उनका सहयोग मांगा। लेकिन राहुल ने गतिरोध दूर करने के लिए सदन में गृह मंत्री अमित शाह के बयान और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर चर्चा की शर्त रखी। उन्होंने साफ कहा कि माने बिना वह सरकार से कोई सहयोग नहीं करेंगे।

छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस के बलप्रयोग पर अमित शाह के बयान की मांग
सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर में राहुल के कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष और रिजिजू के बीच करीब 50 मिनट चली बैठक में गतिरोध खत्म करने पर बात हुई। इस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। राहुल ने रिजिजू से कहा कि नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान और अयोध्या में राम मंदिर में दान की गई राशि की कथित चोरी पर चर्चा सदन चलाने के लिए बेहद जरूरी शर्तें हैं। विपक्ष सदन की कार्यवाही से शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठा रहा है। पिछले 10 दिनों में रिजिजू की गांधी के साथ यह दूसरी मुलाकात है।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर क्या हैं विचार
मुलाकात के दौरान रिजिजू ने महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा की सीटों के परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल पर नेता प्रतिपक्ष के विचार जानने का प्रयास किया। राहुल ने सहयोगी दलों से बातचीत के बाद कोई जानकारी देने की बात कही। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान रिजिजू ने मानसून सत्र के विस्तार या कोई विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा।

संसद सत्र के विस्तार और विशेष सत्र पर क्या बोली सरकार?
राहुल संग मुलाकात के बाद रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह मंत्री शाह से अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें राहुल के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी। इसके बाद दिनभर चली सत्र विस्तार या विशेष सत्र की अटकलों को खारिज करते हुए देर शाम रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र की तारीखें बढ़ाने या विशेष सत्र का कोई प्रस्ताव नहीं है।

सरकार की योजना पर सूत्रों के हवाले से क्या दावे?
इससे पहले सूत्रों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक सरकार की योजना मौजूदा मानसून सत्र को 13 अगस्त को स्थगित न कर 17 से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर संविधान संशोधन बिल पेश करने और पारित कराने की है।हालांकि सरकार ने इस संदर्भ में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार का मकसद विधेयक को 17 अगस्त को लोकसभा में पेश करने का है। इसके बाद इसे 18 को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार पहले व्यापक आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, एल मुरुगन इसी सप्ताह सपा समेत अन्य विपक्षी दलों से संपर्क साधेंगे।

1973 में संविधान संशोधन के जरिये लोकसभा व विधानसभाओं की सीटों की संख्या फ्रीज कर दी गई। 2002 में 84वां संशोधन विधेयक लाया गया तो उसमें सीट बढ़ाने पर चर्चा तो हुई लेकिन सहमति नहीं बन पाई और इसे 2026 तक के लिए टाल दिया गया। परिसीमन में सीटों की संख्या बढ़ाने पर लगे प्रतिबंध की सीमा इसी साल खत्म हो रही है। ऐसे में सरकार को इसी साल या तो सीटों की संख्या बढ़ाने पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए नया कानून लागू करना होगा या प्रतिबंध को खत्म करने के लिए नया कानून लाना होगा। अगर सरकार प्रतिबंध जारी रखती है तो महिला आरक्षण लागू नहीं होगा। इसके कारण सरकार को सियासी घाटे का डर है।

NATIONAL : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान: पीएम मोदी बोले- हमारा तिरंगा हमारा गौरव है, देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा

0

‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज राष्ट्रप्रेम और जनभागीदारी का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। इस साल 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संस्कृति मंत्रालय की एक पोस्ट को रिपोस्ट भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हमारा तिरंगा हमारा गौरव है और देश के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की निरंतर प्रेरणा है। आइए, हम ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराएं। खुशी है कि इस वर्ष के प्रयास ‘वंदे मातरम’ को समर्पित हैं, और वह भी ऐसे समय में जब हम इसकी 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

वहीं, संस्कृति मंत्रालय ने अभियान के वेबसाइट ‘हर घर तिरंगा डॉट कॉम’ लॉन्च करते हुए कहा कि पिछले 150 वर्षों से ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष ने देश की आत्मा को झकझोरा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर, जब भारत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं, रैलियों, संगीत कार्यक्रमों और सामूहिक गायन के लिए एकजुट हो रहा है, तो आइए वही भावना हर गली और हर घर तक पहुंचाएं।

भारतीय जनता पार्टी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश में 10 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान को बड़े जनसंपर्क अभियान के रूप में चलाने का फैसला किया है। पार्टी ने बूथ स्तर तक अभियान को पहुंचाने की रणनीति बनाते हुए कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर कम से कम 50 परिवारों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य दिया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में तिरंगा यात्राएं, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का सम्मान, स्वच्छता अभियान तथा ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी प्रदेशवासियों से खास अपील की है। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, तिरंगा हमारे राष्ट्र की अस्मिता, एकता और गौरव का सर्वोच्च प्रतीक है। यह प्रत्येक भारतीय के ह्रदय में देशभक्ति, कर्तव्य और राष्ट्र प्रथम की भावना को और प्रबल करती है। आप सभी प्रदेशवासियों से आग्रह है कि 9 अगस्त से 17 अगस्त तक आयोजित होने वाले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत अपने घर, प्रतिष्ठान और संस्थान पर पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज तिरंगा अवश्य फहराएं। साथ ही, अपनी एक सेल्फी लेकर ‘हर घर तिरंगा’ वेबसाइट पर अपलोड करें और इस जनभागीदारी अभियान से जुड़कर राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान और गौरव को अभिव्यक्त करें।

SPORTS : कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन पर भारतीय खिलाड़ियों को PM मोदी का संदेश

0

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन हो चुका है, जहां भारत 39 मेडल जीतकर पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. भारतीय एथलीटों ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते. इस बार कॉमनवेल्थ खेलों में केवल 10 खेल खेले गए, फिर भी भारत की झोली में 39 मेडल आए. भारत के इस प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमकर तारीफ की है.

नीरज चोपड़ा से लेकर मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन तक, कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के कुल 38 एथलीटों ने पदक जीता है. गुलवीर सिंह अकेले भारतीय रहे, जिन्होंने 2 अलग-अलग मेडल जीते. गुलवीर ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में सिल्वर और 5 हजार मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता.

सोशल मीडिया पर PM मोदी ने भारतीय एथलीटों पर गर्व जताते हुए कहा, “ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन पर गर्व है. मुझे खुशी है कि भारत ने 13 गोल्ड सहित 39 मेडल जीते. सभी पदक विजेताओं को बधाई.”

पीएम मोदी ने अपने संदेश में आगे लिखा, “कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान हमारे प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अद्भुत कौशल, दृढ़ संकल्प और समर्पण दिखाया. उनकी मेहनत युवाओं को प्रेरित करती रहेगी. आने वाले इवेंट्स के लिए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं. आशा है कि खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देकर देश का मान बढ़ाते रहेंगे.”

आपको याद दिला दें कि 2022 बर्मिंघम गेम्स में भारत के 210 एथलीटों ने भाग लिया था. उसके मुकाबले 2026 के खेलों में केवल 122 एथलीट ग्लासगो रवाना हुए थे. इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में अपना चौथा स्थान सुरक्षित रखा है. भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते.

- Advertisement -

News of the Day