Monday, April 27, 2026
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ENTERTAINMENT : रणवीर का माफीनामा स्वीकार, मगर चामुंडेश्वरी मंदिर जाना होगा, हाईकोर्ट का आदेश

कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर सिंह की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने उन्हें मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का निर्देश भी दिया.

धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह की मुश्किलों पर आखिरकार फुल स्टॉप लगता दिख रहा है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. शनिवार, 25 अप्रैल को उन्होंने एफिडेविट दाखिल किया था. नए हलफनामे को देखते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अब इस मामले को खत्म किया जा सकता है.

कोर्ट ने रणवीर सिंह को अगले चार हफ्तों के अंदर मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का भी निर्देश दिया है. हालांकि अभी तक इस पर रणवीर का ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है कि वो कब दर्शन करने जाने वाले हैं.

कोर्ट में रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. ये एफआईआर उन्होंने गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी के किरदार की मिमिक्री करने को लेकर दर्ज की गई थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और चामुंडेश्वरी देवी को ‘महिला भूत’ कह दिया.

इससे पहले 10 अप्रैल को रणवीर सिंह ने हाई कोर्ट से कहा था कि वो शिकायतकर्ता के साथ बैठकर माफी वाले हलफनामे की भाषा पर काम करेंगे.शिकायतकर्ता का कहना था कि पहले दिया गया हलफनामा सच्चा पछतावा नहीं दिखाता. दरअसल, इवेंट के दौरान रणवीर सिंह फिल्म की तारीफ करते हुए गलती से ‘दैव’ को ‘भूत’ कह बैठे थे. उन्होंने कहा था कि- मैंने कांतारा देखी, ऋषभ, आपका परफॉर्मेंस शानदार था, खासकर जब ‘महिला भूत’ (चामुंडी दैव) आपके शरीर में प्रवेश करता है.

इसके बाद उन्होंने ऋषभ शेट्टी के उस किरदार की नकल भी की, जो कर्नाटक की ‘भूता कोला’ परंपरा का अहम हिस्सा है. हालांकि रणवीर सिंह ने बाद में इंस्टाग्राम पर माफी भी मांगी थी, लेकिन एक हिंदू संगठन के सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दैवों के अपमान का आरोप लगाया गया.

इसके बाद रणवीर सिंह ने फरवरी में हाई कोर्ट का रुख किया और राहत की मांग की. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर अपमानजनक बयान देने से जुड़ी हैं.

LIFESTYLE : गर्मी में बिजली बिल की टेंशन खत्म! एसी और फ्रिज के इस्तेमाल में अपनाएं ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स

How to Reduce Electricity Bill: गर्मी में AC, कूलर और फ्रिज का ज्यादा इस्तेमाल होने से बिजली बिल बढ़ता है, लेकिन सही तरीके अपनाकर इसे कम किया जा सकता है. जानिए कुछ जरूरी बातें.

गर्मी का मौसम आने के बाद घरों में AC, कूलर और फ्रिज का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण बिजली का बिल भी ज्यादा आने लगता है. ऐसे में काफी लोगों को यही लगता है कि ज्यादा बिल आने का कारण सिर्फ ज्यादा इस्तेमाल करना है. सच तो यह है कि हमारे इस्तेमाल करने का तरीका भी ज्यादा बिल आने का कारण होता है, लेकिन अगर हम अपनी कुछ आदतों को बदल दें तो आपका बिजली का बिल कम आ सकता है.

गर्मी से राहत पाने के लिए AC सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन लोगों को यह नहीं पता होता कि इसे सही तरीके से चलाते कैसे है. कुछ ध्यान रखने वाली बातें जैसे…

याद रखें कि AC को 16-18°C पर चलाने से बचें, क्योंकि इससे कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है.
24-26°C का तापमान सबसे सही और किफायती माना जाता है.
जब भी आप AC चलाते है उस दौरान दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें.
AC के साथ पंखा चलाने से ठंडी हवा तेजी से फैलती है और कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है.
AC के फिल्टर की नियमित सफाई करें, क्योंकि अगर फिल्टर गंदा होगा तो AC ज्यादा बिजली खींचने लगता है.
फ्रिज इस्तेमाल करने में ये गलतियां न करें

फ्रिज एक ऐसा उपकरण है जो 24 घंटे चलता है, इसलिए इसमें जरा सी भी लापरवाही बिल बढ़ा सकती है. ध्यान रखें खास बातें जैसे….

बार-बार फ्रिज का दरवाजा न खोलें, इससे फ्रिज की कूलिंग पर असर पड़ेगा.
फ्रिज का तापमान मीजियम पर रखें.
जब भी खाना गर्म हो उसे फ्रिज में न रखें.
खाने को पहले सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें, फिर फ्रिज में रखें.
कूलर चलाने का सही तरीका क्या है?

कूलर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो कम बिजली में अच्छी ठंडक देता है.

ध्यान रहें कि कूलर को कभी भी बंद कमरे में न चलाएं.
इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां से ताजी हवा आ सके ताकि क्रॉस वेंटिलेशन हो.
कूलिंग पैड्स की सफाई करें और अगर आपको लगता है कि बदलने की जरूरत है तो बदल दें.
पानी की टंकी और पंप की नियमित जांच करें.
सही मेंटेनेंस से कूलर कम स्पीड पर भी अच्छी कूलिंग देता है.

NATIONAL : अकोला में तापमान 46.9°C दर्ज किया गया, जबकि महाराष्ट्र लू की चपेट में है।

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पुणे में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की शिवाजीनगर वेधशाला में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रकाशन तिथि: 27 अप्रैल, 2026, सुबह 4:04 बजे (भारतीय मानक समय)

शनिवार को भी महाराष्ट्र के बड़े हिस्से भीषण लू की चपेट में रहे, जहां पुणे और विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में गर्मी के मौसम का अब तक का सबसे अधिक दिन का तापमान दर्ज किया गया।

पुणे में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की शिवाजीनगर वेधशाला में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस गर्मी का अब तक का सबसे अधिक तापमान है और सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। लोहेगांव वेधशाला में इससे भी अधिक 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरा दिन है जब इस क्षेत्र में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा है।

पुणे जिले के लगभग पूरे हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कम से कम 12 मौसम निगरानी केंद्रों ने 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान दर्ज किया है। इनमें दुदुलगांव और शिवाजीनगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस, उसके बाद दौंड में 41.5 डिग्री सेल्सियस और बारामती में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जिले का सबसे कम दिन का तापमान मालिन में 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शनिवार को महाराष्ट्र में अकोला सबसे गर्म स्थान बनकर उभरा, जहां पारा 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विदर्भ के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी देखी गई, जिससे लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, महाराष्ट्र के आंतरिक भाग में प्रचलित वायुमंडलीय स्थितियों के कारण ही यह भीषण गर्मी की लहर चल रही है।

पुणे स्थित आईएमडी के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एसडी सनप ने कहा कि महाराष्ट्र के आंतरिक भाग और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद प्रतिचक्रवाती परिसंचरण तापमान में तीव्र वृद्धि के लिए जिम्मेदार है।”ऐसी परिस्थितियों में, हवा नीचे की ओर धंसती है और संकुचित होती है, जिससे आसमान साफ ​​हो जाता है और सतह तक अधिक सौर विकिरण पहुंच पाता है। हवा का प्रवाह भी अपेक्षाकृत कमजोर होता है, और यह तापमान में वृद्धि का कारण बनता है,” सनाप ने समझाया।

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि निकट भविष्य में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, लेकिन अगले दो दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है।सनाप ने कहा, “अगले 48 घंटों के बाद हालात में सुधार होने की संभावना है, और अधिकतम तापमान में लगभग 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है।”

इस बीच, मुंबई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 अप्रैल के लिए अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में लू की स्थिति को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के शेष हिस्सों के लिए अभी तक कोई रंग-कोडित चेतावनी जारी नहीं की गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवासियों को दोपहर के चरम समय के दौरान सीधे धूप में लंबे समय तक रहने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और निर्जलीकरण, गर्मी से थकावट और हीटस्ट्रोक जैसी गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

SPORTS : गुजरात के ‘सुदर्शन चक्र’ के आगे पस्त हुई येलो आर्मी, चेन्नई का घर में हुआ बुरा हाल

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गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद साई सुदर्शन के अर्धशतक के दम पर जीटी ने चेन्नई सुपर किंग्स को उनके घर में घुसकर हराया। चेन्नई के लिए कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को छोड़कर बाकी बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और इस वजह से सीएसके को चेपॉक में हार का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु के खिलाफ हार के बाद गुजरात की टीम एक बार फिर से जीत की पटरी पर वापस लौट आई है।

चेन्नई ने गायकवाड़ के नाबाद 74 रनों की बदौलत पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए थे। इस लक्ष्य को गुजरात ने 16.4 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने सीजन की चौथी जीत दर्ज की और अंक तालिका में भी पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। सुदर्शन ने शानदार पारी खेलते हुए 87 रन बनाए। गुजरात ने मैच को 8 विकेट से अपने नाम कर लिया।

गुजरात ने चेन्नई को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया था। इसके बाद गुजरात के गेंदबाजों ने कहर बरपा दिया। सीएसके को संजू सैमसन के रूप में पहले झटका लगा और वे 11 रन बनाकर आउट हो गए। चेपॉक में सीएसके के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे और एक के बाद एक लगातार विकेट गिरते रहे। 21 रनों के स्कोर पर पहला विकेट गंवाने वाली चेन्नई ने अगले 16 रनों पर 3 विकेट गंवा दिए। उनका स्कोर एक समय पर 37/4 हो गया। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने कसी हुई गेंदबाजी की और चेन्नई के बल्लेबाजों को हाथ नहीं खोलने दिए। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में आए सरफराज खान कुछ नहीं कर सके और गोल्डन डक का शिकार बने।

चेन्नई की टीम एकतरफ जहां विकेट खोती रही, तो दूसरी तरफ कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ डटे रहे। उन्होंने धीमी बल्लेबाजी की और पारी को संभाला। गायकवाड़ ने 49 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। अंत के ओवरों में उन्होंने पारी को तेजी से आगे बढ़ाया और 60 गेंदों पर नाबाद 74 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 4 छक्के निकले। अंत में जेमी ओवरटन ने भी अपने हाथ खोले और 6 गेंदों पर 18 रन बनाए। इसी के साथ चेन्नई ने 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बना लिए। गुजरात के लिए कगिसो रबाडा (3), अरशद खान (2), मोहम्मद सिराज (1) और मानव सुथार को भी एक सफलता मिली।

सीएसके के 159 रनों के लक्ष्य के जवाब में गुजरात ने शानदार शुरुआत की। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच पहले विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी हुई। गिल 33 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें नूर अहमद की गेंद पर संजू सैमसन ने एक शानदार स्टपिंग के जरिए मैदान के बाहर भेजा।

गिल के आउट होने के बाद सुदर्शन मैदान पर डटे रहे और अर्धशतक लगाया। उन्होंने 33 गेंदों पर अपनी फिफ्टी जड़ी और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। गुजरात को जीत के लिए 4 रनों की दरकार थी और सुदर्शन ने शॉट लगाकर मैच को खत्म करने की कोशिश की लेकिन डेवाल्ड ब्रेविस ने अद्भुत कैच लपक लिया और उन्हें 87 रनों के स्कोर पर मैदान से बाहर भेज दिया। उन्होंने इस दौरान 4 चौके और 7 छक्के जड़े। जोस बटलर 30 गेंदों पर 39 रन बनाकर नाबाद रहे और गुजरात को 8 विकेट से जीत दिलाई। चेन्नई के लिए अकील हुसैन और नूर अहमद को एक-एक सफलता मिली।

WORLD : ईरान-अमेरिका बातचीत पर सस्पेंस कायम, तीन दिन में अचानक दूसरी बार पाकिस्तान लौटे अब्बास अराघची, सोमवार को रूस जाएंगे

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार अराघची शनिवार को पाकिस्तान से रवाना हुए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को मॉस्को दौरे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार रूस में ईरान के राजदूत ने बताया कि अराघची पुतिन और अन्य रूसी अधिकारियों के साथ मौजूदा वार्ताओं, सीजफायर और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान छोड़ने के बाद अराघची ओमान गए, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की। इसके बाद वह रविवार को रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पहुंचे।

पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। अराघची शनिवार देर रात इस्लामाबाद से रवाना हुए थे, जिससे दूसरे दौर की बातचीत को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी, लेकिन वह दोबारा इस्लामाबाद लौट आए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान के बाद उनका अगला दौरा मॉस्को का हो सकता है। ओमान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है और यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज के दूसरी ओर स्थित है।
शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-पाकिस्तान वार्ता से पहले व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि डोनाल्ड ट्रंप के शांति दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर आगे की बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि बाद में ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह दौरा रद्द कर दिया, क्योंकि बिना किसी नतीजे के बैठकर बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने तेहरान के रुख की आलोचना भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनके इस फैसले के तुरंत बाद ईरान ने अपने प्रस्ताव में बदलाव किया।

NATIONAL : दिल्ली पहुंचे शिवकुमार, बेंगलुरु में सिद्धारमैया की सीक्रिट मीटिंग, कर्नाटक सीएम बदलने की अटकलें तेज

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कर्नाटक में एक बार फिर मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में अपने करीबियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। हालांकी शीर्ष नेतृत्व ने कर्नाटक में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार किया है।

बेंगलुरु : कर्नाटक कांग्रेस में इन दिनों तेज राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और गांधी परिवार के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु में अपने समर्थकों के साथ बंद कमरे में अहम बैठक की। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, दावणगेरे उपचुनाव को लेकर उठा विवाद अब पार्टी के भीतर खींचतान का कारण बन गया है। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे ने शिवकुमार खेमे को सिद्दारमैया समर्थकों के खिलाफ सक्रिय होने का मौका दिया है। वहीं, सिद्दारमैया खेमे की ओर से भी जल्द जवाबी रणनीति सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, दोनों नेताओं ने पहले कई मौकों पर एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी, जिसमें संयुक्त कार्यक्रम और नाश्ते की बैठकों जैसी पहल शामिल थीं। लेकिन हालिया घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि उपचुनाव के नतीजों के बाद नेतृत्व को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है।

इसी बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की, जबकि शिवकुमार अपने भाई डीके सुरेश के साथ दिल्ली रवाना हो गए। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर एकजुटता दिखाई है, लेकिन उनके समर्थक विधायकों के बयानों में फर्क साफ नजर आ रहा है। सिद्दारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया ने दावा किया कि उनके पिता पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वहीं, शिवकुमार समर्थक विधायकों का कहना है कि मौजूदा कार्यकाल में ही शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान हाल तक पांच राज्यों के चुनावों में व्यस्त था। अब जब वे चुनाव लगभग खत्म हो चुके हैं तो शिवकुमार का दिल्ली पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दूसरी ओर, सिद्दारमैया ने बेंगलुरु के कनिंघम रोड स्थित एक निजी स्थान पर अपने विश्वस्त मंत्रियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस बैठक में जी. परमेश्वर, के. एच. मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद खान और दिनेश गुंडू राव सहित कई मंत्री शामिल हुए।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में कैबिनेट फेरबदल और पार्टी के अंदरूनी मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही यह चिंता भी जताई गई कि मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी चुप्पी से स्थिति और जटिल हो रही है।

वहीं, दिल्ली में शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बैठक की जानकारी नहीं है और उन्होंने यह भी कहा कि वे ‘कौन करीबी है और कौन नहीं’ इस तरह का भेद नहीं करते। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार के तीन साल पूरे होने पर कैबिनेट फेरबदल हो सकता है और 20 मई से पहले कुछ ‘अप्रत्याशित घटनाक्रम’ भी हो सकते हैं। इससे पहले बजट के बाद सीएम सिद्दारमैया ने कहा था कि राज्य की जनता चाहती है कि वे मुख्यमंत्री बने रहें, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौका मिला तो वे दो और बजट पेश करने के लिए तैयार हैं।

NATIONAL : ऑल वेदर तकनीक से लैस होगी जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन:30 अप्रैल से चलेगी, 6 घंटे में पूरा करेगी सफर; पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। -वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी।

रेलवे ने जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और ठंडे मौसम के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत ट्रेन लॉन्च की है, जो 30 अप्रैल से जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी। यह महज 6 घंटे में यह सुहाना सफर पूरा करेगी।

विशेष वंदे भारत ट्रेन में सिग्नेचर सेमी-हाई-स्पीड बरकरार रहेगी। इसमें पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। ट्रेन का जम्मू से श्रीनगर के लिए ट्रायल किया गया, जो 6 घंटे में श्रीनगर पहुंची।

नई वंदे भारत ट्रेन कई विशेषताओं से पूर्ण है-

ट्रेन में अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम

जम्मू-कश्मीर के बर्फीले मौसम को देखते हुए ट्रेन में कई अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम लगाए गए हैं। पहली बार पानी की पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल का उपयोग किया गया है। ये केबल बाहरी तापमान के अनुसार अपनी गर्मी को घटा या बढ़ा सकती है।

पानी के टैंकों में 1800 वोल्ट के सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं। साथ ही, बायो-टैंकों और सहायक टैंकों में भी विशेष हीटिंग व्यवस्था की गई है ताकि स्वच्छता प्रणाली प्रभावित न हो।

यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य एयर कंडीशनिंग यूनिट से विशेष डक्ट्स के जरिए शौचालयों तक गर्म हवा पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। भारतीय शैली के शौचालयों में हीटर और थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है ताकि वैक्यूम निकासी प्रणाली काम करती रहे।

सीसीटीवी कैमरों से लैस है एसी 20 कोच वाली ट्रेन

इस ट्रेन की गति 160 किमी प्रति घंटे की होगी। पूरी तरह से एयरकंडीशन 20 कोच वाली ट्रेन स्वचालित प्लग दरवाजे और एलईडी लाइटिंग से लैस होगी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और ऊर्जा बचाने वाली पुनर्योजी ब्रेकिंग प्रणाली लगी है।

जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल का कहना है कि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में इस विशेष वंदे भारत का संचालन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की मांग को ध्यान में रखकर की गई है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना है।

WORLD : ‘ट्रंप पर तो गोली चलनी थी, भारत में भी ऐसा ही माहौल’, महाराष्ट्र से कांग्रेस विधायक का विवादित बयान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर में हुई गोलीबारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके शासन करने के तरीके को देखते हुए ये होना ही था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इसकी तुलना भारत से भी की। कांग्रेस के पांच बार के विधायक वडेट्टीवार ने कहा, “ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाने और दूसरे देशों को अस्थिर करने की कोशिश की। जैसी करनी, वैसी भरनी… चूंकि चीजें वैसी नहीं हुईं जैसी उन्होंने उम्मीद की थी, इसलिए ऐसा होना ही था।”

उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के फैसलों से अमेरिका को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि भारत में भी लोगों का मिजाज कुछ अलग नहीं है। हालांकि, वडेट्टीवार ने किसी नेता या संवैधानिक पद का नाम लेने से परहेज किया।

उन्होंने कहा, “चूंकि यहां लोग सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं, इसलिए यह भ्रम बना हुआ है कि सब कुछ ठीक है। लेकिन लोगों की भावना अभी भी वही है कि भारत को नुकसान पहुंचा है।”

वडेट्टीवार ने कहा कि गोलीबारी की घटना अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा, “इतने ऊंचे पद पर आसीन किसी व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन जनता की प्रतिक्रिया अक्सर नेतृत्व के स्वरूप को दर्शाती है।”

NATIOANL : PM मोदी की रैली से पहले जगद्दल में भारी हिंसा, BJP-TMC के समर्थक आपस में भिड़े; बमबाजी में 3 घायल

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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हिंसक झड़प हुई। जगद्दल में हुई इस हिंसा में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग हुई। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

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