Tuesday, May 12, 2026
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WEST BENGAL : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पहले दिन लिए कई अहम फैसले, कहा- यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में पहली कैबिनेट बैठक की। इसमें कई अहम फैसले भी लिए गए। वहीं देर रात एक्स पर एक पोस्ट में सीएम शुभेंदु ने पहले दिन को कई अहम घटनाओं से भरा दिन बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को अपने कार्यकाल के पहले दिन को ‘घटनाओं से भरा’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की शुरुआत कर दी है और पहली ही कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ‘असल परिवर्तन’ की दिशा में छह अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी, जिससे पश्चिम बंगाल के लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा।

शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को तेज करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। नई सरकार ने राज्य सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान युवाओं का काफी समय खराब हुआ, इसलिए उन्हें राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

कैबिनेट बैठक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को राज्य में औपचारिक रूप से लागू करने का फैसला भी लिया गया। इसके अलावा जनगणना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भी मंजूरी दी गई, ताकि लोगों को सही प्रतिनिधित्व मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन 321 परिवारों की मदद के लिए भी कदम उठाएगी, जिनके परिजनों की कथित तौर पर ‘लोकतंत्र की रक्षा करते हुए’ मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे पीएम विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को भी हटाया जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को विभाग बांटने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक समेत कई नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठकें भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है, किसी पार्टी विशेष के लिए नहीं।’ उनके इस बयान को पिछली सरकार पर निशाना माना जा रहा है।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य भर में अवैध सिंडिकेट, खनन और पशु तस्करी पर नकेल कसने को कहा है। एक बैठक में अधिकारी ने अवैध गतिविधियों की निगरानी पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शासन को राजनीतिक प्रतिशोध से मुक्त रखने के निर्देश दिए। पुलिस को ‘सिंडिकेट राज’ खत्म करने का आदेश मिला। अवैध खनन पर तत्काल कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। बीरभूम में कड़ी निगरानी के विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीण रोजगार योजना के लाभार्थियों को सत्यापित करने को कहा। धोखाधड़ी वाले जॉब कार्ड से पैसे निकालने वालों की पहचान करने को भी कहा। सीमावर्ती जिलों में पशु तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए। पुलिस को आदतन अपराधियों पर कार्रवाई करने को कहा। चुनाव बाद की हिंसा में शामिल लोगों का पता लगाने के भी निर्देश मिले।

NATIONAL : बंगाल में मंत्रियों को विभाग बांटे:गृह मंत्रालय सुवेंदु ने रखा; दिलीप घोष को पंचायतीराज, अग्निमित्रा को महिला–बाल विकास, निषिथ को युवा कल्याण विभाग दिया

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार में सोमवार को मंत्रालयों का बंटवारा किया गया है। PTI के मुताबिक, निषिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है।दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास, कृषि विपणन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, नगर निकाय विभाग दिए गए हैं।अशोक कीर्तनिया को खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता मंत्रालय दिया गया है। क्षुदिराम टूडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने IAS अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। यह आदेश 11 मई 2026 को जारी हुआ और अगले आदेश तक लागू रहेगा। अग्रवाल फिलहाल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और होम एंड हिल अफेयर्स विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। सरकार ने कहा कि यह फैसला सार्वजनिक सेवा के हित में लिया गया है। उन्हें तुरंत नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

NATIONAL : नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन की हुंकार: कहा- सीमा पार से दुस्साहस का होगा अंत, जारी रहेगा ऑपरेशन सिंदूर

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भारतीय नौसेना के नए मुखिया ने साफ कर दिया है कि सीमा पार की धमकियों का युग अब बीत चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने और समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए भारत अब रक्षा के बजाय प्रहार की नीति पर अडिग है।

भारतीय नौसेना के मनोनीत प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार को संदेश दिया कि भारत सीमा पार से होने वाले किसी भी दुस्साहस को कुचलने के लिए पूरी तरह तैयार है। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ स्वामीनाथन ने कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। अब देश अपनी धरती पर किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा, खासकर तब जब वह विदेशी जमीन से संचालित हो।

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की टिप्पणी के बाद दिया है। मुनीर ने भारत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। स्वामीनाथन ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि भारत कभी पहल नहीं करता। भारत हमेशा प्रतिक्रिया देने वाली स्थिति में रहा है। अगर कोई भी सीमा पार से हिमाकत करता है, तो भारतीय सेनाएं उसका दमन करने के लिए सक्षम हैं।

पहलगाम में 2025 में हुए कायराना हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की अहमियत बताई। सात मई 2025 को भारत ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। स्वामीनाथन ने कहा कि यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय नौसेना आज भी मजबूती के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रही है। भारत अब अपनी शर्तों पर और ताकत के साथ बातचीत करता है।

उन्होंने बताया कि भारत का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्र के रास्ते होता है। देश की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर टिकी है। हिंद महासागर को उन्होंने भारत का मुख्य कार्यक्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना केवल शांति काल की बल नहीं है, बल्कि एक सक्रिय परिचालन बल है।

NATIONAL : UAE से लेकर यूरोप तक, पांच देशों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी; कई अहम बैठकों से संबंध होंगे मजबूत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों की छह दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होंगे, जिसमें यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत के वैश्विक संबंधों को मजबूत करना और आर्थिक व रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से छह दिन के पांच देशों के दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत यूएई से करेंगे, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय निवास करता है। इसके बाद प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा पर रहेंगे। वह वहां किंग विलेम-अलेक्जेंडर, क्वीन मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। वर्ष 2024-25 में भारत-नीदरलैंड व्यापार 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।

नीदरलैंड के बाद प्रधानमंत्री मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन जाएंगे और वहां प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीक, स्टार्टअप, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे। इस दौरान दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।

यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री 18 से 19 मई तक नॉर्वे में रहेंगे। वह ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह किंग हैराल्ड पंचम, क्वीन सोन्या और प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर से मुलाकात करेंगे। भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी तथा ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों बाद नॉर्वे यात्रा होगी। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों की भागीदारी होगी। सम्मेलन में तकनीक, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 से 20 मई तक इटली की यात्रा करेंगे। वह राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

NATIONAL : ‘तेल की नहीं किल्लत, लेकिन रोजाना हो रहे 1000 करोड़ के नुकसान’, सरकार ने बताया PM मोदी की अपील के मायने

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए देश से ईंधन बचाने की अपील की है. उन्होंने सोने की खरीद कम करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने का भी जिक्र किया. इस अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की. सरकार ने साफ किया कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार (11 मई) को पश्चिम एशिया पर गठित अनौपचारिक मंत्रिसमूह (IGoM) की पांचवीं बैठक हुई. इसमें पेट्रोलियम, रेलवे, नागरिक उड्डयन, उर्वरक, बंदरगाह और विज्ञान मंत्रालयों के मंत्री शामिल हुए. बैठक के बाद जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के बयान में कहा गया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मौजूद है, जबकि 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने लोगों से घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की.

बैठक में बताया गया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर पर है, जिसे मौजूदा परिस्थितियों में मजबूत स्थिति माना जा रहा है. हालांकि अधिकारियों ने मंत्रियों को जानकारी दी कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

सरकार के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के लिए रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अंडर-रिकवरी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. सरकार ने कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें 30 से 70 फीसदी तक बढ़ी हैं, लेकिन भारत में आम लोगों पर बोझ कम रखने की कोशिश की जा रही है.

इसी को ध्यान में पीएम मोदी की ईंधन बचाने और आयातित सामानों पर निर्भरता घटाने की अपील को सरकार ने जरूरी बताया. गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश हर साल आयात पर लाखों करोड़ रुपये खर्च करता है और मौजूदा वैश्विक संकट में हर नागरिक का छोटा-बड़ा प्रयास महत्वपूर्ण है.

NATIONAL : PM मोदी की अपील- पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें, सोने की खरीद टालें,तेल कम खाएं, स्कूल ऑनलाइन हों

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन और संसाधनों की बचत करने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि जहां तक संभव हो पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। साथ ही स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई और कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन और संसाधनों की बचत करने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि जहां तक संभव हो पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। साथ ही स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई और कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी।

पेट्रोल-डीजल और सोने की खरीद कम करने की अपील

वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह देश ने मिलकर कोरोना महामारी का सामना किया था, उसी तरह मौजूदा चुनौतियों से भी देश एकजुट होकर बाहर निकलेगा। उन्होंने विदेश में रहने वाले भारतीयों से भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने की भी अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोगों को सोने की खरीद टालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल गोल्ड खरीदना जरूरी नहीं है।

खाने के तेल की खपत घटाने की सलाह

पीएम मोदी ने खाद्य तेल की खपत कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि खाने के तेल के आयात पर भी देश का काफी पैसा विदेश जाता है। अगर लोग तेल का सीमित उपयोग करें तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की सेहत दोनों को फायदा होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत पर दबाव बनाने में जुट गई थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु परीक्षण के बाद भारत के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी की गईं, लेकिन देश पीछे नहीं हटा। उन्होंने बताया कि भारत ने इस परीक्षण को ‘ऑपरेशन शक्ति’ नाम दिया था, जो देश की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

SPORTS : अक्षर-मिलर की पारी से जीती दिल्ली, पंजाब किंग्स 3 विकेट से हारी; श्रेयस-प्रियांश की पारी बेकार

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पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स का सामना आईपीएल के 55वें मैच में धर्मशाला में हुआ। इस मैच में दिल्ली ने पंजाब को 3 विकेट से हरा दिया और प्लेऑफ की उम्मीदों को बनाए रखा। पंजाब की ये लगातार चौथी हार इस सीजन में रही।

धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में सोमवार 11 मई की रात इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मैच के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के डेविड मिलर का विकेट गिरने का जश्न मनाते हुए पंजाब किंग्स के बेन ड्वार्शियस और उनके साथी खिलाड़ी। (ANI फोटो)

दिल्ली कैपिटल्स ने कप्तान अक्षर पटेल और डेविड मिलर की अर्धशतकीय पारी और फिर आशुतोष शर्मा की छोटी, लेकिन उपयोगी पारी के दम पर पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को बनाए रखा, लेकिन ये इस सीजन में पंजाब की लगातार चौथी हार रही। दिल्ली को इस मुकाबले से पहले लगातार दो मैचों में हार मिली थी, लेकिन अक्षर पटेल की टीम ने शानदार वापसी की। पंजाब के लिए श्रेयस अय्यर और प्रियांश आर्या ने अर्धशतक लगाया था, लेकिन उनकी पारी बेकार हो गई।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 55वें मुकाबले में पंजाब किंग्स का सामना दिल्ली कैपटिल्स के साथ हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, धर्मशाला में हुआ। इस मुकाबले में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इसके बाद पंजाब ने कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रियांश आर्या के अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 210 रन बनाए और दिल्ली को जीत के लिए 211 रन का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में दिल्ली ने 19 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन बनाकर मैच जीत लिया। माधव तिवारी को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

प्रिभसिमरन सिंह 18 रन पर आउट हुए जबकि प्रियांश आर्या ने 24 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और 56 रन बनाकर आउट हो गए। श्रेयस अय्यर ने 32 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और वो 59 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि सूर्यांश शेडगे ने नाबाद 21 रन की पारी खेली। कूपर कोनोली ने 38 रन के स्कोर पर अपना विकेट गंवा दिया। मार्कस स्टोइनिस एक रन जबकि शशांक सिंह डक पर आउट हो गए। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।

अक्षर पटेल-मिलर ने खेली अर्धशतकीय पारी

दिल्ली के ओपनर केएल राहुल ने 9 रन जबकि अभिषेक पोरेल ने 5 रन की पारी खेली। वहीं साहिल परख ने 6 गेंदों पर 13 रन की पारी खेली। ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन पर कैच आउट हो गए। कप्तान अक्षर पटेल ने 24 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और 56 रन की पारी खेलकर आउट हो गए।मिलर ने 27 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और 51 रन बनाकर आउट हो गए। आशुतोष शर्मा 24 रन के स्कोर पर पवेलियन लौटे। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर ने 2-2 विकेट लिए।

दिल्ली ने किए 5 बदलाव

इस मैच के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने 5 बदलाव किए। डेविड मिलर, अभिषेक पोरेल, साहिल पारेख, माधव तिवारी और आकिब नबी की वापसी हुई जबकि कुलदीप यादव प्लेइंग 11 से बाहर किए गए। पंजाब ने सिर्फ एक बदलाव किया जिसमें बेन द्वारशुइस ने डेब्यू किया और उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन की जगह मौका मिला।

पंजाब किंग्स की प्लेइंग 11

प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, बेन द्वारशुइस, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल।

इम्पैक्ट प्लेयर- हरप्रीत बरार, यश ठाकुर, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, प्रवीण दुबे।

दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग 11

केएल राहुल (विकेटकीपर), अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), माधव तिवारी, मुकेश कुमार, आकिब नबी डार, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी।

इम्पैक्ट प्लेयर- पथुम निसांका, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, त्रिपुराना विजय।

NATIONAL : दिल्ली-NCR में आंधी-बारिश का अलर्ट; पहाड़ पर बर्फबारी की चेतावनी, राजस्थान-गुजरात में लू बरपाएगा कहर

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इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं। 12 मई तड़के से 14 मई के बीच मौसम तेजी से बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में अचानक धूल भरी आंधी उठने की भी संभावना है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय गर्मी बनी रहेगी, लेकिन बारिश और बादलों के कारण तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है।

पंजाब, हरियाणा में तेज हवाओं का असर
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यहां कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं जिनकी रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खेतों में खड़ी फसलों और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं, सब्जियों और फल बागानों में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें तथा तेज हवाओं से बचाव के लिए कमजोर पौधों को सहारा दें।

ARTICLE : इतिहास के पन्नों में 12 मई :

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जब चीन में आए विनाशकारी भूकंप ने छीन ली थीं हजारों जिंदगियां

देश-दुनिया के इतिहास में 12 मई की तारीख कई अहम घटनाओं के लिए दर्ज है, लेकिन वर्ष 2008 में इसी दिन चीन में आया विनाशकारी भूकंप आधुनिक इतिहास की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। कुछ ही सेकंड के भीतर धरती की तेज कंपन ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी थी।

12 मई 2008 को चीन के सिचुआन प्रांत में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता लगभग 7.9 मापी गई थी। इस भूकंप में करीब 87 हजार लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों लोग लापता हो गए थे। इसके अलावा करीब चार लाख लोग घायल हुए और लाखों नागरिक बेघर हो गए।

भूकंप का असर इतना व्यापक था कि कई शहर और गांव पूरी तरह तबाह हो गए। हजारों इमारतें, स्कूल, अस्पताल और सड़कें पलभर में मलबे में बदल गईं। बचाव दलों को दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों ने अपने परिजनों को मलबे के नीचे खो दिया।

इस प्राकृतिक आपदा के बाद चीन सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया। सेना, मेडिकल टीमों और हजारों स्वयंसेवकों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया। दुनियाभर के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी चीन को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूकंप इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक माना जाता है। इससे हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में चीन को कई वर्षों का समय लगा। इस त्रासदी ने दुनिया को यह भी याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव जीवन कितना असुरक्षित हो सकता है। आज भी 12 मई का दिन चीन में उन हजारों लोगों की याद में भावुक कर देता है, जिन्होंने इस भयावह आपदा में अपनी जान गंवाई थी।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1459 – राव जोधा ने जोधपुर की स्थापना की।

1666 – पुरंदर की संधि के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज औरंगजेब से मिलने आगरा पहुंचे।

1784 – पेरिस समझौता प्रभावी हुआ।

1847 – विलियम क्लेटन ने ओडोमीटर का आविष्कार किया।

1915 – क्रांतिकारी रासबिहारी बोस ने जापानी नौका सानुकी मारू पर सवार होकर भारत छोड़ा।

1965 – इजरायल और पश्चिम जर्मनी ने राजनयिक संबंध शुरु करने के लिए पत्रों का आदान प्रदान किया।

1999 – रूस के उपप्रधानमंत्री सर्गेई स्तेपनिश कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त, अमेरिकी वित्तमंत्री रोबर्ट रूबिन का अपने पद से इस्तीफा।

2002 – मिस्र, सीरिया व सऊदी अरब ने पश्चिम एशिया मामले में शांति समझौते की इच्छा जताई।

2002 – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिम्मी कार्टर फिदेल कास्त्रो के साथ बातचीत करने के लिए पांच दिन की यात्रा पर क्यूबा पहुंचे। कास्त्रो की 1959 क्रांति के बाद से क्यूबा की यात्रा करने वाले कार्टर अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने।

2007 – पाकिस्तान के कराची शहर में हिंसा।

2008 – जजों की बहाली के मुद्दे को लेकर कोई समझौता न होने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने साझा सरकार से हटने का निर्णय लिया।

2008 – चीन में आये भीषण भूकम्प से हज़ारों लोग मारे गये।

2010 – बिहार के चर्चित बथानी टोला नरसंहार मामले में भोजपुर के प्रथम अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने तीन दोषियों को फाँसी तथा 20 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

2010 – लीबिया में त्रिपोली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट अफ्रीकिया एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 104 लोगों में से 103 लोगों की मौत।

2015 – नेपाल में भूकंप से 218 लोगों की मौत और 3500 से अधिक घायल।

जन्म

1820 – फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल – ‘आधुनिक नर्सिग आन्दोलन की जन्मदाता’ एक नर्स थीं।

1875 – कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य – प्रसिद्ध दार्शनिक, जिन्होंने हिन्दू दर्शन पर अध्ययन किया।

1895 – जे. कृष्णमूर्ति, एक दार्शनिक तथा आध्यात्मिक विषयों के बड़े ही कुशल एवं परिपक्व लेखक थे।

1917 – सीता देवी (महारानी) – बड़ौदा की महारानी थीं।

1933 – नंदू नाटेकर – पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे, जिन्होंने इंटरनेशनल खिताब जीता था।

1944 – घनश्याम नायक – भारतीय फिल्म और टेलीविजन अभिनेता थे।

1945 – के. जी. बालकृष्णन – भारत के 37वें मुख्य न्यायाधीश थे।

1954 – के. पलानीस्वामी- राजनीतिज्ञ एवं तमिल नाडु के 13वें मुख्यमंत्री।

1980 – ऋषि सुनक – भारतीय मूल के ब्रिटिश राजनेता हैं।

1982 – मारगनी भरत – राजमुंदरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, आंध्र प्रदेश से 17वीं लोकसभा के सांसद हैं।

1989 – शिखा पांडे – भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं।

2002 – सौरभ चौधरी – भारतीय निशानेबाज़ हैं।

निधन

1984 – धनंजय कीर – बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जीवनी लिखने वाले साहित्यकार थे।

1984 – अलकनन्दा (नृत्यांगना) – भारत की कत्थक नृत्यांगना थीं।

1993 – शमशेर बहादुर सिंह, हिन्दी कवि।

2015 – सुचित्रा भट्टाचार्य – बांग्ला भाषा की प्रसिद्ध महिला उपन्यासकार थीं।

महत्वपूर्ण अवसर

  • अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (मॉर्डन नर्सिंग की जनक फ़्लोरेंस नाइटेंगिल का जन्म दिवस)।

WORLD : बलोचिस्तान में 12 मजदूरों की सामूहिक हत्या से कोस्ट गार्ड के खिलाफ गुस्सा

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इस्लामाबाद, 12 मई (हि.स.)। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में 12 मजदूरों की सामूहिक हत्या से तट रक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। आरोप है कि ग्वादर के कुंतानी और जिवानी इलाके में 11 मई को पाकिस्तान के तट रक्षक बल ने कम से कम 12 बलोच मजदूरों और मछुआरों की जान ले ली। हमले में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय नागरिकों और बलोच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड ने निहत्थे बलूच नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। यह घटना बलोचिस्तान में चल रहे लंबे संघर्ष और सुरक्षा बलों के मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के बीच हुई है।

बलोच छात्र संगठन आजाद के मुख्य प्रवक्ता शोलान बलोच ने कहा कि यह हत्याकांड पाकिस्तान के तटरक्षक बल की बर्बरता का चरम उदाहरण है। काम और रोजी-रोटी की तलाश में निकले लगभग एक दर्जन मजदूरों को मार डाला गया। शोलान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने बलोच नागरिकों को उनके बुनियादी आर्थिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया है।उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे पहले भी बलोच मजदूरों को निशाना बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल, पुलिस बल, सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों सहित सरकारी अधिकारी इलाके के गरीब बलोच ड्राइवरों और दुकानदारों से जबरन वसूली करते हैं। प्रवक्ता ने राज्य के लोगों से इस घटना के विरोध में आवाज उठाने की अपील की है। बलोचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) और नेशनल पार्टी ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। बीएनपी के बयान में कहा गया है कि रोटी, कपड़ा और घर के नाम पर दावा करने वाले शासक सीमा और व्यापार बंद करके बलोचिस्तान के लोगों से जीने का अधिकार छीन रहे हैं।

बयान में मांग की गई कि घटना को दबाने के बजाय इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए। दूसरी ओर, नेशनल पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह क्रूर, निंदनीय और असहनीय कृत्य है। मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। हक दु तहरीक के केंद्रीय कार्यालय ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों को मृत्युदंड की सजा देने की मांग की है।

हक दु तहरीक बलोचिस्तान ने मांग की है कि गोलीबारी में शामिल अधिकारियों और इसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्हें न केवल नौकरी से बर्खास्त किया जाए, बल्कि दंडित भी किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।

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