Friday, February 13, 2026
Home Blog

ENTERTAINMENT : 10 साल बाद भी फैंस की पहली पसंद हैं ‘सनम रे’ के ये गानें, देंखे लिस्ट

फिल्म ‘सनम रे’ को रिलीज हुए अब 10 साल पूरे हो गये है. ये फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी और भले ही इसकी कहानी रोमांटिक थी. लेकिन आज लोग इसे इसके म्यूजिक के लिए ज्यादा याद करते हैं.

साल 2016 में आई फिल्म ‘सनम रे’ बर्फ से ढके खूबसूरत लोकेशन्स और पुलकित सम्राट के गहरे इमोशन्स से भरी एक रोमांटिक कहानी थी. लेकिन एक दशक बाद जब पीछे देखते हैं तो फिल्म से ज्यादा उसका म्यूजिक याद आता है. फिल्म को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं फिर भी ‘सनम रे’ का साउंडट्रैक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम रील्स, वेडिंग प्लेलिस्ट और लेट-नाइट रोमांटिक गानों में अभी भी बराबर मौजूद है. अगर कहा जाए कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसके गाने हैं तो गलत नहीं होगा क्योंकि इस म्यूजिक एल्बम में दिल टूटने का दर्द भी है और पहला प्यार का इंतजार भी.

सनम रे (टाइटल ट्रैक): हमेशा साथ निभाने वाला प्यार
फिल्म का ये गीत अब तक रोमांटिक एंथम माना जाता है. दिल को छू लेने वाली धुन और इमोशनल लिरिक्स इसे कपल्स का पसंदीदा डेडिकेशन सॉन्ग बनाती हैं. वेलेंटाइन डे पर प्यार का इजहार करने के लिए लोग आज भी इस गाने को खूब सुनते हैं.

तेरे लिए: वादों और भरोसे की धुन
ये गाना सच्चे और निस्वार्थ प्यार की भावना दिखाता है. सॉफ्ट म्यूजिक और दिल तक पहुंचने वाली आवाज ने इसे शादी और प्रपोजल वीडियोज का अहम हिस्सा बना दिया है.

तुम बिन: जुदाई का एहसास
ये गाना दूरी और अधूरेपन की कहानी बताता है. लोग इसमें अपनी खुद की कहानी देख सकते हैं. यही वजह है कि ये ट्रैक आज भी ब्रेकअप प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है.

छोटे छोटे तमाशे: मासूम प्यार की हल्की-फुल्की झलक
हर प्रेम कहानी गंभीर नहीं होती है. कुछ रिश्तों की छोटी-छोटी नोकझोंक और मासूमियत को भी दिखाती है. ‘छोटे छोटे तमाशे’ वही मजेदार पल पकड़ता है.

हुआ है आज पहली बार: पहला प्यार और मासूमियत
पहली बार प्यार में पड़ने का एहसास इस गाने में खूबसूरती से दिखाई देता है. यही वजह है कि ये ट्रैक आज भी युवाओं के बीच काफी पसंद किया जाता है.

गजब का है ये दिन: पुरानी धुन का नया अंदाज
इस गीत ने फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ की क्लासिक धुन को नए अंदाज में पेश किया है. इसमें नॉस्टेल्जिया और आधुनिकता का बेहतरीन मेल देखा जा सकता है.

क्या तुझे अब ये दिल बताए: इमोशनल और जज्बाती
एल्बम के सबसे इमोशनल गानों में से एक ये ट्रैक अनकहे प्यार और उलझे रिश्तों की कहानी बयां करता है.

एक दशक बाद भी ‘सनम रे’ का म्यूजिक ये साबित करता है कि सच्ची भावनाओं से जुड़ी धुनें कभी पुरानी नहीं होती है. समय के साथ ये और भी खास बन जाती हैं.

UP : ‘तुम स्मार्ट हो, पति को छोड़ो…’, शिकायतकर्ता महिला के प्यार में पड़े दारोगा बाबू, दी ये धमकी

0

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसने पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. यहां एक दारोगा शिकायतकर्ता महिला के ही प्यार में पड़ गया. जिससे महिला डर गई.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक दारोगा बाबू अपनी इश्कबाजी को लेकर सुर्खियों में हैं. रामनगर थाने में तैनात दारोगा बाबू एक जांच करने के मामले में पीड़ित पक्ष की महिला पर ही दिल हार बैठे. मिली जानकारी के अनुसार दारोगा अखिलेश यादव एक पारिवारिक विवाद की शिकायत की जांच करने एक घर गए थे. आरोप है कि जांच के दौरान ही वे पीड़ित महिला को दिल दे बैठे और उससे प्यार करने लगे. महिला के पति का आरोप है कि दारोगा ने उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और अनुपस्थिति में चोरी-छिपे उससे फोन पर बात करने लगा.

जब इस मामले की ऑडियो और कॉल डिटेल वायरल हुई और पति ने विरोध किया तो दारोगा ने उसे डकैती और शराब तस्करी जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी. पीड़ित पति की शिकायत पर बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. फिलहाल आरोपी दारोगा छुट्टी पर चले गए हैं और उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है.

दारोगा अखिलेश यादव की करतूतों ने ‘मित्र पुलिस’ कही जाने वाली यूपी पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस महिला के इश्क में दारोगा जी पड़े हैं, उस पीड़िता का बयान भी सामने आया है. पीड़िता ने दारोगा पर न केवल प्रताड़ना, बल्कि छेड़छाड़ और जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि दारोगा उसे अपने पति को छोड़ने और उसके साथ रहने के लिए दबाव बना रहा था.

पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि एक पारिवारिक विवाद की जांच के बहाने दारोगा अखिलेश यादव ने उसके घर में घुसपैठ की. दारोगा अक्सर उसे फोन कर 10-10 मिनट तक बात करता था और विरोध करने पर केस की जांच का हवाला देता था. महिला का आरोप है कि दारोगा उसे लालच देता था कि तुम बहुत स्मार्ट और पढ़ी-लिखी हो अपने पति को छोड़ दो मैं तुम्हारी अच्छी जगह नौकरी लगवा दूंगा. जब महिला ने मना किया तो वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा.

ASP विकास त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिली है. सीओ रामनगर जांच कर रही हैं. लेकिन प्रारंभिक जांच में अभी आरोप सिद्ध नहीं हो रहा है. अगर आगे कुछ मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी.

पीड़िता ने एक खौफनाक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार दारोगा ने उसे रास्ते में रोका और जबरदस्ती खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया. गाड़ी के भीतर दारोगा ने उसका हाथ पकड़ा और अश्लील हरकतें करने लगा. पीड़िता के अनुसार जब वह चिल्लाने लगी और आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे, तब मैं किसी तरह कार का गेट खोलकर वहां से अपनी इज्जत बचाकर भागी.

इस घटना के बाद भी दारोगा का दुस्साहस कम नहीं हुआ और वह वर्दी की धौंस दिखाकर लगातार उसके घर आता रहा. महिला ने बताया कि दारोगा की नीयत इतनी खराब है कि वह अक्सर घर में पुरुषों की अनुपस्थिति में धमक पड़ता था. एक बार जब घर पर कोई नहीं था तो वह सीधे महिला के कमरे तक चला आया. विरोध करने पर उसने बदतमीजी की लेकिन तभी महिला की छोटी ननद के आ जाने से वह बाहर भाग निकला.

पीड़िता का आरोप है कि वह दो-तीन बार स्थानीय स्तर पर शिकायत कर चुकी है लेकिन रसूखदार दारोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि मामला तूल पकड़ने पर अधिकारी ने जांच की बात कही है. दूसरी ओर दारोगा ने पीड़िता के पति को डकैती और शराब तस्करी के झूठे केस में फंसाने की भी धमकी दी है. वहीं पीड़ित परिवार ने अब पुलिस कप्तान अर्पित विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री पोर्टल का दरवाजा खटखटाया है.

Perfect Boiled Egg Method: कितनी देर तक उबालना चाहिए अंडा? जानें परफेक्ट टाइम, जिससे न हो कोई गलती

0

अंडा सेहत के फायदेमंद माना जाता है, यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इसको खाते हैं. लेकिन आपको मालूम है कि अंडे कैसे सही तरीके से उबाले जाते हैं, चलिए बताते हैं.

क्या आपको उबले अंडे पसंद हैं? ज्यादातर लोगों के लिए यह सबसे आसान और झटपट बनने वाला फूड है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोग अंडा सही तरीके से उबाल ही नहीं पाते. कोई उसे ज्यादा उबाल देता है, तो किसी का अंडा अधपका रह जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अंडा उबालने का कोई परफेक्ट तरीका सच में है?. चलिए आपको बताते हैं कि इसके लिए परफेक्ट तरीका क्या है.

देखने में अंडा उबालना बेहद आसान लगता है, लेकिन सही टेक्सचर पाना उतना आसान नहीं होता. अक्सर जर्दी सूखी और चूरा-सी हो जाती है, जबकि एग व्हाइट चिपचिपी रह जाती है. इसकी वजह यह है कि अंडे की जर्दी और सफेदी अलग-अलग तापमान पर पकती हैं और दोनों के बीच सही संतुलन बनाना मुश्किल होता है. लेकिन अब नई रिसर्च ने अंडा उबालने का एक ऐसा तरीका बताया है, जो इस पुरानी समस्या का हल दे सकता है.

अंडे के दो मुख्य हिस्से होते हैं जर्दी और सफेदी. जर्दी करीब 65 डिग्री सेल्सियस पर पकती है, जबकि सफेदी को पकने के लिए लगभग 85 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए. आमतौर पर जब अंडे को 100 डिग्री सेल्सियस पर उबाला जाता है, तो सफेदी तो ठीक से पक जाती है लेकिन जर्दी सख्त हो जाती है. वहीं, अगर कम तापमान पर पकाया जाए, तो जर्दी नरम रह जाती है और सफेदी अधपकी.

इटली की नेशनल रिसर्च काउंसिल के वैज्ञानिक पेलेग्रिनो मुस्टो की अगुआई में रिसर्च टीम ने पीरियॉडिक कुकिंग नाम का एक नया तरीका बताया है. इस तरीके में अंडे को कुल 32 मिनट तक अलग-अलग तापमान में पकाया जाता है. इस दौरान अंडे को कभी उबलते पानी 100 डिग्री सेल्सियस में रखा जाता है और कभी हल्के गुनगुने पानी करीब 30 डिग्री सेल्सियस में रखा जाता है.

इस प्रक्रिया से जर्दी का तापमान करीब 67 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहता है, जबकि सफेदी अलग-अलग तापमान से गुजरती है. नतीजा यह होता है कि जर्दी क्रीमी और मुलायम रहती है और सफेदी अच्छी तरह पक जाती है न ज्यादा सख्त, न चिपचिपी. रिसर्चर्स ने आधुनिक तकनीकों से अंडे की बनावट, स्वाद और केमिकल स्ट्रक्चर की जांच की और पाया कि यह तरीका पारंपरिक उबालने से बेहतर रिजल्ट देता है.

सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी यह तरीका फायदेमंद माना जा रहा है। रिसर्च में पाया गया कि इस तरीके से पकाए गए अंडों में पॉलीफेनॉल्स की मात्रा ज्यादा होती है. पॉलीफेनॉल्स ऐसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों की डाइट में पॉलीफेनॉल्स की मात्रा ज्यादा होती है, उनमें हार्ट रोग, कैंसर और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का जोखिम कम देखा गया है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं.

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

ENTERTAINMENT : ‘क्या शॉट था..’ धुरंधर 2 की रिलीज से पहले ‘अनुपमा’ ने देखी फिल्म? रिव्यू देते हुए कही ये बात

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. क्योंकि, ये फिल्म 19 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देने जा रही है. लेकिन, रिलीज से पहले टीवी की अनुपमा ने इसका पहला रिव्यू दे दिया है.रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर धुरंधर 2025 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े.इसी बीच अब धुरंधर 2 को लेकर जोरों-शोरों से चर्चा हो रही है और हो भी क्यों ना क्योंकि फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज जो होने जा रही है.

कुछ दिनों पहले ही मेकर्स ने इस फिल्म के टीजर को रिलीज किया था, जिसे देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट और भी ज्यादा बढ़ चुकी है. वहीं, अब टीवी की अनुपमा यानी रुपाली गांगुली ने इस फिल्म का पहला रिव्यू भी रिलीज से पहले ही दे दिया है.रुपाली के अनुसार उन्होंने फिल्म के कुछ सीन्स देखे हैं, जो उन्हें काफी पसंद आए हैं.

बता दें रुपाली गांगुली के भाई विजय गांगुली ने ही धुरंधर के गाने शरारत को कोरियोग्राफ किया था. ऐसे में अपने भाई के जरिए ही रुपाली गांगुली को धुरंधर 2 फिल्म की कुछ झलक देखने को मिल गई. रुपाली गांगुली ने इस बात का खुलासा एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में किया है.

एक्ट्रेस ने कहा,’मैंने धुरंधर को थिएटर में दो बार देखा. क्या फिल्म है और मैं दूसरे पार्ट के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं. कल ही मैंने इस फिल्म के कुछ हिस्से देख लिए हैं. विजय फिल्म के कुछ पार्ट को एटिड कर रहा था और हम वीडियो कॉल पर थे. तब वो बोल रहा था कि ये शॉट देख,वो शॉट देख.अरे सच में…क्या शॉट थे वो..मैंने कहा था कि रिवाइंड करके एक बार फिर से दिखा दे.हर एक फ्रेम कमाल का लगा मुझे.’

इंटरव्यू के दौरान रुपाली ने धुरंधर के सॉन्ग शरारत के बारे में भी बात की. एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने इस सॉन्ग को एडिटिंग के दौरान ही देख लिया था. लेकिन,उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ये गाना इतना बड़ा हिट साबित होगा. रुपाली ने कहा कि वैसे इस गाने को पहले जिसने भी सुना था सबने एक ही बात कही थी कि ये सुपर डुपर हिट होने वाला है.

NATIONAL : डमी ड्राइवर, फर्जी हलफनामा… लैंबॉर्गिनी वाले रइसजादे की करतूत छुपाने की पूरी साजिश डिकोड

0

कानपुर के लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी गुरुवार की सुबह हुई है. जिसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी.

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया कि 8 तारीख को घटना घटित होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. इसके अगले दिन, 9 तारीख को एक डमी ड्राइवर को वाहन चालक बताकर फर्जी हलफनामा तैयार किया गया. जिसे बाद में कोर्ट में भी दाखिल कर दिया गया.

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस टीम नोटिस की तामील कराने उसके पास पहुंची और उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को कानून से बचाने के लिए छिपता रहा और तरह-तरह के बहाने बनाता रहा.उसकी गिरफ्तारी 35 बीएनएस का पालन न करने पर हुई है. वहीं आरोपी की देर से गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक मामले में लगी धाराएं 7 साल से कम सजा की होने के कारण अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. बल्कि नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम उसके पास भेजी गई.

हालांकि, अभियुक्त द्वारा 35-बीएस के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते पुलिस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह 7 साल से कम सजा वाली धाराओं में भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है. पुलिस ने कोर्ट से यह मांग की है कि आरोपी को 14 दिन की न्याय हिरासत में भेजा जाए. कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में शिवम मिश्रा की तरफ से समझौते के लिए शपथ पत्र दाखिल किया गया था. वादी के वकील ने कहा कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चल रहा था.

कोर्ट में मोहन लाल का शपथ पत्र भी दिया गया था. जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों का जिक्र है. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना मामले में जितनी चर्चा दुर्घटना की है, उससे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गाड़ी कौन चला रहा है. क्योंकि वीडियो में शिवम मिश्रा कार से बाउंसर के साथ निकलते हुए देखा गया. साथ ही पुलिस भी कह रही है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. लेकिन कोर्ट में शिवम मिश्रा के एडवोकेट की तरफ से दावा किया गया था कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चल रहा था. यह दावा खुद शिवम मिश्रा के पिता केकेबमिश्रा ने भी किया था.

मोहन को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था. आज तक से बातचीत करने के दौरान डमी ड्राइवर मोहन ने बताया कि गाड़ी मैं ही चल रहा था. गाड़ी ठीक करने के लिए मैं दिल्ली से आया था. गाड़ी टेस्ट कर रहा था. बगल की सीट में शिवम मिश्रा बैठे थे. तभी वह मेरे ऊपर गिर गए. मैं कुछ समझ नहीं पाया और गाड़ी का बैलेंस खो गया.

Canada : कनाडा के स्कूल में फायरिंग करने वाली निकली 18 वर्षीय ट्रांसजेंडर महिला, पहले मां और सौतेले भाई को उतारा मौत के घाट, फिर….

0

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हुए एक दर्दनाक स्कूल शूटिंग मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. Canada School Shooting British Columbia की इस घटना में कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हमलावर भी शामिल है. 24 अन्य लोग घायल हुए हैं. यह हमला मंगलवार (10 फरवरी 2026) को टंबलर रिज नाम के छोटे से कस्बे में हुआ, जहां लगभग 2,400 लोग रहते हैं. पुलिस के अनुसार, यह हाल के वर्षों में कनाडा की सबसे बड़ी गोलीबारी की घटनाओं में से एक है.

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने हमलावर की पहचान 18 वर्षीय जेसी वैन रूटसेलार के रूप में की है. पुलिस अधिकारी ड्वेन मैकडोनाल्ड ने बताया कि हमलावर एक ट्रांसजेंडर महिला थी, जो जन्म से पुरुष थी. वह 4 साल पहले उसी हाई स्कूल से पढ़ाई छोड़ चुकी थी, जहां हमला हुआ. पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले हथियार रखने का लाइसेंस रखती थी, लेकिन वह खत्म हो चुका था. उसके घर से पहले भी हथियार जब्त किए गए थे, लेकिन बाद में वापस कर दिए गए. पुलिस ने यह भी बताया कि उसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं थीं. कई बार पुलिस को उसके घर जाना पड़ा था. प्रांतीय मानसिक स्वास्थ्य कानून के तहत उसे जांच के लिए हिरासत में भी लिया गया था.

पुलिस के अनुसार, हमलावर ने सबसे पहले अपने घर में अपनी 39 वर्षीय मां और 11 साल के सौतेले भाई की हत्या की. इसके बाद वह पास के हाई स्कूल पहुंची और वहां गोलीबारी की. स्कूल के अंदर 6 लोग मृत पाए गए. इनमें एक 39 वर्षीय महिला शिक्षक और पांच छात्र शामिल थे. तीन 12 साल की लड़कियां और दो लड़के (12 और 13 साल के) मारे गए. एक छात्र सीढ़ियों के पास मिला, जबकि बाकी लाइब्रेरी में मिले. पुलिस ने बताया कि स्कूल में मारे गए लोगों से हमलावर का कोई पारिवारिक संबंध नहीं था. अभी तक यह साफ नहीं है कि किसी को खास तौर पर निशाना बनाया गया था या नहीं. हमलावर ने बाद में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटनास्थल से एक लंबी बंदूक और एक बदली हुई पिस्तौल बरामद की गई.

पुलिस घटना के दो मिनट के अंदर स्कूल पहुंच गई थी. जब अधिकारी पहुंचे तो उनकी दिशा में भी गोली चलाई गई. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि पूरा देश टंबलर रिज के लोगों के साथ खड़ा है. सरकारी इमारतों पर 7 दिन तक झंडे आधे झुके रहेंगे. ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने इसे त्रासदी बताया और लोगों से एक-दूसरे का साथ देने की अपील की.

कनाडा में सख्त गन कंट्रोल कानून हैं और स्कूल शूटिंग की घटनाएं बहुत कम होती हैं. 2020 में नोवा स्कोटिया में 13 लोगों की हत्या के बाद सरकार ने कई नए हथियारों पर प्रतिबंध लगाया था. इस ताजा घटना के बाद फिर से बंदूक नियंत्रण कानूनों पर चर्चा तेज हो सकती है. स्कूल जिला प्रशासन ने हाई स्कूल और एलीमेंट्री स्कूल को पूरे सप्ताह के लिए बंद कर दिया है. यह घटना कनाडा के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जा रही है.

NATIONAL : सूरजकुंड मेले में अब मिलने लगा डिस्काउंट! ये चीजें पहले से सस्ती

0

सूरजकुंड मेले में अब कुछ ही दिन शेष हैं. मेले के अंतिम दिनों में कई चीजें पहले से कम दामों पर मिल रही हैं. शॉल, दुपट्टा और कपड़ों की स्टॉल पर अच्छा डिस्काउंट देखने को मिल सकता है. मेले में इस समय खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. इस मेले में देश-विदेश से लोग शामिल होते हैं. मेले में लोकगीतों की धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक कलाओं की झलक पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है.

मेले के अंतिम दिनों में यहां की रौनक और बढ़ गई है क्योंकि शिल्पकार ग्राहकों को लुभाने के लिए अपने स्टॉल्स पर अच्छे-खासे डिस्काउंट देने लगे हैं. अंतिम दिनों में शिल्पकारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए अपने स्टॉल्स पर डिस्काउंट और फिक्स रेट के बोर्ड लगा दिए हैं. मुख्य चौपाल के आसपास की दुकान में भी छूट मिल रही है. मेले में आप हाथ से बुने कपड़े, कॉटन, सिल्क और ऊन की साड़ियां और शॉल्स खरीद सकते हैं. यहां कुशन कवर, स्टोल, दुपट्टे और कपड़ों पर की गई सुंदर कढ़ाई वाले आइटम भी उपलब्ध हैं. कश्मीरी शॉल और दुपट्टे जैसी चीजें अब पहले से कम दामों पर देखने को मिल सकती हैं.

इस बार के सूरजकुंड मेले में राजस्थान का विशेष अचार और नमकीन भी लोगों का खास ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. मेले के अंतिम दिनों में खरीदारी उन लोगों के लिए फायदेमंद बन सकती है जो पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को पसंद करते हैं, क्योंकि इस समय उन्हें बेहतरीन छूट का लाभ मिल सकता है.

सूरजकुंड मेले में सामानों पर मिल रही छूट का फायदा पाने के लिए आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं. अगर आप यहां जाने के लिए मेट्रो से यात्रा करना चाहते हैं तो आप दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से बदरपुर बॉर्डर या सराय स्टेशन पर उतरकर कैब या ऑटो की मदद से मेला स्थल तक पहुंच सकते हैं.सड़क मार्ग से भी दिल्ली और आसपास के इलाकों से निजी वाहन या बस के जरिए आसानी से फरीदाबाद पहुंचा जा सकता है. आप आसानी से मेट्रो, बस या निजी वाहन का इस्तेमाल करके सूरजकुंड मेला पहुंच सकते हैं.

MAHARASHTRA : रिक्शा ड्राइवर ने 10 साल की लड़की का हाथ पकड़ दबोचा, सहेली ने आंखों में मिट्टी डाल छुड़वाया

0

महाराष्ट्र के बदलापुर में हुई बच्ची से छेड़छाड़ की घटना राज्य में चर्चा का विषय बनी थी, जिसके बाद लोगों में गुस्से की लहर दौड़ गई थी. बावजूद नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं. ताजा मामला बदलापुर से सामने आया है, यहां ट्यूशन जाने वाली एक 10 साल की नाबालिग बच्ची के साथ एक रिक्शा ड्राइवर ने हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की. इस मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, बच्ची के विरोध करने के बावजूद रिक्शा ड्राइवर उसका हाथ नहीं छोड़ रहा था. आखिरकार, सूझबूझ दिखाते हुए उसके साथ मौजूद उसकी दोस्त ने रिक्शा ड्राइवर से छुटकारा पाने के लिए रिक्शा ड्राइवर की आंखों में मिट्टी फेंकी और वहां से भाग गई. यह घटना बदलापुर पूर्व इलाके की है. घटना की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कुछ ही घंटों में आरोपी को अंबरनाथ से गिरफ्तार कर लिया. बदलापुर पूर्व पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस निरीक्षक राजेश गज्जल ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बच्चों से जुड़े अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है.

इसी बीच मुंबई के मालाड इलाके से भी एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक स्कूल के चपरासी पर पांच साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है. बताया गया कि आरोपी ने बच्ची को जान से मारने की धमकी देकर यह काम किया. जब पीड़िता के माता-पिता ने स्कूल प्रशासन से शिकायत की तो उन्हें आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.

आरोप है कि स्कूल की बदनामी से बचने के लिए स्कूल के सीईओ ने बच्ची के माता-पिता को मामला बाहर न लाने की धमकी दी. इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मालाड पुलिस ने स्कूल के 30 साल के चपरासी अनिल पांचाल और स्कूल के 65 साल के सीईओ अनंत यज्ञीक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के साथ-साथ पोक्सो अधिनियम की धारा 10, 17 और 21(2) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

BUSINESS : सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट; चांदी भरभरा कर गिरा, जानें आपके शहर में कितना सस्ता हुआ रेट

0

:गुरुवार, 12 फरवरी के कारोबारी दिन घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. आइए जानते हैं, आपके शहर का ताजा भाव…

गुरुवार, 12 फरवरी के कारोबारी दिन घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा गुरुवार को 1,58,000 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,58,755 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

12 फरवरी की सुबह करीब 10:22 बजे, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल का एक्सपायरी वाला गोल्ड 0.47 प्रतिशत या 754 रुपये की गिरावट के साथ 1,58,001 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,58,173 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. अगर आज आप इन बहुमूल्य धातुओं की खरीदारी का प्लान बना रहे हैं तो, आपको अपने शहर का ताजा भाव जरूर पता करना चाहिए….

एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 1.24 फीसदी या 3,268 रुपये की गिरावट के साथ 2,59,750 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,61,361 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,61,924 रुपये था.

दिल्ली, मंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी 2,950 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 29,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,000 रुपये चल रही है.

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,550 रुपए
22 कैरेट – 1,45,350 रुपए
18 कैरेट – 1,18,950 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,400 रुपए
22 कैरेट – 1,45,200 रुपए
18 कैरेट – 1,18,800 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,280 रुपए
22 कैरेट – 1,46,000 रुपए
18 कैरेट – 1,26,000 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,400 रुपए
22 कैरेट – 1,45,200 रुपए
18 कैरेट – 1,18,800 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,450 रुपए
22 कैरेट – 1,45,250 रुपए
18 कैरेट – 1,18,850 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,550 रुपए
22 कैरेट – 1,45,350 रुपए
18 कैरेट – 1,18,950 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,450 रुपए
22 कैरेट – 1,45,250 रुपए
18 कैरेट – 1,18,850 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,58,400 रुपए
22 कैरेट – 1,45,200 रुपए
18 कैरेट – 1,18,800 रुपए

NATIONAL : जानबूझकर किया गया था एअर इंडिया का हादसा! पायलट ने बंद किया था फ्यूल स्विच

0

एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अहमदाबाद में एअर इंडिया का क्रैश किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच को जानबूझकर बंद करने की वजह से हुआ था.

अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक ‘जानबूझकर की गई हरकत’ का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं.अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को ‘एक बड़ी कामयाबी’ बताया है.

एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ा और कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गया था. इस हादसे में कुल 260 लोग मारे गए, जिनमें पैसेंजर और मेडिकल स्टूडेंट्स के हॉस्टल के अंदर मौजूद लोग शामिल थे, जिस पर एयरक्राफ्ट गिरा था. इस हादसे में सिर्फ एक पैसेंजर की जान बच पाई थी. nt

जुलाई 2025 में भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की तरफ से जारी एक शुरुआती रिपोर्ट में एक पायलट के फ्यूल कंट्रोल बंद करने के बारे में आखिरी कॉकपिट बातचीत का ज़िक्र किया गया था. कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में, एक पायलट को यह पूछते हुए सुना गया, “तुमने (फ्यूल) क्यों बंद किया?” दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया.”

इटली के अखबार ने इस बात को दोहराया है. रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि जांच करने वालों का अब मानना ​​है कि पायलटों में से एक ने इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया था, जिससे एयरक्राफ्ट की पावर चली गई और वह ज़मीन पर गिर गया. कैप्टन सुमीत सभरवाल पायलट-इन-कमांड थे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर को-पायलट थे.

नई रिपोर्ट में आगे लिखा गया, “ज़िम्मेदारी अभी साफ़ नहीं है. मुख्य संदिग्ध कैप्टन सुमीत सभरवाल हैं, जिनके बारे में हादसे के बाद यह बात सामने आई कि वे डिप्रेशन से पीड़ित थे.”

AAIB की शुरुआती जांच के बाद सभरवाल के पिता ने आरोपों को खारिज कर दिया, नई जांच की मांग की और अपने बेटे की मेंटल हेल्थ के बारे में अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि तलाक की खबरों सहित पर्सनल मुद्दों की वजह से उन्हें एंग्जायटी या डिप्रेशन हुआ.कोरिएरे डेला सेरा के मुताबिक, फाइनल जांच रिपोर्ट में पायलटों के लगातार साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग पर सुझाव भी शामिल होने की उम्मीद है.

क्रैश के कुछ हफ़्तों बाद, कई थ्योरी सामने आईं, जिनमें टेक्निकल खराबी से लेकर इंसानी गलती तक शामिल थीं. वक्त के साथ, इन्वेस्टिगेटर का ध्यान कॉकपिट में फ्यूल कंट्रोल स्विच पर गया.ब्लैक बॉक्स डेटा के आधार पर शुरुआती टेक्निकल असेसमेंट में मैकेनिकल खराबी की बात को खारिज कर दिया गया और इसके बजाय इंजन इग्निशन और शटडाउन को रेगुलेट करने वाले स्विच के मैनुअल मूवमेंट की ओर इशारा किया गया. जांच में सामने आया था कि क्रैश के वक्त प्लेन के दोनों इंजन बंद हो गए थे.

- Advertisement -