Thursday, March 26, 2026
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UP : ‘पापा की परी भी अब डेडलिफ्ट करती है, तुम जिम कब आओगी?’ मानसी मिश्रा ने शादी नहीं, सपना चुना; वेडिंग बजट से खोला जिम

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UP की मानसी मिश्रा ने ‘पापा की परी’ की घिसी-पिटी छवि को तोड़कर एक नई इबारत लिखी है. अपनी शादी के लिए जमा किए गए लाखों रुपये को दहेज या फिजूलखर्ची में उड़ाने के बजाय, मानसी ने उसी पैसे से खुद को आत्मनिर्भर बनाया और शहर की महिलाओं के लिए एक शानदार जिम की शुरुआत की.

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की मानसी मिश्रा ने अपने पिता से अपनी शादी में होने वाला खर्च खुद के लिए मांग लिया. उन पैसों से बेटी ने महिलाओं के लिए एक जिम की शुरुआत की है. मानसी मानती हैं कि आज के समय में बेटी की शादी होने से ज्यादा जरूरी है उसका सशक्त होना. फिलहाल शादी छोड़कर अपने सपनों को प्राथमिकता देने वाली मानसी अब दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

जिम के बाहर लगे बोर्ड पर लिखा स्लोगन है- ‘पापा की परी भी अब डेडलिफ्ट करती है, तुम जिम कब आओगी?’ शहर के आनंदपुरम कॉलोनी की रहने वाली मानसी मिश्रा ने नवादा इंदेपुर में अपनी जगह पर एक जिम खोला है.

मानसी पढ़ाई कर रही थीं. पढ़ाई पूरी होते ही उनके पिता ने बेटी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा. बेटी ने पिता से कहा कि जो पैसा उन्होंने उसकी शादी के लिए जमा किया है, वही पैसा उसके पैरों पर खड़ा होने के लिए खर्च कर दें. बेटी की जिद से खुश होकर पिता ने उसके लिए महिलाओं का जिम बनाकर तैयार कर दिया.

मानसी मिश्रा पहले 100 किलोग्राम वजन की थीं, जो अब घटकर 60 किलोग्राम रह गया है. मानसी बताती हैं कि उन्होंने बहुत संघर्ष किया. उन्हें थायरॉइड भी था. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में जिम जॉइन किया और वजन कम किया. अब उनकी थायरॉइड भी कंट्रोल में है. इसके बाद ही उन्होंने फैसला लिया कि शहर में महिलाओं के लिए एक जिम खोला जाए.

अपनी आंखों में यह सपना संजोकर उन्होंने पिता से कहा कि पापा, आपकी परी अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है, बजाय शादी करने के. आज पिता ने अपनी बेटी के सपने को साकार कर दिया है.

मानसी अपने बड़े भाई और तीन बड़ी बहनों में सबसे छोटी हैं. उनका कहना है कि शादी मेरे लिए प्राथमिकता नहीं है, जितना फिटनेस और महिलाओं की मदद करना. जो खर्च बेटी की शादी में लगता है, वह मैंने कहा कि पापा आप मेरे लिए यहां लगा दें ताकि मैं कुछ पॉजिटिव चीजें कर सकूं, बजाय शादी करने के.

वहीं मानसी के जिम में जॉब करने वाली सोनी का कहना है कि मानसी मिश्रा हमारी ओनर हैं. उन्होंने हमें जॉब भी दी है और फिटनेस की ट्रेनिंग भी दी है ताकि हम और महिलाओं को फिटनेस के बारे में बता सकें. यहां ज्यादातर महिलाएं अपनी समस्या लेकर आती हैं. फिटनेस से वे अपनी समस्या खुद ही सॉल्व कर सकती हैं.

मानसी के पिता धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि शादी तो हर कोई करना चाहता है, लेकिन बेटी ने शादी नहीं की बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अपना काम कर रही है. मैं भी बेटी के साथ जिम में समय दे पाता हूं. फिलहाल शाहजहांपुर की एक बेटी ने महिला सशक्तिकरण के लिए मिसाल पेश की है.

SPORTS : पत्नी वंश‍िका संग पहली बार वृंदावन पहुंचे क्रिकेटर कुलदीप यादव, कृष्ण भक्त‍ि में हुए लीन

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भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव ने पत्नी वंशिका के साथ वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में गुपचुप दर्शन किए. मंगलवार को हुए इस दौरे में दोनों ने देहरी पर इत्र चढ़ाया और 56 भोग अर्पित किए. करीब 25 मिनट मंदिर में रहने के दौरान सुरक्षा कड़ी रही. फोटो वायरल होने के बाद बुधवार को लोगों को इसकी जानकारी मिली.

भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव ने अपनी पत्नी वंशिका के साथ वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंद‍िर में दर्शन किए. वह मंगलवार को मंदिर पहुंचे थे, लेकिन उनकी इस यात्रा की भनक किसी को नहीं लगी.दोनों ने मंदिर की देहरी (चौखट) पर इत्र लगाकर सेवा की और भगवान बांके बिहारी को 56 भोग अर्पित किए. शादी के बाद यह उनका पहला मथुरा दौरा था, जिसे उन्होंने पूरी तरह निजी रखा.

कुलदीप और उनकी पत्नी करीब 25 मिनट तक मंदिर में रहे. इस दौरान मंदिर के गार्ड्स ने उन्हें सुरक्षा घेरे में रखा, जिससे उनकी मौजूदगी आम श्रद्धालुओं की नजरों से दूर रही.इस पूरे दौरे की जानकारी बुधवार सुबह तब सामने आई, जब उनके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. इसके बाद फैन्स को पता चला कि कुलदीप यादव ने गुपचुप तरीके से वृंदावन में दर्शन किए थे.

क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी 14 मार्च को वंश‍िका चड्ढा से मसूरी के होटल सवोय में धूमधाम से शादी हुई.शादी के बाद 17 मार्च को लखनऊ में होटल सेंट्रम में हुआ. जहां क्रिकेट, राजनीति और व्यापार जगत की कई बड़ी हस्त‍ियां पहुंचीं. शादी से पहले कुलदीप यादव ने 4 जून 2025 को लखनऊ में एक निजी समारोह में वंशिका से सगाई की थी. दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं और मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं. वंशिका का पालन-पोषण कानपुर के श्याम नगर इलाके में हुआ है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में हायर एजुकेशन पूरी की और वहीं काम भी किया था.

ध्यान रहे कुलदीप यादव अब इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 में द‍िल्ली कैप‍िटल्स की टीम से खेलते हुए द‍िखेंगे. द‍िल्ली का पहला मैच लखनऊ सुपर जायंट्स से 1 अप्रैल को लखनऊ में होना है. कुलदीप की बात करें तो वो IPL में 98 मैचों में 102 व‍िकेट ले चुके हैं.

ENTERTAINMENT : ‘भाभीजी घर पर हैं’ छोटे पर्दे का धुरंधर शो, बड़े पर्दे पर क्यों हुआ फ्लॉप? कर दी बड़ी चूक

भाभीजी घर पर हैं टीवी शो की लोकप्रियता के बावजूद, इसकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. एक्टर रोहिताश गौर ने माना कि दर्शकों ने टीवी पर शो इतना पसंद किया कि वो फिल्म को बड़े पर्दे पर स्वीकार नहीं कर पाए.

‘भाभीजी घर पर हैं’ टेलीविजन का लोकप्रिय शो है. 2015 में शुरू हुआ ये शो पिछले 11 सालों से दर्शकों को एंटरटेन करता आ रहा है. शो के हर कैरेक्टर घर-घर पॉपुलर हैं. शो की लोकप्रियता देखते हुए मेकर्स ने ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर फिल्म बनाई. फिल्म से लोगों को काफी उम्मीदें थीं. अफसोस ‘भाभीजी घर पर हैं’ बॉक्स ऑफिस पर लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी.

‘भाभीजी घर पर हैं’ में मनमोहन तिवारी का रोल अदा करने वाले रोहिताश गौर ने फिल्म के खराब प्रदर्शन पर रिएक्ट किया है. जानते हैं कि मनमोहन तिवारी का क्या कहना है.

एक्टर रोहिताश गौर मंगलवार को मुंबई के इवेंट में शामिल हुए. उनसे पूछा गया कि क्या वजह रही है, जो ‘भाभीजी घर पर हैं’ बॉक्स ऑफिस पर फेल रही. जबकि सीरियल को लोगों ने इतना प्यार दिया था. इस पर उन्होंने कहा- दर्शकों ने टीवी पर इतना ‘भाभीजी घर पर हैं’ देखा है कि उनको ये रास नहीं आया कि उसको बड़े पर्दे पर उतारा जाए. उनको लगा कि ये सीरियल का ही एक्सटेंडेड वर्जन है. ऐसा मेरा मानना है. बाकी कह नहीं सकता कि उन्होंने क्या सोचा होगा. पर हां दर्शकों ने बड़े पर्दे पर फिल्म को स्वीकारा नहीं.

रोहिताश गौर के वीडियो पर टीवी फैन्स ने रिएक्ट किया है. एक ने लिखा कि बिल्कुल सही कहा, जब हम टीवी पर शो देख चुके हैं, तो पर्दे पर फिल्म क्यों देखेंगे. अन्य ने लिखा कि हमारे लिए ‘भाभीजी घर पर हैं’ एक एपिसोड नहीं, लाइफ का वो पल है जिसे हम चॉय के साथ जीते हैं. एक ने कहा कि शो टीवी पर ही सही. इसे थिएटर में कौन देखेगा.

फिल्म की बात करें, तो ‘भाभीजी घर पर हैं’ 6 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म का निर्देशन शशांक बाली ने किया है. अब आप इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर देख सकते हैं.

NATIONAL : गोवा में BJP पार्षद के बेटे ने किया नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण, सोशल मीडिया पर वायरल किए अश्लील वीडियो

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गोवा में बीजेपी पार्षद के बेटे सोहम नाइक पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप लगा है. जब मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया. जानिए क्या है पूरा मामला.

गोवा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक बीजेपी पार्षद के बेटे पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का गंभीर आरोप है. इस मामले में अब तक दो नाबालिग लड़कियां सामने आ चुकी हैं और पुलिस जांच लगातार तेज होती जा रही है. घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है.

यह मामला गोवा के कुशावती जिले के कुर्चोरेम इलाके का है, जहां पुलिस ने 20 वर्षीय सोहम नाइक को गिरफ्तार किया है. सोहम नाइक स्थानीय बीजेपी पार्षद सुषांत नाइक का बेटा बताया जा रहा है. आरोप है कि उसने नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इस मामले में दो नाबालिग लड़कियां सामने आई हैं, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और गोवा चिल्ड्रन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में भी केस दर्ज हुआ है. इन सभी कानूनों के तहत आरोपी पर बेहद गंभीर आरोप हैं, जिनमें नाबालिगों का यौन शोषण और अश्लील सामग्री का प्रसार शामिल है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है.

कुर्चोरेम पुलिस ने 22 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया था. उससे एक दिन पहले यानी 21 मार्च को इलाके में उस वक्त तनाव फैल गया, जब कुछ नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो वायरल होने की जानकारी सामने आई. इस घटना के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में थाने के बाहर जमा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया. लोगों का आरोप था कि पुलिस शुरुआत में कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रही है. हालांकि बाद में दबाव बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष देसाई के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में और पीड़ित सामने आ सकते हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है. दो नाबालिग पीड़िताओं ने कुर्चोरेम में जांच अधिकारी के सामने अपने बयान दर्ज कराए थे. इसके बाद इस केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके और सभी पहलुओं को सामने लाया जा सके.

पीटीआई के मुताबिक, शुरुआत में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में नहीं लिया था, क्योंकि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी. लेकिन जैसे ही वीडियो वायरल होने की पुष्टि हुई और लोग आक्रोशित होकर थाने के बाहर डटे रहे, पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. जनता के बढ़ते विरोध को देखते हुए पुलिस ने 22 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की शुरुआती भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

फिलहाल, इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने कितनी लड़कियों को अपना शिकार बनाया. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि वीडियो किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए. पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है और तकनीकी मदद भी ली जा रही है. इस केस ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और साइबर क्राइम को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है.

NATIONAL : ‘पीली-लाल पोटली में क्या है… जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार से सामने आए ये सीक्रेट

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ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की 48 साल बाद गिनती बुधवार को शुभ मुहूर्त में शुरू हुई. इस प्रक्रिया में RBI अधिकारियों की निगरानी में सोने, चांदी और अन्य धातुओं के आभूषणों की इन्वेंट्री तैयार की जा रही है.

ओडिशा के पुरी में मौजूद भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में क्या-क्या है, इसे लेकर 48 साल बाद गिनती शुरू हुई है. बुधवार को शुभ मुहूर्त के अनुसार इस प्रोसेस की शुरुआत हुई, जिसके बाद मंदिर के श्रीरत्न क्षेत्र में मौजूद रत्न भंडार का रहस्य सामने आने वाला है. रत्न भंडार में क्या-क्या और कितना है इसकी लिस्टिंग (इन्वेंट्री) तैयार करने का काम RBI अफसरों की निगरानी में शुरू हो चुका है.

जगन्नाथ मंदिर सनातन परंपरा के चार धामों में से एक है. वैष्णव संप्रदाय का सदियों पुराना ये मंदिर हमेशा ही अपनी अनोखी परंपराओं की वजह से चर्चा में रहा है. इसके साथ ही मंदिर के साथ जुड़ी तमाम कहानियां और इसके रहस्य भी लोगों के बीच दिलचस्पी जगाते हैं.

बुधवार को जब इंन्वेंट्री बननी शुरू हुई तो ऐसी ही एक और बात सामने आई. पीली, लाल और सफेद कपड़ों की पोटली में क्या है, इसकी भी जानकारी सामने आई है. SOP के मुताबिक पीली पोटली में सोने की वस्तुएं और आभूषण रखे जा रहे हैं. सफेद मलमली पोटली में चांदी के गहने और और लाल मखमली पोटली में अन्य धातुओं की वस्तुएं रहेंगी.

सामने आया है कि शुभ मुहूर्त दोपहर 12.09 बजे से 1.40 बजे के बीच का था. इस दौरान मंदिर की परंपराओं का पालन करते हुए आभूषणों की गिनती शुरू हुई.

इससे पहले ये गिनती साल 1978 में हुई थी. इसके 48 साल बाद अब दोबारा ये गिनती हो रही है. आखिरी बार यह सूची 13 मई से 23 जुलाई 1978 के बीच तैयार की गई थी. उस समय 128.38 किलोग्राम वजनी 454 सोने-मिश्रित वस्तुएं और 221.53 किलोग्राम वजनी 293 चांदी-मिश्रित वस्तुएं, साथ ही कई कीमती रत्न दर्ज किए गए थे. जहां 1978 की प्रक्रिया को पूरा होने में 72 दिन लगे थे, वहीं अधिकारियों का कहना है कि इस बार आधुनिक तकनीक की मदद से इसे कम समय में पूरा कर लिया जाएगा.

इस पूरी प्रोसेस के दौरान 12वीं सदी के इस मंदिर में दैनिक पूजा-पाठ पर कोई असर नहीं होगा. श्रद्धालुओं को ‘बाहरा कथा’ (मंदिर के अंदर बाहरी बैरिकेड) से दर्शन की अनुमति दी गई है, जबकि ‘भीतरा कथा’ क्षेत्र में इस दौरान एंट्री बैन रहेगी. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तैयार SOP के अनुसार ही जांच और गिनती होगी. इस SOP को राज्य सरकार की मंजूरी मिली है. इसके अनुसार इन्वेंट्री की शुरुआत रोजाना पूजा में उपयोग होने वाले आभूषणों से होगी. इसके बाद रत्न भंडार के बाहरी कक्ष और अंत में आंतरिक कक्ष को खोला जाएगा.

इन्वेंट्री के दौरान दो जेमोलॉजिस्ट (रत्न विशेषज्ञ) वस्तुओं की पहचान में सहयोग कर रहे हैं और हर वस्तु की डिजिटल फोटोग्राफी की जा रही है. सोने के आभूषणों को पीले कपड़े, चांदी के आभूषणों को सफेद कपड़े और अन्य वस्तुओं को लाल कपड़े में लपेटकर छह विशेष रूप से तैयार संदूकों में रखा जा रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में मंदिर के सेवायत, सरकारी बैंकों के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हैं.

NATIONAL : बहन संग फरार हो गई टीचर की पत्नी, 16 लाख के जेवरात भी समेट ले गई… घर में खुली पड़ी थी अलमारी

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हरियाणा के नारनौल में चौंकाने वाली घटना सामने आई. एक टीचर घर लौटा तो पत्नी गायब थी. अलमारी का लॉकर खाली मिला. कुछ ही देर में सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें पत्नी अपनी बहन के साथ मुंह ढककर स्कूटी पर फरार होती दिखी. टीचर ने घर में देखा तो उसकी पत्नी करीब 16 लाख रुपये के जेवर साथ ले गई.

हरियाणा के महेंद्रगढ़ से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक प्राइवेट स्कूल के टीचर की पत्नी करीब 16 लाख रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें महिला अपनी मौसी की बेटी के साथ स्कूटी पर जाती हुई नजर आ रही है. दोनों ने अपने चेहरे दुपट्टे से ढके हुए थे.

घटना नारनौल के केशव नगर गली नंबर 3 की है. यहां रहने वाला 31 साल का युवक निजी स्कूल में साइंस टीचर है. रोज की तरह वह दोपहर करीब 3 बजे स्कूल से घर लौटा, लेकिन घर पहुंचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसकी 30 वर्षीय पत्नी घर पर मौजूद नहीं थी. पहले तो लगा कि वह आसपास कहीं गई होगी, लेकिन जब बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला और मोबाइल स्विच ऑफ मिला, तो चिंता बढ़ गई.

युवक ने घर के अन्य सदस्यों से पूछताछ की, लेकिन मां, भाई और भाभी उस समय सो रहे थे और उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इसके बाद जब युवक घर के पूजा घर में पहुंचा, तो वहां रखी अलमारी खुली मिली. जैसे ही उन्होंने लॉकर चेक किया, वह पूरी तरह खाली था. उसमें रखे सोने के सभी जेवरात गायब थे.

युवक के मुताबिक, चोरी हुए जेवरों में बालियां, सोने की चेन, चूड़ियां, मंगलसूत्र, अंगूठी और झुमके शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 16 लाख रुपये है. यह देखकर समझ आ गया कि पत्नी जेवर लेकर घर से चली गई है. युवक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की.

सीसीटीवी फुटेज में जो सामने आया, उसने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी. फुटेज में देखा गया कि युवक की पत्नी की मौसी की बेटी सुबह करीब 11:29 बजे स्कूटी से घर आई थी. वह कुछ देर रुकने के बाद करीब 12:27 बजे चली गई. इसके बाद वह दोपहर 1:39 बजे दोबारा स्कूटी लेकर आई और महज तीन मिनट के अंदर यानी 1:42 बजे युवक की पत्नी को साथ लेकर निकल गई.

फुटेज में दिख रहा है कि दोनों महिलाओं ने अपने चेहरे दुपट्टे से ढके हुए थे और जल्दबाजी में घर से निकल रही थीं. उनके पास एक बैग भी था. इसके अलावा एक अन्य फुटेज में दोनों को गली के एक घर में जाते हुए भी देखा गया, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला.

युवक ने कहा कि उसकी शादी अगस्त 2023 में हुई थी. उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पत्नी ऐसा कदम उठा सकती है. इस घटना के बाद वह सदमे में है.वहीं, पुलिस ने युवक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और दोनों महिलाओं की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मोबाइल लोकेशन के जरिए भी उन्हें ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर इसके पीछे की असली वजह क्या है.

TECH : 28 दिन का झंझट खत्म अब पूरे 30 दिन चलेगा आपका मोबाइल रिचार्ज! सरकार का बड़ा एक्शन, टेलीकॉम कंपनियों में मची हलचल

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देश में मोबाइल रिचार्ज प्लान को लेकर लंबे समय से चल रही बहस अब सरकार के स्तर तक पहुंच गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन की वैधता वाले प्लान ज्यादा प्रमुखता से पेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है. यह कदम यूजर्स की बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया जा रहा है जिन्हें 28 दिन वाले प्लान से परेशानी हो रही है.

हाल ही में राज्यसभा में Raghav Chadha ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि मौजूदा प्लान्स में यूजर्स को रोजाना मिलने वाला डेटा अगर पूरा इस्तेमाल नहीं होता तो वह दिन खत्म होते ही खत्म हो जाता है.

उनके मुताबिक, अगर किसी को 2GB डेटा मिलता है और वह 1.5GB ही इस्तेमाल करता है तो बाकी बचा डेटा बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है. उन्होंने मांग की कि यूजर्स को बचा हुआ डेटा अगले दिन या अगले साइकिल में इस्तेमाल करने की सुविधा मिलनी चाहिए.

राघव चड्ढा ने 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान को पूरी तरह बंद करने का सुझाव भी दिया. उनका कहना है कि इससे यूजर्स को साल में ज्यादा बार रिचार्ज करना पड़ता है जिससे उनका खर्च बढ़ जाता है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रिचार्ज खत्म होने के बाद भी SMS और इनकमिंग कॉल जैसी बेसिक सेवाएं कम से कम एक साल तक चालू रहनी चाहिए. उन्होंने डिएक्टिवेशन के लिए लंबी ग्रेस पीरियड की भी वकालत की.

केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया है और टेलीकॉम कंपनियों से 30 दिन वाले प्लान को ज्यादा प्रमुखता देने को कहा है. वहीं Telecom Regulatory Authority of India पहले ही यह नियम बना चुका है कि कंपनियों को अपने प्लान्स में 30 दिन की वैधता वाला विकल्प देना जरूरी है. हालांकि, कंपनियों को अपने हिसाब से कीमत और अन्य शर्तें तय करने की आजादी भी दी गई है.

अगर सरकार की यह पहल आगे बढ़ती है, तो यूजर्स को जल्द ही ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक रिचार्ज प्लान देखने को मिल सकते हैं. 30 दिन की वैधता वाले प्लान से लोगों को हर महीने एक ही तारीख पर रिचार्ज करने की सुविधा मिलेगी और बार-बार रिचार्ज की झंझट कम होगी.

GUJARAT : शादी और विदेश भेजने का दिया झांसा, फिर की 7 लाख की ठगी, गुजरात में स्टूडेंट ने टीचर से किया रेप

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गुजरात में राजकोट के एक स्टूडेंट पर अपनी ही टीचर के साथ रेप करने का आरोप लगा है. आरोपी स्टूडेंट ने टीचर को शादी का झांसा देकर करीब ढाई साल तक उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए.गुजरात के राजकोट से एक सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्टूडेंट पर अपनी ही टीचर के साथ रेप करने का आरोप लगा है. यह मामला शहर के गांधीग्राम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. इस घटना ने इलाके में सभी को हिलाकर रख दिया है.

शिकायत के मुताबिक, आरोपी स्टूडेंट ने टीचर को शादी का झांसा देकर करीब ढाई साल तक उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए. बताया जा रहा है कि जब आरोपी 10वीं क्लास में पढ़ता था, उस समय वही टीचर उसे पढ़ाती थी. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध बनने की बात सामने आई है.

करीब 12 साल बाद आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए फिर से टीचर से संपर्क किया. उसने धीरे-धीरे शिक्षिका का विश्वास जीत लिया और शादी का वादा कर उसे अपने जाल में फंसा लिया. आरोप है कि इसी बहाने वह लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा. इतना ही नहीं, आरोपी ने शिक्षिका को विदेश में बसने के सपने भी दिखाए, जिससे वह उसके झांसे में आती रही.

मामले में यह भी आरोप है कि आरोपी युवक ने व्यापार में नुकसान का बहाना बनाकर शिक्षिका से करीब 7 लाख रुपये भी हड़प लिए. जब शिक्षिका को आरोपी की सच्चाई का एहसास हुआ, तब उसने गांधीग्राम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस घटना ने इलाके में सभी को चौंका दिया है.

NATIONAL : ‘नो चप्पल’ के नियम ने ली स्टूडेंट की जान! वाटर कूलर से लगा करंट, नंगे पैर था, लगा जोर का झटका

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पुणे के कृषि महाविद्यालय में वाटर कूलर से करंट लगने से 23 साल के छात्र चैतन्य चव्हाण की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

महाराष्ट्र के पुणे स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय (CoA) में एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के छात्र की जान चली गई. मृतक की पहचान चैतन्य पुंडलिक चव्हाण के रूप में हुई है, जो बीड जिले के आष्टी का रहने वाला था और कॉलेज में एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (एमबीए) पहले साल का छात्र था. इस घटना ने पूरे महाविद्यालय परिसर को शोक में डुबो दिया है और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च की रात खाना खाने के बाद चैतन्य मेस में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गया था. उसके दोस्त अक्षय सूर्यवंशी के मुताबिक, वाटर कूलर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, इसलिए चैतन्य ने उसकी पिन सॉकेट में दोबारा लगाई. जैसे ही उसने पानी का नल छुआ, उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और वह वहीं चिपक गया. मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बिजली का प्रवाह जारी था. बाद में बिजली सप्लाई बंद करने पर वह नीचे गिर गया और बेहोश हो गया.

छात्रों का कहना है कि मेस में चप्पल पहनकर जाने की मनाही है, जिसके चलते चैतन्य नंगे पैर था. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसे करंट का झटका ज्यादा तीव्रता से लगा. घटना के तुरंत बाद चैतन्य को इलाज के लिए पुणे के जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. हालांकि, करंट लगने से उसके मस्तिष्क को गंभीर चोट (हाइपॉक्सिक ब्रेन इंसल्ट) पहुंची थी, जिसके कारण इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय, राहुरी के कुलसचिव राजेंद्रकुमार पाटिल ने सभी कृषि महाविद्यालयों में सेफ्टी ऑडिट (विद्युत, अग्नि और संरचनात्मक) कराने के आदेश दिए हैं. वहीं, शिवाजीनगर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है.पुणे के कृषि महाविद्यालय में वाटर कूलर से करंट लगने से 23 साल के छात्र चैतन्य चव्हाण की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

महाराष्ट्र के पुणे स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय (CoA) में एक दर्दनाक हादसे में 23 साल के छात्र की जान चली गई. मृतक की पहचान चैतन्य पुंडलिक चव्हाण के रूप में हुई है, जो बीड जिले के आष्टी का रहने वाला था और कॉलेज में एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (एमबीए) पहले साल का छात्र था. इस घटना ने पूरे महाविद्यालय परिसर को शोक में डुबो दिया है और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, 14 मार्च की रात खाना खाने के बाद चैतन्य मेस में पानी पीने के लिए वाटर कूलर के पास गया था. उसके दोस्त अक्षय सूर्यवंशी के मुताबिक, वाटर कूलर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, इसलिए चैतन्य ने उसकी पिन सॉकेट में दोबारा लगाई. जैसे ही उसने पानी का नल छुआ, उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और वह वहीं चिपक गया. मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बिजली का प्रवाह जारी था. बाद में बिजली सप्लाई बंद करने पर वह नीचे गिर गया और बेहोश हो गया.

छात्रों का कहना है कि मेस में चप्पल पहनकर जाने की मनाही है, जिसके चलते चैतन्य नंगे पैर था. आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण उसे करंट का झटका ज्यादा तीव्रता से लगा. घटना के तुरंत बाद चैतन्य को इलाज के लिए पुणे के जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. हालांकि, करंट लगने से उसके मस्तिष्क को गंभीर चोट (हाइपॉक्सिक ब्रेन इंसल्ट) पहुंची थी, जिसके कारण इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय, राहुरी के कुलसचिव राजेंद्रकुमार पाटिल ने सभी कृषि महाविद्यालयों में सेफ्टी ऑडिट (विद्युत, अग्नि और संरचनात्मक) कराने के आदेश दिए हैं. वहीं, शिवाजीनगर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है.

MAHARASHTRA : नशीली दवाएं, शोषण, ब्लैकमेलिंग… ‘भोंदू बाबा’ के भक्तों की लाइन में थे एक से एक VIP, चौंका देगी काली करतूत

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महाराष्ट्र के भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर महिलाओं का शोषण, ब्लैकमेलिंग और ठगी का बड़ा जाल फैलाने वाले इस बाबा की करतूतें हैरान करने वाली हैं. जानें, हाईप्रोफाइल कनेक्शन वाले इस ढ़ोंगी का काला सच.

जिस बाबा के पास मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद, IAS, IPS अफसर तक अपना भविष्य जानने पहुंचत हों वो बाबा कितना पावरफुल होगा. जिस बाबा के पास खुद पुलिस ये पूछने के लिए जाती हो कि ये फलाना केस कब सुलझेगा, भागा हुआ चोर कब और कैसे हाथ आएगा? वो बाबा कितना ताकतवर होगा. बस इसी ताकत के बल पर उस बाबा ने बड़े बड़े घरानों की महिलाओं की आबरू लूटना शुरू कर दी. वो उन महिलाओं को ब्लैकमेल करने लगा. ये हमारे देश का नया और सबसे ताजा ढ़ोंगी बाबा है. नाम है भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात.

अघोरियों की दुनिया शुरू से तिलस्मी रही है. उनकी इसी रहस्यमयी दुनिया और इसे लेकर लोगों के मन में मौजूद डर ने नासिक के सबसे हाईप्रोफाइल भोंदू बाबा उर्फ अशोक खरात को सबसे बड़ा हथियार दे दिया था. खरात जब भी किसी महिला को अपने शिकंजे में लेता और उससे ज्यादती करता, उससे पहले तंत्र-मंत्र और अघोरी क्रियाओं के नाम पर उसे इतना डरा देता कि फिर किसी भी महिला में उसकी उल-जुलूल हरकतों का विरोध करने की हिम्मत ही नहीं बचती.

नकली अंकशास्त्री और ज्योतिषाचार्य भोंदू बाबा ने दुष्कर्म और ठगी का सारा जाल इसी डर के इर्द-गिर्द बुना था. उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे लेकर चलती पुलिस की जांच में अब जो बातें सामने आ रही हैं, उसने खुद पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस को पता चला है कि उसने अपने कनाडा कॉलोनी वाले मकान में मौजूद ऑफिस का ओवरऑल एंबिएंस ही ऐसा बना रखा था कि उसके अंदर जाते ही लोग चकरा जाते थे. ऑफिस में प्लास्टिक के बने नकली सांप, बाघ के चमड़ेनुमा कपड़े का आसन और तरह-तरह के सीक्रेट प्रॉप्स यानी साजो-सामान थे, जिनकी मदद से वो लोगों को डराया करता था.

खरात के हथकंडों में एक हथकंडा आत्मा की आवाज का भी था. उसने अपने दफ्तर में आईफोन में आने वाली रेस्पॉन्सिव एप्प सीरी सरीखे किसी दूसरे एप्लिकेशन के साथ एक डिवाइस भी छुपा रखी थी. जब भी उसके दफ्तर में कोई क्लाइंट या महिला अपनी परेशानी लेकर आती, तो खरात चिल्ला-चिला कर उनसे बातें करता, जिससे दफ्तर में छुपाए गए रिस्पॉन्सिव एप्प से आवाज आती. खरात इसे दफ्तर में मौजूद पवित्र आत्मा की आवाज बता कर लोगों प्रभाव में ले लेता था. ऑफिस में आत्मा के होने की बात जानकर लोग अक्सर उससे डर जाया करते थे. खरात इसी डर का फायदा उठा कर लोगों से मनमानी रकम वसूलता और महिलाओं का रेप करता था.

खरात के खिलाफ पहले एक महिला ने दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई थी और अब दो और महिलाओं ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए दो और मामले दर्ज करवाए हैं. इनमें एक तो खुद उसके यहां काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी की पत्नी का केस है. यानी खरात ने अजनबियों को छोड़िए, खुद अपने एंप्लाई और उसकी बीवी तक को नहीं छोड़ा.

खरात के इस पूर्व कर्मी ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया है कि वो अपने धंधे में हो रहे नुकसान के बाद 2019 में खरात से पहली बार मिला था. जिसके बाद खरात ने उसे अपने दफ्तर में नौकरी दे दी. एक बार वो अपनी समस्याओं को लेकर अपनी पत्नी के साथ खरात से मिलने पहुंचा. जहां खरात ने नजर बचा कर उसकी पत्नी के साथ ये कहते हुए छेड़छाड़ की कि ऐसा करने से उन्हें स्वस्थ बच्चा होगा.

इसके बाद खरात के इस पूर्व कर्मी ने उसके दफ्तर में एक खुफिया सीसीटीवी कैमरा लगा दिया, ताकि उसके खिलाफ सबूत जुटाए जा सकें और यहीं से उसकी करतूतों का खुलासा हुआ. खरात कैमरे में महिलाओं को नशीली ड्रिंक पिला कर उनके साथ ज्यादती करता कैद हुआ. खास बात ये रही कि ऐसा करने से पहले खरात अक्सर अघोरी क्रियाओं का हवाला देता और नशीली दवा मिली हुई ड्रिंक महिलाओं को पिला देता, ताकि वो उनके साथ मनमानी कर सके.

दरअसल, अशोक खरात मार्केट में देश के सबसे नया बाबा है. सिर्फ नया ही नहीं बल्कि हाल के वक्त के सबसे पावरफुल बाबा भी. इतना पावरफुल कि खुद इनके राज्य यानि महाराष्ट्र की महिला आयोग की चेयरपर्सन अपने हाथों से इनके दोनों पांव धुलवाए. अब जरा सोचिए जब बाबा कुछ राजा जैसे अंदाज में कुर्सी पर बैठा हो और जमीन पर बैठकर एक राज्य की सबसे पावरफुल लेडी यानि महिला आयोग की चेयरपर्सन बाबा के पाव परात में रखकर अपने हाथों से धो रही हो तो फिर राज्य में ऐसे बाबा की क्या ठसक होगी.

महाराष्ट्र महिला आयोग की चेयरपर्सन का नाम है रूपाली चाकणकर. तस्वीरों में बाबा के पांव धोते नजर आती महिला के अंदाज से साफ पता चलता है कि ये भी बाबा की भक्त हैं. पर सिर्फ भक्त ही नहीं हैं बल्कि बाबा के ट्रस्ट की ट्रस्टी होने के अलावा बाबा के कुछ धंधों में उनकी पार्टनर भी हैं. अब आप कहेंगे कि किसी बाबा का भक्त या पार्टनर होने में क्या बुराई है. तो साहब वैसे तो कोई बुराई नहीं है.

लेकिन अगर बाबा, बाबा के भेष में एक भेड़िया हो. जो अपनी महिला भक्तों को नोचता-खसोटता हो. उनकी मजबूरी और विश्वास का फायदा उठाकर उनकी आबरू लूटता हो और फिर उसी राज्य की महिलाओं की हिफाजत करने वाले महिला आयोग की अध्यक्ष उसकी इतनी करीबी हो, तो फिर अंदाजा लगाइए कितनी मासूम महिलाएं सिर्फ इस एक वजह से इस बाबा के झांसे में आई होंगी.

महिला आयोग की चेयरपर्सन तो सिर्फ एक बानगी है. वरना पहुंचे हुए इस बाबा की पहुंच कहां तक है अगर आपको नाम गिनाना शुरु कर दूं तो शायद आपको भी यकीन ना आए. क्या आईएएस, क्या आईपीएएस, क्या नेता, क्या पार्षद, विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और उनकी पत्नियां या बेटियां. सभी की हाथों की रेखाएं बाबा ने पढ़ रखी है. और तो और दिल्ली में बैठे एक बेहद ताकतवर मंत्री की पत्नी तक इन बाबा की भक्त है.

इस पावरफुल बाबा का नाम है अशोक कुमार ए खरात. मगर इसके चेहरे के पीछे का सबसे घिनौना सच बस अभी अभी बाहर आया है. सच ये कि हाथों की लकीरों या डेट ऑफ बर्थ जानकर बड़े बड़े लोगों के भविष्य बताने वाले इन बाबा ने ना जाने कितनी ही महिलाओं को जबरन और फिर ब्लैकमेल कर अपनी हवस का शिकार बनाया है. कुल गिनती का तो अभी पता नहीं लेकिन पुलिस के हाथ 58 ऐसे वीडियो लग चुके हैं, जिनमें अलग-अलग महिलाओं के साथ बाबा पूरे अश्लील अंदाज में नजर आ रहा है.

हालांकि वो 58 अश्लील वीडियो एक पेनड्राइव में इस वक्त पुलिस के पास हैं. लेकिन एक वीडियो तो लीक भी हो चुका है. बाकायदा सोशल मीडिया पर तैर भी रहा है. मर्यादा के तहत वीडियो में मौजूद महिला की असलियत हम आपको नहीं बता सकते हैं. पर ये वीडियो नासिक में मौजूद अशोक कुमार खरात के दफ्तर का है. बस इस एक वीडियो के जरिए बाकी वीडियो के भंडार और उसके सच का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं.

इतने बड़े बड़े और ताकतवर लोगों के परिवार की महिलाओं को एक बाबा इतनी आसानी से कैसे मजबूर कर उन्हें अपनी हवस का शिकार बना लिया. इसे जानने के लिए बाबा की पूरी जिंदगी में झांकना बहुत जरूरी है. तो कहानी की शुरुआत बाबा के अंत की कहानी से. बात पिछले साल दिसंबर की है. अशोक खऱात के नासिक में मौजूद दफ्तर के एक कर्मचारी जिसका नाम निलेश जाधव है, उसने एक महिला को व्ह्टसऐप पर एक अश्लील तस्वीर भेजी. तस्वीर उसी महिला की थी. जाधव ने उसे धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वो इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा.

महिला को शुरु में लगा कि कोई AI की मदद से उसकी फेक तस्वीर उसे भेज रहा है. लेकिन तभी एक रोज नासिक में ही एक मंदिर के करीब एक शख्स उस महिला से टकराता है और उसे अपने मोबाइल में एक वीडियो दिखाता है. वो वीडियो उसी महिला का था. महिला घबरा जाती है. घर लौटने के बाद वो तय करती है कि इसकी शिकायत पुलिस में करेगी. इसी के बाद वो थाने पहुंचती है और नीलेश जाधव के खिलाफ रिपोर्ट लिखा देती है. हालांकि इस रिपोर्ट में कहीं अशोक खरात का नाम नहीं था.

FIR लिखने के बाद पुलिस नीलेश जाधव को गिरफ्तार कर लेती है. पहली बार नीलेश जाधव से इस रैकेट का पता चलता है. क्योंकि नीलेश के मोबाइल से और भी बहुत सारी महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलते हैं. नीलेश के बयान के बाद अब भी अशोक खरात पुलिस की रडार से दूर था. पर चूंकि नीलेश खरात के दफ्तर में काम करता था, लिहाजा पुलिस खानापूर्ति के लिए खरात से भी पूछताछ करती है.

इस पूछताछ में अशोक खरात एक नई कहानी सुनाता है. वो पुलिस को बताता है कि मुंबई और उसके करीब के दो बिजनेसमैन कुछ महिलाओं के साथ खुद उसका अश्लील वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं. दोनों उससे 5 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं. बाबा खरात का बयान लेकर पुलिस बैरंग लौट जाती है. असल में कुद नासिक पुलिस भी बाबा की भक्त थी. ऐसे कई किस्से हुए जब पुलिस किसी केस को सुलझा नहीं पाई या चोर को पकड़ नहीं पाई तो खुद पुलिस बाबा के दरबार में पहुंच जाती. फिर बाबा एफआईआर नंबर और पुलिसवालों की डेट ऑफ बर्थ पूछने के बाद ये बताता कि चोर कब पकड़ा जाएगा और केस कब सुलझेगा.

खरात के बयान के बाद अब पुलिस खुद खरात को छोड़कर उन दो बिजनेसमैन को ढूंढने में लग गई. लेकिन इसी बीच बाबा की बदकिस्मती का एक और दौर शुरु हो चुका था. पुलिस अभी मामले की जांच ही कर रही थी कि तभी अचानक एक दूसरी महिला खुद अशोक खरात के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंच जाती है. इस महिला की शिकायत बेहद गंभीर थी. महिला ने अपनी शिकायत में ये कहा कि वो अपने और परिवार के भविष्य के बारे में जानने के लिए खरात के पास पहुंची थी. कुछ मुलाकातों के बाद खरात ने नशीला खाना और पानी पिलाकर उसके साथ जबरदस्ती की. इस दौरान उसने उसकी तस्वीरें भी उतार लीं. फिर वो ब्लैकमेल करने लगा. इसके बाद उसने अनगिनत बार उसका यौन शोषण किया.

इसी महिला की शिकायत के बाद अब लगा कि मामला बड़ा है. लेकिन बाबा भी कब छोटा था. मुंबई में आला पुलिस अफसरों को आगे की कार्रवाई के लिए मीटिंग करनी पड़ी. क्योंकि खुद पुलिस को पता था कि बाबा के भक्तों की लिस्ट में उनके पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से लेकर तमाम छोटे बड़े नेता आईएएस अफसर और खुद पुलिस डिपार्टमेंट के बड़े बड़े आला अफसर तक शामिल थे.

लेकिन जो तस्वीरें अब तक पुलिस के हाथ लगी थीं, उन्हें देखकर पहली नजर में ही ये अंदाजा हो चुका था कि बाबा की शिकार महिलाएं भी कोई आम महिलाएं नहीं है बल्कि सभी ऊंचे घरानों और ताकतवर लोगों की बीवी या बेटियां हैं. ये वो महिलाएं थी जो अपने या अपने परिवार का भविष्य जानने के लिए बाबा के दर पर पहुंचती थीं. मामला बड़ा था लिहाजा, महाराष्ट्र पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए फौरन एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम यानि एसआईटी बनाने का फैसला किया.

अब आप सोच रहे होंगे कि मर्चेंट नेवी का एक कैप्टन अचानक लोगों की तकदीर कैसे बताने लगा. महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से वो नासिक कैसे पहुंचा. देखते ही देखते कई सौ करोड़ का मालिक कैसे बन बैठा और इनमें सबसे बड़ा सवाल ये कि पढ़ी लिखी महिलाएं, पढ़े लिखे अफसरों और नेताओं की बीवी और बेटियां इसके झांसे में कैसे आईं. तो इसके लिए अशोक खरात उर्फ कैप्टन उर्फ मार्केट में आए इस नए सबसे और ताकतवर बाबा की पूरी कुंडली में झांकना जरूरी है.

मर्चेंट नेवी के एक कैप्टन से बाबागीरी की दुकान शुरु करने के पीछे की एक लंबी कहानी है. जब तक अशोक खरात मर्चेंट नेवी में रहा खुद को कैप्टन कहता था. पर जैसे ही मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी उसी वक्त वो बाबा के अवतार में आ गया. उसका दावा था कि वो महादेव का अवतार है. खुद महादेव उसके पास आते हैं और वही उसके पास आने वाले भक्तों का भविष्य उसे बताते हैं जो वो उन्हीं भक्तों को बता देता है. अशोक खरात की बाबागीरी वाली ये दुकान पिछले 20 साल से चल रही थी.

लेकिन मशहूर वो तब हुआ जब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपना भविष्य जानने उसके पास पहुंचे. फिर तो नेताओं और अफसरों की लाइन ही लग गई. अब डर इस बात का है कि इतने लंबे बरसों तक बाबा के भेष में ये हैवान ना जाने कितनों की तकदीर बता चुका है और कितनों की तकदीर बिगाड़ चुका है.

अब 17 मार्च को एसआईटी का गठन हुआ है और 18 मार्च की रात खत्म होने से पहले पहले एसआईटी की एक भारी भरकम टीम नासिक में मौजूद बाबा के घर पर धावा बोलती है और उसे गिरफ्तार करती है. गिरफ्तारी के बाद 18 मार्च की सुबह अशोक खरात को अदालत में पेश किया जाता है जहां से उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया जाता है. खरात की गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली जाती है तो पुलिस भी हैरान रह जाती है. पेनड्राइव और मोबाइल से पुलिस को कुल 58 ऐसे वीडियो मिलते हैं जिनमें अलग अलग महिलाओं की खरात के साथ अश्लील तस्वीरें कैद थीं. फिलहाल, खुद एसआईटी को भी पता नहीं कि ये गिनती 58 तक ही है या जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी अश्लील वीडियो की गिनती भी बढ़ती जाएगाी.

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