Sunday, August 16, 2026
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NATIONAL : CJP महाराष्ट्र में हिंगोली गांव से शुरू करेगी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, आज से राष्ट्रव्यापी पहल की होगी शुरूआत

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने संस्थापक अभिजीत दीपके के गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ जवाबदेही तय करना है।

पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने संस्थापक अभिजीत दीपके के गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ जवाबदेही तय करना है।

इस संबंध में शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत सुबह साढ़े सात बजे संतुक पिंपरी गांव से होगी। दिल्ली से लौटने के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि मैं अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करूंग;वहां के सरपंच से स्थानीय सरकारी विद्यालय की मरम्मत करने तथा यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करूंगा कि स्कूल में बेंच और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों।

हमने ऐसी कई टीम बनाई हैं जो गांवों में जाएंगी और वहां के लोगों और सरपंचों से स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने का अनुरोध करेंगी, क्योंकि हम यह काम सभी की भागीदारी से पूरा करना चाहते हैं।

सीजेपी ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से अनुरोध किया, आप अपने बच्चों के स्कूल जाएं और देखें कि क्या बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। देखें कि क्या बिजली है, पानी है। क्या आपके बच्चों को शौचालय की सुविधाएं मिलती हैं? यदि सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो वीडियो रिकार्ड करें।

इसके साथ ही सीजेपी ने यह भी कहा कि जल्द ही एक प्रिंट करने योग्य ऑडिट फार्म जारी किया जाएगा, जिसके जरिये नागरिक अपने बच्चों के स्कूलों में मौजूद और नदारद सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह फार्म सीजेपी के आधिकारिक इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर अभियान वीडियो लिंक के माध्यम से साझा किया जाएगा।

NATIONAL : जेपी नड्डा AIIMS में भर्ती, राहुल गांधी ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना; जानें स्वास्थ्य मंत्री की अब कैसी है तबीयत

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की 13 अगस्त को अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनका स्वास्थ्य स्थिर है। जेपी नड्डा के अस्वस्थ होने पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अस्वस्थ होने और एम्स में भर्ती होने का समाचार मिला। उनके सफलतापूर्ण उपचार और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’

बेचैनी की वजह से अस्पताल में कराए गए थे भर्ती
डॉ (प्रोफेसर ) रीमा दादा के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी की वजह से भर्ती कराया गया था। इसके बाद 13 अगस्त की शाम को कोरोनरी एंजियोग्राफी से संबंधित मेडिकल टेस्ट किया गया। हालांकि, अभी उनका स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें अभी कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान में केंद्रीय मंत्री नड्डा के बेचैनी के पीछे की वजह या एंजियोग्राफी टेस्ट में क्या कुछ सामने आया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

कराया गया कोरोनरी एंजियोग्राफी टेस्ट
जेपी नड्डा को गुरुवार शाम को दिल्ली के एम्स स्थित अस्पताल में बेचैनी की वजह से भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, जेपी नड्डा का कोरोनरी एंजियोग्राफी से संबंधित मेडिकल टेस्ट भी किया गया।

एम्स के मुताबिक, जेपी नड्डा का स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से नड्डा के एंजियोग्राफी के नतीजे या खास डायग्नोसिस के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई है।

जेपी नड्डा के पास कई मंत्रालय
जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी संभालते हैं। वो हाल के कुछ हफ्तों में काफी व्यस्त रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई बैठकों की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चलाए जा रहे परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

कोरोनरी एंजियोग्राफी दिल की जांच करने वाला एक टेस्ट है, जिसका इस्तेमाल उन रक्त वाहिकाओं को देखने के लिए किया जाता है जो दिल तक खून पहुंचाती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर एक पतले कैथेटर के जरिए कोरोनरी धमनियों में एक खास कंट्रास्ट डाई डालते हैं; यह कैथेटर आमतौर पर कलाई या जांघ के पास की धमनी से डाला जाता है।

इसके बाद, एक्स-रे इमेजिंग से डॉक्टर यह देख पाते हैं कि धमनियां सिकुड़ गई हैं या उनमें रुकावट है। यह टेस्ट डॉक्टरों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय की धमनियों की बीमारी) का पता लगाने और यह तय करने में मदद कर सकता है कि आगे इलाज की जरूरत है या नहीं, जैसे कि दवाएं, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग।

BUSINESS : टाटा को मिला ₹1,577 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, सेना के लिए खरीदे जाएंगे 840 वन-वे अटैक ड्रोन

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भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं. इस डील के तहत इंडियन आर्मी के लिए 840 स्वदेशी वन-वे अटैक ड्रोन खरीदे जाएंगे. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों को दूर से निशाना बनाने में सेना की मदद करेंगे.

टाटा और निबे को मिला 1,577 करोड़ रुपये का ऑर्डर
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय सेना के लिए लोइटर मुनिशन सिस्टम, मुनिशन और दूसरी जरूरी एक्सेसरीज खरीदी जाएंगी. इनकी कुल लागत करीब 1,577 करोड़ रुपये है. यह डील रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में नई दिल्ली में किया गया. इस डील के जरिए सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

840 वन-वे अटैक ड्रोन की होगी खरीद
इस डील के तहत भारतीय सेना को कुल 840 लॉन्ग-रेंज वन-वे अटैक ड्रोन मिलेंगे. इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये 100 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक जाकर टारगेट पर हमला कर सकते हैं.इनका इस्तेमाल दुश्मन के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है, जो सीमा के काफी अंदर मौजूद हों. सेना इन ड्रोन का इस्तेमाल खास तौर पर दुश्मन की आर्टिलरी पोजीशन पर हमला करने के लिए कर सकती है.

12 महीने में सेना को मिलेंगे ड्रोन
यह भारतीय सेना के लिए फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत वन-वे अटैक ड्रोन की पहली बड़ी खरीद है. इस प्रक्रिया का मकसद हथियारों की खरीद में ज्यादा समय न लगाना है.डील के मुताबिक अगले 12 महीनों के भीतर सेना को ये ड्रोन मिलने हैं. फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया में करार होने के बाद कंपनियों को करीब छह महीने के भीतर आपूर्ति शुरू करने की क्षमता रखनी होती है.

टाटा को मिला बड़ा हिस्सा, निबे भी करेगी सप्लाई
इस 1,577 करोड़ रुपये की डील को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे के बीच बांटा गया है. इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स करीब 64 फीसदी ऑर्डर की सप्लाई करेगी, जबकि बाकी हिस्सा निबे डिफेंस को मिलेगा.

ट्रायल और तकनीकी जांच के बाद जब व्यावसायिक बोली खोली गई, तो टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही. इसके बाद निबे डिफेंस का नंबर आया.

जामिंग और स्पूफिंग में भी काम करेंगे ड्रोन
इन ड्रोन को ऐसे माहौल में काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां दुश्मन जामिंग और स्पूफिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर सकता है. यानी दुश्मन अगर ड्रोन के संचार या दिशा को प्रभावित करने की कोशिश करे, तब भी ये सिस्टम काम कर सकें.इनकी टेस्टिंग भी काफी मुश्किल परिस्थितियों में की गई. परीक्षण के दौरान टेकऑफ के समय से ही जामिंग वाले माहौल में ड्रोन की क्षमता को परखा गया.

रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष तक दिखा असर
वन-वे अटैक ड्रोन यानी लोइटरिंग मुनिशन आज के जमाने की जंग का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट की लड़ाई में दुनिया देख चुकी है कि ये ड्रोन कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं.बदलते वक्त के साथ भारत भी अपनी सेना को इन आधुनिक हथियारों से मजबूत कर रहा है.ये ड्रोन काफी कम खर्च में तैयार हो जाते हैं.इन्हें ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए जामिंग और स्पूफिंग से बचने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह खरीद ‘बाय इंडियन’ कैटेगरी के तहत की जा रही है. इससे देश में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी.सरकार इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम मान रही है. यानी सेना की जरूरत के लिए ऐसे आधुनिक हथियार देश में ही तैयार करने पर जोर बढ़ रहा है.

1,500 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाले ड्रोन पर भी काम
सेना के लिए वन-वे अटैक ड्रोन की खरीद का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता. ऐसे कई और बड़े ऑर्डर भी प्रक्रिया में हैं. इनमें ऐसे सिस्टम शामिल हैं जो 1,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट पर हमला करने में सक्षम होंगे. इस तरह 1,577 करोड़ रुपये की यह डील भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ देश की स्वदेशी रक्षा मैन्युफैक्चरिंग को भी बड़ा बढ़ावा देगी.

NATIONAL : छात्रों की गूंज: अब तक तीन पड़ाव पूरे, पुणे में चौथा: 22 अगस्त को कार्यक्रम में होंगे शामिल राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ महिलाओं से संबंधित विषयों पर भी अपनी बात रखेंगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के चौथे चरण में शामिल होंगे। कोटा से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक देहरादून और प्रयागराज में कार्यक्रम हो चुके हैं। पुणे में राहुल गांधी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

कोटा से हुई थी अभियान की शुरुआत
राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से 17 जून को राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान के दूसरे और तीसरे चरण को क्रमशः 17 जुलाई और 8 अगस्त को देहरादून तथा प्रयागराज में आयोजित किया गया था। इन कार्यक्रमों में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

पुणे में होगा अभियान का चौथा चरण
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का चौथा चरण 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी मौजूद रहेंगे और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

अभियान के जरिए छात्रों की आवाज उठाने की कोशिश
कांग्रेस का यह अभियान शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पुणे में होने वाले कार्यक्रम के जरिए भी छात्रों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

NATIONAL : अमित शाह पर बयान देकर फिर फंसे राहुल गांधी, लोकसभा सचिवालय ने नोटिस भेजकर मांगा जवाब

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लोकसभा सचिवालय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 28 अगस्त तक जवाब मांगा है।यह जवाब सदन में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान शाह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के नोटिसों के संबंध में मांगा गया है।

राहुल को शाह पर टिप्पणी के लिए नोटिस
14 अगस्त के एक पत्र में संयुक्त सचिव एच राम प्रकाश ने कहा कि ये नोटिस भाजपा सांसदों अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल की ओर से दिए गए थे।

ठाकुर ने 30 जुलाई को भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने नियम 353 के तहत पहले से नोटिस दिए बिना चर्चा के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर आरोप लगाए।

जबकि 29 जुलाई को संजय जायसवाल ने एक अलग पत्र में गांधी द्वारा असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का संज्ञान लेने और प्रक्रिया नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने की मांग की।

लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को भेजे नोटिस में कहा है कि वह मामले में 28 अगस्त तक अपना जवाब या टिप्पणी माननीय लोकसभा अध्यक्ष के विचार के लिए भेजें।

भाजपा सांसदों ने की शिकायत
जायसवाल ने अपने नोटिस में कहा, ‘संसदीय लोकतंत्र में सरकारी नीति की कड़ी आलोचना एक वैध और आवश्यक विशेषता है, लेकिन सदन की कार्यवाही के दौरान व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक, मानहानि करने वाली या असंसदीय भाषा के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जा सकती।’

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उन्होंने आग्रह किया कि अगर कोई भी अभिव्यक्ति असंसदीय, अपमानजनक या सदन के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन करने वाली पाई जाए तो उसे नियम 380 के तहत कार्यवाही से हटा दिया जाए।

जायसवाल ने यह भी मांग की है कि अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी को एक सांसद के रूप में अपेक्षित गरिमा, संयम और शिष्टाचार को बनाए रखने को लेकर आगाह किया जाना चाहिए।

NATIONAL : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या: राजनाथ सिंह का सैनिकों को संदेश, सेना के खिलाड़ियों से भी की मुलाकात

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सैन्य आत्मनिर्भरता और घरेलू रक्षा उद्योग की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो 2014 के मुकाबले करीब चार गुना अधिक है। उन्होंने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे, पूर्व सैनिकों के कल्याण और महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। सेना के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी उन्होंने सराहना की।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिकों को संदेश देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पिछले 12 वर्षों में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में सामने आया है। हमारे प्रयासों ने रक्षा उत्पादन को नई दिशा दी है। हमने आयात पर अपनी निर्भरता कम की है और घरेलू उत्पादन को अभूतपूर्व गति दी है। आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।

घरेलू रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने कहा, “2014 तक हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन महज 46,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1,78,000 करोड़ रुपये हो गया। दूसरे शब्दों में, पिछले एक दशक में हमारे घरेलू रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले एक दशक में हुए संरचनात्मक बदलावों का प्रमाण है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की हिस्सेदारी करीब 76 प्रतिशत रही। वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 22 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी बताती है कि रक्षा क्षेत्र में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हो रहा है।

भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि सैन्य आधुनिकीकरण के तहत बड़ी संख्या में नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत, तेजस का तेजी से बढ़ता उत्पादन, हेलीकॉप्टर निर्माण और टैंक आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।

राजनाथ सिंह ने मिसाइल, हाइपरसोनिक तकनीक और एयर डिफेंस के क्षेत्र में हुए परीक्षणों को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रमाण बताया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सड़क और पुल जैसी रणनीतिक आधारभूत संरचनाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया।

सेना के खिलाड़ियों से भी मिले रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात की। सिंह ने कहा कि ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।
ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।

उन्होंने कहा कि खेल आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सफलता, उत्कृष्टता और सम्मान का क्षेत्र बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है कि आज चैंपियंस देश के हर कोने से, गांवों, छोटे कस्बों और सामान्य परिवारों से निकलकर सामने आ रहे हैं। भारतीय सेना के इन खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।

NATIONAL : स्वतंत्रता दिवस से पहले 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान, 13 वीर जवानों को मरणोपरांत सम्मान, 19 जवानों को शौर्य चक्र

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स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले वीरों को सम्मानित करने के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है. इन वीरता पुरस्कारों में 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4 और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं.

9 कीर्ति चक्र, 7 मरणोपरांत
राष्ट्रपति भवन से जारी सूची के अनुसार इस बार दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र, जिनमें 7 मरणोपरांत हैं; 1 शौर्य चक्र के लिए ‘बार’; 19 शौर्य चक्र, जिनमें 1 मरणोपरांत है; 5 सेना मेडल वीरता के लिए ‘बार’; 36 सेना मेडल वीरता, जिनमें 5 मरणोपरांत हैं; 3 नौसेना मेडल वीरता; और 5 वायु सेना मेडल वीरता शामिल हैं.

देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस दिखाने वाले 9 वीरों को इस वर्ष कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है.

नाम और पद यूनिट / विवरण सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कर्नल मैनियो फ्रांसिस पीएफ, एससी 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज –
मेजर जितेंद्र राठी 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-80956एफ –
हवलदार गजेंद्र सिंह 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13627256के मरणोपरांत
जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल – – मरणोपरांत
जसवंत सिंह, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
बलविंदर सिंह, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
तारिक हुसैन, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल – – मरणोपरांत
सुनील कुमार, इंस्पेक्टर एसटीएफ – – मरणोपरांत

शौर्य चक्र से किया गया सम्मानित
देश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता दिखाने वाले जवानों को इस वर्ष शौर्य चक्र और बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. मेजर आदित्य प्रताप सिंह, एससी, एसएम, द राजपूताना राइफल्स, 44 असम राइफल्स – आईसी-87240एल को बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. कुल 19 वीरों को शौर्य चक्र दिया गया है, जिनमें सेना के 11 वीर, नौसेना और वायुसेना के एक-एक वीर, और गृह मंत्रालय के छह वीर शामिल हैं.

सेना के 11 वीर-

नाम और पद यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर स्थिति
मेजर परमवीर द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-78412एन –
मेजर तरुण वासुदेवन द कोर ऑफ इंजीनियर्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-83437के –
मेजर केशव कुमार 12 डोगरा आईसी-85497एक्स –
मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल 21 ग्रेनेडियर्स आईसी-87542एक्स –
मेजर विपीन कुमार द कोर ऑफ सिग्नल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल्स एसएस-50534वाई –
नायब सूबेदार शंकर राम 3 असम राइफल जेसी-38391ए –
नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-41545एल –
हवलदार जगतार सिंह 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13771448डब्ल्यू –
लांस नायक नरेंद्र सिंधु द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स 16029546एल मरणोपरांत
लांस नायक कपिल देव द डोगरा रेजिमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स 20003223एक्स –
सिपाही जसविंदर सिंह 7 सिख लाइट इंफैंट्री 4498738एल –
नौसेना

नाम और पद विभाग / यूनिट सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार नौसेना 10119-वाई –
स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 34544 –
धीरज सिंह कटोच, डीएसपी गृह मंत्रालय – –
अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर गृह मंत्रालय – –
सुखवीर सिंह, डीवाई एसपी गृह मंत्रालय – –
नियाज अहमद, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गृह मंत्रालय – –
अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट गृह मंत्रालय – –
दीपक साह, कांस्टेबल गृह मंत्रालय – –
ये भी पढ़ें: Independence Day 2026: लाल किले पर क्या-क्या होगा? जानें मिनट-दर-मिनट शेड्यूल और टिकट बुक करने का तरीका

5 जवानों को बार टू सेना मेडल से सम्मानित
देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस का परिचय देने वाले 5 सेना के जवानों को इस वर्ष “बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री)” से सम्मानित किया गया है. सभी थल सेना से हैं.

बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित

नाम, पद और सम्मान यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर
मेजर डी.एस. पाओशो, एसएम 7 मद्रास आईसी-80355एच
मेजर अनुज महाजन, एसएम द मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, 36 असम राइफल्स आईसी-83875एम
मेजर कृष्ण कांत, एसएम 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-87111एल
सूबेदार रमेश कुमार, एसएम 159 इंफैंट्री बटालियन, टेरिटोरियल आर्मी टीजे-7220एम
नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, एसएम 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-415468वाई
36 सेना अधिकारियों को सेना मेडल (गैलेंट्री)
देश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले सेना के 36 अधिकारियों को इस वर्ष “सेना मेडल (गैलेंट्री)” से सम्मानित किया गया है.

सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित (सेना)

नाम और पद यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी 27 इंडिपेंडेंट आरएंडओ फ्लाइट आईसी-68017एम –
लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम टोपडेन भूटिया 2/8 गोरखा राइफल्स आईसी-74505एल –
मेजर सुधांशु शेखर पानी द पैरा रेजिमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-78347वाई –
मेजर मोहित पोडिया द रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी, 37 असम राइफल्स आईसी-79207वाई –
मेजर आर. साहिल द गढ़वाल राइफल्स, 33 असम राइफल्स आईसी-81637एफ –
मेजर बलेंदु कुमार झा 24 ग्रेनेडियर्स आईसी-81799एम –
मेजर रवि शंकर जोशी द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-83375पी –
मेजर रूपम दास 8 बिहार आईसी-83402एन –
मेजर अर्णव बाली द मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, 9 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-84854एच –
मेजर अंशुमान रंजन 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-85096एच –
मेजर अरविंद कुमार द कोर ऑफ इंजीनियर्स, 33 असम राइफल्स एसएस-50193एफ –
कैप्टन करण सिंह चीमा द असम रेजिमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-85703डब्ल्यू –
कैप्टन हरीश सिंह डेवली द मराठा लाइट इंफैंट्री, 17 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-85766वाई –
कैप्टन मोहित रावत द कोर ऑफ सिग्नल्स, 44 असम राइफल्स आईसी-85825ए –
कैप्टन अंशुमान सिंह 11 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89386एक्स –
कैप्टन बाणे स्वराज सुधीर 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89629एक्स –
कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंग निघोट 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89864डब्ल्यू –
कैप्टन साविक 5/9 गोरखा राइफल्स आईसी-90222एन –
लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह 12 डोगरा आईसी-90771एन –
लेफ्टिनेंट अमन पांडे 8 बिहार आईसी-91460एम –
असिस्टेंट कमांडेंट बिकाश राई 11 असम राइफल्स एआर-422एल –
सूबेदार पवन कुमार 11 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-414522पी –
सूबेदार पेरभात गौर द पैरा रेजिमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स जेसी-414902एन मरणोपरांत
सूबेदार कनसे नामदेव बालकृष्ण 18 मराठा लाइट इंफैंट्री जेसी-462184ए –
सूबेदार बलजिंदर सिंह 7 सिख लाइट इंफैंट्री जेसी-512278डब्ल्यू –
नायब सूबेदार दयाल सिंह द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स जेसी-534325एक्स –
हवलदार एल. जोएल कोम 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13629139एक्स –
हवलदार मुल्ला अबिदाली अशरफअली 18 मराठा लाइट इंफैंट्री 2805482एक्स –
लांस हवलदार पलाश घोष द पैरा रेजिमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 13627760के मरणोपरांत
नायक अली मोहम्मद खान 24 ग्रेनेडियर्स 2708808वाई –
लांस नायक सुजय घोष द पैरा रेजिमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 13633700एल मरणोपरांत
लांस नायक अभिमन्यु सिंह 21 ग्रेनेडियर्स 27184949डब्ल्यू –
लांस नायक बिधा सिंह द जाट रेजिमेंट, 34 राष्ट्रीय राइफल्स 3211267एफ –
लांस नायक प्रीतपाल सिंह द सिख लाइट इंफैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 4494501एच मरणोपरांत
सिपाही हरमिंदर सिंह द सिख लाइट इंफैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 4495410एल मरणोपरांत
पैराट्रूपर हिमांशु कुमार 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13635609एन –
शौर्य पदक से किया सम्मानित
देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस दिखाने वाले नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों को इस वर्ष शौर्य पदकों से सम्मानित किया गया है.

नौसेना

नाम और पद विभाग / शाखा सर्विस नंबर
कमांडर विनीत शर्मा नौसेना 06451-के
कमांडर युवराज कुमार नौसेना 05739-टी
एसी अविनाश अन्नासो पीओए (एफडी) नौसेना 233134
ग्रुप कैप्टन राहुल जगोटा, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 28651
ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 29023
विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 30734
फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 36829
मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह, पैराशूट जंप इंस्ट्रक्टर वायुसेना 721298
राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ (विशेष उल्लेख) को भी मंजूरी दी है. इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4, और भारतीय वायु सेना के 10 जवान शामिल हैं.

NATIONAL : राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: बोलीं-सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में; सात बड़ी बातें

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने देश-विदेश के भारतीयों को बधाई दी और स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के आगाज पर हर नागरिक से देश की प्रगति और तरक्की में योगदान देने का आह्वान किया।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद भारत की आजादी के 80वें साल की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने हर नागरिक से देश के लिए जागरूक रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की। अपने भाषण में उन्होंने देश की तरक्की, संविधान, विदेश नीति, सरदार पटेल, सिंधु जल संधि और सरकार की कई योजनाओं के बारे में बात की। जानिए राष्ट्रपति के भाषण की सात बड़ी बातें…

  1. हर भारतीय देश की तरक्की में अपना योगदान दे: मुर्मू
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय स्वतंत्रता दिवस का त्योहार खुशी के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपने सपनों को पूरा करने के साथ देश सर्वश्रेष्ठ बनाने में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। देश की तरक्की में योगदान देना ही आजादी की असली कीमत है।

उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मजदूरों और किसानों की मेहनत की तारीफ की। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी लोग अपने-अपने काम से देश को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

  1. हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर टिका है-मुर्मू
    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर आधारित है। देश के लोग इस भावना को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी ताकत बताया। राष्ट्रपति ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की भी बात की। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर शरणार्थी बनना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी।
  2. मुर्मू बोलीं- देश के हित में है भारत की विदेश नीति
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत की विदेश नीति देश के हित को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों में भारत आगे बढ़कर काम कर रहा है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है।

राष्ट्रपति ने पर्यावरण को बचाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक संसाधनों की कमी का सामना करना पड़े। पर्यावरण की रक्षा करना हमारी परंपरा का हिस्सा है।

  1. सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को भारत से जोड़ा: राष्ट्रपति
    राष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद किया। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब 550 से ज्यादा रियासतों को भारत से जोड़ना बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने इन रियासतों को भारत में मिलाया। राष्ट्रपति ने लौहपुरुष सरदार पटेल को नमन करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
  2. सिंधु जल संधि रोकना राष्ट्रीय हित में सही कदम
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि पैसे या संसाधनों की कमी के कारण किसी को न्याय से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। खासकर किसानों के लिए यह एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
  3. 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर, 80 करोड़ को मुफ्त राशन
    राष्ट्रपति ने कहा कि देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इनमें 32 करोड़ से ज्यादा महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई है। इससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

  1. मराठा किलों के बाद सारनाथ को यूनेस्को की मान्यता-राष्ट्रपति
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहा कि पिछले साल मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। इस साल भगवान बुद्ध के पहले उपदेश स्थल सारनाथ को भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जगह मिली है।

राष्ट्रपति जी के संबोधन पर प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण की सराहना करते हुए कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बहुत ही विचारशील और प्रेरक संबोधन दिया है। इसमें उन्होंने हमारे राष्ट्र की सामूहिक प्रगति और भविष्य के अवसरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। उन्होंने हमें उन बलिदानों की याद दिलाई जिनसे देश की आजादी का मार्ग प्रशस्त हुआ, और प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र-निर्माण में बढ़-चढ़कर योगदान देने का आह्वान किया है।

NATIONAL : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संबोधन, कहा- आज भारत में हर नागरिक देख सकता है बड़े सपने

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80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण, विभाजन की विभीषिका, विकास, सामाजिक न्याय और भारत की विरासत पर बात की।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अब से कुछ ही घंटों में देश की आजादी का 80वां साल शुरू होने जा रहा है। उन्होंने देशवासियों से अपने सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ निरंतर प्रगति में योगदान देना है और आज का भारत एक ऐसा राष्ट्र बन गया है जहां एक साधारण पृष्ठभूमि का व्यक्ति भी बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा कर सकता है।

राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी – राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा तिरंगा देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का गौरवशाली प्रतीक है, जिसे हम पूरे गौरव के साथ फहराते हैं। 15 अगस्त 1947 को सभी देशवासी स्वतंत्र भारत के भाग्य विधाता बने। समर्पित छात्र और शिक्षक, विकास के लिए समर्पित वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य देखभाल में लगे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती कार्यकर्ता और अन्नदाता किसान अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में लगे हुए हैं। वेद वाक्य ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव सतर्क रहने और मौलिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों और सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देशवासी स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए, जबकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय निष्ठा के उच्च मानक स्थापित किए।

राष्ट्रपति ने विभाजन की विभीषिका को किया याद
राष्ट्रपति ने 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा और विभाजन की भयावह परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद लोगों ने अपनी पहचान और साहस बरकरार रखा।

राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के समय देश के सामने विभाजन के गंभीर परिणामों के अलावा 550 से अधिक रियासतों को नव स्वतंत्र भारत में शामिल करने की चुनौती भी थी। सरदार पटेल ने राजशाही व्यवस्थाओं को समाप्त कर इन रियासतों को स्वतंत्र लोकतंत्र में विलय कराया।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में जनभागीदारी की भावना हमेशा मौजूद रही है और आज भी सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।

गरीबी उन्मूलन और समाज कल्याण की उपलब्धियां गिनाईं
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना के जरिए करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 60 करोड़ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और किसानों को किसान सम्मान निधि और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पेमेंट का जिक्र
राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान देश के गांवों में छोटी दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंच गया है। दुनिया के आधे से अधिक वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीक का उपयोग कर पारदर्शी तरीके से लोगों तक जनकल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।

हाईवे, रेलवे, वाटरवे और एयरवे के विस्तार से मिले रोजगार के अवसर
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में हाईवे, वाटरवे, रेलवे और एयरवे के रूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है। इससे नए अवसर पैदा हो रहे हैं, रोजगार का सृजन हो रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निवेश का भी जिक्र किया और कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के रूप में दिख रहे हैं।

NATIONAL : मध्य प्रदेश में 4 दिन नहीं थमेगी बारिश, 48 जिलों में अलर्ट; ग्वालियर से शहडोल तक तेज वर्षा

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मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के कारण अगले 4 दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 48 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है. आने वाले दिनों में प्रदेश के किन जिलों में ज्यादा बारिश हो सकती है और कहां-कहां राहत मिल सकती है.

मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. प्रदेश के कई जिलों में पिछले चार दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है और इसके चलते आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम ही लग रही है. बंगाल की खाड़ी में मौसम का नया सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसके असर से आसपास एक नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है. इसके कारण प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है.
बारिश का असर सिर्फ मध्य प्रदेश तक नहीं है बल्कि प्रदेश के आसपास बने हवा के दबाव और मौसम में बदलाव के कारण पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में भी तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश के 48 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है.

पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ेगा बारिश का असर
अब तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को जमकर हुई बारिश के बाद मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम पूर्वी एमपी की ओर बढ़ रहा है. शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में अगले तीन दिनों तक बारिश का असर बना रह सकता है. मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा और शहडोल के जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. वहीं, शिवपुरी और श्योपुर में भी गुरुवार को मौसम का असर देखने को मिल सकता है. इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है.

आईएमडी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है. ऐसे में लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.

MP के इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, उमरिया, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में तेज बारिश हो सकती है. इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

वहीं, प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में बारिश का असर कम रहेगा. बड़वानी, इंदौर, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल और हरदा में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इन इलाकों में दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. इसके साथ ही बीच-बीच में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

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