Monday, September 28, 2026
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WORLD : होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन वाला प्रस्ताव, क्या दोनों देशों में बन पाएगी बात?

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दोनों देश अब इस स्थिति को समझ रहे हैं इस मसले का हल युद्ध से तो नहीं निकलने वाला. मगर बात सिर्फ इस पर अटकी हुई है कि कौन सा पक्ष युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने मुद्दे पर कितना समझौता करना चाहता है.

होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन वाला प्रस्ताव, क्या दोनों देशों में बन पाएगी बात?अगर होर्मुज खुल जाता है तो न सिर्फ ईरान और अमेरिका के लिए बल्कि दुनिया के लिए ये राहत की बात होगी.

फटाफट पढ़ेंहाइलाइट्स
ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध के अंतिम समाधान के लिए बातचीत शुरू करने का एक नया “7 दिनों वाला” प्रस्ताव रखा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वाशिंगटन में पत्रकारों को बताया कि तेहरान की नई योजना अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए तथाकथित समझौता ज्ञापन में किए गए वादों के समान है. हालांकि, वो फेल हो गया था.

प्रस्ताव में क्या है
ईरान के मध्यस्थों ने व्हाइट हाउस को अपना प्रस्ताव सौंपा है, जिससे फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच रणनीतिक संपर्क एक सप्ताह के भीतर खुल सकता है. ये दुनिया की लगभग पांचवीं ऊर्जा आपूर्ति का मार्ग है. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने कहा, “हमने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के सामने एक योजना रखी है कि यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो सातवें दिन के अंत में होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा और बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी.”

अराघची ने जोर देकर कहा कि तेहरान अपने नए प्रस्ताव के आधार पर युद्धविराम समझौता करने की जल्दबाजी में नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से पहले समझौता हो जाता है तो यह बहुत बेहतर होगा, लेकिन यह तय करना अमेरिकी प्रशासन पर निर्भर करता है. हमें समय की परवाह नहीं है, लेकिन योजना बहुत स्पष्ट है… जिस क्षण वे इस योजना को स्वीकार करते हैं, अगले दिन से यह समय-सारणी शुरू हो सकती है, और सात दिनों के बाद जलडमरूमध्य खुल जाएगा.”

अराघची ने यह खुलासा नहीं किया कि क्या नया प्रस्ताव परमाणु मुद्दों को भी संबोधित करता है कि नहीं. ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर विवाद समझौते में मुख्य बाधाओं में से एक बना हुआ है. वाशिंगटन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग की है कि तेहरान हथियार विकसित न कर सके, जबकि ईरानी अधिकारियों ने जोर दिया है कि देश को नागरिक परमाणु कार्यक्रम बनाए रखने की अनुमति दी जानी चाहिए.

बातचीत की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मध्यस्थों के जरिए सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत कर रहा है, लेकिन अमेरिका किसी समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं करेगा. अधिकारी ने FT को दिए एक बयान में कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण के कारण अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में है, इसलिए हमें कोई जल्दबाजी नहीं है. कल रात ही इस जलडमरूमध्य से लगभग 22 मिलियन बैरल तेल गुजरा है.”

ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा बयान
जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से पूछा गया कि क्या यह टकराव साल के आखिर तक खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह तय करना अमेरिका के हाथ में है कि ईरान युद्ध कब खत्म होगा. पेजेश्कियान ने बृहस्पतिवार को फॉक्स न्यूज के शो “स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर” में दिखाए गए एक इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, “लेकिन हम इसे जारी नहीं रखना चाहते. यह अमेरिका को तय करना है कि वह इसे खत्म करना चाहता है या नहीं.” ईरान के राष्ट्रपति ने बुधवार को UN जनरल असेंबली में कहा कि तेहरान कभी भी अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा, क्योंकि युद्ध खत्म करने के तरीके को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी मतभेद हैं.

ट्रंप का नरम-गरम बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता नहीं होता है, तो वह ईरान को “पूरी तरह खत्म” कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है. इससे पहले जून में हुई युद्ध-विराम की कोशिश नाकाम हो गई थी, क्योंकि तेहरान ने इसे होर्मुज पर ईरानी नियंत्रण को मान्यता देने के तौर पर देखा. अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने इस नज़रिए को खारिज कर दिया है.

UP : पहाड़ों पर बारिश से उफनाईं यूपी में नदियां, बाढ़ की चपेट में कछार; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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उत्तर प्रदेश और पहाड़ों पर जारी बारिश के कारण गंगा, सरयू, यमुना और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। खासकर, गंगा और सरयू किनारे बसे गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और प्रमुख बैराजों से नदियों में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कटरी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में बढ़ा हिस्सा डूब गया है, जिससे लोग पलायन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, आईएमडी ने राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

बिजनौर में हरिद्वार बैराज से गंगा में 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। आपदा प्रबंधक प्रशांत सक्सेना ने बताया कि ’सचेत’ ऐप के जरिए अग्रिम चेतावनी मिल रही है और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद संबंधित अधिकारियों, ग्राम प्रधानों तथा आपदा मित्रों को हर दो घंटे में मौसम और जलस्तर की जानकारी दी जा रही है।

बाढ़ से निपटने का बड़ा प्लान
ग्रामीणों को चौपालों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के उपकरण तहसील स्तर पर पहुंचा दिए गए हैं तथा नौकाओं, नाविकों और गोताखोरों की पहचान कर ली गई है। जिले में 24 संवेदनशील और पांच अति संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। गंगा और खो नदी के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

जलीलपुर विकासखंड के दतियाना, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी समेत कुछ गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने के बाद 10 और 25 यात्रियों की क्षमता वाली दो नौकाएं तैनात की गई हैं। चार बाढ़ राहत चौकियां और जिलेभर में 32 बाढ़ चौकियां तथा 35 आश्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। 11 प्रभावित गांवों में करीब 300 राशन किट बांटी जा चुकी हैं और अतिरिक्त राहत सामग्री सुरक्षित रखी गई है।

खतरे के निशान से पार सरयू नदी
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और उसका अधिकतम बहाव 4.35 लाख क्यूसेक से अधिक है। इसके बावजूद कई संवेदनशील गांव कटाव से सुरक्षित हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि बाढ़ के मौसम से पहले नदी किनारे ’जियोबैग स्टड’, ’पोरपाइन’, ’स्पर’ और ’रिवेटमेंट’ जैसे सुरक्षात्मक उपाय किए गए थे। इनसे नदी की मुख्य धारा को एक किनारे से दूसरे किनारे की ओर मोड़ने में मदद मिली और कटाव सीमित रहा। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है तथा आबादी वाले इलाके सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर बाढ़ राहत पीएसी कर्मियों को भी तैनात किया गया है।

IND vs WI: विराट कोहली तोड़ेंगे महान सचिन तेंदुलकर का ये बड़ा रिकॉर्ड

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज आज से शुरू हो रही है. इस सीरीज में भारत के दो दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है. क्योंकि दोनों ही महान खिलाड़ी अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने के लिए काफी ज्यादा मेहनत कर रहे हैं. सीरीज का पहला मैच केरलम में खेला जाएगा, जो दोपहर 2 बजे शुरू होगा.

इस मैच में टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले हैं. कोहली 15,000 वनडे रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बनने से केवल 59 रन दूर हैं. इसके अलावा वो घरेलू वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने से 110 रन दूर हैं.

सबसे तेज 15000 वनडे रन
विराट कोहली इस मैच में 314 वनडे मैचों की 302 पारियों में 14,941 रनों के साथ उतरेंगे. अगर वो मैच में 59 रन बनाने में सफल होते हैं तो वो सबसे तेज 15,000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के साथ ये आंकड़ा छोने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन जाएंगे.

पुरुषों के वनडे क्रिकेट में अब तक केवल सचिन तेंदुलकर ही इस आंकड़े तक पहुंच पाए हैं. उन्होंने 1989 से 2012 के बीच भारत के लिए 463 मैचों में 18,426 रन बनाकर अपना इंटरनेशनल करियर खत्म किया.

क्या टूटेगा सचिन का रिकॉर्ड?
इस मैच में विराट कोहली एक और बड़ा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. वो घरेलू वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने से केवल 110 रन दूरे हैं. कोहली ने अब तक भारत में खेले गए 130 वनडे मैचों में 6,867 रन बनाए हैं. हालांकि ये रिकॉर्ड अभी तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 164 घरेलू वनडे मैचों में 6,976 रन बनाए हैं. इसके अलावा अगर कोहली 133 रन बनाने में सफल होते हैं, तो वह घरेलू मैचों में 7,000 वनडे रन तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे.

विराट कोहली के 314 वनडे मैचों में 14,941 रन
विराट कोहली के 314 वनडे मैचों में 14,941 रन (IANS)
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच
अगर कोहली को आज के मैच में प्लेइंग-11 में रखा जाता है तो वो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. अभी विराट कोहली, मोहम्मद अजहरुद्दीन की बराबरी पर खड़े हैं. जिन्होंने दो बार की वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाफ 43 वनडे मैच खेले थे.

विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ काफी ज्यादा रन बनाए हैं. अगर वो 150 रन बनाने मे सफल हो जाते हैं तो फिर वो वेस्टइंडीज के खिलाफ 4,000 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाले वर्ल्ड में दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे. कैरेबियाई टीम के खिलाफ सिर्फ साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस ने ही 4,000 से ज्यादा रन बनाए हैं.

कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अब तक 43 वनडे मैचों में 2,261 रन बनाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा उनके खिलाफ बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं. जबकि सभी फॉर्मेट में कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 73 इंटरनेशनल मैचों की 75 पारियों में 3,850 रन बनाए हैं.

SPORTS : ‘यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा…’, ट्रॉफी के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार विराट कोहली! दिल की बात जुबां पर आई

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मुकाबले से पहले विराट कोहली ने बड़ा बयान दिया है. अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में कोहली खेलेंगे या नहीं? इस पर भी फैन्स को उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली ने फैन्स को एक दिल तोड़ने वाली बात कही है. विराट कोहली अपने भविष्य और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि साउथ अफ्रीका में होने वाला 2027 का आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वनडे वर्ल्ड कप होगा.

जियोस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह भारत की तरफ से खेलने का आखिरी वर्ल्ड कप होने जा रहा है. और यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है… यानी मैदान पर अपनी तरफ से सबकुछ झोंक देना, अपना शत-प्रतिशत निचोड़ लेना.

वर्ल्ड कप 2027 का मास्टरप्लान लीक! क्या रोहित-कोहली खेलेंगे?
कोहली ने 50-ओवर के फॉर्मेट की इंटेंसिटी पर बात करते हुए समझाया कि एक बड़े टूर्नामेंट में लगातार 10 मैचों तक उस शारीरिक और मानसिक स्तर को बनाए रखना बेहद थका देने वाला होता है, खासकर जब आप विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हों.

दमदार रहा है कोहली का रिकॉर्ड

विराट कोहली का वर्ल्ड कप इतिहास शानदार गवाह रहा है. उन्होंने वर्ल्ड कप के 37 मुकाबलों में लगभग 59.83 की शानदार औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, उनके कुल वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक दर्ज हैं.

दूसरी ओर पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी अपने भविष्य और वर्ल्ड कप को लेकर बात की. रोहित ने कहा कि उनके दिमाग में कभी यह विचार नहीं आता कि उनका क्रिकेटिंग बिजनेस खत्म हो गया है. जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आपके सामने हमेशा कोई न कोई नई चुनौती होती है.

भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की इस रोमांचक वनडे सीरीज के साथ ही साल 2027 के उस ऐतिहासिक विश्व कप का सफर भी शुरू हो रहा है, जिसके लिए अब इन दोनों दिग्गजों का जोश सातवें आसमान पर है.

NATIONAL : ‘वरना वे मुझे मार डालते’, टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर 24 घंटे के भीतर दूसरा हमला

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टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि उनपर 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हमला किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर उन्हें मार डालने की नियत से आए थे।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि रविवार सुबह राजधानी कोलकाता के बेलियाघाटा में एक कार्यक्रम में जाते समय फिर से हमला किया गया। श्रीरामपुर जाते वक्त हमले के 24 घंटे के भीतर ही यह हमला हुआ है।

हमले के बारे में बताते हुए कुणाल घोष के अनुसार, 15-20 बाइक सवार लोगों का एक समूह उनके आवास से ही उनका पीछा कर रहा था। फूलबागान के पास अचानक उस समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और हमला किया।

हथौड़े और बंदूक से गाड़ी का शीशा तोड़ा
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हथौड़े और बंदूक से गाड़ी का शीशा तोड़ा, उनकी शर्ट भी फाड़ दी और उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। इसके जवाब में उनके सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों को रोकने के लिए अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाल ली।

कुणाल घोष के ड्राइवर ने गाड़ी को नारकेलडांगा पुलिस थाने पहुंचाया, जहां उन्होंने शरण ली। विधायक ने आगे आरोप लगाया कि कुछ हमलावरों के पास बंदूकें और लोहे की छड़ें थीं और वे उन्हें मारने की साजिश के तहत आए थे।

पुलिस थाने के अंदर मीडिया से बात करते हुए कुणाल घोष ने कहा, “उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की। उन्होंने मेरी गाड़ी पर हमला किया और मेरे घर से ही मेरा पीछा किया। अपनी जान बचाने के लिए मैंने पुलिस थाने में शरण ली, वरना वे मुझे मार डालते। यहां जंगल राज राज रहा है, वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरी आवाज नहीं दबा सकते।”

हमलावर चेहरे ढके हुए थे
टीएमसी विधायक ने आगे कहा कि हमलावरों ने उनकी कार का रास्ता रोकने के लिए उसे ओवरटेक करने से पहले अपने चेहरे ढके हुए थे। विधायक ने बताया कि कुछ हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनके नाम पुलिस को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही बेलियाघाटा पुलिस को अपने चुनाव क्षेत्र में अपनी आवाजाही के बारे में जानकारी दे दी थी।

कोलकाता पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अधिकारी दोषियों की पहचान करने के लिए स्थानीय सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और चश्मदीदों के बयान ले रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने कन्फर्म किया कि कुणाल घोष ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

टीएमसी विधायक ने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, यह हमला टीएमसी के अंदरूनी गुटबाजी के कारण हुआ है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है। राज्य की मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इस घटना पर कार्रवाई करेंगें। वे खुद हमला करके इसका दोष भाजपा पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।

MAHARASHTRA : नासिक में ठाकरे बंधुओं की हुंकार, भाजपा पर चौतरफा हमला

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राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि आपने कहा था कि आपने नासिक को गोद लिया है. लोगों ने आपको सत्ता दी, लेकिन आप कभी यहां आए ही नहीं. जिनके पास खुद की राजनीतिक संतान नहीं है, वे हमारे शहर को गोद लेने निकले हैं.

नासिक में ठाकरे बंधुओं की हुंकार, भाजपा पर चौतरफा हमलामुंबई:
नासिक नगर निगम चुनाव के प्रचार में शनिवार को महाराष्ट्र की राजनीति का एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे वर्षों बाद पहली बार एक साथ मंच पर नजर आए. ठाकरे बंधुओं की यह पहली संयुक्त चुनावी रैली सीधे तौर पर भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ जनाक्रोश का मंच बन गई.दोनों नेताओं ने एक सुर में चुनावों में देरी, निर्विरोध चुनाव, कथित खरीद-फरोख्त, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर तीखे और सीधे हमले किए.

राज ठाकरे ने रैली की शुरुआत करते हुए कहा कि लगभग चार साल तक नगर निगम के चुनाव क्यों टाले गए? यह सवाल इस सरकार को जनता के सामने जवाब देना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्विरोध (Unopposed) चुनाव की प्रवृत्ति लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है. लोगों से उनका वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है. उम्मीदवारों को डराया जा रहा है, 15-15 करोड़ रुपये देकर नाम वापस लेने को मजबूर किया जा रहा है. यह क्या चल रहा है?

1952 में जन्मी पार्टी आज 2026 में लोगों को किराए पर ले रही है: BJP पर करारा तंज
राज ठाकरे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, “जो पार्टी 1952 में जन्मी (जनसंघ) बताई जाती है, वह आज 2026 में दूसरे दलों के लोगों को किराए पर लेकर राजनीति कर रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दूसरे दलों से नेता ‘इम्पोर्ट’ कर रही है, जिससे वर्षों से संघर्ष कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है.

नासिक ‘गोद’ लेने पर फडणवीस को घेरा
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि आपने कहा था कि आपने नासिक को गोद लिया है. लोगों ने आपको सत्ता दी, लेकिन आप कभी यहां आए ही नहीं. जिनके पास खुद की राजनीतिक संतान नहीं है, वे हमारे शहर को गोद लेने निकले हैं.

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कुंभ मेले के बाद साजिश? साधुओं के लौटते ही बिल्डरों को ज़मीन
राज ठाकरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “जब हम सत्ता में थे, तब कुंभ मेला हुआ, तब एक भी पेड़ नहीं काटा गया. अब साजिश है कि कुंभ के बाद, साधुओं के लौटते ही ज़मीन बिल्डरों को दे दी जाएगी.” उन्होंने दावा किया कि मनसे के 5 साल के शासन में विपक्ष भी एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका.

“100 नगरसेवक जिताइए, नासिक पूरी तरह बदल देंगे”
राज ठाकरे ने मतदाताओं से भावुक अपील करते हुए कहा, “पैसे के लालच में मत पड़िए. 100 नगरसेवक जिताइए, हम नासिक को पूरी तरह बदल देंगे.”

उद्धव ठाकरे: “सोचिए जब मुंबई और नासिक का अनुभव साथ आएगा”

उद्धव ठाकरे ने मंच से कहा कि राज ठाकरे ने नासिक में क्या किया, यह सबने देखा. शिवसेना ने मुंबई में क्या किया, यह भी सब जानते हैं. सोचिए, जब दोनों साथ आएंगे तो नासिक कैसे बदलेगा.

“यह हिंदुत्व है या चुनावी हिंदुत्व?” – BJP से सवाल
उद्धव ठाकरे ने भाजपा के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए कहा, “राम मंदिर का श्रेय लेते हो, लेकिन जहां राम ने तपस्या की, तपोवन में पेड़ काट रहे हो. लोगों ने पूछा तो क्या दिखाओगे? ‘नमो भवन’?” उन्होंने भाजपा के AIMIM से गठबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हमें कांग्रेस के साथ जाने पर हिंदुत्व छोड़ने का ताना दिया गया. फिर आपका AIMIM से गठबंधन क्या था?”

“स्पीकर राहुल नार्वेकर सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं”
उद्धव ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर गंभीर आरोप लगाए, “उम्मीदवारों पर नाम वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है. परिवार के लोगों को 3–4 टिकट दिए गए हैं. चुनाव आयोग चुप बैठा है.” “हाँ, हम सत्ता के लिए साथ आए हैं… और आपकी ज़िंदगी बदलने के लिए”
उद्धव ठाकरे का यह बयान रैली का सबसे चर्चित पल रहा, “हाँ, हम सत्ता के लिए साथ आए हैं. आप किसलिए साथ आए हैं? गिल्ली-डंडा खेलने के लिए? हम सत्ता लेकर लोगों की ज़िंदगी बदलेंगे.”

“भाजपा दलालों की पार्टी बन चुकी है”
उद्धव ठाकरे ने कहा, “आज भाजपा दलालों की पार्टी बन गई है. राम ने रावण को मारा था, लेकिन भाजपा इतनी बेशर्म हो गई है कि आज रावण को भी पार्टी में शामिल कर ले.”

पेंगुइन से लेकर रैलियों तक का तंज
उन्होंने कहा कि मुंबई के चिड़ियाघर में पेंगुइन देखने लोग टिकट खरीदकर आते हैं, लेकिन भाजपा की रैलियों में लोग पैसे देकर भी नहीं आ रहे.”

लोकतंत्र बनाम तानाशाही

उद्धव ठाकरे ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में सड़कों पर उतरकर तानाशाही के खिलाफ लड़ रही हैं. महाराष्ट्र भी चुप नहीं रहेगा.

“मोदी गारंटी नहीं, ठाकरे के शब्द”
अंत में उन्होंने कहा कि नासिक का हमारा घोषणापत्र मोदी गारंटी जैसा जुमला नहीं है. यह ठाकरे के शब्द है — जो कहते हैं, वो करते हैं.नासिक की यह रैली सिर्फ चुनावी सभा नहीं, बल्कि भाजपा के खिलाफ संयुक्त ठाकरे मोर्चे का एलान थी.अब सवाल यह है कि क्या ठाकरे बंधुओं की यह एकजुटता नासिक की राजनीति की दिशा बदल पाएगी? इसका जवाब जनता के वोट में छिपा है.

NATIONAL : खाने की थाली से बढ़ रहा बीमारियों का बोझ: तुकाराम मुंढे बोले- नहीं चेते तो भारी पड़ेगा; चिंता की बात क्या?

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महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने खाद्य सुरक्षा को भारत में लोक स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चुनौती बताया है। अहमदाबाद में करनावती यूनिवर्सिटी में ‘तुकाराम से टक्कर’ टॉक सेशन के बाद उन्होंने कहा कि देश में खाद्य सुरक्षा की समस्या लोक स्वास्थ्य में बड़ा संकट पैदा कर रही है, लेकिन लोग अभी इसकी गंभीरता को समझ नहीं पा रहे हैं। जितनी जल्दी लोग इस समस्या को समझेंगे, उतना ही बेहतर होगा।

लोग खाने को बीमारियों से क्यों नहीं जोड़ते?

तुकाराम मुंढे ने कहा कि आमतौर पर लोग किसी बीमारी को सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के तौर पर देखते हैं। वे इस बात पर उतना ध्यान नहीं देते कि वे क्या खा-पी रहे हैं और उसका उनकी सेहत से क्या संबंध हो सकता है? उन्होंने आज की बीमारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में स्वतंत्रता के समय बीमारी के कुल बोझ का करीब 65 से 70 प्रतिशत हिस्सा संक्रामक बीमारियों से जुड़ा था। आज देश में बीमारी के बोझ का लगभग इतना ही हिस्सा गैर-संचारी रोगों यानी एनसीडी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आज 25 से 30 साल की उम्र में भी लोगों को कार्डियक अरेस्ट हो रहे हैं और इसका खानपान से सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि कैंसर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं।

जब खाद्य सुरक्षा के लिए कानून और नियम हैं, तो समस्या कहां है?

तुकाराम मुंढे ने यह भी कहा कि भारत में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानून, नियम और नियमावली पहले से मौजूद हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को छोड़ दें तो खाद्य सुरक्षा से जुड़े बाकी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यही स्थिति लोक स्वास्थ्य से समझौते की वजह बन रही है।

तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानकों को लेकर लोगों में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने खास तौर पर कहा कि सुरक्षित भोजन और खाद्य मानकों को सिर्फ बाहर खाना खाते समय ही नहीं, बल्कि घर में भी अपनाना होगा। उनका कहना है कि लोगों को अपनी खाने की आदतों और भोजन की संस्कृति को सुरक्षा और मानकों के आधार पर विकसित करना होगा।

खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल किसी एक पक्ष की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए तीन प्रमुख हितधारकों को मिलकर काम करना होगा। इनमें खाद्य कारोबार संचालक, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन जैसे नियामक तथा आम लोग शामिल हैं। मुंढे ने कहा कि सभी को मिलकर सुरक्षित और मानक वाला भोजन सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना होगा।

NATIONAL : बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य: सीएम शुभेंदु बोले- घुसपैठियों को खदेड़ेंगे; क्या है पूरा मामला?

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने यह बात कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। सीएम अधिकारी ने कहा कि इसे स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में गाना जरूरी होगा।

शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में और क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली ममता बनर्जी सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य में घुसपैठियों को आने दिया, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी बदल गई। अधिकारी ने अपनी सरकार को राष्ट्रवादी सरकार बताते हुए सनातनी परंपरा को प्राथमिकता देने की बात कही।

घुसपैठ को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में रहने के दौरान राज्य की सीमाओं को सुरक्षित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों को वापस भेजा जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में ऐसी सरकार है जो सनातनी परंपरा को प्राथमिकता देती है।

ममता सरकार पर शौर्य दिवस को लेकर क्या आरोप लगाया?

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने भाजपा और दूसरे हिंदुत्व संगठनों को छह दिसंबर को ‘शौर्य दिवस’ मनाने की अनुमति नहीं दी थी। यह दिन अयोध्या में 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की याद में मनाया जाता है।

राम मंदिर को लेकर शुभेंदु ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन देश में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हो रहा था, उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंदिर के विरोध में रैली आयोजित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया था।

वंदे मातरम् को लेकर केंद्र ने भी चलाया विशेष अभियान

पिछले दिनों वंदे मातरम को लेकर केंद्र सरकार ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। इस साल राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम हुए। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से वंदे मातरम के सभी छंद गाया गया। केंद्र सरकार की ओर से आठ से 15 अगस्त तक देशभर में सैन्य बैंड के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

BUSINESS : मात्र ₹25/लीटर पड़ेगा ईंधन का खर्च! नितिन गडकरी का दावा: अक्तूबर में लॉन्च होगी 100% इथेनॉल से चलने वाली कार!

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भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली कार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह इथेनॉल पर चलने वाली कार की ईंधन लागत करीब ₹25 प्रति लीटर पेट्रोल के बराबर हो सकती है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि पूरी तरह से इथेनॉल (100% फ्लेक्स फ्यूल) पर चलने वाली कार अपनाने से ईंधन का खर्च पेट्रोल की तुलना में घटकर लगभग 25 रुपये प्रति लीटर के बराबर आ सकता है।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाले इस वाहन में पारंपरिक पेट्रोल की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम सरकार के वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। जो देश में इथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है।

टोयोटा की 100% इथेनॉल फ्लेक्स-फ्यूल इनोवा कब लॉन्च होने जा रही है?
नितिन गडकरी ने खुलासा किया कि टोयोटा की 100% इथेनॉल संचालित Innova (इनोवा) का बहुप्रतीक्षित मॉडल अक्तूबर 2026 में लॉन्च होने जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि उन्हें टोयोटा के इस फ्लेक्स-फ्यूल वाहन के लॉन्च इवेंट में आमंत्रित किया गया है। यह कार रेगुलर पेट्रोल के बजाय 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने के लिए डिजाइन की गई है। इसके अलावा, गडकरी ने यह दावा भी किया कि यह कार चलते समय 60 प्रतिशत बिजली भी पैदा करेगी। जिससे इसकी कार्यकुशलता और रनिंग कॉस्ट में काफी सुधार होगा।

ई20 पेट्रोल और इथेनॉल ईंधन के प्रभाव को लेकर सरकार का क्या रुख है?
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत की ई20 नीति (पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल का मिश्रण) को लेकर वाहन के माइलेज, इंजन परफॉर्मेंस और मेंटेनेंस पर पड़ने वाले असर को लेकर बहस छिड़ी हुई है:
ग्लोबल और डोमेस्टिक ट्रेंड: गडकरी ने कहा, “दुनिया के 19 देशों में इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है और आज भारत में भी किसी वाहन से कोई शिकायत नहीं आ रही है।”

तकनीकी अध्ययन का हवाला: सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल एसोसिएशनों या उपभोक्ता समूहों से E20 के कारण माइलेज या इंजन खराब होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। प्रयोगशाला अध्ययनों और फील्ड ट्रायल्स ने यह साबित किया है कि E20 ईंधन इंजन की टिकाऊपन और मटीरियल कम्पैटिबिलिटी के मानकों पर सही उतरता है।

भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का भविष्य और अन्य कंपनियों की क्या भूमिका है?
टोयोटा की प्रस्तावित 100 प्रतिशत इथेनॉल-ओनली इनोवा, भारतीय ऑटोमेकर्स द्वारा फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बाजार में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है:
मारुति सुजुकी की पहल: टोयोटा से पहले जून में मारुति सुजुकी ने देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार पेश की थी।
फ्लेक्स-फ्यूल की खासियत: ये वाहन E20 से लेकर 100 प्रतिशत शुद्ध इथेनॉल तक किसी भी अनुपात वाले इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर निर्बाध रूप से चलने में सक्षम होते हैं, जिससे खरीदारों को ईंधन की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलती है।

NATIONAL : केरल में चुनाव अधिकारी रतन केलकर बने सीएम सतीशन के सचिव, बंगाल में मनोज अग्रवाल की नियुक्ति पर भड़के थे राहुल

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Kerala CM Secretary: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाए जाने पर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर सीधे चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाया, जिसके बाद अब बीजेपी ने केरल का हवाला देकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

केरल में चुनाव अधिकारी रतन केलकर बने सीएम सतीशन के सचिव
तिरुवनन्तपुरम: पश्चिम बंगाल में जीत के बाद बीजेपी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को चीफ सेक्रेटरी बनाया है। शुभेंदु अधिकारी की इस नियुक्ति की टीएमसी के साथ कांग्रेस ने आलोचना की थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुले तौर पर इसे मनोज अग्रवाल को बंगाल चुनाव में मदद करने का इनाम बताया था।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। इसके कुछ दिन बाद ही केरल में वीडी सतीशन सरकार ने केरल चुनाव कराने वाले IAS रतन केलकर को सचिव बनाया है, जिस पर राहुल गांधी को घेरा जा रहा है।

दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच साठगांठ चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, ‘बीजेपी-चुनाव आयोग के चोर बाजार में- जितनी बड़ी चोरी, उतना ही बड़ा इनाम।’ अब केरल में लिए गए फैसले पर उन्हे घेरा जा रहा है। इस मुद्दे पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए ट्वीट किया है।

चुनाव आयोग पर मदद के आरोप
गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया था। हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में बीजेपी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जिसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

बीजेपी ने पलटवार कर केरल का दिया हवाला
राहुल गांधी के इस हमले के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस को घेरने में देर नहीं की। बीजेपी ने केरल की कांग्रेस सरकार के एक हालिया फैसले का हवाला देते हुए राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाए हैं। केरल में मुख्यमंत्री वी डी सतीशन की सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया है।

राहुल गांधी का डबल स्टैंडर्ड
बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब पश्चिम बंगाल में पूर्व चुनाव अधिकारी को मुख्य सचिव बनाया जाता है, तो राहुल गांधी इसे चोरी का इनाम बताते हैं। लेकिन इसके ठीक 10 दिन बाद जब केरल की कांग्रेस सरकार अपने यहां के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करती है, तो क्या वह लोकतंत्र की खूबसूरती बन जाता है? इस विवाद ने अब एक नए राजनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है।

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