Saturday, March 14, 2026
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ENTERTAINMENT : मोनालिसा को झोपड़ी से निकालकर स्टार बनाया, बोले डायरेक्टर, चढ़ा 9 करोड़ का कर्ज

मोनालिसा और फरमान खान के शादी करने पर डायरेक्टर सनोज मिश्रा का बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा कि वो मोनालिसा को अपनी फिल्म मे लेकर पछता रहे हैं. उनकी फिल्म इस इंटरफेथ मैरिज के बाद अधर में लटक गई है.

महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की इंटरफेथ मैरिज पर बवाल खत्म नहीं हो रहा है. डायरेक्टर सनोज मिश्रा की मूवी ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से वो एक्टिंग डेब्यू कर रही थीं. लेकिन फिल्म रिलीज से पहले जिस तरह मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग शादी की, उससे सनोज हिल गए हैं. उनके मुताबिक, उनकी फिल्म को रोकने की ये सोची समझी साजिश है.

न्यूज 18 संग इंटरव्यू में सनोज मिश्रा का दर्द छलका है. वो कहते हैं- मोनालिसा लव जिहाद का शिकार इसलिए हुई है क्योंकि वो महाकुंभ से आई थी. एक संगठन है PFI, जो हमारे यहां काम कर रहा है, वो ऐसी चीजों के लिए फंडिंग करते हैं. उनका काम है छोटे शहर की लड़कियां जो हिंदू धर्म में आगे बढ़ती हैं, ये लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं. फरमान भी PFI से जुड़ा हुआ है. अगर जांच होगी तो ये बात सामने आ जाएगी. दिक्कत ये है कि मोनालिसा और उसका परिवार मासूम है. वो भोले भाले लोग हैं. वो समझ ही नहीं पाए कि उके साथ क्या हो रहा है. 5-6 महीनों में जो चीजें बदली, उसमें ये हुआ कि मोनालिसा को मुझसे अलग किया गया. परिवार को मुझसे दूर रखा गया, ताकि वो अपने काम को अच्छे से अंजाम दे पाएं. मुझसे चीजें छिपाई जाती थीं. मुझे नहीं पता था कि वो केरल या कहां जा रहे हैं.

सनोज ने बताया कि उनकी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ धर्मांतरण पर ही आधारित है. इसलिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है. वो कहते हैं- मैं इस फिल्म के लिए जेल गया. अपमानित हुआ. साढ़े 9 करोड़ का मुझ पर कर्ज है. जिसका मैं ब्याज भर रहा हूं. मेरी 2 साल की तपस्या धूमिल हो गई. मेरी फिल्म कंप्लीट हो गई है. बस एक गाना शूट होने को बाकी है. लेकिन अब मैं मोनालिसा संग कभी काम नहीं करना चाहूंगा. मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा गलत फैसला मोनालिसा को फिल्म में लेना था. मैंने उसे बेटी कहता था. इस पर अब मुझे शर्म आ रही है. वो अनपढ़ है. जंगल में रहने वाली लड़की है. उसे बहकाना दुनिया में सबसे आसान है. मोनालिसा को देखकर अब बाकी लड़कियां भी ऐसे ही किसी मुस्लिम के साथ शादी करेंगी. सनोज ने बताया कि उन्हें नहीं पता अब उनकी मूवी कब आएगी. सब खत्म हो गया है. उन्हें नहीं लगता उनकी मूवी को कोई डिस्ट्रीब्यूटर मिलेगा. जानबूझकर रिलीज से पहले ये इंटरफेथ मैरिज की गई.

सनोज ने बताया कि उन्होंने अभी तक मोनालिसा की ट्रेनिंग, उसे इंदौर से ग्लैमर की दुनिया में लाने, फिल्म बनाने, उसे ग्रूम करने में कुल साढ़े 9 करोड़ खर्च किए है. मोनालिसा काम को लेकर कभी इतनी सीरियस नहीं थी. उससे काम कराने में काफी मशक्कत हुई थी. वो बस हंसती रहती थी. मैं उसे लेकर फंस गया था. ऐसे मंझधार में फंस गया था, कुछ कर नहीं सकता था. मेरा उसके साथ कोई स्वार्थ नहीं था. मैंने तो बस पैसे खर्च करता था.

SPORTS : PAK क्रिकेटर अबरार अहमद को खरीदने पर काव्या मारन घिरीं, बवाल के बीच BCCI ने तोड़ी चुप्पी

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लंदन में द हंड्रेड (The Hundred 2026) ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा. भारतीय फैन्स ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए काव्या मारन को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया. विवाद बढ़ने पर BCCI का बयान भी आ गया है.

लंदन में द हंड्रेड (The Hundred 2026) की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को काव्या मारन के स्वाम‍ित्व वाली फ्रेंचाइजी सराइइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने खरीद लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा है.

इस फ्रेंचाइजी की कमान उद्योगपति कलान‍िध‍ि मारन (Kalanithi Maran) के सन ग्रुप के पास है और टीम की सीईओ उनकी बेटी काव्या मारन (Kavya Maran) हैं. IPL में सनराइजर्स हैदराबाद की CEO भी काव्या ही हैं. पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के फैसले के बाद सोशल मीड‍िया पर काव्या मारन को निशाने पर ले लिया गया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई.

पाकिस्तान के लेग स्पिनर अबरार अहमद का बेस प्राइस करीब 92.5 लाख रुपये था, लेकिन नीलामी में उन्हें खरीदने के लिए सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स ( Trent Rockets) के बीच लंबी बोली लगी.

आखिरकार सनराइजर्स ने £190,000 (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया.अबरार अहमद इस तरह किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम के लिए द हंड्रेड में खेलने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए.

विवाद बढ़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कहा कि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. उन्होंने कहा-यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. यह विदेशी लीग का मामला है और उसी लीग को इस पर फैसला लेना होगा. इसमें BCCI कुछ नहीं कर सकता.

विवाद के बीच टीम के हेड कोच डेन‍ियल व‍िटोरी ने भी इस फैसले पर सफाई दी. उन्होंने बताया कि टीम की पहली पसंद इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आद‍िल रशीद थे. लेकिन ऑक्शन में उन्हें साउदर्न ब्रेव ने खरीद लिया. इसके बाद सनराइजर्स लीड्स ने विदेशी स्पिनर के विकल्पों पर ध्यान दिया और आखिरकार अबरार अहमद को टीम में शामिल किया.

विटोरी ने कहा कि टीम की रणनीति शुरू से ही एक प्रमुख स्पिनर लेने की थी. उन्होंने बताया कि टीम के पास चार-पांच विकल्प थे, जिनमें बांग्लादेश के र‍िशाद हुसैन, पाकिस्तान के उस्मान तार‍िक और अबरार अहमद शामिल थे.अबरार अहमद को खरीदने के बाद भारत में सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखने को मिली. इसी बीच सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X (एक्स) अकाउंट भी सस्पेंड हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया. हालांकि अकाउंट सस्पेंड होने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है.

विटोरी ने साफ कहा कि ऑक्शन से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर टीम मैनेजमेंट के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी और खिलाड़ियों का चयन सिर्फ क्रिकेटिंग जरूरतों के आधार पर किया गया.उन्होंने कहा कि अबरार अहमद की गेंदबाजी में काफी वैराइटी है और वह पावरप्ले या मिडिल ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं, जो हेडिंग्ले मैदान जैसे पिच पर टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

गौरतलब है कि ‘द हंड्रेड’ ऑक्शन में अबरार अहमद दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे जिन्हें खरीदा गया. उनसे पहले बर्म‍िंघम फीन‍िक्स ने उस्मान तारिक को अपनी टीम में शामिल किया था.

BUSINESS : पिछले 10 महीने में हाई पर पहुंची महंगाई, 93 के करीब रुपया, जानें ईरान वॉर के बीच आपकी जेब पर कैसा असर

रुपया लगातार कमजोर होकर 93 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो रही है. वहीं देश में महंगाई भी लगभग दस महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है. हालात यह हैं कि रुपया लगातार कमजोर होकर 93 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो रही है. वहीं देश में महंगाई भी लगभग दस महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है. हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं पर इसका बड़ा असर नहीं दिख रहा है, लेकिन स्थिति लंबी खिंची तो ईंधन, यात्रा और रोजमर्रा के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है.

भारत पर संभावित असर

  1. ईंधन और गैस महंगी हो सकती है

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है, तो पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ सकते हैं. इससे यात्रा और दैनिक जीवन का खर्च बढ़ने की आशंका है.

  1. आयात महंगा हो जाएगा

भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. रुपये की कमजोरी के कारण खाने-पीने की चीजों, औद्योगिक कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आयातित सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं.

  1. विदेश यात्रा और पढ़ाई महंगी

रुपया कमजोर होने से विदेश यात्रा, विदेशी विश्वविद्यालयों की फीस और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाएं पहले से ज्यादा महंगी हो सकती हैं.

  1. ईएमआई पर भी असर पड़ सकता है

अगर महंगाई बढ़ती है तो Reserve Bank of India को ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में लोन की ईएमआई कम होने की संभावना घट सकती है और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का दबाव बना रह सकता है. जाहिर है पश्चिम एशिया का संकट फिलहाल भारत में सीमित असर दिखा रहा है, लेकिन अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और रुपया कमजोर होता है, तो इसका असर धीरे-धीरे महंगाई, ईंधन और रोजमर्रा के खर्चों के जरिए आम लोगों तक पहुंच सकता है।

NATIONAL : 9 साल पहले अपहरण, जबरन निकाह और अब तीन तलाक, बेटा-बेटी के धर्म परिवर्तन का बना रहा दबाव

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान गाजीपुर पहुंची थी और जनसुनवाई का कार्यक्रम कर रही थीं.उनके सामने पीड़ित महिला ने अपनी व्यथा सुनाई,जिसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की जनसुनवाई कार्यक्रम में एक लव जिहाद का मामला आया जिसमें पीड़िता को 2009 से 2012 तक अपहरण कर महाराष्ट्र के एक गांव में रखा गया और उसके बाद अपहरण के करीब 9 साल के बाद उससे जबरन निकाह किया. और उसके निकाह के बाद महिला को दो बच्चे भी हुए वहीं अब उसका पति अफसर हुसैन के द्वारा बच्चों का भी धर्म परिवर्तन और बेटे के खतना का दबाव दिया जा रहा है. जबकि उस महिला को 2018 में उसने तीन तलाक भी दे दिया है.

इसके बाद महिला लगातार पुलिस और कोर्ट के चक्कर काट रही है और इसी दरमियान करीब 10 से 15 दिन उसे पर चाकुओं से हमला किया गया और हमले के बाद पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिसको लेकर गुरूवार को वह जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंची. जहां पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस के अधिकारियों को जमकर फटकारा और महिला को तत्काल मेडिकल के लिए भेजा.

महिलाओं की समस्याओं को लेकर लगातार उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं, और इसी कार्यक्रम के तहत आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान गाजीपुर पहुंची थी और जनसुनवाई का कार्यक्रम कर रही थीं. इसी जनसुनवाई के दौरान एक महिला जो मोहम्मदाबाद तहसील के एक गांव की रहने वाली है और उसका गांव मुस्लिम प्रभावित है.

इस मुस्लिम प्रभावित गांव के एक युवक अफसर हुसैन साल 2009 में उसका अपहरण कर महाराष्ट्र के एक गांव में ले जाकर करीब 3 साल तक रखा, और उसके बाद जब वह किसी तरह से वापस अपने गांव आई तो फिर कुछ सालों के बाद गांव वालों ने दबाव बनाकर अफसर हुसैन से उसका निकाह करा दिया. उस निकाह के बाद उसके दो बेटे भी है जिसमें बेटी की उम्र इस समय 14 साल और बेटे का उम्र करीब 8 साल को है. अब उसका पति उसके बेटे और बेटियों का भी धर्म परिवर्तन करना चाह रहा है. साथ ही बेटे का मुस्लिम धर्म के अनुसार खतना भी चाह रहा है.

जिसको लेकर वह गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति के सहयोग से अपने घर से भाग कर कहीं अन्य जगहों पर रह रही है और इसको लेकर वह कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत भी की. यहां तक की उसका मुकदमा कोर्ट में भी चल रहा है और जिसमें उसने 164 का भी बयान दर्ज कराया है, लेकिन इनका आरोप है कि 164 के बयान के बाद उसके कुछ पत्र गायब भी कर दिए गए.

उसने बताया कि उसका पति जो मुस्लिम समाज से हैं वह जबरन उसके साथ मारपीट और धर्म परिवर्तन को लेकर परेशान किया करता है. जिससे वह दूसरे जगह पर रहती है और साल 2018 में उसने तीन तलाक भी दे दिया और अब तीन तलाक देने के बाद फिर से उसे अपनाना चाहता है. लेकिन महिला अब उसके साथ नहीं जाना चाहती. जिसको लेकर उसने कोर्ट में केस भी कर रखा है और जब महिला अब उसके साथ नहीं जाना चाहती है तो उसने करीब 10 दिन पहले उसे पर चाकू से जानलेवा हमला भी किया था. हमले का निशान अभी उसके सर पर दिखाई दे रहा है.

महिला की पूरी बातों को सुनने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक सिटी को महिला के मेडिकल कराने के बाद उचित कार्रवाई करने की भी निर्देश दिए हैं ताकि महिला के साथ न्याय हो सके.

ENTERTAINMENT : गुंडों के बीच फंसी तान्या मित्तल, छोटा डॉन बनकर बचाने आए राजपाल यादव

राजपाल यादव, जो 9 करोड़ के कर्ज मामले में जेल जा चुके हैं और अब जमानत पर बाहर हैं. वो प्रोफेशनल लाइफ में व्यस्त हो चुके हैं. हाल ही में वे बिग बॉस 19 फेम तान्या मित्तल के साथ एक ब्यूटी-ग्रूमिंग ऐप के विज्ञापन में नजर आए.

9 करोड़ के कर्ज मामले में राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा था. इस वक्त वो जमानत पर बाहर हैं. जेल से बाहर निकलने के बाद राजपाल प्रोफेशनल लाइफ में बिजी हो चुके हैं. फैन्स को हैरानी तब हुई जब राजपाल को बिग बॉस 19 फेम तान्या मित्तल के साथ देखा गया. आपके मन में ये ख्याल आना जायज है कि आखिर वो तान्या मित्तल के साथ क्या कर रहे हैं.

असल में राजपाल यादव और तान्या मित्तल एक ब्यूटी-ग्रूमिंग ऐप के विज्ञापन के लिए साथ आए हैं. एक्टर ने विज्ञापन का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इसमें दिखाया जाता है कि तान्या गुंडों के बीच फंस जाती हैं. गुंडों ने उन्हें जोर से पकड़ा हुआ है. वो खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बच नहीं पा रही हैं.

तान्या को मुश्किल में देख छोटा डॉन (राजपाल यादव) आते हैं. छोटा डॉन को देखकर गुंडे डर जाते हैं. इसके बाद राजपाल गुंडो की जमकर पिटाई करते हैं और तान्या को बचा लेते हैं. प्रोमो के एंड में तान्या घर पर ब्यूटी सर्विस लेती नजर आ रही हैं. वो फेशियल करने वाली प्रोफेशनल को उनके साथ हुई घटना की कहानी सुनाती दिखती हैं.

तान्या और राजपाल यादव को साथ देखना फैन्स के लिए बड़ा सरप्राइज है. फैन्स ने वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा कि तान्या की परफॉर्मेंस लाजवाब है. एक फैन ने लिखा कि क्या कमबैक है. कई लोगों ने लिखा इस कोलैब की उम्मीद नहीं थी, तान्या और राजपाल ये कब हुआ. कुछ लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि छोटा डॉन के साथ अच्छे वाले गुंडे लाने चाहिए थे.

राजपाल यादव बेहतरीन एक्टर हैं और ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है. उनकी कई मूवीज रिलीज को तैयार हैं. लेकिन बिग बॉस 19 के बाद तान्या की किस्मत के जो सितारे चमके हैं, उसका कोई जवाब नहीं है.

SURAT : पिता घोंटता रहा सास का गला, बेटी देखती रही… दिल दहला देगी सूरत मर्डर केस की सनसनीखेज कहानी

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सूरत में हमीदा खातून की हत्या के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बेटे, बहू और समधी ने मिलकर गला घोंटकर महिला की हत्या की और लाश को बोरे में भरकर फेंक दिया गया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें इस खूनी साजिश की पूरी कहानी.

सूरत के अमरोली इलाके में मौजूद कोसाड आवास कॉलोनी में 11 मार्च 2026 की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सफाई कर्मचारियों को सड़क किनारे एक संदिग्ध बोरा दिखाई दिया. शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि उस बोरे के अंदर क्या हो सकता है. लेकिन उस बोरे में एक खौफनाक राज छिपा था. जब कर्मचारियों ने बोरा खोलकर देखा तो सबके होश उड़ गए. बोरे में एक महिला की लाश थी, जिसके हाथ और पैर रस्सियों से कसकर बांधे गए थे.

लाश देखकर कर्मचारियों ने फौरन पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. तफ्तीश के कुछ ही घंटों में यह साफ हो गया कि यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या का मामला है. सबसे पहले पुलिस ने शिनाख्त की कार्रवाई को अंजाम दिया. पता चला कि मरने वाली महिला हमीदा खातून मंसूरी थी, जो उसी कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती थीं.

दरअसल, हमीदा खातून मंसूरी करीब 57 साल की थीं और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. उनके पति की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. वह अपने दो बेटों वसीम और परवेज के साथ कोसाड आवास में रहती थीं. परिवार में वसीम की पत्नी शबाना भी थी, जो तीन साल पहले इस घर में बहू बनकर आई थी.

पड़ोसियों के अनुसार, शुरुआत में परिवार सामान्य दिखाई देता था, लेकिन धीरे-धीरे घर में झगड़ों की आवाजें बढ़ने लगी थीं. किसी को अंदाजा नहीं था कि इन झगड़ों की जड़ इतनी गहरी है कि एक दिन यही रिश्ते खून के रिश्तों को भी खत्म कर देंगे. पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. दरअसल हमीदा का छोटा बेटा परवेज मंसूरी भटक चुका था, वो अपनी भाभी शबाना के साथ रिलेशनशिप में था.

बताया गया कि यह रिश्ता तब शुरू हुआ था जब शबाना शादी के बाद कुछ समय के लिए बिहार गई थी. उस दौरान परवेज भी वहां पहुंचा और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. समय के साथ यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि सूरत लौटने के बाद भी दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे. जब हमीदा को इस अवैध संबंध की भनक लगी तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. यहीं से घर में रोजाना झगड़े होने लगे और माहौल धीरे-धीरे जहरीला होता गया.

जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया. पुलिस के मुताबिक, हमीदा खातून का शबाना के पिता मोहम्मद फिरोज आलम के साथ भी एक अजीब तरह का पुराना विवाद था. बताया जाता है कि हमीदा जब अपने मायके गई थीं, तब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं. हमीदा विधवा थीं और फिरोज की पत्नी भी लंबे समय से बीमार बताई जा रही थी. यही वजह थी कि दोनों के बीच संबंधों की चर्चा परिवार में तनाव का कारण बन गई. इस उलझे हुए रिश्तों के जाल ने घर के माहौल को और भी विस्फोटक बना दिया था.

सिर्फ रिश्तों की उलझन ही नहीं, बल्कि आर्थिक तनाव भी इस परिवार को तोड़ रहा था. पुलिस के मुताबिक, हमीदा अक्सर अपने बेटे और बहू को फिजूलखर्ची के लिए डांटती थीं. उन्हें लगता था कि घर की हालत ठीक नहीं है और ऐसे में खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है. लेकिन यह बात परवेज और शबाना को पसंद नहीं आती थी. छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े धीरे-धीरे गुस्से और नफरत में बदलने लगे. यही नफरत एक दिन इतनी खतरनाक हो गई कि खूनी साजिश तैयार होने लगी.

पुलिस जांच के मुताबिक, 10 मार्च को इस खौफनाक साजिश की शुरुआत हुई. शबाना ने अपने पिता फिरोज आलम से शिकायत करते हुए कहा कि उसकी सास हमीदा उसे लगातार परेशान करती हैं. बताया जाता है कि फिरोज ने फोन पर परवेज से बात की और कहा कि वह हमीदा को रास्ते से हटाने का प्लान बना रहा है. परवेज भी अपनी मां की डांट और विरोध से नाराज था, इसलिए उसने इस योजना के लिए हामी भर दी. इसके बाद तय हुआ कि मौका देखकर हमीदा की हत्या कर दी जाएगी ताकि हमेशा के लिए यह झगड़ा खत्म हो जाए.

अगले दिन सुबह जब दोनों बेटे काम पर निकल गए, तब फिरोज आलम उनके घर पहुंचा. पुलिस के मुताबिक, उसने हमीदा को बातचीत के बहाने कमरे में बुलाया. कुछ देर बाद अचानक उसने कपड़े से उनका गला घोंट दिया. इस दौरान घर में मौजूद शबाना सब कुछ देख रही थी. हमीदा की मौत होते ही शबाना ने तुरंत परवेज को फोन किया. परवेज घर लौटा और तीनों ने मिलकर लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. यह सब कुछ इतनी जल्दी और ठंडे दिमाग से किया गया कि पड़ोसियों को जरा भी शक नहीं हुआ.

हत्या के बाद आरोपियों ने हमीदा की लाश को एक प्लास्टिक के बोरे में डाल दिया और रस्सी से कसकर बांध दिया. दोपहर करीब 12:30 बजे फिरोज आलम बोरा कंधे पर उठाकर घर से निकला. एक सीसीटीवी फुटेज में वह साफ दिखाई दिया, जिसमें वह सफेद बोरा लेकर चलता हुआ नजर आ रहा था. उसने घर से करीब 300 से 500 मीटर दूर एक मंदिर के पास उस बोरे को फेंक दिया. इसके बाद वह सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचा और बिहार जाने वाली ट्रेन पकड़ने की कोशिश करने लगा. उसे लगा कि इस तरह वह आसानी से पुलिस से बच जाएगा.

जब पुलिस ने बोरे में मिले शव की पहचान हमीदा खातून के रूप में की, तो जांच की दिशा बदल गई. क्राइम ब्रांच की टीम ने उनके घर की तलाशी ली. वहां उन्हें वही रस्सी और धागा मिला, जिससे लाश को बोरे में बांधा गया था. यही धागा पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया. वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या की वारदात को घर के ही लोगों ने अंजाम दिया है. इसके बाद पुलिस ने सख्ती से घरवालों से पूछताछ की तो पूरा राज खुलकर सामने आ गया.

जांच पूरी होते ही पुलिस ने परवेज मंसूरी और उसकी भाभी शबाना को सूरत से गिरफ्तार कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी मोहम्मद फिरोज आलम हत्या के बाद बिहार भाग गया था. लेकिन सूरत क्राइम ब्रांच ने बिहार एसटीएफ को सूचना दी, जिसके बाद उसे पटना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया. इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को दहला दिया है. लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि एक बेटा, अपनी मां के खिलाफ ऐसी खौफनाक साजिश का हिस्सा बन सकता है. यह वारदात एक बार फिर साबित करती है कि जब रिश्तों में भरोसा खत्म हो जाता है, तो इंसान किसी भी खतरनाक हद तक जा सकता है.

NATIONAL : तरुण के नाम पर सोशल मीडिया से दो दिन में जुटाए 37 लाख रुपये, दिल्ली पुलिस ने X और Instagram से साधा संपर्क

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दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर कुछ लोग उसके परिवार के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे थे. पुलिस जांच में पता चला कि एक बैंक खाते में दो दिनों में करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए. द्वारका जिला पुलिस ने तुरंत खाते को फ्रीज कर दिया और अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

दिल्ली के उत्तम नगर के चर्चित तरुण मर्डर केस पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कुछ लोग इस संवेदनशील घटना का सहारा लेकर तरुण के परिवार के नाम पर आम लोगों से पैसे इकट्ठा कर रहे थे. पुलिस के अनुसार ऐसे ही एक बैंक खाते में महज दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए थे. मामले की जानकारी मिलते ही द्वारका जिला पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करा दिया. साथ ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे समाज में तनाव भी बढ़ सकता है. इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है. उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे थे. इनमें से कई पोस्ट में अपुष्ट और भड़काऊ दावे किए जा रहे थे. द्वारका जिला पुलिस ने इन पोस्टों को गंभीरता से लिया और तुरंत उनकी जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जानबूझकर भ्रामक सामग्री फैला रहे थे. पुलिस का कहना है कि ऐसी पोस्ट से न सिर्फ लोगों को गुमराह किया जा रहा था, बल्कि इससे इलाके में माहौल भी बिगड़ सकता था.

जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय करते हुए कार्रवाई शुरू की. अब तक आईटी एक्ट की धाराओं के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को 14 कंटेंट टेकडाउन अनुरोध भेजे गए हैं, ताकि भड़काऊ और भ्रामक सामग्री को हटाया जा सके. इसी तरह फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म Instagram को भी 8 टेकडाउन अनुरोध भेजे गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन अकाउंट्स से अफवाहें फैलाई जा रही थीं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया. 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक क्यूआर कोड दिखाते हुए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी. वीडियो में दावा किया गया था कि यह पैसा तरुण के परिवार की मदद के लिए जमा किया जा रहा है. लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि यह फंड जुटाने की कोशिश संदिग्ध थी. जांच में सामने आया कि महज दो दिनों के भीतर उस बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे.

जैसे ही पुलिस को इस संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया गया. पुलिस ने बैंक को निर्देश दिया कि उस खाते में होने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट लेनदेन को तुरंत रोक दिया जाए. इसके साथ ही खाते में जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आम लोगों द्वारा भेजा गया पैसा सुरक्षित रह सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके.

द्वारका जिला पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट या झूठी जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है. पुलिस के अनुसार जो लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन लोगों पर भी नजर रखी जा रही है जो इस घटना के नाम पर ऑनलाइन फंड इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. अधिकारियों का कहना है कि बिना पुष्टि के कोई भी पोस्ट या वीडियो शेयर करना कई बार अनजाने में अफवाह फैलाने का कारण बन सकता है. इसलिए लोगों से कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें.

दरअसल, होली के मौके पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था. बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली घटना से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया. इस झगड़े में 26 वर्षीय तरुण नामक युवक की हत्या कर दी गई. जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया. पुलिस जांच के अनुसार घटना के दौरान एक महिला सायरा पर गुब्बारा फेंका गया था. आरोप है कि इसके बाद उसने अपने परिवार के लोगों को बुला लिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हिंसा में तरुण की हत्या कर दी गई.

इस मामले में पुलिस अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. घटना के बाद तीन महिलाएं फरार हो गई थीं और कथित तौर पर ख्याला इलाके में छिपी हुई थीं. पुलिस उनकी तलाश में भी जुटी रही. जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और धीरे-धीरे पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की. तरुण की मौत के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी. कुछ हिंदू संगठनों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने तरुण की हत्या में शामिल संदिग्धों से जुड़े एक घर में तोड़फोड़ की और कथित तौर पर आग भी लगा दी.

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले अकाउंट्स, संदिग्ध फंडिंग और हिंसा की घटना इन सभी पहलुओं को जोड़कर जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि अगर जांच में और लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

द्वारका जिला पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है. पुलिस ने दोहराया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने या लोगों को भड़काने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : ऑफिस को निकली लड़की लड़के के साथ पहुंची होटल, खटखटाने के बाद भी नहीं खुला दरवाजा तो तोड़ कर अंदर घुसे लोग

पुरानी दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके के एक होटल कमरे में एक लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई. वह बुधवार को एक लड़के के साथ होटल में आई थी, जो शाम को कमरे को बाहर से बंद कर चला गया और तब से लापता है. लड़की घर से ऑफिस जाने के लिए निकली थी. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.

पुरानी दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में स्थित एक होटल के कमरे से एक लड़की का शव मिलने से सनसनी फैल गई. युवती संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई, जबकि उसके साथ होटल में ठहरा लड़का घटना के बाद से लापता है. कमरे का दरवाजा जब देर रात तक नहीं खुला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी. बाद में जब दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर प्रवेश किया गया तो बिस्तर पर पड़ी युवती की लाश देखकर हर कोई सन्न रह गया.

पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उस लड़के की तलाश शुरू कर दी है जो लड़की के साथ होटल में आया था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लड़की घर से रोज की तरह ऑफिस जाने के लिए निकली थी, लेकिन कुछ घंटों बाद वह एक लड़के के साथ होटल पहुंच गई. इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है.

पुलिस के अनुसार यह घटना 11 और 12 मार्च की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे सामने आई. चर्च मिशन रोड स्थित होटल के कर्मचारियों को एक कमरे से लंबे समय तक कोई हलचल सुनाई नहीं दी. बताया जा रहा है कि कमरे में ठहरे मेहमानों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. होटल स्टाफ को संदेह हुआ तो उन्होंने स्थानीय बीट पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और कमरे के बाहर से आवाज लगाकर अंदर मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस ने होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा तोड़ने का फैसला किया.

जब दरवाजा तोड़ा गया और लोग कमरे के अंदर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कमरे के अंदर एक युवती बिस्तर पर पड़ी हुई थी, जिसके ऊपर आंशिक रूप से कंबल डाला हुआ था. बिस्तर पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे और आसपास पड़े कपड़ों पर भी खून लगा हुआ था. कमरे की हालत देखकर साफ लग रहा था कि वहां कुछ गंभीर हुआ है. घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया. जांच टीम ने कमरे के हर हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया. जांच के दौरान बिस्तर पर काफी मात्रा में खून के धब्बे मिले. कमरे में पड़े कपड़ों और अन्य सामान पर भी खून के निशान पाए गए. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं. इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके की लड़की की मौत किन परिस्थितियों में हुई.

पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस मामले को और उलझा रहे हैं. जांच में पता चला है कि मृत लड़की बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक लड़की के साथ होटल में आई थी. होटल के रिकॉर्ड के अनुसार उसके साथ आए युवक की पहचान अभिषेक तिवारी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि दोनों ने होटल में कमरा लिया था और कुछ समय तक वहीं ठहरे रहे. हालांकि शाम करीब 5 बजे युवक होटल से निकल गया. बताया जा रहा है कि वह कमरे को बाहर से बंद कर चला गया था. इसके बाद युवती कमरे के अंदर ही रह गई.

उधर युवती के घर पर भी चिंता बढ़ने लगी थी. परिजनों के अनुसार वह रोज की तरह बुधवार सुबह करीब 11 बजे ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थी. लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं लौटी और उसका फोन भी बंद आने लगा, तो परिवार के लोग परेशान हो गए. आखिरकार उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया. युवती के परिवार ने जाफराबाद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसी बीच पुलिस को होटल से मिली सूचना ने पूरे मामले को एक नई दिशा दे दी.

जब होटल के कमरे से लड़की का शव बरामद हुआ तो पुलिस ने उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की. बाद में उसके परिवार से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी गई. यह खबर सुनते ही परिवार के लोग सदमे में आ गए. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. जांच अधिकारियों का कहना है कि लड़की के साथ होटल में आए लड़के की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है, इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है.

पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं. होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक होटल से कब और किस तरह बाहर गया. इसके अलावा आसपास के इलाकों के कैमरों की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़की और लड़के के बीच क्या संबंध था और वे होटल तक कैसे पहुंचे.

जांच अधिकारी इस मामले को कई कोणों से देख रहे हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे या उनकी मुलाकात हाल ही में हुई थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि होटल में आने के बाद उनके बीच क्या हुआ. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.

RAJASTHAN : महिला, प्रेमी और बेटी ने नहर में कूदकर दी जान! प्रेम संबंध के चलते आत्महत्या का मामला

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राजस्थान के जालोर जिले में गुरुवार को नर्मदा नहर से 3 शव बरामद किए गए. मृतकों में एक युवक, एक महिला और उसकी सात साल की बेटी शामिल है. शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें नहर में कूदकर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है.

राजस्थान के जालोर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है. पुलिस के अनुसार, गुरुवार को नर्मदा नहर से एक पुरुष, एक विवाहित महिला और उसकी सात साल की बेटी के शव बरामद किए गए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला और पुरुष के बीच प्रेम संबंध था और दोनों ने गुरुवार तड़के नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली.

नर्मदा नहर से गुरुवार को तीन शव बरामद किए गए. मृतकों की पहचान अमृत भील (27), परास देवी (30) और उसकी सात साल बेटी खुशी के रूप में हुई है.जानकारी के मुताबिक, परास देवी की शादी रूदाराम मेघवाल से हुई थी, लेकिन उसका पास के गांव के रहने वाले अमृत के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध बताया जा रहा है.

चितलवाना थाने के प्रभारी भूराराम ने बताया, “तीनों बुधवार रात से अपने-अपने घरों से लापता थे. वे मोटरसाइकिल से चितलवाना इलाके में नहर के पास पहुंचे और वहां से नहर में कूद गए”.उन्होंने बताया कि नहर में कूदने से पहले दोनों ने खुद को एक कपड़े से बांध लिया था. गुरुवार सुबह घटनास्थल पर उनकी मोटरसाइकिल मिली, जिस पर आधार कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद हुए.

सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और देर शाम तक तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ENTERTAINMENT : ‘मोनालिसा को फंसाया गया’, फरमान खान संग शादी पर भड़के पिता, बोले- मेरा मर जाना अच्छा है

मोनालिसा और फरमान खान की इंटरफेथ शादी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. मोनालिसा के पिता ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है ये शादी गलत है. उनके साथ धोखा हुआ है.

महाकुंभ से लाइमलाइट में आईं मोनालिसा सुर्खियों में है. यूपी के बागपत के रहने वाले फरमान खान संग उन्होंने शादी की. फरमान मुस्लिम हैं और मोनालिसा हिंदू. दोनों की इंटरफेथ मैरिज इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है. कई लोग इस शादी को लव जिहाद का नाम दे रहे हैं. लेकिन कपल का कहना है ये उनका प्यार है कोई लव जिहाद नहीं. फरमान की दुल्हन बनने के लिए मोनालिसा ने अपने परिवार का दिल तोड़ा. इस रिश्ते पर उनके पिता जयसिंह भोंसले का रिएक्शन सामने आया है.

आज तक संग बातचीत में उनके पिता ने बताया कि वो और मोनालिसा केरल एक्टिंग के सिलसिले में गए थे. वहां काम खत्म कर वे वापस लौटने वाले थे. उनकी और मोनालिसा की टिकट बुक थी. लेकिन आखिरी मोमेंट में उनकी बेटी ने साथ आने से मना कर दिया. वो कहते हैं- मुझे और मोनालिसा को फोन आया था, हम केरल गए थे. उन्होंने कहा था कुछ एक्टिंग सिखाएंगे, गाना भी बना कर देंगे. 1 महीने से फोन कर रहे थे. मैंने सोचा कि चलो देखकर आते हैं, वहां कैसा है माहौल. मालूम पड़ा कि एक्टिंग क्लास अच्छी है, कत्थक भी सस्ते में सिखाते हैं. मैंने सोचा चलो देखते हैं. 2 दिन रुकने से क्या होगा. मैं और मोनालिसा वहां गए. मैंने कहा एक्टिंग सीखने के लिए यहां मुझे घर भी चाहिए. वो इसके लिए माने. मैंने कहा परिवार का राय लेकर बताता हूं.

”मैं 4-5 दिन वहां रुका. इस बीच घर से फोन आ रहे थे. मां की तबीयत खराब थी. मैंने कहा मुझे घर जाना है, टिकट का इंतजाम कर दो. हम एयरपोर्ट जा रहे थे तभी उन्होंने पुलिस स्टेशन में गाड़ी रोकी. मोनालिसा को लेकर थाने गए, मैंने पूछा तो कहते- तुम मोनालिसा की जबरदस्ती शादी करा रहे हो. मैंने काफी देर तक वहां पर हंगामा भी किया. उन्होंने मुझे कहा कि मोनालिसा मेरे साथ नहीं आना चाहती. मोनालिसा ने भी मुझे वहां से जाने को कहा. उसने कहा पापा आप जाओ, मैं यहीं रहकर एक्टिंग, डांस सीखूंगी, फिल्में करूंगी. मैं बेटी तो अकेले छोड़कर नहीं जाना चाहता था.”

”मुझे थाने के अंदर नहीं जाने दिया. घंटों तक बाहर ही रोके रखा. वो मेरी आंखों के सामने मोनालिसा को छीनकर ले गए. मुझे लग रहा है मेरी बेटी को फंसाया गया है या कुछ किया है. मेरी बेटी को बहकाया गया है. जादू टोने का असर हो सकता है. मेरी बेटी मुझसे 2 मिनट दूर नहीं जाती थी. आखिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने मुझे ही भगा दिया, लड़की को भी लेकर चले गए.” ये सब बताते हुए मोनालिसा के पिता के आंसू भी छलके.

मोनालिसा की शादी पर उनके पिता ने कहा- बहुत बुरा लग रहा है. मैंने बेटी के लिए काफी मेहनत की थी. मोनालिसा ने कहा था कि वो एक्टिंग सीखकर आएगी. मैं उसके इंतजार में हूं. देखता हूं कब वो आती है. उसने 10 दिन में लौटने की बात कही है. लेकिन शादी की बात देखकर लग नहीं रहा वो आएगी. लव जिहाद के आरोपों पर वो बोले- मुस्लिम लड़के से शादी करना गलत है. मैंने तो वहां पर सोचा कि मर जाना ही अच्छा है. लेकिन मेरा बेटा कहता है पापा मेरे लिए जियो. मोनालिसा जैसी बेटी का क्या करूं?

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