Friday, September 18, 2026
Home Blog

NATIONAL : तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों पर चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, बंगाल उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक

0

TMC Vs TMC: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार (17 सितंबर) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों विरोधी गुटों को आगामी उपचुनावों में पार्टी का नाम और उसके “फूल और घास” वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया। यह रोक संगठनात्मक विवाद पर अंतिम फैसला होने तक लगाई गई है

TMC Vs TMC: चुनाव आयोग बंगाल विधानसभा उपचुनावों में TMC के दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोका
TMC Vs TMC: चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार (17 सितंबर) को एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न (फूल और घास) के इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को शुक्रवार यानी 18 सितंबर की सुबह तक अपनी पसंद के तीन नाम और चुनाव चिह्न सौंपने का निर्देश दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि कल तृणमूल कांग्रेस के दोनों बागी खेमों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह मिल सकता है। चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों से कहा है कि वे पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के लिए आयोग द्वारा अधिसूचित कोई भी चुनाव चिह्न और पार्टी का कोई दूसरा नाम चुनें।

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे ऋतब्रत बनर्जी सहयोगी नेताओं के साथ चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे कल्याण बनर्जी सहयोगियों के साथ निर्वाचन आयोग से मिलेंगे। माना जा रहा है इसके बाद चुनाव आयोग शाम तक कोई अंतरिम आदेश जारी कर सकता है।

निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर पार्टी के ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों की अलग-अलग सुनवाई की। इसमें ममता गुट ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया। जबकि ऋतब्रत गुट ने पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव चिह्न के संबंध में जल्द निर्णय लेने की मांग की। बागी गुट में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, अकरुल ज़मान, अरूप रॉय और एक वकील शामिल हैं। उन्होंने आयोग के सभी सदस्यों से मुलाक़ात की तथा अपनी बात रखी।

सुनवाई के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हमने अपना पक्ष रखा और हमसे पूछे गए सवालों के जवाब दिए।” उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्न का मुद्दा इसलिए अहम हो गया है क्योंकि नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने वाले हैं और दोनों गुटों की ओर से उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किये हैं। इसके बाद, ममता बनर्जी गुट के सदस्य डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष ने आयोग के सदस्यों से मुलाकात की।

ममता गुट ने किया विरोध

कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया है। ममता गुट का कहना है कि ऐसे निर्देश का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने कहा है कि कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए। कोई भी आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए।” तृणमूल सांसद ने बागी नेताओं के 6 और 19 मई को पार्टी की बैठकों में शामिल होने और 3 जून को लोकसभा अध्यक्ष से मिलने का जिक्र किया, जब उन्होंने दावा किया था कि वे तृणमूल का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, “उस तारीख तक आपने पार्टी के अस्तित्व को माना था। अचानक 22 जून को आपने कह दिया कि तृणमूल कांग्रेस है ही नहीं। आप ये दोनों बात कैसे कह सकते हैं।” ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि आगामी उपचुनावों को देखते हुए वह जल्द निर्णय ले। उन्होंने कहा, “हमने आयोग से जल्द फैसला करने का अनुरोध किया है क्योंकि उपचुनाव नजदीक हैं। हम निर्वाचन आयोग का सम्मान करते हैं और उस पर विश्वास करते हैं।”

NATIONAL : UPI चार्ज पर सियासत, सरकार बोली- नहीं था कोई विरोध, कांग्रेस का दावा- कमेटी में नहीं हुई चर्चा

0

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने उस यूपीआई टैक्स प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की है जिसकी घोषणा मोदी सरकार ने हाल ही में की है.

यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति तक पहुंच गया. इस कमेटी में UPI पेमेंट को लेकर हुई चर्चा पर सरकार और विपक्ष अलग-अलग बयान दे रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया कि इस प्रस्ताव पर वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने चर्चा नहीं की थी. कांग्रेस के अनुसार, ज्‍यादातर व्यापारियों को प्रति ट्रांजेक्शन 2,000 रुपए से ज्‍यादा के यूपीआई पेमेंट पर बैंकों और पेमेंट प्रोसेसर को यह चार्ज देना होगा.

UPI चार्ज पर नहीं हुई कोई चर्चा: कांग्रेस

सरकार का कहना है कि MDR स्ट्रक्चर को लेकर कमेटी से जो सिफारिश की गई तब कांग्रेस ने असहमति नहीं जताई थी और अब विरोध कर रही है. इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पारित होने के समय पांच कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के गोपीनाथ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई असहमति दर्ज नहीं की थी. वित्त समिति के सदस्य रहे गौरव गोगोई ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में कहा कि प्रस्तावित यूपीआई चार्ज पर वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने चर्चा नहीं की थी. उन्होंने दावा किया कि जब वित्त विभाग के प्रतिनिधि समिति के सदस्यों से मिले थे, तो उन्होंने यूपीआई टैक्स से जुड़ा कोई खास प्रस्ताव समिति के सामने नहीं रखा था.

समिति के सदस्यों ने उठाए थे सवाल: गोगोई

गोगोई ने कहा, ‘वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने उस यूपीआई टैक्स प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की है जिसकी घोषणा मोदी सरकार ने हाल ही में की है. जब वित्त विभाग के अधिकारी वित्त समिति के सदस्यों से मिले तो उनके पास यूपीआई टैक्स पर कोई खास प्रस्ताव नहीं था.’ उन्होंने दावा किया कि समिति के सदस्यों ने एमडीआर की जरूरत पर सवाल उठाए थे, लेकिन चर्चा के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों ने कोई खास या संतोषजनक जवाब नहीं दिया. मैं फिर से कहता हूं कि हालिया यूपीआई टैक्स नीतियां छोटे भारतीय व्यापारियों, वेंडर्स और उद्यमियों को नुकसान पहुंचाएंगी और बड़ी अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाएंगी.’

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का बयान

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गौरव गोगोई की बात का समर्थन करते हुए कहा कि संसदीय स्थायी समितियों की कार्यवाही गोपनीय होती है और उनके अनुसार, इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने गोगोई के इस दावे का भी समर्थन किया कि समिति के सामने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर हालिया एमडीआर से जुड़ा कोई खास प्रस्ताव पेश नहीं किया गया था, जिसमें प्रस्तावित दर और छूट का विवरण शामिल हो.

उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्यों ने एमडीआर को लाने के पीछे के बड़े सिद्धांत और तर्क को लेकर भी चिंताएं जताई थी. मनीष तिवारी ने इस दावे पर भी आपत्ति जताई कि प्रस्तावित उपाय को कमेटी के कुछ सदस्यों का समर्थन मिला था. उन्होंने कहा, ‘यह दावा करना कि किसी खास उपाय को कमेटी के कुछ सदस्यों का समर्थन मिला था, संसदीय कमेटी की गोपनीय कार्यवाही का गलत और भ्रामक वर्णन है.’

NATIONAL : UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR चार्ज का फैसला नहीं होगा वापस, सरकार ने साफ किया अपना रुख!

0

UPI पर नए MDR चार्ज को लेकर चल रही बहस के बीच सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। ₹2000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर लगने वाला 0.4% MDR चार्ज वापस नहीं लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस फैसले पर दोबारा विचार करने या इसे वापस लेने का कोई सवाल नहीं है।

₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई मर्चेंट पेमेंट्स पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले पर सरकार ने अपना रुख पूरी तरह सख्त कर लिया है। व्यापारियों, दुकानदारों और राजनीतिक दलों के भारी विरोध के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नीतिगत फैसले को वापस लेने या इस पर पुनर्विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

बुधवार को एक शीर्ष सरकारी अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या सरकार ₹2000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट्स पर प्रस्तावित MDR चार्ज को वापस लेने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने दो-टूक जवाब दिया। अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय पूरे यूपीआई इकोसिस्टम के व्यापक हित में लिया गया है और इसे बदलने की कोई संभावना नहीं है। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, द्वारा लगाए गए अमेरिकी दबाव के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा कि नए MDR फ्रेमवर्क से यूपीआई आत्मनिर्भर, वित्तीय रूप से मजबूत और तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनेगा।

संसदीय समिति की चेतावनी
वित्त संबंधी संसद की स्थायी समिति (32वीं रिपोर्ट) ने चेतावनी दी थी कि जीरो-MDR व्यवस्था से सरकारी खजाने पर भारी दबाव पड़ रहा है। समिति ने बताया कि ज़ीरो-MDR नीति को चालू रखने के लिए सरकार को हर साल लगभग ₹2,000 करोड़ की बजटीय सहायता देनी पड़ रही थी। संसदीय पैनल ने जोर देकर कहा था कि सरकारी खजाने पर निर्भर रहने के बजाय एक टिकाऊ राजस्व मॉडल बनाना यूपीआई के लॉन्ग टर्म भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर
छह साल से चले आ रहे पूरी तरह मुफ्त यूपीआई पेमेंट्स के दौर में यह बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन सरकार ने आम जनता और छोटे कारोबारियों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि MDR का भुगतान मर्चेंट्स (दुकानदारों) को करना होगा, ग्राहकों को नहीं। आम यूजर्स पर कोई मासिक कोटा या सीमा लागू नहीं होगी। वहीं, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर और ₹2,000 तक के छोटे मर्चेंट पेमेंट्स पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। सरकार का कहना है कि एकत्र किए गए MDR शुल्क का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार और सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाया जाएगा।

NATIONAL : उज्जैन में बाबा महाकाल के दर पर पहुंचे BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, भस्म आरती में लिया हिस्सा, कहा- भगवान PM मोदी पर कृपा करें

0

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने तड़के आयोजित होने वाली बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती और विशेष पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।

भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और राष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की।

पवित्र भूमि का सौभाग्य: ‘महाकाल की इस पावन और पवित्र भूमि पर आकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। हमने पूरे देश और सभी नागरिकों के कल्याण, सुख और शांति के लिए प्रार्थना की है।’

महाकाल की नगरी का महत्व: ‘आज हमने भगवान महाकाल का विधिवत पूजन किया है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया है। महाकाल की नगरी से कोई भी बिना बाबा का आशीर्वाद लिए नहीं जाता।’

प्रधानमंत्री मोदी के लिए मांगी विशेष मनोकामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के ठीक अगले दिन महाकाल की शरण में पहुंचे नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की भी कामना की:

सेवा और समर्पण का भाव: ‘मैं भगवान महाकाल से यह भी प्रार्थना करता हूं कि वह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री को सेवा और समर्पण की शक्ति दें, जिनका जन्मदिन हमने बीते दिन (17 सितंबर) मनाया है।’

देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने की कामना: उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल प्रधानमंत्री मोदी को ऐसी ही ऊर्जा प्रदान करें, ताकि वह सफलता और ख्याति के साथ देश को विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ाते रहें।

मोदी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री संग्रहालय में विशेष प्रदर्शनी का आयोजन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में जनसेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली में प्रधानमंत्री संग्रहालय में बृहस्पतिवार को एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी ’सेवा दिवस : 25 इयर्स ऑफ पब्लिक सर्विस’ शीर्षक से आयोजित की जा रही है। मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर शहर में हुआ था।

NATIONAL : PM मोदी के जन्मदिन पर उज्जैन में 33.2 लाख दीये जलाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, पूरे एमपी में कितने दीपक जले?

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के घाटों पर 33.27 लाख दीये एक साथ जलाए गए। राज्य के मुताबिक, इस आयोजन के साथ उज्जैन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया। जानिए पूरे मध्य प्रदेश में कितने दीपक जलाए गए।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में गुरुवार शाम ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने शहर का नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर क्षिप्रा नदी के घाटों पर एक साथ 33.27 लाख दीये जलाए गए। राज्य के एक अधिकारी के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाने से उज्जैन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू हुआ। जैसे ही सायरन बजा, स्वयंसेवकों ने महज तीन मिनट के भीतर सभी दीये जला दिए। ‘आशीर्वाद का दिया’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। दीयों की रोशनी से क्षिप्रा नदी के घाट जगमगा उठे और पूरा इलाका रोशनी से नहा गया।

पीएम मोदी की फोटो, दीये जलाकर बनाई
जानिए पूरे राज्य में कितने दीपक जले?
यह आयोजन केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहा। राज्य के अधिकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कुल 3.55 करोड़ दीये एक साथ जलाए गए। कार्यक्रम के दौरान लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों ने इसे सेवा और प्रतिबद्धता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बताया।

क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित रामघाट पर हुए इस कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने भी दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। शाम 7 बजे रामघाट के अलावा दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, भूखी माता घाट और महाकाल महालोक सहित कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने दीये जलाए। इसके बाद क्षिप्रा आरती का आयोजन भी किया गया।

सीएम मोहन यादव ने ट्वीट करके दी जानकारी
दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की जानकारी सीएम मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करके भी दी। उन्होंने लिखा- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज उज्जैन में पुण्य सलिला माँ शिप्रा के किनारे एवं श्री महाकाल महालोक में 33 लाख 27 हजार आशीर्वाद के दीप एक साथ प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के जन्मदिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज उज्जैन में पुण्य सलिला माँ शिप्रा के किनारे एवं श्री महाकाल महालोक में 33 लाख 27 हजार आशीर्वाद के दीप एक साथ प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड…

NATIONAL : बरामदे में सो रहे BSC छात्र की चाकू से हत्या, 8 टीमें जांच में जुटीं

0

गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण इलाके में घर के बरामदे में सो रहे बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र की सर में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई है. हादसे के वक्त परिवार के लोग मृतक के पिता का इलाज करने लखनऊ गए हुए थे.

यूपी के गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण इलाके में दुस्साहसिक वारदात ने सनसनी फैला दी है. घर के बरामदे में सो रहे बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र की सर में चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. घटना के समय परिवार के लोग मृतक के पिता का इलाज करने लखनऊ गए हुए थे. मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच और ग्रामीणों से पूछताछ की है. फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया है. पुलिस ने हत्यारे की तलाश में टीम में लगा दी है, हालांकि हत्या किसने और किस वजह से की है या अभी पता नहीं चल पाया है.

शुभम की बरामदे में सोते समय चाकू मारकर की हत्या
गोरखपुर के बांसगांव थानाक्षेत्र के जयंतीपुर गांव में बीएससी प्रथम वर्ष के 19 वर्षीय छात्र शुभम मिश्रा की घर के बाहर बरामदे में सोते समय चाकू मारकर हत्या कर दी गई. हमलावर ने उसके सिर पर चाकू से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना पर एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी व सीओ खजनी अनुज सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. शुभम का शव घर के बाहर रखा गया है. परिजनों के गांव पहुंचने के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जाएगा.

बुधवार, 16 सितंबर की रात खाना खाने के बाद शुभम घर के बाहर बरामदे में सोने चला गया था. 17 सितंबर (गुरुवार) तड़के करीब 5 बजे अज्ञात हमलावर ने सोते समय उसके सिर पर चाकू से वार कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण उसे एंबुलेंस से पीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए. सुबह घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. हत्या किस वजह से हुई, इसका पुलिस पता लगाने में जुटी है. पुलिस अज्ञात हमलावर की तलाश कर रही है.

जयंतीपुर गांव के रहने वाला शुभम मिश्रा (19) दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था. उसके पिता स्वदेश मिश्रा खेती-किसानी करते हैं. स्वदेश मिश्रा पिछले चार-पांच साल से किडनी की बीमारी का इलाज करा रहे हैं. वे परिवार के साथ इलाज के लिए लखनऊ गए थे. घटना के वक्त छात्र घर पर अकेला था.

पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस करने के लिए लगाया 8 टीमों को
गोरखपुर के एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि बांसगांव थाना क्षेत्र के जयंतीपुर गांव में शुभम मिश्रा नाम के युवक को सुबह 6:30 बजे सिर में छोट लगने और अधिक खून बहने की सूचना पुलिस को मिली, जिससे उनकी डेथ हो गई है. रात 8:30 बजे तक लोगों की इनसे बात हुई है. वारदात को किसने अंजाम दिया है, इसकी पड़ताल की जा रही है. परिवार के मुख्य सदस्यों के आने के बाद तहरीर दी जाएगी. घटना की सूचना मिलने के बाद आरोपियों को ट्रेस करने के लिए 8 टीमों को लगाया गया है.

इस घटना का शीघ्र ही अनावरण किया जाएगा. पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा कि किस वेपन का हत्या में इस्तेमाल किया गया है. प्रथम दृश्य देखने में यह लग रहा है की घटना को अंजाम देने में किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया है. सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मृतक यहां पर अकेले रहते हैं और उनके परिवार के सदस्य लखनऊ और गोरखपुर रहते हैं.

ENTERTAINMENT : ‘रामायणम्’ के ‘जय जय राम’ के लिए अरिजीत सिंह ने दिए 200 टेक, सामने आया चौंकाने वाला किस्सा

0

‘रामायणम्’ फिल्म का गाना ‘जय जय राम’ हाल ही में रिलीज किया गया. अब इसकी रिकॉर्डिंग का एक किस्सा सामने आया है. खबरें हैं कि अरिजीत सिंह ने इसके लिए 200 से ज्यादा टेक लिए थे.

इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायणम्’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज के साथ ही हिट हो चुका है. मेकर्स ने इसे गणेश चतुर्थी के मौके पर रिलीज किया. इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है. अब गाने के रिकॉर्डिंग को लेकर बहुत ही दिलचस्प खबर आई है.

खबरें हैं कि अरिजीत सिंह इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान 200 से ज्यादा टेक लिए. इस दौरान वो इतने खो गए थे कि एक के बाद एक टेक देते रहे और इसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह गए थे.

सूत्रों के मुताबिक, ‘अरिजीत सिंह ने इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय इसमें इस कदर डूब गए थे कि उन्हें रिकॉर्ड करते समय कुल 200 से ज़्यादा बार टेक लेने पड़े.’

रामायणम्’ के ‘जय जय राम’ के लिए अरिजीत सिंह ने दिए 200 टेक, सामने आया चौंकाने वाला किस्सा

सोर्स ने यह किस्सा साझा करते हुए बताया, ‘उन्होंने गाने के हर एक टेक के समय उसके भाव को महसूस किया और उस भावना में वे इतने खो गए कि वह उससे बहार निकलना नहीं चाह रहे थे. आखिर में, उन्होंने गाने में खुद को डुबाते हुए तकनीकी बारीकियों के बारे में सोचना छोड़ दिया.’

आपको बता दें कि कुमार विश्वास ने इस गाने के बोल लिखें हैं और ए.आर. रहमान ने इसे कंपोज़ किया है.

रिलीज के तीन दिन में ही इस गाने को अब तक 36 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.

रहमान का यह भक्ति से भरा ट्रैक भगवान राम का जश्न मनाने के साथ देश के तीन जाने माने म्यूजिकल आवाजों को एक साथ लाता है. मेकर्स ने इस गाने को रामायणम् के ट्रेलर को दुनिया भर से मिले जबरदस्त रिस्पांस के बाद रिलीज़ किया है.

‘रामायणम्’ के कास्ट की बात करें तो इसमें राम के रोल में रणबीर कपूर नज़र आएंगे. वहीं, रावण का किरदार साउथ सुपरस्टार यश ने किया है.

सीता के रोल में साउथ एक्ट्रेस साईं पल्लवी दिखेंगी. हनुमान के रोल में सनी देओल, कैकयी के रोल में लारा दत्ता, शूर्पणखा के रोल में रकुल प्रीत सिंह और लक्ष्मण के रोल में रवि दूबे हैं.

‘रामायणम्’ को नितेश तिवारी द्वारा डायरेक्ट किया गया है. नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने आठ बार अकादमी अवॉर्ड जीत चुकी DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है. भारत को छोड़कर दुनियाभर में सोनी पिक्चर्स फिल्म को रिलीज करेगी. ‘रामायणम्’ का पार्ट वन इस दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.

NATIONAL : PM मोदी के जन्मदिन पर पप्पू यादव ने शेयर किया ये VIDEO, ‘…विवश हूं’

0

पप्पू यादव ने जो वीडियो शेयर किया है वो केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है. दोनों नेता बाढ़ का सर्वेक्षण करते दिख रहे हैं. पप्पू यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज (गुरुवार) जन्मदिन है और बीजेपी के नेता-कार्यकर्ता जोर-शोर से इसे उत्सव के रूप में मना रहे हैं. इस बीच सांसद पप्पू यादव ने अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर करते हुए ‘मौन’ व्रत तोड़ा है.

पप्पू यादव ने जो वीडियो शेयर किया है वो बिहार में आई बाढ़ का है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते बुधवार (16 सितंबर, 2026) को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बोट और ट्रैक्‍टर से सर्वेक्षण किया था. अब विपक्ष के नेता जमीनी दौरे को लेकर सवाल उठा रहे हैं. इसी क्रम में पप्पू यादव ने भी हमला किया है.

पप्पू यादव ने वीडियो शेयर करने के साथ ही लिखा है, “पिताजी की पुण्यतिथि है… उनके पुण्यस्मरण में आज किसी की आलोचना नहीं करना चाहता था पर बेशर्मी के विश्वगुरुओं का निर्लज्ज प्रहसन देख मौन तोड़ने को विवश हूं.”

पूर्णिया सांसद आगे लिखते हैं, “बिहार के CM और केंद्रीय मंत्री शिवराज जी का बाढ़ वीडियो फिल्मांकन एवं PM का बेशर्म बर्थडे… सेलिब्रेशन! जनता को जूता ढूंढना चाहिए!”

क्या बोले मुकेश सहनी?
उधर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामना देते हुए कहा, “वे सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे कर चुके हैं… कई महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं… अब देश के लोगों की आकांक्षाएं और उम्मीदों का पूरा होना जरूरी है.”

बिहार में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों और दीप जलाने की अपील को लेकर भी सहनी ने सवाल उठाया. कहा कि राज्य में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और कई परिवार बेघर हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है, वे दीप कहां जलाएंगे?

SPORTS :क्रिकेट जगत में फिर आया ‘मैच फिक्सिंग’ का भूचाल, इन 2 लोगों पर लगे गंभीर आरोप

0

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 लीग बीपीएल के दो पूर्व अधिकारियों पर आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया. ये आरोप कथित मैच-फिक्सिंग से जुड़े हैं.

क्रिकेट जगत में मैच फिक्सिंग से जुड़ा नया मामला सामने आया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बीपीएल से जुड़े 2 अधिकारियों पर आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया है. इसमें चटोग्राम रॉयल्स के पूर्व मालिक मोहम्मद अब्दुल कयूम रशीद भी शामिल हैं. ये आरोप कथित मैच-फिक्सिंग से जुड़े हैं.

बीपीएल बांग्लादेश में खेली जाने वाली टी20 क्रिकेट लीग है, जिसके 12 संस्करण हो चुके हैं. 2026 में हुए अंतिम संस्करण में राजशाही वॉरियर्स चैंपियन बनी थी, जिन्होंने फाइनल में चटोग्राम रॉयल्स को हराया था.

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को चटोग्राम रॉयल्स के पूर्व मालिक मोहम्मद अब्दुल कयूम रशीद और दरबार राजशाही के पूर्व टीम अधिकारी अमीन खान पर आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया. इनमें कथित मैच-फिक्सिंग, जांच में बाधा डालना और भ्रष्टाचार से जुड़ी कोशिशों की जानकारी न देना शामिल है.

बीसीबी ने अब्दुल कयूम रशीद और अमीन खान को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है. बता दें कि ये दोनों अधिकारियों पर लगे आरोप बांग्लादेश प्रीमियर लीग के 11वें और 12वें सीजन से जुड़े कथित भ्रष्ट आचरण की बीसीबी की इंटीग्रिटी यूनिट द्वारा की गई जांच के बाद लगाए गए हैं.

रशीद पर ये लगे आरोप
रिपोर्ट के अनुसार आखिरी संस्करण (2026) के दौरान चटोग्राम रॉयल्स के मालिक रहे रशीद पर आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड के तहत चार आरोप हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने मैच के परिणाम, उसके संचालन को फिक्स करने, कोशिश करने या गलत तरीके से प्रभावित करने का काम किया. उन पर लगे आर्टिकल 2.4.4 के तहत आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर भ्रष्टाचार से जुड़े काम के लिए मिले प्रस्ताव की जानकारी समय पर एंटी-करप्शन अधिकारी को नहीं दी. उन पर ये भी आरोप लगा कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया. उन पर आरोप है कि उन्होंने फोरेंसिक जांच के लिए अपना मोबाइल भी नहीं दिया था.

LIFESTYLE : कितने की है राधिका मर्चेंट की साड़ी, जिसे पहनकर गणेश उत्सव में किया डांस?

गणेश उत्सव में राधिका मर्चेंट ने मनीष मल्होत्रा की खास कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनकर भरतनाट्यम किया, ऐसे में जानिए राधिका मर्चेंट की इस खास साड़ी की खासियत और कीमत.

हर साल की तरह अंबानी परिवार ने इस बार भी गणेश उत्सव का एक भव्य आयोजन किया. इस बार भी 13 सितंबर को अंबानी परिवार ने अपने घर अंटीलिया पर गणेश उत्सव का आयोजन किया. इस आयोजन में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई. हालांकि इस बार गणेश उत्सव के मौके पर अंबानी परिवार के एंटीलिया में राधिका मर्चेंट का एक खास अंदाज देखने को मिला. राधिका ने भगवान गणेश के स्वागत में भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी. ‘एकदंताय वक्रतुंडाय’ पर उनके डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा. लोग उनके डांस की सराहना कर रहे हैं. वहीं उनकी साड़ी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि राधिका मर्चेंट की साड़ी की कीमत कितनी होगी.

मनीष मल्होत्रा की कस्टम क्रिएशन
इस दौरान उनके पारंपरिक लुक ने लोगों का ध्यान खींचा है. राधिका ने इस खास प्रस्तुति के लिए मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की डिजाइन की हुई कस्टम कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी. साड़ी का रंग रिच ज्वेल पिंक बताया गया है और इसमें गोल्डन जरी का बारीक काम भी किया गया है. इस साड़ी को खासतौर पर राधिका के डांस मुव्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है. जिससे डांस करते हुए उनके स्टेप्स और निखरकर सामने आए और खूबसूरत लगे.

मनीष मल्होत्रा ने इसे पारंपरिक साड़ी की बजाय एक स्कर्ट का रूप दिया. वहीं इसे इस तरह से डिजाइन किया गया कि डांस करते हुए वह सुंदर तरीके से दिखे और भरतनाट्यम के स्टेप्स को और प्रभावी दिखाएं. राधिका ने इस लूक को रॉयल ज्वेलेरी के साथ कंप्लीट किया और सिंपल मेकअप लूक रखा. उनके सिंपल हेयरस्टाइल ने भी उनके लूक में चार चांद लगा दिए. इस पूरे लूक में राधिका किसी महारानी से कम नहीं लग रही थी.

कितनी है साड़ी की कीमत?
अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर राधिका मर्चेंट की इस खास साड़ी की कीमत कितनी है? इस कस्टम आउटफिट की आधिकारिक कीमत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है. दरअसल, यह कोई सामान्य बाजार में उपलब्ध रेडीमेड साड़ी नहीं है, बल्कि राधिका के डांस परफॉर्मेंस के लिए तैयार किया गया कस्टम डिजाइन है. इसमें हाथ से बुना कांजीवरम सिल्क, विशेष प्लीटिंग और हैंड एम्ब्रॉयडरी जैसे काम शामिल हैं. इसलिए इसकी कीमत सामान्य कांजीवरम साड़ियों से अलग हो सकती है.

- Advertisement -

News of the Day