Saturday, May 2, 2026
Home Blog

NATIONAL : कोलकाता में वोटों की गिनती से पहले ‘भारी सुरक्षा इंतजाम’; EVM स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास के दायरे में ‘धारा 163’ लागू

0

कोलकाता पुलिस ने BNSS 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत कम से कम सात ऐसी जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है, जहां EVM स्ट्रॉन्गरूम बने हैं। सीएम ममता बनर्जी गुरुवार देर रात भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम का दौरा करने गईं और वहां करीब चार घंटे बिताए।

यह दौरा तब हुआ जब एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर खुदीराम अनुशीलन केंद्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं; इसी केंद्र में उत्तरी कोलकाता के सात विधानसभा क्षेत्रों की EVM मशीनें रखी हुई हैं।

बता दें कि 4 मई 2026 को वोटों की गिनती से पहले, कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। यहां CRPF के जवान तैनात हैं।
कोलकाता में तनाव का माहौल बढ़ गया है
4 मई को आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले कोलकाता में तनाव का माहौल बढ़ गया है। पुलिस ने कई अहम इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, वहीं राजनीतिक दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) के रखरखाव में कथित अनियमितताओं को लेकर एक-दूसरे पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

BNSS 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू
कोलकाता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत कम से कम सात ऐसी जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है, जहां EVM स्ट्रॉन्गरूम बने हैं। इन जगहों में शहीद खुदीराम बोस रोड, जजेस कोर्ट रोड, जादवपुर, डायमंड हार्बर रोड, लॉर्ड सिन्हा हॉल, नरेश मित्रा सरानी (बेल्टला रोड) और प्रमाथेश बरुआ सरानी शामिल हैं।

आरोपों के कारण पूरी रात राजनीतिक गहमागहमी बनी रही
यह कदम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद उठाया गया है। इन आरोपों के कारण पूरी रात राजनीतिक गहमागहमी बनी रही। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग पर BJP के साथ मिलकर EVM मशीनों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।

बनर्जी गुरुवार देर रात भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम का दौरा करने गईं
बनर्जी गुरुवार देर रात भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम का दौरा करने गईं और वहां करीब चार घंटे बिताए। यह दौरा तब हुआ जब एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर खुदीराम अनुशीलन केंद्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं; इसी केंद्र में उत्तरी कोलकाता के सात विधानसभा क्षेत्रों की EVM मशीनें रखी हुई हैं।

“हम सब मिलकर अपनी जान की बाजी लगाकर इसका मुकाबला करेंगे”
बनर्जी ने कहा, “यहां EVM मशीनों के लिए एक स्ट्रॉन्गरूम बना हुआ है। हमने पाया है कि कई जगहों पर गड़बड़ियां की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद, अगर कोई EVM मशीन चुराने की कोशिश करता है, या वोटों की गिनती में हेराफेरी करने की कोशिश करता है, तो हम सब मिलकर अपनी जान की बाजी लगाकर इसका मुकाबला करेंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था। उन्होंने बताया कि चुनाव नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों (एजेंटों) को सीलबंद कमरे तक जाने की अनुमति होती है।

NATIONAL : डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम में 2 मई को दोबारा वोटिंग, चुनाव आयोग ने दिया आदेश

0

बंगाल में दो चरणों में सभी 294 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो चुके हैं। 4 मई को वोटों की गिनती होगी। इससे पहले चुनाव आयोग ने 2 मई को बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया है।

अनियमितताओं की शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान की घोषणा की है।

शिकायतों के बाद चुनाव आयोग का फैसला
बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में धांधली और अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग 15 जगहों पर दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया है। जिन जगहों पर वोटिंग होनी है, वे सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले में आते हैं।
दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों पर और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों पर कल यानी 2 मई को दोबारा वोट डाले जाएंगे।
इससे पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने संकेत दिए थे कि दक्षिण 24 परगना सहित कुछ संवेदनशील इलाकों में ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के आधार पर दोबारा वोटिंग कराई जा सकती है।

NATIONAL : जम्मू के बंतलाब में दर्दनाक हादसा, पुल का हिस्सा गिरने से 6 मजदूर दबे; रेस्क्यू जारी

0

जम्मू के बंटलाब के ठर इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया. यह घटना उस समय हुई जब एक पुल को चौड़ा करने का काम चल रहा था और उसके नीचे मजदूर काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक पुल का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया और नीचे काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए. हादसे में कुल 6 मजदूर मलबे के नीचे दब गए. घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया.

जम्मू कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अब तक 2 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 4 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं. मौके पर राहत टीमों की ओर से भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है. स्थानीय विधायक श्याम लाल शर्मा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार लोग अभी भी फंसे हुए हैं और उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

मलबे में दबे 6 मजदूर

फिलहाल मौके पर बचाव अभियान तेजी से जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. घटना से इलाके में चिंता का माहौल है. मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई है. पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी. इस दौरान कई मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन 6 मजदूर मलबे में ही दब गए थे. आनन-फानन में घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन की दी गई.

स्क्यू ऑपरेशन जारी

इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया. एसडीआरएफ, इंडियन आर्मी और आम लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. दो मजदूरों की बाहर निकलाकर अस्पताल भेजा गया है, जबकि बाकी चार मलबे में कहां और किस हालत में इस बात का अब तक पता नहीं चल पाया है. उनकी तलाश भी जारी है.

BUSINESS : गड़बड़ाएगा किचिन का बजट, और महंगा हो सकता है खाद्य तेल

वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने, घरेलू स्तर पर रुपए की कमजोरी और इंपोर्ट की लागत बढ़ने की वजह से खाने का तेल महंगा होने की आशंका जताई जा रही है. पश्चिम एशिया संकट की वजह से खाद्य तेल कंपनियों के लिए इंपोर्ट महंगा हो गया है, ऊपर से कमजोर रुपए ने उनके मार्जिन घटा दिए हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी तरफ से दाम में बढ़ोतरी हो सकती हैं. 

मार्च में बढ़ी थीं कीमतें 

इससे पहले तेल कंपनियों ने अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न संकट के चलते मार्च में खाद्य तेल की थोक कीमतों में 3-5 फीसद की बढ़ोतरी की थी. इससे पाम तेल की खुदरा कीमतों में 10-12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. 

महंगाई का दूसरा दौर 

खाद्य तेलों में महंगाई का दूसरा दौर शुरू होने वाला है. इसकी दो प्रमुख वजह हैं। पहली वजह है पश्चिम एशिया और लाल सागर दोनों जगह तनाव के कारण जहाज भाड़ा महंगे हो गए हैं. दूसरा कारण है, समुद्री परिवहन में बाधा से आपूर्ति श्रृंखला में अड़चन. अधिकांश देश खाद्य तेल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भंडार बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों में उछाल आ रहा है. 

कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें 

खाद्य तेल उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तेल की कीमतों में 5-6 फीसदी की संभावित बढ़ोतरी हो सकती है. इससे पहले मार्च में एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस, इमामी एग्रोटेक और पतंजलि फूड्स जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने भी ऐसी ही बढ़ोतरी की थी. 

कच्चे तेल से है सीधा संबंध

पश्चिम एशिया में युद्ध ने खाद्य तेल निर्माताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं क्योंकि अस्थिरता के समय खाद्य तेल की कीमतें अक्सर कच्चे तेल की कीमतों के नक्शेकदम पर चलती हैं. कच्चा तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है जिसकी वजह से कई देश पाम तेल का इस्तेमाल बायो डीजल बनाने में कर रहे हैं. इस वजह से पाम तेल की आपूर्ति कम हुई है जबकि मांग ऊंची है. इस वजह से पाम तेल की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. सूरजमुखी तेल और सोयाबीन तेल की महंगाई का कारण ऊंची ढुलाई लागत है. बीते गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 125 डॉलर/बैरल की ओर बढ़ गईं. अमेरिका द्वारा ईरान की नाकाबंदी जारी रखने की खबरों और शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान की आशंकाओं ने आपूर्ति संबंधी चिंताओं को और गहरा कर दिया है. 

बढ़ रही है लैंडेड लागत 

भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का लगभग 57 फीसदी आयात करता है. पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल भारत की कुल 25-26 मिलियन टन खपत का मुख्य हिस्सा हैं. पिछले साल की तुलना में इन तेलों की लैंडेड कॉस्ट (भारत पहुंचने तक की लागत) में भारी बढ़ोतरी हुई है. पाम ऑयल की लागत 14 फीसदी बढ़कर 1,270 डॉलर प्रति टन हो गई है. सोयाबीन तेल की लागत 20 फीसद बढ़कर 1,335 डॉलर प्रति टन हो गई. सूरजमुखी तेल की लैडेंड लागत 17 फीसदी  बढ़कर 1,425 डॉलर प्रति टन हो गई. 

बढ़ रही है लैंडेड लागत 

भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का लगभग 57 फीसदी आयात करता है. पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल भारत की कुल 25-26 मिलियन टन खपत का मुख्य हिस्सा हैं. पिछले साल की तुलना में इन तेलों की लैंडेड कॉस्ट (भारत पहुंचने तक की लागत) में भारी बढ़ोतरी हुई है. पाम ऑयल की लागत 14 फीसदी बढ़कर 1,270 डॉलर प्रति टन हो गई है. सोयाबीन तेल की लागत 20 फीसद बढ़कर 1,335 डॉलर प्रति टन हो गई. सूरजमुखी तेल की लैडेंड लागत 17 फीसदी  बढ़कर 1,425 डॉलर प्रति टन हो गई.

आम आदमी पर असर

उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह बढ़ोतरी सभी प्रमुख ब्रांडों और श्रेणियों में लागू होने की संभावना है. हालांकि, कंपनियां क्षेत्रीय मांग और प्रतिस्पर्धा के आधार पर इसके समय और मात्रा का फैसला करेंगी. यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब उपभोक्ता पहले से ही बढ़ी हुई खाद्य कीमतों से जूझ रहे हैं, जिससे समग्र मुद्रास्फीति पर प्रभाव पड़ने की चिंता बढ़ गई है. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक तिलहन की कीमतों में बड़ी कमी नहीं आती या वैश्विक माल ढुलाई दरें कम नहीं होतीं, तब तक कीमतों पर यह दबाव बना रहेगा. फिलहाल, उद्योग जगत लागत में हो रही इस बढ़त से जूझ रहा है और आने वाले हफ्तों में इसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ना तय लग रहा है.

NATIONAL : 48 घंटे में दो पायलटों की हार्ट अटैक से मौत:एसोसिएशन का DGCA को पत्र- थकान से सुरक्षा को खतरा,

0

दो पायलट्स की हार्ट अटैक से मौत के बाद देश में कॉमर्शियल पायलट्स की थकान और उनके ड्यूटी के घंटों को लेकर विवाद बढ़ गया है।

द एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को पत्र लिखकर फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को पूरी तरह सख्ती से लागू करने की मांग की है।

एसोसिएशन ने बताया कि पायलट्स का कहना है कि एयरलाइंस को नियमों में बार-बार दी जा रही छूट सुरक्षा और क्रू की सेहत के साथ समझौता है।

दो पायलट्स की मौत ने बढ़ाई चिंता

पायलट्स एसोसिएशन ने DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा को लिखे लेटर में बताया कि, बाली (इंडोनेशिया) में 29 अप्रैल को रेस्ट पीरियड के दौरान एअर इंडिया के एक पायलट की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्होंने 28 अप्रैल को दिल्ली से बाली की फ्लाइट ऑपरेट की थी।

वहीं, 30 अप्रैल को बेंगलुरु में ट्रेनिंग सेशन के दौरान अकासा एयर के एक पायलट (उम्र 40-45 साल) की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। एसोसिएशन का कहना है कि 45 साल से कम उम्र के पायलट्स की ये मौतें काम के बढ़ते दबाव और थकान की ओर इशारा करती हैं।

पायलट्स को 48 घंटे का वीकली रेस्ट मिलना अनिवार्य

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कैप्टन सैम थॉमस ने पत्र में बताया कि एयरलाइंस को दी जा रही अस्थायी छूट अब ‘नॉर्म’ बन गई है। इससे FDTL नियमों का मूल उद्देश्य ही खत्म हो गया है।

पायलटों ने मांग की है कि इन छूटों को वापस लेने के लिए एक स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए। नियमों के मुताबिक, पायलट्स को 48 घंटे का ‘वीकली रेस्ट’ मिलना अनिवार्य है, लेकिन एयरलाइंस अक्सर ऑपरेशनल दिक्कतों का हवाला देकर इससे बचती हैं।

एअर इंडिया और इंडिगो को मिली है विशेष राहत

हाल ही में एयर इंडिया को लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विशेष छूट दी गई थी। एयरलाइन ने तर्क दिया था कि पाकिस्तान और पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से विमानों को अमेरिका और यूरोप जाने में ज्यादा समय लग रहा है।

वहीं, दिसंबर 2025 में इंडिगो ने नियमों के चलते भारी संख्या में उड़ानें रद्द की थीं, जिसके बाद उसे 10 फरवरी तक की मोहलत दी गई थी। पायलट्स का कहना है कि ऐसी ‘सिलेक्टिव’ राहत कमर्शियल हितों को बढ़ावा देती है, सुरक्षा को नहीं।

थकान की रिपोर्टिंग पर एयरलाइंस का रवैया सुस्त

एसोसिएशन ने RTI के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एयरलाइंस द्वारा थकान की रिपोर्ट स्वीकार करने की दर बहुत कम है। पायलट्स का आरोप है कि कंपनियां थकान की रिपोर्टिंग को हतोत्साहित करती हैं।

मांग की गई है कि एयरलाइंस द्वारा जमा किए जाने वाले तिमाही थकान डेटा को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

भारत को 30 हजार पायलट्स की जरूरत, अभी सिर्फ 25 हजार

फरवरी में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में 65 साल से कम उम्र के 25,001 लाइसेंस प्राप्त पायलट हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के मुताबिक, एयरबस और बोइंग को दिए गए 1,700 विमानों के ऑर्डर को देखते हुए भारत को जल्द ही 30,000 पायलट्स की जरूरत होगी।

वर्तमान में इंडिगो के पास सबसे ज्यादा 5,455 और एअर इंडिया के पास 3,432 पायलट हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पायलट्स की कमी की भरपाई मौजूदा स्टाफ से ज्यादा काम कराकर की जा रही है, जो जोखिम भरा है।

NATIONAL : सिलिंडर के दाम बढ़ने पर कांग्रेस आक्रामक: कहा- फिर चला महंगाई का चाबुक; राहुल बोले- अगला वार पेट्रोल-डीजल पर

0

व्यवसायिक सिलिंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने व्यवसायिक सिलिंडर की कीमतों में उछाल के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा, ‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला। आज कमर्शियल सिलिंडर 993 रुपए महंगा हुआ। मोदी ने पिछले 4 महीने में कमर्शियल सिलिंडर के दाम इस तरह बढ़ाए।’कांग्रेस ने कहा, ‘कमर्शियल सिलिंडर सिर्फ 4 महीने में 1,518 रुपए महंगा हो गया। अभी साल के 8 महीने बाकी हैं। मोदी की वसूली जारी है…। मोदी सरकार सिर्फ वसूली करना जानती है। अब 5 किलो वाला छोटू सिलिंडर भी महंगा कर दिया। पहले आधार कार्ड पर सिलिंडर बांटे, फिर उसका दाम बढ़ा दिया। ये बड़े चालबाज लोग हैं।’

राहुल गांधी बोले- आपकी थाली पर भी पड़ेगा असर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने पर सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा, ‘कह दिया था- चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी। आज कमर्शियल गैस सिलिंडर 993 रुपये महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है। फरवरी से अब तक 1380 रुपये की बढ़ोतरी हुई और सिर्फ 3 महीनों में 81 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। चायवाला, ढाबा, होटल और बेकरी, हलवाई- हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा। पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीजल पर।’

घरेलू गैस की कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव
कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में एक मई से बड़ा इजाफा हुआ है। अब दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 993 रुपये बढ़कर 3071.50 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू सिलिंडर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है और घरेलू गैस का 14.2 किलो का सिलिंडर दिल्ली में 913 रुपये का ही मिल रहा है। 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। पश्चिम एशिया संकट के चलते मई से एलपीजी की कीमतों में वृद्धि की आशंका थी। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी होने के चलते दुनियाभर में 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर तेल और गैस की कीमतों पर पड़ रहा है। बीते महीने घरेलू गैस के सिलिंडर पर भी 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। साथ ही कमर्शियल सिलिंडर पर भी 196 रुपये बढ़े थे। वहीं मार्च में भी 114 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। 

अलग-अलग महानगरों में कितने का मिलेगा कमर्शियल सिलिंडर?
शहरवार कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में इसकी कीमत 3071 रुपये हो गई है, जो पहले 2078 रुपये थे। कोलकाता में अब कमर्शियल सिलिंडर 3202 रुपये का मिलेगा, जो पहले 2208 रुपये का मिलता था। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में अब 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर 3024 रुपये का मिलेगा और चेन्नई में 3237 रुपये का। 

NATIONAL : कमर्शियल के बाद अब घरेलू रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के बढ़ सकते हैं दाम, जानें क्या है वजह

0

कमर्शियल सिलिंडर 993 रुपये महंगा हो गया। लेकिन, रसोई गैस सिलिंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। पहली नजर में यह राहत लगती है, लेकिन असली कहानी रोके हुए दबाव की है। बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की लागत बढ़ चुकी है और तेल कंपनियों पर नुकसान का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के सामने बड़ी चुनौती है कि आम उपभोक्ता को कब तक बचाया जा सकता है?

दिक्कत यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू कीमतों के बीच का अंतर अब बड़ा हो गया है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, अगर कच्चा तेल 120-125 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहता है, तो पेट्रोल पर तेल कंपनियों का मार्केटिंग मार्जिन करीब 14 रुपये और डीजल पर 18 रुपये प्रति लीटर निगेटिव है। घरेलू एलपीजी पर भी दबाव तेज है। एजेंसी का अनुमान है कि मौजूदा अंडर-रिकवरी बनी रही, तो वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू एलपीजी पर तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

यही आंकड़ा सरकार की मुश्किल बताता है। 2026-27 के बजट में एलपीजी सब्सिडी के लिए 11,085 करोड़ का प्रावधान है। इसमें गरीब परिवारों के एलपीजी कनेक्शन के लिए 9,200 करोड़ और पहल के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए 1,500 करोड़ रुपये शामिल हैं। अगर एलपीजी अंडर-रिकवरी 80,000 करोड़ के आसपास जाती है, तो यह मौजूदा बजट प्रावधान से कई गुना बड़ा बोझ होगा।

सरकार ने पहले भी की है भरपाई: यह पहली बार नहीं है, जब ग्राहकों को बचाने की कीमत तेल कंपनियों ने चुकाई है। अगस्त, 2025 में कैबिनेट ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को घरेलू एलपीजी पर नुकसान की भरपाई के लिए 30,000 करोड़ की क्षतिपूर्ति मंजूर की थी।

दबाव सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं: दबाव सिर्फ तेल कंपनियों तक सीमित नहीं है। इक्रा ने 2026-27 में उर्वरक सब्सिडी 2.05 से 2.25 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जबकि बजट में 1.71 लाख करोड़ का प्रावधान है। यानी महंगी ऊर्जा का असर सरकारी खर्च, कंपनी मार्जिन और जनता की जेब…तीनों पर पड़ रहा है।

सरकार के पास तीन रास्ते
पेट्रोल-डीजल में भी कहानी ऐसी ही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, निकट भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खुदरा कीमतें अप्रैल, 2022 से लगभग स्थिर हैं। इस बीच, कच्चा तेल इस सप्ताह 126 डॉलर प्रति बैरल तक गया और नरमी के बाद भी 110 डॉलर से ऊपर रहा। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये लीटर और डीजल 87.67 रुपये लीटर पर है। सरकार के पास अब तीन रास्ते हैं-
पहला : तेल कंपनियों को नुकसान उठाने दिया जाए।
दूसरा : बजट से फिर क्षतिपूर्ति दी जाए।
तीसरा : कीमतें धीरे-धीरे बढ़ाई जाएं।

पहले रास्ते से तेल विपणन कंपनियों की बैलेंसशीट कमजोर होगी। दूसरे से राजकोषीय बोझ बढ़ेगा और तीसरे से आम आदमी पर महंगाई का असर पड़ेगा।

SPORTS : IPL का बदला गणित, चौथी जीत के बाद दिल्ली 6 नंबर पर आई, चेन्नई-मुंबई प्लेऑफ रेस में बने रहने के लिए खेलेंगी

आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स ने लगातार तीन हार के बाद शानदार वापसी करते हुए राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने 226 रन का बड़ा लक्ष्य 19.1 ओवर में सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 225 रन बनाए थे। जवाब में दिल्ली की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए मैच को पूरी तरह अपने कब्जे में कर लिया। टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो केएल राहुल रहे, जिन्होंने 40 गेंदों में 75 रन की विस्फोटक पारी खेली। राहुल की इस पारी में कई शानदार चौके और छक्के शामिल रहे। लगातार हार से परेशान दिल्ली के लिए यह जीत काफी राहत देने वाली मानी जा रही है और इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

केएल राहुल ने छीनी ऑरेंज कैप, दिल्ली को मिला बड़ा फायदा

केएल राहुल की शानदार बल्लेबाजी का असर अब ऑरेंज कैप की रेस में भी दिखाई दिया है। राहुल 9 मैचों में 433 रन बनाकर इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इसी के साथ उन्होंने ऑरेंज कैप पर कब्जा जमा लिया। दूसरी तरफ राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले में सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए और टॉप-3 बल्लेबाजों की सूची से बाहर हो गए। इस जीत से दिल्ली कैपिटल्स को पॉइंट्स टेबल में एक स्थान का फायदा मिला है। टीम अब 8 अंकों के साथ छठे स्थान पर पहुंच गई है। दिल्ली ने अब तक 9 मुकाबले खेले हैं, जिनमें 4 जीत और 5 हार मिली है। वहीं राजस्थान रॉयल्स को हार के बावजूद ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। टीम 10 मैचों में 6 जीत और 4 हार के साथ 12 अंकों पर चौथे स्थान पर बनी हुई है।

पर्पल कैप की रेस भी हुई दिलचस्प, आज चेन्नई-मुंबई की टक्कर

राजस्थान के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इस मुकाबले में एक विकेट हासिल किया। इसके साथ ही उनके इस सीजन में 15 विकेट हो गए हैं और वे पर्पल कैप की रेस में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने हैदराबाद के ईशान मलिंगा को पीछे छोड़ दिया। अब शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाले मुकाबले पर सभी की नजरें टिकी हैं। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में होने वाला यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। चेन्नई ने अब तक 8 में से सिर्फ 3 मुकाबले जीते हैं, जबकि मुंबई 8 मैचों में केवल 2 जीत दर्ज कर सकी है। ऐसे में प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए दोनों टीमों को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। एक और हार दोनों टीमों की राह मुश्किल कर सकती है और उन्हें दूसरे नतीजों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

NATIONAL : बेंगलुरु में जनगणना के लिए पहुंची महिला कर्मचारी से बदसलूकी:जरूरी जानकारी देने से भी इनकार किया, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

0

बेंगलुरु में नेशनल जनगणना के काम के दौरान एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसने महिला कर्मचारी को गाली दी और काम करने से रोका।

पुलिस ने बताया कि घटना 30 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे की है। महिला एन्यूमरेटर जनगणना के काम के लिए टी दसरहल्ली इलाके के मल्लासंद्रा में एक घर पर गई थीं। उसी दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

कर्मचारी से गाली-गलौज की

शिकायत जनगणना सुपरवाइजरी ऑफिसर योगेश ओ जी ने दर्ज कराई है। उनके मुताबिक आनंद मुनियप्पा नाम के व्यक्ति ने जनगणना का काम रोकने की कोशिश की और महिला कर्मचारी से गाली-गलौज की। FIR में कहा गया है कि उसने जरूरी जानकारी देने से भी इनकार कर दिया।

इसी के साथ आरोपी ने महिला अधिकारी को उनकी ड्यूटी करने से भी रोका। पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और जनगणना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

बागलगुंटे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना के काम में सहयोग करें, ताकि यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके।

जनगणना 2027 का पहला फेज आज (1 अप्रैल) से शुरू हो गया है। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।

NATIONAL : देश को जल्द मिलेंगी हाइपरसोनिक मिसाइलें:सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों से दोगुनी होगी रफ्तार; कोई डिफेंस सिस्टम नहीं रोक पाएगा

0

भारत ने युद्धों की बदलती रणनीति को देखते हुए अत्याधुनिक ‘हाइपरसोनिक’ मिसाइल तकनीक पर काम तेज कर दिया है। डीआरडीओ प्रमुख समीर वी. कामत ने एक कार्यक्रम में बताया है कि देश जल्द ‘हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल’ और ‘हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ से लैस होगा।

इनकी रफ्तार सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल से दोगुनी होगी। इसकी खासियतों की वजह से दुनिया का कोई डिफेंस सिस्टम इन्हें रोक नहीं पाएगा। डीआरडीओ प्रमुख के अनुसार, ग्लाइड मिसाइल का पहला परीक्षण जल्द संभव है।

स्क्रैमजेट इंजन पर आधारित क्रूज मिसाइल को लेकर भी बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में स्क्रैमजेट प्रोपल्शन का 1,000 सेकंड से ज्यादा समय तक परीक्षण सफल रहा है। औपचारिक मंजूरी मिलने के 5 साल में इस मिसाइल प्रणाली को सेना के बेड़े में शामिल करने का लक्ष्य है। भारत एंटी-शिप मिसाइल भी विकसित कर रहा है। यह मिसाइल ब्रह्मोस की तुलना में और ज्यादा तेज होगी। इसके तीसरे चरण का परीक्षण इसी महीने किया जाना है।

चीन-रूस इस तकनीक में आगे

रूस के पास ‘जिरकॉन’ और ‘किंजल’ हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। चीन के पास ‘डीएफ-जेडएफ’ है, जो तैनात की जा चुकी हैं। वहीं, अमेरिका इस तकनीक में थोड़ा पीछ रह गया है। अमेरिका के पास टॉमहॉक तकनीक की ‘सुपरसोनिक’ मिसाइलें हैं। लेकिन हाल के सालों में हाइपरसोनिक प्रोजेक्ट्स जैसे एजीएम-183 एआरआरडब्ल्यू असफल रहे हैं।

अग्नि-6: सरकार की हरी झंडी मिलते ही काम शुरू

डीआरडीओ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अग्नि-6 मिसाइल कार्यक्रम के लिए तकनीकी रूप से टीम पूरी तरह तैयार है। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, हम इस पर काम शुरू कर देंगे।

यह अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक ‘इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल’ होगी। माना जा रहा है कि इसकी मारक क्षमता 10,000 से 12,000 किलोमीटर तक हो सकती है। यह मिसाइल एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होगी, जिससे यह एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकेगी।

- Advertisement -

News of the Day