Tuesday, July 14, 2026
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GUJARAT : गुजरात में साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़, 398 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में 14 गिरफ्तार

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डिजिटल डेस्क, उदयपुर। गुजरात में पुलिस ने आपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि 13 म्यूल अकाउंट्स (फर्जी बैंक खातों) के जरिये 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन से संबंधित 228 अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पाटन जिले से 14 लोगों को गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा आनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने के अभियान के तहत की गई।

पुलिस ने बताया कि केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर उपलब्ध डाटा के विश्लेषण से पता चला है कि पाटन जिले के हारिज नागरिक सहकारी बैंक में खोले गए कुछ चालू खातों (करेंट अकाउंट) से संदिग्ध लेनदेन हुए हैं।

जांचकर्ताओं ने पाया कि साइबर अपराधियों ने कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। खाताधारकों ने कथित तौर पर एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग संबंधी क्रेडेंशियल साइबर जालसाजों को दे दिए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों से प्राप्त धनराशि को देशभर में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

एनसीसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज की गई 228 साइबर धोखाधड़ी शिकायतों से जुड़े 13 फर्जी बैंक खातों में 398.43 करोड़ रुपये के लेनदेन पाए गए। पाटन साइबर अपराध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत 13 खाताधारकों और सात बिचौलियों सहित 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह अन्य फरार हैं।

गुजरात में पुलिस ने आपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि 13 म्यूल अकाउंट्स (फर्जी बैंक खातों) के जरिये 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन से संबंधित 228 अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पाटन जिले से 14 लोगों को गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा आनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और साइबर अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने के अभियान के तहत की गई।

पुलिस ने बताया कि केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर उपलब्ध डाटा के विश्लेषण से पता चला है कि पाटन जिले के हारिज नागरिक सहकारी बैंक में खोले गए कुछ चालू खातों (करेंट अकाउंट) से संदिग्ध लेनदेन हुए हैं।

जांचकर्ताओं ने पाया कि साइबर अपराधियों ने कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। खाताधारकों ने कथित तौर पर एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग संबंधी क्रेडेंशियल साइबर जालसाजों को दे दिए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों से प्राप्त धनराशि को देशभर में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

एनसीसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से दर्ज की गई 228 साइबर धोखाधड़ी शिकायतों से जुड़े 13 फर्जी बैंक खातों में 398.43 करोड़ रुपये के लेनदेन पाए गए। पाटन साइबर अपराध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत 13 खाताधारकों और सात बिचौलियों सहित 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह अन्य फरार हैं।

NATIONAL : मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

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Monsoon 2026: देशभर में मानसून फिर एक्टिव हो रहा है। 1500 किमी लंबा रेन बैंड बनने से यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, मुंबई और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।

IMD Rain Alert: देश के बड़े हिस्से में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून (Monsoon) ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार सैटेलाइट तस्वीरों में करीब 1500 किलोमीटर लंबा रेन बैंड (Rain Band) एक्टिव दिखाई दिया है। इसके प्रभाव से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम से पूर्व दिशा में फैला है रेन बैंड
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रेन बैंड पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर फैला हुआ है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में बादल दोबारा सक्रिय हो गए हैं। जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की कमी महसूस की जा रही थी, वहां अब एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के कुछ हिस्सों, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तट के राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

किसानों के लिए राहत
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आएगी। पर्याप्त बारिश होने से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी। जिन क्षेत्रों में अब तक बारिश सामान्य से कम हुई थी, वहां खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से कृषि कार्यों को गति मिलेगी।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हाई अलर्ट
उत्तराखंड में लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले के लिए अगले चार दिनों का भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश के कई शहर में बारिश
शिमला, हिमाचल प्रदेश में शहर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं है।

मुंबई में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में भरा पानी
महाराष्ट्र के मुंबई में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भरा हुआ है। सड़कें पानी में डूबने से यातायात प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। स्थिति को देखते हुए IMD ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों से आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुई बारिश
आज सुबह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में हुई जोरदार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से नीलगिरी और थेनी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
लगातार और तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भरने, ट्रैफिक जाम, निचले इलाकों में पानी भरने और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

SPORTS : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर यास्तिका भाटिया का धमाका, टेस्ट शतक जड़कर रचा इतिहास, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं

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भारतीय महिला विकेटकीपर यास्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के तीसरे दिन लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। वे लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

लंदन: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने रविवार को लंदन के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया है। यास्तिका इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। बड़ौदा में जन्मी इस खिलाड़ी ने धैर्य, जज्बे और शानदार स्ट्रोक-प्ले का मुजाहिरा करते हुए महज 145 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट शतक पूरा किया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी में 12 शानदार चौके शामिल रहे। यास्तिका की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि कुछ समय पहले वे घुटने की बेहद गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसने उनके करियर पर संकट खड़ा कर दिया था। इस जानलेवा चोट को मात देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहीं यास्तिका ने दोपहर के सत्र में बेहद ही आक्रामक और यादगार अंदाज में इस कीर्तिमान को छुआ।

नर्वस नाइंटीज का नहीं दिखा कोई दबाव
मैच के तीसरे दिन यास्तिका भाटिया लंच ब्रेक के समय 91 रनों पर नाबाद खेल रही थीं। जब लंच के बाद का खेल शुरू हुआ, तो उनके चेहरे पर नर्वस नाइंटीज का कोई भी खौफ नजर नहीं आया। उन्होंने इंग्लैंड की तेज गेंदबाज इसी वोंग की गेंदों पर बैकवर्ड पॉइंट क्षेत्र में लगातार दो शानदार चौके जड़े और फिर कवर्स की दिशा में एक सिंगल लेकर अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

हालांकि, सुबह के खेल की शुरुआत में किस्मत ने भी यास्तिका का पूरा साथ दिया। दिन की अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की लॉरेन बेल की एक खूबसूरत डिलीवरी यास्तिका के ऑफ-स्टंप को छूती हुई निकल गई, लेकिन खुशकिस्मती से गिल्लियां नीचे नहीं गिरीं। इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए यास्तिका ने एक बेहद सुव्यवस्थित और आक्रामक पारी खेली, जिसमें उन्होंने सीधे शॉट और कवर्स क्षेत्र को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाया।

शतक के बाद भावुक हुईं यास्तिका
जैसे ही यास्तिका ने अपने करियर का यह सबसे बड़ा रन पूरा किया, वे मैदान पर बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने घुटनों के बल बैठकर लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच को चूमा, जबकि स्टेडियम में मौजूद तमाम दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस युवा खिलाड़ी का अभिवादन किया। यास्तिका इस ऐतिहासिक मैच में अपनी साथी खिलाड़ी क्रांति गौड़ के बाद लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। क्रांति गौड़ ने मैच के दूसरे दिन शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाकर इस बोर्ड में पहले ही अपनी जगह पक्की कर ली थी।

FIFA World Cup 2026: अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को दी मात, अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड से होगी टक्कर

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फीफा विश्व कप 2026: अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को अतिरिक्त समय में 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. अब अर्जेंटीना का इंग्लैंड से मुकाबला होगा.
फीफा विश्व कप 2026 के रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से मात दी. अतिरिक्त समय तक चले इस कड़े मुकाबले के बाद, अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा. स्विट्जरलैंड की टीम मैच के ज्यादातर समय सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी, फिर भी उन्होंने अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी. हालांकि, अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना के लगातार हमलों के आगे स्विस टीम की रक्षा नहीं हो सकी. अब सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच एक बड़ा मुकाबला होगा, जहां जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी.

शुरुआती बढ़त के बाद मुकाबला हुआ रोमांचक
मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक रवैया अपनाया. 10वें मिनट में कप्तान लियोनेल मेसी के कॉर्नर पर एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने शानदार हेडर लगाकर अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिला दी. शुरुआती बढ़त के बाद अर्जेंटीना ने दबाव बनाए रखा, लेकिन स्विट्जरलैंड ने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे मुकाबले में वापसी की.

स्विट्जरलैंड की शानदार वापसी
दूसरे हाफ के मध्य में स्विट्जरलैंड ने अर्जेंटीना की डिफेंस को चौंकाते हुए बराबरी कर ली. डैन एनडोये ने बेहतरीन फिनिश के साथ गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया. इसके बाद मुकाबला और रोमांचक हो गया. स्विट्जरलैंड को ब्रील एम्बोलो के रेड कार्ड के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन उसने अर्जेंटीना को आसानी से आगे नहीं बढ़ने दिया और मैच को अतिरिक्त समय तक खींच लिया.

अतिरिक्त समय में बदला मुकाबले का रुख
अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने बेहतरीन खेल दिखाया. 112वें मिनट में जूलियन अल्वारेज ने गोल करके अर्जेंटीना को 2-1 से आगे कर दिया. इसके बाद, जब स्विट्जरलैंड बराबरी करने की कोशिश कर रहा था, तब लाउतारो मार्टिनेज ने एक और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया. इस गोल ने अर्जेंटीना की जीत पक्की कर दी.

गोल्डन बूट की रेस में मेसी और एम्बाप्पे बराबरी पर
इस जीत के साथ लियोनेल मेसी की टीम खिताब बचाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है. मेसी के नाम अब वर्ल्ड कप में आठ गोल हैं और वह फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष पर बने हुए हैं. हालांकि एम्बाप्पे को ज्यादा असिस्ट के कारण बढ़त हासिल है. नॉर्वे के बाहर होने के बाद एर्लिंग हालैंड सात गोल के साथ रेस में पीछे रह गए हैं. वहीं इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम और हैरी केन छह-छह गोल के साथ दावेदारों में शामिल हैं.

अब इंग्लैंड से होगी महामुकाबले की टक्कर
अर्जेंटीना की नजरें अब सेमीफाइनल पर हैं, जहां उसका सामना इंग्लैंड से होगा. मेसी के पास एक और फाइनल खेलने का मौका है, जबकि इंग्लैंड की टीम इस बार खिताब की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बनकर सामने खड़ी है. दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड ने हार के बावजूद अपने जुझारू प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया.

Wimbledon 2026: यानिक सिनर ने फिर जीता विंबलडन, ज्वेरेव को हराकर लगातार दूसरी बार बने चैंपियन

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यानिक सिनर ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को चार सेटों में हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया. पहला सेट हारने के बावजूद सिनर ने शानदार वापसी करते हुए अपने करियर का पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता.

विंबलडन 2026 के पुरुष सिंगल्स फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की. सेंटर कोर्ट पर खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज़्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार विंबलडन का ताज अपने नाम कर लिया. यह ऑल इंग्लैंड क्लब में सिनर का लगातार दूसरा खिताब है, जबकि ग्रैंड स्लैम स्तर पर यह उनके करियर की पांचवीं ट्रॉफी रही. इस जीत के साथ उन्होंने ज़्वेरेव के खिलाफ अपना दबदबा भी बरकरार रखा और उनके खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की. हालांकि, मुकाबले की शुरुआत आसान नहीं रही क्योंकि पहला सेट टाई-ब्रेक में हारने के साथ ही ज़्वेरेव ने सिनर की लगातार 14 सेट जीतने की लय भी तोड़ दी.

पहले सेट के बाद बदला मैच का रुख
पहले सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला और टाई-ब्रेक में ज़्वेरेव बाजी मारने में सफल रहे. लेकिन दूसरे सेट से सिनर ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी. उन्होंने टाई-ब्रेक जीतकर मैच बराबर किया और फिर अगले दोनों सेट अपने नाम करते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया. पूरे मुकाबले में सिनर की बेसलाइन से लगातार आक्रामक खेल, बेहतरीन सर्विस रिटर्न और दबाव में संयम उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई.

ज्वेरेव ने दी टक्कर, लेकिन निर्णायक मौकों पर चूके
जर्मन खिलाड़ी ने मैच में 17 ऐस लगाए और पहली सर्विस पर 80 प्रतिशत सफलता हासिल की. इसके बावजूद अहम मौकों पर वह सिनर के सामने टिक नहीं सके. सिनर ने अपनी पहली सर्विस पर 80 प्रतिशत अंक जीते, जबकि दूसरी सर्विस पर भी 68 प्रतिशत अंक अपने नाम किए. उन्हें मिले पांच ब्रेक प्वाइंट में से दो को उन्होंने भुनाया और रिटर्न गेम में भी बढ़त बनाए रखी. रिसीविंग प्वाइंट्स में भी उन्होंने 43-34 से बढ़त हासिल की.

शानदार अंदाज में खत्म किया मुकाबला
चैंपियनशिप प्वाइंट पर सिनर ने ज़्वेरेव के ड्रॉप शॉट का शानदार जवाब देते हुए क्रॉसकोर्ट बैकहैंड विनर लगाया. इसके बाद अगले ही प्वाइंट पर दमदार फोरहैंड विनर के साथ मैच खत्म कर दिया. जीत के बाद वह खुशी से घास पर गिर पड़े और नेट के पास जाकर ज़्वेरेव को गले लगाया. मुकाबले के अंत तक सिनर ने कुल 145 अंक जीते, जबकि ज़्वेरेव 130 अंक ही जुटा सके. तीन घंटे से ज्यादा चले फाइनल में उन्होंने 25 गेम अपने नाम किए और लगातार दूसरे साल विंबलडन ट्रॉफी उठाने का गौरव हासिल किया.

दूसरी ओर, ज़्वेरेव का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का इंतजार अभी भी जारी है. दुनिया के नंबर एक खिलाड़ियों के खिलाफ ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड अब 0-7 हो गया है.

Bangkok Pub Fire News: बैंकॉक के पब में आग लगने से 27 की मौत, म्यूजिक की धुन पर मस्त थे लोग, तभी हुआ धमाका

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Bangkok Fire News: बैंकॉक के ना लाडप्राओ पब में भीषण आग लग गई, जिसके बाद कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई. 63 लोग घायल हो गए. शुरुआती जांच में स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलने के बाद धमाके की बात सामने आई है. थाईलैंड में यह कोई पहला हादसा नहीं है. लेकिन लगातार ऐसे बड़े हादसे दिखाते हैं कि अभी भी कोई सबक नहीं लिया जा रहा है.

बैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में लगी भीषण आग ने 27 लोगों की जान ले ली और 63 लोग अस्पताल पहुंच गए. लेकिन यह सिर्फ एक दर्दनाक हादसे की कहानी नहीं है. असली सवाल यह है कि आखिर थाईलैंड हर कुछ साल बाद नाइट क्लबों में होने वाली ऐसी भयावह आग से सबक क्यों नहीं ले पा रहा है. 2009 में सैंतिका नाइटक्लब में 66 लोगों की मौत हुई, 2022 में एक म्यूजिक पब में 14 लोगों की जान गई थी. अब 2026 में ना लाडप्राओ
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक थाई पीएम अनुतिन चार्नवीराकुल मौके पर पहुंच गए. उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पब में एक म्यूजीशियन ने सबसे पहले स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखा. कुछ ही सेकंड बाद बिजली चली गई, फिर धमाके जैसी आवाज आई और पूरा हॉल काले धुएं से भर गया. अंधेरा इतना घना था कि लोग एक-दूसरे को देख तक नहीं पा रहे थे. बाहर निकलने की कोशिश में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग रास्ता भटक गए.

इस अग्निकांड के बाद जब शवों को निकाला गया तो एक ऐसा पैटर्न दिखा, जिसने और भी सवाल खड़े कर दिए. अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा शव पब के पिछले हिस्से में बने वॉशरूम के पास मिले. इससे माना जा रहा है कि कई लोग धुएं और अंधेरे से बचने के लिए वहां भागे, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया. इससे सवाल उठ रहा है कि क्या इस बिल्डिंग का इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम और फायर सेफ्टी इंतजाम फेल हो गए.

इस आग लगने की घटना में फायर ब्रिगेड ने तेजी दिखाई है. करीब आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लिया गया. हादसे के बाद 63 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें 22 की हालत गंभीर बताई गई है. कई पीड़ितों के पास पहचान से जुड़ा कोई डॉक्यूमेंट नहीं था. कई लोग बेहोश मिले, जिनकी पहचान करने में भी प्रशासन को दिक्कत आ रही है. घटनास्थल के बाहर परिजनों के लिए अलग से सहायता केंद्र बनाया गया, जहां लोग अपने लापता रिश्तेदारों को खोज रहे हैं.

थाईलैंड अपनी नाइटलाइफ के लिए मशहूर है. भारत समेत दुनिया भर से करोड़ों पर्यटक हर साल यहां जाते हैं. यह हादसा इसलिए चिंता बढ़ाने वाली बात है. लेकिन सबसे ज्यादा टेंशन की बात यह है कि थाईलैंड में पब से जुड़ी आग के पहले भी मामले आ चुके हैं और इससे लगता है कि कोई सबक नहीं सीखा गया है.
2009: बैंकॉक के सैंतिका नाइटक्लब में न्यू ईयर पार्टी के दौरान इनडोर आतिशबाजी से आग लगी. इस घटना में 66 लोगों की मौत हुई और 200 से ज्यादा घायल हुए.

WORLD : टल सकती थीं 15 मौतें, क्या लापरवाही की वजह से हुआ हादसा? 5 सवाल और उसके जवाब

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वियतनाम में स्पीडबोट हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई है. इस हादसे में 21 लोगों को बचा लिया गया. शुरुआती जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं. बोट में क्षमता से अधिक यात्री, खराब मौसम और तकनीकी खामियां की आशंका से कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को हुआ हादसा क्या टल सकता था? शुरुआती जांच रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी. इसमें कई तरह की लापरवाहियां बरती गई और इस कारण 15 भारतीयों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. सभी भारतीय एक कॉरपोरेट कंपनी की ओर से आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे.
स्पीडबोट में कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार क्रू मेंबर शामिल थे. हादसा होन मे रुट नगोआई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर हुआ, जब अचानक स्पीडबोट पलट गई. मृतकों में 13 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं. ज्यादातर पीड़ित तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के रहने वाले थे. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हुई. शुरुआती जांच में पांच ऐसे सवाल सामने आए हैं, जिनके जवाब पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते हैं.

पहला सवाल- क्या स्पीडबोट में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे?
जांच का सबसे अहम पहलू यही है कि जिस स्पीडबोट का रजिस्ट्रेशन नंबर AG 26751 था, उसमें कितने लोगों को ले जाने की अनुमति थी. हादसे के समय उसमें 36 लोग मौजूद थे. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी स्पीडबोट पर तय सीमा से ज्यादा भार हो जाए तो ऊंची लहरों के बीच उसका संतुलन तेजी से बिगड़ सकता है. ऐसे में जांच एजेंसियां बोट की आधिकारिक क्षमता, यात्रियों की संख्या और वजन के वितरण का पूरा गणित खंगाल रही हैं.

बचाव अभियान में शामिल स्थानीय नाव चालकों ने बताया कि कई लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल था, क्योंकि वे उलट चुकी नाव के अंदर फंस गए थे. अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या बोट का केबिन ऐसा था, जिससे पलटने के बाद बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया. यह भी देखा जा रहा है कि क्या आपातकालीन निकास स्पष्ट रूप से चिन्हित थे और क्या रवाना होने से पहले यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई थी. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि क्या सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के निर्देश दिए गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि बंद केबिन में कुछ परिस्थितियों में लाइफ जैकेट भी लोगों को बाहर निकलने में बाधा बन सकती है, क्योंकि वह व्यक्ति को ऊपर की ओर धकेल देती है और वह छत से टकराकर फंस सकता है.
तीसरा सवाल- क्या कप्तान ने खराब मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज किया?

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि हादसे के समय समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें थीं. हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उसी इलाके में दूसरी पर्यटन नौकाएं भी चल रही थीं और उनके साथ कोई हादसा नहीं हुआ. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्पीडबोट के कप्तान ने मौसम विभाग या तटरक्षक बल की चेतावनी के बावजूद यात्रा जारी रखी. जांच में उस दिन के मौसम के रिकॉर्ड, समुद्री परिस्थितियों और कप्तान के फैसलों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी.

चौथा सवाल- क्या स्पीडबोट तकनीकी रूप से सुरक्षित थी?

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बोट की तकनीकी स्थिति भी है. अधिकारी यह पता लगाएंगे कि स्पीडबोट का रखरखाव समय पर हुआ था या नहीं. इसके लिए मेंटेनेंस रिकॉर्ड, निरीक्षण प्रमाणपत्र और इंजन से जुड़ी तकनीकी रिपोर्ट की जांच होगी. यह भी देखा जाएगा कि हादसे से ठीक पहले कहीं इंजन बंद तो नहीं हुआ या स्टीयरिंग सिस्टम ने काम करना बंद तो नहीं कर दिया. साथ ही यह भी जांच होगी कि बोट के ढांचे में पहले से कोई दरार या कमजोरी तो मौजूद नहीं थी, जिससे पानी तेजी से अंदर भर गया.

पांचवां सवाल- क्या पर्यटन बढ़ने के साथ सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई?
फु क्वोक द्वीप पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में यहां 13 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं. इतनी तेजी से बढ़ते पर्यटन के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्थानीय समुद्री प्रशासन सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन करवा पा रहा था. जांच एजेंसियां यह भी देखेंगी कि स्पीडबोट संचालित करने वाली कंपनी ‘ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी’ के पास सभी जरूरी लाइसेंस थे या नहीं. साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या नियमित सुरक्षा निरीक्षण किए जा रहे थे या केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं.
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WORLD : युद्ध के 1250 दिन… यूक्रेन पर जारी है रूस का प्रहार, जेलेंस्की को मिलेंगे अमेरिका से 33000 हथियार

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रूस और यूक्रेन युद्ध को अब 1250 दिन हो गए हैं, बावजूद इसके यहां हालत सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है. न तो रूस की तरफ से हमले रुक रहे हैं और न ही वो शांतिवार्ता के लिए तैयार है. वहीं अमेरिका यूक्रेन को इस साल के अंत तक नए-नए हथियार देने का भी प्लान बना चुका है.

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के इतने दिन बीतने के बाद भी दोनों के बीच सुलह होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति के शांतिवार्ता वाले प्रस्ताव पर पुतिन ने साफ कह दिया कि वो अपने लक्ष्य से भटकने वाले नहीं हैं. इसके बाद रूसी सेना ने एक बार फिर सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला किया, जिसमें 5 लोग घायल हो गए और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा. यह जानकारी शहर की सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर त्काचेंको ने दी.
रविवार को पूर्वी यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में रूस की सीमा के पास, रूसी ड्रोन ने एक यूक्रेनी बस पर हमला किया जिसमें 39 लोग सवार थे. इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य लोग जख्मी हो गए. शनिवार को सुमी के एसमान इलाके में एक बारूदी सुरंग विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग फ्रंटलाइन डोनेत्स्क क्षेत्र में रूसी हमलों में मारे गए. अधिकारियों के मुताबिक उस दिन पूरे यूक्रेन में हुए हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई.

रविवार को यूक्रेन ने भी रूस पर ड्रोन हमले किए. लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि सेंट पीटर्सबर्ग के आसपास के इलाकों में यूक्रेन के कम से कम 10 ड्रोन मार गिराए गए. गिरे हुए मलबे की चपेट में आकर एक महिला घायल हो गई. हमले के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा और 57 उड़ानों में देरी हुई और 22 उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया.

इस बीच, क्रेमलिन ने पुष्टि की कि सेंट पीटर्सबर्ग में हर साल आयोजित होने वाली बड़े पैमाने पर टेलीविज़न पर प्रसारित होने वाली नेवी डे परेड को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया है. हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के नेवी हेडक्वार्टर्स से प्रशांत महासागर, आर्कटिक, बाल्टिक और कैस्पियन सागर में 150 जहाजों और 15,000 सैन्य कर्मी अभ्यास करते हुए दिखे. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रविवार को हवाई रक्षा इकाइयों ने यूक्रेन के कुल 291 ड्रोन मार गिराए, जो 7 मई को हुए रिकॉर्ड 524 ड्रोन हमलों से कम है. ये हमले 9 मई को रूस के विक्ट्री डे परेड से पहले हुए थे.

अमेरिका देगा यूक्रेन को 33,000 ड्रोन
वहीं अमेरिका यूक्रेन को इस साल के अंत तक 33,000 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित ड्रोन किट्स मिलेंगी. यह आपूर्ति अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिका-जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी ऑटेरियन के बीच हुए नए समझौते के तहत की जाएगी. Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी ड्रोन डिलीवरी होगी. कंपनी के सीईओ लोरेन्ज मेयर ने बताया कि पहले की तुलना में यह आपूर्ति दस गुना ज्यादा है. हाल ही में रूस ने ईरानी-डिजाइन किए गए शाहेद ड्रोन की बड़ी संख्या यूक्रेन की ओर छोड़ी जा रही है. केवल 9 जुलाई को ही रूस ने 700 से अधिक हवाई हथियार दागे, जो कई महीनों के कुल हमलों से भी अधिक थे. ऐसे में यूक्रेन अपनी तैयारी मजबूत करना चाहता है.
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WORLD : होर्मुज में हमलों के बाद तनाव, अमेरिकी स्ट्राइक के जवाब में ईरान ने दागी मिसाइलें, पश्चिम एशिया में लौटा युद्ध?

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दुनिया का ध्यान बीते कुछ दिनों से ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर लगा हुआ था लेकिन मंगलवार से चीजें एक अलग दिशा में मुड़ती हुई दिख रही हैं।

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बनी नाजुक शांति खतरे में पड़ गई है। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान पर हवाई हमले किए हैं। होर्मुज के पास ईरान के द्वीपों पर हमले किए गए। इसके कुछ घंटे बाद ही ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दाग दिए। इस बीच अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने पर दी गई छूट भी वापस ले ली है। अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच हुए इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में युद्ध लौटने की आशंका गहरा गई है।

फर्स्टपोस्ट के मुताबिक, ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार के दौरान हुए हैं, जिनकी युद्ध की शुरुआत में मौत हो गई थी। इन हमलों से उन बातचीत में भी मुश्किलें बढ़ेंगी जिनका मकसद जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलना, तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को रोकना और युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना है।

अमेरिका के ईरान पर हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि बुधवार सुबह ईरान पर हमले होर्मुज में जहाजों पर किए गए अटैक के जवाब में हैं। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमले हुए थे। ईरान ने इन हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिनअमेरिका ने इसके लिए रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को दोषी ठहराते हुए हवाई अटैक किए हैं।

हमलों में अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम और बंदर अब्बास में एयर-डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी सिस्टम, मिसाइलों और एंटी-शिप क्रूज मिसाइल साइटों, ड्रोन लॉन्च साइटों और बंदरगाह सुविधाओं को निशाना बनाया। अमेरिकी आर्मी ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। आईआरजीसी की छोटी नावों पर भी हमला किया गया है।

अमेरिका के कदम इस्लामाबाद MoU के आर्टिकल 1, 2 और 10 का खुला उल्लंघन हैं। अमेरिका की ओर से समझौते के उल्लंघन के नतीजों को लेकर गंभीर मानते हुए ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाएगा।
काजेम गरीबाबादी

ईरानी तेल पर प्रतिबंध
अमेरिका ने हमलों के साथ ही जून में जारी ईरान के तेल की बिक्री की अनुमति देने वाले अपने सामान्य लाइसेंस को रद्द कर दिया है। यह सामान्य लाइसेंस युद्ध को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा के रूप में काम करने वाले युद्धविराम समझौते के हिस्से के रूप में जारी किया गया था।

ईरान को तेल पर छूट ना देने का यह फैसला 17 जुलाई से पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस कदम का तेहरान पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, जिसकी अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित रही है। इससे ईरान की विश्व बाजार में कच्चा तेल बेचने की क्षमता कम हो जाएगी।

ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिकी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा।

ईरानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य के मामलों या प्रबंधन में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी ईरानी तेल निर्यात पर छूट को रद्द करने और देश पर हालिया हमलों के अमेरिकी फैसले की निंदा की है।

MoU वास्तव में ईरान और अमेरिका के बीच सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकने का एक समझौता है। इसलिए जब तक हमारे पास वह शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक ना सिर्फ इस तरह की झड़पें बल्किपूरे क्षेत्र में संघर्ष भड़काने की गुंजाइश है।
जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी की सीना अजादी

युद्धविराम का क्या होगा?
ईरान पर अमेरिकी हमलों से उस नाजुक युद्धविराम पर खतरा मंडरा रहा है, जिस पर दोनों देश सहमत हुए थे। इससे पश्चिम एशिया में युद्ध लौटने का खतरा बढ़ गया है। सीएनएन के मुताबिक, कुछ क्षेत्रीय सहयोगियों ने तनाव बढ़ने से रोकने और युद्धविराम बनाए रखने के लिए अमेरिका और ईरान को संदेश भेजे हैं। खाड़ी के देशों को डर है कि एक बार फिर लड़ाई छिड़ी तो उनको अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।

WORLD : ओमान तट के पास कमर्शियल शिप पर बड़ा हमला, 11 भारतीय थे सवार, एक लापता

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने ओमान तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी लापता है.

विदेश मंत्रालय (MEA) ने ओमान तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी लापता है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ को निशाना बनाकर किए गए इस हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था. जहाज पर सवार 11 भारतीयों में से 10 को तो बचा लिया गया, लेकिन एक लापता भारतीय की तलाश अभी-भी जारी है. ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और चल रहे सर्च-रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है. भारत ने संकट के इस समय में सहयोग देने के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है.

मंत्रालय ने अपने बयान में इस बात पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं जो बेहद चिंताजनक हैं. भारत सरकार ने वैश्विक मंच से एक बार फिर दोहराया है कि क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम (डी-escalate) किया जाना चाहिए. इसके साथ ही जारी राजनयिक वार्ताओं को किसी तार्किक और शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचाया जाना बेहद जरूरी है, ताकि पूरे क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता लौट सके.

भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का ये सिलसिला अब हर हाल में बंद होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सिद्धांतों के अनुरूप, क्षेत्र के सभी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त और बेरोकटोक नौवहन तथा वाणिज्यिक गतिविधियों को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए, ताकि वैश्विक व्यापार सुरक्षित तरीके से चल सके.

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