Monday, October 5, 2026
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NATIONAL : शिवाजी पार्क प्रदर्शन: सीजेपी आयोजकों समेत 400-500 अज्ञात लोगों पर एफआईआर, आदित्य ठाकरे बोले- लोकतंत्र की आवाज

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मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में 2 अक्तूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, मामला अवैध रूप से भीड़ जुटाने, सरकारी अधिकारी के वैध आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने समेत अन्य धाराओं में दर्ज किया गया है। शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी ने बताया कि इलाके के एक निवासी की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।

अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुआ था प्रदर्शन
सीजेपी ने अपने संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शुक्रवार को शिवाजी पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस प्रदर्शन को शिवसेना (यूबीटी) का भी समर्थन मिला था।

मुंबई पुलिस समेत इन्हें मिला एनएचआरसी का नोटिस
इस प्रदर्शन में नाबालिगों को कथित तौर पर शामिल करने, उन्हें पुलिस कार्रवाई से बचाव के लिए इस्तेमाल करने और उनकी तस्वीरें-वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की शिकायतों पर एनएचआरसी ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मुंबई पुलिस, एमईआईटीवाई, एक्स और महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस देकर एक सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

आदित्य ठाकरे ने प्रदर्शन का किया समर्थन
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इसे देश में जागरूकता की शुरुआत बताया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को बचाने के लिए शुरू हुए आंदोलन की शुरुआत है। आदित्य ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने के बीच भाजपा ही इस मुद्दे पर असहज नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में विरोध और सवाल उठाने की आवाजें जारी रहेंगी। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन के संबंध में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

NATIONAL : ‘गणेश विसर्जन खत्म, अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी’: प्रकाश राज ने एसआईआर पर उठाए सवाल; भाजपा ने क्या कहा?

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प्रकाश राज ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी की। उन्होंने मतदाता सूची से हटाए गए नामों और 38 लाख लंबित अपीलों का भी जिक्र किया। उनके बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई। किसने क्या कहा, पढ़िए इस रिपोर्ट में।

अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने शनिवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान होने वाला गणेश मूर्तियों का विसर्जन खत्म हो गया है। अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का ‘विसर्जन’ बाकी है।

प्रकाश राज ने पश्चिम बंगाल से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र किया। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों ने नाम वापस जोड़ने के लिए 38 लाख अपील की हैं। ये अपीलें ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं। इन्हें तय करने में 10 से 12 साल लग सकते हैं।प्रकाश राज ने सवाल किया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग क्या 10 से 12 साल तक इंतजार करेंगे? उन्होंने पत्रकारों से कहा, कर्नाटक, आंध्र और पूरे भारत में गणेश विसर्जन खत्म हो गया है। अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी है।

प्रकाश राज ने कहा कि एसआईआर शुरू होने के समय इसे मतदाता सूची की सफाई की प्रक्रिया बताया गया था। लेकिन अब उनके अनुसार यह नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं रह गई है। यह नाम हटाने की प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव सिर्फ आंकड़ों का नाम नहीं है। चुनाव इस देश के उन नागरिकों से जुड़े हैं, जो जिंदा हैं।

प्रकाश राज ने बताया कि उन्होंने 10 दिन तक अलग-अलग जिलों का दौरा किया। उन्होंने वहां लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि उनके नाम मतदाता सूची से ‘हटा दिए गए’। इसकी वजह यह थी कि जब बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ उनके घर पहुंचे, तब वे घर पर नहीं थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि काम के लिए दूसरी जगह गए दिहाड़ी मजदूरों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ करते हैं। क्या उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के बारे में लोगों को पहले से बताया था? प्रकाश राज ने कहा, हमारी मांग है कि एसआईआर को रोका जाए और इसे पूरी तरह खत्म किया जाए।

प्रकाश राज की टिप्पणी पर भाजपा ने क्या कहा?
इस बीच, तेलंगाना भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने प्रकाश राज के बयान की आलोचना की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ की गई टिप्पणी को ‘अपमानजनक’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एक सांविधानिक संस्था के प्रमुख हैं।

सुभाष ने एक बयान में कहा कि प्रकाश राज को निर्वाचन आयोग की आलोचना करने का अधिकार हो सकता है। लेकिन सीईसी की तुलना मूर्ति विसर्जन से करना राजनीतिक आलोचना की सीमा पार करता है। उनके अनुसार, यह एक सांविधानिक संस्था के प्रति अनादर है।

सुभाष ने कहा कि लोकतंत्र में बहस होनी चाहिए। किसी का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर प्रकाश राज को एसआईआर प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो वह उचित मंच के सामने तथ्य और सबूत रख सकते हैं। इसके बजाय ‘भड़काऊ सड़कछाप बयानबाजी’ का सहारा नहीं लेना चाहिए।

सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
इस बीच, शनिवार को तेलंगाना पीपुल्स फ्रंट, कॉकरोच जनता पार्टी और दूसरे संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन हैदराबाद में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को खत्म करने की मांग भी की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम 2023 को रद्द करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कई पोस्टर भी दिखाए। इन पोस्टरों पर लिखा था- ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो (ज्ञानेश, अब काम खत्म है भाई!)!एक पोस्टर पर लिखा था- ‘ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए’। इसके अलावा पोस्टरों पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे संदेश भी लिखे थे।

NATIONAL : CJP के 2 अक्टूबर आंदोलन के बाद मुंबई में एक और मोर्चा, ठाकरे बंधुओं ने किया ऐलान

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने 2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान किया है. सीजेपी के इस आंदोलन के बीच शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चीफ राज ठाकरे ने बड़ी घोषणा की है. दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस राज ठाकरे के मुंबई स्थित निवास ‘शिवतीर्थ’ पर हुई, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और 4 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी गई.

दोनों ने चार अक्टूबर को एक और मोर्चे का ऐलान किया है. दोनों की साझा प्रेस वार्ता में कहा गया कि 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भायखला से मोर्चा शुरू होगा और बीएमसी के सामने पहुंचेगा.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2 अक्टूबर को सीजेपी की ओर से होने वाले आंदोलन को उनका पूरा समर्थन है. उन्होंने कहा कि इससे पहले जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को भी उन्होंने समर्थन दिया था. उद्धव ठाकरे ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को होगी, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.

राज ठाकरे ने कहा कि यह अब तक हुए अपमान का विषय है. उनके मुताबिक मतदाताओं के मत का अपमान हुआ है और इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जा रहा है.

इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ होने वाले आंदोलन में सभी पार्टियों को शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भ्रष्ट चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पहला यलगार मुंबई से होगा और पहला मोर्चा राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में निकलेगा.

राउत ने बताया मोर्चे का प्लान
संजय राउत ने बताया कि 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे भायखला से मोर्चा शुरू होगा और बीएमसी के सामने पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर पहले भी कई बार बात हो चुकी है, लेकिन 4 अक्टूबर को इस मुद्दे पर विस्तार से बात की जाएगी. मोर्चे के बाद आगे की भूमिका तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को फोन कर मोर्चे में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा और सत्ता पक्ष के लोग भी चाहें तो इसमें शामिल हो सकते हैं.

राउत ने कहा कि इस मोर्चे में किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा नहीं होगा, बल्कि सभी के हाथ में सिर्फ तिरंगा होगा. यह किसी राजनीतिक पार्टी का मोर्चा नहीं, बल्कि देश के संविधान को बचाने के लिए निकाला जा रहा मोर्चा है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है और सभी अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. चुनाव आयोग के खिलाफ बोलने पर बीजेपी को आपत्ति क्यों हो रही है, इस सवाल पर राउत ने कहा, ‘चोर की दाढ़ी में तिनका.’

राहुल सांकृत्यायन, abp live में बतौर डिप्टी न्यूज़ एडिटर कार्यरत हैं और स्टेट्स टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. राहुल राजनीति, शासन-प्रशासन और समकालीन विषयों की खबरों की कवरेज और खबरों एवं घटनाक्रमों के संपादकीय समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले राहुल ने अपने करियर की शुरुआत में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और फीचर डेस्क पर भी काम किया है. उनकी विशेष रुचि राजनीतिक खबरों, अपराध से जुड़े मामलों और राज्यों की समकालीन राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज में रही है.

राहुल इससे पहले न्यूज़18 हिन्दी, वनइंडिया हिन्दी और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज और स्टेट्स कवरेज में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया.

NATIONAL : सड़क नहीं मिली तो बीमार बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा, 3 KM पैदल चले परिजन, रीवा के जवा का वीडियो वायरल

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रीवा जिले के जवा में बारिश के कारण सड़क खराब हो गई थी। बीमार बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए परिजन 3 किलोमीटर पैदल चले। खराब रास्ते के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका था। परिजनों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से बच्चे को मोटरसाइकिल से अस्पताल ले जाया गया।

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बारिश के बीच ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क और संपर्क व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। जवा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोनीकलां के पौखरी टोला में एक बीमार बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को करीब 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। रास्ता खराब होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। मजबूर परिजनों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा और कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। इसके बाद बच्चे को बाइक से अस्पताल ले जाया गया।

बारिश के बाद सड़क का हिस्सा नहर में समाया
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के बाद मिनी बाणसागर नहर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर सड़क में समा गया। इससे कोनीकलां पंचायत के पौखरी टोला समेत आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर पानी और कीचड़ के कारण चार पहिया वाहन तो दूर, कई जगह दोपहिया वाहन से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

बीमार बच्चे को पोटली में बांधकर ले गए परिजन
पौखरी टोला निवासी मिथलेश केवट के करीब 10 से 12 वर्षीय भाई की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले। लेकिन गांव तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं था। ऐसे में परिजनों ने बच्चे को कपड़े में बांधा और कंधे पर उठाकर करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। वहां से मोटरसाइकिल के जरिए बच्चे को अस्पताल ले जाया गया।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में परिजन बारिश और खराब रास्ते के बीच बच्चे को लेकर पैदल जाते दिखाई दे रहे हैं।

6-7 हजार की आबादी, बारिश में कट जाता है संपर्क
ग्रामीणों के मुताबिक, कोनीकलां ग्राम पंचायत की आबादी करीब 6 से 7 हजार है। बारिश के मौसम में पंचायत के कई टोले जलभराव और खराब रास्तों के कारण मुख्य मार्ग से कट जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने वीडियो के जरिए प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर खींचते हुए गांव तक सुरक्षित सड़क और आवागमन की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

NATIONAL : शुभेंदु अधिकारी ने दिखाया ममता बनर्जी के इलाज वाला पर्चा, फर्जी दावे का आरोप, अब तो जांच होगीपश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव से पहले

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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होने वाले हैं. लेकिन इससे पहले आरोप-प्रत्यारोप की सियासत जारी है. उपचुनाव से पहले बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि पांच साल पहले बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने पैर में चोट लगने का झूठा प्रचार किया था. इसके लिए सीएम शुभेंदु ने अस्पताल के कागजात भी सबूत के तौर पर पेश किया.

सीएम शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार ममता के इस ‘झूठे प्रचार’ की जांच शुरू करेगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव खत्म होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा.

अधिकारी ने सबसे पहले शुक्रवार को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान इस बारे में बात की. इसके अगले दिन अधिकारी ने नबन्ना में राज्य सचिवालय में एक ऑफिशियल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जब वह SSKM अस्पताल की 11 मार्च 2021 की रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे, तो मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2020 के चुनाव के वक्त चोट लगने को लेकर झूठ बोला था.

‘फ्रैक्चर के कोई सबूत नहीं’
सीएम शुभेंदु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस का एक डॉक्यूमेंट सामने रखा. उन्होंने कहा, “इस घटना से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ है. इस डॉक्यूमेंट पर एक नज़र डालें. ‘फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कोई सबूत नहीं.”

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मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ CID की जांच का भी संकेत दिया है. उन्होंने कहा, “चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद, CID जांच जारी रहेगी. अगर कोई घटना होती है, तो पुलिस या CID जांच कर सकती है. लेकिन अगर कोई फेक कैंपेन चलाता है, नंदीग्राम के लोगों का अपमान करता है, मीडिया ट्रायल करता है और बंगाल के लोगों को गुमराह करता है तो उनके खिलाफ BNS के तहत कार्रवाई की जाएगी.”

2021 में क्या हुआ था?
2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के पैर में अचानक फ्रैक्चर हो गया था. इससे उन्हें चुनाव के आखिर तक व्हीलचेयर पर रहना पड़ा था. माना जाता है कि उनके फ्रैक्चर ने उनकी पार्टी को राज्य भर के वोटरों से भारी सहानुभूति दिलाने में मदद की थी. जब BJP ने TMC के खिलाफ अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, फिर भी नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी ने भारी बहुमत से बंगाल जीता था.

NATIONAL : ‘आरोपी पायलट ने पहले नमाज पढ़ी, फिर पीछे से कर दिया वार’, फ्लाईदुबई के हीरो स्मित मच्छर ने घटना का किया खुलासा

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फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर, जिन्होंने इजरायल जा रही उड़ान में कॉकपिट पर कब्जा करने की कथित कोशिश को नाकाम किया, स्मित मच्छर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को घटना का विस्तार से ब्योरा दिया है।

गंभीर रूप से घायल मच्छर ने बताया कि उड़ान शुरू में सामान्य थी। को-पायलट नमाज पढ़ने लगे, जो स्थानीय लोगों में आम बात है। सम्मान में वे आगे देख रहे थे।करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। मच्छर ने नेतन्याहू को बताया कि मेरा पहला ख्याल था कि विमान को कोई बड़ी क्षति पहुंची है। लेकिन वार लगातार होते रहे। तब समझ आया कि यह विमान नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति है।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि मेरी याददाश्त टुकड़ों में है। मैंने एक बार दरवाजा खोला, लेकिन उन्होंने फिर बंद कर दिया। मैं कॉकपिट के फर्श पर लेटा था। विमान की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। उसी पल उन्हें लगा कि यह आखिरी मौका है।

आगे बोले कि मेरे अंदर आखिरी लड़ाई बाकी थी। चाहे व्यक्तिगत हो या यात्रियों के लिए, मैंने सब कुछ झोंक दिया और दरवाजा खोला। बाहर लोग तैयार थे, जिन्होंने कंट्रोल संभाला।

बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और 17,000 फीट से ज्यादा तेजी से नीचे गिरी। विमान में 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल। इसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। सोशल मीडिया पर खून से लथपथ मच्छर का वीडियो वायरल हुआ।

यूएई जांच एजेंसियों ने इसे आतंकी कृत्य बताया है। को-पायलट हमाम अल-हम्मामी (ओमानी नागरिक) पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला करने और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश का आरोप है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्हें पहले कट्टर विचारों के कारण ओमान में उड़ान से प्रतिबंधित किया जा चुका था।मुंबई के घाटकोपर मूल के मच्छर के पास 13 साल से ज्यादा अनुभव और 9,500 से अधिक उड़ान घंटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें फोन कर बहादुरी की सराहना की। मच्छर वर्तमान में अस्पताल में रिकवर कर रहे हैं। उनकी हिम्मत ने सभी 174 यात्रियों की जान बचाई।

WORLD : पाकिस्तान से सीमा पार घुसपैठ पर भारत ने जताया कड़ा विरोध: राजनयिक प्रभारी तलब, दोबारा ऐसी घटना रोकने को कहा

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में बुधवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए। खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के वोट का समान महत्व होना चाहिए।

‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ का किया जिक्र
खरगे ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद इस सिद्धांत पर है कि हर नागरिक को सरकार चुनने में समान अधिकार मिले। उन्होंने संविधान सभा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सार्थक है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट का समान मूल्य हो। उन्होंने दावा किया कि इस सिद्धांत के सामने मौजूदा समय में गंभीर चुनौतियां हैं और देशभर में नागरिकों तथा राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

SIR को लेकर खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से ईवीएम और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र का हवाला देते हुए लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया।

खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग ने शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय एसआईआर प्रक्रिया शुरू की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग एसआईआर को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताता है, लेकिन यदि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं तो वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी व्यवस्था की होनी चाहिए।

खरगे ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा कांग्रेस की ओर से किया गया दावा है; चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और सूची उपलब्ध हैं।

नाम हटाने पर कारण और अपील का अधिकार मांगा
खरगे ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो यह जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए कि किसका नाम हटाया गया और इसकी वजह क्या थी। उन्होंने मांग रखी कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे उचित सूचना दी जाए, कारण बताया जाए और प्रभावी अपील की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी उठाए सवाल
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं। खरगे ने इसे आयोग के कामकाज और नेतृत्व की निष्पक्षता से जोड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। यह मुद्दा इंडिया गठबंधन की बैठक के एजेंडे में भी प्रमुखता से शामिल है। विपक्षी दल एसआईआर, चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपनी साझा रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

खरगे ने 2023 में पारित चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश को चयन पैनल से हटाकर उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के साथ-साथ उसकी स्वतंत्र दिखाई देने वाली कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया गया था।

पहली बार वोट देने वाले युवाओं का मुद्दा
खरगे ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा मतदान के योग्य होते हैं और उनके लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहली बार वोट देने वालों के लिए ऐसी प्रक्रियात्मक शर्तें नहीं होनी चाहिए, जो उनके लिए अनावश्यक बाधा बनें। उनका संदेश था कि युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाई जाए।

ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की मांग
ईवीएम को लेकर खरगे ने कहा कि विपक्ष की स्थिति स्पष्ट है और उन्होंने चुनाव में फिर से बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास और भरोसा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

NATIONAL : रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राजनयिक प्रभारी साद वाराइच को तलब किया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रही सीमा पार अवैध घुसपैठ को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान पर ऐसी घुसपैठ को लगातार मदद देने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली ने यह कदम पाकिस्तान की ओर से भारतीय राजनयिक प्रभारी को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया। पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से दो नागरिकों की कथित’हत्या’ के विरोध में तलब किया था। यह घटना दोनों देशों की सीमा पर पंजाब क्षेत्र में हुई थी।

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के तरन तारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को गोली मार दी थी

पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग के राजनयिक प्रभारी को तलब किया गया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लगातार मदद देने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने दो अक्तूबर को पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई एक घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक खास मकसद से लगाए गए आरोप बताया।

मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को पूरी जानकारी दी गई। उसे बताया गया कि तीन लोग भारतीय सीमा में घुस आए थे। सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें पाकिस्तान लौटने के लिए कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी। इसकी वजह यह थी कि वे तत्काल सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान से काम कर रहे हथियारबंद नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों की बार-बार सीमा पार आवाजाही का स्पष्ट पैटर्न दिखाती है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार से इन सीमा पार घुसपैठ की घटनाओं की जांच करने को कहा गया है। ड्रग तस्करी की गतिविधियों की भी जांच करने को कहा गया है।

इन गतिविधियों में पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा करने वाली सेनाओं की मिलीभगत की भी जांच करने को कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से इस मामले में जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान सुनिश्चित करने को कहा गया है। उसे दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से अपनी सेनाओं को अपनी तरफ से होने वाली बिना अनुमति की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा है। साथ ही ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।

NATIONAL : SIR के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, संसद मार्ग थाने पहुंचा AISA का प्रतिनिधिमंडल

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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन अब तेज करने की पूरी तैयारी है. 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. इसी प्रदर्शन के लिए अनुमति और पुलिस सहयोग की मांग को लेकर AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाना पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को प्रदर्शन की जानकारी देने के साथ शांतिपूर्ण कार्यक्रम के लिए सहयोग करने की अपील की. यह कदम 25 सितंबर को जंतर-मंतर के पास हुए SIR विरोधी प्रदर्शन के बाद उठाया गया है. उस प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी.

2 अक्टूबर के प्रदर्शन की पहले से सूचना

नेहा बोरा ने कहा कि पिछले प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से अनुमति को लेकर सवाल उठाए गए थे. इसलिए इस बार आयोजक पहले से पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए पुलिस को समय रहते सूचना दी गई है. उन्होंने कहा कि SHO और DCP स्तर के अधिकारियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने में सहयोग करें.

संसद मार्ग थाने क्यों पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर आयोजकों और पुलिस के बीच अनुमति का मुद्दा जरूरी हो गया है. 25 सितंबर को पुलिस ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. दूसरी ओर, प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना था कि उन्होंने पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी दी थी. इसी विवाद के बीच इस बार प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग थाना जाकर लिखित रूप से कार्यक्रम की सूचना देने और पुलिस से सहयोग मांगने का फैसला किया. प्रतिनिधिमंडल में नेहा बोरा के साथ योगेंद्र यादव, नंदिता नारायण भी शामिल थे.

‘पुलिस सहयोग करे तो शांतिपूर्ण तरीके से होगा प्रदर्शन’

दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर नंदिता नारायण ने कहा कि 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर पुलिस को लिखित जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर लंबे समय से विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयोग होता रहा है. ऐसे में आयोजकों की कोशिश है कि पुलिस के साथ पहले से समन्वय हो, जिससे कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो. नंदिता नारायण ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को रोकने या बल प्रयोग की स्थिति बनती है तो तनाव बढ़ सकता है.

SIR को वोट के अधिकार से जोड़कर उठाए सवाल

नंदिता नारायण ने SIR को लेकर मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटने का असर सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली कुछ सरकारी सुविधाओं और सेवाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं.

जिनके नाम कटे हैं, वे भी प्रदर्शन में आएं

नंदिता नारायण ने 2 अक्टूबर के प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होने की अपील की. उन्होंने खास तौर पर उन लोगों से आने को कहा, जिनका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आगे भी बढ़ सकता है और SIR के मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी.

25 सितंबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 सितंबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन हुआ था. इसमें AISA और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक समूहों से जुड़े लोग शामिल हुए थे. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधों के कारण कार्रवाई की गई. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है.

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी से मिले हरियाणा भाजपा के विधायक: सीएम सैनी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद, भेंट पर क्या बोले?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर हरियाणा के भाजपा विधायकों से मुलाकात कर प्रदेश सरकार के कामकाज, जनकल्याणकारी योजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अरचाना गुप्ता, मंत्री और विधायक इलेक्ट्रिक बस से प्रधानमंत्री आवास पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 7, लोक कल्याण मार्ग पर हरियाणा के सभी भाजपा विधायकों से मुलाकात की और प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर उनका फीडबैक लिया। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से दी। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

सीएम समेत कई दिग्गज बैठक में हुए शामिल
बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरचाना गुप्ता, राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी के विधायक मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने विधायकों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद किया और जनता से जुड़े मामलों को लेकर उनके अनुभव और सुझाव जाने। इस दौरान जनसेवा को और प्रभावी बनाने तथा सरकार के कामकाज में जनता की अपेक्षाओं को प्राथमिकता देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इलेक्ट्रिक बस से पीएम आवास पहुंचे विधायक
प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा विधायक हरियाणा भवन से इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर लोक कल्याण मार्ग पहुंचे। सामूहिक रूप से इलेक्ट्रिक बस से प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने की पहल ने स्वच्छ परिवहन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

विधायकों से सीधे प्रधानमंत्री ने लिया फीडबैक
प्रधानमंत्री के साथ संवाद के दौरान हरियाणा के जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और जनता से जुड़े विषयों की जानकारी साझा की। वहीं, सरकार के कामकाज पर विधायकों से सीधे फीडबैक लेने के जरिए जमीनी स्तर की स्थिति और लोगों की अपेक्षाओं को समझने पर जोर रहा।

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