Sunday, April 5, 2026
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WORLD : डोनाल्ड ट्रंप का कैंसिल हुआ वीकली ऑफ, ईरान युद्ध के बीच नहीं मिलेगी छुट्टी, क्या है पूरा मामला?

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी है. व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप इस दौरान व्हाइट हाउस में ही रहकर बंद कमरे में उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने हर हफ्ते मिलने वाली अपनी छुट्टी को रद्द कर दिया है और अब वह वीकेंड के दौरान भी लगातार बैठकों में शामिल रहेंगे. यह फैसला ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए लिया गया है.

1.5 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट की मांग

इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को एक बड़ा खर्च प्रस्ताव भेजा है, जिसमें अगले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 125 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट की मांग की गई है. यह बजट पिछले साल की तुलना में करीब 42 प्रतिशत ज्यादा है. माना जा रहा है कि ईरान के साथ युद्ध के चलते अमेरिका का सैन्य खर्च तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण यह बड़ी मांग की गई है.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो पेंटागन के खर्च में यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी. यह प्रस्ताव 2026 के लिए रक्षा बजट में 42 प्रतिशत वृद्धि का संकेत देता है, जो अमेरिका की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

सैन्य खर्च और कानून व्यवस्था पर फोकस

व्हाइट हाउस द्वारा शुक्रवार को जारी यह बजट प्रस्ताव अभी कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी. हालांकि, यह प्रस्ताव स्पष्ट करता है कि ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं में सैन्य खर्च बढ़ाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है.

प्रस्ताव में कांग्रेस से गैर-रक्षा खर्च में करीब 73 अरब डॉलर (लगभग 10 प्रतिशत) की कटौती करने की भी मांग की गई है. इस कटौती का उद्देश्य विवादास्पद और गैर-जरूरी कार्यक्रमों को खत्म करना और कुछ जिम्मेदारियों को राज्यों व स्थानीय सरकारों को सौंपना बताया गया है. इस बजट प्रस्ताव पर आने वाले हफ्तों में अमेरिकी कांग्रेस में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है.

BUSINESS : सरकार का बड़ा ऐलान! सोने की खरीदारी को लेकर बदलेंगे नियम, ग्राहकों पर क्या होगा असर?

सरकार सोने की खरीदारी से जुड़े नियमों को और सख्त करने वाली है. इसके तहत, देश में सोने की टैगिंग से जुड़े और भी सख्त नियम लागू करने की तैयारी चल रही है ताकि हॉलमार्किंग के गलत इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर किया जा सके. साथ ही सोने की शुद्धता और प्रामाणिकता भी सुनिश्चित हो.

इन्हीं नियमों के तहत, सरकार ने सोने के हर आइटम के लिए HUID कोड के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल वही ज्वेलरी खरीदे, जिन पर 6- अंकों का Hallmark Unique Identification (HUID) कोड हो. इसे ‘BIS CARE’ ऐप के जरिए वेरिफाई भी किया जा सकता है. इससे नकली सामानों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

हॉलमार्किंग क्यों है जरूरी?
हॉलमार्किंग एक सर्टिफिकेशन प्रॉसेस है, जो सोने के गहनों की शुद्धता की पुष्टि करती है. भारत में, इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा रेगुलेट किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि सोना निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करता हो. सही हॉलमार्किंग खरीदारों को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद करती है और बुलियन तथा आभूषण क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी से बचाती है.

सोने का हॉलमार्क होना अनिवार्य है. हालांकि, बावजूद इस नियम के दुरुपयोग और अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं. कुछ ज्वेलर्स कम कैरेट वाला सोना बेचते हुए या BIS चिह्नों का दुरुपयोग करते हुए पाए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है. इसके चलते अब सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत आन पड़ी है, जिससे सप्लाई चेन के हर एक चरण पर जवाबदेही सुनिश्चित करना होगा.

यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल
सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब सोने के गहनों पर मौजूद Hallmark Unique Identification (HUID) नंबर का दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेगा. यानी कि अगूंठी, सोने की चेन या हार के लिए इस्तेमाल कर लिया गया यूनिक 6- अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (A2B1C4) का इस्तेमाल अब दोबारा किसी और गहने के लिए नहीं किया जा सकेगा. अगर किसी कोड का इस्तेमाल किसी एक गहने के लिए कर लिया गया है, तो वह हमेशा के लिए उसी का रहेगा.

खरीदारी को लेकर नियम
2 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN कार्ड अनिवार्य.
10 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर PAN के साथ-साथ अब आधार कार्ड और आय प्रमाण (Income Proof) देना जरूरी.
2 लाख से अधिक का भुगतान कैश में नहीं किया जा सकता.

TECHNOLOGY : फोन का काम आसान करने की बजाय मुश्किल कर देती हैं ये ऐप्स, आज ही कर दें रिमूव

अगर आप प्ले स्टोर पर सर्च करेंगे तो रैम क्लीनर (RAM cleaner) के नाम पर आपको कई ऐप्स मिल जाएंगी. ये एंड्रॉयड फोन पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप्स में शामिल होती हैं. ये ऐप्स बेहतर परफॉर्मेंस, फ्री मेमोरी और लंबी बैटरी लाइफ का प्रॉमिस करती हैं, लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होता है. एक समय फोन में इन ऐप्स की जरूरत होती थी, लेकिन अब इनकी कोई जरूरत नहीं है. अगर आपके फोन में रैम क्लीनर ऐप्स हैं तो इन्हें तुरंत रिमूव कर दें. ये फोन की स्पीड स्लो करने के साथ बैटरी लाइफ पर भी असर डालती हैं.

फोन को कैसे स्लो करती हैं रैम क्लीनर ऐप्स?रैम क्लीनर ऐप्स फोन में चल रही बैकग्राउंड ऐप्स को फोर्स क्लोज कर देती हैं. हर बार ऐसा करना ठीक नहीं होता है. दरअसल, जब आप एंड्रॉयड पर किसी ऐप को मिनिमाइज करते हैं तो इसका रैम यूसेज कम हो जाता है. अगली बार जब आप इसे ओपन करते हैं तो यह जल्दी लोड होती है और तुरंत ओपन हो जाती है. रैम क्लीनर ऐप इन ऐप्स को फोर्स क्लोज कर देती है. इसलिए जब आप दोबारा उस ऐप को ओपन करते हैं तो इसे पूरी तरह रीलोड होना पड़ता है. इससे रिसोर्सेस पर लोड बढ़ता है और फोन का सिस्टम स्लो हो जाता है.

बैटरी लाइफ पर भी पड़ता है असर

जब आप फोर्स क्लोज के बाद ऐप को दोबारा ओपन करते हैं तो यह सिर्फ फोन के सिस्टम पर असर नहीं डालती. इसे ओपन करने के लिए एक्स्ट्रा बैटरी पावर की भी जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर रैम क्लीनर बार-बार ओपन होने वाली ऐप्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम को फोर्स क्लोज करती रहेगी तो इन्हें दोबारा ओपन करने के लिए बैटरी को ज्यादा काम करना पड़ेगा. इससे बैटरी लाइफ कम होती है और आपके लिए चार्जिंग का झंझट बढ़ जाता है.

अब नहीं है रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत

ऐसा नहीं है कि एंड्रॉयड फोन्स को कभी भी रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत नहीं रही है. एंड्रॉयड के शुरुआती दिनों में स्मार्टफोन्स में लिमिटेड रैम मिलती थी. ऐप्स भी आज की तरह ऑप्टिमाइज्ड नहीं होती थी और बैकग्राउंड मैनेजमेंट भी आज की तुलना में कम इंटेलीजेंट था. इस कारण कुछ ऐप्स ओपन होते ही फोन स्लो हो जाता था. ऐसी स्थिति में रैम क्लीनर ऐप्स काम आती थीं, लेकिन आज ये सारी चीजें बदल चुकी हैं. अब फोन का सिस्टम अपने आप सब कुछ मैनेज कर लेता है, जिससे रैम क्लीनर ऐप्स की जरूरत खत्म हो गई है.

BOLLYWOOD : तीसरे शनिवार 1000 करोड़ी बनेगी ‘धुरंधर 2’? दोपहर 1 बजे तक 5 करोड़ के पार हुआ कलेक्शन

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार दो हफ्ते गुजारने के बाद अब अपने तीसरे वीकेंड में पहुंच गई है. लेकिन इस फिल्म की रफ्तार जरा भी कम होने का नाम नहीं ले रही है. 16वे दिन तीसरे शुक्रवार को इसकी कमाई में एक बार फिर तेजी देखी गई. अब ये फिल्म तीसरे शनिवार यानी 17वें दिन भी एक और बड़े उछाल का टारगेट लेकर चल रही है. चलिए यहां जानते हैं ये फिल्म 17वें दिन कितनी कमाई कर रही है और इसकी ऑक्यूपेंसी भी जानते हैं.

‘धुरंधर 2’ के 16वें दिन का कलेक्शन?

  • ‘धुरंधर 2’ ने तीसरे फ्राइडे यानी अपनी रिलीज के 16वें दिन फिर अपने कलेक्शनसे हैरान किया. इसने 13,330 शो से 21.55 करोड़ का नेट कलेक्शन किया.
  • फिल्म का 16 दिनों का कुल नेट कलेक्शन  959.37 करोड़ हुआ है.
  • वहीं भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 1148.58 करोड़ हो गया है.

धुरंधर 2′ के 17वें दिन का कलेक्शन (Dhurandhar 2 Box Office Day 17Live)
‘धुरंधर 2’ अपनी रिलीज के 17वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने के मूड में दिख रही है. वीकेंड होने के चलते इसकी कमाई में अच्छी-खासी तेजी आने की उम्मीद है. फिलहाल  सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक रिलीज के 17वें  दिन यानी तीसरे फ्राइडे को दोपहर 1 बजे तक इस फिल्म ने 5.34 करोड़ कमा डाले हैं. फाइनल आंकड़े रात 10.30 बजे के बाद अपडेट होंगे.

धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस डे 17ऑक्यूपेंसी 
5.34 करोड़ (दोपहर 1 बजे तक)22.0%

‘धुरंधर 2’ ऑक्यपेंसी रिपोर्ट
तीसरे शनिवार यानी 17वें दिन धुरंधर 2 की दोपहर 1 बजे तक की ऑक्यूपेंसी 22.0% दर्ज की गई है.

 ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस Day-wise कलेक्शन

धुरंधर 2बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (इंडिया नेट)
पेड प्रीव्यू43 करोड़
पहला दिन102.55 करोड़
दूसरा दिन80.72 करोड़
तीसरा दिन113.00 करोड़
चौथा दिन114.85 करोड़
पांचवा दिन65 करोड़
छठा दिन56.60 करोड़
सातवां दिन48.75 करोड़
आठवां दिन49.70 करोड़
नौंवा दिन41.75 करोड़
दसवां दिन62.85 करोड़
                                           ग्याहरवां दिन                                            68.10 करोड़
                                            बाहरवां दिन                                           25.30 करोड़ 
                                            तेहरवां दिन                                            27.75 करोड़ 
                                            चौदहवां दिन                                                20.10 करोड़
                                             पंद्रहवां दिन                                               18.30 करोड़
                                            सोलहवां दिन                                               21.55 करोड़
                                             सत्रहवां दिन                                           5.34 करोड़ (दोपहर 1 बजे तक)
टोटल इंडिया कलेक्शन                                           964.71 करोड़        

धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड कलेक्शन
वहीं धुरंधर 2 की वर्ल्डवाइड कमाई की बात करें तो इसने दुनियाभर में 16वें दिन 15सौ करोड़ का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है. सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक विदेशों में, फ़िल्म ने 16वें दिन 5.00 करोड़ कमाए, जिससे अब तक इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन 375.00 करोड़ हो गया है. इसी के साथ  इसका दुनिया भर का कुल ग्रॉस कलेक्शन बढ़कर 1523.58 करोड़ हो गया है. 

Rajasthan News : सार्वजनिक मंच तक पहुंचा रावणा-भाटी विवाद, राजसमंद के जागरण में भिड़े समर्थक

कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे छोटे सिंह राणा के सामने ही कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. इस बीच भाटी के समर्थकों ने जमकर जय-जयकार के नारे लगाए. राजस्थान में इन दोनों चल रहा सिंगर छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच विवाद अब सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गया है. बीती रात राजसमंद क्षेत्र के एक गांव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम (रात्रि जागरण) के दौरान यह विवाद खुलकर सामने आया.

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे छोटे सिंह राणा के सामने ही कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और रवींद्र सिंह भाटी के समर्थकों ने उनके समर्थन में जमकर जय-जयकार के नारे लगाए. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और नारेबाजी कर रहे लोगों को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है.

गौरतलब है कि छोटे सिंह राणा और विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच पहले से विवाद चल रहा है. इसी विवाद के चलते छोटे सिंह राणा द्वारा भाटी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है. अब यह टकराव राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर भी दिखाई देने लगा है, जहां दोनों पक्षों के समर्थक खुलकर आमने-सामने आ रहे हैं. दरअसल पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक बच्चे ने रवींद्र सिंह भाटी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी. जिस पर प्रसिद्ध लोक गायक छोटू सिंह रावणा ने कमेंट करते हुए कहा कि आप ‘रील स्टार होते तो आपके यहां कई नेता आ जाते’ बस यहीं से पूरा विवाद शुरू हो गया.

छोटू सिंह का आरोप है कि इस कमेंट के बाद रात को 11 बजे उन्हें विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी है जिसमें कहा गया है कि तुझे पहले भी दो बार छोड़ दिया है. इस बार ध्यान रखना. इस मामले को लेकर छोटू सिंह द्वारा पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई.

FIR में विधायक रविंद्र सिंह भाटी सहित पांच अन्य पर मामला दर्ज हुआ है जिसकी जांच CID CB करेगी. इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति का माहौल गरमा दिया है और आने वाले समय में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

Bollywood : प्यार नहीं, EGO ने बचाई अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी? लेटेस्ट इंटरव्यू से सच आया सामने

अभिषेक बच्चन ने हाल ही में पत्नी ऐश्वर्या राय संग रिश्ते और उनके स्टारडम को लेकर बात की और बताया कि उन्हें एक्ट्रेस वाइफ के स्टारडम से कभी इनसिक्योरिटी हुई? अभिषेक बच्चन ने अपने करियर में कई सक्सेसफुल फिल्मों में काम किया है. लेकिन, जब उन्होंने ऐश्वर्या राय से शादी की तो एक्ट्रेस स्टारडम के मामले में उनसे कहीं ज्यादा आगे थीं. करियर के पीक पर अभिनेत्री ने अभिषेक बच्चन से शादी का फैसला किया था. वहीं, एक स्टारकिड होने के बाद भी अभिषेक को प्रोफेशनल लाइफ में काफी स्ट्रगल करना पड़ा. ऐसे में उन पर अमिताभ और जया बच्चन का बेटा होने का प्रेशर काफी रहा. पिता से काफी तुलना की गई. फिर जब ऐश्वर्या से शादी हुई तो भी काफी ट्रोलिंग फेस करना पड़ा. अब एक्टर ने पत्नी संग रिश्ते और उनके स्टारडम से इनसिक्योरिटी पर बात की है.

दरअसल, अभिषेक बच्चन ने हाल ही में लिलि सिंह के पॉडकास्ट में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने अपने करियर से लेकर फिल्में, घर-परिवार, अमिताभ-जया बच्चन, पत्नी ऐश्वर्या संग रिश्ते और स्टारडम पर बात की. इसी बातचीत में एक्टर ने ऐश्वर्या राय संग रिश्ते पर बात करते हुए अपनी 18 साल की शादी का श्रेय मजबूत आत्मविश्वास (Severe ego) को दिया है. अभिषेक बच्चन ने कहा, ‘हमारी कोर्टशिप, सगाई और शादी…ये हमेशा से हमारे बीच पार्टनरशिप की तरह ही रहा. हमारे बीच कभी इस तरह की कोई बात नहीं हुई कि मैं रोजी-रोटी कमाऊंगा और तुम मेरे घर का ख्याल रखना. सब कुछ नेचुरली रहा. मुझे लगता है कि ये मजबूत आत्मविश्वास (Severe ego) से आता है.’

इसी इंटरव्यू में अभिषेक बच्चन से सवाल किया गया कि क्या शादी के बाद उन्हें कभी ऐश्वर्या राय के स्टारडम से इनसिक्योरिटी हुई? एक्टर ने लिलि के इस सवाल का बेहतरीन जवाब दिया. उन्होंने अपनी पैरेटिंग की तारीफ की और कहा कि उनकी परवरिश इस तरह से हुई है कि कभी असर नहीं पड़ा. अभिषेक बच्चन ने कहते हैं, ‘जब मेरे माता-पिता ने भी शादी की थी तो मेरी मां भी पापा से बड़ी स्टार थीं तो ये अननैचुरल नहीं था.’ अभिषेक का मानना है, ‘उनका रिश्ता हमेशा से एक पार्टनरशिप के तौर पर रहा. मैं अपने करियर की शुरुआत से ही ऐश्वर्या को जानता हूं. मेरी दूसरी फिल्म उनके साथ ही थी, जिसका टाइटल ढाई अक्षर प्रेम (2000) के था. उस समय हम रिलेशनशिप में नहीं थे. हम बस अच्छे दोस्त थे.’

इसके साथ ही अभिषेक बच्चन ने ऐश्वर्या राय संग 18 साल की शादी का श्रेय ‘Severe ego’ को दिया. एक्टर का कहना है, ‘मैंने ईगो इसलिए कहा क्योंकि मैं उस तरह का इंसान नहीं हूं जो ये मानता हो कि किसी और को मेरे जीतने के लिए हार माननी होगी या दौड़ना बंद करना पड़ेगा. यही मेरी सोच है.’ अभिषेक क्लीयर करते हैं, ‘मैं ऐसे रिश्ते में नहीं रहना चाहता जहां पर मेरी पत्नी को कुछ करना बंद करना पड़े सिर्फ इसलिए कि मुझे खुद को मर्दाना महसूस करना है. शुक्र है कि मेरी पत्नी भी ऐसा नहीं सोचती हैं.’

बहरहाल, अगर अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी के बारे में बात की जाए तो उन्होंने 20 अप्रैल, 2007 को फेरे लिए थे. कपल ने प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी, जिसमें परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे. इस रिश्ते से उनकी एक बेटी आराध्या हैं. हालांकि, कुछ महीनों पहले लंबे समय तक अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या के तलाक की खबरें खूब रही हैं. लेकिन एक्टर ने इसे महज अफवाह ठहराया था.

Health : कितने समय में कराना चाहिए हेल्थ चेक-अप? डॉक्टरों ने उम्र के हिसाब से बताया पूरा प्लान

डॉक्टरों के अनुसार, हेल्थ चेक-अप हर व्यक्ति के लिए अलग होता है. यह आपकी उम्र, लाइफस्टाइल, बीमारी का इतिहास और परिवार की मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है.

आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. जिम जाना, हेल्दी खाना, योग करना ये सब अब आम बात हो गई है, लेकिन एक जरूरी सवाल अब भी लोगों के मन में रहता है कि हेल्थ चेक-अप कितनी बार कराना चाहिए. कई लोग सोचते हैं कि साल में एक बार ब्लड टेस्ट करा लेना ही काफी है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा अलग है. डॉक्टरों के अनुसार, हेल्थ चेक-अप हर व्यक्ति के लिए अलग होता है. यह आपकी उम्र, लाइफस्टाइल, बीमारी का इतिहास और परिवार की मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है. इसलिए जरूरी है कि हम अपनी जरूरत के हिसाब से हेल्थ चेक-अप का सही समय और तरीका समझें. ऐसे में आइए जानते हैं कि हेल्थ चेक-अप कितने समय में कराना चाहिए.

अक्सर लोग तभी डॉक्टर के पास जाते हैं जब उन्हें कोई समस्या होती है, लेकिन कई बीमारियां ऐसी होती हैं जो शुरू में कोई लक्षण नहीं दिखातीं है. रेगुलर चेक-अप से आप बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ सकते हैं. गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं. अपने शरीर की सही स्थिति जान सकते हैं और भविष्य के जोखिम को कम कर सकते हैं.

बहुत से लोग मानते हैं कि ब्लड टेस्ट ही पूरा हेल्थ चेक-अप है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. एक कंप्लीट हेल्थ चेक-अप में ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड, ECG, इको, कैंसर स्क्रीनिंग, महिलाओं के लिए मैमोग्राम, हड्डियों की जांच शामिल हो सकते हैं. ये सभी टेस्ट शरीर के अंदर छिपी समस्याओं को समय रहते पकड़ने में मदद करते हैं.

अगर आप फिट हैं, कोई बीमारी नहीं है और अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं, तो साल में 1 बार पूरा हेल्थ चेक-अप काफी होता है. वहीं अगर आपके परिवार में दिल की बीमारी, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारी हैं, तो साल में 2 बार चेक-अप कराना बेहतर है, साथ में खास टेस्ट भी कराए जाते हैं. इसके अलावा अगर आपको पहले से डायबिटीज या कोई पुरानी बीमारी है, तो साल में 2 बार पूरा चेक-अप जरूर कराना चाहिए, साथ ही हर 3 महीने में HbA1c टेस्ट कराएं. वहीं अगर आपका वजन ज्यादा है या लाइफस्टाइल ठीक नहीं है, तो आपको अतिरिक्त जांच की जरूरत हो सकती है. जैसे लिवर टेस्ट या फैटी लिवर की जांच. बुजुर्गों के लिए ज्यादा सावधानी जरूरी है. इसके लिए साल में कम से कम 2 बार हेल्थ चेक-अप कराना चाहिए.

बच्चों के लिए हेल्थ चेक-अप का प्लान उनकी उम्र के हिसाब से अलग होता है. जैसे छोटे बेबी को हर 1 से 3 महीने में डॉक्टर के पास दिखाना चाहिए. ताकि वेकसीनेशन समय पर हो और उनकी ग्रोथ सही हो रही है या नहीं, यह देखा जा सके. वहीं 1 से 5 साल के बच्चों यानी टॉडलर्स को हर 3 से 6 महीने में चेक-अप कराने की जरूरत होती है, जिससे उनकी लंबाई-ऊंचाई, वजन, पोषण और सामान्य ग्रोथ की निगरानी की जा सके, इसके अलावा 6 से 12 साल के स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अगर बच्चा हेल्दी है तो साल में एक बार चेक-अप काफी होता है. वहीं टीनेज के लिए भी साल में एक बार चेक-अप जरूरी है, जिसमें उनकी खान-पान की आदतें, मानसिक स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल पर ध्यान दिया जाता है जिससे हेल्दी लाइफस्टाइल बनी रहे और किसी भी समस्या को समय रहते पहचाना जा सके.

Business : पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी, 458 रुपये तक पहुंचा भाव; भारत में आज कितनी है कीमत?

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं और तमाम देशों में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ा दिए गए हैं. हालांकि, भारत में अभी भी राहत है.

भारत के प्रमुख महानगरों में शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. पेट्रोल 94 रुपये से 105 रुपये प्रति लीटर और डीजल 82 रुपये से 92 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बिक रहा है.

देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 94.77 रुपये है. वहीं, यहां डीजल का रेट आज 87.67 रुपये प्रति लीटर है. एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं और तमाम देशों में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ा दिए गए हैं. वहीं, भारत में सरकारी की कोशिशों ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी की मार से लोगों को अभी तक बचा रखा है.

देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमत

शहर पेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)
नई दिल्ली94.77 रुपये87.67 रुपये
मुंबई103.54 रुपये90.03 रुपये
कोलकाता105.45 रुपये92.02 रुपये
चेन्नई100.80 रुपये92.39 रुपये
बेंगलुरु102.92 रुपये90.99 रुपये
पटना105.18 रुपये92.04 रुपये
रांची97.86 रुपये92.62 रुपये 
पोर्ट ब्लेयर82.46 रुपये78.05 रुपये
जयपुर104.88 रुपये90.36 रुपये

भारत में हर राज्य में ईंधन पर VAT (Value Added Tax) अलग-अलग दरों से लगती है इसलिए दोनों शहरों की कीमत में अंतर दिखाई पड़ता है. आप चाहे तो IOCL या HPCL की वेबसाइट पर जाकर अपने शहर का रेट चेक कर सकते हैं.

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई है. इसमें बीते 3 अप्रैल को सरकार ने 137 रुपये का इजाफा किया था. हालांकि, जनता के भारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार देर रात को पेट्रोल की कीमत में 80 रुपये कटौती की घोषणा की. इसी के साथ पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये की कटौती के बाद आज 378.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह से डीजल की कीमत 520.35 रुपये है. इसमें कोई कटौती नहीं की गई. यह अपने अब तक के हाई लेवल पर है.

Sports : 200+ रन बनाकर भी सबसे ज्यादा मैच हारने वाली पहली टीम बनी सीएसके, एमएस धोनी के गैरमौजूदगी में बना शर्मनाक रिकॉर्ड

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पंजाब के खिलाफ 5 बार 200+ स्कोर बनाने के बाद भी सीएसके को हार मिली है. सीएसके ने इस शर्मनाक रिकॉर्ड के मामले में वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ा है, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 बार 200+ स्कोर बनाकर भी हारी है.

आईपीएल 2026 के सातवें मुकाबले में पंजाब किंग्स को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक तरफा जीत मिली. इस मैच को जीतकर पंजाब ने बड़े रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाई तो दूसरी ओर सीएसके ने शर्मनाक रिकॉर्ड बना डाले. एमएस धोनी के गैरमौजूदगी में खेल रही चेन्नई सुपर किंग्स को एमए चिदंबरम स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने 5 विकेट से हराया. पंजाब की इस सीजन में लगातार दूसरी जीत है, जबकि चेन्नई की लगातार दूसरी हार. ये नौवां मौका था, जब पंजाब ने 200+ रन का टारगेट चेज किया. इस मामले में पंजाब की टीम नंबर-1 बनी हुई है, जबकि आईपीएल में चेन्नई के खिलाफ उसी के होम ग्राउंड में पंजाब की ये लगातार चौथी जीत है.

पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने जो शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया, वो टी20 क्रिकेट में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा बार 200+ का स्कोर बनाने के बाद भी हार मिलना है. पंजाब के खिलाफ सीएसके को 5वीं बार 200 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी हार मिली है. सीएसके से पहले वेस्टइंडीज के नाम ये शर्मनाक रिकॉर्ड था, जिसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार बार 200 से ज्यादा का स्कोर करने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा है.

आईपीएल के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब चेन्नई सुपर किंग्स को एक सीजन के शुरुआती दो मैचों में हार मिली हो. आखिरी बार साल 2022 में ऐसा देखने को मिला था, तब सीएसके को अपने शुरुआती चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा अपने होम ग्राउंड चेपॉक में सीएसके ने अपने पिछले 6 मैच गंवाए हैं और रुतुराज की कप्तानी में ही सीएसके ने पिछले 6 मैच हारे हैं.

आईपीएल 2026 में लगातार दूसरी हार के बाद सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने कहा कि टीम के स्पिनर्स का खराब प्रदर्शन टीम को भारी पड़ गया. रुतुराज ने कहा, ‘सच कहूं तो मुझे लगा कि ये सच में एक बहुत अच्छा स्कोर था. विकेट तेज गेंदबाजों के लिए बेहतर था, लेकिन मुझे लगा कि स्पिनरों के लिए ये थोड़ा ग्रिप कर रहा था. गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आ रही थी. धीमी गेंद भी ग्रिप कर रही थी. इसलिए मुझे लगता है आप जानते हैं इस मैदान के लिए, खासकर बड़ी बाउंड्री को देखते हुए मुझे लगा कि ये सच में एक बहुत अच्छा स्कोर था.’

Horoscope : नीच राशि में बुध का गोचर, कहीं बरसेगा पैसा तो कहीं बढ़ेंगी परेशानियां

11 अप्रैल को बुध का गोचर मीन राशि में हो रहा है. मीन बुध की नीच राशि मानी जाती है, इसलिए यह गोचर कपछ राशियों के लिए चुनौतिपूर्ण भी हो सकती है, हालांकि कुछ के सफलता के योग बनेंगे. ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है. बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं. बुध ग्रह सूर्य और शुक्र के साथ मित्र भाव से तथा चंद्रमा से शत्रुतापूर्ण और अन्य ग्रहों के प्रति तटस्थ रहता है.

वैदिक ज्योतिष में बुध देव को वाणी, बुद्धि और व्यापार का दाता कहा जाता है. मान्यता है जिन लोगों की कुंडली में बुध देव की स्थिति सकारात्मक होती है. बुध ग्रह कि शुभ स्थिति जातक को व्यवहारिक बनाती है जो उनके जीवन में अच्छे परिणाम लेकर आते हैं.

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, हिंदू पंचांग के अनुसार 11 अप्रैल से बुध अपनी नीच राशि मीन में गोचर करेंगे. इस दौरान बुध कमजोर अवस्था में रहेंगे. वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका सीधा प्रभाव पृथ्वी और मानव जीवन पर पड़ता है. इसलिए बुध का गोचर सभी राशियों के जातकों के आर्थिक विकास पर भी काफी पड़ता है. बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है.

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध गोचर मीन राशि में 11 अप्रैल को होने जा रहा है. बुध कुंभ राशि से निकलकर गुरु की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं. 30 अप्रैल तक बुध मीन राशि में ही गोचर करेंगे. बुध के लिए मीन राशि नीच राशि मानी गई है. नीच राशि में आने पर बुध कमजोर अवस्था में आ जाते हैं. बुध बुद्धि और वाणी का कारक है इसलिए इसके राशि परिवर्तन से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता में स्पष्ट बदलाव देखने को मिलता है. इस गोचर के दौरान जहां कुछ लोग अधिक संवेदनशील हो सकते हैं वहीं कुछ लोगों को निर्णय लेने में कठिनाई महसूस होगी.

बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है. बुध सूर्य का निकटतम ग्रह है. बुध ग्रह को बुद्धि का प्रदाता कहा गया है. बुध ग्रह के लक्षण की बात करें तो यह व्यक्ति में बुद्धि, विवेक, हाज़िर जवाबी और हास्य–विनोद का प्रतिनिधित्व करता है. यह एक शुभ ग्रह है लेकिन कुछ स्थितियों में बुध अशुभ ग्रह में बदल सकता है. बुध कम्युनिकेशन का ग्रह है. बुध ग्रह के अधिदेवता भगवान विष्णु हैं. बुध व्यापार के देवता तथा व्यापारियों के रक्षक हैं. बुध चन्द्र और तारा के पुत्र है. बुध सौरमंडल के ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है. बुध के हाथों में तलवार, ढाल, गदा तथा वरमुद्रा धारण की हुई है.

बुध के राशि परिवर्तन से लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी. शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है. बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है. बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा. अनाज और खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. बड़े देशों के बीच इंपोर्ट-एक्सपोर्ट बढ़ेगा. बड़े एग्रीमेंट या बिजनेस समझौते होने के योग बन रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लेन-देन बढ़ेगा. कुछ देशों की करंसी मजबूत होगी. कुछ बड़े देश नई व्यापारिक रणनीति पर काम शुरू कर सकते हैं. पड़ोसी देशों से तनाव बढ़ेगा. अनचाही घटनाएं होगी. वाद विवाद ज्यादा होंगे. भूकंप आगजनी रेल और वायुयान दुर्घटना होगी. आंखों एवं त्वचा के रोग बढ़ेंगे. सोने की कीमत और विदेशी करेंसी में उतार-चढ़ाव रहेगा. पेट्रोल, डीजल और तेल के दाम बढ़ने का अनुमान है.

बुध के उपाय

बुध से पीड़ित व्यक्ति को मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए और साबूत हरे मूंग का दान करना चाहिए. बुधवार के दिन गणपति को सिंदूर चढ़ाएं. बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं. दूर्वा की 11 या 21 गांठ चढ़ाने से फल जल्दी मिलता है. पालक का दान करे. बुधवार को कन्या पूजा करके हरी वस्तुओं का दान करें.

बुध के गोचर का सभी 12 राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव

मेष राशि- बिजनेस और नौकरी में सफलता के योग बन रहे हैं. दुश्मनों पर जीत मिल सकती है. सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी.

वृष राशि- रोजमर्रा के कामों में मेहनत बढ़ेगी लेकिन फायदा भी हो जाएगा. सेहत संबंधी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं.

मिथुन राशि- इस गोचर के दौरान नई जॉब का प्रस्ताव आ सकता है. यदि आप अभी कहीं कार्यरत हैं तो वहां पदोन्नति की संभावना है. व्यापार में भी आपको अच्छा धनलाभ हो सकता है. नए व्यवसायिक संबंध बन सकते हैं और व्यापार का विस्तार हो सकता है.

कर्क राशि- धन लाभ तो होगा, लेकिन खर्चा भी बना रहेगा. सोच-समझकर बोलें. राज की बातें उजागर हो सकती हैं.

सिंह राशि- नौकरी या प्रोफाइल में बदलाव की संभावना है इसलिए जो लोग स्विच करने की उम्मीद कर रहे हैं वे इस अवधि के दौरान योजना बना सकते हैं. आपको अपने माता-पिता या रिश्तेदारों से नकद या वस्तु के रूप में अचानक लाभ मिल सकता है.

कन्या राशि- सुख बढ़ेंगे, लेकिन माता की सेहत को लेकर चिंता बनी रहेगी. यात्राओं में सावधानी रखें. प्रॉपर्टी संबंधी कामों में सफलता मिलने के योग हैं.

तुला राशि- कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं. सोच-समझकर बोलें और सावधानी से कोई भी फैसला लें.

वृश्चिक राशि- जो फैसले लेंगे उनमें सफलता मिलेगी. नौकरी और बिजनेस संबंधी यात्रा होने के योग बनेंगे. भाई-बहनों या दोस्तों से विवाद होने की आशंका है.

धनु राशि- शिक्षा प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है. प्रेम विवाह करना चाह रहे हो तो अवसर अनुकूल है.

मकर राशि- रोजमर्रा के कामों में सफलता तो मिलेगी, लेकिन उलझनें भी बढ़ती जाएंगी. नौकरीपेशा लोगों को सोच-समझकर फैसले लेने होंगे.

कुंभ राशि- आपको आकस्मिक धनलाभ या रुका हुआ धन प्राप्त होने की संभावना है. यदि आपका व्यापार विदेश तक विस्तृत है तो भी आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है. इस गोचर के दौरान आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे आपको सफलता अवश्य मिलेगी.

मीन राशि- प्रॉपर्टी और रोजमर्रा के कामों में फायदा हो सकता है. इनकम सोर्स बढ़ेंगे. रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं. शेयर मार्केट में फायदा मिल सकता है.

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