Friday, February 6, 2026
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NATIONAL : गाजियाबाद में यूपी पुलिस का दारोगा हनी ट्रैप का शिकार, पत्नी की शिकायत पर हुआ खुलासा

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सब इंस्पेक्टर जय सिंह निगम फिलहाल बरेली में तैनात हैं और अब तक भारी रकम आरोपी महिला को दे चुके थे. लेकिन जब उन्हें लगा स्थिति बिगड़ चुकी, फिर उन्होंने परिवार से मदद मांगी.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तैनाती के दौरान एक सब इंस्पेक्टर हनी ट्रैप में फंस गया. जिस महिला ने दारोगा को फंसाया था उसने दारोगा से पैसे ऐंठे. उसके बाद हनी ट्रैप गैंग ने और 15 लाख रुपये की मांग की और न देने पर दारोगा को मुकदमे में फंसने की धमकी दी. दारोगा की पत्नी की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन महिला के साथी अभी फरार है.

सब इंस्पेक्टर जय सिंह निगम फिलहाल बरेली में तैनात है. अब तक भारी तकम आरोपी महिला को दे चुके थे. लेकिन जब उन्हें लगा तो उन्होंने परिवार को सबकुछ बताया, जिसके बाद उनकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत की.

दारोगा की पत्नी ने 3 फरवरी को पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिलकर बताया कि रेखा त्यागी नाम की महिला ने उनके पति जय सिंह निगम को जून 2024 में हनी ट्रैप में फंसा कर 300000 रुपये कैश और 20000 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए. इतना ही नहीं रेखा त्यागी ने दारोगा की भाभी को कोर्ट में बुलाकर अपने अन्य दो साथी आकाश त्यागी और प्रदीप त्यागी के साथ मिलकर 15 लाख रुपये की डिमांड की. पैसे ना देने पर दारोगा के खिलाफ रेप का मुकदमा लिखवाने की धमकी दी गई. दारोगा की पत्नी की तहरीर पर 4 फरवरी 2026 को शालीमार गार्डन पुलिस ने रेखा त्यागी उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार किया है.

पुलिस मीडिया सेल की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया है कि उसने दारोगा जयसिंह निगम जो की अलीगढ़ के रहने वाले हैं शादी करने और झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फसाने की धमकी देकर पैसे दिए थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि रेखा त्यागी पहले भी किसी तरह के मुकदमे दर्ज कर चुकी है. पुलिस अब इसके अन्य दो साथियों को तलाश रही है.

NATIONAL : गाजियाबाद में तीन बहनों की सुसाइड पर चश्मदीद और पड़ोसियों ने खोल दिए सब राज, जानें हर बात

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महिला पड़ोसी ने बताया कि पैरेंट्स वाईफाई और महंगे मोबाइल दिलवा रहे हैं, लेकिन दो साल से बच्चियां स्कूल नहीं जा रहीं, ये बड़ा सवाल है. कोई आर्थिक दिक्कत थी तो सरकारी स्कूल भी उपलब्ध हैं.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाले चेतन कुमार की तीन बेटियों निशिका, प्राची और पाखी ने अपार्टमेंट की नौंवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. परिजनों के मुताबिक तीनों को कोरियन गेम की लत लग चुकी थी, जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया.

इस मामले में अब सोसाइटी के लोगों और चश्मदीदों ने जो बताया है, उसके बाद इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. एक चश्मदीद ने बताया कि शायद एक कूदना चाह रही थी, बाकी दो उसे बचाने में नीचे गिरीं हैं. पड़ोसी महिलाओं ने बताया कि दो साल पहले ही ये परिवार सोसाइटी में रहने आया था और किसी से कोई सम्पर्क नहीं था.

एक महिला पड़ोसी ने बताया कि इनके घर से कई बार चीखने-चिल्लाने की खबरें आयीं. इसके साथ ही एक और पड़ोसी ने बताया कि शुरुआत में कोरियन गेम की बात नहीं थी, फिर अचानक कैसे आ गयी ये समझ नहीं आ रहा. फिलहाल पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है.

एक महिला पड़ोसी ने बताया कि पैरेंट्स वाईफाई और महंगे मोबाइल दिलवा रहे हैं, लेकिन दो साल से बच्चियां स्कूल नहीं जा रहीं, ये बड़ा सवाल है. अगर कोई आर्थिक दिक्कत थी तो सरकारी स्कूल भी उपलब्ध हैं. फिर जब इतनी महंगी सोसाइटी में रह रहे हैं तो आर्थिक दिक्कत का सवाल समझ नहीं आता. इस विषय पर जांच होनी चाहिए.

एक चश्मदीद अरुण के मुताबिक खिड़की से एक लड़की लटकी थी एक ऊपर खींच रही थी, लेकिन शायद वो उसे बचाने में बाकी दोनों भी नीचे गिरीं, कुछ समझ नहीं आ रहा. इस पूरे घटनाक्रम से सोसाइटी में माहौल अभी संशयपूर्ण बना हुआ है. किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि नौवीं मंजिल से इस तरह बच्चियों का कूदना बड़ा सवाल है.

इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है, शुरूआती पूछताछ में परिजनों ने गेम के कारण स्कूल छोड़ने और किसी से बात तक न करने की बात कही थी. अब पड़ोसियों के बयानों को मानें तो शायद कुछ और भी मामला इस पूरे प्रकरण से जुड़ा हुआ है.

BIHAR : डबल मीनिंग वाले गाने बजाए तो जाना पड़ेगा जेल, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को दिया आदेश

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बिहार सरकार ने अश्लील गानों पर रोक लगाने का फैसला किया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के सख्त कार्रवाई के ऐलान के बाद मुजफ्फरपुर में लोगों ने इसका समर्थन किया. महिलाओं समेत आम जनता ने इसे सराहनीय कदम बताया. लोगों का कहना है कि इससे त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में शालीनता बनी रहेगी.

बिहार में अश्लील गानों पर रोक लगाने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर मुजफ्फरपुर में लोगों ने खुलकर समर्थन किया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी द्वारा अश्लील गाने बजाने पर सख्त कार्रवाई के ऐलान के बाद आम जनता, खासकर महिलाएं, इस फैसले से काफी खुश नजर आ रही हैं.मुजफ्फरपुर के लोगों का कहना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में अश्लील और द्विअर्थी गानों के चलन से समाज पर गलत असर पड़ता है. ऐसे में सरकार का यह कदम जरूरी माना जा रहा है.

स्थानीय निवासी सचिन कुमार ने सरकार के फैसले को बेहद सराहनीय बताया. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा, होली और अन्य त्योहारों के दौरान जिस तरह खुलेआम अश्लील गाने बजाए जाते हैं, वह बिल्कुल गलत है. उनका मानना है कि इस पर रोक लगना समाज के लिए सही दिशा में कदम है.वहीं अंशु कुमारी ने कहा कि इस फैसले से उन्हें काफी खुशी हुई है. उन्होंने बताया कि खासकर महिलाओं के लिए यह एक बेहतर और सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में अच्छा कदम है.

श्वेता सोनी ने भी सरकार के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अश्लील गानों पर रोक लगना बेहद जरूरी था और उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस फैसले से त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में शालीनता बनी रहेगी और सामाजिक माहौल बेहतर होगा.

NATIONAL : शर्त रखकर पति ने प्रेमी से करवा दी पत्नी की शादी, भरी पंचायत में जिद पर अड़ी थी महिला

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समस्तीपुर के वीरनामा गांव में भरी पंचायत के दौरान प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी महिला की शादी उसके प्रेमी से करवा दी गई. पति ने बच्चे को अपने पास रखने की शर्त पर पत्नी को छोड़ दिया. इस पंचायत और शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाला और सामाजिक बहस छेड़ने वाला मामला सामने आया है, जहां भरी पंचायत में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ते हुए पति से अलग होने का फैसला किया. मामला समस्तीपुर जिले के वीरनामा गांव का है. पत्नी की जिद पर हारे पति ने भी पंचायत के बीच पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के देसुआ गांव की रहने वाली महिला की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले वैशाली जिले के एक युवक से हुई थी. शादी के बाद दंपती के दो बच्चे हुए, हालांकि बीमारी के चलते एक बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद पति-पत्नी अपने एक बच्चे के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे थे.

इसी दौरान महिला का समस्तीपुर जिले के ही वीरनामा पंचायत अंतर्गत सुपौल गांव के एक युवक से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क हुआ, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया. जब इस रिश्ते की जानकारी पति को हुई तो घर में विवाद बढ़ने लगा. परिजनों और ग्रामीणों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला अपने फैसले पर अडिग रही.

आखिरकार मामले को सुलझाने के लिए प्रेमी के गांव स्थित वीरनामा पंचायत सरकार भवन में पंचायत बुलाई गई. पंचायत में दोनों पक्षों के परिजन और ग्रामीण मौजूद थे. पंचायत के दौरान महिला को पति के साथ रहने के लिए काफी समझाया गया और सामाजिक मर्यादा का हवाला दिया गया, लेकिन महिला ने खुले तौर पर प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जाहिर की.

काफी देर तक चली पंचायत के बाद पति ने एक शर्त रखी कि उनका पुत्र उसके पास रहेगा, तभी वह पत्नी की शादी उसके प्रेमी से कराने को तैयार होगा. महिला ने पंचायत में ही अपने बच्चे को पति के हवाले कर दिया. इसके बाद पति ने पत्नी का हाथ पकड़कर प्रेमी के हाथ में सौंप दिया और पंचायत की मौजूदगी में दोनों की शादी करवा दी गई.

हालांकि पंचायत में मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस कदम को उचित नहीं ठहराया, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए इसे अंतिम समाधान बताया गया. शादी के दौरान मौजूद लोगों ने वीडियो भी बनाया, जिसमें महिला और उसका प्रेमी शादी से खुश नजर आ रहे हैं. शादी के बाद पति अपने बच्चे को लेकर घर लौट गया. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिस पर लोग पक्ष-विपक्ष में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

ENTERTAINMENT : मिसकैरेज के बाद मां बनना था मुश्किल, दर्द में बीती अर्चना पूरन सिंह की पहली प्रेग्नेंसी

अर्चना पूरन सिंह ने अपनी पहली प्रेग्नेंसी के दौरान मिले दर्द, मिसकैरेज और भावनात्मक संघर्षों के बारे में खुलकर बताया है. अर्चना पूरन के अनुभव उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक हैं, जो मां बनने के लिए चुनौतियों से गुजर रही हैं.अर्चना पूरन सिंह अब यूट्यूब पर काफी एक्टिव रहती हैं. वो और उनका परिवार व्लॉगिंग के जरिए फैन्स को डेली लाइफ की अपडेट देता रहता है. अर्चना पूरन ने अब अपनी पहली प्रेग्नेंसी का दर्द बयां किया है.

अर्चना पूरन ने लेटेस्ट व्लॉग में बताया कि परमीत सेठी से शादी के चार साल बाद वो प्रेग्नेंट हो गई थीं, लेकिन शूटिंग के वक्त उनका मिसकैरेज हो गया. अर्चना ने दूसरी बार कंसीव किया, लेकिन हालात तब भी मुश्किल थे. वो कहती हैं कि मेरे पिता का देहांत हो गया था. मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है.

अर्चना ने बताया कि वो हमेशा से इंडिपेंडेंट रहीं हैं. लेकिन प्रेग्नेंसी के मुश्किल वक्त में परमीत से इमोशनल सपोर्ट की उम्मीद कर रही थीं, जो उन्हें नहीं मिला. उन्होंने अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स भी शेयर कीं. वो कहती हैं कि मैं बहुत इंडिपेंडेंट थी. फिजिकली बहुत स्ट्रॉन्ग थी, लेकिन इमोशनली, तुम सिर्फ एक औरत हो. बॉडी में इतने चेंजेस हो रहे हैं, तुम्हें कुछ समझ नहीं आता. कहा जाता है कि नॉजिया तो पहले 3-4 महीने ही होता है, लेकिन मुझे 8 महीने नॉजिया रहा. मैं 8 महीने बीमार रही. मुझे खुशबुओं से एलर्जी हो गई थी.

अर्चना कहती हैं कि ऐसा लगता था जैसे जानवर हूं, जो दुनिया की हर खुशबू सूंघ सकती हूं. ये बिल्कुल अच्छा अनुभव नहीं था. मेरे इतना वजन घट गया था कि आधी रह गई थी, जबकि प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना चाहिए. ये मेरी पहली प्रेग्नेंसी थी.

अर्चना पूरन ने कहा कि जब उनका पहला मिसकैरेज हुआ, तो वो काफी डर गई थीं. उस वक्त उनकी उम्र 34 साल थी. अर्चना को लगा कि अब वो कभी मां नहीं पाएंगी, क्योंकि उस समय एग्ज फ्रीजिंग जैसी चीजें नहीं होती थीं. अर्चना शिद्दत से बच्चा चाहती थीं, लेकिन उन्हें कंसीव करने में उतनी ही मुश्किल हो रही थी. पर फिर दुआएं काम आईं आज अर्चना पूरन सिंह दो बेटों की मां हैं.

UP : हिंदू लड़कियों को गाली देना ‘भाभी जान’ को पड़ा भारी, पुलिस ने समरीन निशा को भेजा जेल

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यूपी के अमरोहा में सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म और लड़कियों के खिलाफ अभद्र वीडियो वायरल करने वाली महिला समरीन निशा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हिंदू युवा मंच की शिकायत और बढ़ते विरोध के बाद पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर यह कार्रवाई की है.

अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव की रहने वाली समरीन निशा पत्नी सरफराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी महिला ने सोशल मीडिया पर हिंदू समुदाय और लड़कियों के विरुद्ध आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए एक वीडियो वायरल किया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने भारी विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की. हिंदू युवा मंच के नेता प्रतीक शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने 3 फरवरी 2026 को मामला दर्ज किया और अगले ही दिन 4 फरवरी को आरोपी महिला को पकड़कर कोर्ट में पेश किया.

आरोपी महिला को सोशल मीडिया पर ‘भाभी जान’ के नाम से भी जाना जाता है. उसने अपने वीडियो में हिंदू लड़कियों के लिए बेहद अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था. जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, लोगों का गुस्सा भड़क गया.

हिंदू युवा मंच ने अपने लेटर पैड पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि इस कृत्य से धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है. तनाव बढ़ता देख अमरोहा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की.

अमरोहा पुलिस ने वादी प्रतीक शर्मा की तहरीर के आधार पर थाना अमरोहा देहात में मु0अ0सं0 35/26 पंजीकृत किया. महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुल्तानपुर इंतजाम अली निवासी 30 वर्षीय समरीन निशा को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी.

वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने सोशल मीडिया पर ही जवाबी वीडियो बनाकर और पुलिस प्रशासन को टैग कर गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी थी. पुलिस गिरफ्त में खड़ी महिला की तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं. पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है. अमरोहा देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर ही यह गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है.

ENTERTAINMENT : वायरल इंटरव्यू के बाद अब गोविंदा की वाइफ करेंगी एक्टिंग, 58 की उम्र में सुनीता आहूजा ने साइन की पहली फिल्म

गोविंदा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं. इसी बीच खबर आ रही है कि उनकी वाइफ सुनीता आहूजा बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं और उन्होंने अपनी पहली फिल्म साइन कर की है.बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 कहे जाने वाले गोविंदा काफी लंबे वक्त से बड़े पर्दे से गायब हैं. लेकिन, अब खबर है कि उनकी वाइफ सुनीता आहूजा बॉलीवुड में एंट्री मारने जा रही हैं. सुनीता को अब तक सिर्फ इंटरव्यू देते हुए देखा जाता था, जो काफी वायरल हुआ करते थे.

लेकिन, अब वो बड़े पर्दे पर अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरती हुई नजर आएंगी. सुनीता ने अपनी पहली फिल्म भी साइन कर ली है. रिपोर्ट के अनुसार बालाजी मोशन पिक्टर्स जो एकता कपूर का प्रोडक्शन हाउस है उसके बैनर तले सुनीता ने अपनी पहली फिल्म साइन की है.

हालांकि, अभी तक इस फिल्म का टाइटल फाइनल नहीं हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार इस फिल्म में सुनीता बेहत ही अहम भूमिका में नजर आने वाली हैं. सुनीता फिल्म की शूटिंग के लिए 20 दिन का समय निकालेंगी.वैसे अभी पूरी जानकारी सामने आनी बाकी है. गोविंदा की वाइफ के अलावा उनके बेटे यशवर्धन भी अब बॉलीवुड डेब्यू के लिए बिल्कुल तैयार हैं. रिपोर्ट के अनुसार वो फराह खान के भाई साजिद खान की अपकमिंग हॉरर फिल्म में काम करते हुए दिखाई देंगे.

इससे पहले उनकी बेटी टीना भी इंडस्ट्री में कदम रख चुकी हैं. हालांकि, उन्हें उनके पिता की तरह सफलता हासिल नहीं हुई. पिछले कुछ वक्त से सुनीता ने अपना यूट्यूब चैनल भी शुरू किया है. इसके अलावा उन्हें कई रिएलिटी शोज में गेस्ट के तौर पर भी देखा जा चुका है.

सुनीता की कॉमिक टाइमिंग को दर्शक बेहद पसंद करते हैं. उनके बेबाद अंदाज और बयान की वजह से ही सोशल मीडिया पर उनकी शानदार फैन फॉलोइंग देखने को मिलती है. बता दें सुनीता और गोविंदा की शादी 1987 में हुई थी. लेकिन, लाइमलाइट में वो पिछले कुछ सालों से नजर आ रही हैं. अब उन्होंने गोविंदा संग अपने रिश्ते पर खुलकर बात करनी शुरू कर दी है. दोनों का रिश्ता अक्सर सुर्खियों में रहता है.

PUNE : खून के धब्बे धोए, फिर भी नहीं बचे… पत्नी के ‘मर्डर’ को ‘एक्सीडेंट’ बताने की साजिश नाकाम, सबूत मिटाने वाले रिश्तेदार भी पहुंचे जेल

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पुणे से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक पति को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी ने हत्या को ‘एक्सीडेंट’ का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और जागरूक पड़ोसियों ने उसकी पोल खोल दी.पुणे पुलिस ने एक शख्स को शराब के नशे में अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. साथ ही उसके दो रिश्तेदारों को क्राइम सीन से खून के धब्बे साफ करके सबूत मिटाने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

यह गिरफ्तारी खड़क पुलिस ने एक मेडिकल रिपोर्ट के बाद की, जिसमें आरोपी पति के इस झूठे दावे का खुलासा हुआ कि उसकी पत्नी की मौत फिसलकर गिरने से हुई थी.मृतका की पहचान वैष्णवी तुषार तुपसौंदर्य के रूप में हुई है. आरोपी पति तुषार उर्फ ​​गणेश विलास तुपसौंदर्य है, जबकि गिरफ्तार किए गए रिश्तेदार मनोज रोहिदास कांबले और उसकी पत्नी वनिता कांबले हैं.

पुलिस के अनुसार, वैष्णवी की मौत की सूचना 2 फरवरी को ससून जनरल अस्पताल से मिली थी. असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अनीता टोंडे और उनकी टीम अस्पताल पहुंची और पंचनामा किया. उस समय, तुषार ने दावा किया कि उसकी पत्नी 28 जनवरी को घर पर फिसलकर गिर गई थी, जिससे उसके सिर में चोट लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

हालांकि, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि वैष्णवी के सिर, कान और आंख के पास की चोटें सिर्फ गिरने से नहीं हो सकतीं. उन्होंने पुष्टि की कि मौत किसी कठोर वस्तु से सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई है.आगे की जांच और स्थानीय निवासियों से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि 28 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे, तुषार ने नशे की हालत में वैष्णवी पर हमला किया. बताया जाता है कि वह खून से लथपथ बेहोश होकर गिर गई.

गवाहों ने बताया कि तुषार को घर के बाहर फोन पर जोर-जोर से बात करते हुए सुना गया, जिसमें वह दावा कर रहा था कि उसने उसे मार डाला है. इसके बाद स्थानीय महिलाओं ने दूसरों को अलर्ट किया, जिसके बाद वैष्णवी को इलाज के लिए ससून अस्पताल ले जाया गया.पुलिस को यह भी पता चला कि मनोज कांबले और वनिता कांबले ने सबूत मिटाने की कोशिश में घर के फर्श से खून के धब्बे साफ कर दिए थे. यह जानकारी स्थानीय महिलाओं ने पूछताछ के दौरान दी.

मेडिकल राय और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने तुषार तुपसौंदर्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया. मनोज और वनिता कांबले को भी सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

MAHARASHTRA : सुनसान रात, सिंदूर-नींबू और पर्चियां… नकाबपोश महिला की क्या है कहानी, जिसकी तलाश में जुटी पुलिस

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महाराष्ट्र के जालना में एक होटल के बाहर सिंदूर, हल्दी, नींबू और नाम लिखी पर्चियां मिली हैं. इस घटना के बाद सनसनी फैल गई. सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश महिला दिखी है, जो रात में तंत्र क्रिया करते नजर आई है. यह मामला सामने आने के बाद पुलिस से शिकायत की गई. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. महिला की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

महाराष्ट्र के जालना के गांव की एक रात अचानक रहस्य, डर और चर्चा का केंद्र बन गई. अंधेरे में एक नकाबपोश महिला चुपचाप एक होटल के बाहर पहुंचती है. उसके हाथ में कुछ सामान है… सिंदूर, हल्दी, नींबू और कुछ मुड़ी हुई पर्चियां. कुछ ही मिनटों में वह जमीन पर एक अजीब तरह की सजावट जैसी चीजें रखती है, पाउडर छिड़कती है और पर्चियां छोड़कर वहां से चली जाती है. पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो जाती है.

एजेंसी के अनुसार, अगली सुबह जब होटल मालिक अपनी दुकान खोलने पहुंचता है, तो दरवाजे के पास का नजारा देखकर ठिठक जाता है. जमीन पर सिंदूर और हल्दी बिखरी है, नींबू रखे हैं और कई कागज की पर्चियां पड़ी हैं. जब वह पर्चियां उठाकर देखता है, तो उन पर कुछ नाम लिखे मिलते हैं. इनमें कुछ स्थानीय नामचीन लोग और पुलिस कर्मियों के नाम भी थे. यहीं से शुरू होता है रहस्य और आशंका का सिलसिला.

यह मामला जालना जिले के भोकरदन तहसील के जावखेड़ा थोम्बरे गांव का है. होटल मालिक ने जब यह सब देखा, तो पहले तो समझ नहीं पाया कि यह किसी शरारत का नतीजा है या किसी तरह का टोटका. लेकिन जैसे-जैसे बात फैली, गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. किसी ने इसे तंत्र-मंत्र से जोड़ा, किसी ने धमकाने की कोशिश बताया, तो किसी ने कहा कि यह साजिश हो सकती है.

गांव के लोगों में घबराहट का माहौल बन गया. खास तौर पर तब, जब यह बात सामने आई कि पर्चियों पर लिखे नाम साधारण लोगों के नहीं, बल्कि प्रभावशाली व्यक्तियों और पुलिस से जुड़े हैं. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है.होटल मालिक ने जब CCTV फुटेज खंगाला, तो तस्वीर और साफ हुई. कैमरे में एक महिला दिखती है. चेहरा ढका हुआ, सिर पर हुड वाली जैकेट, रात का समय, और बेहद सुनियोजित तरीके से वह जगह पर सामान रखती हुई. इसके बाद वह वहां से निकल जाती है.

फुटेज देखने के बाद होटल मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मौके का मुआयना किया, सामान जब्त किया और वीडियो की जांच की. शुरुआती जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया.

पुलिस के अनुसार, अज्ञात महिला के खिलाफ महाराष्ट्र के विशेष कानून मानव बलि और अन्य अमानवीय, अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. यह कानून ऐसे दावों, कर्मकांडों और गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया है, जो अंधविश्वास या लोगों में डर पैदा करते हैं.

भोकरदन पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत और CCTV फुटेज देखने के बाद 1 फरवरी को केस दर्ज किया गया. महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन उसकी तलाश जारी है. आसपास के कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वह कहां से आई और किस दिशा में गई.

लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में दो एंगल अक्सर सामने आते हैं- एक, अंधविश्वास या टोटके के नाम पर किया गया कर्मकांड, दूसरा, किसी खास व्यक्ति या समूह को डराने या मानसिक दबाव बनाने की कोशिश. यहां पर्चियों पर कुछ खास नाम लिखे मिले, इसलिए पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है.

जांच टीम फिलहाल कई सवालों के जवाब तलाश रही है. महिला कौन है और क्या वह स्थानीय है? क्या उसने अकेले यह काम किया या कोई और भी शामिल है? पर्चियों पर लिखे नामों का आपसी संबंध क्या है? घटना से पहले और बाद में महिला कहां गई?

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें. महाराष्ट्र उन राज्यों में है जहां अंधविश्वास और काले जादू जैसी प्रथाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू है. ऐसे मामलों को सिर्फ सामाजिक नहीं, कानूनी अपराध भी माना जाता है. इसलिए इस केस को भी गंभीरता से लिया जा रहा है.

NATIONAL : दादा पवार के टच में अजित पवार के दोनों बेटे? क्या विलय की अभी भी गुंजाइश

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अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के विलय को लेकर सवाल जस का तस बना हुआ है. अजित पवार की जगह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन गई हैं और एनसीपी की कमान संभालने की तैयारी में भी हैं. ऐसे में क्या एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की गुंजाइश बची है या नहीं?महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार के निधन के बाद उनकी सियासी विरासत को सुनेत्रा पवार ने संभाल लिया है. महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री कुर्सी संभालने के बाद अब सुनेत्रा पवार को एनसीपी की बागडोर दिए जाने की चर्चा है. इस तरह अजित पवार की पूरी राजनीतिक पावर अब उनकी पत्नि सुनेत्रा पवार के हाथों में होगी.

अजित पवार की बीते सप्ताह प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी. इसके बाद एनसीपी के दोनों धड़ों की तरफ से यह बात कही जाने लगी थी कि चाचा-भतीजे (शरद पवार और अजित पवार) आपसी गिले-शिकवे को भुलाकर फिर से एक होने की तैयारी थी.सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के बाद एनसीपी के एक होने के कयास पर पूर्णविराम लगता दिख रहा था, लेकिन अभी भी संभावना बनी हुई है. पर्दे के पीछे से दोनों गुटों के बीच बातचीत जारी है. बुधवार को शरद पवार से अजित पवार के दोनों बेटे पार्थ और जय पवार की अलग-अलग बैठक हुई है. इससे कयास लगाया जा रहा है कि एनसीपी के एक होने का रास्ता खुला हुआ है?

अजित पवार के निधन के बाद उनके चाचा और राजनीतिक गुरू रहे शरद पवार अचानक बारामती स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचे, जहां सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. ये मौका अजित पवार की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का भले ही था, लेकिन शरद पवार का वहां पहुंचना कुछ अलग वजहों से भी चर्चाओं में छाया हुआ है. शरद पवार की दिवंगत अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय पवार से एक बंद कमरे में लंबी मुलाकात हुई.

सूत्रों के मुताबिक ये मुलाकात दरअसल मुलाकात कम बैठक ज्यादा थी, जो बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. हालांकि उस बैठक का एजेंडा क्या था इस बारे में उनकी ओर से कोई बात नहीं खोली गई है, लेकिन अजित पवार के दोनों बेटे पार्थ और जय पवार ने शरद पवार से अलग-अलग बैठक की थी. इन दो बैठकों में से एक में सिर्फ़ करीबी परिवार के सदस्य शामिल थे, जबकि दूसरी में विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टी शामिल थे, जिसकी अध्यक्षता इसके संस्थापक अध्यक्ष शरद पवार ने की थी.

पवार परिवार के सदस्यों के साथ हुई बैठक के एजेंडे के बारे में तुरंत कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन सूत्रों की माने तो चर्चा एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय और आने वाले जिला परिषद चुनावों पर केंद्रित थी. पीटीआई के मुताबिक विद्या प्रतिष्ठान के एक ट्रस्टी ने बताया कि प्रतिष्ठान की बैठक का प्राथमिक उद्देश्य दोनों भाइयों को पवार परिवार द्वारा स्थापित बारामती स्थित शैक्षणिक संस्थान के कामकाज से परिचित कराना था.

ट्रस्टी ने बताया कि यह बैठक विद्या प्रतिष्ठान और विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित थी. शरद पवार साहब बारामती में थे, इसलिए उन्होंने बैठक बुलाने के लिए कहा था. उन्होंने आगे कहा कि जय और पार्थ को बैठक में इसलिए बुलाया गया था ताकि वे संस्थान द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं और पाठ्यक्रमों की प्रकृति को समझ सकें. यह पूछे जाने पर कि क्या भाइयों को ट्रस्टी के रूप में शामिल किया जाएगा. ऐसे में ट्रस्ट गवर्निंग बॉडी में किसी भी नए सदस्य को शामिल करने का फैसला होना है, लेकिन उसका फैसला पवार परिवार में लिया जाना है.

पवार परिवार की मुलाकात का राजनीतिक गलियारों में असली फोकस पार्थ पवार की राज्यसभा महत्वाकांक्षा पर टिका हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, पार्थ पवार की रुचि सुनेत्रा पवार की राज्यसभा सीट में कोई दिलचस्पी नहीं है. उनके पास ये सीट 2028 तक है. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्थ अपने लिए छह साल का राज्यसभा कार्यकाल चाहते हैं, जिसके लिए वह अप्रैल में होने वाले चुनाव में संसद जाने का रास्ता चुन सकते हैं.

एनसीपी के दोनों गुटों के विलय होने की संभावना अभी भी कायम है, क्योंकि अजित पवार और शरद पवार के बीच बहुत कुछ बात तय हो चुकी थी. इस बात की जानकारी को दोनों नेताओं ने अपने-अपने सिपहसलारों के साथ मंथन कर सहमति बनाने की कवायद कर रहे थे. माना जा रहा था कि जिला परिषद चुनाव के बाद पवार परिवार के एक होने के साथ-साथ एनसीपी के एक होने का ऐलान भी कर दिया जाएगा, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने से पहले अजित पवार का निधन हो गया.

अजीत पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गई. अजीत की मौत के बाद, शरद पवार और उनकी पार्टी के दूसरे नेताओं ने दावा किया कि मर्जर की बातचीत एडवांस्ड स्टेज में थी और दिवंगत डिप्टी सीएम ने NCP गुटों के फिर से एक होने की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी. माना जा रहा है कि पार्थ और जय पवार के शरद पवार से मिलने के बाद एनसीपी के एक होने की संभावना बनी हुई हैं.

शरद पवार गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने दावा किया कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय 2000 फीसदी तय है. पवार परिवार के मुखिया शरद पवार हैं और उन्हें अजित पवार की इच्छा को पूरा करना चाहिए. अजीत पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय की बातचीत कर रहे थे, जिसे अब अमलीजामा पहनाना की कवायद करनी चाहिए. पार्थ और जय पवार जिस तरह से शरद पवार से मिले हैं, उसके सियासी मायने को समझना चाहिए.

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