Sunday, June 28, 2026
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SPORTS : फीफा विश्वकप में कल क्या हुआ और आज क्या?: फ्रांस, सेनेगल और स्पेन जीते; केप वर्डे-बेल्जियम, मिस्र नॉकआउट में

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फीफा विश्व कप 2026 का ग्रुप चरण अब समाप्ति की ओर है और नॉकआउट की तस्वीर साफ होती जा रही है। 16वें दिन फ्रांस ने नॉर्वे को हराया, जबकि सेनेगल ने इराक को हराकर अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। दूसरी ओर, केप वर्डे भी नॉकआउट में पहुंचने में सफल रहा, जबकि स्पेन ने उरुग्वे को मात दी। मिस्र और बेल्जियम ने ग्रुप जी से अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर लिया है।

फीफा विश्व कप 16वें दिन फ्रांस, सेनेगल और बेल्जियम ने बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत से फ्रांस जहां अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहा तो सेनेगल ने नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा है। दूसरी ओर केप वर्डे ने सऊदी अरब से ड्रॉ खेला, लेकिन अगले दौर में पहुंचने में सफल रहा। वहीं स्पेन ने उरुग्वे को मात दी। ग्रुप जी से बेल्जियम और मिस्र नॉकआउट दौर में पहुंचने में सफल रहे, जबकि ईरान तीसरे नंबर पर रहने के बावजूद नॉकआउट की दौड़ में बना हुआ है। आइए जानते हैं विश्व कप में 16वें दिन क्या-क्या हुआ और अब ग्रुप चरण के आखिरी दिन कितने मुकाबले खेले जाएंगे…

ग्रुप के दूसरे मुकाबले में सेनेगल के सामने सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करने की चुनौती थी। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और चौथे मिनट में हबीब डियारा ने गोल कर बढ़त दिला दी। इराक की मुश्किलें 13वें मिनट में तब और बढ़ गईं, जब रेबिन सुलाका को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। हालांकि, पहले हाफ में सेनेगल सिर्फ एक गोल की बढ़त बना सका, लेकिन दूसरे हाफ में उसने गोलों की झड़ी लगा दी। इस्माइला सार ने 56वें मिनट में दूसरा गोल किया। इसके बाद पापे गुएए ने 59वें और 71वें मिनट में दो शानदार गोल दागे, जबकि 82वें मिनट में इलिमान एनडियाये ने पांचवां गोल कर इराक की हार तय कर दी। सेनेगल ने 5-0 की बड़ी जीत दर्ज कर अपने गोल अंतर में भी जबरदस्त सुधार किया और नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें कायम रखीं।

ग्रुप एच के एक अन्य मुकाबले में केप वर्डे और सऊदी अरब के मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों इस मैच में एक भी गोल नहीं कर सकीं और मैच गोल रहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। ड्रॉ के बावजूद केप वर्डे की टीम ग्रुप में तीन अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट के लिए क्वालिफाई करने में सफल रही। हालांकि, केप वर्डे के लिए यह नतीजा हैरान करने वाला है। सऊदी अरब के खिलाफ टीम को गोल करने के कई मौके मिले थे, लेकिन टीम इन मौकों को भुना नहीं सकी।

स्पेन ने ग्रुप एच के मुकाबले में उरुग्वे को हराया। उरुग्वे का सफर ग्रुप चरण में ही थम गया। स्पेन ने उरुग्वे के खिलाफ ग्रुप एच मुकाबले में बढ़त बनाई। पहले हाफ में स्पेन के लिए एलेक्स बाएना ने गोल किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। बाएना ने मैच के 42वें मिनट में गोल दागा। स्पेन की बढ़त अंत तक बरकरार रही और बाएना का यह गोल निर्णायक साबित हुआ। स्पेन ग्रुप एच में शीर्ष पर रही और उसने सात अंकों के साथ नॉकआउट में प्रवेश किया। वहीं, उरुग्वे तीन में से एक भी मैच जीत नहीं सकी।

मिस्र राउंड ऑफ 32 में
मिस्र और ईरान के बीच ग्रुप जी का मुकाबला 1-1 से ड्रा रहा। मिस्र इस तरह अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा और उसने राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालिफाई कर लिया है। ईरान तीसरे स्थान पर है, लेकिन उसका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। तीसरे स्थान पर रहने वाली शीर्ष आठ टीमें अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर सकती है और ईरान इसमें छठे नंबर पर है। मैच की बात करें तो पहले हाफ में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर चल रही थीं। सबसे पहले मिस्र के लिए महमूद साबेर ने पांचवें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन ईरान ने भी बराबरी हासिल करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। ईरान के लिए रमिन रेजाइएन ने 14वें मिनट में गोल कर टीम को बराबरी दिलाई। पहले हाफ तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर ही रहीं। इसके बाद दूसरे हाफ में ईरान ने आक्रामक रुख अपनाया और अंतिम मिनटों में गोल भी किया, लेकिन वार रिव्यू में ये गोल फाउल करार दिया गया।

ग्रुप जी के एक अन्य मैच में न्यूजीलैंड और बेल्जियम के बीच मुकाबला हुआ। बेल्जियम ने इस मैच में न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर नॉकआउट के लिए क्वालिफाई किया। बेल्जियम ने पहले हाफ में बढ़त हासिल की। बेल्जियम के लिए लियांड्रो ट्रोसार्ड ने 28वें मिनट में गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। बेल्जियम ने इस तरह पहले हाफ तक इस बढ़त को बरकरार रखा। लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया। 50वें मिनट में लियांड्रो ने एक और गोल दागा, जबकि 66वें मिनट में केविन डि ब्रूने ने गोल कर टीम की बढ़त 3-0 कर दी।

न्यूजीलैंड के लिए एलिजाह जस्ट ने 84वें मिनट में गोल कर फासला कम करने की कोशिश की, लेकिन बेल्जियम ने भी हमले लगातार जारी रखे और रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में टीम का चौथा गोल दागा। इसके बाद इंजरी समय के चौथे मिनट में एलेक्सिस साएलेमेकर्स ने गोल दागकर स्कोर 5-1 कर दिया। बेल्जिटम ने इस तरह एकतरफा अंदाज में मैच अपने नाम किया।

डेम्बेले का हैट्रिक शो
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-आई के आखिरी मुकाबलों में फ्रांस और सेनेगल ने दमदार प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत दर्ज की। फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और अंतिम-32 में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच से पहले मुकाबले को नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड और फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन पूरी महफिल उस्मान डेम्बेले ने लूट ली। फ्रांस के स्टार विंगर ने पहले हाफ में सातवें, 20वें और 32वें मिनट में गोल दागकर शानदार हैट्रिक पूरी की और मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया। नॉर्वे ने 21वें मिनट में थियो आसगार्ड के गोल से वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन फ्रांस ने पूरे मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। इंजरी टाइम (90+4′) में डिजायर डुए ने चौथा गोल दागकर फ्रांस की 4-1 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ फ्रांस ग्रुप-आई में शीर्ष स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गया।

17वें दिन के मुकाबले
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज में रविवार को छह अहम मुकाबले खेले जाएंगे। इस दिन ग्रुप एल में पनामा और इंग्लैंड के बीच रात 2:30 बजे मुकाबला होगा, जबकि इसी समय क्रोएशिया और घाना आमने-सामने होंगे। ग्रुप के में कोलंबिया का सामना पुर्तगाल से सुबह पांच बजे होगा, वहीं डीआर कांगो और उज्बेकिस्तान की टीमें भी इसी समय भिड़ेंगी। इसके बाद ग्रुप जे में अल्जीरिया बनाम ऑस्ट्रिया और जॉर्डन बनाम अर्जेंटीना के मुकाबले सुबह 7:30 बजे से खेले जाएंगे। इन मैचों के बाद कई ग्रुपों में नॉकआउट की तस्वीर और साफ हो जाएगी और ग्रुप चरण का अंत हो जाएगा।

NATIONAL : झारखंड में आकाशीय बिजली बनी जानलेवा: प्रदेश में 24 घंटे में सात लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच की गई ये अपील

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झारखंड में आकाशीय बिजली का कहर लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में तीन महिलाओं और एक 10 वर्षीय बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई। रांची और गढ़वा में सबसे ज्यादा जनहानि हुई है।

झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं और एक 10 वर्षीय बच्चे समेत कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

मृतकों में दो-दो लोग रांची और गढ़वा जिलों से हैं, जबकि अन्य घटनाएं चतरा, गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां जिलों में हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “पिछले 24 घंटों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई है।”

SPORTS : आयरलैंड ने पहली बार दी भारत को मात, टी20 मैच में 34 रनों से हराया

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आयरलैंड ने बेलफ़ास्ट में हुए पहले टी20 मैच में भारत को 34 रनों से हरा दिया.ये आयरलैंड की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत पर पहली जीत है.भारत ने मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया. आयरलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट खोकर 182 रन बनाए.इस स्कोर का पीछा करते हुए भारतीय टीम 148 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 49 और शिवम दुबे ने 25 रन बनाए.आयरलैंड की ओर से टीम के कप्तान लोर्कान टकर ने 50 और गैरेथ डेलेनी ने 49 रन बनाए.भारत की ओर से अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लिए, जबकि हर्षित राणा ने तीन विकेट झटके.

मैच में आयरलैंड के गेंदबाज़ों ने कमाल कर दिया.मैथ्यू हम्फ़्रीज़ और मेट होलार्ड ने अपनी टीम के लिए तीन-तीन विकेट हासिल किए जबकि जय मूंद्रा को दो विकेट अपने नाम किए.

WORLD : मिडिल ईस्ट में भारी तनाव, अमेरिका ने ईरान पर दागीं टॉमहॉक मिसाइलें, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

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अमेरिकी नौसेना ने 10 जून 2026 को ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की. इसमें USS Michael Murphy से टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं. अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया, जिसमें ईरान के निगरानी और एयर डिफेंस ठिकाने तबाह किए गए. इस हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव का स्तर बहुत ज्यादा है.

मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 10 जून 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए कई टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागी हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमला अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Michael Murphy (DDG-112) से किया गया है. पेंटागन ने इस पूरी कार्रवाई को ‘आत्मरक्षा’ में उठाया गया कदम बताया है.

निगरानी प्रणाली और एयर डिफेंस साइट्स पर सटीक प्रहार​
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस ज्वाइंट ऑपरेशन में अमेरिकी मरीन कोर, एयर फोर्स और नेवी की टीमों ने हिस्सा लिया. अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके कई संवेदनशील मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया. इन हमलों के मुख्य टारगेट थे:

​CENTCOM ने कहा, “ईरान पिछले कई दिनों से इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर लगातार आक्रामक हमले कर रहा था. ये ठिकाने समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके थे, जिसके जवाब में राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है.”

​हमले में इस्तेमाल हुए घातक ‘स्मार्ट हथियार’
​इस सैन्य कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत रही इसमें इस्तेमाल किए गए प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स (PGMs) यानी बेहद सटीक निशाना लगाने वाले स्मार्ट बम और मिसाइलें. टॉमहॉक मिसाइल के अलावा अमेरिकी लड़ाकू विमानों (F-35 और F-15E) ने ईरान पर JDAM (Joint Direct Attack Munition) और पेववे (Paveway) लेजर गाइडेड बमों की बौछार की.

​ये ऐसे आधुनिक हथियार हैं जो खराब मौसम या रात के अंधेरे में भी दुश्मन के रडार को चकमा देकर मात्र 5 से 10 मीटर की सटीकता के साथ टारगेट को मटियामेट कर देते हैं. इससे रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे सैन्य ठिकानों को ही ध्वस्त किया गया.

युद्धपोत ‘USS Michael Murphy’ की ताकत
​जिस युद्धपोत से टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, वो अमेरिकी नौसेना का Arleigh Burke-class (Flight IIA) विध्वंसक जहाज है. नेवी SEAL लेफ्टिनेंट माइकल पी. मर्फी (मेडल ऑफ ऑनर विजेता) के नाम पर बने इस 9,200 टन वजनी जहाज में Aegis Combat System लगा हुआ है, जो इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित और मारक जहाजों में से एक बनाता है. इसके Mk 41 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) में कुल 96 मिसाइल सेल्स हैं, जो पलक झपकते ही लंबी दूरी तक मार करने वाली टॉमहॉक मिसाइलें दागने में सक्षम हैं.

​आगे क्या?
फिलहाल इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या जवाबी कार्रवाई की खबर नहीं आई है. हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र (Persian Gulf) में इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ने का खतरा काफी बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि उसके सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह ‘सतर्क और घातक’ मोड में तैनात हैं.

WORLD : वेनेजुएला में आए दोहरे महाव‍िनाशकारी भूकंप के पीछे क्या थी वजह? 1 लाख तक मौतों की आशंका, जानें

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वेनेजुएला सरकार ने कहा है कि रविवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों के बाद बचावकर्मी गिरी हुई इमारतों में तलाशी ले रहे हैं और आपातकालीन टीमें प्रभावित इलाकों में हैं।

काराकस: वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों में अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। वहीं कम से कम 700 लोग घायल होने की बात सरकार ने बताई है। देश के कई हिस्सों में इस भूकंप से भारी तबाही मची है। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है और चेतावनी दी कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। कुछ एजेंसियों ने मरने वालों की संख्या एक लाख तक पहुंचने का अंदेशा जताया है। इस तबाही के बाद सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर वेनेजुएला में मची इस तबाही के पीछे का कारण क्या है।

वेनेजुएला में भूकंप आने की वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। वेनेजुएला एक ऐसे इलाके में है, जहां भूकंप का खतरा हमेशा बहुत ज्यादा बना रहता है। दरअसल यहां दो टेक्टोनिक प्लेटें- कैरिबियन और साउथ अमेरिकन आपस में मिलती हैं। यहां होने की वजह से वेनेजुएला हमेशा भूकंप के गंभीर रिस्क में रहता है। बुधवार शाम को भी इस क्षेत्र में कुछ ऐसा हुआ, जो तबाही की वजह बना गया।

बुधवार के भूकंप की वजह क्या है
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, बुधवार शाम को वेनेजुएला में 7 से ज्यादा तीव्रता के दो भूकंपों में से दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली भूकंप इन प्लेटों (कैरिबियन और साउथ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेट) की सीमा के पास उथली स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग की वजह से आया है।

बुधवार के भूकंप की वजह बनी स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग तब होती है, जब फॉल्ट यानी प्लेटों के बीच की दरारें क्षैतिज यानी आड़ी खिसकती हैं। यह हलचल तेज होती है तो भूकंप आता है। बुधवार शाम इन प्लेटों में हलचल के चलते 7.1 के बाद 7.5 की बेहद ज्यादा तीव्रता का भूकंप वेनेजुएला में आया है।

दुर्लभ हैं दोहरे भूकंप
USGS की रिपोर्ट कहती है कि आम तौर पर इन्हें नक्शे पर बिंदुओं के तौर पर दिखाया जाता है लेकिन इस आकार के भूकंपों को एक बड़े फॉल्ट एरिया पर खिसकाव (स्लिप) के तौर पर बताना ज्यादा सही है। वेनेजुएला के दोहरे भूकंप एक जटिल, रप्चर इंटरैक्शन प्रक्रिया की ओर इशारा करते है। इससे आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) की संभावना बनी हुई है।

वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय में दो बार भूकंप आया, जिसमें दूसरी बार ज्यादा तेज झटके आए। इसे भूकंप की दुर्लभ घटना माना जाता है, जिसे ‘अर्थक्वेक डबलेट’ कहते हैं। अर्थक्वेक डबलेट तब होता है, जब एक जैसी तीव्रता (मैग्नीट्यूड) के दो बड़े भूकंप मजह कुछ सेकंड में एक ही फॉल्ट पर या आपस में गहराई से जुड़े दो फॉल्ट पर आते हैं।

डबलेट होता है खतरनाक
सामान्य भूकंप के सीक्वेंस में एक शक्तिशाली मुख्य भूकंप के बाद उससे बेहद कमजोर झटके यानी आफ्टरशॉक आते हैं। यह आमतौर पर दुनियाभर में महसूस किया जाता है। डबलेट में इसके उलट दूसरा भूकंप पहले से भी खतरनाक होता है, जो बड़ी तबाही की वजह बनते हैं। वेनेज़ुएला के मामले में यही देखा गया है।

वेनेजुएला में भूकंप ने खासतौर से राजधानी काराकस को प्रभावित किया है। राजधानी में कई ऊंची इमारतें ढह गईं और मुख्य हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा। इमारतों के मलबे से ऊंचे-ऊंचे ढेर बन गए हैं। इनको हटाने में काफी समय लगेगा, ऐसे में आने वाले दिनों में जानमाल के नुकसान का दायरा साफ होगा।

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच होने का अनुमान लगाया है। संस्था ने कहा है कि जिस पैमाने पर तबाही हुई है, उससे आने वाले दिनों में जब मलबा हटेगा तो तेजी से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

NATIONAL : ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं! 3 साल जेल से लेकर हो सकता है 25000 रुपये तक का जुर्माना

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सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) के तहत ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने वालों पर ज्यादा जुर्माना लगाने और उनके लिए सजा का प्रावधान किया है. अगर आप अभी तक नए ट्रैफिक नियमों के बारे में नहीं जानते तो चलिए हम बता देते हैं कि कौन सा ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और सजा भुगतनी पड़ सकती है.

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं! 3 साल जेल से लेकर हो सकता है 25000 रुपये तक का जुर्मानानए ट्रैफिक नियम (New traffic rules) 1 मार्च 2025 से लागू हो चुके हैं. नई दिल्ली:
देश में हर दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें से ज्यादातर ट्रैफिक नियमों 9Traffic Rules 2025) का पालन न करने की वजह से होती है. जानते समझते हुए भी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं (Traffic Rule Violation)करते हैं. ऐसे लोग अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं.सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है.

अब ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने वालों पर लगेगा ज्यादा जुर्माना
सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) के तहत ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने वालों पर ज्यादा जुर्माना लगाने और उनके लिए सजा का प्रावधान किया है. नए नियम 1 मार्च 2025 से लागू हो चुके हैं. अगर आप अभी तक नए ट्रैफिक नियमों (New traffic rules) के बारे में नहीं जानते तो चलिए हम बता देते हैं कि कौन सा ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और सजा भुगतनी पड़ सकती है.

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना (Penalty for drunk driving): नशे में गाड़ी चलाने पर पर जहां पहले 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपए तक का जुर्माना लगता था वहीं अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपए का जुर्माना और/या 6 महीने तक जेल की सजा का प्रावधान है. यह गलती दोहराने पर 15,000 रुपये का जुर्माना और 2 साल तक की जेल हो सकती है.

गाड़ी चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना (Using Mobile While Driving): अगर आप गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाते हैं, तो नये नियमों के तहत आपको 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. पहले यह जुर्माना 500 रुपये था.

बिना हेलमेट टू व्हीलर चलाना (Riding a two wheeler without a helmet): अगर आप बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हैं, तो पहले जहां 100 रुपये का जुर्माना देना पडता था, वहीं अब 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा. साथ ही आपके ड्राइविंग लाइसेंस को भी तीन महीने के लिए रद्द किया जा सकता है.

बिना सीट बेल्ट ड्राइव करना (Driving without a seat belt): अगर आप बिना सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चला रहे हैं तो पहले के 100 रुपये की तुलना में अब आपको 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा.

बिना वैलिड लाइसेंस के गाड़ी चलाना (Driving without a valid license): सरकार ने बिना डॉक्यूमेंट के गाड़ी चलाने पर भी जुर्माना बढ़ा दिया है.ड्राइविंग करते समय हमेशा अपना लाइसेंस साथ रखें, नहीं तो पकड़े जाने पर आपको 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा.

बिना वैलिड इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना (Driving without valid insurance): बिना वैलिड इंश्योरेंस पेपर के गाड़ी चलाने पर अब आपको 2000 रुपए और 3 महीने की जेल या फिर कम्युनिटी सर्विस और दोबारा उल्लंघन करने पर 4000 रुपए का जुर्माना देना होगा. जबकि पहले 200-400 रुपए का जुर्माना भरना होता था.

पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बिना गाड़ी चलाना (Driving without a pollution certificate) : अगर आप बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं तो अब 1000 रुपए के जुर्माने की जगह सीधा 10,000 रुपए का जुर्माना भरना होगा. इसके अलावा कम्युनिटी सर्विस के साथ 6 महीने तक की जेल का भी प्रावधान है.

ट्रिपल राइडिंग और खतरनाक ड्राइविंग करना (Triple Riding & Dangerous Driving): टू-व्हीलर पर दो से ज्यादा लोगों को ले जाने पर अब 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि लापरवाही से व्हीकल चलाने या रेसिंग करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा.

इमरजेंसी व्हीकल्स को रास्ता न देना (Not giving way to emergency vehicles): अगर किसी इमरजेंसी व्हीकल जैसे एंबुलेंस को आप रास्ता नहीं देते हैं तो 10000 रुपए तक का जुर्माना भरना होगा. पहले इस पर 1000 रुपए का जुर्माना था.

सिग्नल जंपिंग और ओवरलोडिंग (Signal Jumping & Overloading): ट्रैफिक सिग्नल जंप करने पर अब 5,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. जबकि पहले सिग्नल जंप करने पर 500 रुपए का जुर्माना लगता था. ओवरलोडिंग पर भी 10 गुना जुर्माना बढ़ा दिया गया है. ओवरलोडिंग करने पर पहले के 2000 रुपए की तुलना में अब 20,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा.

बाल अपराधी (Juvenile Offenders): व्हीकल चलाते हुए पकड़े गए नाबालिगों को 25,000 रुपये का जुर्माना देना होगा और उन्हें 3 साल की जेल भी हो सकती है. उनके व्हीकल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा और उन्हें 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

इसलिए सावधान हो जाए सरकार की ओर से लगाए गए नए नियम सिर्फ आपकी जेब पर ही भारी नहीं पड़ेंगे बल्कि आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. यह नियम आपकी सुरक्षा के लिए ही हैं, उनका पालन करें.

NATIONAL : अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान…

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राम मंदिर चोरी मामले पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि सीता को चुराने वाले रावण का वंश नाश हुआ था. राम मंदिर में चोरी करने वालों को भगवान महादंड देगा.

बागेश्वर धाम का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें वह हजारों की संख्या में लोगों को प्रवचन दे रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने राम मंदिर चोरी को लेकर बयान दिया. इस दौरान शास्त्री काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि रावण तो ये भी हैं, लेकिन भेष बदलकर आए. रावण ने तो सीता माता की चोरी की थी, लेकिन इन्होंने तो लाखों भक्तों की आस्था ही चोरी कर ली. एक मिनट के इस वीडियो में शास्त्री कहते हैं कि राम मंदिर की चोरी से करोड़ों लोगों का विश्वास चोरी हुआ है. उन्होंने कहा कि हमें खबर मिली कि एफआईआर दर्ज हुई है. अभी और जांच हो. और भी पकड़े जाएंगे. पक्का और भी पकड़े जाएंगे.

शास्त्री ने कहा कि हम तो सच कह रहे हैं. जिसको बुरा लगे, वो उसका जाने. सच कहना हमारा काम है. इतना कह सकते हैं, रावण ने सीता जी की चोरी की थी, उसका नाश सहापरिवार हुआ, करोड़ों लोगों के दान दिए हुए राम मंदिर में चोरी करेगा, वो सरकारी दंड तो पाएगा, लेकिन भगवान का महादंड भी पाएगा. उसे कोई छोड़ नहीं सकता.

राम मंदिर को दान में मिले चांदी के हार, ईंटें और चरण पादुकाएं कहां हैं? SIT जांच में बड़ा खुलासा

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है.

वहीं इस पूरे मामले पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं, एसआईटी रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज हो गई है. इस मामले में सभी आठ नामजद आरोपी बनाए गए हैं. सभी को गिरफ्तार किया गया है.

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर के बाद इन सभी पर मामला दर्ज किया गया है. इनमें रिटायर्ड बैंककर्मी गणना प्रभारी सुभाष चंद्र श्रीवास्त्व, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव और राम शंकर यादव टिन्नू का नाम शामिल है.

MAHARASHTRA : केतन अग्रवाल केस: पिता से मिले CM फडणवीस, कसाब को फांसी दिलाने वाले उज्जवल निकम करेंगे पैरवी

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाक़ात कर इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया है.

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत ही चौंकाने वाली घटना है, सोच से भी परे है. यह ऐसी घटना है जो हमें एक समाज के तौर पर, गंभीरता से सोचने पर मजबूर करती है. पढ़े-लिखे और अच्छे परिवारों के बच्चे ऐसी बुरी और नुकसान पहुंचाने वाली सोच क्यों अपना लेते हैं? इस सोच के पीछे क्या कारण हैं? हमें इस बारे में गहराई से सोचने की ज़रूरत है.

सीएम ने कहा, ”असल में, इस मामले को सिर्फ एक अपराध के तौर पर नहीं बल्कि समाज के नजरिए से भी देखना चाहिए. समाज को सोचना चाहिए कि कैसा माहौल और व्यवस्था बनाने की जरूरत है, ताकि इतनी कम उम्र में बच्चों में ऐसे क्रूर और बदले की भावना वाले विचार न आएं. यह घटना सच में बहुत चौंकाने वाली है.”

सीएम फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता से की मुलाकात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने मुलाक़ात की. मुख्यमंत्री ने इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया. इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्वल निकम को सरकार का पक्ष रखने के लिए अपॉइंट करने को कहा गया है. कसाब को फांसी दिलाने में उज्जवल निकम ने अहम भूमिका निभाई थी.

सिया के भाई साहिल से भी पूछताछ
लोनावाला ग्रामीण पुलिस के प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े ने एबीपी न्यूज़ को बताया, ”हमें यह समझना है कि केतन अग्रवाल की हत्या करने के बाद सिया ने घर पर किसी को कुछ बताया? उसका हाव भाव कैसा था? तमाम चीज़ों को समझने के लिए सिया के भाई साहिल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.”

पुलिस ने 8-10 लोगों के दर्ज किए बयान
पुलिस कई घंटों से साहिल से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने इस मामले में 8 से 10 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक टीम पता लगाने में जुटी है कि ऊपर से नीचे गिरते समय कहां-कहां टकराया होगा, वो सब समझने के लिए हमारी फॉरेंसिक टीम समय-समय पर वहां जा रही है.

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके लौट रहे भारत, 6 जून को क्या होने वाला है? X पर किया ये ऐलान

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दिल्ली आने से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उनकी योजना जंतर मंतर पर प्रदर्शन की है। इसके लिए उन्होंने युवाओं से खास अपील की है। इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर उन्होंने खास बात की है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके आ रहे दिल्ली
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि वह परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शुरुआत के लिए छह जून को भारत लौटेंगे। अभी अमेरिका में रहने वाले दीपके ने ‘इंस्टाग्राम’ पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील किया है।

अभीजीत दीपके आ रहे दिल्ली
अभिजीत दीपके ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी भारतीय संविधान के मार्ग पर चलते हुए एकजुट हों और शांतिपूर्वक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम सब मिलकर आवाज उठाएंगे तो उन्हें हमारी बात जरूर सुननी पड़ेगी। दीपके ने समर्थकों से छह जून को हवाई अड्डे पर उनसे मिलने का आग्रह किया।

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट का प्लान
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने कहा कि मैंने फैसला किया है कि शनिवार, छह जून की सुबह मैं दिल्ली पहुंचूंगा। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे। वीडियो में दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और व्यवधानों ने छात्रों को चिंतित कर दिया है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग भी की।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कैसे आई सुर्खियों में
अभिजीक दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक युवा केंद्रित सोशल मीडिया आंदोलन की शुरुआत की है। इसने अपने अस्तित्व में आने के साथ ही लोकप्रियता हासिल की है और कई सार्वजनिक हस्तियों ने इसका समर्थन किया है। हालांकि, भारत में अपने मूल ‘एक्स’ खाते को प्रतिबंधित किए जाने के बाद ‘कॉकरोच मरता नहीं’ टैगलाइन के साथ अभिजीत दीपके ने वापसी की थी। व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने इस बीच भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक अभियान शुरू किया।

अब ‘कॉकरोच इज बैक’ से रख रहे अपनी बात
नए ‘एक्स’ हैंडल ‘कॉकरोच इज बैक’ और इसके इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू किया गया यह अभियान शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालीगत विफलताओं पर केंद्रित है। विशेष रूप से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)- स्नातक 2026 पेपर-लीक विवाद से संबंधित चिंताओं पर। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करने वालों से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाली ऑनलाइन याचिका का समर्थन करने का आग्रह किया।

NATIONAL : ऑपरेशन सिंदूर पर सियासत: कांग्रेस का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला; खेड़ा बोले- एक साल तक छिपाया वीरों का बलिदान

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के छह शहीदों का नाम एक साल तक छिपाने का आरोप लगाया है। मई 2025 के इस ऑपरेशन में बलिदान हुए जवानों के नाम अब जाकर दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल की दीवार पर लिखे गए हैं, जिसे कांग्रेस ने सरकार का छद्म राष्ट्रवाद करार दिया है।

देश की राजनीति में राष्ट्रवाद और सैनिकों के सम्मान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए छह जवानों के बलिदान को स्वीकार करने में पूरे एक साल की देरी कर दी। पार्टी ने इसे देश के नायकों का अपमान बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को राष्ट्रवाद के चोगे में लपेट कर रखती है, उसी ने देश के वीर सपूतों को एक साल तक वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए शर्म की बात है।

पवन खेड़ा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी जान गंवाने वाले सभी छह सैन्य कर्मियों के नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये भारत के वो बहादुर बेटे हैं, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश के सम्मान और हमारी बहनों के सिंदूर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। खेड़ा ने कहा कि इन शहीदों के नाम राष्ट्रीय चेतना में दर्ज होने चाहिए थे और उनके परिवारों को देखना चाहिए था कि पूरा देश उनकी शहादत का सम्मान कर रहा है। लेकिन, भाजपा सरकार ने एक साल तक इस सच को देश से छिपा कर रखा।

नेशनल वॉर मेमोरियल में दर्ज हुए नाम
बता दें कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के इन छह जांबाजों के नाम दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक) की दीवार पर सुनहरे अक्षरों में अंकित किए गए हैं। इनमें भारतीय सेना के पांच और वायुसेना का एक जवान शामिल है। सरकार ने ऑपरेशन के बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर इन नामों को सार्वजनिक किया है।

यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान देश के छह वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। हाल ही में नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘त्याग चक्र’ की दीवार संख्या 3D पर इन शहीदों के नाम उनकी यूनिट के साथ लिखे गए हैं।

स्मारक की दीवार पर जिन जांबाजों के नाम दर्ज हुए हैं, उनमें सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरलीनायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इन नामों को हाल ही में मेमोरियल की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

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