Saturday, October 17, 2026
Home Blog

NATIONAL : दिल्ली में आज फिर प्रदर्शन की तैयारी, चुनाव आयोग के खिलाफ युवाओं का विरोध तेज

0

देश की राजधानी दिल्ली में Gen Z यानी युवा पीढ़ी के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को युवा संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और अन्य प्रदर्शनकारी समूहों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की तैयारी की है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है।

क्यों हो रहा है Gen Z Protest?

इस विरोध प्रदर्शन की प्रमुख वजह मतदाता सूची में किए गए बदलावों को लेकर उठे सवाल हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि पात्र मतदाता अपने नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रस्तावित रैली को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। अधिकारियों ने संभावित भीड़ और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोगों से प्रतिबंधित स्थानों पर एकत्र नहीं होने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ विरोध जताने की योजना बनाई है।

इस आंदोलन से जुड़े कुछ युवा नेताओं की गिरफ्तारी ने भी विवाद को बढ़ाया है। प्रदर्शनकारी इसे अपने विरोध की आवाज उठाने का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था और लागू प्रतिबंधों का हवाला दे रहा है।

NATIONAL : Gen Z Protest: चुनावी पारदर्शिता को लेकर युवाओं की आवाज तेज, दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

0

देश की राजधानी दिल्ली में युवा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। 16 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के आसपास तिरंगा मार्च आयोजित करने की घोषणा के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

क्या है पूरे विवाद की वजह?

युवा प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में किए गए बदलावों और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़े समूहों का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर संबंधित पक्षों के बीच मतभेद हैं।

यह आंदोलन केवल चुनावी मुद्दों तक सीमित नहीं है। युवाओं के बीच रोजगार, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और सरकारी जवाबदेही जैसे विषय भी चर्चा में हैं।

दिल्ली में सुरक्षा के विशेष इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई। अधिकारियों ने लोगों से प्रभावित इलाकों में जाने से बचने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने की घोषणा भी की गई।

युवाओं की भूमिका पर सबकी नजर

यह आंदोलन एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि युवा पीढ़ी देश की राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में किस तरह अपनी भूमिका निभाना चाहती है। आने वाले दिनों में आंदोलन का स्वरूप क्या होगा और संबंधित मांगों पर क्या प्रतिक्रिया मिलेगी, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

BUSINESS : IDBI Bank में 5.6 अरब डॉलर का निवेश, भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए अहम घटनाक्रम

0

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेश से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कनाडा की कंपनी Fairfax Financial Holdings भारतीय मूल के कारोबारी प्रेम वत्स के नेतृत्व में IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने जा रही है। इस सौदे का मूल्य लगभग 52,800 करोड़ रुपये यानी 5.6 अरब डॉलर बताया गया है।

यह सौदा भारतीय वित्तीय क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के बड़े उदाहरणों में शामिल है।

सरकार और LIC की हिस्सेदारी पर क्या होगा असर?

IDBI बैंक में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की हिस्सेदारी इस सौदे के बाद घटने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत और LIC की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत रह जाएगी।

यह बदलाव बैंक के स्वामित्व ढांचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत देता है। हालांकि, निवेशकों को सौदे की शर्तों और इसके अंतिम वित्तीय प्रभावों पर ध्यान देना चाहिए।

बैंक की वित्तीय स्थिति भी चर्चा में

IDBI बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 9,500 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया। बैंक की वित्तीय स्थिति में आए सुधार ने भी इस सौदे को महत्वपूर्ण बनाया है।

हालांकि, शेयर बाजार में किसी कंपनी की हिस्सेदारी बिक्री का असर हमेशा सकारात्मक नहीं होता। सौदे की कीमत, भविष्य की कमाई और निवेशकों की उम्मीदें शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।

निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?

विशेषज्ञों के लिए यह सौदा भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी का संकेत है। दूसरी ओर, खुदरा निवेशकों को केवल बड़ी डील की खबर देखकर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए। कंपनी के वित्तीय नतीजों, मूल्यांकन और जोखिमों का अध्ययन करना जरूरी है।

ENTERTAINMENT : बॉलीवुड में बदल रहा है मनोरंजन का अंदाज, AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ रही भूमिका

0

भारतीय मनोरंजन उद्योग तेजी से डिजिटल बदलावों के दौर से गुजर रहा है। फिल्मों, वेब सीरीज, संगीत वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट के बीच दर्शकों की पसंद लगातार बदल रही है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक फिल्म निर्माण तथा प्रचार के नए तरीके पेश कर रहे हैं।

फिल्म निर्माण में तकनीक का इस्तेमाल

AI आधारित तकनीकों की मदद से फिल्म निर्माता विजुअल इफेक्ट्स, शुरुआती डिजाइन, एडिटिंग और प्रचार सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। कुछ डिजिटल टूल्स की सहायता से फिल्मों के पोस्टर, टीजर के शुरुआती विचार और अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट तैयार करने में भी मदद मिलती है।

हालांकि, तकनीक का इस्तेमाल करते समय कलाकारों की सहमति, कॉपीराइट और उनकी पहचान की सुरक्षा जैसे मुद्दों का ध्यान रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया बना प्रचार का बड़ा माध्यम

पहले किसी फिल्म के प्रचार में मुख्य रूप से टेलीविजन, अखबार, रेडियो और बड़े कार्यक्रमों की भूमिका होती थी। अब इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब वीडियो और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी दर्शकों तक पहुंचने के महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं।

फिल्मों के छोटे वीडियो, पर्दे के पीछे की झलकियां और कलाकारों के इंटरव्यू रिलीज से पहले ही दर्शकों में उत्सुकता बढ़ा सकते हैं।

दर्शकों की पसंद में भी बदलाव

आज दर्शक केवल बड़े पर्दे की फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। वे घर बैठे वेब सीरीज, शॉर्ट फिल्में और अलग-अलग भाषाओं का कंटेंट देख सकते हैं। इस बदलाव के कारण निर्माताओं को कहानी, अभिनय और दर्शकों की पसंद पर अधिक ध्यान देना पड़ रहा है।

LIFESTYLE : त्योहारों के बाद घर को दें नया लुक, कम खर्च में अपनाएं ये 5 आसान तरीके

0

त्योहारों के दौरान घर की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रंग-बिरंगी लाइटें, फूल, दीये और सजावटी सामान घर को आकर्षक बनाते हैं। त्योहार खत्म होने के बाद भी कुछ आसान बदलाव करके घर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित रखा जा सकता है।

  1. दीवारों को दें नया अंदाज

अगर घर की दीवारें पुरानी या फीकी लगने लगी हैं, तो उन पर नई पेंटिंग, फोटो फ्रेम या वॉल डेकोर लगाया जा सकता है। लिविंग रूम की एक दीवार पर अलग रंग या हल्की टेक्सचर फिनिश कमरे को आधुनिक लुक दे सकती है।

  1. रोशनी से बढ़ाएं खूबसूरती

घर में सही रोशनी का चुनाव सजावट को बेहतर बना सकता है। गर्म रोशनी वाली लाइटें बेडरूम और लिविंग रूम को आरामदायक माहौल देती हैं। सजावटी लैंप और दीवार पर लगने वाली लाइटों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

  1. पौधों से घर को बनाएं ताजगी भरा

इनडोर पौधे घर की सजावट में प्राकृतिक सुंदरता जोड़ते हैं। मनी प्लांट, स्नेक प्लांट और अन्य उपयुक्त इनडोर पौधों को खिड़की के पास या कमरे के किसी खाली कोने में रखा जा सकता है। पौधों का चयन कमरे में मिलने वाली रोशनी के अनुसार करना चाहिए।

  1. कुशन और पर्दों में करें बदलाव

हर बार नया फर्नीचर खरीदना जरूरी नहीं है। सोफे के कुशन कवर, पर्दे और बेडशीट बदलकर कमरे का पूरा लुक बदला जा सकता है। क्रीम, बेज, हल्का हरा और कॉफी ब्राउन जैसे रंग कई तरह की सजावट के साथ अच्छे लग सकते हैं।

  1. पुराने सामान को दोबारा इस्तेमाल करें

पुराने कांच के जार, सजावटी ट्रे और लकड़ी के छोटे बॉक्स को रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें सजावटी सामान या कृत्रिम फूल रखकर घर के खाली कोनों को आकर्षक बनाया जा सकता है।

कम खर्च में बेहतर सजावट का मंत्र

घर को खूबसूरत बनाने के लिए महंगे सामान की ज

NATIONAL : राजस्थान विश्वविद्यालय में पहली बार चारों संघटक कॉलेजों में महिला प्राचार्य, महिला नेतृत्व को मिला बढ़ावा

0

राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। विश्वविद्यालय के चारों संघटक कॉलेजों में महिला प्राचार्यों की नियुक्ति को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इन नियुक्तियों से शिक्षकों और महिला शिक्षाविदों में उत्साह का माहौल है।

उच्च शिक्षा में महिला नेतृत्व को नई पहचान

राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। ऐसे में चारों संघटक कॉलेजों में महिलाओं को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी मिलना शैक्षणिक और प्रशासनिक नेतृत्व में उनकी भागीदारी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

शिक्षकों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने से अन्य महिला शिक्षकों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इससे कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

शिक्षकों ने किया नियुक्तियों का स्वागत

महिला प्राचार्यों की नियुक्तियों का शिक्षकों ने स्वागत किया है। महिला शिक्षकों ने भी इसे सकारात्मक पहल बताते हुए खुशी जाहिर की। विश्वविद्यालय में इन नियुक्तियों को समान अवसर और महिला सशक्तीकरण के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम

शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। नेतृत्व के पदों पर महिलाओं की नियुक्ति से संस्थानों में विविध दृष्टिकोण और नई पहल को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष: राजस्थान विश्वविद्यालय के चारों संघटक कॉलेजों में महिला प्राचार्यों की नियुक्ति को उच्च शिक्षा में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

NATIONAL : आजम खां की बढ़ीं मुश्किलें: 100 से ज्यादा मुकदमे, ₹416 करोड़ के खर्च पर सवाल; भ्रष्टाचार के 3 मामलों में जांच तेज

0

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में हुए खर्च को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जांच एजेंसी ने विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च हुई करीब 416.14 करोड़ रुपये की राशि का हिसाब स्पष्ट नहीं होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा हज समिति की जमीन के हस्तांतरण और सरकारी इमारत पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामले भी जांच के दायरे में हैं।

जौहर विश्वविद्यालय के ₹416 करोड़ के खर्च पर सवाल

जांच एजेंसी के मुताबिक, विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च और ट्रस्ट की ओर से आयकर रिटर्न में घोषित पूंजीगत खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। आयकर विभाग की मूल्यांकन रिपोर्ट में परिसर की इमारतों की लागत करीब 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जबकि ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 के दौरान 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च घोषित किया था।

ED ने इसी अंतर के आधार पर 416.14 करोड़ रुपये के कथित अस्पष्ट खर्च की जांच शुरू की है। एजेंसी सरकारी ठेकों से जुड़ी सामग्री के कथित इस्तेमाल, धन के स्रोत और ट्रस्ट को मिले दान की भी पड़ताल कर रही है।

हज समिति की जमीन के हस्तांतरण का मामला

आजम खां के खिलाफ दूसरा प्रमुख मामला उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की जमीन के कथित अनियमित हस्तांतरण से जुड़ा है। इस मामले में विजिलेंस ने सितंबर 2026 में एफआईआर दर्ज कराई थी।

आरोप है कि नियमों का पालन किए बिना जमीन एक निजी कंपनी के नाम हस्तांतरित की गई, जिससे हज समिति को दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। मामले में आजम खां समेत अन्य लोगों के खिलाफ जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

सरकारी इमारत पर कब्जे के आरोप की दोबारा जांच

तीसरा मामला रामपुर में नवाब रामपुर की बनवाई गई एक सरकारी इमारत के कथित अनियमित आवंटन और कब्जे से जुड़ा है। इस प्रकरण में पहले अंतिम रिपोर्ट लगाई गई थी, लेकिन बाद में शिकायत के आधार पर दोबारा जांच की अनुमति मिली।

अब इस मामले में भी जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और आरोपों की पड़ताल कर रही हैं।

100 से ज्यादा मुकदमों का सामना कर रहे आजम खां

आजम खां के खिलाफ अलग-अलग मामलों में 100 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें जमीन से जुड़े विवाद, दस्तावेजों में कथित अनियमितताएं और अन्य आपराधिक मामले शामिल हैं। कई मामलों में अदालतें फैसला सुना चुकी हैं, जबकि कुछ प्रकरणों में सुनवाई या जांच जारी है।

आजम खां पहले भी कई मामलों को अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में आरोपों और न्यायालय के फैसलों की स्थिति अलग-अलग है।

आगे क्या होगा?

जौहर विश्वविद्यालय के खर्च, हज समिति की जमीन और सरकारी इमारत से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। ED धन शोधन के संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। फिलहाल, इन नए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

आजम खां से जुड़े तीन प्रमुख मामलों में जांच तेज होने के बाद जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर ध्यान केंद्रित है। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और अदालतों में होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

WORLD : हॉलीवुड सिंगर मैरी मिलबेन का दावा- CJP को अमेरिका से मिल रही फंडिंग, मोदी समर्थकों से एकजुट होने की अपील

0

अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने भारत में प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में अमेरिका के कुछ डोनर्स इस संगठन को फंडिंग दे रहे हैं। मिलबेन ने भारत के युवाओं और मोदी समर्थकों से एकजुट होकर संगठन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की है। हालांकि, अमेरिकी फंडिंग को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अमेरिका के कुछ डोनर्स दुनिया के अलग-अलग देशों में रूढ़िवादी नेताओं को निशाना बनाते हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग संबंधित देशों के अमेरिकी शिक्षा प्राप्त लोगों को अपने पक्ष में करके अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं।

मिलबेन ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन का नाम लेते हुए युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक जवाबी आंदोलन होना चाहिए।

अभिजीत दीपके ने आरोपों पर दिया जवाब

मैरी मिलबेन के आरोपों के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विदेशी नागरिकों के भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने पर सवाल उठाए।

दीपके ने कहा कि भारत अपने मुद्दों को सुलझाने में सक्षम है और देश के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि भारतीय नागरिकों को बदनाम करने के लिए अमेरिकी समर्थन क्यों लिया जा रहा है।

दिल्ली में प्रदर्शन के बीच बढ़ा विवाद

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब CJP और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं।

चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। वहीं, विदेशी फंडिंग के आरोपों ने इस विवाद को एक नया आयाम दे दिया है।

कौन हैं मैरी मिलबेन?

मैरी मिलबेन अमेरिका की सिंगर और अभिनेत्री हैं। वह भारतीय राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की प्रस्तुति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सार्वजनिक समर्थन के कारण भारत में भी चर्चा में रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था।

CJP को अमेरिकी डोनर्स से फंडिंग मिलने का मैरी मिलबेन का दावा और अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। फिलहाल, फंडिंग के आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय एक पक्ष के दावे के रूप में देखना जरूरी है।

NATIONAL : राहुल-प्रियंका इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति का विरोध

0

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। परिवार भारतीय जनता पार्टी के नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहा है। उनकी मांग है कि मामले में कथित वीआईपी एंगल की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

इंडिया गेट पर परिवार से मिले राहुल और प्रियंका

14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया। परिवार का कहना है कि बेटी की हत्या के मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। उनकी मां सोनी देवी ने भी इस नियुक्ति पर दुख जताते हुए जांच पूरी होने तक फैसला रोकने की मांग की है।

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर क्यों हो रहा विरोध?

परिवार ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं और दुष्यंत कुमार गौतम का नाम अपनी शिकायतों में लिया है। हालांकि, गौतम के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्ष आने तक आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच सीबीआई कर रही है। परिवार चाहता है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के स्पष्ट होने तक नियुक्ति को रोक दिया जाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार से सवाल किए हैं।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हालांकि, मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर परिवार की मांगें अब भी चर्चा में हैं। जनवरी 2026 में इस पहलू की जांच के लिए सीबीआई की कार्रवाई के बाद मामला फिर सुर्खियों में आया।

न्याय की मांग को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

अंकिता के माता-पिता की मांग और इंडिया गेट पर राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। परिवार चाहता है कि जांच पारदर्शी तरीके से पूरी हो और सभी संबंधित सवालों के जवाब सामने आएं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग के साथ अब दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति का मुद्दा भी जुड़ गया है। आने वाले दिनों में सीबीआई जांच की प्रगति और परिवार की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी 16 अक्टूबर को दिल्ली में करेगी प्रदर्शन, दीपके बोले- जेल में डाल दो, परवाह नहीं; सौरव-आशुतोष तिहाड़ भेजे गए

0

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से शाम 5 बजे तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है। दीपके ने अपने बयान में कहा कि उन्हें जेल में डालने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

सौरव दास और आशुतोष रांका पांच दिन की न्यायिक हिरासत में

इस मामले में CJP के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। दोनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नियमों के उल्लंघन और पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में शामिल नहीं है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने वहां पहुंचने के लिए निजी परिसर से प्रवेश किया और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया। मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है।

दीपके ने 16 अक्टूबर को तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की

सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में भेजे जाने के बाद अभिजीत दीपके ने नए प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने की अपील करते हुए प्रदर्शन के अधिकार और राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर सवाल उठाए।

CJP के इस ऐलान के बाद 16 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं। दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की भूमिका भी अहम रहने वाली है।

CJP के दो सदस्यों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने और पार्टी की ओर से नए प्रदर्शन की घोषणा के बाद दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।

- Advertisement -

News of the Day