Monday, October 19, 2026
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ENTERTAINMENT :रणबीर कपूर ने मां दुर्गा के दरबार में टेका माथा, ‘रामायण’ को लेकर बढ़ा उत्साह

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18 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अभिनेता ने मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उनका पैपराजी के साथ दोस्ताना व्यवहार भी लोगों का ध्यान खींचता नजर आया।

‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता

निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ हिंदी सिनेमा की चर्चित परियोजनाओं में शामिल है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म से जुड़ी खबरों और सामने आए दृश्यों को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है।

फिल्म निर्माता नमित मल्होत्रा इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। वहीं, निर्देशक एसएस राजामौली ने भी फिल्म के ट्रेलर की सराहना की है। इससे फिल्म को लेकर मनोरंजन जगत में चर्चा और तेज हुई है।

रणबीर कपूर का अंदाज बना चर्चा का विषय

मंदिर में दर्शन के दौरान रणबीर कपूर का पैपराजी के साथ सहज व्यवहार भी सुर्खियों में रहा। उनकी इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। प्रशंसक अभिनेता की आगामी फिल्म और उनके नए अवतार को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर कर रहे हैं।

बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में शामिल ‘रामायण’

‘रामायण’ को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है। फिल्म की कहानी भारतीय महाकाव्य पर आधारित है, इसलिए दर्शकों को इससे काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, फिल्म की रिलीज से जुड़ी तारीख और अन्य जानकारियों के लिए निर्माताओं की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी है।

निष्कर्ष: रणबीर कपूर की मंदिर यात्रा और ‘रामायण’ को लेकर बढ़ती चर्चा ने बॉलीवुड में इस फिल्म को एक बार फिर सुर्खियों में
[14:24, 18/10/2026] hina chauhan24: Navratri Special 2026: गुजरात में गरबा की धूम, मां दुर्गा की भक्ति में डूबे श्रद्धालु, मंदिरों में उमड़ रही भीड़

अहमदाबाद | 18 अक्टूबर 2026 | स्पेशल न्यूज़ डेस्क

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गुजरात सहित पूरे देश में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। मां दुर्गा की आराधना, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और गरबा की रंगीन शामों ने त्योहार की रौनक बढ़ा दी है। गुजरात में नवरात्रि केवल धा

LIFESTYLE : फेस्टिव सीजन में बदल रहा है फैशन का अंदाज, ट्रेडिशनल और मॉडर्न लुक का बढ़ा क्रेज

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त्योहारों का मौसम आते ही फैशन और लाइफस्टाइल में नए ट्रेंड देखने को मिलने लगते हैं। इस साल फेस्टिव फैशन में पारंपरिक भारतीय कपड़ों के साथ मॉडर्न डिजाइन का शानदार मेल देखने को मिल रहा है। साड़ी, लहंगा, कुर्ता सेट और इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स को नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। फैशन की दुनिया में अब लोग केवल ट्रेंड के पीछे चलने के बजाय अपने आराम और व्यक्तिगत पसंद को भी महत्व दे रहे हैं।

साड़ी और लहंगे को मिला नया अंदाज

इस फेस्टिव सीजन में पारंपरिक परिधानों को आधुनिक टच दिया जा रहा है। डिजाइनर साड़ियों में नए ड्रेप्स, आकर्षक ब्लाउज और हल्की कढ़ाई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, लहंगों में नए कट और स्टाइलिश डिजाइन युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं।

फेस्टिव पार्टी के लिए इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स भी लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं। इन्हें पारंपरिक आभूषणों और आधुनिक फुटवियर के साथ पहनकर आकर्षक लुक पाया जा सकता है।

गोल्डन और ब्लैक कलर का आकर्षण

फेस्टिव फैशन में गोल्डन, सिल्वर और ब्लैक जैसे रंगों का खास आकर्षण देखने को मिल रहा है। इन रंगों के कपड़े शाम की पार्टियों और विशेष अवसरों के लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं।

जो लोग सिंपल लुक पसंद करते हैं, वे हल्के रंगों के कपड़ों के साथ स्टेटमेंट ज्वेलरी पहन सकते हैं। वहीं, गहरे रंगों के आउटफिट्स के साथ हल्की एक्सेसरीज भी खूबसूरत लुक देती हैं।

फैशन के साथ आराम भी जरूरी

आजकल लोग ऐसे कपड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक पहनना आसान हो। कॉटन, हल्के फैब्रिक और आरामदायक डिजाइन रोजमर्रा के साथ त्योहारों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अवसर पर कपड़ों का

NATIONAL : कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसे ने देश को झकझोरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार शाम हुई इस दुखद घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

बारिश और भीड़ के बीच बिगड़े हालात

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश और बढ़ती भीड़ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि पंडाल के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने में मुश्किलें आईं और देखते ही देखते भगदड़ मच गई।

इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और राहत कार्य शुरू किए गए।

जांच के आदेश, आयोजकों पर कार्रवाई

हादसे के बाद घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में आयोजकों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में इस घटना के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी तेज हो गई है।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

भारत में दुर्गा पूजा, नवरात्रि, गणेश उत्सव और अन्य धार्मिक आयोजनों में हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार, भीड़ की निगरानी, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी बेहद जरूरी है।

BUSINESS : भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹52,100 करोड़, बाजार पर बढ़ा दबाव

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भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार चर्चा में है। अक्टूबर महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग ₹52,100 करोड़ की निकासी की है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को इसके प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।

विदेशी निवेशक क्यों निकाल रहे हैं पैसा?

बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। सितंबर में भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला था।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों में अपना निवेश कम करके दूसरे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार की दिशा केवल विदेशी निवेश पर निर्भर नहीं करती। कंपनियों के तिमाही नतीजे, घरेलू निवेशकों की खरीदारी, महंगाई और ब्याज दरें भी बाजार की चाल को प्रभावित करती हैं।

हाल के कारोबारी सप्ताह में भारतीय आईटी शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार को समर्थन दिया और सेंसेक्स तथा निफ्टी में साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।

निवेशकों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।

BUSINESS : 137 कैंसर दवाओं की कीमतों में 70% तक कटौती, मरीजों को मिलेगी राहत

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नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026: कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 137 कैंसर दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए मूल्य नियंत्रण के दायरे का विस्तार किया है। इस फैसले से कई महंगी दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है।

9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें

रिपोर्ट के मुताबिक, नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके तहत संबंधित दवाओं पर व्यापार मार्जिन 30 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। इसमें कई प्रकार के कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं भी शामिल हैं।

इस कदम का उद्देश्य कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाना और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

किन मरीजों को मिलेगा फायदा?

इस फैसले से स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलन कैंसर, ओवेरियन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर सहित 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, सभी कैंसर दवाओं की कीमतों में समान कटौती नहीं होगी। वास्तविक बचत संबंधित दवा, उसकी मौजूदा कीमत और संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य पर निर्भर करेगी।

कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने की दिशा में कदम

भारत में कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है। महंगी दवाओं और लंबे उपचार के कारण परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।

सरकार का यह फैसला जरूरी दवाओं की उपलब्धता और सामर्थ्य बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

LIFESTYLE : अब फिटनेस से ज्यादा नींद और मानसिक शांति पर ध्यान दे रहे लोग, बदल रहा है लाइफस्टाइल का अंदाज

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026: बदलती जीवनशैली के बीच लोगों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। पहले जहां फिटनेस का मतलब केवल वजन कम करना और जिम जाना माना जाता था, वहीं अब अच्छी नींद, मानसिक शांति, संतुलित खानपान और रोजमर्रा की छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

2026 में वेलनेस यानी संपूर्ण स्वास्थ्य का ट्रेंड तेजी से चर्चा में है। लोग अब केवल अच्छा दिखने के बजाय बेहतर महसूस करने और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के तरीकों को अपना रहे हैं।

  1. अच्छी नींद बनी पहली प्राथमिकता

आज की व्यस्त जिंदगी में देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का दबाव और अनियमित दिनचर्या नींद को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से बेहतर नींद को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

लोग अब सोने और जागने का नियमित समय तय करने, रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने और आरामदायक माहौल में सोने पर ध्यान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त और नियमित नींद शारीरिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।

  1. AI और स्मार्टवॉच से ट्रैक हो रही फिटनेस

टेक्नोलॉजी ने फिटनेस की दुनिया को भी बदल दिया है। स्मार्टवॉच और फिटनेस ट्रैकर की मदद से लोग अपनी गतिविधियों, हृदय गति और नींद से जुड़े आंकड़ों पर नजर रख रहे हैं।

AI आधारित ऐप्स व्यक्तिगत दिनचर्या बनाने, व्यायाम की योजना तैयार करने और खानपान से जुड़ी जानकारी देने में मदद कर रहे हैं।

हालांकि, इन उपकरणों से मिलने वाले आंकड़े हमेशा पूरी तरह सटीक नहीं होते। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

  1. खानपान में बढ़ रहा है प्रोटीन और प्राकृतिक भोजन का महत्व

India vs West Indies: बारिश ने बिगाड़ा आखिरी T20 मुकाबला, सीरीज 2-2 से बराबर

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बेंगलुरु, 18 अक्टूबर 2026: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज का आखिरी मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार को खेले गए निर्णायक मैच में लगातार बारिश के कारण खेल पूरा नहीं हो सका। इसके साथ ही दोनों टीमों के बीच सीरीज 2-2 से बराबर समाप्त हुई।

ईशान किशन की तूफानी बल्लेबाजी

बारिश के कारण मुकाबले को नौ-नौ ओवर का कर दिया गया था। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।

भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए केवल 10 गेंदों पर 30 रन बनाए। वहीं, नमन धीर ने महज छह गेंदों पर 24 रन बनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

भारतीय टीम ने बारिश के कारण खेल रोके जाने तक 7.4 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 118 रन बना लिए थे। हालांकि, मौसम में सुधार नहीं हुआ और मुकाबले को रद्द करना पड़ा।

सीरीज में दोनों टीमों ने दिखाई कड़ी टक्कर

पांच मैचों की इस सीरीज में भारत और वेस्टइंडीज के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने दो-दो मैच जीते, जबकि निर्णायक मुकाबला बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका।

भारत के लिए यह सीरीज आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। वहीं, वेस्टइंडीज ने भी भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी।

अब न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगी भारतीय टीम की नजर

वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का ध्यान आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगा। भारत नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट और पांच वनडे मैच खेलेगा।

शुभमन गिल टेस्ट टीम की कप्तानी करेंगे। जसप्रीत बुमराह की टेस्ट टीम में वापसी हुई है, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी

Navratri Special Recipes: सातवें नवरात्रि पर बनाएं ये 5 सात्विक रेसिपीज, मां कालरात्रि को लगाएं भोग

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नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। इस दिन भक्त पूजा-पाठ के साथ सात्विक भोजन तैयार करते हैं और माता रानी को भोग लगाते हैं।

अगर आप भी सातवें नवरात्रि पर कुछ स्वादिष्ट और आसानी से बनने वाली रेसिपीज बनाना चाहते हैं, तो साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, आलू की सब्जी, मखाने की खीर और नारियल की मिठाई अच्छे विकल्प हो सकते हैं।

  1. साबूदाना खिचड़ी

साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान खाए जाने वाले लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है। इसे मूंगफली और आलू के साथ तैयार किया जा सकता है।

सामग्री:

  • 1 कप साबूदाना
  • 1 मध्यम आकार का आलू
  • 2 बड़े चम्मच मूंगफली
  • 1 छोटा चम्मच घी
  • सेंधा नमक स्वादानुसार
  • हरी मिर्च और नींबू का रस इच्छानुसार

बनाने की विधि:

  1. साबूदाने को धोकर पर्याप्त समय तक भिगो दें, ताकि दाने नरम हो जाएं।
  2. एक पैन में घी गर्म करें और मूंगफली को भून लें।
  3. कटे हुए आलू डालकर अच्छी तरह पकाएं।
  4. अब साबूदाना, सेंधा नमक और इच्छानुसार हरी मिर्च डालें।
  5. धीमी आंच पर पकाएं और साबूदाना पारदर्शी होने पर गैस बंद कर दें।
  6. ऊपर से नींबू का रस डालकर गर्मागर्म परोसें

GUJARAT : भरूच के केमिकल प्लांट में भीषण विस्फोट, 5 लोगों की मौत और 5 घायल; औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल

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गुजरात के भरूच जिले में एक केमिकल प्लांट में हुए विस्फोट की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 17 अक्टूबर 2026 को सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं।

कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना भरूच जिले के सायखा जीआईडीसी क्षेत्र में स्थित SynZeal Pharmachem के प्लांट में शुक्रवार रात करीब 10 बजे हुई। बताया गया कि हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान रिएक्टर टैंक में विस्फोट हुआ। इसके बाद मेथिलीन डाइक्लोराइड गैस का रिसाव भी हुआ।

घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और रासायनिक प्रक्रियाओं की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा क्यों जरूरी?

केमिकल और फार्मास्युटिकल उद्योगों में कई ऐसी प्रक्रियाएं होती हैं जिनमें उच्च तापमान, दबाव और खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में उपकरणों की नियमित जांच, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और आपातकालीन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संभावित जोखिमों की समय पर पहचान और सुरक्षा नियमों का पालन ऐसे हादसों के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

आगे क्या होगा?

हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना से जुड़े सभी तथ्यों, सुरक्षा प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की पुष्टि महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष: भरूच की यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की आवश्यकता की याद दिलाती है। रासायनिक उद्योगों में कर्मचारियों की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है।
[14:41, 17/10/2026] hina chauhan24: नई दिल्ली | टेक्नोलॉजी डेस्क

BUSINESS : त्योहारी सीजन में डीजल की मांग में 26.4% का उछाल, दिवाली से पहले परिवहन और कारोबार में तेजी

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भारत में त्योहारी सीजन के दौरान परिवहन और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में डीजल की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके पीछे कृषि कार्यों, माल ढुलाई और दिवाली से पहले सामान का स्टॉक जमा करने जैसी गतिविधियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

अक्टूबर में डीजल की बिक्री में उछाल

उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में सरकारी ईंधन कंपनियों ने लगभग 36.5 लाख टन डीजल बेचा। यह सितंबर की इसी अवधि की तुलना में लगभग 26.4 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले भी बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

त्योहारी मौसम में बाजारों तक सामान पहुंचाने के लिए ट्रकों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में सिंचाई और अन्य कार्यों के लिए भी डीजल की मांग बनी रहती है।

कारोबारियों को क्या होगा फायदा?

डीजल की मांग में वृद्धि परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि जैसे क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियों का संकेत देती है। दिवाली के दौरान कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और खाद्य उत्पादों की खरीदारी बढ़ने से सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि, ईंधन की मांग में वृद्धि का मतलब यह नहीं है कि हर कारोबारी क्षेत्र को समान लाभ मिलेगा। परिवहन लागत, माल की कीमतों और ग्राहकों की खरीदारी क्षमता का असर भी कारोबार पर पड़ेगा।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

विशेषज्ञों और कारोबारियों की नजर आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और त्योहारी मांग पर रहेगी। यदि बाजार में खरीदारी की गति बनी रहती है, तो परिवहन और खुदरा कारोबार को समर्थन मिल सकता है।

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