Wednesday, April 22, 2026
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NATIONAL : 22 अप्रैल को आतंकियों ने कैसे दहलाया पहलगाम: आतंकी कहां हुए थे फरार, सुरक्षाबल क्यों नहीं रोक पाए, जानें सबकुछ

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुआ आतंकी हमले में दहशतगर्दों ने 26 मासूमों की जिंदगी छीन ली। आज इस जघन्य आतंकी हमले का एक साल पूरा हो गया है। आइये जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए कायराना हमले का पूरा घटनाक्रम और इसके बाद का घटनाक्रम।

तारीख- 22 अप्रैल 2025, जगह- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित पर्यटन का केंद्र बायसरन घाटी, समय- दोपहर करीब ढाई बजे। इस दिन, जगह और घड़ी को आज भले ही एक साल पूरा हो गया है, लेकिन यह दिन लोगों के जहन में एक ऐसी बुरी घटना की दुखद याद छोड़ गया, जिसे सोचकर आज भी सिहरन दौड़ जाती है। पहलगाम में बीते साल हुई उस घटना के बाद भारत ने न सिर्फ आतंकियों के पनाहगाह देश- पाकिस्तान पर जबरदस्त पलटवार कर उसके आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया, बल्कि पहलगाम में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों को भी खोजकर मार गिराया। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों ने इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर के पर्यटन केंद्रों को सुरक्षा के किलों में तब्दील कर दिया है।

इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की पूरी दास्तां क्या है? यह हमला कब और कहां हुआ था? इस आतंकी हमले में कौन-कौन निशाना बना था? आतंकी कैसे हमले के बाद बचकर भाग निकले थे? आतंकी घटना को अंजाम देने वालों के बारे में क्या बातें सामने आई थीं? आतंकियों के पहलगाम पहुंचने और उसके बाद हमले को अंजाम देने के लिए समय चुनने पर क्या खुलासा हुआ था? जब घाटी में यह आतंकी हमला हुआ तब सुरक्षाबल कहां थे? पाकिस्तान की सेना से इस घटना का क्या कनेक्शन सामने आया था? इस आतंकी हमले को लेकर दुनियाभर से कैसी प्रतिक्रियाएं

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय बायसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे। इस हमले में जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।

26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले इन आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया और फिर वहां बैठे लोगों और टट्टू की सवारी कर रहे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी।

हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए थे। चश्मदीदों ने बताया था कि वे घाटी के पास ही घने जंगलों में अचानक लापता हो गए। बाद में सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इन आतंकियों के भागने और इनकी लोकेशन को लेकर बडे़ खुलासे किए। सामने आया कि हमले के बाद आतंकवादी पीर पंजाल पर्वतमाला के ऊपरी हिस्सों की ओर भाग गए थे। यह पूरा इलाका इतने घने जंगलों के बीच था कि यहां से ड्रोन्स और सैटेलाइट के जरिए आतंकियों को ट्रैक करना भी काफी मुश्किल था।

ऐसे में आंतकियों को ट्रैक करने के लिए भारतीय सेना ने अपने हेलीकॉप्टर भी तैनात किए थे। जांच में यह सामने आया कि कम से कम 15 स्थानीय लोगों ने हमले में आतंकियों की मदद की थी। दो कश्मीरियों ने बायसरन घाटी के पास ही एक झोपड़ी में इन आतंकियों को पनाहभी दी थी। वहीं, मोहम्मद यूसुफ कटारिया नाम के एक व्यक्ति ने आतंकियों को कश्मीर में जरूरी हथियार और उपकरण पहुंचाए थे।

यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) की तरफ से अंजाम दिया गया था। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, ये आतंकी टीआरएफ की एक विशेष इकाई फॉल्कन स्क्वाड का हिस्सा थे। इन आतंकियों की पहचान सुलेमान शाह (उर्फ हाशिम मूसा), हमजा अफगानी (उर्फ ताहिर हबीब/अबू हमजा) और जिब्रान (उर्फ यासिर) के रूप में हुई।

इस हमले में लगभग तीन से छह हथियारबंद आतंकी शामिल थे, जिन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी और वे एके-47, और एम-4 कार्बाइन जैसे खतरनाक हथियारों से लैस थे। चश्मदीदों के अनुसार, खौफनाक बात यह थी कि इन हमलावरों में 15 साल का किशोर भी शामिल था।

सुलेमान शाह (हाशिम मूसा) को इस हमले का मास्टरमाइंड बताया गया। वह पाकिस्तानी सेना के इलीट स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व पैरा-कमांडो था, जो लश्कर में शामिल होकर 2023 में भारत में घुसा था। इसके अलावा, पाकिस्तान में रहने वाले टीआरएफ सरगना सज्जाद अहमद शेख (उर्फ सज्जाद गुल) और लाहौर में बैठे लश्कर कमांडर साजिद सैफुल्ला खालिद जट्ट, जो आतंकियों का मुख्य हैंडलर था, ने इस पूरी साजिश को रचा था।

सैफुल्लाह खालिद आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी है। पाकिस्तानी सेना पर उसका इतना प्रभाव है कि सेना उसका फूलों से स्वागत करती है। वह सेना के अधिकारियों की पूरी मदद करता है। साथ ही पाकिस्तानी सेना के जवानों को भारत के खिलाफ भड़काता है। पहलगाम आतंकी हमले से दो महीने पहले सैफुल्लाह खालिद पाकिस्तान के पंजाब के कंगनपुर पहुंचा था। यहां उसे पाकिस्तानी सेना के कर्नल जाहिद जरीन खट्टक ने जिहादी भाषण देने के लिए वहां बुलाया था। वहां उसने पाकिस्तानी सेना को भारत के खिलाफ भड़काया। जम्मू-कश्मीर में लश्कर और टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों को वही अंजाम देता रहा है।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल पर आतंकी देवदार के घने जंगलों के रास्ते आए थे। यह माना जा रहा है कि आतंकी किश्तवाड़ के रास्ते आए और फिर कोकरनाग के जरिए दक्षिण कश्मीर के बायसरन पहुंचे। जब एजेंसियों ने इस मामले में जांच तेज की तो सामने आया कि कश्मीर के कई लोगों ने न सिर्फ इनकी मदद की, बल्कि उन्हें जरूरी खुफिया जानकारी भी मुहैया कराई। जांच एजेंसियों से पूछताछ में कुछ लोगों ने आतंकियों की संख्या पांच बताई थी।

बायसरन घाटी में पर्यटकों पर हमले के लिए आतंकियों ने जो समय चुना वह पाकिस्तान की नापाक सोच को दर्शाने वाला था। यह हमला पाकिस्तान आर्मी चीफ के टू-नेशन थ्योरी वाले भड़काऊ बयान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भारत दौरे, अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण और जम्मू संभाग में आतंकरोधी अभियान के बीच हुआ था। रक्षा विशेषज्ञ हमले के समय को उस एजेंडे को बढ़ावा देना मान रहे है, जिसे 2019 के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दफना दिया था। बायसरन जैसे आकर्षक पर्यटन स्थल पर हर साल लाखों को संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां आतंकियों का हमला करना इस बात का संदेश देना है कि जम्मू-कश्मीर में सबकुछ सामान्य नहीं है। अमरनाथ यात्रा से पहले यह हमला इस बात का दबाव बनाने वाला था कि कश्मीर में श्रद्धालु सुरक्षित नहीं हैं।

हमले के दिन बायसरन घाटी पर कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। सरकार ने बाद में माना कि यह एक बड़ी सुरक्षा चूक थी। दरअसल, बायसरन घाटी को निर्धारित समय से दो महीने पहले ही पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था और इसकी जानकारी सुरक्षाबलों को नहीं दी गई थी। इसी वजह से वहां सुरक्षा का कोई घेरा नहीं था, जिसका फायदा आतंकियों ने उठाया।

इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का बेस घटनास्थल से लगभग चार-पांच किलोमीटर दूर था। वहां तक जाने का रास्ता कीचड़ और चट्टानों से भरा हुआ है, जिसे पार करने में 40-45 मिनट का समय लगता है। ऐसे में सुरक्षाबल घटना के कुछ समय बाद घटनास्थल पर पहुंच पाए थे।

स्थानीय घोड़े वालों (पोनी ऑपरेटरों) ने सीआरपीएफ के कमांडिंग अफसर को हमले की सूचना दी गई थी। इसके बाद 25 सीआरपीएफ जवानों की एक टीम पहले रिस्पॉन्डर के तौर पर हमले के करीब एक घंटे बाद वहां पहुंच पाई थे। इसके बाद पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो का शामिल होना: सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया कि इस हमले का एक मुख्य सूत्रधार हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह था, जो पाकिस्तानी सेना की इलीट एसएसजी पूर्व पैरा-कमांडो था। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शेष पॉल वैद ने यह सनसनीखेज दावा किया कि इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी असल में पाकिस्तान सेना के एसएसजी कमांडो ही थे, जो आतंकी बनकर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह हमला पूरी तरह पाकिस्तानी सेना द्वारा ही रचा गया था।

आईएसआई के निर्देश: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह नरसंहार सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर किया गया था।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भड़काऊ भाषण: इस हमले से कुछ समय पहले ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। इसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की जगुलर वेन (शह-नस) बताया था और हिंदुओं-मुसलमानों के बीच के अंतर बताते हुए टू-नेशन थ्योरी को हवा दी थी। पूर्व डीजीपी वैद ने इस भाषण को सीधे हमले से जोड़ते हुए कहा कि यह महज इत्तेफाक नहीं है कि मुनीर के बयान के कुछ ही दिन बाद ऐसा हमला हुआ जिसमें पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब कुछ मुनीर की कमान के तहत स्थिति को बिगाड़ने के लिए किया गया।

हैंडलर्स और सेफ हाउस: डिजिटल फुटप्रिंट्स से यह प्रमाणित हुआ कि आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित मुजफ्फराबाद और कराची में स्थित सेफ हाउस से मदद मिल रही थी। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने लाहौर में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर साजिद सैफुल्ला जट्ट को आतंकियों का मुख्य हैंडलर बताया, जिसने इस हमले के लिए घुसपैठ, गतिविधियों की साजिश रची थी।

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दुनियाभर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और वैश्विक स्तर पर इसकी निंदा की गई। अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और भारत के पड़ोसी देशों सहित 40 से अधिक देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। कई विदेशी नेताओं ने फोन कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित कई प्रमुख वैश्विक नेताओं ने भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन), संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी), जी7 और यूरोपीय संघ (ईयू) ने इस घटना को एक खौफनाक आतंकी हमला बताते हुए इसकी निंदा की। इसके अलावा, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने भी हमले की कड़ी आलोचना की और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाने की मांग की। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने भी चिंता जताते हुए कहा कि आतंकवादियों को मिलने वाली फंडिंग के बिना इस तरह के हमले संभव नहीं हैं।

इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने इस हमले की निंदा की और विशेष रूप से हिंदुओं और अन्य गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। ब्रिटेन की संसद में भी इस हमले और कश्मीर में बढ़ते तनाव पर बयान दिए गए और बहस हुई। इस बीच ईरान ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश भी की।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने हमलावरों को स्वतंत्रता सेनानी बता दिया और आतंकी संगठन टीआरएफ का बचाव करते हुए कहा कि वे इसे अवैध नहीं मानते। पाकिस्तान की सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत के दावों को पाकिस्तान को बदनाम करने का अभियान बताया।

पाकिस्तान ने इस हमले की एक तटस्थ और स्वतंत्र तीसरे पक्ष से जांच कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे तुर्किये, चीन, मलयेशिया, स्विट्जरलैंड और ग्रीस जैसे देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। हालांकि, भारत ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने हमले के बाद भारत में कथित तौर पर बढ़ती इस्लामोफोबिया, मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा पर चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया, जिसे भारत ने बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। लाइबेरिया की संसद ने भी आतंकी हमले के पीड़ितों की याद में मौन रखा।

NATIONAL : केसी वेणुगोपाल ने ओम बिरला को लिखा पत्र, PM मोदी के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस; जानिए मामला

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कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को प्रिविलेज नोटिस दिया। आरोप है कि 18 अप्रैल के राष्ट्र संबोधन में पीएम ने सांसदों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे संसद की गरिमा आहत हुई। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया, खासकर 131वें संविधान संशोधन बिल पर चर्चा के बाद।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज नोटिस) दिया है। अपने पत्र में वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा के सदस्यों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनके इरादों पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि यह संसद की गरिमा और सांसदों के अधिकारों का उल्लंघन है।

बता दें कि पीएम मोदी का यह संबोधन उस समय हुआ जब लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पारित नहीं हो सका था। कांग्रेस का आरोप है कि इस भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों के मतदान और उनकी मंशा को लेकर सीधे तौर पर टिप्पणियां कीं।पीएम मोदी के खिलाफ लिखे इस पत्र में कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि यह सिर्फ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संसद और लोकतंत्र की गरिमा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सांसदों के अधिकारों की रक्षा और संसद की गरिमा बनाए रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन पहले से तय परंपराओं के खिलाफ था और इसमें विपक्ष पर कई राजनीतिक हमले किए गए।

MP : पीथमपुर की केमिकल वेस्ट कंपनी में भीषण आग, रेलवे-डिफेंस सप्लायर कंपनियां भी प्रभावित

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मध्य प्रदेश के पीथमपुर में केमिकल वेस्ट कंपनी में भीषण आग: रेलवे-डिफेंस सप्लायर कंपनियां भी जलीं; धमाकों से दहशत, देर रात तक आग बेकाबू
मध्यप्रदेश के धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज में मंगलवार रात करीब 9:45 बजे लगी भीषण आग 5 घंटे बाद भी काबू में नहीं आ सकी है। आग इतनी तेजी से फैली कि पास की रेलवे और डिफेंस सेक्टर को सप्लाई करने वाली कंपनियां

आग लगते ही कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे, जिससे पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहशत में आ गया। जिस समय आग लगी, उस वक्त करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया।वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निस्तारण का काम करने वाली इस यूनिट में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और लपटें आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक पहुंच गईं, जिसके बाद कई यूनिटों को खाली कराना पड़ा।

इंदौर समेत आसपास के शहरों से दमकल की गाड़ियां लगातार मौके पर पहुंच रही हैं। अब तक 14 फायर फाइटर आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है।स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गलार्ड स्टील लिमिटेड के मालिक जौहर काला ने बताया कि पास की यूनिट में लगी आग से उनकी पूरी प्लांट और मशीनरी जलकर खाक हो गई है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनियां रेलवे और डिफेंस सेक्टर की सप्लायर हैं।

इस घटना के बाद उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। काला ने आरोप लगाया कि पिछले 4 साल में यह चौथी बार आग लगी है और कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।आग बुझाने के लिए लगातार पानी और टैंकरों से सप्लाई की जा रही है। कई जगह रेत भी डाली जा रही है ताकि आग फैल न सके। दमकल कर्मी लगातार लपटों को काबू में करने की कोशिश कर रहे हैं। इंदौर से एसडीईआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

पास रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान भेजाएसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि हजारगो इंडस्ट्रीज में ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी, जो फैलकर दो अन्य कंपनियों तक पहुंची थी। फिलहाल दोनों प्रभावित यूनिटों में आग को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आसपास कोई रिहायशी क्षेत्र नहीं है, लेकिन ढाबों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।

KERALA : केरलम में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 13 की मौत:10 शव बरामद, 3 लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे मिले; 40 मजदूर काम कर रहे थे

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केरलम के त्रिशूर जिले में मंगलवार दोपहर 3.30 बजे पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। कई लोग झुलस गए। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, मौके से 10 शव मिले, जबकि 3 लोगों के शरीर के हिस्से मिले है। 5 घायलों की हालत गंभीर है। 17 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।पटाखे खेतों के बीच बने शेड में बनाए जा रहे थे। हादसे के समय करीब 40 लोग मौजूद थे। फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन रुक-रुक कर विस्फोट होने से रेस्क्यू में दिक्कत आई।

पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया। वहीं, राज्य सरकार ने राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन को ₹50 लाख दिए हैं।हादसे में घायल हुए मजदूर विल्सन ने कहा कि अचानक से तेज चमक दिखाई दी, फिर आग लग गई। इसके बाद का कुछ भी याद नहीं रहा। उसने कहा कि यूनिट में ज्यादातर स्थानीय लोग ही काम कर रहे थे।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि त्रिशूर हादसे में घायल लोगों के इलाज के लिए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज, जनरल अस्पताल और आसपास के अस्पतालों में व्यवस्था की गई है।मेडिकल कॉलेज में मास कैजुअल्टी प्रोटोकॉल लागू किया गया है। बर्न यूनिट तैयार रखी गई है। आसपास के जिले तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, कोट्टायम और कोझिकोड से डॉक्टरों की टीमें भी इलाज में मदद के लिए भेजी जा रही हैं।

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 मजदूर काम कर रहे थे। रेस्क्यू के दौरान एक और विस्फोट हुआ। इसमें पुलिस, फायर और रेस्क्यू टीम के 13 लोग घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर

तमिलनाडु के विरुधुनगर में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। हादसे में मृत लोगों के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और विरुधुनगर में सड़क जाम कर विरोध शुरू कर दिया। वे हर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

NATIONAL : गुजरात के दाहोद में शादी का जश्न पड़ा फीका: दावत में आमरस पीने के बाद 230 लोग बीमार, FSSAI ने मांगी रिपोर्ट

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दाहोद में शादी के दौरान दूषित भोजन खाने से 230 लोग बीमार हो गए। संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का कारण आमरस माना जा रहा है। 59 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, हालांकि सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर है। इस बीच मामले में FSSAI ने हस्तक्षेप किया है। संस्था ने गुजरात प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

गुजरात के दाहोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में दावत खाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। अभलोद गांव में आयोजित इस समारोह में करीब 230 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। अचानक इतने लोगों की तबीयत बिगड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में सभी प्रभावित लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह का प्रीतिभोज चल रहा था। रात करीब आठ बजे लगभग 400 मेहमानों ने एक साथ खाना खाया। भोजन के मेन्यू में आमरस यानी मैंगो जूस भी शामिल था। खाना खाने के करीब तीन घंटे बाद मेहमानों को परेशानी शुरू हुई। रात 11 बजे के आसपास कई लोगों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और उल्टी की शिकायत की। देखते ही देखते बीमारों की संख्या 200 के पार पहुंच गई।


दाहोद के जिला कलेक्टर योगेश निरगुडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्थिति काफी गंभीर थी। कुल 230 लोगों ने उल्टियां और दस्त की शिकायत की। प्रशासन ने तुरंत मेडिकल टीमों को सक्रिय किया। बीमारों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों में भेजा गया। कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है।

रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राजीव डामोर ने ताजा जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 59 मरीजों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किसी की भी जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। प्रारंभिक जांच में शक की सुई आमरस की ओर घूम रही है। आशंका है कि गर्मी या दूध की खराबी के कारण जूस विषाक्त हो गया होगा। स्वास्थ्य विभाग ने खाने के नमूने ले लिए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के असली कारण का पता चल सकेगा।

इस मामले को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। देश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुजरात के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

एफएसएसएआई के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने गुजरात के खाद्य आयुक्त से इस पूरी घटना की बारीक जानकारी मांगी है। नमूनों की जांच और साक्ष्य जुटाने में राज्य के अधिकारियों की तकनीकी मदद भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सबूत मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

WORLD : अपने ही घर में औंधे मुंह गिरे ट्रंप, 62 फीसदी लोगों को पसंद नहीं अमरीकी राष्ट्रपति का स्वभाव और कामकाज

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अमरीका में हाल ही में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्यशैली और स्वभाव को लेकर अमरीकी नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है। रॉयटर्स और इप्सोस के संयुक्त सर्वे में यह बात सामने आई है कि वहां बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति ट्रंप के स्वभाव और निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। सर्वे में कहा गया है कि 62 फीसदी लोग अमरीकी ट्रंप के कामकाज से खुश नहीं हैं। इनमें उनकी पार्टी के कुछ रिपब्लिकन भी शामिल हैं, जो उनके स्वभाव पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, ट्रंप की अपू्रवल रेटिंग 36 फीसदी पर बनी हुई है।

सर्वे में कहा गया है कि बहुत कम अमरीकी ईरान पर अमरीकी हमलों या नाटो से बाहर निकलने का ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हैं। सर्वे के अनुसार, हाल के दिनों में ट्रंप की अपू्रवल रेटिंग उनके कार्यकाल के सबसे निचले स्तर पर बनी हुई है, क्योंकि ईरान युद्ध और पोप लियो के साथ विवाद के बीच कई अमरीकी उनके स्वभाव से खुश नहीं हैं।

सर्वे में पता चला है कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लोग भी ट्रंप को समर्थन देने के मुद्दे पर दो फाड़ हैं। उनकी पार्टी के कुछ सदस्य राष्ट्रपति के स्वभाव और मानसिक स्थिति को लेकर कुछ हद तक चिंतित हैं। सर्वे के मुताबिक, केवल 26 फीसदी अमरीकियों का मानना है कि वे ट्रंप को शांत स्वभाव वाला मानते हैं। इस सवाल पर रिपब्लिकन बंटे हुए हैं।

53 फीसदी रिपब्लिकन उन्हें शांत स्वभाव का मानते हैं, जबकि 46 फीसदी का कहना है कि वे ऐसे नहीं हैं। कुछ लोगों ने इस सवाल का जवाब देने से ही मना कर दिया। वहीं विपक्ष में केवल सात फीसदी डेमोक्रेट ही ट्रंप को शांत स्वभाव का मानते हैं।

WORLD : सीजफायर बढ़ाने के बाद ट्रम्प बोले- ईरान कंगाल हो रहा:नाकेबंदी से रोज $500 मिलियन नुकसान, ईरानी दूत बोले- नाकेबंदी हटने के बाद ही बातचीत

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ईरान के साथ एकतरफा सीजफायर बढ़ाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समुद्र में अमेरिकी नाकेबंदी की तारीफ की है।

उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा- ईरान आर्थिक रूप से टूट रहा है। उसके पास पैसों की कमी हो रही है, इसलिए तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोलना चाहता है।

उन्होंने दावा किया कि नाकेबंदी की वजह से ईरान को रोज करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। ईरान की सेना और पुलिस को समय पर वेतन नहीं मिल रहा और देश के अंदर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।वही, ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने कहा है कि नाकेबंदी हटने के बाद ही अमेरिका से बातचीत हो सकती है।

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि यह कितने दिन के लिए बढ़ाया गया है।

ट्रम्प ने कहा कि ईरान में इस समय नेतृत्व और सरकार में एकजुटता नहीं है। ऐसे वक्त में पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उनसे ईरान पर कुछ समय तक हमले रोकने की अपील की, ताकि ईरान को साझा प्रस्ताव तैयार करने का वक्त मिल सके।

ट्रम्प ने कहा कि इस अपील को मानते हुए उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमला रोकने का आदेश दिया है। हालांकि, सेना को पूरी तरह तैयार रहने को भी कहा गया है। इस दौरान ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी (ब्लॉकेड) जारी रहेगी।

उन्होंने साफ किया कि सीजफायर तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपनी ओर से ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं दे देता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, चाहे उसका नतीजा कुछ भी निकले।

SPORTS : IPL- अभिषेक के शतक से हैदराबाद की लगातार तीसरी जीत:दिल्ली को 47 रन से हराया; ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके

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अभिषेक की शतकीय पारी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने IPL सीजन में लगातार तीसरी जीत हासिल की। मंगलवार को टीम ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 47 रन से हराया।

राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम में 243 रन का टारगेट चेज कर रही दिल्ली 20 ओवर में 9 विकेट पर 195 रन ही बना सकी। टॉस हारकर SRH ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट पर 242 रन बनाए थे। मैच का स्कोरबोर्ड

अभिषेक शर्मा ने 68 गेंद में 10 चौके और 10 छक्कों की मदद से नाबाद 135 रन की शतकीय पारी खेली। हेनरिक क्लासन ने नाबाद 37 रन बनाए। दोनों ने 66 रन की नाबाद पार्टनरशिप की। ट्रैविस हेड ने 37 और ईशान किशन ने 25 रन बनाए। दिल्ली की ओर से अक्षर पटेल ने एक विकेट लिया। एक बल्लेबाज रनआउट हुआ।

रन चेज में दिल्ली ने 21 रन पर पाथुम निसांका का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद केएल राहुल और नीतीश राणा ने 45 गेंद में 86 रन की साझेदारी कर पारी संभाली। लेकिन, केएल राहुल और राणा के आउट होने के बाद दिल्ली वापसी नहीं कर सकी।

ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके। उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर आशुतोष शर्मा (14 रन), ट्रिस्टन स्टब्स (27 रन), नीतीश राणा (57 रन) और डेविड मिलर (जीरो) को पवेलियन भेजा। राणा और मिलर को लगातार गेंद पर आउट करने के बाद मलिंगा के पास हैट्रिक का मौका था, लेकिन वे चूक गए।

दिल्ली को हराने के बाद हैदराबाद 8 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गया। वहीं दिल्ली 6 मैच में 3 जीत और 3 हार के साथ 5वें स्थान पर हैं।

NATIONAL : आज का मौसम 22 अप्रैल: 13 राज्यों में 24 घंटे के अंदर तूफानी बारिश का अलर्ट, चलेगी आंधी, IMD की चेतावनी

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Weather Update: भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 13 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। जिन राज्यों में मौसम बिगड़ने का अंदेशा है, वहां के लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।

13 राज्यों में आंधी तूफान और बारिश का अलर्ट
आज का मौसम 22 अप्रैल 2026: अप्रैल के महीने में उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल है। लेकिन इस बीच मौसम विभाग ने 13 राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर के इन राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम में 22 से 25 अप्रैल के बीच तेज बारिश के आसार हैं। इस दौरान 50 से लेकर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तक हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी का अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 25 और 26 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

आपके राज्ये में कैसा रहेगा मौसम, जानें

दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर (22 से 24 अप्रैल): एनसीआर के लोगों के लिए मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। जहां मार्च में फरवरी जैसी हल्की ठंडक का एहसास हुआ था, वहीं अब अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ही मई-जून जैसी भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनने लगी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक लगातार हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 22 और 23 अप्रैल को तापमान बढ़कर 43 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। 24 अप्रैल को भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। इन दिनों दोपहर और शाम दोनों समय हीट वेव की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है। हालांकि 25 और 26 अप्रैल को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इन दिनों अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है। साथ ही आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।

यूपी में आज कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश (22 से 23 अप्रैल): उत्तर प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में झुलसाने वाली धूप और लू का प्रकोप चल रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक हरदोई, वाराणसी, लखनऊ, बाराबंकी, बलिया, चुर्क, बहराईच, प्रयागराज, बांदा, सुल्तानपुर, फुरसत गंज, गाजीपुर, झांसी, हमीरपुर, बरेली, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा और अलीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है।

बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम
बिहार (22 से 24 अप्रैल): बिहार में 22 से 24 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी प्रदेश में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण (उत्तर-पश्चिम बिहार), मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, वैशाली और समस्तीपुर (उत्तर-मध्य बिहार), तथा पटना, अरवल, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, नालंदा, नवादा और गया (दक्षिण बिहार) जिलों में लू का प्रभाव अधिक रहेगा। इन क्षेत्रों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। साथ ही, अधिक नमी के कारण ‘फील्स लाइक’ तापमान और भी ज्यादा महसूस होगा, जिससे लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है। गर्मी को देखते हुए स्कूल टाइमिंग में बदलाव किया गया है। कक्षा 5 तक के सभी छात्रों (प्री-स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों सहित) की पढ़ाई सुबह से लेकर अधिकतम 11:30 बजे तक ही संचालित की जाएगी। वहीं, कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए कक्षाएं दोपहर 12:30 बजे तक ही चलेंगी।

आपके शहर में आज कैसा रहेगा मौसम
शहर अधिकतम तापमान (22 अप्रैल, 2026) न्यूनतम तापमान (22 अप्रैल, 2026)
दिल्ली 42°C 22°C
मुंबई 35°C 25°C
चेन्नई 38°C 28°C
कोलकाता 38°C 28°C
लखनऊ 42°C 27°C
पटना 42°C 27°C
रांची 39°C 23°C
भोपाल 42°C 24°C
जयपुर 39°C 27°C
शिमला 27°C 17°C
नैनीताल 27°C 18°C

राजस्थान में आज कैसा रहेगा मौसम
राजस्थान (22 से 23 अप्रैल): राजस्थान में तेज गर्मी का दौर जारी है और अनेक जगह अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक कल (23 अप्रैल) से कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक राजधानी जयपुर, उदयपुर, जोधपुर व बीकानेर सहित अनेक जगह अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह रहा है। अगले दो दिन तक राज्य में मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। 23 अप्रैल से राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, भरतपुर व धौलपुर सहित कई जिलों में ऊष्ण लहर (हीट वेव) चलने का ‘येलो अलर्ट’ है।

उत्तराखंड में आज कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अभी भी मौसम शुष्क बना हुआ है। जबकि मैदानी इलाकों में हल्की गर्मी का असर दिख रहा है। IMD के अनुसार, औली में कल तापमान 28 ग्री सेल्सियस रह सकता है। जबकि देहरादून में पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

हिमाचल प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम बदलता रहेगा। अगले 3 दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा लेकिन 25 और 26 अप्रैल को बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। राजधानी शिमला में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

असम में आज कैसा रहेगा मौसम
असम (22 अप्रैल): असम में भारी बारिश से हालात खराब हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और आंधी चलने की संभावना है। आज भी राज्य में बारिश का क्रम जारी रह सकता है। सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। असम के कई हिस्सों में आए भारी तूफान के दौरान कामरूप जिले में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी भी सामने आई है। बिहू सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आई भारी बारिश के चलते युवक अन्य लोगों के साथ एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए था। पेड़ की एक शाखा टूटकर युवक पर गिर गई जिसके कारण उसकी मौत हो गई। भारी तूफान, तेज बारिश और हवाओं ने राज्य के गोलपारा तथा बोंगाईगांव जैसे कई हिस्सों को प्रभावित किया है।

पंजाब-हरियाणा में आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने हरियाणा और पंजाब में अगले तीन दिनों तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार, लू धीरे-धीरे पूर्वी भारत और उससे सटे मध्य भारत की ओर फैलेगी। देश के कई राज्यों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। हालांकि IMD ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ इलाकों में 22 से 24 अप्रैल के दौरान लू चलने की प्रबल संभावना है।

तमिलनाडु में आज कैसा रहेगा मौसम
तमिलनाडु (22 से 23 अप्रैल): तमिलनाडु के आंतरिक जिलों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी बढ़ सकती है । भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि कुछ जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना रह सकता है। चेन्नई में तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। साथ ही उच्च आर्द्रता का स्तर भी रहेगा, जिससे निवासियों के लिए स्थितियां असहज हो जाएंगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों तक पश्चिमी घाट के कुछ जिलों, दक्षिणी तटीय क्षेत्रों और डेल्टा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। कुछ अलग-थलग इलाकों में गरज के साथ तूफान आने की भी संभावना है, जिसके तहत 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बिजली भी गिर सकती है, जिससे मौजूदा गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

NATIONAL : खरगे ने पीएम मोदी को बताया ‘आतंकवादी’: पहली बार नहीं बिगड़े बोल, कभी जहरीला सांप तो कभी बताया झूठों का सरदार

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान इस वक्त देशभर में सुर्खियों में है। दरअसल, खरगे ने एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना आतंकवादी से कर दी। उन्होंने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एआईएडीएमके वाले पीएम मोदी से कैसे जुड़ सकते हैं। वे तो ‘आतंकवादी’ हैं।

खरगे की इस टिप्पणी के बाद के जब विवाद शुरू हुआ तो कांग्रेस अध्यक्ष ने अपना बचाव करते हुए कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि प्रधानमंत्री एक आतंकवादी हैं। मेरे कहने का मतलब यह था कि वह लोगों और राजनीतिक दलों को डराने-धमकाने का काम करते हैं। खरगे ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा धमकियां देते हैं और उनके आचरण से राजनीतिक गलियारों में डर पैदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाना था, न कि उन पर कोई व्यक्तिगत हमला करना।

चौंकाने वाली बात यह है कि खरगे ने इस मामले में भले ही सफाई दे दी हो, लेकिन अब तक के इतिहास में वे कई बार पीएम मोदी को लेकर विवादित टिप्पणियों के चलते वे घिर चुके हैं। अगर कुछ पुराने बयानों को उठा लिया जाए तो खरगे ने कभी पीएम की तुलना जहरीले सांप से की है तो कभी उन्हें झूठों का सरदार तक कह दिया। आइये जानते हैं उनके ऐसे ही पुराने बयान…

गुजरात चुनाव में प्रचार अभियान के दौरान खरगे ने पीएम मोदी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने अहमदाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि पीएम मोदी हर चुनावों में लोगों को अपना चेहरा दिखाकर वोट मांगते हैं। आपके कितने चेहरे हैं, क्या आप रावण की तरह 100 सिर वाले हैं?

खरगे के इस बयान के बाद भाजपा हमलावर हो गई और इसे प्रधानमंत्री मोदी और गुजरातियों का अपमान बताया। हालांकि, तब भी खरगे ने खुद ही इस बयान पर सफाई जारी की थी और कहा था कि मेरे पास 51 साल का संसदीय राजनीतिक अनुभव है। इसलिए मैं किसी व्यक्ति विशेष पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करता। मैंने विकास, महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी के मुद्दों पर भाजपा सरकार की आलोचना की है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन से जारी सीमा विवाद को लेकर राज्यसभा में भाजपा और पीएम मोदी को घेरा था। उन्होंने कहा था कि संसद में चीन का मुद्दा उठाया है और सीमा की स्थिति पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन भाजपा सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “वे बाहर शेर की तरह बात करते हैं, लेकिन अगर आप देखेंगे तो उनकी हरकतें चूहे की तरह हैं। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर चर्चा की जाए और नोटिस दिया जाए, लेकिन वे अभी भी संसद में चर्चा के लिए तैयार नहीं हैं।”

इतना ही नहीं खरगे ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या आपका एक कुत्ता भी देश के लिए मरा है, फिर भी वे देशभक्त होने का दावा करते हैं और अगर हम कुछ कहते हैं तो हमें देशद्रोही करार दिया जाता है।

कुछ इसी तरह खरगे ने 2023 में पीएम मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। कलबुर्गी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पहले पीएम मोदी को अच्छा इंसान बताया और फिर उनकी भाषा अभद्र होती चली गई। खरगे ने कहा कि पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। अगर आप इसके संपर्क में आते हैं तो आपकी जान चली जाएगी।

खरगे के इस बयान को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई थी और चुनाव आयोग से इसकी शिकायत भी की थी। हालांकि, खरगे ने इस पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी के लिए नहीं बोल रहा था। मेरा मतलब था कि बीजेपी की विचारधारा सांप की तरह है। मैंने पीएम मोदी के लिए व्यक्तिगत रूप से यह कभी नहीं कहा। मैंने जो कहा था कि उनकी विचारधारा सांप की तरह है। अगर आप इसे छूने की कोशिश करते हैं, तो आपकी मृत्यु निश्चित है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी एक ऐसा मौका आया, जब खरगे की जुबान फिसल गई। उन्होंने पहले तो प्रधानमंत्री की तुलना अक्रांता तैमूर लंग से कर डाली। इसके बाद उन्होंने कहा, “मोदी झूठों के सरदार हैं। मोदी साहब आपने 10 साल में इतनी गारंटी थी, आपने निभाई? आपने 15 लाख की गारंटी दी थी, ये झूठ हो गई। उन्होंने कहा कि मोदी झूठों के सरदार हैं, जो आदमी झूठ कहता है, वो लोगों के हित में नहीं होता है।”

खरगे के इस बयान पर भी भाजपा ने उन पर पलटवार किया था और कहा था कि हमको गाली देने से जनता का पेट नहीं भरता है। वो (नरेंद्र मोदी) सिर्फ बात करना जानते हैं, काम करना नहीं जानते हैं।

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