मिडिल ईस्ट में जंग के चलते भारतीय एयरलाइंस को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. Industry experts का कहना है कि कुल मिलाकर एयरलाइन्स को ₹150-200 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है.मिडिल ईस्ट में जंग के चलते भारतीय एयरलाइंस को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. ऐसे में अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो किराये और बढ़ेंगे और कनेक्टिविटी भी कम हो जाएगी. सिंगापुर में जेट फ्यूल का बेंचमार्क प्राइस 72 फीसदी उछलकर $225.44 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड हाई है.
आम आदमी भी इस से दूर नहीं है क्योंकि ATF का खर्च एक सामान्य हवाई किराये का करीब 40 फीसदी होता है यानी तेल महंगा हुआ तो ticket prices अपने आप बढ़ेंगी. इसी के चलते Air India, IndiGo और दूसरी एयरलाइन्स के अफसर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मिले और सरकार से राहत की गुहार लगाई.मंत्री नायडू की 7 मार्च को एयरलाइन एग्जीक्यूटिव्स के साथ बैठक भी हुई, जिसमें साफ कहा गया कि West Asia में जंग अगर लंबी चली तो भारतीय एयरलाइन्स को भारी नुकसान होगा. 1 मार्च से ATF की कीमत दिल्ली में ₹96,638 प्रति kilolitre हो गई पिछले rate से ₹5,215 ज़्यादा है. War-risk insurance के premium में भी भारी उछाल आया है.

एक अनुमान के अनुसार Delhi-Dubai-Delhi जैसे routes पर narrow-body aircraft के लिए कुछ 30-40 लाख रुपये प्रति flight और wide-body के लिए ₹90 लाख तक का अतिरिक्त खर्च एयरलाइन्स उठा रही है. 1 मार्च को एक ही दिन में 350 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं. कोविड के बाद यह सबसे बड़ा single-day disruption था. IndiGo ने अकेले 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 500 से ज़्यादा flights cancel की हैं.Industry experts का कहना है कि कुल मिलाकर एयरलाइन्स को ₹150-200 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है. गल्फ देशों से भारत आने वाली फ्लाइट्स में तो यात्री होते हैं लेकिन इंडिया से गल्फ जाने वाली फ्लाइट्स लगभग खाली जा रही हैं क्योंकि लोग वापस आ रहे हैं जा कोई नहीं रहा. इससे एयरलाइन्स को डबल नुकसान हो रहा है.
Iran और West Asia का एयर स्पेस बंद होने से India-Europe और India-North America routes पर फ्लाइट्स लंबे रास्ते से जा रही हैं. IndiGo की Amsterdam, London और Manchester flights प्रभावित हैं. Air India Europe और North America के लिए alternate routes से उड़ान भर रही है लेकिन यह लंबे समय तक चला तो economically viable नहीं रहेगा.एयरलाइन्स ने सरकार से ATF पर excise duty में कमी करने, AAI fees में राहत देने और regulatory support की मांग की है. सरकार ने अभी कोई direct financial package घोषित नहीं किया है, लेकिन अगर jet fuel prices और बढ़ी तो support measures पर विचार करने का आश्वासन दिया है. ICRA पहले ही FY26 में Indian aviation sector को ₹17,000-18,000 करोड़ के घाटे का अनुमान दे चुकी है.










