Wednesday, May 27, 2026
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SPORTS : पांचवीं बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची आरसीबी, क्वालिफायर-1 में गुजरात को दी मात

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गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर गई है। आरसीबी ने क्वालिफायर-1 मुकाबले में गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली है। आरसीबी ने इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से दमदार प्रदर्शन किया।

गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम गुजरात टाइटंस को 92 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल के फाइनल में पहुंच गई है। आरसीबी ने कप्तान रजत पाटीदार की विस्फोटक पारी से 20 ओवर में पांच विकेट पर 254 रन बनाए। जवाब में गुजरात की टीम 19.3 ओवर में 162 रन पर ऑलआउट हो गई। गुजरात के पास अभी भी फाइनल में जाने का एक मौका है। टीम अब हैदराबाद और राजस्थान के बीच बुधवार को होने वाले एलिमिनेटर की विजेता टीम से शुक्रवार को क्वालिफायर-2 में भिड़ेगी।

आरसीबी ने इस तरह कुल पांचवीं बार आईपीएल के फाइनल में जगह बनाई है। टीम इससे पहले, 2009, 2011, 2016 और 2025 में फाइनल में पहुंची थी। टीम ने पिछले सीजन पंजाब किंग्स को हराकर खिताब अपने नाम किया था और टीम खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर है। गुजरात के लिए इस मैच में कुछ अच्छा नहीं रहा। टीम के गेंदबाज जहां महंगे साबित हुए, वहीं बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे राहुल तेवतिया ने भले ही अर्धशतक लगाया, लेकिन टीम का अन्य कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गुजरात के लिए सबसे ज्यादा रन तेवतिया ने बनाए जो 68 रन बनाकर आउट हुए। आरसीबी की ओर से जैकब डफी ने तीन विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार, रासिख सलाम डार और क्रुणाल पांड्या ने दो-दो विकेट झटके। वहीं, जोश हेजलवुड को एक सफलता मिली।

SPORTS : विराट कोहली ऐसा कारनामा करने वाले बने IPL इतिहास के पहले बल्‍लेबाज, लगातार चौथे सीजन में लगाया रनों का अंबार

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी बल्‍लेबाज विराट कोहली ने मंगलवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल 2026 के पहले क्‍वालीफायर में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। उल्‍लेखनीय है कि विराट कोहली से पहले कोई बल्‍लेबाज ये कारनामा नहीं कर पाया।

धर्मशाला में खेले जा रहे मुकाबले में कोहली ने गुजरात के खिलाफ 25 गेंदों में पांच चौके और एक छक्‍के की मदद से 43 रन बनाए। कोहली आईपीएल इतिहास के ऐसे पहले बल्‍लेबाज बने, जिन्‍होंने लगातार चार सीजन में 600 या ज्‍यादा रन बनाए। वैसे, आईपीएल में यह छठा सीजन रहा, जहां कोहली ने 600 से ज्‍यादा रन बनाए।

याद दिला दें कि कोहली ने 2023, 2024, 2025 और 2026 सीजन में 600 से ज्‍यादा का स्‍कोर बनाया। उन्‍होंने 2023 में 639 रन बनाए। 2024 में 741 रन, 2025 में 657 रन और 2026 में 600 रन बनाए।

पता हो कि कोहली को 600 रन पूरे करने के लिए 43 रन की दरकार थी। उन्‍होंने राशिद खान द्वारा किए पारी के 8वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सिंगल लेकर अपने 600 रन का आंकड़ा पूरा किया। जेसन होल्‍डर ने क्‍लीन बोल्‍ड करके विराट कोहली की पारी का अंत किया।

विराट कोहली के रिकॉर्ड के आस-पास भी कोई नहीं हैं। कोहली ने आईपीएल में कुल छह सीजन में 600 रन का आंकड़ा पार किया। दिल्‍ली कैपिटल्‍स के ओपनर केएल राहुल इस लिस्‍ट में दूसरे स्‍थान पर काबिज हैं, जिन्‍होंने चार सीजन में 600 या ज्‍यादा रन बनाए। डेविड वॉर्नर, क्रिस गेल और शुभमन गिल ने 3-3 सीजन में 600 से ज्‍यादा रन बनाए।

NATIONAL : बेंगलुरु-चेन्नई इंडिगो फ्लाइट में उड़ान भरने से पहले उठा धुआं, बाल-बाल बचे सभी यात्री

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बेंगलुरु: बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार, 26 मई 2026 को एक बड़ा विमान हादसा होने से बच गया. इंडिगो एयरलाइंस की बेंगलुरु से चेन्नई जाने वाली उड़ान (6E 6017) में उड़ान भरने से ठीक पहले टैक्सीिंग के दौरान अचानक धुआं दिखाई देने से हड़कंप मच गया. हालांकि, पायलट की सूझबूझ के चलते विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

VT-IME के ​​तौर पर रजिस्टर्ड यह एयरक्राफ़्ट फ़्लाइट 6E6017 को ऑपरेट करने की तैयारी कर रहा था और जब यह घटना हुई. तब उसने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पुशबैक प्रोसीजर पूरा कर लिया था. सावधानी के तौर पर इमरजेंसी स्लाइड लगाई गईं और पैसेंजर को एयरक्राफ़्ट से निकाला गया.

एक ऑफिशियल बयान में, इंडिगो के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, “26 मई 2026 को, जब बेंगलुरु से चेन्नई जा रही इंडिगो फ़्लाइट 6E6017 डिपार्चर के लिए रनवे पर टैक्सी कर रही थी, तो एयरक्राफ़्ट में धुआं देखा गया. सेफ़्टी के लिए, तुरंत खाली कराया गया और सभी संबंधित अधिकारियों को इन्फ़ॉर्म किया गया.”

एयरलाइन ने कन्फ़र्म किया कि सभी पैसेंजर और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल बिल्डिंग में वापस ले जाया गया है, जहां सपोर्ट टीम उनकी मदद कर रही है. इंडिगो ने आगे कहा कि फ़्लाइट चलाने के लिए एक दूसरा एयरक्राफ़्ट अरेंज किया गया था और देरी के दौरान पैसेंजर्स को रिफ़्रेशमेंट दिया जा रहा था.

अभी तक, न तो इंडिगो और न ही एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने धुएं की घटना के पीछे की सही वजह बताई है. यह अभी साफ़ नहीं है कि धुआं केबिन, कॉकपिट या एयरक्राफ़्ट के किसी टेक्निकल सिस्टम से निकला था. घटना की वजह के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है क्योंकि अधिकारी स्थिति का असेसमेंट शुरू कर रहे हैं.

NATIONAL : ममता बनर्जी की ‘महा-मुश्किल’ का दौर शुरू: भाजपा के ‘ग्रीन सिग्नल’ के इंतजार में 20 से ज्यादा सांसद, काकोली घोष का इशारा समझें!

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टीएमसी के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक विस्फोट होने की आहट सुनाई दे रहा है. बंगाल की सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी की ‘महा-मुश्किल’ का दौर शुरू हो चुका है. टीएमसी को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है. विधानसभा चुनाव में भाजपा से परास्त हुईं ममता के अच्छे दिन कभी लौट भी पाएंगे, इसमें संदेह का बीजारोपण हो गया है. सत्ता की हनक गई, समर्थक साथ छोड़ रहे, पार्षद भाग रहे और अब सांसदों-विधायकों के भागने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. कौन है टीएमसी सांसद काकोली घोष, जिसने ममता की नींद उड़ा रखी है.

बंगाल में बदलाव हो गया. अब बदलाव के दायरे का विस्तार हो रहा है. बंगाल में 206 सीटों के साथ भाजपा ने सरकार बना ली. ममता बनर्जी की टीएमसी 80 पर ही अटक गई. ममता अब भी मानने को तैयार नहीं कि उनकी हार स्वाभाविक है. यह 15 साल से जनता के भीतर पनप रहे असंतोष और आक्रोश की स्वाभाविक परिणति है. पर, ममता टीएमसी की हार को भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश मानती हैं. वे अपनी हार पर रोज ही विलाप के अंदाज में दोनों को खरी-खोटी सुनाती हैं. अब तो हालत यह हो गई है कि टीएमसी के उनके साथी भी भरोसेमंद नहीं रहे. नगर निकायों के पार्षद थोक में इस्तीफा दे रहे हैं. टीएमसी के ज्यादातर सांसद और विधायक भाजपा के संपर्क में हैं. पार्टी की बैठकों-कार्यक्रमों में उनकी गैरहाजिरी इसका संकेत है. ममता को भी अब लगने लगा है कि उनके लोग जान-बूझ कर दूरी बना रहे हैं. तभी तो उन्हें कहना पड़ रहा है कि जिन्हें जाना है, वे चले जाएं. बचे-खुचे लोगों से वे टीएमसी को पुनर्जीवित कर लेंगी.

विधानसभा चुनावों में हार के बाद नगरपालिकाओं में टीएमसी पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया है. आधा दर्जन से अधिक नगरपालिकाओं में थोक के भाव टीएमसी पार्षदों के इस्तीफे हुए हैं. यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. फालता सीट पर आए नतीजे के बाद डायमंड हार्बर में भी पार्षदों के इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है. पार्षदों के इस्तीफे की शुरुआत उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा से हुई थी. कुल 35 में 30 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफे सौंप दिए. इसी तरह हालीशहर के 23 पार्षदों में 16 ने एक साथ इस्तीफा दे दिया. उत्तर बैरकपुर, गारुलिया और डायमंड हार्बर में इस्तीफों का सिलसिला जारी है. कई और नगरपालिकाओं और निगमों में भी टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफे दिए हैं. कोलकाता नगर निगम में भी टीएमसी के पार्षद पाला बदलने को बेताब दिखते हैं.

ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से अब तक जितनी बैठकें की हैं, उनमें पार्टी के सभी विधायक नहीं शामिल हुए. शामिल न होने की कोई वजह बताना भी विधायकों ने मुनासिब नहीं समझा. चूंकि बैठकें टीएमसी चीफ ममता ने बुलाई थीं, इसलिए सबकी उपस्थिति जरूरी थी. खासकर तब, जब पार्टी के सामने अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया है. टीएमसी के सांसद भी ममता से दूरी बनाने लगे हैं. चुनाव परिणाम आने के बाद ममता की बुलाई पहली ही बैठक से 10-12 नवनिर्वाचित विधायक नदारद रहे. विरोध प्रदर्शनों में सभी विधायकों की भागीदारी ममता बनर्जी सुनिश्चित नहीं कर पाईं.

इतना ही नहीं, अब तो ममता बनर्जी और उनके भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर भी सांसद-विधायक खुल कर सवाल उठाने लगे हैं. टीएमसी के सामने 2021 के बाद यह दूसरा बड़ा संकट है. कालीघाट में हुई समीक्षा बैठकों में कुणाल घोष, रितुव्रत बनर्जी जैसे वरिष्ठ विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के फैसलों पर सीधे सवाल उठाए. विधायकों का मानना है कि बंद कमरों में रणनीति बनाने से पार्टी फिर से मजबूत नहीं होगी. इसके लिए कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरना होगा. बागी नेताओं का आरोप है कि बंद कमरे में आलाकमान द्वारा लिए गए फैसले जबरदस्ती नेताओं पर थोपे गए, जिससे जमीनी स्तर के नेताओं और पार्षदों ने पार्टी से दूरी बनाना शुरू कर दिया है.

टीएमसी के संकट को इससे भी समझा जा सकता है. ममता ने 4 बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार से लोकसभा में मुख्य सचेतक का पद छीन कर कल्याण बनर्जी को दे दिया. इससे काकोली की नाराज हुईं. ममता का यह फैसला उन्हें पार्टी के भीतर अपना अपमान लगा. भाजपा ने उनकी नाराजगी को भुना लिया. केंद्र सरकार ने काकोली को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ‘Y’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई है. इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर उन्हें यह सुरक्षा दी गई है. सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब टीएमसी के लिए राजनीतिक रणनीति बनाने वाली आई-पैक (I-PAC) के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया है. काकोली की नाराजगी सामान्य बात इसलिए नहीं है कि यह सांसदों में भगदड़ का संकेत हो सकता है. उनकी तरह और भी कई सांसद हैं, जो पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं.

टीएमसी के एक सांसद की बातों पर भरोसा करें तो आने वाले कुछ दिनों में ममता बनर्जी को जोर का झटका लगने वाला है. लोकसभा में टीएमसी के अभी 29 सांसद हैं. लोकसभा में सर्वाधक सांसदों वाली विपक्ष की यह दूसरी पार्टी है. पर, अब यह स्थिति बदलने वाली है. भाजपा से ग्रीन सिग्नल मिला तो झटके में 20-25 लोग पाला बदल सकते हैं. कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और अन्य एक-दो सांसदों को छोड़ कर बाकी को साथ लेने के लिए भाजपा तैयार है. चर्चा है कि अगले ही महीने भाजपा इसे मूर्त रूप दे सकती है. लोकसभा में अभी भाजपा के 240 सांसद हैं. बहुमत का आंकड़ा 272 का है. अगर टीएमसी के सांसद टूट कर भाजपा के साथ जाते हैं तो भाजपा सांसदों की लोकसभा में संख्या बहमत के आंकड़े के करीब हो सकती है. अभी केंद्र में भाजपा के ही नेतृत्व में सरकार है, लेकिन अकेले बहुमत न रहने के कारण उसे एनडीए के साथी दलों के सहारे सरकार बनानी पड़ी है.

NATIONAL : आतंकियों के निशाने पर भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, ISI समर्थित गैंगस्टर ने दी धमकी, एटीएस ने पकड़े स्लीपर सेल

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पाक समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी अब भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी दे रहा है।

आईएसआई के निशाने पर खास तौर पर वह भारतीय इन्फ्लुएंसर हैं जो सोशल मीडिया पर गोरक्षा सहित हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर पाकिस्तानी गैंगेस्टर व इन्फ्लूएंसर्स को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पिछली 23 अप्रैल को नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे।

इन्हें लखनऊ, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र व बिहार में कई संवेदनशील इमारतों पर हैंड ग्रेनेड से आतंकी हमले का प्रशिक्षण दिया गया था। एटीएस को इनके मोबाइल से कई रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनमें ग्रुुप काल के जरिए भारतीय इन्फ्लूएंसरों को धमकी दी जा रही है।

रिकॉर्डिंग में गाजियाबाद के इन्फ्लूएंसर अभिषेक ठाकुर व दक्ष चौधरी को हैंड ग्रेनेड व राकेट लांचर के हमले से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही यह धमकी भी दी जा रही है कि गर्दन काटकर शरीर में पीतल भर दूंगा।

गौरतलब है कि अभिषेक ठाकुर व दक्ष चौधरी पिछले कुछ समय से गोरक्षा व हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले कानून व्यवस्था भंग करने के मामले में मथुरा पुलिस ने दोनों के विरुद्ध कार्रवाई भी की थी। दोनों यू-ट्यूबरों ने पाकिस्तानी गैंगेस्टर व सोशल मीडिया इन्फ्यूएंसरों को गोरक्षा व हिंदुत्व के मुद्दे पर कई बार चुनौती भी दी है।

BIHAR : ‘SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं’, आ गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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बिहार में SIR को लेकर आज ‘सुप्रीम’ फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है और यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है. इस फैसले के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग की जो शक्तियां हैं वह बरकरार हैं.

असल में याचिकाओं में पहले दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है.

इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था. 27 मई 2026 बुधवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह वैध और कानूनी है.

WORLD : मोजतबा खामेनेई ने इजराइल को बताया कैंसर, तो नेतन्‍याहू के मंत्री बोले- आपके अब्‍बू ने भी यही कहा था

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मोजतबा खामेनेई के लिखित बयानों के जवाब में इजरायली विदेश मंत्री गिदोन साआर ने X पर लिखा, “यह जाना-पहचाना सा लग रहा है. मुझे याद है कि इसी तरह के सरनेम वाले किसी व्यक्ति ने यही बात कही थी. वैसे, आप कहाँ हैं?”

ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमलों से गुस्से में लाल सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इजराइल और अमेरिका पर बरस पड़े. एक लंबे-चौड़े ट्वीट में उन्होंने इजराइल को कैंसर का ट्यूमर तक बता दिया. इसके बाद इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने पलटकर जवाब दिया और संकेतों में कहा कि आपके अब्बू भी यही कहा करते थे.

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने ट्वीट करते हुए कहा, “लड़खड़ाता हुआ ज़ायोनी शासन और इजराइल नाम का कैंसर का ट्यूमर अपने घिनौने अस्तित्व के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहे हैं.” अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद इस्लामी उम्माह और दुनिया के दमित लोगों के आम नारे बन जाएँगे.”

उनके इस ट्वीट पर कुछ घंटे पहले इजराइली विदेश मंत्री ने खामेनेई के लिखित संदेश का जवाब दिया. मोजतबा खामेनेई के लिखित बयानों के जवाब में इजरायली विदेश मंत्री गिदोन साआर ने X पर लिखा, “यह जाना-पहचाना सा लग रहा है. मुझे याद है कि इसी तरह के सरनेम वाले किसी व्यक्ति ने यही बात कही थी. वैसे, आप कहाँ हैं?”
खामेनेई ने अपने एक ट्वीट में 10 साल पहले अपने पिता के बयानों को याद करते हुए कहा कि इजराइल “25 साल बाद का इतिहास नहीं देख पाएगा.”

मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे. खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अब अमेरिका के लिए खाड़ी क्षेत्र सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा.

भले ही सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान हो चुका है लेकिन अमेरिका की दक्षिण ईरान पर की गई कार्रवाई के बाद अब आईआरजीसी ने बड़ा दावा किया है. पहले अमेरिका ने दावा किया कि उसने अपनी रक्षा में दक्षिणी ईरान की नावों पर हमला किया है. इसके जवाब में अब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है.

इसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह ट्वीट पर वॉर देखने को मिल रही है. मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे. खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अब अमेरिका के लिए खाड़ी क्षेत्र सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा.

NATIONAL : महायुद्ध 2.0 की शुरुआत: ईरान का बड़ा दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया

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खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध का दूसरा चरण शुरू होता दिख रहा है। अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान की नावों पर किए गए हमले के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने एक बड़ा दावा किया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने पर अमेरिका के एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और खतरनाक F-35 लड़ाकू विमान को भी अपने एयरस्पेस से खदेड़ने का दावा करते हुए चेतावनी दी है कि युद्धविराम के उल्लंघन पर वे कड़ी जवाबी कार्रवाई करेंगे।

इस सैन्य टकराव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और अमेरिका को लेकर बेहद आक्रामक बयान दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने साफ लफ्जों में कहा है कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे और यह क्षेत्र अब अमेरिका के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा। उन्होंने बकरीद के मौके पर अपने संदेश में कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका का प्रभाव लगातार कमजोर हो रहा है और अब क्षेत्र के देश पहले जैसे पुराने हालातों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

तनाव के इस माहौल के बीच दोनों देशों के बीच परदे के पीछे युद्ध रोकने की बातचीत भी चल रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच 14 बिंदुओं वाले संभावित समझौते पर चर्चा आगे बढ़ी है, जिसमें 60 दिनों का युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलना शामिल हो सकता है। हालांकि, अंतिम समझौता अभी दूर है क्योंकि मामला परमाणु मुद्दे पर अटका हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को खत्म करे, जिस पर तेहरान पूरी तरह राजी नहीं है। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल और प्रतिबंधों को लेकर भी मतभेद बरकरार हैं।

ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने दक्षिण ईरान में अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देते हुए अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और F-35 लड़ाकू विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) से पीछे हटने और भागने पर मजबूर कर दिया।

दोनों देशों के बीच बातचीत मुख्य रूप से परमाणु मुद्दे पर अटकी है, जहाँ अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम भंडार को नष्ट करे। इसके अलावा ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और हिज्बुल्लाह जैसे समूहों को ईरान के समर्थन को लेकर भी दोनों पक्षों में गहरे मतभेद हैं।

WORLD : ईरान पर फिर अमेरिका का हमला, होर्मुज से लगे बंदर अब्बास में धमाके, कहा- सेल्फ डिफेंस में किया

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सीजफायर के बीच ईरान पर फिर अमेरिका का हमला, इसबार होर्मुज से लगे ईरान के दक्षिणी इलाके बंदर अब्बास में मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइन्स बिछाने वाली नावों को निशाना बनाया गया है.

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें लगाने वाली नावों पर आत्मरक्षा के लिए हमला किया हैअमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह हमला सैनिकों की सुरक्षा के लिए और खतरे से बचाने के लिए किया गया हैईरान के बंदर अब्बास में तीन धमाकों की आवाज सुनाई दी और वहां एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए सीजफायर और बातचीत चल रही थी, लेकिन इसी दौरान अमेरिका ने ईरान पर “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” यानी आत्मरक्षा के नाम पर हमला कर दिया. इस हमले के बाद शांति वार्ता पर खतरा मंडराने लगा है. अमेरिका ने दावा किया कि उसने अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइन्स बिछाने वालीं नावों को निशाना बनाया है. दूसरी तरफ ईरान के बंदर अब्बास इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद वहां एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय कर दिया गया. इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ा दिया है.

अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी सेना ने सोमवार को ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट्स और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद नावों पर “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” यानी आत्मरक्षा में हमला किया. यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दी. CNN की रिपोर्ट के अनुसार सेंटकॉम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिंस ने कहा, “अमेरिकी सेना ने आज दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत हमला किया, ताकि ईरानी बलों से हमारे सैनिकों को होने वाले खतरे से बचाया जा सके.”

उन्होंने आगे कहा, “निशानों में मिसाइल लॉन्च साइट्स और ऐसी ईरानी नावें शामिल थीं जो समुद्र में बारूदी सुरंगें (माइन्स) लगाने की कोशिश कर रही थीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड सीजफायर के दौरान संयम बरतते हुए भी अपने सैनिकों की रक्षा करता रहेगा.”

बता दें कि इससे पहले भी सीजफायर के दौरान अमेरिका और ईरानी बलों के बीच झड़प हो चुकी है. मई की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने ईरान की उन सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया था, जिन पर अमेरिकी युद्धपोतों पर “बिना उकसावे” के मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमले करने का आरोप था. ये युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे.

ईरान से क्या खबर आई है?
मंगलवार तड़के ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में तीन धमाकों की आवाज सुनी गई. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने “सूत्रों” के हवाले से एक छोटे बयान में यह जानकारी दी. धमाकों की वजह की तुरंत आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई लेकिन अब अमेरिका ने खुद बता दिया है कि हमला उसकी तरफ से किया गया.

बाद में IRGC ने एक और बयान में कहा कि बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास विस्फोट की आवाज सुनी गई है. यह भी कहा कि बंदर अब्बास में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम “दुश्मन के निशानों का मुकाबला करने के लिए सक्रिय कर दिया गया है.” वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (इरना) ने भी बताया कि आधी रात के आसपास बंदर अब्बास शहर में लगातार कई धमाकों की आवाज सुनी गई. ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने चश्मदीदों के हवाले से कहा कि फारस की खाड़ी में सीरिक और जास्क के पास भी इसी तरह की आवाजें सुनी गईं.

इससे पहले खबरों में कहा गया था कि ईरान की सेना ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में एक दुश्मन ड्रोन को मार गिराया है.
बंदर अब्बास दक्षिणी ईरान में स्थित है जहां ईरान का एक अहम नौसैनिक और वायुसेना अड्डा मौजूद है. बंदर अब्बास रणनीतिक रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे है.

NATIONAL : महिलाओं को मिलेंगे 3 हजार और ₹5 में मछली-चावल, स्कूल-मंदिरों के पास शराबबंदी, बंगाल सरकार का एलान

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पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने राज्य की जनता के लिए लोक-कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। मंगलवार, 26 मई 2026 को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गरीब, महिला और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई ऐतिहासिक नीतिगत फैसलों का एलान किया।

सरकार ने जहां एक तरफ बेहद रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सशक्तिकरण और राज्य में ‘कानून का शासन’ स्थापित करने के लिए आबकारी नियमों में कड़ा विधिक बदलाव किया है।

मुख्यमंत्री ने गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि पूरे पश्चिम बंगाल में विशेष सरकारी कैंटीनें शुरू की जाएंगी। इन कैंटीनों के माध्यम से राज्य के नागरिकों को मात्र ₹5 में मछली-चावल (Fish-Rice) का पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस कूट योजना के जरिए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ की आधिकारिक समय-सीमा की घोषणा भी कर दी।

राज्य की सामाजिक और शैक्षणिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने आबकारी नीति (Excise Policy) पर कड़ा प्रहार किया है। नए विधिक नियमों के तहत अब पश्चिम बंगाल में किसी भी स्कूल, कॉलेज और मंदिर के 1 किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों के संचालन की अनुमति नहीं होगी।

शासक का नहीं, कानून का शासन: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, “बंगाल में अब एक पूरी तरह नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। यहां अब किसी विशिष्ट शासक का तानाशाही शासन नहीं, बल्कि पूरी निष्पक्षता से ‘कानून का शासन’ (Rule of Law) चलेगा।”
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मुख्यमंत्री ने अपने जनसंपर्क दौरों का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, जो हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के सिद्धांत पर विश्वास रखती है, उसे बंगाल की जनता ने अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है। इसी जन-आदेश के कारण राज्य में नए लोग विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बने हैं। हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल साफ है कि हमारा घोषणापत्र और सुशासन के विचार सबसे पहले प्रशासन के हर स्तर और हर कर्मचारी तक पहुंचने चाहिए, ताकि बिना किसी कूट भेदभाव के जनता के काम त्वरित गति से हो सकें।

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