Sunday, March 22, 2026
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UP : गोरखपुर में फर्जी IAS दूल्हा… 15 लाख लेकर रचाई शादी, दुल्हन को गोवा ले जाकर बेचने की थी साजिश

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर शादी रचा ली और दुल्हन के परिवार से 30 लाख रुपये ऐंठ लिए. विदाई के बाद सच्चाई सामने आई तो पता चला कि वह कोई आईएएस नहीं है. इसी के साथ आरोप लगाया गया है कि वह दुल्हन को बेचने की साजिश रच रहा था. इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शादी के नाम पर एक सनसनीखेज ठगी और साजिश की कहानी सामने आई है. यहां एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर एक परिवार को झांसे में लिया और धूमधाम से शादी रचा ली. शादी में उसने 15 लाख रुपये कैश ले लिए. लेकिन विदाई के बाद जैसे ही सच्चाई सामने आई, परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई.

पीड़ित परिवार कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर इलाके का रहने वाला है, जो अपनी बेटी के लिए एक अच्छे रिश्ते की तलाश में था. इसी दौरान उनकी मुलाकात एक ग्रुप के जरिए इटावा के रहने वाले प्रीतम से हुई. आरोपी ने अपने बायोडाटा में खुद को IAS अधिकारी बताया और अपनी तैनाती मनिकपुर में होने का दावा किया.

परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने कथित इंटरव्यू के वीडियो, ऑफिस की तस्वीरें और कुछ नेताओं के साथ अपनी फोटो भी भेजीं. शुरुआत में उसने बिना दहेज शादी की बात कही, लेकिन बाद में शादी के खर्च के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी. सगाई के दौरान 10 लाख रुपये कैश और तिलक में 5 लाख रुपये दिए गए. कुल मिलाकर लड़की के परिवार ने शादी में करीब 30 लाख रुपये खर्च कर दिए.

जब बेटी की विदाई हो गई तो युवक के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई. बेटी ने कॉल किया तो परिवार इटावा पहुंच गया. देखा कि युवक बेटी को एक कमरे में रखे हुए है. दूल्हा और उसकी बहन मौके से फरार हो गए. वापस लौटने के बाद दुल्हन के पिता ने गोरखपुर के कैंट थाने में शिकायत कर कहा कि विदाई के बाद पूरे रास्ते बेटी से छेड़छाड़ भी की गई.

उन्होंने शिकायत में कहा कि हम लोग अगर नहीं पहुंचते तो आरोपी बेटी को कहीं बाहर बेचने की तैयारी में भी था, उसका पूरा परिवार मिलकर ये साजिश रच रहा था. दुल्हन के पिता ने कैंट थाने में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है.

रिश्ते की बात करते समय दुल्हन के परिवार के लोगों ने ज्यादा छानबीन नहीं की, इस डर से कि कहीं कोई रिश्ते में अड़चन न डाल दे. आरोपी ने कहा था कि वह दहेज के बगैर शादी करेगा, लड़की पसंद आनी चाहिए. इसके बाद इंगेजमेंट से उसने शादी में खर्च के नाम पर 15 लाख की मांग कर दी. मजबूरी में सगाई के दिन परिवार ने 10 लाख रुपए कैश दे दिए और लाख रुपये तिलक वाले दिन दे दिए.

युवक ने कहा कि घर गृहस्थी का सारा सामान बाद में दीजिएगा, क्योंकि उसकी पोस्टिंग बाहर रहती है. इसके बाद 11 मार्च 2026 को नंदा नगर स्थित मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई. पीड़ित ने करीब 30 लाख रुपए खर्च कर दिए. बारातियों के ठहरने के लिए मोहद्दीपुर स्थित होटल में व्यवस्था की गई.

पीड़ित का आरोप है कि युवक पहले भी दो शादियां कर चुका है. 12 मार्च को विदाई के बाद शादी में आए एक व्यक्ति से पता चला कि युवक IAS नहीं है. इसके बाद परिजन बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां एक छोटे से कमरे में बेटी मिली. आरोपी प्रीतम और उसकी बहन फरार हो गए थे. स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले दो शादियां फर्जी पहचान के आधार पर की हैं.

दुल्हन के पिता का आरोप है कि आरोपी दुल्हन को गोवा ले जाकर बेचने की तैयारी में था. अपने घर लौटने के बाद दुल्हन ने भी यही आरोप लगाया. दुल्हन ने कहा कि वह अभद्र व्यवहार कर रहा था. आरोपी शातिर जालसाज है, जो फर्जी पद और दस्तावेज के जरिए लोगों को ठगता है. वह लड़कियों की तस्करी में भी शामिल हो सकता है. वहीं इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है. परिवार के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है. आरोपियों को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी.

Mathura : कौन थे गो रक्षक ‘फरसा वाले बाबा’? हाथ में रखते थे कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र, जिनकी मौत के बाद मचा बवाल

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मथुरा में गो रक्षक फरसा वाले बाबा का असली नाम संत चंद्रशेखर था. वो ब्रज क्षेत्र में गो तस्करी के विरोध में काफी सक्रिय थे और यहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक हैं
उत्तर प्रदेश के मथुरा में गो रक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद जमकर बवाल देखने को मिला, भारी संख्या में उनके समर्थक और आसपास को लोग आगरा-मथुरा हाईवे पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई. आक्रोशित लोगों को शांत करने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज तक करना पड़ा.

फरसा वाले बाबा की मौत के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है. उनके समर्थकों कहना है कि फरसा वाले बाबा गो तस्करों को पकड़ने के लिए शनिवार तड़के चार बजे मोटरसाइकिल से निकले थे जिसके बाद गो तस्करों ने ट्रक से कुचलकर कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी. लोगों ने पुलिस से इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. इस घटना ने इलाके में एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है.

मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का असली नाम संत चंद्रशेखर था. वो अपने साथ कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र फरसा रखते थे. जिसकी वजह से ही उनके समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ कहकर बुलाते थे. मथुरा के कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ तस्करी को रोकने के लिए सक्रिय रहते थे.

चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाते थे. ब्रज क्षेत्र में उन्हें एक प्रखर बेहद प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक के तौर पर जाना जाता था. वो हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे और गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे. ब्रज क्षेत्र में उनकी काफी लोकप्रियता थी.

बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह चार बजे फरसा वाले बाबा को गोतस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वो अपनी मोटर साइकिल से निकले थे. आरोपी है कि गो तस्करों की पीछा करते समय कुछ तस्करों ने पीछे उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और उनके समर्थक सड़क पर उतर आए. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है. उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं.

ENTERTAINMENT : बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ का क्रेज देख चौंके राकेश बेदी, बोले- ‘अंदाजा था, लेकिन ये नहीं सोचा था’

‘धुरंधर : द रिवेंज’ में राकेश बेदी ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को चौंका दिया है. उनके किरदार ने फिल्म में ऐसा ट्विस्ट लाया है कि हर कोई सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहा है.

इन दिनों सिनेमाघरों और सोशल मीडिया पर फिल्म ‘धुरंधर : द रिवेंज’ को लेकर अलग ही माहौल बना हुआ है. फिल्म की रिलीज के बाद दर्शकों के बीच इसका जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है, लेकिन खास बात यह है कि इस बार चर्चा सिर्फ लीड कलाकारों की नहीं, बल्कि राकेश बेदी की हो रही है, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से सभी को चौंका दिया. फिल्म में उनका किरदार सबसे बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है.

हाल ही में राकेश बेदी ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में एक इंटरव्यू का वीडियो शेयर किया, जिसमें फिल्म की सफलता को लेकर उन्होंने बताया कि ‘फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी मजबूत थी कि रिलीज से पहले ही टीम को भरोसा था कि यह लोगों को पसंद आएगी. राकेश ने हंसते हुए कहा कि निर्देशक आदित्य धर ने उनसे मजाक में कहा था कि पहले से कुछ टोकरी खरीद लो, क्योंकि फिल्म के बाद इतने अवॉर्ड मिलेंगे कि रखने की जगह कम पड़ जाएगी. उन्हें अंदाजा तो था कि फिल्म चलेगी, लेकिन ये नहीं सोचा था कि इसका क्रेज इतना बढ़ जाएगा.’

राकेश ने अपने अनुभव को क्रिकेट से जोड़ते हुए कहा कि वो लंबे समय से एक अच्छे मौके का इंतजार कर रहे थे और इस फिल्म ने उन्हें वही मौका दिया, जिस पर उन्होंने ‘छक्का’ मार दिया. सोशल मीडिया पर भी उनके अभिनय की खूब तारीफ हो रही है और लोग उन्हें फिल्म का ‘हुकुम का इक्का’ बता रहे हैं.

बता दें, फिल्म में राकेश बेदी ने एक पाकिस्तानी नेता ‘जमील जमाली’ का किरदार निभाया है, जो बाहर से नॉर्मल इंसान दिखता है लेकिन अंदर से काफी चालाक है. पहले पार्ट में उनका किरदार ज्यादा जरूरी नहीं लगता, लेकिन दूसरे पार्ट में इसकी असली सच्चाई सामने आती है, जो दर्शकों को चौंका देती है. उनका रोल फिल्म का सबसे बड़ा ट्विस्ट बनकर सामने आया है, जिसके बाद सभी उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

SPORTS : रोहित-कोहली या धोनी, IPL 2026 में खेलने का किसे मिल रहा सबसे ज्यादा पैसा?

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IPL 2026 में एमएस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर एकसाथ खेलते नजर आएंगे. यहां जान लीजिए उनमें सबसे ज्यादा सैलरी किसको मिलेगी?

28 मार्च से IPL 2026 सीजन का आगाज होने वाला है. सबकी नजरें एक बार फिर रोहित शर्मा, विराट कोहली और एमएस धोनी पर टिकी होंगी. एक तरफ धोनी एक साल बाद कोई प्रतिस्पर्धात्मक मैच खेल रहे होंगे, वहीं रोहित और कोहली भी कई महीनों बार क्रिकेट मैदान पर दिखेंगे. क्रिकेट की दुनिया में तीनों दिग्गजों का कद बहुत ऊंचा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनमें सबसे ज्यादा पैसा कौन कमा रहा है?

किसे मिल रहा सबसे ज्यादा पैसा?
सबसे पहले एमएस धोनी की बात करें तो उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स इस बार सिर्फ 4 करोड़ रुपये दे रही है. दरअसल धोनी को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट लिए 5 साल से ज्यादा समय हो गया है, जिसके कारण BCCI के नियमानुसार उन्हें मिनी ऑक्शन में अनकैप्ड खिलाड़ियों की सूची में रखा गया था. इस वजह से उन्हें सिर्फ 4 करोड़ रुपये मिलेंगे.

रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के लिए खेलेंगे और IPL 2026 में उन्हें MI 16.30 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी. 2024 सीजन से ही मुंबई की कप्तानी हार्दिक पांडया कर रहे हैं.

तीनों में सबसे ज्यादा पैसा विराट कोहली को मिलेगा. 2025 के मेगा ऑक्शन से पूर्व विराट कोहली को RCB ने विराट कोहली को 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. आईपीएल 2026 में भी उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू इतनी ही रकम देने वाली है.

एमएस धोनी – 4 करोड़
रोहित शर्मा – 16.30 करोड़
विराट कोहली – 21 करोड़
विराट, रोहित और धोनी का करियर
इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है. वो अब तक 267 मैच खेलकर 8661 रन बना चुके हैं और वो आईपीएल में आठ हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले बल्लेबाज भी हैं. रोहित शर्मा सबसे ज्यादा रन बनाने की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं, जो अब तक 7,046 रन बना चुके हैं. वहीं एमएस धोनी ने अपने करियर में 5439 रन बनाए हैं.

BUSINESS : क्या होता है Platform Fee जिसके बढ़ने से Zomato और Swiggy पर खाना ऑर्डर करना हो जाएगा महंगा?

जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस (Platform Fee) बढ़ा दी है. पहले यह 12.50 रुपये थी और अब 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर है. यानी कि इसमें सीधे 2.40 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने एक बार फिर से अपनी प्लेटफॉर्म फीस (Platform Fee) बढ़ा दी है. कंपनी ने बीते शुक्रवार से अपनी प्लेटफॉर्म फीस 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है, जो कि 2.40 रुपये की बढ़ोतरी है.

प्लेटफॉर्म फीस एक तरह का चार्ज होता है, जो हर ग्राहक को देना पड़ता है. डिलीवरी चार्ज राइडर को जाती है, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस सीधे कंपनी की जेब में जाती है. प्लेटफॉर्म फीस इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपने कितने का खाना मंगाया है. यह रकम पहले से फिक्स्ड होती है.

कंपनियां ऑपरेटिंग खर्च को चलाने, ऐप को मैनेज करने और मुनाफा कमाने के लिए प्लेटफॉर्म फीस वसूलती हैं. प्लेटफॉर्म फीस का बढ़ना फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में बढ़ती लागत के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है क्योंकि कंपनियां अपने मार्जिन को बेहतर बनाने और ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करने की लगातार कोशिश कर रही हैं.

पिछले कुछ सालों में Zomato ने इस फीस को धीरे-धीरे बढ़ाते हुए अब 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर तक पहुंचा दिया है. इस बढ़ोतरी से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों के लिए कुल लागत थोड़ी बढ़ सकती है. फीस में यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हुई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी का खर्च बढ़ रहा है. कंपनी अपने बढ़े हुए खर्च को मैनेज करने के लिए ऐसा कर रही है.

बताया जा रहा है प्लेटफॉर्म फीस में प्रति ऑर्डर 2.40 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनी को हर तीन महीने में लगभग 64-65 करोड़ के अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है.

LIFESTYLE : श्रीराम मंदिर के शिखर पर बदला गया ध्वज, सैन्य तकनीक और परंपरा का अद्भुत मेल

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अयोध्या के भव्य मंदिर शिखर पर हिंदू नववर्ष पर सैन्य तकनीक से निर्मित नवीन ध्वज फहराया गया. सूर्यदेव और ‘ऊं’ अंकित यह ध्वज सनातन संस्कृति, अटूट श्रद्धा और रघुकुल के गौरव का प्रतीक है.

रामनगरी में नववर्ष का शंखनाद: हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या से आस्था और राष्ट्र के गौरव को समाहित करने वाली एक भव्य खबर सामने आई है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज परिवर्तन का अनुष्ठान संपन्न हुआ. यह आयोजन केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान और आध्यात्मिक ऊर्जा के नवीनीकरण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है.

मंदिर प्रशासन के अनुसार, शिखर पर फहराया गया यह नवीन ध्वज भारतीय गौरव और रघुकुल की मर्यादाओं का संगम है. इस ध्वज पर तीन विशेष चिह्न अंकित हैं, जो इसके महत्व को कई गुना बढ़ा देते हैं:

अयोध्या में ध्वज परिवर्तन की यह परंपरा अब एक व्यवस्थित रूप ले चुकी है. मंदिर व्यवस्था से जुड़े गोपाल नागरकट्टे और गोपाल राव ने जानकारी दी कि अब से हर साल चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर के शिखर का ध्वज बदला जाएगा.

इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उस ऐतिहासिक क्षण को भी याद किया, जब 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं मंदिर के शिखर पर ध्वज स्थापित किया था. वह क्षण मंदिर निर्माण की पूर्णता और राष्ट्र के सांस्कृतिक गौरव का संदेश था. वर्तमान में किया गया यह ध्वज परिवर्तन उसी गौरवशाली यात्रा का निरंतरता है.

सैन्य तकनीक और आधुनिकता का बेजोड़ नमूना
इस ध्वज की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बनावट और मजबूती है. यह कोई साधारण वस्त्र नहीं है, इसे आयुध पैराशूट कारखाना (Ordnance Parachute Factory) में विशेष सैन्य तकनीक से तैयार किया गया है.

मजबूती: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भीषण गर्मी, तेज वर्षा और तूफानी हवाओं के बीच भी अपनी चमक और मजबूती बनाए रखे.
तकनीक: इसमें वही तकनीकी मानक अपनाए गए हैं जो उच्च सुरक्षा वाली सैन्य सामग्रियों में उपयोग किए जाते हैं, ताकि मंदिर की दिव्यता के साथ-साथ ध्वज की अखंडता भी सुरक्षित रहे.
भक्तिमय वातावरण और जन-उत्साह
चैत्र प्रतिपदा (हिंदू नववर्ष) के दिन जब नवीन ध्वज मंदिर के शिखर पर लहराया, तो पूरी अयोध्या ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठी. भक्तों के लिए यह दृश्य आत्मिक शांति और विजय का प्रतीक था. मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे शुभ संकेत मानते हुए नववर्ष का स्वागत किया.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि CN24 हिन्दी किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

UP : हवस का विरोध करने पर ससुर ने छीन ली विधवा बहू की जिंदगी, मासूम पोती के सामने मार डाला

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महोबा में ससुर ने कथित तौर पर अपनी विधवा बहू की लोहे की रॉड से हत्या कर दी. बहू ने उसकी गलत नीयत का विरोध किया था, जिसके बाद यह वारदात उसकी बेटी के सामने हुई.

उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद का चरखारी इलाका एक ऐसी वारदात से दहल उठा, जिसने ससुर और बहू के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है. ग्राम कुरौराडांग के रहने वाले सरकारी राशन विक्रेता दयाराम पाल ने अपनी विधवा बहू सुखदेवी के सिर पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी जान ले ली. इस खौफनाक वारदात के वक्त मृतका की 16 वर्षीय बेटी प्रतिज्ञा अपनी मां को बचाने के लिए चीखती रही, लेकिन पत्थर दिल ससुर और उसके साथियों का दिल नहीं पसीजा.

मृतका के पिता लखन पाल ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में ससुर दयाराम पर बेहद गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाए हैं. पिता का कहना है कि उनकी पुत्री के पति आशाराम की मृत्यु साल 2025 के प्रयागराज कुंभ मेले की भगदड़ में हो गई थी. दामाद की मौत के बाद से ही ससुर दयाराम अपनी विधवा बहू पर बुरी नीयत रखता था और उसे हवस का शिकार बनाना चाहता था.

मृतका ने कई बार इस प्रताड़ना की जानकारी अपने मायके में दी थी, जिसे लेकर गांव के संभ्रांत लोगों के बीच समझौता भी कराया गया था, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. बीते दिन जब सुखदेवी घर पर अकेली थी, तब दयाराम ने उसे दबोच लिया. विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी के अन्य परिजनों कीरत और योगेंद्र ने भी सुखदेवी के साथ मारपीट की और अंत में लोहे की रॉड से उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया.

घायल अवस्था में सुखदेवी को जिला अस्पताल महोबा रेफर किया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. वारदात को अंजाम देकर आरोपी दयाराम मोटरसाइकिल से फरार हो गया. बताया जा रहा है कि भागते समय वह राठ थाना क्षेत्र के नौरंगा ग्राम के पास दुर्घटना का शिकार होकर घायल भी हुआ, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही वह अस्पताल से भी भाग निकला. फरार ससुर व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है. पीछे छूट गए हैं दो मासूम बच्चे 10 साल का हिमांशु और 16 साल की प्रतिज्ञा, जिनके सिर से अब पिता के बाद मां का साया भी छिन गया है.

MP : राजगढ़ मंदिर में धमकियों से डरा पुजारी, भगवान जगन्नाथ की मूर्तियों को लेकर रातों-रात हुआ फरार! जानिए पूरी कहानी?

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में मंदिर के पुजारी रातों-रात भगवान की मूर्तियों को अपने साथ लेकर शहर छोड़ गए. इस घटना के बाद स्थानीय श्रद्धालु स्तब्ध रह गए. मंदिर के पुजारी ने ऐसा क्यों किया?

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सिर्फ एक मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की धार्मिक भावनाओं को झकझोर दिया है. यहां भगवान जगन्नाथ मंदिर अचानक सूना हो गया न आरती, न घंटियां, न दर्शन.वजह बनी धमकियां, डर और लाचारी, जिसके चलते मंदिर के पुजारी रातों-रात भगवान की प्रतिमाएं अपने साथ लेकर शहर छोड़ गए.

राजगढ़ मंदिर में धमकियों से डरा पुजारी, भगवान जगन्नाथ की मूर्तियों को लेकर रातों-रात हुआ फरार! जानिए पूरी कहानी?

सुबह खुला मंदिर, लेकिन नहीं थे भगवान
शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु रोज की तरह पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो गर्भगृह खाली देखकर स्तब्ध रह गए. भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं वहां नहीं थीं.

यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि मंदिर से जुड़े डॉक्टर एस. प्रसाद वहीं बैठकर फूट-फूट कर रो पड़े. श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि आस्था के टूटने जैसा था.

मंदिर में लगे CCTV फुटेज में पूरी घटना साफ दिखाई दी. देर रात पुजारी विष्णु दास मंदिर में प्रवेश करते हैं. विधिवत पूजा और प्रणाम करते हैं. इसके बाद मंदिर की लाइट और कैमरे बंद कर देते हैं, फिर प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से अपने साथ लेकर निकल जाते हैं.

यह कोई चोरी नहीं थी, बल्कि एक मजबूर पुजारी का फैसला था, जो हालात से हार चुका था.

“मैं मजबूर हूं…” – पुजारी का वीडियो आया सामने
घटना के बाद पुजारी विष्णु दास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि मजबूरी में जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार गालियां दी जा रही थीं, धमकाया जा रहा था और यहां तक कि मारपीट भी की गई.

सबसे गंभीर बात उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी सहयोग नहीं मिला.

मंदिर बना था आस्था का केंद्र
यह मंदिर साल 2021 में रामनवमी के दिन स्थापित हुआ था. भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं विशेष रूप से पुरी से लाई गई थीं और विधि-विधान से स्थापित की गई थीं.

धीरे-धीरे यह स्थान स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बन गया जहां रोज आरती, भजन-कीर्तन और हर साल रथ यात्रा का आयोजन होता था.

पांच साल की सेवा, एक रात में सब खत्म
पुजारी विष्णु दास पिछले करीब पांच वर्षों से यहां सेवा कर रहे थे. वे मंदिर परिसर में ही रहते थे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की सेवा में लगे रहते थे. लेकिन लगातार बढ़ते दबाव और डर ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.

विवाद की जड़: असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
मंदिर के आसपास कुछ लोग गांजा पीने और नशा करने के लिए इकट्ठा होते थे. आरोप है कि ये लोग मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे और इसी वजह से पुजारी को हटाने के लिए लगातार धमकियां दे रहे थे.

एक वीडियो में भी देखा गया कि एक व्यक्ति खुलेआम पुजारी से कह रहा है कि, “हम यहां गांजा बेचेंगे, जो करना है कर लो…” यह सिर्फ बदसलूकी नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की खुली चुनौती थी.

प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो यह स्थिति नहीं बनती. पुजारी की शिकायत के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि मंदिर ही खाली हो गया.

आस्था बनाम डर: बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक मंदिर या एक पुजारी की नहीं है. यह सवाल उठाती है कि, क्या धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित है?

अब सबकी नजर एक सवाल पर
फिलहाल मंदिर सूना है, श्रद्धालु मायूस हैं और पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है. क्या भगवान फिर लौटेंगे? क्या पुजारी को सुरक्षित माहौल मिलेगा? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?

NATIONAL : ‘हमें मारने-काटने की धमकियां मिल रही है’, वायरल गर्ल मोनालिसा ने पति फरमान संग लगाई मदद की गुहार

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महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा ने पति फरमान संग एक वीडियो शेयर कर मदद की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि उन्हें शादी के बाद से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.महाकुंभ वायरल गर्ल के नाम से फेमस मोनालिसा भोसले ने हाल ही में केरल में मुस्लिम फरमान खान से शादी कर ली थी. उनकी अचानक शादी ने हर किसी को हैरान किया. वहीं कई लोगों ने इसे लव जिहाद कहा. इन सबसे बीच वायरल गर्ल मोनालिसा ने अब पति फरमान खान संग शादी के बाद लोगों से मिल रही धमकी को लेकर मदद की गुहार लगाई है.

बता दें कि मोनालिसा और फरमान खान अपनी अलग-अलग धर्मों की शादी की वजह से विवादों के घेरे में आ गए हैं. कुछ समूह इसे “लव जिहाद” बता रहे हैं. वहीं मोनालिसा ने एक वीडियो शेयर किया है और मीडिया, मुख्यमंत्री और कमिश्नर से इस मामले में दखल देने की अपील की है. वीडियो में, मोनालिसा और फरमान दोनों ने मदद की अपील करते हुए कहा, “मैं यह वीडियो एक लेटर के साथ सभी को मेल कर रही हूं तो प्लीज हमारी मदद करो.” स्थिति की गंभीरता को बताते हुए, उन्होंने कहा, “हमें खुलेआम मारने की काटने की धमकी दी जा रही है.” कपल ने कहा है कि उन्होंने धमकियों के बीच सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पहले ही अधिकारियों से संपर्क किया है.

शादी के बाद, इस जोड़े ने केरल सरकार से मिले सहयोग के लिए आभार जताया था. मोनालिसा ने कहा, “केरल सरकार ने हमारा बहुत साथ दिया. हम तहे दिल से उनका शुक्रिया अदा करते हैं, और हम सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं, मेरे लिए, सभी धर्म एक समान हैं.” फरमान ने भी अपनी शादी के भव्य आयोजन के बारे में बात करते हुए कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी कि हमारी शादी इतनी बड़ी होगी. हमने सोचा था कि शादी में सिर्फ़ 2-4 लोग ही शामिल होंगे, लेकिन वहां बहुत सारे लोग आए. मंत्री जी ने हमें आशीर्वाद दिया. शिक्षा मंत्री भी यहां आए थे.”

बता दें कि मोनालिसा और फरमान की शादी 11 मार्च, 2026 को अरुमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में हुई थी, जिसने लोगों का काफ़ी ध्यान खींचा. मोनालिसा को इससे पहले 2025 के महाकुंभ मेले के दौरान देश भर में तब पहचान मिली थी, जब रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उनके वीडियो वायरल हो गए थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जोड़े की मुलाक़ात एक फिल्म प्रोजेक्ट पर काम करने के दौरान हुई थी और समय के साथ उनके बीच नज़दीकियां बढ़ीं.

धार्मिक मतभेदों के कारण मोनालिसा के परिवार की आपत्तियों का सामना करने के बावजूद, उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए केरल पुलिस से संपर्क किया और अपना जीवनसाथी चुनने के अपने अधिकार पर ज़ोर दिया. अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि बालिग होने के नाते, उन्हें अपना फ़ैसला खुद लेने का कानूनी अधिकार प्राप्त है.

NATIONAL : कमरे में लटके मिले पति-पत्नी, एक साल पहले हुई थी शादी

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पलवल में एक नवविवाहित दंपती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दोनों के शव एक ही कमरे में फंदे से लटके मिले. परिवार के अनुसार वो रात में सोने गए थे और सुबह दरवाजा नहीं खुलने पर घटना का पता चला. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मामले की जांच जारी है.हरियाणा के पलवल जिले में एक नवविवाहित दंपती द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. दोनों के शव एक ही कमरे में छत से फंदे पर लटके हुए मिले. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है.

जानकारी के अनुसार, जब सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिवार के लोगों को शक हुआ. उन्होंने आवाज लगाकर और दरवाजा खटखटाकर खोलने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए.कमरे के अंदर पति-पत्नी दोनों फंदे से लटके हुए थे. परिवार के मुताबिक दोनों ने बेड पर चढ़कर आत्महत्या की. दोनों के शवों के बीच करीब तीन फुट की दूरी थी. बेड पर एक कुर्सी भी रखी हुई थी, जिससे माना जा रहा है कि दोनों ने उसी पर चढ़कर फांसी लगाई.

घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. मृतकों की पहचान 25 वर्षीय हंसराज और उसकी पत्नी प्रीति के रूप में हुई है. हंसराज पलवल जिले के गांव घरोंट का रहने वाला था, जबकि उसकी पत्नी प्रीति राजस्थान के अलवर जिले के खोर गांव की रहने वाली थी.

पुलिस के अनुसार दोनों की शादी करीब एक साल पहले हुई थी. हंसराज एक निजी कंपनी में काम करता था और प्रीति गृहिणी थी. परिवार के लोगों ने बताया कि दोनों बुधवार रात खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे. गुरुवार सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो यह घटना सामने आई.ग्रामीणों के मुताबिक हंसराज पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. उसका बड़ा भाई विकलांग है और माता-पिता भी शारीरिक रूप से असमर्थ हैं. ऐसे में घर की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी. फिलहाल पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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