Monday, June 8, 2026
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NATIONAL : ईरान का जवाबी हमला, इजरायल पर की सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश, तेल अवीव में धमाकों की आवाजें

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ईरान और इजरायल में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
तेहरान: इजरायल के अटैक के बाद ईरान की ओर से जवाबी हमला किया जा रहा है। ईरान ने शनिवार तड़के फिर से इजरायल पर मिसाइलों की बारिश की है। इससे कुछ घंटे पहले शुक्रवार शाम को भी ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की बौछार की थी। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल को निशाना बनाया है। शनिवार सुबह यरुशलम और तेल अवीव में सायरन और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरान ने इजराल के खिलाफ अपने इस ऑपरेशन को ‘ट्रू प्रॉमिस 3’ नाम दिया है। ईरान के हमलों में इजरायल के कई इलाकों में नुकसान हुआ है।

इजरायल के अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात बताया है कि ईरान की ओर से अब तक 150 से ज्यादा मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। तेल अवीव में शनिवार सुबह कम से कम दो ईरानी मिसाइलें जमीन पर गिरी हैं। ईरान के मिसाइल हमलों में अब तक 50 से ज्यादा इजरायली घायल हुए हैं। वहीं एक शख्स की मौत की पुष्टि हुई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से कहा गया है कि उन्होंने इजरायल में दर्जनों सैन्य केंद्रों और एयरबेस पर हमले किए गए हैं।

शुक्रवार रात से शुरू किए हमले
ईरान ने शुक्रवार रात से इजरायल पर हमले शुरू किए हैं। ईरानी मिसाइल हमले में इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिससे इमारतों को नुकसान हुआ और दर्जनों लोग घायल हुए। ईरान ने किर्यात कंपाउंड पर भी हमला किया है, इसे इजरायल का पेंटागन कहा जाता है। फॉक्स न्यूज के ट्रे यिंगस्ट ने इजरायल के सैन्य मुख्यालय किर्यात के नजदीक नुकसान की बात कही है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन दल इमारतों में जाकर उन लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो फंसे हुए हो सकते हैं।

ईरान के राजदूत ने UN सुरक्षा परिषद को बताया कि इजराइल के हमलों में 78 लोग मारे गए और 320 से ज्यादा घायल हुए हैं। राजदूत ने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक थे। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल के तेल अवीव पर मिसाइलों से हमला किया है। इससे पहले शुक्रवार तड़के इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए थे। इसमें ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इस हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कहा है कि ईरानी सेना इजरायल को भारी चोट पहुंचाएगी।

NATIONAL : ‘मेरे साथ साजिश हुई, वरना मैं बनता कांग्रेस अध्यक्ष’, अशोक गहलोत के दावे से मचा हड़कंप

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पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि मुझे लगता है मेरे साथ साजिश हुई वरना मैं आज कांग्रेस का अध्यक्ष होता. हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने रविवार को ऐसा दावा किया जिसके बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया. गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी और कांग्रेस आलाकमान उन्हें ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते थे लेकिन उनके साथ साजिश की गई और उन्हें अध्यक्ष नहीं बनाया गया.

पत्रकारों से बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा, “कौन कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना चाहेगा जब सोनिया गांधी ने मुझसे कहा तो क्या मैं मना करूंगा, मुझे लगता है कि मेरे साथ साजिश की गई. मैं तो खुद कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहता था.”

मानेसर कांड पर भी बोले अशोक गहलोत
वहीं मानेसर कांड को लेकर अशोक गहलोत ने कहा, “ये लोग बार-बार मानेसर को लेकर के ये तंज कसते हैं हमारे पर, ये हमारे घर का मामला है, वो हम निपटते जाएँगे आपस के अंदर, चाहे सचिन पायलट हों, चाहे वो डोटासरा हों, चाहे वो टीकाराम जूली हों, चाहे वो सीपी जोशी हों, चाहे वो भंवर जितेंद्र सिंह हों, जो भी नेता हमारे हैं, नेता कई हैं हमारे तो, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष हमारे चंद्रभान भी हैं, डॉक्टर बीडी कल्ला भी हैं, जितने ही नेता हम हैं, आपस में हम बात कर लेंगे और कोई गलतफहमी दूर कर लेंगे.”

राजस्थान कांग्रेस पर हाईकमान को भरोसा- गहलोत
उन्होंने आगे कहा, “सच्चाई, सच्चाई का विकल्प होता नहीं है, सच्चाई मैंने अपनी रख दी है सामने और आगे भी रख देंगे साथ में और बार-बार कहते हैं कि 25 सितंबर को क्या हुआ? हाईकमान के खिलाफ में रिवोल्ट कभी नहीं कर सकते, राजस्थान की कांग्रेस जो है इतिहास गवाह है, इंदिरा गांधी की कांग्रेस बनी थी 1 जनवरी 1978 को, तभी जो है इंदिरा जी सबसे पहले 1 जनवरी 78 को बनीं और 15 दिन बाद में सबसे पहले जयपुर आई थीं, हम लोग मौजूद थे, जेल गए हुए थे हम लोग. जेल आते-जाते थे हम लोग, इंदिरा जी के यहाx जेल गए थे, इतना विश्वास इंदिरा जी ने राजस्थान पे किया, सोनिया गांधी ने विश्वास किया, राहुल गांधी विश्वास कर रहे हैं, अभी देखा आपने पुष्कर में क्या-क्या हुआ. सब विश्वास राजस्थान की कांग्रेस पर हाईकमान का पहले था, आज भी है.”

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके लौट रहे भारत, 6 जून को क्या होने वाला है? X पर किया ये ऐलान

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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि वह परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शुरुआत के लिए छह जून को भारत लौटेंगे। अभी अमेरिका में रहने वाले दीपके ने ‘इंस्टाग्राम’ पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने अपने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील किया है।

अभीजीत दीपके आ रहे दिल्ली
अभिजीत दीपके ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी भारतीय संविधान के मार्ग पर चलते हुए एकजुट हों और शांतिपूर्वक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम सब मिलकर आवाज उठाएंगे तो उन्हें हमारी बात जरूर सुननी पड़ेगी। दीपके ने समर्थकों से छह जून को हवाई अड्डे पर उनसे मिलने का आग्रह किया।

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट का प्लान
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने कहा कि मैंने फैसला किया है कि शनिवार, छह जून की सुबह मैं दिल्ली पहुंचूंगा। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे। वीडियो में दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और व्यवधानों ने छात्रों को चिंतित कर दिया है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग भी की।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कैसे आई सुर्खियों में
अभिजीक दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक युवा केंद्रित सोशल मीडिया आंदोलन की शुरुआत की है। इसने अपने अस्तित्व में आने के साथ ही लोकप्रियता हासिल की है और कई सार्वजनिक हस्तियों ने इसका समर्थन किया है। हालांकि, भारत में अपने मूल ‘एक्स’ खाते को प्रतिबंधित किए जाने के बाद ‘कॉकरोच मरता नहीं’ टैगलाइन के साथ अभिजीत दीपके ने वापसी की थी। व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने इस बीच भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक अभियान शुरू किया।

अब ‘कॉकरोच इज बैक’ से रख रहे अपनी बात
नए ‘एक्स’ हैंडल ‘कॉकरोच इज बैक’ और इसके इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू किया गया यह अभियान शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालीगत विफलताओं पर केंद्रित है। विशेष रूप से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)- स्नातक 2026 पेपर-लीक विवाद से संबंधित चिंताओं पर। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो करने वालों से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाली ऑनलाइन याचिका का समर्थन करने का आग्रह किया।

NATIONAL : गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा दांव: जल्द हाईटेक होंगी सरहदें, परवान चढ़ेगा कारोबार; चुटकियों में मिलेगी मंजूरी

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ लॉन्च करेंगे, जो सीमाओं पर व्यापार और यात्री आवाजाही को पारदर्शी और तेज बनाएगा। साथ ही डाउकी और श्रीमंतपुर में नई आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन भी होगा, जिससे हवाई अड्डों की तरह सुरक्षित और आधुनिक डिजिटल सीमा प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।

भारत सरकार ने सीमाओं पर व्यापार और आवाजाही को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे देश के सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक एकीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए बनाया गया है।इसके साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट्स पर नवनिर्मित हितधारक आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।

सुगम समन्वय और कम समय
यह नया सिस्टम सीमाओं पर लगने वाले समय को कम करेगा। बयान के मुताबिक, एलपीएमएस सरकारी एजेंसियों और निजी ऑपरेटरों सहित सभी हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा। इससे काम में होने वाली देरी थमेगी। इसके साथ ही परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह प्रणाली कार्गो और यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित, पूरी तरह डिजिटल वर्कफ्लो प्रदान करेगी। इसमें स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

राष्ट्रीय प्लेटफार्मों से जुड़ाव
गृह मंत्रालय ने कहा कि एलपीएमएस को देश के प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ जोड़ा गया है। यह सिस्टम मोटर वाहन इकोसिस्टम के साथ एकीकृत होकर काम करेगा। इस जुड़ाव से अंतर-संचालनीय, कुशल और पारदर्शी सीमा प्रबंधन संभव हो सकेगा। यह प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम में लॉजिस्टिक्स और नियामक जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान की अनुमति देता है। इसके लागू होने से अब लैंड पोर्ट्स भी हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों की तरह पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो जाएंगे।

स्मार्ट बॉर्डर का संकल्प
मंत्रालय के अनुसार, यह पहल नरेंद्र मोदी सरकार के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति संकल्प को दर्शाती है। तकनीक के माध्यम से सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही में पारदर्शिता आएगी। सुरक्षा और दक्षता को मजबूती मिलेगी। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्र के रणनीतिक फोकस को दिखाता है। यह कदम देश में व्यापार सुगमता, कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

NATIONAL : गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा दांव: जल्द हाईटेक होंगी सरहदें, परवान चढ़ेगा कारोबार; चुटकियों में मिलेगी मंजूरी

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भारत सरकार ने सीमाओं पर व्यापार और आवाजाही को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे देश के सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक एकीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए बनाया गया है।

स्पॉन्सर किया गया
इसके साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट्स पर नवनिर्मित हितधारक आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।

सुगम समन्वय और कम समय

यह नया सिस्टम सीमाओं पर लगने वाले समय को कम करेगा। बयान के मुताबिक, एलपीएमएस सरकारी एजेंसियों और निजी ऑपरेटरों सहित सभी हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा। इससे काम में होने वाली देरी थमेगी। इसके साथ ही परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह प्रणाली कार्गो और यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित, पूरी तरह डिजिटल वर्कफ्लो प्रदान करेगी। इसमें स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

राष्ट्रीय प्लेटफार्मों से जुड़ाव

गृह मंत्रालय ने कहा कि एलपीएमएस को देश के प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ जोड़ा गया है। यह सिस्टम मोटर वाहन इकोसिस्टम के साथ एकीकृत होकर काम करेगा। इस जुड़ाव से अंतर-संचालनीय, कुशल और पारदर्शी सीमा प्रबंधन संभव हो सकेगा। यह प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम में लॉजिस्टिक्स और नियामक जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान की अनुमति देता है। इसके लागू होने से अब लैंड पोर्ट्स भी हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों की तरह पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो जाएंगे।

स्मार्ट बॉर्डर का संकल्प

मंत्रालय के अनुसार, यह पहल नरेंद्र मोदी सरकार के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति संकल्प को दर्शाती है। तकनीक के माध्यम से सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही में पारदर्शिता आएगी। सुरक्षा और दक्षता को मजबूती मिलेगी। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्र के रणनीतिक फोकस को दिखाता है। यह कदम देश में व्यापार सुगमता, कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

NATIONAL : NDA संसदीय दल की बैठक: रक्षा मंत्री ने PM मोदी को सम्मानित किया; पहलगाम-ऑपरेशन सिंदूर पर अहम प्रस्ताव पारित

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जीएमसी बालयोगी सभागार एनडीए के सभी सांसद जमा हुए हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान ये पहला मौका है, जब सत्ताधारी गठबंधन के सभी दल बैठक के लिए पहुंचे हैं। एनडीए के नेताओं की बैठक में पीएम मोदी को ऑपरेशन सिंदूर के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही इस मौके पर सांसदों ने हर-हर महादेव का जयघोष भी किया। बैठक में सभी घटक दलों की तरफ से साझा प्रस्ताव भी पारित किया गया।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल दलों के नेताओं ने आज संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम मोदी को सम्मानित किया। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सभी लोगों की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मानित किया। पीएम मोदी एनडीए के सभी सांसदों को संबोधित भी करेंगे। संसद के मानसून सत्र के दौरान एनडीए में शामिल दलों के नेताओं की इस पहली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए बैठक में अमित शाह की प्रशंसा करते हुए कहा, वह अब सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृह मंत्री बन चुके हैं।

बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया
पहलगाम आतंकी हमले और इसके जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एनडीए की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें एनडीए संसदीय दल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और समर्पण को सलाम किया। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इसी साल 22 अप्रैल को जघन्य और कायराना आतंकी हमला किया था। एनडीए के प्रस्ताव में कहा गया कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों को धर्म के आधार पर निर्ममता से मार डाला गया।

आतंकवाद के खिलाफ पीएम मोदी का संकल्प
प्रस्ताव में कहा गया, पहलगाम में दहशतगर्दों की कायराना करतूत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की धरती से आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को पहचान कर सज़ा देगा। इसी संकल्प के तहत 6-7 मई की दरम्यानी रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया। यह एक सटीक और सीमित सैन्य अभियान था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

भारतीय संस्कृति में ‘सिंदूर’ के प्रतीकात्मक महत्व का जिक्र
एनडीए में शामिल सांसदों ने इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व शैली, दूरदर्शिता और आतंक के खिलाफ उनके ‘नए भारत’ के संकल्प की सराहना की। इस प्रस्ताव के मुताबिक सेना के ऑपरेशन सिंदूर को महिलाओं से विशेष समर्थन मिला। इसका नाम भारतीय संस्कृति में ‘सिंदूर’ के प्रतीकात्मक महत्व को भी दिखाता है। आतंकियों ने महिलाओं से उनका सुहाग और सम्मान छिना, जिसका सेना ने बदला लिया।

दुनियाभर में पाकिस्तान को बेनकाब किया
सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सभी दलों और नेताओं ने इस बात को भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में रक्षा सुधार, स्वदेशीकरण और ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर रहा। इससे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भी मदद मिली। इसके अलावा, प्रस्ताव में सर्वदलीय शिष्टमंडल के विदेश दौरे का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 59 सांसदों को 32 देशों में भेजकर भारत की आतंकवाद-विरोधी स्थिति को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखा गया। साथ ही दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब भी किया गया।

विकसित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प
प्रस्ताव के अंत में कहा गया कि अमेरिका ने TRF को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया है। BRICS देशों के सम्मेलन में भी आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों की निंदा की गई। ये भारत की कूटनीतिक जीत और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक है। एनडीए के सांसदों ने एक विकसित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण भारत का निर्माण करने की दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखने का संकल्प भी लिया।

बिहार में मतदाता सूची SIR के बीच हो रही बैठक
दरअसल, ये बैठक ऐसे समय हो रही है जब मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज नहीं हो रहा। जीएमसी बालयोगी सभागार में होने वाली बैठक में एनडीए के सभी सांसदों को अनिवार्य तौर पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर पर बीते हफ्ते संसद के दोनों सदनों में दो दिनों की विशेष चर्चा संपन्न हो चुकी है। चर्चा के दौरान जहां विपक्ष ने अचानक संघर्ष विराम को ले कर सरकार पर सवाल उठाए वहीं पहलगाम आतंकी हमला मामले में हुई सुरक्षा चूक पर भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

जम्मू-कश्मीर पर बड़े फैसले की अटकलें
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म है। सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को रद्द करने के साथ जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बदलने का विधेयक पेश किया था। अब 5 अगस्त को एनडीए संसदीय बैठक होने के बीच चर्चाएं हैं कि क्या सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने पर कोई फैसला करने वाली है।

NATIONAL : चार कीर्तिमान बना चुके पीएम मोदी की अब 5वें पर नजर; दो रिकॉर्ड के लिए जीतना होगा एक और चुनाव

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पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है। बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 12 वर्षों से ज्यादा समय से सत्ता पर काबिज हैं। इस दौरान पीएम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर चाहे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की बात हो या इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का विषय। इन पहलुओं के साथ पीएम मोदी ने निजी तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इनमें सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता के साथ-साथ सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी पीएम रहने तक की उपलब्धि शामिल है। हालांकि, यह सिर्फ कुछ रिकॉर्ड हैं, जिन्हें पीएम मोदी ने छुआ है। अभी कई और कीर्तिमान उनकी झोली में गिरना बाकी है। वहीं, कुछ और रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जो फिलहाल उनकी पहुंच से दूर हैं और उन्हें पार करने के लिए मोदी को कम से कम एक और कार्यकाल के लिए पीएम बनना होगा।

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं? इनके जरिए उन्होंने किन नेताओं के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा? अब वे कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब आ चुके हैं? इसके अलावा वे कौन से और किन नेताओं के रिकॉर्ड हैं, जो फिलहाल पीएम मोदी की पहुंच से दूर हैं और इन्हें हासिल करने में कितना समय लग सकता है? आइये जानते हैं…

पीएम मोदी ने अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड तोड़े?

  1. भारत में सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल (राज्य और केंद्र मिलाकर)
    22 मार्च 2026 को पीएम मोदी राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों को मिलाकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए थे। लगातार कार्यकारी पद पर बने रहने के मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है। बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है।

NATIONAL : 10 जून को बनेगा कीर्तिमान: देश की राजनीति में ऐतिहासिक तारीख; 12 साल, 4399 दिन और PM मोदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन जाएंगे। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। आंकड़ों के अनुसार आजादी के बाद देश के पहले आम चुनावों के बाद

17 अप्रैल 1952 को हुआ था। उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वह 27 मई 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री रहे। यह अवधि कुल 4,398 दिनों की रही। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक उनका लगातार कार्यकाल 4,399 दिनों का हो जाएगा, जो नेहरू के रिकॉर्ड से एक दिन अधिक होगा। सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के मामले में तीसरे पायदान पर काबिज इंदिरा गांधी का 4,077 दिनों का लगातार कार्यकाल मोदी 25 जुलाई 2025 को ही पार कर चुके हैं। इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहीं, जो लगभग 11 वर्ष और दो महीने की अवधि थी।

कार्यकाल की तुलना करें तो दोनों नेताओं ने भारत का नेतृत्व बिल्कुल अलग परिस्थितियों में किया। नेहरू ने स्वतंत्रता के बाद नवगठित भारत का नेतृत्व संभाला, जबकि मोदी ने अधिक आबादी, जटिल अर्थव्यवस्था, बहुदलीय राजनीति और डिजिटल निगरानी वाले भारत का नेतृत्व किया। नेहरू के समय देश की आबादी लगभग 34 करोड़ थी, जबकि मोदी के पीएम बनने तक यह 131 करोड़ से अधिक हो चुकी थी और अब 146 करोड़ के पार है। मोदी ने सोशल मीडिया और 24 घंटे की सार्वजनिक निगरानी के दौर में नेतृत्व किया है, जहां सरकार के हर फैसले का तत्काल मूल्यांकन होता है।

नेहरू के समय 1951-52 के पहले आम चुनाव में 53 राजनीतिक दल मैदान में थे। 1952 में कांग्रेस ने 489 में से 364 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी सिर्फ 16 सीटों तक सीमित रही। इसके विपरीत, 2014 के चुनाव में 464 दल और 2024 में 744 दल चुनावी मैदान में उतरे, मतलब राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता 14 गुना बढ़ गई। मोदी ने भारत भर के प्रमुख राज्यों में सत्ता संभालने वाली कई मजबूत क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर शासन किया है। अभी देश में 2,593 से अधिक राजनीतिक दल मौजूद हैं। पीएम मोदी के दौर में मतदाताओं की संख्या भी 17 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ से अधिक हो गई।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो मोदी सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की अवधारणा ने जनभागीदारी आधारित शासन मॉडल पेश किया। वहीं विदेश नीति में ‘बहु-संरेखण’ (मल्टी-अलाइनमेंट) को भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने वाला कदम है। इसके अलावा डिजिटल कल्याण योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत के पुनरोद्धार तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव स्वतंत्रता के समय भारत की जीडीपी करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2026 तक बढ़कर 357.14 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। नेहरू के समय आर्थिक वृद्धि 4 प्रतिशत तक रही, जबकि मोदी सरकार में 6.5 से 7 प्रतिशत है।नेहरू ने 5 आईआईटी एक एम्स खोला था मोदी ने इनकी संख्या को तेजी से बढ़ाया: नेहरू ने पांच आईआईटी और एक एम्स बनाया। मोदी के समय आईआईटी की संख्या 16 से 23, आईआईएम 13 से 21 और एम्स सात से बढ़कर 23 तक पहुंच गए हैं।

BUSINESS : सर्राफा बाजार में मामूली गिरावट, सोना और चांदी की कीमत घटी

नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान मामूली गिरावट का रुख नजर आ रहा है। भाव में आई गिरावट के कारण देश के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,39,990 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,41,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में भी गिरावट आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,64,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,52,870 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,140 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,52,770 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,41,990 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,770 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,52,870 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,770 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,52,870 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,40,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,52,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,39,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

NATIONAL : राजस्थान में मौसम का दोहरा असर: 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, पश्चिमी इलाकों में गर्मी बरकरार

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जयपुर, 07 जून (हि.स.)। राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर कई जिलों में आंधी और बारिश से लोगों को भीषण गर्मी एवं उमस से राहत मिली है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में तेज गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने रविवार को 12 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 8 जून को 7 जिलों में बारिश तथा 2 जिलों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है।

शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिलीं।

बीकानेर जिले में तेज आंधी के साथ बारिश हुई और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में तेज हवा के कारण एक वेयरहाउस की टिन शेड उड़कर करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में जा गिरी। टोंक जिले में शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, टोंक और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में शनिवार को मौसम ने करवट ली। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। राज्य में शनिवार को सर्वाधिक वर्षा टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में हुई, जहां 65 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर में 22 मिलीमीटर तथा बीकानेर में 14.6 मिलीमीटर वर्षा मापी गई। बारिश के बाद इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आ गई और लोगों को राहत मिली।

दूसरी ओर बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर सहित पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्मी का प्रकोप जारी रहा। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक तापमान बढ़ने और गर्मी का असर बने रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक राज्य में मौसम का यही मिश्रित स्वरूप बना रह सकता है।

पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हीटवेव और तेज गर्मी का असर देखने को मिल सकता है।

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