Sunday, August 2, 2026
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WORLD : ईरान पर हमले रोकने वाला प्रस्ताव सीनेट में 49-50 वोट से गिरा, ट्रंप को मिली खुली छूट

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अमेरिकी सीनेट में गुरुवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की ताकत सीमित करने वाला एक अहम प्रस्ताव गिर गया। वोटिंग में यह प्रस्ताव 49-50 के बेहद करीबी अंतर से खारिज हो गया।

पेन्सिलवेनिया से रिपब्लिकन सीनेटर डेव मैकॉर्मिक इस वोटिंग में शामिल नहीं हुए। अगर वह वोट करते तो नतीजा बदल भी सकता था।

इस प्रस्ताव का मकसद यह था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कोई भी नया हमला शुरू करने से पहले अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस से मंजूरी लें। प्रस्ताव पास हो जाता तो राष्ट्रपति अकेले युद्ध का फैसला नहीं ले पाते। प्रस्ताव अभी सीनेट की विदेश मामलों की समिति में अटका हुआ है।इसे लाने वाले सांसद चाहते थे कि इसे सीधे पूरे सीनेट में चर्चा और वोटिंग के लाया जाए। लेकिन वोट कम पड़ने की वजह से अब सांसदों को इसे आगे बढ़ाने के लिए दोबारा कोशिश करनी होगी।

पिछले हफ्तों में राष्ट्रपति ट्र्ंप द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद विपक्षी डेमोक्रेटिक सांसद और कुछ रिपब्लिकन सांसद लगातार मांग कर रहे थे कि युद्ध जैसे बड़े फैसले संसद की मंजूरी से ही हों। उनका तर्क है कि संविधान के मुताबिक युद्ध घोषित करने का अधिकार कांग्रेस के पास हैं, राष्ट्रपति के पास नहीं है

लेकिन गुरुवार की वोटिंग में रिपब्लिकन बहुमत ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। उनका कहना है कि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राष्ट्रपति को तेजी से फैसला लेने की आजादी मिलनी चाहिए।

ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी
इस बीच ईरान से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि केश्म आईलैंड पर हुई अमेरिकी बमबारी में नागरिकों की मौत के लिए पूरी तरह से अमेरिका जिम्मेदार है। गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी होगी।

उन्होंने कहा कि नागरिक ठिकानों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। केश्म आईलैंड पर हुए हमले में कितने लोग मारे गए, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन ईरानी मीडिया ने इसमें कई आम नागरिकों के मारे जाने का दावा किया है।

GUJARAT : गुजरात में अगले दो दिन भारी बारिश का खतरा, कई जिलों में रेड अलर्ट; IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की दी सलाह

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और खराब समुद्री मौसम की चेतावनी के बीच मछुआरों को तीन दिन तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए कई जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव ने बताया कि दक्षिण गुजरात के साथ-साथ अहमदाबाद, आनंद, खेड़ा, भावनगर और बोटाद समेत कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा समुद्र में मौसम खराब रहने के मद्देनजर मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

IMD के अनुसार, पहले दिन नर्मदा और सूरत जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Exceptionally Heavy Rainfall) होने की आशंका है। दक्षिण गुजरात के सभी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अहमदाबाद, आनंद और खेड़ा के अलावा सौराष्ट्र क्षेत्र के भावनगर और बोटाद में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग का कहना है कि दूसरे दिन भी गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। तीसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि चौथे दिन से सातवें दिन के बीच अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता कम होकर हल्की से मध्यम रहने का अनुमान है।

खराब मौसम को देखते हुए IMD ने गुजरात के पूरे समुद्री तट पर अगले तीन दिनों तक मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगाने की सलाह दी है। इस दौरान 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिण गुजरात तट के लिए लोकल कॉशनरी सिग्नल-3 (LC-3) भी जारी किया गया है। साथ ही अगले तीन दिनों तक तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

IMD ने बताया कि गुजरात में यह मौसम कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है। विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के आसपास बना गहरा दबाव शुक्रवार शाम कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। वर्तमान में यह प्रणाली पश्चिमी विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के पास स्थित है तथा अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में तब्दील होने की संभावना है।

इसके अलावा जैसलमेर से बंगाल की खाड़ी तक फैली सक्रिय मानसून ट्रफ, दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तक बनी ऑफ-शोर ट्रफ, उत्तर-पूर्व अरब सागर से दक्षिण गुजरात होते हुए डिप्रेशन तक फैला शियर ज़ोन और पश्चिमी विक्षोभ भी गुजरात में तेज बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।

इन सभी मौसमी प्रणालियों को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले और दूसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र तथा कच्छ के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं तीसरे दिन भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट लागू रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

SPORTS : नीरज-यशवीर ने जेवलिन में रचा इतिहास, एक ने सिल्वर तो दूसरे ने जीता ब्रॉन्ज

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में सिल्वर, यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज हासिल किया। जबकि, अस्मिता डे ने जूडो में भारत का पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतकर नया इतिहास रच दिया।

स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए शाम यादगार शाम बना दी। एथलेटिक्स, जूडो और मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया। पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और युवा एथलीट यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई। वहीं, तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज जीता और महिला जूडोका अस्मिता डे ने भारत को इस खेल का पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड दिलाया।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी

पुरुषों की जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 85.83 मीटर का थ्रो फेंका और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दूसरी ओर यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो कर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश तरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के रिकॉर्ड थ्रो के साथ जीता।

मुकाबले के दौरान नीरज ने शुरुआती दौर में बढ़त बनाई थी लेकिन श्रीलंका के एथलीट के रिकॉर्ड थ्रो ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। नीरज ने अपनी छठी और अंतिम कोशिश में वापसी का प्रयास किया। हालांकि, उनका अंतिम थ्रो फाउल हो गया। इसके बावजूद नीरज और यशवीर का एक साथ पोडियम पर पहुंचना भारतीय दल के लिए गर्व का क्षण रहा। दोनों खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ अपनी इस उपलब्धि का जश्न मनाया।

सिल्वर मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने ANI से बातचीत में कहा कि इस उपलब्धि ने उन्हें एशियन गेम्स की याद दिला दी जहां उन्होंने और किशोर ने साथ में मेडल जीते थे। उन्होंने यशवीर सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि बड़े मंच पर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना बड़ी उपलब्धि है। नीरज ने यह भी बताया कि उन्होंने इस प्रतियोगिता में सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उनकी वापसी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी कई प्रतियोगिताएं बाकी हैं और वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।

एथलेटिक्स में एक और बड़ी उपलब्धि तेजस्विन शंकर के नाम रही। उन्होंने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी

जूडो में भी भारत ने नया इतिहास रचा है। महिला जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जूडो का पहला गोल्ड मेडल जीता। वहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने भी अपना शानदार अभियान जारी रखा और कई खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली। इससे भारत के लिए आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद मजबूत हो गई।

ENTERTAINMENT : साउथ इंडस्ट्री की दिग्गज गायिका जमुना रानी का निधन; 88 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

दक्षिण भारतीय दिग्गज गायिका जमुना रानी का निधन हो गया है। उम्र संबंधी समस्याओं के चलते बीते दिन गुरुवार को उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा।अपनी सुरीली आवाज से संगीत जगत में खास पहचान बनाने वाली जमुना रानी उम्र संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। उन्होंने कल गुरुवार शाम बेंगलुरु में अपने निवास पर आखिरी सांस ली। गायिका के निधन की खबर से साउथ इंडियन फिल्म जगत में शोक की लहर है। जमुना रानी का जन्म 1938 में आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने सात साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था।

अलग और अनोखी आवाज से मिली पहचान
फिल्म ‘त्यागय्या’ के जरिए जमुना रानी को बतौर प्लेबैक सिंगर पहचान मिली। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम समेत कई भाषाओं में 6000 से अधिक गानों को अपने सुरीले कंठ से सजाया। उनकी आवाज दूसरे गायकों से अलग और अनोखी ती। उन दिनों क्लब डांस सॉन्ग्स, जिप्सी सॉन्ग्स और लोकगीतों के लिए भी उनकी सुरीली आवाज बहुत शानदार थी। यही वजह रही कि उन्होंने ऐसे गाने खूब गाए। साल 1952 में रिलीज हुई फिल्म ‘कल्याणी’ से उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री की।

जमुना रानी ने तेलुगु सिनेमा में अपनी अनोखी आवाज से ‘सरदा सरदा सिगरेट्टू’, ‘एंथा तक्करी वडू नाराजु’, ‘मुक्कुमिधु नृखी… नी मुखानिके आडा’, ‘कोटू बूटु वीडा बावा वचदय्या’, ‘पदपदवे वैयारी गलीपतमा’ जैसे शानदार गाने गाकर दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। जमुना रानी की गायिकी सिर्फ भारतीय भाषाओं तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीलंकाई सिंहली फिल्मों में भी उन्होंने गाने गाए और छा गईं। इससे उन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर पहचान मिली।

NATIONAL : दिल्ली दंगा 2020 केस: ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपी IB अफसर की हत्या के दोषी करार, 6 बरी

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अदालत के भीतर यह मामला लंबे समय तक कानूनी दांव-पेचों से गुजरा. आरोपियों की तरफ से कई बार जमानत याचिकाएं दाखिल की गईं. हाल ही में, सितंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका को यह कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया था कि यह एक युवा खुफिया अधिकारी की बर्बर हत्या का बेहद चौंकाने वाला मामला है, जिसमें जमानत का कोई आधार नहीं बनता.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा के मर्डर केस में दोषी करार दिया गया है. इस केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने कुल पांच लोगों को दोषी करार दिया है.वहीं 6 आरोपियों को बरी कर दिया है.कोर्ट ने 302, 165, 188,153A, 147, 148 सेक्शन के तहत सभी 5 लोगों को दोषी को ठहराया है.दिल्ली में 2020 में हुए दंगों के दौरान अंकित शर्मा मारे गए थे. इस मामले में ताहिर हुसैन समेत 11 लोग आरोपी बनाए गए थे. 6 सालों के बाद अंकित शर्मा के परिवार को न्याय मिला है. यह वाकया 25 फरवरी 2020 का है, जब अंकित शर्मा ऑफिस से घर आए थे. किसी काम से वह फिर निकले तो वापस घर नहीं लौटे थे. इसके बाद परिवार ने उनकी तलाश की तो उनका शव पाया गया. उनका शव चांद बाग पुलिया इलाके में स्थित मस्जिद के पास एक नाले से मिला था.

यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं था, बल्कि दंगों के बीच रची गई एक गहरी और खौफनाक साजिश का हिस्सा था, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता दोनों को हिलाकर रख दिया था. ​आइए सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं कि आखिर 25 फरवरी 2020 की उस काली शाम को क्या हुआ था, पुलिस ने जांच में क्या पाया और अदालत के भीतर अब तक क्या-क्या कानूनी मोर्चेबंदी हुई.

​नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध और समर्थन को लेकर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली सुलग रही थी. चांद बाग, खजूरी खास, और मुस्तफाबाद जैसे इलाके हिंसा की आग में झुलस रहे थे. पथराव, आगजनी और गोलियों की आवाज के बीच चारों तरफ चीख-पुकार मची थी.​इसी खौफ के बीच, 26 साल के अंकित शर्मा, जो आईबी में तैनात थे, 25 फरवरी की शाम को अपने दफ्तर से घर लौटे थे. घर के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण था. स्थानीय चश्मदीदों और पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, अंकित शर्मा गली में हिंसक भीड़ को शांत कराने और लोगों को समझाने-बुझाने के उद्देश्य से घर से बाहर निकले थे. वे चांद बाग पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां उपद्रवियों का तांडव चल रहा था.​शाम के वक्त अचानक चांद बाग पुलिया के पास स्थित एक मस्जिद और ताहिर हुसैन के घर के पास सक्रिय हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ हिंदू-हिंदू चिल्लाते हुए आगे बढ़ी. अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के पास ले जाया गया. वहां उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए और हत्या के बाद उनकी लाश को पास के ही खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया.

​लाश मिलने पर खुली क्रूरता की परतें
​अगले दिन, यानी 26 फरवरी 2020 को अंकित के पिता रविंदर कुमार जो खुद पुलिस में रहे हैं ने दयालपुर थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. खोजबीन के दौरान स्थानीय लड़कों ने बताया कि एक युवक को मारकर नाले में फेंका गया है. जब पुलिस ने गोताखोरों की मदद से खजूरी खास नाले से अंकित का शव निकाला, तो पूरा देश दहल गया.

​पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए, वे इंसानियत को शर्मसार करने वाले थे. ​अंकित शर्मा के शरीर पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से किए गए 51 गहरे चोटों के निशान थे. ​डॉक्टरों के मुताबिक, उनके फेफड़ों और मस्तिष्क पर इतने घातक वार किए गए थे कि अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी. ​ पहचान मिटाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से शव को गंदे नाले के कीचड़ में धकेल दिया गया था.

​ताहिर हुसैन और अन्य 10 आरोपी
​दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच की और चार्जशीट दाखिल की. पुलिस ने अपनी जांच में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड बताया. पुलिस का दावा था कि ताहिर हुसैन का घर दंगाइयों का ठिकाना बना हुआ था, जहां से तेजाब की बोतलें, गुलेल और पत्थर बरामद हुए थे. ​मार्च 2023 में अदालत ने ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से हत्या, दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश की धाराएं तय की थीं.

NATIONAL : आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी; 10 दिन में दूसरी बड़ी घटना

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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने एक बार फिर अपनी पुरानी टारगेट किलिंग वाली मोडस ऑपरेंडी अपनाते हुए निर्दोष प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया। यह कायरतापूर्ण हमला कुलगाम के केल्लम इलाके में स्थित ईंट भट्ठा 77बी के पास हुआ, जहां काम कर रहे मजदूरों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। सूत्रों के अनुसार मजदूरों को गोली मारने से पहले उनके इनके नाम भी पूछे गए। घाटी में महज 10 दिनों के भीतर टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने सुरक्षाबलों के सामने एक बार फिर नया ट्रेंड और गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। इससे पहले 22 जुलाई 2026 को अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक बाजार में आतंकियों ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को निशाना बनाया था, जिसमें वे बलिदान हो गए थे। उस हमले की भी जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी।

इससे पहले 2024 में 7 फरवरी को श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में पंजाब के दो मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ताज़ा हमले के बाद प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षाबलों के अनुसार आतंकियों की इस बदलती रणनीति और नए ट्रेंड को देखते हुए सुरक्षा रणनीति को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके ।

कुछ दिन पहले अनंतनाग में भी हुआ था आतंकी हमला
दक्षिण कश्मीर में गैर-स्थानीय नागरिकों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अनंतनाग जिले में एक बड़ा आतंकवादी हमला देखने को मिला था। अनंतनाग में सबसे हालिया आतंकवादी हमला 22 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।

वह हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग शहर के व्यस्त और मुख्य बाजार लाल चौक पर हुआ था। उस हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के बहादुर हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी निशाना बने थे और देश की रक्षा करते हुए बलिदान हो गए थे। बाद में कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े शैडो ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने अनंतनाग में हुए उस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

हमले के बाद सुरक्षा बलों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश
आतंकी हमले के बाद उपराज्यपाल ने डीजीपी श्री नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत पर गहरा दुख जताते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की।

उपराज्यपाल ने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और हमले में शामिल आतंकियों को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

हमले में घायल छत्तीसगढ़ के एक अन्य मजदूर को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। उपराज्यपाल ने मृतक मजदूर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। सुरक्षा एजेंसियां हमले के जिम्मेदार आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।

साय ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में राज्य के एक मजदूर की दुखद मौत और दूसरे के घायल होने पर गहरा दुख जताया है। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि कश्मीर के कुलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की दुखद मौत और दूसरे मजदूर के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। घायल मजदूर का स्थानीय अस्पताल में उचित इलाज चल रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मृतक मजदूर को विनम्र श्रद्धांजलि और घायल मजदूर के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

BUSINESS : अगस्त में 5 बदलाव- कॉमर्शियल सिलेंडर 200 रुपए सस्ता:तत्काल टिकट के लिए नया टोकन सिस्टम

आज यानी, 1 अगस्त 2026 से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतम 200 रुपए तक सस्ता हो गया है। वहीं तत्काल ट्रेन बुकिंग नियम और CKYC के नियम बदल गए हैं।

इसके अलावा 3 से 5 अगस्त को होने वाली आरबीआई की मीटिंग में नई ब्याज दरों पर फैसले लिया जाएगा जिसका आपकी ईएमआई पर असर पड़ सकता है।

अगस्त में होने जा रहे 5 बड़े बदलाव…

  1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ओसतन 180 रुपए सस्ता

बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर औसतन ₹180 रुपए तक सस्ता कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2930 हो गई है। पहले ये ₹3113.50 में मिल रहा था।

असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च घटेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली सस्ते कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी सस्ती हो सकती है।

देश के प्रमुख शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत

शहर नई कीमत पुरानी कीमत अंतर
दिल्ली ₹2738.00 ₹2930.00 ₹192
कोलकाता ₹2872.50 ₹3081.50 ₹209
मुंबई ₹2691.50 ₹2885.50 ₹194
चेन्नई ₹2906.00 ₹3106.00 ₹200
14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

  1. रेलवे: तत्काल टिकट के लिए नया टोकन सिस्टम

बदलाव: 1 अगस्त से रेलवे PRS रिज़र्वेशन काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए टोकन-बेस्ड सिस्टम लागू कर रहा है। काउंटरों से तत्काल टिकट लेने से पहले यात्रियों को टोकन लेना होगा।

असर: इस नई व्यवस्था से काउंटरों पर यात्रियों का वेटिंग टाइम कम होगा। नए रिवाइज्ड प्रोसेस के तहत यात्री काउंटर से अपना टोकन कलेक्ट कर सकते हैं। टोकन मिलने के बाद वे अपने दिए गए अलॉटेड समय पर आकर आसानी से अपनी बुकिंग पूरी कर सकते हैं।

  1. RBI मॉनेटरी पॉलिसी: लोन EMI और FD दरों पर असर

बदलाव: रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक आयोजित होगी। इसके फैसलों का ऐलान 5 अगस्त को किया जाएगा।

असर: ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन अगर इसमें कोई भी बदवाल होता है तो आने वाले हफ्तों में आपके लोन की EMI, FD रिटर्न्स और लोन पर असर होगा।

  1. CKYC 2.0: हर नई जगह कागजात जमा करने की जरूरत नहीं

बदलाव: सेंट्रल नो योर कस्टमर यानी CKYC 2.0 का नया अपग्रेडेड सिस्टम रोलआउट हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप बैंक खाता खोलते हैं, बीमा लेते हैं या म्यूचुअल फंड/शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं, तो आपकी मंज़ूरी से ये सभी कंपनियां एक ही सरकारी डेटाबेस से आपकी KYC की जानकारी ले लेंगी। पुराने सिस्टम में जो कमियां और गड़बड़ियां थीं, उन्हें ठीक कर डेटा को और सुरक्षित व सटीक बनाया गया है।

असर: डेटा सिक्योरिटी मजबूत होगी, फ्रॉड पर लगाम लगेगी। अब आपको हर नई जगह पर बार-बार अपने कागज़ात (आईडी और एड्रेस प्रूफ) जमा करने की झंझट नहीं झेलनी पड़ेगी।

  1. क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग: बिलिंग में पारदर्शिता

बदलाव: RBI ने क्रेडिट कार्ड के नियमों को अपडेट किया है ताकि बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके। इसके अनुसार, यदि कोई ग्राहक क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं भर पाता है, तो बाकी बचे बकाया पैसों पर ब्याज लगाते समय सुविधा शुल्क, पेनल्टी और टैक्स को उसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

असर: इस बदलाव से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो पूरा बिल चुकाने के बजाय बकाया राशि को अगले महीने के लिए आगे बढ़ाते हैं, क्योंकि उनके लिए ब्याज का खर्च कम हो जाएगा। साथ ही, हिडन चार्ज और मनमानी पेनल्टी पर रोक लगने से बिलिंग सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।

NATIONAL : सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का मामला पहुंचा अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा पशुओं को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से हटाने के लिए केंद्र से जवाब मांगा है. याचिका में राजमार्गों पर पशुओं के अतिक्रमण रोकने हेतु राष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने और लागू करने की मांग है.
हटाने का मामला पहुंचा अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सड़कों से आवारा पशुओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्‍त नजर आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र से जवाब मांगा है. अदालत में एक याचिका में अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि देश भर के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से आवारा पशुओं को दूर रखा जाए. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र और अन्य पक्षों, जिनमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, उनको नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब मांगा है.

आवारा पशु कई सड़क हादसों की वजह
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अधिकारियों को राजमार्गों पर पशुओं के अतिक्रमण को रोकने के लिए एकसमान राष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने और लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है. लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल द्वारा दायर याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे, विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से बाड़ लगाने की मांग की गई है. इसमें वैज्ञानिक रूप से प्रबंधित गौशालाओं की स्थापना के लिए निर्धारित निधि का भी प्रावधान है, साथ ही पशुओं को अवैध रूप से छोड़ने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है. याचिका में आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए बिना किसी गलती के मुआवजे की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है.

इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से संचालित गोशालाओं/पशु आश्रयों की स्थापना के लिए निर्धारित वित्त पोषण सुनिश्चित करने का और मवेशियों को अवैध रूप से छोड़ने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए दोष रहित मुआवजा (ऐसा मुआवजा जिसमें यह साबित करने की जरूरत नहीं होती कि गलती किसकी थी) ढांचा तैयार करने की भी अपील की गई है.

NATIONAL : ‘देश चलाना है तो कानून भी बनेंगे’: संसद में प्रदर्शन पर सख्त रिजिजू; बोले- ‘पूरा समय दिया, अब शिकायत क्यों?

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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में विपक्ष के हंगामे, बिना चर्चा के विधेयक पारित होने के आरोप, सांसद पप्पू यादव के विरोध के तरीके और लगातार चुनाव हारने वाली पार्टियों की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाकर जरूरी विधेयकों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को पूरा करना है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना चर्चा किए नए बिलों को संसद से पास करा दिया। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप कोई नई बात नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सूचीबद्ध विधेयकों को पारित कराना और संसद के तय कामकाज को पूरा करना है। आखिर देश को आगे बढ़ाने के लिए कानून बनाने पड़ते हैं।

संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा?
संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी मंजूरी देनी होती है। अगर लगातार हंगामे के कारण सरकार जरूरी विधेयक भी पारित नहीं करा पाए, तो फिर संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पारित कराती रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष बाद में यह आरोप न लगाए कि बिना चर्चा के बिल पारित किए गए, क्योंकि चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।

क्या संसद वेशभूषा बदलने की जगह है?
सांसद पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद वेशभूषा बदलकर प्रदर्शन करने का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गरिमा और गंभीरता बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई सांसद है, तो उसका व्यवहार भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटकबाजी की जगह नहीं है और स्पीकर इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।

WORLD : ‘पाकिस्तानी कश्मीर जैसा कोई क्षेत्र नहीं’: PoK के मुद्दे पर अमेरिकी अखबार को भारत की लताड़; क्या बोला दूतावास?

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया है। अमेरिकी अखबार की हेडलाइन पर आपत्ति जताते हुए भारतीय दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई जगह नहीं, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर है।

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कोई क्षेत्र नहीं है, केवल ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर भारत ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई इकाई मौजूद नहीं है, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है।

दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और अब वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र आकलनों के हवाले से बताया गया है कि जून की शुरुआत से लेकर हालिया हिंसा तक प्रदर्शनकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है।रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नामक संगठन पिछले महीने से तथाकथित क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए किया जाता है।

भारत का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी जनआंदोलन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मूल अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।

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