गढ़चिरौली में 11 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, CM फडणवीस की उपस्थिति में हुई ऐतिहासिक घटना

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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटना घटी जब 11 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। इनमें कुख्यात महिला नक्सली तारक्का सिदाम भी शामिल है। इस आत्मसमर्पण के बाद मुख्यमंत्री ने नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का संदेश दिया और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की बात की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य की कमान संभालने के बाद अपना पहला दौरा गढ़चिरौली किया। इस दौरान उन्होंने जिले में नए पुलिस स्टेशन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुलिस स्टेशन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस इलाके में माओवादियों का दबदबा रहा है। उन्होंने कहा “हमारी पुलिस ने माओवादियों के प्रभुत्व को समाप्त करके यहां अपनी चौकी स्थापित की है। अब क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। एक सड़क बनाई जा रही है जो गढ़चिरौली को छत्तीसगढ़ से जोड़ेगी और मोबाइल टावर भी लगाए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और इसके खात्मे के लिए तीन साल की समयसीमा तय की है। उन्होंने यह भी कहा कि गढ़चिरौली के 1500 युवा पुलिस बल में शामिल हुए हैं जिनमें से 33 युवा नक्सल प्रभावित रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलियों के प्रमुख नेता गिरिधर और उनकी पत्नी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। गिरिधर ने दक्षिण गढ़चिरौली में नक्सलियों के कैडर की भर्ती की थी। सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद को खत्म करना है।

फडणवीस ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में गढ़चिरौली जिले के प्रशासन, सी-60 कमांडो यूनिट, एसआरपीएफ और सीआरपीएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बलों ने नक्सलियों के खिलाफ काम करते हुए स्थानीय लोगों को मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री ने गढ़चिरौली पुलिस सी-60, एसआरपीएफ और सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और उनकी सराहना की। इसके बाद फडणवीस ने हेलीकॉप्टर से जिले में गट्टा-गार्डेवाड़ा-तोडगट्टा-वांगेटुरी सड़कों और ताडग़ुडा पुल की हवाई समीक्षा की। फिर उन्होंने 32 किलोमीटर लंबी गट्टा-गार्डेवाड़ा-वांगेटुरी सड़क और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बस सेवाओं का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस इस सुदूर और विकास से पिछड़े इलाके का दौरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं जो एक समय भारी बारिश और बाढ़ के कारण छह महीने तक कटे रहते थे। अब यह इलाका विकास की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह दौरा गढ़चिरौली जिले के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ है। जहां एक ओर 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ हुआ। फडणवीस ने गढ़चिरौली को एक नई दिशा देने की बात कही और नक्सलवाद के खात्मे के लिए राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया।

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