168 साल पुरानी ऐतिहासिक छोटी मस्जिद रातों रात गायब, MEERUT RRTS के रास्ते के लिए बड़ा एक्शन

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों की लंबे समय से मांग थी कि रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण में बाधा बन रही मस्जिद को हटाया जाए। इस मुद्दे पर कई दौर की बैठकों के बाद मुस्लिम समुदाय ने खुद ही मस्जिद को हटाने पर सहमति जताई और कार्रवाई शुरू कर दी।

जुमे की नमाज के बाद खुद तोड़ी मस्जिद
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मस्जिद को गिराने की प्रक्रिया पूरी की। यह मस्जिद करीब 168 साल पुरानी थी और समुदाय ने इसके बदले प्रशासन से दूसरी जगह जमीन देने की मांग की है।

1857 के दस्तावेजों का हवाला
मस्जिद के हाजी स्वालेहीन का कहना है कि उनके पास 1857 के दस्तावेज हैं, जो इसकी ऐतिहासिकता साबित करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें वैकल्पिक जगह पर मस्जिद के निर्माण की अनुमति दी जाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

बुलडोजर से हटाया गया मलवा
वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि रातभर चले अभियान के दौरान बुलडोजर की मदद से मस्जिद का मलबा हटा दिया गया। इससे पहले, मस्जिद के गेट को हटा दिया गया था और बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया था। सुबह होते ही कमेटी प्रबंधन ने मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। समुदाय और प्रशासन के बीच आपसी सहमति से हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि विकास कार्यों और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने के प्रयास किए जा सकते हैं।

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