राजस्थान के जोधपुर एसपी ग्रामीण राम मूर्ति जोशी के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुष्टि होने के बाद कांस्टेबल पंचराम और कांस्टेबल संजय सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है.

राजस्थान के जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार की साइक्लोनर टीम जहां अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की कमर तोड़ने में जुटे हैं, वहीं महकमे के कुछ पुलिसकर्मी उनकी इस मुहिम को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं. जबकि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जोधपुर ग्रामीण पुलिस के कापरड़ा थाने में तैनात 3 पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं. वीडियो में तीनों पुलिसकर्मी राजस्थान का सबसे बड़ा अवैध मादक पदार्थों का तस्कर और एक लाख इनामी माफिया हनुमान राम विश्नोई के साथ अफीम पार्टी करते हुए दिख रहे हैं. तीनों पुलिसकर्मी ड्रग माफिया से अफीम पानी के लिए गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं.
जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राम मूर्ति जोशी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि होने के बाद कांस्टेबल पंचराम और संजय सिंह को निलंबित किया गया है. इसके अलावा, ग्रामीण पुलिस थाने बिलाड़ा कापरड़ा के 11 पुलिस कांस्टेबल की भूमिका बजरी माफिया के साथ-साथ गांठ की सामने आई है. इन्हें लाइन हाजिर किया गया है.
वीडियो में एक बुजुर्ग अफीम की थैली खोलते हुए भी दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर लोग पुलिस की माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं. अफसोस की बात यह है कि इन पुलिसकर्मियों की वजह से IG विकास कुमार और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी का अवैध तस्करों के खिलाफ मुहिम भी फेल हो सकता है.
बता दें कि जोधपुर के कापरड़ा थाने का रिकॉर्ड माफिया को संरक्षण देने के मामले में बहुत खराब है. इस पहले भी बजरी माफिया को संरक्षण देने और आम ग्रामीणों को धमकाने को लेकर पहले भी पुलिस अधीक्षक द्वारा तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी.


