दिल्ली विधानसभा का इतिहास बहुत दिलचस्प और बदलावों से भरा हुआ है। साल 1951 में दिल्ली विधानसभा का गठन हुआ था, जब पहली बार दिल्लीवासियों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का मौका मिला था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने 29 सीटें जीतकर प्रमुख पार्टी के रूप में विजय प्राप्त की थी। हालांकि, 1956 में दिल्ली विधानसभा को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इसके बाद दिल्ली का प्रशासन सीधे केंद्रीय सरकार के अधीन था।

1956 से 1993 तक दिल्ली का प्रशासन
1956 से 1993 तक दिल्ली में केंद्रीय सरकार का सीधा शासन था। इस दौरान दिल्ली का नेतृत्व लेफ्टिनेंट गवर्नर के हाथों में था और मुख्यमंत्री का पद समाप्त कर दिया गया था। दिल्लीवासियों के पास अपने स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने की कोई स्वतंत्रता नहीं थी, क्योंकि केंद्र सरकार ही सभी प्रशासनिक फैसले करती थी।
1993 में दिल्ली विधानसभा का पुनर्निर्माण
साल 1993 में 69वें संविधान संशोधन के तहत दिल्ली विधानसभा का पुनर्निर्माण हुआ। इसके साथ ही दिल्ली को एक सीमा तक स्वायत्तता प्राप्त हुई, हालांकि पुलिस, भूमि और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय अभी भी केंद्र सरकार के अधीन थे। इस समय से दिल्ली के लिए एक मुख्यमंत्री और विधानसभा का अस्तित्व पुनः स्थापित हुआ, जिससे दिल्लीवासियों को अपने मुद्दों पर निर्णय लेने का एक मौका मिला।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: 1951 से 2020 तक के परिणाम
दिल्ली विधानसभा चुनावों ने समय-समय पर राजनीतिक बदलावों को देखा। इन चुनावों के परिणाम यह दर्शाते हैं कि किस तरह से दिल्ली की राजनीति में बदलाव आया।
- 1951: पहले चुनाव
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC): 29 सीटें
- अन्य: 19 सीटें
- 1955: विधानसभा का पुनर्गठन
- INC: 32 सीटें
- अन्य: 16 सीटें
- 1993: विधानसभा का पुनर्निर्माण
- INC: 51 सीटें
- भा.ज.पा (BJP): 4 सीटें
- 1998: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- INC: 52 सीटें
- BJP: 8 सीटें
- 2003: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- BJP: 47 सीटें
- INC: 19 सीटें
- 2008: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- INC: 42 सीटें
- BJP: 23 सीटें
- अन्य: 5 सीटें
- 2013: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- INC: 8 सीटें
- BJP: 32 सीटें
- AAP: 28 सीटें
2013 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और तगड़ा मुकाबला किया।
- 2015: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- AAP: 67 सीटें (इतिहासिक जीत)
- BJP: 3 सीटें
- INC: 0 सीटें
आम आदमी पार्टी ने अभूतपूर्व जीत हासिल की और अरविंद केजरीवाल फिर से मुख्यमंत्री बने।
- 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव
- AAP: 62 सीटें (विजयी धारा जारी)
- BJP: 8 सीटें
- INC: 0 सीटें
- अन्य: 0 सीटें
AAP ने दिल्ली में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और अरविंद केजरीवाल ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
2020 चुनाव परिणाम
- AAP: 62 सीटें, 53.57% वोट शेयर
- BJP: 8 सीटें, 38.51% वोट शेयर
- INC: 0 सीटें, 4.26% वोट शेयर
- अन्य: 0 सीटें, 3.66% वोट शेयर


