35 के बाद शराब पीने से बढ़ता है Heart Attack और लिवर डैमेज का खतरा, जानिए क्यों है ज्यादा खतरनाक?

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मिडिल एज यानि कि 35 साल के बाद शराब पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में शराब पचाने और सहन करने की क्षमता कम हो जाती है। यह समय ऐसा होता है जब कई गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल और लिवर की बीमारियां पहले से मौजूद हो सकती हैं। शराब इन बीमारियों को और बढ़ा सकती है।

कैंसर और दिल की बीमारियां: मिडिल एज में शराब पीने से कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
– लिवर पर असर: लंबे समय तक शराब का सेवन लिवर को कमजोर कर देता है। लिवर सही से काम नहीं कर पाता जिससे शरीर में कई और समस्याएं हो सकती हैं।
– अंदरूनी ब्लीडिंग: इस आयु के लोग अक्सर खून पतला करने वाली दवाइयां लेते हैं। शराब पीने से इन दवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है जिससे अंदरूनी खून बहने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

शराब के नशे का असर

– तेज धड़कन और हार्ट फेल का खतरा: मिडिल एज में शराब पीने से दिल की धड़कन असामान्य रूप से बढ़ सकती है जिससे हार्ट अटैक या हार्ट फेल जैसी स्थिति हो सकती है।
– नींद पर असर: शराब नींद के चक्र को बिगाड़ देती है जिससे अगली सुबह थकान और बेचैनी महसूस होती है।

उम्र के साथ बदलता शरीर

– मांसपेशियों पर प्रभाव: 30-35 साल की उम्र के बाद मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। शराब पीने से यह कमजोरी और बढ़ सकती है।
– धीमा मेटाबॉलिज्म: शराब खून में अधिक समय तक बनी रहती है जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों की सलाह

जॉन्स हॉपकिन्स पब्लिक हेल्थ स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर जोहान्स थुल का कहना है कि युवा अवस्था में शरीर जल्दी रिकवर कर लेता है लेकिन मिडिल एज में ऐसा नहीं हो पाता। इस उम्र में शराब पीने के बाद अगला दिन अधिक कठिन हो जाता है।

क्या करें?

: शराब का सेवन कम से कम करें या पूरी तरह बंद कर दें।
: अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लें।
: स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और शराब की जगह स्वस्थ पेय पदार्थों का सेवन करें।

बता दें कि मिडिल एज में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शराब से दूरी बनाकर लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने की ओर कदम बढ़ाएं।

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