फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को फिर से किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया है। ममता कुलकर्णी ने अपना एक नया वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे और फिर से महामंडलेश्वर बनने की पूरी जानकारी दी।

जानिए, वीडियो संदेश जारी कर क्यो बोलीं ममता कुलकर्णी?
मिली जानकारी के मुताबिक, वीडियो संदेश में ममता ने बताया कि उनके गुरु, स्वामी डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी पर कुछ लोगों ने गलत आरोप लगाए थे। इन आरोपों से आहत होकर ही उन्होंने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, ममता ने इस बात की भी सफाई दी कि जब उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया था, तो उन्होंने गुरु को जो भेंट दी थी, वह छत्र, छड़ी और चंवर के लिए दी थी, और जो धनराशि बची थी, वह भंडारे के लिए दी गई थी। ममता कुलकर्णी ने यह भी कहा कि वे अपने गुरु के आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें फिर से इस पद पर बहाल किया। ममता ने यह भी बताया कि अब से वह अपना जीवन किन्नर अखाड़े और सनातन धर्म के लिए समर्पित करेंगी।
‘ममता ने भावना में आकर इस्तीफा दिया था, लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया’
किन्नर अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक निजी चैनल को दिए बयान में कहा कि ममता कुलकर्णी उर्फ यमाई ममता नंद गिरी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हैं और वे इसी पद पर बनी रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ममता ने भावना में आकर इस्तीफा दिया था, लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था।
24 जनवरी को ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद पर किया गया था पट्टाभिषेक
आपको बता दें कि 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया था। 10 फरवरी को उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर किन्नर अखाड़े से अपने संबंध तोड़ने और महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। अब, ममता कुलकर्णी ने वीडियो संदेश में गुरु के निर्णय को स्वीकार करते हुए इस पद पर फिर से बैठने की घोषणा की है।


