सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नशा मुक्त हिमाचल को लेकर एक मुहिम शुरू की थी, जिसके तहत बीते 2 वर्षाें में अरबों का नशा बरामद करने के साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत 5650 गिरफ्तारियां हुई हैं। इनमें 218 महिलाएं और 9 विदेशी भी शामिल हैं।

शिमला में वर्ष 2024 में सबसे अधिक केस और गिरफ्तारियां
वर्ष 2023 में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 2147 केस दर्ज किए गए थे और 3022 पुरुष, 106 महिला और 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह वर्ष 2024 में 1714 केस दर्ज किए गए और 2401 पुरुष, 112 महिला तथा 2 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2024 में सबसे अधिक केस और गिरफ्तारियां शिमला जिला पुलिस द्वारा की गईं। इसके तहत शिमला पुलिस ने 424 केस दर्ज करते हुए 642 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस व सीआईडी की टीमें कस रही नशा माफिया पर शिकंजा
बीते 2 वर्षों में 12 केसों के तहत अवैध रूप से अर्जित 27 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की गईं। इनमें 46 लाख से अधिक की नकदी भी शामिल है। 25 बैंक खातों और 329.50 ग्राम सोने के आभूषण भी जब्त किए गए। जब्त आभूषणों की अनुमानित लागत 20 लाख आंकी गई है। हर जिले में पुलिस व सीआईडी की अलग-अलग टीमें नशा माफिया की सूचना जुटाकर उन पर शिकंजा कस रही हैं।
नशे के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाई : सुक्खू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सत्ता में आते ही सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए थे। इसके साथ ही अपनी वचनबद्धता के अनुरूप सरकार ने नशा माफिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम को राज्य में लागू किया है। कई नशा माफिया व तस्करों की संपत्तियों को करोड़ों रुपए की संपत्तियों को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और इस मुहिम में पंचायत से लेकर शहरी स्तर पर जनप्रतिनिधियों और आम जन को जोड़ने में सरकार सफल रही है।


