कर्नाटक पुलिस ने विजयपुरा जिले में कश्मीर के दूसरे वर्ष के छात्र की रैगिंग और मारपीट करने के आरोप में 5 वरिष्ठ एम.बी.बी.एस. छात्रों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार को अल-अमीन मेडिकल कॉलेज में हुई थी। जहां 2019 और 2022 एम.बी.बी.एस. बैच के छात्रों के बीच क्रिकेट मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद यह घटना हुई। विजयपुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और आरोपियों की पहचान मोहम्मद जैनुल (23), समीर (24), शेख सऊद (23), मंसूर भाषा (24) और मुजफ्फर उर्फ मुजीब जमादार के रूप में हुई है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता और कर्नाटक शिक्षा अधिनियम, 1983 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हामिद गुलाम भट द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार वह क्रिकेट मैच देखने गया था, तभी उसके सीनियरों ने उसे मैदान से बाहर जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इनकार किया तो उन्हें कथित तौर पर नाचने और सलामी देने जैसे अपमानजनक कार्य करने के लिए मजबूर किया गया और मौखिक रूप से दुर्व्यवहार किया गया। बाद में उस रात सीनियर के एक समूह ने कथित तौर पर भट के छात्रावास के कमरे में घुसकर उन पर हमला किया। साथ ही उन्हें माफी मांगने का वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया।
आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी जान को मार देने की धमकी की और उन्हें अगले 4 वर्षों तक क्रिकेट में भाग न लेने की चेतावनी दी। उन्होंने कथित तौर पर उनसे कहा कि वे कॉलेज में उनके रहने को असहनीय बना देंगे। भट की शिकायत के बाद विजयपुरा ग्रामीण पुलिस ने जांच शुरू की और बुधवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वे वर्तमान में पुलिस हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई लंबित है। जम्मू और कश्मीर छात्र संघ ने सी.एम. से हस्तक्षेप की मांग की जम्मू और कश्मीर छात्र संघ (जे.के.एस.ए.) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
जे.के.एस.ए. के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहमी ने कहा कि यह मामला विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कश्मीरी छात्रों द्वारा सामना किए जाने वाले उत्पीड़न के पैटर्न को दर्शाता है। खुएहामी ने कहा कि यह सिर्फ रैगिंग का मामला नहीं है, यह छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और संस्थागत विफलता है। रैगिंग विरोधी कड़े उपायों को लागू किया जाना चाहिए और आरोपियों को सख्त कानूनी परिणाम भुगतने चाहिए। एसोसिएशन ने कर्नाटक सरकार और कॉलेज प्रशासन से गैर-स्थानीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए निवारक उपाय करने का भी आह्वान किया है।


