कारखाना लगाने के लिए भारत में जगह तलाश रही टेस्ला, इस राज्य की सरकार से चल रही बातचीत

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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भले ही भारत में टेस्ला के कारखाना लगाने पर असहमति जताई हो, लेकिन कंपनी इस दिशा में गंभीरता से कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, टेस्ला भारत में अपनी एक कारखाना स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से जगह तलाश रही है। कंपनी यहां एक सीकेडी (कंप्लीटली नॉक्ड डाउन) इकाई लगाना चाहती है, जिसमें कलपुर्जे आयात करके वाहनों को असेंबल किया जाएगा। इससे कंपनी को पूरी तरह तैयार वाहन आयात करने की आवश्यकता नहीं होगी और उसे कर में भी राहत मिल सकती है।

टेस्ला इस मामले में आंध्र प्रदेश सरकार से पिछले कुछ दिनों से बातचीत कर रही है। एक सूत्र ने बताया कि राज्य सरकार ने कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने नेल्लूर, तिरुपति जिले में श्री सिटी और अनंतपुर जिले में किया क्लस्टर के पास पहले से अधिग्रहीत भूमि के विकल्प प्रस्तुत किए हैं। इससे पहले कंपनी ने महाराष्ट्र और गुजरात पर भी विचार किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इसके अलावा तमिलनाडु सरकार भी टेस्ला से बातचीत कर रही थी, क्योंकि वहां पहले से ही वाहन निर्माण का अच्छा माहौल है। तमिलनाडु में हुंडई मोटर, बीएमडब्ल्यू, फोर्ड और टाटा मोटर्स-जेएलआर जैसी बड़ी वाहन कंपनियों के कारखाने हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार की सक्रियता

अगर आंध्र प्रदेश की सरकार टेस्ला को अपने राज्य में लाने में सफल होती है, तो यह तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। नायडू ने पहले 1990 के दशक में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के साथ बैठक की थी, जिससे माइक्रोसॉफ्ट का इंडिया डेवलपमेंट सेंटर आंध्र प्रदेश में स्थापित हुआ था। एक सूत्र ने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले से अधिग्रहीत भूमि विकल्पों को टेस्ला के सामने रखा है, जहां से बंदरगाह तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

टेस्ला की आंध्र प्रदेश में दिलचस्पी

आंध्र प्रदेश सरकार के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने अमेरिका के ऑस्टिन स्थित टेस्ला के मुख्यालय में जाकर कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) वैभव तनेजा और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अनंतपुर में इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी विनिर्माण इकाई स्थापित करने के फायदे बताए थे।

सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश का आर्थिक विकास बोर्ड लगातार टेस्ला से संपर्क में है और कंपनी के लिए बड़े भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इस मामले में एक और सकारात्मक पहलू यह है कि दक्षिण भारत में लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की सबसे अधिक मांग है, जिससे कंपनी को ग्राहकों के करीब रहने का फायदा मिलेगा।

श्री सिटी भी एक विकल्प

आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में भी टेस्ला का कारखाना स्थापित करने के लिए विचार किया जा रहा है। इस इलाके में पहले से ही कई प्रमुख उद्योग स्थापित हैं, जो टेस्ला के लिए एक अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं। इस प्रकार टेस्ला की भारत में प्रवेश की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है और आंध्र प्रदेश सरकार इसे अपने राज्य में लाने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।

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