तेलंगाना (Telangana) के नगरकुरनूल में शनिवार से श्रीशैलम की निर्माणाधीन सुरंग की छत गिरने से 8 मजदूर फंसे हुए हैं। टनल में फंसे हुए आठ श्रमिकों में से 4 झारखंड के हैं। चारों मजदूर गुमला जिले के रहने वाले हैं। टनल में झारखंड के गुमला के अलावा उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के श्रमिक भी फंसे हुए हैं।

पल-पल की जानकारी ले रहे CM हेमंत सोरेन
बताया जा रहा है कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। हादसे के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मजदूर बाहर सुरक्षित नहीं आ पाए हैं। वहीं, हादसे के बाद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी काफी चिंतित दिख रहे हैं। वह पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। सीएम हेमंत ने बीते रविवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेमंत रेड्डी से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और मजदूरों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।
हादसे की खबर से परिजन अत्यंत चिंतित हैं
टनल में फंसे मजदूरों में गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र के तिर्रा गांव निवासी संतोष साहू, घाघरा थाना क्षेत्र के खंभिया कुंबाटोली गांव निवासी रामप्रताप साहू का बेटा अनुज साहू, रायडीह थाना क्षेत्र के कोबीटोली गांव निवासी माघे खेस का बेटा जगता खेस और पालकोट थाना क्षेत्र के उमड़ा नकटी टोली गांव के जीतू साहू का बेटा संदीप साहू शामिल हैं। इनके परिजनों का कहना है कि सभी श्रमिक 3-4 वर्षों से तेलंगाना में कार्यरत हैं। वे अपनी स्वेच्छा से वहां गए थे। वे वर्ष में एक बार अपने गांव आते-जाते रहते थे। हादसे की खबर के बाद से परिजन अत्यंत चिंतित हैं तथा अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं। वहीं, संदीप के पिता जीतू साहू ने बताया कि जब से हादसे की सूचना उनके परिवार को मिली है तब से उनके घर में खाना-पीना बंद है। माता बिरसमनी देवी बेटा को जल्द सुरक्षित लाने की गुहार लगा रही है। बताया कि उसका बेटा अगस्त माह में आया था। होमगार्ड में उसका चयन नहीं हुआ तो वह काम के लिए बाहर चला गया।


