पंजाब सरकार जल्द ही एक नया प्रोजेक्ट ‘हिफाजत’ लॉन्च करने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अगर राज्य के किसी भी हिस्से में किसी महिला के साथ शारीरिक या भावनात्मक हिंसा होती है, तो वह 181 पर कॉल करके तुरंत मदद ले सकती है। इस प्रोजेक्ट में कॉल करने के 10 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी। यह देश में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मार्च के पहले सप्ताह में लुधियाना जिले के जमालपुर से होने की संभावना है।

प्रोजेक्ट ‘हिफाजत’ को सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास विभाग लॉन्च कर रहा है और इसमें प्रोटेक्शन अफसर को एक आधुनिक गाड़ी प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि वन स्टॉप सेंटर, पुलिस और अन्य विभागों के बीच तालमेल स्थापित कर महिलाओं को त्वरित सहायता मिल सके। इसके लिए विभाग ने एक डिटेल्ड एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की है, जिसमें पुलिस, पंचायत, कानूनी और आंगनवाड़ी सेंटरों का प्रमुख योगदान होगा। हर ब्लॉक में एक सीडीपीओ (चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम ऑफिसर) प्रोटेक्शन अफसर होगी और आंगनवाड़ी सुपरवाइजर तथा महिला पुलिस भी टीम का हिस्सा बनेंगी।
कॉल आने के बाद क्या होगा?
कॉल आते ही आंगनवाड़ी कर्मचारी पीड़िता के घर पहुंचेंगे और जरूरी मदद प्रदान करेंगे। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य महिलाओं को तुरंत सुरक्षा और सहायता प्रदान करना है।
विभिन्न जिलों में हिंसा के आंकड़े
अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक, पंजाब में महिलाओं के खिलाफ 4309 हिंसा के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकतर घटनाएं सीमा के पास स्थित जिलों में हुई हैं।


