हिमाचल प्रदेश में सोमवार को जारी वर्षा और हिमपात ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में ठंड और मौसम की स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों जैसे नारकंडा, मनाली और कुफरी में भारी हिमपात हुआ, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भी ठंड का सामना करना पड़ा।

शिमला के रिज मैदान और आसपास के इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई, जबकि मनाली और नारकंडा में तीन इंच तक हिमपात हुआ। अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर पर भी पौना फीट हिमपात दर्ज किया गया, जिससे सड़कों और यातायात की स्थिति प्रभावित हुई। चंबा जिले के पांगी और भरमौर क्षेत्रों में भी बर्फबारी देखी गई, जिससे मौसम का असर और बढ़ गया।
हिमपात और वर्षा के कारण प्रदेश में करीब 250 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई दूरदराज क्षेत्रों में यातायात बाधित हो गया है। मौसम विभाग ने 4 मार्च के लिए भी हिमपात और आंधी-तूफान की संभावना जताई है, खासकर ऊंचे क्षेत्रों में। चंबा, कांगड़ा और लाहुल स्पीति में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान, प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से छह डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया है, जिससे ठंड का प्रभाव और भी बढ़ गया है। ऐसे में राज्य के निवासी ठंड से बचने के उपायों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
हिमस्खलन से रुका चंद्रभागा नदी का बहाव चार दिन बाद सुचारू हो गया। सबसे अधिक दिक्कत जाहलमा गांव के सामने की पहाड़ी में हुए हिमस्खलन से हुई थी। यहां नदी का जलस्तर जोबरंग पुल तक पहुंच गया था। सोमवार सुबह आठ बजे नदी ने रास्ता बना लिया। नदी में पानी बढ़ने से जसरथ गांव के लिए बनाई अस्थायी पीलिया भी बह गई। इस बर्फबारी और वर्षा के कारण शिक्षा बोर्ड ने चंबा के पांगी और लाहुल स्पीति क्षेत्रों में 4 से 7 मार्च तक की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इस क्षेत्र में सड़कों और रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।


